
Masihi Geet Sangrah
### स्वर्गारोहण (Ascension)
#### 154 (१५४)
*“All hail the power of Jesus' name."*
*С. М. -- Coronation or Miles Lane.*
*EDWARD PERRONET, 1726-92.*
१ यीशु के नाम की होवे जय
दूत गाओ हर समय ।
दे उसको मुकुट तेजोमय
हो प्रभु ख्रीष्ट की जय ।।
२ हे तारों उसका मान करो
कर्त्ता जो ज्योतिमय ।
सृजक और रक्षक तुम मानो
हो प्रभु ख्रीष्ट की जय ।।
३ हे साक्षी जिन्होनें जग में
लड़ा संग्राम निर्भय ।
सराहो तारक को बल से
हो प्रभु ख्रीष्ट की जय ।।
४ हे इस्त्रायल के सब संतान
करो उसकी विनय ।
वह त्राता है कृपा निधान
हो प्रभु ख्रीष्ट की जय ।।
५ हे दाऊदवंश के सब मनुष
मानो नाथ शक्तिमय ।
देहधारी ईशर सत पुरूष
हो प्रभु ख्रीष्ट की जय ।।
६ हे लोगो स्मरण नित करो
पापों का भयानक पित्त
प्रेम भरे मनसे सब कहो
हो प्रभु ख्रीष्ट की जय ।।
#### 155 (१५५)
*“Come, let us join our cheerful song."*
*C. M. -- Nativity or Winchester Old.*
*ISAAC WATTS 1674-1748.*
१ सिंहासन पास के दूतों संग
हम मिलकर गावें गीत
करोड़ों उनकी बोलियाँ
पर एक है उन की प्रीत ।।
२ वे बोलते हैं प्रशंसा योग
वह निर्दोष मेम्ना है
कि उसके दुःख और मृत्यु से
है मुक्ति का उपाय ।।
३ यीशु पराक्रम महिमा
और राज्य के योग्य है
और आदर धन्यवाद और स्तुत
सब उसकी हो सदैव ।।
४ स्वर्गवासी सब और पृथ्वी के
जीवधानी यीशु के
महात्म्य को और यश अनंत
निरंतर गावेंगे ।।
५ सिंहासन पर विराजमान जो
पवित्र उसका नाम
और मेम्ने की सराहना भी
हो सृष्टिभर का काम ।।
#### 156 (१५६)
*"Alleluia! Sing to Jesus."*
*8.7.8. 7. D. Alleluia or Austria.*
*W. C. DIX.*
१ हाल्लेलूयाह गाओ स्तुति
यीशु की जो राजा है ।
हाल्लेलूयाह जय जयकार हो
उसने पाई है विजय ।
शांतिमय सिय्योन का गीत है
बाढ़ को गरज के समान
हर एक कुल में से यीशु ने
किया है हमारा त्राण ।।
२ हाल्लेलूयाह नहीं रहे
अब हम बपुरे अनाथ
हाल्लेलूयाह निश्चय हुआ
कि वह सदा लों है साथ
हाँ वह स्वर्ग पर चढ़ तो गया
चालीस दीन जब थे समाप्त
क्या वह प्रण जो उसने किया
हमको नहीं हुआ प्राप्त ।।
३ हाल्लेलूयाह स्वर्ग के भोजन
तुझसे तृप्त हम होते हैं ।
हाल्लेलूयाह हम सब पाप
तेरी शरण लेते हैं
जहाँ सारे निष्पाप संतगण
गाते कांच के सागर पर
वहाँ हे यीशु दयालु
मेरे लिये बिन्ती कर ।।
४ हाल्लेलूयाह भूप अनादि
जगत के राजाधिराज ।
हाल्लेलूयाह नररूपधारी
सब के ऊपर तू विराज
हे हमारे महायाजक
स्वर्गीय मंदिर में तू है ।
प्रभु भोज में हो उपस्थित
करता हमें तू निर्भय ।।
५ हाल्लेलूयाह गाओ स्तुति
यीशु की जो राजा है ।
हाल्लेलूयाह जय जयकार हो
उसने पाई है विजय
शांतिमय सियोन का गीत है
बाढ़ की गरज के समान
हर एक कुल में से यीशु ने
किया है हमारा त्राण ।।
#### 157 (१५७)
*"Arise my soul arise."*
*6. 6. 6. 6. 8. 8. S. John Parish.*
*CHARLES WESLEY, 1707-88.*
१ हे प्राण उठ साहस कर
तू दूर कर सारा डर
कि तेरे पापों का
प्रायश्चित हुआ था
जो तेरा प्रतिनिधि है
सिंहासन पास अब खड़ा है ।।
२ वह स्वर्ग में रहता है
कि मेरा पक्ष करे
और दण्ड की आज्ञा से
छुड़ावेगा मुढे
वह अपने रक्त के गुणों से
दूर करता पाप इस जगत के ।।
३ मेल हुआ ईश्वर से
मैं क्षमा पाता हूँ
अब रहा नहीं डर
मैं उसका पुत्र हूँ
विश्वास से अब मैं आता हूँ
और अब्बा पिता बोलता हूँ ।।