
Masihi Geet Sangrah
बपतिस्मा (Baptism)
202 (२०२)
L. M. -- Hursley or Cantionale.
१ परमेश्वर अपनी दया से
इन लोगों को तू आशिष दे
विश्वास वे तुझपर करते हैं
और अब बपतिस्मा लेते हैं ।।
२ पवित्र आत्मा उतर आ
इन मनों में अब ज्योत चमका
और अपने शुभ आगमन से
इन लोगों को बपतिस्मा दे ।।
३ अनुग्रह दान आवश्यक है
पवित्र आत्मा कर सहाय
तू इनके मन को नया कर
कि चलें सच्चे रास्ते पर ।।
४ वर दे कि तेरी सेवा में
अर्पण अपना सब वे करें
तू अपनी बड़ी दया से
इन सभों को ग्रहण कर ले ।।
203 (२०३)
C. M. Evan or French Dundee.
१ हे ईश्वर देख इन बालकों को
हम लाते हैं तुझ पास
पिता और पालक इनका हो
और स्वर्ग में दे सुबास ।।
२ पिता का जैसा प्रेम तू नित्य
इन बच्चों पर दिखा
और जीवन भर निज आत्मा से
इनको सुपथ चला ।।
३ ऐसों पर तूने दया की
जब गोद में लिया था
हे प्रभु देख ये बालक भी
अब तेरे हों सदा ।।
४ विश्वास की पूरी आशिष को
दे इन्हें जीवन भर
और जो शैतान के फंदे हों
सो दूर तू इन से कर ।।
204 (२०४)
L. M. Rockingham or Abends.
१ हे पिता जिसका प्रेम अपार
इन लोगों पर तू कृपा कर
इन सबका पाप और दोष मिटा
पवित्र आत्मा भी दिखा ।।
२ हे यीशु अपने लोहू से
उन्हें विनाश से बचने दे
जो तेरे अधिकार और अंग
उन्हें बढ़ा ले अपने संग ।।
३ हे आत्मा उन्हें पावन कर
और उनको तू प्रकाश से भर
उन्हों में पैठ और अपना धाम
निर्माण कर उनको गांठ और थाम ।।
४ हे पिता पुत्र जो धर्मात्मा
त्रिएक परमेश्वर निकट आ
हे कृपा सिंधु इन्हीं पर
दयाल हो उनको ग्रहण कर ।।
205 (२०५)
भजन
प्रभु हे आये शरण तिहारी अधम अयोग्य अनाथ अबाल आये शरण तिहारो ।।
१ पाप ताप प्रतिदिन जारे नित व्यथित मन हमारो
देहु मोह दीन-दयाल! सुअवलम्ब तिहारो ।
२ पालतु हों अब जल सुविधि तो आज्ञा अनुसारो
दास भयो अब प्रभु ! तेरो हारो कठिन अघ भारो ।
३ जित दिन बचे रहो जग मों करहु मोर सहारो
प्रेम जिन प्रभु अनुगामी तिन पाये निस्तारो ।