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## धर्म पुस्तक (The Holy Scripture)

 

#### 195 (१९५)

*“Sing them over again to me.”*

*S. S. S. 357.*

*PHILLIP BLISS. 1838-76.*

*Chord - E | S- Waltz | T-126*

 

१ गाके मुझको सुनाओ फिर

मंगल सुसमाचार

समझूँ मैं उसका अर्थ और सार

मंगल सुसमाचार

सुन्दर जीवनदायक

धर्म विश्वास का शिक्षक ।।

कोरसः- वचन अनूप वचन अद्भुत

मंगल सुसमाचार ।।

 

२ यीशु देता है सभों को

मंगल सुसमाचार

लो अब तुम जो कि भूले हो

मंगल सुसमाचार

सेंत मेंत हमको देता

स्वर्ग की ओर खींच लेता ।।

 

३ जाके सभों को दो संदेश

मंगल सुसमाचार

देता दिलों को चैन विशेष

मंगल सुसमाचार

यीशु मुक्तिदाता

सभों को सुनाता ।।

 

#### 196 (१९६)

*“Break thou the bread of life.”*

*6. 4. 6. 4. D. Bread of Life.*

*MARY, A LATHBURY, 1841-1913.*

*Chord - D | S- Ballad | T-078*

 

१ जीवन की रोटी अब प्रभु खिला

जैसे समुद्र पास खिलाता था

बैबल में खोजूंगा दर्शन तेरे

मैं तेरा भूखा हूँ तू तृप्त कर दे ।।

 

२ जीवन की रोटी तू है सर्वदा

वचन के द्वारा तू मुझे बचा

तब हर एक बंधन से छूट जाऊँगा

मैं पूरी शान्ति तुझ से पाऊँगा ।।

 

३ सामर्थी आत्मा दे प्रभु मुझे

तू मेरी आँखें छूके दृष्टि दे

जो बातें छिपी हैं उनको दिखा

तब जीवनदाता तुझे देखूंगा ।।

 

४ सत्य रोटी हे प्रभु मुझे खिला

जैसे गलील में भी तू देता था

बंधन को मेरे खोल छुटकारा दे

विश्राम तब पाऊँगा पूर्ण आनंद से।।

 

#### 197 (१९७)

*“Holy Bible, book divine.”*

*7. 7. 7. 7. Harts or Geman Hymn.*

*JOHN BURTON, 1803.*

 

१ बैबल बैबल सत्य ग्रंथ

मेरा तू भंडार अनंत

तू बताती मैं क्या हूँ

और कहाँ से आया हूँ ।।

 

२ जब मैं भटकूँ डांटती है

ख्रीष्ट का प्रेम बताती है

स्वर्गीय मार्ग में तू रखवाल

करती ताड़ता प्रतिपाल ।।

 

३ दुःख में शान्ति देने हार

आत्मिक आशिषें का द्वार

वह दिलाती यह विश्वास

कि विश्वस्त न होंगे नाश ।।

 

४ यीशु से है जीवन त्राण

अनंत सुख, यह देती ज्ञान

बैबल बैबल सत्य ग्रंथ

मेरा तू भंडार अनंत ।।

 

#### 198 (१९८)

*“Cling to the Bible.”*

*S. S. S. 263.*

*M. J. SMITH.*

*Chord - F/F# | S- 6/8 | T-084*

 

१ सब कुछ तुम त्यागो पर बैबल न छोड़ो

उसकी सब शिक्षा पर दे अपना ध्यान

निश्चिंत को वह उसकी नींद से जगाता

उसमें है जीवन अनंत का बयान ।।

कोरसः- बैबल न छोड़ो, बैबल न छोड़ो

बैबल उज्याला और शिक्षक भी है।।

 

२ बैबल न छोड़ो वह धन का निधान है

जिसमें है वर्णित सब पाप से उद्धार

हे मेरे मन उसको अपना तू कर ले

उसके सब गुण है अथाह और अपार ।।

 

३ भक्तों के लिये है बैबल एक दीपक

उससे जवान पाप से रुक जाते हैं

जीवन जब भ्रष्ट हुआ तब देती आशा

बूढ़ों के लिये आधार और सहाय ।।

 

#### 199 (१९९)

*“Go labour on, spend and be spent.”*

*L. M. -- Pentecost or Rothwell.*

*HORATIUS BONAR, 1808-1889.*

 

१ चल काम कर प्राण भी चाहे जाय

तू अपनी शक्ति खर्च कर

जिस मार्ग पर प्रभु चलता था

क्या दास न होगा अनुचर ।।

 

२ चल काम कर व्यर्थ न होगा काम

सांसारिक हानि लाभ अनंत

जो लोग तुच्छ जानें तेरा नाम

प्रभु सराहता अपना संत ।।

 

३ चल काम कर हाथ जो हों निर्बल

पांव थकित हो और मन निरास

पर हट न जा की प्रतिफल

उस स्वर्गीय मुकुट की रख आस।।

 

४ चल काम कर जब लों दिन रहें

इस जग की रात जल्द आती पास

कर जल्दी बिना आलस के

कि चहुँओर लोग होते नाश ।।

 

५ वे मरते जाते आसरा हीन

न उनको कहीं शरणस्थान

उनको सिखा कि होवें दीन

मसीह पास आके पावें त्राण ।।

 

६ काम करके जाग और प्रार्थना कर

मुँह भटके हुओं से न मोड़

उन्हें बता पिता का घर

और लाये बिन उन्हें न छोड़ ।।

 

७ काम करते ही तू हर्षित हो

कह मन में घर को जाता हूँ

दूल्हे का शब्द सुन पड़ता जो

पुकारता देख मैं आता हूँ ।।

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