
Masihi Geet Sangrah
403 (४०३)
Psalm 121 10. 4. 10. 4. 10. 10. Sandon.
१ उठा के आँखें ओर पहाड़ों की आशा रखूँ मेरी सहाय कहाँ से आवेगी किससे मांगू यहोवा ही से है सहाय मेरी पृथ्वी और स्वर्ग का कर्त्ता वही ।।
२ वह तेरे पांव को फिसलने कभी न देवेगा जो किया करता तेरी रखवाली न ऊँघेगा देख इस्राएल की करता जो रक्षा न ऊँघता है न कभी सोवेगा ।।
३ निरंतर करता तेरी रखवाली परमेश्वर ही खड़ा है तेरे दाहिने हाथ पर भी आशा वही न दिन को धूप कर देगा तुझे घात हानि तेरी चांद करेगा रात ।।
४ हर एक विपत्ति से परमेश्वर ही बचावेगा पूरे कल्याण से तेरे प्राण को भी वह रखेगा हां तेरे आने जाने में रक्षा यहोवा अब से सदा करेगा ।।
404 (४०४)
“Whom have I Lord in heaven” P. M. -- S. S. 845. R. GEORGE HILLS.
१ कौन मेरे लिये स्वर्ग में है तू मसीह मेरा ही यह मेरा गीत तो रहता है प्रभु जी मेरा ही मेरा उद्धार तो हो चुका प्रभु ने प्राण को दे दिया मेल भी कराया सदा का प्रभु जी मेरा ही ।।
२ मैं नहीं चाहता सुखविलास प्रभु जी मेरा ही न सारे जगत का हुलास प्रभु जी मेरा ही इस जग का सुख न ठहरेगा फूल के समान वह सूखेगा पर मेरा सुख न मिटेगा प्रभु जी मेरा ही ।।
405 (४०५)
“I need Thee precious Jesus.” 7. 6. 7. 6. D. Ewing or Aurelia.
१ ख्रीष्ट है आवश्यक मुझे मैं बड़ा पापी जन मन मेरा हैं अंधेरा और पाप से भरा तन यीशु के रक्त से केवल तन मन की शुद्धि है इस कारण ही से ख्रीष्ट की हर पल दुहाई है ।।
२ ख्रीष्ट है आवश्यक मुझे मैं बहुत आज्ञाहीन यात्री और परदेशी अनाथ हूँ और दीन हीन हे ख्रीष्ट यह तेरी दया नित रहे मेरे साथ दे शक्ति मेरे पांव को और थाम ले मेरा हाथ ।।
३ ख्रीष्ट है आवश्यक मुझे वह प्रीतम है मन का सहायक रक्षक मेरा और आज्ञा सदा का सम्भालता है वह मुझे जब दुख का समय है और ख्रीष्ट के मन में मेरी नित चिन्ता रहती है ।।
४ ख्रीष्ट है आवश्यक मुझे वह यीशु प्यारा तात जल्द देखूँगा मैं उसका स्वर्ग लोक में मुख साक्षात प्राचीन और दूत और संतगण जो करते स्तुति गान मैं उन में जल्दी मिलके नित्य करूँगा सन्मान ।।
406 (४०६)
“When upon life's billows.” IIs. -- S. S. S. 745. G. S. MANDRELLE. 1901-1953. Chord - D | S- Ballad | T-078
१ जीवन में जब आँधी तुम पर चलती है और जब तुम निराश हो कि सब होता क्षय गिनो सारी आशिष गिनो नाम ब नाम और तुम विस्मित होगे देखकर ख्रीष्ट के काम ।। कोरसः- आशिष गिनो गिनो नाम ब नाम आशिष गिनो देखो ख्रीष्ट के काम आशिष गिनो गिनो नाम ब नाम और तुम विस्मित होगे देखकर ख्रीष्ट के काम ।।
२ चिंता का जब तुम पर अधिक बोझ पड़े और जब क्रूस का भार असह्य जान पड़े तब तुम गिनो आशिषें वे कितनी हैं और तुम गीत गा गा कर रहोगे निर्भय ।।
३ औरों के जब खेत और धन को देखते हो तुम को होगा धन मसीह का सदा को गिनो सारी आशिष जो हैं बिना दाम स्वर्ग में आनंद होगा और विभूषित धाम ।।
४ सो इस युद्ध में स्मरण रखो हर समय ढाढ़स तुम न हारना ईश्वर सब पर है सब आशिषें गिनो दूतगण नित्य हैं पास यात्रा भर वे देते हैं सहाय और आस ।।
407 (४०७)
“Look away to Jesus.” 6. 5. -- S. S. S. 409. H. BURTON.
१ ताक मसीह की ओर तू दुःखी से जो उदास दुःखी वह भी हुआ आ तू उसके पास तेरा दुःख उठाया उस ने अपने पर ताक मसीह की ओर आसरा उस पर धर ।।
२ ताक मसीह की ओर तू युद्ध में लड़नेहार कठिन हो लड़ाई झेलम हो तैयार बैरी बहुत होवें कुछ भी होवे भय ताक मसीह की ओर तू देवेगा वह जय ।।
३ ताक मसीह की ओर तू कुशल के समय जागता रह कि सुख में जोखिम बड़ा है कुशल इस संसार का बीतने वाला है ताक मसीह की ओर तू वही अटल हैं ।।
408 (४०८)
“Oft in danger, oft In Woe.” 7s. Innocents or weber. HENRY WHITE, 1785-1996.
१ दुःख में सुख में चलना हो आगे बढ़के भाइयो लड़ते रहो ढाढ़स से शक्ति लेके प्रभु के ।।
२ बढ़ो आगे भाइयो युद्ध में खड़े नित्य रहो भय के साथ क्यों भागोगे प्रभु को न जानोगे ।।
३ मन तुम्हारा निर्बल हो स्वर्गीय झिलम पहिन लो अब तो तुमको लड़ना है पीछे पाओगे विजय ।।
४ दुःख से आँख न धुंधली हो पोंछो हर एक आंसू को बड़ी हो आवश्यकता बल अवश्य मिलेगा ।।
५ आगे बढ़ते चलियो जयवंत होगे भाइयो बैरी होवें बहुत से चलो साथ ही प्रभु के ।।
409 (४०९)
“O, for a faith that will not shrink.” C. M. Evan or St. Peter. MRS. H. BATHURST. 1831.
१ दे मुझ को प्रभु दृढ़ विश्वास जो रहेगा निर्भय बैरी जब आते मेरे पास और कष्ट भी होता है ।।
२ जो नहीं कुड़कुड़ावेगा जब ताड़ना होती है पर ईश्वर ही पर टिकेगा सब क्लेशों के समय ।।
३ ऐसा विश्वास जो बढ़ेगा जब आँधी भी चले जोखिम में नहीं डरेगा न करेगा सन्देह ।।
४ जो सकरे मार्ग को धरेगा जब तक कि प्राण रहे और मरणकाल में चमकेगा उस स्वर्गीय ज्योति से ।।
५ ऐसा विश्वास हे प्रभु फिर हो जो होवेगा मैं भागी होऊँगा आनंद में जो स्वर्ग में मिलेगा ।।
410 (४१०)
“True-hearted, whole-hearted.” 11.10s. -- 5. S. S. 602. FRANCIS R. HAVERGAL, 1836-1879.
१ दृढ़ और विश्वासी हे राजा हमारे तेरी सहाय से हम होंगे सदा तेरे सहारे हम लड़े बराबर झंडे को तेरे हम आगे बढ़ाए ।। कोरस :- चुपके न रहो जोर से ललकारो गावें आनंद से उसकी महिमा दृढ़ और विश्वासी हे राजा हमारे तेरी सहाय से हम होंगे सदा ।।
२ दृढ़ और विश्वासी हे राजा हमारे सदा लों मानेंगे आज्ञा तेरी हो आज्ञाकारी परिश्रमी हम करें आनंद और हर्ष भरे मनों से भी।।
३ दृढ़ हम रहें प्रभु दशा हमारी जानता तू कैसे हम मन के निर्बल पापी और कच्चे पर तू है शुद्धकारी पाप से और छल से कर हम को निर्मल ।।
४ रहें विश्वासी हम हे प्रभु यीशु अपने निज सामर्थं से हम को संभाल मन अपने सौंपते हैं तेरे ही हाथ में तेरे हम हैं प्रभु प्यारे रखवाल ।।
411 (४११)
“O Thou from Whom all goodness flows.” C. M. -- St. Peter or Even. T. HAWEIS.
१ हे प्रभु इस संसार का सुख जो मुझे तू न दे तौभी जब मुझ पर आवे दुःख तब मेरी सुन तू ले ।।
२ संतुष्ट तू मेरे मन को कर हर खेद से तू छुड़ा अनुग्रह अपना मुझ में भर सब पापों से बचा ।।
३ भरोसा मेरा तुझी पर हो प्रभु हर समय तू दूर कर सारी चिंता डर और मुझे रख निर्भय ।।
412 (४१२)
Bhajan Tunes No. 75. 76.
कौन करे मोहि पार तुम बिन । १ टूटी नाव तूफान है भारी । कैसे मैं उतरुं पार ।। २ थरथरात तन निर्बल मानस । कैसे मैं उतरुं पार ।। ३ तैरि न जानूं जन्महि से मैं । पड़ा सिन्धु मझधार ।। ४ नौका पार पहुँचि है तब ही । प्रभु पकड़ पतवार ।। ५ तुम बिन औरन मोहि भरोसा । तुमहि करैया पार ।। ६ ईश्वर एक जो एकहि भेज्यो । मुक्ति दान अधिकार ।। ७ भूमि स्वर्ग बीच केवल यीशुहि । नाम है तारणहार ।।
413 (४१३)
DIN DAYAL.
कोः- मसीही क्रूस का झंडा हमारे साथ में होगा । सरल साधन दिखाने को हमारे पास में होगा ।। १ मुसीबत क्लेश दुःख पीड़ा रखेंगे घेर जब सारे । छुड़ा उन से बचाने को हमारे पास में होगा ।। २ प्रबल जब शत्रु होवेंगे, सताये जायेंगे हम सब । विजय उन पर दिलाने को हमारे पास में होगा ।। ३ हमारी आयु में “दीनन” हमारे साथ में हर दम । हमें सुख से चलाने को हमारे पास में होगा ।।
414 (४१४)
DIN DAYAL.
कोः- मुझ को प्रभु कभी न तुम पास से हां दूर करो । बल्कि सदा साथ में रख शक्ति से भरपूर करो ।। १ जब कि प्रभु क्लेश में मैं, दुःख से कल्पता होऊँ । पास में आ हाथ से तुम, दुःख मेरे तुम दूर करो ।। २ जब विषय अब के मुझे, घेर लें और जोर करें । तब हे प्रभु मुझ को बचाने को, उन्हें दूर करो ।। ३ भूल से हाय कभी तुझ को बिसर जाता हूँ । “दीन” विनय तौभी प्रभु, माफ तुम कसूर करो ।।
415 (४१५)
Bhajan Tunes. No. 59. JOHN PARSONS.
यीशु दयानिधि सुमरौ प्यारो, संकट शोक हरैया ।। १ बिपत समय तुम वाहि पुकारो, वह दुःख भंजन भैया ।। २ बहु दुःख माहि काम वहि आये, पुनि वहि काम अवैय्या ।। ३ वा पर सकल भरोसा राखो, सब को ज्ञान दिवैया ।। ४ सगरो अघ दुःख हारक यीशु, अस को मुक्ति करैया ।। ५ तन मन सान्त्वन बातें मिलही, निज बल कछु न मिलैय्या ।। ६ आश्रित तोहि कहत है प्रभु जी, तू मम आस पुरैया ।।