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प्रेम और धन्यवाद (Love and Praise)

328 (३२८)

“One there is above all others.”

8. 4. 8. 4. 8. 8. 8. 4. -- S. S. S. 65.

MISS M. MUNN.

१ एक तो है जो सब से अच्छा

देख उस का प्यार

भाई के प्रेम से अधिक सच्चा

देख उसका प्यार

मीत सांसारिक दुख भी देवें

आज प्रेम करके कल छोड़ देवें

मीत यह है जो छल न देवें

देख उसका प्यार ।।

२ यीशु जो तू जानना चाहे

देख उसका प्यार

उसको तन मन अर्पण कर दे

देख उसका प्यार

तुझे पाप का बोझ दबाता

तू परीक्षा से घबराता

यीशु इन ही से बचाता

देख उसका प्यार ।।

३ प्रेम का चिन्ह है उसका मरण

देख उसका प्यार

मृत्यु लों वह तेरी शरण

देख उसका प्यार

तू सब कपटी प्रेम को छोड़ दे

यीशु ही के पीछे हो ले

जिसने तेरे दुःख सब भोगे

देख उसका प्यार ।।

४ तेरे पाप वह दूर कर देगा

देख उसका प्यार

तेरे शत्रु को जीत लेगा

देख उसका प्यार

सारी आशिष तुझे देगा

तेरा भला नित्य करेगा

अंत को स्वर्ग में तुझे लेगा

देख उसका प्यार ।।

329 (३२९)

“Only Jesus feels and knows.”

7. 7. 7. 6. - S. S. S. 51.

१ केवल यीशु जाननेहार

कितना तेरे दुःख का भार

उसका प्रेम है निर्विकार

यीशु धन्य यीशु ।।

कोरसः- उसका नाम प्यारा है

और सब नाम से न्यारा है

भय में वह सहारा है

यीशु धन्य यीशु ।।

२ केवल यीशु नाम की बात

सब ही देखता है साक्षात

उसके प्रेम में न पक्षपात

यीशु धन्य यीशु ।।

३ केवल यीशु देके ध्यान

सुनता और बचाता प्राण

वह है मेरा शरण स्थान

यीशु धन्य यीशु ।।

४ मेरा रक्षक वही है

उसके साथ मैं हूँ निर्भय

करूँगा नित्य उसकी जय

यीशु धन्य यीशु ।।

330 (३३०)

“As pants the hart.”

G. M. Martyrdom or Remember Me.

TATE AND BRADY.

१ ज्यों हिरण प्यास से व्याकुल हो

भाग भाग के हांफता है

त्यों तेरे लिये हे मसीह

मन मेरा हांफता है ।।

२ तेरे लिये हे जीवन नाथ

मन मेरा प्यासा है

कब देखने पाऊँ तेरा मुंह

तू मेरा राजा है ।।

३ क्यों गिर के कुढ़ता मेरे मन

ईश्वर पर रख विश्वास

वह हाथ लगा के शोक और रोग

करेगा सर्वनाश ।।

४ कब लों हे ईश्वर मेरे बल

मैं शोकित हो रहूँ

निराश अनाथ और त्यागा भी

बैरी से दुःख सहूँ ।।

५ क्यों पड़ा कुढ़ता तेरे मन

आश रख के गावेगा

गान उसका है जो तेरा नाथ

और सोता जीवन का ।।

331 (३३१)

“More love to Thee, O Christ.”

6. 4. 6. 4. 6. 6. 4. 4. S. S. S. 632.

E. PRENTISS.

१ तुझी से अधिक प्रेम

मैं करूँगा

कान धरके सुन जो वर

मैं मांगूंगा

यह मेरा है अब नेम

कि करूँ अधिक प्रेम

और अधिक प्रेम

और अधिक प्रेम ।।

२ पहिले मैं जगत का

ढूँढ़ता आराम

अब तुझ से मांगता हूँ

आत्मिक विश्राम

यह मेरा है नित्य नेम

कि करूँ अधिक प्रेम

और अधिक प्रेम

और अधिक प्रेम ।।

३ जब जगत छोडूंगा

तेरा सन्मान

नित्य करता रहूँगा

मैं आदरमान

यह मेरा होगा नेम

कि करूँ अधिक प्रेम

और अधिक प्रेम

और अधिक प्रेम ।।

332 (३३२)

C. M. St. Agnes or Martyrdom.

१ मसीह तू मेरा प्यारा है

और मेरा मन-प्रकाश

तू मेरा मुक्तिदाता है

और मेरे मन की आश ।।

२ दुष्ट आत्मा के मैं बंध में था

और पाप से था भरपुर

वह दशा तू न देख सका

हे मेरे मन हो चूर ।।

३ मैं पापीकी चोट से घायल था

अधम मैं था अज्ञान

सहायक मेरा वही था

हे मन तू धन्य मान ।।

४ जब सभों ने छोड़ दिया था

और दूर हो गये थे

यीशु ने गोद में लिया था

मन उसको मान तू ले ।।

५ हे यीशु ख्रीष्ट मैं तेरा हूँ

मैं निश्चय तेरा हूँ

मैं तेरी स्तुति करूँगा

तुझ पास मैं नित्य रहूँ ।।

333 (३३३)

“What a Friend we have in Jesus.”

8. 7. 8. 7. D. What a Friend.

JOSEPH SERIVNER, 1820-86.

Chord - E | S- Ballad | T-078

१ यीशु क्या ही प्यारा मित्र

पाप और दुःख उठाने को

उसकी शरण हम ले सकते

हम पर दुःख का भार जब हो

कितना सुख हम भोगने पाते

कितने दुःख से बचते भी

जो हम सब ही को ले जाके

प्रभु को बताते ही ।।

२ क्या परीक्षा में हम पड़ें

व्याकुलता भी हो हमें

आशा प्रभु ही पर धर के

उससे जाके सब कहें

सच्चा मित्र ऐसा कौन है

जो संभाले दुःखों में

सारी निर्बलता वह जानता

उससे जाके सब कहें ।।

३ क्या हम दबते भारी बोझ से

बल भी जाता सब रहा

प्यारा प्रभु है सहारा

उस से जाके सब कहें

क्या अनाथ और मित्रहीन हैं

उस से जाके सब कहें

अपनी गोद में वह उठाके

शान्ति देवेगा हमें ।।

334 (३३४)

“Take the name of Jesus with you.”

8. 7. Precious Name.

MRS. L. BAXTER 1809-74.

Chord - G# | S- 6/8 | T-086

१ यीशु नाम की दे दुहाई

तू जो दुःख से है लाचार

उस से शान्ति और सहाई

तुझे मिलती है हर बार ।।

कोरसः- मधुर नाम प्रिय नाम

जिससे हुआ त्राण का काम ।।

२ यीशु नाम को नित्य भजो

वही ढाल हैं और चट्टान

देता वही बल निर्बल को

उस को तू सहायक जान ।।

३ क्या ही प्रिय यीशु नाम है

जिस से बढ़ती मन की प्रीत

उस को भजना हर्ष का काम है

वह है पापी जन का मीत ।।

४ यीशु नाम की कर बड़ाई

वह ही है राजाधिराज

तीनों लोक के नाथ को भाई

अब सराहों बीच समाज ।।

335 (३३५)

8. 7. 8. 7. Stuttgart or Mariners.

१ लाखों में एक मेरा प्रिय

एक ही मेरा प्रिय है

उस ने मेरे मन को लिया

प्रेम के बल से लिया है ।।

२ पाप की दलदल में मैं धंसा

धर्मविहीन और मन मलीन

दुष्ट के जाल में था मैं फंसा

आसराहीन और दुष्टाधीन ।।

३ मेरा प्रीतम यीशु आया

खोजने और बचाने को

मुझे पाया और बचाया

उस की स्तुति सदा हो ।।

४ प्रिय प्रभु मन जो लिया

बस तो सब कुछ तेरा है

तन और धन सब तुझे दिया

फिर तू प्रीतम मेरा है ।।

336 (३३६)

“The best of friends.”

9. 8. 9. 8. 8. 8. Der beste Freund.

BENJAMIN SCHMOLK. 1672-1773.

१ वह सब से उत्तम और प्यारा

दोस्त मेरा ऊपर स्वर्ग में है

संसार में धोखा बहुतेरा

पर सच्ची दोस्ती थोड़ी है

यह बात मैं जानता हूँ निश्चय

वह उत्तम मित्र यीशु है ।।

२ मनुष्य तो है हिंडोला नाईं

पर ख्रीष्ट चट्टान के ऐसा है

सच्चाई उसमें और खराई

सदा दिखाई देती है

यह बात मैं जानता हूँ निश्चय

वह उत्तम मित्र यीशु है ।।

३ उसने निज प्राण मेरे लिये

सलीब पर प्रेम से दिया है

और मेरे पाप भी क्षमा किये

नित्य मेरे साथ ठहरता है

यह बात मैं जानता हूँ निश्चय

वह उत्तम मित्र यीशु है ।।

337 (३३७)

6. 6. 8. D. 6. 6. 6. Wunderbarer Koening.

JOACHIM NEANDER. 1650-80.

१ हे आश्चर्यवन्त राजा, ग्रहण कर त्राणदाता

सब का भजन गीत गुणगाथा

जौभों तुझ से फिरें, हम पर तू बरसाता

पिता का सा प्रेम ओ दया

दे सहाय शक्ति मय, कि हम स्तुति गावें

तेरा यश सुनावें ।।

२ गान कर हे मेरे प्राण तू, भजन गा पुनीता

मोहित मेरे मन विनीता

सब जो लेते श्वासा, दण्डवत करो ईशा

ओ नवाओ अपना शीशा

अब यहाँ और सदा, स्वर्ग का सेनापति

स्तुति योग्य अति ।।

३ हल्लेलूयाह गावे, प्रभु को जो जानता

यीशु ख्रीष्ट को पहिचानता

स्तुतिधन्य सुनावे, ख्रीष्ट का नाम जो लेता

उस को अपना मन सौंप देता

कर प्रतीत तू नित्य नित्य उसको स्वर्ग के धाम में

देगा स्तुति हर जाम में ।।

338 (३३८)

Bhajan Tunes No. 36. or 68.

SUDIN.

जिन यीशु के नाम आधार गहे, तिन हानि कहां शैतान कियो ।।

१ निज प्रेरित पावल को जग में, सिगरो सत साधक वीर कियो ।।

२ प्रभु से जितने सत प्रेम किये, दुःख पाप को टारि पवित्र कियो ।

३ इलियाजर भक्त सुआश्रित को, दिन चारि मुए पर जीव दियो ।।

४ प्रतीत करी दृढ़ जो प्रभु की, तिन मृत्युद बंधन तोड़ दियो, ।।

५ कर जोरि करों प्रभु तोर विनय, तुम आय बसो अब मोर हियो ।।

६ निज दास अधीनक बांह गहो, तुम पापिन कारण प्राण दियो ।।

339 (३३९)

PARBASU.

भज मन यीशु नाम सुखदाई ।

१ घरि घरि पल पल अवध बीतत सब, फिर पीछे पछताई ।।

२ भाई बन्धु सब कुटुम्ब कबीला, देखत जिया ललचाई ।।

३ अन्त समय कोई काम न आवे, पशु कहे समझाई ।।

340 (३४०)

Bhajan Tunes No. 57.

SHUJAAT ALL

मन भजो मसीह को चित्त से, वह तुम्हें बचावे नरक से ।।

१ जो मन भूलो मन से वाको, तो कैसे बचाओगे नरक से ।।

२ दुःख सुख दोनों वाके वश में, वह तुम्हें बचावे बिपत से ।।

३ जब तुम पाप में डूब रहे थे, वह आया बचाने स्वरग से ।।

४ चार दिनन का मरा था लाजर, वाको जिलाया कबर से ।।

५ भूलो मत तू वाको आसी, वह तुझे चुना है जगत से ।।

341 (३४१)

Bhajan Tunes No. 66.

SHUJAAT ALI.

यीशु मसीह मेरो प्राण बचैया ।

१ जो पापी यीशु कने आवे, यीशु है वाकी मुक्ति करैया ।।

२ यीशु मसीह की मैं बलिबलि जैहूँ, यीशु है मेरो त्राण करैया ।।

३ गहरी वह नदिया नाव पुरानी, यीशु है मेरो पार करैया ।।

४ दीनानाथ अनाथ के बन्धु, तुमही हो प्रभु पाप हरैया ।।

५ आसी को अपनी शरण में रखियो, अन्त समय मेरी लीजै खबरिया ।

342 (३४२)

यीशु तू ने किया पिया V, जब विश्वास मैं तुझ पर लाया ।।

१ जब से तन मन चित्त लगाया, दर्शन घट भीतर तब पाया ।

आनन्द होकर शीश नवाया, देखी तेरी अद्भुत माया ।।

२ मैं ने देखा यीशु प्यारा, दुःरुख संकट सहा अपारा ।।

क्या ही अद्भुत प्रेम निहारा, मैंने मन बिच आनंद पाया ।।

३ तेरे बलि पर बलिहारी, तू ने काम किया अति भारी ।

देखी पढ़ कर बैबल सारी, तेरे भक्तों ने यश गाया ।।

४ मैं गुण मानूँ प्रभु प्रभु तेरा, तू ने पाप मिटाया मेरा ।

आया धर्म आत्मा तेरा, मैं ने उजियाला तब ही पाया ।।

५ जो शरण मसीह की आवे, वह मन इच्छा फल पावे।

जग में जरा नहीं शरमावे तेरे दास ने शीश नवाया ।।

343 (३४३)

Bhajan Tunes No. 2.

PANCHAM MASIH.

Chord - D# | S- Dholak | T-084

हमारा मन लागा यीशु जी के चरण ।

१ कोई पहिरे कंठी माला, कोई तिलक लगावे जी ।

कोई गले में सेली पहिरे, कोई गले में तागा ।।

२ कोई अंग भभूत लगावें, कोई ओढ़े मृगछाला जी ।

कोई काला कम्बल ओढ़े, कोई फिरत हैं नागा ।।

३ कोई पूजे देवी देवा, कोई गंग नहावे जी ।

कोई पीपर पानी छोड़े, कोई जिमावे कागा ।।

४ कोई बन बन तीर्थ भरमे, कोई बांह सुखावे जी ।

कोई पंच अंगिन को तापे, देख भरम मैं भागा ।।

५ प्रभुदास गिन बलकर जोर, सुनो बाल नर नारी जी ।

यीशु मसीह जब दया कीन्ही, तब मैं नींद से जागा ।।

344 (३४४)

Bhajan Tunes No. 107.

१ यीशु दे दीजे दीदार, मेरे प्यार करने वाले ।

यहाँ पर हैं मुन्तजिर, तेरी राह तकने वाले ।।

२ दिखाया अपना प्यार, कर जान को निसार ।

खून अपने से मुझ को, वह मोल लेने वाले ।।

३ उम्मीद हमारी भारी, शबो रोज इन्तजारी ।

तू वायदा हम से प्यारे, वह पूरा करने वाले ।।

४ मैं जाता हूँ आसमान, करने तैयार मकान ।

भेजूंगा रूह-इ-हक्क को, तसल्ली के देने वाले ।।

५ पस-इ-मर्ग थे गुनाह में, ला दम थे खता में ।

फजल ओ करम से अपने, फिर से जिलाने वाले ।।

345 (३४५)

H. T. B. 123.

SHUJAAT ALI.

करूँ हम्द ऐ रब्ब मैं तेरी सदा ।

रख अपने ही दर का मुझे तू गदा ।।

१ बजुज तेरे हरगिज नहीं और हैं ।

तू ही तो है बे शक्क सभों का खुदा ।।

२ तेरे फजल का हूँ मैं उमेदवार ।

हूँ दिल जान से मैं तो तुझ पर फिदा ।।

३ तू अपने करम से बचा ले मुझे ।

तू अपने फजल की मुझे दे रिदा ।।

४ फकत मुझको उम्मीद है तुझ सेती ।

गुनाहों का है बोझ मुझ पर लदा ।।

५ हैं अफजल मुहब्बत तेरी ऐ मसीह ।

था बख्शिश को हम सब की तू ही फिदा ।।

६ यही इल्तिजा तुझ से है ऐ मसीह ।

इस आसी को हरगिज न कीजियो जुदा ।।

346 (३४६)

क्या करूँ तारीफ तेरी मुझ में दानाई नहीं ।

देखिये बेताब में कुछ ताब इ गोयाई नहीं ।।

तू खुदा है और इन्सान यह मेरा ईमान है ।

इस अजब हिकमत की इन्सान में शिनासाई नहीं ।।

किस तरह तेरे कदम पर मैं कदम को रख सकूँ ।

जानते हैं आप बन्दे में तवानाई नहीं ।।

ऐ मेरे मस्लूब मैं तेरी उठाता हूँ सलीब ।

बस यही इज्जत है मेरी इस में रुसवाई नहीं ।।

गर करूँ जी जान से तुझको न मैं यीशु पिया V।

नाम रखता हूँ वले मैं दिल से ईसाई नहीं ।।

जान दीदी तू ने जबीह-उल्लाह सब के वास्ते ।

ऐसी खूबी और में हमने कभी पाई नहीं ।।

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