
Masihi Geet Sangrah
सुसमाचार का बुलावा (The Gospel Invitation)
239 (२३९)
“Come to the Saviour make no delay.”
9. 9. 9. 6. D. -- S. S. S. 1165.
GEORGE F. ROOT, 1820-95.
Chord - G# | S- 6/8 | T-094
१ आ देर न करके यीशु के पास
अब उसकी बात पर कर तू विश्वास
यहाँ वह करता बीच में निवास
प्रीति से कहता आ ।।
कोरसः- खुशी खुशी तब हम करेंगे
पाप से जब छुटकारा पावेंगे
और तेरे साथ हम नित्य रहेंगे
स्वर्गीय स्थानों में ।।
२ लड़के भी आवें सुन उसकी बात
जय उसकी होवे हर दिन ओ रात
यीशु को माने सब देश और जात
अब देर न करके आ ।।
३ यीशु को बीच में अब पहचान
सुन उसकी बात और मन ही से मान
प्रेम से वह बोलता दे अपना कान
आ मेरे लड़के आ ।।
240 (२४०)
“Come ye sinners poor and needy.”
S. 7. 8. 7. 4. 7. Dismissal or Eton College.
JOSEPH HART, 1712-1768.
१ आओ तुम जो हीन पापी
दुखित क्लेशित बिन विश्राम
पाप के कारण जो विलापी
जी से कहो यीशु नाम
प्रभु यीशु
सिद्ध कर चुका अपना काम ।।
२ हम सब अधम दीन हीन पापी
सब हैं दोषी नरक योग्य
दण्ड इस जग के पापियों का
यीशु तूने किया भोग
प्रभु यीशु
तुझको ताकते पापी लोग ।।
३ तूने बहुत दुःख उठाके
जगत पर दिखाया प्रेम
क्रूस पर अपना रक्त बहाके
किया सबके त्राण का नेम
प्रभु यीशु
तू ही देता कुशल क्षेम ।।
४ सारे जग का है राजा
राज्य करने जल्दी आ
देश विदेश ही तेरी प्रजा
मूर्तिपूजा तू मिटा
प्रभु यीशु
अपना राज तू जल्दी ला ।।
241 (२४१)
“Let him that heareth say come.”
6. 6. 4. 6. 6. 6. 4. Olivet.
१ आओ सब पापी लोग
हुये जो नरक योग्य
जी से उदास
आओ जो धर्म विहीन
आओ जो मन मलीन
यीशु के हो, आधीन
यीशु के दास ।।
२ जग में प्रभु कृपाल
यीशु ने हो दयाल
लिया अवतार
प्रभु का नेम और प्रीत
प्रभु का प्रेम प्रतीत
देखों सब धर्म की रीत
अपरम्पार ।।
३ अपने पर लेने दुःख
औरों को देने सुख
आया वह आप
सहा है कष्ट महान
दिया है अपना प्राण
किया दे जग का त्राण
किया मिलाप ।।
४ आओ यीशु के पास
करो उस पर विश्वास
सब हैं तैयार
लेओ तुम मुक्ति ज्ञान
लेओ तुम मुक्ति दान
यीशु का ही प्रदान
सच्चा उद्धार ।।
242 (२४२)
“Hark my Soul it is the Lord.”
7. 7. 7. 7. St. Bees or Harts.
WILLIAM COWPER, 1731-1800.
१ उसकी सुन हे मेरे प्राण
जिससे हुआ तेरा त्राण
यीशु तुझसे पूछने हार
क्या तू मुझसे करता प्यार ।।
२ बंधन मैंने खोल दिया
दुःखित मन को शान्त किया
फेरा तुझे भ्रमने से
पथ पर लाया जीवन के ।।
३ अपने बच्चे को क्या मां
भूल जा सकेगी कदा
जो वह भूले तौभी क्या
तुझे मैं भूल जाऊँगा ।।
४ मेरा प्रेम है निर्विकार
ऊँचा गहरा और अपार
सदा रहता है अटल
मृत्यु से भी है प्रबल ।।
५ तू तो आगे देखेगा
स्वर्ग में मेरी महिमा
सुख भी पावेगा अपार
क्या तू मुझसे करता प्यार ।।
६ यीशु हो तू दयावन्त
मेरा प्रेम निर्बल अत्यन्त
यह अनुग्रह दे मुझे
कि और करूँ प्यार तुझे ।।
243 (२४३)
“There is a gate that stands ajar.”
8. 7. S. S. S. 372.
MRS. L. BAXTER, 1807-94.
Chord - A# | S- Waltz | T-124
१ एक द्वार नित खुला रहता है
जिससे कि सदा आती
एक ज्योत जो क्रूस से फैलती है
यीशु का प्रेम बताती ।।
कोरसः- क्या यह हो सकता, प्रेम अपार
कि खुला रहता मुक्तिद्वार
कि मैं हाँ मैं उसमें प्रवेश करूँ ।।
२ सभी के लिये है वह द्वार
जो उससे मुक्ति चाहते
सब जाति सब लोग धनवान लाचार
सेंत उसमें पहुँच पाते ।।
३ अब आगे जा निडर होके
कि द्वार है खुला रहता
उठाके क्रूस वह मुकुट ले
जो प्रभु यीशु देता ।।
४ वह क्रूस जो मिला है यहाँ
हम यर्दन पार छोड़ देंगे
यीशु से मुकुट पा वहाँ
नित्य उससे प्रेम करेंगे ।।
244 (२४४)
“A ruler once came.”
11s and Ref. S. S. S. 466.
W. T. SLEEPEE.
१ एक शास्त्री जब आया था यीशु के पास,
और जीवन अनंत की वह रखता था आस ।
तब यीशु ने कृपा कर कहा उससे, तू नया जन्म ले ।।
कोरसः- तू नया जन्म ले, तू नया जन्म ले ।।
२ हे पापी यह वचन मसीह का तू मान,
जो सेंत में तैयार है अब देने को त्राण ।
सुन मंगल संदेश और मन यीशु को दे, तू नया जन्म ले ।।
३ जो स्वर्ग के निश्चय की हो इच्छा तुझे,
कि दूतगण और संतों के बीच में रहे ।
यह जीवन अनंत प्रभु देगा तुझे, तू नया जन्म ले ।।
245 (२४५)
8. 7. 8. 7. 8. 7. Rousseau.
Chord - G# | S- Ballad | T-082
१ एक है वाणी बहुत मीठी
मेरे मन को भाती है
मेरे छोटे मन से बोलती
यों हे प्रिय कहती है
क्यों तू रोता आसूं भरता
क्यों तू होता दुःखाधीन
मैं अब तेरी दशा देखता
मेरे पास आ सुखविहीन ।।
२ एक है वाणी बहुत मीठी
मुझे फिर पुकारती है
मेरे छोटे मन में खुशी
यों अत्यन्त वह भरती है
हे पियारे हे दुलारे
क्यों तू ढूँढ़ता है आराम
दोनों हाथ हैं लम्बे मेरे
मुझ पास आ और ले विश्राम ।।
३ एक है वाणी बहुत मीठी
धीमे तौर पर आती है
मेरे छोटे मन को फेरती
यह संदेश सुनाती है
आ तू ऊपर इस सैहून में
देख तू स्वर्ग की ज्योति को
नित्य रह तू मेरे धाम में
ज्योति में अब प्रवेश तू हो ।।
४ वाणी यह जो मीठी आती
है पियारे यीशु की
मुझे वह हरदम पुकारती
क्या मैं यों न कहूँ भी
हे मसीह हे प्रभु मेरे
तेरे पास मैं आता हूँ
हाथ बढ़ा हे यीशु प्यारे
देख मैं पांव उठाता हूँ ।।
246 (२४६)
“Have you been to Jesus.”
11. 9. 11. 9. S. S. S. 379.
B. A. HOFFMAN.
१ क्या तुम गये यीशु पास कि मन शुद्ध हो
क्या उस लोहू में शुद्ध हुए हो
क्या संपूर्ण भरोसा उस पर रखते हो
क्या उस लोहू में शुद्ध हुए हो ।।
कोरसः-क्या तुम शुद्ध हुए हो
आत्मा शुद्ध करनेहार लोहू में
क्या तुम्हारा मन निष्कलंक हुआ है
क्या उस लोहू में शुद्ध हुए हो ।।
२ क्या तुम चलते प्रतिदिन त्राता के साथ
क्या उस लोहू में शुद्ध हुए हो
क्या निरंतर चैन है तुझे यीशु से
क्या उस लोहू में शुद्ध हुए हो ।।
३ क्या साफ़ कपड़ा होगा दुल्हा आवे जब
क्या उस लोहू में शुद्ध हुए हो
क्या तैयार है प्राण स्वर्गधाम में जाने को
क्या उस लोहू में शुद्ध हुए हो ।।
४ पाप का मैला वस्त्र अब उतार के छोड़
उस के लोहू में शुद्ध होके आ ।।
मन अशुद्ध के लिये सोता बहता है
उसके लोहू में शुद्ध होके आ ।।
247 (२४७)
“Jesus calls us;o'er the tumult.”
8. 7. 8. 7. Galilee or Evening Prayer.
१ ख्रीष्ट बुलाता जग की धूम में
मधुर वाणी पड़ती कान
“सेवक मेरे पीछे हो ले”
यीशु का यह वचन मान ।।
२ प्राचीनकाल में अन्द्रियाह ने
यह शब्द सुन मान लिया था
ख्रीष्ट के नाम से घर संपत्ति
सब ही को छोड़ दिया था ।।
३ ख्रीष्ट बुलाता ऐसा कहके
सुन तू ले हे मेरे प्राण
“जो कुछ प्रिय तुझे उससे
अधिक प्रिय मुझे जान” ।।
४ दुःख और सुख में काम विश्राम में
रात दिन वह बुलाता है
“जीते मरते मुझसे तेरी
लगे लौ” समझाता है ।।
५ ख्रीष्ट बुलाता ! त्राता हम पर
हो दयाल तब मानेंगे
मन को वश में कर तो तुझे
सब से प्रिय जानेंगे ।।
248 (२४८)
“The whole world was lost in the darkness of sin.”
P. M. S. S. S. 417.
PHILLIP BLISS, 1838-76.
Chord - E | S- Waltz | T-124
१ जब जगत अंधेरे में डूब गया था
इस जग का प्रकाश है यीशु ।।
परमेश्वर की ज्योति का उदय तब हुआ
इस जग का प्रकाश है यीशु ।।
कोरसः- हे पापी जन इस ज्योति में आ
वह तेरा पाप सब दूर करेगा
अब देखता हूँ कि अंधा मैं था
इस जग का प्रकाश है यीशु ।।
२ विश्वासी अंधेरे में हो न उदास
इस जग का प्रकाश है यीशु ।।
वे ज्योति में चलते है यीशु के पास
इस जग का प्रकाश है यीशु ।।
३ हे तुम जो अब पाप और अंधेरे में हो
इस जग का प्रकाश है यीशु ।।
अब उठके आशिष तुम परमेश्वर से लो
इस जग का प्रकाश है यीशु ।।
४ स्वर्गधाम में उजाला आवश्यक नहीं
उस लोक का प्रकाश है यीशु ।।
प्रकाश है उस नगर का ख्रीष्ट यीशु ही
उस लोक का प्रकाश है यीशु ।।
249 (२४९)
“There is life for look.”
P. M. S. S. S. 123.
MISS A. M. HULL.
Chord - D#/D | S- Ballad | T-082
१ तू तो जीयेगा देखने से यीशु की ओर
अब भी पायेगा जीवन का दान
तो देख और वह तुझे बचावेगा अब
जिसके क्रूस ही के द्वारा है त्राण ।।
कोरसः- देख देख देख के जी
तू तो जीयेगा देखने से यीशु की ओर
अब भी पायेगा जीवन का दान ।।
२ देख उठाया है उसने सब पापों का बोझ
तो तू अपना भी बोझ उसे दे
उसके पंजर से लोहू सब बहता रहा
कि सब ऋण तेरे भरे जाये ।।
३ न तो प्रार्थना न शोक से छूट सकता है पाप
वरन रुधिर से होता बचाव
तो उसी पर लाद के सब पापों का भार
केवल उसके तू देख बहते घाव ।।
४ सुन मसीह ने बुलाया तू शंका न कर
कुछ भी करना अब तेरा न काम
क्योंकी प्रगट वह हुआ बचाने को है
हां और तुझे वह देता विश्राम ।।
५ अब ले उसके हाथ से तू जीवन का दान
जिसे देना वह चाहता भी है
और कभी तू मरने से डरता न रह
क्योंकी प्रभु नित्य पास रहता है ।।
250 (२५०)
“There were ninety and nine.”
P. M.-- S. S. S. 97.
ELIZABETH CHEPHANE, 1830-69.
१ निन्यानवे भेड़ें कुशल ही से
भेड़शाला में आ रही थी
पर एक तो पहाड़ों में गल्ले को छोड़
भटकती ही खो गई थी
वह जंगल में फिरती बेचैनी से पूर
चरवाहे दयालु से गई थी दूर ।।
२ “निन्यानवे तो रही हैं हे चौपान
कुछ चिंता उस एक की न कर”
चरवाहे ने कहा “क्यों छोडूँ वह एक
मैं उसे भी लाऊँगा घर
हां कठिन है मार्ग और कंटीले हैं पेड़
पर तौभी मैं जाता हूँ ढूँढ़ने को भेड़”।।
३ कौन वर्णन कर सकता वह संकट और दुःख
चरवाहे को मिले जो थे
कि अपनी भेड़ी जो खो गई थी
वह जंगल में ढूँढ़ के पावे
कि सुना, वह जंगल में रो रही है
थकी और रोगी वह मर रही है ।।
४ पर मार्ग में यह लोहू के टपके जो हैं
सो कहो, हैं किस के निशान
उस भेड़ी को पाने जो भाग रही थी
देख घायल भी हुआ चौपान
कि कांटे चुभ गये लोहू लुहान हुए हाथ
जब ढूँढ़ लाया भेड़ों की दया के साथ ।।
५ पर सुनो एक महाशब्द बोल रहा है
“आनंदित अब हो मेरे संग”
पृथ्वी पर से आता वह खुशी का शब्द
और स्वर्ग में भी उठती तरंग
कि दूत गण पुकारते भी हैं बीच आसमान
“जो भेड़ी खो गई, फेर लाया चौपान” ।।
251 (२५१)
“Jesus is tenderly calling.”
P. M. -- S. S. S. 395.
FANNY CROSBY, 1820-1915.
Chord - A | S- Waltz | T-124
१ प्रेम से आज यीशु बुलाता मुझे, पापी तू आ पिता के पास
पिता के प्रेम से क्यों रहता तू दूर, भूखा प्यासा निरास ।।
कोरसः- आ मेरे पास आ मेरे पास
यीशु बुलाता है पापी अब आ मेरे पास ।।
२ हे थकित लोगों वह बोलता तुम से, लेओ विश्राम लेओ विश्राम
आज मेरा जुआ तुम कान्धे पर लो, उस से पाओगे आराम ।।
३ वह तेरे आने की जोहता है बाट, देरी न कर देरी न कर
सदा यह अवसर न मिल सकेगा, यीशु को आज ग्रहण कर ।।
४ बिन्ती भी करता तू शब्द उसका सुन, मेरे पास आ मेरे पास आ
कर तू विश्वास तो पावेगा आनंद, सुसमाचार मान के आ ।।
252 (२५२)
8. 7. 8. 7. 8. 7.Unser Herrscher or Dismissal.
१ पापी दोषी दीन हीन सकल
आओ गहो यीशु नाम
तारण कर्त्ता वह है केवल
उस के ऐसा किस का काम
प्रभु यीशु
प्रगट होवे तेरा नाम ।।
२ हम सब अधम और अपराधी
सब हैं दोषी नरक योग्य
तू ने कृपा से अनादि
प्रेम से किया पाप भोग
प्रभु यीशु
अब निस्तार तू पापी लोग ।।
३ देह को धारण कर तू आया
धरती पर दिखाया प्रेम
पापी लोग का दण्ड उठाया
जिस पर धरा त्राण का नेम
प्रभु यीशु
कर हम सब का कुशल क्षेम ।।
४ तू ने अपना लहू दिया
दिया निज अमूल्य प्राण
ऐसा प्रेम कब किसने किया
तू ही सभों का है त्राण
प्रभु यीशु
तुझ बिन और न कोई त्राण ।।
५ जगत अन्त लों तू ही राजा
वेग से अपना राज्य दिखा
सकल लोग हों तेरी प्रजा
लज्जा देवों पर बहा
प्रभु यीशु
आवे तेरी प्रभुता ।।
253 (२५३)
“I have a Saviour.”
P. M. -- S. S. S. 350.
S. O. MALEY CLUFF.
१ मेरा त्राणकर्ता है स्वर्ग में वह रहता
त्राणकर्त्ता पवित्र और प्यारा अमर
सदा कृपा दृष्टि कर मेरी सुधि लेता
हे भाई यह त्राणकर्त्ता तू भी ग्रहण कर ।।
कोरसः- मैं तेरे ही लिये, मैं तेरे ही लिये
मैं तेरे ही लिये, अब प्रार्थना करता हूँ ।।
२ मेरा है पिता मुझ की उस ने दी है
जी उठके स्वर्ग जाने की आशा सही
वह मुझे बुलाके संग अपने रखेगा
तू मेरे संग जाने तैयार रहे भी ।।
३ मेरा है वस्त्र पवित्र चमकीला
वह मुझको मिलेगा जब स्वर्ग जाऊँगा
उस को पहिनूंगा यह मेरी है आशा
कि तू भी यह वस्त्र अभी पावेगा ।।
४ मेरी है शान्ति अद्भुत और अनोखी
इस जगत के लोग उसको जानते नहीं
हे प्रभु यीशु उस का कर्त्ता और दाता
भाई प्रार्थना कर कि तू चैन पावे भी ।।
५ जब यीशु त्राणकर्त्ता को ग्रहण करेगा
तब औरों के पास जाके कथा सुना
दिन रात उनके लिये कर ईश्वर से प्रार्थना
कि मेरे संग पिता तू उन को बचा ।।
254 (२५४)
“Who'll be the next.”
ANNIE. S. HAWKES 1835-1918.
Chord - A | S- 6/8 | T-086
१ यीशु के पीछे कौन हो लेता
अपना ही क्रूस कौन उठावेगा
कौन अब तैयार है अभी पुकार है
कौन ताज आसमानी पावेगा ।।
कोरसः- कौन है तैयार अभी तैयार
यीशु के पीछे कौन हो लेता
यीशु के पीछे कौन हो लेता अब
अभी कौन तैयार ।।
२ यीशु के पीछे कौन हो लेता
कौन उसके साथ अब हो जावेगा
पूरा ही त्राण हो, उसकी जय जय हो
कौन उसकी सेना गावेगा ।।
३ यीशु के पीछे कौन हो लेता
संकट और दुःख में जब रास्ता हो
पापों को छोड़ के बन्द उनके तोड़ के
कौन आप को देता यीशु को ।।
४ यीशु के पीछे कौन हो लेगा
जब तक पहुँचे न यर्दन किनार
सिद्ध हो विजय में पूरे निश्चय में
पहुँचेंगे तब यर्दन पार ।।
मैं हूँ तैयार अभी तैयार
यीशु के पीछे मैं हो लूंगा
यीशु के पीछे मैं हो लूंगा अब
अभी हूँ तैयार ।।
255 (२५५)
“Come to Jesus, just now.”
R- S- MANDRELLE 1905-1972.
१ यीशु पास आ -- अभी ।।
२ वह बुलाता -- अभी ।।
३ बचा सकता -- अभी ।।
४ वह तैयार है -- अभी ।।
५ वह बचाता -- अभी ।।
६ क्षमा करता -- अभी ।।
७ मैल से धोता -- अभी ।।
८ सामर्थ देता -- अभी ।।
९ आत्मा देता -- अभी ।।
१० उससे मांगो -- अभी ।।
११ वह सुन लेता --अभी ।।
१२ तू विश्वास कर-- अभी ।।
256 (२५६)
“O sinner come.”
C. M. -- S. S. S. 493.
CHARLES WESLEY. 1707-88.
१ हे पापी जन हे पापी जन, क्यों निश्चित सोता है
तू जाग जा तेरा तारणहार, यीशु बुलाता है ।।
कोरस :- मैं मानता हूँ, मैं जानता हूँ कि यीशु त्राता है
और उसके साथ और उसके हाथ स्वर्गधाम की कुंजी है ।।
२ हे पापी जन निर्बल अधम, दिन बीतता जाता है
अब हो तू त्राण का खोजनेहार, यीशु बुलाता है ।।
३ हे पापी जन अब कर विचार, क्यों दुःख में रहता है
यद्यपि तू है चूकनेहार, यीशु बुलाता है ।।
४ हे पापी जन हे व्याकुल मन, क्यों मरना चाहता है
सचमुच यद्यपि तू बदकार, यीशु बुलाता है ।।
५ हे पापी जन क्यों अप्रसन्न, तू क्यों शर्माता है
देख कैसा यह अद्भुत पियार, यीशु बुलाता है ।।
६ हे पापी जन क्यों हो निर्धन, क्यों कृपा खोता है
अब देख यह फिर एक पिछली बार, यीशु बुलाता है ।।
257 (२५७)
“Whosoever heareth..”
S. S. S. 389.
PHILLIP BLISS, 1838-76.
Chord - A# | S- 6/8 | T-086
१ हर एक सुननेवाला करे प्रचार
सब कहीं फैलावें यह सुसमाचार
पापी लोग यह सुनने पावें बारम्बार
हर एक आवे यीशु पास ।।
कोरस :- वही सभों को ग्रहण करेगा
देश विदेश के लोगों को दे नेवता
किसी को वह नहीं करेगा निरास
हर एक आवे यीशु पास ।।
२ हर एक आनेवाला देर न करे
खूले द्वार के बाहर खड़ा न रहे
मुक्ति मार्ग में अभी अपना पांव धरे
हर एक आवे यीशु पास ।।
३ त्राण का खोजी हो तो यीशु को मान
केवल वह बचाता आदमियों का प्राण
उस पर दे भरोसा जिससे मिलता त्राण
हर एक आवे यीशु पास ।।
258 (२५८)
भजन
THOMA DAS
कोरसः- ऐ गुनहगार मसीह को निहार ।
उसने तेरे खातिर कैसा किया प्यार ।।
१ वह स्वर्ग छोड़ कर आया, दुःख संकट बहुत उठाया ।
पसली में भाला खाया, हाय बही खून की धार ।।
२ क्रूस चढ़ा और कोड़े खाये, जरा करी नहीं आह ।
मेरे कारण यह किया है, उठा लिया सब भार ।।
३ तीन दिनों में उठा कबर से, तौभी किया पिया V।
मौत बली को जीता उसने, बोलो जय जयकार ।।
४ चालीस दिन के अन्त में यीशु, स्वर्ग में बैठे जाय ।
चेलों को रूह पाक दिया है, करते सब प्रचार ।।
५ सच्चा धर्म बताया हमको, बाईबल के दरम्यान ।
जो कोई जाने दिल से माने, पावे वह निस्तार ।।
६ सब जन आओ शीश नवाओ, दुआ करो मन लाय ।
थोमादास की आस मसीह फिर, आकर करे विचार ।।
259 (२५९)
Bhajan Tunes No. 111.
THOMA DAS.
Chord - D/C# | S- Dholak | T-086
यीशु यीशु बोल तेरा क्या लगे है मोल, हर दम यीशु यीशु बोल ।
१ क्या तू लाया क्या ले जायगा । जरा तो दिल में तोल ।
धन संपत्ति सब यहाँ रहेगा । मन की घुंडी खोल ।।
२ दस आज्ञा दीनी जो प्रभु ने । एक से एक अनमोल ।
चलने की ताकत वह देगा । मांगो जिभिया खोल ।।
३ पाप की गठरी सिर पर भारी । बोझ बड़ा अनमोल ।
यीशु मसीह को सब दिखला दो । अपनी गठरी खोल ।।
४ यीशु मसीह दयालु पियारे । पापिन को रह बोल ।
देर करो मत अभी चलो सब । सच्चा गुरू टटोल ।।
५ जयजय बोलो सभी मसीह की । खूब बजा कर ढोल ।
थोमादास भजन यीशु का । गाता तन मन खोल ।।
260 (२६०)
Bhajan Tunes No. 25.
ZUDLN.
चलो रे लोगों ईश्वर न्योता मानी ।
१ देश विदेश निवासिन पाहीं, वचन देहि पहुंचानी ।।
२ प्रेम क्षमा सत शान्ति मिलाई, मुक्ति बियारी ठानी ।।
३ निज पुन बसन मलीन उतारो, तिहि अवगुण ठहरानी ।।
४ लेहु यीशु नरतारक पुण्य को, शुभ भूषण अस जानी ।।
५ स्वर्ग भवन की बाट बतावन, यीशु भयो अगुवान ।।
६ तिन अनुगामी भोज सभा में, मिल बैठे हर्षांनी ।।
७ पावन दूत तहां बसहीं सब, कहि ईश्वर यश बानी ।।
८ रोग शोक तृष्णा कछु नाहीं, प्रभु शोभा निरखानी ।।
९ ख्रीष्ट दास जो वा सुख भागी, धन्य धन्य सो प्रानी ।।
261 (२६१)
Bhajan Tunes No. 18.
चेत करो सब प्यारे लोगों, ईश्वर सुत जग आया है रे ।
स्वर्ग सिंहासन तजहि आयो, पावन ग्रन्थ सुफल तब कीन्हा ।।
पापी जन के भार उठायो, प्राण क्रूस पर बलि कर दीन्हा ।।
तीसर दिन आये पुनि उठ्यो, मृत्यु राज्य पर जय जयकारी ।।
राख लियो प्रभु वचन अपाना, धर्म राज्य का भौ अधिकारी ।।
नाश नगर से बाहिर आओ, इत तुम्हारा नाहिं निवासा ।।
धर्म नगर प्रभु यीशु भजन जे, ताहि नगर पर बांधो आशा ।।
ख्रीष्ट चरण के अधीन हों मैं, तिहि जानत हों आपन स्वामी ।।
दीन दयाल कृपाल सुदाता, संतहि तारत प्रभु अनुकामी ।।
262 (२६२)
Bhajan Tunes No. 91.
PREM DAS.
जरा इधर धरो इधर धरो इधर धरो ध्यान ।
हम तो सुनाते हैं यीशु जी का ज्ञान ।।
१ हाथी घोड़े शान और शौकत खेती और मकान ।
माल खजाने पड़े रहेंगे निकलेगी जब जान ।।
२ काम क्रोध को तज दे प्यारे लोभ मोह अभिमान ।
तज मगरूरी सीख सबूरी बड़ा यही है ज्ञान ।।
३ बैल पहिचाने मालिक अपना गधा भी अपना थान ।
हाय हाय उन पर जो फिरते हैं मालिक से अज्ञान ।।
४ चेत जरा गफलत से प्यारे जरा तो कर तू ध्यान ।
हया शर्म को कुछ तो जगह दे आखिर तू इंसान ।।
५ पाप की गठरी लेकर तुम क्यों फिरते हो हैरान ।
तुम्हारी खातिर यीशु मसीह ने दी है अपनी जान ।।
६ चाहे करो तुम दान और पुण्य चाहें करो स्नान ।
रोग पाप का कटे नहीं बिन यीशु के बलिदान ।।
७ दास यीशु का बिन्ती करता सुन लो धर के कान ।
तन मन धन से यीशु मसीह पर लाओ तुम ईमान ।।
263 (२६३)
Bhajan Tunes No. 19.
BANDHU MASIH.
जिन प्रतीत यीशु पर नाहीं, कस पावें भवपारा हो ।
१ ज्ञानी पण्डित जित जग भयेउ, डूब गये यदि धारा हो ।
ईश्वर वचन अनादि अनन्ता, सोई देत सहारा हो ।
२ सरग छोड़ जग में प्रभु आये, मेघ जहाँ अंधियारा हो ।
जननी गर्भ मनुज तन धारा, सकल सृष्टि करतारा हो ।।
३ नर सब भूले भेड़ समाना, जिनका नहीं रखवारा हो ।
तिनको यीशु महा सुख दीन्हा, दुःख सहि कीन्ह उधारा हो ।।
४ दास करे कहां लग प्रशंसा, प्रेम अमित विस्तारा हो ।
आवो सब मिल प्यारे भाई, सेंत गहों निस्तारा हो ।।
264 (२६४)
Bhajan Tunes No. 17.
PRABHU DAS.
जीवन मुक्ति हेहु नर नारी ।
१ आपहि यीशु जग में आया, कोमल हाक पुकारी ।
दीन हीन का स्वर्ग विहीन का, प्रेमी सत्य अधिकारी ।।
२ सच्चे धर्म प्रकाशक छोड़ के, मुरख रैन बिहारी ।
जीवित ईश्वर स्वर्ग विराजे, देखत नैन पसारी ।।
३ करके दया यीशु जग आया, मानुष देह जो धारी ।
अपने सिर पर संकट सहके, पापिन लीन उबारी ।।
४ अब प्रभुदास कहें कर जोड़े, सुनिये विनय हमारी ।
यीशु जी से ऐसे मांगो, जैसे निर्बल भिखारी ।।
265 (२६५)
भजन 7. 7. 7.
JOHN PARSONS.
प्रभु जी मोहि प्रेम कर देखो, राखो पाप नियारा हो ।
१ ईश्वर का अवतार भयो तुम, पापिन हित बलिदाना हो
धर्म आत्मा मो पर डालो, ‘हे प्रभु दयानिधाना हो’ ।।
२ निश्चय हो तुम सब के ईश्वर, सब जग जन के स्वामी हो
मम अवगुण में मोहि बचावो, हे प्रभु अंतरयामी हो ।।
३ शीश नवत हूँ बारंबारा, तुम बिन को सुखदाता हो
मेरे मन की आस पुराओ, हे पापिन के त्राता हो ।।
४ नित्य रहो प्रभु मम रखवारे, तुम अस प्रेमी नाहीं हो
भूल न जावे निर्बुद्धि हृदय, हां कंटक बन माहीं हो ।।
५ कृपा करि बुद्धि बल दे मोहि, निज महिमा अनुसारी हो
यश हो तोहे आश्रित होवे, सरग भुवन अधिकारी हो ।।
266 (२६६)
Bhajan Tunes No. 37.
NAIN SUKH.
मसीह जी को सुमरौ भाई, तुम सरग धाम सुख पाई ।
१ सुमरण कीजे चित्त में लीजे, सत्य शीलता पाई ।
आनन्द होके जय जय कीजे, अन्तर ध्यान लगाई ।।
२ यह जिन्दगानी फूल समानी, धूप पड़े कुम्हाई ।
अवसर चूके फिर पछतैहो, आखिर धक्का खाई ।।
३ जो चेते सो होत सबेरे, क्या सोचे मन लाई ।
कुल परिवार काम नहिं आवे, प्राण छूट छिन जाई ।।
४ सत्य पदार्थ ख्रीष्ट जग आये, सब पापी अपनाई ।
निश्चय बास करो निशिबासर, अमर नगर को जाई ।।
५ अन्दर मैल भरो बहु भारी, सुधि बुद्धि मैं बिसराई ।
यीशु नाम की बिन्ती कीजै, अवगुण में गुण पाई ।।
267 (२६७)
भजन
PREM DAS.
यीशु पर ला ईमान कि लोग धर्मी बन जाते हैं (टेक) ।
१ जो ईमान यीशु पर लाते, पाप दिलों से हैं धुल जाते ।
वे पाते दिल में चैन, नरक से वे बच जाते हैं ।।
२ नया जन्म ईश्वर से पाते, धर्म आत्मा से भर जाते ।
और पाते जीवन मुक्ति, ईश के पुत्र कहाते हैं ।।
३ दया धर्म और नेक कमाई, करते हैं ईश्वर की चाही ।
तब धीर खुशी आनंद, प्रेम से दिल भर जाते हैं ।।
४ यीशु की जो आय शरण हैं, दास कहें वे लोग मगन हैं ।
हर हालत में खुश हाल, सदा गुण उसके गाते हैं ।।
268 (२६८)
H. T. B. 105.
HASAN ALI.
१ शिफादस्त-इ-करम से उसके, पाये जिसका जी चाहे
मेरे कहने पै क्या है आजमाये, जिसका जी चाहे ।
२ मरीजान-इ-गुनाह को दे खबर, फैज-इ-मसीहा की
बिला कीमत दवा मिलती है, लाये जिसका जी चाहे ।
३ गुनहगारों को मुज्दः दो, कि यीशु जी उठा तब से
दर-इ-जन्नत खुला रहता है, आये जिसका जी चाहे ।
४ है तसलीस-इ-इलाही अकल-इ-इन्सानी से गो बाहर
सदाकत उसकी लेकिन दिल में, पाये जिसका जी चाहे ।।
५ निदा दी अब्र-इ-रहमत ने, खड़े होकर यह हैकल में
कि आब-इ-जिन्दगी देता हूँ, आये जिसका जी चाहे ।।
६ खजाना आसमान पर है हमारा, क्या कमी हम को
तलाश-इ-जर में उमर अपनी, गंवाये जिसका जी चाहे ।
७ सफीर अब है जईफी ताज ले, गालिब हो आखिर तक
कदम इस दौर में अपना बढ़ाये, जिसका जी चाहे ।