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### गिर्जा घर (The House of God)

 

#### 186 (१८६)

*S. M. -- Bolyston or Franconia.*

*Chord - C | S- Ballad | T-078*

 

१ अब आये गिर्जे में

जो घर आराधना का

आराधना में लगे रहें

और करें हम प्रार्थना ।।

 

२ शिक्षक को शक्ति दे

और सुनने वालों को

कि सत्यता और आत्मा से

आराधना सुन्दर हो ।।

 

३ प्रार्थना को ग्रहण कर

और गीत भी ग्राह्य हो

शिक्षा जो अब अवश्य हो

तू दे हम सभों को ।।

 

#### 187 (१८७)

*“O Lord of hosts whore glory fills.”*

*L. M. -- Melcombe or Old Hundred*

*J. M. NEALS.*

 

१ हे स्वामी सारी सृष्टि के

यह घर हो तेरा अभी से

और तेरी आँखें दिन और रात

इस ओर हो आशीवाद के साथ ।।

 

२ जब तुझे ढूँढ़े तेरे लोग

हो उनकी प्रार्थना ग्रहण योग्य

कर दया दृष्टि उन्हीं पर

और स्वर्ग के सुन के क्षमा कर ।।

 

३ जब यहाँ तेरा समाचार

उपदेशक करेंगे प्रचार

तब आदर पावे तेरा नाम

और प्रगट हों आश्चर्य काम ।।

 

४ जब गीत गा गाके धन्य मान

लोग यहाँ करें स्तुति गान

तब सुनके उन्हें ग्रहण कर

और कुशल हर एक मन में भर ।।

 

५ वास कर न केवल घर ही में

पर हम भी तेरे मंदिर हो

नवीन कर हर एक हृदय को

कि तेरे योग्य सिंहासन हो ।।

 

#### 188 (१८८)

*L. M. Hursley.*

 

१ जब गिर्जे में हम जाते हैं

ईश्वर के संमुख आते हैं

प्रशंसा उसकी गाने को

और आशिष उससे पाने को ।।

 

२ क्या ही पवित्र उसका नाम

यह है यहोवा ही का धाम

जब उसके निकट जाना है

आदर से जानला उचित हैं ।।

 

३ वह बूझता है हमारे ख्याल

वह देखता है हमारी चाल

हम डर के साथ झुकावें सिर

और गिरे उसके पावों पर ।।

 

४ हे प्रभु अब उपस्थित हो

दे आशिष अपने दासों को

जो आपको जानता निरुपाय

तू उसकी करेगा सहाय ।।

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