
Masihi Geet Sangrah
पवित्रता और प्रार्थना (Holiness and Prayer)
347 (३४७)
“More holiness give me.”
6. 5. 6. 5. D. S. S. S. 582 or Lyndhurst.
PHILLIP BLISS. 1838-79.
१ और शुद्धता तू दे
और मन में उद्योग
और धीरता हर दुख में
और पापों से सोग
और प्रभु की आशा
और उसी से प्रीत
और सेवा की लालसा
और प्रार्थना में जीत ।।
२ और कृतज्ञता दे
और प्रभु में बास
और उत्साह भी काम में
और वचन की आस
और प्रभु की संगति
और दुःख में सहभाग
और स्थिरता बिपत में
और भी धन्यवाद ।।
३ और साधुता दे दे
और जीतने का बल
और मन की निर्दोषता
और आत्मा का फल
और शुद्ध मैं हो जाऊँ
और काम का हर स्थान
और होऊँ आशिशित
और तेरे समान ।।
348 (३४८)
“Pray always, pray.”
१ नित्य प्रार्थना कर पवित्र आत्मा तो
तुझ में जताता है जो मांगना हो ।।
२ नित्य प्रार्थना कर बोझ तले पापों के
तू लहू को तब देख ले यीशु के ।।
३ नित्य प्रार्थना कर जो थका आस्राहीन
तू ईश्वर पास रह सकता है आधीन ।।
४ नित्य प्रार्थना कर कोलाहल हो आस पास
प्रार्थना से मिलती टेक और दुःख में आश ।।
५ नित्य प्रार्थना कर जो सुख बढ़ जावे भी
गीत गाने में यीशु के लगता जी ।।
६ नित्य प्रार्थना कर जो मीत मर जावें भी
साथ उन के अक्षय संगत होती ही ।।
७ सांसारिक बात सब बीती जाती है।
पर प्रार्थना से अमरता मिलती है ।।
349 (३४९)
“Lord, I hear of showers of blessing.”
ELIZABETH CONDER, 1860.
Chord - E | S- Waltz | T-126
१ प्रभु तू आशिष बरसाता
दया की भरपूरी से
सूखे स्थान पर मेंह गिराता
मुझ पर भी कुछ पड़ने दे
मुझ पर भी मुझ पर भी
मुझ पर भी कुछ पड़ने दे ।।
२ छोड़ न मुझे मेरे पिता
मुझ ही बड़े पापी को
जो तू छोड़ता तो मैं मरता
दया तेरी मुझ पर हो
मुझ पर हो ।। (इत्यादि)
३ छोड़ न मुझे प्रभु प्यारे
तुझ से प्रेम मैं रखूँगा
मैं तो आता हाथ पसारे
मुझको भी अब पास बुला
मुझको भी ।। (इत्यादि)
४ छोड़ न मुझे शान्तिदायक
आंख तू खोलता अंधों की
तू है प्रार्थना में सहायक
शान्ति दे अब मुझ को भी
मुझ को भी ।। (इत्यादि)
५ प्रेम परमेश्वर का अटल है
लोहू सेंत मेंत यीशु का
और अनुग्रह भी असीम है
मुझ में सब को तू बढ़ा
मुझ में ही ।। (इत्यादि)
६ छोड़ न मुझे अब बचा के
मुझे आप में जोड़ तू ले
तू आशिष की बारिश भेज के
मुझे अब पूर्ण आशिष दे
मुझे दे ।। (इत्यादि)
350 (३५०)
“There's power in the blood.”
P. M. S. S. S. 145.
L. E. JONES.
१ पापों के बोझ से क्या बचोगे तुम
यीशु में गुण यीशु में गुण
पापों पर जयवंत होगे तुम
हमारे यीशु में है गुण ।।
कोरसः- गुण है गुण गुण
पाप मिटाने गुण
यीशु में गुण यीशु में गुण
गुण है गुण गुण
पाप मिटाने गुण
प्रभु यीशु में है गुण ।।
२ क्रोध और घमण्ड से क्या छूटोगे तुम
यीशु में गुण यीशु में गुण
कलवरी के पास अभी जल्द जाओ तुम
हमारे यीशु में है गुण ।।
३ क्या दिल को धोके निर्मल होगे तुम
यीशु में गुण यीशु में गुण
पाप के कलंक से क्या साफ़ होगे तुम
हमारे यीशु में है गुण ।।
४ यीशु के दास क्या बनोगे तुम
यीशु में गुण यीशु में गुण
हो रात और दिन उसकी जय बोलो तुम
हमारे यीशु में है गुण ।।
351 (३५१)
“Jesus meek and gentle.”
6. 5. 6. 5. St. Constantine or Caswell.
१ यीशु दीन और कोमल
पुत्र ईश्वर के
प्रेमी मुक्तिदाता
बिन्ती को सुन ले ।।
२ पापों को कर क्षमा
बेड़ी को खोल डाल
तोड़ दे हर एक मूर्ति
फिर न हो जंजाल ।।
३ कर निर्बन्ध और निर्मल
मन में प्रेम भर दे
स्वर्ग की ओर हे यीशु
हमें खींच तू ले ।।
४ यात्रा में संग होके
मार्ग तू आप बता
जग के घोर अंधेर से
स्वर्ग में ले पहुँचा ।।
५ यीशु दीन और कोमल
ईश्वर पूत महान
सुन हमारी बिन्ती
त्राता दयावान ।।
352 (३५२)
7. 7. 7. 7. St. Bees or Harts.
Chord - E | S- 6/8 | T-086
१ यीशु करुणानिधान
तेरे लिये मेरा प्राण
गिड़गिड़ाता है सदा
मेरे मन में उतर आ ।।
२ बार बार मैं पुकारता हूँ
दिन और रात कराहता हूँ
मेरे प्यारे उतर आ
कब आह कब तू आवेगा ।।
३ जैसे ग्रीष्म के समय
हरनी प्यासी होती है
प्रभु तेरे लिये यूँ
मैं भी अब तरसता हूँ ।।
४ जीवन तेरे बिना क्या
तेरे बिना सुख कहाँ ?
मेरा सुख है हर समय
कि तू मेरा जीवन है ।।
५ प्रभु मेरे हाथों से
जो कुछ मेरा है सो ले
केवल तुझे मैं सदा
अपना सब कुछ जानूँगा ।।
६ अपना कान दीनबन्धु धर
मेरे मन में डेरा कर
तब तो तेरे संग सदा
मैं स्वर्गधाम में रहूँगा ।।
353 (३५३)
“Cleansing for me.”
१ यीशु में लोहू से मिलती मुझे
मन की सफाई मन की सफाई
पाता हूँ पापों की क्षमा उससे
मन की सफाई मन की सफाई
पापी हो ईश्वर से दूर गया था
और मैं शैतान से भी हार गया था
ख्रीष्ट पर विश्वास कर मैं छूट गया था
मन की सफाई मन की सफाई ।।
२ पापों को छोड़ कर मैं पाता हूँ सुख
मन की सफाई मन की सफाई
हो गया दूर मेरे पापों का दुःख
मन की सफाई मन की सफाई
ख्रीष्ट मुक्तिदाता विश्वास योग्य है
वह मुझे ग्रहण अभी करता है
पापों से छूट के अब त्राण मिला है
मन की सफाई मन की सफाई ।।
३ यीशु मिटाता है मनों की त्रास
मन की सफाई मन की सफाई
शान्ति और सुख का है यीशु निवास
मन की सफाई मन की सफाई
बातें बहुत मैं समझता नहीं
पर मैं विश्वास रखता ख्रीष्ट पर सही
कि उसकी सामर्थ से मिलती मुझे
मन की सफाई मन की सफाई ।।
354 (३५४)
“Search me O God, my actions try.”
F. BOTTOMB.
१ हे ईश्वर मुझे खोज के जान
और मुझे शक्ति दे
कि मैं भी जानूँ अपना प्राण
तेरे ही जांचने से ।।
२ कौन अन्तर्यामी तुझे छोड़
जान सके हृदय को
मुझ से घिना के मुंह न मोड़
पर मैल से मुझे धो ।।
३ मन के अंधेरे भागों में
उजाला तू फैला
पाप चीन्हने को खराई से
मेरा विवेक जिला ।।
४ खोज अपनी तीक्ष्ण दृष्टि से
जब लों कि औंधे मुँह
मैं अतिशय दीनताई से
न खेदित हो गिरूँ ।।
५ यों पड़ा हुआ सीखूंगा
मसीह का प्रेम अपार
ईश्वर महान से मिलने का
है केवल वही द्वार ।।
355 (३५५)
“Lord teach us how to pray aright.”
JAMES MONTGOMERY, 1771-1854.
१ हे प्रभु मुझे तू सिखा
सिद्ध प्रार्थना करने को
दयाल तू है और सामर्थी
सहायक मेरा हो ।।
२ तू मेरे पाप सब क्षमा कर
दे मुझे धार्मिक ज्ञान
और मेरे मन को शक्ति दे
कि तुझ पर धरे ध्यान ।।
३ जब मुझे होवे सोग और रोग
तब मेरा कर उपकार
और अन्त में अपनी कृपा से
तू मुझे पार उतार ।।
356 (३५६)
Bhajan Tunes No. 62.
कि अब मोरी सुरति मसीह जी से लागी ।
१ आतम दान यीशु ने दीना, प्रेम अगिन तब जागी ।
हिय धर्मातम वासु जु कीन्हा, कुमति छोड़ के भागी ।।
२ जब से सुरति यीशु से लागी, लोग भये सब बागी ।
सब ने मिल के एका कीन्हा, दीनों मोहि तियागी ।।
३ कोई जग में भक्त कहावे, कोई बने बैरागी ।
प्रेम सहित यीशु गुण गावे, सोई संत बड़ भागी ।।
357 (३५७)
Bhajan Tunes No. 63.
करुणानिधान प्रभु यीशु सुनिये करुणा मेरी ।।
१ तुम दीनन के हितकारी, नर देह आपनो धारी ।
तब मसीह नाम पायो, सब शिष्यन के मन भायो ।।
२ हम दोषी दीन बिचारो, सब पापन ते निरवारो ।
तुम दयासिन्धु जग में, हम डूब रहे हैं अघ में ।।
३ नर प्राणन के रखवारो, भयमोचन नाम तिहारो ।
हम बूड़े जात या में, यह गान तुम्हारो गावें ।।
४ भवसिन्धु अगम अपारा, अब लीजे वेग उधारा ।
अब कृपा दृष्टि कीजे, तन मन अपनो कर लीजे ।।
358 (३५८)
Bhajan Tunes No. 104.
SABIR CHIMMAN LAL.
Chord - D | S- Dholak/Ballad | T-088-094
१ भेष बदला क्या हुआ दिल का बदलना चाहिये ।
एक दो बातें नहीं बिल्कुल बदलना चाहिये ।।
२ तन्दुरुस्ती के लिये कपड़े बदलना चाहिये ।
सत्य पर चलने के लिये दिल का बदलना चाहिये ।।
३ जो सुने बैबल से वह दिल से समझना चाहिये ।
दिल बदलने के लिये यीशु से मिलना चाहिये ।।
४ ऐ दिले पापों पर अपने आज रोना चाहिये ।
आज तो बेचैन हो पहलू बदलना चाहिये ।।
५ जो गये दुनिया से साबिर वे हमें मिलते नहीं ।
जो रहे उन को मसीह रूह पाक मिलना चाहिये ।।
359 (३५९)
Bhajan Tunes No. 72.
SABIR CHIMMAN LAL.
मोरि मसीहा से लागी नजरिया ।
१ निर्गुण हूँ प्रभु गुण नहीं मुझ में, तेरे हाथ मोरि बारी उमरिया ।।
२ दीनन पर किरपाल मसीहा, दीनबन्धु मोरि लीजो खबरिया ।।
३ धन सम्पत सपने सम जानो, ले जैहो क्या बांध गठरिया ।।
४ अगम अपार बहत है सागर, पार करो प्रभु मोरि नवरिया ।।
५ मानुष सौदा कर ले सबेरा, जग दो दिन की जान बजरिया ।।
६ साबिर पर प्रभु नेक निहारो, प्रभु यीशु तोरी प्यारी नजरिया ।।
360 (३६०)
ग़ज़ल
१ ऐ दिल तेरी बुराई को कब तक सहा करूँ ।
कौलों मसीह को छोड़ के किस का कहा करूँ ।।
२ नाराज करके रूह मुकद्दस को बरमला ।
बहिरे फना की मौज में हर दम बहा करूँ ।।
३ जी चाहता है छोड़ के हुब्बे वतन की चाह ।
बस्ती में अपने प्यारे यीशु की रहा करूँ ।।
४ कहती है अनदलीब के बागे अरम में जा ।
हर शाख इ गुल पे बैठके मैं चहचहा करूँ ।।
361 (३६१)
H. T. B. 129.
SHUJAAT ALI.
१ मेरा नहीं है कोई मददगार या मसीह ।
तू ही है हम सभों का मददगार या मसीह ।।
२ अब ले खबर शिताब न कर बार या मसीह ।
फरियाद मेरी तुझसे है हर बार या मसीह ।।
३ तेरे सिवाय कोई नहीं यार या मसीह ।
बन्दा हूँ तेरे दर का गुनहगार या मसीह ।।
४ तू ही है आसियों का खरीदार या मसीह ।
अजबसकि हूँ गुनाह में गिरफ्तार या मसीह ।।
५ करता है आसियों को तू ही प्यार या मसीह ।
हम आसियों को तुझ से है गुफ्तार या मसीह ।।
६ तेरी तरफ सभों की है रफ्तार या मसीह ।
करता हूँ मैं गुनाहों का इकरार या मसीह ।।
७ हूँ मैं गुनाह में अपने शरमसार या मसीह।
हरगिज न डालियो मुझे दर नार या मसीह ।।
८ शैतान मुझ से करता है तकरार या मसीह ।
रूह-उल-कुदुस को दे मुझे तलवार या मसीह ।।
९ आसी को है तुझी सेती दरकार या मसीह ।
तुझ बिन करेगा कौन मुझे पार या मसीह ।।