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शान्ति और आनन्द (Peace and Joy)

313 (३१३)

9. 8. 9. 8. 8. 8. Mir ist Bibarmung.

PHILLIP HILLER 1699-1769.

१ ईश्वर ने दया मुझ पर कीन्ही

कि जिस के योग्य मैं न रहा

आश्चर्य की बात मैंने यह गिनी

मैं दया नहीं खोजता था

अब मुझे हुआ यह निश्चय

कि ईश्वर अत्यन्त कृपामय ।।

२ ईश्वर के दण्ड के योग्य मैं रहता

पर वह अनुग्रह करता है

परमेश्वर आप प्रायश्चित करता

और ख्रीष्ट के रक्त से तारता है

यह हुआ क्यों और किस प्रकार

यह दया है अपरम्पार ।।

३ हे ईश्वर यह स्वीकार मैं करता

और सब को साक्षी देता हूँ

जो मैं यह नीरी दया कहता

तो मन का भेद खोल देता हूँ

और दण्डवत करता और आह्वाद

और दया का गुणानुवाद ।।

४ अब कभी हूँगा न निराशा

और दया होगी मेरा गान

यह प्रार्थना में है मेरी आशा

सदा लों मेरा रक्षास्थान

वह दुःख में मेरा है सहाय

मृत काल में मेरा जीवन है ।।

५ असीम है ईश्वर तेरी दया

वह मुझ से अलग होवे न

जब मुझ पर आवे मौत की छाया

कि तुझ पास रहूँ मैं सदा

वहाँ मैं करूँगा आह्वाद

और नित्य दया का गुणगाथ ।।

314 (३१४)

“Like a river glorious.”

6. 5. 6. 6. D. S. S. S. 622.

FRANCES R. HAVERGAL. 1836 1879.

Chord - E | S- Country 8beat/Ballad | T-098

१ ईश्वर ही की शान्ति, नदी ही सी है

बढ़ती आगे बढ़ती, जयवंत होती है ।

पूरी है पर तौभी, बढ़ती जाती है

लम्बी चौड़ी गहरी, होती जाती है ।।

कोरसः- ईश्वर की समीपी देती है आराम ।

भक्तिमान के दिल को पूरा है विश्राम ।।

२ उसका हाथ सामर्थी, है अद्भुत अवस्थान

शत्रुओं के बैर से, उत्तम रक्षास्थान ।

चिंता और आशंका, दिल से जाती है

कभी न घबड़ाहट, वहां आती है ।।

३ हर एक दुख वा खुशी, ऊपर ही से है

प्रेम परमेश्वर ही का, उसका सोता है ।

अपने को हम सौंप दें, वह सहायक है

वही कठिनाई में, सच्चा मित्र है ।

315 (३१५)

“Peace, perfect peace.”

10. 10. Pecnm.

EDWARD BICKERSTETH. 1825-1906.

१ कुशल अनंत इस जगत में पापमय ।

यीशु तो मन में कुशल देता है ।।

२ कुशल अनंत जब होता अधिक काम ।

यीशु को प्रसन्न करना है विश्राम ।।

३ कुशल अनंत जब दुःख में पड़ते हैं ।

यीशु की गोद में शान्ति पाते हैं ।।

४ कुशल अनंत जब छोड़ते जान पहचान ।

यीशु के हाथ में कुछ न होती हान ।।

५ कुशल अनंत जो होना हो सो हो ।

हम देखते सब के राजा यीशु को ।

६ कुशल अनंत मृत्यु के भी समय ।

यीशु ने मृत्यु पर तो पाई जय ।।

७ और क्या चाहें जल्द जीवन छूटेगा ।

यीशु तो स्वर्ग का कुशल देवेगा ।।

316 (३१६)

“The King of love, my shepherd is.”

8. 7. 8. 7. Dominus Regit.

HENRY BAKER 1821-77.

१ प्रेमनाथ चरवाहा मेरा है

मैं उसकी दया गहता

मैं उसकी भेड़ तो हूँ निर्भय

वह मेरा बना रहता ।।

२ मुझे तो अमृत जल के पास

वह कुशल से चलाता

और जहां होती हरित घास

वह स्वर्गीय भोज खिलाता ।।

३ हठीली भेड़ मैं फिरता था

वह प्रेम से खोजने आया

और पाके कांधे पर धरा

आनन्द से घर में लाया ।।

४ मृत्यु की छाया में हो साथ

तो मैं न थरथराता

और ढाढ़स देके तेरा हाथ

नित स्वर्गीय मार्ग दिखाता ।।

५ भोजन मंच अपना सजाके

तू स्वर्गीय भोज खिलाता

पियाले से कृपा के

तू मेरी प्यास बुझाता ।।

६ सो प्रभु अपने जीवन भर

मैं तेरी दया गहता

यीशु चरवाहे तुझी पर

मन मेरा लगा रहता ।।

317 (३१७)

“Sweet hour of prayer.”

L. M. D. -- Sweet Hour.

WILLIAM W. WALFORD. 1849.

Chord - C | S- Waltz | T-120

१ पवित्र समय प्रार्थना का

सांसारिक चिंता छोडूंगा

और अपने पिता के सन्मुख

बताऊँगा सब अपना दुःख

जब बिपत आवे मेरे पास

वह उससे करता तब निकास

शैतान के जाल से बचता हूँ

जब प्रार्थना करके जागता हूँ ।।

२ पवित्र समय प्रार्थना का

जब जान के उसकी सत्यता

पिता की बिनती करता हूँ

और बाट आशिष की जोहता हूँ

और जब कि वह बुलाता है

कि उसे मानूं हर समय

मैं अपनी चिंता प्रार्थना पर

नित्य डालूंगा सब उसी पर ।।

३ पवित्र समय प्रार्थना का

भरोसा उससे सदा का

हो मेरा जब तक कर विश्वास

न जाने पाऊँ तेरे पास

तब चोला छोड़ के पाऊँगा

जयफल उस लोक में सदा का

और सामने देखके पिता को

बिदा करूँगा प्रार्थना को ।।

318 (३१८)

“I heard the voice of Jesus say.”

C. M. D. -- Vox Dilecti.

HORATIUS BONAR, 1808-89.

१ मसीहा मुझ से बोलता था

हे थके मांदे आ

और आके मेरे सीने पर

तू तकिया कर सुस्ता

मैं जल्दी गया जैसा था

सुस्त मांदा और उदास

और मैं ने खुशी और आराम

तब पाया उसके पास ।।

२ मसीहा मुझसे बोलता था

देख मैं तुझ प्यासे को

जीवन का पानी देता हूँ

यह पीके जीवन लो

तब जाके मैं ने पीया था

और अब तक पीता हूँ

प्यास मेरी उस से हुई तृप्त

मैं उससे जीता हूँ ।।

३ मसीहा मुझसे बोलता था

मैं जग की ज्योति हूँ

देख मेरी ओर कि मैं तुझे

प्रकाशक कर पाऊँ

मैं देखने लगा तब मसीह

मेरा प्रकाश हुआ

और जीवन भर उस ज्योति में

आनन्द से चलूँगा ।।

319 (३१९)

“Jesus is our shepherd.”

11s. S. S. S. 1153 Goshen.

HUOH STOWELL, 1799-1865.

१ यीशु है चरवाहा भय सब होवे दूर

उसके प्यार की गोद में खुशी है भरपुर

उस के साथ ही चलें जिधर दे निशान

सूखे जंगल ही में वा हरे मैदान ।।

२ यीशु है चरवाहा उसका प्रेम अनंत

उस की मीठी बातें दिल को करती शान्त

ताड़ना भी वह देवे तौभी कोमल है

अगुवा और कौन मेरा वह चरवाहा है ।।

३ यीशु है चरवाहा दिया उसने प्राण

जिससे उसकी भेड़ें उसमें पावें त्राण

और हर एक पर रहता उस का गुप्त निशान

वह है उस की भेड़ी जिस में उसका मन ।।

४ यीशु है चरवाहा जो वह गहे बांह

भेड़िया भी आवे हमें क्या नुकसान

मृत्यु छाया पड़े सब कुछ हो उदास

हम को भय न होगा हो चरवाहा पास

320 (३२०)

“Blessed assurance Jesus is mine.”

P. M. -- S. S. S. 73.

FANNY CROSBY, 1820-1915-.

Chord - C | S- Waltz | T-126

१ यीशु है मेरा कैसा दिलास

मन में वह देता आनंद और आस

मुक्ति का भागी स्वर्ग मेरा घर

उस में मैं रहता सदा निडर ।।

कोरसः- यह मेरा हाल है यह मेरा गान

उसी का यश मैं करता बखान ।।

२ पूरा भरोसा आनंद और सुख

अब मुझे है न चिंता न दुःख

ख्रीष्ट से ही हुआ दया का ज्ञान

दूत गण अब करते प्रेम का बखान ।।

३ ख्रीष्ट पर मैं रखता पूरा विश्वास

रहता सुरक्षित उसी के पास

उसी के प्रेम से पाता विश्राम

जाऊँगा अंत में स्वर्गीय धाम ।।

321 (३२१)

“In the secret of His persence.”

8. 7s. S. S. S. 1186.

ELLEN LAKSHMI GOREH, 1853-1937.

१ यीशु की समीपी की है मेरे आत्मा को पियास

कैसी अनमोल है वह शिक्षा जो मैं सीखता यीशु पास

चिंताएं न कभी मुझे दूर कर सकती हैं उससे

क्योंकी जब शैतान लुभाता जाता मैं समीप उस के ।।

२ मेरा मन जब हांफने लगता और जब थक मैं जाता हूँ

तेरे पहलू पास मसीहा पूरी शान्ति पाता हूँ

यीशु रहता है साथ मेरे मुझ से करता है बातचीत

मैं बयान नहीं कर सकता कैसा खुश है मेरा चित्त ।।

३ अपने सारे दुःख और शोक को लाता मैं उसी के पास

कैसे धीरज से वह सुनता करता हर एक से निकास

मुझ को ताड़ना भी वह देगा मुझ में पाप जब देखेगा

यदि ताड़ना वह न करे तो वह मीत न रहेगा ।।

४ क्या तुम चाहते हो कि तुम भी रहो नित मसीह के पास

उसकी छाया में जा छिपो उस पर रखो अपनी आस

फिर तुम जहाँ कहीं जाओ रहो तुम उसके स्वरूप

रखो नित्य तुम अपने मुख पर प्रभु ही का प्रतिरूप ।।

322 (३२२)

“Safe in the Arms of Jesus.”

7. 6s. S. S. S. 57.

FANNY CROSBY, 1890-1915.

१ रक्षित मसीह की गोद में

रक्षित मसीह के पास

मैं खुश हूँ उस के प्यार में

है उस पर मेरी आस

सुनो कि दूतगण गाते

मीठा एक राग सुस्वर

सुन्दर प्रदेश में स्वर्ग के

बिल्लोरी सोतों पर ।।

२ रक्षित मसीह की गोद में

रक्षित सब दुखों से

रक्षित संसार के जाल से

फंदों से शत्रु के

दूर है सब शोक और चिंता

डर और संदेह नष्ट

केवल अब थोड़ा दुःख है

केवल अब थोड़ा कष्ट ।।

३ यीशु पियारा रक्षक

यीशु ने दिया प्राण

उस पर है दृढ़ भरोसा

वह मेरी है चट्टान

अब तो मैं धीरज धरुं

जब तक है रात यहां

जब तक कि मैं न देखूँ

स्वर्ग में अनंत बिहान ।।

323 (३२३)

“There shall be showers of blessing.”

P. M. S. S. S. 306.

GEORGE MATHESON, 1842-1906.

Chord - G# | S- Waltz | T-126

१ होगी आशिषों की बारिश

प्रेम की प्रतिज्ञा को मान

होगा समय जीवनदायक

ख्रीष्ट मुक्तिदाता का दान

कोरसः- बारिश आशिष की

बारिश आशिषों की भेज

दया की बूंदें टपकती

बारिश आशिषों की भेज ।।

२ होगी आशिषों की बारिश

तब नया जीवन प्रबल

सभों में उत्पन्न करेगा

पवित्र आत्मा का फल ।।

३ होगी आशिषों की बारिश

हम पर हे प्रभु तू भेज

आ करके हम को जिला दे

दे अपने वचन का तेज ।।

४ होगी आशिषों की बारिश

आज से आरम्भ उन का हो

आज अपने पापों को मानों

यीशु की बिनती करो ।।

324 (३२४)

“O love that will not let me go.”

9. 9. 9. 8. 6. S. S. S. 633.

GEORGE MATHESON, 1842-1906.

१ है प्रेम जो नहीं छोड़ता मुझे

मैं थका आता हूँ पास तेरे

जो जीवन मिला है अब तुझ से

उस को देता मैं फिर तुझे

कि और भी धनी हो ।।

२ हे ज्योत जो मुझे मार्ग दिखाती

मैं लाता मशाल झिलमिलाती

मन किरण तुझे फेरता अपनी

कि तेरी सूरज सी ज्योति

और ही प्रकाशमान हो ।

३ हे सुख जो मुझे दुःख में खोजता

मैं तुझ से मन न बन्द कर सकता

मेघ ही में धनुष को मैं देखता

प्रतिज्ञा पर विश्वास रखता

कि भोर मेघ रहित हो ।।

४ हे क्रूस जो मेरा सिर उठाता

मैं तुझ से दूर न भागने चाहता

मैं अपना मान अब धूल में डालता

और भूमि से फूल सा उगता

जीवन जो अमर हो ।।

325 (३२५)

“Come Thou Fount.”

8. 7. 8. 7. Nettleton or Mariners.

ROBERT ROBINSON, 1735-90.

१ हे प्रभु आशिष के सोते

मुझ से अपनी स्तुति करा

तेरी दया है अनुपम

दायी अथाई सर्वदा

तेरा प्रेम जो है निरंतर

रहता पूर्ण असीम सदा

उसकी मुझ से हे परमेश्वर

प्रशंसा का गीत गवा ।।

२ अदन नजर तू मसीहा

हुआ मेरा तारणहार

इससे मैं भी पार उतरूंगा

शोक समुन्दर के उस पार

था मैं भुली भेड़ बराबर

झुण्ड को छोड़ लाचार अशक्त

यीशु खोजने और बचाने

आया दिया अपना रक्त ।।

३ जनम भर मैं करता रहूँ

तेरी दया को प्रकाश

अपनी कृपा से हे प्रभु

रख तू मुझे अपने पास

तुझे भूलने को तो सदा

फंदे बहुतेरे हैं

छाप तू दे अब मेरे दिल पर

सदा काल तू मेरा है ।।

326 (३२६)

Chord - D | S- Ballad | T-086

मेरा यीशु मसीह है गड़रिया ।

कुछ कमती न मुझको होगी ।

१ मुझे हरी हरी घास चराता - अरु निर्मल पानी पिलाता,

मुझे भूख प्यास न होगी ।

२ तू मेरी जान बचाता - अरु सच्ची राह दिखाता,

उस राह में थकन न होगी ।

३ मृत्यु का भय जब छावे - अरु मेरी जान दुःखावे,

तेरी छड़ी से हिम्मत होगी ।

४ मेरे दुश्मन को तू हरावे - मेरे लिये मेज लगावे

नष्ट उनकी ताकत होगी ।

५ मेरे सिर पर तेल झलकता - अरु प्याला मेरे छलकता,

तेरे घर में खुशी तब होगी ।

327 (३२७)

सुनिये यीशु दयाल हमारी, दीनानाथ दुख हरता प्यारे ।

१ प्राण अबोधहि बोध दयो तुम, कारज अचरज जग परचारे ।

निर्बल अनाथहु गोद लयो तुम, धन्य-धन्य प्रभु नाम तुम्हारे ।।

२ अमृत जल के सोते बहावो, अधम पियासा तृषा निवारे ।

नेह लगाये तब गुण गावे, जन सोई प्रभु तोर पियारे ।।

३ है अति हर्षित अभ्यन्तर में, निरखे महिमा रूप तिहारे ।

निशिदिन अन्तर ध्यान लगावे, करहु अचल ताको जग तारे ।।

४ दूरि राखि सब भव भय शंका, मगन रखो इत उत संभाले ।

मैं तो दास अधीन तिहारो, गैहों तुव नित्य जय जयकारे ।।

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