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### चरवाहा और शिक्षक (The Ministry)

 

#### 200 (२००)

*“Far and near the fields are teeming.”*

*8. 7. s. Far and near.*

*J. O. THOMPSON.*

 

१ दूर और पास अब खेत तैयार है

खूब लहराता है अनाज

खेत के स्वामी से है बिनती

भेज तू बनिहार को आज ।।

कोः- स्वामी तेरी बिन्ती करते

भेज तू बनिहार को अब

जिससे अन्न बटोरा जावे

तेरे घर में पहुँचे सब ।।

 

२ भेज जब सूर्य निकल आवे

भेज जब पहर चढ़ी हो

आज्ञा दे जब सांझ आ जावे

खलिहान में जमा हो ।।

 

३ जल्दी कर कि बाल हैं झुके

बांध सुनहरे पूलों को

कि जब सांझ को घर लौट आवे

आनंद पूरा तुझको हो ।।

 

…..

 

201 (२०१)

“Lord speak to me that I may speak.”

L. M. -- Canonbury or Maryton.

FRANCES R. HAVERGAL, 1836-79.

१ बोल मुझसे कि मैं बोल सकूँ

हे प्रभु तेरी वाणी से

तू खोज रहा मैं खोज करूँ

उनको जो तुझसे दूर हुये ।।

२ मुझे चला प्रभु कि मैं चलाऊँ

भटके हुओं को

मुझे खिला प्रभु कि मैं खिलाऊँ

तेरे भूखों को ।।

३ दे बल कि खड़ा होते ही

तुझ दृढ़ चटान पर और बलवान

मैं उन्हें थामूँ जिनका जी

घबराता है बिन पाये त्राण ।।

४ मुझे सिखा कि औरों को

सिखलाऊँ तेरी बात और न्याय

और मेरा बोलना यों ही हो

कि सब के हृदय में गड़ जाये ।।

५ अपना ही कुशल मुझे दे

कि शान्तिदायक बातों को

मैं बोलूँ पाके तुझी से

दुख से दबाये हुओं को ।।

६ अपनी भरपूरी से भर दे

कि प्रेम से ही मन उछले नित्य

और तेरी स्तुति करने से

दिखाऊँ तेरा प्रेम अमित ।।

७ मुझे ही को प्रभु काम में ला

जब कभी तेरी इच्छा हो

जब तक कि तेरे सामने आ

न देखने पाऊँ तुझी को ।।

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