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संध्याकाल (Evening)


 

15 (१५)

 

"The day is past and over."

7. 6. 7. 6. 8. 8. St. Anatolius.

J. M. NEAL. 1862.

१ अब प्रभु, दिन बीत गया

मैं धन्य मानता हूँ ।

यह वर तू दे कि रात को

निष्पाप सो रहूँ ।

हे यीशु दृष्टि कर मुझ पर

तू आज की रात में रक्षा कर ।।

२ अब दिन का श्रम हो चुका

मैं भजन करता हूँ ।

यह वर तू दे कि क्षेम से

रात भर मैं सो रहूँ ।

हे यीशु दृष्टि कर मुझ पर

तू आज की रात में रक्षा कर ।।

३ अब दिन का सुख हो चुका

टेक तुझ पर रखता हूँ ।

यह वर तू दे कि रात को

निर्दोष बना रहूँ ।।

हे यीशु दृष्टि कर मुझ पर

तू आज की रात में रक्षा कर ।।

४ प्राणेश हो तू प्राण पालक

तू ही अब जानता है ।

कि मार्ग में कौन सी जोखिम

आ पड़नेवाली है ।

हे प्रेमी यीशु कान तू धर

सब दुख और क्लेश से रक्षा कर ।।

 

16 (१६)

 

"Sweet Saviour, bless us ere we go"

8s. St. Matthias.

F. W. FABER. 1814-1863.

१ आशिष से यीशु बिदा कर

और बचन सभों में जमा ।

तू हम में प्रेम और चेष्टा भर

कि मन हो तृप्त, न गुनगुना ।।

कोरस :-

जीवन के दिन और संध्याकाल

हमारी ज्योत हो ख्रीष्ट दयाल ।।

२ यह दिन अब हुआ है समाप्त

और देखे तू ने सारे कर्म ।

जो हमसे जय आज हुई प्राप्त

वा हुई भूल चूक और अधर्म ।।

३ हे प्रभु क्षमा कर सब पाप

कुपन्थ से हमें नित बचा ।

और अगले दिनों में प्रताप

पवित्रता और सुख बढ़ा ।।

४ तू श्रमी था अब श्रम है सुख

उतारा तू ने क्लेश का भार ।

न होवे बैर, और पाप से दुःख

न मन में छल वा अहंकार

५ हर मित्र, दुःखी और कंगाल

और पापी निमित्त सुन पुकार

दे हम को आनन्द हे कृपाल

हे यीशु प्रिय तारणहार ।।

 

17 (१७)

 

"Saviour breathe an evening blessing."

8. 7. 8. 7. 8. 7. 8. 7. Evening Prayer.

JAMES EDMESTON, 1791-1867

१ इसके पहिले कि हम सोवें

त्राता अपनी आशिष दे ।

पाप और घटी जो हम मानते

दूर तू कर हम लोगों से ।।

२ जो रात होवे घोर अंधेरी

तेरे संग न होगा डर ।

तू ही अपने निज संतान की

देकर शान्ति रक्षा कर ।।

३ जो विनाश हम को घेर लेवे

चारों ओर हो तीर उड़ते ।

भेज दूतों को पास हमारे

कि हमारी सुधि ले ।।

४ जो इस रात में मृत्यु आवे

उठें न बिछौने से ।

कृपा कर तू पास बुला के

स्वर्ग में हमें जगह दे ।।

५ प्रिय पिता तेरे हाथ में

अपने तईं हम सौंपते हैं ।

तू है इस्त्राएल का रक्षक

हमको भी तू रख निर्भय ।।

६ मन हमारे का अंधेरा

हे श्रेष्ठ आत्मा दूर कर दे

जब तक स्वर्ग की ज्योत का उदय

हम पर पूरा न होवे ।।

 

18 (१८)

 

"Lord keep us safe this night."

S. M. Vesper.

इस रात में रक्षा कर

हे प्रभु जोखिम से

और सोते समय सारा डर

तू भोर तक दूर कर दे ।।

 

19 (१९)

 

"Now the light has one away."

7. 7. 7. 7. Dijon or Innocents.

LOUISE HENSEL. 1798-1876

१ काम से हाथ उठाता हूँ

सोने को मैं जाता हूँ ।

स्वर्गीय पिता दीनदयाल

रात भर मेरा हो रखवाल ।।

२ भूल और चुक सब हे पिता

आज के दिन की कर क्षमा ।

यीशु ही के लोहू से

मुझे धोके शुद्ध कर दे ।।

३ घर के छोटे बड़े सब

सौंपते तेरे हाथ में अब ।

कृपा करके हे कृपाल

सभों का तू हो रखवाल ।।

४ चंगा कर बीमारों को

दुखियों को शान्ति हो ।

मरते समय कृपा कर

ले हम सब को अपने घर ।।

 

20 (२०)

 

"Softly on the breath of evening."

8.7.8.5. 8. 8. 6.

१ धीमी आती ठंडी पवन

जान भी पड़ता सांझ पहर

तू जो शोक से थका हुआ

जाग के प्रार्थना कर ।।

कोरस :-

हे परदेशी शोक न करना

हे परदेशी शोक न करना

नदी पार है विश्राम

२ प्रार्थना समय जब आ जाता

छूटते सारे भ्रम और डर

वही घड़ी शान्तिदायक

जाग के प्रार्थना कर ।।

३ आसपास होवें जाल शैतान के

यीशु पर तू आशा धर

तेरी बिनती वही सुनता

जाग के प्रार्थना कर ।। आमीन ।।

 

21 (२१)

 

"As fades the daylight splendor."

7. 7. 6. 7. 7. 8. Innsbruck

PAULUS GERHARDT 1607-76.

१ फिर रात्रिकाल अन्धेरा

भूगोल पर आके घेरा

सूर्य्य अस्त हो गया है

पर मन में करके डेरा

अब यीशु त्राणी मेरा

उजाला करता रहता है ।।

२ आकाश का अन्धियारा

चाँद तारों ने निवारा

है कैसे चमकवान

आह कि संसार मैं छोड़ता

और स्वर्ग पर कभी चढ़ता

यीशु के तेज में मेरा प्राण ।।

३ जो क्लेश और भार दिन लाया

से उसके साथ फिर गया

समाप्त है मेरा काम

तू मेरा तारणहारा

अपने निज रक्त के द्वारा

कर मुझे शुद्ध और दे विश्राम।।

४ जो निंद्रा तुझ पर पड़े

कौन मेरी रक्षा करे

हे इस्त्राएल की ढाल

जो कभी नहीं ऊँघता

और कभी नहीं थकता

हो अपने आश्रित का रखवाल।।

५ तुम्हें भी प्यारो मेरे

ख्रीष्ट अपने प्रेम से घेरे

तुम पर पसारे हाथ

कि दुःख न निकट आवे

वह तुम्हें आप लिटावे

कि कुशल हो तुम्हारे साथ ।।

 

22 (२२)

 

"Abide with me."

10s. Eventide.

HENRY LYTE. 1793-1847.

Chord - D | S-"--"/ Ballad | T-066

१ रह मेरे पास दिन ढला जाता है

अंधेरा प्रभु बढ़ता आता है

जब हूँ अकेला मित्रहीन निरास

दीनों के आश्रय रह तू मेरे पास।।

२ बेग बीतते हैं इस लोक के थोड़े दिन

आनन्द भी स्थिर न रहता तेरे बिन ।

सब ठौर बिकार देख पड़ता और विनास

हे अटल प्रभु रह तू मेरे पास ।।

३ हर घड़ी तू ही मुझे दिखा कर

शैतान का छल तू कृपा करके हर ।

तू अगुवाई कर और मन में बस

सब दुःख और सुख में रह तू मेरे पास ।।

४ निडर मैं होऊं जो तू शरण दे

दुख भी मैं सहूँ जो तू धीरज दे

मृत्यु के दिन में तू हो मेरी आस

जय निश्चय होगी जो तू मेरे पास ।।

५ जब मरना हो तू अपना क्रूस दिखा

अंधेरे में तू अपनी ज्योत चमका ।

भोर वहाँ होगी रात से कर निकास

जीवन और मरन में रह मेरे पास ।।

 

23 (२३)

 

L. M. Breslau or Old Hundred.

CIR. 1674.

१ सांझ है हे प्रीतम यीशु ख्रीष्ट

तू किधर जाता मेरे इष्ट

हे कृपासिन्धु दया कर

यह मन बना ले अपना घर

२ दिन बीता अन्धकार चहुँ ओर

रात आती है जो अति घोर

मुझे न त्याग हे सत प्रकाश

मैं तेरा शरणागत दास ।।

३ धर्म सूरज पाप की रात मिटा

हो उदय मेरे मन में यूं ।।

तब बिना ठोकर चलूंगा

कि स्वर्ग के पथ से न भटकूं ।।

४ निदान मृतकाल के संकट से

मुझे निकाल सुमृत्यु दे

हे यीशु ख्रीष्ट रह मेरे संग

कि मैं हूँ तेरे देह का अंग ।।

 

24 (२४)

 

"Glory to Thee my God this night."

L. M. Abends or Tallis' Canon.

THOMAS KEN. 1637-1711.

१ हे ईश्वर धन्य तेरा हो

कि अब मैं देखता संध्या को ।

अब राजाओं के राजा दे

कि रहूँ रातभर कुशल से ।।

२ यीशु के द्वारा पाप मिटा

जो मैंने आज के दिन किया ।

कि मेल मिलाप हो सभों से

और सोने पाऊँ कुशल से ।।

३ सुधार तू ऐसे मेरी जान

कि मृत्यु नींद के हो समान ।

और अंतिम दिन सहायता कर

कि मैं जी उठूं बिना डर ।।

४ मुझे संभाले तेरा हाथ

और मीठी नींद हो तेरे साथ ।

कि जागते ही मन मेरा हो

योग्य तेरी सेवा करने को ।।

५ इस रात को नींद न आवे तो

भर दिल में धार्मिक बातों को ।

मुझ को सब बुरे स्वप्नों से

और भय से भी बचा तू ले ।।

६ सब आशिषों के ईश्वर को

सब मनुष्यों से स्तुति हो ।

स्वर्ग दूतों से प्रशंसा हो ।

पिता और पुत्र और आत्मा को।

 

25 (२५)

 

“Saviour, again to Thy dear Name we raise."

10s. Ellers.

JOHN E, ELLERTON, 1826-93.

१ हे त्राता स्तुति फिर हम करते है

गान तेरे नाम का ख्रीष्ट सब गाते हैं ।

हम खड़े हो सराहते हैं

फिर झुक के तुझ से शान्ति चाहते हैं ।।

२ घर लौटते समय हमें शान्ति दे

कि दिन समाप्त हम करें साथ तेरे ।

सभों के मन बच कर्म पवित्र कर

कि तुझी में सो रहें हो निडर ।।

३ तेरी निज शान्ति हम पर अब रहे

घोर अंधकार को ज्योति तू कर दे ।

पास रह के हानि और जोखिम से बचा

रात भर विश्राम हो तेरी शरण का ।।

४ तू जीवन भर दे शान्ति हमों को

कि दुःख में धीरज युद्ध में जय नित हो ।

तेरी बुलाहट को जब सुनेंगे

तब तुझ से चैन सनातन पावेंगे ।।

 

26 (२६)

 

"The day Thou gavest, Lord, is ended."

9. 8. 9. 8. Radford.

JOHN E, ELLERTON, 1826-93.

१ हे प्रभु तू ने दिन और रात को

ठहराया है हमारे हित ।

की हमने तेरी स्तुति प्रात को

अब गाके सो रहें सुचित ।।

२ तू धन्य है कि जग में ज्योति

जहाँ कहीं आ जाती है ।

वहाँ आराधना तेरी होती

नित मण्डली जागती गाती है ।।

३ ज्यों उजियाला द्वीप प्रदेश में

तब आगे बढ़ता जाता है ।

किसी न किसी प्रांत विशेष में

बिनती का शब्द सुन पड़ता है।।

४ हमारी सोने की अब बेरा

पश्चिम के लोग जाग गाते हैं ।

सो दिन पर दिन हे ख्रीष्ट यश तेरा

हम पारी पारी करते हैं ।।

५ ऐसा हो त्राता कि राज्य तेरा

नित ठहरे कभी टल न जाय ।

वह रहे स्थित और बढ़े सदा

जबलों सब सृष्टि वश न आय।।

 

27 (२७)

 

"Sun of my soul."

L. M. Hursley or Abends.

JOHN KEBLE, 1792-1866.

१ हे प्राण के सूर्य्य दीना नाथ

रात है नहीं जब तू है साथ

संसार के किसी बादल से

अपनी ज्योत न छिपने दे ।।

२ जब दिन के काम से थकित हो

मैं आँखें मूंदूँ सोने को ।

तब मन में रहे यही आस

कि चैन नित करूँ ख्रीष्ट के पास।

३ दीन भर रह मेरे साथ सदा

तुझ बिन मैं जी न सकूँगा ।।

रहे मेरे साथ जब रात रहे

तुझ बिन मैं डरता मरने से ।।

४ जो किसी ने आज निश्चिन्त हो

त्याग दिया तेरे बचन को

तू प्रभु उसे समझा दे

कि पाप में पड़ा न रहे ।।

५ तू रोगियों की सुधि ले

कंगालों को सन्तुष्ट कर दे ।

जो दुःख में है रह उनके साथ

कि चैन से सोवें सारी रात ।।

६ फिर जागते समय कृपा से

पास आके हमको आशिष दे ।

जब तक न स्वर्ग के भवन में

हम जाके हर्ष से नित रहें ।।

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