
Masihi Geet Sangrah
नया वर्ष (New Year)
485 (४८५)
J. DUTT.
प्रभुवर हम को यह वर दीजै । १ नये वर्ष में तन मन जीवन, सब को नूतन कीजे ।। २ ज्ञान कर्म इन्द्रियगण सारे, अपने वश कर लीजे ।। ३ पाप कुष्ट इव ताहि निवारण, दया दृष्टि कर छीजे ।। ४ फटे चीर सम हृदय को, प्रेम ताग सो सीजे ।। ५ खोलत हम मन द्वार पधारिये बसिये असिये पीजे ।। ६ जस तुम पितु से अरु पितु तुम में, तस प्रभु हम में जीजे ।। ७ शुद्ध भक्ति अरु सिद्ध परमगति, दास अधम को दीजे ।।
486 (४८६)
“Father let me dedicate” 7. 5. 7. 5. D. Dedicate. L. TUTTIETT. Chord - D# | S- Ballad | T-082
१ पिता अपने को अर्पण करूँ मैं इस साल तेरी सेवा में हर क्षण बीते मेरा काल नहीं करता हूँ विनय सारे दुःख मिटा मेरी यही बिन्ती है “तेरी हो महिमा” ।।
२ बालक क्या चुन लेता है अपने बास का स्थान बाप क्या नहीं देता है सब से अच्छा दान तुझ से उत्तम वर मुझे मिलते हैं सदा सब कुछ पाऊँगा जिस से “तेरी हो महिमा” ।।
३ अभी जो कुछ मेरा है यदि साथ रहे बढ़ता जाय भी सुख संचय तेरी दया से हर्षित हो मैं तन मन धन अर्पण करूँगा गाऊँगा मैं हो प्रसन्न “तेरी हो महिमा” ।।
४ यदि पड़े क्रूस का कष्ट दब के गिरूँ तब यदि हो सब आनंद नष्ट घर में शोक हो जब प्रभु जी के दुःख का भार स्मरण रखूँगा मांगूँ यही वर बार बार “तेरी हो महिमा” ।।
487 (४८७)
8. 7. 8. 7. Batty or Marines.
१ हाल्लेलूयाह प्रभु मेरे तेरा धन्य मैं मानता हूँ और एक साल मैं द्वारा तेरे कुशल क्षेम से रहा हूँ ।।
२ जो कुछ तेरी ओर से आया मेरे लिये भला था दुःख और सुख जो मैं ने पाया दान है तेरी कृपा का ।।
३ क्षमा कर हे कृपा सागर जितने मेरे दोष अपराध तू ही सकल गुणसागर तेरी दया है अगाध ।।
४ नये साल में मेरी सुध ले दिन दिन प्रीतम प्राण के साथ रक्षा कर और कुशल चैन दे सदा रह तू मेरे साथ ।।
५ दिन और साल तो बीतते जाते तू हे ईश्वर है अचल आदम जात सब मरते जाते तू ही रहता है अटल ।।
६ अपनी शरण नये साल में तुझी को ठहराया है जीते मरते दुःख और सुख में यीशु मेरा आसरा है ।।