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  • Faith and Repentance 269-312 | Masihi Geet Sangrah

    विश्वास और पश्चाताप (Faith and Repentance) 269 (२६९) L. M. -- Melcombe or Old Hundred. १ अकाम है मेरा सारा कर्म पर ख्रीष्ट का रक्त और उसका धर्म है मेरी शोभा और सिंगार और ढाल और शरण और उपकार ।। २ अब मेरे प्राण को मौत निराश, न करेगी, मैं बिना त्रास ईश्वर के सामने जाऊँगा और बिना लाज ठहरूँगा ।। ३ यीशु ने क्रूस के खंभे पर उठाया मेरे पाप का भार और उसके देह की कील और चोट है दण्ड और स्राप से मेरी ओट ।। ४ ईश्वर से मुझे है मिलाप देख मुझ पर ख्रीष्ट के रक्त की छाप और मेरे लिये सर्वदा यह रक्त बिचवई करेगा ।। ५ हे मेरे प्रीतम तारणहार तू अपना घायल हाथ पसार और मुझे अपने रक्त से धो कि मन बच कर्म पवित्र हो ।। ६ और जब मृतकाल में अपना बाण मुझ पर चलाता है शैतान तब अपने रक्त के द्वारा से हे प्रभु तू बचा मुझे ।। 270 (२७०) C. M. -- Grafenburg or St Agnus. REV. G. S. MANDRELLE 1903-1953. १ अनाथ मैं हूँ हे प्रभु ख्रीष्ट तू है अनाथ का नाथ मैं मन बच काया से निकृष्ट और बिका पाप के हाथ ।। २ हे यीशु तारक मुझे तार कि तू है मेरी आस निस्तारक मेरा कर निस्तार कि स्वर्ग में करूँ बास 271 (२७१) 8. 7. 8. 7. 8. 7. Dismissal or Rousseau. १ कहां मेरा तारणहारा मेरा यीशु है कहां पियारों उसकी शाला वह कौन बतावेगा वेग से कहो वेग से कहो यीशु को दिखाइये ।। २ दबा पाप के बोझ से भारी चूरचार हुआ मेरा प्राण रोता मैं दिन रात्रि सारी ख्रीष्ट को पाऊँगा कहां निपट खेदित व्याकुल छेदित विकल मेरा मन है नित ।। ३ यदि मेरे डैने होते ज्यों पंडुक के होते हैं तो मैं आज ही उड़ के जाता जहां प्रीतम रहता है और निरन्तर उसका चरण धरे रहता आनन्दमय ।। ४ मेरे प्राण तू क्यों निराश है आ तू ख्रीष्ट के क्रूस के पास वहां दण्ड ओ त्रास यीशु ने भोग कर किया पाप का नाश अपना रक्त वहां बहाया जिस से हुई त्राण की आश ।। ५ मृत्युनाशक पाप का हरता मेरा वाणी है यहाँ क्रूस के काठ पर टंगा रहता क्रूस है मेरा शरणस्थान ख्रीष्ट के हाथ में मृत्यु समय सौंपूँगा मैं अपना प्राण ।। 272 (२७२) 8. 7. 8. 7. D. Munich or Aurelia. CHR. G. KERN, 1792-1835. १ क्यों छोड़ूँ मैं उस मीत को जो मुझे छोड़ता ना कब समझूँ मैं उस प्रीत को जो है ख्रीष्ट यीशु का मैं दुःख अपार में पड़ा उपकार वह लाया था और मैं ने कुशल महा यीशु में पाया था ।। २ मैं क्यों न चाहूँ उस को असीम है जिसका प्यार और दुःख क्यों देऊँ उसको जो मेरा तारणहार हां उसी ने उठाया सब दण्ड मुझ पापी का यह कह मुझे बुलाया आ मेरे पीछे आ ।। ३ मैं करूँ प्यार उस हितू को जो करता है उद्धार और तोड़ कर मृत्यु बल को है देता जीवन सार वह मरन काल सब भय से मुझे बचावेगा और स्वर्ग में अपने हाथ से घर के ले जावेगा ।। 273 (२७३) “Seek ye first, not earthly pleasure.” 8. 8. 8. 6. १ खोज तू मत वह सुख शारीरिक वही धन जो है सांसारिक सत्य प्रेम को जो है आत्मिक पहिले खोज पहिले खोज ।। २ खोज तू मत सांसारिक इच्छा जो तृष्णा वृथा है सदा अपनी आत्मिक अभिलाषा पहिले खोज पहिले खोज ।। ३ पहिले खोज ईश्वर की शान्ति इसे पा तो है न घटी आ अपने को मान तू पापी उस को खोज उस को खोज ।। ४ पहिले खोज और क्षमा ले ले स्वर्ग का अधिकारी होके अपना जीवन उस को दे दे उस को खोज उस को खोज ।। ५ पहिले खोज तू पूर्ण शुद्धि प्रभु में जो सदा मिलती उस के लिये काम की बुद्धि सदा खोज सदा खोज।। ६ यतन कर कि राज्य फैल जावे ख्रीष्ट का प्रेम सब देखने पावें कि वे उसको सदा मानें इस को खोज इस को खोज ।। ७ उस प्रतिज्ञा का भरोसा तेरी इच्छा पूर्ण करता आत्मिक दान तो उससे मिलता पहिले खोज पहिले खोज ।। 274 (२७४) 8. 7. 8. 7. Batty or Mariners. १ जन्म से पापी दुराचारी धर्म विमुख और ख्रीष्ट विरुद्ध मैं तो हूँ पर ख्रीष्ट के द्वारा अभी सारे पाप से शुद्ध ।। २ मैं हूँ शुद्ध आह कैसी दया क्योंकि मेरे त्राणी ने क्रूस पर मेरा धर्म कमाया अपना रक्त बहाने से ।। ३ मैंने ख्रीष्ट को नहीं चाहा निश्चित होके भूलता था पर वह मेरा प्रेमी रहा और न मुझे त्यागता था ।। ४ जब से बिन्ती मैं ने की थी क्षमा कर मुझ पापी को उसने झट ली सुधि मेरी उसको धन्य हो सदा लों ।। ५ उसने अपना हाथ पसारा धर के धोया मेरा प्राण उस को धर्म से भी संवारा और यों मुझे मिला त्राण ।। ६ दूसरी आस न मेरी होवे मेरा धर्म और मेरा बल ऐसी निन्दा दूर हो रहे दूर हो मुझ से ऐसा छल ।। ७ मेरी आशा है ख्रीष्ट का मरण ख्रीष्ट का रक्त और उसका धर्म उसकी दया मेरी शरण मेरा त्राण है ख्रीष्ट का कर्म ।। 275 (२७५) 7s Innocents or St. Bees. Chord - D (Ref:- 06 No.) | S- Waltz | T-130 १ जो न चलता पाप के पथ और न मानता दुष्ट का मत निन्दक संग न बैठता है वह मनुष्य ही धन्य है ।। २ वह जो ईश्वर के अधीन वचन में रात दिन लौलीन मन बच कर्म सुधारता है कुशल उसका सदा है ।। ३ वह हर बात में भाग्यवान और उस पेड़ के है समान जो हरीला और फलमय जल के पास पनपता है ।। ४ दुष्ट को ऐसा ही मत जान दुष्ट है भूसी के समान जिस को इधर उधर मार उड़ा डालती है बयार ।। ५ धर्म के मार्ग पर जिनकी चाल तिन पर ईश्वर है दयाल दुष्ट लोगों के मार्ग ही के पास घात में लगा है विनाश ।। 276 (२७६) C. M. -- Vulpius or Bedford. JOSHUA STREGMANN, 1588-1632. १ तू अपनी दया यीशु ख्रीष्ट हमारे पास ठहरा कि अपने छल से फिर शैतान हमको बझावे ना ।। २ तू अपना वचन यीशु ख्रीष्ट हमारे पास ठहरा कि हमको आनंद और कल्याण अब होवे और सदा ।। ३ तू अपनी ज्योति यीशु ख्रीष्ट हमारे पास ठहरा जिस्तें अन्धकार में तेरे लोग सत मार्ग से भटकें ना ।। ४ तू अपनी आशिष यीशु ख्रीष्ट हमारे पास ठहरा रोप हम में हर एक आत्मिक दान और हम में फल उगा ।। ५ तू अपनी सामर्थ यीशु ख्रीष्ट हमारे पास ठहरा हमको परीक्षा में न डाल संसार पर जय दिला ।। ६ तू आपही आप हे यीशु ख्रीष्ट हमारे पास ठहर हो जीवन भर हमारे संग और साथ हो मरने पर ।। 277 (२७७) 8. 7. 8. 7. 8. 7. Komm O Komm or Dismissal. Chord - C | S- Waltz | T-124 १ तेरे चरण मेरी शरण यीशु प्रभु त्राण के नाथ कृपा करके मेरी सुध ले तेरे बिन मैं हूँ अनाथ दया तेरी आशा मेरी रख तू मुझ पर अपना हाथ ।। २ कर तू मुझ पर दया दृष्टि अपने मार्ग ही में चला मेरी प्रीति और प्रतीति तुझ पर धरीं सर्वदा दया तेरी आशा मेरी तेरा दास मैं हूँ सदा ।। ३ हे कृपालु दीन दयालु तुझी को मैं गहता हूँ हे गुणखानि सब बरदानी तुझ में तोष मैं पाता हूँ दया तेरी आशा मेरी तुझ में तृप्त मैं रहता हूँ ।। ४ तेरा हृदय निर्मल सदय सूर्य सा हे प्राण के मीत पापी होकर तुझे भूलकर बार बार करता कर्म अनीति दया तेरी आशा मेरी अपने दास को कर पुनीत ।। ५ इस संसार के कुव्यवहार से असंतृष्ट है मेरा मन मेरी आँख तो ताकती स्वर्ग को जहां सत है हर एक जन दया तेरी आशा मेरी प्रभु मुझे ग्रहण कर ।। 278 (२७८) “Free from the law, oh, happy condition.” 10. 10. 9. 8. S. S. S. 143. PHILLIP BLISS. 1833-76. १ तू ने हे यीशु हम को बचाया और अपना अनमोल लहू बहाया हम सब थे पापी दुष्ट और निराश कृपा से हुई त्राण की आस ।। कोरसः- मुक्ति की आस से सब जो निराश हो मुक्ति की आस विश्वास से अब ले लो उसी की ओर देख मत हो उदास यीशु के क्रूस से त्राण की आस ।। २ पाप से अब हम सब पाते छुटकारा पाप का प्रायश्चित पूरा और सारा प्रेम से वह कहता आ मेरे पास जीवन की आकर ले तू आस ।। ३ ईश्वर के पुत्र कैसे आनंदित अधिकार उन के महिमा से मंडित मौत से वे छूट के पाते विश्राम रहते नित्य हर्षित उस के धाम ।। 279 (२७९) “Pass me not O gentle Saviour.” Z. Z. Y. 488. FANNY CROZBY. 1820-1915. Chord - F | S- 6/8 | T-086 १ छोड़ न मुझे प्यारे यीशु, बिन्ती सुन मेरी औरों पर तू दया करता, कर तू मुझ पर भी ।। कोरसः- यीशु यीशु, बिन्ती सुन मेरी औरों पर तू दया करता, कर तू मुझ पर भी ।। २ तेरे पास हे दयासिन्धु, शान्ति पाऊँगा झुकता हूँ मैं तेरे सामने, अब विश्वास दिला ।। ३ तुझ पर पूरी आस मैं रखता, अपना मुख दिखला चंगा कर इस घायल मन को, दया से बचा ।। ४ तू है शान्ति का पूर सोता, प्रीतम प्राण से भी तुझे छोड़ अब कौन है मेरा, जग और स्वर्ग में भी ।। 280 (२८०) “Saviour like a Shepherd lead us.” 8. 7s. T. T. T. 1164 or Rousseau. DOROTHY THRUPP, 1779-1847. १ प्रभु यीशु मेरे प्रिय लोगों के बचानेहार अपने प्राण को तू ने दिया कि हम सब का हो निस्तार प्रभु यीशु प्रभु यीशु सब लोग बचें तेरे द्वार ।। २ बिना तेरे मैं हूँ निर्बल मेरी तू सहायता कर तेरे साथ मैं होऊँ प्रबल हर कठिनता में निडर प्रभु यीशु प्रभु यीशु मेरे साथ रह जीवन भर ।। ३ जब हो निकट मेरा मरण जब समाप्त हो मेरा प्राण तब तू होवे मेरी शरण मेरी आत्मा को तू मान प्रभु यीशु प्रभु यीशु तू है मृत्यु पर बलवान ।। 281 (२८१) 7. 7. 7. 7. 7. 7. Dix or Morgenglanz. Chord - C | S- Ballad | T-074 १ पापी मैं तो बड़ा हूँ महा कष्ट में पड़ा हूँ मेरे कैसे बड़े दुःख कौन दे सकता मुझे सुख ।। कोरसः- मेरी रक्षा करने को प्रभु तू सहायक हो ।। २ सब है तेरा भूमि आकाश पशु पक्षी फूल और घास तू ने उत्पन्न किया है सब कुछ हम को दिया है ।। ३ दया से तू है भरपुर मेरे पाप को तू कर दूर जग में जितने दिन रहूँ मन में शान्ति मैं पाऊँ ।। ४ तू जो मेरा मित्र हो तो मैं जीतूं शत्रु को दुष्ट को तू हराता है पाप से तू बचाता है ।। 282 (२८२) 7. 6. 7. 6. Day of Rest. J. P. G. MANDRELLE. १ मसीहा मैं जो पापी पास तेरे आता हूँ मैं पापी और संतापी रो रो पछताता हूँ हाँ यीशु तुझ पास आता तू मुक्तिदाता है तुझ पर विश्वास मैं लाता तू बाप का प्यारा है ।। २ मुझ पापी ऊपर भार है हाँ पाप संताप का भार पर तेरे मन में प्यार है आस मेरी तेरा प्यार अब लिये अपने पाप को मैं तुझ पास आता हूँ सब अपने पाप संताप को मैं तुझ पास लाता हूँ ।। ३ यह पाप का बड़ा रोग है हाँ पाप का कठिन रोग कि पापी नरक योग्य है यह पाप का रोग और सोग हे यीशु तुझ पास आता मैं आता तेरे पास तू रोग और सोग मिटाता यह मेरी आस विश्वास ।। ४ तू पापियों का मीत है इस कारण आता हूँ अत्यन्त जो तेरी प्रीत है प्रतीति करता हूँ पक्षवादी मेरा होके कर बिन्ती पिता पास सब पाप संताप को खोके दे मुझे स्वर्ग में बास ।। 283 (२८३) P. M. -- Tune “Men of Harlech.” १ मैं मसीह का सेवक हूँगा अपने आप को उसे दूँगा उसकी आज्ञा सब मान लूँगा मैं मसीह का हूँ ।। कोरसः- मेरे लिये आया मेरे लिये जिया मेरे लिये दुःख उठाया मेरे लिये मुआ मेरे लिये गाड़ा गया मेरे लिये फिर जी उठा मेरे लिये ऊपर चढ़ा मेरा है मसीह ।। २ मैं तो बड़ा पापी हुआ ख्रीष्ट ऐसों के लिये मुआ लिया मैं ने उस का जुआ मैं मसीह का हूँ ।। ३ मैं ने निश्चय बुरा किया दुःख मसीह को बेर बेर दिया मेरा बोझ उसी ने लिया मैं मसीह का हूँ ।। ४ मैं विश्वास मसीह पर लाया अब छुटकारा मैं ने पाया उस के झंडे तले आया मैं मसीह का हूँ ।। 284 (२८४) 7. 7. 7. 7. Heinlein or Weber. १ मैं हूँ बड़ा पापी जन प्रभु यीशु दयावन्त तेरे पास है धर्म का धन तेरी कृपा है अनन्त ।। २ तुझ बिन मेरा होगा क्या मेरा करे कौन निस्तार तू मुझ पापी को बचा तू ही है बचानेहार ।। ३ औगुण से क्या निकले गुण सूखे से कब निकले जल पापी से क्या होवे पुण्य बुरे पेड़ का बुरा फल ।। ४ प्रभु कृपासागर तू मुझ पर नित्य हो दयावान प्रभु जगप्रकाशक तू मुझे अब कर प्रकाशमान ।। ५ जब तक मेरा जीवन हो रहूँगा मैं तेरा दास मरणकाल जब आवे तो जाऊँगा मैं तेरे पास ।। 285 (२८५) 7s. Zurich or Ratisbon. १ यीशु प्रभु कर सहाय कौन बिन तेरे मेरा है सच तो है मैं पापी हूँ भला कुछ भी नहीं हूँ तौभी सुन और कर सहाय कौन बिन तेरे मेरा है ।। २ तू ने कहा पापी आ मैं निकाल न देऊँगा यीशु ख्रीष्ट मुझे न छोड़ मुझ से अपना मुंह न मोड़ मुझे देख और कर सहाय कौन बिन तेरे मेरा है ।। ३ मेरे मन में प्रगट हो अपने रक्त से उसे धो उसमें अपना प्रेम उगा उस को अपने से मिला यीशु प्रभु कर सहाय कौन बिन तेरे मेरा है ।। 286 (२८६) “Jesus, Saviour, hear my call. ” 7. 7. 7. 5. Capetown. १ यीशु त्राता मेरी सुन मन में जो मैं पापी हूँ तू है जीवन मेरी आस रह तू मेरे पास ।। २ मैं परदेश अकेला हूँ तुझ से दूर मैं न रहूँ तुझ में अगुवाई पाऊँ रह तू मेरे पास ।। ३ भ्रष्टों के बचाने को तूने दिया अपने को जीत भी लिया कबर को रह तू मेरे पास ।। ४ अपने प्रेम से मुझे भर मेरा जीवन वश में कर इच्छा मेरी आधीन कर रह तू मेरे पास ।। ५ पड़े छाया मृत्यु की कर पिता सहाय मेरी खड्ड में होके चलूँ भी रह तू मेरे पास ।। 287 (२८७) “Jesus, thy blood and righteousness.” L. M. -- Cantionale or Old Huudred. LUDWIG VON ZINZENDORF, 1909-60. १ मसीह का रक्त और धर्म अपार है मेरा सुन्दर धर्म सिंगार जिसमें जब उस पार को जाना हो मैं प्रसन्न करूँ ईश्वर को ।। २ मसीह पर मेरा है विश्वास विश्वासी क्योंकर होंगे नाश रीझ गया मुझ पर ईश्वर आप और क्षमा किये मेरे पाप ।। ३ जो मैंने किये कर्म अशुद्ध जो किया आज्ञा के विरुद्ध जो क्रूस पर मर के यीशु ने मिटाये अपने लहू से ।। ४ ईश्वर का मेम्ना सर्वप्रधान जो क्रूस पर हुआ बलिदान और पापी को बचाता है सो मेरा मुक्तिदाता है ।। ५ मसीह ने दुःख जो सहा था मसीह का रक्त जो बहा था मेरी छुड़ौती जिसने दी सो आशा है मुझ पापी की ।। ६ हाँ मेरी आशा जीवन भर है सदा प्रभु यीशु पर और स्वर्ग में उसका धर्म अपार है मेरा सुन्दर धर्म सिंगार ।। 288 (२८८) “Jesus, Lord of life and glory.” 8. 7. 8. 7. 4. 7. St. Raphael or Eton College. J. J. CUMMINS. १ यीशु तेजोमय प्राणेश्वर करुणामय हो ध्यान दे तुझ पर आशा रख परमेश्वर आते हैं पास साहस से पापियों के बन्धु हमें तू छुड़ा ।। २ सब को मन के अन्धकार से डाह और क्रोध और बैर अप्रीत हर प्रकार के कुविचार से बचा तू हे स्वर्गीय मीत पापियों के बन्धु हमें तू छुड़ा ।। ३ जब चढ़ाई हम पर करे बाण चलावे जब शैतान संकट हम पर जब आ पड़े तब हे करुणानिधान पापियों के बन्धु हमें तू छुड़ा ।। ४ जब चमकता भाग्य हमारा हरा भरा है जब मन तब भी हो तू तारणहारा दया कर पुष्ट है जब तन पापियों के बन्धु हमें तू छुड़ा ।। ५ रोगग्रस्त हो जब पड़े रहते शोक के होते जब आधीन जब हम पीड़ा अधिक सहते देह हो जाती जब बलहीन पापियों के बन्धु हमें तू छुड़ा ।। ६ अन्त जब मरण समय आवे होवे जब यह विचार तुझ पर जो जो टेक लगावे पावे ढाढ़स प्राण आधार पापियों के बन्धु हमें तू छुड़ा ।। 289 (२८९) 7. 7. 7. 7. Innocents or Pleyel. १ यीशु प्रभु सत अवतार तू है मेरा तारणहार गिरता तेरे चरणों पर अपने दास पर दया कर ।। २ तुझ बिन किस के पास जाऊँ किस से मुक्ति मैं पाऊँ मुक्ति केवल तेरे हाथ प्रभु यीशु कृपानाथ ।। ३ भेज पवित्रआत्मा को जिस से नया जनम हो जब वह दिल में आता है त्राण का भेद खुल जाता है ।। ४ ख्रीष्ट मैं तुझे मानता हूँ तुझको अपना जानता हूँ केवल तू है सत अवतार तू है मेरा तारणहार ।। 290 (२९०) L. M. Gelobet Seist Du. १ सहाय कर यीशु कृपासार आंख अपने दासों पर पसार तू अपना कान हे प्रभु दे और मेरी बिन्ती सुन तू ले यीशु सहाय (२) ।। २ इष्ट उत्तम ज्योति अपना तेज मेरे अंधेरे मन में भेज कृपा से मेरा पाप मिटा और उस के बंधन से छुड़ा यीशु सहाय (२) ।। ३ आज मुझ को घेरे तेरा हाथ जहां मैं हूँ हो मेरे साथ हो मेरा अगुवा और रखवाल पहाड़ और शरण गढ़ और ढाल यीशु सहाय (२) ।। ४ हे प्रभु रह तू मेरे साथ और थाम ले आप ही मेरा हाथ पास हो और न परीक्षा में न पाप में मुझे पड़ने दे यीशु सहाय (२) ।। ५ पर यदि मुझ पर आवे दुख प्रकाश कर मुझ पर अपना मुख और अपने प्रेम की शान्ति से हमारे मन में धीरज दे यीशु सहाय (२) ।। ६ जब मृत्यु आवे मुझे क्या मैं उसे देख के गाऊँगा हे मौत कहां डंक तेरा है कहां हे कबर तेरी जय मैं बिना डर, यीशु सहाय ।। 291 (२९१) “Jesus my Lord to Thee I cry.” P. M. -- S. S. S. 464. ELIZA J. HAMILTON. Chord - D | S- Waltz | T-124 १ हे प्रभु मैं पुकारता हूँ सहाय बिन तेरे मरता हूँ मैं तुझ पर आशा रखता हूँ तू मुझको ग्रहण कर ।। कोरसः- मुझ को ग्रहण कर मुझ को ग्रहण कर मसीह के रक्त के कारण से तू मुझ को ग्रहण कर ।। २ मैं हूँ निर्बल लाचार अयोग्य प्राण दण्ड का तूने किया भोग अब मुझे कर तू अपने योग्य तू मुझको ग्रहण कर ।। ३ तैयारी मेरी कुछ नहीं बात मेरी बेठिकाने की बचानेहार है यीशु ही तू मुझको ग्रहण कर ।। ४ तू मुझे चरणों पास निहार इच्छानुसार कर व्यवहार मुझे ले चल और पार उतार तू मुझको ग्रहण कर ।। 292 (२९२) P. M. -- Die ach Stst Dein. १ हे ईश्वर सुन हम पापी लोग, पुकारते तेरी ओर तू है महान सब अयोग्य, तू पापी को न छोड़ हे पिता दया दृष्टि से, देख हम को पाप की क्षमा दे प्रभु अपना मुंह न मोड़, हम मन फिराते तेरी ओर तू त्याग न दे तू हमको त्याग न दे ।। २ महान तू है हे दीनदयाल, हे ख्रीष्ट हमारी सुन समीप आ हम पर हो कृपाल, दिखला तू अपने गुण तुझ बिन निराश हमारा मन, दे पाप की क्षमा स्वर्गीय धन बचा हमें और निकट आ, हमारे मन में रह सदा समीप सदा समीप हे ख्रीष्ट सदा ।। ३ धन प्रभु धन सदा लों धन्य, कि तू ने उत्तम भाग दे हमको चुना जो निर्धन, यह तेरा अनुराग तू सिर है हम हैं तेरे अंग, नित्य मेल मिलाप हो तेरे संग और अपना आत्मा हम पर डाल, हे पिता हम पर डेरा डाल हे ख्रीष्ट महान दीनों का नाथ महान ।। 293 (२९३) Bhajan Tunes No. 33 and 34. आज मसीहा तू दिल में हमारे, अपने लहू से धो पाप हमारे ।। १ बिगड़ गये हम तन अरु मन से, तुझ बिन दूसरा कौन सुधारे । पाप की अग्नि बहुत दुखदाई, जल बल भस्म मनहि करडारे ।। २ लोभ मोह अहंकार यीशु ने, बस कर लिया सकल संसारे । हम से पापी को कौन बचावे, तुझ बिन नाही कोई हमारे ।। ३ तीसर दिन जब उठे कबर से, शिष्यन से बतराये न्यारे । चेले चकित हो बोले प्रभु जी, दरशन को हम आये तुम्हारे ।। ४ जीवन हांक कहो सब जग में, जीव बचे विश्वासी तुम्हारे । असद है सब दास तुम्हारे मुक्ति, हमारी है चरण तुम्हारे ।। 294 (२९४) Bhajan Tunes No. 77. SUDIN. करो मोरी सहाय मसीहा जी । तुम बिन कुछ न सहाय । १ दर्शन दीजै अपनो कीजै । लीजै मोहि बचाय ।। २ या जग को निस्तारण कारण । जनम लियो तुम आय ।। ३ तीन दिना में उठे कबर से । शिष्यों से बतराय ।। ४ सुन लीजै प्रभु बिनती मेरी । अवगुण पै नहिं जाय ।। 295 (२९५) Bhajan Tunes No. 27. SABIR CHIMMANLAL. Chord - D# | S- Dandia/Dholak | T-100 तुम तो मसीहा मोरी आँखों के तारे, भूलो न मोरी खबरिया ।। १ राह बाट हम भूले फिरत हैं, पाप की भारी गठरिया । हां हां बिन्ती करत मसीहा, अपनी बता दो डगरिया ।। २ पाप की नदिया गहरी बहत है, लाभ की उठत लहरिया । ले चल खेवनहार मसीहा, मोर तो टूटी नवरिया ।। ३ मन की चादर मैली जों हो गई, जैसे कि काली बदरिया । अपने रुधिर में धो दे मसीहा, मन की मैली चदरिया ।। ४ कबहूँ तो सोये महल दो महल, कबहूँ तो ऊंची अटरिया । रहियो सहाई मेरे मसीहा, जब लग सोऊँ कबरिया ।। ५ यह शैतान बड़ों दुखदाई, मिल के मारे कटारिया । साबिर के औगुण ढांपि बचावो, तेरी तो प्यारी नजरिया ।। 296 (२९६) Bhajan Tunes No. 20. NAIN SUKH. तुम बिन मेरो कौन सहायक, प्रभु यीशु स्वर्गबासी । १ अगनित पापिन को तुम तारयो, तुम पै जे विश्वासी । दीन हीन शरणागत जेही, तेहि दिया सुखरासी ।। २ हम पापिन को तारो प्रभु जी, कृपा दृष्टि निहारी । औरन को प्रभु और भरोसा, हम को शरण तुम्हारी ।। 297 (२९७) SUDIN. क्या कहूँगा मैं सन्मुख तेरे लज्जित हूँ निज कर्म निहारो ।। १ पाप हमारो अतिशय हुवा नभ लो ऊँचो मान पसारो । शक्ति हीन तन मन अकुलानो सीस चढ़ाये ऐसो भारो ।। २ तनिकों साहस नाहिन मोको थर थर कंपित गात हमारो । काह कहूँ कछु वाक्य न निकसत न्याय दिवस को करे सहारो ।। ३ यीशु ख्रीष्ट जगपति जग तारक शान्ति शब्द सों कीन्ह उचारो । दृढ़ विश्वास धरे जो मो पर गिरिसम पाप मिटाऊँ सारो ।। ४ दास अधीन तिहारो हों प्रभु जी मुख बाणी पर आस हमारो । न्यायकरन जब जग में आवो मम ओर करिहो सुनिहारो ।। 298 (२९८) Bhajan Tunes No. 45. SHUJAAT ALI. प्रभु यीशु मसीह बिन कौन हमारो, हम तो हैं प्रभुदास तिहारो । १ पाप की अग्नि अति दुःखदाई, उस अग्नी को निवारो ।। २ मेरो मन प्रभु मानत नाहीं, अपन दया तें सुधारो ।। ३ दीन हीन हम हैं बेचारे, कृपा दृष्टि निहारो ।। ४ मैं अति पापी कर्म को नाहीं, आप निबाहनहारों ।। ५ यीशु है दुःख बूझनहारो, तुझ बिन कौन हमारो ।। ६ पापिन कारण प्राण दियो है, पाप का भार उतारो ।। ७ आसी तुम्हारी शरण गहत है, मेरा पाप बिसारो ।। 299 (२९९) JOHN CHRISTIAN. Chord - F#m (+3) | S- Ballad | T-080 प्रभु हे मेरी ओर निहारो । प्रजा पुत्र मैं हूँ प्रभु तेरो, जौपै आज्ञा टारो ।। १ हैं हम जन्महितें अपराधी, मन बच काया सारो । कौनौ कर्म न मोसों छूटो, सब विधि बात बिसारो ।। २ हैं अपराधिन में हम नामी, तुम नामी जग तारो । नाम बड़ाई जगत में मोहि, तारि दे मैं तिहारो ।। ३ सीस चढ़ाय पापक भारी, आये तोर दुवारो । को यह जानक भार उतारे, यीशु ख्रीष्ट बिनारो ।। 300 (३००) N. I. T. B. 40. मसीह बिना कौन हमारा साथी १ अल्प दिवस के कारण हम सब, होय रहे जगवासी ।। २ जात रहत जग स्वप्न समाना, भोरे रहत उदासी ।। ३ अचल जगत में बास करन को, हो प्रभु पर विश्वासी ।। ४ निश्चय पावत हर्ष अपारा, जो नर स्वर्ग निवासी ।। ५ जहां जाय विश्राम करो तुम, तहां विविध सुखरासी ।। 301 (३०१) PREM DAS. मेरा मन धो देना प्रभु, बिन्ती करूँ बारंबार । १ मन मेरा हो गया पापों से मैला, मैं धोते धोते हुआ लाचार । २ मैं ने भूल करी बड़ी भारी, आया नहीं मैं तुम्हारे द्वार । ३ बाईबल भीतर मैं ने पाया, तुम ही हो दिल के धोवनहार ।। ४ दास कहे इस पापी मन को, कृपा कर तुम दीजो निखार ।। 302 (३०२) Bhajan Tunes. No 4. मैं बहुत लाचार तुझ बिन १ पाप का बोझ कठिन दुखदाई, तन रहे बेजार तुझ बिन ।। २ पाप हरैया तू ही है प्रभु जी, कौन करे निस्तार तुझ बिन ।। ३ गहरी नदिया नाव पुरानी, आ पड़ा बीच धार तुझ बिन ।। ५ आप ही आप कोई पार न गये, पापी रहे मझधार तुझ बिन ।। ६ सब पापी मिल बिनती करत हैं, न हो सकें प्रभु पार तुझ बिन ।। 303 (३०३) Bhajan Tunes. No 100. मसीह करेगा दवाई तुम्हारी । अगर होवे दिल से दुहाई तुम्हारी ।। १ न शंका करो तुम न दिल में घबराओ । उसको पुकारो सहाई तुम्हारी ।। २ करो प्यारे तौबा दो दिल भी मसीह को । इसी में प्यारो भलाई तुम्हारी ।। ३ गुनाहों से मैला जो दिल है तुम्हारा । मसीहा से होगी सफाई तुम्हारी ।। ४ कहे ये मसीही दिल दो मसीह को । उसी से सफाई भलाई तुम्हारी ।। 304 (३०४) Bhajan Tunes No. 17. PRABHU DAS. मैं मति मंद महा अभिमानी । १ जो जो आज्ञा प्रभु ने दीनी, उन्हें पूरी न मानी । जिन बातों को मना किया था, सोई गई बिसरानी ।। २ घूमते मेघ बिना ज्यों पानी, तैसे बैस बितानी । भजन बिना मैं निशिदिन खोयो, जैसे ओस सुखानी ।। ३ काम क्रोध में मन उरझानो, मीठी लगत कहानी । जग की धूल में ऐसे भूलो, जैसे भेड़ भुलानी ।। ४ तजि प्रपंच सुनो प्रभुबानी, कह प्रभुदास बखानी । यीशु मसीह जो पार लगावे, नहीं तो नाव डुबानी ।। 305 (३०५) Bhajan Tunes No. 81. यीशु में है आनंद घनेरे । १ काम क्रोध मद माया जग में, बास करत सब के मन में रे ।। २ या जग पर विश्वास न कीजे, जावेगा यह बीत सबेरे ।। ३ रे मन मूढ़ सचेत रहो तुम, जीवन दिन कत होंगे तेरे ।। ४ प्रभु यीशु पर धरू विश्वासा, वा में है आनंद घनेरे ।। ५ आजिज की यही बिन्ती प्रभु जी, पाप क्षमा अब कीजे मेरे ।। 306 (३०६) Bhajan Tunes No. 31. JOHN CHRISTIAN. १ हे मेरे प्रभु मैं पापी, मो पापी उधारियो ।। छोडों न कभु, न मोहे बिसारियो ।। २ हे प्रभु मैं पापी, यह निश्चय आप जानियो । हाय कैसो संतापो, मो दुःखी पहिचानियो ।। ३ हे कृपा निकेतु, मो पापी पै लखियो । और तारण के हेतु, मोहि चरण पै रखियो । ४ मैं अति अशुद्ध, अशुद्ध कौं शुद्ध करियो । मैं अति निर्बुद्ध, निर्बुद्ध कौं बुद्ध भरियो ।। ५ मैं अधम अयोग्य, तो आप यह न मानियो । पै आप पापी लोग, नित अपनी ओर तानियो । ६ जब होयगो मरण, तब प्रभु शान्त करियो । और जब लों है जीवन, मोहि प्रेम करके भरियो ।। 307 (३०७) Bhajan Tunes No. 7 & 8. JOHN CHRISTIAN. हो प्रभु अब करहु क्षेम, हौं गुलाम तेरो । १ बार बार घटी भई, चूक भई धनेरो । आये अब निकट तोर, मोर ओर हेरो ।। २ यीशु विदित तोहि नाम, स्वामी तुम मेरो । कौन पास दास जय, कोह कौन केरो ।। ३ त्रास युक्त जोरि पाणि, अनुतापित टेरो ।। एक बेर मोहि ओर, करन अपन फेरो ।। ४ लीजिये उबारि यीशु, कठिन काल घेरो । जान अधम शीश नाय, पड़त चरण तेरो ।। 308 (३०८) H. T. B. 109. SHUJAAT ALI. १ अरे गाफिल तुझे कब होश होगा । कुछ उकबा का भी तुझ को खोज होगा ।। २ न भूल इस खाक की ढेरी हरगिज । बना है खाक से फिर खाक होगा ।। ३ अभी ढूँढ़ो तो अलबत्ता पावोगे तुम । नहीं तो फिर तुम्हें अफसोस होगा ।। ४ मसीह यीशु मरा है तेरी खातिर । गुनाह तेरा उसी से मुआफ होगा ।। ५ यकीं लावेगा अगर तू उस के उपर । वही शाफी तेरा उकबा में होगा । ६ यकीं लावेगा जो यीशु मसीह पर । नजात उस की मसीह यीशु करेगा ।। ७ न छोड़े गर बदी बदकार अपनी । यह सच जानो जहन्नम में पड़ेगा ।। ८ यह बन्दा तो तेरा है ऐ मसीहा । तेरी उम्मीद में यह सो रहेगा ।। ९ अगर मैं सो रहूँ तो बेखतर हूँ । मेरी उम्मीद है कि फिर उठूंगा ।। १० यह आसी तो खरीदा हुआ तेरा । तेरे हाथों से मुझ को कौन लेगा ।। 309 (३०९) H. T. B. 129. SHUJAAT ALI. १ गुनाहों को अपने जो हम देखते हैं । तो गजब-इ-इलाही बहम देखते हैं ।। २ अगर गौर करते हैं, फिअलों को अपने । तो लायक जहन्नम हैं, हम देखते हैं । ३ अरे दिल तू गफलत में कब तक रहेगा । तेरे वास्ते दर्द ओ गम देखते हैं । ४ गुनाहों में ऐ दिल रहा तू जो माइल । सजा उसकी पायेगा हम देखते हैं ।। ५ तुम्हारे गुनाहों की बख्शिश की खातिर । मरा है मसीह खुद, यह हम देखते हैं ।। ६ जो पकड़े वसील, शिताबो मसीह का । हयात इ बका उसमें हम देखते हैं ।। ७ तेरे दर्द ओ गम की यही बस है दारू । कि यीशु है शाफी, यह हम देखते हैं ।। ८ तू इस बात पर शक्क, नला दिल में आसी । गवाही है इन्जील, हम देखते हैं ।। 310 (३१०) HASAN ALI. Chord - Dm | S- Ballad/Beguine | T-078 १ दर इ पाक से फिर के मैं जाऊँ कहाँ कहीं दर्द इ गुनाह की दवा ही नहीं तपे जुर्म से जार ओ नहीफ हुआ मुझे और दवा से शफा ही नहीं ।। २ तेरा नाम है मरहम इ जखम इ दिली यह खबर मुझे रूह इ कुद्स से मिली तेरी जात है मजहर इ राज इ खुफी कोई तुझ सा जहाँ में हुआ ही नहीं ।। ३ मैं ने उमर भर अपनी गुनाह ही किया मुझे बख्शिये ऐ मेरे बार, ए खुदा तेरे आगे मैं होता हूँ अर्ज इ रसा कि सिवाय तेरे और खुदा ही नहीं ।। ४ तू ने सैकड़ों मुर्दों को जिन्दा किया तू ने सदहा मरीजों को बख्शी शिफा जो कि रुतबः खुदा से है तुझको मिला किसी और नबी को मिला ही नहीं ।। ५ जिन्हें नाम से तेरे है बुग्ज सदा उन्हें जल्द तू अपना करिश्मा दिखा उन्हें रूह इ मुकद्दस कर तू अता जिन्हें खौफ खुदा का जरा ही नहीं ।। ६ दिल ओ जां से भरोसा तुझी पे रखूँ दम इ नजअ जुबां से मसीहा कहूँ तेरे बन्दों के मैं भी शुमार में हूँ मेरी इससे ज्यादा दुआ ही नहीं ।। ७ यह जहान है आलम-इ-रंज ओ इना न सफीर दिल अपना यहाँ पे लगा न रहेगा यहाँ पे न कोई रहा कि है रहने की यह तो सरां ही नहीं ।। 311 (३११) B. MAYAL. १ मेरी इमदाद गर ईसा न करता । बुरा होता वह गर ऐसा न करता ।। २ दिल इ नापाक मेरा पाक होता । तो वह मुझ से कभी परदा न करता ।। ३ जो शैतान से और मुझ से जोर होता । तो फिर जानो कि मरता क्या न करता ।। ४ मेरी यह जीस्त मुझको बार होती । मेरी हाजत वह गर ईफा न करता ।। ५ मैं भर भरकर शराब इ वस्ल पीता । मुझे गर मुहतसिब रोका न करता ६ न तुझ को दर्द इ दिल अपना दिखाता । अगर कांटा मेरे खटका न करता ।। ७ बहार अपने अगर बीमार दिल को । जो लाता वह तो क्या अच्छा न करता ।। 312 (३१२) SABIR CHIMMAN LAL. १ हमारे दिल की हालत को, खुदा जाने या हम जानें । मसीह से है हमें उलफत, खुदा जाने या हम जानें ।। २ मुहब्बत की बिछी चौसर, लगी है जान की बाजी । फिदा है जान यीशु पर, खुदा जाने या हम जानें ।। ३ कलाम-इ-पाक की बरछी, लगी दिल पर मेरे तिरछी । कलेजा हो गया छलनी, खुदा जाने या हम जानें ।। ४ मुहब्बत के समुन्दर में, डली ईमान की किश्ती । चली जाती है बेखतरे, खुदा जाने या हम जानें ।। ५ न दुश्मन की मुझे दहशत, नाहीं तूफान का खटका । मसीह है नाखुदा अपना, खुदा जाने या हम जानें ।। ६ यही है आरजू अपनी, रहें हम साथ यीशु के । नहीं चाहते जुदा होना, खुदा जाने या हम जानें ।। ७ चलो साबिर इबादत को, झुकाओ सिर मसीहा को । न होवे जाहिरी उलफत, खुदा जाने या हम जानें ।।

  • Peace and Joy 313-327 | Masihi Geet Sangrah

    शान्ति और आनन्द (Peace and Joy) 313 (३१३) 9. 8. 9. 8. 8. 8. Mir ist Bibarmung. PHILLIP HILLER 1699-1769. १ ईश्वर ने दया मुझ पर कीन्ही कि जिस के योग्य मैं न रहा आश्चर्य की बात मैंने यह गिनी मैं दया नहीं खोजता था अब मुझे हुआ यह निश्चय कि ईश्वर अत्यन्त कृपामय ।। २ ईश्वर के दण्ड के योग्य मैं रहता पर वह अनुग्रह करता है परमेश्वर आप प्रायश्चित करता और ख्रीष्ट के रक्त से तारता है यह हुआ क्यों और किस प्रकार यह दया है अपरम्पार ।। ३ हे ईश्वर यह स्वीकार मैं करता और सब को साक्षी देता हूँ जो मैं यह नीरी दया कहता तो मन का भेद खोल देता हूँ और दण्डवत करता और आह्वाद और दया का गुणानुवाद ।। ४ अब कभी हूँगा न निराशा और दया होगी मेरा गान यह प्रार्थना में है मेरी आशा सदा लों मेरा रक्षास्थान वह दुःख में मेरा है सहाय मृत काल में मेरा जीवन है ।। ५ असीम है ईश्वर तेरी दया वह मुझ से अलग होवे न जब मुझ पर आवे मौत की छाया कि तुझ पास रहूँ मैं सदा वहाँ मैं करूँगा आह्वाद और नित्य दया का गुणगाथ ।। 314 (३१४) “Like a river glorious.” 6. 5. 6. 6. D. S. S. S. 622. FRANCES R. HAVERGAL. 1836 1879. Chord - E | S- Country 8beat/Ballad | T-098 १ ईश्वर ही की शान्ति, नदी ही सी है बढ़ती आगे बढ़ती, जयवंत होती है । पूरी है पर तौभी, बढ़ती जाती है लम्बी चौड़ी गहरी, होती जाती है ।। कोरसः- ईश्वर की समीपी देती है आराम । भक्तिमान के दिल को पूरा है विश्राम ।। २ उसका हाथ सामर्थी, है अद्भुत अवस्थान शत्रुओं के बैर से, उत्तम रक्षास्थान । चिंता और आशंका, दिल से जाती है कभी न घबड़ाहट, वहां आती है ।। ३ हर एक दुख वा खुशी, ऊपर ही से है प्रेम परमेश्वर ही का, उसका सोता है । अपने को हम सौंप दें, वह सहायक है वही कठिनाई में, सच्चा मित्र है । 315 (३१५) “Peace, perfect peace.” 10. 10. Pecnm. EDWARD BICKERSTETH. 1825-1906. १ कुशल अनंत इस जगत में पापमय । यीशु तो मन में कुशल देता है ।। २ कुशल अनंत जब होता अधिक काम । यीशु को प्रसन्न करना है विश्राम ।। ३ कुशल अनंत जब दुःख में पड़ते हैं । यीशु की गोद में शान्ति पाते हैं ।। ४ कुशल अनंत जब छोड़ते जान पहचान । यीशु के हाथ में कुछ न होती हान ।। ५ कुशल अनंत जो होना हो सो हो । हम देखते सब के राजा यीशु को । ६ कुशल अनंत मृत्यु के भी समय । यीशु ने मृत्यु पर तो पाई जय ।। ७ और क्या चाहें जल्द जीवन छूटेगा । यीशु तो स्वर्ग का कुशल देवेगा ।। 316 (३१६) “The King of love, my shepherd is.” 8. 7. 8. 7. Dominus Regit. HENRY BAKER 1821-77. १ प्रेमनाथ चरवाहा मेरा है मैं उसकी दया गहता मैं उसकी भेड़ तो हूँ निर्भय वह मेरा बना रहता ।। २ मुझे तो अमृत जल के पास वह कुशल से चलाता और जहां होती हरित घास वह स्वर्गीय भोज खिलाता ।। ३ हठीली भेड़ मैं फिरता था वह प्रेम से खोजने आया और पाके कांधे पर धरा आनन्द से घर में लाया ।। ४ मृत्यु की छाया में हो साथ तो मैं न थरथराता और ढाढ़स देके तेरा हाथ नित स्वर्गीय मार्ग दिखाता ।। ५ भोजन मंच अपना सजाके तू स्वर्गीय भोज खिलाता पियाले से कृपा के तू मेरी प्यास बुझाता ।। ६ सो प्रभु अपने जीवन भर मैं तेरी दया गहता यीशु चरवाहे तुझी पर मन मेरा लगा रहता ।। 317 (३१७) “Sweet hour of prayer.” L. M. D. -- Sweet Hour. WILLIAM W. WALFORD. 1849. Chord - C | S- Waltz | T-120 १ पवित्र समय प्रार्थना का सांसारिक चिंता छोडूंगा और अपने पिता के सन्मुख बताऊँगा सब अपना दुःख जब बिपत आवे मेरे पास वह उससे करता तब निकास शैतान के जाल से बचता हूँ जब प्रार्थना करके जागता हूँ ।। २ पवित्र समय प्रार्थना का जब जान के उसकी सत्यता पिता की बिनती करता हूँ और बाट आशिष की जोहता हूँ और जब कि वह बुलाता है कि उसे मानूं हर समय मैं अपनी चिंता प्रार्थना पर नित्य डालूंगा सब उसी पर ।। ३ पवित्र समय प्रार्थना का भरोसा उससे सदा का हो मेरा जब तक कर विश्वास न जाने पाऊँ तेरे पास तब चोला छोड़ के पाऊँगा जयफल उस लोक में सदा का और सामने देखके पिता को बिदा करूँगा प्रार्थना को ।। 318 (३१८) “I heard the voice of Jesus say.” C. M. D. -- Vox Dilecti. HORATIUS BONAR, 1808-89. १ मसीहा मुझ से बोलता था हे थके मांदे आ और आके मेरे सीने पर तू तकिया कर सुस्ता मैं जल्दी गया जैसा था सुस्त मांदा और उदास और मैं ने खुशी और आराम तब पाया उसके पास ।। २ मसीहा मुझसे बोलता था देख मैं तुझ प्यासे को जीवन का पानी देता हूँ यह पीके जीवन लो तब जाके मैं ने पीया था और अब तक पीता हूँ प्यास मेरी उस से हुई तृप्त मैं उससे जीता हूँ ।। ३ मसीहा मुझसे बोलता था मैं जग की ज्योति हूँ देख मेरी ओर कि मैं तुझे प्रकाशक कर पाऊँ मैं देखने लगा तब मसीह मेरा प्रकाश हुआ और जीवन भर उस ज्योति में आनन्द से चलूँगा ।। 319 (३१९) “Jesus is our shepherd.” 11s. S. S. S. 1153 Goshen. HUOH STOWELL, 1799-1865. १ यीशु है चरवाहा भय सब होवे दूर उसके प्यार की गोद में खुशी है भरपुर उस के साथ ही चलें जिधर दे निशान सूखे जंगल ही में वा हरे मैदान ।। २ यीशु है चरवाहा उसका प्रेम अनंत उस की मीठी बातें दिल को करती शान्त ताड़ना भी वह देवे तौभी कोमल है अगुवा और कौन मेरा वह चरवाहा है ।। ३ यीशु है चरवाहा दिया उसने प्राण जिससे उसकी भेड़ें उसमें पावें त्राण और हर एक पर रहता उस का गुप्त निशान वह है उस की भेड़ी जिस में उसका मन ।। ४ यीशु है चरवाहा जो वह गहे बांह भेड़िया भी आवे हमें क्या नुकसान मृत्यु छाया पड़े सब कुछ हो उदास हम को भय न होगा हो चरवाहा पास 320 (३२०) “Blessed assurance Jesus is mine.” P. M. -- S. S. S. 73. FANNY CROSBY, 1820-1915-. Chord - C | S- Waltz | T-126 १ यीशु है मेरा कैसा दिलास मन में वह देता आनंद और आस मुक्ति का भागी स्वर्ग मेरा घर उस में मैं रहता सदा निडर ।। कोरसः- यह मेरा हाल है यह मेरा गान उसी का यश मैं करता बखान ।। २ पूरा भरोसा आनंद और सुख अब मुझे है न चिंता न दुःख ख्रीष्ट से ही हुआ दया का ज्ञान दूत गण अब करते प्रेम का बखान ।। ३ ख्रीष्ट पर मैं रखता पूरा विश्वास रहता सुरक्षित उसी के पास उसी के प्रेम से पाता विश्राम जाऊँगा अंत में स्वर्गीय धाम ।। 321 (३२१) “In the secret of His persence.” 8. 7s. S. S. S. 1186. ELLEN LAKSHMI GOREH, 1853-1937. १ यीशु की समीपी की है मेरे आत्मा को पियास कैसी अनमोल है वह शिक्षा जो मैं सीखता यीशु पास चिंताएं न कभी मुझे दूर कर सकती हैं उससे क्योंकी जब शैतान लुभाता जाता मैं समीप उस के ।। २ मेरा मन जब हांफने लगता और जब थक मैं जाता हूँ तेरे पहलू पास मसीहा पूरी शान्ति पाता हूँ यीशु रहता है साथ मेरे मुझ से करता है बातचीत मैं बयान नहीं कर सकता कैसा खुश है मेरा चित्त ।। ३ अपने सारे दुःख और शोक को लाता मैं उसी के पास कैसे धीरज से वह सुनता करता हर एक से निकास मुझ को ताड़ना भी वह देगा मुझ में पाप जब देखेगा यदि ताड़ना वह न करे तो वह मीत न रहेगा ।। ४ क्या तुम चाहते हो कि तुम भी रहो नित मसीह के पास उसकी छाया में जा छिपो उस पर रखो अपनी आस फिर तुम जहाँ कहीं जाओ रहो तुम उसके स्वरूप रखो नित्य तुम अपने मुख पर प्रभु ही का प्रतिरूप ।। 322 (३२२) “Safe in the Arms of Jesus.” 7. 6s. S. S. S. 57. FANNY CROSBY, 1890-1915. १ रक्षित मसीह की गोद में रक्षित मसीह के पास मैं खुश हूँ उस के प्यार में है उस पर मेरी आस सुनो कि दूतगण गाते मीठा एक राग सुस्वर सुन्दर प्रदेश में स्वर्ग के बिल्लोरी सोतों पर ।। २ रक्षित मसीह की गोद में रक्षित सब दुखों से रक्षित संसार के जाल से फंदों से शत्रु के दूर है सब शोक और चिंता डर और संदेह नष्ट केवल अब थोड़ा दुःख है केवल अब थोड़ा कष्ट ।। ३ यीशु पियारा रक्षक यीशु ने दिया प्राण उस पर है दृढ़ भरोसा वह मेरी है चट्टान अब तो मैं धीरज धरुं जब तक है रात यहां जब तक कि मैं न देखूँ स्वर्ग में अनंत बिहान ।। 323 (३२३) “There shall be showers of blessing.” P. M. S. S. S. 306. GEORGE MATHESON, 1842-1906. Chord - G# | S- Waltz | T-126 १ होगी आशिषों की बारिश प्रेम की प्रतिज्ञा को मान होगा समय जीवनदायक ख्रीष्ट मुक्तिदाता का दान कोरसः- बारिश आशिष की बारिश आशिषों की भेज दया की बूंदें टपकती बारिश आशिषों की भेज ।। २ होगी आशिषों की बारिश तब नया जीवन प्रबल सभों में उत्पन्न करेगा पवित्र आत्मा का फल ।। ३ होगी आशिषों की बारिश हम पर हे प्रभु तू भेज आ करके हम को जिला दे दे अपने वचन का तेज ।। ४ होगी आशिषों की बारिश आज से आरम्भ उन का हो आज अपने पापों को मानों यीशु की बिनती करो ।। 324 (३२४) “O love that will not let me go.” 9. 9. 9. 8. 6. S. S. S. 633. GEORGE MATHESON, 1842-1906. १ है प्रेम जो नहीं छोड़ता मुझे मैं थका आता हूँ पास तेरे जो जीवन मिला है अब तुझ से उस को देता मैं फिर तुझे कि और भी धनी हो ।। २ हे ज्योत जो मुझे मार्ग दिखाती मैं लाता मशाल झिलमिलाती मन किरण तुझे फेरता अपनी कि तेरी सूरज सी ज्योति और ही प्रकाशमान हो । ३ हे सुख जो मुझे दुःख में खोजता मैं तुझ से मन न बन्द कर सकता मेघ ही में धनुष को मैं देखता प्रतिज्ञा पर विश्वास रखता कि भोर मेघ रहित हो ।। ४ हे क्रूस जो मेरा सिर उठाता मैं तुझ से दूर न भागने चाहता मैं अपना मान अब धूल में डालता और भूमि से फूल सा उगता जीवन जो अमर हो ।। 325 (३२५) “Come Thou Fount.” 8. 7. 8. 7. Nettleton or Mariners. ROBERT ROBINSON, 1735-90. १ हे प्रभु आशिष के सोते मुझ से अपनी स्तुति करा तेरी दया है अनुपम दायी अथाई सर्वदा तेरा प्रेम जो है निरंतर रहता पूर्ण असीम सदा उसकी मुझ से हे परमेश्वर प्रशंसा का गीत गवा ।। २ अदन नजर तू मसीहा हुआ मेरा तारणहार इससे मैं भी पार उतरूंगा शोक समुन्दर के उस पार था मैं भुली भेड़ बराबर झुण्ड को छोड़ लाचार अशक्त यीशु खोजने और बचाने आया दिया अपना रक्त ।। ३ जनम भर मैं करता रहूँ तेरी दया को प्रकाश अपनी कृपा से हे प्रभु रख तू मुझे अपने पास तुझे भूलने को तो सदा फंदे बहुतेरे हैं छाप तू दे अब मेरे दिल पर सदा काल तू मेरा है ।। 326 (३२६) Chord - D | S- Ballad | T-086 मेरा यीशु मसीह है गड़रिया । कुछ कमती न मुझको होगी । १ मुझे हरी हरी घास चराता - अरु निर्मल पानी पिलाता, मुझे भूख प्यास न होगी । २ तू मेरी जान बचाता - अरु सच्ची राह दिखाता, उस राह में थकन न होगी । ३ मृत्यु का भय जब छावे - अरु मेरी जान दुःखावे, तेरी छड़ी से हिम्मत होगी । ४ मेरे दुश्मन को तू हरावे - मेरे लिये मेज लगावे नष्ट उनकी ताकत होगी । ५ मेरे सिर पर तेल झलकता - अरु प्याला मेरे छलकता, तेरे घर में खुशी तब होगी । 327 (३२७) सुनिये यीशु दयाल हमारी, दीनानाथ दुख हरता प्यारे । १ प्राण अबोधहि बोध दयो तुम, कारज अचरज जग परचारे । निर्बल अनाथहु गोद लयो तुम, धन्य-धन्य प्रभु नाम तुम्हारे ।। २ अमृत जल के सोते बहावो, अधम पियासा तृषा निवारे । नेह लगाये तब गुण गावे, जन सोई प्रभु तोर पियारे ।। ३ है अति हर्षित अभ्यन्तर में, निरखे महिमा रूप तिहारे । निशिदिन अन्तर ध्यान लगावे, करहु अचल ताको जग तारे ।। ४ दूरि राखि सब भव भय शंका, मगन रखो इत उत संभाले । मैं तो दास अधीन तिहारो, गैहों तुव नित्य जय जयकारे ।।

  • Consecration and Discipleship 362-382 | Masihi Geet Sangrah

    समर्पण और शिष्यता (Consecration and Discipleship) 362 (३६२) “No not desparingly.” 6. 4. 6. 4. 6. 6. 4. Horbury or Bethany. HORATIUS BONAR, 1808-89. १ आता मैं तेरे पास ईश्वर दयाल तुझ से है मेरी आश पिता कृपाल आप से मैं हूँ बलहीन कर मुझे मन में दीन मुझे सम्भाल ।। २ पाप से मैं भरा हूँ धार्मिक पिता और किस के पास जाऊँ कर तू दया हो करके बलिदान यीशु ने दिया प्राण मुझे बचा ।। ३ मेरे सब पाप मिटा मुझे शुद्ध कर मेरा विश्वास बढ़ा मन प्रेम से भर सुध मेरी सदा ले मरने पर आने दे अपने ही घर ।। 363 (३६३) “Nearer, my God to Thee.” 6. 4. 6. 4. 6. 6. 4. Bethany. SARAH F. ADAMS, 1805-1848. Chord - E | S- Ballad | T-082 १ ईश्वर तेरे समीप मैं पहुँचूँ हो क्रूस वह द्वारा भी जिससे उठूँ यह गीत मैं गाऊँगा तेरे समीप सदा तेरे समीप सदा और भी समीप ।। २ यात्री समान होऊँ डूब जावे भानु अंधेरा छावे भी बिस्तर चट्टानु नींद में मैं पाऊँगा दर्शन भी ईश्वर का तेरे समीप सदा और भी समीप ।। ३ उठकर स्तुति तेरी मैं करूँगा पत्थर से दुःखों पर जय पाऊँगा मुझे ईश्वर से क्या जो अलग करेगा तेरे समीप सदा और भी समीप ।। ४ तू मुझे मार्ग दिखा स्वर्ग जाने का और लेकर मेरा हाथ मुझे चला दूत कर सहायता दे निकट पहुँचा तेरे समीप सदा और भी समीप ।। 364 (३६४) “Jesus keep me near the Cross.” 7. 6. Near the Cross. FANNY CROSBY, 1820-1915. Chord - E | S- Waltz | T-126 १ क्रूस के पास तू मुझे रख यीशु प्यारे त्राता पापी वहाँ सोते से सेंत में मुक्ति पाता ।। कोरसः- क्रूस की मैं क्रूस की मैं नित्य बड़ाई करूँगा जब तक मैं आनंदित हो पार न पहुँचूँगा ।। २ क्रूस के पास जब मैं आया प्रेम और कृपा पाई वहां किरण सूर्य की मेरे दिल में आई ।। ३ तेरी दया क्रूस के पास मुझे पहुँचावे मेरे ऊपर सदा लो क्रूस की छाया आवे ।। ४ क्रूस के पास मैं ठहरूँगा नित्य भरोसा रख के जब तक मैं न देखूँगा हर्ष को तेरे घर के ।। 365 (३६५) “Just as I am.” CHARLOTT ELLIOT, 1789-1871. Chord - C# | S- Waltz | T-120 १ जैसा मैं हूँ बिन योग्यता पर करके आसरा लोहू का और सुनकर तेरा नेवता मसीह मैं आता हूँ ।। २ जैसा मैं हूँ निज पापों का एक दाग न दूर कर सकूँगा पाप तेरे रक्त से मिटेगा मसीह मैं आता हूँ ।। ३ जैसा मैं हूँ मन शंकामय और बाहर भीतर हर समय है दुबिधा झगड़ा जलन भय मसीह मैं आता हूँ ।। ४ जैसा मैं हूँ अभागी जन कैसे यह चंगा होवे मन और कैसे पाऊँ दृष्टि धन मसीह मैं आता हूँ ।। ५ जैसा मैं हूँ तू देवेगा छुटकारा क्षमा शुद्धता और मुझे ग्रहण करेगा मसीह मैं आता हूँ ।। ६ जैसा मैं हूँ रुकावटें हटा के मुझे शरण दे अब तेरा होने के लिये मसीह मैं आता हूँ ।। 366 (३६६) “Take my life and let it be.” 7. s. Mozart or Weder. FARNCES. R. HAVERCAL. 1836-79. Chord - F | S- Waltz | T-122 १ प्रभु मेरा जीवन ले तेरा होवे अभी से ले समय कि वह भी हो तेरी स्तुति करने को ।। २ ग्रहण कर इन हाथों को इन से तेरी सेवा हो मेरे पांव भी योग्य कर कि काम करें जीवन भर ।। ३ वाणी ले कि तेरी ही गाऊँ स्तुति प्रभु जी ले होंठों को भर संदेश कि सुनाऊँ देश विदेश ।। ४ मेरा सोना चांदी ले कुछ न रखता हूँ तुझ से बुद्धि ज्ञान जो हों मेरे अब तू अपने काम में ले ।। ५ इच्छा ले और वश में कर तेरी होवे जीवन भर ले तू मेरा मन मलीन कि वह रहे नित्य लौलीन ।। ६ मेरे सारे हृदय के प्रेम हे प्रभु तू ही ले मुझे ले मैं रहूँगा तेरा सदा सर्वदा ।। 367 (३६७) “I am Thine O Lord.” 10. 7. 10. 7. S. S. S. 607. FANNY CROSBY, 1820-1915. Chord - E | S- 6/8 | T-086 १ प्रभु तेरा हूँ तेरे वचन से तेरा प्रेम पहिचानता हूँ मेरी लालसा है कि विश्वास से मैं जाके तेरे पास रहूँ ।। कोरसः- रख तू मुझको मुझको मुझको ऐ मसीह जां है सोता क्रूस से खास रख तू मुझको मुझको मुझको ऐ मसीह अपने घायल पांजर पास ।। २ आत्मिक शान्ति से काम के योग्य कर मुझको सेवा में लगा मेरा मन कर स्थिर मेरी इच्छा को अपनी इच्छा से मिला ।। ३ अपनी प्रार्थना में जैसे मित्र से तैसे तुझ से बात करूँ जो एक घड़ी भी तेरे संग रहूँ तो महा आनंदित हूँ ।। ४ सब से गहरा प्रेम मैं न जानूँगा जब तक स्वर्ग न जाऊँगा सब से श्रेष्ठ आनंद तब मिलेगा जब तुझको आँख से देखूँगा ।। 368 (३६८) “Have mercy on us, O Lord.” १ प्रभु यीशु दयावन्त मेरे त्राण का तू आद्यन्त पापी को तू तारता है उसके पाप को हरता है हे तू जग के दीनदयाल प्रभु मुझ पर हो कृपाल ।। २ तेरा नाम मैं लेता हूँ तन मन तुझे देता हूँ मेरा त्राण हे कृपानाथ मिलता केवल तेरे हाथ हे तू जग के दीनदयाल प्रभु मुझ पर हो कृपाल ।। ३ मेरे सारे पाप का भार कृपा करके तू उतार कर तू मुझे अपना दास रख तू मुझे अपने पास हे तू जग के दीनदयाल प्रभु मुझ पर हो कृपाल ।। ४ अपनी बड़ी दया से अपना आत्मा मुझे दे वह बतावे धर्म की नीति वह बढ़ावे प्रीत प्रतीत हे तू जग के दीनदयाल प्रभु मुझ पर हो कृपाल ।। 369 (३६९) “I will praise Thee.” L. M. ROUSE. Chord - F# | S- E.Movies/"---" | T-"---" १ प्यारे प्रभु मैं हूँ तेरा केवल तेरा सदा लों धोया हुआ तेरे रक्त से धन्य हो धन्य हो मेम्ने को ।। कोरसः- धन्य हो धन्य हो हाल्लेलूयाह धन्य हो धन्य हो मेम्ने को धुला हूँ मैं तेरे रक्त से धन्य हो धन्य हो मेम्ने को ।। २ देर से बड़ा यत्न करके शान्ति को मैं खोजता था पर जब मैं ने छोड़ के की प्रतीत तब चैन मिला ।। ३ अब मैं करता हूँ भरोसा रक्त के गुण मैं जानता हूँ और यीशु के पास मैं रहके उसे अपना मानता हूँ ।। ४ मैं ठहराया हुआ सेवक सदा तेरा रहूँगा तेरे पूरे त्राण की साक्षी सभों को मैं देऊँगा ।। ५ उसका योद्धा मैं रहूँगा जिसने किया मेरा त्राण जिसने पाप का मैल निकाल के निर्मल किया मेरा प्राण ।। ६ धन्य कि मैं प्रभु का दास हूँ धन्य कि उस में है कृपा धन्य कि मुझे वह बचाता धन्य हो सदा सर्वदा ।। 370 (३७०) “It is the blessed hour of prayer.” P. M. -- S. S. S. 303. FANNY CROSBY, 1820-1915. Chord - F | S- 6/8 | T-086 १ यह है प्रार्थना का समय जब हम छोड़के संसार अपने मित्र त्राणकर्ता के पास जाते हैं तो हम प्रेम विश्वास के साथ उसकी संगत करें जी में जी उससे आता बहुमूल्य समय ।। कोरसः- समय प्रार्थना का शान्तिदायक है जी में जी उससे आता बहुमूल्य समय ।। २ यह है प्रार्थना का समय जब वह दया के साथ अपने प्यारों की बिन्ती पर ध्यान देता है वही चिंता रंज और बोझ मुझसे दूर करता है जी में जी उससे आता बहुमूल्य समय ।। ३ यह है प्रार्थना का समय पाप के मारे जो हैं अपने दोष को मान के क्षमा दान मांगते हैं जब वह उनको ग्रहण कर उन्हें शुद्ध करता है जी में जी उससे आता बहुमूल्य समय ।। ४ यह है प्रार्थना का समय जो विश्वास हम करें कि जो मांगें सो निश्चय मिलता है हमें तो हम सोच विचार को छोड़ पूर्ण आनंद करेंगे जी में जी उससे आता बहुमूल्य समय ।। 371 (३७१) “Saviour, blessed Saviour.” 11. S. Princethorpe or Goshen. GODFREY THRING, 1823-1903. १ यीशु धन्य यीशु सुन हमारा गान मन और शब्द से करते तेरा आदरमान जो कुछ है हमारा जो कुछ होवेगा देह और प्राण और आत्मा सौंपते सर्वथा ।। २ निकट अधिक निकट तुझ पास आते हैं तेरा आदर करके घुटने टेकते हैं जगत में तू आया करने को उद्धार ऊपर फिर चढ़ गया हमें ले उस पार ।। ३ बड़े अधिक बड़े या हैं तेरे दान सच्चा और सनातन विभव है उस स्थान वहाँ शोक और चिंता क्लेश और दुःख हैं नष्ट वां सिंहासन आगे सब हैं बिना कष्ट ।। ४ बढ़ो आगे बढ़ो चलो सुख निवास जिस मार्ग संत लोग आगे बढ़े ईश्वर पास पीछे सब कुछ छोड़ के बढ़ो इसी रीत मुंह न पीछे फेरो दौड़ के पकड़ो जीत ।। ५ ऊपर प्रभु ऊपर आत्मा को पहुँचा लाज और दुःख भुलाके स्वर्ग में ले उठा हैं अपार आनंद में वहां दूत और संत जय यीशु की गाते मगन हो अनंत ।। 372 (३७२) “I need Thee every hour.” 6. 4. 6. 7. 7. 7. 4. S. S. S. 577. ANNNIE HAWKES, 1835-1918. Chord - F# | S- E.Movies/"---" | T-"---" १ रह मेरे पास सदा प्रभु दयाल तू अपने वचन से मुझे सम्हाल ।। कोरसः- हे यीशु प्यारे रक्षक है तू अति आवश्यक अब तेरे पास मैं आता तू आशिष दे ।। २ रह मेरे पास सदा तू शक्ति दे परीक्षा के समय कर स्थिर मुझे ।। ३ आनंद वा पीड़ा हो रह मेरे पास जीवन सिद्ध करने को मुझ में कर वास ।। ४ तू अपनी इच्छा को मुझ में करा और वचन का प्रताप मुझ से दिखला ।। ५ महा पवित्र तू रह मेरे पास ईश्वर का बेटा तू मैं तेरा दास ।। 373 (३७३) “My faith looks up to Thee.” 6. 6. 4. 6. 6. 6. S. S. S. 235. RAY PALMER, 1808-78. १ हे मेम्ने कलवरी के मैं तुझ पर हृदय से रखता विश्वास अब मेरी प्रार्थना सुन दूर कर सब पाप अवगुण आज से मैं नित्य रहूँ तेरा ही दास ।। २ अपने अनुग्रह से सामर्थ दिला मुझे उत्साह भी दे देख तेरी मृत्यु को प्रेम मेरा तुझ पर हो शुद्ध कोमल अटल हो और अग्नि सा ।। ३ जब जीवन यात्रा में घबराहट हो मुझे तू मार्ग दिखा अंधकार में ज्योति हो पोंछ डाल हर आंसू को और मेरा साथी हो तू सर्वदा ।। ४ जब जीवन पूरा हो मृत्यु की नदी को जब देखूँगा त्राणकर्ता प्रेम दिखा डर और सन्देह मिटा और मुझे मुक्त बना उस पार ले जा ।। 374 (३७४) Bhajan Tunes No. 78. SHUJAAT ALI. अरे हां रे मन यीशु को भजना । १ यीशु सिवा कोई पार न करिहै, वा पर चित्त धरना ।। २ माया मोह बीच फल नाहीं, यीशु को भजना ।। ३ जब लग प्राण रहता है घट मों, तभी तलक अपना ।। ४ ज्ञान ध्यान से देखो मनमों, दुनिया है सपना ।। ५ कहता है आसी सुन भाई साधु, आखिर है मरना ।। 375 (३७५) आओ प्रभु घट आज हमारे - (दो बार) १ या घट में नित्य बास करो तुम, हो मन्दिर यह योग्य तुम्हारे । २ पाप घिनित सब दमन करन को, हे प्रभु हमहु देहु सहारे । ३ हम सब जग में हिय उरझाने, धर्म स्वारथ काज बिसारे। ४ ताहु पतित हम आस करत है, तरिबो हम तव रक्त के द्वारे । 376 (३७६) तेरे साथ मैं चलूँ प्रभु, जब तू थामता मेरा हाथ ।। १ मेरा मुक्तिदाता कहता, क्रूस उठा के पीछे आ ।। २ जब गेतशेमनी को जाऊँ, क्या तू चलता मेरे साथ ।। ३ कांटों का है मेरा मुकुट, क्या तू उसको लेता है ।। ४ क्या तू देगा अपना जीवन, मैं ने दिया अपना प्राण ।। ५ दुःख के मार्ग का अन्त है आनंद, सदा आनंद मेरे साथ ।। 377 (३७७) परमेश्वर के घर बास करे, नर कौन जु स्वर्ग प्रवेश लहै ।। १ नर केवल जो मन सीधे चले, अरु धर्म करे दिनबास लहै ।। २ नर बोलत सत्य न गाली दिये, नहीं निंदत सो प्रभु पास रहे ।। ३ अपवाद पड़ोसिन का न करें, नहि हानि करे सुख नित्य गहै ।। ४ सत संगति जो चाहें दुष्ट रिपु, नर सो दिनबास सदा करिहै ।। ५ निज हानि शपथ जु खाय नहीं, पलटे नर सो अति मोद लहै ।। ६ नहि जो नर ब्याज का लोभ करे, न निर्दोषन से जु अकोर चहै ।। ७ परमेश्वर प्रीति जु धर्म करे, वह स्वर्ग माहि सुख बास लहै ।। 378 (३७८) Bhajan Tunes No. 32. HINGAN प्रभु यीशु दर्शन दीजे जी । मोहे शरण अपनी लीजे जी ।। १ तुम तो जग के तारणहारे, हम तो पापी दीन बेचारे । कृपा अपनी कीजे जी ।। २ तुम तो हो स्वर्गन के राजा, आय जगत में दीनन काजा । मोहे अपनो कीजे जी ।। ३ यह शैतान बड़ो दुःखदाई, याने जगतहि सकल भुलाई । याको बन्धन कीजे जी ।। ४ हम तो इन विषय में भूले, घर की चिन्ता में रहे फूले । धर्मात्मा दीजे जी ।। 379 (३७९) Bhajan Tunes No. 31. प्रेमानिधान सुकृपा कीजे । दर्शन हे प्रभु हम को दीजे ।। १ हम अति पापी तन ओ मन से । हे प्रभु पाप क्षमा अब कीजे । २ सेवक हम हर भांति निकम्मे । बल बुध देकर सेवा लीजे ।। ३ या भवसागर में नित शंका । प्रतिदिन सेवक रक्षा कीजे ।। 380 (३८०) Bhajan Tunes No. 56. JOHN CHRISTIAN. मन मन्दिर आये प्रभु यीशु, कीजे अपनो बासा जी ।। १ यही अपावन मन्दिर माझे, शत्रु डारयो पासा जी ।। २ प्रभु तुम ताको काटि दुरावो, दिखाय दण्डक त्रासा जी ।। ३ चौदिश घेरे विषय विरोधी, मन बच काया ग्रासा जी ।। ४ काह करा कछु सूझत नाहीं, तेरो नामक आशा जी ।। ५ जोग न जाँ पैहों प्रभु तेरो, करहु दया प्रकाशा जी ।। ६ विपत्ति सहो तुम दुखिन, कारण, मेरो यही दिलासा जी ।। ७ और करो मति मोर परीक्षण, छनिक भरे यह श्वासा जी ।। ८ केते पतिन तुम तारयो प्रभु, जानुहु तेरो दासा जी ।। 381 (३८१) Bhajan Tunes No. 80. SHUJAAT ALI. मैं तो यीशु को मन में मना रखिहूँ । कोई मानो न मानो तो मैं क्या करिहूँ ।। १ यीशु मसीह है तारणहार । कोई जानो न जानो मैं जना रखिहूँ ।। २ यीशु मसीह प्रभु तुम्हारे दरश को । मैं तो मन चित्त उधरी लगा रखिहूँ ।। ३ आसी की बिनती सुनो प्यारे बन्धु । तुम चेतो न चेतो मैं चिता रखिहूँ ।। 382 (३८२) Bhajan Tunes No. 109. SHUJAAT ALI. १ करता हूँ तुझ से इल्तिजा, यीशु मसीह फरयाद सुन । कुरबान तेरे नाम का, यीशु मसीह फरयाद सुन ।। २ तेरे सिवा और कौन है, बख्शेगा जो मेरे गुनाह । मुआफ कर मेरी खता, यीशु मसीह फरयाद सुन ।। ३ हम सभों के वास्ते, खुद आप अपनी जान दी । मुझ को भरोसा है तेरा, यीशु मसीह फरयाद सुन ।। ४ चार दिन का मुर्द लाजर, बात से तेरी उठा । दे हयात अब्दी मुझे, यीशु मसीह फरयाद सुन ।। ५ दर्द मेरे दूर कर हरगिज न हो मुझ से खफा । मुश्किल मेरी आसान कर, यीशु मसीह फरयाद सुन ।। ६ जो दस हुक्म हक ने दिये, मैं ने नहीं उनको किया । लायक जहन्नम के हुआ, यीशु मसीह फरयाद सुन ।। ७ जब याद करता हूँ तुझे दिल जान से गर एक बार । आकर भुलाता है लईं, यीशु मसीह फरयाद सुन ।। ८ मैं बहुत कमजोर हूँ, ईमान कमजोर मुझको अता । दे मुझे रूह उल कुदुस, यीशु मसीह फरयाद सुन ।। ९ थरथराता हूँ गुनाहों बीच में अपने सदा । तू कर फजल आसी ऊपर, यीशु मसीह फरयाद सुन ।।

  • Love and Praise – 328-346 | Masihi Geet Sangrah

    प्रेम और धन्यवाद (Love and Praise) 328 (३२८) “One there is above all others.” 8. 4. 8. 4. 8. 8. 8. 4. -- S. S. S. 65. MISS M. MUNN. १ एक तो है जो सब से अच्छा देख उस का प्यार भाई के प्रेम से अधिक सच्चा देख उसका प्यार मीत सांसारिक दुख भी देवें आज प्रेम करके कल छोड़ देवें मीत यह है जो छल न देवें देख उसका प्यार ।। २ यीशु जो तू जानना चाहे देख उसका प्यार उसको तन मन अर्पण कर दे देख उसका प्यार तुझे पाप का बोझ दबाता तू परीक्षा से घबराता यीशु इन ही से बचाता देख उसका प्यार ।। ३ प्रेम का चिन्ह है उसका मरण देख उसका प्यार मृत्यु लों वह तेरी शरण देख उसका प्यार तू सब कपटी प्रेम को छोड़ दे यीशु ही के पीछे हो ले जिसने तेरे दुःख सब भोगे देख उसका प्यार ।। ४ तेरे पाप वह दूर कर देगा देख उसका प्यार तेरे शत्रु को जीत लेगा देख उसका प्यार सारी आशिष तुझे देगा तेरा भला नित्य करेगा अंत को स्वर्ग में तुझे लेगा देख उसका प्यार ।। 329 (३२९) “Only Jesus feels and knows.” 7. 7. 7. 6. - S. S. S. 51. १ केवल यीशु जाननेहार कितना तेरे दुःख का भार उसका प्रेम है निर्विकार यीशु धन्य यीशु ।। कोरसः- उसका नाम प्यारा है और सब नाम से न्यारा है भय में वह सहारा है यीशु धन्य यीशु ।। २ केवल यीशु नाम की बात सब ही देखता है साक्षात उसके प्रेम में न पक्षपात यीशु धन्य यीशु ।। ३ केवल यीशु देके ध्यान सुनता और बचाता प्राण वह है मेरा शरण स्थान यीशु धन्य यीशु ।। ४ मेरा रक्षक वही है उसके साथ मैं हूँ निर्भय करूँगा नित्य उसकी जय यीशु धन्य यीशु ।। 330 (३३०) “As pants the hart.” G. M. Martyrdom or Remember Me. TATE AND BRADY. १ ज्यों हिरण प्यास से व्याकुल हो भाग भाग के हांफता है त्यों तेरे लिये हे मसीह मन मेरा हांफता है ।। २ तेरे लिये हे जीवन नाथ मन मेरा प्यासा है कब देखने पाऊँ तेरा मुंह तू मेरा राजा है ।। ३ क्यों गिर के कुढ़ता मेरे मन ईश्वर पर रख विश्वास वह हाथ लगा के शोक और रोग करेगा सर्वनाश ।। ४ कब लों हे ईश्वर मेरे बल मैं शोकित हो रहूँ निराश अनाथ और त्यागा भी बैरी से दुःख सहूँ ।। ५ क्यों पड़ा कुढ़ता तेरे मन आश रख के गावेगा गान उसका है जो तेरा नाथ और सोता जीवन का ।। 331 (३३१) “More love to Thee, O Christ.” 6. 4. 6. 4. 6. 6. 4. 4. S. S. S. 632. E. PRENTISS. १ तुझी से अधिक प्रेम मैं करूँगा कान धरके सुन जो वर मैं मांगूंगा यह मेरा है अब नेम कि करूँ अधिक प्रेम और अधिक प्रेम और अधिक प्रेम ।। २ पहिले मैं जगत का ढूँढ़ता आराम अब तुझ से मांगता हूँ आत्मिक विश्राम यह मेरा है नित्य नेम कि करूँ अधिक प्रेम और अधिक प्रेम और अधिक प्रेम ।। ३ जब जगत छोडूंगा तेरा सन्मान नित्य करता रहूँगा मैं आदरमान यह मेरा होगा नेम कि करूँ अधिक प्रेम और अधिक प्रेम और अधिक प्रेम ।। 332 (३३२) C. M. St. Agnes or Martyrdom. १ मसीह तू मेरा प्यारा है और मेरा मन-प्रकाश तू मेरा मुक्तिदाता है और मेरे मन की आश ।। २ दुष्ट आत्मा के मैं बंध में था और पाप से था भरपुर वह दशा तू न देख सका हे मेरे मन हो चूर ।। ३ मैं पापीकी चोट से घायल था अधम मैं था अज्ञान सहायक मेरा वही था हे मन तू धन्य मान ।। ४ जब सभों ने छोड़ दिया था और दूर हो गये थे यीशु ने गोद में लिया था मन उसको मान तू ले ।। ५ हे यीशु ख्रीष्ट मैं तेरा हूँ मैं निश्चय तेरा हूँ मैं तेरी स्तुति करूँगा तुझ पास मैं नित्य रहूँ ।। 333 (३३३) “What a Friend we have in Jesus.” 8. 7. 8. 7. D. What a Friend. JOSEPH SERIVNER, 1820-86. Chord - E | S- Ballad | T-078 १ यीशु क्या ही प्यारा मित्र पाप और दुःख उठाने को उसकी शरण हम ले सकते हम पर दुःख का भार जब हो कितना सुख हम भोगने पाते कितने दुःख से बचते भी जो हम सब ही को ले जाके प्रभु को बताते ही ।। २ क्या परीक्षा में हम पड़ें व्याकुलता भी हो हमें आशा प्रभु ही पर धर के उससे जाके सब कहें सच्चा मित्र ऐसा कौन है जो संभाले दुःखों में सारी निर्बलता वह जानता उससे जाके सब कहें ।। ३ क्या हम दबते भारी बोझ से बल भी जाता सब रहा प्यारा प्रभु है सहारा उस से जाके सब कहें क्या अनाथ और मित्रहीन हैं उस से जाके सब कहें अपनी गोद में वह उठाके शान्ति देवेगा हमें ।। 334 (३३४) “Take the name of Jesus with you.” 8. 7. Precious Name. MRS. L. BAXTER 1809-74. Chord - G# | S- 6/8 | T-086 १ यीशु नाम की दे दुहाई तू जो दुःख से है लाचार उस से शान्ति और सहाई तुझे मिलती है हर बार ।। कोरसः- मधुर नाम प्रिय नाम जिससे हुआ त्राण का काम ।। २ यीशु नाम को नित्य भजो वही ढाल हैं और चट्टान देता वही बल निर्बल को उस को तू सहायक जान ।। ३ क्या ही प्रिय यीशु नाम है जिस से बढ़ती मन की प्रीत उस को भजना हर्ष का काम है वह है पापी जन का मीत ।। ४ यीशु नाम की कर बड़ाई वह ही है राजाधिराज तीनों लोक के नाथ को भाई अब सराहों बीच समाज ।। 335 (३३५) 8. 7. 8. 7. Stuttgart or Mariners. १ लाखों में एक मेरा प्रिय एक ही मेरा प्रिय है उस ने मेरे मन को लिया प्रेम के बल से लिया है ।। २ पाप की दलदल में मैं धंसा धर्मविहीन और मन मलीन दुष्ट के जाल में था मैं फंसा आसराहीन और दुष्टाधीन ।। ३ मेरा प्रीतम यीशु आया खोजने और बचाने को मुझे पाया और बचाया उस की स्तुति सदा हो ।। ४ प्रिय प्रभु मन जो लिया बस तो सब कुछ तेरा है तन और धन सब तुझे दिया फिर तू प्रीतम मेरा है ।। 336 (३३६) “The best of friends.” 9. 8. 9. 8. 8. 8. Der beste Freund. BENJAMIN SCHMOLK. 1672-1773. १ वह सब से उत्तम और प्यारा दोस्त मेरा ऊपर स्वर्ग में है संसार में धोखा बहुतेरा पर सच्ची दोस्ती थोड़ी है यह बात मैं जानता हूँ निश्चय वह उत्तम मित्र यीशु है ।। २ मनुष्य तो है हिंडोला नाईं पर ख्रीष्ट चट्टान के ऐसा है सच्चाई उसमें और खराई सदा दिखाई देती है यह बात मैं जानता हूँ निश्चय वह उत्तम मित्र यीशु है ।। ३ उसने निज प्राण मेरे लिये सलीब पर प्रेम से दिया है और मेरे पाप भी क्षमा किये नित्य मेरे साथ ठहरता है यह बात मैं जानता हूँ निश्चय वह उत्तम मित्र यीशु है ।। 337 (३३७) 6. 6. 8. D. 6. 6. 6. Wunderbarer Koening. JOACHIM NEANDER. 1650-80. १ हे आश्चर्यवन्त राजा, ग्रहण कर त्राणदाता सब का भजन गीत गुणगाथा जौभों तुझ से फिरें, हम पर तू बरसाता पिता का सा प्रेम ओ दया दे सहाय शक्ति मय, कि हम स्तुति गावें तेरा यश सुनावें ।। २ गान कर हे मेरे प्राण तू, भजन गा पुनीता मोहित मेरे मन विनीता सब जो लेते श्वासा, दण्डवत करो ईशा ओ नवाओ अपना शीशा अब यहाँ और सदा, स्वर्ग का सेनापति स्तुति योग्य अति ।। ३ हल्लेलूयाह गावे, प्रभु को जो जानता यीशु ख्रीष्ट को पहिचानता स्तुतिधन्य सुनावे, ख्रीष्ट का नाम जो लेता उस को अपना मन सौंप देता कर प्रतीत तू नित्य नित्य उसको स्वर्ग के धाम में देगा स्तुति हर जाम में ।। 338 (३३८) Bhajan Tunes No. 36. or 68. SUDIN. जिन यीशु के नाम आधार गहे, तिन हानि कहां शैतान कियो ।। १ निज प्रेरित पावल को जग में, सिगरो सत साधक वीर कियो ।। २ प्रभु से जितने सत प्रेम किये, दुःख पाप को टारि पवित्र कियो । ३ इलियाजर भक्त सुआश्रित को, दिन चारि मुए पर जीव दियो ।। ४ प्रतीत करी दृढ़ जो प्रभु की, तिन मृत्युद बंधन तोड़ दियो, ।। ५ कर जोरि करों प्रभु तोर विनय, तुम आय बसो अब मोर हियो ।। ६ निज दास अधीनक बांह गहो, तुम पापिन कारण प्राण दियो ।। 339 (३३९) PARBASU. भज मन यीशु नाम सुखदाई । १ घरि घरि पल पल अवध बीतत सब, फिर पीछे पछताई ।। २ भाई बन्धु सब कुटुम्ब कबीला, देखत जिया ललचाई ।। ३ अन्त समय कोई काम न आवे, पशु कहे समझाई ।। 340 (३४०) Bhajan Tunes No. 57. SHUJAAT ALL मन भजो मसीह को चित्त से, वह तुम्हें बचावे नरक से ।। १ जो मन भूलो मन से वाको, तो कैसे बचाओगे नरक से ।। २ दुःख सुख दोनों वाके वश में, वह तुम्हें बचावे बिपत से ।। ३ जब तुम पाप में डूब रहे थे, वह आया बचाने स्वरग से ।। ४ चार दिनन का मरा था लाजर, वाको जिलाया कबर से ।। ५ भूलो मत तू वाको आसी, वह तुझे चुना है जगत से ।। 341 (३४१) Bhajan Tunes No. 66. SHUJAAT ALI. यीशु मसीह मेरो प्राण बचैया । १ जो पापी यीशु कने आवे, यीशु है वाकी मुक्ति करैया ।। २ यीशु मसीह की मैं बलिबलि जैहूँ, यीशु है मेरो त्राण करैया ।। ३ गहरी वह नदिया नाव पुरानी, यीशु है मेरो पार करैया ।। ४ दीनानाथ अनाथ के बन्धु, तुमही हो प्रभु पाप हरैया ।। ५ आसी को अपनी शरण में रखियो, अन्त समय मेरी लीजै खबरिया । 342 (३४२) यीशु तू ने किया पिया V, जब विश्वास मैं तुझ पर लाया ।। १ जब से तन मन चित्त लगाया, दर्शन घट भीतर तब पाया । आनन्द होकर शीश नवाया, देखी तेरी अद्भुत माया ।। २ मैं ने देखा यीशु प्यारा, दुःरुख संकट सहा अपारा ।। क्या ही अद्भुत प्रेम निहारा, मैंने मन बिच आनंद पाया ।। ३ तेरे बलि पर बलिहारी, तू ने काम किया अति भारी । देखी पढ़ कर बैबल सारी, तेरे भक्तों ने यश गाया ।। ४ मैं गुण मानूँ प्रभु प्रभु तेरा, तू ने पाप मिटाया मेरा । आया धर्म आत्मा तेरा, मैं ने उजियाला तब ही पाया ।। ५ जो शरण मसीह की आवे, वह मन इच्छा फल पावे। जग में जरा नहीं शरमावे तेरे दास ने शीश नवाया ।। 343 (३४३) Bhajan Tunes No. 2. PANCHAM MASIH. Chord - D# | S- Dholak | T-084 हमारा मन लागा यीशु जी के चरण । १ कोई पहिरे कंठी माला, कोई तिलक लगावे जी । कोई गले में सेली पहिरे, कोई गले में तागा ।। २ कोई अंग भभूत लगावें, कोई ओढ़े मृगछाला जी । कोई काला कम्बल ओढ़े, कोई फिरत हैं नागा ।। ३ कोई पूजे देवी देवा, कोई गंग नहावे जी । कोई पीपर पानी छोड़े, कोई जिमावे कागा ।। ४ कोई बन बन तीर्थ भरमे, कोई बांह सुखावे जी । कोई पंच अंगिन को तापे, देख भरम मैं भागा ।। ५ प्रभुदास गिन बलकर जोर, सुनो बाल नर नारी जी । यीशु मसीह जब दया कीन्ही, तब मैं नींद से जागा ।। 344 (३४४) Bhajan Tunes No. 107. १ यीशु दे दीजे दीदार, मेरे प्यार करने वाले । यहाँ पर हैं मुन्तजिर, तेरी राह तकने वाले ।। २ दिखाया अपना प्यार, कर जान को निसार । खून अपने से मुझ को, वह मोल लेने वाले ।। ३ उम्मीद हमारी भारी, शबो रोज इन्तजारी । तू वायदा हम से प्यारे, वह पूरा करने वाले ।। ४ मैं जाता हूँ आसमान, करने तैयार मकान । भेजूंगा रूह-इ-हक्क को, तसल्ली के देने वाले ।। ५ पस-इ-मर्ग थे गुनाह में, ला दम थे खता में । फजल ओ करम से अपने, फिर से जिलाने वाले ।। 345 (३४५) H. T. B. 123. SHUJAAT ALI. करूँ हम्द ऐ रब्ब मैं तेरी सदा । रख अपने ही दर का मुझे तू गदा ।। १ बजुज तेरे हरगिज नहीं और हैं । तू ही तो है बे शक्क सभों का खुदा ।। २ तेरे फजल का हूँ मैं उमेदवार । हूँ दिल जान से मैं तो तुझ पर फिदा ।। ३ तू अपने करम से बचा ले मुझे । तू अपने फजल की मुझे दे रिदा ।। ४ फकत मुझको उम्मीद है तुझ सेती । गुनाहों का है बोझ मुझ पर लदा ।। ५ हैं अफजल मुहब्बत तेरी ऐ मसीह । था बख्शिश को हम सब की तू ही फिदा ।। ६ यही इल्तिजा तुझ से है ऐ मसीह । इस आसी को हरगिज न कीजियो जुदा ।। 346 (३४६) क्या करूँ तारीफ तेरी मुझ में दानाई नहीं । देखिये बेताब में कुछ ताब इ गोयाई नहीं ।। तू खुदा है और इन्सान यह मेरा ईमान है । इस अजब हिकमत की इन्सान में शिनासाई नहीं ।। किस तरह तेरे कदम पर मैं कदम को रख सकूँ । जानते हैं आप बन्दे में तवानाई नहीं ।। ऐ मेरे मस्लूब मैं तेरी उठाता हूँ सलीब । बस यही इज्जत है मेरी इस में रुसवाई नहीं ।। गर करूँ जी जान से तुझको न मैं यीशु पिया V। नाम रखता हूँ वले मैं दिल से ईसाई नहीं ।। जान दीदी तू ने जबीह-उल्लाह सब के वास्ते । ऐसी खूबी और में हमने कभी पाई नहीं ।।

  • Holiness and Prayer 347-361 | Masihi Geet Sangrah

    पवित्रता और प्रार्थना (Holiness and Prayer) 347 (३४७) “More holiness give me.” 6. 5. 6. 5. D. S. S. S. 582 or Lyndhurst. PHILLIP BLISS. 1838-79. १ और शुद्धता तू दे और मन में उद्योग और धीरता हर दुख में और पापों से सोग और प्रभु की आशा और उसी से प्रीत और सेवा की लालसा और प्रार्थना में जीत ।। २ और कृतज्ञता दे और प्रभु में बास और उत्साह भी काम में और वचन की आस और प्रभु की संगति और दुःख में सहभाग और स्थिरता बिपत में और भी धन्यवाद ।। ३ और साधुता दे दे और जीतने का बल और मन की निर्दोषता और आत्मा का फल और शुद्ध मैं हो जाऊँ और काम का हर स्थान और होऊँ आशिशित और तेरे समान ।। 348 (३४८) “Pray always, pray.” १ नित्य प्रार्थना कर पवित्र आत्मा तो तुझ में जताता है जो मांगना हो ।। २ नित्य प्रार्थना कर बोझ तले पापों के तू लहू को तब देख ले यीशु के ।। ३ नित्य प्रार्थना कर जो थका आस्राहीन तू ईश्वर पास रह सकता है आधीन ।। ४ नित्य प्रार्थना कर कोलाहल हो आस पास प्रार्थना से मिलती टेक और दुःख में आश ।। ५ नित्य प्रार्थना कर जो सुख बढ़ जावे भी गीत गाने में यीशु के लगता जी ।। ६ नित्य प्रार्थना कर जो मीत मर जावें भी साथ उन के अक्षय संगत होती ही ।। ७ सांसारिक बात सब बीती जाती है। पर प्रार्थना से अमरता मिलती है ।। 349 (३४९) “Lord, I hear of showers of blessing.” ELIZABETH CONDER, 1860. Chord - E | S- Waltz | T-126 १ प्रभु तू आशिष बरसाता दया की भरपूरी से सूखे स्थान पर मेंह गिराता मुझ पर भी कुछ पड़ने दे मुझ पर भी मुझ पर भी मुझ पर भी कुछ पड़ने दे ।। २ छोड़ न मुझे मेरे पिता मुझ ही बड़े पापी को जो तू छोड़ता तो मैं मरता दया तेरी मुझ पर हो मुझ पर हो ।। (इत्यादि) ३ छोड़ न मुझे प्रभु प्यारे तुझ से प्रेम मैं रखूँगा मैं तो आता हाथ पसारे मुझको भी अब पास बुला मुझको भी ।। (इत्यादि) ४ छोड़ न मुझे शान्तिदायक आंख तू खोलता अंधों की तू है प्रार्थना में सहायक शान्ति दे अब मुझ को भी मुझ को भी ।। (इत्यादि) ५ प्रेम परमेश्वर का अटल है लोहू सेंत मेंत यीशु का और अनुग्रह भी असीम है मुझ में सब को तू बढ़ा मुझ में ही ।। (इत्यादि) ६ छोड़ न मुझे अब बचा के मुझे आप में जोड़ तू ले तू आशिष की बारिश भेज के मुझे अब पूर्ण आशिष दे मुझे दे ।। (इत्यादि) 350 (३५०) “There's power in the blood.” P. M. S. S. S. 145. L. E. JONES. १ पापों के बोझ से क्या बचोगे तुम यीशु में गुण यीशु में गुण पापों पर जयवंत होगे तुम हमारे यीशु में है गुण ।। कोरसः- गुण है गुण गुण पाप मिटाने गुण यीशु में गुण यीशु में गुण गुण है गुण गुण पाप मिटाने गुण प्रभु यीशु में है गुण ।। २ क्रोध और घमण्ड से क्या छूटोगे तुम यीशु में गुण यीशु में गुण कलवरी के पास अभी जल्द जाओ तुम हमारे यीशु में है गुण ।। ३ क्या दिल को धोके निर्मल होगे तुम यीशु में गुण यीशु में गुण पाप के कलंक से क्या साफ़ होगे तुम हमारे यीशु में है गुण ।। ४ यीशु के दास क्या बनोगे तुम यीशु में गुण यीशु में गुण हो रात और दिन उसकी जय बोलो तुम हमारे यीशु में है गुण ।। 351 (३५१) “Jesus meek and gentle.” 6. 5. 6. 5. St. Constantine or Caswell. १ यीशु दीन और कोमल पुत्र ईश्वर के प्रेमी मुक्तिदाता बिन्ती को सुन ले ।। २ पापों को कर क्षमा बेड़ी को खोल डाल तोड़ दे हर एक मूर्ति फिर न हो जंजाल ।। ३ कर निर्बन्ध और निर्मल मन में प्रेम भर दे स्वर्ग की ओर हे यीशु हमें खींच तू ले ।। ४ यात्रा में संग होके मार्ग तू आप बता जग के घोर अंधेर से स्वर्ग में ले पहुँचा ।। ५ यीशु दीन और कोमल ईश्वर पूत महान सुन हमारी बिन्ती त्राता दयावान ।। 352 (३५२) 7. 7. 7. 7. St. Bees or Harts. Chord - E | S- 6/8 | T-086 १ यीशु करुणानिधान तेरे लिये मेरा प्राण गिड़गिड़ाता है सदा मेरे मन में उतर आ ।। २ बार बार मैं पुकारता हूँ दिन और रात कराहता हूँ मेरे प्यारे उतर आ कब आह कब तू आवेगा ।। ३ जैसे ग्रीष्म के समय हरनी प्यासी होती है प्रभु तेरे लिये यूँ मैं भी अब तरसता हूँ ।। ४ जीवन तेरे बिना क्या तेरे बिना सुख कहाँ ? मेरा सुख है हर समय कि तू मेरा जीवन है ।। ५ प्रभु मेरे हाथों से जो कुछ मेरा है सो ले केवल तुझे मैं सदा अपना सब कुछ जानूँगा ।। ६ अपना कान दीनबन्धु धर मेरे मन में डेरा कर तब तो तेरे संग सदा मैं स्वर्गधाम में रहूँगा ।। 353 (३५३) “Cleansing for me.” १ यीशु में लोहू से मिलती मुझे मन की सफाई मन की सफाई पाता हूँ पापों की क्षमा उससे मन की सफाई मन की सफाई पापी हो ईश्वर से दूर गया था और मैं शैतान से भी हार गया था ख्रीष्ट पर विश्वास कर मैं छूट गया था मन की सफाई मन की सफाई ।। २ पापों को छोड़ कर मैं पाता हूँ सुख मन की सफाई मन की सफाई हो गया दूर मेरे पापों का दुःख मन की सफाई मन की सफाई ख्रीष्ट मुक्तिदाता विश्वास योग्य है वह मुझे ग्रहण अभी करता है पापों से छूट के अब त्राण मिला है मन की सफाई मन की सफाई ।। ३ यीशु मिटाता है मनों की त्रास मन की सफाई मन की सफाई शान्ति और सुख का है यीशु निवास मन की सफाई मन की सफाई बातें बहुत मैं समझता नहीं पर मैं विश्वास रखता ख्रीष्ट पर सही कि उसकी सामर्थ से मिलती मुझे मन की सफाई मन की सफाई ।। 354 (३५४) “Search me O God, my actions try.” F. BOTTOMB. १ हे ईश्वर मुझे खोज के जान और मुझे शक्ति दे कि मैं भी जानूँ अपना प्राण तेरे ही जांचने से ।। २ कौन अन्तर्यामी तुझे छोड़ जान सके हृदय को मुझ से घिना के मुंह न मोड़ पर मैल से मुझे धो ।। ३ मन के अंधेरे भागों में उजाला तू फैला पाप चीन्हने को खराई से मेरा विवेक जिला ।। ४ खोज अपनी तीक्ष्ण दृष्टि से जब लों कि औंधे मुँह मैं अतिशय दीनताई से न खेदित हो गिरूँ ।। ५ यों पड़ा हुआ सीखूंगा मसीह का प्रेम अपार ईश्वर महान से मिलने का है केवल वही द्वार ।। 355 (३५५) “Lord teach us how to pray aright.” JAMES MONTGOMERY, 1771-1854. १ हे प्रभु मुझे तू सिखा सिद्ध प्रार्थना करने को दयाल तू है और सामर्थी सहायक मेरा हो ।। २ तू मेरे पाप सब क्षमा कर दे मुझे धार्मिक ज्ञान और मेरे मन को शक्ति दे कि तुझ पर धरे ध्यान ।। ३ जब मुझे होवे सोग और रोग तब मेरा कर उपकार और अन्त में अपनी कृपा से तू मुझे पार उतार ।। 356 (३५६) Bhajan Tunes No. 62. कि अब मोरी सुरति मसीह जी से लागी । १ आतम दान यीशु ने दीना, प्रेम अगिन तब जागी । हिय धर्मातम वासु जु कीन्हा, कुमति छोड़ के भागी ।। २ जब से सुरति यीशु से लागी, लोग भये सब बागी । सब ने मिल के एका कीन्हा, दीनों मोहि तियागी ।। ३ कोई जग में भक्त कहावे, कोई बने बैरागी । प्रेम सहित यीशु गुण गावे, सोई संत बड़ भागी ।। 357 (३५७) Bhajan Tunes No. 63. करुणानिधान प्रभु यीशु सुनिये करुणा मेरी ।। १ तुम दीनन के हितकारी, नर देह आपनो धारी । तब मसीह नाम पायो, सब शिष्यन के मन भायो ।। २ हम दोषी दीन बिचारो, सब पापन ते निरवारो । तुम दयासिन्धु जग में, हम डूब रहे हैं अघ में ।। ३ नर प्राणन के रखवारो, भयमोचन नाम तिहारो । हम बूड़े जात या में, यह गान तुम्हारो गावें ।। ४ भवसिन्धु अगम अपारा, अब लीजे वेग उधारा । अब कृपा दृष्टि कीजे, तन मन अपनो कर लीजे ।। 358 (३५८) Bhajan Tunes No. 104. SABIR CHIMMAN LAL. Chord - D | S- Dholak/Ballad | T-088-094 १ भेष बदला क्या हुआ दिल का बदलना चाहिये । एक दो बातें नहीं बिल्कुल बदलना चाहिये ।। २ तन्दुरुस्ती के लिये कपड़े बदलना चाहिये । सत्य पर चलने के लिये दिल का बदलना चाहिये ।। ३ जो सुने बैबल से वह दिल से समझना चाहिये । दिल बदलने के लिये यीशु से मिलना चाहिये ।। ४ ऐ दिले पापों पर अपने आज रोना चाहिये । आज तो बेचैन हो पहलू बदलना चाहिये ।। ५ जो गये दुनिया से साबिर वे हमें मिलते नहीं । जो रहे उन को मसीह रूह पाक मिलना चाहिये ।। 359 (३५९) Bhajan Tunes No. 72. SABIR CHIMMAN LAL. मोरि मसीहा से लागी नजरिया । १ निर्गुण हूँ प्रभु गुण नहीं मुझ में, तेरे हाथ मोरि बारी उमरिया ।। २ दीनन पर किरपाल मसीहा, दीनबन्धु मोरि लीजो खबरिया ।। ३ धन सम्पत सपने सम जानो, ले जैहो क्या बांध गठरिया ।। ४ अगम अपार बहत है सागर, पार करो प्रभु मोरि नवरिया ।। ५ मानुष सौदा कर ले सबेरा, जग दो दिन की जान बजरिया ।। ६ साबिर पर प्रभु नेक निहारो, प्रभु यीशु तोरी प्यारी नजरिया ।। 360 (३६०) ग़ज़ल १ ऐ दिल तेरी बुराई को कब तक सहा करूँ । कौलों मसीह को छोड़ के किस का कहा करूँ ।। २ नाराज करके रूह मुकद्दस को बरमला । बहिरे फना की मौज में हर दम बहा करूँ ।। ३ जी चाहता है छोड़ के हुब्बे वतन की चाह । बस्ती में अपने प्यारे यीशु की रहा करूँ ।। ४ कहती है अनदलीब के बागे अरम में जा । हर शाख इ गुल पे बैठके मैं चहचहा करूँ ।। 361 (३६१) H. T. B. 129. SHUJAAT ALI. १ मेरा नहीं है कोई मददगार या मसीह । तू ही है हम सभों का मददगार या मसीह ।। २ अब ले खबर शिताब न कर बार या मसीह । फरियाद मेरी तुझसे है हर बार या मसीह ।। ३ तेरे सिवाय कोई नहीं यार या मसीह । बन्दा हूँ तेरे दर का गुनहगार या मसीह ।। ४ तू ही है आसियों का खरीदार या मसीह । अजबसकि हूँ गुनाह में गिरफ्तार या मसीह ।। ५ करता है आसियों को तू ही प्यार या मसीह । हम आसियों को तुझ से है गुफ्तार या मसीह ।। ६ तेरी तरफ सभों की है रफ्तार या मसीह । करता हूँ मैं गुनाहों का इकरार या मसीह ।। ७ हूँ मैं गुनाह में अपने शरमसार या मसीह। हरगिज न डालियो मुझे दर नार या मसीह ।। ८ शैतान मुझ से करता है तकरार या मसीह । रूह-उल-कुदुस को दे मुझे तलवार या मसीह ।। ९ आसी को है तुझी सेती दरकार या मसीह । तुझ बिन करेगा कौन मुझे पार या मसीह ।।

  • ABOUT | Masihi Geet Sangrah

    About At Masihi Geet Sangrah, we understand the importance of having accurate lyrics for meaningful worship. Our platform serves as a bridge between tradition and modern devotion, offering a wide range of categories that cover every aspect of the Christian life from Baptism and Marriage to Mission and Second Coming. Managed by Yash Soloman and Shaan Jashwant, this project is born out of a passion for the gospel and a desire to serve the church. We constantly update our library to include the latest contemporary hits alongside the classic hymns found in the traditional Masihi Geet Sangrah. Join us as we celebrate our faith and find inspiration in the lyrics of praise. Mr. Sharon Ram The Masihi Geet Sangrah digital project was founded by Mr. Sharon, a man whose life is a testament to serving both God and neighbor. Based in Dalli Rajhara, near Balod, Mr. Sharon is the proprietor of Rajhara Pathology Lab. His background as a Pathologist and emergency Paramedic reflects a life dedicated to healing and care. However, his heart has always beat for the rhythm of worship. As an accomplished percussionist mastering the Drums, Naal, and Octopad and a professional Sound Engineer, he recognized a need for a more accessible way for the congregation to carry their songs of praise. This website is his contribution to the global church: a simplified, digital version of the Masihi Geet Sangrah designed to be a personal songbook for every believer. Reach Out

  • Fellowship & Service 383-392 | Masihi Geet Sangrah

    सत्संगति और सेवा (Fellowship & Service) 383 (३८३) “O Master let me walk with Thee.” WASHINGTON GLADDEN, 1836-1918. Chord - D# | S- Ballad | T-080 १ इष्ट सेवा के सत मागों में हे प्रभु तेरे साथ चलूँ खोल अपने भेद और सामर्थ दे कि श्रम का बोझ और खेद सहूँ ।। २ सहायता दे कि मन्दों को प्रेम पूर्ण शब्दों से जगा दूँ मुझे सिखा कि भटके पांव मैं स्वर्ग के मार्ग पर ले पहुँचाऊँ ।। ३ धीरज दिला नित्य तेरे संग तेरी निज संगति में रहूँ जिस काम से होता दृढ़ विश्वास जो आश जयवन्त है मैं करूँ ।। ४ उस आशा में जो देती ज्योति दूर तक मार्ग पर भविष्य के उस शान्ति में जो तेरी है साथ अपने प्रभु जीने दे ।। 384 (३८४) “Am I a soldier of the cross.” C. M. -- S. S. S. 672. ISAAC WATTS, 1674-1748. Chord - C# | S- 6/8 | T-088 १ क्या मैं जो चेला मेम्ने का और क्रूस का योद्धा हूँ शर्माऊँ नाम के मानने से और सेवा न करूँ ।। कोरसः- नाम से प्यारे प्रभु के जिसने दिया अपना प्राण विश्वास से क्रूस उठाऊँगा ख्रीष्ट यीशु के समान ।। २ जयफल परिश्रम संकट से औरों ने पाया है क्या बैठूँ मैं आराम के साथ सुख भोगूँ हर समय ।। ३ क्या दुष्टो का मैं सामना कर शैतान से न लडूँ संसार पर क्या मुक्त होने का भरोसा मैं करूँ ।। ४ जो राज्य मैं करना चाहता हूँ तो निश्चय लड़ना है सहूँगा दुःख परिश्रम को जब तक न हो विजय ।। 385 (३८५) “Must I go and empty handed.” P. M. -- S. S. S. 89. C. C. LUTHER. Chord - B | S- Waltz | T-124 १ क्या मैं छूछे हाथ से जाऊं अपने प्यारे यीशु पास उसकी सेवा मैं न करूँ न और होऊं उसका दास ।। कोरसः- क्या में छूछे हाथ से जाऊं अपने प्यारे यीशु पास उसके पास कुछ न ले जाऊँ तो मैं रहूँगा उदास ।। २ मृत्यु से मैं कुछ न डरूं प्रभु मुझे थामता पर मैं संग कुछ न ले जाऊँ इस से लज्जित होना है ।। ३ हाय मैं था निश्चित निकम्मा मौका मैं ने खोया था मौका मुझको फिर जो मिलता काम मैं करता प्रभु का ।। ४ जब तक दिन है कर परिश्रम मन लगा के साथ विश्वास उसका समाचार सुनाके ला बहुतेरे यीशु पास ।। 386 (३८६) “Where cross the crowded ways.” L. M. -- Walton or Rockingham. FRANK MASON NORTH, 1850-1935. १ जां मिलते जग की भीड़ के मार्ग जां होती जाति और कूल की छूत हम स्वार्थी युद्ध से भी अधिक तेरी सुनते मनुष्य के पूत ।। २ कष्ट कंगालपन के अड्डों पर जां भय की छाया पड़ती है जिस मार्ग में लालच दबका है आंसू तेरे दरसते हैं ।। ३ कोमल बालपन की निर्बलता स्त्रियों का शोक मनुष्य की हार भूख पीड़ित प्राण और दुःख का बोझ सब तेरे दिल पर रखते भार ।। ४ जो प्याला तेरे नाम से हो उसमें अब तक है तेरा क्षेम पर तौभी भीड़ यह चाहती है कि देखें तेरे मुख का प्रेम ।। ५ हे प्रभु अब पहाड़ पर से तू दुःखित मन को चंगा कर इन अस्थिर भीड़ों में तू रह पांव नागरिक मार्गों में फिर धर ।। ६ जब तक लोग सीख के तेरा प्रेम तेरे निज पदों पर चलें और नगर अपने ईश्वर का तब उतरे तेरे स्वर्ग में से ।। 387 (३८७) “Sow in the morn thy seed.” JAMES MONTGOMERY, 1771-1854. १ बिहान को बीज बो दे हाथ सांझ को मत उठा हो अलग सारी चिंता से हर कहीं बीज फैला ।। २ तू बीज फलदाई को न चीन्ह कर सकेगा आशिशित जहां कहीं हो वह सब उगावेगा ।। ३ प्रगट फिर होवेंगे अंकुर सुहावने और बोलें डंठल शोभा से सब पूरित होवेंगे ।। ४ निष्फल न होगा काम क्योंकी उस दाने को ठण्ड आवेंगे और मेंह और घाम सब पक्का करने को ।। ५ फिर दिन में ईश्वर के जब प्रभु आवेंगे दूत काटनेहारे उतर के खत्ते में रखेंगे ।। 388 (३८८) “Sowing in the morning.” 6. 6. 6. 5. D. S. S. S. 757. KNOWLES SHAW. Chord - A | S- 6/8 | T-088 १ भोर के समय बोते दयारूपी बीज को धूप में भी परिश्रम करते संध्या लो धीरज से काम करते फल की बाट हम जोहते कटनी में आनंद से फल हम पावेंगे ।। कोरसः- काम का पूरा फल काम का पूरा फल लावेंगे आनंद से काम का पूरा फल ।। २ हम दौड़ धूप को सहते छाया में भी बोते बादल से न ठण्ड से साहस छोड़ेंगे कटनी के समय पर पक्का फल मिलेगा तब आनंद से काम के फल हम पावेंगे ।। ३ प्रभु ख्रीष्ट के लिये रोते हुए बोवें यदि हानि देख के हम घबराते हों दुःख का अन्त तो होगा प्रतिफल वह देगा तब आनंद से काम के फल हम पावेंगे ।। 389 (३८९) “To the work, to the work.” FANNY CROSBY, 1820-1915. Chord - D | S- 6/8/Shuffle | T-090 १ सेवा में सेवा में हम नित्य तत्पर रहें और यों ख्रीष्ट के आदेश को हम पूरा करें लेकर उस ही की शक्ति और होकर बलवान जगत भर में प्रचारें कि सेंतमेंत है त्राण ।। कोरसः- करो काम शक्ति भर करो काम धीरज धर रख के आश और विश्वास तन मन से काम कर यीशु का ।। २ सेवा में सेवा में भूखों को सब खिला और पियासों को जीवन के सोते पर ला लेकर क्रूस को हम ख्रीष्ट का फिर करें बयान जगत भर में प्रचारें कि सेंत मेंत है त्राण ।। ३ सेवा में सेवा में हम सब होवें बलवन्त जिससे शत्रु के राज्य पर हम होवें जयवन्त लेकर प्रभु के नाम को जो है सर्वप्रधान जाकर सब को हम कहें कि सेंत मेंत है त्राण ।। ४ सेवा में सेवा में जो हम रहें लौलीन तो हम आगे न होवेंगे मुकुट विहीन और जब स्वर्ग में नित्य होवे हमारा निज स्थान तब वहां हम गावेंगे कि सेंत मेंत है त्राण ।। 390 (३९०) “My glorious victor, prince divine.” L. M. -- Gideon or Melcombe. H. C. G. MOULE. १ हे जयवन्त प्रभु दैविक मीत तू अपना दास बना मुझे अब मेरी इच्छा तेरी है तू मुझे अपने वश कर ले ।। २ हे नाथ द्वार के पास ले जा वहां मनछेदन कर मेरा तुझ में दासत्व मोक्ष ही है तू मुझे दास कर रख सदा ।। ३ हां कान और हाथ और सोच और चाह तू अपनी सेवा में लगा स्वाधीनता को मैं करके त्याग आप डालता तेरे पांव तले ।। ४ वहां उसे दबाये रख तब हाथ भरपुर दान तेरे से तेरी सेवा में यत्न कर औरों को लाऊँ पास तेरे ।। 391 (३९१) “L. M. Rivauls or Winchester New.” १ हे प्रिय पिता यह वर दे कि तेरे मुख की ज्योति में मैं सदा शान्ति से रहूँ और तेरा नाम प्रचार करूँ ।। २ तू मुझ बलहीन को शक्ति दे कि तेरे प्रेम के बल ही से मैं औरों को खींच सकूँ यों तेरी सेवा में रहूँ ।। ३ तू अपना प्रेम अब मुझ में भर और बार बार मुझे शुद्ध तू कर कि तुझ से मैं भरपुर रहूँ यों तेरी महिमा करूँ ।। ४ मैं बनूँ प्रभु तेरे तुल्य हो मुझमें तेरा रूप बहुमूल्य जब तक कि देखने से मुझे न देखने पावें सब तुझे ।। ५ यूँ पिता अपना प्रेम बता यूँ अपने को प्रत्यक्ष दिखा जब तक कि प्रेम की अग्नि से सब मेरा स्वार्थ न नाश होवे ।। 392 (३९२) ग़ज़ल जग सेवक चर हैं हम हम हम, सब सेवक वर हैं हम हम हम ।। १ सेवक चर हैं सेवक वर हैं सुचिता शील दया के घर हैं । सेवा में रहते तत्पर हैं करते हर दम श्रम श्रम श्रम ।। २ कष्ट कहीं पर जो सुन पावें सुनते ही एक दम वां धावें । जो कुछ कर सकें मदद पहुँचावें मुस्तैदी से हम हम हम ।। ३ चाहे पड़ रही धूप कड़ी हो वर्षा की लग रही झड़ी हो । कड़क के बिजली तड़क रही हो चमक रही हो चम चम चम ।।

  • Temptation & Conflict 393-402 | Masihi Geet Sangrah

    परीक्षा और युद्ध (Temptation & Conflict) 393 (३९३) “Stand up ! stand up for Jesus.” 7. 6. 7. 6. D. Morning Light. GEORGE DUFFIELE, 1848-1888. Chord - F# | S- Ballad | T-086 १ उठो मसीह के लिये हे क्रूस के योद्धाओ राज झंडा करो ऊँचा न हानि होने दो वह जय पर जय प्राप्त करके सेना ले चलेगा जब तक कि हर एक शत्रु आधीन न होवेगा ।। २ उठो मसीह के लिये पहरू चिताता है निश्चितता से है हानि उठ आलस छोड़ और भय बुराई को हटा दो निज मन में वा आसपास ईश्वर के नाम से लड़ो कि शत्रु होवे नाश ।। ३ उठो मसीह के लिये तुरही के शब्द को सुन चलो इस महायुद्ध में आज जय के दिन को चुन आज्ञा उसी की मानों विमुख हो बैरी के विपत में साहस बांधों और लड़ो वीरता से ।। ४ उठो मसीह के लिये और उसमें हो सबल मनुष्य की न है शक्ति जान अपने को निर्बल तुम आत्मिक शस्त्र बांधों हर एक को प्रार्थना से और वहीं हो उपस्थित जो काम बिपत पड़े ।। ५ उठो मसीह के लिये युद्ध थोड़ी देर का है संग्राम का शब्द आज सुनते कल जयनाद सुनेंगे जो जयवंत अन्त को होगा वह मुकुट पावेगा संग महाराज प्रतापी सदा राज्य करेगा ।। 394 (३९४) “Are you weary, are you heavy laden.” 10. 10. 10. 7. Tell It To Jesus. J. B. RANKIN. १ क्या तुम थके क्या तुम मनमलीन हो यीशु से कह दो यीशु से कह दो क्या निराश हो मार्ग में क्या अतृप्त हो यीशु से जाके कहो ।। कोरसः- यीशु से कह दो यीशु से कह दो वही है मित्र विश्वस्त और है न तुम को ऐसा मीत वा भाई यीशु से जाके कहो ।। २ क्या तुम रोते दुःख से है लाचारी, यीशु से कह दो (२) क्या है पाप का बोझ हृदय पर भारी, यीशु से जाके कहो ।। ३ क्या तुम डरते क्या है बादल छाते, यीशु से कह दो (२) क्या तुम कल के भेद को जानना चाहते, यीशु से जाके कहो ।। ४ क्या मृत्यु के सोच से मन में डरते, यीशु से कह दो (२) क्या तुम खेत में ठंडी सांसे भरते, यीशु से जाके कहो ।। 395 (३९५) “Art thou weary, art thou languid ?” 8. 5. 8. 3. Stephanos or Bullinger. G. S. MANDRELLE, 1901-63. १ क्या तू थक और हार भी जाके अति दुःखी है एक यों बोलता मुझ पास आके शान्ति ले ।। २ क्या मैं उसके चिन्ह पहिचानूँ जो वह अगुवा हो हाथ पांव पसली में देख उसके घावों को ।। ३ क्या वह राजा होके सिर पर मुकुट पहिनाता हां सचमुच एक ताज है उसका कांटों का ।। ४ जो मैं उसके पीछे चलूँ मुझको होगा क्या महा दुःख महा परिश्रम रोना भी ।। ५ जो मैं नित्य उस पास रहूँ क्या है आखिरकार दुःख परिश्रम से छुटकारा यर्दन पार ।। ६ जो यूँ मांगूँ मुझे ले तो क्या कहेगा ना नहीं चाहे जग और स्वर्ग भी टलेगा ।। ७ क्या मैं उसके पीछे चल के आशिष पाऊँगा आत्मा सब और स्वर्गीय दूतगण कहते हां ।। 396 (३९६) “I've anchored in Jesus” 13. 13. 13. 11. Chord - G | S- Aderia/Ballad | T-080 १ जब जीवन के दुःख सागर में आँधी चलती है तब यीशु पर मैं लंगर सी आशा रखता हूँ परीक्षा और विपत्ति जब लहराती है तब उससे चैन और शान्ति मैं पाता हूँ ।। कोरस :- वह मेरा आधार है मैं साहस करूँगा वह मेरा आधार है कभी न डरूँगा वह मेरा आधार है वह स्थिर और शक्तिमान सनातन की चट्टान है यीशु ।। २ बुराई से बचाके वह निर्मल करता है वह मेरे मन से बोलकर आराम दिलाता है है अगुवा मुक्तिदाता भरोसा उस पर है सदा वह रहता पास कि सहारा दे ।। ३ वह मेरा दोस्त सहायक वह मुझको करता स्थिर वह दुःख की आँधी रोक कर मुझे बचाता है विश्वास से स्वर्गीय घर की मैं करता हूँ आशा जो यीशु मेरे लिये बनाता है ।। 397 (३९७) “Sound the battle cry!” 5. 5. 5. 3. D. -- S. S. S. 703 WILLIAM F. SHERWIN, 1826-98. १ युद्ध की है पुकार शत्रु बे-शुमार झंडा हो तैयार प्रभु का बांधों शस्त्र को सब ही स्थिर रहो दृढ़ विश्वास करो ख्रीष्ट यीशु का ।। कोरसः- हे सिपाहियों झंडे तले आओ बोलो, सब हो दृढ़ तैयार हरआन आगे बढ़ के गाओ तुम होसन्ना यीशु ख्रीष्ट हमारा है कप्तान ।। २ होकर शक्तिमय आगे बढ़ते हैं हम संसार पर जय पावेंगे आत्मा की तलवार हाथ में है तैयार सब अधर्म की हार हम देखेंगे ।। ३ ईश्वर सभों के बिन्ती सुन तू ले अपनी दया से कर सहाय सत की जय करा मुकुट जीवन का हर एक को दिला जो योग्य हैं ।। 398 (३९८) “Yield not to temptation” P. M. -- S. S. S. 698. H. R. PALMER, 1868. १ लड़ो तुम शैतान से हार जाना है पाप जय पाने से तेरा फिर होगा प्रताप दिल से बढ़ते जाओ हे प्रभु के दास नित्य उस को तुम देखो वह रहेगा पास ।। कोरसः- अब मसीह से तुम मांग लो शान्ति रक्षा और बल को उस पर आशा तुम रखो वह रहेगा पास ।। २ दुष्ट लोगों की संगति मत किया करो और ईश्वर के नाम को बे-अर्थ तुम न लो करो बड़े प्रेम से संग सभों के बास नित्य प्रभु को देखो वह रहेगा पास ।। ३ तब मिलेगा मुकुट जो करोगे जय तब शोकित न होंगे सुख पाने का है जो है मुक्तिदाता तब देगा लिबास नित्य प्रभु को देखो वह रहेगा पास ।। 399 (३९९) “Come ye disconsolate” 11. 10. 11. 10. Consolation. THOMAS MORE, 1779-1852. १ हे बोझ से दबे और परिश्रमी लोगों दया के आसन पास प्रार्थना करो तुम लाओ टूटे मन और शोक बताओ यीशु से शान्ति अब ग्रहण करो ।। २ भटके की ज्योति और पालनहार अनाथ का तू पश्चात्तापी की आशा भरपुर सुन शान्तिदाता यह वचन सुनाता यीशु सब दुःखों को करेगा दूर ।। ३ जीवन की रोटी है अमृत जल भी देखो स्वर्गीय सिंहासन से बहता सदा खा पीके हो संतृष्ट यह अब से जानो यीशु सब दुःखों को करेगा दूर ।। 400 (४००) “Ho my comrades see the signal” 8. 5. 8. 5. S. S. S. 669. PHILLIP BLISS, 1838-76. Chord - F#m (+3) | S- Ballad | T-082 १ हे सिपाहियों ढाढ़स बांधो युद्ध में हो बलवान और भी सेना यीशु लाता होवेंगे जयवान ।। कोरसः- गढ़ न छोड़ो मैं भी आता यीशु का आदेश तेरी दया से हे प्रभु होगी जय विशेष ।। २ देख विरोधी सेना भारी अगुवा है शैतान उसके सामने साहस छोड़ के योद्धा हैं भयमान ।। ३ झंडे तेजोमय फहराते सुन तुरही का नाद ख्रीष्ट के नाम से जयवंत होंगे कर तू धन्यवाद ।। ४ जो भयानक हो लड़ाई निकट है सहाय यीशु अगुवा संग ले चलता उस की करो जय ।। 401 (४०१) PREM DAS. बचा लेना प्रभु यीशु हमारे प्राण ।। १ आये बहकावे और फुसलावे छिन छिन में हम को सताये शैतान ।। २ धन दौलत माया दिखलावे और दिखलाये दुनिया की शान ।। ३ राज पाट और रंग रूप को जालिम दिखा के करे हैरान ।। ४ ये तो हैं शैतान के फंदे फंस के नरक जाते इंसान ।। ५ दास मसीह जी बिनती करत हैं बख्शो हमें अपनी पहिचान ।। 402 (४०२) INAYAT MASIH. Chord - A# | S- 6/8 | T-094 १ फंसो मत जाल में दुनिया के आखिर तुम को जाना है । बचो शैतां के फंदे से वही दुश्मन सियाना है ।। २ फिराओ दिल गुनाहो से करो तुम तौबः रो रोके । भरोसा रखो यीशु का अगर जन्नत को जाना है ।। ३ सलीबी मौत में यीशु के मरके जिन्दगी पाओ । बुरी ख्वाहिश को फेंको दूर अगर आराम पाना है ।। ४ रहो उम्मीद में कायम यकीं अपना करो कामिल । मुहब्बत का करो पीछा जो हक्क को मुंह दिखाना है ।। ५ मुहब्बत तमगः है यीशु की शागिर्दी का आलम में । मुहब्बत से सब जानोगे कि तुमने उसको माना है ।। ६ मुसीबत में रहो साबिर खुदा के फजल में शाकिर । खुदा के बेटे को देखो जो तुम को फतह पाना है ।। ७ इनायत को खुदावन्दा मुहब्बत अपनी दे पूरी । मैं हूँ कमजोर तू तो कादिरे मुतलक तवाना है ।।

  • Courage and Victory 403-415 | Masihi Geet Sangrah

    403 (४०३) Psalm 121 10. 4. 10. 4. 10. 10. Sandon. १ उठा के आँखें ओर पहाड़ों की आशा रखूँ मेरी सहाय कहाँ से आवेगी किससे मांगू यहोवा ही से है सहाय मेरी पृथ्वी और स्वर्ग का कर्त्ता वही ।। २ वह तेरे पांव को फिसलने कभी न देवेगा जो किया करता तेरी रखवाली न ऊँघेगा देख इस्राएल की करता जो रक्षा न ऊँघता है न कभी सोवेगा ।। ३ निरंतर करता तेरी रखवाली परमेश्वर ही खड़ा है तेरे दाहिने हाथ पर भी आशा वही न दिन को धूप कर देगा तुझे घात हानि तेरी चांद करेगा रात ।। ४ हर एक विपत्ति से परमेश्वर ही बचावेगा पूरे कल्याण से तेरे प्राण को भी वह रखेगा हां तेरे आने जाने में रक्षा यहोवा अब से सदा करेगा ।। 404 (४०४) “Whom have I Lord in heaven” P. M. -- S. S. 845. R. GEORGE HILLS. १ कौन मेरे लिये स्वर्ग में है तू मसीह मेरा ही यह मेरा गीत तो रहता है प्रभु जी मेरा ही मेरा उद्धार तो हो चुका प्रभु ने प्राण को दे दिया मेल भी कराया सदा का प्रभु जी मेरा ही ।। २ मैं नहीं चाहता सुखविलास प्रभु जी मेरा ही न सारे जगत का हुलास प्रभु जी मेरा ही इस जग का सुख न ठहरेगा फूल के समान वह सूखेगा पर मेरा सुख न मिटेगा प्रभु जी मेरा ही ।। 405 (४०५) “I need Thee precious Jesus.” 7. 6. 7. 6. D. Ewing or Aurelia. १ ख्रीष्ट है आवश्यक मुझे मैं बड़ा पापी जन मन मेरा हैं अंधेरा और पाप से भरा तन यीशु के रक्त से केवल तन मन की शुद्धि है इस कारण ही से ख्रीष्ट की हर पल दुहाई है ।। २ ख्रीष्ट है आवश्यक मुझे मैं बहुत आज्ञाहीन यात्री और परदेशी अनाथ हूँ और दीन हीन हे ख्रीष्ट यह तेरी दया नित रहे मेरे साथ दे शक्ति मेरे पांव को और थाम ले मेरा हाथ ।। ३ ख्रीष्ट है आवश्यक मुझे वह प्रीतम है मन का सहायक रक्षक मेरा और आज्ञा सदा का सम्भालता है वह मुझे जब दुख का समय है और ख्रीष्ट के मन में मेरी नित चिन्ता रहती है ।। ४ ख्रीष्ट है आवश्यक मुझे वह यीशु प्यारा तात जल्द देखूँगा मैं उसका स्वर्ग लोक में मुख साक्षात प्राचीन और दूत और संतगण जो करते स्तुति गान मैं उन में जल्दी मिलके नित्य करूँगा सन्मान ।। 406 (४०६) “When upon life's billows.” IIs. -- S. S. S. 745. G. S. MANDRELLE. 1901-1953. Chord - D | S- Ballad | T-078 १ जीवन में जब आँधी तुम पर चलती है और जब तुम निराश हो कि सब होता क्षय गिनो सारी आशिष गिनो नाम ब नाम और तुम विस्मित होगे देखकर ख्रीष्ट के काम ।। कोरसः- आशिष गिनो गिनो नाम ब नाम आशिष गिनो देखो ख्रीष्ट के काम आशिष गिनो गिनो नाम ब नाम और तुम विस्मित होगे देखकर ख्रीष्ट के काम ।। २ चिंता का जब तुम पर अधिक बोझ पड़े और जब क्रूस का भार असह्य जान पड़े तब तुम गिनो आशिषें वे कितनी हैं और तुम गीत गा गा कर रहोगे निर्भय ।। ३ औरों के जब खेत और धन को देखते हो तुम को होगा धन मसीह का सदा को गिनो सारी आशिष जो हैं बिना दाम स्वर्ग में आनंद होगा और विभूषित धाम ।। ४ सो इस युद्ध में स्मरण रखो हर समय ढाढ़स तुम न हारना ईश्वर सब पर है सब आशिषें गिनो दूतगण नित्य हैं पास यात्रा भर वे देते हैं सहाय और आस ।। 407 (४०७) “Look away to Jesus.” 6. 5. -- S. S. S. 409. H. BURTON. १ ताक मसीह की ओर तू दुःखी से जो उदास दुःखी वह भी हुआ आ तू उसके पास तेरा दुःख उठाया उस ने अपने पर ताक मसीह की ओर आसरा उस पर धर ।। २ ताक मसीह की ओर तू युद्ध में लड़नेहार कठिन हो लड़ाई झेलम हो तैयार बैरी बहुत होवें कुछ भी होवे भय ताक मसीह की ओर तू देवेगा वह जय ।। ३ ताक मसीह की ओर तू कुशल के समय जागता रह कि सुख में जोखिम बड़ा है कुशल इस संसार का बीतने वाला है ताक मसीह की ओर तू वही अटल हैं ।। 408 (४०८) “Oft in danger, oft In Woe.” 7s. Innocents or weber. HENRY WHITE, 1785-1996. १ दुःख में सुख में चलना हो आगे बढ़के भाइयो लड़ते रहो ढाढ़स से शक्ति लेके प्रभु के ।। २ बढ़ो आगे भाइयो युद्ध में खड़े नित्य रहो भय के साथ क्यों भागोगे प्रभु को न जानोगे ।। ३ मन तुम्हारा निर्बल हो स्वर्गीय झिलम पहिन लो अब तो तुमको लड़ना है पीछे पाओगे विजय ।। ४ दुःख से आँख न धुंधली हो पोंछो हर एक आंसू को बड़ी हो आवश्यकता बल अवश्य मिलेगा ।। ५ आगे बढ़ते चलियो जयवंत होगे भाइयो बैरी होवें बहुत से चलो साथ ही प्रभु के ।। 409 (४०९) “O, for a faith that will not shrink.” C. M. Evan or St. Peter. MRS. H. BATHURST. 1831. १ दे मुझ को प्रभु दृढ़ विश्वास जो रहेगा निर्भय बैरी जब आते मेरे पास और कष्ट भी होता है ।। २ जो नहीं कुड़कुड़ावेगा जब ताड़ना होती है पर ईश्वर ही पर टिकेगा सब क्लेशों के समय ।। ३ ऐसा विश्वास जो बढ़ेगा जब आँधी भी चले जोखिम में नहीं डरेगा न करेगा सन्देह ।। ४ जो सकरे मार्ग को धरेगा जब तक कि प्राण रहे और मरणकाल में चमकेगा उस स्वर्गीय ज्योति से ।। ५ ऐसा विश्वास हे प्रभु फिर हो जो होवेगा मैं भागी होऊँगा आनंद में जो स्वर्ग में मिलेगा ।। 410 (४१०) “True-hearted, whole-hearted.” 11.10s. -- 5. S. S. 602. FRANCIS R. HAVERGAL, 1836-1879. १ दृढ़ और विश्वासी हे राजा हमारे तेरी सहाय से हम होंगे सदा तेरे सहारे हम लड़े बराबर झंडे को तेरे हम आगे बढ़ाए ।। कोरस :- चुपके न रहो जोर से ललकारो गावें आनंद से उसकी महिमा दृढ़ और विश्वासी हे राजा हमारे तेरी सहाय से हम होंगे सदा ।। २ दृढ़ और विश्वासी हे राजा हमारे सदा लों मानेंगे आज्ञा तेरी हो आज्ञाकारी परिश्रमी हम करें आनंद और हर्ष भरे मनों से भी।। ३ दृढ़ हम रहें प्रभु दशा हमारी जानता तू कैसे हम मन के निर्बल पापी और कच्चे पर तू है शुद्धकारी पाप से और छल से कर हम को निर्मल ।। ४ रहें विश्वासी हम हे प्रभु यीशु अपने निज सामर्थं से हम को संभाल मन अपने सौंपते हैं तेरे ही हाथ में तेरे हम हैं प्रभु प्यारे रखवाल ।। 411 (४११) “O Thou from Whom all goodness flows.” C. M. -- St. Peter or Even. T. HAWEIS. १ हे प्रभु इस संसार का सुख जो मुझे तू न दे तौभी जब मुझ पर आवे दुःख तब मेरी सुन तू ले ।। २ संतुष्ट तू मेरे मन को कर हर खेद से तू छुड़ा अनुग्रह अपना मुझ में भर सब पापों से बचा ।। ३ भरोसा मेरा तुझी पर हो प्रभु हर समय तू दूर कर सारी चिंता डर और मुझे रख निर्भय ।। 412 (४१२) Bhajan Tunes No. 75. 76. कौन करे मोहि पार तुम बिन । १ टूटी नाव तूफान है भारी । कैसे मैं उतरुं पार ।। २ थरथरात तन निर्बल मानस । कैसे मैं उतरुं पार ।। ३ तैरि न जानूं जन्महि से मैं । पड़ा सिन्धु मझधार ।। ४ नौका पार पहुँचि है तब ही । प्रभु पकड़ पतवार ।। ५ तुम बिन औरन मोहि भरोसा । तुमहि करैया पार ।। ६ ईश्वर एक जो एकहि भेज्यो । मुक्ति दान अधिकार ।। ७ भूमि स्वर्ग बीच केवल यीशुहि । नाम है तारणहार ।। 413 (४१३) DIN DAYAL. कोः- मसीही क्रूस का झंडा हमारे साथ में होगा । सरल साधन दिखाने को हमारे पास में होगा ।। १ मुसीबत क्लेश दुःख पीड़ा रखेंगे घेर जब सारे । छुड़ा उन से बचाने को हमारे पास में होगा ।। २ प्रबल जब शत्रु होवेंगे, सताये जायेंगे हम सब । विजय उन पर दिलाने को हमारे पास में होगा ।। ३ हमारी आयु में “दीनन” हमारे साथ में हर दम । हमें सुख से चलाने को हमारे पास में होगा ।। 414 (४१४) DIN DAYAL. कोः- मुझ को प्रभु कभी न तुम पास से हां दूर करो । बल्कि सदा साथ में रख शक्ति से भरपूर करो ।। १ जब कि प्रभु क्लेश में मैं, दुःख से कल्पता होऊँ । पास में आ हाथ से तुम, दुःख मेरे तुम दूर करो ।। २ जब विषय अब के मुझे, घेर लें और जोर करें । तब हे प्रभु मुझ को बचाने को, उन्हें दूर करो ।। ३ भूल से हाय कभी तुझ को बिसर जाता हूँ । “दीन” विनय तौभी प्रभु, माफ तुम कसूर करो ।। 415 (४१५) Bhajan Tunes. No. 59. JOHN PARSONS. यीशु दयानिधि सुमरौ प्यारो, संकट शोक हरैया ।। १ बिपत समय तुम वाहि पुकारो, वह दुःख भंजन भैया ।। २ बहु दुःख माहि काम वहि आये, पुनि वहि काम अवैय्या ।। ३ वा पर सकल भरोसा राखो, सब को ज्ञान दिवैया ।। ४ सगरो अघ दुःख हारक यीशु, अस को मुक्ति करैया ।। ५ तन मन सान्त्वन बातें मिलही, निज बल कछु न मिलैय्या ।। ६ आश्रित तोहि कहत है प्रभु जी, तू मम आस पुरैया ।।

  • Trust and Submission 416-437 | Masihi Geet Sangrah

    भरोसा और सहना (Trust and Submission) 416 (४१६) “When our heads are bowed with woe.” 7. 7. 7. 7. Redhead 47 or Heinlein. H. H. MILMAN. 1791-1868. १ जब हम दुःख में पड़े हैं जब हम शोक से भरे हैं जब हम होते हैं उदास यीशु रह हमारे पास ।। २ जब विश्वास हम खोते हैं जब निराश हम होते हैं जब बलहीन हैं मन और हाथ यीशु रह हमारे साथ ।। ३ तू देहधारी हुआ था शोक और दुःख में मुआ था पापियों का है उद्धार यीशु मेरी सुन पुकार ।। ४ मुझे दे सम्पूर्ण विश्वास तब न हूँगा मैं उदास कर प्रकाशमान मुझ ही को अंत लों मेरा रक्षक हो ।। 417 (४१७) “Trust and obey.” P. M. -- S. S. 642. J. H. SAMMIS. Chord - E | S- E.Movies/"---" | T-"---" १ जब हम ले कर के हाथ चलते यीशु के साथ जीवन मार्ग तब ही होता सुखदाई यीशु रहता है पास जब हम रखके विश्वास उस की इच्छानुसार करते हैं । कोरसः- ख्रीष्ट में आनंद जो तू चाहे तो जान यह उपाय कि विश्वास से उस की आज्ञा को मान ।। २ दुःख विपत्ति हमें जो सताने लगे यीशु सबही को दूर करता है डर न दुबिधा उनको घबरावेगा जो आज्ञा मान के विश्वास करते हैं ।। ३ जितना काम हम करें दुःख परिश्रम सहें प्रतिफल यीशु देता भरपुर जो विश्वास हम करें उसके आदेश मानें दुःख से भी हम आराम पावेंगे ।। ४ जब हम अर्पण करें मन और धन तब उसके महाप्रेम का मिठास चखेंगे क्योंकी केवल उनको वह संतोष देता जो आज्ञा मान के विश्वासी रहे ।। ५ उसके पास हम रहें मीठी संगति में उसकी आज्ञा हम हर्ष से सुनें अपनी इच्छा को मार उस की आज्ञानुसार उसकी सेवा हम करते रहें ।। 418 (४१८) 7. 4. 7. 4. D. -- So nimm den. JULIA VON HANSMARN, 1825-1901. Chord - C# | S- Ballad | T-082 १ तू धर ले हाथ को मेरे पथदर्शक हो मैं रहूँगा संग तेरे सदा ही लों तुझ बिन मैं चल नहीं सकता एक पग भर भी जहां तू यीशु रहता मैं रहूँ भी ।। २ मुझ दुर्बल को तू घेर ले अनुग्रह से अधीनता और विश्वास दे हर दुःख सुख में मैं तेरा चरण गहूँ हे दीनानाथ बिन देखे दया धरूँ विश्वास के साथ ।। ३ जो भी न हो प्रकाशा मुझ पर सहाय तौभी यह मेरी आशा कि पाऊँ जय तू धर ले हाथ को मेरे पथ दर्शक हो मैं रहूँ यीशु तेरा सदा ही लों ।। 419 (४१९) “Thou, my everlasting portion.” 8. 7s. S. S. S. 574. FANNY CROSBY, 1820-1915. १ तू हे प्रभु मेरा भाग है तुझ से प्रीत मैं रखूँगा सारी यात्रा में इस लोक के तेरे साथ मैं चलूँगा तेरे साथ तेरे साथ तेरे साथ तेरे साथ सारी यात्रा में इस लोक के तेरे साथ मैं चलूँगा ।। २ जग का सुख विलास और कीर्ति मुझे नहीं चाहिये मुझे पै आवे दुःख और पीड़ा केवल साथ ही चलने दे तेरे साथ तेरे साथ तेरे साथ तेरे साथ सारी यात्रा में इस लोक के अपने साथ ही चलने दे ।। ३ छाया की तराई में से नदी पार जब उतरूंगा तब उस लोक के द्वार से होके तेरे साथ मैं पैठूंगा तेरे साथ तेरे साथ तेरे साथ तेरे साथ तब उस लोक के द्वार से होके तेरे साथ मैं पैठूंगा ।। 420 (४२०) “Precious promise God hath given.” 8. 7. with chorus S. S. S. 543. N. NILES. १ थकित यात्री प्रभु देता तुझे वचन का प्रमाण जब तक यात्रा में तू रहे मुझे अपना दर्शक जान ।। कोरसः- अपना दर्शक अपना दर्शक मुझे अपना दर्शक जान जब तक यात्रा में तू रहे मुझे अपना दर्शक जान ।। २ जब परीक्षा तुझ पर आवे और हो जावे तू भयमान यह प्रतिज्ञा मन में रखके मुझे अपना दर्शक जान ।। ३ आशा पर जब बादल आवें व्याकुल करे तेरा प्राण आशा मुझ पर ही तू रखके मुझे अपना दर्शक जान ।। ४ जब हो मृत्यु तेरे निकट तनिक भी तू भय न मान जीते मरते दुःख वा सुख में मुझे अपना दर्शक जान ।। 421 (४२१) “Saviour more than life to me.” 7. 9. 7. 9. S. S. S. 570. FANNY CROSBY, 1820-1915. १ प्राण से प्यारे तारणहार यीशु तू है मेरा प्राण आधार मुझे अपनी शरण में रख के शुद्ध कर अपने लोहू से ।। कोरस :- हर एक दिन हर एक पल तेरी सामर्थ हो प्रबल अपने कोमल प्रेम ही से मुझे अपने वश में कर तू ले ।। २ जग की चंचलता में से मेरे हाथ को ले चला मुझे तब मैं शान्ति पाऊँगा तब मैं मार्ग को भूल न जाऊँगा ।। ३ जब तक मैं संसार में हूँ जब तक स्वर्ग में जाके न रहूँ जब तक यीशु तारणहार तुझ पर बढ़ता रहे मेरा प्यार ।। 422 (४२२) “My hope is built on nothing less.” L. M. -- S. S. S. 902. EDWARD MOTE. 1797-1874. १ भरोसा एक ही मेरा है वह यीशु का छुटकारा हूँ न जाता मैं और किसी पास यीशु पर ही है मेरी आश ।। कोरसः- तेरी वह केवल है चट्टान और द्वारा सब हैं मायावान । २ अंधेरा जब आ जाता है और उसका मुख छिपाता है तब उसकी कृपा आती है अंधेरे को हटाती है । ३ जब बल से आती है बयार तब उसका वचन है पहाड़ जब सब कुछ मेरा होता नाश तब वह है मेरी पूरी आश ।। 423 (४२३) “Jesus I will trust Thee.” Is. Edina or Princethorpe. MARY J. WALKER. १ यीशु अपने हाथ में मेरा आत्मा ले मैं तो मन मलीन हूँ मुझे मुक्ति दे कहीं तेरे तुल्य कोई नहीं है मैं हूँ मुक्ति खोजी तू कृपालु है ।। २ मेरा है भरोसा तेरे नाम ही पर मैं तो उसे मानता नित अचंभा कर क्रूस पर यीशु नाम है हे सब पापी लोग उसे देखके भजो वह है ग्रहण योग ।। ३ मेरा है भरोसा तेरे कार्यों पर तू रहा दयालु अपने जीवन भर पापी लोग और कोढ़ी पास तो आते थे तू ने कभी किई घिन न किसी से ।। ४ मेरा है भरोसा धर्म पुस्तक पर प्रभु उसमें बोलता और हटाता डर जब पवित्र आत्मा मुझे शिक्षा दे तब मैं लेने पाऊँ ज्ञान उस पुस्तक ।। ५ मेरा है भरोसा प्रभु तुझ पर नित मुझ पर तेरी दया रहती है अमित तेरा अनमोल लोहू तेरा प्रेम अपार इन से त्राण को आशा मेरे तारणहार ।। 424 (४२४) “All to Jesus I surrender all.” 8. 7s. S. S. S. 601. J. W. VANDE VENTER. Chord - D | S- Ballad | T-082 १ यीशु को मैं सब कुछ देता सब कुछ अर्पण करता हूँ प्रतिदिन संगति उसकी प्रेम विश्वास से करता हूँ ।। कोरसः- सब मैं देता हूँ सब मैं देता हूँ तेरे लिये प्यारे यीशु सब मैं देता हूँ ।। २ यीशु को मैं सब कुछ देता झुकता तेरे चरणों पर छोड़ता हूँ सांसारिक इच्छा मुझे ले और अपना कर ।। ३ यीशु को मैं सब कुछ देता मुझे अपना कर प्रभु हो पवित्र आत्मा साक्षी तेरा हूँ और मेरा तू ।। ४ यीशु को मैं सब कुछ देता तुझ से मैं न रहूँ दूर मुझ में भर पिया Vर शक्ति कर आशिषों से भरपुर ।। ५ यीशु को मैं सब कुछ देता आत्मिक आग अब दिल में है पूरी मुक्ति का है आनंद उसके नाम की होवे जय ।। 425 (४२५) “All for Jesus all for Jesus.” 8. 7s. S. S. S. 1179. MARY D JAMES. १ यीशु को मैं सब कुछ देता अपनी सारी देह और प्राण सारे सोच और शब्द और कार्य उस को जिसने किया त्राण यीशु को मैं सब कुछ देता अपनी सारी देह और प्राण यीशु को मैं सब कुछ देता उसको जिसने किया त्राण ।। २ उसके मार्ग में पांव बढ़ाऊँ हाथ से उसकी सेवा हो आंख से केवल यीशु देखूँ जीभ से उसकी स्तुति हो यीशु को मैं सब कुछ देता हाथ से उसकी सेवा हो यीशु को मैं सब कुछ देता जीभ से उसकी स्तुति हो ।। ३ उस पर दृष्टि पड़ी जब से मोहित तब से हुआ हूँ धन विभव को इस संसार के सब अप्रिय जानता हूँ यीशु को मैं सब कुछ देता उस से मोहित हुआ हूँ यीशु को मैं सब कुछ देता उस को प्रिय जानता हूँ ।। 426 (४२६) 5. 5. 8. 8. 5. 5. Seelenbrautigam LUDIWG VON ZINZENDORF, 1700-60 १ यीशु दर्शक हो मार्ग बताने को तेरे मार्ग पर पांव हम धरें तेरा अनुगमन करें जब तक मृत्यु पार स्वर्ग में धाम न हो ।। २ जब हम हैं कंगाल हमें तब सम्भाल दुख पर दुख जो हम उठावे तौभी हम न कुड़कुड़ावें यहां दुख का भार वहां सुख अपार ।। ३ अपना शोक जो हो औरों का भी जो दोनों दुख हो छोटे बड़े जब कि भारी हम पर पड़े तब अनुग्रह से हमें धीरज दे ।। ४ प्रभु जीवन भर दृष्टि रख हम पर मन का कष्ट अति महान हो तब तू साहस दे हम सब को दौड़ समाप्त जब हो दे विश्राम हम को ।। 427 (४२७) “It is so sweet to trust in Jesus.” 8. 7. 8. 7. Chord - F | S- Aderia/Ballad | T-082 १ यीशु पर भरोसा रखना क्या ही प्रिय लगता है उसका वचन और प्रतिज्ञा शान्ति देते हर समय ।। कोरस :- यीशु यीशु प्यारे यीशु मैं ने तुझ को जांचा है यीशु यीशु प्यारे यीशु तू ही मेरी आशा है ।। २ उसके लोहू से शुद्ध होना अद्भुत ही जान पड़ता है पापी उस में डुबकी मारे निर्मल हो निकलता है ।। ३ पाप और स्वार्थ से छुटकारा शान्ति आनंद और विश्राम यीशु से विश्वास के द्वारा मुझे मिलते बिना दाम ।। ४ मुझे आनंद है कि मैं ने तुझ पर किया है विश्वास प्यारे यीशु मुक्तिदाता अन्त लो रह तू मेरे पास ।। 428 (४२८) “All my doubts I give to Jesus.” J. C. MORGAN. १ सब सन्देह मसीह पर छोड़ता उसकी बात मैं जानता हूँ कभी व्याकुल मैं न हूँगा प्रभु को जब मानता हूँ ।। कोरस :- मैं भरोसा उसकी बात पर सारे मन से रखता हूँ ।। २ पाप भी सब मैं उस पर छोड़ता त्राण है उसके लोहू से सदा होगी मेरी रक्षा वचन दिया उसी ने ।। ३ डर भी सब मैं उस पर छोड़ता उस में शान्ति सदा की जो अंधेरा चहुँ ओर हो उसकी ज्योति न मिटेगी ।। ४ सुख भी सब मैं उस पर छोड़ता सार आनंद का वही है वह है सारे जग का स्वामी कहां घटी मेरी है ।। ५ अपने तईं मैं उस पर छोड़ता प्राण और देह भी उसी पर जितना मेरा है और होगा सब मैं छोड़ता यीशु पर ।। 429 (४२९) “Hold Thou my hand.” GRACE J. FRANCES १ हाथ मेरा थाम मैं हूँ निर्बल निआश्रय तुझ बिन मैं आगे बढ़ न जाऊँगा हाथ मेरा थाम तब हे पियारे यीशु मैं किसी हानि से न डरूँगा ।। २ हाथ मेरा थाम और निकट खींच तू मुझे तू जिसमें है आनंद और आस भरपुर हाथ मेरा थाम न हो कि फिर मैं भटकूँ और मेरे पांव फिसलें जो तू हो दूर ।। ३ हाथ मेरा थाम मार्ग आगे है अंधेरा जो साथ न हो मुख तेरे की प्रभा पर जब विश्वास से गौरव उस का देखता क्या ही प्रसन्नता क्या आनंद मेरा ।। ४ हाथ मेरा थाम कि जब उस नद पर पहुँचे जिसके तू हुआ मेरे लिये पार स्वर्गीय उज्याला उस के ऊपर चमके हर लहर पर हो तेरा तेज अपार ।। 430 (४३०) Bhajan Tunes No. 21. बिना यीशु हो नहीं निस्तारा । १ पूरब ढूंढ़ा पश्चिम ढूंढ़ा, ढूंढ फिरा जग सारा ।। २ बैबल पढ़कर राह जो पाई, खोज लियो जग सारा ।। ३ खेश कुटुम्ब कोई काम न आवे, मतलब का संसारा ।। ४ भूले जन तुम काहे फिरत हो, आय पड़ी सत द्वारा ।। ५ वही यीशु के मैं बलि जाऊँ, जातन होवे उधारा ।। ६ पापन तें भरी नाव हमारी, डूबत हूँ मझधारा ।। ७ वा बिन अब कछु बन न पड़त है, लाख जतन कर हारा ।। ८ रे मन मत अब वाहि तू भूले, वा बिन नहीं गुजारा ।। 431 (४३१) Bhajan Tunes No. 38. मन काहे को होहु निराशा, प्रभु यीशु पै राखहु आशा ।। १ जिन मर्त्य भुवन में आये, तिन मुक्त पदारथ लाये ।। २ तुम जब बातें करो प्रति आशा, तब तुम पैहो सरग निवासा ।। ३ यीशु मृत्यु भुवन जैकारी, तिन स्वर्ग लोक पै अधिकारी ।। ४ आसी बातें करो तुम आशा, तब ही पैहो मन में दिलासा ।। 432 (४३२) यीशु तू ने किया निहाल जब मैं शरण में तेरी आया । १ यीशु आकर तेरे द्वारा बरकत पाई बेशुमार, कृपा तेरी हुई अपार मेरे दिल का मैल मिटाया ।। २ तू ने बचाये मेरे प्राण, दीनी क्रूस पे आकर जाना, तुझ से हार गया शैतान मेरे मन में तू ही समाया ।। ३ तेरी सिफतें अजब निराली, देखी सूरत खूब जलाली, मेरे दिल में है खुशहाली, मैंने जीवन का सुख पाया ।। ४ जो तेरी शरण में आवे, वह पापों से बच जावे, मन में धरम आत्मा पावे, इस को मैं ने है आजमाया ।। ५ है दास तेरा विश्वासी, काटी तू ने काल की फांसी, धन धन अमरलोक के बासी- दर्शन तेरा मैं ने पाया ।। 433 (४३३) Bhajan Tunes No. 86. THAKUR DAS. यीशु पैंया लागौं नाम लखाई दीजो हो । प्रभु ।। १ जग अंधेरे पथ नहिं सूझे दिल को तिमिर नसाई दीजो हो ।। २ जनम जून को सोवत मनुवा ज्ञानक नींद जगाई दीजो हो ।। ३ हम पापिन की अरज मसीह जी पापद बन्ध छुड़ाई दीजो हो ।। 434 (४३४) Bhajan Tunes No. 87. JOHN PARSONS. राखो प्रभु की आशा मनुवा, तारणहार वही है मनुवा ।। १ सत है निश्चय प्रभु की वाचा, पर्वत से अति दृढ़ है मनुवा ।। २ मरने तें प्रभु प्रेम दिखावो, अगम सिन्धु की नाई मनुवा ।। ३ यीशु विभव गुण घोर जगत में, किरण रूप झलकत है मनुवा ।। ४ ख्रीष्ट सनातन राज रहत है, प्रलय काल नहि घटि है मनुवा ।। ५ आश्रित उस पर आश लगाओ, न्याय दिवस नहि शंका मनुवा ।। 435 (४३५) Bhajan Tunes No. 53. BANDHU MASIH लखु रे नर आपन निर्बल शरीर ।। १ प्राण पुरुष जब निकसन लागे, रोके को बलबीर ।। २ धन संपत्ति अरु कुल परिवारा, पड़ा रहा यहि तीर ।। ३ यीशु मसीह की शरण गहो तुम, वही देत मन धीर ।। ४ पापिन कारण रक्त अपना, दीन्ह जगत को नीर ।। ५ जो यह नीर पियत मन लाई, पावत तन मन धीर ।। ६ ताको यीशु अन्त दिना में, देगा अमर शरीर ।। 436 (४३६) H. T. B. 131. SHUJAT ALI. १ आया हूँ मसीह पास तेरे, दूर न कीजियो । बा-इस गुनाहों के मुझे फेंक न दीजियो ।। २ लीजियो खबर शिताब मेरी, मेरे मसीहा । अपने फजल से मेरे गुनाह बख्श दीजियो ।। ३ दिल में गुनाह से मैल बहुत है भरा हुआ । रूह उल कुदूस शिताब में तू मुझ को दीजियो ।। ४ आता है दिन हिसाब का उस दिन का है खतर । उस दिन तू मुझको मेरे मसीह थांभ लीजियो ।। ५ दाहिने वा बाएं जब कि तू हर एक को करे । उस दिन जगह तू दाहिने तरफ मुझको दीजियो ।। ६ जब तक रहूँ जहान में तेरा ही हो रहूँ । इतनी मदद तू मेरे मसीह मेरी कीजियो ।। ७ बन्दे को है उम्मीद फकत जात से तेरी । रोज-इ जजा में साथ मुझ को अपने लीजियो ।। 437 (४३७) H. T. B. 104. १ इब्न इ खुदा मसीह से इश्क अब तो किया जो हो सो हो । उस रहनुमा को बेशुभा दिल दे दिया जो हो सो हो ।। २ राह इ खुदा से ऐ दिला ता जिन्दगी न हो जुदा । रंज ओ सितम जजा सजा रब्ब की रजा जो हो सो हो ।। ३ पेश, ए उदू इ कीनवर सूए वतन अब है सफर । जौर ओ जफा निजअ कजा बहर इ खुदा जो हो सो हो ।। ४ याद इ खुदा में बेखता सदमे सहे हजारहा । है तार इ दिल जुदा जुदा आगे नफअ जो हो सो हो ।। ५ ऐ दिल अब है क्या दर्द ओ गम जब सब शिकायत है खत्म । तू ने किया अता बका पाई शिफा जो हो सो हो ।।

  • Pilgrimage and Guidance 438-462 | Masihi Geet Sangrah

    यात्रा और अगुवाई (Pilgrimage and Guidance) 438 (४३८) “A few more years shall roll.” HORATIUS BONAR 1803-1889. १ अब और हैं थोड़े वर्ष और थोड़े ही से मास कि गोर में करते जो विश्राम हम सोयेंगे उनके पास ।। कोरस :- उस दिन के लिये अब मन मेरा कर तैयार हे प्रभु अपने रक्त में धो और मेरे पाप उतार ।। २ अस्त होगा थोड़ी बेर यह सूरज तेज स्वरूप उस सुन्दर देश में होंगे हम जहां न दौड़ न धूप ।। ३ इस तोर पर थोड़ी बेर होंगे प्रचण्ड बयार हिलकोरे न उठेंगे तब न आँधी भी उस पार ।। ४ परीक्षा थोड़ी और और थोड़ा ही वियोग अब थोड़े आंसू थोड़ा क्लेश पर फिर न होगा सोग ।। ५ थोड़े विश्राम के दिन हम काटते हैं इस पार पर पावेंगे अनन्त विश्राम पहुँचे जब उस पार ।। ६ अब रही थोड़ी बेर तब प्रभु आवेगा जो मरा था अब जीता है राज्य हमें देवेगा ।। 439 (४३९) “He leadeth me.” L. M. -- S. S. S. 542. JOSEPH GILMORE, 1834-1919. Chord - C# | S- "---"/Ballad | T-"---"/082 १ उत्तम और शान्तिदायक बात कि ईश्वर लिये मेरा हाथ हर काम हर जगह हर समय मुझ यात्री को ले चलता है ।। को० -- ले चलता है ले चलता है वह मुझ को साथ ले चलता है विश्वास से मैं चलूँगा साथ कि ईश्वर थामता मेरा हाथ ।। २ कभी वह बीच अंधेरे के कभी वह सुन्दर बारी में सुखदाई जल पास आँधी में हाथ से ले चलता है मुझे ।। ३ तू पकड़े रह नित्य मेरा हाथ न डर न रंज है तेरे साथ जो दशा हो संतुष्ट मैं हूँ कि तेरे संग मैं चल रहूँ ।। ४ और मेरा काम जब पूरा हो जब छोडूंगा इस जगत को जब तू ले चलता है मुझे मैं डरूंगा न मृत्यु से ।। 440 (४४०) लड़के - १ किधर जाते यात्री लोगों, किधर जाते किये भेष लड़कियां - जाते हम एक दूर की यात्रा, पाया राजा का आदेश सब - जंगल पर्वत दुःख उठाते, उसके भवन को हम जाते, जाते हैं एक उत्तम देश ।। लड़के - २ छोटे झुण्ड क्या तुम न डरते, कठिन मार्ग है सूने देश लड़कियां - नहीं दोस्त अनदेखे पास हैं, स्वर्गीय दूत टाल देते क्लेश सब - यीशु स्वामी साथ ही चलता, रक्षक अगुवा आप ही रहता, जाने में उस उत्तम देश ।। लड़के - ३ क्या पाओगे यात्री लोगों, जाके दूर के उत्तम देश लड़कियां - उजले वस्त्र तेजवंत मुकुट, प्रभु देगा प्रेम विशेष सब - निर्मल अमृत जल पीवेंगे, ईश्वर पास हम नित्य रहेंगे, जब पहुँचेंगे उस उत्तम देश ।। लड़के - ४ यात्री लोगों हम भी साथ हो, चलें उज्जवल उत्तम देश लड़कियां - आओ सही भले आये, बीच हमारे हो प्रवेश सब - आओ संग न छोड़ो कभी, यीशु नाथ तैयार है अभी, लेने की उस उत्तम देश 441 (४४१) “My days are gliding swiftly by.” 8. 7. 8. 7. Shining Shore. DAVID NELSON. १ जल्द मेरे दिन बीत रहे हैं मैं यात्रा करता जाता परदेश में होके दिन ब दिन मैं मार्ग का दुःख उठाता ।। कोरस :- हम खड़े हैं यर्दन किनार और एक एक निकल जाता विभव उस पार का बारम्बार इस पार तक दृष्ट हो आता ।। २ ख्रीष्ट राजा की दृढ़ आज्ञा है मशालें तुम सुधारो उस पार के देश में अपना घर हम देखते हैं पियारो ।। ३ यात्रा के सारे दुःखों से हम भाई हार न जावें पर स्वर्ग के सच्चे आश्रित हो आशा का फल भी पावें ।। ४ यहाँ जो दुःख परीक्षा हो हम उसको क्यों न सहें तब अपने पिता पास उस पार हम शीघ्र जाके रहें ।। 442 (४४२) “Thou art the way, Thee alone.” C. M. ― St. James. G. W. DOANE, 1799-1859. १ तू मार्ग है केवल तेरे पास काल पाप से भाग सकें जो चाहे पिता ढूँढ़ने को तुझ ही में पावेंगे २ तू सत्य है वचन तेरा ही सत बुद्धि देवेगा तू केवल मन को ज्ञान दिला और शुद्ध कर सकेगा ।। ३ तू जीवन है बन्ध तोड़ने से तू हुआ मृत्युंजय और जिनको तेरा आसरा है मृत्यु न करती क्षय ।। ४ तू मार्ग तू सत और जीवन है उस मार्ग पर हम चलें उस सत को पा लें जीवन भी अनंत को हम पावें ।। 443 (४४३) “Guide me O Thou great Jehovah.” 8. 7. 8. 7. 4. 7. Zion or Dismissal. WILLIAM WILLIAMS 1717-91. १ पन्थ बता महान परमेश्वर बाट के भूले पंथी को मैं बलहीन हूँ तू है बली मार्ग में मेरा साथी हो स्वर्गीय भोजन दे मुझ त्राण के भूखे को ।। २ खोल दे अब वह कुण्ड बिल्लौरी निकली जिससे जीवन धार साथ और मेघ का खम्भ साथ देके मुझे यात्रा भर सम्भाल प्रबल यीशु हो तू मेरी ढाल तलवार ।। ३ मृत्यु नदी तीर जब जाऊँ चिंता भय को सब मिटा हे मुदांयक नरक नाशक चैन से बेड़ा पार लगा तेरी स्तुति करुगा मैं सर्वदा ।। 444 (४४४) “I'm a pilgrim and I'm a stranger.” P. M.-- S. S. S. 827. MARY DONA SHINDLER. १ मैं मुसाफिर और मैं परदेशी केवल रात भर केवल रात भर टिकूंगा मैं जल्दी जाऊँ क्यों करूँ देरी कि स्वर्ग पर जगह तैयार है मेरी मैं मुसाफिर (इत्यादि) ।। २ उत्तम देश का जिस ओर मैं बढ़ता मेरा प्रभु मेरा प्रभु है प्रकाश वहाँ न शोक है न आहें भरना न पाप का रोना न कभी मरना मैं मुसाफिर (इत्यादि) ।। ३ वह प्रदेश है सदा उजेला उसको देखना उसको देखना चाहता हूँ इस लोक में रहता है नित्य अंधेरा जिस में दौड़ धूप तो नित होती मेरी मैं मुसाफिर (इत्यादि) ।। ४ उस प्रदेश में देख मेरे प्यारे तुम भी आओ तुम भी आओ कहते हैं अब जाने देओ यह शोक का स्थान है सांझ होती जाती संसार सुनसान है मैं मुसाफिर (इत्यादि) ।। ५ उस पार पहुँच कर फिर न परदेशी न मुसाफिर न मुसाफिर रहूँगा उस पार जा बसूँ वहाँ विश्राम है वहां आनंद और पूरा आराम है मैं मुसाफिर (इत्यादि) ।। 445 (४४५) “I'm but a stranger here.” 6. 4. 6. 4. 6. 6. 6. 4. St. Barnabas. THOMAS TAYLOR, 1807-35. १ यहाँ परदेशी हूँ स्वर्ग मेरा घर सराय में टिका हूँ स्वर्ग मेरा घर यहाँ है दुःख और क्लेश चारों ओर मेरे द्वेष स्वर्ग मेरा पैत्रिक देश स्वर्ग मेरा घर ।। २ जो आँधी चले भी स्वर्ग मेरा घर यात्रा तो थोड़ी ही स्वर्ग मेरा घर दुःख सुख न रहेगा सुख शीघ्र मिलेगा स्वर्ग में जा रहूँगा स्वर्ग मेरा घर ।। ३ वहाँ यीशु के पास स्वर्ग मेरा घर होवेगी पूरी आश स्वर्ग मेरा घर संत लोग वां कुशल से प्यारे भी निज मेरे विश्राम नित्य पावेंगे स्वर्ग मेरा घर ।। ४ हर्षित मैं रहूँगा स्वर्ग मेरा घर कुछ भी मैं सहूँगा स्वर्ग मेरा घर क्योंकी मैं जाऊँगा प्रभु पास रहूँगा स्वर्ग में बास करूँगा स्वर्ग मेरा घर ।। 446 (४४६) “Jesus lover of my soul.” 7. 7. 7. 7. D. Hollingside or Martyme. CHARLES WESLEY, 1707-88. १ यीशु मेरे प्राण के मीत जब लों जग में रहता हूँ दुःख की धारा बहती है तेरी शरण लेता हूँ जब लो आँधी चलती हो अपने में मुझे छिपा अन्त में मेरे आत्मा को अनंत बंदरस्थान में ला ।। २ दूसरी शरण हैं नहीं तुझ ही से मन लिपटा है मुझे तनिक भी न छोड़ नित्य सम्भाल हे दयामय तुझ ही पर भरोसा है तुझ ही से सहायता नीचे अपने पंखों के मुझ अनाथ को रख सदा ।। ३ यीशु तू है मेरी आश दया कर मुझ निर्धन पर पतित मूर्छित को उठा अन्धा रोगी चंगा कर तेरा नाम पवित्र है मैं अधर्म से हूँ भरपुर पापों से मैं घिरा हूँ तू अनुग्रह से है पूर ।। ४ मेरे पाप मिटाने को तुझ में पूरी दया है निर्मल धारा बहने दे मन को शुद्ध कर रख सदा तू है सोता जीवन का मेरे हृदय में तू बह मेरी प्यास बुझाने को सदा काल लो बहता रह ।। 447 (४४७) “All the way my Saviour leads me.” FANNY CROSBY, 1820-1915. Chord - E | S- "---" | T-"---" १ यीशु राह में साथ ले चलता इससे बढ़ कर क्या चाहूँ प्रभु अगुवे की शंका किस प्रकार मैं कर सकूँ कुशल क्षेम से बना रहता अब विश्वास से उसी में कि मैं जानता जो कुछ आवे शान्त रहूँगा यीशु में ।। २ यीशु राह में साथ ले चलता ढाढ़स देता मुझी को दुःख में देता सहन शक्ति भूख में देता खाने को मेरा पांव जो ठोकर खावे मेरा मन भी प्यासा हो मैं तब देखता अपने साम्हने हर्ष से बहते सोते को ।। ३ यीशु राह में साथ ले चलता प्रेम की सब भरपूरी से पूरी शान्ति मुझे देगा घर में मेरे पिता के मेरा आत्मा जब उड़ जावे राज्य अनंत में ऊपर ही मैं यह गाऊँगा कि उसने मेरी अगुवाई की ।। 448 (४४८) “Lead kindly light” P. M. -- Lux Benigna. JOHN H. NEWMAN. 1801-90. १ रात अंधियारी प्रभु दूर है घर हो अगुवा कुछ सूझता नहीं मार्ग उजेला कर हो अगुवा न कहता मैं कि दूर तक राह दिखा कहां अब धरूँ पांव यह ही बता ।। २ मेरी सदा यह बिनती नहीं थी हो अगुवा मन माने चला, तेरी सुध न की अब तू ले जा तब मोह के वश में हो घमण्ड से भर हठी मैं था यह सब न स्मरण कर ।। ३ तू इतने दिन से रहा अगुवा अब किस से डर दुःख क्या और बिपत मौत की छांह भी क्या मन धीरज धर जाता अंधेरा होता है बिहान स्वर्ग में मिलेगा सदा का कल्याण ।। 449 (४४९) “Children of the Heavenly King.” JOHN CENNICK, 1718-55. १ स्वर्गीय राजा के संतान चलते करो स्तुतिगान धन्य कहो यीशु को उस का यश प्रचार करो ।। २ चलते हो उस मारग से जिस से संत लोग चलते थे वे आनंदित होते अब उनके साथ तुम होओ सब ।। ३ अब पुकारो धन्य लोग ठहरोगे तुम राज्य के योग्य जगह है वहां तैयार राज्य और प्रतिफल उस पार ।। ४ आंख उठा के भाइयो देखो नई सृष्टि को वहाँ नित्य तुम रहोगे प्रभु को तुम देखोगे ।। ५ डरो मत हे भाइयो आनंद कर के खड़े हो प्रभु यीशु कहता है आगे बढ़ो हो निर्भय ।। ६ हम हे प्रभु चलेंगे सारे जग को छोड़ेंगे तू ही अगुवाई कर और हम होंगे अनुचर ।। 450 (४५०) “Forever with the Lord.” JAMES MONTGOMERY, 1771-1854. १ सदा मसीह के साथ आमीन यह ऐसा हो इस वचन में जी उठना है अमरता सदा लो इस बदन में सम्बद्ध दौड़ धूप उठाता हूँ और अपने स्वर्गीय घर की ओर दिन-दिन बढ़ जाता हूँ ।। २ पिता का स्वर्ग में धाम घर मेरे आत्मा का विश्वास से कभी देखता हूँ सुनहरा द्वार उसका उस में पहुँचने से तब होगा मेरा क्षेम संतों का उजला है निवास स्वर्गीय यरुशलेम ।। ३ सदा प्रभु के साथ पिता जो इच्छा हो तो अब भी मुझ पर पूरी कर उस दृढ़ प्रतिज्ञा को हो मेरे दाहिने हाथ तब मैं न चुकूंगा सम्भाल मुझे कि स्थिर रहूँ लड़ कर मैं जीतूँगा ।। ४ जब मेरा पिछला स्वास उस ओट को फाड़ेगा मृत्यु से हूँगा मृत्युंजय अनंत मिलेगा और मुझे अपने पास उठावे तेरा हाथ तब गाऊँगा मैं बारम्बार सदा प्रभु के साथ ।। 451 (४५१) “There's a land that is fairer than day.” S. F. BENNETT, 1867. Chord - E | S- 6/8 | T-084 १ हम विश्वास से एक देश देखते हैं जो इस पृथ्वी से है शोभायमान वहां यीशु कर रहा तैयार मेरे लिये एक रहने का स्थान ।। कोरस- थोड़ी देर में वहाँ प्यारो जाके हम सब मिलेंगे ।। २ अपने काम से विश्राम करेंगे शोक और क्लेश और सब दुःख होंगे दूर भजन सुन्दर मनोहर वहाँ तब हम गावेंगे हर्ष से भरपुर ।। ३ प्रेम और आशिष अनुग्रह संपूर्ण आनंद पूर्वक मन खोल के सदा यह है पिता का अद्भुत वरदान हम तब करेंगे स्तुति का गान ।। 452 (४५२) Bhajan Tunes No. 64 or 65. SHUJAAT ALI. अरे मन भूल रहा जगमों, अरे मन भूल । १ यह जग को मन छोड़ चलोगे, यीशु को मत भूल । इस तन की मन आशा न कीजै, होगा धूल में धूल ।। २ जब लग जीवन है मन जगमों, तभी तलक मन फूल । सुन रे आसी मन चित देके, यीशु है जग मूल ।। 453 (४५३) Bhajan Tunes No. 70. SHUJAAT ALI. १ क्यों मन भूला है यह संसारा, मन मत दे टुक कर ले गुजारा । इस जग में सुख नित नहि भाई, यह तो है जस पानी की धारा ।। २ मात पिता अरु खेश कुटुम्ब सब, संग नहिं कोई जावनहारा । अन्त समय सब देखन आइहैं, छन भर में सब होइहैं नियारा ।। ३ जो कुछ अंग में होगा तुम्हारे, वह भी सब मिल लै हैं उतारा । नरक अगिन में जब तुम पड़िहो, तब नहिं कोई बचावनहारा ।। ४ भाई मुक्त की खोज करो तुम, यीशु मसीह प्रभु तारणहारा । आसी तो प्रभु दास तुम्हारा, तुम बिन नाही कोई हमारा ।। 454 (४५४) Bhajan Tunes No. 73. J. UMRAIL. छाया समान ढलि जाय रे उमरिया । १ यश कर ले हितसों मन मुरख । एक दिन आखिर जाय रे कबरिया ।। २ सौदा जग का जग में कर ले । अन्त मिले नहि फेर बजरिया ।। ३ इस जग में मत भूल मुसाफिर । हो तैयार ले बांध कमरिया ।। ४ मुक्ति की राह प्रभु यीशु से पूछो । वा बिन पैहो न कोई डगरिया ।। ५ सोई जग तारक मुक्ति सुदाता । वा बिना नहीं कोई और दुसरिया ।। ६ निशि दिन वाहि को भज ले रे गाफिल । वाहि ने ली नित्य तेरी खबरिया ।। ७ अब विश्वास प्रभु यीशु पर लाओ । एक दिन चलना है वाकी नगरिया ।। 455 (४५५) Bhajan Tunes No. 86. SHUJAAT ALI. १ छोड़ो जग की माया मनुवा, या जग में सुख नाहीं मनुवा । इस जग की प्रतीत न कीजे, झूठा है यह जग रे मनुवा ।। २ यीशु मसीह की शरण गहो तुम, सरगबास तब पैहो मनुवा । यह तन में मन भूल रहे हो, इस में तो है दुःख रे मनुवा ।। ३ वाहि समे में क्या करिहो तुम, जब विकसैगी काया मनुवा । इतनी बिन्ती आसी की सुनियो, यीशु है बचवैया मनुवा ।। 456 (४५६) Bhajan Tunes No. 41 or 42. JOHN CHRISTIAN. दुनिया में दिल नहीं लगाना, इस जिन्दगी का कौन ठिकाना । १ ख्वाबों में जस माल खजाना, पाय करे मन मौज अपाना । चौंक पड़े सब धूरि मिलाना, तैसहि दुनिया मानु नदाना ।। २ पर नारी धन देखि दिवाना, फजिहत खाये प्राण गमाना । जौपै मिले नहि काम भराना, बुदबुद छूवत बात उड़ाना ।। ३ होश करो नर बयस सिराना, यीशु मसीह पर लाओ इमाना । जान अधम यहि सांच सिखाना, जौं सुख चाहो अमर निधाना ।। 457 (४५७) Bhajan Tunes No. 58. भाई नहीं जैहो, धन बांध गठरिया । १ जब तोहि काल आनि कै घेरे, छोड़ चले घरबार अटरिया ।। २ जो कुछ अंग में होगा तुम्हारे, उसकी सब मिल बांधे मुटरिया ।। ३ अब ही चेत करो नर मुरख, प्रलयकाल की कर ले खबरिया ।। ४ एक दिना प्रभु लेखा मंगिहैं, तब तेरो है कहु कौन बचैया ।। ५ जो प्रभु यीशु मर्म न जान्यो, फुंकि जैहो जैसे बन की लकड़िया ।। ६ प्रभुदास बिन्ती कर ठाढ़ो, यीशु चरण पै ध्यान धरो भैया ।। 458 (४५८) Bhajan Tunes No. 59. सब दिन नाहि बरोबर बीते, कबहु तपन कभु छांही । १ कभु मन शोगी कभु सुख भोगी, जिमि दिन रात बिलाही । एक दिवस मिलि है सुख राशी, अगले दिवस नसाही ।। २ बादल रंग रंग जस होते, तस जग बदलत जाही । राजा परजा धनी भिखारी, सब को है गति याही ।। ३ जग में कभु आंसू कभु हांसी, सागर जस लहराही । या भवसिन्धु बीच बहुतेरे, मुक्ति रतन बिसराही ।। ४ सोचहु मन या चंचल जग में, कौन दयाल बचाही । दीन दयाल कृपानिधि यीशु, जोखिम पार लगाही ।। ५ सत विश्वासह लंगर जानो, ख्रीष्ट तीर ठहराही । दास सदा लौलीन रहो तुम, तौ कुछ शंका नाही ।। 459 (४५९) H. T. B. 126. CHIMMAN LAL. १ उठ मुसाफिर कर तैयारी अब तो कुछ दिन भी नहीं है । दिल कहीं दीदा कहीं और अश्क आँखों में नहीं है ।। २ लग रहा है चल यहां रात ओ दिन एकसां बराबर । मौत का डंका बजे तुझे कुछ गम नहीं है ।। ३ मौत क्या जाने लड़कपन क्या बुढ़ापा क्या जवानी । क्या अमीरी क्या फकीरी मौत को परवाह नहीं है ।। ४ क्या तेरी आँखों में अब तक नींद गफलत की भरी है । भाई ओ मादर पिदर यां कोई भी अपना नहीं है ।। ५ माल ओ दौलत शान ओ शौकत इन में धोखा है सरासर । सारी दुनिया कोई कमावे तौभी कुछ हासिल नहीं है ।। ६ है खुशी यीशु मसीह में राह इ हक्क साबिर वही है । क्यों फिरे भटका मुसाफिर और तो कोई राह नहीं है ।। 460 (४६०) H. T. B. 120. SHUJAAT ALI. १ कोई दम में दम जब यह जाता रहेगा । तो ऐ दिल बात किस से नाता रहेगा ।। २ जरा नींद इ-गफलत से बेदार हो अब । तो फिर कौन तुझ को जगाता रहेगा ।। ३ तू अब नाज ओ नखवत में फूला फिरे है । यही तुझ को आखिर रुलाता रहेगा ।। ४ मुसाफिर है तू और यह दुनिया सरां है । तू कब तक यहां दिल लगाता रहेगा ।। ५ इताअत मसीह की जो करता रहे तू । तो बेशक वह तुझ को बचाता रहेगा ।। ६ जो होवे भलाई तो कर ले रे गाफिल । यहां कौन फिर फिर के आता रहेगा ।। ७ ऐ आसी कहा दिल का हरगिज न कीजो । बले तुझ को वह यां फंसाता रहेगा ।। 461 (४६१) H. T. B. 122. SHANKAR DAYAL. १ मिले खाक में नौजवां कैसे कैसे । गये कब्र में नुक्तेदां कैसे कैसे ।। २ सहे हैं मसीहा ने दुनिया की खातिर । जजर कैसे कैसे जिया कैसे कैसे ।। ३ दिये पांव लुंजों को अन्धों को आँखें । तवाना किये नातवां कैसे कैसे ।। ४ लाजर को हासिल हुई जान-इ-ताज । जुबां पा गये बे-जुबां कैसे कैसे ।। ५ जवानी को मरकद की चक्की ने पीसा । हुए चूर चूर उस्तुखां कैसे कैसे ।। ६ न सोहराब बाकी रहा है न रुस्तम । जमीं खा गई पहलवां कैसे कैसे ।। ७ कोई मंजिल-इ-गोर से फिर न पलटा । रवाना हुए कारवां कैसे कैसे ।। ८ करें याद किस किस को किस किस को रोयें । इन आँखों ने देखे समां कैसे कैसे ।। 462 (४६२) AJIZ. १ रही यह है बाकी उमर खोते खोते । रवां यह हुआ दिन अबस सोते सोते ।। २ गुलिस्तां-इ-दिल में जरा जाके देखो । कि तुख्म-इ-गुनाह है बढ़ा बोते बोते ।। ३ गुनाहों के दागों को धो, ऐ मसीहा । मैं आजिज हूँ अजखुद उन्हें धोते धोते ।। ४ करम की नजर कर इस अजिज पर यीशु । है तालिब तेरा नातवां रोते रोते ।। ५ बशीर और है थोड़ी यह मंजिल तुम्हारी । चलो अब वतन को सुबह होते होते ।।

  • Harvest 488-491 | Masihi Geet Sangrah

    कटनी (Harvest) 488 (४८८) “Let us with a gladsome mind” 7. 7. 7. 7. Monkland or pleyel. JOHN MILTON. 1608-74. १ धन्य कहो परमेश्वर को सदा उस की स्तुति हो कि सनातन और अक्षय उसकी दया रहती है ।। २ धन्य कि हमें उस ने दी प्रतिदिन ज्योति सूर्य्य की कि (इत्यादि) ।। ३ धन्य कि देता चन्द्रमा रात पर करने प्रभुता कि (इत्यादि) ।। ४ धन्य कि मेंह बरसाता है जिस से अन्न बढ़ जाता है कि (इत्यादि) ।। ५ उस के कहे से हर खेत फलवंत है हमारे हेतु कि (इत्यादि) ।। ६ धन्य कि पूंजी अन्न की भी खलिहान में उस ने दी कि (इत्यादि) ।। ७ धन्य कि भोजन स्वर्ग का ही हमें देता है वही कि (इत्यादि) ।। ८ धन्य हैं ईश्वर का प्रसाद करो उस का धन्यवाद कि (इत्यादि) ।। 489 (४८९) 7. 7. 7. 7. Innocents or St. Bees. १ वर्षा हुई भाइयो ईश्वर को सराहियो वर्षा भी है उस का दान उसकी सामर्थ है महान ।। २ बुझी भूमि की है प्यास मगन हुए पेड़ और घास पशु पक्षी कीट पतंग सुखी हैं हमारे संग ।। ३ हे परमेश्वर दयावन्त तेरी कृपा है अनन्त तेरी दया है अपार नाम और गुण अपरम्पार ।। ४ प्रभु देख हम पापी जन भूखे हैं हमारे मन उन में कृपा तू बरसा और सब धर्म के फल उगा ।। 490 (४९०) “We plough the fields and scatter. ” P. M. Wir Pflugen. MATHIAS CLAUDIUS, 1740-1815. १ हम जोतते हैं और बोते बीज धरती पर बार बार और आशिष के हम होते ईश्वर से मांगनेहार वह ओस और मेंह बरसाता कि खेत की नमी हो वह हवा को चलाता और भेजता गरमी को ।। कोरस :- सारी अच्छी आशिष ऊपर से आती है सो धन्य हो हाँ धन्य हो पिता जां दयामय ।। २ चांद सूरज और सब तारे और जो कुछ जग में हो जो चहुँ ओर हमारे सम्भालता वह सब को अनाज और सब आधार को वही उगाता है मनुष्य और सब जानदार को वही खिलाता है ।। ३ ईश्वर पिता तेरा हम करते धन्यवाद कि तेरी अत्यन्त कृपा असीम है और अगाध दीन होके अब हम आते पास तेरे साथ सत्कार और भेंट को जो हम लाते सो तुझे हो स्वीकार ।। 491 (४९१) “O Lord of heaven and earth and sea. ” 8. 8. 8. 4. Alms giving. CHRISTOPHER WORDSWORTH, 1805-85. १ हे स्वामी स्वर्ग और जगत के हम तेरी स्तुति करेंगे हम क्या दे सकते हैं तुझे जो देता सब ।। २ पवन और घाम मनभावने और फल और फूल और सारे पेड़ है कटनी तेरी कृपा से जो देता सब ।। ३ प्रेम कुशल तू ने दिया है और जो कुछ जगत भर का है हम क्यों न करें तेरी जय जो देता सब ।। ४ और तू ने भेज के पुत्र को इस जग के लिये दिया है और उस के साथ भी सभों को तू देता सब ।। ५ तू आत्मा हमें देता है जो जीवनदान और अक्षय और उसके वर उंडेलता है हम सभों पर ।। ६ पापमोचन तुझ से मिला है और स्वर्ग का भी अमित निश्चय अब तुझे हम क्या दे सकें जो देता सब ।। ७ जो कुछ भी हम तुझे देते हैं सो क्षय न कभी होता है तू उसे ले वह तेरा है जो देता सब ।।

  • 463-484 | Masihi Geet Sangrah

    463 (४६३) 8. 8. 8. 8. 7. Lasst Mich Gehen. १ क्या सदा क्या सदा धूल में रहूँगा सदा नहीं जो शरीर यह गड़े ओ समाधि भीतर सड़े तौभी वह जी उठेगा ।। २ गोर का द्वार गोर का द्वार तोड़कर यीशु ने उद्धार अनंत जीवन मुझे दिया उसने मृत्यु को हराया मृत्यु तेरी जय कहाँ ।। ३ धन्य समय धन्य समय देह जब फिर जी उठता है तब हम दुःख और सकल व्याधि और वह गोर के भीतर सड़े छोड़कर करेंगे जय जय ।। ४ तब निहाल तब निहाल रहेंगे हम अनंत काल सब वियोग से शोकित होना सकल हाय हाय मारना रोना उस समय होगा बन्द ।। ५ आश्चर्यमान आश्चर्यमान तेज स्वरूप ओ ज्योतिमान तब तो होगी देह हमारी आगे वह न मरनेहारी बरन ख्रीष्ट की देह समान ।। ६ अपने साथ अपने साथ हम को चैन हमारा नाथ स्वर्ग में देगा कि हम गावें उसकी स्तुति और बढ़ावें उसकी नाम संतों के साथ ।। ७ कर विश्वास कर विश्वास प्रिय प्राण जो है उदास ढाढ़स बांधो पिता माता रोदन थामो बहिन भ्राता होगा पुनर भेंट प्रकाश ।। 464 (४६४) 8. 8. 8. 8. 7. Lasst Mich Gehen. GUSTAV KNACK 1806-1878. १ कब मैं जाऊँ कब मैं जाऊँ यीशु को कब देखने पाऊँ उस के चरणों पर सिर धरना उसके पास ही नित ठहरना अपने मन से चाहता हूँ ।। २ सत्य प्रकाश सत्य प्रकाश जो अन्धकार को करता नाश कब मैं वहां पहुँचूँगा जहां तेरा मुँह मैं देखूँ मेरे मन के अभिलाष ।। ३ कैसा मीठा कैसा मीठा स्तुतिमान है दूतों का यदि पंख हमारे होते उड़ते हुए जल्द यहां से जाते हम सैहून पहाड़ ।। ४ उत्तम देश उत्तम देश तेरे फल हैं क्या विशेष अपने पास हे प्रिय प्रभु हम को स्वर्ग में स्थान तू दे परमधाम ही में प्रवेश ।। 465 (४६५) “O think of the home over there.” P. M. S. S. S. 42. D. W. C. HUNTINGTON. १ कर याद कि एक घर है उस पार सुन्दर जीवन की नदी के पास जहां संत लोग सब पाके उद्धार नित्य करते हैं हर्ष से निवास सुन्दर घर सुन्दर घर कर याद कि एक घर है उस पार ।। २ कर प्यारों को याद जो उस पार हम से पहिले पहुँच गये हैं कि वे गाते हैं ईश्वर का प्यार और आनंद से बिताते समय यर्दन पार यर्दन पार कर याद कि हैं प्यारे उस पार ।। ३ उद्धार कर्त्ता रहता उस पार हैं सब भाई और बन्धु वहाँ छोड़ के रंज और सब दुःखों का भार उनके पास मैं उस पार जाऊँगा मैं उस पार जाऊँगा उन के पास जो हैं गये उस पार ।। ४ अब जाऊँगा जल्दी उस पार जीवन यात्रा का अन्त दिखता है मेरे प्यारे जो गये उस पार मेरे आने की बाट जोहते हैं जोहते हैं जोहते हैं मेरे आने की बाट वां उस पार ।। 466 (४६६) 11. 11. 11. 11. 8, 11. Wo Findet. १ कहाँ पाता है मेरा प्राण सुख विश्राम कौन चैन देगा मुझे और क्लेश से विराम न कहीं मैं पाऊँगा ऐसा आश्रय जहां न पाप न मरण होता है नहीं नहीं इस लोक में ना वह आनंद जो रहे सदा सर्वदा ।। २ हे प्यारो संसार को छोड़ देकर प्रस्थान कर ईश्वर के मार्ग पर तो पाओगे त्राण यरुशलेम स्वर्ग का चमकीला अपार वह है अनन्तकाल लों प्राण निमित्त आधार हाँ हाँ हाँ हाँ केवल वहाँ है दुःख से शुभ शरण ओ आनंद सदा ।। ३ आह कैसा सुखदायक है स्वर्गीय निधान पाप मृत्यु शोक व्यथा वहां हैं अनजान संत लोगों का भजन और सुन्दर जो गान सो करेगा हर्षित सदा मेरा प्राण वाह वाह वाह वाह कब जाऊँगा यहाँ से कि स्वर्ग में मैं रहूँ सदा ।। ४ तो चलो हे भाइयो समीप है विश्राम कुछ देरी के पीछे प्राप्त होगा स्वर्गधाम यहाँ हमको लड़ना और दुःख सहना है पर स्वर्ग में हम पायेंगे आनंद और जय जय जय जय जय निरंतर जय हम जो लेते मसीह पास आश्रय ।। 467 (४६७) “When this passing world is done” R. M. CHEYNE. 1813-43. १ जब आ जावे महा कष्ट जब यह जगत का होगा नष्ट जब मैं स्वर्ग में उतरुं पार पाऊँ सदा का निस्तार तब ही प्रभु समझ लूँ तेरा कितना धारता हूँ ।। २ तेरे पास खड़ा हूँ महिमा जब पहिनूँ देख तेरा तेज अपार निर्मल मन से करूँ प्यार तब ही प्रभु समझ लूँ तेरा कितना धारता हूँ ।। ३ जब मैं सुनूँ स्वर्ग का गान उठता हुआ गर्ज समान पानी का सन्नाटा सा शब्द जो मीठा बीन का सा तब ही प्रभु समझ लूँ तेरा कितना धारता हूँ ।। ४ जग में भी ज्यों ऐने में तेरी महिमा देख पड़े क्षमा ऐसी मीठी हो आत्मिक शक्ति प्रबल हो कि यहाँ कुछ समझ लूँ तेरा कितना धारता हूँ ।। ५ मेरी निज की न भलाई क्रोध से भागने को जगाये ख्रीष्ट के पांजर में गुप्त हो आत्मा से भी शोधित हो नित्य सिखा कि बताऊँ तेरा कितना धारता हूँ ।। 468 (४६८) “Hush ! blessed are the dead” 6s. Dolomite Chant. १ हैं धन्य वे ही मृतक जो मरते प्रभु में कि करते हैं विश्राम अब अपने कार्यों से ।। २ दर्शन बिन परदे का वे सदा पाते हैं सत ईश्वर ज्योतिर्मय वे देखते रहते हैं ।। ३ वे इस दुःख सागर से अब छूट के निकले हैं न दुःख न पीड़ा को फिर कभी जानेंगे ।। ४ अच्छा गड़रिया उन्हें रखता है वह अमृत पानी के तीर पर ले चलता है ।। ५ न उन्हें, पर हम को आँसू बहाना है हां उन के मरने से हम दुःखित हैं निश्चय ।। ६ हम शोक से रोते हैं सुधि क्योंकर मिटेगी न हम पर दोष लगा कि रोया यीशु भी ।। ७ पर अन्तिम दिन को जब लौट आवे मेरा साथ हम सब आनंद से फिर मिल रहेंगे एक साथ ।। 469 (४६९) “There is no night in heaven” १ न रात है स्वरग में उस लोक में तेजस्वी थकावट काम में न होगी कि काम भी प्रेम है ही ।। २ न दुःख है स्वर्ग में सुख सदा रहेगा न आँसू नई सृष्टि में कभी देख पड़ेगा ।। ३ न पाप है स्वर्ग में देख भीड़ सब संतों की पवित्र है नित्य उनका गीत पवित्र वस्त्र भी ।। ४ न मौत है स्वर्ग में वहाँ जो रहेंगे सो अमर होवेंगे जयवंत वे फिर न मरेंगे ।। ५ हे यीशु अगुवा हो कि योंही हम चलें कि दुःख पाप और मृत्यु पार उस लोक में जा रहें ।। 470 (४७०) “8. 7. 8. 7. Evening Prayer or Galilee.” १ मनुष्य धूल है घास का फूल है शीघ्र वह मर जाता है आज वह आता कल वह जाता फूल सा वेग मुरझाता है ।। २ क्या धनवान हो क्या कंगाल हो दोनों मौत उठाती है बलवन्तों और निर्बलों को दोनों को गिराती है ।। ३ स्वर्गीय पिता सब बुराई दूर कर मेरे मन में से बुद्धिमानी और तैयारी न्याय के दिन को मुझे दे ।। 471 (४७१) “When all my labours and trials are o'er.” CHARLES H. GABRIEL, 1850-1932. १ मेरा दुःख धन्धा जब हो चुकेगा कुशल से स्वर्ग जब पहुँच जाऊँगा यीशु के साथ जब रहूँगा सदा मुझे तब होवेगा पूरा आनंद कोरस :- पूरा आनंद पूरा आनंद पूरा आनंद पूरा आनंद जब उसके मुख को मैं देख पाऊँगा मुझे तब होवेगा पूरा आनंद ।। २ मुझको जब स्वर्ग में एक रहने का स्थान दया से यीशु करेगा प्रदान प्रभु की वाणी जब सुनेंगे कान मुझे तब होवेगा पूरा आनंद ।। ३ मेरे सब प्यारे मिलेंगे मुझे जगत के बोझ मुझ से दूर होवेंगे जब तारणहार मुझ पर दृष्टि करे तब उससे पाऊँगा पूरा आनंद ।। 472 (४७२) “Jerusalem my happy home” C. M. ― St. Fulbert. F. B. P. १ यरुशलेम तू है सुखधाम मनोहर मीठा नाम कब तुझ में जग के संकट से मैं पाऊँगा विश्राम ।। २ कब तेरी सुन्दर भीतों को और बाहर रतन द्वार सुनहली सड़क देखूँगा और पाऊँगा उद्धार ।। ३ हाँ कब मैं तुझ में बसूंगा हे ईश्वर के सुख धाम जहां न पाप न मृत्यु है न पीड़ा शोक न घाम ।। ४ जहाँ सनातन आनंद और कुशल क्षेम सदा है आह तुझ में मुझे जाना है पर दिन कब आवेगा ।। ५ संतों की मंडली है वहाँ और संग है यीशु नाथ और मेरे प्यारे भी अनेक वहाँ हैं उनके साथ ।। ६ मैं तेरी लालसा रखता हूँ हे ईश्वर के सुखधाम जब तेरा हर्ष मैं देखूँगा मैं करूँगा विश्राम ।। 473 (४७३) “Here we suffer grief and pain” १ हम यहाँ दुःख सहते हैं कि एक साथ न रहते हैं स्वर्ग लोक है मेल का स्थान । तब हम करें खुशी खुशी खुशी खुशी जब हम जब ही मिलके अलग फिर न होवेंगे ।। २ सब जो चाहते यीशु को उनका जब कि मरना हो स्वर्ग लोक को जावेंगे । ३ खुशी तब मनावेंगे जब हम देखने पावेंगे ख्रीष्ट को सिंहासन पर । ४ तब एक मन और एक ही स्वर गावेंगे हम खुशी कर यीशु मसीह की जय ।। 474 (४७४) “Asleep in Jesus” L. M. - Rest. MRS. MARGARET MACKY, 1832. १ मसीह में सोये श्रेष्ठ आराम उठकर न करेगा विलाप एक शान्त निश्चित निडर विश्राम दूर हुआ पाप का सारा श्राप ।। २ मसीह में सोये महा सुख कि इस आराम के योग्य हो कि साथ निश्चय के गा सकें मसीह ने मारा मृत्यु को ।। ३ मसीह में सोये शान्त आराम उठकर पाओगे परमानन्द उस के पराक्रम के समय होंगे हर व्याधि से निर्बन्ध ।। ४ मसीह में सोऊ मुझे भी यह उत्तम आश्रय मिल सके कि पुनरुत्थान के समय लों यह देह विश्राम से सोयेगा ।। ५ मसीह में सोये तुझ से दूर जो तेरे प्यारे पड़े हों तौभी है तेरा श्रेष्ठ आराम जी उठके देखेगा उनको ।। 475 (४७५) “The sands of time are sinking” 7. 6. 7. 6. D. Rutherford. ANNE ROSE CAUSIN, 1824-1906. १ संसार का दिन ढल जाता और स्वर्ग का बिहान जिस भोर की आश मैं रखता वह भोर अब हैं ज्योतिमान रात थी बहुत अंधेरी अब करता दिन प्रवेश और विभव विभव रहता इम्मानुएल के देश ।। २ मसीह है प्यार का सोता उस जल की क्या मिठास संसार में मैं ने चखा पर स्वर्ग में बुझती प्यास वहाँ एक बड़ा सागर उसका प्रेम अशेष और विभव विभव रहता इम्मानुएल के देश ।। ३ मसीह है मेरा प्यारा वह मुझ से रखता प्रेम जौनार के घर में लाता अशुद्ध और दुराचार मैं उस पर रखता आस्रा पूर्ण होगी आश विशेष जहां वह विभव रहता इम्मानुएल के देश ।। ४ दुलहिन तो अपने भेष पर लगाती नहीं ध्यान वह विभव नहीं ताकती पर वह लोहू लुहान न आँख लगाती ताज पर हाथ छिदे हैं विशेष मेम्ना है सारा विभव इम्मानुएल के देश ।। ५ जीवन के थान में उसने विचार से बुना क्षेम और शोक की ओस पर सदा चमकता उसका प्रेम जिस हाथ ने ठीक चलाया जिस चित से था उपदेश उन को मैं नित्य सराहूँ इम्मानुएल के देश ।। ६ मैं स्वर्ग की ओर हूँ ताकता जब चली बयार प्रचण्ड अब थके पथिक नाईं जो टेकता अपना दण्ड आयु के संध्या समय ज्यों मौत का है संदेश मैं विभव उदय ताकता इम्मानुएल के देश ।। 476 (४७६) 8. 7. 8. 7. 8. 8. 7. Luther's Hymn. JOSHUA STEGMANN. १ हे मौत अब तेरा डंक कहाँ कहाँ परलोक जय तेरी शैतान अब हम से करे क्या चाहे शक्ति हो घनेरी परमेश्वर ही ने किया है हमारे लिये उत्तम जय ख्रीष्ट यीशु ही के द्वारा ।। २ सांप कैसे फनफनाता था जब यीशु उससे लड़ा छल बल से उस पर आता था पर उससे मारा गया हां ख्रीष्ट की एड़ी डसने से वह पा न सका उस पर जय सिर सांप का कुचला गया ।। ३ ख्रीष्ट वैरीयों पर जयवंत हो पाताल से निकल आया और मौत को भी हराया मृत गोर को भी हराया अब कोपित होवें सारे दल शैतान और उसका पूरा बल जयवंत मसीह हो गया ।। ४ ख्रीष्ट यीशु मौत में पड़ा था पर देख फिर जीवित भया अब जीवे उसके अंग सदा जब सिर जिलाया गया जो यीशु पर विश्वास करे न रहेगा वह कबर में वह जीवे जोभी मरा ।। ५ जो दिन दिन उठे ख्रीष्ट के साथ पाप मौत से मन फिरावे न होगा उस पर मौत का हाथ न उस पर आने पावे ख्रीष्ट ने मौत को किया क्षय वही निर्दोषता लाया है अमरता अनंत जीवन ।। ६ ये हैं निस्तार के पर्व के दान ख्रीष्ट यीशु ही के द्वारा कि मुक्ति आनंद और कल्याण अब है सदा हमारा सो बाट हम जोहें धीरज से जब लों न महा दिवस में हमारे देह जी उठें ।। 477 (४७७) Bhajan Tunes No. 121. PRABHU DAS अपना कोई नहीं है जी ।। बिना प्रभु यीशु हर्गिज मुक्ति नहीं है जी । १ धन जोबन का गर्व न कीजै सिर पर मौत न मानी । इक दिन ऐसा होगा बन्दे तू डूबे बिन पानी ।। २ मानुष चोला हुआ पुराना कब लग सीवे दरजी । दुःख का भंजन कोई न मिलिया जो मिलिया सो गरजी ।। ३ जब लग तेल दिया में बाती जग मग जग मग हो रही । जल गय तेल निपट गई बाती ले चल ले चल हो रही ।। ४ माटी ओढ़ना माटी बिछौना माटी का सिरहाना । इक दिन ऐसा होगा बन्दे माटी में मिल जाना ।। ५ सदा न बाग में बुलबुल बोले सदा न बाग बहारा । सदा न रहती हुस्न जवानी सदा न सुहबत यारां ।। ६ माई कहे यह पुत्र हमारा बहिन कहे बिर मेरा । भाई कहे यह भैया हमारा नारि कहे नर मेरा ।। ७ तीन दिना तेरी तिरिया रोवे जीवे जब लग माता । मरघट तक तेरा कुटुम्ब कबीला हंस अकेला जाता ।। ८ घर की तिरिया झुर झुर रोवे बिछुड़ गई मेरी जोड़ी । प्रभुदास उठ के यों बोले जिन जोड़ी तिन तोड़ी ।। ९ दुःख की गठरी सिर पर भारी जाकर कहाँ उतारी । यीशु जी ने हांक पुकारी दुःख की गठरी टारी ।। 478 (४७८) H. T. B. 22 अस घर जग में कोई नहीं । जिस घर मैं न जाती हूँ ।। १ ताक लगाये हाजिर रहती । जिधर इशारा पाती हूँ ।। २ जिसे बुलाता साईं मेरा । मैं ही लेने जाती हूँ ।। ३ हुक्मी चेरी मैं हूँ उस की । तुरतहि हुक्म बजाती हूँ ।। ४ लोहा लकड़ी कछु नहि लाती । चुपके तीर चलाती हूँ ।। ५ डरती कभु न फिराऊन से । खुले खजाने आती हूँ ।। ६ भाई भतीजे रोवत पीटत । मात पिता से छुड़ाती हूँ ।। ७ जो कोई है शैतान का बन्दा । नरक उसे ले जाती हूँ ।। ८ यीशु मसीह के बलिबलि जाओ । निर्बल तुम्हें बताती हूँ ।। 479 (४७९) Bhajan Tunes No. 23 or 24. HINGAN. जगत में ना निश्चय पलकी । १ सुमरण करिये प्रभुहि सुमरिये, को जाने कलकी ।। २ हंस रहे जौलोग घट भीतर, हरख रहे दिल की ।। ३ हंस निकल जब जावे घट से, माटी भूतल की ।। ४ कौड़ी कौड़ी वित्त बटोरे, बात किये छल की ।। ५ भारी गेठ धरे सिर ऊपर, क्योंकर हो हल्की ।। ६ सांझ पहर दिनकर जस छीजे, जोत झला झलक ।। ७ आयुर बल झट बीतत तैसे, बिजली जस दमकी ।। ८ काम क्रोध मद माया तजि के, कुटिल बात खलकी ।। ९ सेवक यीशु चरण पर निहुरत, सुनिये निरबल की ।। 480 (४८०) Bhajan Tunes No. 82. NAINSUKH. जो तुम जीवो तो करलो विचारा, यीशु है मेरो सृजनहारा ।। १ जीवन मरन यही संसारा, यीशु नाम से होत उधारा ।। २ मातु पिता दुःख देखनहारे, कोई नहीं दुःख बांटनहारा ।। ३ बेटी बहिन अरु घर की नारी, रोवत विलपत सब परिवारा ।। ४ लोग बाग सब सोचन लागे, हंस कहां गया बोलनहारा ।। ५ अबही चेतो हे अभिमानी, काल सिरहाने आय पुकारा ।। ६ उठ रे पापी तोहि बुलाई, अगिन जहां नहीं बूझनहारा ।। ७ यीशु के लोग जहां जात होई, सुनत नहीं यह बोल करारा ।। ८ धर्मरूप तब कहत सुनाई, चलिये प्रभु दर्शन को प्यारा ।। 481 (४८१) Bhajan Tunes No 46. JOHN CHRISTIAN. मन मरन समय जब आवेगा, मन मरन समय । १ धन संपत्ति अरु महल सराये, छुटि सबै तब जावेगा ।। २ ज्ञान मान विद्या गुण माया, केते चित्त उरझावेगा ।। ३ मृगतृष्णा जस तिरखित आगे, तैसे सब भरमावेगा ।। ४ मातु पिता सुत नारी सहोदर, झूठे माथ ठठावेगा ।। ५ पिंजर घेरे चहुँदिश विपिन, सुगवा प्रिय उड़ जावेगा ।। ६ ऐसो काल शमशान समाना, कर गहि कौन बचावेगा ।। ७ जान अधम जन जौं विश्वासी, यीशु पार लगावेगा ।। 482 (४८२) H. T. B. 70. PREM DAS. रहेगा हंसा चार दिना जग माहीं । १ मुक्ति गहन जनि बारि लगाओ । घटत दिवस अब जाहीं ।। २ पथिक नींद अस यह संसारा ।। छन सोवत पथ माहीं ।। ३ दारा पति सुत बन्धु सजाती । साथी ये सब नाहीं ।। ४ जो तुम पाप कियो तन मन से । बांट न लेहीं ताहीं ।। ५ धन्य दयालु पिता परमेश्वर । प्रेम असीम दिखाहीं ।। ६ पापिन भार उतारन कारण । निज सुत जगत पठाहीं ।। ७ दास आस निज तापर राखो । पाप श्राप नट जाहीं ।। 483 (४८३) H. T. B. 105 J. UMRAIL. १ जरा टुक सोच ऐ गाफिल कि क्या दम का ठिकाना है । निकल जब ये गया तन से तो सब अपना बिगाना है ।। २ मुसाफिर तू है और दुनिया सरां है भूल मत गाफिल । सफर मुल्क-इ-अदम आखिर तुझे दरपेश आना है ।। ३ लगाता है अबस दौलत पै क्यों तू दिल को अब नाहक । न जावे संग कुछ हरगिज यहीं सब छोड़ जाना है ।। ४ न भाई बन्ध है कोई न कोई आशना अपना । बखूबी गौर कर देखा तो मतलब का जमाना है । ५ लगा रह याद में हक की अगर अपनी शफा चाहे । अबस दुनिया के धन्धों में हुआ गुल क्यों दिवाना है ।। 484 (४८४) H. T. B. 103. SHUJAAT ALI. १ सुनो ऐ जान इ मन तुम को यहां से कूच करना है । रहो तुम याद-इ-हक्क में जब तलक यहां आबदाना है ।। २ अरे गाफिल तू क्यों भूला है इस दुनिया के लालच में । रखो कुछ खौफ भी हक का अगर जन्नत को जाना है ।। ३ करो टुक गौर दिल में कहा क्या क्या तुम्हें उसने । किया था हुक्म जो हक ने उसे तुम ने न माना है ।। ४ पड़े सोते हो गफलत में जरा टुक आँख को खोलो । हुई है शाम उठ बैठो मुसाफिर घर को जाना है ।। ५ न दौलत काम आयेगी न इस दुनिया से कुछ हासिल । अगर तुम सोचकर देखो यह सब कुछ छोड़ जाना है ।। ६ जो मलक-उल-मौत आवेगी तुम्हें इस जां से लेने को । बहाना क्या करोगे तुम वह तुम से भी सियाना है ।। ७ खुदा जब तुम से पूछेगा तू क्या लाया उस आलम से । दिया था उमर और दौलत तो क्या तुहफा कमाया है ।। ८ अगर गाफिल रहे हक से तुम्हें दोजख में डालेगा । रहे हो याद में हक की तो जन्नत घर तुम्हारा है ।। ९ हयात अब दी अगर चाहो तो कह यीशु मसीह से तू । वही शाफी है उम्मत का कि जिसका नाम यीशु है ।। १० सलीब ऊपर उसे रखकर किया है कत्ल जालिम ने । उसे मत भूल ऐ आसी वही तेरा ठिकाना है ।।

  • New Year 485 -487 | Masihi Geet Sangrah

    नया वर्ष (New Year) 485 (४८५) J. DUTT. प्रभुवर हम को यह वर दीजै । १ नये वर्ष में तन मन जीवन, सब को नूतन कीजे ।। २ ज्ञान कर्म इन्द्रियगण सारे, अपने वश कर लीजे ।। ३ पाप कुष्ट इव ताहि निवारण, दया दृष्टि कर छीजे ।। ४ फटे चीर सम हृदय को, प्रेम ताग सो सीजे ।। ५ खोलत हम मन द्वार पधारिये बसिये असिये पीजे ।। ६ जस तुम पितु से अरु पितु तुम में, तस प्रभु हम में जीजे ।। ७ शुद्ध भक्ति अरु सिद्ध परमगति, दास अधम को दीजे ।। 486 (४८६) “Father let me dedicate” 7. 5. 7. 5. D. Dedicate. L. TUTTIETT. Chord - D# | S- Ballad | T-082 १ पिता अपने को अर्पण करूँ मैं इस साल तेरी सेवा में हर क्षण बीते मेरा काल नहीं करता हूँ विनय सारे दुःख मिटा मेरी यही बिन्ती है “तेरी हो महिमा” ।। २ बालक क्या चुन लेता है अपने बास का स्थान बाप क्या नहीं देता है सब से अच्छा दान तुझ से उत्तम वर मुझे मिलते हैं सदा सब कुछ पाऊँगा जिस से “तेरी हो महिमा” ।। ३ अभी जो कुछ मेरा है यदि साथ रहे बढ़ता जाय भी सुख संचय तेरी दया से हर्षित हो मैं तन मन धन अर्पण करूँगा गाऊँगा मैं हो प्रसन्न “तेरी हो महिमा” ।। ४ यदि पड़े क्रूस का कष्ट दब के गिरूँ तब यदि हो सब आनंद नष्ट घर में शोक हो जब प्रभु जी के दुःख का भार स्मरण रखूँगा मांगूँ यही वर बार बार “तेरी हो महिमा” ।। 487 (४८७) 8. 7. 8. 7. Batty or Marines. १ हाल्लेलूयाह प्रभु मेरे तेरा धन्य मैं मानता हूँ और एक साल मैं द्वारा तेरे कुशल क्षेम से रहा हूँ ।। २ जो कुछ तेरी ओर से आया मेरे लिये भला था दुःख और सुख जो मैं ने पाया दान है तेरी कृपा का ।। ३ क्षमा कर हे कृपा सागर जितने मेरे दोष अपराध तू ही सकल गुणसागर तेरी दया है अगाध ।। ४ नये साल में मेरी सुध ले दिन दिन प्रीतम प्राण के साथ रक्षा कर और कुशल चैन दे सदा रह तू मेरे साथ ।। ५ दिन और साल तो बीतते जाते तू हे ईश्वर है अचल आदम जात सब मरते जाते तू ही रहता है अटल ।। ६ अपनी शरण नये साल में तुझी को ठहराया है जीते मरते दुःख और सुख में यीशु मेरा आसरा है ।।

  • Farewell 492- 494 | Masihi Geet Sangrah

    विदाई (Farewell) 492 (४९२) “Blest be the tie that binds.” JOHN FAWCETT, 1739-1817. १ धन्य हो वह प्रेम का बन्ध जो हमको बांधता है सम्बन्धी दिलों का है संग जैसा कि स्वर्ग में हो । २ पिता के आसन हम बिन्ती करते हैं हमारे भय दुःख सुख और आश उद्योग भी एक से हैं । ३ हम दुःख में भागी हैं संग भार उठाते हैं सहभागी होकर आपस में आँसू बहाते हैं । ४ जब भाई से भाई हो दूर मन होते हैं उदास पर मनों की एकताई है पूर फिर मिलने की है आश । ५ उस उत्तम आशा से हम साहस पाते हैं प्रतीक्षा उसकी करते हैं उस दिन को ताकते हैं । ६ तब शोक और श्रम से दूर और पाप से भी निर्बन्ध सिद्ध प्रेम और मित्रता से पूर नित्य करेंगे आनंद । 493 (४९३) “God be with you till we meet again.” JEREMIAH RANKIN, 1828-1904. १ ईश्वर साथ हो जब तक न मिलें अपने वचन से सम्भाले अपनी भेड़ों संग चरावे ईश्वर साथ हो जब तक न मिलें ।। कोरस :- जब तक न मिलें जब तक न मिलें स्वर्ग में प्यारे यीशु पास जब तक न मिलें जब तक न मिलें ईश्वर साथ हो जब तक न मिलें ।। २ ईश्वर साथ हो जब तक न मिलें पंख के तले नित्य छिपावे प्रतिदिन का मान खिलावे ईश्वर साथ हो जब तक न मिलें ।। ३ ईश्वर साथ हो जब तक न मिलें यदि जोखिम में तू पड़े अपनी बांह से तब वह धरे ईश्वर साथ हो जब तक न मिलें ।। ४ ईश्वर साथ हो जब तक न मिलें प्रेम का झंडा वह फहरावे लहर मृत्यु की वह थामे ईश्वर साथ हो जब तक न मिलें ।। 494 (४९४) “With the sweet word of peace.” G. WATSON. १ शान्ति के वाक्य से हम करते हैं विदा शान्ति की धारा की हो बढ़ती सदा ।। २ प्रार्थना के वाक्य से हम अपने भाइयों को रक्षा में तेरी ही सौंपते तू रक्षक हो ।। ३ प्रेम के अब वाक्य साथ चाहते कुशल अभंग हमारा तेरा प्रेम है नाथ हो उनके संग ।। ४ विश्वास में हो निर्भय हम आते तेरे पास तू जीते मरते हर समय हो उन की आश ।। ५ आशा के भागी हो आनंद से जावेंगे और प्रेम में बने रह करके गान गावेंगे ।। ६ हो शान्ति आशा प्रेम विश्वास और प्रार्थना साथ जब तक न उस पार साथ क्षेम मिलावे नाथ ।।

  • National Life 495-498 | Masihi Geet Sangrah

    देशी जीवन (National Life) 495 (४९५) “National Anthem.” जन गण मन अधिनायक जय हें भारत भाग्य विधाता ! पंजाब सिन्ध गुजरात मराठा द्राविड़ उत्कल बंग ! विन्ध्य हिमाचल यमुना गंगा उच्छल जलधि तरंग ! तव शुभ नामे जागे तव शुभ आशिष मांगे गाहे तव जय गाथा जन गण मंगल दायक जय हे भारत भाग्य विधाता जय हे, जय हे, जय हे, जय, जय, जय, जय हे 496 (४९६) JDUTT. कोः - वरो प्रभु ! हम को यह वरदान, करें हम मातृ-भूमि सम्मान । १ कपट कलह को हम सब छोड़ें, द्वेषराग से नाता तोड़ें, प्रेम नेम से मुख नहीं मोड़ें, करें आत्म उत्थान ।। २ दुर्गुण को हम दूर भगावें, सतगुण को हम कंठ लगावें, धर्म भाव और बुद्धि बढ़ावें, भरें हृदय में ज्ञान ।। ३ दीन दुःखी के बनें सहारा, बीमारों की जीवनधारा, परस्वारथ हो धर्म हमारा, रखें यही हम बान ।। ४ सदा देश का कलह निवारें, देश-दशा को शीघ्र सुधारें, देशोन्नति में सब कुछ वारें बनें देशहित प्राण ।। 497 (४९७) Bhajan Tunes No. 119. Chord - D | S- Ballad | T-086 प्यारा हिन्दुस्तान हमारा प्यारा हिन्दुस्तान । १ यही सुखों की कल्याणों की सब ही गुणों की खान, निश्चय सब ही गुणों की खान, सब ही गुणों की खान हमारा प्यारा हिन्दुस्तान।। २ चिन्ता इसकी करें हमेशा इसका धर अभिमान, सभी मिल इसका धर अभिमान, इसका धर अभिमान हमारा प्यारा हिन्दुस्तान ।। ३ देवें धन को देवें मन को अर्पण कर दें प्राण, सभी मिल अर्पण कर दें प्राण, अर्पण कर दें प्राण हमारा प्यारा हिन्दुस्तान ।। ४ स्वदेश सेवा करे न जन जो जीवित नहीं मृत जान, न जन जो जीवित नहीं मृत जान, जीवित नहीं मृत जान हमारा प्यारा हिन्दुस्तान ।। ५ भारत देश को ऐ परमेश्वर करो सदा लो त्राण, प्रभु जी करो सदा लों त्राण, करो सदा लो त्राण हमारा प्यारा हिन्दुस्तान ।। 498 (४९८) Bhajan Tunes No. 120. THOMA DAS. मेरा सोने का हिन्दुस्तान मेरा सोने का हिन्दुस्तान ।। तू है मेरे दिल का रोशन तू है मेरी जान ।। कोरसः- मेरा सोने का हिन्दुस्तान । १ नदी नाले तुझ में घनेरे, बढ़ाते तेरी शान । कैसे सुहावन हैं तेरे जंगल, पहाड़ी और मैदान ।। २ भांति भांति के फूल खिले हैं, पक्षी करते गान । कन्दमूल हैं तुझ में घनेरे, मेवा और मिष्ठान ।। ३ तांबा पीतल तुझ में मिलते, जिससे तू धनवान । हीरा मोती तुझ में मिलते, सोने रुपे की खान ।। ४ भक्त करते भक्ति तुझ में, ध्यानी करते ध्यान । कोई तो धोता पाप की गठरी, कर गंगा में स्नान ।। ५ पाप की नींद से जाग हे भारत, मत हो तू अज्ञान । तेरे खातिर यीशु मसीह ने दी है अपनी जान ।। ६ तेरे खातिर यीशु मसीह ने दी है अपनी जान । उसको अपना मित्र समझ कर, कर उस का सनमान ।। ७ दास विनय यह करता तुझ से, हे प्रिय हिन्दुस्तान । कर विश्वास प्रभु यीशु मसीह पर, तब तेरा कल्याण ।।

  • Psalms 558-571 | Masihi Geet Sangrah

    स्तोत्र (Psalms) 558 (५५८) Psalm 1. १ वह पुरुष है क्या ही धन्य सही, जो दुष्टों की युक्ति पर चलता नहीं ।। २ न पापी के मार्ग पर वह रहता खड़ा, न बीच ठट्ठा करने वालों के बैठा ।। ३ यहोवा की व्यवस्था से रहता मगन, और उसको रात दिन होती उसकी लगन ।। ४ उस वृक्ष के समान वह रहेगा सदा, जो बहती नदी पर लगाया गया ।। ५ वह देता है फल अपने वेले से ही, न पत्ती मुरझाती है उसकी कभी ।। ६ वह अपने सब कम्मों में होता भला, और रहता फलदायी फलदायी सदा ।। ७ पर वैसा न होता है दुष्टों का कुल, वह पवन से उड़ती भूसी के है तुल ।। ८ इस हेतु न न्याय में दुष्ट स्थिर रहेगा, न धर्म्मियों की मंडली में ठहर सकेगा ।। ९ इ यहोवा सुधि भलों के मार्गों की लेगा, पर दुष्टों का मार्ग सत्यानाश होवेगा ।। 559 (५५९) Psalm 15. कोरसः - तेरे घर में हे प्रभु कौन सुरक्षित रहेगा ।। कौन पवित्र परबत पर चढ़ के सदा रहेगा ।। १ सीधी चाल का चलनेहार धर्म से काम जो करता, अपने मन से सच बोलता चुगली नहीं करता ।। २ और जो किसी दूसरे से बुराई नहीं करता, न अपने पड़ोसी की वह निन्दा कभी सुनता ।। ३ जिसके आगे बुरा पुरुष है निकम्मा ठहरा, पर यहोवा के डरवैयों का वह आदर करता ।। ४ किरिया खा फिर हानि देख के तौभी न बदलता, किसी को उधार से दे कर कभी ब्याज न लेता ।। ५ निर्दोष के सताने निमित्त घूस न कभी लेता, ऐसा काम जो करता रहे कभी न टलेगा ।। 560 (५६०) Psalm 23.Chord - D | S- Ballad | T-085 १ मेरी न होवेगी घटी प्रभु जो चरवाहा है, हरी हरी घास में लेके मुझे वह बैठाता है ।। २ निर्मल नालियों के ऊपर मुझे वह ले जाता है, और वह जी में जी ले आके मुझे फिर जिलाता है ।। ३ अपने सच्चे नाम के निमित्त मुझे वह छुड़ाता है, और वह धर्म के मार्ग के ऊपर मुझे नित्य चलाता है ।। ४ मृत्यु छाया का जो जंगल जब मैं उसमें जाऊँगा, कैसा घोर हो अंधियारा कुछ भी भय न खाऊँगा ।। ५ क्योंकि जब लों तू हे प्रभु रहा करे मेरे साथ, तेरा सोंटा तेरी लाठी सम्भालेंगे कृपानाथ ।। ६ मेरे बैरियों के आगे मेज तो तू बिछावेगा, तेल भी मेरे सिर के ऊपर प्रभु तू उण्डेलेगा ।। ७ मेरा प्याला भरा होगा कृपा दया जीवन भर, मेरे संग रहेंगे सदा मैं रहूँगा तेरे घर ।। 561 (५६१) Psalm 24. कोरसः - प्रभु यहोवा राजा, है वह प्रतापी राजा है ।। १ ऊँचे करो सिर दरवाजों, ऊँचे हो सब द्वारों, जां प्रतापी राजा आवे, सिर तब ऊँचे करो ।। २ यह प्रतापी राजा कौन है, राजा कौन विभव का, युद्ध में जिसका है पराक्रम, वह राजा विभव का ।। ३ ऊँचे करो सिर दरवाजों, ऊँचे हो सब द्वारों, जां प्रतापी राजा आवे, सिर तब ऊँचे करो ।। ४ यह प्रतापी राजा कौन है, राजा कौन विभव का, सेनाओं का जो यहोवा, राजा वह विभव का ।। 562 (५६२) Psalm 27. कोरसः - है डर मुझे किस का जो ईश्वर हो साथ, वह ज्योति है मेरी उद्धार उसके साथ ।। १ यहोवा है गढ़ मेरे जीवन का दृढ़, मैं किस का भय खाऊँ क्यों होऊँ अस्थिर ।। २ जब ही मेरे वह शत्रु बदकार, मेरे ऊपर चढ़ आवेंगे मार के ललकार ।। ३ कि खा जावें वे मेरा कच्चा ही मांस, सो ठेस खा गिरेंगे न उठने की आस ।। ४ और मुझ पर जो कभी चढ़ आवे सेना, तौभी मेरे दिल को न भय होवेगा ।। ५ जो मेरे विरोध में भी उठे लड़ाई, उस बीच में यहोवा रहेगा सहाई ।। 563 (५६३) Psalm 46. कोरसः - परमेश्वर शरणस्थान और बल हमारा है, सहायक वह संकट में जो सहज से मिलता है ।। १ इसलिये कुछ डर नहीं है चाहे पृथ्वी उलट जाये, और सब पर्वत चाहे डोलकर बीच समुद्र गिर भी जायें ।। २ चाहे गरजे भी समुद्र उसके जल सब फेनाएं, और उसके बढ़ जाने ही से सब पहाड़ भी कांप उठें ।। ३ नदी एक है जिस की धारें ईश्वर हो के नगर में, जिसका प्रभु है यहोवा सत आनंद को देती है ।। ४ है परमेश्वर उनके बीच में वह न कभी टलेगा, पौ फटते ही प्रभु उसकी नित्य सहायता करेगा ।। ५ जाति जाति गरज उठे लगें डगमगाने लोग, प्रभु जब बोल उठे पृथ्वी है तब पिघल जाने योग्य ।। ६ सेनाओं का जो यहोवा संग हमारे सदा है, याकूब का अनंत परमेश्वर ऊँचा गढ़ हमारा है ।। 564 (५६४) Psalm 65. कोरसः - सैहून के बीच हे प्रभु चुप रहना स्तुति हैं और तेरे लिये मन्नतें पूरी की जाती हैं ।। १ प्रार्थना का सुननेहारा है तू हे कृपामय और तेरे पास सब प्राणी अवश्य आते हैं ।। २ पाप मुझ पर प्रबल हुए और काम अधर्मं के छुटकारा तू ही देगा सारे अपराधों से ।। ३ तू जिसको चुनता प्रभु वह सचमुच धन्य है तेरे समीप जो रहें आशिष अनंत पाये ।। ४ हम तेरे आंगनों में बास नित्य करेंगे उस के उत्तम द्रव्यों से हम तृप्त हो रहेंगे ।। ५ छुड़ाने वाला प्रभु अपने डरवैयों का भयानक कर्मों द्वारा मुंह मांगा देवोगा ।। ६ सब दूर के रहने हारे पृथ्वी समुद्र के हे ईश्वर तेरे ऊपर भरोसा रखेगा ।। 565 (५६५) Psalm 67. १ अपना अनुग्रह ईश्वर हम सभों पर दिखावे, आशिष देवे प्रकाश मुख का सभों पर चमकावे ।। २ तेरा मार्ग इस धरती ऊपर प्रभु जाना जावे, जातियों में तेरी मुक्ति साफ पहिचानी जावे ।। ३ हे परमेश्वर हर एक देश में हो तेरी प्रशंसा, तेरा धन्य मान के सब लोग करें तेरी महिमा ।। ४ सारी जातियां एक साथ मिलकर आनंद नित करेंगी, और राज्य राज्य की प्रजा तेरा जयजयकार करेंगी ।। ५ क्योंकि न्याय तू सब लोगों का आप ही चुकावेगा, धरती पर के सब राज्यों को मार्ग तू दिखावेगा ।। ६ हे परमेश्वर हर एक देश में हो तेरी प्रशंसा, तेरा धन्य मान के सब लोग करें तेरी महिमा ।। ७ हुई है इस धरती ऊपर उपज बहुतेरी, देगा परमेश्वर आशिषें घनेरी ।। ८ आशिष हमें ईश्वर देगा अन्त लों पृथ्वी के, और सब लोग सारे राज्यों के उसका भय मानेंगे ।। 566 (५६६) Psalm 90. १ तू पीढ़ी से पीढ़ी लों प्रभु धाम बना रहा, हमारे लिये शरणस्थान तू ही है ठहरा ।। २ जब अपनी सामर्थं ही से तू ने सब कुछ बनाया, अनादिकाल से अन्त लो परमेश्वर तू ही ठहरा ।। ३ तू मनुष्य को लौटा करके चूर करता है उसको, और उससे कहता है कि हे मनुष्यो लौट आओ ।। ४ हजार बरस तेरे आगे है परमेश्वर ऐसे, बीते हुए दिन व रात के एक पहर के जैसे ।। ५ तू मनुष्य को बहा देता वह स्वप्न ठहरा है, वह भोर को बढ़ने हारी घास सरीखे होता है ।। ६ भोर को वह फूला करती और बढ़ती ही रहती है, पर सांझ तक कटकर गिरती और मुर्झा ही जाती है ।। ७ इसलिये कि हम तेरे कोप और क्रोध से नाश भये, और तेरी जलजलाहट से हम घबरा ही गये ।। ८ जितने दिन दुःख हम पाते और क्लेश भोगते आये हैं, उतने बरस हम तेरे हाथ से आनंद भी पायें ।। ९ अपनी मनोहरता हे प्रभु हम पर प्रगट कर, और काम हमारे हाथ का दृढ़ हमारे लिये कर ।। 567 (५६७) Psalm 95. १ आओ प्रभु की बड़ाई गावें दिल के बल के साथ, सारे जग का मुक्तिदाता उसको भजें धन्य साथ, प्रभु है चट्टान जिससे पूरी मुक्ति है ।। २ जाके करेंगे बड़ाई उसकी जो हमारा मीत, साथ आनंद के सम्मुख होके गावें हम पवित्र गीत, धन्य हो उसका जिसके पूरी मुक्ति हैं ।। ३ क्योंकि यह महा परमेश्वर पृथ्वी स्वर्ग का राजा है, सारे देवताओं के ऊपर वह अकेला प्रभु है, वही है प्रभु जिससे पूरी मुक्ति है ।। ४ पृथ्वी के गहरे स्थान पर है उसी का अधिकार, उसके हाथ में सब कुछ रहता भूमि समुद्र पहाड़, सब कुछ उसका है जिससे पूरी मुक्ति है ।। ५ आओ झुककर दण्डवत् करें अपने मन के बल से ही, उसके आगे घुटने टेकें कि वह है परमेश्वर ही, कर्त्ता वही है जिससे पूरी मुक्ति है ।। ६ क्योंकि वह सभों का प्रभु हम उसी के सेवक हैं, हम उसकी चराई की प्रजा उसके हाथ की भेड़ें हैं, उसी की सुनें जिससे पूरी मुक्ति है ।। 568 (५६८) Psalm 100. १ अब करो सारे लोगों प्रशंसा प्रभु की, आनंद के साथ तुम करो सेवा परमेश्वर की ।। २ साथ जय जयकार तुम आओ समीप यहोवा के, और उसके सम्मुख गाओ भजन परमेश्वर के ।। ३ यहोवा को तुम जानो कि निश्चय ईश्वर है, बनाया उसने हमें हां कर्त्ता वही है ।। ४ हम सचमुच उसकी प्रजा और भेड़ें हैं, साथ धन्य स्तुति प्रवेश अब करना है ।। ५ प्रशंसा करते हुए और उसका धन्य मान, उसके पवित्र घर में हम करें स्तुतिगान ।। ६ कि है यहोवा भला नित्य करुणा सही, और पीढ़ी पीढ़ी उसकी सच्चाई रहेगी ।। 569 (५६९) Psalm 121. कोरसः - आँखें अपनी पहाड़ों ओर उठाऊँ, सहाय के लिये किसको मैं पुकारूँ ।। १ मेरी सहाय यहोवा ही में है, जिसने धरती आकाश बनाया है, तेरे प्राण को टलने वह न देगा ।। २ तेरा रक्षक न कभी ऊंघावे, तेरे प्रभु को नींद भी न आवे, इस्राएल का रक्षक भी न सोवेगा ।। ३ यहोवा ही है तेरा रखवाला, तेरे ऊपर वह छां करनेवाला, वह तेरी दाहिनी ओर आड़ रहेगा ।। ४ न दिन को सूरज तुझे सतावे, न रात को चांद कुछ दुःख पहुँचावे, सारी विपत्ति से होगी रक्षा ।। ५ वह तेरे प्राण की रक्षा करेगा, वह तेरे आने जाने में रक्षा, अब से ले सदा करता रहेगा ।। 570 (५७०) Psalm 122. १ मैं आनंदित हुआ जब कहने लगे, कि आओ यहोवा के घर चलिये ।। २ हे यरुशलेम नगर यहोवा के, तेरे फाटकों से हम खड़े हुए ।। ३ हे यरुशलेम तू अद्भुत ही बना, तेरे घरों का समूह कैसा घना ।। ४ यहोवा के सब गोत्रों के लोग वहाँ, धन्यवाद करने जाते हैं उसके नाम का ।। ५ वहाँ निमित्त दाऊद के घराने के, हैं न्याय के सिहांसन धरे हुए ।। ६ मांगो वर यरुशलेम की शान्ति के, तेरी प्रेमी कुशल से ही रहेगी ।। 571 (५७१) Psalm 136. कोरसः - धन्यवाद करो यहोवा का प्यारो ।। १ ईश्वरों का वह परमेश्वर धन्यवाद करो उसका, क्योंकि वह तो भला ही है करुणा उसकी है सदा ।। २ प्रभुओं का जो है प्रभु धन्यवाद करो उसका, कर्म आश्चर्य वही करता करुणा उसकी है सदा ।। ३ बुद्धि से आकाश बनाया धन्यवाद करो उसका, जल पर पृथ्वी को फैलाया करुणा उसकी है सदा ।। ४ बड़ी ज्योतियां भी बनाईं धन्यवाद करो उसका, स्वामी दिन का सूरज किया करुणा उसकी है सदा ।। ५ रात पर करने प्रभुता को धन्यवाद करो उसका, रखा तारागण और चांद करुणा उसकी है सदा ।। ६ मिस्र के पहिलौठे मारे बलवन्त हाथ से निकाला, उनके बीच से इस्राएल को करुणा उसकी है सदा ।। ७ लाल समुद्र दो खण्ड करके धन्यवाद करो उसका, इस्राएल बीच से पार कर दिया करुणा उसकी है सदा ।।

  • Children's Songs 499-557 | Masihi Geet Sangrah

    बालकों के गीत (Children's Songs) 499 (४९९) “Now the day is over.” SABINE BARING GOULD, 1834-1934. १ अब है दिन बीत गया रात फिर आती है सन्ध्याकाल की छाया जग पर छाती है । २ अब अंधेरा फैलता तारे निकले हैं पशु फूल और पक्षी जल्द सो जाते हैं । ३ थकों को हे यीशु चैन आराम अब दे अपनी आशिष देकर हमें नींद भी दे । ४ छोटे बालकों को दर्शन हो तेरा सागर पर जो फिरते जोखिम से बचा । ५ दुःख में जो तड़पते उन्हें शान्ति दे जो बुराई को चाहते उन्हें रोक तू ले । ६ रात भर मेरा रक्षण करें दूत तेरे उन के परों तले रहूँ कुशल से । ७ और जब हो सबेरा तब फिर उठूँ मैं शुद्ध हो और पवित्र तेरे देखने में । ८ महिमा हो पिता की महिमा पिता की और तेरी धन्य आत्मा अब और नित्य भी । 500 (५००) To tune of “Old Black Joe.” १ आज है महा आनंद का सुसमय यीशु मसीह का जन्म दिन यह है अब हर्ष से हम सब गावें उसके गीत और उसकी स्तुति कर दिखावें अपनी प्रीत ।। कोरस :- हे प्रभु हे प्रभु तू आज उपस्थित हो कि तेरा यह आनंद का दिन आशिशित हो ।। २ बच्चों का मन आनंद से है भरपुर रोना और रंज सब उनसे हुआ दूर बालकों का मित्र प्रभु यीशु है वह उनको अपने पास बुलाके रखता है ।। ३ ईश्वर का स्वर्ग में हो गुणानुवाद शान्त होकर पृथ्वी देवे धन्यवाद आह्लादित हो और त्राण की आशा कर परमेश्वर की प्रसन्नता है मनुष्यों पर ।। 501 (५०१) “God who dwells in heaven so high.” १ ईश्वर जो स्वर्ग में रहता है क्या मेरी सुनेगा हां निश्चय वह तो सुनता है और उत्तर देवेगा ।। २ क्या ईश्वर मुझे देखता है जब करता हूँ कुकर्म हां रात और दिन वह ताकता है कि खोजे पाप और धर्म ।। ३ क्या ईश्वर जान भी सकता है जो बोलूँ झूठी बात हां निश्चय वह तो सुनता है है सब कुछ उसे ज्ञात ।। ४ क्या ईश्वर चिन्ता करता है मुझ छोटे लड़के की हां मुझे वह खिलाता है और सब कुछ देता भी ।। ५ क्या ईश्वर मुझे मरते दिन बुलावे अपने पास हां यदि करूँ पाप से घिन और बनूँ उसका दास ।। 502 (५०२) 8. 7. 8. 7. 7. 7. I by. S S H. 186. १ यीशु पाप से मुक्ति देता छोटे लड़के लड़कियों को और वह कहता बेटी बेटे अपना दिल अब मुझे दो मैं ने दिया अपना प्राण तेरे पाप का बलिदान ।। २ हम सब हुए दास और दासी पाप के बन्ध और बेड़ियों में अनंत जीवन और खलासी हमें मिलती तुझ ही से तू ने दिया अपना प्राण मेरे पाप का बलिदान ।। ३ हे पियारों हम विचारें ऐसा प्रेम है बे-बयान ईश्वर के एकलौते पुत्र ने प्रेम अपार से छोड़ा आसमान दुष्ट संसार में अपना प्राण दिया पाप का बलिदान ।। ४ आओ लड़कों दिल शुद्ध करें प्रेम से उसकी स्तुति गावें जब इस दुःखित देह को छोड़के अपने प्रभु से मिल जावें सीखेंगे तब नये गीत जब होवेगी मौत पर जीत ।। 503 (५०३) “Praise Him, praise Him, all ye little children.”P. M.-- He is Love. १ उस को भजो हे सब छोटे बालकों वह है प्रेम वह है प्रेम उस को भजो हे सब छोटे बालकों वह है प्रेम वह है प्रेम ।। २ धन्य हो उसको हे सब छोटे बालकों वह है प्रेम वह है प्रेम धन्य हो उसको हे सब छोटे बालकों वह है प्रेम वह है प्रेम ।। ३ सेवा करो हे सब छोटे बालकों वह है प्रेम वह है प्रेम सेवा करो हे सब छोटे बालकों वह है प्रेम वह है प्रेम ।। ४ प्रेम भी करो हे सब छोटे बालकों वह है प्रेम वह है प्रेम प्रेम भी करो हे सब छोटे बालकों वह है प्रेम वह है प्रेम ।। ५ उस की जय हो हे सब छोटे बालकों वह है प्रेम वह है प्रेम उस की जय हो हे सब छोटे बालकों वह है प्रेम वह है प्रेम ।। 504 (५०४) “A little helpless child I am.”C. M. - Berne. १ एक छोटा बच्चा बेसमझ निर्बल लाचार मैं हूँ मैं मुक्ति पाना चाहता हूँ न जानता क्या करूँ ।। २ तू मेरे लिये हैं मसीह एक लड़का हुआ था मुझ छोटे के बचाने को तू क्रूस पर मरा था ।। ३ इस प्यार के बदले हे मसीह मैं तुझे देऊँ क्या और तुझे प्रसन्न करने को क्या करूँ सो बता ।। ४ पर हे मसीह कौन बड़ा काम हो सकता है मुझ से निर्बल मैं हूँ तू है बलवान सहाय तू मुझे दे ।। ५ तू अपने दिल को मुझे दे यह आज्ञा तेरी है यीशु तू सचमुच मुझे ले तू प्रभु मेरा है ।। 505 (५०५) 8. 7s Weisst du wie viel.CECIL F. ALEXANDER. १ क्या तू जानता कितने तारे रात्रि में चमकते कितने बादल भी आकाश में क्या इधर उधर उड़ते हैं ईश्वर ही ने उनको गिना और एक भी न बिसार दीन्हा उनकी सारी गिनती में उनकी सारी गिनती में ।। २ क्या तू जानता कितने पक्षी जग में उड़ते फिरते हैं कितनी मछलियां जल में रहकर खेलती रहती दिन और रैन प्रभु ने उनको बुलाया कि एक एक ने जीवन पाया जो अब ऐसा आनंदमय जो अब ऐसा आनंदमय ।। ३ क्या तू जानता कितने लड़के हर बिहान जाग उठते हैं कि वे कैसे बिना श्रम के दिन भर भोगते सुख और चैन स्वर्गीय पिता उन्हें चाहता इससे प्रत्येक सुख से रहता तुझ को भी वह चाहता है तुझ को भी वह चाहता है ।। 506 (५०६) “There is a green hill far away.”CECIL F. ALEXANDER, 1823-95. १ कानान देश के एक नगर पास एक पर्वत खड़ा था बचाने सभों को वहां ख्रीष्ट यीशु मरा था ।। २ बता न सकते हैं वह दुःख जो उसने सहा था पर जानते हैं कि हमारे हेतु वह क्रूस पर टंगा था ।। ३ वह मरा कि हम क्षमा पायें और भले बन जावें कि उस के रक्त से पा उद्धार हम अन्त को स्वर्ग जावें ।। ४ श्रेष्ठ ऐसा कोई नहीं था कि पाप का ऋण भरे स्वर्ग द्वार वह केवल खोल सका कि हम प्रवेश करें ।। ५ हां उसने किया अत्यन्त प्रेम प्रेम उससे हम रखें रक्त पर उसके धरें विश्वास और इच्छा पर चलें ।। 507 (५०७) “Holy Spirit hear us.”WILLIAM H. PARKER, 1895-1929.Chord - F | S- Ballad/Aderia | T-084-088 १ कर पवित्र आत्मा गाने में सहाय संग तू हो हमारे स्तुति के समय ।। २ कर पवित्र आत्मा प्रार्थना में अगुवाई निकट आ सिखा दे जो कुछ बोलना है ।। ३ दे पवित्र आत्मा ज्योति बैबल पर वह पवित्र वचन अब तू उजेला कर ।। ४ कर पवित्र आत्मा मन में दीन हर आन शुद्ध बना और कोमल यीशु के समान ।। ५ कर पवित्र आत्मा हलका हर एक क्लेश और हमारे खेल में पाप न हो प्रवेश ।। ६ रख पवित्र आत्मा दूर उन पापों से जो हमारे मन में गुप्त हों आँखों से ।। ७ दे पवित्र आत्मा प्रतिदिन सहाय कि बुराई हम जीत लें और चुन लें भलाई ।। 508 (५०८) “God sees the little sparrow fall.” १ गौरैयों पर जब गिरती दृष्टि पड़ती ईश्वर की जो चिड़ियों को वह करता प्यार प्यार मुझे करता भी ।। कोरस :- वह मुझे भी वह मुझे भी प्यार मुझे करता भी जो छोटी चीजें करता प्यार प्यार मुझे करता भी ।। २ वह खेत के फूल को रंगता है सुगंध वह देता भी जो फूलों को वह करता प्यार प्यार मुझे करता भी ।। ३ फूल पक्षी सृजे ईश्वर ने सब बड़े छोटे भी वह अपनों को न भूलेगा प्यार सब को करता भी ।। 509 (५०९) “We have a loving Shepherd.” १ चौपाल एक है हमारा प्रेम उसका है अपार वह हमें ढूँढ़ने आया जब फिरते थे लाचार पथ दर्शन उसका पाके हम झुण्ड में आते हैं नहीं तो अब तक भूलते भटकते जाते हैं ।। २ हमें बचा वह लेगा जो लड़कों का है नाथ और स्वर्ग में क्या कुछ देगा वह अपने प्यार के साथ प्रशंसित तेरी दया हे प्यारे निगहबान हो नित्य हमारा अगुवा और हम को दे आसमान ।। 510 (५१०) “Little drops of water.”JULIA A. CARNEY, 1845. १ छोटी बूंदें पानी छोटी छोटी रेत सागर को बनाती जंगल बारी खेत ।। २ छोटे भले कार्य छोटी प्रेम की बात जग को सुन्दर करती स्वर्ग यहाँ साक्षात ।। ३ योंही छोटी भूलें मन बहकाती हैं सत्य के मार्ग फेरके पाप कराती हैं ।। ४ छोटे बीज दया के बोये तुम ही ने वे बहुत लोगों को देते आशिषें ।। ५ छोटे बालक स्वर्ग में गाते हैं दूतगान सब के सब सराहते बीच पवित्र स्थान ।। 511 (५११) “He rolled away the sea.”EMMA PITT.Chord - C# | S- Ballad | T-084 १ जब इस्राएल निकला मिस्र से समुन्दर सामने था तब ईश्वर ने बढ़ाके हाथ उसको हटाया था ।। कोः- तो उसकी आज्ञा से आगे चल जो दुःख सागर साम्हने हो आगे चल तो ईश्वर हटावेगा उस घोर समुन्द्र को ।। २ समुन्द्र पाप के साम्हने आ व्याकुल मैं हुआ था पर दया करके यीशु ने उसको हटाया था ।। ३ जब दुःख और शोक की आँधी से मैं डूबनेवाला था प्रभु ने महा शक्ति से उसको हटाया था ।। ४ जो मृत्यु सागर साम्हने हो मैं प्रार्थना करूँगा तब यीशु अपनी सामर्थ से उस को हटावेगा ।। 512 (५१२) “When little Samuel woke.” १ बाल सामूएल ने जब बात सुनी कर्त्ता की हर बात के सुनने से कैसा हुआ सुखी वह बालक धन्य आनंदमय जो जाने ईश्वर कृपाल है ।। २ जो ईश्वर कहे मुझे बोले तू मेरा मित्र तो जल्द पास दोडूँ मैं हो जाने को पवित्र और पाप से डरूँ हर समय कि निकट ईश्वर शक्तिमय ।। ३ क्या बात सुन सकता मैं आजकल भी ईश्वर की जो होऊं खोजी मैं वह मिले मुझे भी आज ईश्वर की है यह पुकार पीछे हो ले हे सब संसार ।। ४ और उसकी रक्षा में आराम मैं कर सकूँ सुरक्षित कुशल से रात भर मैं सो रहूँ और पाप से डरूँ हर समय कि निकट ईश्वर शक्तिमय ।। ५ उस बालक सा कहूँ जब धरम ग्रन्थ पढूँ कि हे नाथ बोल मैं मानने लगूँ जो सुनूँ और तेरे घर में जब जाऊं तो बोल वहाँ कि मैं सुनूँ ।। 513 (५१३) “I think when I read.”JEMIMA LUKE, 1813-1906.Chord - A | S- 6/8 | T-082 १ जब बैबल में पढ़ता मैं यीशु की चाल कि बन्धु सब बालकों का था तब दिल से मैं चाहता कि मेरा भी हाल अब होता उन बालकों का सा ।। २ कि मुझ पर भी रखे वह आशिष का हाथ और गोद में भी लेवे मुझ को और सुनूँ जो बोला वह प्रीति के साथ बालकों को मुझ पास आने दो । ३ पर अब भी मैं प्रार्थना में लाके ईमान जा सकता हूँ उसके हुजूर और जो उसके पीछे मैं चलूँ यहाँ तो स्वर्ग पर देखूँगा जरुर । ४ एक जगह मनोहर है उस की तैयार सब के लिये जो हुए हैं साफ और उन में बालक हजारों हजार जिन के सारे गुनाह हुए मुआफ । ५ पर लड़के हैं कितने अब तक एक देश न जानते मसीह का पियार उन्हें देना चाहिये उसका संदेश सब आओ है जगह तैयार । ६ हे प्रभु वह आशिष का समय जल्द ला वह आनंद और कुशल का काल कि बालकों का समूह हां सब देशों का मसीह के पास होवे खुश हाल । 514 (५१४) “When mothers of Salem.” १ जब बालकों की माएं ख्रीष्ट यीशु के पास लाईं शिष्य लोगों ने तब क्रोधित होके रोका उनको पर यीशु ने तब गोद में ले यह कहा बड़ी प्रीति से ऐसे छोटे बालकों को पास आने दो ।। २ मैं हाथ रखकर सिर पर अब उनको आशिष दूँगा मैं हूँ चौपान इन बच्चों का वे क्यों जावें दूर मैं उन के दिल को लेऊँगा और आशिष उन को देऊँगा ऐसे छोटे बालकों को पास आने दो ।। ३ पियार से ख्रीष्ट यीशु सब लड़कों को बुलाता सब बच्चों पर वह प्रेम दिखाने को है तैयार जो यीशु का न जानते प्यार उन को सुनाना समाचार ऐसे छोटे बालकों को पास आने दो ।। 515 (५१५) 7. 6s. Ich war so gern ein Engel.Chord - Em | S- Waltz | T-132 १ स्वर्ग दूत मैं होना चाहता जो वीणा लिये हाथ और सिर पर मुकुट रखता मैं मिलता उनके साथ जो यीशु के सम्मुख हो नित स्तुति करते हैं हर्ष से वीणा बजा के सराहते हर समय ।। २ वहां न कोई थकता न कोई रोता है न कोई दुःख भी सहता सब मृत्यु पर विजय निष्पाप सब वहां रहते प्रभु की संगति में वे यीशु को निरखते भरपुर हो आनंद से ।। ३ सच है मैं हूँ अपराधी पर ख्रीष्ट है तारणहार मैं उतरूँगा कबर में पर ख्रीष्ट है जीवन सार हे प्रभु मन के प्यारे तू मुझे मरने पर स्वर्ग दूतों के सहारे बुलवा ले अपने घर ।। ४ स्वर्गदूतों संग सब मिल के मैं रहूँगा दूत सा विजय का मुकुट रख के वीणा बजाऊँगा मैं हूँगा निस्संतापी और ख्रीष्ट का धन्यवाद नित करूँगा निष्पापी होकर आह्वाद के साथ ।। 516 (५१६) P. M. - Gao, dil se gao.SAMUEL S. DAYAL.Chord - E | S- Dandia | T-100 १ दिल की खुशी अब मनाओ गाओ गाओ बालको तुम सब खुश हो जाओ गाओ दिल से गाओ यीशु कहता सभों को लड़कों मेरे पुत्र हो मेरी आशिष दिल में लो गाओ दिल से गाओ ।। कोरस :- गाओ अभी दिल से गाओ स्तुति के गीत मसीह पास लाओ दिल की खुशी अब मनाओ गाओ दिल से गाओ ।। २ तुम को वह पुकारता है गाओ गाओ दिल से पाप उखाड़ता है गाओ दिल से गाओ शंका दुबिधा करो दूर हो आनंद से आज भरपुर अब से हो तुम बेकसूर गाओ दिल से गाओ ।। ३ तुम जो दबे हुए हो गाओ गाओ उस पर अपने बोझ डालो गाओ दिल से गाओ वह हर बोझ उठावेगा पूर्ण विश्राम दिलावेगा बाप के घर में लावेगा गाओ दिल से गाओ ।। 517 (५१७) 6. 5. 6. 5. Alle Jahre wieder.Chord - C | S- -- | T--- १ दूर दूर स्वर्गीय स्थान में जहां दूतगण हैं ईश्वर कृपा करके सुनता बाल विनय ।। २ मुझ पर दृष्टि करता दिन ओ रात समय मुझे नित्य चलाता रक्षा करता है ।। ३ पैत्रिक हाथ से देता मुझ को नित्य आहार मेरी सुधि लेता करता है उपकार ।। ४ ईश्वर मुझे चाहता ख्रीष्ट में वह सदा मुझ से प्रसन्न रहता कभी छोड़ता ना ।। 518 (५१८) “There is happyland.”ANDREW YOUNG, 1807-1889. १ देश है एक आनंद का स्वर्गीय स्थान तेजोमय संत वहाँ दिन के समान मधुर वे गाते हैं यीशु नाम सुनाते हैं और नित्य सराहते हैं कर स्तुति गान ।। २ उस आनंदमय देश को अभी चलो सन्देह क्यों करते हो देर मत करो होगा हमें आनंद पाप और दुःख जब होंगे बन्द होंगे ख्रीष्ट साथ स्वच्छन्द धन्य सदा हो ।। ३ उस आनंदमय देश में आंख झलकदार पिता की रक्षा में प्रेम है अपार ख्रीष्ट पर लगाओ मन पावोगे तब स्वर्गीय धन और साथ हो सब दूतगण करेंगे जय ।। 519 (५१९) 5. 4. 5. 4. Gott ist die Liebe. १ परमेश्वर प्रेम है उद्धारा मुझे परमेश्वर प्रेम है मुझ निमित्त भी ।। कोरसः- इसलिये गाता हूँ परमेश्वर प्रेम है परमेश्वर प्रेम है मुझ निमित्त भी ।। २ मैं दबा हुआ निज पाप के भार से मैं दबा हुआ उद्धार न था ।। ३ त्राणदाता यीशु प्रायश्चित किया त्राणदाता यीशु उठाया दण्ड ।। ४ हे प्रेम मन भावन उद्धार का सोता हे प्रेम मन भावन चैन प्राणों के ।। ५ सराहूँ तुझे सनातन प्रेम तू सराहूँ तुझे जब तक जिऊँ ।। 520 (५२०) 6. 5. 6. 5. Endoxia or Newland. १ प्रभु यीशु प्यारे मेरा गुरु हो धर्म का ज्ञान और शिक्षा दे मुझ बालक को ।। २ प्रभु यीशु प्यारे मेरा त्राता हो क्षमा क्षेम और मुक्ति दे मुझ बालक को ।। ३ प्रभु यीशु प्यारे तेरी सेवा को करने का बल आत्मिक दे मुझ बालक को ।। 521 (५२१) “Tenderly He leads us.” १ प्रेम से वह ले चलता सारे दिनों में हमें वह दिखाता जिधर चलना हो ।। कोरस :- प्रेम से वह ले चलता जिधर चलना हो उस पर रख भरोसा सारे दिनों में ।। २ देख पवित्र आत्मा मार्ग दिखावेगा मार्ग उस सत्य घर का जो है सदा का ।। ३ वे जो सारे मन से उसे चाहते हैं क्षमा शान्ति जीवन सदा पाते हैं ।। 522 (५२२) “Hear the pennies dropping.” १ पैसे डाले जाते सुनो गिरते अब हर एक है यीशु का वह पावेगा सब ।। कोः- गिरते गिरते गिरते गिरते सुनो गिरते अब हर एक है यीशु का वह पावेगा सब ।। २ गिरते सदा गिरते छोटे हाथों से दान यह है यीशु को हम ही बालकों से ।। ३ जब तक हम हैं छोटे पैसे सिर्फ पूंजी पर जब होंगे बड़े और हम देंगे भी ।। ४ पैसे पास न होवें करें उससे प्यार ग्रहण वह करेगा हो प्रसन्न हर बार ।। 523 (५२३) “Away in a manger.”MARTIN LUTHER, 1483-1546. १ बिन खाट और बिना झूला खुदा ही का बेटा छोटा यीशु दुलारा है चरनी में लेटा अचंभा ही होता सितारों को सब कि घास पर है सोता इस दुनियाँ का रब्ब ।। २ गाय बैल तो डकारते जहां यीशु है सोता छोटा बालक जाग पड़ता पर वह नहीं रोता हे यीशु प्यारे झुक सुन मेरी आस जब तक हो अंधेरा रह तू मेरे पास ।। ३ सुन मेरे प्रभु यीशु मेरी ओर कान तू धर संग मेरे सदा रह और मुझे प्रेम कर सब छोटे बालकों को अपनी रक्षा में ले स्वर्ग के लिये तैयार कर कि साथ तेरे रहें ।। 524 (५२४) “Do no sinful action.”MRS. ALEXANDER. १ बुरा काम न करो बोलो मत क्रोध से तुम हो प्रिय लड़के बालक यीशु के । २ ख्रीष्ट कृपाल और कोमल शुद्ध और सच्चा है उसके सब बालकों को वैसा बनना है ।। ३ चाहता है दुष्ट आत्मा तुम्हें घेरने को तुम को यत्न करता पाप में डालने को ।। ४ पर उसकी न सुनो जो कि कठिन हो पाप के बदले करो भले कामों को ।। ५ ख्रीष्ट तुम्हारा स्वामी उत्तम सच्चा है उस के सब बालकों को वैसा बनना है ।। 525 (५२५) “Praise Him, Praise Him.”FANNY CROSBY, 1820-1915. १ भजो भजो यीशु नाथ मुक्ति सुदाता गाओ लोगों उस के सब गुण प्रचार धन्य हो धन्य हो स्वर्ग में पुकारते हैं दूतगण उस के नाम की तू भी स्तुति कर हर बार भेड़पाल होकर भेड़ी को त्राण वह देता गोद में लेता बच्चों को साथ दुलार गाओ गाओ यीशु को श्रेष्ठ और प्रतापी गाओ उस का असीम अथाह पिया ।। २ भजो भजो यीशु को तारणहार पाप के हेतु जो हुआ था बलिदान गाओ गाओ उस को जो देता है जीवन तारक रक्षक अधिपति उस को जान शरण स्थान है वही हमारा आह्लाद पाप के निमित्त दिया था अपना प्राण गाओ गाओ यीशु हे श्रेष्ठ और प्रतापी जग और स्वर्ग का नाथ सर्व शक्तिमान ।। ३ भजो भजो यीशु जो स्वर्गों का स्वामी तीनों लोकों का वही है महाराज गाओ गाओ उस को जो नबी और याजक लाओ मुकुट कि वह है अधिराज पाप के भार को दया कर उसने लिया किया क्रूस पर तारण का महा काज गाओ गाओ यीशु को श्रेष्ठ और प्रतापी गाओ उस का तेजोमय सुख का राज ।। 526 (५२६) “Thou that once on mother's knee.” १ मां की गोद में तू रहा मुझ सा छोटा बच्चा था तू सम्भाल जब जागता हूँ हो रखवाल जब सोता रख तू मुझे अपने साथ प्रभु यीशु प्यारे नाथ ।। २ दिन को तू चला मुझे रात को मेरा पहरा दे सच्चा कोमल दीन रहूँ मां की आज्ञा पर चलूँ शान्ति दे जब रोता हूँ क्षमा कर जब भूलता हूँ ।। ३ तू था बालक झूले में पड़ा भी था चरनी में गाय और बैल वहां रहे भेड़ी बकरे पड़े थे अब तू स्वर्ग से सुनता है जब एक बालक रोता है । ४ करते हैं हम प्रार्थना जब आता है तू निकट अब प्यारे यीशु कान तू दे मेरा छोटा गीत सुन ले मां की गोद में तू रहा मुझ सा छोटा बच्चा था ।। 527 (५२७) “I am so glad that our Father is in heaven.”PHILLIP BLISS, 1838-76.Chord - F# | S- Waltz | T-124 १ मुझे है आनंद कि ईश्वर पिता मुझको दिखाता है प्यार यीशु का बैबल की मीठी कथाओं का सार यह है कि मुझ से मसीह करता प्यार ।। कोरसः - धन्य हो कि मुझ से करता पियार करता पियार करता पियार धन्य हो कि मुझ से करता पियार करता पियार मुझ से ।। २ जो उसे छोड़कर मैं हो जाऊँ दूर मुझको दिखाता प्रेम ईश्वर का पूर बैबल की कथा जो मीठी सब से यह है कि यीशु प्रेम रखता मुझ से ।। ३ स्वर्ग में जब राजा को देख पाऊँगा तब उसकी स्तुति का गीत गाऊँगा केवल इस विषय का होगा यही गीत यीशु मसीह मुझसे रखता है प्रीत ।। ४ मैं उस से वह मुझ से करता पियार प्रेम के वश होके वह हुआ अवतार क्रूस पर किया मेरे त्राण का उपाय निश्चय वह अद्भुत पियार करता है ।। ५ यीशु का प्रेम कैसे जान सकूँगा यदि तुम पूछो मैं बताऊँगा आत्मा पवित्र वास करे तुझ में यीशु का प्रेम सिखावेगा तुझे ।। 528 (५२८) “Tell me the old old story.”ARABELIA HANKEY, 1834-1911.Chord - A# | S- 6/8 | T-086 १ मुझे सुनाओ भाई यीशु का समाचार मसीह का सब महातम और उस का अद्भुत प्यार बच्चे को जैसे बोलते बात सरल साथ विस्तार सुनाओ वैसे मुझे मैं हूँ अज्ञान लाचार ।। कोः - प्रेम का बयान सुनाओ प्रेम का बयान सुनाओ प्रेम का बयान सुनाओ जो यीशु ख्रीष्ट में है ।। २ मुझे सुनाओ धीरे कि समझूँ वह उपाय जो पाप मिटाने निमित्त यीशु ने किया है मुझे सुनाओ बार बार कि भूलता जाता मैं और पहिले प्रेम का उत्साह जब ठण्डा होता है ।। ३ शक्ति भर बात सुनाओ गंभीर और खरा जो कि प्रभु यीशु आया मुझे बचाने को और दुःख के समय यदि तू शान्ति देवेगा तो इस सुसमाचार को निरंतर कह सुना ।। ४ मुझे सुना जब तुझको कुछ शक न इस कारण हो कि इस संसार की शोभा ललचाती है मुझको फिर जब विभव का राजा मैं स्वर्ग में देखूँगा तब यही मीठी कथा मैं सुनना चाहूँगा ।। 529 (५२९) “Im' a Little Pilgrim.” १ मैं एक छोटा यात्री रहता हूँ विदेश यदि जग में सुख हो पाप का है आवेश ।। २ अच्छा देश है मेरा पाप है उससे दूर वासी सब हैं सुखी आनंद से भरपुर ।। ३ अब जो छोटा यात्री शुद्ध और निर्मल हो पावेगा वह स्वर्ग में उजले वस्त्र को ।। ४ यीशु निर्मल कर दे अपना धर्म सिखा हे पवित्र आत्मा मुझे मार्ग बता ।। ५ मैं एक छोटा यात्री रहता हूँ विदेश अन्त को स्वर्गीय घर में करूँगा प्रवेश ।। 530 (५३०) “Poor and needy though I be.” १ मैं हूँ निर्बल और कंगाल ईश्वर करता प्रतिपाल देता खाना कपड़ा स्थान देता है सब अच्छे दान ।। २ जानता है वह मेरी आस रात और दिन है मेरे पास सोते जागते सदाकाल कृपा करता है दयाल ।। ३ सब कुछ है जिसके आधीन वह तो हुआ मुझ सा दीन न विश्राम का ढूँढ़ता स्थान मेरे लिये किया प्राण ।। ४ होवे श्रम और निर्बलता पिता अपना मुख चमका मेरा भाग्य हो और चटान पूरा होगा तब कल्याण ।। ५ गाऊँ तेरा नया गीत रखूँ मन से प्रीत प्रतीत आनंद होगा सदा काल क्योंकी ईश्वर है कृपाल ।। 531 (५३१) “If I come to Jesus.”Chord - F# | S- Ballad | T-086 १ यीशु के पास आऊँ वह रखेगा पास मुझे शान्ति देगा जब मैं हूँ उदास कोः - यीशु पास मैं आके हूँगा खुश हर आन छोटों को बुलाता यीशु दयावान ।। २ यीशु पास गर आऊँ वह करेगा प्यार बिन्ती सुन सहेगा मेरे पाप का भार ।। ३ यीशु पास गर आऊँ लेगा मेरा हाथ स्वर्ग देश के मार्ग पर वह रहेगा साथ ।। ४ सुन्दर कपड़ा पहिने स्वर्ग में खड़ा हो देखूँगा आनंद से प्रभु यीशु को ।। 532 (५३२) “Jesus bids us shine.”SUSAN WARNER, 1819-85. १ यीशु कहता तू साफ उजाला दे जैसे छोटा दिया जलता रात्रि में जग में है अंधेरा झूठ बुराई का सो वहां तुम चमको और मैं यहां ।। कोः- चमको चमको चारों ओर तुम चमको सो वहां तुम चमको और मैं यहां २ यीशु का उजाला दिखावें हम झट वह जानता है जब ज्योति होवे कम उसको है आनंद उजाला देखने का सो वहां तुम चमको और मैं यहां ।। ३ इस संसार के बीच हो तू चमकदार जगत में अंधेरा है बहुत प्रकार पाप बीमारी शोक और दुःख मनुष्यों का सो वहां तुम चमको और मैं यहां ।। 533 (५३३) “Jesus, tender Shepherd hear me.”MARY LUNDY, 1814-39. १ यीशु कृपामय गड़रिये आशिष दे मुझ मेम्ने को अंधियारी रात भर मेरा तू बिहान तक रक्षक हो । २ आज तो मैं ने तेरे हाथ से कपड़ा भोजन पाया है धन्यवाद अब तुझ को देता नींद जब मुझे आती है । ३ मेरी भूल चूक सब कर क्षमा मेरे प्रियों को कर प्रेम जब मैं मरूं स्वर्ग पहुँचा दे जां है अनंत कुशल क्षेम ।। 534 (५३४) “7. 7. 8. 8. 7. 7. Weil ich Jesu.”LUISE VON HAYN, 1724-82. १ यीशु की मैं भेड़ी हूँ सो मैं आनंद कर रहूँ अच्छा मेरा है चरवाहा उसने मुझे मन से चाहा मुझे वह चराता है नाम ले ले बुलाता है ।। २ सुथरी मेरी है चराई मुझ पर दृष्टि है उसकी क्या ही उत्तम भोजन मेरा उससे संतुष्ट आत्मा होता शान्ति के सोतों के पास वह बुझाता मेरी प्यास ।। ३ मैं आशिशित भेड़ी हूँ क्या मैं आनंद न करूँ मृत्यु समय स्तुति गाके जाऊँगा यीशु की गोद में पूर्णानंदित हो वहाँ हर्ष का भागी होऊँगा ।। 535 (५३५) “Jesus, high in glory.” १ यीशु तू स्वर्गवासी कर इस ओर तू ध्यान हम आराधना करते सुन हमारा गान २ तू ही है पवित्र सब से शक्तिमान तौभी स्तुति सुनने हम पर करता ध्यान ।। ३ हम हैं छोटे बालक भ्रमते धोखा खा यीशु स्वर्ग के मार्ग पर हमें नित्य चला ।। ४ हम पर कृपा करके सारा पाप मिटा प्रेम और सेवा करना प्रभु अब सिखा ।। ५ और जब तू बुलावे ऊपर के निवास तब हम उत्तर देंगे आते हैं तुझ पास ।। 536 (५३६) “Jesus wants me for a sunbeam.”NELLIE TALBOT. १ यीशु तो मुझ से यह चाहता हर दिन उसके लिये ज्योति सदा मैं तो रहता वा काम में वा खेल में ।। कोः - हो ज्योति हो ज्योति यीशु के लिये हो ज्योति हो ज्योति हो ज्योति मैं उसके लिये हूँगा ।। २ यीशु तो मुझ से यह चाहता उपकारी नित्य बनूँ सदा औरों को दिखाता कि उसका बालक हूँ ।। ३ यीशु से मैं प्रार्थना करता कि पाप से तू बचा तेरी भलाई दिखाऊँ और ज्योत सदा बनूँ ।। ४ यीशु के लिये मैं ज्योति हो सकूँ जो मन से पल पल उसकी सेवा करूँ उसकी सहाय से ।। ५ और जो मैं ज्योति हो करके उसका सेवक हूँगा तब उसके पास मैं जा करके साथ उसके रहूँगा ।। 537 (५३७) 10. 8. Bread of Life. १ यीशु ने कहा जीवन की रोटी, जीवन की रोटी मैं ही हूँ । २ यीशु ने कहा सच्चा गड़रिया, सच्चा गड़रिया मैं ही हूँ । ३ यीशु ने कहा मार्ग और फाटक, मार्ग और फाटक मैं ही हूँ। ४ यीशु ने कहा जगत का उजियाला, जगत का उजियाला मैं ही हूँ । 538 (५३८) 12. 12. 13. 13. Tamil Air.Chord - D# | S- Ballad / H. Reggae | T-082 १ यीशु पास मैं जाऊँगा ज्योति में ज्योति में उस के साथ मैं चलूँगा उसकी ज्योति में, कोः- चलेंगे हम ज्योति में ज्योति में ज्योति में ।। चलेंगे हम ज्योति में साथ उसकी ज्योति में ।। २ क्षमा प्राप्त मैं करूँगा ज्योति में ज्योति में ।। सारे पाप को छोडूँगा उसकी ज्योति में ।। ३ सेवा ख्रीष्ट की करूँगा ज्योति मे ज्योति में ।। सामर्थ उस से पाऊँगा उसकी ज्योति में ।। ४ क्या कर सकेगा शैतान ज्योति में ज्योति में ।। निश्चय होऊँगा जयवान उसकी ज्योति में ।। ५ जब हो मरने का समय ज्योति में ज्योति में मुझे होगा कुछ न भय उसकी ज्योति में ।। ६ स्वर्ग पर जब मैं जाऊँगा ज्योति में ज्योति में ।। नित्य आनंदित रहूँगा सदा ज्योति में ।। 539 (५३९) “Jesus Loves me.”ANNA WARNER, 1820-1915.Chord - D | S- Ballad/Aderia | T-084 १ यीशु मुझ से करता प्यार बाइबल में है समाचार मैं हूँ निर्बल तू बलवान बालकों पर है दयावान । कोरसः- प्यार करता मुझ से (३) है सत्य यह समाचार ।। २ यीशु मुझ से करता प्यार मर के खोला स्वर्ग का द्वार मेरे पाप को सब मिटा मुझे ग्रहण करेगा । ३ यीशु मुझ से करता प्यार यदि हूं कमजोर लाचार स्वर्ग से देखा करता है मेरी सुधि लेता है ।। ४ यीशु मुझ से करता प्यार संग रहेगा इस संसार जो मैं उसकी रखूँ आश स्वर्ग में लेगा अपने पास ।। 540 (५४०) “Little children praise the Saviour.”8. 7. 8. 7. D. Sweet Hosannas.Chord - C# | S- Waltz | T-124 १ लड़को गीत मसीह का गाओ उस की तुम पर है निगाह उस के प्यार का गीत सुनाओ प्यारे जो उस का है अथाह । कोः- खुश होशान्ना खुश होशान्ना गाओ स्तुति यीशु की ।। २ जब वह पहिले आदमी बना लड़के लोग तब खुशी से उसकी स्तुति और प्रशंसा एक ही स्वर में गाते थे ।। ३ माताओं ने जब बच्चे ले यीशु को घेर लिया था उसने उन्हें आशिष देके गोद में ले खुश किया था ।। 541 (५४१) 7. 5. 7. 6. Tamil Air. १ स्वर्ग की ओर हम चलते हैं, जै हल्लेलूयाह स्वर्ग की ओर हम चलते हैं, जै जै हल्लेलूयाह ।। २ नया गीत हम गावेंगे । ३ सेवा उसकी करेंगे । ४ उसको खुश हो देखेंगे । ५ उसके सदृश होवेंगे । ६ संग हम नित्य रहेंगे । 542 (५४२) “The great physician now is near.”8. 7. S. S. 89.WILLIAM HUNTER. १ संसार का सब से बड़ा वैद्य वह है हमारा यीशु उनको जो पाप में हुए कैद प्यार से बोलता यीशु ।। कोः- सब संसार में मीठा नाम पृथ्वी स्वर्ग में मीठा नाम सब से प्रिय मीठा नाम यीशु यीशु यीशु ।। २ तुम्हारा सब से बड़ा पाप है क्षमा बोलता यीशु तुम स्वर्ग को आओ साथ मिलाप कि मुकुट देता यीशु ।। ३ यीशु का नाम बचाता है हर पाप और दुःख से यीशु वह प्यार से अब बुलाता है कौन और है जैसा यीशु ।। ४ हे भाइयो उसकी स्तुति गाओ कि इसके योग्य यीशु हे बहिनो तुम भी गीत उठाओ है सदा धन्य यीशु ।। ५ हे लड़को तुम भी राग मिलाओ तुम्हारा भी है यीशु खजूर की डाल आनंद से लाओ तुम को बचाता यीशु ।। ६ स्वर्ग देश को जब हम चढ़ेंगे देखेंगे अपना यीशु वहां फिर नहीं मरेंगे अनंत आनंद साथ यीशु ।। 543 (५४३) “Ther's a friend for little children.”ALBERT MIDLANE, 1825-1909. १ सब बालकों का स्वर्ग में है परम प्रिय मीत वह किसी को न भूलता प्रेम उसका रहता नित और दूसरे जन भूल जाते प्यार उनका घटता है पर यीशु सदा काल लों प्रेम करता रहता है ।। २ सब बालकों के लिये है स्वर्ग में उत्तम देश जो ख्रीष्ट और बाप को मानते सो करेंगे प्रवेश वहां न है थकावट न लगती प्यास न भूख वहां हर छोटा यात्री चैन पा भूलेगा दुःख ।। ३ सब बालकों के लिये है स्वर्ग में सुन्दर घर वहां ख्रीष्ट आप ही रहता वहाँ न रोग न डर न घर है उसकी नाईं न हो भी सकता है वहाँ हर जन आनंदित और सुखी रहता है ।। ४ सब बालकों के लिये है धरा स्वर्ग में ताज जो ख्रीष्ट की बाट नित जोहते वे संग करेंगे राज वह सुन्दर ताज विभव का यीशु से पावेगा हर एक उसके नाम से प्रेम करता रहेगा ।। ५ सब बालकों को स्वर्ग में एक गीत भी सीखना है कितनी ही बार तुम सुनो न फीका लगता है यह गीत न दूतगण गाते न गा भी सकते हैं वे ख्रीष्ट को राजा मान के त्राता न जानते हैं ।। ६ सब बालकों के लिये राज वस्त्र स्वर्ग में है और वीणा को बजा के वे गाते ख्रीष्ट की जय तैयार है सब कुछ स्वर्ग में और ख्रीष्ट में मिलता है सो आओ प्यारे बालकों यह सब तुम्हारा है ।। 544 (५४४) “Beautiful the little hands.”T. CORBAN. १ सुन्दर हैं जो छोटे हाथ करते काम प्यार के साथ सुन्दर हैं वे आँखें भी जिन में चमकता मसीह ।। २ छोटे हाथ सब बन गये काम के लिये ईश्वर के आज्ञा मानके ईश्वर की जल्दी पांव चलेंगे भी ।। ३ छोटे मुंह गीत गाते हैं प्रार्थना करते हर समय छोटे मन की इच्छा भी सदा है ईश्वर की सी ।। ४ बालक जो कुछ कर सकें उसे हृदय से करें जो कुछ यीशु चाहता हो उस को आनंद से करो ।। 545 (५४५) “We are but little children weak.”MRS. ALEXANDER. १ हम छोटे लड़के हैं अबल हमारा है न शक्त न ज्ञान यीशु के लिये क्या करें जो है सर्वोत्तम और महान ।। २ हर लड़के को है दिन ब दिन कुछ भीतर बाहर करने को यीशु के लिये है मरन और पाप से नित्य लड़ने को ।। ३ जब क्रोध और घमण्ड में विचार हम अपने मन में रखते हैं जब जीभ पर कड़ी बातें हैं और कोप से आंसू भरते हैं ।। ४ तब क्रोध का हाथ हम करें बन्द और रोक लें अपनी बात विरुद्ध हम नम्रता से उत्तर दें और ख्रीष्ट के लिये करें युद्ध ।। ५ हम कैसे छोटे क्यों न हों पर क्रूस सभों को धरना है और सब का है वह प्रेम का काम जो ख्रीष्ट के लिये करना है ।। 546 (५४६) “We three kings of Orient are.”JOHN H. HOPKINS, 1862.Chord - Dm / D#m | S- Waltz | T-124 १ हम तीन राजा पूरब की शान, भेंट चढ़ाने लाते हैं दान ।। तारा देखते पार हम जाते, पर्वत और रेगिस्तान ।। कोः - हां अद्भुत तारा चलने हारा, सुन्दर तारा चमकदार ।। आगे बढ़ता ऊपर चढ़ता, जब तक होवे नूर का द्वार ।। २ यीशु जन्मा दाऊद के ग्राम, सोना लाता राजा के नाम ।। अधिकारी सदा रहेगा, होवे उसको प्रणाम ।। ३ हो आराधना पुत्र महान, पास मैं लाता मूल्य लोबान ।। प्रार्थना, स्तुति महिमा उसकी, जगत में होवे मान ।। ४ गन्धरस वास्ते त्राता संताप, मृत्यु दण्ड तक भोगने विलाप ।। शोकित, दुःखित, हुआ मृतक, कबर पर लगी है छाप ।। ५ यीशु आप है पुनरुत्थान, करो अब महिमा स्तुति और गान ।। सृष्टि गाओ और ललकारो, मृत्यु पर है जयवान ।। 547 (५४७) “Around the throne of God in heaven.”J. M. NEALE.Chord - D# | S- Reggae/Ballad | T-082 १ हजारों लड़के खड़े हैं ईश्वर के तख्त के पास प्यार से वे सब भरे हैं और पाते सुख निवास ।। कोः- गाते जै जै जै जै होवे प्रभु ख्रीष्ट की जय ।। २ वे होके शुद्ध सब पापों से आनंद मनाते हैं प्यारे हैं वे प्रभु के वरदान भी पाते हैं ।। ३ किन भांति पाया बच्चों ने वह अच्छा सुन्दर धाम कि बचके सारे दुःखों से अब करते हैं विश्राम ।। ४ यह कारण है कि यीशु ने बहाया अपना रक्त और धोके उसकी धारा में वे बने उसके भक्त ।। ५ ये प्रभु से इस जगत में प्रेम मन से करते थे सो अब वे नित्य उस के घर आनंदित रहेंगे ।। 548 (५४८) “Come hither ye children.”JOHN. C. VON SCHMIDT. 1808-1854. १ हे लड़को अब चलो सब करते हुलास बैतलहम गौशाला की चरनी के पास और देखो दयालु परमेश्वर इस रात क्या दिया बचाने को आदम की जात ।। २ पुआल पर है पड़ा एक बालक अनूप जिसका सुन्दर सुशील अनोखा स्वरूप मरियम और यूसफ चरवाहे दूतगण अचम्भित सब देखते और बोलते ‘धन-धन’ ।। ३ तुम भी घुटने टेको और जय जय करो और बालक की दशा पर ध्यान तुम धरो अब धरती में भोगता कंगालपन का क्लेश पश्चात वह उठावेगा पीड़ा विशेष ।। ४ हम दुष्टों का दुःख तू ने दिया सब मेट इस कारण हम लाते निज मनों की भेंट हमारा निवेदन अब सुन कृपा कर हमारे तन मन तू बना अपना घर ।। 549 (५४९) Bhajan Tunes No. 28, 29.JOHN PARSONS. अहो प्रभु जी, मम ओरहि कान लगाना ।। १ बालक हूँ प्रभु तोरे घराने, मोहि करहु सियाना ।। २ सींचहु यह अति कोमल पौधा, होवे नित फलमाना ।। ३ यह घर अपने योग्य संवारो, जेहि कियो निरमाना ।। ४ दुष्ट जगत पर हो जयकारी, ख्रीष्ट विजय के ध्याना ।। ५ प्रेम धीर बुध देहु दयानिधि, दिन दिन काज समाना ।। ६ परमधाम पथ आश्रित बाढ़े, सहते श्रम दुःख नाना ।। 550 (५५०) SAMUEL S. DAYAL. कोरसः - यीशु हमारा आया - चरनी में आया रे ।। १ जंगल वीराना - मंगल जो गाना, दूतों ने गाया आया - चरणी में आया रे ।। २ एक सुन्दर तारा, तारों में न्यारा, ये था बताता आया, चरणी में आया रे ।। 551 (५५१) Bhajan Tunes No. 35. कोरसः - कुएँ पर ठाढ़े यीशु नसरिया । यीशु नसरिया जी यीशु नसरिया ।। १ मैं जो गई थी जल भरने को । पीने को मांगे वह जीवन दिवैया ।। २ मुझ सामरी से पीने मांगत हो । कैसे के होते हो तुम यहुदिया ।। ३ जो मांगती तो देता तुझको । मैं तो वही हूँ जीवन दिवैया ।। ४ छोटे बड़े सब संग चलो मेरे । देखन को तो यीशु नसरिया ।। ५ यह शीतल तोहे वही मिला है। यीशु नासरिया वह अमर करैया ।। 552 (५५२) R. M. WAIZ. १ प्यारे लड़को मसीह मिहरबां है । छोटे बच्चों का वह पासबां है ।। २ अपने दुःखों को उसको दिखा दो । सारे दुखियों का वह निगहबां है ।। ३ छोटे लड़कों को वह ही बुलाता । मीठी मीठी तो उसकी जबां है ।। ४ कैसी शीरीं हैं उसकी सदाएं । कैसी उलफत जबां से अयां है ।। ५ जैसे भेड़ों का हाफिज गड़रिया । वैसे बच्चों का वह भी शबां है ।। ६ उसकी बातें शहद से हैं मीठी । वैसी शीरीं जबां तो कहां है ।। ७ कहता वाइज़ है तुम को अजीजो । ईसा सचमुच तो शीरीं दहां है ।। 553 (५५३) H. T. B. 85. १ बैतलहम की पैदा इश यरुशलेम है बास नजात के बाइस थी पैदाइस भी खास ।। अपने प्यारे प्रभु को मैं कहां पाऊँगा गले डाले क्रूस को उठाये रहूँगा अपने प्यारे प्रभु वगैरह ।। २ समुन्दर की लहरों को थांभा किया टूटे हुए दिलों को जुड़ाता फिरा ।। ३ उस देश के सब शहरों में घुमा फिरा और बहुत से बीमारों को चंगा किया ।। ४ उस देश के सब शहरों में घूमा फिरा कई मुदों को भी वह जिलाता फिरा ।। ५ इस दुनियां के लिये सब दुःखों को सहा हमदर्द ऐसे खोजूँ तो कहां पाऊँगा ।। ६ लाचारों का साथी बीमारों का यार देख खून का पसीना था कैसा पियार ।। ७ गुनहगारों की खातिर वह हुआ था कुरबान ।। मुआफी पावेगा जो लावे ईमान ।। 554 (५५४) Bhajan Tunes. No. 11PREM DAS.Chord - F | S- Disco/Dholak | T-092 - 096 यीशु मसीह रोगियों को चंगा करें । १ एक को बुलावे रोगी दस बीस आवें । उन के तो रोग कोई रहने न पावें ।। २ भूत को निकाले यीशु मुदों को जिलावे । बहुत लोगों को रोटी पांच से खिलावे ।। ३ जल्दी आओ दुःखित क्लेशित यीशु जी पुकारे । मैं ही सुख चैन देऊँ चेत जा दुखियारे ।। ४ सच्चा विश्वास लावे पाप से पछतावे । उनको तो यीशु जलती आग से बचावे ।। ५ पापियों का पाप काटे जो कोई पुकारे । टूटे मनों को यीशु फिर से सुधारे ।। ६ ऐसा दयालु यीशु जग ही में आया । पापियों का पाप उठाके क्रूस पै लटकाया ।। ७ स्वर्गीय निवास देवे स्वर्ग में ले जावे । वहां की खुशी का तो कोई पार न पावे ।। ८ दुनियां में ऐसे रोगी रात दिन सो जाते । भाई तू क्यों सो रहा है जाग जा प्रभाते ।। 555 (५५५) १ राजा यीशु आया राजा यीशु आया राजा यीशु आया राजा यीशु आया शैतान को जीतने के लिये राजा यीशु आया शैतान को जीतने के लिये राजा यीशु आया ।। २ दुनियां में तो पाप और दुःख होते हैं बहुतेरे पूरी शान्ति देने के लिये राजा यीशु आया ।। ३ क्रूस पर देके अपनी जान आप को किया बलिदान सारे जग का त्राता होके राजा यीशु आया ।। ४ कब्र का वह तोड़ कर बन्ध मौत पर हुआ है जयवंत क्षमा मुक्ति जीवन देने राजा यीशु आया ।। ५ हुआ मैं आनंदित पाकर पाप की मुआफी दिल को साफ करने के लिये राजा यीशु आया ।। ६ उस पर करता मैं विश्वास पूरी करता मेरी आस हाल्लेलूयाह मेरे दिल में राजा यीशु आया ।। 556 (५५६) H. T. B. 131.Q. S. MANDRELLE 1901-1953. शहर-इ-सामरी में एक बार जब यीशु गया कुएं पर जाके जब बैठा रहा ।। १ उस के शागिर्द शहर में गये । लेने कुछ खाना उसके लिये ।। २ याकूब का कुआं भी तो वहीं था । सफर से मांदा यीशु हुआ ।। ३ आई एक औरत वां पानी भरने । यीशु ने कहा पीने को दे ।। ४ बोली वह औरत मैं सामरी हूँ । कैसे यहूदी को पानी मैं दूँ ।। ५ जवाब में यीशु उससे बोला । मांगती तो तुझे जीता पानी देता ।। ६ अगर यह पानी जो कोई पिये । अब्द तक पियासा न कभी होवे ।। ७ औरत ने सुन कर कहा यह उससे । मुझे खुदावन्द यह पानी तू दे ।। ८ खड़ा तब छोड़ के शहर को गई । लोगों से बोली आओ देखो मसीह ।। ९ लोगों ने मानी औरत की बात । यीशु पास आके मांगी नजात ।। १० ऐ गुनहगारो तुम भी आओ । ऐसा ईमान जल्दी यीशु पर लाओ ।। 557 (५५७) Bhajan Tunes No. 54.JOHN CHRISTIAN. सांझ पड़त मरियम अकुलानी । १ डगर डगर ढूँढ़त है धाये, नाहिन देखे लाल अपानी ।। २ सुधि नन्दन के तुम कुछ जानो, सबही से पूछे बिलपानी ।। ३ आतुर हूँ तब मन्दिर बहुरी, अन्तर चौदिस हेरि समानी ।। ४ बड़े बड़े ज्ञानिन के संगे, बात करत सुत पाई अपानी ।। ५ मातु पिता पर कौनो कारण, शोक विपत्ति तुम ऐसो आनी ।। ६ प्रभु तब सादर उत्तर दीन्हा, माता के सुनि बैन रुखानी ।। ७ काजकरण पितु के मोहि चाहिये, अब लों तुम यह मर्म न जानी ।। ८ चेतहि जो सुनि यह उपदेशा, जान अधम सोई सदज्ञानी ।।

  • Choruses, etc. 572-615 | Masihi Geet Sangrah

    कोरस इत्यादि (Choruses, etc.) 572 (५७२) “The best Friend to have is Jesus.” सब से प्यारा यीशु सब से प्यारा यीशु गिरने से बचावेगा तेरी बिन्ती सुनेगा हां सब से प्यारा यीशु ।। 573 (५७३) “Come into my heart.” मेरे दिल में आ मेरे दिल में आ, आज दिल में आ हे यीशु, अभी आ और रह सदा, मेरे दिल में आ ख्रीष्ट यीशु ।। 574 (५७४) “Jesus is the Saviour.” ख्रीष्ट है मुक्तिदाता वह बचाता मुझे और बचावेगा तुझे जै जै हल्लेलूयाह मुक्ति देता है देता है जै जै हल्लेलूयाह मुक्ति देता है यीशु उस पर विश्वास जो लाता है उसे यीशु बचाता है जै जै हल्लेलूयाह मुक्ति देता है यीशु ।। 575 (५७५) “O the peace my Saviour gives.” ख्रीष्ट की शान्ति अद्भुत है पहिले मैं न जानता था मेरे मार्ग सब सीधे है जब से उसका हाथ पकड़ा ।। 576 (५७६) “Let me love Thee.” तुझे प्यार मैं करूँ तुझे मन मैं देऊँ तुझी में हे यीशु है भरपूरी भी ।। 577 (५७७) “I believe God answers prayer.” ईश्वर मेरी सुनता है हां वह सचमुच सुनता है निश्चय है वह सुनता है उसके नाम की जय ।। 578 (५७८) “Grace there is my every debt to pay.”11. 11. 11. 4. G. S. S. M. 41.Chord - C / C# | S- --xx-- | T---xx-- कृपा हर एक ऋण के भरने को लोहू हर एक पाप मिटाने को शक्ति मुझे स्थिर अब रखने को मसीह में है ।। 579 (५७९) “Lord I want to be like Jesus.” १ मैं मसीह का होना चाहता हृदय से, हृदय से मैं मसीह का होना चाहता हृदय से ।। २ मैं पवित्र होना चाहता, हृदय से, हृदय से ।। ३ मैं मसीह सा होना चाहता, हृदय से, हृदय से ।। 580 (५८०) “Let the beauty of Jesus be seen in me.”Chord - D | S- Ballad | T-082 १ मुझ में यीशु की शोभा दिखाई दे, उसका अद्भुत प्यार और सब निर्मलता, हे तू आत्मा पवित्र, कर शुद्ध मेरा चरित्र, मुझ में यीशु की शोभा दिखाई दे ।। २ मुझ में यीशु की शान्ति दिखाई दे, उसकी स्थिरता, दीनताई और नम्रता, हे तू आत्मा पवित्र, कर शुद्ध मेरा चरित्र, जब तक मुझ में न शान्ति दिखाई दे ।। ३ मुझ में उसकी सच्चाई दिखाई दे, उसका धर्म और ईमान और खराई भी, हे तू आत्मा पवित्र कर शुद्ध मेरा चरित्र, मुझ में यीशु का सत्य दिखाई दे ।। ४ मुझ में प्रभु की प्रीति दिखाई दे, उसका निष्कपट प्रेम और मिलाप अपार, हे तू आत्मा पवित्र, कर शुद्ध मेरा चरित्र, जब तक मुझ में न प्रीति दिखाई दे ।। 581 (५८१) “We give Thee but Thine own.”WILLIAM W. HOW, 1823-97. १ जो कुछ हम देते हैं वह माल है तेरा ही हमारा सब कुछ तेरा है यह थाती है तेरी ।। २ सच्चे भंडारी हों हम पाकर तेरे दान आनंद से अपना पहिला फल चढ़ावें धन्य मान । ३ और हम को है विश्वास कि तेरे लोगों को जो कुछ हम देते हैं वह सब हम देते तुझ ही को ।। 582 (५८२) Grace Before Meals.“Be present at our table Lord”JOHN CENNICK, 1718-55. हे प्रभु तू उपस्थित हो और दे अशीष इस खाने को रख हमें अपने पास सदा और स्वर्गीय भोजन नित्य खिला ।। 583 (५८३) “L. M. - Old hundredth” पवित्र आत्मा पिता पुत्र इन तीनों की अलग होवे स्तुत जैसा कि वह आरम्भ में था अब है और सदा रहेगा ।। 584 (५८४) “L. M. - Old hundredth”THOMAS KEN, 1637-1711. प्रशंसा हो और स्तुति भी पिता और पुत्र और आत्मा की पराक्रम राज और महिमा ईश्वर त्रिएक की हो सदा ।। 585 (५८५) पैत्रिक स्तोत्र Gloria Patri.Chord - D | S- --xx-- | T---xx-- हो पिता की स्तुति और पुत्र और पवित्र आत्मा की । जैसी आरम्भ ही में हुई, है अभी और रहेगी । युगानुयुग, आमीन, आमीन ।। 586 (५८६) Chord - G / G# | S- Disco / Dholak | T-100 - 104 १ परमपिता की हम स्तुति गायें, वही है जो बचाता हमें, सारे पापों को करता क्षमा, सारे रोगों को करता चंगा ।। २ धन्यवाद दें उसके आसनों में, आनंद से आयें उसके चरणों में, संगीत गाके खुशी से, मुक्ति की चट्टान को जय ललकारें ।। ३ वही हमारा है परम पिता, तरस खाता है सर्व सदा, पूरब से पश्चिम है जितनी दूर, उतने ही दूर किये हमारे गुनाह ।। ४ मां की तरह उसने दी तसल्ली, दुनिया के खतरों में छोड़ा नहीं, खालिस दूध कलाम का दिया, और दी हमेशा की जिन्दगी ।। ५ चरवाहे की मानिन्द ढूँढ़ा उसने, पापों की कीच से निकाला हमें, हमको बचाने को जान अपनी दी, ताकि हाथ में हम उसके रहें ।। ६ घोंसले को बार-बार तोड़ कर उसने, चाहा कि सीखें हम उड़ना उससे, परों पर उठाया उकाब की तरह, ताकि हमको चोट न लगे ।। 587 (५८७) Chord - D | S- Disco / Dholak | T-098 कोरसः - आवाज उठायेंगे हम साज बजायेंगे है यीशु महान अपना, यह गीत सुनायेंगे ।। १ संसार की सुंदरता में, यह रूप जो तेरा ही, इन चांद सितारों में, है अक्स तो तेरा ही, महिमा की तेरी बातें, सबको ही बतायेंगे ।। २ दिल तेरा खजाना है, एक पाक मुहब्बत का, था पा न सका कोई, सागर है तू उलफत का, हम तेरी मुहब्बत से, दिल अपना सजायेंगे ।। ३ न देख सका हमको, तू पाप के सागर में, और बन के मनुष्य आया, आकाश से सागर में, मुक्ति का तू दाता है, दुनिया को बतायेंगे ।। 588 (५८८) Chord - E | S- Disco / Dholak | T-089 - 094 कोरसः - आशिष तुझ से चाहते हैं । हे स्वर्गीय पिता हम आते हैं ।। १ कोई खूबी है न लियाकत, बख्शो हमको अपनी ताकत, खाली दिलों को लाते हैं, हे स्वर्गीय पिता हम आते हैं ।। २ हमने बहुत खताएं की है, रहे निकम्मे जफाएं की हैं, शर्म से सिर झुक जाते हैं, हे स्वर्गीय पिता हम आते हैं ।। ३ तुम हो शक्तिमान प्रभु जी, कुदरत तुम्हारी शान यीशु जी, हम्द-ओ-सना हम गाते हैं, हे स्वर्गीय पिता हम आते हैं ।। ४ बन्दे को तू कभी न भूले, दुःख सहे दुनिया में तू ने, उसी प्यार को चाहते हैं, हे स्वर्गीय पिता हम आते हैं ।। 589 (५८९) Chord - D# / E | S- Disco / Dholak | T-092 १ मैं यीशु के साथ नूर में चलूँगा, दिन और रात उसके पीछे मैं चलूँगा, पीछे चलूँगा फतह पाऊँगा, यीशु मेरा मुंजी मसलूब ।। कोरसः - चलते-चलते नूर में यीशु के साथ, चलते-चलते थामते यीशु के हाथ, नूर में मैं रहूँगा फतह पाऊँगा, मैं नूर में चलता चलूँगा ।। २ मैं यीशु के साथ नूर में चलूँगा, गर अंधेरी राह मैं न डरूँगा, पैर उठाऊँगा दिल से गाऊँगा, यीशु मेरा मुंजी मसलूब ।। ३ मैं यीशु के साथ नूर में चलूँगा, जब कभी आवाज उसकी सुनूँगा, उससे कहूँगा तुझे सब दूँगा, यीशु मेरा मुंजी मसलूब ।। ४ मैं यीशु के साथ नूर में चलूँगा, ताकते-ताकते रोज मदद पाऊँगा, रंज या खुशी हो या नजदीक हो मौत, यीशु मेरा मुंजी मसलूब ।। ५ मैं यीशु के साथ नूर में चलूँगा, अपनी आँख उसकी तरफ लगाऊँगा, हाथ में है सलीब झंडा है अजीब, यीशु मेरा मुंजी मसलूब ।। 590 (५९०) Chord - A# | S- --xx-- | T---xx-- १ प्रभु महान विचारूँ कार्य तेरे, कितने अद्भुत जो तूने बनाये । देखूँ तारे सुनूँ गर्जन भयंकर, सामर्थ तेरी सारे भूमंडल पर ।। कोरसः - प्रशंसा होवे प्रभु यीशु की, कितना महान (२) प्रशंसा होवे प्रभु यीशु की, कितना महान (२) २ वन के बीच में तराई मध्य विचरूँ, मधुर संगीत मैं चिड़ियों का सुनूँ । पहाड़ विशाल से जब मैं नीचे देखूँ, झरने बहते लगती शीतल वायु ।। प्रशंसा-- ३ जब सोचता हूँ कि पिता अपना पुत्र, मरने भेजा है वर्णन से अपार । कि क्रूस पर उसने मेरे पाप सब लेकर, रक्त बहाया कि मेरा हो उद्धार ।। प्रशंसा-- ४ मसीह आवेगा शब्द तुरही का होगा, मुझे लेगा जहाँ आनंद महान । मैं झुकूँगा साथ आदर भक्ति दीनता, और गाऊँगा प्रभु कितना महान । प्रशंसा-- 591 (५९१) Chord - F | S- Aderia / Ballad | T-084 - 094 कोरसः - जो क्रूस पे कुरबां है, वो मेरा मसीहा है, हर जख्म जो उसका है, वो मेरे गुनाह का है ।। १ इस दुनियाँ में ले आये, मेरे ही गुनाह उसको, ये जुल्मो-सितम उस पर, मैंने ही कराया है ।। २ इन्सान हैं वो कामिल, और सच्चा खुदा वह है । वो प्यार का दरिया है, सच्चाई का रास्ता है ।। ३ देने को मुझे जीवन, खुद मौत सही उसने, क्या खूब है कुरबानी, क्या प्यार अनोखा है ।। 592 (५९२) Chord - C# | S- Ballad / Dholak | T-092 कोरसः - आओ जग के लोगों सब ही, यीशु राजा बुलाता है ।। १ जग में जिसका स्थान नहीं है, जग में जिसका मान नहीं है, राज तुम्हें देने के लिये, यीशु राजा बुलाता है ।। २ जग में तुम हो भूखे मरते, जग में तुम हो प्यासे मरते, भोजन जल अब मुफ्त में देने, यीशु राजा बुलाता है ।। ३ सिर पर कांटों का ताज निशानी, छाप है उसकी बहती पसली, छिदे हाथ पसारे हुए, यीशु राजा बुलाता है ।। ४ आओ भाइयो, आओ बहिनो, आओ उसको परखो देखो, सारा भार उठाने के लिये, यीशु राजा बुलाता है ।। 593 (५९३) Chord - D | S- Waltz / Ind. | T-132 / 092 कोरसः - आकाश और धरती के राजा की जय, जय जय पुकार (२) सारी जमीन की सारी प्रजा यीशु की जय, जय, जय पुकार (२) १ जीवन का रचने वाला वही, भक्तों के दिल का उजाला वही (२) पापिन कारण जन्मा वही, (२) सूली पर चढ़ने वाला वही (२) आकाश-- २ वही है मेरे जीवन का यान, मेरा उद्धार और मेरी चट्टान (२) हाथों में है उसके किश्ती मेरी (२ ) आने दो, गर आता है यह तूफान ।। (२) आकाश-- ३ दुःख में और सुख में साथी रहा, राहों में जीवन के संग वह चला (२) उसकी रही हम पर कृपा बड़ी (२) जीवन मिला तो उसीसे मिला ।। (२) आकाश-- 594 (५९४) Chord - Gm/F#m | S- Rock / 80sEdgyRock | T-103 कोरसः - आया मसीह दुनिया में तू, पापियों को बचाने को, लाये ईमान जो बेटे पर, करेगा पार इस दुनिया को ।। १ दुनिया गुनाहों में डूब रही थी, सादिक गुमराह हो रहे थे, छोड़ा आसमान, बना इन्सान, मिली नजात इस दुनियां को ।। २ बैतलहम के मैदानों में, गड़रिये रात सो रहे थे, सुना फरिश्तों की जुबान, पैदा हुआ ख्रीष्ट निधान ।। ३ आलिमों ने किताबों से, पढ़ी पैदाइश की तफसील, चल दिये वह भी ऊँटों पर, तारे हयात का पीछा कर ।। ४ समुद्र की सब लहरों पर, दुनिया की हर जुबानों पर, है उसका नाम, है उसका काम, सारा जहां लाये ईमान ।। 595 (५९५) Chord - F | S- Waltz / Ind. | T-126 / 92 कोरसः - ऐ मेरे खुदा ऐ मेरे खुदा, दिलों की हैकल में आजा, मैं तेरा और तू मेरा १ मुझको तुझसे प्रीत लगी तेरे वचन की आस लगी प्यासा हूँ मेरी प्यास बुझा ।। मेरे खुदा---- २ यह दुनियाँ एक सपना है कौन यहाँ पर अपना है मैं हूँ बालक तू है पिता ।। मेरे खुदा----- ३ पाप की घटा है छाई हुई रूह मेरी घबराई हुई सुन ले तू मेरे दिल की दुआ ।। मेरे खुदा-- 596 (५९६) Chord - C | S- Dholak | T-096 कोरसः - यीशु ने अपना खून बहाके, मुझे बचा लिया, क्यों मैं न गाऊँगा गुण उसी के मुझे बचा लिया ।। १ मैं जब गुनाहों में पड़ा हुआ था यीशु आ गया, उसके मारे जाने से मैं जीवन भी पा गया, इसलिये गाऊँगा गुण उसी के मुझे बचा लिया ।। २ मेरे गुनाहों का बोझ उठाकर क्या क्या न उसने सहा, मेरे गुनाहों को माफ कराने खून भी उसका बहा, कितना अनोखा है प्यार प्रभु का मुझे बचा लिया ।। ३ सेवा करेंगे प्यारे प्रभु की जैसा कि उसने कहा, मर भी मिटेंगे प्यारे प्रभु में जैसा कि उसने सहा, हर दम हम गायेंगे गीत उसी के हमें बचा लिया ।। 597 (५९७) Chord - A# | S- Dholak / Disco | T-098 / 102 १ महिमा से तू जो भरा हुआ, ज्योति में सदा रहने वाला, मनुष्यों में तूने जन्म लिया, फिर से यीशु जग में तू आयेगा, आयेगा यीशु---- २ भूमि आकाश में समा न सका, मन्दिरों में तू रह न सका, नम्र होकर चरनी में पैदा हुआ, मनों में हमारे घर तू बना घर तू बना---- ३ खोमे में आकर तू ही बसा, लोगों को अपने लिये फिरा, अग्नि और बादल में तू ही दिखा, फिर से यीशु अपना जलवा दिखा, जलवा दिखा---- ४ दानियेल की तूने प्रार्थना सुनी, एज्रा की तूने सहायता की, बाबुल में तूने बेदारी भेजी, अपने लोगों को फिर से दे रिहाई, दे रिहाई---- ५ तू ही हमारा राजा है, तू ही मुक्तिदाता है, फिर से आने वाला है, प्यारे प्रभु यीशु तू जल्दी आ, जल्दी आ---- 598 (५९८) Chord - E | S- Ballad / Aderia | T-082 १ जावें किसके पास ऐ गुनहगार यीशु है जिन्दगी, मौत से करता है वही पार यीशु है जिन्दगी । जिन्दगी रूहानी जिन्दगी गैरफानी ।। कोरसः - बख्शीश अजीब, राह है सलीब, लेओ तुम जिन्दगी ।। २ रूह और दुल्हन भी कहती आ यीशु है जिन्दगी, तू जो सुनता है कहता जा यीशु है जिन्दगी । सारी कौमें आवें, आब-ए-हयात वे पावें ।। ३ मुफ्त वह देता है सभों को यीशु है जिन्दगी, उसकी मौत का तुम हासिल लो यीशु है जिन्दगी । नकदी नहीं लाना उसके फजल से पाना ।। ४ यीशु लेता मैं तेरा नाम तू ही है जिन्दगी, बिल्कुल नाकिस है मेरे काम तू ही है जिन्दगी । तुझ पर आसरा मेरा, बन्दा हूँ मैं तेरा ।। 599 (५९९) Chord - Em | S- Ballad | T-082 कोरसः - प्यारा मसीह, प्यारा मसीह, लाखों में मेरा प्यारा मसीह ।। मेरा अकेला सहारा वही ।। १ दुनियां में और कोई नाम है नहीं, उसी ने मुझको दी अब्दी खुशी । मुझको बचाया, गुनाह से छुड़ाया, और किया है उसने अब मुझको बरी ।। २ बेटा खुदा का है प्यारा मसीह, मेरे फिदिये का है बर्रा वही ।। दुनियां में आया और लोहू बहाया, और जान अपनी प्यारी सलीब पर दे दी ।। ३ सूली पे चढ़के कफारा हुआ, वास्ते हमारे वह मारा गया । जख्मी हुआ और सताया गया । और फिर जिन्दा हुआ वह हमारा मसीह ।। 600 (६००) R. S. Mandrelle 1906-1971.Chord - C | S- Ballad / Dholak | T-082 कोरसः - उपकार की भेंटें अपनी (२) प्रभु को चढ़ाना है (३) १ जो भी हमारा प्रभु का सारा, जिसका उसको देना है, भण्डारी हम प्रभु के जग में, दसवां ही लौटाना है ।। प्रभु -- २ ख्रीष्ट प्रभु ने स्वर्ग को त्यागा, हमको प्रेम दिखाना है, हिस्सा दो प्रभु को जो कुछ हो, निज भेंटें भी लाना है ।। प्रभु-- ३ ईश्वर की है कृपा भारी, हमको धन्य मनाना है, सारा जीवन दे दो प्रभु को, तब आशिषें पाना है ।। प्रभु-- 601 (६०१) Chord - D# | S- Disco | T-092 बरकत और इज्जत और जय तेरी हो, और जय तेरी हो और जय तेरी हो, बरकत और इज्जत और जय तेरी हो, कि तू ही तख्त पर है । तारीफ, तारीफ हर एक जन ललकारें, तारीफ, तारीफ कि तू ही तख्त पर है ।। 602 (६०२) G. S. Mandrelle 1901-1953. खुशी खुशी मनाओ, खुशी खुशी मनाओ, बोलो बोलो मसीहा की जय जय जय, मेरे लिये आया, मेरे लिये जिया, मेरे लिये यीशु ने दुःख उठाया, मेरे लिये मारा गया, मेरे लिये गाड़ा गया, मेरे लिये फिर जी उठा मेरा है मसीह, मैं मसीह का हूँ, हम मसीह के हैं, खुशी खुशी मनाओ ।। 603 (६०३) Chord - E | S- Dholak | T-096 कोरसः - देखूँगा यीशु राजा को (२) मैं हर वक्त देखूँगा ।। १ कोड़े लानत सहने वाले यीशु राजा को । २ अपना खून बहाने वाले यीशु राजा को । ३ जान सलीब पर देने वाले यीशु राजा को । ४ मौत पर फतह पाने वाले यीशु राजा को । ५ शैतान का सिर कुचलने वाले यीशु राजा को । ६ बादलों पर आने वाले यीशु राजा को । ७ बाप के दाहिने बैठने वाले यीशु राजा को । ८ दूतों के साथ आने वाले यीशु राजा को । ९ राजाओं के राजा यीशु राजा को । 604 (६०४) सुन लो मेरे भाइयों, मसीह जी मेरा दुनियां में आया ।। १ दुनियां में आया, मुक्ति को लाया, पापी को आन बचाया, बचाने यीशु दुनियां में आया ।। सुन लो--- २ अन्धों को आँख, गूंगो को बोली, बहिरो को शब्द सुनाया, सुनाने यीशु दुनियां में आया ।। सुन लो--- ३ हम जब गुनाह में पड़े हुए थे, अद्भुत प्रेम दिखाया, दिखाने यीशु दुनियां में आया ।। सुन लो--- ४ दुनियां की खातिर क्रूस पर चढ़कर, अपना रक्त बहाया, बहाने यीशु दुनियां में आया ।। सुन लो--- ५ जो कोई उस पर विश्वास लाया, उसको मसीह ने बचाया, बचाने यीशु दुनियां में आया ।। सुन लो--- ६ धन धन यीशु स्वामी हमारे, हम को पिता से मिलाया, मिलाने यीशु दुनियां में आया ।। सुन लो--- 605 (६०५) G. S. MANDRELLE 1901-1953.Chord - C | S- Waltz | T-128 कोरसः - ज्योति से यीशु की दूर है अंधियारी, फूल उठी मन में, प्रेम की फुलवारी ।। १ तन मन तू सब धन तू, मालिक तू, जीवन है तू, जल थल में बादल में, शक्ति तेरी गर्जन है तू, कण कण में दिख पड़ी, छबि तेरी न्यारी ।। २ मार सहा क्रूस चढ़ा, रक्त बहा कुछ न कहा, कृपा तेरी मुक्ति मेरी, तेरा वचन साथ रहा, पापिन से प्रभुजी, प्रीति तेरी न्यारी ।। ३ शब्द तेरा गूँज उठा, जाग उठी तेरी लगन, सप्त सुमन प्यार की धुन, झूम उठा सारा गगन, बन्धन में डूब गई, यह दुनियाँ सारी ।। 606 (६०६) Chord - A# | S- 6/8 | T-082 १ आह वह प्यारी सलीब मुझे देख पड़ती है, एक पहाड़ी पर जो खड़ी थी, कि क्रूस घातित मसीह ने भी निन्दा उठा, पापियों के कारण जान दे दी ।। कोः- पस न छोडूंगा प्यारी सलीब, जब तक दुनियां में मैं रहूँगा, लिपटा रहूँगा मैं उसी से, है क्रूस घातित में नित्य आराम ।। २ आह वह प्यारी सलीब जिस की निन्दा होती, वह मुझे बहुत ही है भाती, कि खुदा के प्यारे और प्रतापी मसीह, ने पहुँचाया उसे कलवरी ।। पस न--- ३ मुझे प्यारी सलीब में जो लोहू लुहान, नजर आती है खूबसूरती, कि खुदा के मसीह ने प्रायश्चित किया, ताकि मिले मुझे जीवन भी ।। पस न--- ४ मैं उस प्यारी सलीब का रहूँ वफादार, सिपाही हमेशा जरुर, जब तक मेरा मसीह न करेगा मुझे, अपने अब्दी जलाल में मंजूर ।। पस न--- 607 (६०७) Chord - F | S- 6/8 | T-086 १ तेरा हूँ ऐ रब्ब ! सुनता तेरी बात जो बताती तेरा प्यार, मैं ईमान के साथ, आता तेरे पास, तेरा ही हूँ तलबगार ।। कोरसः - रख तू मुझको, मुझको, मुझको ऐ मसीह, जहां चश्मा क्रूस से खास, रख तू मुझको, मुझको, मुझको ऐ मसीह, अपने जख्मी पहलू पास ।। २ मुझको पाक कर अब, कि मैं तेरा काम, करूँ दिल से ठीक ओ खूब, तेरी मर्जी पाक मुझसे पूरी हो, तेरी मर्जी हो मसलूब ।। ३ कैसी राहत खास दिल को मिलती है, जब मैं जाता पाक हुजूर, जब मैं दुआ में आता तेरे पास, तब तू करता है मसरूर ।। ४ तेरा मीठा प्यार और भी जानूँगा, जब मैं जाऊँगा आसमान, जब मैं देखूँगा तेरे चेहरे को, तब खुश होगी मेरी जान ।। 608 (६०८) Chord - D | S- Waltz / Ind. | T-126 / 090 १ दिल के दाग को धोवे कौन, लहू जो कि क्रूस से जारी । मेरे मर्ज को धोवे कौन, लहू जो कि क्रूस से जारी ।। कोरसः - वह चश्मा है मामूर, दाग दिल से करता है दूर । है मुझको दिल मंजूर, लहू जो कि क्रूस से जारी ।। २ मेरे मर्ज का शाफी है, लहू जो कि क्रूस से जारी । मुआफी को वह काफी है, लहू जो क्रूस से जारी ।। ३ वह है मेरे कर्ज का दाम, लहू जो कि क्रूस से जारी । वह है मेरा खास इनाम, लहू जो कि क्रूस से जारी ।। ४ मेरी वह उम्मीद है खास, लहू जो कि क्रूस से जारी । रास्ती का है खुश लिबास, लहू जो कि क्रूस से जारी ।। ५ दुःख तकलीफ में है पनाह, लहू जो कि क्रूस से जारी । वह है मेरे घर की राह, लहू जो कि क्रूस से जारी ।। ६ मेरे गीत का है जमून, लहू जो कि क्रूस से जारी । मुझको करता है ममनून, लहू जो कि क्रूस से जारी ।। 609 (६०९) Chord - Em | S- Ballad | T-082 कोरसः - तेरे दिल के द्वार पर यीशु खटखटाता] खोलो तुम दरवाजा वह है आना चाहता ।। १ बनना चाहता है वह, हाँ हाँ तेरा ही मेहमान आज, तेरा रंज और फिकर वह उठाना चाहता ।। तेरे दिल--- २ खुशी अपनी देता हाँ-हाँ होवे तू जलाली, रात दिन तेरे साथ ही वह है रहना चाहता ।। तेरे दिल--- ३ तेरे खातिर मैं ने, हाँ-हाँ पहना ताज कंटीला, तुझको अब जलाली, ताज हूँ मैं पहनाता ।। तेरे दिल--- ४ बेवफा न हो तू, हाँ-हाँ मेरे खून खरीदे, कर मेरा इकरार तू, मुझसे क्यों शरमाता ।। तेरे दिल--- ५ खोलता हूँ दरवाजा, हाँ-हाँ दिल का ऐ मसीहा, आ और इसमें रह तू, मैं हूँ दिल से चाहता ।। तेरे दिल--- ६ यीशु प्यारो कहता, हाँ-हाँ कीमती वक्त है जाता, वक्त गया जो प्यारो, वापिस फिर नहीं आता ।। तेरे दिल--- 610 (६१०) १ प्रिय यीशु मसीह के दलवाले, हम सैनिक हैं हम सैनिक हैं, क्रूस कांधे पर रखने वाले, हम सैनिक हैं हम सैनिक हैं ।। २ बस शान्ति देव हमारा है, नम्रता कवच दृढ़ धारा है, रूहानी वस्त्र हमारा है, हम सैनिक हैं हम सैनिक हैं ।। ३ हम नित यीशु पर ध्यान करें, जीवन अपना बलिदान करें, मसीह प्रेम पर हैं मिटने वाले, हम सैनिक हैं हम सैनिक हैं ।। ४ मसीह प्रेम पर वारी जायेंगे, हम सूखे चने चबायेंगे, पीछे नहीं पैर हटायेंगे, हम सैनिक हैं हम सैनिक हैं ।। ५ दुनिया से नाता तोड़ दिया, माया को हमने छोड़ दिया, मन मसीह से अपना जोड़ दिया, हम सैनिक हैं हम सैनिक हैं ।। ६ मुक्ति का यही मार्ग माना, हृदय में यही है प्रण ठाना, आजाद रहें या मर जायें, हम सैनिक हैं हम सैनिक हैं ।। 611 (६११) १ तेरी शीरीन आवाज मैं सुनता हूँ खुदा] बुलाती पास उस चश्मे के सलीब से जो बहा ।। कोरसः - आता हूँ मसीह - आता तेरे पास, धोके साफ कर चश्मे से, जो बहता क्रूस से खास ।। २ आता कमजोर लाचार देख मेरी हालत को, नजासत से कर पाक ओ साफ-कि एक भी दाग न हो ।। ३ मसीह तू बख्शता है - कामिल प्यार ईमान, कामिल उम्मीद और चैन आराम - जमीन पर और आसमान ।। ४ तहसीन कफारे को, तहसीन मुफ्त फजल को, तहसीन मसीह को बख्शीश को अब मिलकर सब कहो ।। 612 (६१२) कोरसः - बोलो जय मिलकर जय बोलो जय यीशु की जय बोलो जय जय जय--- १ प्रेम तेरे की यही रीत, मन में भर दे अपनी प्रीत, तेरे प्रेम के गाएं गीत--- २ क्रूस पर अपना खून बहा, मुझ पापी को दी शिफा, मन मेरे तू बोल सदा--- ३ तेरी कुदरत की यह शान, खुद ही दाता खुद ही दान, पूरे कर मन के अरमान--- ४ खिदमत अपनी ले मुझ से, इस मन्दिर में तू बसे, हिन्द में तेरा नाम रहे--- 613 (६१३) R. S. MANDRELLE. 1905-1973. कोरसः - फुलवारी रे फुलवारी दुनियां प्रभु की फुलवारी ।। १ मेरे पिता प्रभु ने बनाई, हर रंग रंग से रंगाई । आकाश नील अरु नदी झील, देखो प्रभु की गुलकारी ।। २ इस बाग का यीशु माली, करता दिल से रखवाली । है प्रेम सात हरे भरे पोत, मैं हूँ उसकी एक क्यारी ।। ३ सब फूल देते हैं दुहाई, गाते प्रभु की चतुराई, ऐ बागबान मैं गाऊँ गान, बगिया तेरी है सुखकारी ।। 614 (६१४) Onward Christian Soldier १ यीशु के सिपाही आगे कदम मार । कि सलीब है आगे तू न हिम्मत हार । तेरा शाही पेशवा, है यीशु मसीह । उसके झंडे आगे, चलते हैं सरीह ।। कोरसः - यीशु के सिपाही आगे कदम मार । कि है सलीब आगे तू न हिम्मत हार ।। २ इस निशान को देख के, भागता है शैतान । आगे है सिपाही फतह अपनी मान । सना की ललकार से दोजख है लरजा । भाइयों नारा मार कर गाओ खुश इल्हान ।। ३ लश्कर यह कलीसियां, जंग पर चढ़ती हैं । मोमिनीन को याद कर आगे बढ़ती है । हम सब मिलकर भाइयो, एक ही बदन है । एक प्यार और उम्मीद में हम सब एक तन हैं ।। ४ ताज ओ तख्त है फानी राज है बे कियाम । यीशु की कलीसिया रहती है हरदम । यह है उसका वायदा ताकत दोजख की । नहीं हरगिज उस पर कभी होवेगी ।। ५ अब सब कौमों आओ, स्तुति में शामिल हो । नारे मारो गाओ जय जय सब कहो । बादशाह की तारीफ में, यीशु जिसका नाम । आदमी और फिरिश्ते गाते हैं हरदम ।। 615 (६१५) Chord - D | S- Waltz / Ind. | T-126 / 090 कोरसः - सहारा मुझको चाहिये, सहारा दे मुझे खुदा, मुझे सम्भाल मैं गिरा, मुझे सम्भाल मैं गिरा ।। १ कठिन हैं रास्ते बहुत हर एक मोड़ पर खतर, अंधेरे सायों को हटा दिखा दे मुझको अब सहर ।। २ जहाँ के रास्तों पे मैं अकेले चल न पाऊँगा, अगर जो चलना चाहूँ भी, फिसल के गिर मैं जाऊँगा ।। ३ ये बोझ जो गुनाहों का, मैं लेके आज चल रहा, उठायेगा अगर कोई, वो तू ही तो है ऐ खुदा ।। 616 (६१६) कोरसः - आना हमारे संग आना । हो यीशु के दर्शन को (१) १ बैतलहम की नगरी में । आज जन्मा चरनी में । भेंटें तुम्हारे संग लाना ।। हो - आना हमारे २ त्राणदाता जग का है । पुत्र प्रभु के निज का है । मुक्ति हमारे संग पाना ।। हो - आना हमारे ३ दूत गण गौरव गाते । बाल प्रभु को बहलाते । कीर्ति हमारे संग गाना ।। हो - आना हमारे ४ दो खबर यह दुनिया में । प्रेम मूर्ति धरनी में । देने हमारे संग आना ।। हो - आना हमारे 617 (६१७) कोरसः - मोरे मन मन्दिर प्रभु आन बसो । आन बसो, आन बसो, आन बसो । मोरे मन मन्दिर प्रभु आन बसो आन बसो ।। १ टूटा फूटा मन्दिर मेरा घोर पड़ा अंधियारा तुम आओ तो हो उजियारा, मन मन्दिर-- २ छोटा सा मन्दिर मेरा ख्रीष्ट बिना न बसेरा प्रेम कुटी में दो तुम डेरा, मन मन्दिर-- ३ यीशु मेरे मन्दिर आओ प्रेम दिया सुलगाओ ज्योत तुम्हारी अब चमकाओ, मन मन्दिर--

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  • Evening 15-27 | Masihi Geet Sangrah

    संध्याकाल (Evening) 15 (१५) "The day is past and over." 7. 6. 7. 6. 8. 8. St. Anatolius. J. M. NEAL. 1862. १ अब प्रभु, दिन बीत गया मैं धन्य मानता हूँ । यह वर तू दे कि रात को निष्पाप सो रहूँ । हे यीशु दृष्टि कर मुझ पर तू आज की रात में रक्षा कर ।। २ अब दिन का श्रम हो चुका मैं भजन करता हूँ । यह वर तू दे कि क्षेम से रात भर मैं सो रहूँ । हे यीशु दृष्टि कर मुझ पर तू आज की रात में रक्षा कर ।। ३ अब दिन का सुख हो चुका टेक तुझ पर रखता हूँ । यह वर तू दे कि रात को निर्दोष बना रहूँ ।। हे यीशु दृष्टि कर मुझ पर तू आज की रात में रक्षा कर ।। ४ प्राणेश हो तू प्राण पालक तू ही अब जानता है । कि मार्ग में कौन सी जोखिम आ पड़नेवाली है । हे प्रेमी यीशु कान तू धर सब दुख और क्लेश से रक्षा कर ।। 16 (१६) "Sweet Saviour, bless us ere we go" 8s. St. Matthias. F. W. FABER. 1814-1863. १ आशिष से यीशु बिदा कर और बचन सभों में जमा । तू हम में प्रेम और चेष्टा भर कि मन हो तृप्त, न गुनगुना ।। कोरस :- जीवन के दिन और संध्याकाल हमारी ज्योत हो ख्रीष्ट दयाल ।। २ यह दिन अब हुआ है समाप्त और देखे तू ने सारे कर्म । जो हमसे जय आज हुई प्राप्त वा हुई भूल चूक और अधर्म ।। ३ हे प्रभु क्षमा कर सब पाप कुपन्थ से हमें नित बचा । और अगले दिनों में प्रताप पवित्रता और सुख बढ़ा ।। ४ तू श्रमी था अब श्रम है सुख उतारा तू ने क्लेश का भार । न होवे बैर, और पाप से दुःख न मन में छल वा अहंकार ५ हर मित्र, दुःखी और कंगाल और पापी निमित्त सुन पुकार दे हम को आनन्द हे कृपाल हे यीशु प्रिय तारणहार ।। 17 (१७) "Saviour breathe an evening blessing." 8. 7. 8. 7. 8. 7. 8. 7. Evening Prayer. JAMES EDMESTON, 1791-1867 १ इसके पहिले कि हम सोवें त्राता अपनी आशिष दे । पाप और घटी जो हम मानते दूर तू कर हम लोगों से ।। २ जो रात होवे घोर अंधेरी तेरे संग न होगा डर । तू ही अपने निज संतान की देकर शान्ति रक्षा कर ।। ३ जो विनाश हम को घेर लेवे चारों ओर हो तीर उड़ते । भेज दूतों को पास हमारे कि हमारी सुधि ले ।। ४ जो इस रात में मृत्यु आवे उठें न बिछौने से । कृपा कर तू पास बुला के स्वर्ग में हमें जगह दे ।। ५ प्रिय पिता तेरे हाथ में अपने तईं हम सौंपते हैं । तू है इस्त्राएल का रक्षक हमको भी तू रख निर्भय ।। ६ मन हमारे का अंधेरा हे श्रेष्ठ आत्मा दूर कर दे जब तक स्वर्ग की ज्योत का उदय हम पर पूरा न होवे ।। 18 (१८) "Lord keep us safe this night." S. M. Vesper. इस रात में रक्षा कर हे प्रभु जोखिम से और सोते समय सारा डर तू भोर तक दूर कर दे ।। 19 (१९) "Now the light has one away." 7. 7. 7. 7. Dijon or Innocents. LOUISE HENSEL. 1798-1876 १ काम से हाथ उठाता हूँ सोने को मैं जाता हूँ । स्वर्गीय पिता दीनदयाल रात भर मेरा हो रखवाल ।। २ भूल और चुक सब हे पिता आज के दिन की कर क्षमा । यीशु ही के लोहू से मुझे धोके शुद्ध कर दे ।। ३ घर के छोटे बड़े सब सौंपते तेरे हाथ में अब । कृपा करके हे कृपाल सभों का तू हो रखवाल ।। ४ चंगा कर बीमारों को दुखियों को शान्ति हो । मरते समय कृपा कर ले हम सब को अपने घर ।। 20 (२०) "Softly on the breath of evening." 8.7.8.5. 8. 8. 6. १ धीमी आती ठंडी पवन जान भी पड़ता सांझ पहर तू जो शोक से थका हुआ जाग के प्रार्थना कर ।। कोरस :- हे परदेशी शोक न करना हे परदेशी शोक न करना नदी पार है विश्राम २ प्रार्थना समय जब आ जाता छूटते सारे भ्रम और डर वही घड़ी शान्तिदायक जाग के प्रार्थना कर ।। ३ आसपास होवें जाल शैतान के यीशु पर तू आशा धर तेरी बिनती वही सुनता जाग के प्रार्थना कर ।। आमीन ।। 21 (२१) "As fades the daylight splendor." 7. 7. 6. 7. 7. 8. Innsbruck PAULUS GERHARDT 1607-76. १ फिर रात्रिकाल अन्धेरा भूगोल पर आके घेरा सूर्य्य अस्त हो गया है पर मन में करके डेरा अब यीशु त्राणी मेरा उजाला करता रहता है ।। २ आकाश का अन्धियारा चाँद तारों ने निवारा है कैसे चमकवान आह कि संसार मैं छोड़ता और स्वर्ग पर कभी चढ़ता यीशु के तेज में मेरा प्राण ।। ३ जो क्लेश और भार दिन लाया से उसके साथ फिर गया समाप्त है मेरा काम तू मेरा तारणहारा अपने निज रक्त के द्वारा कर मुझे शुद्ध और दे विश्राम।। ४ जो निंद्रा तुझ पर पड़े कौन मेरी रक्षा करे हे इस्त्राएल की ढाल जो कभी नहीं ऊँघता और कभी नहीं थकता हो अपने आश्रित का रखवाल।। ५ तुम्हें भी प्यारो मेरे ख्रीष्ट अपने प्रेम से घेरे तुम पर पसारे हाथ कि दुःख न निकट आवे वह तुम्हें आप लिटावे कि कुशल हो तुम्हारे साथ ।। 22 (२२) "Abide with me." 10s. Eventide. HENRY LYTE. 1793-1847. Chord - D | S-"--"/ Ballad | T-066 १ रह मेरे पास दिन ढला जाता है अंधेरा प्रभु बढ़ता आता है जब हूँ अकेला मित्रहीन निरास दीनों के आश्रय रह तू मेरे पास।। २ बेग बीतते हैं इस लोक के थोड़े दिन आनन्द भी स्थिर न रहता तेरे बिन । सब ठौर बिकार देख पड़ता और विनास हे अटल प्रभु रह तू मेरे पास ।। ३ हर घड़ी तू ही मुझे दिखा कर शैतान का छल तू कृपा करके हर । तू अगुवाई कर और मन में बस सब दुःख और सुख में रह तू मेरे पास ।। ४ निडर मैं होऊं जो तू शरण दे दुख भी मैं सहूँ जो तू धीरज दे मृत्यु के दिन में तू हो मेरी आस जय निश्चय होगी जो तू मेरे पास ।। ५ जब मरना हो तू अपना क्रूस दिखा अंधेरे में तू अपनी ज्योत चमका । भोर वहाँ होगी रात से कर निकास जीवन और मरन में रह मेरे पास ।। 23 (२३) L. M. Breslau or Old Hundred. CIR. 1674. १ सांझ है हे प्रीतम यीशु ख्रीष्ट तू किधर जाता मेरे इष्ट हे कृपासिन्धु दया कर यह मन बना ले अपना घर २ दिन बीता अन्धकार चहुँ ओर रात आती है जो अति घोर मुझे न त्याग हे सत प्रकाश मैं तेरा शरणागत दास ।। ३ धर्म सूरज पाप की रात मिटा हो उदय मेरे मन में यूं ।। तब बिना ठोकर चलूंगा कि स्वर्ग के पथ से न भटकूं ।। ४ निदान मृतकाल के संकट से मुझे निकाल सुमृत्यु दे हे यीशु ख्रीष्ट रह मेरे संग कि मैं हूँ तेरे देह का अंग ।। 24 (२४) "Glory to Thee my God this night." L. M. Abends or Tallis' Canon. THOMAS KEN. 1637-1711. १ हे ईश्वर धन्य तेरा हो कि अब मैं देखता संध्या को । अब राजाओं के राजा दे कि रहूँ रातभर कुशल से ।। २ यीशु के द्वारा पाप मिटा जो मैंने आज के दिन किया । कि मेल मिलाप हो सभों से और सोने पाऊँ कुशल से ।। ३ सुधार तू ऐसे मेरी जान कि मृत्यु नींद के हो समान । और अंतिम दिन सहायता कर कि मैं जी उठूं बिना डर ।। ४ मुझे संभाले तेरा हाथ और मीठी नींद हो तेरे साथ । कि जागते ही मन मेरा हो योग्य तेरी सेवा करने को ।। ५ इस रात को नींद न आवे तो भर दिल में धार्मिक बातों को । मुझ को सब बुरे स्वप्नों से और भय से भी बचा तू ले ।। ६ सब आशिषों के ईश्वर को सब मनुष्यों से स्तुति हो । स्वर्ग दूतों से प्रशंसा हो । पिता और पुत्र और आत्मा को। 25 (२५) “Saviour, again to Thy dear Name we raise." 10s. Ellers. JOHN E, ELLERTON, 1826-93. १ हे त्राता स्तुति फिर हम करते है गान तेरे नाम का ख्रीष्ट सब गाते हैं । हम खड़े हो सराहते हैं फिर झुक के तुझ से शान्ति चाहते हैं ।। २ घर लौटते समय हमें शान्ति दे कि दिन समाप्त हम करें साथ तेरे । सभों के मन बच कर्म पवित्र कर कि तुझी में सो रहें हो निडर ।। ३ तेरी निज शान्ति हम पर अब रहे घोर अंधकार को ज्योति तू कर दे । पास रह के हानि और जोखिम से बचा रात भर विश्राम हो तेरी शरण का ।। ४ तू जीवन भर दे शान्ति हमों को कि दुःख में धीरज युद्ध में जय नित हो । तेरी बुलाहट को जब सुनेंगे तब तुझ से चैन सनातन पावेंगे ।। 26 (२६) "The day Thou gavest, Lord, is ended." 9. 8. 9. 8. Radford. JOHN E, ELLERTON, 1826-93. १ हे प्रभु तू ने दिन और रात को ठहराया है हमारे हित । की हमने तेरी स्तुति प्रात को अब गाके सो रहें सुचित ।। २ तू धन्य है कि जग में ज्योति जहाँ कहीं आ जाती है । वहाँ आराधना तेरी होती नित मण्डली जागती गाती है ।। ३ ज्यों उजियाला द्वीप प्रदेश में तब आगे बढ़ता जाता है । किसी न किसी प्रांत विशेष में बिनती का शब्द सुन पड़ता है।। ४ हमारी सोने की अब बेरा पश्चिम के लोग जाग गाते हैं । सो दिन पर दिन हे ख्रीष्ट यश तेरा हम पारी पारी करते हैं ।। ५ ऐसा हो त्राता कि राज्य तेरा नित ठहरे कभी टल न जाय । वह रहे स्थित और बढ़े सदा जबलों सब सृष्टि वश न आय।। 27 (२७) "Sun of my soul." L. M. Hursley or Abends. JOHN KEBLE, 1792-1866. १ हे प्राण के सूर्य्य दीना नाथ रात है नहीं जब तू है साथ संसार के किसी बादल से अपनी ज्योत न छिपने दे ।। २ जब दिन के काम से थकित हो मैं आँखें मूंदूँ सोने को । तब मन में रहे यही आस कि चैन नित करूँ ख्रीष्ट के पास। ३ दीन भर रह मेरे साथ सदा तुझ बिन मैं जी न सकूँगा ।। रहे मेरे साथ जब रात रहे तुझ बिन मैं डरता मरने से ।। ४ जो किसी ने आज निश्चिन्त हो त्याग दिया तेरे बचन को तू प्रभु उसे समझा दे कि पाप में पड़ा न रहे ।। ५ तू रोगियों की सुधि ले कंगालों को सन्तुष्ट कर दे । जो दुःख में है रह उनके साथ कि चैन से सोवें सारी रात ।। ६ फिर जागते समय कृपा से पास आके हमको आशिष दे । जब तक न स्वर्ग के भवन में हम जाके हर्ष से नित रहें ।।

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