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  • Baptism 202–205 | Masihi Geet Sangrah

    बपतिस्मा (Baptism) 202 (२०२) L. M. -- Hursley or Cantionale. १ परमेश्वर अपनी दया से इन लोगों को तू आशिष दे विश्वास वे तुझपर करते हैं और अब बपतिस्मा लेते हैं ।। २ पवित्र आत्मा उतर आ इन मनों में अब ज्योत चमका और अपने शुभ आगमन से इन लोगों को बपतिस्मा दे ।। ३ अनुग्रह दान आवश्यक है पवित्र आत्मा कर सहाय तू इनके मन को नया कर कि चलें सच्चे रास्ते पर ।। ४ वर दे कि तेरी सेवा में अर्पण अपना सब वे करें तू अपनी बड़ी दया से इन सभों को ग्रहण कर ले ।। 203 (२०३) C. M. Evan or French Dundee. १ हे ईश्वर देख इन बालकों को हम लाते हैं तुझ पास पिता और पालक इनका हो और स्वर्ग में दे सुबास ।। २ पिता का जैसा प्रेम तू नित्य इन बच्चों पर दिखा और जीवन भर निज आत्मा से इनको सुपथ चला ।। ३ ऐसों पर तूने दया की जब गोद में लिया था हे प्रभु देख ये बालक भी अब तेरे हों सदा ।। ४ विश्वास की पूरी आशिष को दे इन्हें जीवन भर और जो शैतान के फंदे हों सो दूर तू इन से कर ।। 204 (२०४) L. M. Rockingham or Abends. १ हे पिता जिसका प्रेम अपार इन लोगों पर तू कृपा कर इन सबका पाप और दोष मिटा पवित्र आत्मा भी दिखा ।। २ हे यीशु अपने लोहू से उन्हें विनाश से बचने दे जो तेरे अधिकार और अंग उन्हें बढ़ा ले अपने संग ।। ३ हे आत्मा उन्हें पावन कर और उनको तू प्रकाश से भर उन्हों में पैठ और अपना धाम निर्माण कर उनको गांठ और थाम ।। ४ हे पिता पुत्र जो धर्मात्मा त्रिएक परमेश्वर निकट आ हे कृपा सिंधु इन्हीं पर दयाल हो उनको ग्रहण कर ।। 205 (२०५) भजन प्रभु हे आये शरण तिहारी अधम अयोग्य अनाथ अबाल आये शरण तिहारो ।। १ पाप ताप प्रतिदिन जारे नित व्यथित मन हमारो देहु मोह दीन-दयाल! सुअवलम्ब तिहारो । २ पालतु हों अब जल सुविधि तो आज्ञा अनुसारो दास भयो अब प्रभु ! तेरो हारो कठिन अघ भारो । ३ जित दिन बचे रहो जग मों करहु मोर सहारो प्रेम जिन प्रभु अनुगामी तिन पाये निस्तारो ।

  • The Holy Trinity 28-36 | Masihi Geet Sangrah

    पवित्र त्रिएकत्व (The Holy Trinity) 28 (२८) "O that I had a thousand voices." 9.8.9.8. 8. 8. O Dass Ich. YOHANN MENTZER, 1658-1734 १ आह लाखों जिह्वा मुझे रहती लाख गुणा होता मेरा मुँह सब तेरा गुण हे ईश्वर गाती सुनाती कैसा भला तू और मिलके गाती सब गुणगाथ कि कृपा मुझ पर की है नाथ ।। २ अकथ्य धन प्रशंसा तुझे हे पिता मेरे प्राण के प्यार प्रदान किये हैं तू ने मुझे दान कैसे भले वारम्बार हाँ इस पृथ्वी पर कितनी बेर सुख आनन्द मिला मुझे ढेर ।। ३ धन तुझे हे विश्वासी त्राणदाता तू यीशु अपना मन सदैव मुझ अधम जन की और झुकाता और रक्त से मुझ को तारता है शैतान की क्रूरता से अपार मैं बना तेरा अधिकार ।। ४ है आत्मा शान्ति देने हारा धन्य कहता तुझे मेरा प्राण कि तेरे वचन ही के द्वारा मैं हुआ जीवन का सन्तान जो मुझ से होवे कोई पुण सो करता तेरा स्वर्गीय गुण ।। ५ मैं तेरी दया ईश्वर गाऊँ और करूँ तेरी स्तुति घन मैं हर्ष की भेंट तुझी पास लाऊँ जब लो न ठंडा मेरा मन जब निर्बल होवे मेरा मुँह कहरते स्तुति करता हूँ ।। 29 (२९) "All glory be to God on high." 8.7.8.7.8.8.7. Attole Paulum. NIKOLAUS DECIUS, 1541, १ ईश्वर को जो स्वर्ग पर है हो धन्यवाद प्रशंसा कि उसकी कृपा हम पर है हम होंगे न विनाशा परमेश्वर हम से प्रसन्न है मिलाप अब स्थिर निरंतर है हम बाप के घर में आएँ ।। २ प्रशंसा स्तुति महिमा हे पिता सृष्टिकर्त्ता हो तुझे हमों से सदा सब राज्य का तू है भर्त्ता अतुल्य तेरी सामर्थ है नित तेरा मत ठहरता है हो धन हे उत्तम प्रभु ।। ३ हे पिता के एकलौते सुत हे यीशु ख्रीष्ट पियारे पाप हरता त्राणी दयायुक्त विरोध मिटानेहारे ईश्वर के मेम्ने कान तू दे परमेश्वर प्रभु दया से सब दुःख में हो सहायक ।। ४ हे शान्तिदाता मददगार हे प्रबल श्रेष्ठ रखवारे शैतान के बल से उनकी आड़ जो ख्रीष्ट से हैं उधारे तू अपने रक्त के द्वारा से सब पाप से हमको छूटने दे हम सब हैं तेरे आश्रित ।। 30 (३०) "We praise Thee O God." 11. 11. 8. 6. 8. 5. S. S. 131. W. P. MACKAY. Chord - E | S- "---" | T- "---" १ धन तेरा पिता तू ने पुत्र को भेज मनुष्यों पर प्रगट किया अपना तेज ।। कोरस :- हाल्लेलूयाह धन्य तेरा हाल्लेलूयाह आमीन हाल्लेलूयाह स्तुति गावें फिर हम को जिला ।। २ धन तेरा मसीह तू ने लिया अवतार और क्रूस पर प्राण दे मेरा किया उद्धार ।। ३ धन आत्मा पवित्र उजियाला चमका अन्धकार को मिटाके त्राणकर्त्ता दिखला ।। ४ प्रशंसा और जय परमेश्वर की हो जो खोजकर मोल लेकर सम्भालता हमको ।। ५ फिर हम को जिला अपना प्रेम सब में भर और हर एक के मन को उत्साही तू कर ।। 31 (३१) "Father of Heaven, Whose love profound." L. M. Rivaulx or Erfurt. १ स्वर्ग-पिता तू ने कर के प्यार हम सब का किया है उद्धार । हम गिरते तेरे पाँवों पर हे प्रेमनिधान पाप क्षमा कर ।। २ सामर्थी पुत्र सत अवतार प्रवक्ता याजक तारणहार । हम गिरते तेरे पाँवों पर दीनबन्धु दया दृष्टि कर ।। ३ सनातन आत्मा जिसका स्वास जिलाता है जो हुए नाश हम गिरते तेरे पाँवों पर हे जीवनदाता जीवित कर ।। ४ परमेश्वर तू है एक में तीन यहोवाह हमें हों तुझ में लीन हम गिरते तेरे पाँवों पर तू हमें अपने योग्य कर ।। 32 (३२) 8.8.7.8.8.7.4.8.4.8. Frabk Fort. MARTIN RINKART, 1586-1649. १ हाल्लेलूयाह गुणानुवाद परमेश्वर स्वर्गीय पिता का जो शान्ति से राज करता तू है हमारा जीवन नाथ हम तेरा यश आह्वाद के साथ नित गावें हे सुखदाता जागो गाओ सुर मिलाओ गुणगान करो परमेश्वर का अधिपति सेनाओं का ।। २ हाल्लेलूयाह धन स्तुति हो मेम्ने को जिसने अपने को क्रूस पर बलि चढ़ाया और हमको अपने लोहू से छुड़ाया सकल दोष दण्ड से और ईश्वर से मिलाया उत्तमोत्तोम चैन ओ कुशल पाप से निर्मल जिससे सज्जन आनन्द करें नित्य नूतन ।। ३ हाल्लेलूयाह धन स्तुति हो धन आत्मा को जो हमों को दया कर फिर जन्माता वह धर्म के सुन्दर वस्त्रों से वह सभों को सुशोभित कर स्वर्ग दुल्हे से मिलाता धन्य भाग धन्य भाग अब सुदशा सच हुलासा हम को हुआ परम आनन्द हाल्लेलूयाह ।। 33 (३३) "Holy, Holy, Holy." 11. 12. 12. 10. Nicaea BISHOP R HEBER, 1783-1826. Chord - D | S- Ballad | T-074-076 १ हे महापवित्र सर्वशक्त परमेश्वर प्रातःकाल आनन्द से तेरी स्तुति गावेंगे तू महापवित्र ईश्वर कृपा सागर सर्वाधिकारी योग प्रशंसा के ।। २ हे महापवित्र संत सब भजन करते तेरे सन्मुख अपनी कीर्ति तुच्छ समझते हैं करूबीम सराफीम तेरे सामने गिरते जो था और है और रहेगा सदैव ।। ३ हे महापवित्र अन्धकार के कारण तेरा दर्शन पापी जन को मिलता है नहीं केवल तू पवित्र हे अद्वैत परमेश्वर सामर्थी प्रेमी और दयानिधि ।। ४ हे महापवित्र सर्वशक्त परमेश्वर सारी सृष्टि तेरे नाम का धन्यवाद करे तू महापवित्र ईश्वर कृपासागर सर्वाधिकारी योग प्रशंसा के ।। 34 (३४) "We pray Thee heavenly Father." 7. 6. 7. 6-D. Angel's Story or Aurelia. V. S. S. COLES. १ हे पिता अपने प्रेम से तू अब हमारी सुन उण्डेल हमारे बीच में सब अपने आत्मिक गुण । कि हर एक पाप से छूट के हम शुद्ध पवित्र रहें और तेरी सेवा करके नित धन्यवाद करें ।। २ हे यीशु हो हमारा सहायक अगुवा पास तेरे पहुँचेंगे जो तू आप होवे राह । ज्यों तू ने दी प्रतिज्ञा त्यों हमें देता जय तू यात्रियों का भोजन और जीवनदाता है ।। ३ हे आत्मा सृजनेहारे हमों पर दृष्टि कर हमें नवीन बना के उजाला हम में भर । कि तेरे आशिर्वाद से ढाढ़स बंधे रहें और प्रभु के शरीर को विश्वास से खा सकें ।। ४ हे तीन में ईश्वर एक ही सनातन एक में तीन हम को तू दे सहारा सब पाप से तू बचा अयोग हम हैं और निर्बल अचेत हैं और अज्ञान पर यह हम निश्चय जानते कि तू है क्षमावान ।। 35 (३५) "Come Thou almighty king." 6. 6. 4. 6. 6. 6. 4. Moscow. CHARLES WESLEY, 1707-88. १ हे सर्वशक्तिमान हम सब तेरा सन्मान नित करेंगे । पिता सर्वतेजोमय सभों पर करके जय कर हम पर राज सदैव हे परमेश्वर ।। २ बचन देहधारी आ अपनी सामर्थ दिखा सुन प्रार्थना को । हमें आशिष दिला बचन प्रबल करा तेरी पवित्रता अब हम पर हो ।। ३ हे शान्तिदाता आ ख्रीष्ट मुक्तिदाता का तू साक्षी हो । कर शुद्ध सब मन मलीन हर हृदय कर अधीन कभी तेरे विहीन हम नहीं हों ।। ४ त्रिएक परमेश्वर की प्रशंसा स्तुति भी होवे सदा । उस के पराक्रम को हम देखके मगन हों भजन निरन्तर हो और प्रेम उसका ।। 36 (३६) Bhajan Tunes No. 08. C. D. JADHAV. Chord - Dm (-1) | S- Ballad | T-086 परम पवित्र त्रेक परमेश्वर आ, आ प्रभु आईये । १ प्रभु सरग अनाथ के नाथा - तब रूप दरशा दे, दे प्रभु देइये ।। जगत - तम नाशक विद्युत । २ खोला मैने मन का द्वार - पाप से भरा बेशुमार । अपने लहू से धो धो दे मसीहा तू धो, धो प्रभु धोइये ।। ३ सत्य मन न भावत दुष्ट वासना धावत । नूतन जन्म दाता - अपना मन मुझे दे, दे प्रभु देइये ।। ४ पवित्र आत्मा तू उतर कर शुद्ध यह मन्दिर । ज्योति चमका दे - मेरी प्रार्थना तू सुन, सुन प्रभु सुनिये ।।

  • Love and Praise – 328-346 | Masihi Geet Sangrah

    प्रेम और धन्यवाद (Love and Praise) 328 (३२८) “One there is above all others.” 8. 4. 8. 4. 8. 8. 8. 4. -- S. S. S. 65. MISS M. MUNN. १ एक तो है जो सब से अच्छा देख उस का प्यार भाई के प्रेम से अधिक सच्चा देख उसका प्यार मीत सांसारिक दुख भी देवें आज प्रेम करके कल छोड़ देवें मीत यह है जो छल न देवें देख उसका प्यार ।। २ यीशु जो तू जानना चाहे देख उसका प्यार उसको तन मन अर्पण कर दे देख उसका प्यार तुझे पाप का बोझ दबाता तू परीक्षा से घबराता यीशु इन ही से बचाता देख उसका प्यार ।। ३ प्रेम का चिन्ह है उसका मरण देख उसका प्यार मृत्यु लों वह तेरी शरण देख उसका प्यार तू सब कपटी प्रेम को छोड़ दे यीशु ही के पीछे हो ले जिसने तेरे दुःख सब भोगे देख उसका प्यार ।। ४ तेरे पाप वह दूर कर देगा देख उसका प्यार तेरे शत्रु को जीत लेगा देख उसका प्यार सारी आशिष तुझे देगा तेरा भला नित्य करेगा अंत को स्वर्ग में तुझे लेगा देख उसका प्यार ।। 329 (३२९) “Only Jesus feels and knows.” 7. 7. 7. 6. - S. S. S. 51. १ केवल यीशु जाननेहार कितना तेरे दुःख का भार उसका प्रेम है निर्विकार यीशु धन्य यीशु ।। कोरसः- उसका नाम प्यारा है और सब नाम से न्यारा है भय में वह सहारा है यीशु धन्य यीशु ।। २ केवल यीशु नाम की बात सब ही देखता है साक्षात उसके प्रेम में न पक्षपात यीशु धन्य यीशु ।। ३ केवल यीशु देके ध्यान सुनता और बचाता प्राण वह है मेरा शरण स्थान यीशु धन्य यीशु ।। ४ मेरा रक्षक वही है उसके साथ मैं हूँ निर्भय करूँगा नित्य उसकी जय यीशु धन्य यीशु ।। 330 (३३०) “As pants the hart.” G. M. Martyrdom or Remember Me. TATE AND BRADY. १ ज्यों हिरण प्यास से व्याकुल हो भाग भाग के हांफता है त्यों तेरे लिये हे मसीह मन मेरा हांफता है ।। २ तेरे लिये हे जीवन नाथ मन मेरा प्यासा है कब देखने पाऊँ तेरा मुंह तू मेरा राजा है ।। ३ क्यों गिर के कुढ़ता मेरे मन ईश्वर पर रख विश्वास वह हाथ लगा के शोक और रोग करेगा सर्वनाश ।। ४ कब लों हे ईश्वर मेरे बल मैं शोकित हो रहूँ निराश अनाथ और त्यागा भी बैरी से दुःख सहूँ ।। ५ क्यों पड़ा कुढ़ता तेरे मन आश रख के गावेगा गान उसका है जो तेरा नाथ और सोता जीवन का ।। 331 (३३१) “More love to Thee, O Christ.” 6. 4. 6. 4. 6. 6. 4. 4. S. S. S. 632. E. PRENTISS. १ तुझी से अधिक प्रेम मैं करूँगा कान धरके सुन जो वर मैं मांगूंगा यह मेरा है अब नेम कि करूँ अधिक प्रेम और अधिक प्रेम और अधिक प्रेम ।। २ पहिले मैं जगत का ढूँढ़ता आराम अब तुझ से मांगता हूँ आत्मिक विश्राम यह मेरा है नित्य नेम कि करूँ अधिक प्रेम और अधिक प्रेम और अधिक प्रेम ।। ३ जब जगत छोडूंगा तेरा सन्मान नित्य करता रहूँगा मैं आदरमान यह मेरा होगा नेम कि करूँ अधिक प्रेम और अधिक प्रेम और अधिक प्रेम ।। 332 (३३२) C. M. St. Agnes or Martyrdom. १ मसीह तू मेरा प्यारा है और मेरा मन-प्रकाश तू मेरा मुक्तिदाता है और मेरे मन की आश ।। २ दुष्ट आत्मा के मैं बंध में था और पाप से था भरपुर वह दशा तू न देख सका हे मेरे मन हो चूर ।। ३ मैं पापीकी चोट से घायल था अधम मैं था अज्ञान सहायक मेरा वही था हे मन तू धन्य मान ।। ४ जब सभों ने छोड़ दिया था और दूर हो गये थे यीशु ने गोद में लिया था मन उसको मान तू ले ।। ५ हे यीशु ख्रीष्ट मैं तेरा हूँ मैं निश्चय तेरा हूँ मैं तेरी स्तुति करूँगा तुझ पास मैं नित्य रहूँ ।। 333 (३३३) “What a Friend we have in Jesus.” 8. 7. 8. 7. D. What a Friend. JOSEPH SERIVNER, 1820-86. Chord - E | S- Ballad | T-078 १ यीशु क्या ही प्यारा मित्र पाप और दुःख उठाने को उसकी शरण हम ले सकते हम पर दुःख का भार जब हो कितना सुख हम भोगने पाते कितने दुःख से बचते भी जो हम सब ही को ले जाके प्रभु को बताते ही ।। २ क्या परीक्षा में हम पड़ें व्याकुलता भी हो हमें आशा प्रभु ही पर धर के उससे जाके सब कहें सच्चा मित्र ऐसा कौन है जो संभाले दुःखों में सारी निर्बलता वह जानता उससे जाके सब कहें ।। ३ क्या हम दबते भारी बोझ से बल भी जाता सब रहा प्यारा प्रभु है सहारा उस से जाके सब कहें क्या अनाथ और मित्रहीन हैं उस से जाके सब कहें अपनी गोद में वह उठाके शान्ति देवेगा हमें ।। 334 (३३४) “Take the name of Jesus with you.” 8. 7. Precious Name. MRS. L. BAXTER 1809-74. Chord - G# | S- 6/8 | T-086 १ यीशु नाम की दे दुहाई तू जो दुःख से है लाचार उस से शान्ति और सहाई तुझे मिलती है हर बार ।। कोरसः- मधुर नाम प्रिय नाम जिससे हुआ त्राण का काम ।। २ यीशु नाम को नित्य भजो वही ढाल हैं और चट्टान देता वही बल निर्बल को उस को तू सहायक जान ।। ३ क्या ही प्रिय यीशु नाम है जिस से बढ़ती मन की प्रीत उस को भजना हर्ष का काम है वह है पापी जन का मीत ।। ४ यीशु नाम की कर बड़ाई वह ही है राजाधिराज तीनों लोक के नाथ को भाई अब सराहों बीच समाज ।। 335 (३३५) 8. 7. 8. 7. Stuttgart or Mariners. १ लाखों में एक मेरा प्रिय एक ही मेरा प्रिय है उस ने मेरे मन को लिया प्रेम के बल से लिया है ।। २ पाप की दलदल में मैं धंसा धर्मविहीन और मन मलीन दुष्ट के जाल में था मैं फंसा आसराहीन और दुष्टाधीन ।। ३ मेरा प्रीतम यीशु आया खोजने और बचाने को मुझे पाया और बचाया उस की स्तुति सदा हो ।। ४ प्रिय प्रभु मन जो लिया बस तो सब कुछ तेरा है तन और धन सब तुझे दिया फिर तू प्रीतम मेरा है ।। 336 (३३६) “The best of friends.” 9. 8. 9. 8. 8. 8. Der beste Freund. BENJAMIN SCHMOLK. 1672-1773. १ वह सब से उत्तम और प्यारा दोस्त मेरा ऊपर स्वर्ग में है संसार में धोखा बहुतेरा पर सच्ची दोस्ती थोड़ी है यह बात मैं जानता हूँ निश्चय वह उत्तम मित्र यीशु है ।। २ मनुष्य तो है हिंडोला नाईं पर ख्रीष्ट चट्टान के ऐसा है सच्चाई उसमें और खराई सदा दिखाई देती है यह बात मैं जानता हूँ निश्चय वह उत्तम मित्र यीशु है ।। ३ उसने निज प्राण मेरे लिये सलीब पर प्रेम से दिया है और मेरे पाप भी क्षमा किये नित्य मेरे साथ ठहरता है यह बात मैं जानता हूँ निश्चय वह उत्तम मित्र यीशु है ।। 337 (३३७) 6. 6. 8. D. 6. 6. 6. Wunderbarer Koening. JOACHIM NEANDER. 1650-80. १ हे आश्चर्यवन्त राजा, ग्रहण कर त्राणदाता सब का भजन गीत गुणगाथा जौभों तुझ से फिरें, हम पर तू बरसाता पिता का सा प्रेम ओ दया दे सहाय शक्ति मय, कि हम स्तुति गावें तेरा यश सुनावें ।। २ गान कर हे मेरे प्राण तू, भजन गा पुनीता मोहित मेरे मन विनीता सब जो लेते श्वासा, दण्डवत करो ईशा ओ नवाओ अपना शीशा अब यहाँ और सदा, स्वर्ग का सेनापति स्तुति योग्य अति ।। ३ हल्लेलूयाह गावे, प्रभु को जो जानता यीशु ख्रीष्ट को पहिचानता स्तुतिधन्य सुनावे, ख्रीष्ट का नाम जो लेता उस को अपना मन सौंप देता कर प्रतीत तू नित्य नित्य उसको स्वर्ग के धाम में देगा स्तुति हर जाम में ।। 338 (३३८) Bhajan Tunes No. 36. or 68. SUDIN. जिन यीशु के नाम आधार गहे, तिन हानि कहां शैतान कियो ।। १ निज प्रेरित पावल को जग में, सिगरो सत साधक वीर कियो ।। २ प्रभु से जितने सत प्रेम किये, दुःख पाप को टारि पवित्र कियो । ३ इलियाजर भक्त सुआश्रित को, दिन चारि मुए पर जीव दियो ।। ४ प्रतीत करी दृढ़ जो प्रभु की, तिन मृत्युद बंधन तोड़ दियो, ।। ५ कर जोरि करों प्रभु तोर विनय, तुम आय बसो अब मोर हियो ।। ६ निज दास अधीनक बांह गहो, तुम पापिन कारण प्राण दियो ।। 339 (३३९) PARBASU. भज मन यीशु नाम सुखदाई । १ घरि घरि पल पल अवध बीतत सब, फिर पीछे पछताई ।। २ भाई बन्धु सब कुटुम्ब कबीला, देखत जिया ललचाई ।। ३ अन्त समय कोई काम न आवे, पशु कहे समझाई ।। 340 (३४०) Bhajan Tunes No. 57. SHUJAAT ALL मन भजो मसीह को चित्त से, वह तुम्हें बचावे नरक से ।। १ जो मन भूलो मन से वाको, तो कैसे बचाओगे नरक से ।। २ दुःख सुख दोनों वाके वश में, वह तुम्हें बचावे बिपत से ।। ३ जब तुम पाप में डूब रहे थे, वह आया बचाने स्वरग से ।। ४ चार दिनन का मरा था लाजर, वाको जिलाया कबर से ।। ५ भूलो मत तू वाको आसी, वह तुझे चुना है जगत से ।। 341 (३४१) Bhajan Tunes No. 66. SHUJAAT ALI. यीशु मसीह मेरो प्राण बचैया । १ जो पापी यीशु कने आवे, यीशु है वाकी मुक्ति करैया ।। २ यीशु मसीह की मैं बलिबलि जैहूँ, यीशु है मेरो त्राण करैया ।। ३ गहरी वह नदिया नाव पुरानी, यीशु है मेरो पार करैया ।। ४ दीनानाथ अनाथ के बन्धु, तुमही हो प्रभु पाप हरैया ।। ५ आसी को अपनी शरण में रखियो, अन्त समय मेरी लीजै खबरिया । 342 (३४२) यीशु तू ने किया पिया V, जब विश्वास मैं तुझ पर लाया ।। १ जब से तन मन चित्त लगाया, दर्शन घट भीतर तब पाया । आनन्द होकर शीश नवाया, देखी तेरी अद्भुत माया ।। २ मैं ने देखा यीशु प्यारा, दुःरुख संकट सहा अपारा ।। क्या ही अद्भुत प्रेम निहारा, मैंने मन बिच आनंद पाया ।। ३ तेरे बलि पर बलिहारी, तू ने काम किया अति भारी । देखी पढ़ कर बैबल सारी, तेरे भक्तों ने यश गाया ।। ४ मैं गुण मानूँ प्रभु प्रभु तेरा, तू ने पाप मिटाया मेरा । आया धर्म आत्मा तेरा, मैं ने उजियाला तब ही पाया ।। ५ जो शरण मसीह की आवे, वह मन इच्छा फल पावे। जग में जरा नहीं शरमावे तेरे दास ने शीश नवाया ।। 343 (३४३) Bhajan Tunes No. 2. PANCHAM MASIH. Chord - D# | S- Dholak | T-084 हमारा मन लागा यीशु जी के चरण । १ कोई पहिरे कंठी माला, कोई तिलक लगावे जी । कोई गले में सेली पहिरे, कोई गले में तागा ।। २ कोई अंग भभूत लगावें, कोई ओढ़े मृगछाला जी । कोई काला कम्बल ओढ़े, कोई फिरत हैं नागा ।। ३ कोई पूजे देवी देवा, कोई गंग नहावे जी । कोई पीपर पानी छोड़े, कोई जिमावे कागा ।। ४ कोई बन बन तीर्थ भरमे, कोई बांह सुखावे जी । कोई पंच अंगिन को तापे, देख भरम मैं भागा ।। ५ प्रभुदास गिन बलकर जोर, सुनो बाल नर नारी जी । यीशु मसीह जब दया कीन्ही, तब मैं नींद से जागा ।। 344 (३४४) Bhajan Tunes No. 107. १ यीशु दे दीजे दीदार, मेरे प्यार करने वाले । यहाँ पर हैं मुन्तजिर, तेरी राह तकने वाले ।। २ दिखाया अपना प्यार, कर जान को निसार । खून अपने से मुझ को, वह मोल लेने वाले ।। ३ उम्मीद हमारी भारी, शबो रोज इन्तजारी । तू वायदा हम से प्यारे, वह पूरा करने वाले ।। ४ मैं जाता हूँ आसमान, करने तैयार मकान । भेजूंगा रूह-इ-हक्क को, तसल्ली के देने वाले ।। ५ पस-इ-मर्ग थे गुनाह में, ला दम थे खता में । फजल ओ करम से अपने, फिर से जिलाने वाले ।। 345 (३४५) H. T. B. 123. SHUJAAT ALI. करूँ हम्द ऐ रब्ब मैं तेरी सदा । रख अपने ही दर का मुझे तू गदा ।। १ बजुज तेरे हरगिज नहीं और हैं । तू ही तो है बे शक्क सभों का खुदा ।। २ तेरे फजल का हूँ मैं उमेदवार । हूँ दिल जान से मैं तो तुझ पर फिदा ।। ३ तू अपने करम से बचा ले मुझे । तू अपने फजल की मुझे दे रिदा ।। ४ फकत मुझको उम्मीद है तुझ सेती । गुनाहों का है बोझ मुझ पर लदा ।। ५ हैं अफजल मुहब्बत तेरी ऐ मसीह । था बख्शिश को हम सब की तू ही फिदा ।। ६ यही इल्तिजा तुझ से है ऐ मसीह । इस आसी को हरगिज न कीजियो जुदा ।। 346 (३४६) क्या करूँ तारीफ तेरी मुझ में दानाई नहीं । देखिये बेताब में कुछ ताब इ गोयाई नहीं ।। तू खुदा है और इन्सान यह मेरा ईमान है । इस अजब हिकमत की इन्सान में शिनासाई नहीं ।। किस तरह तेरे कदम पर मैं कदम को रख सकूँ । जानते हैं आप बन्दे में तवानाई नहीं ।। ऐ मेरे मस्लूब मैं तेरी उठाता हूँ सलीब । बस यही इज्जत है मेरी इस में रुसवाई नहीं ।। गर करूँ जी जान से तुझको न मैं यीशु पिया V। नाम रखता हूँ वले मैं दिल से ईसाई नहीं ।। जान दीदी तू ने जबीह-उल्लाह सब के वास्ते । ऐसी खूबी और में हमने कभी पाई नहीं ।।

  • Harvest 488-491 | Masihi Geet Sangrah

    कटनी (Harvest) 488 (४८८) “Let us with a gladsome mind” 7. 7. 7. 7. Monkland or pleyel. JOHN MILTON. 1608-74. १ धन्य कहो परमेश्वर को सदा उस की स्तुति हो कि सनातन और अक्षय उसकी दया रहती है ।। २ धन्य कि हमें उस ने दी प्रतिदिन ज्योति सूर्य्य की कि (इत्यादि) ।। ३ धन्य कि देता चन्द्रमा रात पर करने प्रभुता कि (इत्यादि) ।। ४ धन्य कि मेंह बरसाता है जिस से अन्न बढ़ जाता है कि (इत्यादि) ।। ५ उस के कहे से हर खेत फलवंत है हमारे हेतु कि (इत्यादि) ।। ६ धन्य कि पूंजी अन्न की भी खलिहान में उस ने दी कि (इत्यादि) ।। ७ धन्य कि भोजन स्वर्ग का ही हमें देता है वही कि (इत्यादि) ।। ८ धन्य हैं ईश्वर का प्रसाद करो उस का धन्यवाद कि (इत्यादि) ।। 489 (४८९) 7. 7. 7. 7. Innocents or St. Bees. १ वर्षा हुई भाइयो ईश्वर को सराहियो वर्षा भी है उस का दान उसकी सामर्थ है महान ।। २ बुझी भूमि की है प्यास मगन हुए पेड़ और घास पशु पक्षी कीट पतंग सुखी हैं हमारे संग ।। ३ हे परमेश्वर दयावन्त तेरी कृपा है अनन्त तेरी दया है अपार नाम और गुण अपरम्पार ।। ४ प्रभु देख हम पापी जन भूखे हैं हमारे मन उन में कृपा तू बरसा और सब धर्म के फल उगा ।। 490 (४९०) “We plough the fields and scatter. ” P. M. Wir Pflugen. MATHIAS CLAUDIUS, 1740-1815. १ हम जोतते हैं और बोते बीज धरती पर बार बार और आशिष के हम होते ईश्वर से मांगनेहार वह ओस और मेंह बरसाता कि खेत की नमी हो वह हवा को चलाता और भेजता गरमी को ।। कोरस :- सारी अच्छी आशिष ऊपर से आती है सो धन्य हो हाँ धन्य हो पिता जां दयामय ।। २ चांद सूरज और सब तारे और जो कुछ जग में हो जो चहुँ ओर हमारे सम्भालता वह सब को अनाज और सब आधार को वही उगाता है मनुष्य और सब जानदार को वही खिलाता है ।। ३ ईश्वर पिता तेरा हम करते धन्यवाद कि तेरी अत्यन्त कृपा असीम है और अगाध दीन होके अब हम आते पास तेरे साथ सत्कार और भेंट को जो हम लाते सो तुझे हो स्वीकार ।। 491 (४९१) “O Lord of heaven and earth and sea. ” 8. 8. 8. 4. Alms giving. CHRISTOPHER WORDSWORTH, 1805-85. १ हे स्वामी स्वर्ग और जगत के हम तेरी स्तुति करेंगे हम क्या दे सकते हैं तुझे जो देता सब ।। २ पवन और घाम मनभावने और फल और फूल और सारे पेड़ है कटनी तेरी कृपा से जो देता सब ।। ३ प्रेम कुशल तू ने दिया है और जो कुछ जगत भर का है हम क्यों न करें तेरी जय जो देता सब ।। ४ और तू ने भेज के पुत्र को इस जग के लिये दिया है और उस के साथ भी सभों को तू देता सब ।। ५ तू आत्मा हमें देता है जो जीवनदान और अक्षय और उसके वर उंडेलता है हम सभों पर ।। ६ पापमोचन तुझ से मिला है और स्वर्ग का भी अमित निश्चय अब तुझे हम क्या दे सकें जो देता सब ।। ७ जो कुछ भी हम तुझे देते हैं सो क्षय न कभी होता है तू उसे ले वह तेरा है जो देता सब ।।

  • Psalms 558-571 | Masihi Geet Sangrah

    स्तोत्र (Psalms) 558 (५५८) Psalm 1. १ वह पुरुष है क्या ही धन्य सही, जो दुष्टों की युक्ति पर चलता नहीं ।। २ न पापी के मार्ग पर वह रहता खड़ा, न बीच ठट्ठा करने वालों के बैठा ।। ३ यहोवा की व्यवस्था से रहता मगन, और उसको रात दिन होती उसकी लगन ।। ४ उस वृक्ष के समान वह रहेगा सदा, जो बहती नदी पर लगाया गया ।। ५ वह देता है फल अपने वेले से ही, न पत्ती मुरझाती है उसकी कभी ।। ६ वह अपने सब कम्मों में होता भला, और रहता फलदायी फलदायी सदा ।। ७ पर वैसा न होता है दुष्टों का कुल, वह पवन से उड़ती भूसी के है तुल ।। ८ इस हेतु न न्याय में दुष्ट स्थिर रहेगा, न धर्म्मियों की मंडली में ठहर सकेगा ।। ९ इ यहोवा सुधि भलों के मार्गों की लेगा, पर दुष्टों का मार्ग सत्यानाश होवेगा ।। 559 (५५९) Psalm 15. कोरसः - तेरे घर में हे प्रभु कौन सुरक्षित रहेगा ।। कौन पवित्र परबत पर चढ़ के सदा रहेगा ।। १ सीधी चाल का चलनेहार धर्म से काम जो करता, अपने मन से सच बोलता चुगली नहीं करता ।। २ और जो किसी दूसरे से बुराई नहीं करता, न अपने पड़ोसी की वह निन्दा कभी सुनता ।। ३ जिसके आगे बुरा पुरुष है निकम्मा ठहरा, पर यहोवा के डरवैयों का वह आदर करता ।। ४ किरिया खा फिर हानि देख के तौभी न बदलता, किसी को उधार से दे कर कभी ब्याज न लेता ।। ५ निर्दोष के सताने निमित्त घूस न कभी लेता, ऐसा काम जो करता रहे कभी न टलेगा ।। 560 (५६०) Psalm 23.Chord - D | S- Ballad | T-085 १ मेरी न होवेगी घटी प्रभु जो चरवाहा है, हरी हरी घास में लेके मुझे वह बैठाता है ।। २ निर्मल नालियों के ऊपर मुझे वह ले जाता है, और वह जी में जी ले आके मुझे फिर जिलाता है ।। ३ अपने सच्चे नाम के निमित्त मुझे वह छुड़ाता है, और वह धर्म के मार्ग के ऊपर मुझे नित्य चलाता है ।। ४ मृत्यु छाया का जो जंगल जब मैं उसमें जाऊँगा, कैसा घोर हो अंधियारा कुछ भी भय न खाऊँगा ।। ५ क्योंकि जब लों तू हे प्रभु रहा करे मेरे साथ, तेरा सोंटा तेरी लाठी सम्भालेंगे कृपानाथ ।। ६ मेरे बैरियों के आगे मेज तो तू बिछावेगा, तेल भी मेरे सिर के ऊपर प्रभु तू उण्डेलेगा ।। ७ मेरा प्याला भरा होगा कृपा दया जीवन भर, मेरे संग रहेंगे सदा मैं रहूँगा तेरे घर ।। 561 (५६१) Psalm 24. कोरसः - प्रभु यहोवा राजा, है वह प्रतापी राजा है ।। १ ऊँचे करो सिर दरवाजों, ऊँचे हो सब द्वारों, जां प्रतापी राजा आवे, सिर तब ऊँचे करो ।। २ यह प्रतापी राजा कौन है, राजा कौन विभव का, युद्ध में जिसका है पराक्रम, वह राजा विभव का ।। ३ ऊँचे करो सिर दरवाजों, ऊँचे हो सब द्वारों, जां प्रतापी राजा आवे, सिर तब ऊँचे करो ।। ४ यह प्रतापी राजा कौन है, राजा कौन विभव का, सेनाओं का जो यहोवा, राजा वह विभव का ।। 562 (५६२) Psalm 27. कोरसः - है डर मुझे किस का जो ईश्वर हो साथ, वह ज्योति है मेरी उद्धार उसके साथ ।। १ यहोवा है गढ़ मेरे जीवन का दृढ़, मैं किस का भय खाऊँ क्यों होऊँ अस्थिर ।। २ जब ही मेरे वह शत्रु बदकार, मेरे ऊपर चढ़ आवेंगे मार के ललकार ।। ३ कि खा जावें वे मेरा कच्चा ही मांस, सो ठेस खा गिरेंगे न उठने की आस ।। ४ और मुझ पर जो कभी चढ़ आवे सेना, तौभी मेरे दिल को न भय होवेगा ।। ५ जो मेरे विरोध में भी उठे लड़ाई, उस बीच में यहोवा रहेगा सहाई ।। 563 (५६३) Psalm 46. कोरसः - परमेश्वर शरणस्थान और बल हमारा है, सहायक वह संकट में जो सहज से मिलता है ।। १ इसलिये कुछ डर नहीं है चाहे पृथ्वी उलट जाये, और सब पर्वत चाहे डोलकर बीच समुद्र गिर भी जायें ।। २ चाहे गरजे भी समुद्र उसके जल सब फेनाएं, और उसके बढ़ जाने ही से सब पहाड़ भी कांप उठें ।। ३ नदी एक है जिस की धारें ईश्वर हो के नगर में, जिसका प्रभु है यहोवा सत आनंद को देती है ।। ४ है परमेश्वर उनके बीच में वह न कभी टलेगा, पौ फटते ही प्रभु उसकी नित्य सहायता करेगा ।। ५ जाति जाति गरज उठे लगें डगमगाने लोग, प्रभु जब बोल उठे पृथ्वी है तब पिघल जाने योग्य ।। ६ सेनाओं का जो यहोवा संग हमारे सदा है, याकूब का अनंत परमेश्वर ऊँचा गढ़ हमारा है ।। 564 (५६४) Psalm 65. कोरसः - सैहून के बीच हे प्रभु चुप रहना स्तुति हैं और तेरे लिये मन्नतें पूरी की जाती हैं ।। १ प्रार्थना का सुननेहारा है तू हे कृपामय और तेरे पास सब प्राणी अवश्य आते हैं ।। २ पाप मुझ पर प्रबल हुए और काम अधर्मं के छुटकारा तू ही देगा सारे अपराधों से ।। ३ तू जिसको चुनता प्रभु वह सचमुच धन्य है तेरे समीप जो रहें आशिष अनंत पाये ।। ४ हम तेरे आंगनों में बास नित्य करेंगे उस के उत्तम द्रव्यों से हम तृप्त हो रहेंगे ।। ५ छुड़ाने वाला प्रभु अपने डरवैयों का भयानक कर्मों द्वारा मुंह मांगा देवोगा ।। ६ सब दूर के रहने हारे पृथ्वी समुद्र के हे ईश्वर तेरे ऊपर भरोसा रखेगा ।। 565 (५६५) Psalm 67. १ अपना अनुग्रह ईश्वर हम सभों पर दिखावे, आशिष देवे प्रकाश मुख का सभों पर चमकावे ।। २ तेरा मार्ग इस धरती ऊपर प्रभु जाना जावे, जातियों में तेरी मुक्ति साफ पहिचानी जावे ।। ३ हे परमेश्वर हर एक देश में हो तेरी प्रशंसा, तेरा धन्य मान के सब लोग करें तेरी महिमा ।। ४ सारी जातियां एक साथ मिलकर आनंद नित करेंगी, और राज्य राज्य की प्रजा तेरा जयजयकार करेंगी ।। ५ क्योंकि न्याय तू सब लोगों का आप ही चुकावेगा, धरती पर के सब राज्यों को मार्ग तू दिखावेगा ।। ६ हे परमेश्वर हर एक देश में हो तेरी प्रशंसा, तेरा धन्य मान के सब लोग करें तेरी महिमा ।। ७ हुई है इस धरती ऊपर उपज बहुतेरी, देगा परमेश्वर आशिषें घनेरी ।। ८ आशिष हमें ईश्वर देगा अन्त लों पृथ्वी के, और सब लोग सारे राज्यों के उसका भय मानेंगे ।। 566 (५६६) Psalm 90. १ तू पीढ़ी से पीढ़ी लों प्रभु धाम बना रहा, हमारे लिये शरणस्थान तू ही है ठहरा ।। २ जब अपनी सामर्थं ही से तू ने सब कुछ बनाया, अनादिकाल से अन्त लो परमेश्वर तू ही ठहरा ।। ३ तू मनुष्य को लौटा करके चूर करता है उसको, और उससे कहता है कि हे मनुष्यो लौट आओ ।। ४ हजार बरस तेरे आगे है परमेश्वर ऐसे, बीते हुए दिन व रात के एक पहर के जैसे ।। ५ तू मनुष्य को बहा देता वह स्वप्न ठहरा है, वह भोर को बढ़ने हारी घास सरीखे होता है ।। ६ भोर को वह फूला करती और बढ़ती ही रहती है, पर सांझ तक कटकर गिरती और मुर्झा ही जाती है ।। ७ इसलिये कि हम तेरे कोप और क्रोध से नाश भये, और तेरी जलजलाहट से हम घबरा ही गये ।। ८ जितने दिन दुःख हम पाते और क्लेश भोगते आये हैं, उतने बरस हम तेरे हाथ से आनंद भी पायें ।। ९ अपनी मनोहरता हे प्रभु हम पर प्रगट कर, और काम हमारे हाथ का दृढ़ हमारे लिये कर ।। 567 (५६७) Psalm 95. १ आओ प्रभु की बड़ाई गावें दिल के बल के साथ, सारे जग का मुक्तिदाता उसको भजें धन्य साथ, प्रभु है चट्टान जिससे पूरी मुक्ति है ।। २ जाके करेंगे बड़ाई उसकी जो हमारा मीत, साथ आनंद के सम्मुख होके गावें हम पवित्र गीत, धन्य हो उसका जिसके पूरी मुक्ति हैं ।। ३ क्योंकि यह महा परमेश्वर पृथ्वी स्वर्ग का राजा है, सारे देवताओं के ऊपर वह अकेला प्रभु है, वही है प्रभु जिससे पूरी मुक्ति है ।। ४ पृथ्वी के गहरे स्थान पर है उसी का अधिकार, उसके हाथ में सब कुछ रहता भूमि समुद्र पहाड़, सब कुछ उसका है जिससे पूरी मुक्ति है ।। ५ आओ झुककर दण्डवत् करें अपने मन के बल से ही, उसके आगे घुटने टेकें कि वह है परमेश्वर ही, कर्त्ता वही है जिससे पूरी मुक्ति है ।। ६ क्योंकि वह सभों का प्रभु हम उसी के सेवक हैं, हम उसकी चराई की प्रजा उसके हाथ की भेड़ें हैं, उसी की सुनें जिससे पूरी मुक्ति है ।। 568 (५६८) Psalm 100. १ अब करो सारे लोगों प्रशंसा प्रभु की, आनंद के साथ तुम करो सेवा परमेश्वर की ।। २ साथ जय जयकार तुम आओ समीप यहोवा के, और उसके सम्मुख गाओ भजन परमेश्वर के ।। ३ यहोवा को तुम जानो कि निश्चय ईश्वर है, बनाया उसने हमें हां कर्त्ता वही है ।। ४ हम सचमुच उसकी प्रजा और भेड़ें हैं, साथ धन्य स्तुति प्रवेश अब करना है ।। ५ प्रशंसा करते हुए और उसका धन्य मान, उसके पवित्र घर में हम करें स्तुतिगान ।। ६ कि है यहोवा भला नित्य करुणा सही, और पीढ़ी पीढ़ी उसकी सच्चाई रहेगी ।। 569 (५६९) Psalm 121. कोरसः - आँखें अपनी पहाड़ों ओर उठाऊँ, सहाय के लिये किसको मैं पुकारूँ ।। १ मेरी सहाय यहोवा ही में है, जिसने धरती आकाश बनाया है, तेरे प्राण को टलने वह न देगा ।। २ तेरा रक्षक न कभी ऊंघावे, तेरे प्रभु को नींद भी न आवे, इस्राएल का रक्षक भी न सोवेगा ।। ३ यहोवा ही है तेरा रखवाला, तेरे ऊपर वह छां करनेवाला, वह तेरी दाहिनी ओर आड़ रहेगा ।। ४ न दिन को सूरज तुझे सतावे, न रात को चांद कुछ दुःख पहुँचावे, सारी विपत्ति से होगी रक्षा ।। ५ वह तेरे प्राण की रक्षा करेगा, वह तेरे आने जाने में रक्षा, अब से ले सदा करता रहेगा ।। 570 (५७०) Psalm 122. १ मैं आनंदित हुआ जब कहने लगे, कि आओ यहोवा के घर चलिये ।। २ हे यरुशलेम नगर यहोवा के, तेरे फाटकों से हम खड़े हुए ।। ३ हे यरुशलेम तू अद्भुत ही बना, तेरे घरों का समूह कैसा घना ।। ४ यहोवा के सब गोत्रों के लोग वहाँ, धन्यवाद करने जाते हैं उसके नाम का ।। ५ वहाँ निमित्त दाऊद के घराने के, हैं न्याय के सिहांसन धरे हुए ।। ६ मांगो वर यरुशलेम की शान्ति के, तेरी प्रेमी कुशल से ही रहेगी ।। 571 (५७१) Psalm 136. कोरसः - धन्यवाद करो यहोवा का प्यारो ।। १ ईश्वरों का वह परमेश्वर धन्यवाद करो उसका, क्योंकि वह तो भला ही है करुणा उसकी है सदा ।। २ प्रभुओं का जो है प्रभु धन्यवाद करो उसका, कर्म आश्चर्य वही करता करुणा उसकी है सदा ।। ३ बुद्धि से आकाश बनाया धन्यवाद करो उसका, जल पर पृथ्वी को फैलाया करुणा उसकी है सदा ।। ४ बड़ी ज्योतियां भी बनाईं धन्यवाद करो उसका, स्वामी दिन का सूरज किया करुणा उसकी है सदा ।। ५ रात पर करने प्रभुता को धन्यवाद करो उसका, रखा तारागण और चांद करुणा उसकी है सदा ।। ६ मिस्र के पहिलौठे मारे बलवन्त हाथ से निकाला, उनके बीच से इस्राएल को करुणा उसकी है सदा ।। ७ लाल समुद्र दो खण्ड करके धन्यवाद करो उसका, इस्राएल बीच से पार कर दिया करुणा उसकी है सदा ।।

  • Consecration and Discipleship 362-382 | Masihi Geet Sangrah

    समर्पण और शिष्यता (Consecration and Discipleship) 362 (३६२) “No not desparingly.” 6. 4. 6. 4. 6. 6. 4. Horbury or Bethany. HORATIUS BONAR, 1808-89. १ आता मैं तेरे पास ईश्वर दयाल तुझ से है मेरी आश पिता कृपाल आप से मैं हूँ बलहीन कर मुझे मन में दीन मुझे सम्भाल ।। २ पाप से मैं भरा हूँ धार्मिक पिता और किस के पास जाऊँ कर तू दया हो करके बलिदान यीशु ने दिया प्राण मुझे बचा ।। ३ मेरे सब पाप मिटा मुझे शुद्ध कर मेरा विश्वास बढ़ा मन प्रेम से भर सुध मेरी सदा ले मरने पर आने दे अपने ही घर ।। 363 (३६३) “Nearer, my God to Thee.” 6. 4. 6. 4. 6. 6. 4. Bethany. SARAH F. ADAMS, 1805-1848. Chord - E | S- Ballad | T-082 १ ईश्वर तेरे समीप मैं पहुँचूँ हो क्रूस वह द्वारा भी जिससे उठूँ यह गीत मैं गाऊँगा तेरे समीप सदा तेरे समीप सदा और भी समीप ।। २ यात्री समान होऊँ डूब जावे भानु अंधेरा छावे भी बिस्तर चट्टानु नींद में मैं पाऊँगा दर्शन भी ईश्वर का तेरे समीप सदा और भी समीप ।। ३ उठकर स्तुति तेरी मैं करूँगा पत्थर से दुःखों पर जय पाऊँगा मुझे ईश्वर से क्या जो अलग करेगा तेरे समीप सदा और भी समीप ।। ४ तू मुझे मार्ग दिखा स्वर्ग जाने का और लेकर मेरा हाथ मुझे चला दूत कर सहायता दे निकट पहुँचा तेरे समीप सदा और भी समीप ।। 364 (३६४) “Jesus keep me near the Cross.” 7. 6. Near the Cross. FANNY CROSBY, 1820-1915. Chord - E | S- Waltz | T-126 १ क्रूस के पास तू मुझे रख यीशु प्यारे त्राता पापी वहाँ सोते से सेंत में मुक्ति पाता ।। कोरसः- क्रूस की मैं क्रूस की मैं नित्य बड़ाई करूँगा जब तक मैं आनंदित हो पार न पहुँचूँगा ।। २ क्रूस के पास जब मैं आया प्रेम और कृपा पाई वहां किरण सूर्य की मेरे दिल में आई ।। ३ तेरी दया क्रूस के पास मुझे पहुँचावे मेरे ऊपर सदा लो क्रूस की छाया आवे ।। ४ क्रूस के पास मैं ठहरूँगा नित्य भरोसा रख के जब तक मैं न देखूँगा हर्ष को तेरे घर के ।। 365 (३६५) “Just as I am.” CHARLOTT ELLIOT, 1789-1871. Chord - C# | S- Waltz | T-120 १ जैसा मैं हूँ बिन योग्यता पर करके आसरा लोहू का और सुनकर तेरा नेवता मसीह मैं आता हूँ ।। २ जैसा मैं हूँ निज पापों का एक दाग न दूर कर सकूँगा पाप तेरे रक्त से मिटेगा मसीह मैं आता हूँ ।। ३ जैसा मैं हूँ मन शंकामय और बाहर भीतर हर समय है दुबिधा झगड़ा जलन भय मसीह मैं आता हूँ ।। ४ जैसा मैं हूँ अभागी जन कैसे यह चंगा होवे मन और कैसे पाऊँ दृष्टि धन मसीह मैं आता हूँ ।। ५ जैसा मैं हूँ तू देवेगा छुटकारा क्षमा शुद्धता और मुझे ग्रहण करेगा मसीह मैं आता हूँ ।। ६ जैसा मैं हूँ रुकावटें हटा के मुझे शरण दे अब तेरा होने के लिये मसीह मैं आता हूँ ।। 366 (३६६) “Take my life and let it be.” 7. s. Mozart or Weder. FARNCES. R. HAVERCAL. 1836-79. Chord - F | S- Waltz | T-122 १ प्रभु मेरा जीवन ले तेरा होवे अभी से ले समय कि वह भी हो तेरी स्तुति करने को ।। २ ग्रहण कर इन हाथों को इन से तेरी सेवा हो मेरे पांव भी योग्य कर कि काम करें जीवन भर ।। ३ वाणी ले कि तेरी ही गाऊँ स्तुति प्रभु जी ले होंठों को भर संदेश कि सुनाऊँ देश विदेश ।। ४ मेरा सोना चांदी ले कुछ न रखता हूँ तुझ से बुद्धि ज्ञान जो हों मेरे अब तू अपने काम में ले ।। ५ इच्छा ले और वश में कर तेरी होवे जीवन भर ले तू मेरा मन मलीन कि वह रहे नित्य लौलीन ।। ६ मेरे सारे हृदय के प्रेम हे प्रभु तू ही ले मुझे ले मैं रहूँगा तेरा सदा सर्वदा ।। 367 (३६७) “I am Thine O Lord.” 10. 7. 10. 7. S. S. S. 607. FANNY CROSBY, 1820-1915. Chord - E | S- 6/8 | T-086 १ प्रभु तेरा हूँ तेरे वचन से तेरा प्रेम पहिचानता हूँ मेरी लालसा है कि विश्वास से मैं जाके तेरे पास रहूँ ।। कोरसः- रख तू मुझको मुझको मुझको ऐ मसीह जां है सोता क्रूस से खास रख तू मुझको मुझको मुझको ऐ मसीह अपने घायल पांजर पास ।। २ आत्मिक शान्ति से काम के योग्य कर मुझको सेवा में लगा मेरा मन कर स्थिर मेरी इच्छा को अपनी इच्छा से मिला ।। ३ अपनी प्रार्थना में जैसे मित्र से तैसे तुझ से बात करूँ जो एक घड़ी भी तेरे संग रहूँ तो महा आनंदित हूँ ।। ४ सब से गहरा प्रेम मैं न जानूँगा जब तक स्वर्ग न जाऊँगा सब से श्रेष्ठ आनंद तब मिलेगा जब तुझको आँख से देखूँगा ।। 368 (३६८) “Have mercy on us, O Lord.” १ प्रभु यीशु दयावन्त मेरे त्राण का तू आद्यन्त पापी को तू तारता है उसके पाप को हरता है हे तू जग के दीनदयाल प्रभु मुझ पर हो कृपाल ।। २ तेरा नाम मैं लेता हूँ तन मन तुझे देता हूँ मेरा त्राण हे कृपानाथ मिलता केवल तेरे हाथ हे तू जग के दीनदयाल प्रभु मुझ पर हो कृपाल ।। ३ मेरे सारे पाप का भार कृपा करके तू उतार कर तू मुझे अपना दास रख तू मुझे अपने पास हे तू जग के दीनदयाल प्रभु मुझ पर हो कृपाल ।। ४ अपनी बड़ी दया से अपना आत्मा मुझे दे वह बतावे धर्म की नीति वह बढ़ावे प्रीत प्रतीत हे तू जग के दीनदयाल प्रभु मुझ पर हो कृपाल ।। 369 (३६९) “I will praise Thee.” L. M. ROUSE. Chord - F# | S- E.Movies/"---" | T-"---" १ प्यारे प्रभु मैं हूँ तेरा केवल तेरा सदा लों धोया हुआ तेरे रक्त से धन्य हो धन्य हो मेम्ने को ।। कोरसः- धन्य हो धन्य हो हाल्लेलूयाह धन्य हो धन्य हो मेम्ने को धुला हूँ मैं तेरे रक्त से धन्य हो धन्य हो मेम्ने को ।। २ देर से बड़ा यत्न करके शान्ति को मैं खोजता था पर जब मैं ने छोड़ के की प्रतीत तब चैन मिला ।। ३ अब मैं करता हूँ भरोसा रक्त के गुण मैं जानता हूँ और यीशु के पास मैं रहके उसे अपना मानता हूँ ।। ४ मैं ठहराया हुआ सेवक सदा तेरा रहूँगा तेरे पूरे त्राण की साक्षी सभों को मैं देऊँगा ।। ५ उसका योद्धा मैं रहूँगा जिसने किया मेरा त्राण जिसने पाप का मैल निकाल के निर्मल किया मेरा प्राण ।। ६ धन्य कि मैं प्रभु का दास हूँ धन्य कि उस में है कृपा धन्य कि मुझे वह बचाता धन्य हो सदा सर्वदा ।। 370 (३७०) “It is the blessed hour of prayer.” P. M. -- S. S. S. 303. FANNY CROSBY, 1820-1915. Chord - F | S- 6/8 | T-086 १ यह है प्रार्थना का समय जब हम छोड़के संसार अपने मित्र त्राणकर्ता के पास जाते हैं तो हम प्रेम विश्वास के साथ उसकी संगत करें जी में जी उससे आता बहुमूल्य समय ।। कोरसः- समय प्रार्थना का शान्तिदायक है जी में जी उससे आता बहुमूल्य समय ।। २ यह है प्रार्थना का समय जब वह दया के साथ अपने प्यारों की बिन्ती पर ध्यान देता है वही चिंता रंज और बोझ मुझसे दूर करता है जी में जी उससे आता बहुमूल्य समय ।। ३ यह है प्रार्थना का समय पाप के मारे जो हैं अपने दोष को मान के क्षमा दान मांगते हैं जब वह उनको ग्रहण कर उन्हें शुद्ध करता है जी में जी उससे आता बहुमूल्य समय ।। ४ यह है प्रार्थना का समय जो विश्वास हम करें कि जो मांगें सो निश्चय मिलता है हमें तो हम सोच विचार को छोड़ पूर्ण आनंद करेंगे जी में जी उससे आता बहुमूल्य समय ।। 371 (३७१) “Saviour, blessed Saviour.” 11. S. Princethorpe or Goshen. GODFREY THRING, 1823-1903. १ यीशु धन्य यीशु सुन हमारा गान मन और शब्द से करते तेरा आदरमान जो कुछ है हमारा जो कुछ होवेगा देह और प्राण और आत्मा सौंपते सर्वथा ।। २ निकट अधिक निकट तुझ पास आते हैं तेरा आदर करके घुटने टेकते हैं जगत में तू आया करने को उद्धार ऊपर फिर चढ़ गया हमें ले उस पार ।। ३ बड़े अधिक बड़े या हैं तेरे दान सच्चा और सनातन विभव है उस स्थान वहाँ शोक और चिंता क्लेश और दुःख हैं नष्ट वां सिंहासन आगे सब हैं बिना कष्ट ।। ४ बढ़ो आगे बढ़ो चलो सुख निवास जिस मार्ग संत लोग आगे बढ़े ईश्वर पास पीछे सब कुछ छोड़ के बढ़ो इसी रीत मुंह न पीछे फेरो दौड़ के पकड़ो जीत ।। ५ ऊपर प्रभु ऊपर आत्मा को पहुँचा लाज और दुःख भुलाके स्वर्ग में ले उठा हैं अपार आनंद में वहां दूत और संत जय यीशु की गाते मगन हो अनंत ।। 372 (३७२) “I need Thee every hour.” 6. 4. 6. 7. 7. 7. 4. S. S. S. 577. ANNNIE HAWKES, 1835-1918. Chord - F# | S- E.Movies/"---" | T-"---" १ रह मेरे पास सदा प्रभु दयाल तू अपने वचन से मुझे सम्हाल ।। कोरसः- हे यीशु प्यारे रक्षक है तू अति आवश्यक अब तेरे पास मैं आता तू आशिष दे ।। २ रह मेरे पास सदा तू शक्ति दे परीक्षा के समय कर स्थिर मुझे ।। ३ आनंद वा पीड़ा हो रह मेरे पास जीवन सिद्ध करने को मुझ में कर वास ।। ४ तू अपनी इच्छा को मुझ में करा और वचन का प्रताप मुझ से दिखला ।। ५ महा पवित्र तू रह मेरे पास ईश्वर का बेटा तू मैं तेरा दास ।। 373 (३७३) “My faith looks up to Thee.” 6. 6. 4. 6. 6. 6. S. S. S. 235. RAY PALMER, 1808-78. १ हे मेम्ने कलवरी के मैं तुझ पर हृदय से रखता विश्वास अब मेरी प्रार्थना सुन दूर कर सब पाप अवगुण आज से मैं नित्य रहूँ तेरा ही दास ।। २ अपने अनुग्रह से सामर्थ दिला मुझे उत्साह भी दे देख तेरी मृत्यु को प्रेम मेरा तुझ पर हो शुद्ध कोमल अटल हो और अग्नि सा ।। ३ जब जीवन यात्रा में घबराहट हो मुझे तू मार्ग दिखा अंधकार में ज्योति हो पोंछ डाल हर आंसू को और मेरा साथी हो तू सर्वदा ।। ४ जब जीवन पूरा हो मृत्यु की नदी को जब देखूँगा त्राणकर्ता प्रेम दिखा डर और सन्देह मिटा और मुझे मुक्त बना उस पार ले जा ।। 374 (३७४) Bhajan Tunes No. 78. SHUJAAT ALI. अरे हां रे मन यीशु को भजना । १ यीशु सिवा कोई पार न करिहै, वा पर चित्त धरना ।। २ माया मोह बीच फल नाहीं, यीशु को भजना ।। ३ जब लग प्राण रहता है घट मों, तभी तलक अपना ।। ४ ज्ञान ध्यान से देखो मनमों, दुनिया है सपना ।। ५ कहता है आसी सुन भाई साधु, आखिर है मरना ।। 375 (३७५) आओ प्रभु घट आज हमारे - (दो बार) १ या घट में नित्य बास करो तुम, हो मन्दिर यह योग्य तुम्हारे । २ पाप घिनित सब दमन करन को, हे प्रभु हमहु देहु सहारे । ३ हम सब जग में हिय उरझाने, धर्म स्वारथ काज बिसारे। ४ ताहु पतित हम आस करत है, तरिबो हम तव रक्त के द्वारे । 376 (३७६) तेरे साथ मैं चलूँ प्रभु, जब तू थामता मेरा हाथ ।। १ मेरा मुक्तिदाता कहता, क्रूस उठा के पीछे आ ।। २ जब गेतशेमनी को जाऊँ, क्या तू चलता मेरे साथ ।। ३ कांटों का है मेरा मुकुट, क्या तू उसको लेता है ।। ४ क्या तू देगा अपना जीवन, मैं ने दिया अपना प्राण ।। ५ दुःख के मार्ग का अन्त है आनंद, सदा आनंद मेरे साथ ।। 377 (३७७) परमेश्वर के घर बास करे, नर कौन जु स्वर्ग प्रवेश लहै ।। १ नर केवल जो मन सीधे चले, अरु धर्म करे दिनबास लहै ।। २ नर बोलत सत्य न गाली दिये, नहीं निंदत सो प्रभु पास रहे ।। ३ अपवाद पड़ोसिन का न करें, नहि हानि करे सुख नित्य गहै ।। ४ सत संगति जो चाहें दुष्ट रिपु, नर सो दिनबास सदा करिहै ।। ५ निज हानि शपथ जु खाय नहीं, पलटे नर सो अति मोद लहै ।। ६ नहि जो नर ब्याज का लोभ करे, न निर्दोषन से जु अकोर चहै ।। ७ परमेश्वर प्रीति जु धर्म करे, वह स्वर्ग माहि सुख बास लहै ।। 378 (३७८) Bhajan Tunes No. 32. HINGAN प्रभु यीशु दर्शन दीजे जी । मोहे शरण अपनी लीजे जी ।। १ तुम तो जग के तारणहारे, हम तो पापी दीन बेचारे । कृपा अपनी कीजे जी ।। २ तुम तो हो स्वर्गन के राजा, आय जगत में दीनन काजा । मोहे अपनो कीजे जी ।। ३ यह शैतान बड़ो दुःखदाई, याने जगतहि सकल भुलाई । याको बन्धन कीजे जी ।। ४ हम तो इन विषय में भूले, घर की चिन्ता में रहे फूले । धर्मात्मा दीजे जी ।। 379 (३७९) Bhajan Tunes No. 31. प्रेमानिधान सुकृपा कीजे । दर्शन हे प्रभु हम को दीजे ।। १ हम अति पापी तन ओ मन से । हे प्रभु पाप क्षमा अब कीजे । २ सेवक हम हर भांति निकम्मे । बल बुध देकर सेवा लीजे ।। ३ या भवसागर में नित शंका । प्रतिदिन सेवक रक्षा कीजे ।। 380 (३८०) Bhajan Tunes No. 56. JOHN CHRISTIAN. मन मन्दिर आये प्रभु यीशु, कीजे अपनो बासा जी ।। १ यही अपावन मन्दिर माझे, शत्रु डारयो पासा जी ।। २ प्रभु तुम ताको काटि दुरावो, दिखाय दण्डक त्रासा जी ।। ३ चौदिश घेरे विषय विरोधी, मन बच काया ग्रासा जी ।। ४ काह करा कछु सूझत नाहीं, तेरो नामक आशा जी ।। ५ जोग न जाँ पैहों प्रभु तेरो, करहु दया प्रकाशा जी ।। ६ विपत्ति सहो तुम दुखिन, कारण, मेरो यही दिलासा जी ।। ७ और करो मति मोर परीक्षण, छनिक भरे यह श्वासा जी ।। ८ केते पतिन तुम तारयो प्रभु, जानुहु तेरो दासा जी ।। 381 (३८१) Bhajan Tunes No. 80. SHUJAAT ALI. मैं तो यीशु को मन में मना रखिहूँ । कोई मानो न मानो तो मैं क्या करिहूँ ।। १ यीशु मसीह है तारणहार । कोई जानो न जानो मैं जना रखिहूँ ।। २ यीशु मसीह प्रभु तुम्हारे दरश को । मैं तो मन चित्त उधरी लगा रखिहूँ ।। ३ आसी की बिनती सुनो प्यारे बन्धु । तुम चेतो न चेतो मैं चिता रखिहूँ ।। 382 (३८२) Bhajan Tunes No. 109. SHUJAAT ALI. १ करता हूँ तुझ से इल्तिजा, यीशु मसीह फरयाद सुन । कुरबान तेरे नाम का, यीशु मसीह फरयाद सुन ।। २ तेरे सिवा और कौन है, बख्शेगा जो मेरे गुनाह । मुआफ कर मेरी खता, यीशु मसीह फरयाद सुन ।। ३ हम सभों के वास्ते, खुद आप अपनी जान दी । मुझ को भरोसा है तेरा, यीशु मसीह फरयाद सुन ।। ४ चार दिन का मुर्द लाजर, बात से तेरी उठा । दे हयात अब्दी मुझे, यीशु मसीह फरयाद सुन ।। ५ दर्द मेरे दूर कर हरगिज न हो मुझ से खफा । मुश्किल मेरी आसान कर, यीशु मसीह फरयाद सुन ।। ६ जो दस हुक्म हक ने दिये, मैं ने नहीं उनको किया । लायक जहन्नम के हुआ, यीशु मसीह फरयाद सुन ।। ७ जब याद करता हूँ तुझे दिल जान से गर एक बार । आकर भुलाता है लईं, यीशु मसीह फरयाद सुन ।। ८ मैं बहुत कमजोर हूँ, ईमान कमजोर मुझको अता । दे मुझे रूह उल कुदुस, यीशु मसीह फरयाद सुन ।। ९ थरथराता हूँ गुनाहों बीच में अपने सदा । तू कर फजल आसी ऊपर, यीशु मसीह फरयाद सुन ।।

  • Ascension 154–157 | Masihi Geet Sangrah

    ### स्वर्गारोहण (Ascension) #### 154 (१५४) *“All hail the power of Jesus' name."* *С. М. -- Coronation or Miles Lane.* *EDWARD PERRONET, 1726-92.* १ यीशु के नाम की होवे जय दूत गाओ हर समय । दे उसको मुकुट तेजोमय हो प्रभु ख्रीष्ट की जय ।। २ हे तारों उसका मान करो कर्त्ता जो ज्योतिमय । सृजक और रक्षक तुम मानो हो प्रभु ख्रीष्ट की जय ।। ३ हे साक्षी जिन्होनें जग में लड़ा संग्राम निर्भय । सराहो तारक को बल से हो प्रभु ख्रीष्ट की जय ।। ४ हे इस्त्रायल के सब संतान करो उसकी विनय । वह त्राता है कृपा निधान हो प्रभु ख्रीष्ट की जय ।। ५ हे दाऊदवंश के सब मनुष मानो नाथ शक्तिमय । देहधारी ईशर सत पुरूष हो प्रभु ख्रीष्ट की जय ।। ६ हे लोगो स्मरण नित करो पापों का भयानक पित्त प्रेम भरे मनसे सब कहो हो प्रभु ख्रीष्ट की जय ।। #### 155 (१५५) *“Come, let us join our cheerful song."* *C. M. -- Nativity or Winchester Old.* *ISAAC WATTS 1674-1748.* १ सिंहासन पास के दूतों संग हम मिलकर गावें गीत करोड़ों उनकी बोलियाँ पर एक है उन की प्रीत ।। २ वे बोलते हैं प्रशंसा योग वह निर्दोष मेम्ना है कि उसके दुःख और मृत्यु से है मुक्ति का उपाय ।। ३ यीशु पराक्रम महिमा और राज्य के योग्य है और आदर धन्यवाद और स्तुत सब उसकी हो सदैव ।। ४ स्वर्गवासी सब और पृथ्वी के जीवधानी यीशु के महात्म्य को और यश अनंत निरंतर गावेंगे ।। ५ सिंहासन पर विराजमान जो पवित्र उसका नाम और मेम्ने की सराहना भी हो सृष्टिभर का काम ।। #### 156 (१५६) *"Alleluia! Sing to Jesus."* *8.7.8. 7. D. Alleluia or Austria.* *W. C. DIX.* १ हाल्लेलूयाह गाओ स्तुति यीशु की जो राजा है । हाल्लेलूयाह जय जयकार हो उसने पाई है विजय । शांतिमय सिय्योन का गीत है बाढ़ को गरज के समान हर एक कुल में से यीशु ने किया है हमारा त्राण ।। २ हाल्लेलूयाह नहीं रहे अब हम बपुरे अनाथ हाल्लेलूयाह निश्चय हुआ कि वह सदा लों है साथ हाँ वह स्वर्ग पर चढ़ तो गया चालीस दीन जब थे समाप्त क्या वह प्रण जो उसने किया हमको नहीं हुआ प्राप्त ।। ३ हाल्लेलूयाह स्वर्ग के भोजन तुझसे तृप्त हम होते हैं । हाल्लेलूयाह हम सब पाप तेरी शरण लेते हैं जहाँ सारे निष्पाप संतगण गाते कांच के सागर पर वहाँ हे यीशु दयालु मेरे लिये बिन्ती कर ।। ४ हाल्लेलूयाह भूप अनादि जगत के राजाधिराज । हाल्लेलूयाह नररूपधारी सब के ऊपर तू विराज हे हमारे महायाजक स्वर्गीय मंदिर में तू है । प्रभु भोज में हो उपस्थित करता हमें तू निर्भय ।। ५ हाल्लेलूयाह गाओ स्तुति यीशु की जो राजा है । हाल्लेलूयाह जय जयकार हो उसने पाई है विजय शांतिमय सियोन का गीत है बाढ़ की गरज के समान हर एक कुल में से यीशु ने किया है हमारा त्राण ।। #### 157 (१५७) *"Arise my soul arise."* *6. 6. 6. 6. 8. 8. S. John Parish.* *CHARLES WESLEY, 1707-88.* १ हे प्राण उठ साहस कर तू दूर कर सारा डर कि तेरे पापों का प्रायश्चित हुआ था जो तेरा प्रतिनिधि है सिंहासन पास अब खड़ा है ।। २ वह स्वर्ग में रहता है कि मेरा पक्ष करे और दण्ड की आज्ञा से छुड़ावेगा मुढे वह अपने रक्त के गुणों से दूर करता पाप इस जगत के ।। ३ मेल हुआ ईश्वर से मैं क्षमा पाता हूँ अब रहा नहीं डर मैं उसका पुत्र हूँ विश्वास से अब मैं आता हूँ और अब्बा पिता बोलता हूँ ।।

  • Holiness and Prayer 347-361 | Masihi Geet Sangrah

    पवित्रता और प्रार्थना (Holiness and Prayer) 347 (३४७) “More holiness give me.” 6. 5. 6. 5. D. S. S. S. 582 or Lyndhurst. PHILLIP BLISS. 1838-79. १ और शुद्धता तू दे और मन में उद्योग और धीरता हर दुख में और पापों से सोग और प्रभु की आशा और उसी से प्रीत और सेवा की लालसा और प्रार्थना में जीत ।। २ और कृतज्ञता दे और प्रभु में बास और उत्साह भी काम में और वचन की आस और प्रभु की संगति और दुःख में सहभाग और स्थिरता बिपत में और भी धन्यवाद ।। ३ और साधुता दे दे और जीतने का बल और मन की निर्दोषता और आत्मा का फल और शुद्ध मैं हो जाऊँ और काम का हर स्थान और होऊँ आशिशित और तेरे समान ।। 348 (३४८) “Pray always, pray.” १ नित्य प्रार्थना कर पवित्र आत्मा तो तुझ में जताता है जो मांगना हो ।। २ नित्य प्रार्थना कर बोझ तले पापों के तू लहू को तब देख ले यीशु के ।। ३ नित्य प्रार्थना कर जो थका आस्राहीन तू ईश्वर पास रह सकता है आधीन ।। ४ नित्य प्रार्थना कर कोलाहल हो आस पास प्रार्थना से मिलती टेक और दुःख में आश ।। ५ नित्य प्रार्थना कर जो सुख बढ़ जावे भी गीत गाने में यीशु के लगता जी ।। ६ नित्य प्रार्थना कर जो मीत मर जावें भी साथ उन के अक्षय संगत होती ही ।। ७ सांसारिक बात सब बीती जाती है। पर प्रार्थना से अमरता मिलती है ।। 349 (३४९) “Lord, I hear of showers of blessing.” ELIZABETH CONDER, 1860. Chord - E | S- Waltz | T-126 १ प्रभु तू आशिष बरसाता दया की भरपूरी से सूखे स्थान पर मेंह गिराता मुझ पर भी कुछ पड़ने दे मुझ पर भी मुझ पर भी मुझ पर भी कुछ पड़ने दे ।। २ छोड़ न मुझे मेरे पिता मुझ ही बड़े पापी को जो तू छोड़ता तो मैं मरता दया तेरी मुझ पर हो मुझ पर हो ।। (इत्यादि) ३ छोड़ न मुझे प्रभु प्यारे तुझ से प्रेम मैं रखूँगा मैं तो आता हाथ पसारे मुझको भी अब पास बुला मुझको भी ।। (इत्यादि) ४ छोड़ न मुझे शान्तिदायक आंख तू खोलता अंधों की तू है प्रार्थना में सहायक शान्ति दे अब मुझ को भी मुझ को भी ।। (इत्यादि) ५ प्रेम परमेश्वर का अटल है लोहू सेंत मेंत यीशु का और अनुग्रह भी असीम है मुझ में सब को तू बढ़ा मुझ में ही ।। (इत्यादि) ६ छोड़ न मुझे अब बचा के मुझे आप में जोड़ तू ले तू आशिष की बारिश भेज के मुझे अब पूर्ण आशिष दे मुझे दे ।। (इत्यादि) 350 (३५०) “There's power in the blood.” P. M. S. S. S. 145. L. E. JONES. १ पापों के बोझ से क्या बचोगे तुम यीशु में गुण यीशु में गुण पापों पर जयवंत होगे तुम हमारे यीशु में है गुण ।। कोरसः- गुण है गुण गुण पाप मिटाने गुण यीशु में गुण यीशु में गुण गुण है गुण गुण पाप मिटाने गुण प्रभु यीशु में है गुण ।। २ क्रोध और घमण्ड से क्या छूटोगे तुम यीशु में गुण यीशु में गुण कलवरी के पास अभी जल्द जाओ तुम हमारे यीशु में है गुण ।। ३ क्या दिल को धोके निर्मल होगे तुम यीशु में गुण यीशु में गुण पाप के कलंक से क्या साफ़ होगे तुम हमारे यीशु में है गुण ।। ४ यीशु के दास क्या बनोगे तुम यीशु में गुण यीशु में गुण हो रात और दिन उसकी जय बोलो तुम हमारे यीशु में है गुण ।। 351 (३५१) “Jesus meek and gentle.” 6. 5. 6. 5. St. Constantine or Caswell. १ यीशु दीन और कोमल पुत्र ईश्वर के प्रेमी मुक्तिदाता बिन्ती को सुन ले ।। २ पापों को कर क्षमा बेड़ी को खोल डाल तोड़ दे हर एक मूर्ति फिर न हो जंजाल ।। ३ कर निर्बन्ध और निर्मल मन में प्रेम भर दे स्वर्ग की ओर हे यीशु हमें खींच तू ले ।। ४ यात्रा में संग होके मार्ग तू आप बता जग के घोर अंधेर से स्वर्ग में ले पहुँचा ।। ५ यीशु दीन और कोमल ईश्वर पूत महान सुन हमारी बिन्ती त्राता दयावान ।। 352 (३५२) 7. 7. 7. 7. St. Bees or Harts. Chord - E | S- 6/8 | T-086 १ यीशु करुणानिधान तेरे लिये मेरा प्राण गिड़गिड़ाता है सदा मेरे मन में उतर आ ।। २ बार बार मैं पुकारता हूँ दिन और रात कराहता हूँ मेरे प्यारे उतर आ कब आह कब तू आवेगा ।। ३ जैसे ग्रीष्म के समय हरनी प्यासी होती है प्रभु तेरे लिये यूँ मैं भी अब तरसता हूँ ।। ४ जीवन तेरे बिना क्या तेरे बिना सुख कहाँ ? मेरा सुख है हर समय कि तू मेरा जीवन है ।। ५ प्रभु मेरे हाथों से जो कुछ मेरा है सो ले केवल तुझे मैं सदा अपना सब कुछ जानूँगा ।। ६ अपना कान दीनबन्धु धर मेरे मन में डेरा कर तब तो तेरे संग सदा मैं स्वर्गधाम में रहूँगा ।। 353 (३५३) “Cleansing for me.” १ यीशु में लोहू से मिलती मुझे मन की सफाई मन की सफाई पाता हूँ पापों की क्षमा उससे मन की सफाई मन की सफाई पापी हो ईश्वर से दूर गया था और मैं शैतान से भी हार गया था ख्रीष्ट पर विश्वास कर मैं छूट गया था मन की सफाई मन की सफाई ।। २ पापों को छोड़ कर मैं पाता हूँ सुख मन की सफाई मन की सफाई हो गया दूर मेरे पापों का दुःख मन की सफाई मन की सफाई ख्रीष्ट मुक्तिदाता विश्वास योग्य है वह मुझे ग्रहण अभी करता है पापों से छूट के अब त्राण मिला है मन की सफाई मन की सफाई ।। ३ यीशु मिटाता है मनों की त्रास मन की सफाई मन की सफाई शान्ति और सुख का है यीशु निवास मन की सफाई मन की सफाई बातें बहुत मैं समझता नहीं पर मैं विश्वास रखता ख्रीष्ट पर सही कि उसकी सामर्थ से मिलती मुझे मन की सफाई मन की सफाई ।। 354 (३५४) “Search me O God, my actions try.” F. BOTTOMB. १ हे ईश्वर मुझे खोज के जान और मुझे शक्ति दे कि मैं भी जानूँ अपना प्राण तेरे ही जांचने से ।। २ कौन अन्तर्यामी तुझे छोड़ जान सके हृदय को मुझ से घिना के मुंह न मोड़ पर मैल से मुझे धो ।। ३ मन के अंधेरे भागों में उजाला तू फैला पाप चीन्हने को खराई से मेरा विवेक जिला ।। ४ खोज अपनी तीक्ष्ण दृष्टि से जब लों कि औंधे मुँह मैं अतिशय दीनताई से न खेदित हो गिरूँ ।। ५ यों पड़ा हुआ सीखूंगा मसीह का प्रेम अपार ईश्वर महान से मिलने का है केवल वही द्वार ।। 355 (३५५) “Lord teach us how to pray aright.” JAMES MONTGOMERY, 1771-1854. १ हे प्रभु मुझे तू सिखा सिद्ध प्रार्थना करने को दयाल तू है और सामर्थी सहायक मेरा हो ।। २ तू मेरे पाप सब क्षमा कर दे मुझे धार्मिक ज्ञान और मेरे मन को शक्ति दे कि तुझ पर धरे ध्यान ।। ३ जब मुझे होवे सोग और रोग तब मेरा कर उपकार और अन्त में अपनी कृपा से तू मुझे पार उतार ।। 356 (३५६) Bhajan Tunes No. 62. कि अब मोरी सुरति मसीह जी से लागी । १ आतम दान यीशु ने दीना, प्रेम अगिन तब जागी । हिय धर्मातम वासु जु कीन्हा, कुमति छोड़ के भागी ।। २ जब से सुरति यीशु से लागी, लोग भये सब बागी । सब ने मिल के एका कीन्हा, दीनों मोहि तियागी ।। ३ कोई जग में भक्त कहावे, कोई बने बैरागी । प्रेम सहित यीशु गुण गावे, सोई संत बड़ भागी ।। 357 (३५७) Bhajan Tunes No. 63. करुणानिधान प्रभु यीशु सुनिये करुणा मेरी ।। १ तुम दीनन के हितकारी, नर देह आपनो धारी । तब मसीह नाम पायो, सब शिष्यन के मन भायो ।। २ हम दोषी दीन बिचारो, सब पापन ते निरवारो । तुम दयासिन्धु जग में, हम डूब रहे हैं अघ में ।। ३ नर प्राणन के रखवारो, भयमोचन नाम तिहारो । हम बूड़े जात या में, यह गान तुम्हारो गावें ।। ४ भवसिन्धु अगम अपारा, अब लीजे वेग उधारा । अब कृपा दृष्टि कीजे, तन मन अपनो कर लीजे ।। 358 (३५८) Bhajan Tunes No. 104. SABIR CHIMMAN LAL. Chord - D | S- Dholak/Ballad | T-088-094 १ भेष बदला क्या हुआ दिल का बदलना चाहिये । एक दो बातें नहीं बिल्कुल बदलना चाहिये ।। २ तन्दुरुस्ती के लिये कपड़े बदलना चाहिये । सत्य पर चलने के लिये दिल का बदलना चाहिये ।। ३ जो सुने बैबल से वह दिल से समझना चाहिये । दिल बदलने के लिये यीशु से मिलना चाहिये ।। ४ ऐ दिले पापों पर अपने आज रोना चाहिये । आज तो बेचैन हो पहलू बदलना चाहिये ।। ५ जो गये दुनिया से साबिर वे हमें मिलते नहीं । जो रहे उन को मसीह रूह पाक मिलना चाहिये ।। 359 (३५९) Bhajan Tunes No. 72. SABIR CHIMMAN LAL. मोरि मसीहा से लागी नजरिया । १ निर्गुण हूँ प्रभु गुण नहीं मुझ में, तेरे हाथ मोरि बारी उमरिया ।। २ दीनन पर किरपाल मसीहा, दीनबन्धु मोरि लीजो खबरिया ।। ३ धन सम्पत सपने सम जानो, ले जैहो क्या बांध गठरिया ।। ४ अगम अपार बहत है सागर, पार करो प्रभु मोरि नवरिया ।। ५ मानुष सौदा कर ले सबेरा, जग दो दिन की जान बजरिया ।। ६ साबिर पर प्रभु नेक निहारो, प्रभु यीशु तोरी प्यारी नजरिया ।। 360 (३६०) ग़ज़ल १ ऐ दिल तेरी बुराई को कब तक सहा करूँ । कौलों मसीह को छोड़ के किस का कहा करूँ ।। २ नाराज करके रूह मुकद्दस को बरमला । बहिरे फना की मौज में हर दम बहा करूँ ।। ३ जी चाहता है छोड़ के हुब्बे वतन की चाह । बस्ती में अपने प्यारे यीशु की रहा करूँ ।। ४ कहती है अनदलीब के बागे अरम में जा । हर शाख इ गुल पे बैठके मैं चहचहा करूँ ।। 361 (३६१) H. T. B. 129. SHUJAAT ALI. १ मेरा नहीं है कोई मददगार या मसीह । तू ही है हम सभों का मददगार या मसीह ।। २ अब ले खबर शिताब न कर बार या मसीह । फरियाद मेरी तुझसे है हर बार या मसीह ।। ३ तेरे सिवाय कोई नहीं यार या मसीह । बन्दा हूँ तेरे दर का गुनहगार या मसीह ।। ४ तू ही है आसियों का खरीदार या मसीह । अजबसकि हूँ गुनाह में गिरफ्तार या मसीह ।। ५ करता है आसियों को तू ही प्यार या मसीह । हम आसियों को तुझ से है गुफ्तार या मसीह ।। ६ तेरी तरफ सभों की है रफ्तार या मसीह । करता हूँ मैं गुनाहों का इकरार या मसीह ।। ७ हूँ मैं गुनाह में अपने शरमसार या मसीह। हरगिज न डालियो मुझे दर नार या मसीह ।। ८ शैतान मुझ से करता है तकरार या मसीह । रूह-उल-कुदुस को दे मुझे तलवार या मसीह ।। ९ आसी को है तुझी सेती दरकार या मसीह । तुझ बिन करेगा कौन मुझे पार या मसीह ।।

  • Farewell 492- 494 | Masihi Geet Sangrah

    विदाई (Farewell) 492 (४९२) “Blest be the tie that binds.” JOHN FAWCETT, 1739-1817. १ धन्य हो वह प्रेम का बन्ध जो हमको बांधता है सम्बन्धी दिलों का है संग जैसा कि स्वर्ग में हो । २ पिता के आसन हम बिन्ती करते हैं हमारे भय दुःख सुख और आश उद्योग भी एक से हैं । ३ हम दुःख में भागी हैं संग भार उठाते हैं सहभागी होकर आपस में आँसू बहाते हैं । ४ जब भाई से भाई हो दूर मन होते हैं उदास पर मनों की एकताई है पूर फिर मिलने की है आश । ५ उस उत्तम आशा से हम साहस पाते हैं प्रतीक्षा उसकी करते हैं उस दिन को ताकते हैं । ६ तब शोक और श्रम से दूर और पाप से भी निर्बन्ध सिद्ध प्रेम और मित्रता से पूर नित्य करेंगे आनंद । 493 (४९३) “God be with you till we meet again.” JEREMIAH RANKIN, 1828-1904. १ ईश्वर साथ हो जब तक न मिलें अपने वचन से सम्भाले अपनी भेड़ों संग चरावे ईश्वर साथ हो जब तक न मिलें ।। कोरस :- जब तक न मिलें जब तक न मिलें स्वर्ग में प्यारे यीशु पास जब तक न मिलें जब तक न मिलें ईश्वर साथ हो जब तक न मिलें ।। २ ईश्वर साथ हो जब तक न मिलें पंख के तले नित्य छिपावे प्रतिदिन का मान खिलावे ईश्वर साथ हो जब तक न मिलें ।। ३ ईश्वर साथ हो जब तक न मिलें यदि जोखिम में तू पड़े अपनी बांह से तब वह धरे ईश्वर साथ हो जब तक न मिलें ।। ४ ईश्वर साथ हो जब तक न मिलें प्रेम का झंडा वह फहरावे लहर मृत्यु की वह थामे ईश्वर साथ हो जब तक न मिलें ।। 494 (४९४) “With the sweet word of peace.” G. WATSON. १ शान्ति के वाक्य से हम करते हैं विदा शान्ति की धारा की हो बढ़ती सदा ।। २ प्रार्थना के वाक्य से हम अपने भाइयों को रक्षा में तेरी ही सौंपते तू रक्षक हो ।। ३ प्रेम के अब वाक्य साथ चाहते कुशल अभंग हमारा तेरा प्रेम है नाथ हो उनके संग ।। ४ विश्वास में हो निर्भय हम आते तेरे पास तू जीते मरते हर समय हो उन की आश ।। ५ आशा के भागी हो आनंद से जावेंगे और प्रेम में बने रह करके गान गावेंगे ।। ६ हो शान्ति आशा प्रेम विश्वास और प्रार्थना साथ जब तक न उस पार साथ क्षेम मिलावे नाथ ।।

  • God The Father 37-50 | Masihi Geet Sangrah

    परमेश्वर पिता (God the Father) 37 (३७) "Now thank we all our God." 6s. Nun Danket. MARTIN RINKART, 1586-1619. १ अब मन और मुंह और हाथ ईश्वर की ओर उठाओ और उसका बड़ा प्रेम और उत्तम काज सराहो वह हम पर कृपावान दयाल करूणामय हमारे बालपन से आज तक ठहरता है ।। २ जीवन भर कुशल क्षेम परमेश्वर हम को देवे कि हममें धर्म और प्रेम और शान्ति बढ़ती जावे हे प्रभु कृपा कर हमें सदा सम्भाल संसार पर जय दिला सब संकट से निकाल ।। ३ ईश्वर को धन्यवाद पिता सराहो जावे पुत्र को महातम हो धर्मात्मा स्तुति पावे जो है और रहेगा जैसा आरम्भ में था त्रिएक परमेश्वर को प्रशंसा हो सदा ।। 38 (३८) "O God our help in ages past." C. M. St. Anne. ISSAK WATTS 1674-1748. १ अनादिकाल से शरणस्थान हमारा तू रहा । और अनन्तकाल लों है पिता तू वैसा रहेगा ।। २ तेरी छाया में तेरे भक्त सदा निडर रहे । सो हम भी तेरी शरण में बखटके रहेंगे ।। ३ पहाड़ जब तक न बने थे न पृथ्वी सृजी थी । तब ही से तू परमेश्वर है और नित रहेगा भी ।। ४ ज्यों रात का पिछला पहर अब वेग बीतता जाता है । त्यों तेरे लेखे चतुर्युग क्षण में निकलता है ।। ५ ज्यों धारा बहा करती है काल कटते जाते हैं । त्यों पीढ़ी पीढ़ी के सब लोग सपने से होते हैं ।। ६ हे ईश्वर इस दुःख सागर में हमारा पालक हो । हमारा अब सहायक रह और आसरा सदा लों ।। 39 (३९) "All people that on earth do dwell." L. M. Old Hundred or Bresian. WILLIAM KETHE, 1561-94. १ इस जग के रहने वाले सब प्रभु की स्तुति करो अब । उसका सुनाओ समाचार और उसका करो जय जयकार ।। २ यहोवाह ईश्वर है सचमुच उसी ने सृजा है सब कुछ । वह हम भेड़ों का है रखवाल वह सदा रहता प्रतिपाल ।। ३ पास आओ उसके आंगनों में गीत गाते बड़े आनन्द से नित उसके नाम की करो जय कि सही करना उचित है ।। ४ हमारा ईश्वर खरा है दृढ़ उसका दया रहती है ।। उसकी सच्चाई रहत नित और सदा रहेगी निश्चित ।। ५ पिता और पुत्र और आत्मा की हो स्तुति स्वर्ग और जग में भी जय उसकी करें मनुष्य जात और दुतगण सारे दिन ओ रात। 40 (४०) "Praise Thou the Lord O my Soul." 10. 8. 10. 8. 8.8.4.4. Halle. J. HERENSCHMIDT, 1675-1723. १ ईश्वर की स्तुति कर प्रिय प्राण तू अपने जीवन भर जब तक मैं रहूँ मैं नित गाऊँगा उसका नाम उसको प्रशंसा दे हर जाम वह जीवननाथ है सभों का रक्षक और पालक प्रिय पिता हाल्लेलूयाह हाल्लेलूयाह ।। २ जितने महान है सम्पूर्ण पृथ्वी पर जितने मनुष्य हैं ऊँचे और पस्त उन पर हे मन तू भरोसा मत कर जो निर्बल हैं और मृत्यु ग्रस्त वे सब के सब हैं निरूपकार ईश्वर को सामर्थ्य है अपार हाल्लेलूयाह हाल्लेलूयाह ।। ३ उसको हर दशा में धन्य जानो जिसका परमेश्वर है रखवार जिसका धाम अटल सनातन मानो जिसका ख्रीष्ट यीशु ही है सार जो ईश्वर है सृष्टि करता उसकी सच्चाई दृढ़ सदा हाल्लेलूयाह हाल्लेलूयाह ।। 41 (४१) C. M. Bedford or Richmond. १ परमेश्वर कौन और कैसा है कौन उसका जाननेहार । वह न मनुष्य के ऐसा है पर आत्मा निराकार ।। २ न अंग न रंग न रूप न रेख है श्री परमेश्वर की । पर उसके सत अवतार को देख जो है ख्रीष्ट यीशु ही ।। ३ परमेश्वर का तुम देखो प्रेम जो प्रगट हुआ है । कि जग को देने कुशलक्षेम पुत्र निज दिया है ।। ४ यों ईश्वर प्रेम की ज्योत अपार जग पर चमकाता है । मिटाता है वह सब अंधकार वह मिटाता है ।। ५ हे ईश्वर पुत्र दीन दयाल की धारण तू ने देह । ख्रीष्ट तू जो सचमुच है कृपाल उपजाता कैसा स्नेह ।। 42 (४२) "A mighty fortress is our God." 8. 7. 8. 7. 6. 6. 6. 7. Ein Feste Burg. MARTIN LUTHER, 1483-1546. १ परमेश्वर में एक दृढ़ पहाड़ एक पक्का गढ़ और शरण दुरदिनों में हमारी आड़ हर दुःख में दुःखहरण वह महादुष्ट जो है अब क्रोध से ज्वलित है देखो उसको सिंह समान लड़ाका ढीठ बलवान तथापि हम न डरें ।। २ सच हमसे कुछ न बनेगा हम में न बल न मति पर उसको वेग ही पटकेगा एक जयवन्त सेनापति वह कौन तू पुछता है वही ख्रीष्ट यीशु है जो सर्वसामर्थी है न दूसरा ईश्वर भी है जीत अंत को उसकी होगी । ३ और जो हमारी हर एक ओर शैतान की सेना आती हां हम पर चढ़ता एक करोड़ जीत तो हमारी रहती संसार प्रधान शैतान भयंकर हो कोपवान हमको न उस से भय है निश्चित उसका क्षय एक बात उसको गिराती ।। ४ जो बचन है हमारे साथ कौन उस को हम से लेगा हम को यीशु मसीह प्राणनाथ आत्मा के दान भी देगा तो ले जो चाहता है जो कुछ हमारा है हो धन वा मान व जान सब कुछ जो है नाशमान स्वर्ग राज हमारा होगा ।। 43 (४३) "Commit Thou every burden." 7. 6. 7. 6. D. St. Theodulph or Morning Light. PAULUS GERHARDT, 1607-76. १ सौंप दे तू अपनी राहें और मन का भार और भय उस ही के सच्चे पाल में जो स्वर्ग चलाता है जो मार्ग और दौड़ दिखाता अनगिनित तारों को पथ निश्चय बता सकता तेरे भी चलने को ।। २ प्रभु पर आसरा छोड़ दे कि तेरा भला हो उस ही के कार्य देख ले कि तेरा सफल हो विकल हो चिन्ता द्वारा कुछ बन न पड़ेगा ईश्वर है देनेहारा उससे जो माँगेगा ।। ३ हे दीनदयालु पिता तू देख कर जानता है क्या अच्छा है क्या बुरा शरीर को जो नाशमय और जो कुछ तुझे भाता तू करता हे शूरमा और स्थिति गत में लाता जो हुई तेरी चाह ।। ४ मार्ग तेरे हर प्रकार के उपाय तू करता आज दया आशिष से भरके तू करता अपना काज कौन है जो तुझे थांमे हां कौन रोक सकता हैं जब तू निज प्यारे बाल को क्षेम देना चाहता है ।। ५ मिटा हे कृपासिन्धु मिटा हमारा दुःख सम्भाल हमें हे प्रभु निदान दे परम सुख ले तू हमारी सुधि सब दिन में मृत्यु लों तब करेंगे नित स्तुति स्वर्ग में सनातन लों ।। 44 (४४) "Praise thou the Lord the almighty.” 14. 14. 4. 7. 8. Lobe Den Herren. JOACHIM NEANDER, 1650-80. Chord - E | S- Waltz | T-120 १ धन्य है परमेश्वर । तुम उसी का धन्यवाद गाओ । स्वर्ग के सब दूतों के राग में राग अपना मिलाओ । सब उस के संग छेड़ो बीण गाओ तुम गीत । प्रभु का भजन सुनाओ ।। २ धन्य है परमेश्वर । वह करता सब भला और अच्छा । अपने पंख नीचे वह करता है तुम्हारी रक्षा । प्रभु दयाल रहता है नित प्रतिपाल । जानता तुम्हारी सब इच्छा ।। ३ धन्य है परमेश्वर । अद्भुत उसने तुम्हें बनाया । तुम्हें सुख चैन देके कृपा के मार्ग पर चलाया । किया उपकार । प्रभु ने तुम्हें बार बार । अपनी ही आड़ में छिपाया ।। ४ धन्य है परमेश्वर । तुम्हारे वह घर का बरदाई । स्वर्ग पर से वर्षा सी कृपा पर कृपा बरसाई । भूलियो मत प्रभु बलवन्त है और सत । कितनी प्रीत तुम पर दिखाई ।। ५ धन्य है परमेश्वर । सब मिलके गुण प्रभु का गाओ । सब जिन को स्वास है हमारे संग भजन सुनाओ । वह है जगमूल मनुआ उसे मत भूल । स्तुति करके कहो आमीन ।। 45 (४५) "O worship the King." 10. 10. 11. 11. Hanover or Lyons. ROBERT GRANT 1785-1838. १ हम ईश्वर महान का गावें धन्यवाद वह है परमात्मा अनन्त और अनाद । स्वयंभू परमेश्वर अदृश्य निराकार वह जग अधिपति और सब का आधार ।। २ सृष्टिकर्त्ता रक्षक और सर्वशक्तिमान सर्वज्ञानी पवित्र और न्यायी महान । वह असम और अगम गुणसागर अपार वह सब का है दाता और त्राण करनेहार ।। ३ कौन प्रभु के भेद का कब हुआ सज्ञान हां ख्रीष्ट में प्रगट परमेश्वर महान । दयाल होके आया बचाने संसार वह देहदारी हुआ यह प्रेम है अपार ।। ४ पापमोचन और मुक्ति अब यीशु के हाथ त्राण खोजी को देता है त्राण कृपानाथ । सो रक्खे हम यीशु पर मन से विश्वास कि पावें हम उससे अब मुक्ति की आस ।। 46 (४६) 8. 7. 8. 7. Batty or Mariners. १ हे परमेश्वर रक्षक मेरे तेरा प्रेम मैं जानता हूँ पाया करता हूँ दान तेरे तेरा धन्य मैं मानता हूँ ।। २ भोजन वस्त्र तू ने दिया दिया सब कुछ दीनदयाल रक्षण मेरा तू ने किया सदा रक्षण कर रखवाल ।। ३ सब कुछ मैंने तुझ से पाया तौभी तेरा किया पाप अब मैं पापों से लजाता उनसे मुझे है सन्ताप ।। ४ प्रभु यीशु रूधिर तेरा मुझे शुद्ध कर सकता है मन पवित्र कर तू मेरा करूंगा मैं तेरी जय ।। 47 (४७) "Our Father." 8.7.8.7.4.7. Dismissal. १ हे हमारे स्वर्गीय पिता तेरा नाम पवित्र हो तेरा राज्य सर्वत्र आवे तेरी इच्छा पूरी हो जैसे स्वर्ग पर वैसे पृथ्वी पर भी हो ।। २ हमें प्रतिदिन की रोटी दया करके आज तू दे और अपराध जो हम से हुए क्षमा कर तू कृपा से जैसे हम भी क्षमा करते औरों के ।। ३ तू परीक्षा में न डालकर हमें दुष्टों से बचा क्योंकि तेरा है पराक्रम राज्य और महिमा सदा हम सब कहें आमीन एसा होवेगा ।। 48 (४८) Bhajan Tunes No. 60. जय परमेश्वर जय अति पावन, जय जय स्वर्ग निवासी । जय त्रिभुवन के सिर्जनहारे, जय धर्मी पितु शासी । मन में भटक गये हम तोसे, तदपि तात तू भासी । आत्मा तनु को तुही बनाओ, जय पितु नाम विकासी । सिर्जन करि पुनि राशि बिठायो, तुही पिता सुखराशी । जन्म पुनर्जन लाभ तुही से, होत सदा अघनाशी । प्रभु सुत छाप हृदय करू मेरे, दोनों जन्म विकासी । जै जै सात स्वर्ग के राजा, जै जै दुःख बिनाशी । पतित सुपावन जय जग भावन, जै यीशु अविनाशी । 49 (४९) Bhajan Tunes No. 1 दीनदयाल हमारे प्रभु जी, तोर चरण पर नेह करों रे । १ देह हमारी आप बनाई, धूलक अद्भुत रूप अनुपा । लखत जगत शुभकाज तिहारो, सकल सृष्टि के तुमही भूपा ।। २ समुझि सके को यह जग रचना, अचरज है सब तेरो कर्मा । देखि निहारा खात अचम्भा, बूझि पड़त नहिं एको मर्मा ।। ३ परमेश्वर तुम आदर लायक नाम तिहारो भजवे योगू । अगन समाना तेज सरूपी, तव महिमा जाने तुअ लोगू ।। ४ जिहि गुण गावत दिवगण चूके, महिमा जाको अपरम्पारा । छीन अधीन कहां लग बरणे, प्रभुजी मनसा पूरणि हारा ।। 50 (५०) Gazal Tunes Nos. 105 & 106. SHUJAAT ALI १ या रब्ब तेरी जनाब में हर्गिज कमी नहीं । तुझ सा जहाँ के बीच तो कोई गनी नहीं ।। २ जो कुछ कि खुबियाँ हैं सो तेरी ही जीत में । तेरे सिवाय और तो कोई धनी नहीं ।। ३ आसी की अर्ज तुझ से है तू सुन ले ऐ गनी । अपने फजल के गंज से तू कर मुझे धनी ।।

  • The Holy Spirit 168–181 | Masihi Geet Sangrah

    ### पवित्र आत्मा (The Holy Spirit) #### 168 (१६८) *“Come Spirit source of light.”* *8. 7. 8. 7. Evening Prayer or Batty.* *B. BEDDOME.* १ ज्योतिर्मय पवित्र आत्मा तेरे बिना सब अंधकार । मेरे मन में ही उजाला तू उजाला करनेहार ।। २ पाप के मैल से दे छुटकारा तन और मन पवित्र कर । तेरा मंदिर मैं बन जाऊँ अपना बास तू मुझमें कर ।। ३ ईश्वर से जब प्रार्थना करूँ प्रार्थना करना तू सिखला । धर्म पुस्तक जब मैं पढूँ मुझे उसका अर्थ बतला ।। ४ हे सहायक उपदेशक मेरे साथ तू सदा हो । सर्वदा तू मन रह के मार्ग दिखा मुझ अंधे को ।। #### 169 (१६९) *“The Comforter has Come.”* *12. 12. 12. 6. D. S. S. 198.* *F. BOTTOME.* १ जहाँ मनुष्य हो वहाँ संदेश करो जहाँ मनुष्य का मन निराश और दुःखित हो सभों के कानों में आनंद का शब्द कहो एक शान्तिदाता है ।। कोरसः- एक शान्तिदाता है एक शान्तिदाता है पवित्र आत्मा को पिता ने दिया है जहाँ मनुष्य हो वहाँ संदेश करो एक शान्तिदाता है ।। २ अंधेरा गया है और सूर्य का उदय अब हुआ जिसको देख मन होता है निर्भय और शोक की आंधी भी शान्त हो थम गई है एक शान्तिदाता है ।। ३ वह सर्वशक्तिमान चढ़ाके अपना प्राण मनुष्य को देता है आरोग्यता का दान छुटकारा पाने का है बंदीगृह में गान एक शान्तिदाता है ।। ४ वह प्रेम अथाह अपार अनुग्रह निर्विकार मैं कैसे शब्दों से बताऊँ उन का सार अब मुझमें तारणहार के गुण दिखानेहार एक शान्तिदाता है ।। ५ आनंद अब स्वर्ग में हो स्वर्ग दूत प्रचार करो और जग के सारे संत यह सुन आह्वादित हो अब मीठी वाणी से सराहों यीशु को वह शान्तिदाता है ।। #### 170 (१७०) *8. 7. 8. 7. 7. 7. St. Leonard or Irby.* *HEINRICH HELD.* १ जीवित आत्मा पास हमारे अनंत सच्चे ईश्वर आ तेरी सामर्थ हम में भरे होवे प्रबल सर्वदा मन के अंधियारे में ज्योत चमकीली देखने दे ।। २ भले पथों को दिखा दे उन पर हमें नित ले चल सब कुछ आगे को सरका दे कि हम दौड़ें ही सबल फिसले चरण होवे पाप मन में दे तब पश्चाताप ।। ३ ज्ञान परामर्श सोच विचार से पूर्ण कर बुद्धि और हृदय कि हम त्यागें मन और कर से जो कुछ तू न चाहता है और हम छूटें भ्रांति से तुझे पहचानने में ।। ४ तेरी साक्षी होवे मन में कि हम ईश्वर के संतान उसको ताके प्रत्येक क्षण में दुःख में रहें धीरजवान पिता से जो ताड़ना है मेरी करती है भलाई ।। ५ ईश्वर निकट जब हम आते हमें दान कर अपनी प्रीत जब हम बिन्ती करने जाते तेरी कृपा हो प्रतीत जब हमारा मन निराश तब तू उसमें भर दे आश ।। ६ शत्रु हमको पकड़ा चाहे तू हमारी रक्षा कर दुःख ओ निन्दा हम भी सहें हममें साहस धीरता भर जब संदेह हम करते हैं होवे वचन का निश्चय ।। #### 171 (१७१) *“Holy Spirit faithful guide.”* *7. 7. 7. 7. D. S. S. 194.* *M. M. WELLS.* १ धन्य आत्मा सत्य अगुवा शिष्यों पास तू है सदा धर के हाथ हमें ले चल यह संसार है मरुस्थल थके नित आनन्दित हो सुन उस मीठे वचन को प्रेम से कहता यात्री आ पीछे चल मैं हूँ अगुवा ।। २ सब से उत्तम मित्र तू सदा पास रह हे प्रभु शक में हमको तू न छोड़ दुःख में हमसे मुंह न मोड़ बादल जब आ घेरते हैं आंधी से दिल है बेचैन प्रेम से कहो यात्री आ पीछे चल मैं हूँ अगुवा ।। ३ प्रगट कर तू अपना प्यार चारों ओर जब है अंधकार जब कुछ नहीं रहता पास सिवाय स्वर्ग आनंद की आस मृत्यु छाया बीच में जब कष्ट सहित हम चलते तब प्रेम से कहो यात्री आ पीछे चल मैं हूँ अगुवा ।। #### 172 (१७२) *“Our blest Redeemer' ere He breathed.”* *8. 6. 8. 4. St. Cuthbert.* *HARRIET AUBER, 1783-1862.* १ हमारे प्रिय प्रभु ने जब छोड़ा जगत को एक शान्तिदायक भेजा तब कि अगुवा हो । २ पवित्रआत्मा तब उतरा है धन्य वह मेहमान वह दिल को करता घर अपना और शुद्ध मकान । ३ वह अपनी शान्तमय वाणी से सब भय को करता दूर और उसको स्वर्गीय ज्योति से है दिल भरपुर । ४ सब भले काम और शुद्ध विचार सब बुद्धि और दृढ़ता सब ज्ञान का शिक्षक वह अपार और शुद्ध कर्त्ता । ५ पवित्रआत्मा दृष्टि कर निर्बल संतानों पर हमारे मन में उतर आ और वास तू कर । #### 173 (१७३) *“Gracious spirit holy ghost.”* *7. 7. 7. 5. Charity or Capetown.* *CHRISTOPHER WORDSWORTH, 1805-85.* १ प्रिय आत्मा सुन तू ले तेरे और सब दानों से प्रेम ही श्रेष्ट कहा तू ने दे पवित्र प्रेम ।। २ प्रेम दयालु धीरजवान दीन न करता है अपमान मृत्यु से भी है बलवान दे पवित्र प्रेम ।। ३ होवेगा जब पुनरुत्थान टलेगा तब आगमज्ञान प्रेम ही नहीं है नाशमान दे पवित्र प्रेम ।। ४ आशा प्रेम विश्वास जो है तीनों में पूर्ण एकता है प्रेम ही श्रेष्ट इन सब में है दे पवित्र प्रेम ।। ५ प्रिय आत्मा सुन तू ले अपने पंख की चमक से हमों पर अब पड़ने दे प्रेम पवित्र प्रेम ।। #### 174 (१७४) *“L. M. D. -- St. Serf or Sweet Hour.”* *MARTIN LUTHER, 1483-1546.* १ परमेश्वर प्रभु धर्मात्मा हे शान्तिदाता उतर आ दे हमको अपने उत्तम दान हाँ उनसे भर दे हर एक प्राण और हम में फूँक दे जीवित स्वास कि हममें उत्पन्न हो विश्वास और अपने प्रेम की अग्नि से हर अन्तःकरण जलने दे ।। २ हे इष्ट प्रकाश यह मन संवार हे गुरु श्रेष्ठ हमें सिंगार पवित्र वचन अर्थ और जड़ खोल दे और हम पर प्रगट कर दे हमको पाप से पश्चाताप यीशु के रक्त से हम पर छाप पिता से हमें दे मिला और बालक का सा मन दिला ।। ३ हे प्रबल आत्मा इष्ट रखवाल बलवान और स्थिर कर और संभाल कि अंत लों तेरी सेवा में निर्भय और अचल हम रहें शरीर की कामना दबा मार संसार के जाल से नित्य उधार शैतान पर हमें जय दिला मृतकाल में स्वर्ग का धाम दिला ।। #### 175 (१७५) *“Breathe on me breath of God.”* *S. M. -- Holyrood or Franconia.* *EDWIN HATCH, 1835-89.* १ हे आत्मा जीवन दे मन मेरा नया कर । मैं चाहूँ वह जो तू चाहे और बनूँ अनुचर ।। २ हे आत्मा जीवन दे मन जब लों शुद्ध न हो । हो मेरी चाह भी तेरी सी करने और सहने को ।। ३ हे आत्मा जीवन दे तब नाश न होऊँगा । जब लों न यह सांसारिक देह प्रकाशित हो चमके ।। ४ हे आत्मा जीवन दे तब नाश न होऊँगा । पर तेरे अनंत जीवन में सिद्ध हो नित जाऊँगा ।। #### 176 (१७६) *“Come holy spirit heavenly dove.”* *C. M. -- Marlow or Bedford.* *ISSAC WATTS, 1674-1748.* १ हे जीवनदाता शक्तिमय जिला हम सभों को । हमारे ठंडे मनों में तू स्वर्गीय अग्नि हो ।। २ वृथा सब गान हमारे हैं और राग भी वृथा सब । तुझ बिन होशना की झंकार और भक्ति शुद्ध है कब ।। ३ मृतक की नाईं जीना तो हमारा है निष्फल । हमारा प्रेम है शक्तिहीन पर तेरा है प्रबल ।। ४ हे जीवनदाता शक्तिमय जिला हम सभों को । कि ख्रीष्ट के प्रेम की अग्नि से यह मन प्रज्वलित हो ।। #### 177 (१७७) *“Come thou holy paraclete.”* *Chord - F/E | S- Waltz | T-124* १ हे पवित्र आत्मा आ और उजाला स्वर्ग का सा अपनी कृपा से चमका ।। २ उत्तम शान्तिदाता आ प्राण के प्रिय पाहुन आ हमें ढाढ़स अब बंधा ।। ३ श्रम में हमको विश्राम छाया हो जब पड़े घाम शोक और रोना सब मिटा ।। ४ हे पवित्र ज्योति अब भर दे हमें सब के सब सारा मन उजाला कर ।। ५ बिना तेरे उपकार हम मनुष्यों का क्या सार सब कुछ बिगड़ा सर्वथा ।। ६ धो ले जो कुछ मैला है सींच तू जो कुछ सूखा है चंगा कर जो घायल है ।। ७ जो कठोर है तू झुका जो निर्जीव है तू जिला भटके हुए मार्ग पर ला ।। ८ अपने प्रिय लोगों को आसरा रखनेहारों को सद्गुण के बरदान दिला ।। ९ धर्म की योग्यता तू दे मृत्यु समय मुक्ति दे स्वर्ग में सर्वदा सुख दे ।। #### 178 (१७८) *“Hover over me holy spirit.”* *Tune of Ruh Ilah Ruh Mukaddas.* *R. S. MANDRELLE, 1907-1971.* १ हे पवित्र आत्मा आके मेरे मन को शान्त तू कर अपना कर यह मन का मंदिर आके उस को कर भरपुर ।। कोरसः- कर भरपुर कर भरपुर अभी उसको कर भरपुर अपना कर यह मन का मंदिर आके उसको कर भरपुर ।। २ तेरा काम समझ न सकता तौभी मुझ में होता है मुझ को है अत्यन्त आवश्यक बास कर मुझ में हर समय ।। ३ मैं निर्बल अत्यन्त निर्बल हूँ मुझ से तू न होवे दूर हे प्रबल सामर्थी आत्मा बल से मुझको कर भरपुर ।। ४ शुद्ध कर शान्ति और आशिष दे हर एक पाप कर मुझसे दूर धन्य तेरा तू बचाता मुझ को करता है भरपुर ।। पिछले पद का कोरसः- हूँ भरपुर हूँ भरपुर अभी तुझ में हूँ भरपुर तेरा है यह मन का मंदिर तुझ से हुआ है भरपुर ।। #### 179 (१७९) *8. 8. 7. 8. 8. 7. 4. 8. 4. 8. Frankfort.* *MIEHAEL SOHIRMER, 1606-73.* १ हे पावन आत्मा उतर कर हमारे हृदय डेरा कर तू आ हे मन की ज्योति और अपने किरण कृपा से तू हम में चमकने दे- हे मन के तू लाल मोती । विशाल निहाल, अमित जीवन नित्य नूतन तुझ से पाते, जो विश्वास से तुझ पास आते ।। २ सच्चाई का तू सोता है, विश्वासी में जो बहता है ।। सो तरंग हम पर आवे । अनुग्रह कर निज मंडली पर कि मेल और प्यार में बढ़ती हो, और हम कहीं फैल जावे । यह वर तू दे की आशिष हम सभों पर हाल्लेलूयाह तेरी स्तुति सदा गावें ।। ३ कर स्वर्गीय सामर्थ हमें दान, कि जिससे होवें बलवान पवित्र युद्ध लड़ाई में तुझसे पाके रक्षा आड़ पराक्रम अपने शत्रु पर, शान्ति होवे हर समय में । दुख में सुख में, शान्तिदायक रह सहायक नित्य हमारे, जिससे दूर हो, जोखिम सारे ४ यह दे कि हम पवित्र होवें बितावें अपने जीवन को । हे आत्मिक बल हमारे, कि आगे हम को हो अज्ञात शरीर का अभिलाष आह्वाद, काम मृतक उसके सारे । खींच ले जीत ले, आत्मा प्यारे मन हमारे जग विलासी, कि हम होवें स्वर्ग-निवासी ।। #### 180 (१८०) *“Come Holy Ghost our souls inspire.”* *L. M. -- Melcombe or Tallis' Canon.* *CHARLES WESLEY, 1707-88.* १ हे शान्तिदाता अब उतर और हम में स्वर्गीय अग्नि भर । तू अभिषेक है करनेहार सातगुणा दात तू देनेहार ।। २ तू ऊपर से उंडेलता है सत्य जीवन शान्ति प्रेम अक्षय । मिटा अनंत उजाले से धुंधलेपन को हम सभों के ।। ३ हम व्याकुल हैं विराम तू दे अनुग्रह की भरपूरी से । दे बैरी से बचाके आड़ हाँ दुख और सुख में तू संभाल ।। #### 181 (१८१) भजन *P. D. GOTTLIEB.* टेकः- शुचि आत्मा तुम को धन्य-धन्य हो । १ तुम हो शान्ति कुशल के दायक । सत्य स्वरूप सुपथ के नायक ।। भक्तन ने दुःख माहि सहायक । ख्रीष्ट कीर्ति दरपन हो ।। २ पेन्तिकोस्त के दिन ज्यों आये । जीभ अग्निमय शक्तिहि लाये ।। शिष्यन के मन माहि भराये । तैसहि तब आवन हो ।। ३ विश्वासिन के संग रहो तुम । बुद्धि ज्ञान शुभ काम छहों तुम ।। पाप श्राप पाखंड दहों तुम । दास धर्म जन मन हो ।।

  • Choruses, etc. 572-615 | Masihi Geet Sangrah

    कोरस इत्यादि (Choruses, etc.) 572 (५७२) “The best Friend to have is Jesus.” सब से प्यारा यीशु सब से प्यारा यीशु गिरने से बचावेगा तेरी बिन्ती सुनेगा हां सब से प्यारा यीशु ।। 573 (५७३) “Come into my heart.” मेरे दिल में आ मेरे दिल में आ, आज दिल में आ हे यीशु, अभी आ और रह सदा, मेरे दिल में आ ख्रीष्ट यीशु ।। 574 (५७४) “Jesus is the Saviour.” ख्रीष्ट है मुक्तिदाता वह बचाता मुझे और बचावेगा तुझे जै जै हल्लेलूयाह मुक्ति देता है देता है जै जै हल्लेलूयाह मुक्ति देता है यीशु उस पर विश्वास जो लाता है उसे यीशु बचाता है जै जै हल्लेलूयाह मुक्ति देता है यीशु ।। 575 (५७५) “O the peace my Saviour gives.” ख्रीष्ट की शान्ति अद्भुत है पहिले मैं न जानता था मेरे मार्ग सब सीधे है जब से उसका हाथ पकड़ा ।। 576 (५७६) “Let me love Thee.” तुझे प्यार मैं करूँ तुझे मन मैं देऊँ तुझी में हे यीशु है भरपूरी भी ।। 577 (५७७) “I believe God answers prayer.” ईश्वर मेरी सुनता है हां वह सचमुच सुनता है निश्चय है वह सुनता है उसके नाम की जय ।। 578 (५७८) “Grace there is my every debt to pay.”11. 11. 11. 4. G. S. S. M. 41.Chord - C / C# | S- --xx-- | T---xx-- कृपा हर एक ऋण के भरने को लोहू हर एक पाप मिटाने को शक्ति मुझे स्थिर अब रखने को मसीह में है ।। 579 (५७९) “Lord I want to be like Jesus.” १ मैं मसीह का होना चाहता हृदय से, हृदय से मैं मसीह का होना चाहता हृदय से ।। २ मैं पवित्र होना चाहता, हृदय से, हृदय से ।। ३ मैं मसीह सा होना चाहता, हृदय से, हृदय से ।। 580 (५८०) “Let the beauty of Jesus be seen in me.”Chord - D | S- Ballad | T-082 १ मुझ में यीशु की शोभा दिखाई दे, उसका अद्भुत प्यार और सब निर्मलता, हे तू आत्मा पवित्र, कर शुद्ध मेरा चरित्र, मुझ में यीशु की शोभा दिखाई दे ।। २ मुझ में यीशु की शान्ति दिखाई दे, उसकी स्थिरता, दीनताई और नम्रता, हे तू आत्मा पवित्र, कर शुद्ध मेरा चरित्र, जब तक मुझ में न शान्ति दिखाई दे ।। ३ मुझ में उसकी सच्चाई दिखाई दे, उसका धर्म और ईमान और खराई भी, हे तू आत्मा पवित्र कर शुद्ध मेरा चरित्र, मुझ में यीशु का सत्य दिखाई दे ।। ४ मुझ में प्रभु की प्रीति दिखाई दे, उसका निष्कपट प्रेम और मिलाप अपार, हे तू आत्मा पवित्र, कर शुद्ध मेरा चरित्र, जब तक मुझ में न प्रीति दिखाई दे ।। 581 (५८१) “We give Thee but Thine own.”WILLIAM W. HOW, 1823-97. १ जो कुछ हम देते हैं वह माल है तेरा ही हमारा सब कुछ तेरा है यह थाती है तेरी ।। २ सच्चे भंडारी हों हम पाकर तेरे दान आनंद से अपना पहिला फल चढ़ावें धन्य मान । ३ और हम को है विश्वास कि तेरे लोगों को जो कुछ हम देते हैं वह सब हम देते तुझ ही को ।। 582 (५८२) Grace Before Meals.“Be present at our table Lord”JOHN CENNICK, 1718-55. हे प्रभु तू उपस्थित हो और दे अशीष इस खाने को रख हमें अपने पास सदा और स्वर्गीय भोजन नित्य खिला ।। 583 (५८३) “L. M. - Old hundredth” पवित्र आत्मा पिता पुत्र इन तीनों की अलग होवे स्तुत जैसा कि वह आरम्भ में था अब है और सदा रहेगा ।। 584 (५८४) “L. M. - Old hundredth”THOMAS KEN, 1637-1711. प्रशंसा हो और स्तुति भी पिता और पुत्र और आत्मा की पराक्रम राज और महिमा ईश्वर त्रिएक की हो सदा ।। 585 (५८५) पैत्रिक स्तोत्र Gloria Patri.Chord - D | S- --xx-- | T---xx-- हो पिता की स्तुति और पुत्र और पवित्र आत्मा की । जैसी आरम्भ ही में हुई, है अभी और रहेगी । युगानुयुग, आमीन, आमीन ।। 586 (५८६) Chord - G / G# | S- Disco / Dholak | T-100 - 104 १ परमपिता की हम स्तुति गायें, वही है जो बचाता हमें, सारे पापों को करता क्षमा, सारे रोगों को करता चंगा ।। २ धन्यवाद दें उसके आसनों में, आनंद से आयें उसके चरणों में, संगीत गाके खुशी से, मुक्ति की चट्टान को जय ललकारें ।। ३ वही हमारा है परम पिता, तरस खाता है सर्व सदा, पूरब से पश्चिम है जितनी दूर, उतने ही दूर किये हमारे गुनाह ।। ४ मां की तरह उसने दी तसल्ली, दुनिया के खतरों में छोड़ा नहीं, खालिस दूध कलाम का दिया, और दी हमेशा की जिन्दगी ।। ५ चरवाहे की मानिन्द ढूँढ़ा उसने, पापों की कीच से निकाला हमें, हमको बचाने को जान अपनी दी, ताकि हाथ में हम उसके रहें ।। ६ घोंसले को बार-बार तोड़ कर उसने, चाहा कि सीखें हम उड़ना उससे, परों पर उठाया उकाब की तरह, ताकि हमको चोट न लगे ।। 587 (५८७) Chord - D | S- Disco / Dholak | T-098 कोरसः - आवाज उठायेंगे हम साज बजायेंगे है यीशु महान अपना, यह गीत सुनायेंगे ।। १ संसार की सुंदरता में, यह रूप जो तेरा ही, इन चांद सितारों में, है अक्स तो तेरा ही, महिमा की तेरी बातें, सबको ही बतायेंगे ।। २ दिल तेरा खजाना है, एक पाक मुहब्बत का, था पा न सका कोई, सागर है तू उलफत का, हम तेरी मुहब्बत से, दिल अपना सजायेंगे ।। ३ न देख सका हमको, तू पाप के सागर में, और बन के मनुष्य आया, आकाश से सागर में, मुक्ति का तू दाता है, दुनिया को बतायेंगे ।। 588 (५८८) Chord - E | S- Disco / Dholak | T-089 - 094 कोरसः - आशिष तुझ से चाहते हैं । हे स्वर्गीय पिता हम आते हैं ।। १ कोई खूबी है न लियाकत, बख्शो हमको अपनी ताकत, खाली दिलों को लाते हैं, हे स्वर्गीय पिता हम आते हैं ।। २ हमने बहुत खताएं की है, रहे निकम्मे जफाएं की हैं, शर्म से सिर झुक जाते हैं, हे स्वर्गीय पिता हम आते हैं ।। ३ तुम हो शक्तिमान प्रभु जी, कुदरत तुम्हारी शान यीशु जी, हम्द-ओ-सना हम गाते हैं, हे स्वर्गीय पिता हम आते हैं ।। ४ बन्दे को तू कभी न भूले, दुःख सहे दुनिया में तू ने, उसी प्यार को चाहते हैं, हे स्वर्गीय पिता हम आते हैं ।। 589 (५८९) Chord - D# / E | S- Disco / Dholak | T-092 १ मैं यीशु के साथ नूर में चलूँगा, दिन और रात उसके पीछे मैं चलूँगा, पीछे चलूँगा फतह पाऊँगा, यीशु मेरा मुंजी मसलूब ।। कोरसः - चलते-चलते नूर में यीशु के साथ, चलते-चलते थामते यीशु के हाथ, नूर में मैं रहूँगा फतह पाऊँगा, मैं नूर में चलता चलूँगा ।। २ मैं यीशु के साथ नूर में चलूँगा, गर अंधेरी राह मैं न डरूँगा, पैर उठाऊँगा दिल से गाऊँगा, यीशु मेरा मुंजी मसलूब ।। ३ मैं यीशु के साथ नूर में चलूँगा, जब कभी आवाज उसकी सुनूँगा, उससे कहूँगा तुझे सब दूँगा, यीशु मेरा मुंजी मसलूब ।। ४ मैं यीशु के साथ नूर में चलूँगा, ताकते-ताकते रोज मदद पाऊँगा, रंज या खुशी हो या नजदीक हो मौत, यीशु मेरा मुंजी मसलूब ।। ५ मैं यीशु के साथ नूर में चलूँगा, अपनी आँख उसकी तरफ लगाऊँगा, हाथ में है सलीब झंडा है अजीब, यीशु मेरा मुंजी मसलूब ।। 590 (५९०) Chord - A# | S- --xx-- | T---xx-- १ प्रभु महान विचारूँ कार्य तेरे, कितने अद्भुत जो तूने बनाये । देखूँ तारे सुनूँ गर्जन भयंकर, सामर्थ तेरी सारे भूमंडल पर ।। कोरसः - प्रशंसा होवे प्रभु यीशु की, कितना महान (२) प्रशंसा होवे प्रभु यीशु की, कितना महान (२) २ वन के बीच में तराई मध्य विचरूँ, मधुर संगीत मैं चिड़ियों का सुनूँ । पहाड़ विशाल से जब मैं नीचे देखूँ, झरने बहते लगती शीतल वायु ।। प्रशंसा-- ३ जब सोचता हूँ कि पिता अपना पुत्र, मरने भेजा है वर्णन से अपार । कि क्रूस पर उसने मेरे पाप सब लेकर, रक्त बहाया कि मेरा हो उद्धार ।। प्रशंसा-- ४ मसीह आवेगा शब्द तुरही का होगा, मुझे लेगा जहाँ आनंद महान । मैं झुकूँगा साथ आदर भक्ति दीनता, और गाऊँगा प्रभु कितना महान । प्रशंसा-- 591 (५९१) Chord - F | S- Aderia / Ballad | T-084 - 094 कोरसः - जो क्रूस पे कुरबां है, वो मेरा मसीहा है, हर जख्म जो उसका है, वो मेरे गुनाह का है ।। १ इस दुनियाँ में ले आये, मेरे ही गुनाह उसको, ये जुल्मो-सितम उस पर, मैंने ही कराया है ।। २ इन्सान हैं वो कामिल, और सच्चा खुदा वह है । वो प्यार का दरिया है, सच्चाई का रास्ता है ।। ३ देने को मुझे जीवन, खुद मौत सही उसने, क्या खूब है कुरबानी, क्या प्यार अनोखा है ।। 592 (५९२) Chord - C# | S- Ballad / Dholak | T-092 कोरसः - आओ जग के लोगों सब ही, यीशु राजा बुलाता है ।। १ जग में जिसका स्थान नहीं है, जग में जिसका मान नहीं है, राज तुम्हें देने के लिये, यीशु राजा बुलाता है ।। २ जग में तुम हो भूखे मरते, जग में तुम हो प्यासे मरते, भोजन जल अब मुफ्त में देने, यीशु राजा बुलाता है ।। ३ सिर पर कांटों का ताज निशानी, छाप है उसकी बहती पसली, छिदे हाथ पसारे हुए, यीशु राजा बुलाता है ।। ४ आओ भाइयो, आओ बहिनो, आओ उसको परखो देखो, सारा भार उठाने के लिये, यीशु राजा बुलाता है ।। 593 (५९३) Chord - D | S- Waltz / Ind. | T-132 / 092 कोरसः - आकाश और धरती के राजा की जय, जय जय पुकार (२) सारी जमीन की सारी प्रजा यीशु की जय, जय, जय पुकार (२) १ जीवन का रचने वाला वही, भक्तों के दिल का उजाला वही (२) पापिन कारण जन्मा वही, (२) सूली पर चढ़ने वाला वही (२) आकाश-- २ वही है मेरे जीवन का यान, मेरा उद्धार और मेरी चट्टान (२) हाथों में है उसके किश्ती मेरी (२ ) आने दो, गर आता है यह तूफान ।। (२) आकाश-- ३ दुःख में और सुख में साथी रहा, राहों में जीवन के संग वह चला (२) उसकी रही हम पर कृपा बड़ी (२) जीवन मिला तो उसीसे मिला ।। (२) आकाश-- 594 (५९४) Chord - Gm/F#m | S- Rock / 80sEdgyRock | T-103 कोरसः - आया मसीह दुनिया में तू, पापियों को बचाने को, लाये ईमान जो बेटे पर, करेगा पार इस दुनिया को ।। १ दुनिया गुनाहों में डूब रही थी, सादिक गुमराह हो रहे थे, छोड़ा आसमान, बना इन्सान, मिली नजात इस दुनियां को ।। २ बैतलहम के मैदानों में, गड़रिये रात सो रहे थे, सुना फरिश्तों की जुबान, पैदा हुआ ख्रीष्ट निधान ।। ३ आलिमों ने किताबों से, पढ़ी पैदाइश की तफसील, चल दिये वह भी ऊँटों पर, तारे हयात का पीछा कर ।। ४ समुद्र की सब लहरों पर, दुनिया की हर जुबानों पर, है उसका नाम, है उसका काम, सारा जहां लाये ईमान ।। 595 (५९५) Chord - F | S- Waltz / Ind. | T-126 / 92 कोरसः - ऐ मेरे खुदा ऐ मेरे खुदा, दिलों की हैकल में आजा, मैं तेरा और तू मेरा १ मुझको तुझसे प्रीत लगी तेरे वचन की आस लगी प्यासा हूँ मेरी प्यास बुझा ।। मेरे खुदा---- २ यह दुनियाँ एक सपना है कौन यहाँ पर अपना है मैं हूँ बालक तू है पिता ।। मेरे खुदा----- ३ पाप की घटा है छाई हुई रूह मेरी घबराई हुई सुन ले तू मेरे दिल की दुआ ।। मेरे खुदा-- 596 (५९६) Chord - C | S- Dholak | T-096 कोरसः - यीशु ने अपना खून बहाके, मुझे बचा लिया, क्यों मैं न गाऊँगा गुण उसी के मुझे बचा लिया ।। १ मैं जब गुनाहों में पड़ा हुआ था यीशु आ गया, उसके मारे जाने से मैं जीवन भी पा गया, इसलिये गाऊँगा गुण उसी के मुझे बचा लिया ।। २ मेरे गुनाहों का बोझ उठाकर क्या क्या न उसने सहा, मेरे गुनाहों को माफ कराने खून भी उसका बहा, कितना अनोखा है प्यार प्रभु का मुझे बचा लिया ।। ३ सेवा करेंगे प्यारे प्रभु की जैसा कि उसने कहा, मर भी मिटेंगे प्यारे प्रभु में जैसा कि उसने सहा, हर दम हम गायेंगे गीत उसी के हमें बचा लिया ।। 597 (५९७) Chord - A# | S- Dholak / Disco | T-098 / 102 १ महिमा से तू जो भरा हुआ, ज्योति में सदा रहने वाला, मनुष्यों में तूने जन्म लिया, फिर से यीशु जग में तू आयेगा, आयेगा यीशु---- २ भूमि आकाश में समा न सका, मन्दिरों में तू रह न सका, नम्र होकर चरनी में पैदा हुआ, मनों में हमारे घर तू बना घर तू बना---- ३ खोमे में आकर तू ही बसा, लोगों को अपने लिये फिरा, अग्नि और बादल में तू ही दिखा, फिर से यीशु अपना जलवा दिखा, जलवा दिखा---- ४ दानियेल की तूने प्रार्थना सुनी, एज्रा की तूने सहायता की, बाबुल में तूने बेदारी भेजी, अपने लोगों को फिर से दे रिहाई, दे रिहाई---- ५ तू ही हमारा राजा है, तू ही मुक्तिदाता है, फिर से आने वाला है, प्यारे प्रभु यीशु तू जल्दी आ, जल्दी आ---- 598 (५९८) Chord - E | S- Ballad / Aderia | T-082 १ जावें किसके पास ऐ गुनहगार यीशु है जिन्दगी, मौत से करता है वही पार यीशु है जिन्दगी । जिन्दगी रूहानी जिन्दगी गैरफानी ।। कोरसः - बख्शीश अजीब, राह है सलीब, लेओ तुम जिन्दगी ।। २ रूह और दुल्हन भी कहती आ यीशु है जिन्दगी, तू जो सुनता है कहता जा यीशु है जिन्दगी । सारी कौमें आवें, आब-ए-हयात वे पावें ।। ३ मुफ्त वह देता है सभों को यीशु है जिन्दगी, उसकी मौत का तुम हासिल लो यीशु है जिन्दगी । नकदी नहीं लाना उसके फजल से पाना ।। ४ यीशु लेता मैं तेरा नाम तू ही है जिन्दगी, बिल्कुल नाकिस है मेरे काम तू ही है जिन्दगी । तुझ पर आसरा मेरा, बन्दा हूँ मैं तेरा ।। 599 (५९९) Chord - Em | S- Ballad | T-082 कोरसः - प्यारा मसीह, प्यारा मसीह, लाखों में मेरा प्यारा मसीह ।। मेरा अकेला सहारा वही ।। १ दुनियां में और कोई नाम है नहीं, उसी ने मुझको दी अब्दी खुशी । मुझको बचाया, गुनाह से छुड़ाया, और किया है उसने अब मुझको बरी ।। २ बेटा खुदा का है प्यारा मसीह, मेरे फिदिये का है बर्रा वही ।। दुनियां में आया और लोहू बहाया, और जान अपनी प्यारी सलीब पर दे दी ।। ३ सूली पे चढ़के कफारा हुआ, वास्ते हमारे वह मारा गया । जख्मी हुआ और सताया गया । और फिर जिन्दा हुआ वह हमारा मसीह ।। 600 (६००) R. S. Mandrelle 1906-1971.Chord - C | S- Ballad / Dholak | T-082 कोरसः - उपकार की भेंटें अपनी (२) प्रभु को चढ़ाना है (३) १ जो भी हमारा प्रभु का सारा, जिसका उसको देना है, भण्डारी हम प्रभु के जग में, दसवां ही लौटाना है ।। प्रभु -- २ ख्रीष्ट प्रभु ने स्वर्ग को त्यागा, हमको प्रेम दिखाना है, हिस्सा दो प्रभु को जो कुछ हो, निज भेंटें भी लाना है ।। प्रभु-- ३ ईश्वर की है कृपा भारी, हमको धन्य मनाना है, सारा जीवन दे दो प्रभु को, तब आशिषें पाना है ।। प्रभु-- 601 (६०१) Chord - D# | S- Disco | T-092 बरकत और इज्जत और जय तेरी हो, और जय तेरी हो और जय तेरी हो, बरकत और इज्जत और जय तेरी हो, कि तू ही तख्त पर है । तारीफ, तारीफ हर एक जन ललकारें, तारीफ, तारीफ कि तू ही तख्त पर है ।। 602 (६०२) G. S. Mandrelle 1901-1953. खुशी खुशी मनाओ, खुशी खुशी मनाओ, बोलो बोलो मसीहा की जय जय जय, मेरे लिये आया, मेरे लिये जिया, मेरे लिये यीशु ने दुःख उठाया, मेरे लिये मारा गया, मेरे लिये गाड़ा गया, मेरे लिये फिर जी उठा मेरा है मसीह, मैं मसीह का हूँ, हम मसीह के हैं, खुशी खुशी मनाओ ।। 603 (६०३) Chord - E | S- Dholak | T-096 कोरसः - देखूँगा यीशु राजा को (२) मैं हर वक्त देखूँगा ।। १ कोड़े लानत सहने वाले यीशु राजा को । २ अपना खून बहाने वाले यीशु राजा को । ३ जान सलीब पर देने वाले यीशु राजा को । ४ मौत पर फतह पाने वाले यीशु राजा को । ५ शैतान का सिर कुचलने वाले यीशु राजा को । ६ बादलों पर आने वाले यीशु राजा को । ७ बाप के दाहिने बैठने वाले यीशु राजा को । ८ दूतों के साथ आने वाले यीशु राजा को । ९ राजाओं के राजा यीशु राजा को । 604 (६०४) सुन लो मेरे भाइयों, मसीह जी मेरा दुनियां में आया ।। १ दुनियां में आया, मुक्ति को लाया, पापी को आन बचाया, बचाने यीशु दुनियां में आया ।। सुन लो--- २ अन्धों को आँख, गूंगो को बोली, बहिरो को शब्द सुनाया, सुनाने यीशु दुनियां में आया ।। सुन लो--- ३ हम जब गुनाह में पड़े हुए थे, अद्भुत प्रेम दिखाया, दिखाने यीशु दुनियां में आया ।। सुन लो--- ४ दुनियां की खातिर क्रूस पर चढ़कर, अपना रक्त बहाया, बहाने यीशु दुनियां में आया ।। सुन लो--- ५ जो कोई उस पर विश्वास लाया, उसको मसीह ने बचाया, बचाने यीशु दुनियां में आया ।। सुन लो--- ६ धन धन यीशु स्वामी हमारे, हम को पिता से मिलाया, मिलाने यीशु दुनियां में आया ।। सुन लो--- 605 (६०५) G. S. MANDRELLE 1901-1953.Chord - C | S- Waltz | T-128 कोरसः - ज्योति से यीशु की दूर है अंधियारी, फूल उठी मन में, प्रेम की फुलवारी ।। १ तन मन तू सब धन तू, मालिक तू, जीवन है तू, जल थल में बादल में, शक्ति तेरी गर्जन है तू, कण कण में दिख पड़ी, छबि तेरी न्यारी ।। २ मार सहा क्रूस चढ़ा, रक्त बहा कुछ न कहा, कृपा तेरी मुक्ति मेरी, तेरा वचन साथ रहा, पापिन से प्रभुजी, प्रीति तेरी न्यारी ।। ३ शब्द तेरा गूँज उठा, जाग उठी तेरी लगन, सप्त सुमन प्यार की धुन, झूम उठा सारा गगन, बन्धन में डूब गई, यह दुनियाँ सारी ।। 606 (६०६) Chord - A# | S- 6/8 | T-082 १ आह वह प्यारी सलीब मुझे देख पड़ती है, एक पहाड़ी पर जो खड़ी थी, कि क्रूस घातित मसीह ने भी निन्दा उठा, पापियों के कारण जान दे दी ।। कोः- पस न छोडूंगा प्यारी सलीब, जब तक दुनियां में मैं रहूँगा, लिपटा रहूँगा मैं उसी से, है क्रूस घातित में नित्य आराम ।। २ आह वह प्यारी सलीब जिस की निन्दा होती, वह मुझे बहुत ही है भाती, कि खुदा के प्यारे और प्रतापी मसीह, ने पहुँचाया उसे कलवरी ।। पस न--- ३ मुझे प्यारी सलीब में जो लोहू लुहान, नजर आती है खूबसूरती, कि खुदा के मसीह ने प्रायश्चित किया, ताकि मिले मुझे जीवन भी ।। पस न--- ४ मैं उस प्यारी सलीब का रहूँ वफादार, सिपाही हमेशा जरुर, जब तक मेरा मसीह न करेगा मुझे, अपने अब्दी जलाल में मंजूर ।। पस न--- 607 (६०७) Chord - F | S- 6/8 | T-086 १ तेरा हूँ ऐ रब्ब ! सुनता तेरी बात जो बताती तेरा प्यार, मैं ईमान के साथ, आता तेरे पास, तेरा ही हूँ तलबगार ।। कोरसः - रख तू मुझको, मुझको, मुझको ऐ मसीह, जहां चश्मा क्रूस से खास, रख तू मुझको, मुझको, मुझको ऐ मसीह, अपने जख्मी पहलू पास ।। २ मुझको पाक कर अब, कि मैं तेरा काम, करूँ दिल से ठीक ओ खूब, तेरी मर्जी पाक मुझसे पूरी हो, तेरी मर्जी हो मसलूब ।। ३ कैसी राहत खास दिल को मिलती है, जब मैं जाता पाक हुजूर, जब मैं दुआ में आता तेरे पास, तब तू करता है मसरूर ।। ४ तेरा मीठा प्यार और भी जानूँगा, जब मैं जाऊँगा आसमान, जब मैं देखूँगा तेरे चेहरे को, तब खुश होगी मेरी जान ।। 608 (६०८) Chord - D | S- Waltz / Ind. | T-126 / 090 १ दिल के दाग को धोवे कौन, लहू जो कि क्रूस से जारी । मेरे मर्ज को धोवे कौन, लहू जो कि क्रूस से जारी ।। कोरसः - वह चश्मा है मामूर, दाग दिल से करता है दूर । है मुझको दिल मंजूर, लहू जो कि क्रूस से जारी ।। २ मेरे मर्ज का शाफी है, लहू जो कि क्रूस से जारी । मुआफी को वह काफी है, लहू जो क्रूस से जारी ।। ३ वह है मेरे कर्ज का दाम, लहू जो कि क्रूस से जारी । वह है मेरा खास इनाम, लहू जो कि क्रूस से जारी ।। ४ मेरी वह उम्मीद है खास, लहू जो कि क्रूस से जारी । रास्ती का है खुश लिबास, लहू जो कि क्रूस से जारी ।। ५ दुःख तकलीफ में है पनाह, लहू जो कि क्रूस से जारी । वह है मेरे घर की राह, लहू जो कि क्रूस से जारी ।। ६ मेरे गीत का है जमून, लहू जो कि क्रूस से जारी । मुझको करता है ममनून, लहू जो कि क्रूस से जारी ।। 609 (६०९) Chord - Em | S- Ballad | T-082 कोरसः - तेरे दिल के द्वार पर यीशु खटखटाता] खोलो तुम दरवाजा वह है आना चाहता ।। १ बनना चाहता है वह, हाँ हाँ तेरा ही मेहमान आज, तेरा रंज और फिकर वह उठाना चाहता ।। तेरे दिल--- २ खुशी अपनी देता हाँ-हाँ होवे तू जलाली, रात दिन तेरे साथ ही वह है रहना चाहता ।। तेरे दिल--- ३ तेरे खातिर मैं ने, हाँ-हाँ पहना ताज कंटीला, तुझको अब जलाली, ताज हूँ मैं पहनाता ।। तेरे दिल--- ४ बेवफा न हो तू, हाँ-हाँ मेरे खून खरीदे, कर मेरा इकरार तू, मुझसे क्यों शरमाता ।। तेरे दिल--- ५ खोलता हूँ दरवाजा, हाँ-हाँ दिल का ऐ मसीहा, आ और इसमें रह तू, मैं हूँ दिल से चाहता ।। तेरे दिल--- ६ यीशु प्यारो कहता, हाँ-हाँ कीमती वक्त है जाता, वक्त गया जो प्यारो, वापिस फिर नहीं आता ।। तेरे दिल--- 610 (६१०) १ प्रिय यीशु मसीह के दलवाले, हम सैनिक हैं हम सैनिक हैं, क्रूस कांधे पर रखने वाले, हम सैनिक हैं हम सैनिक हैं ।। २ बस शान्ति देव हमारा है, नम्रता कवच दृढ़ धारा है, रूहानी वस्त्र हमारा है, हम सैनिक हैं हम सैनिक हैं ।। ३ हम नित यीशु पर ध्यान करें, जीवन अपना बलिदान करें, मसीह प्रेम पर हैं मिटने वाले, हम सैनिक हैं हम सैनिक हैं ।। ४ मसीह प्रेम पर वारी जायेंगे, हम सूखे चने चबायेंगे, पीछे नहीं पैर हटायेंगे, हम सैनिक हैं हम सैनिक हैं ।। ५ दुनिया से नाता तोड़ दिया, माया को हमने छोड़ दिया, मन मसीह से अपना जोड़ दिया, हम सैनिक हैं हम सैनिक हैं ।। ६ मुक्ति का यही मार्ग माना, हृदय में यही है प्रण ठाना, आजाद रहें या मर जायें, हम सैनिक हैं हम सैनिक हैं ।। 611 (६११) १ तेरी शीरीन आवाज मैं सुनता हूँ खुदा] बुलाती पास उस चश्मे के सलीब से जो बहा ।। कोरसः - आता हूँ मसीह - आता तेरे पास, धोके साफ कर चश्मे से, जो बहता क्रूस से खास ।। २ आता कमजोर लाचार देख मेरी हालत को, नजासत से कर पाक ओ साफ-कि एक भी दाग न हो ।। ३ मसीह तू बख्शता है - कामिल प्यार ईमान, कामिल उम्मीद और चैन आराम - जमीन पर और आसमान ।। ४ तहसीन कफारे को, तहसीन मुफ्त फजल को, तहसीन मसीह को बख्शीश को अब मिलकर सब कहो ।। 612 (६१२) कोरसः - बोलो जय मिलकर जय बोलो जय यीशु की जय बोलो जय जय जय--- १ प्रेम तेरे की यही रीत, मन में भर दे अपनी प्रीत, तेरे प्रेम के गाएं गीत--- २ क्रूस पर अपना खून बहा, मुझ पापी को दी शिफा, मन मेरे तू बोल सदा--- ३ तेरी कुदरत की यह शान, खुद ही दाता खुद ही दान, पूरे कर मन के अरमान--- ४ खिदमत अपनी ले मुझ से, इस मन्दिर में तू बसे, हिन्द में तेरा नाम रहे--- 613 (६१३) R. S. MANDRELLE. 1905-1973. कोरसः - फुलवारी रे फुलवारी दुनियां प्रभु की फुलवारी ।। १ मेरे पिता प्रभु ने बनाई, हर रंग रंग से रंगाई । आकाश नील अरु नदी झील, देखो प्रभु की गुलकारी ।। २ इस बाग का यीशु माली, करता दिल से रखवाली । है प्रेम सात हरे भरे पोत, मैं हूँ उसकी एक क्यारी ।। ३ सब फूल देते हैं दुहाई, गाते प्रभु की चतुराई, ऐ बागबान मैं गाऊँ गान, बगिया तेरी है सुखकारी ।। 614 (६१४) Onward Christian Soldier १ यीशु के सिपाही आगे कदम मार । कि सलीब है आगे तू न हिम्मत हार । तेरा शाही पेशवा, है यीशु मसीह । उसके झंडे आगे, चलते हैं सरीह ।। कोरसः - यीशु के सिपाही आगे कदम मार । कि है सलीब आगे तू न हिम्मत हार ।। २ इस निशान को देख के, भागता है शैतान । आगे है सिपाही फतह अपनी मान । सना की ललकार से दोजख है लरजा । भाइयों नारा मार कर गाओ खुश इल्हान ।। ३ लश्कर यह कलीसियां, जंग पर चढ़ती हैं । मोमिनीन को याद कर आगे बढ़ती है । हम सब मिलकर भाइयो, एक ही बदन है । एक प्यार और उम्मीद में हम सब एक तन हैं ।। ४ ताज ओ तख्त है फानी राज है बे कियाम । यीशु की कलीसिया रहती है हरदम । यह है उसका वायदा ताकत दोजख की । नहीं हरगिज उस पर कभी होवेगी ।। ५ अब सब कौमों आओ, स्तुति में शामिल हो । नारे मारो गाओ जय जय सब कहो । बादशाह की तारीफ में, यीशु जिसका नाम । आदमी और फिरिश्ते गाते हैं हरदम ।। 615 (६१५) Chord - D | S- Waltz / Ind. | T-126 / 090 कोरसः - सहारा मुझको चाहिये, सहारा दे मुझे खुदा, मुझे सम्भाल मैं गिरा, मुझे सम्भाल मैं गिरा ।। १ कठिन हैं रास्ते बहुत हर एक मोड़ पर खतर, अंधेरे सायों को हटा दिखा दे मुझको अब सहर ।। २ जहाँ के रास्तों पे मैं अकेले चल न पाऊँगा, अगर जो चलना चाहूँ भी, फिसल के गिर मैं जाऊँगा ।। ३ ये बोझ जो गुनाहों का, मैं लेके आज चल रहा, उठायेगा अगर कोई, वो तू ही तो है ऐ खुदा ।। 616 (६१६) कोरसः - आना हमारे संग आना । हो यीशु के दर्शन को (१) १ बैतलहम की नगरी में । आज जन्मा चरनी में । भेंटें तुम्हारे संग लाना ।। हो - आना हमारे २ त्राणदाता जग का है । पुत्र प्रभु के निज का है । मुक्ति हमारे संग पाना ।। हो - आना हमारे ३ दूत गण गौरव गाते । बाल प्रभु को बहलाते । कीर्ति हमारे संग गाना ।। हो - आना हमारे ४ दो खबर यह दुनिया में । प्रेम मूर्ति धरनी में । देने हमारे संग आना ।। हो - आना हमारे 617 (६१७) कोरसः - मोरे मन मन्दिर प्रभु आन बसो । आन बसो, आन बसो, आन बसो । मोरे मन मन्दिर प्रभु आन बसो आन बसो ।। १ टूटा फूटा मन्दिर मेरा घोर पड़ा अंधियारा तुम आओ तो हो उजियारा, मन मन्दिर-- २ छोटा सा मन्दिर मेरा ख्रीष्ट बिना न बसेरा प्रेम कुटी में दो तुम डेरा, मन मन्दिर-- ३ यीशु मेरे मन्दिर आओ प्रेम दिया सुलगाओ ज्योत तुम्हारी अब चमकाओ, मन मन्दिर--

  • National Life 495-498 | Masihi Geet Sangrah

    देशी जीवन (National Life) 495 (४९५) “National Anthem.” जन गण मन अधिनायक जय हें भारत भाग्य विधाता ! पंजाब सिन्ध गुजरात मराठा द्राविड़ उत्कल बंग ! विन्ध्य हिमाचल यमुना गंगा उच्छल जलधि तरंग ! तव शुभ नामे जागे तव शुभ आशिष मांगे गाहे तव जय गाथा जन गण मंगल दायक जय हे भारत भाग्य विधाता जय हे, जय हे, जय हे, जय, जय, जय, जय हे 496 (४९६) JDUTT. कोः - वरो प्रभु ! हम को यह वरदान, करें हम मातृ-भूमि सम्मान । १ कपट कलह को हम सब छोड़ें, द्वेषराग से नाता तोड़ें, प्रेम नेम से मुख नहीं मोड़ें, करें आत्म उत्थान ।। २ दुर्गुण को हम दूर भगावें, सतगुण को हम कंठ लगावें, धर्म भाव और बुद्धि बढ़ावें, भरें हृदय में ज्ञान ।। ३ दीन दुःखी के बनें सहारा, बीमारों की जीवनधारा, परस्वारथ हो धर्म हमारा, रखें यही हम बान ।। ४ सदा देश का कलह निवारें, देश-दशा को शीघ्र सुधारें, देशोन्नति में सब कुछ वारें बनें देशहित प्राण ।। 497 (४९७) Bhajan Tunes No. 119. Chord - D | S- Ballad | T-086 प्यारा हिन्दुस्तान हमारा प्यारा हिन्दुस्तान । १ यही सुखों की कल्याणों की सब ही गुणों की खान, निश्चय सब ही गुणों की खान, सब ही गुणों की खान हमारा प्यारा हिन्दुस्तान।। २ चिन्ता इसकी करें हमेशा इसका धर अभिमान, सभी मिल इसका धर अभिमान, इसका धर अभिमान हमारा प्यारा हिन्दुस्तान ।। ३ देवें धन को देवें मन को अर्पण कर दें प्राण, सभी मिल अर्पण कर दें प्राण, अर्पण कर दें प्राण हमारा प्यारा हिन्दुस्तान ।। ४ स्वदेश सेवा करे न जन जो जीवित नहीं मृत जान, न जन जो जीवित नहीं मृत जान, जीवित नहीं मृत जान हमारा प्यारा हिन्दुस्तान ।। ५ भारत देश को ऐ परमेश्वर करो सदा लो त्राण, प्रभु जी करो सदा लों त्राण, करो सदा लो त्राण हमारा प्यारा हिन्दुस्तान ।। 498 (४९८) Bhajan Tunes No. 120. THOMA DAS. मेरा सोने का हिन्दुस्तान मेरा सोने का हिन्दुस्तान ।। तू है मेरे दिल का रोशन तू है मेरी जान ।। कोरसः- मेरा सोने का हिन्दुस्तान । १ नदी नाले तुझ में घनेरे, बढ़ाते तेरी शान । कैसे सुहावन हैं तेरे जंगल, पहाड़ी और मैदान ।। २ भांति भांति के फूल खिले हैं, पक्षी करते गान । कन्दमूल हैं तुझ में घनेरे, मेवा और मिष्ठान ।। ३ तांबा पीतल तुझ में मिलते, जिससे तू धनवान । हीरा मोती तुझ में मिलते, सोने रुपे की खान ।। ४ भक्त करते भक्ति तुझ में, ध्यानी करते ध्यान । कोई तो धोता पाप की गठरी, कर गंगा में स्नान ।। ५ पाप की नींद से जाग हे भारत, मत हो तू अज्ञान । तेरे खातिर यीशु मसीह ने दी है अपनी जान ।। ६ तेरे खातिर यीशु मसीह ने दी है अपनी जान । उसको अपना मित्र समझ कर, कर उस का सनमान ।। ७ दास विनय यह करता तुझ से, हे प्रिय हिन्दुस्तान । कर विश्वास प्रभु यीशु मसीह पर, तब तेरा कल्याण ।।

  • The Ministry 200–201 | Masihi Geet Sangrah

    ### चरवाहा और शिक्षक (The Ministry) #### 200 (२००) *“Far and near the fields are teeming.”* *8. 7. s. Far and near.* *J. O. THOMPSON.* १ दूर और पास अब खेत तैयार है खूब लहराता है अनाज खेत के स्वामी से है बिनती भेज तू बनिहार को आज ।। कोः- स्वामी तेरी बिन्ती करते भेज तू बनिहार को अब जिससे अन्न बटोरा जावे तेरे घर में पहुँचे सब ।। २ भेज जब सूर्य निकल आवे भेज जब पहर चढ़ी हो आज्ञा दे जब सांझ आ जावे खलिहान में जमा हो ।। ३ जल्दी कर कि बाल हैं झुके बांध सुनहरे पूलों को कि जब सांझ को घर लौट आवे आनंद पूरा तुझको हो ।। ….. 201 (२०१) “Lord speak to me that I may speak.” L. M. -- Canonbury or Maryton. FRANCES R. HAVERGAL, 1836-79. १ बोल मुझसे कि मैं बोल सकूँ हे प्रभु तेरी वाणी से तू खोज रहा मैं खोज करूँ उनको जो तुझसे दूर हुये ।। २ मुझे चला प्रभु कि मैं चलाऊँ भटके हुओं को मुझे खिला प्रभु कि मैं खिलाऊँ तेरे भूखों को ।। ३ दे बल कि खड़ा होते ही तुझ दृढ़ चटान पर और बलवान मैं उन्हें थामूँ जिनका जी घबराता है बिन पाये त्राण ।। ४ मुझे सिखा कि औरों को सिखलाऊँ तेरी बात और न्याय और मेरा बोलना यों ही हो कि सब के हृदय में गड़ जाये ।। ५ अपना ही कुशल मुझे दे कि शान्तिदायक बातों को मैं बोलूँ पाके तुझी से दुख से दबाये हुओं को ।। ६ अपनी भरपूरी से भर दे कि प्रेम से ही मन उछले नित्य और तेरी स्तुति करने से दिखाऊँ तेरा प्रेम अमित ।। ७ मुझे ही को प्रभु काम में ला जब कभी तेरी इच्छा हो जब तक कि तेरे सामने आ न देखने पाऊँ तुझी को ।।

  • The Lord’s Supper 209–218 | Masihi Geet Sangrah

    प्रभु भोज (The Lord's Supper) 209 (२०९) 7s. Zurich or Ratisbon. JOHANN FRANCK, 1677. १ अपने को हे प्राण संवार पाप का बंधन तोड़ उतार निकल आ उजाले में अपनी ज्योति चमकने दे क्यों जो तेरा त्राता है तेरे कने आता है ।। २ सिद्ध हो दुलहिन के समान उसकी भेंट को धन्य मान मन के फाटक को दे खोल उससे तू यह बातें बोल हे मन दूल्हा भीतर आ मेरे पास तू रह सदा ।। ३ कांपते कांपते कर हुलास दया देख है उसके पास मन्ना है चंगेरी में जीवित पान कटोरे में और वह कहता है कि ले यह है मेरा रक्त और देह ।। ४ बूझ के बाहर और अपार हे प्राण हितू यह अधार पर विश्वास मैं करता हूँ और यों निकट आता हूँ तेरी इच्छा है कि आ खा और पी और तृप्त हो जा ।। ५ मैं अयोग्य हूँ और अधमय सच तथापि हो सदय तो मैं जाऊँ किसके पास जो न खावे तेरा मांस तेरे रक्त को पीवे ना सो न जीवन चखेगा ।। ६ प्रीतम त्राणी मेरी सुन अपनी मृत के सारे गुण मेरे मन में जीवन भर इसी भोज से प्रगट कर और तब स्वर्ग बियारी में मुझे भोगी होने दे ।। 210 (२१०) “There is a fountain filled with blood.” C. M. -- S. S. SS. 129 or Remember Me. WILLIAM COWPER, 1731-1800. Chord - A# | S- Ballad | T-078 १ इम्मानुएल के लोहू से एक सोता भरा है जब उसमें डूबते पापी लोग रंग पाप का छूटता है ।। २ वह डाकू क्रूस पर उसे देख पाप मोचन पाया तब हम वैसे दोषी उसी में पाप अपना धोवें सब ।। ३ जब तक मसीह की मंडली पूर्ण सब पाप से बच न जाय तब तक उस अनमोल रक्त का गुण न कभी होगा क्षय ।। ४ मैं जब से तेरे बहते घाव विश्वास से देखता हूँ मोक्षदायी प्रेम को गा रहा और गाऊँ मरने लों ।। ५ और जब यह लड़खड़ाती जीभ कबर में चुप रहें तब तेरी स्तुति करूँगा और मीठे रागों से ।। 211 (२११) “I hear thy welcome voice.” S. S. S. 475. L. HARTSOUCH. Chord - C | S- "---"/E.Movie | T- "---" १ उस मीठी वाणी को, मैं सुनता हूँ तेरी बुलाती पास उस सोते के, जो बहता क्रूस से ही ।। कोरसः- आता तेरे पास, आता हूँ मसीह धोके शुद्ध कर सोते से, जो बहता क्रूस से ही ।। २ आता अशुद्ध निर्बल, देख मेरी दशा को मलीनता से कर शुद्ध और साफ़, कि एक भी दाग न हो ।। ३ पूरा पिया Vश्वास, तू देता है मसीह पूरी आशा और चैन विश्राम, इस जग और स्वर्ग में भी ।। ४ और मेरे मन में तू, अपने निज आत्मा से सब अच्छे गुणों को उपजा, और सिद्ध तू कर मुझे ।। ५ तू अपने भक्तों को, विश्वास दिलाता है कि अपनी हर प्रतिज्ञा को, तू पूरी करता है ।। ६ धन्य पावन रुधिर को, धन्य मुक्तिमय दया को हमारे प्रभु यीशु को, धन्य अब और सदा हो ।। 212 (२१२) “Twas on that night.” L. M. -- Rockingham. १ जिस रात को पकड़ा जाता था कि काठ के क्रूस पर मारा जाय उस रात मसीह ने रोटी ली और करके धन्यवाद तोड़ दी ।। २ वह शिष्यों से यों बोला तब देह मेरी लेओ खाओ सब और जब जब ऐसा करते हो तब मेरा स्मरण सदा हो ।। ३ कटोरा भी उसने उठा फिर धन्य माना पिता का तब उसे दिया उनके हाथ और बोला अत्यन्त प्रेम के साथ ।। ४ यह नये नेम का लोहू है जो मेरी देह से बहता है तुम पीयो सब विश्वासियों कि मोक्ष की पूरी आशा हो ।। 213 (२१३) “Nothing but the blood of Jesus.” S. S. S. 874. B. LOWRY. Chord - E | S- Ballad | T-082 १- मेरे पाप क्या धोवेगा, प्रभु यीशु ख्रीष्ट का लोहू मुझे शुद्ध क्या करेगा, प्रभु यीशु ख्रीष्ट का लोहू ।। कोरसः- वह कैसा सोता है, हो उसके गुण की जय न दूसरा है उपाय, प्रभु यीशु ख्रीष्ट का लोहू ।। २- क्या दे सकता निर्मलता, प्रभु यीशु ख्रीष्ट का लोहू कारण क्या है क्षमा का, प्रभु यीशु ख्रीष्ट का लोहू ।। ३- कारण है मिलाप का क्या, प्रभु यीशु ख्रीष्ट का लोहू कुछ न मेरी योग्यता, प्रभु यीशु ख्रीष्ट का लोहू ।। ४- यह है मेरी पूरी आस, प्रभु यीशु ख्रीष्ट का लोहू यह है धर्म मेरे पास, प्रभु यीशु ख्रीष्ट का लोहू ।। 214 (२१४) “Not Worthy Lord to gather up the crumbs.” 18s. Eventide. १ मैं नहीं योग्य हूँ प्रभु लेने को चूरचार जो गिरते तेरी मेज पर से देख ले इस थकित अधम पापी को जो आता तेरे ही बुलाने से ।। २ मैं तेरा पुत्र के होने योग्य नहीं न सब से नीचे मेज पास बैठने के मैं दूर तक भटका धोखा खाया भी अब मांगता केवल क्षमा तुझी से ।। ३ केवल एक बात हे प्रभु मुझ से बोल तो मैं फिर साहस पाके लडूंगा इस बात को मन में रख मैं बिना डोल जग और शैतान के क्रोध को सहूँगा ।। ४ है दया करना तेरा अधिकार दया असीम अगाध तू करता है हे प्रभु क्षमा कर मुझ दुराचार कृपा दिखाना गौरव तेरा है ।। ५ तू मुझसे कहता आके ले विश्राम मैं छेदित पाँवो पास जल्दी आता हूँ तू मुझे लाता है बीच अपने धाम यहाँ मैं तेरा भोजन करता हूँ ।। ६ आह मेरी स्तुति केवल है विनय और मेरी चाह तुझ में लीन होती है मुझ में बास कर हे प्रभु हर समय साथ खाने दे और साथ खा कृपामय ।। 215 (२१५) “Rock of Ages.” 7s Toplady or Redhead 76. A. M. TOPLADY, 1740-78. १ यीशु मेरा शरणस्थान तुझ में मेरा है कल्याण तेरे छिदे पंजर से लोहू जल जो बहे थे मेरे पाप को धोते हैं हर कलंक को खोते हैं ।। २ भला जो मैं करता हूँ आँसू जो मैं भरता हूँ धर्म का कर्म जो मेरा हो मेरे पाप छुड़ाने को तनिक काम न आता है केवल तू छुड़ाता है ।। ३ छूछे हाथ मैं आता हूँ तेरा क्रूस मैं पकड़ा हूँ मेरी सब मलीनता को अपने लोहू से तू धो नंगा हूँ अधम लाचार धर्म से मुझे तू संवार ।। ४ सांस जब तलक चलती हो वा जब सांस निकलती हो जब मैं उड़ूँ लोकों पार होगा जब मेरा विचार यीशु मेरे शरणस्थान तुझ में मेरा है कल्याण ।। 216 (२१६) “O King of mercy, from Thy throne on high.” 10. 10. Coena Domini or Pax Tecum. १ हे कृपा नाथ कान धरके स्वर्ग से हमारी सुन और हमें दर्शन दे ।। २ रक्त से बचाई हुई भेड़ों को चराके नित्य उनका रखवाला हो ।। ३ हे प्रभु अपने मरने से दिला हम मृतकों को जीवन सदा का ।। ४ तू स्वर्गीय रोटी है हम तुझ से खायें और नित्य उस आत्मिक भोज से तृप्त हो जावें ।। ५ पापी का मित्र आश्रहीन की आस तू है और मन का सुख भी तेरे पास ।। ६ अब आके हमें तू आनन्दित कर आँख तेरी रहें अपने दासों पर ।। ७ मेघ में हर दिन हमारे आगे जा और रात को आग से सदा राह दिखा ।। ८ संग सदा चल रह जहाँ हम रहें संभाल इस जीवन भर और मृत्यु में ।। 217 (२१७) L. M. Hamburg or Rockingham. १ हे प्रभु तेरी आज्ञा से हम मिल के बैठते खाने को तू जैसा बोला शिष्यों से कि मुझे स्मरण यूँ करो ।। २ हाँ यीशु तुझे जीवन भर निरंतर स्मरण करेंगे और तेरी उत्तम सेवा पर तन मन आनन्द से सौंपेंगे ।। ३ दाखरस और रोटी का दृष्टान्त निज देह का तू ने दिया है रक्त तेरा शान्ति देता है देह तेरा सच्चा भोजन है ।। ४ तू दे हम सबको सत्य विश्वास न खाने में निष्फलता हो और कृपा कर कि तेरे दास सब पावें स्वर्गीय भोजन को ।। 218 (२१८) Bhajan Tunes No. 26. PRABHU DAS. रुधिर अमोल यीशु जी को भाई । १ मुक्ति अमोल पदारथ अघसे - आदम दीन गंवाई ।। २ ईश्वर पुत्र दयाल हमारे - हम हित मुक्ति कमाई ।। ३ भटके खोजन यीशु आये - मानुष देह बनाई ।। ४ अपना लोहू बदला देके - हम हित मुक्ति कमाई ।। ५ जैसे गिरि से गंगा उतरी - मानुष पियन नहाई ।। ६ पापिन तारण कारण यीशु - अपना रुधिर बहाई ।। ७ रुधिर अमोल यीशु का जग में - मुक्ति हेतु ठहराई ।। ८ धारा पाँच मसीहा जी ने - बादल सम बरसाई ।। ९ दिवस तीसरे यीशु जी ने - मृत्यु पर जय पाई ।। १० प्रभुदास की बिन्ती प्रभु जी - लीनो माहि बचाई ।।

  • The Communion of Saints 182-185 | Masihi Geet Sangrah

    Holy Communion of Saints 182-185: Beautiful Hindi Christian Songs for the Lord's Supper. Get accurate Masihi Geet lyrics for your congregation. ### मण्डली (The Communion of Saints) #### 182 (१८२) *“Tis a pleasant thing to see.”* *7. 7. 7. 7. Dijon or Weber.* १ क्या मनोहर भली बात- जहां भाई हाथ में हाथ । ले चलते और सब एक चित- ख्रीष्ट की आज्ञा के निमित ।। २ तब तो हर एक उत्तम दिन- शान्ति आनंद और कल्याण । ओस के तुल्य उतरेगा- वहां आशिष बसेगी ।। ३ प्रभु यीशु प्रेम से पूर- प्रेम से हमको कर भरपुर । जिससे जग में हो प्रकाश- कि हम सचमुच तेरे दास ।। ४ पिता और पवित्रआत्मा- तेरे संग एक है सदा । वैसा प्रेम के बंधन में- हमको भी तू एक कर दे ।। ५ हर एक मन में प्रेम सुलगा- प्रेम में मन से मन गठा । प्रेम हम सब में मरने लों- सफल सिद्ध निष्कपट हो ।। ६ एक हो दूसरे के आधीन- होवे दीनता कपटहीन । मंदा मृदु और सदय- क्षमावान और धीरसमय ।। ७ हे पियारे तारणहार- हम में जैसे परिवार । रह जब तक न तेरे पास- स्वर्ग में पावेंगे निवास ।। #### 183 (१८३) *“Let saints on earth in concert sing.”* *C. M. -- French Dundee or St. Anne.* १ गीत गावें संत इस जगत के और स्वर्ग के संत के साथ कि दास हमारे राजा के सब होते एक ही जात ।। २ हम उसमें एक घराना हैं इस लोक और उसके भी पर अभी अलग होते हैं मृत्यु के कारण ही ।। ३ एक सेना जीवित ईश्वर की हम उसके वश में हैं कुछ लोग हैं उतरे पार नदी कुछ अब उतरते हैं ।। ४ इस पल भी बहुत उसके दास उस लोक में जाते हैं और बहुत आके नदी पास विश्राम को ताकते हैं ।। ५ नित अगुवा हे प्रभु हो और दिन में मृत्यु के विभाग कर यर्दन नदी को और हमें स्वर्ग में ले ।। #### 184 (१८४) *“The church's one Foundation.”* *7. 6. 7. 6. 7. 6. Aurelia.* *SAMUEL J. STONE, 1839-1900.* *Chord - D | S- "---"/M.Ballad | T- "---"/ 084-090* १ नेव सारी मंडली ही की है यीशु प्रभु नाथ वह नई सृष्टि उसकी वचन और जल के साथ । वह उसे ढूँढ़ने आया कि उसकी दुलहिन हो अपना ही रक्त बहाया उसे मोल लेने को ।। २ हर देश से चुनी हुई यह मंडली एक ही है एक उसके त्राण की झंडी एक प्रभु एक आश्रय । एक नाम की स्तुति करती एक भोज को खाती भी एक आस की बाट वह जोहती सब शोभा है उसकी ।। ३ जो लोग चिढ़ाते देखते वह कैसी निन्दित है उसमें है फूट बखेड़े वह अति क्लेशित है पर तौ भी संत लोग जाग के “कब लों” पुकारते हैं अब दुःख के दिन जल्द बीतते दिन सुख के आते हैं ।। ४ अब दुःख और पीड़ा होते और झंझट लड़ने की पर तौभी हम बाट जोहते सदा के कुशल की । जब तक हमारी आँखें न देखे स्वर्ग को और मंडली जयवंत होके विश्राम न पाती हो ।। ५ पर संगति है उसकी त्रिएक परमेश्वर से और उनके संग भी रहती जो चैन को पा चुके । है धन्य वे उसही लोक के उनके सदृश्य हम हों और ख्रीष्ट के साथ दीन होके हम रहें सदा लों ।। #### 185 (१८५) *“For all the saints.”* *10. 10. 10. 4.* *WILLIAM WALSHAM HOW, 1823-93.* १ हे यीशु हम सराहते तेरा नाम कारण उन्हों के जो विश्वास को थाम सो गये और अब करते है विश्राम । हाल्लेलूयाह ।। २ तू ठहरा उनका बल चट्टान और कोट प्रधान और प्रभु बैरियों से ओट तू दुख की रात में रहा उनकी ज्योत । हाल्लेलूयाह ।। ३ सब योद्धा तेरे दृढ़ विश्वस्त रहें संतों के ऐसे साहस से लड़ें और उनके साथ जय मुकुट भी पावें । हाल्लेलूयाह ।। ४ हम लोग भी उनकी संगति में हम अब तक लड़ते वे विश्राम में हैं हम सब एक हैं कि हम सब तेरे हैं । हाल्लेलूयाह ।। ५ और यदि थकित हो लड़ते रहें स्वर्ग से हम उनका जय जयकार सुनें कि मन में साहस हो बल भुजा में । हाल्लेलूयाह ।। ६ अस्त होता सूरज निकट आई शाम और थोड़ी देर तक योद्धा मन को थाम तू परादीस में पावेगा विश्राम । हाल्लेलूयाह ।। ७ लो महा तेज से पौ फिर फटेगी सब संत लोग उठ पावेंगे महिमा और महिमा का राजा आवेगा । हाल्लेलूयाह ।। ८ धरती के अंत और सागर पार से आ मुक्त लोग पैठेंगे स्वर्ग में और सदा गावेंगे धन्य त्रय की महिमा । हाल्लेलूयाह ।।

  • Fellowship & Service 383-392 | Masihi Geet Sangrah

    सत्संगति और सेवा (Fellowship & Service) 383 (३८३) “O Master let me walk with Thee.” WASHINGTON GLADDEN, 1836-1918. Chord - D# | S- Ballad | T-080 १ इष्ट सेवा के सत मागों में हे प्रभु तेरे साथ चलूँ खोल अपने भेद और सामर्थ दे कि श्रम का बोझ और खेद सहूँ ।। २ सहायता दे कि मन्दों को प्रेम पूर्ण शब्दों से जगा दूँ मुझे सिखा कि भटके पांव मैं स्वर्ग के मार्ग पर ले पहुँचाऊँ ।। ३ धीरज दिला नित्य तेरे संग तेरी निज संगति में रहूँ जिस काम से होता दृढ़ विश्वास जो आश जयवन्त है मैं करूँ ।। ४ उस आशा में जो देती ज्योति दूर तक मार्ग पर भविष्य के उस शान्ति में जो तेरी है साथ अपने प्रभु जीने दे ।। 384 (३८४) “Am I a soldier of the cross.” C. M. -- S. S. S. 672. ISAAC WATTS, 1674-1748. Chord - C# | S- 6/8 | T-088 १ क्या मैं जो चेला मेम्ने का और क्रूस का योद्धा हूँ शर्माऊँ नाम के मानने से और सेवा न करूँ ।। कोरसः- नाम से प्यारे प्रभु के जिसने दिया अपना प्राण विश्वास से क्रूस उठाऊँगा ख्रीष्ट यीशु के समान ।। २ जयफल परिश्रम संकट से औरों ने पाया है क्या बैठूँ मैं आराम के साथ सुख भोगूँ हर समय ।। ३ क्या दुष्टो का मैं सामना कर शैतान से न लडूँ संसार पर क्या मुक्त होने का भरोसा मैं करूँ ।। ४ जो राज्य मैं करना चाहता हूँ तो निश्चय लड़ना है सहूँगा दुःख परिश्रम को जब तक न हो विजय ।। 385 (३८५) “Must I go and empty handed.” P. M. -- S. S. S. 89. C. C. LUTHER. Chord - B | S- Waltz | T-124 १ क्या मैं छूछे हाथ से जाऊं अपने प्यारे यीशु पास उसकी सेवा मैं न करूँ न और होऊं उसका दास ।। कोरसः- क्या में छूछे हाथ से जाऊं अपने प्यारे यीशु पास उसके पास कुछ न ले जाऊँ तो मैं रहूँगा उदास ।। २ मृत्यु से मैं कुछ न डरूं प्रभु मुझे थामता पर मैं संग कुछ न ले जाऊँ इस से लज्जित होना है ।। ३ हाय मैं था निश्चित निकम्मा मौका मैं ने खोया था मौका मुझको फिर जो मिलता काम मैं करता प्रभु का ।। ४ जब तक दिन है कर परिश्रम मन लगा के साथ विश्वास उसका समाचार सुनाके ला बहुतेरे यीशु पास ।। 386 (३८६) “Where cross the crowded ways.” L. M. -- Walton or Rockingham. FRANK MASON NORTH, 1850-1935. १ जां मिलते जग की भीड़ के मार्ग जां होती जाति और कूल की छूत हम स्वार्थी युद्ध से भी अधिक तेरी सुनते मनुष्य के पूत ।। २ कष्ट कंगालपन के अड्डों पर जां भय की छाया पड़ती है जिस मार्ग में लालच दबका है आंसू तेरे दरसते हैं ।। ३ कोमल बालपन की निर्बलता स्त्रियों का शोक मनुष्य की हार भूख पीड़ित प्राण और दुःख का बोझ सब तेरे दिल पर रखते भार ।। ४ जो प्याला तेरे नाम से हो उसमें अब तक है तेरा क्षेम पर तौभी भीड़ यह चाहती है कि देखें तेरे मुख का प्रेम ।। ५ हे प्रभु अब पहाड़ पर से तू दुःखित मन को चंगा कर इन अस्थिर भीड़ों में तू रह पांव नागरिक मार्गों में फिर धर ।। ६ जब तक लोग सीख के तेरा प्रेम तेरे निज पदों पर चलें और नगर अपने ईश्वर का तब उतरे तेरे स्वर्ग में से ।। 387 (३८७) “Sow in the morn thy seed.” JAMES MONTGOMERY, 1771-1854. १ बिहान को बीज बो दे हाथ सांझ को मत उठा हो अलग सारी चिंता से हर कहीं बीज फैला ।। २ तू बीज फलदाई को न चीन्ह कर सकेगा आशिशित जहां कहीं हो वह सब उगावेगा ।। ३ प्रगट फिर होवेंगे अंकुर सुहावने और बोलें डंठल शोभा से सब पूरित होवेंगे ।। ४ निष्फल न होगा काम क्योंकी उस दाने को ठण्ड आवेंगे और मेंह और घाम सब पक्का करने को ।। ५ फिर दिन में ईश्वर के जब प्रभु आवेंगे दूत काटनेहारे उतर के खत्ते में रखेंगे ।। 388 (३८८) “Sowing in the morning.” 6. 6. 6. 5. D. S. S. S. 757. KNOWLES SHAW. Chord - A | S- 6/8 | T-088 १ भोर के समय बोते दयारूपी बीज को धूप में भी परिश्रम करते संध्या लो धीरज से काम करते फल की बाट हम जोहते कटनी में आनंद से फल हम पावेंगे ।। कोरसः- काम का पूरा फल काम का पूरा फल लावेंगे आनंद से काम का पूरा फल ।। २ हम दौड़ धूप को सहते छाया में भी बोते बादल से न ठण्ड से साहस छोड़ेंगे कटनी के समय पर पक्का फल मिलेगा तब आनंद से काम के फल हम पावेंगे ।। ३ प्रभु ख्रीष्ट के लिये रोते हुए बोवें यदि हानि देख के हम घबराते हों दुःख का अन्त तो होगा प्रतिफल वह देगा तब आनंद से काम के फल हम पावेंगे ।। 389 (३८९) “To the work, to the work.” FANNY CROSBY, 1820-1915. Chord - D | S- 6/8/Shuffle | T-090 १ सेवा में सेवा में हम नित्य तत्पर रहें और यों ख्रीष्ट के आदेश को हम पूरा करें लेकर उस ही की शक्ति और होकर बलवान जगत भर में प्रचारें कि सेंतमेंत है त्राण ।। कोरसः- करो काम शक्ति भर करो काम धीरज धर रख के आश और विश्वास तन मन से काम कर यीशु का ।। २ सेवा में सेवा में भूखों को सब खिला और पियासों को जीवन के सोते पर ला लेकर क्रूस को हम ख्रीष्ट का फिर करें बयान जगत भर में प्रचारें कि सेंत मेंत है त्राण ।। ३ सेवा में सेवा में हम सब होवें बलवन्त जिससे शत्रु के राज्य पर हम होवें जयवन्त लेकर प्रभु के नाम को जो है सर्वप्रधान जाकर सब को हम कहें कि सेंत मेंत है त्राण ।। ४ सेवा में सेवा में जो हम रहें लौलीन तो हम आगे न होवेंगे मुकुट विहीन और जब स्वर्ग में नित्य होवे हमारा निज स्थान तब वहां हम गावेंगे कि सेंत मेंत है त्राण ।। 390 (३९०) “My glorious victor, prince divine.” L. M. -- Gideon or Melcombe. H. C. G. MOULE. १ हे जयवन्त प्रभु दैविक मीत तू अपना दास बना मुझे अब मेरी इच्छा तेरी है तू मुझे अपने वश कर ले ।। २ हे नाथ द्वार के पास ले जा वहां मनछेदन कर मेरा तुझ में दासत्व मोक्ष ही है तू मुझे दास कर रख सदा ।। ३ हां कान और हाथ और सोच और चाह तू अपनी सेवा में लगा स्वाधीनता को मैं करके त्याग आप डालता तेरे पांव तले ।। ४ वहां उसे दबाये रख तब हाथ भरपुर दान तेरे से तेरी सेवा में यत्न कर औरों को लाऊँ पास तेरे ।। 391 (३९१) “L. M. Rivauls or Winchester New.” १ हे प्रिय पिता यह वर दे कि तेरे मुख की ज्योति में मैं सदा शान्ति से रहूँ और तेरा नाम प्रचार करूँ ।। २ तू मुझ बलहीन को शक्ति दे कि तेरे प्रेम के बल ही से मैं औरों को खींच सकूँ यों तेरी सेवा में रहूँ ।। ३ तू अपना प्रेम अब मुझ में भर और बार बार मुझे शुद्ध तू कर कि तुझ से मैं भरपुर रहूँ यों तेरी महिमा करूँ ।। ४ मैं बनूँ प्रभु तेरे तुल्य हो मुझमें तेरा रूप बहुमूल्य जब तक कि देखने से मुझे न देखने पावें सब तुझे ।। ५ यूँ पिता अपना प्रेम बता यूँ अपने को प्रत्यक्ष दिखा जब तक कि प्रेम की अग्नि से सब मेरा स्वार्थ न नाश होवे ।। 392 (३९२) ग़ज़ल जग सेवक चर हैं हम हम हम, सब सेवक वर हैं हम हम हम ।। १ सेवक चर हैं सेवक वर हैं सुचिता शील दया के घर हैं । सेवा में रहते तत्पर हैं करते हर दम श्रम श्रम श्रम ।। २ कष्ट कहीं पर जो सुन पावें सुनते ही एक दम वां धावें । जो कुछ कर सकें मदद पहुँचावें मुस्तैदी से हम हम हम ।। ३ चाहे पड़ रही धूप कड़ी हो वर्षा की लग रही झड़ी हो । कड़क के बिजली तड़क रही हो चमक रही हो चम चम चम ।।

  • The Lord’s Day 189-194 | Masihi Geet Sangrah

    ### प्रभु का दिन (The Lord's Day) #### 189 (१८९) *L. M. -- Old Hundred or Erfurt.* १ अब आया है विश्राम का दिन परमेश्वर के आराम का चिन्ह अब छोड़ें सब सांसारिक काम पवित्र करें हम विश्राम ।। २ जो क्रूस के ऊपर मरा था इतवार को जीवित हुआ था आज उसने मौत पर प्रबल हो तोड़ दिया कबर बंधन को ।। ३ सांसारिक काम अब बन्द रहे और आत्मा हम में वास करें सिर्फ मुंह से तुझको न भजें पर आत्मा और सच्चाई से ।। ४ महा विश्राम एक आवेगा जगत आराम तब पावेगा उपद्रव तब होवेंगे बन्द और मिलेगा अत्यन्त आनंद ।। #### 190 (१९०) *“Safely through another week.”* *7s. Sabbath.* *JOHN NEWTON, 1725-1807.* १ ईश्वर ने अठवारे भर रक्षण किया सभों को सो हम जावें उसके घर उससे माँगें वर सदा सब में श्रेष्ठ और उत्तम दिन स्वर्गीय सुख विश्राम का चिन्ह ।। २ तुझसे क्षमा मांगते हैं ख्रीष्ट के प्यारे नाम को ले आज तू हम पर प्रगट हो पाप और लाज को दूर कर दे छोड़कर सब सांसारिक काम तुझमें करें आज विश्राम ।। ३ तेरे सम्मुख आते हैं तेरी स्तुति करने को अपना गौरव दिखा अब बीच में तू उपस्थित हो आज तू स्वर्गीय भोजन का स्वाद हम सभों को चखा ।। ४ संत को शान्ति वचन दे तेरी मानें पापी लोग यीशु के अनुग्रह से होवे दूर सब शोक और रोग ऐसे हों सब विश्रामवार जब तक रहें यह संसार ।। #### 191 (१९१) *“This is the day of light.”* *S. M. Frankonia or Dennis.* *J. ELLERTON.* १ ज्योत का दिन यह है ज्योति हो सभों पर हे प्रभु आज ही हो उदय अंधेरा दूर तू कर ।। २ यह दिन विश्राम का है बल नया हमें दे मन चिंतित व्याकुल थका है शान्त होवे तुझ ही से ।। ३ यह मेल का दिन भी है मेल अपना हम में भर सब फूट और झगड़ें होवे क्षय समाप्त तू उन्हें कर ।। ४ यह दिन है प्रार्थना का मन आदकारी दे तू उसे अपनी ओर उठा और भेंट कर हमों से ।। ५ यह सब से उत्तम दिन यह तेरा विश्रामवार विश्राम न होगा तेरे बिन हे मेरे प्राणाधार ।। #### 192 (१९२) *“Happy Day.”* *S. S. S. 866.* *PHILLIP DODDRIDGE, 1702-1751.* *Chord - F | S- Waltz | T-124* १ परमेश्वर ही की दया से हम सभों को है कुशल क्षेम । हे ईश्वर तू यह सामर्थ दे कि करें तेरा नेम और प्रेम ।। कोरसः- स्तुति से स्तुति से इस दिन को मानें प्रभु के । यीशु मसीह के कारण से सब पाप को क्षमा कर तू दे स्तुति से स्तुति से इस दिन को मानें प्रभु के ।। २ आनन्द से जावें तेरे घर आराधना करें तेरी ही । हे यीशु हम पर दयाकर निर्बल को बल दे सामर्थी ।। ३ हम सभों का तू शिक्षक हो और अपना धर्म प्रकाशित कर जो निश्चिंत हो जगा उनको तू प्रगट हो सब लोगों पर ।। ४ जो हम पर आवे मरणकाल हम हो आनन्दित और निडर । और जावें तुझ पास दीनदयाल तू यह अनुग्रह हम पर कर ।। #### 193 (१९३) *7s Ohne Rast harts.* १ पूरा है छः दिन का काम आया है अब दिन विश्राम पावन शब्बात रविवार तेरी शोभा है अपार ।। २ मन से दूर हो हे संसार तुझको मैं न करता प्यार ख्रीष्ट यह मन तेरा है घर सदा उस में रहा कर ।। ३ बिनती करना तू सिखा स्वर्ग का मार्ग हमें दिखा वचन पर स्थित रहने को आशिष दे हम सभों को ।। ४ हे परमेश्वर सत्य अकथ जो हे मेरे प्राण का पथ मेरे मन में हो प्रकाश पूरी कर दे मेरी आस ।। #### 194 (१९४) *L. M. Duke Street or Bresau.* १ हम आये है आराधना को मसीह हमारे बीच में हो आराधना कर तू आशिष दे हो आत्मा और सच्चाई से ।। २ प्यार हमारे दिल में भर और अपनी ओर से शिक्षा दे सांसारिक चिंता से बचा और अपनी बातों पर लगा ।। ३ धर्म पुस्तक पढ़ी जावे जब प्रभावक कर तू उसको तब कि अपने कान से सुने जो हम दिल से मानें उसी को ।। ४ जब जब हम गावें गीतों को हमारा गान ग्राह्य हो जब सुनें सत्य की बातों को हमारे दिल पर अंकित हो ।। ५ जब वक्त हो प्रार्थना करने का तब सुन हमारी हे पिता धन्यवाद और स्तुति ग्रहण कर पाप भूल हमारी क्षमा कर ।। ६ तू ही हमारे बीच में हो तू दे विश्वास हम सभों को डाल अपना आत्मा मंडली पर और सबके दिल पवित्र कर ।।

  • Children's Songs 499-557 | Masihi Geet Sangrah

    बालकों के गीत (Children's Songs) 499 (४९९) “Now the day is over.” SABINE BARING GOULD, 1834-1934. १ अब है दिन बीत गया रात फिर आती है सन्ध्याकाल की छाया जग पर छाती है । २ अब अंधेरा फैलता तारे निकले हैं पशु फूल और पक्षी जल्द सो जाते हैं । ३ थकों को हे यीशु चैन आराम अब दे अपनी आशिष देकर हमें नींद भी दे । ४ छोटे बालकों को दर्शन हो तेरा सागर पर जो फिरते जोखिम से बचा । ५ दुःख में जो तड़पते उन्हें शान्ति दे जो बुराई को चाहते उन्हें रोक तू ले । ६ रात भर मेरा रक्षण करें दूत तेरे उन के परों तले रहूँ कुशल से । ७ और जब हो सबेरा तब फिर उठूँ मैं शुद्ध हो और पवित्र तेरे देखने में । ८ महिमा हो पिता की महिमा पिता की और तेरी धन्य आत्मा अब और नित्य भी । 500 (५००) To tune of “Old Black Joe.” १ आज है महा आनंद का सुसमय यीशु मसीह का जन्म दिन यह है अब हर्ष से हम सब गावें उसके गीत और उसकी स्तुति कर दिखावें अपनी प्रीत ।। कोरस :- हे प्रभु हे प्रभु तू आज उपस्थित हो कि तेरा यह आनंद का दिन आशिशित हो ।। २ बच्चों का मन आनंद से है भरपुर रोना और रंज सब उनसे हुआ दूर बालकों का मित्र प्रभु यीशु है वह उनको अपने पास बुलाके रखता है ।। ३ ईश्वर का स्वर्ग में हो गुणानुवाद शान्त होकर पृथ्वी देवे धन्यवाद आह्लादित हो और त्राण की आशा कर परमेश्वर की प्रसन्नता है मनुष्यों पर ।। 501 (५०१) “God who dwells in heaven so high.” १ ईश्वर जो स्वर्ग में रहता है क्या मेरी सुनेगा हां निश्चय वह तो सुनता है और उत्तर देवेगा ।। २ क्या ईश्वर मुझे देखता है जब करता हूँ कुकर्म हां रात और दिन वह ताकता है कि खोजे पाप और धर्म ।। ३ क्या ईश्वर जान भी सकता है जो बोलूँ झूठी बात हां निश्चय वह तो सुनता है है सब कुछ उसे ज्ञात ।। ४ क्या ईश्वर चिन्ता करता है मुझ छोटे लड़के की हां मुझे वह खिलाता है और सब कुछ देता भी ।। ५ क्या ईश्वर मुझे मरते दिन बुलावे अपने पास हां यदि करूँ पाप से घिन और बनूँ उसका दास ।। 502 (५०२) 8. 7. 8. 7. 7. 7. I by. S S H. 186. १ यीशु पाप से मुक्ति देता छोटे लड़के लड़कियों को और वह कहता बेटी बेटे अपना दिल अब मुझे दो मैं ने दिया अपना प्राण तेरे पाप का बलिदान ।। २ हम सब हुए दास और दासी पाप के बन्ध और बेड़ियों में अनंत जीवन और खलासी हमें मिलती तुझ ही से तू ने दिया अपना प्राण मेरे पाप का बलिदान ।। ३ हे पियारों हम विचारें ऐसा प्रेम है बे-बयान ईश्वर के एकलौते पुत्र ने प्रेम अपार से छोड़ा आसमान दुष्ट संसार में अपना प्राण दिया पाप का बलिदान ।। ४ आओ लड़कों दिल शुद्ध करें प्रेम से उसकी स्तुति गावें जब इस दुःखित देह को छोड़के अपने प्रभु से मिल जावें सीखेंगे तब नये गीत जब होवेगी मौत पर जीत ।। 503 (५०३) “Praise Him, praise Him, all ye little children.”P. M.-- He is Love. १ उस को भजो हे सब छोटे बालकों वह है प्रेम वह है प्रेम उस को भजो हे सब छोटे बालकों वह है प्रेम वह है प्रेम ।। २ धन्य हो उसको हे सब छोटे बालकों वह है प्रेम वह है प्रेम धन्य हो उसको हे सब छोटे बालकों वह है प्रेम वह है प्रेम ।। ३ सेवा करो हे सब छोटे बालकों वह है प्रेम वह है प्रेम सेवा करो हे सब छोटे बालकों वह है प्रेम वह है प्रेम ।। ४ प्रेम भी करो हे सब छोटे बालकों वह है प्रेम वह है प्रेम प्रेम भी करो हे सब छोटे बालकों वह है प्रेम वह है प्रेम ।। ५ उस की जय हो हे सब छोटे बालकों वह है प्रेम वह है प्रेम उस की जय हो हे सब छोटे बालकों वह है प्रेम वह है प्रेम ।। 504 (५०४) “A little helpless child I am.”C. M. - Berne. १ एक छोटा बच्चा बेसमझ निर्बल लाचार मैं हूँ मैं मुक्ति पाना चाहता हूँ न जानता क्या करूँ ।। २ तू मेरे लिये हैं मसीह एक लड़का हुआ था मुझ छोटे के बचाने को तू क्रूस पर मरा था ।। ३ इस प्यार के बदले हे मसीह मैं तुझे देऊँ क्या और तुझे प्रसन्न करने को क्या करूँ सो बता ।। ४ पर हे मसीह कौन बड़ा काम हो सकता है मुझ से निर्बल मैं हूँ तू है बलवान सहाय तू मुझे दे ।। ५ तू अपने दिल को मुझे दे यह आज्ञा तेरी है यीशु तू सचमुच मुझे ले तू प्रभु मेरा है ।। 505 (५०५) 8. 7s Weisst du wie viel.CECIL F. ALEXANDER. १ क्या तू जानता कितने तारे रात्रि में चमकते कितने बादल भी आकाश में क्या इधर उधर उड़ते हैं ईश्वर ही ने उनको गिना और एक भी न बिसार दीन्हा उनकी सारी गिनती में उनकी सारी गिनती में ।। २ क्या तू जानता कितने पक्षी जग में उड़ते फिरते हैं कितनी मछलियां जल में रहकर खेलती रहती दिन और रैन प्रभु ने उनको बुलाया कि एक एक ने जीवन पाया जो अब ऐसा आनंदमय जो अब ऐसा आनंदमय ।। ३ क्या तू जानता कितने लड़के हर बिहान जाग उठते हैं कि वे कैसे बिना श्रम के दिन भर भोगते सुख और चैन स्वर्गीय पिता उन्हें चाहता इससे प्रत्येक सुख से रहता तुझ को भी वह चाहता है तुझ को भी वह चाहता है ।। 506 (५०६) “There is a green hill far away.”CECIL F. ALEXANDER, 1823-95. १ कानान देश के एक नगर पास एक पर्वत खड़ा था बचाने सभों को वहां ख्रीष्ट यीशु मरा था ।। २ बता न सकते हैं वह दुःख जो उसने सहा था पर जानते हैं कि हमारे हेतु वह क्रूस पर टंगा था ।। ३ वह मरा कि हम क्षमा पायें और भले बन जावें कि उस के रक्त से पा उद्धार हम अन्त को स्वर्ग जावें ।। ४ श्रेष्ठ ऐसा कोई नहीं था कि पाप का ऋण भरे स्वर्ग द्वार वह केवल खोल सका कि हम प्रवेश करें ।। ५ हां उसने किया अत्यन्त प्रेम प्रेम उससे हम रखें रक्त पर उसके धरें विश्वास और इच्छा पर चलें ।। 507 (५०७) “Holy Spirit hear us.”WILLIAM H. PARKER, 1895-1929.Chord - F | S- Ballad/Aderia | T-084-088 १ कर पवित्र आत्मा गाने में सहाय संग तू हो हमारे स्तुति के समय ।। २ कर पवित्र आत्मा प्रार्थना में अगुवाई निकट आ सिखा दे जो कुछ बोलना है ।। ३ दे पवित्र आत्मा ज्योति बैबल पर वह पवित्र वचन अब तू उजेला कर ।। ४ कर पवित्र आत्मा मन में दीन हर आन शुद्ध बना और कोमल यीशु के समान ।। ५ कर पवित्र आत्मा हलका हर एक क्लेश और हमारे खेल में पाप न हो प्रवेश ।। ६ रख पवित्र आत्मा दूर उन पापों से जो हमारे मन में गुप्त हों आँखों से ।। ७ दे पवित्र आत्मा प्रतिदिन सहाय कि बुराई हम जीत लें और चुन लें भलाई ।। 508 (५०८) “God sees the little sparrow fall.” १ गौरैयों पर जब गिरती दृष्टि पड़ती ईश्वर की जो चिड़ियों को वह करता प्यार प्यार मुझे करता भी ।। कोरस :- वह मुझे भी वह मुझे भी प्यार मुझे करता भी जो छोटी चीजें करता प्यार प्यार मुझे करता भी ।। २ वह खेत के फूल को रंगता है सुगंध वह देता भी जो फूलों को वह करता प्यार प्यार मुझे करता भी ।। ३ फूल पक्षी सृजे ईश्वर ने सब बड़े छोटे भी वह अपनों को न भूलेगा प्यार सब को करता भी ।। 509 (५०९) “We have a loving Shepherd.” १ चौपाल एक है हमारा प्रेम उसका है अपार वह हमें ढूँढ़ने आया जब फिरते थे लाचार पथ दर्शन उसका पाके हम झुण्ड में आते हैं नहीं तो अब तक भूलते भटकते जाते हैं ।। २ हमें बचा वह लेगा जो लड़कों का है नाथ और स्वर्ग में क्या कुछ देगा वह अपने प्यार के साथ प्रशंसित तेरी दया हे प्यारे निगहबान हो नित्य हमारा अगुवा और हम को दे आसमान ।। 510 (५१०) “Little drops of water.”JULIA A. CARNEY, 1845. १ छोटी बूंदें पानी छोटी छोटी रेत सागर को बनाती जंगल बारी खेत ।। २ छोटे भले कार्य छोटी प्रेम की बात जग को सुन्दर करती स्वर्ग यहाँ साक्षात ।। ३ योंही छोटी भूलें मन बहकाती हैं सत्य के मार्ग फेरके पाप कराती हैं ।। ४ छोटे बीज दया के बोये तुम ही ने वे बहुत लोगों को देते आशिषें ।। ५ छोटे बालक स्वर्ग में गाते हैं दूतगान सब के सब सराहते बीच पवित्र स्थान ।। 511 (५११) “He rolled away the sea.”EMMA PITT.Chord - C# | S- Ballad | T-084 १ जब इस्राएल निकला मिस्र से समुन्दर सामने था तब ईश्वर ने बढ़ाके हाथ उसको हटाया था ।। कोः- तो उसकी आज्ञा से आगे चल जो दुःख सागर साम्हने हो आगे चल तो ईश्वर हटावेगा उस घोर समुन्द्र को ।। २ समुन्द्र पाप के साम्हने आ व्याकुल मैं हुआ था पर दया करके यीशु ने उसको हटाया था ।। ३ जब दुःख और शोक की आँधी से मैं डूबनेवाला था प्रभु ने महा शक्ति से उसको हटाया था ।। ४ जो मृत्यु सागर साम्हने हो मैं प्रार्थना करूँगा तब यीशु अपनी सामर्थ से उस को हटावेगा ।। 512 (५१२) “When little Samuel woke.” १ बाल सामूएल ने जब बात सुनी कर्त्ता की हर बात के सुनने से कैसा हुआ सुखी वह बालक धन्य आनंदमय जो जाने ईश्वर कृपाल है ।। २ जो ईश्वर कहे मुझे बोले तू मेरा मित्र तो जल्द पास दोडूँ मैं हो जाने को पवित्र और पाप से डरूँ हर समय कि निकट ईश्वर शक्तिमय ।। ३ क्या बात सुन सकता मैं आजकल भी ईश्वर की जो होऊं खोजी मैं वह मिले मुझे भी आज ईश्वर की है यह पुकार पीछे हो ले हे सब संसार ।। ४ और उसकी रक्षा में आराम मैं कर सकूँ सुरक्षित कुशल से रात भर मैं सो रहूँ और पाप से डरूँ हर समय कि निकट ईश्वर शक्तिमय ।। ५ उस बालक सा कहूँ जब धरम ग्रन्थ पढूँ कि हे नाथ बोल मैं मानने लगूँ जो सुनूँ और तेरे घर में जब जाऊं तो बोल वहाँ कि मैं सुनूँ ।। 513 (५१३) “I think when I read.”JEMIMA LUKE, 1813-1906.Chord - A | S- 6/8 | T-082 १ जब बैबल में पढ़ता मैं यीशु की चाल कि बन्धु सब बालकों का था तब दिल से मैं चाहता कि मेरा भी हाल अब होता उन बालकों का सा ।। २ कि मुझ पर भी रखे वह आशिष का हाथ और गोद में भी लेवे मुझ को और सुनूँ जो बोला वह प्रीति के साथ बालकों को मुझ पास आने दो । ३ पर अब भी मैं प्रार्थना में लाके ईमान जा सकता हूँ उसके हुजूर और जो उसके पीछे मैं चलूँ यहाँ तो स्वर्ग पर देखूँगा जरुर । ४ एक जगह मनोहर है उस की तैयार सब के लिये जो हुए हैं साफ और उन में बालक हजारों हजार जिन के सारे गुनाह हुए मुआफ । ५ पर लड़के हैं कितने अब तक एक देश न जानते मसीह का पियार उन्हें देना चाहिये उसका संदेश सब आओ है जगह तैयार । ६ हे प्रभु वह आशिष का समय जल्द ला वह आनंद और कुशल का काल कि बालकों का समूह हां सब देशों का मसीह के पास होवे खुश हाल । 514 (५१४) “When mothers of Salem.” १ जब बालकों की माएं ख्रीष्ट यीशु के पास लाईं शिष्य लोगों ने तब क्रोधित होके रोका उनको पर यीशु ने तब गोद में ले यह कहा बड़ी प्रीति से ऐसे छोटे बालकों को पास आने दो ।। २ मैं हाथ रखकर सिर पर अब उनको आशिष दूँगा मैं हूँ चौपान इन बच्चों का वे क्यों जावें दूर मैं उन के दिल को लेऊँगा और आशिष उन को देऊँगा ऐसे छोटे बालकों को पास आने दो ।। ३ पियार से ख्रीष्ट यीशु सब लड़कों को बुलाता सब बच्चों पर वह प्रेम दिखाने को है तैयार जो यीशु का न जानते प्यार उन को सुनाना समाचार ऐसे छोटे बालकों को पास आने दो ।। 515 (५१५) 7. 6s. Ich war so gern ein Engel.Chord - Em | S- Waltz | T-132 १ स्वर्ग दूत मैं होना चाहता जो वीणा लिये हाथ और सिर पर मुकुट रखता मैं मिलता उनके साथ जो यीशु के सम्मुख हो नित स्तुति करते हैं हर्ष से वीणा बजा के सराहते हर समय ।। २ वहां न कोई थकता न कोई रोता है न कोई दुःख भी सहता सब मृत्यु पर विजय निष्पाप सब वहां रहते प्रभु की संगति में वे यीशु को निरखते भरपुर हो आनंद से ।। ३ सच है मैं हूँ अपराधी पर ख्रीष्ट है तारणहार मैं उतरूँगा कबर में पर ख्रीष्ट है जीवन सार हे प्रभु मन के प्यारे तू मुझे मरने पर स्वर्ग दूतों के सहारे बुलवा ले अपने घर ।। ४ स्वर्गदूतों संग सब मिल के मैं रहूँगा दूत सा विजय का मुकुट रख के वीणा बजाऊँगा मैं हूँगा निस्संतापी और ख्रीष्ट का धन्यवाद नित करूँगा निष्पापी होकर आह्वाद के साथ ।। 516 (५१६) P. M. - Gao, dil se gao.SAMUEL S. DAYAL.Chord - E | S- Dandia | T-100 १ दिल की खुशी अब मनाओ गाओ गाओ बालको तुम सब खुश हो जाओ गाओ दिल से गाओ यीशु कहता सभों को लड़कों मेरे पुत्र हो मेरी आशिष दिल में लो गाओ दिल से गाओ ।। कोरस :- गाओ अभी दिल से गाओ स्तुति के गीत मसीह पास लाओ दिल की खुशी अब मनाओ गाओ दिल से गाओ ।। २ तुम को वह पुकारता है गाओ गाओ दिल से पाप उखाड़ता है गाओ दिल से गाओ शंका दुबिधा करो दूर हो आनंद से आज भरपुर अब से हो तुम बेकसूर गाओ दिल से गाओ ।। ३ तुम जो दबे हुए हो गाओ गाओ उस पर अपने बोझ डालो गाओ दिल से गाओ वह हर बोझ उठावेगा पूर्ण विश्राम दिलावेगा बाप के घर में लावेगा गाओ दिल से गाओ ।। 517 (५१७) 6. 5. 6. 5. Alle Jahre wieder.Chord - C | S- -- | T--- १ दूर दूर स्वर्गीय स्थान में जहां दूतगण हैं ईश्वर कृपा करके सुनता बाल विनय ।। २ मुझ पर दृष्टि करता दिन ओ रात समय मुझे नित्य चलाता रक्षा करता है ।। ३ पैत्रिक हाथ से देता मुझ को नित्य आहार मेरी सुधि लेता करता है उपकार ।। ४ ईश्वर मुझे चाहता ख्रीष्ट में वह सदा मुझ से प्रसन्न रहता कभी छोड़ता ना ।। 518 (५१८) “There is happyland.”ANDREW YOUNG, 1807-1889. १ देश है एक आनंद का स्वर्गीय स्थान तेजोमय संत वहाँ दिन के समान मधुर वे गाते हैं यीशु नाम सुनाते हैं और नित्य सराहते हैं कर स्तुति गान ।। २ उस आनंदमय देश को अभी चलो सन्देह क्यों करते हो देर मत करो होगा हमें आनंद पाप और दुःख जब होंगे बन्द होंगे ख्रीष्ट साथ स्वच्छन्द धन्य सदा हो ।। ३ उस आनंदमय देश में आंख झलकदार पिता की रक्षा में प्रेम है अपार ख्रीष्ट पर लगाओ मन पावोगे तब स्वर्गीय धन और साथ हो सब दूतगण करेंगे जय ।। 519 (५१९) 5. 4. 5. 4. Gott ist die Liebe. १ परमेश्वर प्रेम है उद्धारा मुझे परमेश्वर प्रेम है मुझ निमित्त भी ।। कोरसः- इसलिये गाता हूँ परमेश्वर प्रेम है परमेश्वर प्रेम है मुझ निमित्त भी ।। २ मैं दबा हुआ निज पाप के भार से मैं दबा हुआ उद्धार न था ।। ३ त्राणदाता यीशु प्रायश्चित किया त्राणदाता यीशु उठाया दण्ड ।। ४ हे प्रेम मन भावन उद्धार का सोता हे प्रेम मन भावन चैन प्राणों के ।। ५ सराहूँ तुझे सनातन प्रेम तू सराहूँ तुझे जब तक जिऊँ ।। 520 (५२०) 6. 5. 6. 5. Endoxia or Newland. १ प्रभु यीशु प्यारे मेरा गुरु हो धर्म का ज्ञान और शिक्षा दे मुझ बालक को ।। २ प्रभु यीशु प्यारे मेरा त्राता हो क्षमा क्षेम और मुक्ति दे मुझ बालक को ।। ३ प्रभु यीशु प्यारे तेरी सेवा को करने का बल आत्मिक दे मुझ बालक को ।। 521 (५२१) “Tenderly He leads us.” १ प्रेम से वह ले चलता सारे दिनों में हमें वह दिखाता जिधर चलना हो ।। कोरस :- प्रेम से वह ले चलता जिधर चलना हो उस पर रख भरोसा सारे दिनों में ।। २ देख पवित्र आत्मा मार्ग दिखावेगा मार्ग उस सत्य घर का जो है सदा का ।। ३ वे जो सारे मन से उसे चाहते हैं क्षमा शान्ति जीवन सदा पाते हैं ।। 522 (५२२) “Hear the pennies dropping.” १ पैसे डाले जाते सुनो गिरते अब हर एक है यीशु का वह पावेगा सब ।। कोः- गिरते गिरते गिरते गिरते सुनो गिरते अब हर एक है यीशु का वह पावेगा सब ।। २ गिरते सदा गिरते छोटे हाथों से दान यह है यीशु को हम ही बालकों से ।। ३ जब तक हम हैं छोटे पैसे सिर्फ पूंजी पर जब होंगे बड़े और हम देंगे भी ।। ४ पैसे पास न होवें करें उससे प्यार ग्रहण वह करेगा हो प्रसन्न हर बार ।। 523 (५२३) “Away in a manger.”MARTIN LUTHER, 1483-1546. १ बिन खाट और बिना झूला खुदा ही का बेटा छोटा यीशु दुलारा है चरनी में लेटा अचंभा ही होता सितारों को सब कि घास पर है सोता इस दुनियाँ का रब्ब ।। २ गाय बैल तो डकारते जहां यीशु है सोता छोटा बालक जाग पड़ता पर वह नहीं रोता हे यीशु प्यारे झुक सुन मेरी आस जब तक हो अंधेरा रह तू मेरे पास ।। ३ सुन मेरे प्रभु यीशु मेरी ओर कान तू धर संग मेरे सदा रह और मुझे प्रेम कर सब छोटे बालकों को अपनी रक्षा में ले स्वर्ग के लिये तैयार कर कि साथ तेरे रहें ।। 524 (५२४) “Do no sinful action.”MRS. ALEXANDER. १ बुरा काम न करो बोलो मत क्रोध से तुम हो प्रिय लड़के बालक यीशु के । २ ख्रीष्ट कृपाल और कोमल शुद्ध और सच्चा है उसके सब बालकों को वैसा बनना है ।। ३ चाहता है दुष्ट आत्मा तुम्हें घेरने को तुम को यत्न करता पाप में डालने को ।। ४ पर उसकी न सुनो जो कि कठिन हो पाप के बदले करो भले कामों को ।। ५ ख्रीष्ट तुम्हारा स्वामी उत्तम सच्चा है उस के सब बालकों को वैसा बनना है ।। 525 (५२५) “Praise Him, Praise Him.”FANNY CROSBY, 1820-1915. १ भजो भजो यीशु नाथ मुक्ति सुदाता गाओ लोगों उस के सब गुण प्रचार धन्य हो धन्य हो स्वर्ग में पुकारते हैं दूतगण उस के नाम की तू भी स्तुति कर हर बार भेड़पाल होकर भेड़ी को त्राण वह देता गोद में लेता बच्चों को साथ दुलार गाओ गाओ यीशु को श्रेष्ठ और प्रतापी गाओ उस का असीम अथाह पिया ।। २ भजो भजो यीशु को तारणहार पाप के हेतु जो हुआ था बलिदान गाओ गाओ उस को जो देता है जीवन तारक रक्षक अधिपति उस को जान शरण स्थान है वही हमारा आह्लाद पाप के निमित्त दिया था अपना प्राण गाओ गाओ यीशु हे श्रेष्ठ और प्रतापी जग और स्वर्ग का नाथ सर्व शक्तिमान ।। ३ भजो भजो यीशु जो स्वर्गों का स्वामी तीनों लोकों का वही है महाराज गाओ गाओ उस को जो नबी और याजक लाओ मुकुट कि वह है अधिराज पाप के भार को दया कर उसने लिया किया क्रूस पर तारण का महा काज गाओ गाओ यीशु को श्रेष्ठ और प्रतापी गाओ उस का तेजोमय सुख का राज ।। 526 (५२६) “Thou that once on mother's knee.” १ मां की गोद में तू रहा मुझ सा छोटा बच्चा था तू सम्भाल जब जागता हूँ हो रखवाल जब सोता रख तू मुझे अपने साथ प्रभु यीशु प्यारे नाथ ।। २ दिन को तू चला मुझे रात को मेरा पहरा दे सच्चा कोमल दीन रहूँ मां की आज्ञा पर चलूँ शान्ति दे जब रोता हूँ क्षमा कर जब भूलता हूँ ।। ३ तू था बालक झूले में पड़ा भी था चरनी में गाय और बैल वहां रहे भेड़ी बकरे पड़े थे अब तू स्वर्ग से सुनता है जब एक बालक रोता है । ४ करते हैं हम प्रार्थना जब आता है तू निकट अब प्यारे यीशु कान तू दे मेरा छोटा गीत सुन ले मां की गोद में तू रहा मुझ सा छोटा बच्चा था ।। 527 (५२७) “I am so glad that our Father is in heaven.”PHILLIP BLISS, 1838-76.Chord - F# | S- Waltz | T-124 १ मुझे है आनंद कि ईश्वर पिता मुझको दिखाता है प्यार यीशु का बैबल की मीठी कथाओं का सार यह है कि मुझ से मसीह करता प्यार ।। कोरसः - धन्य हो कि मुझ से करता पियार करता पियार करता पियार धन्य हो कि मुझ से करता पियार करता पियार मुझ से ।। २ जो उसे छोड़कर मैं हो जाऊँ दूर मुझको दिखाता प्रेम ईश्वर का पूर बैबल की कथा जो मीठी सब से यह है कि यीशु प्रेम रखता मुझ से ।। ३ स्वर्ग में जब राजा को देख पाऊँगा तब उसकी स्तुति का गीत गाऊँगा केवल इस विषय का होगा यही गीत यीशु मसीह मुझसे रखता है प्रीत ।। ४ मैं उस से वह मुझ से करता पियार प्रेम के वश होके वह हुआ अवतार क्रूस पर किया मेरे त्राण का उपाय निश्चय वह अद्भुत पियार करता है ।। ५ यीशु का प्रेम कैसे जान सकूँगा यदि तुम पूछो मैं बताऊँगा आत्मा पवित्र वास करे तुझ में यीशु का प्रेम सिखावेगा तुझे ।। 528 (५२८) “Tell me the old old story.”ARABELIA HANKEY, 1834-1911.Chord - A# | S- 6/8 | T-086 १ मुझे सुनाओ भाई यीशु का समाचार मसीह का सब महातम और उस का अद्भुत प्यार बच्चे को जैसे बोलते बात सरल साथ विस्तार सुनाओ वैसे मुझे मैं हूँ अज्ञान लाचार ।। कोः - प्रेम का बयान सुनाओ प्रेम का बयान सुनाओ प्रेम का बयान सुनाओ जो यीशु ख्रीष्ट में है ।। २ मुझे सुनाओ धीरे कि समझूँ वह उपाय जो पाप मिटाने निमित्त यीशु ने किया है मुझे सुनाओ बार बार कि भूलता जाता मैं और पहिले प्रेम का उत्साह जब ठण्डा होता है ।। ३ शक्ति भर बात सुनाओ गंभीर और खरा जो कि प्रभु यीशु आया मुझे बचाने को और दुःख के समय यदि तू शान्ति देवेगा तो इस सुसमाचार को निरंतर कह सुना ।। ४ मुझे सुना जब तुझको कुछ शक न इस कारण हो कि इस संसार की शोभा ललचाती है मुझको फिर जब विभव का राजा मैं स्वर्ग में देखूँगा तब यही मीठी कथा मैं सुनना चाहूँगा ।। 529 (५२९) “Im' a Little Pilgrim.” १ मैं एक छोटा यात्री रहता हूँ विदेश यदि जग में सुख हो पाप का है आवेश ।। २ अच्छा देश है मेरा पाप है उससे दूर वासी सब हैं सुखी आनंद से भरपुर ।। ३ अब जो छोटा यात्री शुद्ध और निर्मल हो पावेगा वह स्वर्ग में उजले वस्त्र को ।। ४ यीशु निर्मल कर दे अपना धर्म सिखा हे पवित्र आत्मा मुझे मार्ग बता ।। ५ मैं एक छोटा यात्री रहता हूँ विदेश अन्त को स्वर्गीय घर में करूँगा प्रवेश ।। 530 (५३०) “Poor and needy though I be.” १ मैं हूँ निर्बल और कंगाल ईश्वर करता प्रतिपाल देता खाना कपड़ा स्थान देता है सब अच्छे दान ।। २ जानता है वह मेरी आस रात और दिन है मेरे पास सोते जागते सदाकाल कृपा करता है दयाल ।। ३ सब कुछ है जिसके आधीन वह तो हुआ मुझ सा दीन न विश्राम का ढूँढ़ता स्थान मेरे लिये किया प्राण ।। ४ होवे श्रम और निर्बलता पिता अपना मुख चमका मेरा भाग्य हो और चटान पूरा होगा तब कल्याण ।। ५ गाऊँ तेरा नया गीत रखूँ मन से प्रीत प्रतीत आनंद होगा सदा काल क्योंकी ईश्वर है कृपाल ।। 531 (५३१) “If I come to Jesus.”Chord - F# | S- Ballad | T-086 १ यीशु के पास आऊँ वह रखेगा पास मुझे शान्ति देगा जब मैं हूँ उदास कोः - यीशु पास मैं आके हूँगा खुश हर आन छोटों को बुलाता यीशु दयावान ।। २ यीशु पास गर आऊँ वह करेगा प्यार बिन्ती सुन सहेगा मेरे पाप का भार ।। ३ यीशु पास गर आऊँ लेगा मेरा हाथ स्वर्ग देश के मार्ग पर वह रहेगा साथ ।। ४ सुन्दर कपड़ा पहिने स्वर्ग में खड़ा हो देखूँगा आनंद से प्रभु यीशु को ।। 532 (५३२) “Jesus bids us shine.”SUSAN WARNER, 1819-85. १ यीशु कहता तू साफ उजाला दे जैसे छोटा दिया जलता रात्रि में जग में है अंधेरा झूठ बुराई का सो वहां तुम चमको और मैं यहां ।। कोः- चमको चमको चारों ओर तुम चमको सो वहां तुम चमको और मैं यहां २ यीशु का उजाला दिखावें हम झट वह जानता है जब ज्योति होवे कम उसको है आनंद उजाला देखने का सो वहां तुम चमको और मैं यहां ।। ३ इस संसार के बीच हो तू चमकदार जगत में अंधेरा है बहुत प्रकार पाप बीमारी शोक और दुःख मनुष्यों का सो वहां तुम चमको और मैं यहां ।। 533 (५३३) “Jesus, tender Shepherd hear me.”MARY LUNDY, 1814-39. १ यीशु कृपामय गड़रिये आशिष दे मुझ मेम्ने को अंधियारी रात भर मेरा तू बिहान तक रक्षक हो । २ आज तो मैं ने तेरे हाथ से कपड़ा भोजन पाया है धन्यवाद अब तुझ को देता नींद जब मुझे आती है । ३ मेरी भूल चूक सब कर क्षमा मेरे प्रियों को कर प्रेम जब मैं मरूं स्वर्ग पहुँचा दे जां है अनंत कुशल क्षेम ।। 534 (५३४) “7. 7. 8. 8. 7. 7. Weil ich Jesu.”LUISE VON HAYN, 1724-82. १ यीशु की मैं भेड़ी हूँ सो मैं आनंद कर रहूँ अच्छा मेरा है चरवाहा उसने मुझे मन से चाहा मुझे वह चराता है नाम ले ले बुलाता है ।। २ सुथरी मेरी है चराई मुझ पर दृष्टि है उसकी क्या ही उत्तम भोजन मेरा उससे संतुष्ट आत्मा होता शान्ति के सोतों के पास वह बुझाता मेरी प्यास ।। ३ मैं आशिशित भेड़ी हूँ क्या मैं आनंद न करूँ मृत्यु समय स्तुति गाके जाऊँगा यीशु की गोद में पूर्णानंदित हो वहाँ हर्ष का भागी होऊँगा ।। 535 (५३५) “Jesus, high in glory.” १ यीशु तू स्वर्गवासी कर इस ओर तू ध्यान हम आराधना करते सुन हमारा गान २ तू ही है पवित्र सब से शक्तिमान तौभी स्तुति सुनने हम पर करता ध्यान ।। ३ हम हैं छोटे बालक भ्रमते धोखा खा यीशु स्वर्ग के मार्ग पर हमें नित्य चला ।। ४ हम पर कृपा करके सारा पाप मिटा प्रेम और सेवा करना प्रभु अब सिखा ।। ५ और जब तू बुलावे ऊपर के निवास तब हम उत्तर देंगे आते हैं तुझ पास ।। 536 (५३६) “Jesus wants me for a sunbeam.”NELLIE TALBOT. १ यीशु तो मुझ से यह चाहता हर दिन उसके लिये ज्योति सदा मैं तो रहता वा काम में वा खेल में ।। कोः - हो ज्योति हो ज्योति यीशु के लिये हो ज्योति हो ज्योति हो ज्योति मैं उसके लिये हूँगा ।। २ यीशु तो मुझ से यह चाहता उपकारी नित्य बनूँ सदा औरों को दिखाता कि उसका बालक हूँ ।। ३ यीशु से मैं प्रार्थना करता कि पाप से तू बचा तेरी भलाई दिखाऊँ और ज्योत सदा बनूँ ।। ४ यीशु के लिये मैं ज्योति हो सकूँ जो मन से पल पल उसकी सेवा करूँ उसकी सहाय से ।। ५ और जो मैं ज्योति हो करके उसका सेवक हूँगा तब उसके पास मैं जा करके साथ उसके रहूँगा ।। 537 (५३७) 10. 8. Bread of Life. १ यीशु ने कहा जीवन की रोटी, जीवन की रोटी मैं ही हूँ । २ यीशु ने कहा सच्चा गड़रिया, सच्चा गड़रिया मैं ही हूँ । ३ यीशु ने कहा मार्ग और फाटक, मार्ग और फाटक मैं ही हूँ। ४ यीशु ने कहा जगत का उजियाला, जगत का उजियाला मैं ही हूँ । 538 (५३८) 12. 12. 13. 13. Tamil Air.Chord - D# | S- Ballad / H. Reggae | T-082 १ यीशु पास मैं जाऊँगा ज्योति में ज्योति में उस के साथ मैं चलूँगा उसकी ज्योति में, कोः- चलेंगे हम ज्योति में ज्योति में ज्योति में ।। चलेंगे हम ज्योति में साथ उसकी ज्योति में ।। २ क्षमा प्राप्त मैं करूँगा ज्योति में ज्योति में ।। सारे पाप को छोडूँगा उसकी ज्योति में ।। ३ सेवा ख्रीष्ट की करूँगा ज्योति मे ज्योति में ।। सामर्थ उस से पाऊँगा उसकी ज्योति में ।। ४ क्या कर सकेगा शैतान ज्योति में ज्योति में ।। निश्चय होऊँगा जयवान उसकी ज्योति में ।। ५ जब हो मरने का समय ज्योति में ज्योति में मुझे होगा कुछ न भय उसकी ज्योति में ।। ६ स्वर्ग पर जब मैं जाऊँगा ज्योति में ज्योति में ।। नित्य आनंदित रहूँगा सदा ज्योति में ।। 539 (५३९) “Jesus Loves me.”ANNA WARNER, 1820-1915.Chord - D | S- Ballad/Aderia | T-084 १ यीशु मुझ से करता प्यार बाइबल में है समाचार मैं हूँ निर्बल तू बलवान बालकों पर है दयावान । कोरसः- प्यार करता मुझ से (३) है सत्य यह समाचार ।। २ यीशु मुझ से करता प्यार मर के खोला स्वर्ग का द्वार मेरे पाप को सब मिटा मुझे ग्रहण करेगा । ३ यीशु मुझ से करता प्यार यदि हूं कमजोर लाचार स्वर्ग से देखा करता है मेरी सुधि लेता है ।। ४ यीशु मुझ से करता प्यार संग रहेगा इस संसार जो मैं उसकी रखूँ आश स्वर्ग में लेगा अपने पास ।। 540 (५४०) “Little children praise the Saviour.”8. 7. 8. 7. D. Sweet Hosannas.Chord - C# | S- Waltz | T-124 १ लड़को गीत मसीह का गाओ उस की तुम पर है निगाह उस के प्यार का गीत सुनाओ प्यारे जो उस का है अथाह । कोः- खुश होशान्ना खुश होशान्ना गाओ स्तुति यीशु की ।। २ जब वह पहिले आदमी बना लड़के लोग तब खुशी से उसकी स्तुति और प्रशंसा एक ही स्वर में गाते थे ।। ३ माताओं ने जब बच्चे ले यीशु को घेर लिया था उसने उन्हें आशिष देके गोद में ले खुश किया था ।। 541 (५४१) 7. 5. 7. 6. Tamil Air. १ स्वर्ग की ओर हम चलते हैं, जै हल्लेलूयाह स्वर्ग की ओर हम चलते हैं, जै जै हल्लेलूयाह ।। २ नया गीत हम गावेंगे । ३ सेवा उसकी करेंगे । ४ उसको खुश हो देखेंगे । ५ उसके सदृश होवेंगे । ६ संग हम नित्य रहेंगे । 542 (५४२) “The great physician now is near.”8. 7. S. S. 89.WILLIAM HUNTER. १ संसार का सब से बड़ा वैद्य वह है हमारा यीशु उनको जो पाप में हुए कैद प्यार से बोलता यीशु ।। कोः- सब संसार में मीठा नाम पृथ्वी स्वर्ग में मीठा नाम सब से प्रिय मीठा नाम यीशु यीशु यीशु ।। २ तुम्हारा सब से बड़ा पाप है क्षमा बोलता यीशु तुम स्वर्ग को आओ साथ मिलाप कि मुकुट देता यीशु ।। ३ यीशु का नाम बचाता है हर पाप और दुःख से यीशु वह प्यार से अब बुलाता है कौन और है जैसा यीशु ।। ४ हे भाइयो उसकी स्तुति गाओ कि इसके योग्य यीशु हे बहिनो तुम भी गीत उठाओ है सदा धन्य यीशु ।। ५ हे लड़को तुम भी राग मिलाओ तुम्हारा भी है यीशु खजूर की डाल आनंद से लाओ तुम को बचाता यीशु ।। ६ स्वर्ग देश को जब हम चढ़ेंगे देखेंगे अपना यीशु वहां फिर नहीं मरेंगे अनंत आनंद साथ यीशु ।। 543 (५४३) “Ther's a friend for little children.”ALBERT MIDLANE, 1825-1909. १ सब बालकों का स्वर्ग में है परम प्रिय मीत वह किसी को न भूलता प्रेम उसका रहता नित और दूसरे जन भूल जाते प्यार उनका घटता है पर यीशु सदा काल लों प्रेम करता रहता है ।। २ सब बालकों के लिये है स्वर्ग में उत्तम देश जो ख्रीष्ट और बाप को मानते सो करेंगे प्रवेश वहां न है थकावट न लगती प्यास न भूख वहां हर छोटा यात्री चैन पा भूलेगा दुःख ।। ३ सब बालकों के लिये है स्वर्ग में सुन्दर घर वहां ख्रीष्ट आप ही रहता वहाँ न रोग न डर न घर है उसकी नाईं न हो भी सकता है वहाँ हर जन आनंदित और सुखी रहता है ।। ४ सब बालकों के लिये है धरा स्वर्ग में ताज जो ख्रीष्ट की बाट नित जोहते वे संग करेंगे राज वह सुन्दर ताज विभव का यीशु से पावेगा हर एक उसके नाम से प्रेम करता रहेगा ।। ५ सब बालकों को स्वर्ग में एक गीत भी सीखना है कितनी ही बार तुम सुनो न फीका लगता है यह गीत न दूतगण गाते न गा भी सकते हैं वे ख्रीष्ट को राजा मान के त्राता न जानते हैं ।। ६ सब बालकों के लिये राज वस्त्र स्वर्ग में है और वीणा को बजा के वे गाते ख्रीष्ट की जय तैयार है सब कुछ स्वर्ग में और ख्रीष्ट में मिलता है सो आओ प्यारे बालकों यह सब तुम्हारा है ।। 544 (५४४) “Beautiful the little hands.”T. CORBAN. १ सुन्दर हैं जो छोटे हाथ करते काम प्यार के साथ सुन्दर हैं वे आँखें भी जिन में चमकता मसीह ।। २ छोटे हाथ सब बन गये काम के लिये ईश्वर के आज्ञा मानके ईश्वर की जल्दी पांव चलेंगे भी ।। ३ छोटे मुंह गीत गाते हैं प्रार्थना करते हर समय छोटे मन की इच्छा भी सदा है ईश्वर की सी ।। ४ बालक जो कुछ कर सकें उसे हृदय से करें जो कुछ यीशु चाहता हो उस को आनंद से करो ।। 545 (५४५) “We are but little children weak.”MRS. ALEXANDER. १ हम छोटे लड़के हैं अबल हमारा है न शक्त न ज्ञान यीशु के लिये क्या करें जो है सर्वोत्तम और महान ।। २ हर लड़के को है दिन ब दिन कुछ भीतर बाहर करने को यीशु के लिये है मरन और पाप से नित्य लड़ने को ।। ३ जब क्रोध और घमण्ड में विचार हम अपने मन में रखते हैं जब जीभ पर कड़ी बातें हैं और कोप से आंसू भरते हैं ।। ४ तब क्रोध का हाथ हम करें बन्द और रोक लें अपनी बात विरुद्ध हम नम्रता से उत्तर दें और ख्रीष्ट के लिये करें युद्ध ।। ५ हम कैसे छोटे क्यों न हों पर क्रूस सभों को धरना है और सब का है वह प्रेम का काम जो ख्रीष्ट के लिये करना है ।। 546 (५४६) “We three kings of Orient are.”JOHN H. HOPKINS, 1862.Chord - Dm / D#m | S- Waltz | T-124 १ हम तीन राजा पूरब की शान, भेंट चढ़ाने लाते हैं दान ।। तारा देखते पार हम जाते, पर्वत और रेगिस्तान ।। कोः - हां अद्भुत तारा चलने हारा, सुन्दर तारा चमकदार ।। आगे बढ़ता ऊपर चढ़ता, जब तक होवे नूर का द्वार ।। २ यीशु जन्मा दाऊद के ग्राम, सोना लाता राजा के नाम ।। अधिकारी सदा रहेगा, होवे उसको प्रणाम ।। ३ हो आराधना पुत्र महान, पास मैं लाता मूल्य लोबान ।। प्रार्थना, स्तुति महिमा उसकी, जगत में होवे मान ।। ४ गन्धरस वास्ते त्राता संताप, मृत्यु दण्ड तक भोगने विलाप ।। शोकित, दुःखित, हुआ मृतक, कबर पर लगी है छाप ।। ५ यीशु आप है पुनरुत्थान, करो अब महिमा स्तुति और गान ।। सृष्टि गाओ और ललकारो, मृत्यु पर है जयवान ।। 547 (५४७) “Around the throne of God in heaven.”J. M. NEALE.Chord - D# | S- Reggae/Ballad | T-082 १ हजारों लड़के खड़े हैं ईश्वर के तख्त के पास प्यार से वे सब भरे हैं और पाते सुख निवास ।। कोः- गाते जै जै जै जै होवे प्रभु ख्रीष्ट की जय ।। २ वे होके शुद्ध सब पापों से आनंद मनाते हैं प्यारे हैं वे प्रभु के वरदान भी पाते हैं ।। ३ किन भांति पाया बच्चों ने वह अच्छा सुन्दर धाम कि बचके सारे दुःखों से अब करते हैं विश्राम ।। ४ यह कारण है कि यीशु ने बहाया अपना रक्त और धोके उसकी धारा में वे बने उसके भक्त ।। ५ ये प्रभु से इस जगत में प्रेम मन से करते थे सो अब वे नित्य उस के घर आनंदित रहेंगे ।। 548 (५४८) “Come hither ye children.”JOHN. C. VON SCHMIDT. 1808-1854. १ हे लड़को अब चलो सब करते हुलास बैतलहम गौशाला की चरनी के पास और देखो दयालु परमेश्वर इस रात क्या दिया बचाने को आदम की जात ।। २ पुआल पर है पड़ा एक बालक अनूप जिसका सुन्दर सुशील अनोखा स्वरूप मरियम और यूसफ चरवाहे दूतगण अचम्भित सब देखते और बोलते ‘धन-धन’ ।। ३ तुम भी घुटने टेको और जय जय करो और बालक की दशा पर ध्यान तुम धरो अब धरती में भोगता कंगालपन का क्लेश पश्चात वह उठावेगा पीड़ा विशेष ।। ४ हम दुष्टों का दुःख तू ने दिया सब मेट इस कारण हम लाते निज मनों की भेंट हमारा निवेदन अब सुन कृपा कर हमारे तन मन तू बना अपना घर ।। 549 (५४९) Bhajan Tunes No. 28, 29.JOHN PARSONS. अहो प्रभु जी, मम ओरहि कान लगाना ।। १ बालक हूँ प्रभु तोरे घराने, मोहि करहु सियाना ।। २ सींचहु यह अति कोमल पौधा, होवे नित फलमाना ।। ३ यह घर अपने योग्य संवारो, जेहि कियो निरमाना ।। ४ दुष्ट जगत पर हो जयकारी, ख्रीष्ट विजय के ध्याना ।। ५ प्रेम धीर बुध देहु दयानिधि, दिन दिन काज समाना ।। ६ परमधाम पथ आश्रित बाढ़े, सहते श्रम दुःख नाना ।। 550 (५५०) SAMUEL S. DAYAL. कोरसः - यीशु हमारा आया - चरनी में आया रे ।। १ जंगल वीराना - मंगल जो गाना, दूतों ने गाया आया - चरणी में आया रे ।। २ एक सुन्दर तारा, तारों में न्यारा, ये था बताता आया, चरणी में आया रे ।। 551 (५५१) Bhajan Tunes No. 35. कोरसः - कुएँ पर ठाढ़े यीशु नसरिया । यीशु नसरिया जी यीशु नसरिया ।। १ मैं जो गई थी जल भरने को । पीने को मांगे वह जीवन दिवैया ।। २ मुझ सामरी से पीने मांगत हो । कैसे के होते हो तुम यहुदिया ।। ३ जो मांगती तो देता तुझको । मैं तो वही हूँ जीवन दिवैया ।। ४ छोटे बड़े सब संग चलो मेरे । देखन को तो यीशु नसरिया ।। ५ यह शीतल तोहे वही मिला है। यीशु नासरिया वह अमर करैया ।। 552 (५५२) R. M. WAIZ. १ प्यारे लड़को मसीह मिहरबां है । छोटे बच्चों का वह पासबां है ।। २ अपने दुःखों को उसको दिखा दो । सारे दुखियों का वह निगहबां है ।। ३ छोटे लड़कों को वह ही बुलाता । मीठी मीठी तो उसकी जबां है ।। ४ कैसी शीरीं हैं उसकी सदाएं । कैसी उलफत जबां से अयां है ।। ५ जैसे भेड़ों का हाफिज गड़रिया । वैसे बच्चों का वह भी शबां है ।। ६ उसकी बातें शहद से हैं मीठी । वैसी शीरीं जबां तो कहां है ।। ७ कहता वाइज़ है तुम को अजीजो । ईसा सचमुच तो शीरीं दहां है ।। 553 (५५३) H. T. B. 85. १ बैतलहम की पैदा इश यरुशलेम है बास नजात के बाइस थी पैदाइस भी खास ।। अपने प्यारे प्रभु को मैं कहां पाऊँगा गले डाले क्रूस को उठाये रहूँगा अपने प्यारे प्रभु वगैरह ।। २ समुन्दर की लहरों को थांभा किया टूटे हुए दिलों को जुड़ाता फिरा ।। ३ उस देश के सब शहरों में घुमा फिरा और बहुत से बीमारों को चंगा किया ।। ४ उस देश के सब शहरों में घूमा फिरा कई मुदों को भी वह जिलाता फिरा ।। ५ इस दुनियां के लिये सब दुःखों को सहा हमदर्द ऐसे खोजूँ तो कहां पाऊँगा ।। ६ लाचारों का साथी बीमारों का यार देख खून का पसीना था कैसा पियार ।। ७ गुनहगारों की खातिर वह हुआ था कुरबान ।। मुआफी पावेगा जो लावे ईमान ।। 554 (५५४) Bhajan Tunes. No. 11PREM DAS.Chord - F | S- Disco/Dholak | T-092 - 096 यीशु मसीह रोगियों को चंगा करें । १ एक को बुलावे रोगी दस बीस आवें । उन के तो रोग कोई रहने न पावें ।। २ भूत को निकाले यीशु मुदों को जिलावे । बहुत लोगों को रोटी पांच से खिलावे ।। ३ जल्दी आओ दुःखित क्लेशित यीशु जी पुकारे । मैं ही सुख चैन देऊँ चेत जा दुखियारे ।। ४ सच्चा विश्वास लावे पाप से पछतावे । उनको तो यीशु जलती आग से बचावे ।। ५ पापियों का पाप काटे जो कोई पुकारे । टूटे मनों को यीशु फिर से सुधारे ।। ६ ऐसा दयालु यीशु जग ही में आया । पापियों का पाप उठाके क्रूस पै लटकाया ।। ७ स्वर्गीय निवास देवे स्वर्ग में ले जावे । वहां की खुशी का तो कोई पार न पावे ।। ८ दुनियां में ऐसे रोगी रात दिन सो जाते । भाई तू क्यों सो रहा है जाग जा प्रभाते ।। 555 (५५५) १ राजा यीशु आया राजा यीशु आया राजा यीशु आया राजा यीशु आया शैतान को जीतने के लिये राजा यीशु आया शैतान को जीतने के लिये राजा यीशु आया ।। २ दुनियां में तो पाप और दुःख होते हैं बहुतेरे पूरी शान्ति देने के लिये राजा यीशु आया ।। ३ क्रूस पर देके अपनी जान आप को किया बलिदान सारे जग का त्राता होके राजा यीशु आया ।। ४ कब्र का वह तोड़ कर बन्ध मौत पर हुआ है जयवंत क्षमा मुक्ति जीवन देने राजा यीशु आया ।। ५ हुआ मैं आनंदित पाकर पाप की मुआफी दिल को साफ करने के लिये राजा यीशु आया ।। ६ उस पर करता मैं विश्वास पूरी करता मेरी आस हाल्लेलूयाह मेरे दिल में राजा यीशु आया ।। 556 (५५६) H. T. B. 131.Q. S. MANDRELLE 1901-1953. शहर-इ-सामरी में एक बार जब यीशु गया कुएं पर जाके जब बैठा रहा ।। १ उस के शागिर्द शहर में गये । लेने कुछ खाना उसके लिये ।। २ याकूब का कुआं भी तो वहीं था । सफर से मांदा यीशु हुआ ।। ३ आई एक औरत वां पानी भरने । यीशु ने कहा पीने को दे ।। ४ बोली वह औरत मैं सामरी हूँ । कैसे यहूदी को पानी मैं दूँ ।। ५ जवाब में यीशु उससे बोला । मांगती तो तुझे जीता पानी देता ।। ६ अगर यह पानी जो कोई पिये । अब्द तक पियासा न कभी होवे ।। ७ औरत ने सुन कर कहा यह उससे । मुझे खुदावन्द यह पानी तू दे ।। ८ खड़ा तब छोड़ के शहर को गई । लोगों से बोली आओ देखो मसीह ।। ९ लोगों ने मानी औरत की बात । यीशु पास आके मांगी नजात ।। १० ऐ गुनहगारो तुम भी आओ । ऐसा ईमान जल्दी यीशु पर लाओ ।। 557 (५५७) Bhajan Tunes No. 54.JOHN CHRISTIAN. सांझ पड़त मरियम अकुलानी । १ डगर डगर ढूँढ़त है धाये, नाहिन देखे लाल अपानी ।। २ सुधि नन्दन के तुम कुछ जानो, सबही से पूछे बिलपानी ।। ३ आतुर हूँ तब मन्दिर बहुरी, अन्तर चौदिस हेरि समानी ।। ४ बड़े बड़े ज्ञानिन के संगे, बात करत सुत पाई अपानी ।। ५ मातु पिता पर कौनो कारण, शोक विपत्ति तुम ऐसो आनी ।। ६ प्रभु तब सादर उत्तर दीन्हा, माता के सुनि बैन रुखानी ।। ७ काजकरण पितु के मोहि चाहिये, अब लों तुम यह मर्म न जानी ।। ८ चेतहि जो सुनि यह उपदेशा, जान अधम सोई सदज्ञानी ।।

  • The Holy Scripture 195-199 | Masihi Geet Sangrah

    ## धर्म पुस्तक (The Holy Scripture) #### 195 (१९५) *“Sing them over again to me.”* *S. S. S. 357.* *PHILLIP BLISS. 1838-76.* *Chord - E | S- Waltz | T-126* १ गाके मुझको सुनाओ फिर मंगल सुसमाचार समझूँ मैं उसका अर्थ और सार मंगल सुसमाचार सुन्दर जीवनदायक धर्म विश्वास का शिक्षक ।। कोरसः- वचन अनूप वचन अद्भुत मंगल सुसमाचार ।। २ यीशु देता है सभों को मंगल सुसमाचार लो अब तुम जो कि भूले हो मंगल सुसमाचार सेंत मेंत हमको देता स्वर्ग की ओर खींच लेता ।। ३ जाके सभों को दो संदेश मंगल सुसमाचार देता दिलों को चैन विशेष मंगल सुसमाचार यीशु मुक्तिदाता सभों को सुनाता ।। #### 196 (१९६) *“Break thou the bread of life.”* *6. 4. 6. 4. D. Bread of Life.* *MARY, A LATHBURY, 1841-1913.* *Chord - D | S- Ballad | T-078* १ जीवन की रोटी अब प्रभु खिला जैसे समुद्र पास खिलाता था बैबल में खोजूंगा दर्शन तेरे मैं तेरा भूखा हूँ तू तृप्त कर दे ।। २ जीवन की रोटी तू है सर्वदा वचन के द्वारा तू मुझे बचा तब हर एक बंधन से छूट जाऊँगा मैं पूरी शान्ति तुझ से पाऊँगा ।। ३ सामर्थी आत्मा दे प्रभु मुझे तू मेरी आँखें छूके दृष्टि दे जो बातें छिपी हैं उनको दिखा तब जीवनदाता तुझे देखूंगा ।। ४ सत्य रोटी हे प्रभु मुझे खिला जैसे गलील में भी तू देता था बंधन को मेरे खोल छुटकारा दे विश्राम तब पाऊँगा पूर्ण आनंद से।। #### 197 (१९७) *“Holy Bible, book divine.”* *7. 7. 7. 7. Harts or Geman Hymn.* *JOHN BURTON, 1803.* १ बैबल बैबल सत्य ग्रंथ मेरा तू भंडार अनंत तू बताती मैं क्या हूँ और कहाँ से आया हूँ ।। २ जब मैं भटकूँ डांटती है ख्रीष्ट का प्रेम बताती है स्वर्गीय मार्ग में तू रखवाल करती ताड़ता प्रतिपाल ।। ३ दुःख में शान्ति देने हार आत्मिक आशिषें का द्वार वह दिलाती यह विश्वास कि विश्वस्त न होंगे नाश ।। ४ यीशु से है जीवन त्राण अनंत सुख, यह देती ज्ञान बैबल बैबल सत्य ग्रंथ मेरा तू भंडार अनंत ।। #### 198 (१९८) *“Cling to the Bible.”* *S. S. S. 263.* *M. J. SMITH.* *Chord - F/F# | S- 6/8 | T-084* १ सब कुछ तुम त्यागो पर बैबल न छोड़ो उसकी सब शिक्षा पर दे अपना ध्यान निश्चिंत को वह उसकी नींद से जगाता उसमें है जीवन अनंत का बयान ।। कोरसः- बैबल न छोड़ो, बैबल न छोड़ो बैबल उज्याला और शिक्षक भी है।। २ बैबल न छोड़ो वह धन का निधान है जिसमें है वर्णित सब पाप से उद्धार हे मेरे मन उसको अपना तू कर ले उसके सब गुण है अथाह और अपार ।। ३ भक्तों के लिये है बैबल एक दीपक उससे जवान पाप से रुक जाते हैं जीवन जब भ्रष्ट हुआ तब देती आशा बूढ़ों के लिये आधार और सहाय ।। #### 199 (१९९) *“Go labour on, spend and be spent.”* *L. M. -- Pentecost or Rothwell.* *HORATIUS BONAR, 1808-1889.* १ चल काम कर प्राण भी चाहे जाय तू अपनी शक्ति खर्च कर जिस मार्ग पर प्रभु चलता था क्या दास न होगा अनुचर ।। २ चल काम कर व्यर्थ न होगा काम सांसारिक हानि लाभ अनंत जो लोग तुच्छ जानें तेरा नाम प्रभु सराहता अपना संत ।। ३ चल काम कर हाथ जो हों निर्बल पांव थकित हो और मन निरास पर हट न जा की प्रतिफल उस स्वर्गीय मुकुट की रख आस।। ४ चल काम कर जब लों दिन रहें इस जग की रात जल्द आती पास कर जल्दी बिना आलस के कि चहुँओर लोग होते नाश ।। ५ वे मरते जाते आसरा हीन न उनको कहीं शरणस्थान उनको सिखा कि होवें दीन मसीह पास आके पावें त्राण ।। ६ काम करके जाग और प्रार्थना कर मुँह भटके हुओं से न मोड़ उन्हें बता पिता का घर और लाये बिन उन्हें न छोड़ ।। ७ काम करते ही तू हर्षित हो कह मन में घर को जाता हूँ दूल्हे का शब्द सुन पड़ता जो पुकारता देख मैं आता हूँ ।।

  • 463-484 | Masihi Geet Sangrah

    463 (४६३) 8. 8. 8. 8. 7. Lasst Mich Gehen. १ क्या सदा क्या सदा धूल में रहूँगा सदा नहीं जो शरीर यह गड़े ओ समाधि भीतर सड़े तौभी वह जी उठेगा ।। २ गोर का द्वार गोर का द्वार तोड़कर यीशु ने उद्धार अनंत जीवन मुझे दिया उसने मृत्यु को हराया मृत्यु तेरी जय कहाँ ।। ३ धन्य समय धन्य समय देह जब फिर जी उठता है तब हम दुःख और सकल व्याधि और वह गोर के भीतर सड़े छोड़कर करेंगे जय जय ।। ४ तब निहाल तब निहाल रहेंगे हम अनंत काल सब वियोग से शोकित होना सकल हाय हाय मारना रोना उस समय होगा बन्द ।। ५ आश्चर्यमान आश्चर्यमान तेज स्वरूप ओ ज्योतिमान तब तो होगी देह हमारी आगे वह न मरनेहारी बरन ख्रीष्ट की देह समान ।। ६ अपने साथ अपने साथ हम को चैन हमारा नाथ स्वर्ग में देगा कि हम गावें उसकी स्तुति और बढ़ावें उसकी नाम संतों के साथ ।। ७ कर विश्वास कर विश्वास प्रिय प्राण जो है उदास ढाढ़स बांधो पिता माता रोदन थामो बहिन भ्राता होगा पुनर भेंट प्रकाश ।। 464 (४६४) 8. 8. 8. 8. 7. Lasst Mich Gehen. GUSTAV KNACK 1806-1878. १ कब मैं जाऊँ कब मैं जाऊँ यीशु को कब देखने पाऊँ उस के चरणों पर सिर धरना उसके पास ही नित ठहरना अपने मन से चाहता हूँ ।। २ सत्य प्रकाश सत्य प्रकाश जो अन्धकार को करता नाश कब मैं वहां पहुँचूँगा जहां तेरा मुँह मैं देखूँ मेरे मन के अभिलाष ।। ३ कैसा मीठा कैसा मीठा स्तुतिमान है दूतों का यदि पंख हमारे होते उड़ते हुए जल्द यहां से जाते हम सैहून पहाड़ ।। ४ उत्तम देश उत्तम देश तेरे फल हैं क्या विशेष अपने पास हे प्रिय प्रभु हम को स्वर्ग में स्थान तू दे परमधाम ही में प्रवेश ।। 465 (४६५) “O think of the home over there.” P. M. S. S. S. 42. D. W. C. HUNTINGTON. १ कर याद कि एक घर है उस पार सुन्दर जीवन की नदी के पास जहां संत लोग सब पाके उद्धार नित्य करते हैं हर्ष से निवास सुन्दर घर सुन्दर घर कर याद कि एक घर है उस पार ।। २ कर प्यारों को याद जो उस पार हम से पहिले पहुँच गये हैं कि वे गाते हैं ईश्वर का प्यार और आनंद से बिताते समय यर्दन पार यर्दन पार कर याद कि हैं प्यारे उस पार ।। ३ उद्धार कर्त्ता रहता उस पार हैं सब भाई और बन्धु वहाँ छोड़ के रंज और सब दुःखों का भार उनके पास मैं उस पार जाऊँगा मैं उस पार जाऊँगा उन के पास जो हैं गये उस पार ।। ४ अब जाऊँगा जल्दी उस पार जीवन यात्रा का अन्त दिखता है मेरे प्यारे जो गये उस पार मेरे आने की बाट जोहते हैं जोहते हैं जोहते हैं मेरे आने की बाट वां उस पार ।। 466 (४६६) 11. 11. 11. 11. 8, 11. Wo Findet. १ कहाँ पाता है मेरा प्राण सुख विश्राम कौन चैन देगा मुझे और क्लेश से विराम न कहीं मैं पाऊँगा ऐसा आश्रय जहां न पाप न मरण होता है नहीं नहीं इस लोक में ना वह आनंद जो रहे सदा सर्वदा ।। २ हे प्यारो संसार को छोड़ देकर प्रस्थान कर ईश्वर के मार्ग पर तो पाओगे त्राण यरुशलेम स्वर्ग का चमकीला अपार वह है अनन्तकाल लों प्राण निमित्त आधार हाँ हाँ हाँ हाँ केवल वहाँ है दुःख से शुभ शरण ओ आनंद सदा ।। ३ आह कैसा सुखदायक है स्वर्गीय निधान पाप मृत्यु शोक व्यथा वहां हैं अनजान संत लोगों का भजन और सुन्दर जो गान सो करेगा हर्षित सदा मेरा प्राण वाह वाह वाह वाह कब जाऊँगा यहाँ से कि स्वर्ग में मैं रहूँ सदा ।। ४ तो चलो हे भाइयो समीप है विश्राम कुछ देरी के पीछे प्राप्त होगा स्वर्गधाम यहाँ हमको लड़ना और दुःख सहना है पर स्वर्ग में हम पायेंगे आनंद और जय जय जय जय जय निरंतर जय हम जो लेते मसीह पास आश्रय ।। 467 (४६७) “When this passing world is done” R. M. CHEYNE. 1813-43. १ जब आ जावे महा कष्ट जब यह जगत का होगा नष्ट जब मैं स्वर्ग में उतरुं पार पाऊँ सदा का निस्तार तब ही प्रभु समझ लूँ तेरा कितना धारता हूँ ।। २ तेरे पास खड़ा हूँ महिमा जब पहिनूँ देख तेरा तेज अपार निर्मल मन से करूँ प्यार तब ही प्रभु समझ लूँ तेरा कितना धारता हूँ ।। ३ जब मैं सुनूँ स्वर्ग का गान उठता हुआ गर्ज समान पानी का सन्नाटा सा शब्द जो मीठा बीन का सा तब ही प्रभु समझ लूँ तेरा कितना धारता हूँ ।। ४ जग में भी ज्यों ऐने में तेरी महिमा देख पड़े क्षमा ऐसी मीठी हो आत्मिक शक्ति प्रबल हो कि यहाँ कुछ समझ लूँ तेरा कितना धारता हूँ ।। ५ मेरी निज की न भलाई क्रोध से भागने को जगाये ख्रीष्ट के पांजर में गुप्त हो आत्मा से भी शोधित हो नित्य सिखा कि बताऊँ तेरा कितना धारता हूँ ।। 468 (४६८) “Hush ! blessed are the dead” 6s. Dolomite Chant. १ हैं धन्य वे ही मृतक जो मरते प्रभु में कि करते हैं विश्राम अब अपने कार्यों से ।। २ दर्शन बिन परदे का वे सदा पाते हैं सत ईश्वर ज्योतिर्मय वे देखते रहते हैं ।। ३ वे इस दुःख सागर से अब छूट के निकले हैं न दुःख न पीड़ा को फिर कभी जानेंगे ।। ४ अच्छा गड़रिया उन्हें रखता है वह अमृत पानी के तीर पर ले चलता है ।। ५ न उन्हें, पर हम को आँसू बहाना है हां उन के मरने से हम दुःखित हैं निश्चय ।। ६ हम शोक से रोते हैं सुधि क्योंकर मिटेगी न हम पर दोष लगा कि रोया यीशु भी ।। ७ पर अन्तिम दिन को जब लौट आवे मेरा साथ हम सब आनंद से फिर मिल रहेंगे एक साथ ।। 469 (४६९) “There is no night in heaven” १ न रात है स्वरग में उस लोक में तेजस्वी थकावट काम में न होगी कि काम भी प्रेम है ही ।। २ न दुःख है स्वर्ग में सुख सदा रहेगा न आँसू नई सृष्टि में कभी देख पड़ेगा ।। ३ न पाप है स्वर्ग में देख भीड़ सब संतों की पवित्र है नित्य उनका गीत पवित्र वस्त्र भी ।। ४ न मौत है स्वर्ग में वहाँ जो रहेंगे सो अमर होवेंगे जयवंत वे फिर न मरेंगे ।। ५ हे यीशु अगुवा हो कि योंही हम चलें कि दुःख पाप और मृत्यु पार उस लोक में जा रहें ।। 470 (४७०) “8. 7. 8. 7. Evening Prayer or Galilee.” १ मनुष्य धूल है घास का फूल है शीघ्र वह मर जाता है आज वह आता कल वह जाता फूल सा वेग मुरझाता है ।। २ क्या धनवान हो क्या कंगाल हो दोनों मौत उठाती है बलवन्तों और निर्बलों को दोनों को गिराती है ।। ३ स्वर्गीय पिता सब बुराई दूर कर मेरे मन में से बुद्धिमानी और तैयारी न्याय के दिन को मुझे दे ।। 471 (४७१) “When all my labours and trials are o'er.” CHARLES H. GABRIEL, 1850-1932. १ मेरा दुःख धन्धा जब हो चुकेगा कुशल से स्वर्ग जब पहुँच जाऊँगा यीशु के साथ जब रहूँगा सदा मुझे तब होवेगा पूरा आनंद कोरस :- पूरा आनंद पूरा आनंद पूरा आनंद पूरा आनंद जब उसके मुख को मैं देख पाऊँगा मुझे तब होवेगा पूरा आनंद ।। २ मुझको जब स्वर्ग में एक रहने का स्थान दया से यीशु करेगा प्रदान प्रभु की वाणी जब सुनेंगे कान मुझे तब होवेगा पूरा आनंद ।। ३ मेरे सब प्यारे मिलेंगे मुझे जगत के बोझ मुझ से दूर होवेंगे जब तारणहार मुझ पर दृष्टि करे तब उससे पाऊँगा पूरा आनंद ।। 472 (४७२) “Jerusalem my happy home” C. M. ― St. Fulbert. F. B. P. १ यरुशलेम तू है सुखधाम मनोहर मीठा नाम कब तुझ में जग के संकट से मैं पाऊँगा विश्राम ।। २ कब तेरी सुन्दर भीतों को और बाहर रतन द्वार सुनहली सड़क देखूँगा और पाऊँगा उद्धार ।। ३ हाँ कब मैं तुझ में बसूंगा हे ईश्वर के सुख धाम जहां न पाप न मृत्यु है न पीड़ा शोक न घाम ।। ४ जहाँ सनातन आनंद और कुशल क्षेम सदा है आह तुझ में मुझे जाना है पर दिन कब आवेगा ।। ५ संतों की मंडली है वहाँ और संग है यीशु नाथ और मेरे प्यारे भी अनेक वहाँ हैं उनके साथ ।। ६ मैं तेरी लालसा रखता हूँ हे ईश्वर के सुखधाम जब तेरा हर्ष मैं देखूँगा मैं करूँगा विश्राम ।। 473 (४७३) “Here we suffer grief and pain” १ हम यहाँ दुःख सहते हैं कि एक साथ न रहते हैं स्वर्ग लोक है मेल का स्थान । तब हम करें खुशी खुशी खुशी खुशी जब हम जब ही मिलके अलग फिर न होवेंगे ।। २ सब जो चाहते यीशु को उनका जब कि मरना हो स्वर्ग लोक को जावेंगे । ३ खुशी तब मनावेंगे जब हम देखने पावेंगे ख्रीष्ट को सिंहासन पर । ४ तब एक मन और एक ही स्वर गावेंगे हम खुशी कर यीशु मसीह की जय ।। 474 (४७४) “Asleep in Jesus” L. M. - Rest. MRS. MARGARET MACKY, 1832. १ मसीह में सोये श्रेष्ठ आराम उठकर न करेगा विलाप एक शान्त निश्चित निडर विश्राम दूर हुआ पाप का सारा श्राप ।। २ मसीह में सोये महा सुख कि इस आराम के योग्य हो कि साथ निश्चय के गा सकें मसीह ने मारा मृत्यु को ।। ३ मसीह में सोये शान्त आराम उठकर पाओगे परमानन्द उस के पराक्रम के समय होंगे हर व्याधि से निर्बन्ध ।। ४ मसीह में सोऊ मुझे भी यह उत्तम आश्रय मिल सके कि पुनरुत्थान के समय लों यह देह विश्राम से सोयेगा ।। ५ मसीह में सोये तुझ से दूर जो तेरे प्यारे पड़े हों तौभी है तेरा श्रेष्ठ आराम जी उठके देखेगा उनको ।। 475 (४७५) “The sands of time are sinking” 7. 6. 7. 6. D. Rutherford. ANNE ROSE CAUSIN, 1824-1906. १ संसार का दिन ढल जाता और स्वर्ग का बिहान जिस भोर की आश मैं रखता वह भोर अब हैं ज्योतिमान रात थी बहुत अंधेरी अब करता दिन प्रवेश और विभव विभव रहता इम्मानुएल के देश ।। २ मसीह है प्यार का सोता उस जल की क्या मिठास संसार में मैं ने चखा पर स्वर्ग में बुझती प्यास वहाँ एक बड़ा सागर उसका प्रेम अशेष और विभव विभव रहता इम्मानुएल के देश ।। ३ मसीह है मेरा प्यारा वह मुझ से रखता प्रेम जौनार के घर में लाता अशुद्ध और दुराचार मैं उस पर रखता आस्रा पूर्ण होगी आश विशेष जहां वह विभव रहता इम्मानुएल के देश ।। ४ दुलहिन तो अपने भेष पर लगाती नहीं ध्यान वह विभव नहीं ताकती पर वह लोहू लुहान न आँख लगाती ताज पर हाथ छिदे हैं विशेष मेम्ना है सारा विभव इम्मानुएल के देश ।। ५ जीवन के थान में उसने विचार से बुना क्षेम और शोक की ओस पर सदा चमकता उसका प्रेम जिस हाथ ने ठीक चलाया जिस चित से था उपदेश उन को मैं नित्य सराहूँ इम्मानुएल के देश ।। ६ मैं स्वर्ग की ओर हूँ ताकता जब चली बयार प्रचण्ड अब थके पथिक नाईं जो टेकता अपना दण्ड आयु के संध्या समय ज्यों मौत का है संदेश मैं विभव उदय ताकता इम्मानुएल के देश ।। 476 (४७६) 8. 7. 8. 7. 8. 8. 7. Luther's Hymn. JOSHUA STEGMANN. १ हे मौत अब तेरा डंक कहाँ कहाँ परलोक जय तेरी शैतान अब हम से करे क्या चाहे शक्ति हो घनेरी परमेश्वर ही ने किया है हमारे लिये उत्तम जय ख्रीष्ट यीशु ही के द्वारा ।। २ सांप कैसे फनफनाता था जब यीशु उससे लड़ा छल बल से उस पर आता था पर उससे मारा गया हां ख्रीष्ट की एड़ी डसने से वह पा न सका उस पर जय सिर सांप का कुचला गया ।। ३ ख्रीष्ट वैरीयों पर जयवंत हो पाताल से निकल आया और मौत को भी हराया मृत गोर को भी हराया अब कोपित होवें सारे दल शैतान और उसका पूरा बल जयवंत मसीह हो गया ।। ४ ख्रीष्ट यीशु मौत में पड़ा था पर देख फिर जीवित भया अब जीवे उसके अंग सदा जब सिर जिलाया गया जो यीशु पर विश्वास करे न रहेगा वह कबर में वह जीवे जोभी मरा ।। ५ जो दिन दिन उठे ख्रीष्ट के साथ पाप मौत से मन फिरावे न होगा उस पर मौत का हाथ न उस पर आने पावे ख्रीष्ट ने मौत को किया क्षय वही निर्दोषता लाया है अमरता अनंत जीवन ।। ६ ये हैं निस्तार के पर्व के दान ख्रीष्ट यीशु ही के द्वारा कि मुक्ति आनंद और कल्याण अब है सदा हमारा सो बाट हम जोहें धीरज से जब लों न महा दिवस में हमारे देह जी उठें ।। 477 (४७७) Bhajan Tunes No. 121. PRABHU DAS अपना कोई नहीं है जी ।। बिना प्रभु यीशु हर्गिज मुक्ति नहीं है जी । १ धन जोबन का गर्व न कीजै सिर पर मौत न मानी । इक दिन ऐसा होगा बन्दे तू डूबे बिन पानी ।। २ मानुष चोला हुआ पुराना कब लग सीवे दरजी । दुःख का भंजन कोई न मिलिया जो मिलिया सो गरजी ।। ३ जब लग तेल दिया में बाती जग मग जग मग हो रही । जल गय तेल निपट गई बाती ले चल ले चल हो रही ।। ४ माटी ओढ़ना माटी बिछौना माटी का सिरहाना । इक दिन ऐसा होगा बन्दे माटी में मिल जाना ।। ५ सदा न बाग में बुलबुल बोले सदा न बाग बहारा । सदा न रहती हुस्न जवानी सदा न सुहबत यारां ।। ६ माई कहे यह पुत्र हमारा बहिन कहे बिर मेरा । भाई कहे यह भैया हमारा नारि कहे नर मेरा ।। ७ तीन दिना तेरी तिरिया रोवे जीवे जब लग माता । मरघट तक तेरा कुटुम्ब कबीला हंस अकेला जाता ।। ८ घर की तिरिया झुर झुर रोवे बिछुड़ गई मेरी जोड़ी । प्रभुदास उठ के यों बोले जिन जोड़ी तिन तोड़ी ।। ९ दुःख की गठरी सिर पर भारी जाकर कहाँ उतारी । यीशु जी ने हांक पुकारी दुःख की गठरी टारी ।। 478 (४७८) H. T. B. 22 अस घर जग में कोई नहीं । जिस घर मैं न जाती हूँ ।। १ ताक लगाये हाजिर रहती । जिधर इशारा पाती हूँ ।। २ जिसे बुलाता साईं मेरा । मैं ही लेने जाती हूँ ।। ३ हुक्मी चेरी मैं हूँ उस की । तुरतहि हुक्म बजाती हूँ ।। ४ लोहा लकड़ी कछु नहि लाती । चुपके तीर चलाती हूँ ।। ५ डरती कभु न फिराऊन से । खुले खजाने आती हूँ ।। ६ भाई भतीजे रोवत पीटत । मात पिता से छुड़ाती हूँ ।। ७ जो कोई है शैतान का बन्दा । नरक उसे ले जाती हूँ ।। ८ यीशु मसीह के बलिबलि जाओ । निर्बल तुम्हें बताती हूँ ।। 479 (४७९) Bhajan Tunes No. 23 or 24. HINGAN. जगत में ना निश्चय पलकी । १ सुमरण करिये प्रभुहि सुमरिये, को जाने कलकी ।। २ हंस रहे जौलोग घट भीतर, हरख रहे दिल की ।। ३ हंस निकल जब जावे घट से, माटी भूतल की ।। ४ कौड़ी कौड़ी वित्त बटोरे, बात किये छल की ।। ५ भारी गेठ धरे सिर ऊपर, क्योंकर हो हल्की ।। ६ सांझ पहर दिनकर जस छीजे, जोत झला झलक ।। ७ आयुर बल झट बीतत तैसे, बिजली जस दमकी ।। ८ काम क्रोध मद माया तजि के, कुटिल बात खलकी ।। ९ सेवक यीशु चरण पर निहुरत, सुनिये निरबल की ।। 480 (४८०) Bhajan Tunes No. 82. NAINSUKH. जो तुम जीवो तो करलो विचारा, यीशु है मेरो सृजनहारा ।। १ जीवन मरन यही संसारा, यीशु नाम से होत उधारा ।। २ मातु पिता दुःख देखनहारे, कोई नहीं दुःख बांटनहारा ।। ३ बेटी बहिन अरु घर की नारी, रोवत विलपत सब परिवारा ।। ४ लोग बाग सब सोचन लागे, हंस कहां गया बोलनहारा ।। ५ अबही चेतो हे अभिमानी, काल सिरहाने आय पुकारा ।। ६ उठ रे पापी तोहि बुलाई, अगिन जहां नहीं बूझनहारा ।। ७ यीशु के लोग जहां जात होई, सुनत नहीं यह बोल करारा ।। ८ धर्मरूप तब कहत सुनाई, चलिये प्रभु दर्शन को प्यारा ।। 481 (४८१) Bhajan Tunes No 46. JOHN CHRISTIAN. मन मरन समय जब आवेगा, मन मरन समय । १ धन संपत्ति अरु महल सराये, छुटि सबै तब जावेगा ।। २ ज्ञान मान विद्या गुण माया, केते चित्त उरझावेगा ।। ३ मृगतृष्णा जस तिरखित आगे, तैसे सब भरमावेगा ।। ४ मातु पिता सुत नारी सहोदर, झूठे माथ ठठावेगा ।। ५ पिंजर घेरे चहुँदिश विपिन, सुगवा प्रिय उड़ जावेगा ।। ६ ऐसो काल शमशान समाना, कर गहि कौन बचावेगा ।। ७ जान अधम जन जौं विश्वासी, यीशु पार लगावेगा ।। 482 (४८२) H. T. B. 70. PREM DAS. रहेगा हंसा चार दिना जग माहीं । १ मुक्ति गहन जनि बारि लगाओ । घटत दिवस अब जाहीं ।। २ पथिक नींद अस यह संसारा ।। छन सोवत पथ माहीं ।। ३ दारा पति सुत बन्धु सजाती । साथी ये सब नाहीं ।। ४ जो तुम पाप कियो तन मन से । बांट न लेहीं ताहीं ।। ५ धन्य दयालु पिता परमेश्वर । प्रेम असीम दिखाहीं ।। ६ पापिन भार उतारन कारण । निज सुत जगत पठाहीं ।। ७ दास आस निज तापर राखो । पाप श्राप नट जाहीं ।। 483 (४८३) H. T. B. 105 J. UMRAIL. १ जरा टुक सोच ऐ गाफिल कि क्या दम का ठिकाना है । निकल जब ये गया तन से तो सब अपना बिगाना है ।। २ मुसाफिर तू है और दुनिया सरां है भूल मत गाफिल । सफर मुल्क-इ-अदम आखिर तुझे दरपेश आना है ।। ३ लगाता है अबस दौलत पै क्यों तू दिल को अब नाहक । न जावे संग कुछ हरगिज यहीं सब छोड़ जाना है ।। ४ न भाई बन्ध है कोई न कोई आशना अपना । बखूबी गौर कर देखा तो मतलब का जमाना है । ५ लगा रह याद में हक की अगर अपनी शफा चाहे । अबस दुनिया के धन्धों में हुआ गुल क्यों दिवाना है ।। 484 (४८४) H. T. B. 103. SHUJAAT ALI. १ सुनो ऐ जान इ मन तुम को यहां से कूच करना है । रहो तुम याद-इ-हक्क में जब तलक यहां आबदाना है ।। २ अरे गाफिल तू क्यों भूला है इस दुनिया के लालच में । रखो कुछ खौफ भी हक का अगर जन्नत को जाना है ।। ३ करो टुक गौर दिल में कहा क्या क्या तुम्हें उसने । किया था हुक्म जो हक ने उसे तुम ने न माना है ।। ४ पड़े सोते हो गफलत में जरा टुक आँख को खोलो । हुई है शाम उठ बैठो मुसाफिर घर को जाना है ।। ५ न दौलत काम आयेगी न इस दुनिया से कुछ हासिल । अगर तुम सोचकर देखो यह सब कुछ छोड़ जाना है ।। ६ जो मलक-उल-मौत आवेगी तुम्हें इस जां से लेने को । बहाना क्या करोगे तुम वह तुम से भी सियाना है ।। ७ खुदा जब तुम से पूछेगा तू क्या लाया उस आलम से । दिया था उमर और दौलत तो क्या तुहफा कमाया है ।। ८ अगर गाफिल रहे हक से तुम्हें दोजख में डालेगा । रहे हो याद में हक की तो जन्नत घर तुम्हारा है ।। ९ हयात अब दी अगर चाहो तो कह यीशु मसीह से तू । वही शाफी है उम्मत का कि जिसका नाम यीशु है ।। १० सलीब ऊपर उसे रखकर किया है कत्ल जालिम ने । उसे मत भूल ऐ आसी वही तेरा ठिकाना है ।।

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