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विश्वास और पश्चाताप (Faith and Repentance)

269 (२६९)

L. M. -- Melcombe or Old Hundred.

१ अकाम है मेरा सारा कर्म

पर ख्रीष्ट का रक्त और उसका धर्म

है मेरी शोभा और सिंगार

और ढाल और शरण और उपकार ।।

२ अब मेरे प्राण को मौत निराश,

न करेगी, मैं बिना त्रास

ईश्वर के सामने जाऊँगा

और बिना लाज ठहरूँगा ।।

३ यीशु ने क्रूस के खंभे पर

उठाया मेरे पाप का भार

और उसके देह की कील और चोट

है दण्ड और स्राप से मेरी ओट ।।

४ ईश्वर से मुझे है मिलाप

देख मुझ पर ख्रीष्ट के रक्त की छाप

और मेरे लिये सर्वदा

यह रक्त बिचवई करेगा ।।

५ हे मेरे प्रीतम तारणहार

तू अपना घायल हाथ पसार

और मुझे अपने रक्त से धो

कि मन बच कर्म पवित्र हो ।।

६ और जब मृतकाल में अपना बाण

मुझ पर चलाता है शैतान

तब अपने रक्त के द्वारा से

हे प्रभु तू बचा मुझे ।।

270 (२७०)

C. M. -- Grafenburg or St Agnus.

REV. G. S. MANDRELLE 1903-1953.

१ अनाथ मैं हूँ हे प्रभु ख्रीष्ट

तू है अनाथ का नाथ

मैं मन बच काया से निकृष्ट

और बिका पाप के हाथ ।।

२ हे यीशु तारक मुझे तार

कि तू है मेरी आस

निस्तारक मेरा कर निस्तार

कि स्वर्ग में करूँ बास

271 (२७१)

8. 7. 8. 7. 8. 7. Dismissal or Rousseau.

१ कहां मेरा तारणहारा

मेरा यीशु है कहां

पियारों उसकी शाला

वह कौन बतावेगा

वेग से कहो वेग से कहो

यीशु को दिखाइये ।।

२ दबा पाप के बोझ से भारी

चूरचार हुआ मेरा प्राण

रोता मैं दिन रात्रि सारी

ख्रीष्ट को पाऊँगा कहां

निपट खेदित व्याकुल छेदित

विकल मेरा मन है नित ।।

३ यदि मेरे डैने होते

ज्यों पंडुक के होते हैं

तो मैं आज ही उड़ के जाता

जहां प्रीतम रहता है

और निरन्तर उसका चरण

धरे रहता आनन्दमय ।।

४ मेरे प्राण तू क्यों निराश है

आ तू ख्रीष्ट के क्रूस के पास

वहां दण्ड ओ त्रास यीशु ने

भोग कर किया पाप का नाश

अपना रक्त वहां बहाया

जिस से हुई त्राण की आश ।।

५ मृत्युनाशक पाप का हरता

मेरा वाणी है यहाँ

क्रूस के काठ पर टंगा रहता

क्रूस है मेरा शरणस्थान

ख्रीष्ट के हाथ में मृत्यु समय

सौंपूँगा मैं अपना प्राण ।।

272 (२७२)

8. 7. 8. 7. D. Munich or Aurelia.

CHR. G. KERN, 1792-1835.

१ क्यों छोड़ूँ मैं उस मीत को

जो मुझे छोड़ता ना

कब समझूँ मैं उस प्रीत को

जो है ख्रीष्ट यीशु का

मैं दुःख अपार में पड़ा

उपकार वह लाया था

और मैं ने कुशल महा

यीशु में पाया था ।।

२ मैं क्यों न चाहूँ उस को

असीम है जिसका प्यार

और दुःख क्यों देऊँ उसको

जो मेरा तारणहार

हां उसी ने उठाया

सब दण्ड मुझ पापी का

यह कह मुझे बुलाया

आ मेरे पीछे आ ।।

३ मैं करूँ प्यार उस हितू को

जो करता है उद्धार

और तोड़ कर मृत्यु बल को

है देता जीवन सार

वह मरन काल सब भय से

मुझे बचावेगा

और स्वर्ग में अपने हाथ से

घर के ले जावेगा ।।

273 (२७३)

“Seek ye first, not earthly pleasure.”

8. 8. 8. 6.

१ खोज तू मत वह सुख शारीरिक

वही धन जो है सांसारिक

सत्य प्रेम को जो है आत्मिक

पहिले खोज पहिले खोज ।।

२ खोज तू मत सांसारिक इच्छा

जो तृष्णा वृथा है सदा

अपनी आत्मिक अभिलाषा

पहिले खोज पहिले खोज ।।

३ पहिले खोज ईश्वर की शान्ति

इसे पा तो है न घटी

आ अपने को मान तू पापी

उस को खोज उस को खोज ।।

४ पहिले खोज और क्षमा ले ले

स्वर्ग का अधिकारी होके

अपना जीवन उस को दे दे

उस को खोज उस को खोज ।।

५ पहिले खोज तू पूर्ण शुद्धि

प्रभु में जो सदा मिलती

उस के लिये काम की बुद्धि

सदा खोज सदा खोज।।

६ यतन कर कि राज्य फैल जावे

ख्रीष्ट का प्रेम सब देखने पावें

कि वे उसको सदा मानें

इस को खोज इस को खोज ।।

७ उस प्रतिज्ञा का भरोसा

तेरी इच्छा पूर्ण करता

आत्मिक दान तो उससे मिलता

पहिले खोज पहिले खोज ।।

274 (२७४)

8. 7. 8. 7. Batty or Mariners.

१ जन्म से पापी दुराचारी

धर्म विमुख और ख्रीष्ट विरुद्ध

मैं तो हूँ पर ख्रीष्ट के द्वारा

अभी सारे पाप से शुद्ध ।।

२ मैं हूँ शुद्ध आह कैसी दया

क्योंकि मेरे त्राणी ने

क्रूस पर मेरा धर्म कमाया

अपना रक्त बहाने से ।।

३ मैंने ख्रीष्ट को नहीं चाहा

निश्चित होके भूलता था

पर वह मेरा प्रेमी रहा

और न मुझे त्यागता था ।।

४ जब से बिन्ती मैं ने की थी

क्षमा कर मुझ पापी को

उसने झट ली सुधि मेरी

उसको धन्य हो सदा लों ।।

५ उसने अपना हाथ पसारा

धर के धोया मेरा प्राण

उस को धर्म से भी संवारा

और यों मुझे मिला त्राण ।।

६ दूसरी आस न मेरी होवे

मेरा धर्म और मेरा बल

ऐसी निन्दा दूर हो रहे

दूर हो मुझ से ऐसा छल ।।

७ मेरी आशा है ख्रीष्ट का मरण

ख्रीष्ट का रक्त और उसका धर्म

उसकी दया मेरी शरण

मेरा त्राण है ख्रीष्ट का कर्म ।।

275 (२७५)

7s Innocents or St. Bees.

Chord - D (Ref:- 06 No.) | S- Waltz | T-130

१ जो न चलता पाप के पथ

और न मानता दुष्ट का मत

निन्दक संग न बैठता है

वह मनुष्य ही धन्य है ।।

२ वह जो ईश्वर के अधीन

वचन में रात दिन लौलीन

मन बच कर्म सुधारता है

कुशल उसका सदा है ।।

३ वह हर बात में भाग्यवान

और उस पेड़ के है समान

जो हरीला और फलमय

जल के पास पनपता है ।।

४ दुष्ट को ऐसा ही मत जान

दुष्ट है भूसी के समान

जिस को इधर उधर मार

उड़ा डालती है बयार ।।

५ धर्म के मार्ग पर जिनकी चाल

तिन पर ईश्वर है दयाल

दुष्ट लोगों के मार्ग ही के पास

घात में लगा है विनाश ।।

276 (२७६)

C. M. -- Vulpius or Bedford.

JOSHUA STREGMANN, 1588-1632.

१ तू अपनी दया यीशु ख्रीष्ट

हमारे पास ठहरा

कि अपने छल से फिर शैतान

हमको बझावे ना ।।

२ तू अपना वचन यीशु ख्रीष्ट

हमारे पास ठहरा

कि हमको आनंद और कल्याण

अब होवे और सदा ।।

३ तू अपनी ज्योति यीशु ख्रीष्ट

हमारे पास ठहरा

जिस्तें अन्धकार में तेरे लोग

सत मार्ग से भटकें ना ।।

४ तू अपनी आशिष यीशु ख्रीष्ट

हमारे पास ठहरा

रोप हम में हर एक आत्मिक दान

और हम में फल उगा ।।

५ तू अपनी सामर्थ यीशु ख्रीष्ट

हमारे पास ठहरा

हमको परीक्षा में न डाल

संसार पर जय दिला ।।

६ तू आपही आप हे यीशु ख्रीष्ट

हमारे पास ठहर

हो जीवन भर हमारे संग

और साथ हो मरने पर ।।

277 (२७७)

8. 7. 8. 7. 8. 7. Komm O Komm or Dismissal.

Chord - C | S- Waltz | T-124

१ तेरे चरण मेरी शरण

यीशु प्रभु त्राण के नाथ

कृपा करके मेरी सुध ले

तेरे बिन मैं हूँ अनाथ

दया तेरी आशा मेरी

रख तू मुझ पर अपना हाथ ।।

२ कर तू मुझ पर दया दृष्टि

अपने मार्ग ही में चला

मेरी प्रीति और प्रतीति

तुझ पर धरीं सर्वदा

दया तेरी आशा मेरी

तेरा दास मैं हूँ सदा ।।

३ हे कृपालु दीन दयालु

तुझी को मैं गहता हूँ

हे गुणखानि सब बरदानी

तुझ में तोष मैं पाता हूँ

दया तेरी आशा मेरी

तुझ में तृप्त मैं रहता हूँ ।।

४ तेरा हृदय निर्मल सदय

सूर्य सा हे प्राण के मीत

पापी होकर तुझे भूलकर

बार बार करता कर्म अनीति

दया तेरी आशा मेरी

अपने दास को कर पुनीत ।।

५ इस संसार के कुव्यवहार से

असंतृष्ट है मेरा मन

मेरी आँख तो ताकती स्वर्ग को

जहां सत है हर एक जन

दया तेरी आशा मेरी

प्रभु मुझे ग्रहण कर ।।

278 (२७८)

“Free from the law, oh, happy condition.”

10. 10. 9. 8. S. S. S. 143.

PHILLIP BLISS. 1833-76.

१ तू ने हे यीशु हम को बचाया

और अपना अनमोल लहू बहाया

हम सब थे पापी दुष्ट और निराश

कृपा से हुई त्राण की आस ।।

कोरसः- मुक्ति की आस से सब जो निराश हो

मुक्ति की आस विश्वास से अब ले लो

उसी की ओर देख मत हो उदास

यीशु के क्रूस से त्राण की आस ।।

२ पाप से अब हम सब पाते छुटकारा

पाप का प्रायश्चित पूरा और सारा

प्रेम से वह कहता आ मेरे पास

जीवन की आकर ले तू आस ।।

३ ईश्वर के पुत्र कैसे आनंदित

अधिकार उन के महिमा से मंडित

मौत से वे छूट के पाते विश्राम

रहते नित्य हर्षित उस के धाम ।।

279 (२७९)

“Pass me not O gentle Saviour.”

Z. Z. Y. 488.

FANNY CROZBY. 1820-1915.

Chord - F | S- 6/8 | T-086

१ छोड़ न मुझे प्यारे यीशु, बिन्ती सुन मेरी

औरों पर तू दया करता, कर तू मुझ पर भी ।।

कोरसः- यीशु यीशु, बिन्ती सुन मेरी

औरों पर तू दया करता, कर तू मुझ पर भी ।।

२ तेरे पास हे दयासिन्धु, शान्ति पाऊँगा

झुकता हूँ मैं तेरे सामने, अब विश्वास दिला ।।

३ तुझ पर पूरी आस मैं रखता, अपना मुख दिखला

चंगा कर इस घायल मन को, दया से बचा ।।

४ तू है शान्ति का पूर सोता, प्रीतम प्राण से भी

तुझे छोड़ अब कौन है मेरा, जग और स्वर्ग में भी ।।

280 (२८०)

“Saviour like a Shepherd lead us.”

8. 7s. T. T. T. 1164 or Rousseau.

DOROTHY THRUPP, 1779-1847.

१ प्रभु यीशु मेरे प्रिय

लोगों के बचानेहार

अपने प्राण को तू ने दिया

कि हम सब का हो निस्तार

प्रभु यीशु प्रभु यीशु

सब लोग बचें तेरे द्वार ।।

२ बिना तेरे मैं हूँ निर्बल

मेरी तू सहायता कर

तेरे साथ मैं होऊँ प्रबल

हर कठिनता में निडर

प्रभु यीशु प्रभु यीशु

मेरे साथ रह जीवन भर ।।

३ जब हो निकट मेरा मरण

जब समाप्त हो मेरा प्राण

तब तू होवे मेरी शरण

मेरी आत्मा को तू मान

प्रभु यीशु प्रभु यीशु

तू है मृत्यु पर बलवान ।।

281 (२८१)

7. 7. 7. 7. 7. 7. Dix or Morgenglanz.

Chord - C | S- Ballad | T-074

१ पापी मैं तो बड़ा हूँ

महा कष्ट में पड़ा हूँ

मेरे कैसे बड़े दुःख

कौन दे सकता मुझे सुख ।।

कोरसः- मेरी रक्षा करने को

प्रभु तू सहायक हो ।।

२ सब है तेरा भूमि आकाश

पशु पक्षी फूल और घास

तू ने उत्पन्न किया है

सब कुछ हम को दिया है ।।

३ दया से तू है भरपुर

मेरे पाप को तू कर दूर

जग में जितने दिन रहूँ

मन में शान्ति मैं पाऊँ ।।

४ तू जो मेरा मित्र हो

तो मैं जीतूं शत्रु को

दुष्ट को तू हराता है

पाप से तू बचाता है ।।

282 (२८२)

7. 6. 7. 6. Day of Rest.

J. P. G. MANDRELLE.

१ मसीहा मैं जो पापी

पास तेरे आता हूँ

मैं पापी और संतापी

रो रो पछताता हूँ

हाँ यीशु तुझ पास आता

तू मुक्तिदाता है

तुझ पर विश्वास मैं लाता

तू बाप का प्यारा है ।।

२ मुझ पापी ऊपर भार है

हाँ पाप संताप का भार

पर तेरे मन में प्यार है

आस मेरी तेरा प्यार

अब लिये अपने पाप को

मैं तुझ पास आता हूँ

सब अपने पाप संताप को

मैं तुझ पास लाता हूँ ।।

३ यह पाप का बड़ा रोग है

हाँ पाप का कठिन रोग

कि पापी नरक योग्य है

यह पाप का रोग और सोग

हे यीशु तुझ पास आता

मैं आता तेरे पास

तू रोग और सोग मिटाता

यह मेरी आस विश्वास ।।

४ तू पापियों का मीत है

इस कारण आता हूँ

अत्यन्त जो तेरी प्रीत है

प्रतीति करता हूँ

पक्षवादी मेरा होके

कर बिन्ती पिता पास

सब पाप संताप को खोके

दे मुझे स्वर्ग में बास ।।

283 (२८३)

P. M. -- Tune “Men of Harlech.”

१ मैं मसीह का सेवक हूँगा

अपने आप को उसे दूँगा

उसकी आज्ञा सब मान लूँगा

मैं मसीह का हूँ ।।

कोरसः- मेरे लिये आया मेरे लिये जिया

मेरे लिये दुःख उठाया मेरे लिये मुआ

मेरे लिये गाड़ा गया मेरे लिये फिर जी उठा

मेरे लिये ऊपर चढ़ा मेरा है मसीह ।।

२ मैं तो बड़ा पापी हुआ

ख्रीष्ट ऐसों के लिये मुआ

लिया मैं ने उस का जुआ

मैं मसीह का हूँ ।।

३ मैं ने निश्चय बुरा किया

दुःख मसीह को बेर बेर दिया

मेरा बोझ उसी ने लिया

मैं मसीह का हूँ ।।

४ मैं विश्वास मसीह पर लाया

अब छुटकारा मैं ने पाया

उस के झंडे तले आया

मैं मसीह का हूँ ।।

284 (२८४)

7. 7. 7. 7. Heinlein or Weber.

१ मैं हूँ बड़ा पापी जन

प्रभु यीशु दयावन्त

तेरे पास है धर्म का धन

तेरी कृपा है अनन्त ।।

२ तुझ बिन मेरा होगा क्या

मेरा करे कौन निस्तार

तू मुझ पापी को बचा

तू ही है बचानेहार ।।

३ औगुण से क्या निकले गुण

सूखे से कब निकले जल

पापी से क्या होवे पुण्य

बुरे पेड़ का बुरा फल ।।

४ प्रभु कृपासागर तू

मुझ पर नित्य हो दयावान

प्रभु जगप्रकाशक तू

मुझे अब कर प्रकाशमान ।।

५ जब तक मेरा जीवन हो

रहूँगा मैं तेरा दास

मरणकाल जब आवे तो

जाऊँगा मैं तेरे पास ।।

285 (२८५)

7s. Zurich or Ratisbon.

१ यीशु प्रभु कर सहाय

कौन बिन तेरे मेरा है

सच तो है मैं पापी हूँ

भला कुछ भी नहीं हूँ

तौभी सुन और कर सहाय

कौन बिन तेरे मेरा है ।।

२ तू ने कहा पापी आ

मैं निकाल न देऊँगा

यीशु ख्रीष्ट मुझे न छोड़

मुझ से अपना मुंह न मोड़

मुझे देख और कर सहाय

कौन बिन तेरे मेरा है ।।

३ मेरे मन में प्रगट हो

अपने रक्त से उसे धो

उसमें अपना प्रेम उगा

उस को अपने से मिला

यीशु प्रभु कर सहाय

कौन बिन तेरे मेरा है ।।

286 (२८६)

“Jesus, Saviour, hear my call. ”

7. 7. 7. 5. Capetown.

१ यीशु त्राता मेरी सुन

मन में जो मैं पापी हूँ

तू है जीवन मेरी आस

रह तू मेरे पास ।।

२ मैं परदेश अकेला हूँ

तुझ से दूर मैं न रहूँ

तुझ में अगुवाई पाऊँ

रह तू मेरे पास ।।

३ भ्रष्टों के बचाने को

तूने दिया अपने को

जीत भी लिया कबर को

रह तू मेरे पास ।।

४ अपने प्रेम से मुझे भर

मेरा जीवन वश में कर

इच्छा मेरी आधीन कर

रह तू मेरे पास ।।

५ पड़े छाया मृत्यु की

कर पिता सहाय मेरी

खड्ड में होके चलूँ भी

रह तू मेरे पास ।।

287 (२८७)

“Jesus, thy blood and righteousness.”

L. M. -- Cantionale or Old Huudred.

LUDWIG VON ZINZENDORF, 1909-60.

१ मसीह का रक्त और धर्म अपार

है मेरा सुन्दर धर्म सिंगार

जिसमें जब उस पार को जाना हो

मैं प्रसन्न करूँ ईश्वर को ।।

२ मसीह पर मेरा है विश्वास

विश्वासी क्योंकर होंगे नाश

रीझ गया मुझ पर ईश्वर आप

और क्षमा किये मेरे पाप ।।

३ जो मैंने किये कर्म अशुद्ध

जो किया आज्ञा के विरुद्ध

जो क्रूस पर मर के यीशु ने

मिटाये अपने लहू से ।।

४ ईश्वर का मेम्ना सर्वप्रधान

जो क्रूस पर हुआ बलिदान

और पापी को बचाता है

सो मेरा मुक्तिदाता है ।।

५ मसीह ने दुःख जो सहा था

मसीह का रक्त जो बहा था

मेरी छुड़ौती जिसने दी

सो आशा है मुझ पापी की ।।

६ हाँ मेरी आशा जीवन भर

है सदा प्रभु यीशु पर

और स्वर्ग में उसका धर्म अपार

है मेरा सुन्दर धर्म सिंगार ।।

288 (२८८)

“Jesus, Lord of life and glory.”

8. 7. 8. 7. 4. 7. St. Raphael or Eton College.

J. J. CUMMINS.

१ यीशु तेजोमय प्राणेश्वर

करुणामय हो ध्यान दे

तुझ पर आशा रख परमेश्वर

आते हैं पास साहस से

पापियों के बन्धु

हमें तू छुड़ा ।।

२ सब को मन के अन्धकार से

डाह और क्रोध और बैर अप्रीत

हर प्रकार के कुविचार से

बचा तू हे स्वर्गीय मीत

पापियों के बन्धु

हमें तू छुड़ा ।।

३ जब चढ़ाई हम पर करे

बाण चलावे जब शैतान

संकट हम पर जब आ पड़े

तब हे करुणानिधान

पापियों के बन्धु

हमें तू छुड़ा ।।

४ जब चमकता भाग्य हमारा

हरा भरा है जब मन

तब भी हो तू तारणहारा

दया कर पुष्ट है जब तन

पापियों के बन्धु

हमें तू छुड़ा ।।

५ रोगग्रस्त हो जब पड़े रहते

शोक के होते जब आधीन

जब हम पीड़ा अधिक सहते

देह हो जाती जब बलहीन

पापियों के बन्धु

हमें तू छुड़ा ।।

६ अन्त जब मरण समय आवे

होवे जब यह विचार

तुझ पर जो जो टेक लगावे

पावे ढाढ़स प्राण आधार

पापियों के बन्धु

हमें तू छुड़ा ।।

289 (२८९)

7. 7. 7. 7. Innocents or Pleyel.

१ यीशु प्रभु सत अवतार

तू है मेरा तारणहार

गिरता तेरे चरणों पर

अपने दास पर दया कर ।।

२ तुझ बिन किस के पास जाऊँ

किस से मुक्ति मैं पाऊँ

मुक्ति केवल तेरे हाथ

प्रभु यीशु कृपानाथ ।।

३ भेज पवित्रआत्मा को

जिस से नया जनम हो

जब वह दिल में आता है

त्राण का भेद खुल जाता है ।।

४ ख्रीष्ट मैं तुझे मानता हूँ

तुझको अपना जानता हूँ

केवल तू है सत अवतार

तू है मेरा तारणहार ।।

290 (२९०)

L. M. Gelobet Seist Du.

१ सहाय कर यीशु कृपासार

आंख अपने दासों पर पसार

तू अपना कान हे प्रभु दे

और मेरी बिन्ती सुन तू ले

यीशु सहाय (२) ।।

२ इष्ट उत्तम ज्योति अपना तेज

मेरे अंधेरे मन में भेज

कृपा से मेरा पाप मिटा

और उस के बंधन से छुड़ा

यीशु सहाय (२) ।।

३ आज मुझ को घेरे तेरा हाथ

जहां मैं हूँ हो मेरे साथ

हो मेरा अगुवा और रखवाल

पहाड़ और शरण गढ़ और ढाल

यीशु सहाय (२) ।।

४ हे प्रभु रह तू मेरे साथ

और थाम ले आप ही मेरा हाथ

पास हो और न परीक्षा में

न पाप में मुझे पड़ने दे

यीशु सहाय (२) ।।

५ पर यदि मुझ पर आवे दुख

प्रकाश कर मुझ पर अपना मुख

और अपने प्रेम की शान्ति से

हमारे मन में धीरज दे

यीशु सहाय (२) ।।

६ जब मृत्यु आवे मुझे क्या

मैं उसे देख के गाऊँगा

हे मौत कहां डंक तेरा है

कहां हे कबर तेरी जय

मैं बिना डर, यीशु सहाय ।।

291 (२९१)

“Jesus my Lord to Thee I cry.”

P. M. -- S. S. S. 464.

ELIZA J. HAMILTON.

Chord - D | S- Waltz | T-124

१ हे प्रभु मैं पुकारता हूँ

सहाय बिन तेरे मरता हूँ

मैं तुझ पर आशा रखता हूँ

तू मुझको ग्रहण कर ।।

कोरसः- मुझ को ग्रहण कर

मुझ को ग्रहण कर

मसीह के रक्त के कारण से

तू मुझ को ग्रहण कर ।।

२ मैं हूँ निर्बल लाचार अयोग्य

प्राण दण्ड का तूने किया भोग

अब मुझे कर तू अपने योग्य

तू मुझको ग्रहण कर ।।

३ तैयारी मेरी कुछ नहीं

बात मेरी बेठिकाने की

बचानेहार है यीशु ही

तू मुझको ग्रहण कर ।।

४ तू मुझे चरणों पास निहार

इच्छानुसार कर व्यवहार

मुझे ले चल और पार उतार

तू मुझको ग्रहण कर ।।

292 (२९२)

P. M. -- Die ach Stst Dein.

१ हे ईश्वर सुन हम पापी लोग, पुकारते तेरी ओर

तू है महान सब अयोग्य, तू पापी को न छोड़

हे पिता दया दृष्टि से, देख हम को पाप की क्षमा दे

प्रभु अपना मुंह न मोड़, हम मन फिराते तेरी ओर

तू त्याग न दे तू हमको त्याग न दे ।।

२ महान तू है हे दीनदयाल, हे ख्रीष्ट हमारी सुन

समीप आ हम पर हो कृपाल, दिखला तू अपने गुण

तुझ बिन निराश हमारा मन, दे पाप की क्षमा स्वर्गीय धन

बचा हमें और निकट आ, हमारे मन में रह सदा

समीप सदा समीप हे ख्रीष्ट सदा ।।

३ धन प्रभु धन सदा लों धन्य, कि तू ने उत्तम भाग

दे हमको चुना जो निर्धन, यह तेरा अनुराग

तू सिर है हम हैं तेरे अंग, नित्य मेल मिलाप हो तेरे संग

और अपना आत्मा हम पर डाल, हे पिता हम पर डेरा डाल

हे ख्रीष्ट महान दीनों का नाथ महान ।।

293 (२९३)

Bhajan Tunes No. 33 and 34.

आज मसीहा तू दिल में हमारे, अपने लहू से धो पाप हमारे ।।

१ बिगड़ गये हम तन अरु मन से, तुझ बिन दूसरा कौन सुधारे ।

पाप की अग्नि बहुत दुखदाई, जल बल भस्म मनहि करडारे ।।

२ लोभ मोह अहंकार यीशु ने, बस कर लिया सकल संसारे ।

हम से पापी को कौन बचावे, तुझ बिन नाही कोई हमारे ।।

३ तीसर दिन जब उठे कबर से, शिष्यन से बतराये न्यारे ।

चेले चकित हो बोले प्रभु जी, दरशन को हम आये तुम्हारे ।।

४ जीवन हांक कहो सब जग में, जीव बचे विश्वासी तुम्हारे ।

असद है सब दास तुम्हारे मुक्ति, हमारी है चरण तुम्हारे ।।

294 (२९४)

Bhajan Tunes No. 77.

SUDIN.

करो मोरी सहाय मसीहा जी । तुम बिन कुछ न सहाय ।

१ दर्शन दीजै अपनो कीजै । लीजै मोहि बचाय ।।

२ या जग को निस्तारण कारण । जनम लियो तुम आय ।।

३ तीन दिना में उठे कबर से । शिष्यों से बतराय ।।

४ सुन लीजै प्रभु बिनती मेरी । अवगुण पै नहिं जाय ।।

295 (२९५)

Bhajan Tunes No. 27.

SABIR CHIMMANLAL.

Chord - D# | S- Dandia/Dholak | T-100

तुम तो मसीहा मोरी आँखों के तारे, भूलो न मोरी खबरिया ।।

१ राह बाट हम भूले फिरत हैं, पाप की भारी गठरिया ।

हां हां बिन्ती करत मसीहा, अपनी बता दो डगरिया ।।

२ पाप की नदिया गहरी बहत है, लाभ की उठत लहरिया ।

ले चल खेवनहार मसीहा, मोर तो टूटी नवरिया ।।

३ मन की चादर मैली जों हो गई, जैसे कि काली बदरिया ।

अपने रुधिर में धो दे मसीहा, मन की मैली चदरिया ।।

४ कबहूँ तो सोये महल दो महल, कबहूँ तो ऊंची अटरिया ।

रहियो सहाई मेरे मसीहा, जब लग सोऊँ कबरिया ।।

५ यह शैतान बड़ों दुखदाई, मिल के मारे कटारिया ।

साबिर के औगुण ढांपि बचावो, तेरी तो प्यारी नजरिया ।।

296 (२९६)

Bhajan Tunes No. 20.

NAIN SUKH.

तुम बिन मेरो कौन सहायक, प्रभु यीशु स्वर्गबासी ।

१ अगनित पापिन को तुम तारयो, तुम पै जे विश्वासी ।

दीन हीन शरणागत जेही, तेहि दिया सुखरासी ।।

२ हम पापिन को तारो प्रभु जी, कृपा दृष्टि निहारी ।

औरन को प्रभु और भरोसा, हम को शरण तुम्हारी ।।

297 (२९७)

SUDIN.

क्या कहूँगा मैं सन्मुख तेरे लज्जित हूँ निज कर्म निहारो ।।

१ पाप हमारो अतिशय हुवा नभ लो ऊँचो मान पसारो ।

शक्ति हीन तन मन अकुलानो सीस चढ़ाये ऐसो भारो ।।

२ तनिकों साहस नाहिन मोको थर थर कंपित गात हमारो ।

काह कहूँ कछु वाक्य न निकसत न्याय दिवस को करे सहारो ।।

३ यीशु ख्रीष्ट जगपति जग तारक शान्ति शब्द सों कीन्ह उचारो ।

दृढ़ विश्वास धरे जो मो पर गिरिसम पाप मिटाऊँ सारो ।।

४ दास अधीन तिहारो हों प्रभु जी मुख बाणी पर आस हमारो ।

न्यायकरन जब जग में आवो मम ओर करिहो सुनिहारो ।।

298 (२९८)

Bhajan Tunes No. 45.

SHUJAAT ALI.

प्रभु यीशु मसीह बिन कौन हमारो, हम तो हैं प्रभुदास तिहारो ।

१ पाप की अग्नि अति दुःखदाई, उस अग्नी को निवारो ।।

२ मेरो मन प्रभु मानत नाहीं, अपन दया तें सुधारो ।।

३ दीन हीन हम हैं बेचारे, कृपा दृष्टि निहारो ।।

४ मैं अति पापी कर्म को नाहीं, आप निबाहनहारों ।।

५ यीशु है दुःख बूझनहारो, तुझ बिन कौन हमारो ।।

६ पापिन कारण प्राण दियो है, पाप का भार उतारो ।।

७ आसी तुम्हारी शरण गहत है, मेरा पाप बिसारो ।।

299 (२९९)

JOHN CHRISTIAN.

Chord - F#m (+3) | S- Ballad | T-080

प्रभु हे मेरी ओर निहारो ।

प्रजा पुत्र मैं हूँ प्रभु तेरो, जौपै आज्ञा टारो ।।

१ हैं हम जन्महितें अपराधी, मन बच काया सारो ।

कौनौ कर्म न मोसों छूटो, सब विधि बात बिसारो ।।

२ हैं अपराधिन में हम नामी, तुम नामी जग तारो ।

नाम बड़ाई जगत में मोहि, तारि दे मैं तिहारो ।।

३ सीस चढ़ाय पापक भारी, आये तोर दुवारो ।

को यह जानक भार उतारे, यीशु ख्रीष्ट बिनारो ।।

300 (३००)

N. I. T. B. 40.

मसीह बिना कौन हमारा साथी

१ अल्प दिवस के कारण हम सब, होय रहे जगवासी ।।

२ जात रहत जग स्वप्न समाना, भोरे रहत उदासी ।।

३ अचल जगत में बास करन को, हो प्रभु पर विश्वासी ।।

४ निश्चय पावत हर्ष अपारा, जो नर स्वर्ग निवासी ।।

५ जहां जाय विश्राम करो तुम, तहां विविध सुखरासी ।।

301 (३०१)

PREM DAS.

मेरा मन धो देना प्रभु, बिन्ती करूँ बारंबार ।

१ मन मेरा हो गया पापों से मैला, मैं धोते धोते हुआ लाचार ।

२ मैं ने भूल करी बड़ी भारी, आया नहीं मैं तुम्हारे द्वार ।

३ बाईबल भीतर मैं ने पाया, तुम ही हो दिल के धोवनहार ।।

४ दास कहे इस पापी मन को, कृपा कर तुम दीजो निखार ।।

302 (३०२)

Bhajan Tunes. No 4.

मैं बहुत लाचार तुझ बिन

१ पाप का बोझ कठिन दुखदाई, तन रहे बेजार तुझ बिन ।।

२ पाप हरैया तू ही है प्रभु जी, कौन करे निस्तार तुझ बिन ।।

३ गहरी नदिया नाव पुरानी, आ पड़ा बीच धार तुझ बिन ।।

५ आप ही आप कोई पार न गये, पापी रहे मझधार तुझ बिन ।।

६ सब पापी मिल बिनती करत हैं, न हो सकें प्रभु पार तुझ बिन ।।

303 (३०३)

Bhajan Tunes. No 100.

मसीह करेगा दवाई तुम्हारी ।

अगर होवे दिल से दुहाई तुम्हारी ।।

१ न शंका करो तुम न दिल में घबराओ ।

उसको पुकारो सहाई तुम्हारी ।।

२ करो प्यारे तौबा दो दिल भी मसीह को ।

इसी में प्यारो भलाई तुम्हारी ।।

३ गुनाहों से मैला जो दिल है तुम्हारा ।

मसीहा से होगी सफाई तुम्हारी ।।

४ कहे ये मसीही दिल दो मसीह को ।

उसी से सफाई भलाई तुम्हारी ।।

304 (३०४)

Bhajan Tunes No. 17.

PRABHU DAS.

मैं मति मंद महा अभिमानी ।

१ जो जो आज्ञा प्रभु ने दीनी, उन्हें पूरी न मानी ।

जिन बातों को मना किया था, सोई गई बिसरानी ।।

२ घूमते मेघ बिना ज्यों पानी, तैसे बैस बितानी ।

भजन बिना मैं निशिदिन खोयो, जैसे ओस सुखानी ।।

३ काम क्रोध में मन उरझानो, मीठी लगत कहानी ।

जग की धूल में ऐसे भूलो, जैसे भेड़ भुलानी ।।

४ तजि प्रपंच सुनो प्रभुबानी, कह प्रभुदास बखानी ।

यीशु मसीह जो पार लगावे, नहीं तो नाव डुबानी ।।

305 (३०५)

Bhajan Tunes No. 81.

यीशु में है आनंद घनेरे ।

१ काम क्रोध मद माया जग में, बास करत सब के मन में रे ।।

२ या जग पर विश्वास न कीजे, जावेगा यह बीत सबेरे ।।

३ रे मन मूढ़ सचेत रहो तुम, जीवन दिन कत होंगे तेरे ।।

४ प्रभु यीशु पर धरू विश्वासा, वा में है आनंद घनेरे ।।

५ आजिज की यही बिन्ती प्रभु जी, पाप क्षमा अब कीजे मेरे ।।

306 (३०६)

Bhajan Tunes No. 31.

JOHN CHRISTIAN.

१ हे मेरे प्रभु मैं पापी, मो पापी उधारियो ।।

छोडों न कभु, न मोहे बिसारियो ।।

२ हे प्रभु मैं पापी, यह निश्चय आप जानियो ।

हाय कैसो संतापो, मो दुःखी पहिचानियो ।।

३ हे कृपा निकेतु, मो पापी पै लखियो ।

और तारण के हेतु, मोहि चरण पै रखियो ।

४ मैं अति अशुद्ध, अशुद्ध कौं शुद्ध करियो ।

मैं अति निर्बुद्ध, निर्बुद्ध कौं बुद्ध भरियो ।।

५ मैं अधम अयोग्य, तो आप यह न मानियो ।

पै आप पापी लोग, नित अपनी ओर तानियो ।

६ जब होयगो मरण, तब प्रभु शान्त करियो ।

और जब लों है जीवन, मोहि प्रेम करके भरियो ।।

307 (३०७)

Bhajan Tunes No. 7 & 8.

JOHN CHRISTIAN.

हो प्रभु अब करहु क्षेम, हौं गुलाम तेरो ।

१ बार बार घटी भई, चूक भई धनेरो ।

आये अब निकट तोर, मोर ओर हेरो ।।

२ यीशु विदित तोहि नाम, स्वामी तुम मेरो ।

कौन पास दास जय, कोह कौन केरो ।।

३ त्रास युक्त जोरि पाणि, अनुतापित टेरो ।।

एक बेर मोहि ओर, करन अपन फेरो ।।

४ लीजिये उबारि यीशु, कठिन काल घेरो ।

जान अधम शीश नाय, पड़त चरण तेरो ।।

308 (३०८)

H. T. B. 109.

SHUJAAT ALI.

१ अरे गाफिल तुझे कब होश होगा ।

कुछ उकबा का भी तुझ को खोज होगा ।।

२ न भूल इस खाक की ढेरी हरगिज ।

बना है खाक से फिर खाक होगा ।।

३ अभी ढूँढ़ो तो अलबत्ता पावोगे तुम ।

नहीं तो फिर तुम्हें अफसोस होगा ।।

४ मसीह यीशु मरा है तेरी खातिर ।

गुनाह तेरा उसी से मुआफ होगा ।।

५ यकीं लावेगा अगर तू उस के उपर ।

वही शाफी तेरा उकबा में होगा ।

६ यकीं लावेगा जो यीशु मसीह पर ।

नजात उस की मसीह यीशु करेगा ।।

७ न छोड़े गर बदी बदकार अपनी ।

यह सच जानो जहन्नम में पड़ेगा ।।

८ यह बन्दा तो तेरा है ऐ मसीहा ।

तेरी उम्मीद में यह सो रहेगा ।।

९ अगर मैं सो रहूँ तो बेखतर हूँ ।

मेरी उम्मीद है कि फिर उठूंगा ।।

१० यह आसी तो खरीदा हुआ तेरा ।

तेरे हाथों से मुझ को कौन लेगा ।।

309 (३०९)

H. T. B. 129.

SHUJAAT ALI.

१ गुनाहों को अपने जो हम देखते हैं ।

तो गजब-इ-इलाही बहम देखते हैं ।।

२ अगर गौर करते हैं, फिअलों को अपने ।

तो लायक जहन्नम हैं, हम देखते हैं ।

३ अरे दिल तू गफलत में कब तक रहेगा ।

तेरे वास्ते दर्द ओ गम देखते हैं ।

४ गुनाहों में ऐ दिल रहा तू जो माइल ।

सजा उसकी पायेगा हम देखते हैं ।।

५ तुम्हारे गुनाहों की बख्शिश की खातिर ।

मरा है मसीह खुद, यह हम देखते हैं ।।

६ जो पकड़े वसील, शिताबो मसीह का ।

हयात इ बका उसमें हम देखते हैं ।।

७ तेरे दर्द ओ गम की यही बस है दारू ।

कि यीशु है शाफी, यह हम देखते हैं ।।

८ तू इस बात पर शक्क, नला दिल में आसी ।

गवाही है इन्जील, हम देखते हैं ।।

310 (३१०)

HASAN ALI.

Chord - Dm | S- Ballad/Beguine | T-078

१ दर इ पाक से फिर के मैं जाऊँ कहाँ

कहीं दर्द इ गुनाह की दवा ही नहीं

तपे जुर्म से जार ओ नहीफ हुआ

मुझे और दवा से शफा ही नहीं ।।

२ तेरा नाम है मरहम इ जखम इ दिली

यह खबर मुझे रूह इ कुद्स से मिली

तेरी जात है मजहर इ राज इ खुफी

कोई तुझ सा जहाँ में हुआ ही नहीं ।।

३ मैं ने उमर भर अपनी गुनाह ही किया

मुझे बख्शिये ऐ मेरे बार, ए खुदा

तेरे आगे मैं होता हूँ अर्ज इ रसा

कि सिवाय तेरे और खुदा ही नहीं ।।

४ तू ने सैकड़ों मुर्दों को जिन्दा किया

तू ने सदहा मरीजों को बख्शी शिफा

जो कि रुतबः खुदा से है तुझको मिला

किसी और नबी को मिला ही नहीं ।।

५ जिन्हें नाम से तेरे है बुग्ज सदा

उन्हें जल्द तू अपना करिश्मा दिखा

उन्हें रूह इ मुकद्दस कर तू अता

जिन्हें खौफ खुदा का जरा ही नहीं ।।

६ दिल ओ जां से भरोसा तुझी पे रखूँ

दम इ नजअ जुबां से मसीहा कहूँ

तेरे बन्दों के मैं भी शुमार में हूँ

मेरी इससे ज्यादा दुआ ही नहीं ।।

७ यह जहान है आलम-इ-रंज ओ इना

न सफीर दिल अपना यहाँ पे लगा

न रहेगा यहाँ पे न कोई रहा

कि है रहने की यह तो सरां ही नहीं ।।

311 (३११)

B. MAYAL.

१ मेरी इमदाद गर ईसा न करता ।

बुरा होता वह गर ऐसा न करता ।।

२ दिल इ नापाक मेरा पाक होता ।

तो वह मुझ से कभी परदा न करता ।।

३ जो शैतान से और मुझ से जोर होता ।

तो फिर जानो कि मरता क्या न करता ।।

४ मेरी यह जीस्त मुझको बार होती ।

मेरी हाजत वह गर ईफा न करता ।।

५ मैं भर भरकर शराब इ वस्ल पीता ।

मुझे गर मुहतसिब रोका न करता

६ न तुझ को दर्द इ दिल अपना दिखाता ।

अगर कांटा मेरे खटका न करता ।।

७ बहार अपने अगर बीमार दिल को ।

जो लाता वह तो क्या अच्छा न करता ।।

312 (३१२)

SABIR CHIMMAN LAL.

१ हमारे दिल की हालत को, खुदा जाने या हम जानें ।

मसीह से है हमें उलफत, खुदा जाने या हम जानें ।।

२ मुहब्बत की बिछी चौसर, लगी है जान की बाजी ।

फिदा है जान यीशु पर, खुदा जाने या हम जानें ।।

३ कलाम-इ-पाक की बरछी, लगी दिल पर मेरे तिरछी ।

कलेजा हो गया छलनी, खुदा जाने या हम जानें ।।

४ मुहब्बत के समुन्दर में, डली ईमान की किश्ती ।

चली जाती है बेखतरे, खुदा जाने या हम जानें ।।

५ न दुश्मन की मुझे दहशत, नाहीं तूफान का खटका ।

मसीह है नाखुदा अपना, खुदा जाने या हम जानें ।।

६ यही है आरजू अपनी, रहें हम साथ यीशु के ।

नहीं चाहते जुदा होना, खुदा जाने या हम जानें ।।

७ चलो साबिर इबादत को, झुकाओ सिर मसीहा को ।

न होवे जाहिरी उलफत, खुदा जाने या हम जानें ।।

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