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भरोसा और सहना (Trust and Submission)

416 (४१६)

“When our heads are bowed with woe.” 7. 7. 7. 7. Redhead 47 or Heinlein. H. H. MILMAN. 1791-1868.

१ जब हम दुःख में पड़े हैं जब हम शोक से भरे हैं जब हम होते हैं उदास यीशु रह हमारे पास ।।

२ जब विश्वास हम खोते हैं जब निराश हम होते हैं जब बलहीन हैं मन और हाथ यीशु रह हमारे साथ ।।

३ तू देहधारी हुआ था शोक और दुःख में मुआ था पापियों का है उद्धार यीशु मेरी सुन पुकार ।।

४ मुझे दे सम्पूर्ण विश्वास तब न हूँगा मैं उदास कर प्रकाशमान मुझ ही को अंत लों मेरा रक्षक हो ।।

417 (४१७)

“Trust and obey.” P. M. -- S. S. 642. J. H. SAMMIS. Chord - E | S- E.Movies/"---" | T-"---"

१ जब हम ले कर के हाथ चलते यीशु के साथ जीवन मार्ग तब ही होता सुखदाई यीशु रहता है पास जब हम रखके विश्वास उस की इच्छानुसार करते हैं । कोरसः- ख्रीष्ट में आनंद जो तू चाहे तो जान यह उपाय कि विश्वास से उस की आज्ञा को मान ।।

२ दुःख विपत्ति हमें जो सताने लगे यीशु सबही को दूर करता है डर न दुबिधा उनको घबरावेगा जो आज्ञा मान के विश्वास करते हैं ।।

३ जितना काम हम करें दुःख परिश्रम सहें प्रतिफल यीशु देता भरपुर जो विश्वास हम करें उसके आदेश मानें दुःख से भी हम आराम पावेंगे ।।

४ जब हम अर्पण करें मन और धन तब उसके महाप्रेम का मिठास चखेंगे क्योंकी केवल उनको वह संतोष देता जो आज्ञा मान के विश्वासी रहे ।।

५ उसके पास हम रहें मीठी संगति में उसकी आज्ञा हम हर्ष से सुनें अपनी इच्छा को मार उस की आज्ञानुसार उसकी सेवा हम करते रहें ।।

418 (४१८)

7. 4. 7. 4. D. -- So nimm den. JULIA VON HANSMARN, 1825-1901. Chord - C# | S- Ballad | T-082

१ तू धर ले हाथ को मेरे पथदर्शक हो मैं रहूँगा संग तेरे सदा ही लों तुझ बिन मैं चल नहीं सकता एक पग भर भी जहां तू यीशु रहता मैं रहूँ भी ।।

२ मुझ दुर्बल को तू घेर ले अनुग्रह से अधीनता और विश्वास दे हर दुःख सुख में मैं तेरा चरण गहूँ हे दीनानाथ बिन देखे दया धरूँ विश्वास के साथ ।।

३ जो भी न हो प्रकाशा मुझ पर सहाय तौभी यह मेरी आशा कि पाऊँ जय तू धर ले हाथ को मेरे पथ दर्शक हो मैं रहूँ यीशु तेरा सदा ही लों ।।

419 (४१९)

“Thou, my everlasting portion.” 8. 7s. S. S. S. 574. FANNY CROSBY, 1820-1915.

१ तू हे प्रभु मेरा भाग है तुझ से प्रीत मैं रखूँगा सारी यात्रा में इस लोक के तेरे साथ मैं चलूँगा तेरे साथ तेरे साथ तेरे साथ तेरे साथ सारी यात्रा में इस लोक के तेरे साथ मैं चलूँगा ।।

२ जग का सुख विलास और कीर्ति मुझे नहीं चाहिये मुझे पै आवे दुःख और पीड़ा केवल साथ ही चलने दे तेरे साथ तेरे साथ तेरे साथ तेरे साथ सारी यात्रा में इस लोक के अपने साथ ही चलने दे ।।

३ छाया की तराई में से नदी पार जब उतरूंगा तब उस लोक के द्वार से होके तेरे साथ मैं पैठूंगा तेरे साथ तेरे साथ तेरे साथ तेरे साथ तब उस लोक के द्वार से होके तेरे साथ मैं पैठूंगा ।।

420 (४२०)

“Precious promise God hath given.” 8. 7. with chorus S. S. S. 543. N. NILES.

१ थकित यात्री प्रभु देता तुझे वचन का प्रमाण जब तक यात्रा में तू रहे मुझे अपना दर्शक जान ।। कोरसः- अपना दर्शक अपना दर्शक मुझे अपना दर्शक जान जब तक यात्रा में तू रहे मुझे अपना दर्शक जान ।।

२ जब परीक्षा तुझ पर आवे और हो जावे तू भयमान यह प्रतिज्ञा मन में रखके मुझे अपना दर्शक जान ।।

३ आशा पर जब बादल आवें व्याकुल करे तेरा प्राण आशा मुझ पर ही तू रखके मुझे अपना दर्शक जान ।।

४ जब हो मृत्यु तेरे निकट तनिक भी तू भय न मान जीते मरते दुःख वा सुख में मुझे अपना दर्शक जान ।।

421 (४२१)

“Saviour more than life to me.” 7. 9. 7. 9. S. S. S. 570. FANNY CROSBY, 1820-1915.

१ प्राण से प्यारे तारणहार यीशु तू है मेरा प्राण आधार मुझे अपनी शरण में रख के शुद्ध कर अपने लोहू से ।। कोरस :- हर एक दिन हर एक पल तेरी सामर्थ हो प्रबल अपने कोमल प्रेम ही से मुझे अपने वश में कर तू ले ।।

२ जग की चंचलता में से मेरे हाथ को ले चला मुझे तब मैं शान्ति पाऊँगा तब मैं मार्ग को भूल न जाऊँगा ।।

३ जब तक मैं संसार में हूँ जब तक स्वर्ग में जाके न रहूँ जब तक यीशु तारणहार तुझ पर बढ़ता रहे मेरा प्यार ।।

422 (४२२)

“My hope is built on nothing less.” L. M. -- S. S. S. 902. EDWARD MOTE. 1797-1874.

१ भरोसा एक ही मेरा है वह यीशु का छुटकारा हूँ न जाता मैं और किसी पास यीशु पर ही है मेरी आश ।। कोरसः- तेरी वह केवल है चट्टान और द्वारा सब हैं मायावान ।

२ अंधेरा जब आ जाता है और उसका मुख छिपाता है तब उसकी कृपा आती है अंधेरे को हटाती है ।

३ जब बल से आती है बयार तब उसका वचन है पहाड़ जब सब कुछ मेरा होता नाश तब वह है मेरी पूरी आश ।।

423 (४२३)

“Jesus I will trust Thee.” Is. Edina or Princethorpe. MARY J. WALKER.

१ यीशु अपने हाथ में मेरा आत्मा ले मैं तो मन मलीन हूँ मुझे मुक्ति दे कहीं तेरे तुल्य कोई नहीं है मैं हूँ मुक्ति खोजी तू कृपालु है ।।

२ मेरा है भरोसा तेरे नाम ही पर मैं तो उसे मानता नित अचंभा कर क्रूस पर यीशु नाम है हे सब पापी लोग उसे देखके भजो वह है ग्रहण योग ।।

३ मेरा है भरोसा तेरे कार्यों पर तू रहा दयालु अपने जीवन भर पापी लोग और कोढ़ी पास तो आते थे तू ने कभी किई घिन न किसी से ।।

४ मेरा है भरोसा धर्म पुस्तक पर प्रभु उसमें बोलता और हटाता डर जब पवित्र आत्मा मुझे शिक्षा दे तब मैं लेने पाऊँ ज्ञान उस पुस्तक ।।

५ मेरा है भरोसा प्रभु तुझ पर नित मुझ पर तेरी दया रहती है अमित तेरा अनमोल लोहू तेरा प्रेम अपार इन से त्राण को आशा मेरे तारणहार ।।

424 (४२४)

“All to Jesus I surrender all.” 8. 7s. S. S. S. 601. J. W. VANDE VENTER. Chord - D | S- Ballad | T-082

१ यीशु को मैं सब कुछ देता सब कुछ अर्पण करता हूँ प्रतिदिन संगति उसकी प्रेम विश्वास से करता हूँ ।। कोरसः- सब मैं देता हूँ सब मैं देता हूँ तेरे लिये प्यारे यीशु सब मैं देता हूँ ।।

२ यीशु को मैं सब कुछ देता झुकता तेरे चरणों पर छोड़ता हूँ सांसारिक इच्छा मुझे ले और अपना कर ।।

३ यीशु को मैं सब कुछ देता मुझे अपना कर प्रभु हो पवित्र आत्मा साक्षी तेरा हूँ और मेरा तू ।।

४ यीशु को मैं सब कुछ देता तुझ से मैं न रहूँ दूर मुझ में भर पिया Vर शक्ति कर आशिषों से भरपुर ।।

५ यीशु को मैं सब कुछ देता आत्मिक आग अब दिल में है पूरी मुक्ति का है आनंद उसके नाम की होवे जय ।।

425 (४२५)

“All for Jesus all for Jesus.” 8. 7s. S. S. S. 1179. MARY D JAMES.

१ यीशु को मैं सब कुछ देता अपनी सारी देह और प्राण सारे सोच और शब्द और कार्य उस को जिसने किया त्राण यीशु को मैं सब कुछ देता अपनी सारी देह और प्राण यीशु को मैं सब कुछ देता उसको जिसने किया त्राण ।।

२ उसके मार्ग में पांव बढ़ाऊँ हाथ से उसकी सेवा हो आंख से केवल यीशु देखूँ जीभ से उसकी स्तुति हो यीशु को मैं सब कुछ देता हाथ से उसकी सेवा हो यीशु को मैं सब कुछ देता जीभ से उसकी स्तुति हो ।।

३ उस पर दृष्टि पड़ी जब से मोहित तब से हुआ हूँ धन विभव को इस संसार के सब अप्रिय जानता हूँ यीशु को मैं सब कुछ देता उस से मोहित हुआ हूँ यीशु को मैं सब कुछ देता उस को प्रिय जानता हूँ ।।

426 (४२६)

5. 5. 8. 8. 5. 5. Seelenbrautigam LUDIWG VON ZINZENDORF, 1700-60

१ यीशु दर्शक हो मार्ग बताने को तेरे मार्ग पर पांव हम धरें तेरा अनुगमन करें जब तक मृत्यु पार स्वर्ग में धाम न हो ।।

२ जब हम हैं कंगाल हमें तब सम्भाल दुख पर दुख जो हम उठावे तौभी हम न कुड़कुड़ावें यहां दुख का भार वहां सुख अपार ।।

३ अपना शोक जो हो औरों का भी जो दोनों दुख हो छोटे बड़े जब कि भारी हम पर पड़े तब अनुग्रह से हमें धीरज दे ।।

४ प्रभु जीवन भर दृष्टि रख हम पर मन का कष्ट अति महान हो तब तू साहस दे हम सब को दौड़ समाप्त जब हो दे विश्राम हम को ।।

427 (४२७)

“It is so sweet to trust in Jesus.” 8. 7. 8. 7. Chord - F | S- Aderia/Ballad | T-082

१ यीशु पर भरोसा रखना क्या ही प्रिय लगता है उसका वचन और प्रतिज्ञा शान्ति देते हर समय ।। कोरस :- यीशु यीशु प्यारे यीशु मैं ने तुझ को जांचा है यीशु यीशु प्यारे यीशु तू ही मेरी आशा है ।।

२ उसके लोहू से शुद्ध होना अद्भुत ही जान पड़ता है पापी उस में डुबकी मारे निर्मल हो निकलता है ।।

३ पाप और स्वार्थ से छुटकारा शान्ति आनंद और विश्राम यीशु से विश्वास के द्वारा मुझे मिलते बिना दाम ।।

४ मुझे आनंद है कि मैं ने तुझ पर किया है विश्वास प्यारे यीशु मुक्तिदाता अन्त लो रह तू मेरे पास ।।

428 (४२८)

“All my doubts I give to Jesus.” J. C. MORGAN.

१ सब सन्देह मसीह पर छोड़ता उसकी बात मैं जानता हूँ कभी व्याकुल मैं न हूँगा प्रभु को जब मानता हूँ ।। कोरस :- मैं भरोसा उसकी बात पर सारे मन से रखता हूँ ।।

२ पाप भी सब मैं उस पर छोड़ता त्राण है उसके लोहू से सदा होगी मेरी रक्षा वचन दिया उसी ने ।।

३ डर भी सब मैं उस पर छोड़ता उस में शान्ति सदा की जो अंधेरा चहुँ ओर हो उसकी ज्योति न मिटेगी ।।

४ सुख भी सब मैं उस पर छोड़ता सार आनंद का वही है वह है सारे जग का स्वामी कहां घटी मेरी है ।।

५ अपने तईं मैं उस पर छोड़ता प्राण और देह भी उसी पर जितना मेरा है और होगा सब मैं छोड़ता यीशु पर ।।

429 (४२९)

“Hold Thou my hand.” GRACE J. FRANCES

१ हाथ मेरा थाम मैं हूँ निर्बल निआश्रय तुझ बिन मैं आगे बढ़ न जाऊँगा हाथ मेरा थाम तब हे पियारे यीशु मैं किसी हानि से न डरूँगा ।।

२ हाथ मेरा थाम और निकट खींच तू मुझे तू जिसमें है आनंद और आस भरपुर हाथ मेरा थाम न हो कि फिर मैं भटकूँ और मेरे पांव फिसलें जो तू हो दूर ।।

३ हाथ मेरा थाम मार्ग आगे है अंधेरा जो साथ न हो मुख तेरे की प्रभा पर जब विश्वास से गौरव उस का देखता क्या ही प्रसन्नता क्या आनंद मेरा ।।

४ हाथ मेरा थाम कि जब उस नद पर पहुँचे जिसके तू हुआ मेरे लिये पार स्वर्गीय उज्याला उस के ऊपर चमके हर लहर पर हो तेरा तेज अपार ।।

430 (४३०)

Bhajan Tunes No. 21.

बिना यीशु हो नहीं निस्तारा । १ पूरब ढूंढ़ा पश्चिम ढूंढ़ा, ढूंढ फिरा जग सारा ।। २ बैबल पढ़कर राह जो पाई, खोज लियो जग सारा ।। ३ खेश कुटुम्ब कोई काम न आवे, मतलब का संसारा ।। ४ भूले जन तुम काहे फिरत हो, आय पड़ी सत द्वारा ।। ५ वही यीशु के मैं बलि जाऊँ, जातन होवे उधारा ।। ६ पापन तें भरी नाव हमारी, डूबत हूँ मझधारा ।। ७ वा बिन अब कछु बन न पड़त है, लाख जतन कर हारा ।। ८ रे मन मत अब वाहि तू भूले, वा बिन नहीं गुजारा ।।

431 (४३१)

Bhajan Tunes No. 38.

मन काहे को होहु निराशा, प्रभु यीशु पै राखहु आशा ।। १ जिन मर्त्य भुवन में आये, तिन मुक्त पदारथ लाये ।। २ तुम जब बातें करो प्रति आशा, तब तुम पैहो सरग निवासा ।। ३ यीशु मृत्यु भुवन जैकारी, तिन स्वर्ग लोक पै अधिकारी ।। ४ आसी बातें करो तुम आशा, तब ही पैहो मन में दिलासा ।।

432 (४३२)

यीशु तू ने किया निहाल जब मैं शरण में तेरी आया । १ यीशु आकर तेरे द्वारा बरकत पाई बेशुमार, कृपा तेरी हुई अपार मेरे दिल का मैल मिटाया ।। २ तू ने बचाये मेरे प्राण, दीनी क्रूस पे आकर जाना, तुझ से हार गया शैतान मेरे मन में तू ही समाया ।। ३ तेरी सिफतें अजब निराली, देखी सूरत खूब जलाली, मेरे दिल में है खुशहाली, मैंने जीवन का सुख पाया ।। ४ जो तेरी शरण में आवे, वह पापों से बच जावे, मन में धरम आत्मा पावे, इस को मैं ने है आजमाया ।। ५ है दास तेरा विश्वासी, काटी तू ने काल की फांसी, धन धन अमरलोक के बासी- दर्शन तेरा मैं ने पाया ।।

433 (४३३)

Bhajan Tunes No. 86. THAKUR DAS.

यीशु पैंया लागौं नाम लखाई दीजो हो । प्रभु ।। १ जग अंधेरे पथ नहिं सूझे दिल को तिमिर नसाई दीजो हो ।। २ जनम जून को सोवत मनुवा ज्ञानक नींद जगाई दीजो हो ।। ३ हम पापिन की अरज मसीह जी पापद बन्ध छुड़ाई दीजो हो ।।

434 (४३४)

Bhajan Tunes No. 87. JOHN PARSONS.

राखो प्रभु की आशा मनुवा, तारणहार वही है मनुवा ।। १ सत है निश्चय प्रभु की वाचा, पर्वत से अति दृढ़ है मनुवा ।। २ मरने तें प्रभु प्रेम दिखावो, अगम सिन्धु की नाई मनुवा ।। ३ यीशु विभव गुण घोर जगत में, किरण रूप झलकत है मनुवा ।। ४ ख्रीष्ट सनातन राज रहत है, प्रलय काल नहि घटि है मनुवा ।। ५ आश्रित उस पर आश लगाओ, न्याय दिवस नहि शंका मनुवा ।।

435 (४३५)

Bhajan Tunes No. 53. BANDHU MASIH

लखु रे नर आपन निर्बल शरीर ।। १ प्राण पुरुष जब निकसन लागे, रोके को बलबीर ।। २ धन संपत्ति अरु कुल परिवारा, पड़ा रहा यहि तीर ।। ३ यीशु मसीह की शरण गहो तुम, वही देत मन धीर ।। ४ पापिन कारण रक्त अपना, दीन्ह जगत को नीर ।। ५ जो यह नीर पियत मन लाई, पावत तन मन धीर ।। ६ ताको यीशु अन्त दिना में, देगा अमर शरीर ।।

436 (४३६)

H. T. B. 131. SHUJAT ALI.

१ आया हूँ मसीह पास तेरे, दूर न कीजियो । बा-इस गुनाहों के मुझे फेंक न दीजियो ।। २ लीजियो खबर शिताब मेरी, मेरे मसीहा । अपने फजल से मेरे गुनाह बख्श दीजियो ।। ३ दिल में गुनाह से मैल बहुत है भरा हुआ । रूह उल कुदूस शिताब में तू मुझ को दीजियो ।। ४ आता है दिन हिसाब का उस दिन का है खतर । उस दिन तू मुझको मेरे मसीह थांभ लीजियो ।। ५ दाहिने वा बाएं जब कि तू हर एक को करे । उस दिन जगह तू दाहिने तरफ मुझको दीजियो ।। ६ जब तक रहूँ जहान में तेरा ही हो रहूँ । इतनी मदद तू मेरे मसीह मेरी कीजियो ।। ७ बन्दे को है उम्मीद फकत जात से तेरी । रोज-इ जजा में साथ मुझ को अपने लीजियो ।।

437 (४३७)

H. T. B. 104.

१ इब्न इ खुदा मसीह से इश्क अब तो किया जो हो सो हो । उस रहनुमा को बेशुभा दिल दे दिया जो हो सो हो ।। २ राह इ खुदा से ऐ दिला ता जिन्दगी न हो जुदा । रंज ओ सितम जजा सजा रब्ब की रजा जो हो सो हो ।। ३ पेश, ए उदू इ कीनवर सूए वतन अब है सफर । जौर ओ जफा निजअ कजा बहर इ खुदा जो हो सो हो ।। ४ याद इ खुदा में बेखता सदमे सहे हजारहा । है तार इ दिल जुदा जुदा आगे नफअ जो हो सो हो ।। ५ ऐ दिल अब है क्या दर्द ओ गम जब सब शिकायत है खत्म । तू ने किया अता बका पाई शिफा जो हो सो हो ।।

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