
Masihi Geet Sangrah
### ख्रीष्ट का जी उठना (Easter)
#### 146 (१४६)
*8.8.8.8. 4. Erschienen 1st.*
*NIKOLAUS HBRMANN, 1510-1561*
१ ईश्वर का पुत्र मृत्युंजय
आज मृत्यु से जी उठा है
बड़े विभव और सामर्थ से
धन सदा लों कहो उसे : हल्लेलूयाह ।।
२ शैतान को उसने जीत लिया
और उसका काम बिनाश किया
जैसे शूर बीर अजीत बलवान
निज बैरियों पर है जयमान : हल्लेलूयाह ।।
३ हे प्रीतम प्रभु यीशु ख्रीष्ट
जो पापियों का त्राता इष्ट
अपने स्वर्ग राज्य के आनंद में
दया कर हम को बैठने दे : हल्लेलूयाह ।।
४ पराजित बैरी से क्या डर
मत कांपो उसकी धमकी पर
लाज ठट्ठे में वह पड़ा है
हमें छुटकारा मिला है : हल्लेलूयाह ।।
५ इसलिए अब हम आनंदमय
स्वर्गराज की लालसा रखते हैं
जहाँ हम अपने प्रभु पास
सदा रहोंगे बिना त्रास : हल्लेलूयाह ।।
६ परमेश्वर पिता दयावान
और यीशु ख्रीष्ट उसके समान
और आत्मा का भी वैसा हो
धन अभी से सनातन लों : हाल्लेलूयाह ।।
#### 147 (१४७)
*7. 6. 7. 6. 7. 7. 6. 6. Auf Auf Mein Herz.*
*FR. A. LAMPE, 1683-1759.*
१ ख्रीष्ट यीशु ने हराया
शैतान का सारा दल
दोष दायक बांधा गया
नष्ट हुआ पाप का बल
व्यवस्था पूरी करके
क्रोध अपने ऊपर लिया
त्राणदाता यीशु ख्रीष्ट ।॥
२ हे मेरे मन इस कारण
तू ख्रीष्ट की स्तुति कर
सब भांति कर निवारण
विश्वास से शक्ति भर
शोक चिन्तायें सब भारी
संदेह निराशता सारी
डाल ख्रीष्ट की कबर में ।।
३ ख्रीष्ट यीशु है जी उठा
विभव महिमा में
तो मृत के बंधे से छूटा
तू उसके उठने से
श्राप उसी ने उठाया
सब तेरा ऋण मिट गया
तू शांति हो आनंद कर ।।
४ सो आता मैं पास तेरे
हे जीवन के प्रधान
देख कृपा कर घाव मेरे
मैं हूँ असामर्थवान
परिश्रम जो मैं करता
निष्फल ओ व्यर्थ ठहरता
तू मुझे चंगा कर ।।
५ दे सत प्रतीति मुझे
हे प्रभु कर सहाय
कि पहचानूँ तुझे
मार्ग जीवन औ सच्चाई
दूर कर संदेह अंधकारा
कि मैं विश्वास के द्वारा
नित तुझे थांमें रहूँ ।।
#### 148 (१४८)
*7.8.7.8. 7. 7. Ratisbon.*
*LOUISE V. RRANDENBURG, 1627*
१ जय हाँ जय सनातन जय
मेरा तारणहार जी उठा
गोर की ख्रीष्ट ने तोड़ा है
और मैं गोर के डर से छूटा
पास मेरे मौत अब आवे
मुझे भय न लगेगा ।।
२ मैं भी अब से जीऊँगा
ख्रीष्ट का भाग मेरा भी पड़ा
मैं भी स्वर्ग पर चढूँगा
जिधर मेरा प्रभु चढ़ा
और नित हूँगा उसके संग
सिर क्या तजेगा एक अंग ।।
३ धूल मैं हूँ और मिट्टी में
बीज के तुल्य यह देह मिल जावे
पर फिर अपने सामर्थ से
उसको यीशु जी उठावे
मेरा होवेगा प्रकाश
बीज को मिलेगा विकाश ।।
४ मेरी देह नवीन जब हो
तब मसीह को देखूँ साक्षात
यही मुंह तब उसका यश
करेगा का आह्वाद के साथ
ये ही हाथ तब छूवेंगे
उसके हाथ को थामेंगे ।।
५ अब मैं भ्रष्ट हूँ और नाशमान
दुर्बल दुःखित और विलापी
हूँगा तब अमर जयवान
आत्मिक ख्रीष्ट-स्वरूप प्रतापी
और सदा यीशु के पास
मुझे मिलेगा बिलास ।।
६ मेरे अंग अब हो निर्भय
ख्रीष्ट को मृत्युंजय ही कहो
मौत अब ख्रीष्ट के बश में है
ख्रीष्ट के नाम से सोते रहो
जब नरसिंगा फूकंगा
नींद का बंध तब खुलेगा ।।
#### 149 (१४९)
*L. M. Hursley or Cantionale.*
*YOHANN HERMANN, 1585-1647.*
१ धर्म-सूरज यीशु ज्योतिमय
अब जी के हुआ है उदय
अब मिटी पाप की काली रात
अब हुआ नया जीवन प्राप्त ।।
२ वह मौत के बश न पड़ा है
सब शत्रुन से वह बड़ा है
जब निकला था वह कब्र से
तब ठहरा ईश्वर निश्चय से ।।
३ जय जय हे यीशु वीर बलवान
सब शत्रुन पर तू है जयमान
अब बैरी ठहरा बल रहित
और ठहरा यीशु बल सहित ।।
४ उदास मैं रहूँ किस प्रकार
जीत गया मेरा तारणहार
जब टल भी जावे सब संसार
तब वह है मेरा प्राणाधार ।।
५ हर्ष से गावें हम यह गान
कि प्रभु हुआ है जयमान
वह सचमुच हुआ मृत्युंजय
जय प्रभु जय जय यीशु जय ।।
#### 150 (१५०)
*“Resting from his work to-day."*
*7. 7. 7. 7. 7. 7. Redhead 76.*
*T. WHITEHEAD.*
१ पूरा करके अपना काम
प्रभु करता था विश्राम
लिपटा हुआ कपड़े में
लेट रहा वह कब्र में ।
द्वार पर रहा पत्थर भी
जिस पर छाप लगाई थी ।।
२ रात को बेर तक जाग रही
मगदलीनी वहाँ थी ।
उस गंभीर अटवारे के
पहिले दिन ही पह फटते
वहाँ गई शोक के साथ
जहाँ गाड़ा गया नाथ ।।
३ तेरे साथ हे प्रभु यूं
पहरू होना चाहता हूँ ।
मेरा हृदय शिलामय
मंदिर तेरा हो अक्षय
उसका मैल तू सब निकाल
उसमें रह तू सदा काल ।।
४ मैं सुगंध ले आऊँगा
प्रेम की भेंट चढ़ाऊँगा ।
बंद भी करके मन का द्वार
बाहर छोड़ के सब संसार
रहूँगा मैं जागता यों
प्रभु के फिर आने लों ।।
#### 151 (१५१)
*“Jesus Christ is risen to day."*
*7. 7. 7. 7. Easter Hymn.*
*LYRA DAVIDIDA. 1708.*
*Chord - B | S- Ballad | T-088*
१ यीशु ख्रीष्ट जी उठा है । हाल्लेलूयाह
आज हम कहें उसकी जय । हाल्लेलूयाह
जिसने क्रूस पर दिया प्राण । हाल्लेलूयाह
कि हमारा करें त्राण । हाल्लेलूयाह ।।
२ गावें धन्यवाद के साथ । हाल्लेलूयाह
धन्य हो यीशु स्वर्गीय नाथ । हाल्लेलूयाह
जिसने सहा क्रूस का दुःख । हाल्लेलूयाह
हम को देने परम सुख । हाल्लेलूयाह ।।
३ जिसने भोगा दुःख और क्लेश । हाल्लेलूयाह
वह है बैठा जगनरेश । हाल्लेलूयाह
यश हम करें धन्य मान । हाल्लेलूयाह
दूत भी करते यही गान । हाल्लेलूयाह ।।
४ पिता को धन कहो संत । हाल्लेलूयाह
धन्य पुत्र भी जयवंत । हाल्लेलूयाह
आत्मा को भी धन कहो । हाल्लेलूयाह
त्रय में एक ही ईश्वर को । हाल्लेलूयाह ।।
#### 152 (१५२)
*"The strive is o'er."*
*8. 8. 8. 4. Victory.*
*F. POTT.*
*Chord - C | S- Waltz | T-124*
१ सब गाओ ख्रीष्ट की होवे जय । हाल्लेलूयाह (३)
नरक और पाप का हुआ क्षय
दूर हुए सब हमारे भय । हाल्लेलूयाह ।।
२ शैतान अब तेरा बल कहाँ । हाल्लेलूयाह (३)
मृत्यु अब तेरा डंक कहाँ
समाधि तेरी जय कहाँ । हाल्लेलूयाह ।।
३ प्रभु हमारा जी उठा । हाल्लेलूयाह (३)
दुष्टों के छल और बल दबा
हमें अब किसका डर रहा । हाल्लेलूयाह ।।
४ ख्रीष्ट यीशु तूने खोला द्वार । हाल्लेलूयाह (३)
शैतान संसार शरीर को मार
तू ही हमारा तारणहार । हाल्लेलूयाह ।।
५ ख्रीष्ट यीशु अपने घावों से । हाल्लेलूयाह (३)
मृत्यु पर जय तू हमें दे
कि सदा तेरा जय गावें । हाल्लेलूयाह ।।
#### 153 (१५३)
*Η. Τ. Β. 88.*
*JOHN PARSONS.*
*Chord - F# | S- Ballad | T-084*
जय प्रभु यीशु जय अधिराजा । जय प्रभु जय जयकारी ।
१ पाप निमित्त दुःख लाज उठाई । प्राण दियो बलिहारी ।।
२ तीन दिना तब यीशु गोर में । तीजे दिवस निहारी ।।
३ प्रातः समय रविवार दिना में । श्राप निवासा छारी ।।
४ भोर सबेरे घोर मरण का । तोड़ा बंधन भाड़ी ।।
५ हार गयो शैतान निबल हो । पायो लाज अपारी ।।
६ संत पवित्र तुरंत सरगमों । मंगल सुर उचचारी ।।
७ भास्कर जग प्रकाशक यीशु । आश्रित करू निस्तारी ।।