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  • Psalms 558-571 | Masihi Geet Sangrah

    स्तोत्र (Psalms) 558 (५५८) Psalm 1. १ वह पुरुष है क्या ही धन्य सही, जो दुष्टों की युक्ति पर चलता नहीं ।। २ न पापी के मार्ग पर वह रहता खड़ा, न बीच ठट्ठा करने वालों के बैठा ।। ३ यहोवा की व्यवस्था से रहता मगन, और उसको रात दिन होती उसकी लगन ।। ४ उस वृक्ष के समान वह रहेगा सदा, जो बहती नदी पर लगाया गया ।। ५ वह देता है फल अपने वेले से ही, न पत्ती मुरझाती है उसकी कभी ।। ६ वह अपने सब कम्मों में होता भला, और रहता फलदायी फलदायी सदा ।। ७ पर वैसा न होता है दुष्टों का कुल, वह पवन से उड़ती भूसी के है तुल ।। ८ इस हेतु न न्याय में दुष्ट स्थिर रहेगा, न धर्म्मियों की मंडली में ठहर सकेगा ।। ९ इ यहोवा सुधि भलों के मार्गों की लेगा, पर दुष्टों का मार्ग सत्यानाश होवेगा ।। 559 (५५९) Psalm 15. कोरसः - तेरे घर में हे प्रभु कौन सुरक्षित रहेगा ।। कौन पवित्र परबत पर चढ़ के सदा रहेगा ।। १ सीधी चाल का चलनेहार धर्म से काम जो करता, अपने मन से सच बोलता चुगली नहीं करता ।। २ और जो किसी दूसरे से बुराई नहीं करता, न अपने पड़ोसी की वह निन्दा कभी सुनता ।। ३ जिसके आगे बुरा पुरुष है निकम्मा ठहरा, पर यहोवा के डरवैयों का वह आदर करता ।। ४ किरिया खा फिर हानि देख के तौभी न बदलता, किसी को उधार से दे कर कभी ब्याज न लेता ।। ५ निर्दोष के सताने निमित्त घूस न कभी लेता, ऐसा काम जो करता रहे कभी न टलेगा ।। 560 (५६०) Psalm 23.Chord - D | S- Ballad | T-085 १ मेरी न होवेगी घटी प्रभु जो चरवाहा है, हरी हरी घास में लेके मुझे वह बैठाता है ।। २ निर्मल नालियों के ऊपर मुझे वह ले जाता है, और वह जी में जी ले आके मुझे फिर जिलाता है ।। ३ अपने सच्चे नाम के निमित्त मुझे वह छुड़ाता है, और वह धर्म के मार्ग के ऊपर मुझे नित्य चलाता है ।। ४ मृत्यु छाया का जो जंगल जब मैं उसमें जाऊँगा, कैसा घोर हो अंधियारा कुछ भी भय न खाऊँगा ।। ५ क्योंकि जब लों तू हे प्रभु रहा करे मेरे साथ, तेरा सोंटा तेरी लाठी सम्भालेंगे कृपानाथ ।। ६ मेरे बैरियों के आगे मेज तो तू बिछावेगा, तेल भी मेरे सिर के ऊपर प्रभु तू उण्डेलेगा ।। ७ मेरा प्याला भरा होगा कृपा दया जीवन भर, मेरे संग रहेंगे सदा मैं रहूँगा तेरे घर ।। 561 (५६१) Psalm 24. कोरसः - प्रभु यहोवा राजा, है वह प्रतापी राजा है ।। १ ऊँचे करो सिर दरवाजों, ऊँचे हो सब द्वारों, जां प्रतापी राजा आवे, सिर तब ऊँचे करो ।। २ यह प्रतापी राजा कौन है, राजा कौन विभव का, युद्ध में जिसका है पराक्रम, वह राजा विभव का ।। ३ ऊँचे करो सिर दरवाजों, ऊँचे हो सब द्वारों, जां प्रतापी राजा आवे, सिर तब ऊँचे करो ।। ४ यह प्रतापी राजा कौन है, राजा कौन विभव का, सेनाओं का जो यहोवा, राजा वह विभव का ।। 562 (५६२) Psalm 27. कोरसः - है डर मुझे किस का जो ईश्वर हो साथ, वह ज्योति है मेरी उद्धार उसके साथ ।। १ यहोवा है गढ़ मेरे जीवन का दृढ़, मैं किस का भय खाऊँ क्यों होऊँ अस्थिर ।। २ जब ही मेरे वह शत्रु बदकार, मेरे ऊपर चढ़ आवेंगे मार के ललकार ।। ३ कि खा जावें वे मेरा कच्चा ही मांस, सो ठेस खा गिरेंगे न उठने की आस ।। ४ और मुझ पर जो कभी चढ़ आवे सेना, तौभी मेरे दिल को न भय होवेगा ।। ५ जो मेरे विरोध में भी उठे लड़ाई, उस बीच में यहोवा रहेगा सहाई ।। 563 (५६३) Psalm 46. कोरसः - परमेश्वर शरणस्थान और बल हमारा है, सहायक वह संकट में जो सहज से मिलता है ।। १ इसलिये कुछ डर नहीं है चाहे पृथ्वी उलट जाये, और सब पर्वत चाहे डोलकर बीच समुद्र गिर भी जायें ।। २ चाहे गरजे भी समुद्र उसके जल सब फेनाएं, और उसके बढ़ जाने ही से सब पहाड़ भी कांप उठें ।। ३ नदी एक है जिस की धारें ईश्वर हो के नगर में, जिसका प्रभु है यहोवा सत आनंद को देती है ।। ४ है परमेश्वर उनके बीच में वह न कभी टलेगा, पौ फटते ही प्रभु उसकी नित्य सहायता करेगा ।। ५ जाति जाति गरज उठे लगें डगमगाने लोग, प्रभु जब बोल उठे पृथ्वी है तब पिघल जाने योग्य ।। ६ सेनाओं का जो यहोवा संग हमारे सदा है, याकूब का अनंत परमेश्वर ऊँचा गढ़ हमारा है ।। 564 (५६४) Psalm 65. कोरसः - सैहून के बीच हे प्रभु चुप रहना स्तुति हैं और तेरे लिये मन्नतें पूरी की जाती हैं ।। १ प्रार्थना का सुननेहारा है तू हे कृपामय और तेरे पास सब प्राणी अवश्य आते हैं ।। २ पाप मुझ पर प्रबल हुए और काम अधर्मं के छुटकारा तू ही देगा सारे अपराधों से ।। ३ तू जिसको चुनता प्रभु वह सचमुच धन्य है तेरे समीप जो रहें आशिष अनंत पाये ।। ४ हम तेरे आंगनों में बास नित्य करेंगे उस के उत्तम द्रव्यों से हम तृप्त हो रहेंगे ।। ५ छुड़ाने वाला प्रभु अपने डरवैयों का भयानक कर्मों द्वारा मुंह मांगा देवोगा ।। ६ सब दूर के रहने हारे पृथ्वी समुद्र के हे ईश्वर तेरे ऊपर भरोसा रखेगा ।। 565 (५६५) Psalm 67. १ अपना अनुग्रह ईश्वर हम सभों पर दिखावे, आशिष देवे प्रकाश मुख का सभों पर चमकावे ।। २ तेरा मार्ग इस धरती ऊपर प्रभु जाना जावे, जातियों में तेरी मुक्ति साफ पहिचानी जावे ।। ३ हे परमेश्वर हर एक देश में हो तेरी प्रशंसा, तेरा धन्य मान के सब लोग करें तेरी महिमा ।। ४ सारी जातियां एक साथ मिलकर आनंद नित करेंगी, और राज्य राज्य की प्रजा तेरा जयजयकार करेंगी ।। ५ क्योंकि न्याय तू सब लोगों का आप ही चुकावेगा, धरती पर के सब राज्यों को मार्ग तू दिखावेगा ।। ६ हे परमेश्वर हर एक देश में हो तेरी प्रशंसा, तेरा धन्य मान के सब लोग करें तेरी महिमा ।। ७ हुई है इस धरती ऊपर उपज बहुतेरी, देगा परमेश्वर आशिषें घनेरी ।। ८ आशिष हमें ईश्वर देगा अन्त लों पृथ्वी के, और सब लोग सारे राज्यों के उसका भय मानेंगे ।। 566 (५६६) Psalm 90. १ तू पीढ़ी से पीढ़ी लों प्रभु धाम बना रहा, हमारे लिये शरणस्थान तू ही है ठहरा ।। २ जब अपनी सामर्थं ही से तू ने सब कुछ बनाया, अनादिकाल से अन्त लो परमेश्वर तू ही ठहरा ।। ३ तू मनुष्य को लौटा करके चूर करता है उसको, और उससे कहता है कि हे मनुष्यो लौट आओ ।। ४ हजार बरस तेरे आगे है परमेश्वर ऐसे, बीते हुए दिन व रात के एक पहर के जैसे ।। ५ तू मनुष्य को बहा देता वह स्वप्न ठहरा है, वह भोर को बढ़ने हारी घास सरीखे होता है ।। ६ भोर को वह फूला करती और बढ़ती ही रहती है, पर सांझ तक कटकर गिरती और मुर्झा ही जाती है ।। ७ इसलिये कि हम तेरे कोप और क्रोध से नाश भये, और तेरी जलजलाहट से हम घबरा ही गये ।। ८ जितने दिन दुःख हम पाते और क्लेश भोगते आये हैं, उतने बरस हम तेरे हाथ से आनंद भी पायें ।। ९ अपनी मनोहरता हे प्रभु हम पर प्रगट कर, और काम हमारे हाथ का दृढ़ हमारे लिये कर ।। 567 (५६७) Psalm 95. १ आओ प्रभु की बड़ाई गावें दिल के बल के साथ, सारे जग का मुक्तिदाता उसको भजें धन्य साथ, प्रभु है चट्टान जिससे पूरी मुक्ति है ।। २ जाके करेंगे बड़ाई उसकी जो हमारा मीत, साथ आनंद के सम्मुख होके गावें हम पवित्र गीत, धन्य हो उसका जिसके पूरी मुक्ति हैं ।। ३ क्योंकि यह महा परमेश्वर पृथ्वी स्वर्ग का राजा है, सारे देवताओं के ऊपर वह अकेला प्रभु है, वही है प्रभु जिससे पूरी मुक्ति है ।। ४ पृथ्वी के गहरे स्थान पर है उसी का अधिकार, उसके हाथ में सब कुछ रहता भूमि समुद्र पहाड़, सब कुछ उसका है जिससे पूरी मुक्ति है ।। ५ आओ झुककर दण्डवत् करें अपने मन के बल से ही, उसके आगे घुटने टेकें कि वह है परमेश्वर ही, कर्त्ता वही है जिससे पूरी मुक्ति है ।। ६ क्योंकि वह सभों का प्रभु हम उसी के सेवक हैं, हम उसकी चराई की प्रजा उसके हाथ की भेड़ें हैं, उसी की सुनें जिससे पूरी मुक्ति है ।। 568 (५६८) Psalm 100. १ अब करो सारे लोगों प्रशंसा प्रभु की, आनंद के साथ तुम करो सेवा परमेश्वर की ।। २ साथ जय जयकार तुम आओ समीप यहोवा के, और उसके सम्मुख गाओ भजन परमेश्वर के ।। ३ यहोवा को तुम जानो कि निश्चय ईश्वर है, बनाया उसने हमें हां कर्त्ता वही है ।। ४ हम सचमुच उसकी प्रजा और भेड़ें हैं, साथ धन्य स्तुति प्रवेश अब करना है ।। ५ प्रशंसा करते हुए और उसका धन्य मान, उसके पवित्र घर में हम करें स्तुतिगान ।। ६ कि है यहोवा भला नित्य करुणा सही, और पीढ़ी पीढ़ी उसकी सच्चाई रहेगी ।। 569 (५६९) Psalm 121. कोरसः - आँखें अपनी पहाड़ों ओर उठाऊँ, सहाय के लिये किसको मैं पुकारूँ ।। १ मेरी सहाय यहोवा ही में है, जिसने धरती आकाश बनाया है, तेरे प्राण को टलने वह न देगा ।। २ तेरा रक्षक न कभी ऊंघावे, तेरे प्रभु को नींद भी न आवे, इस्राएल का रक्षक भी न सोवेगा ।। ३ यहोवा ही है तेरा रखवाला, तेरे ऊपर वह छां करनेवाला, वह तेरी दाहिनी ओर आड़ रहेगा ।। ४ न दिन को सूरज तुझे सतावे, न रात को चांद कुछ दुःख पहुँचावे, सारी विपत्ति से होगी रक्षा ।। ५ वह तेरे प्राण की रक्षा करेगा, वह तेरे आने जाने में रक्षा, अब से ले सदा करता रहेगा ।। 570 (५७०) Psalm 122. १ मैं आनंदित हुआ जब कहने लगे, कि आओ यहोवा के घर चलिये ।। २ हे यरुशलेम नगर यहोवा के, तेरे फाटकों से हम खड़े हुए ।। ३ हे यरुशलेम तू अद्भुत ही बना, तेरे घरों का समूह कैसा घना ।। ४ यहोवा के सब गोत्रों के लोग वहाँ, धन्यवाद करने जाते हैं उसके नाम का ।। ५ वहाँ निमित्त दाऊद के घराने के, हैं न्याय के सिहांसन धरे हुए ।। ६ मांगो वर यरुशलेम की शान्ति के, तेरी प्रेमी कुशल से ही रहेगी ।। 571 (५७१) Psalm 136. कोरसः - धन्यवाद करो यहोवा का प्यारो ।। १ ईश्वरों का वह परमेश्वर धन्यवाद करो उसका, क्योंकि वह तो भला ही है करुणा उसकी है सदा ।। २ प्रभुओं का जो है प्रभु धन्यवाद करो उसका, कर्म आश्चर्य वही करता करुणा उसकी है सदा ।। ३ बुद्धि से आकाश बनाया धन्यवाद करो उसका, जल पर पृथ्वी को फैलाया करुणा उसकी है सदा ।। ४ बड़ी ज्योतियां भी बनाईं धन्यवाद करो उसका, स्वामी दिन का सूरज किया करुणा उसकी है सदा ।। ५ रात पर करने प्रभुता को धन्यवाद करो उसका, रखा तारागण और चांद करुणा उसकी है सदा ।। ६ मिस्र के पहिलौठे मारे बलवन्त हाथ से निकाला, उनके बीच से इस्राएल को करुणा उसकी है सदा ।। ७ लाल समुद्र दो खण्ड करके धन्यवाद करो उसका, इस्राएल बीच से पार कर दिया करुणा उसकी है सदा ।।

  • Choruses, etc. 572-615 | Masihi Geet Sangrah

    कोरस इत्यादि (Choruses, etc.) 572 (५७२) “The best Friend to have is Jesus.” सब से प्यारा यीशु सब से प्यारा यीशु गिरने से बचावेगा तेरी बिन्ती सुनेगा हां सब से प्यारा यीशु ।। 573 (५७३) “Come into my heart.” मेरे दिल में आ मेरे दिल में आ, आज दिल में आ हे यीशु, अभी आ और रह सदा, मेरे दिल में आ ख्रीष्ट यीशु ।। 574 (५७४) “Jesus is the Saviour.” ख्रीष्ट है मुक्तिदाता वह बचाता मुझे और बचावेगा तुझे जै जै हल्लेलूयाह मुक्ति देता है देता है जै जै हल्लेलूयाह मुक्ति देता है यीशु उस पर विश्वास जो लाता है उसे यीशु बचाता है जै जै हल्लेलूयाह मुक्ति देता है यीशु ।। 575 (५७५) “O the peace my Saviour gives.” ख्रीष्ट की शान्ति अद्भुत है पहिले मैं न जानता था मेरे मार्ग सब सीधे है जब से उसका हाथ पकड़ा ।। 576 (५७६) “Let me love Thee.” तुझे प्यार मैं करूँ तुझे मन मैं देऊँ तुझी में हे यीशु है भरपूरी भी ।। 577 (५७७) “I believe God answers prayer.” ईश्वर मेरी सुनता है हां वह सचमुच सुनता है निश्चय है वह सुनता है उसके नाम की जय ।। 578 (५७८) “Grace there is my every debt to pay.”11. 11. 11. 4. G. S. S. M. 41.Chord - C / C# | S- --xx-- | T---xx-- कृपा हर एक ऋण के भरने को लोहू हर एक पाप मिटाने को शक्ति मुझे स्थिर अब रखने को मसीह में है ।। 579 (५७९) “Lord I want to be like Jesus.” १ मैं मसीह का होना चाहता हृदय से, हृदय से मैं मसीह का होना चाहता हृदय से ।। २ मैं पवित्र होना चाहता, हृदय से, हृदय से ।। ३ मैं मसीह सा होना चाहता, हृदय से, हृदय से ।। 580 (५८०) “Let the beauty of Jesus be seen in me.”Chord - D | S- Ballad | T-082 १ मुझ में यीशु की शोभा दिखाई दे, उसका अद्भुत प्यार और सब निर्मलता, हे तू आत्मा पवित्र, कर शुद्ध मेरा चरित्र, मुझ में यीशु की शोभा दिखाई दे ।। २ मुझ में यीशु की शान्ति दिखाई दे, उसकी स्थिरता, दीनताई और नम्रता, हे तू आत्मा पवित्र, कर शुद्ध मेरा चरित्र, जब तक मुझ में न शान्ति दिखाई दे ।। ३ मुझ में उसकी सच्चाई दिखाई दे, उसका धर्म और ईमान और खराई भी, हे तू आत्मा पवित्र कर शुद्ध मेरा चरित्र, मुझ में यीशु का सत्य दिखाई दे ।। ४ मुझ में प्रभु की प्रीति दिखाई दे, उसका निष्कपट प्रेम और मिलाप अपार, हे तू आत्मा पवित्र, कर शुद्ध मेरा चरित्र, जब तक मुझ में न प्रीति दिखाई दे ।। 581 (५८१) “We give Thee but Thine own.”WILLIAM W. HOW, 1823-97. १ जो कुछ हम देते हैं वह माल है तेरा ही हमारा सब कुछ तेरा है यह थाती है तेरी ।। २ सच्चे भंडारी हों हम पाकर तेरे दान आनंद से अपना पहिला फल चढ़ावें धन्य मान । ३ और हम को है विश्वास कि तेरे लोगों को जो कुछ हम देते हैं वह सब हम देते तुझ ही को ।। 582 (५८२) Grace Before Meals.“Be present at our table Lord”JOHN CENNICK, 1718-55. हे प्रभु तू उपस्थित हो और दे अशीष इस खाने को रख हमें अपने पास सदा और स्वर्गीय भोजन नित्य खिला ।। 583 (५८३) “L. M. - Old hundredth” पवित्र आत्मा पिता पुत्र इन तीनों की अलग होवे स्तुत जैसा कि वह आरम्भ में था अब है और सदा रहेगा ।। 584 (५८४) “L. M. - Old hundredth”THOMAS KEN, 1637-1711. प्रशंसा हो और स्तुति भी पिता और पुत्र और आत्मा की पराक्रम राज और महिमा ईश्वर त्रिएक की हो सदा ।। 585 (५८५) पैत्रिक स्तोत्र Gloria Patri.Chord - D | S- --xx-- | T---xx-- हो पिता की स्तुति और पुत्र और पवित्र आत्मा की । जैसी आरम्भ ही में हुई, है अभी और रहेगी । युगानुयुग, आमीन, आमीन ।। 586 (५८६) Chord - G / G# | S- Disco / Dholak | T-100 - 104 १ परमपिता की हम स्तुति गायें, वही है जो बचाता हमें, सारे पापों को करता क्षमा, सारे रोगों को करता चंगा ।। २ धन्यवाद दें उसके आसनों में, आनंद से आयें उसके चरणों में, संगीत गाके खुशी से, मुक्ति की चट्टान को जय ललकारें ।। ३ वही हमारा है परम पिता, तरस खाता है सर्व सदा, पूरब से पश्चिम है जितनी दूर, उतने ही दूर किये हमारे गुनाह ।। ४ मां की तरह उसने दी तसल्ली, दुनिया के खतरों में छोड़ा नहीं, खालिस दूध कलाम का दिया, और दी हमेशा की जिन्दगी ।। ५ चरवाहे की मानिन्द ढूँढ़ा उसने, पापों की कीच से निकाला हमें, हमको बचाने को जान अपनी दी, ताकि हाथ में हम उसके रहें ।। ६ घोंसले को बार-बार तोड़ कर उसने, चाहा कि सीखें हम उड़ना उससे, परों पर उठाया उकाब की तरह, ताकि हमको चोट न लगे ।। 587 (५८७) Chord - D | S- Disco / Dholak | T-098 कोरसः - आवाज उठायेंगे हम साज बजायेंगे है यीशु महान अपना, यह गीत सुनायेंगे ।। १ संसार की सुंदरता में, यह रूप जो तेरा ही, इन चांद सितारों में, है अक्स तो तेरा ही, महिमा की तेरी बातें, सबको ही बतायेंगे ।। २ दिल तेरा खजाना है, एक पाक मुहब्बत का, था पा न सका कोई, सागर है तू उलफत का, हम तेरी मुहब्बत से, दिल अपना सजायेंगे ।। ३ न देख सका हमको, तू पाप के सागर में, और बन के मनुष्य आया, आकाश से सागर में, मुक्ति का तू दाता है, दुनिया को बतायेंगे ।। 588 (५८८) Chord - E | S- Disco / Dholak | T-089 - 094 कोरसः - आशिष तुझ से चाहते हैं । हे स्वर्गीय पिता हम आते हैं ।। १ कोई खूबी है न लियाकत, बख्शो हमको अपनी ताकत, खाली दिलों को लाते हैं, हे स्वर्गीय पिता हम आते हैं ।। २ हमने बहुत खताएं की है, रहे निकम्मे जफाएं की हैं, शर्म से सिर झुक जाते हैं, हे स्वर्गीय पिता हम आते हैं ।। ३ तुम हो शक्तिमान प्रभु जी, कुदरत तुम्हारी शान यीशु जी, हम्द-ओ-सना हम गाते हैं, हे स्वर्गीय पिता हम आते हैं ।। ४ बन्दे को तू कभी न भूले, दुःख सहे दुनिया में तू ने, उसी प्यार को चाहते हैं, हे स्वर्गीय पिता हम आते हैं ।। 589 (५८९) Chord - D# / E | S- Disco / Dholak | T-092 १ मैं यीशु के साथ नूर में चलूँगा, दिन और रात उसके पीछे मैं चलूँगा, पीछे चलूँगा फतह पाऊँगा, यीशु मेरा मुंजी मसलूब ।। कोरसः - चलते-चलते नूर में यीशु के साथ, चलते-चलते थामते यीशु के हाथ, नूर में मैं रहूँगा फतह पाऊँगा, मैं नूर में चलता चलूँगा ।। २ मैं यीशु के साथ नूर में चलूँगा, गर अंधेरी राह मैं न डरूँगा, पैर उठाऊँगा दिल से गाऊँगा, यीशु मेरा मुंजी मसलूब ।। ३ मैं यीशु के साथ नूर में चलूँगा, जब कभी आवाज उसकी सुनूँगा, उससे कहूँगा तुझे सब दूँगा, यीशु मेरा मुंजी मसलूब ।। ४ मैं यीशु के साथ नूर में चलूँगा, ताकते-ताकते रोज मदद पाऊँगा, रंज या खुशी हो या नजदीक हो मौत, यीशु मेरा मुंजी मसलूब ।। ५ मैं यीशु के साथ नूर में चलूँगा, अपनी आँख उसकी तरफ लगाऊँगा, हाथ में है सलीब झंडा है अजीब, यीशु मेरा मुंजी मसलूब ।। 590 (५९०) Chord - A# | S- --xx-- | T---xx-- १ प्रभु महान विचारूँ कार्य तेरे, कितने अद्भुत जो तूने बनाये । देखूँ तारे सुनूँ गर्जन भयंकर, सामर्थ तेरी सारे भूमंडल पर ।। कोरसः - प्रशंसा होवे प्रभु यीशु की, कितना महान (२) प्रशंसा होवे प्रभु यीशु की, कितना महान (२) २ वन के बीच में तराई मध्य विचरूँ, मधुर संगीत मैं चिड़ियों का सुनूँ । पहाड़ विशाल से जब मैं नीचे देखूँ, झरने बहते लगती शीतल वायु ।। प्रशंसा-- ३ जब सोचता हूँ कि पिता अपना पुत्र, मरने भेजा है वर्णन से अपार । कि क्रूस पर उसने मेरे पाप सब लेकर, रक्त बहाया कि मेरा हो उद्धार ।। प्रशंसा-- ४ मसीह आवेगा शब्द तुरही का होगा, मुझे लेगा जहाँ आनंद महान । मैं झुकूँगा साथ आदर भक्ति दीनता, और गाऊँगा प्रभु कितना महान । प्रशंसा-- 591 (५९१) Chord - F | S- Aderia / Ballad | T-084 - 094 कोरसः - जो क्रूस पे कुरबां है, वो मेरा मसीहा है, हर जख्म जो उसका है, वो मेरे गुनाह का है ।। १ इस दुनियाँ में ले आये, मेरे ही गुनाह उसको, ये जुल्मो-सितम उस पर, मैंने ही कराया है ।। २ इन्सान हैं वो कामिल, और सच्चा खुदा वह है । वो प्यार का दरिया है, सच्चाई का रास्ता है ।। ३ देने को मुझे जीवन, खुद मौत सही उसने, क्या खूब है कुरबानी, क्या प्यार अनोखा है ।। 592 (५९२) Chord - C# | S- Ballad / Dholak | T-092 कोरसः - आओ जग के लोगों सब ही, यीशु राजा बुलाता है ।। १ जग में जिसका स्थान नहीं है, जग में जिसका मान नहीं है, राज तुम्हें देने के लिये, यीशु राजा बुलाता है ।। २ जग में तुम हो भूखे मरते, जग में तुम हो प्यासे मरते, भोजन जल अब मुफ्त में देने, यीशु राजा बुलाता है ।। ३ सिर पर कांटों का ताज निशानी, छाप है उसकी बहती पसली, छिदे हाथ पसारे हुए, यीशु राजा बुलाता है ।। ४ आओ भाइयो, आओ बहिनो, आओ उसको परखो देखो, सारा भार उठाने के लिये, यीशु राजा बुलाता है ।। 593 (५९३) Chord - D | S- Waltz / Ind. | T-132 / 092 कोरसः - आकाश और धरती के राजा की जय, जय जय पुकार (२) सारी जमीन की सारी प्रजा यीशु की जय, जय, जय पुकार (२) १ जीवन का रचने वाला वही, भक्तों के दिल का उजाला वही (२) पापिन कारण जन्मा वही, (२) सूली पर चढ़ने वाला वही (२) आकाश-- २ वही है मेरे जीवन का यान, मेरा उद्धार और मेरी चट्टान (२) हाथों में है उसके किश्ती मेरी (२ ) आने दो, गर आता है यह तूफान ।। (२) आकाश-- ३ दुःख में और सुख में साथी रहा, राहों में जीवन के संग वह चला (२) उसकी रही हम पर कृपा बड़ी (२) जीवन मिला तो उसीसे मिला ।। (२) आकाश-- 594 (५९४) Chord - Gm/F#m | S- Rock / 80sEdgyRock | T-103 कोरसः - आया मसीह दुनिया में तू, पापियों को बचाने को, लाये ईमान जो बेटे पर, करेगा पार इस दुनिया को ।। १ दुनिया गुनाहों में डूब रही थी, सादिक गुमराह हो रहे थे, छोड़ा आसमान, बना इन्सान, मिली नजात इस दुनियां को ।। २ बैतलहम के मैदानों में, गड़रिये रात सो रहे थे, सुना फरिश्तों की जुबान, पैदा हुआ ख्रीष्ट निधान ।। ३ आलिमों ने किताबों से, पढ़ी पैदाइश की तफसील, चल दिये वह भी ऊँटों पर, तारे हयात का पीछा कर ।। ४ समुद्र की सब लहरों पर, दुनिया की हर जुबानों पर, है उसका नाम, है उसका काम, सारा जहां लाये ईमान ।। 595 (५९५) Chord - F | S- Waltz / Ind. | T-126 / 92 कोरसः - ऐ मेरे खुदा ऐ मेरे खुदा, दिलों की हैकल में आजा, मैं तेरा और तू मेरा १ मुझको तुझसे प्रीत लगी तेरे वचन की आस लगी प्यासा हूँ मेरी प्यास बुझा ।। मेरे खुदा---- २ यह दुनियाँ एक सपना है कौन यहाँ पर अपना है मैं हूँ बालक तू है पिता ।। मेरे खुदा----- ३ पाप की घटा है छाई हुई रूह मेरी घबराई हुई सुन ले तू मेरे दिल की दुआ ।। मेरे खुदा-- 596 (५९६) Chord - C | S- Dholak | T-096 कोरसः - यीशु ने अपना खून बहाके, मुझे बचा लिया, क्यों मैं न गाऊँगा गुण उसी के मुझे बचा लिया ।। १ मैं जब गुनाहों में पड़ा हुआ था यीशु आ गया, उसके मारे जाने से मैं जीवन भी पा गया, इसलिये गाऊँगा गुण उसी के मुझे बचा लिया ।। २ मेरे गुनाहों का बोझ उठाकर क्या क्या न उसने सहा, मेरे गुनाहों को माफ कराने खून भी उसका बहा, कितना अनोखा है प्यार प्रभु का मुझे बचा लिया ।। ३ सेवा करेंगे प्यारे प्रभु की जैसा कि उसने कहा, मर भी मिटेंगे प्यारे प्रभु में जैसा कि उसने सहा, हर दम हम गायेंगे गीत उसी के हमें बचा लिया ।। 597 (५९७) Chord - A# | S- Dholak / Disco | T-098 / 102 १ महिमा से तू जो भरा हुआ, ज्योति में सदा रहने वाला, मनुष्यों में तूने जन्म लिया, फिर से यीशु जग में तू आयेगा, आयेगा यीशु---- २ भूमि आकाश में समा न सका, मन्दिरों में तू रह न सका, नम्र होकर चरनी में पैदा हुआ, मनों में हमारे घर तू बना घर तू बना---- ३ खोमे में आकर तू ही बसा, लोगों को अपने लिये फिरा, अग्नि और बादल में तू ही दिखा, फिर से यीशु अपना जलवा दिखा, जलवा दिखा---- ४ दानियेल की तूने प्रार्थना सुनी, एज्रा की तूने सहायता की, बाबुल में तूने बेदारी भेजी, अपने लोगों को फिर से दे रिहाई, दे रिहाई---- ५ तू ही हमारा राजा है, तू ही मुक्तिदाता है, फिर से आने वाला है, प्यारे प्रभु यीशु तू जल्दी आ, जल्दी आ---- 598 (५९८) Chord - E | S- Ballad / Aderia | T-082 १ जावें किसके पास ऐ गुनहगार यीशु है जिन्दगी, मौत से करता है वही पार यीशु है जिन्दगी । जिन्दगी रूहानी जिन्दगी गैरफानी ।। कोरसः - बख्शीश अजीब, राह है सलीब, लेओ तुम जिन्दगी ।। २ रूह और दुल्हन भी कहती आ यीशु है जिन्दगी, तू जो सुनता है कहता जा यीशु है जिन्दगी । सारी कौमें आवें, आब-ए-हयात वे पावें ।। ३ मुफ्त वह देता है सभों को यीशु है जिन्दगी, उसकी मौत का तुम हासिल लो यीशु है जिन्दगी । नकदी नहीं लाना उसके फजल से पाना ।। ४ यीशु लेता मैं तेरा नाम तू ही है जिन्दगी, बिल्कुल नाकिस है मेरे काम तू ही है जिन्दगी । तुझ पर आसरा मेरा, बन्दा हूँ मैं तेरा ।। 599 (५९९) Chord - Em | S- Ballad | T-082 कोरसः - प्यारा मसीह, प्यारा मसीह, लाखों में मेरा प्यारा मसीह ।। मेरा अकेला सहारा वही ।। १ दुनियां में और कोई नाम है नहीं, उसी ने मुझको दी अब्दी खुशी । मुझको बचाया, गुनाह से छुड़ाया, और किया है उसने अब मुझको बरी ।। २ बेटा खुदा का है प्यारा मसीह, मेरे फिदिये का है बर्रा वही ।। दुनियां में आया और लोहू बहाया, और जान अपनी प्यारी सलीब पर दे दी ।। ३ सूली पे चढ़के कफारा हुआ, वास्ते हमारे वह मारा गया । जख्मी हुआ और सताया गया । और फिर जिन्दा हुआ वह हमारा मसीह ।। 600 (६००) R. S. Mandrelle 1906-1971.Chord - C | S- Ballad / Dholak | T-082 कोरसः - उपकार की भेंटें अपनी (२) प्रभु को चढ़ाना है (३) १ जो भी हमारा प्रभु का सारा, जिसका उसको देना है, भण्डारी हम प्रभु के जग में, दसवां ही लौटाना है ।। प्रभु -- २ ख्रीष्ट प्रभु ने स्वर्ग को त्यागा, हमको प्रेम दिखाना है, हिस्सा दो प्रभु को जो कुछ हो, निज भेंटें भी लाना है ।। प्रभु-- ३ ईश्वर की है कृपा भारी, हमको धन्य मनाना है, सारा जीवन दे दो प्रभु को, तब आशिषें पाना है ।। प्रभु-- 601 (६०१) Chord - D# | S- Disco | T-092 बरकत और इज्जत और जय तेरी हो, और जय तेरी हो और जय तेरी हो, बरकत और इज्जत और जय तेरी हो, कि तू ही तख्त पर है । तारीफ, तारीफ हर एक जन ललकारें, तारीफ, तारीफ कि तू ही तख्त पर है ।। 602 (६०२) G. S. Mandrelle 1901-1953. खुशी खुशी मनाओ, खुशी खुशी मनाओ, बोलो बोलो मसीहा की जय जय जय, मेरे लिये आया, मेरे लिये जिया, मेरे लिये यीशु ने दुःख उठाया, मेरे लिये मारा गया, मेरे लिये गाड़ा गया, मेरे लिये फिर जी उठा मेरा है मसीह, मैं मसीह का हूँ, हम मसीह के हैं, खुशी खुशी मनाओ ।। 603 (६०३) Chord - E | S- Dholak | T-096 कोरसः - देखूँगा यीशु राजा को (२) मैं हर वक्त देखूँगा ।। १ कोड़े लानत सहने वाले यीशु राजा को । २ अपना खून बहाने वाले यीशु राजा को । ३ जान सलीब पर देने वाले यीशु राजा को । ४ मौत पर फतह पाने वाले यीशु राजा को । ५ शैतान का सिर कुचलने वाले यीशु राजा को । ६ बादलों पर आने वाले यीशु राजा को । ७ बाप के दाहिने बैठने वाले यीशु राजा को । ८ दूतों के साथ आने वाले यीशु राजा को । ९ राजाओं के राजा यीशु राजा को । 604 (६०४) सुन लो मेरे भाइयों, मसीह जी मेरा दुनियां में आया ।। १ दुनियां में आया, मुक्ति को लाया, पापी को आन बचाया, बचाने यीशु दुनियां में आया ।। सुन लो--- २ अन्धों को आँख, गूंगो को बोली, बहिरो को शब्द सुनाया, सुनाने यीशु दुनियां में आया ।। सुन लो--- ३ हम जब गुनाह में पड़े हुए थे, अद्भुत प्रेम दिखाया, दिखाने यीशु दुनियां में आया ।। सुन लो--- ४ दुनियां की खातिर क्रूस पर चढ़कर, अपना रक्त बहाया, बहाने यीशु दुनियां में आया ।। सुन लो--- ५ जो कोई उस पर विश्वास लाया, उसको मसीह ने बचाया, बचाने यीशु दुनियां में आया ।। सुन लो--- ६ धन धन यीशु स्वामी हमारे, हम को पिता से मिलाया, मिलाने यीशु दुनियां में आया ।। सुन लो--- 605 (६०५) G. S. MANDRELLE 1901-1953.Chord - C | S- Waltz | T-128 कोरसः - ज्योति से यीशु की दूर है अंधियारी, फूल उठी मन में, प्रेम की फुलवारी ।। १ तन मन तू सब धन तू, मालिक तू, जीवन है तू, जल थल में बादल में, शक्ति तेरी गर्जन है तू, कण कण में दिख पड़ी, छबि तेरी न्यारी ।। २ मार सहा क्रूस चढ़ा, रक्त बहा कुछ न कहा, कृपा तेरी मुक्ति मेरी, तेरा वचन साथ रहा, पापिन से प्रभुजी, प्रीति तेरी न्यारी ।। ३ शब्द तेरा गूँज उठा, जाग उठी तेरी लगन, सप्त सुमन प्यार की धुन, झूम उठा सारा गगन, बन्धन में डूब गई, यह दुनियाँ सारी ।। 606 (६०६) Chord - A# | S- 6/8 | T-082 १ आह वह प्यारी सलीब मुझे देख पड़ती है, एक पहाड़ी पर जो खड़ी थी, कि क्रूस घातित मसीह ने भी निन्दा उठा, पापियों के कारण जान दे दी ।। कोः- पस न छोडूंगा प्यारी सलीब, जब तक दुनियां में मैं रहूँगा, लिपटा रहूँगा मैं उसी से, है क्रूस घातित में नित्य आराम ।। २ आह वह प्यारी सलीब जिस की निन्दा होती, वह मुझे बहुत ही है भाती, कि खुदा के प्यारे और प्रतापी मसीह, ने पहुँचाया उसे कलवरी ।। पस न--- ३ मुझे प्यारी सलीब में जो लोहू लुहान, नजर आती है खूबसूरती, कि खुदा के मसीह ने प्रायश्चित किया, ताकि मिले मुझे जीवन भी ।। पस न--- ४ मैं उस प्यारी सलीब का रहूँ वफादार, सिपाही हमेशा जरुर, जब तक मेरा मसीह न करेगा मुझे, अपने अब्दी जलाल में मंजूर ।। पस न--- 607 (६०७) Chord - F | S- 6/8 | T-086 १ तेरा हूँ ऐ रब्ब ! सुनता तेरी बात जो बताती तेरा प्यार, मैं ईमान के साथ, आता तेरे पास, तेरा ही हूँ तलबगार ।। कोरसः - रख तू मुझको, मुझको, मुझको ऐ मसीह, जहां चश्मा क्रूस से खास, रख तू मुझको, मुझको, मुझको ऐ मसीह, अपने जख्मी पहलू पास ।। २ मुझको पाक कर अब, कि मैं तेरा काम, करूँ दिल से ठीक ओ खूब, तेरी मर्जी पाक मुझसे पूरी हो, तेरी मर्जी हो मसलूब ।। ३ कैसी राहत खास दिल को मिलती है, जब मैं जाता पाक हुजूर, जब मैं दुआ में आता तेरे पास, तब तू करता है मसरूर ।। ४ तेरा मीठा प्यार और भी जानूँगा, जब मैं जाऊँगा आसमान, जब मैं देखूँगा तेरे चेहरे को, तब खुश होगी मेरी जान ।। 608 (६०८) Chord - D | S- Waltz / Ind. | T-126 / 090 १ दिल के दाग को धोवे कौन, लहू जो कि क्रूस से जारी । मेरे मर्ज को धोवे कौन, लहू जो कि क्रूस से जारी ।। कोरसः - वह चश्मा है मामूर, दाग दिल से करता है दूर । है मुझको दिल मंजूर, लहू जो कि क्रूस से जारी ।। २ मेरे मर्ज का शाफी है, लहू जो कि क्रूस से जारी । मुआफी को वह काफी है, लहू जो क्रूस से जारी ।। ३ वह है मेरे कर्ज का दाम, लहू जो कि क्रूस से जारी । वह है मेरा खास इनाम, लहू जो कि क्रूस से जारी ।। ४ मेरी वह उम्मीद है खास, लहू जो कि क्रूस से जारी । रास्ती का है खुश लिबास, लहू जो कि क्रूस से जारी ।। ५ दुःख तकलीफ में है पनाह, लहू जो कि क्रूस से जारी । वह है मेरे घर की राह, लहू जो कि क्रूस से जारी ।। ६ मेरे गीत का है जमून, लहू जो कि क्रूस से जारी । मुझको करता है ममनून, लहू जो कि क्रूस से जारी ।। 609 (६०९) Chord - Em | S- Ballad | T-082 कोरसः - तेरे दिल के द्वार पर यीशु खटखटाता] खोलो तुम दरवाजा वह है आना चाहता ।। १ बनना चाहता है वह, हाँ हाँ तेरा ही मेहमान आज, तेरा रंज और फिकर वह उठाना चाहता ।। तेरे दिल--- २ खुशी अपनी देता हाँ-हाँ होवे तू जलाली, रात दिन तेरे साथ ही वह है रहना चाहता ।। तेरे दिल--- ३ तेरे खातिर मैं ने, हाँ-हाँ पहना ताज कंटीला, तुझको अब जलाली, ताज हूँ मैं पहनाता ।। तेरे दिल--- ४ बेवफा न हो तू, हाँ-हाँ मेरे खून खरीदे, कर मेरा इकरार तू, मुझसे क्यों शरमाता ।। तेरे दिल--- ५ खोलता हूँ दरवाजा, हाँ-हाँ दिल का ऐ मसीहा, आ और इसमें रह तू, मैं हूँ दिल से चाहता ।। तेरे दिल--- ६ यीशु प्यारो कहता, हाँ-हाँ कीमती वक्त है जाता, वक्त गया जो प्यारो, वापिस फिर नहीं आता ।। तेरे दिल--- 610 (६१०) १ प्रिय यीशु मसीह के दलवाले, हम सैनिक हैं हम सैनिक हैं, क्रूस कांधे पर रखने वाले, हम सैनिक हैं हम सैनिक हैं ।। २ बस शान्ति देव हमारा है, नम्रता कवच दृढ़ धारा है, रूहानी वस्त्र हमारा है, हम सैनिक हैं हम सैनिक हैं ।। ३ हम नित यीशु पर ध्यान करें, जीवन अपना बलिदान करें, मसीह प्रेम पर हैं मिटने वाले, हम सैनिक हैं हम सैनिक हैं ।। ४ मसीह प्रेम पर वारी जायेंगे, हम सूखे चने चबायेंगे, पीछे नहीं पैर हटायेंगे, हम सैनिक हैं हम सैनिक हैं ।। ५ दुनिया से नाता तोड़ दिया, माया को हमने छोड़ दिया, मन मसीह से अपना जोड़ दिया, हम सैनिक हैं हम सैनिक हैं ।। ६ मुक्ति का यही मार्ग माना, हृदय में यही है प्रण ठाना, आजाद रहें या मर जायें, हम सैनिक हैं हम सैनिक हैं ।। 611 (६११) १ तेरी शीरीन आवाज मैं सुनता हूँ खुदा] बुलाती पास उस चश्मे के सलीब से जो बहा ।। कोरसः - आता हूँ मसीह - आता तेरे पास, धोके साफ कर चश्मे से, जो बहता क्रूस से खास ।। २ आता कमजोर लाचार देख मेरी हालत को, नजासत से कर पाक ओ साफ-कि एक भी दाग न हो ।। ३ मसीह तू बख्शता है - कामिल प्यार ईमान, कामिल उम्मीद और चैन आराम - जमीन पर और आसमान ।। ४ तहसीन कफारे को, तहसीन मुफ्त फजल को, तहसीन मसीह को बख्शीश को अब मिलकर सब कहो ।। 612 (६१२) कोरसः - बोलो जय मिलकर जय बोलो जय यीशु की जय बोलो जय जय जय--- १ प्रेम तेरे की यही रीत, मन में भर दे अपनी प्रीत, तेरे प्रेम के गाएं गीत--- २ क्रूस पर अपना खून बहा, मुझ पापी को दी शिफा, मन मेरे तू बोल सदा--- ३ तेरी कुदरत की यह शान, खुद ही दाता खुद ही दान, पूरे कर मन के अरमान--- ४ खिदमत अपनी ले मुझ से, इस मन्दिर में तू बसे, हिन्द में तेरा नाम रहे--- 613 (६१३) R. S. MANDRELLE. 1905-1973. कोरसः - फुलवारी रे फुलवारी दुनियां प्रभु की फुलवारी ।। १ मेरे पिता प्रभु ने बनाई, हर रंग रंग से रंगाई । आकाश नील अरु नदी झील, देखो प्रभु की गुलकारी ।। २ इस बाग का यीशु माली, करता दिल से रखवाली । है प्रेम सात हरे भरे पोत, मैं हूँ उसकी एक क्यारी ।। ३ सब फूल देते हैं दुहाई, गाते प्रभु की चतुराई, ऐ बागबान मैं गाऊँ गान, बगिया तेरी है सुखकारी ।। 614 (६१४) Onward Christian Soldier १ यीशु के सिपाही आगे कदम मार । कि सलीब है आगे तू न हिम्मत हार । तेरा शाही पेशवा, है यीशु मसीह । उसके झंडे आगे, चलते हैं सरीह ।। कोरसः - यीशु के सिपाही आगे कदम मार । कि है सलीब आगे तू न हिम्मत हार ।। २ इस निशान को देख के, भागता है शैतान । आगे है सिपाही फतह अपनी मान । सना की ललकार से दोजख है लरजा । भाइयों नारा मार कर गाओ खुश इल्हान ।। ३ लश्कर यह कलीसियां, जंग पर चढ़ती हैं । मोमिनीन को याद कर आगे बढ़ती है । हम सब मिलकर भाइयो, एक ही बदन है । एक प्यार और उम्मीद में हम सब एक तन हैं ।। ४ ताज ओ तख्त है फानी राज है बे कियाम । यीशु की कलीसिया रहती है हरदम । यह है उसका वायदा ताकत दोजख की । नहीं हरगिज उस पर कभी होवेगी ।। ५ अब सब कौमों आओ, स्तुति में शामिल हो । नारे मारो गाओ जय जय सब कहो । बादशाह की तारीफ में, यीशु जिसका नाम । आदमी और फिरिश्ते गाते हैं हरदम ।। 615 (६१५) Chord - D | S- Waltz / Ind. | T-126 / 090 कोरसः - सहारा मुझको चाहिये, सहारा दे मुझे खुदा, मुझे सम्भाल मैं गिरा, मुझे सम्भाल मैं गिरा ।। १ कठिन हैं रास्ते बहुत हर एक मोड़ पर खतर, अंधेरे सायों को हटा दिखा दे मुझको अब सहर ।। २ जहाँ के रास्तों पे मैं अकेले चल न पाऊँगा, अगर जो चलना चाहूँ भी, फिसल के गिर मैं जाऊँगा ।। ३ ये बोझ जो गुनाहों का, मैं लेके आज चल रहा, उठायेगा अगर कोई, वो तू ही तो है ऐ खुदा ।। 616 (६१६) कोरसः - आना हमारे संग आना । हो यीशु के दर्शन को (१) १ बैतलहम की नगरी में । आज जन्मा चरनी में । भेंटें तुम्हारे संग लाना ।। हो - आना हमारे २ त्राणदाता जग का है । पुत्र प्रभु के निज का है । मुक्ति हमारे संग पाना ।। हो - आना हमारे ३ दूत गण गौरव गाते । बाल प्रभु को बहलाते । कीर्ति हमारे संग गाना ।। हो - आना हमारे ४ दो खबर यह दुनिया में । प्रेम मूर्ति धरनी में । देने हमारे संग आना ।। हो - आना हमारे 617 (६१७) कोरसः - मोरे मन मन्दिर प्रभु आन बसो । आन बसो, आन बसो, आन बसो । मोरे मन मन्दिर प्रभु आन बसो आन बसो ।। १ टूटा फूटा मन्दिर मेरा घोर पड़ा अंधियारा तुम आओ तो हो उजियारा, मन मन्दिर-- २ छोटा सा मन्दिर मेरा ख्रीष्ट बिना न बसेरा प्रेम कुटी में दो तुम डेरा, मन मन्दिर-- ३ यीशु मेरे मन्दिर आओ प्रेम दिया सुलगाओ ज्योत तुम्हारी अब चमकाओ, मन मन्दिर--

  • The House of God 186-188 | Masihi Geet Sangrah

    ### गिर्जा घर (The House of God) #### 186 (१८६) *S. M. -- Bolyston or Franconia.* *Chord - C | S- Ballad | T-078* १ अब आये गिर्जे में जो घर आराधना का आराधना में लगे रहें और करें हम प्रार्थना ।। २ शिक्षक को शक्ति दे और सुनने वालों को कि सत्यता और आत्मा से आराधना सुन्दर हो ।। ३ प्रार्थना को ग्रहण कर और गीत भी ग्राह्य हो शिक्षा जो अब अवश्य हो तू दे हम सभों को ।। #### 187 (१८७) *“O Lord of hosts whore glory fills.”* *L. M. -- Melcombe or Old Hundred* *J. M. NEALS.* १ हे स्वामी सारी सृष्टि के यह घर हो तेरा अभी से और तेरी आँखें दिन और रात इस ओर हो आशीवाद के साथ ।। २ जब तुझे ढूँढ़े तेरे लोग हो उनकी प्रार्थना ग्रहण योग्य कर दया दृष्टि उन्हीं पर और स्वर्ग के सुन के क्षमा कर ।। ३ जब यहाँ तेरा समाचार उपदेशक करेंगे प्रचार तब आदर पावे तेरा नाम और प्रगट हों आश्चर्य काम ।। ४ जब गीत गा गाके धन्य मान लोग यहाँ करें स्तुति गान तब सुनके उन्हें ग्रहण कर और कुशल हर एक मन में भर ।। ५ वास कर न केवल घर ही में पर हम भी तेरे मंदिर हो नवीन कर हर एक हृदय को कि तेरे योग्य सिंहासन हो ।। #### 188 (१८८) *L. M. Hursley.* १ जब गिर्जे में हम जाते हैं ईश्वर के संमुख आते हैं प्रशंसा उसकी गाने को और आशिष उससे पाने को ।। २ क्या ही पवित्र उसका नाम यह है यहोवा ही का धाम जब उसके निकट जाना है आदर से जानला उचित हैं ।। ३ वह बूझता है हमारे ख्याल वह देखता है हमारी चाल हम डर के साथ झुकावें सिर और गिरे उसके पावों पर ।। ४ हे प्रभु अब उपस्थित हो दे आशिष अपने दासों को जो आपको जानता निरुपाय तू उसकी करेगा सहाय ।।

  • New Year 485 -487 | Masihi Geet Sangrah

    नया वर्ष (New Year) 485 (४८५) J. DUTT. प्रभुवर हम को यह वर दीजै । १ नये वर्ष में तन मन जीवन, सब को नूतन कीजे ।। २ ज्ञान कर्म इन्द्रियगण सारे, अपने वश कर लीजे ।। ३ पाप कुष्ट इव ताहि निवारण, दया दृष्टि कर छीजे ।। ४ फटे चीर सम हृदय को, प्रेम ताग सो सीजे ।। ५ खोलत हम मन द्वार पधारिये बसिये असिये पीजे ।। ६ जस तुम पितु से अरु पितु तुम में, तस प्रभु हम में जीजे ।। ७ शुद्ध भक्ति अरु सिद्ध परमगति, दास अधम को दीजे ।। 486 (४८६) “Father let me dedicate” 7. 5. 7. 5. D. Dedicate. L. TUTTIETT. Chord - D# | S- Ballad | T-082 १ पिता अपने को अर्पण करूँ मैं इस साल तेरी सेवा में हर क्षण बीते मेरा काल नहीं करता हूँ विनय सारे दुःख मिटा मेरी यही बिन्ती है “तेरी हो महिमा” ।। २ बालक क्या चुन लेता है अपने बास का स्थान बाप क्या नहीं देता है सब से अच्छा दान तुझ से उत्तम वर मुझे मिलते हैं सदा सब कुछ पाऊँगा जिस से “तेरी हो महिमा” ।। ३ अभी जो कुछ मेरा है यदि साथ रहे बढ़ता जाय भी सुख संचय तेरी दया से हर्षित हो मैं तन मन धन अर्पण करूँगा गाऊँगा मैं हो प्रसन्न “तेरी हो महिमा” ।। ४ यदि पड़े क्रूस का कष्ट दब के गिरूँ तब यदि हो सब आनंद नष्ट घर में शोक हो जब प्रभु जी के दुःख का भार स्मरण रखूँगा मांगूँ यही वर बार बार “तेरी हो महिमा” ।। 487 (४८७) 8. 7. 8. 7. Batty or Marines. १ हाल्लेलूयाह प्रभु मेरे तेरा धन्य मैं मानता हूँ और एक साल मैं द्वारा तेरे कुशल क्षेम से रहा हूँ ।। २ जो कुछ तेरी ओर से आया मेरे लिये भला था दुःख और सुख जो मैं ने पाया दान है तेरी कृपा का ।। ३ क्षमा कर हे कृपा सागर जितने मेरे दोष अपराध तू ही सकल गुणसागर तेरी दया है अगाध ।। ४ नये साल में मेरी सुध ले दिन दिन प्रीतम प्राण के साथ रक्षा कर और कुशल चैन दे सदा रह तू मेरे साथ ।। ५ दिन और साल तो बीतते जाते तू हे ईश्वर है अचल आदम जात सब मरते जाते तू ही रहता है अटल ।। ६ अपनी शरण नये साल में तुझी को ठहराया है जीते मरते दुःख और सुख में यीशु मेरा आसरा है ।।

  • 463-484 | Masihi Geet Sangrah

    463 (४६३) 8. 8. 8. 8. 7. Lasst Mich Gehen. १ क्या सदा क्या सदा धूल में रहूँगा सदा नहीं जो शरीर यह गड़े ओ समाधि भीतर सड़े तौभी वह जी उठेगा ।। २ गोर का द्वार गोर का द्वार तोड़कर यीशु ने उद्धार अनंत जीवन मुझे दिया उसने मृत्यु को हराया मृत्यु तेरी जय कहाँ ।। ३ धन्य समय धन्य समय देह जब फिर जी उठता है तब हम दुःख और सकल व्याधि और वह गोर के भीतर सड़े छोड़कर करेंगे जय जय ।। ४ तब निहाल तब निहाल रहेंगे हम अनंत काल सब वियोग से शोकित होना सकल हाय हाय मारना रोना उस समय होगा बन्द ।। ५ आश्चर्यमान आश्चर्यमान तेज स्वरूप ओ ज्योतिमान तब तो होगी देह हमारी आगे वह न मरनेहारी बरन ख्रीष्ट की देह समान ।। ६ अपने साथ अपने साथ हम को चैन हमारा नाथ स्वर्ग में देगा कि हम गावें उसकी स्तुति और बढ़ावें उसकी नाम संतों के साथ ।। ७ कर विश्वास कर विश्वास प्रिय प्राण जो है उदास ढाढ़स बांधो पिता माता रोदन थामो बहिन भ्राता होगा पुनर भेंट प्रकाश ।। 464 (४६४) 8. 8. 8. 8. 7. Lasst Mich Gehen. GUSTAV KNACK 1806-1878. १ कब मैं जाऊँ कब मैं जाऊँ यीशु को कब देखने पाऊँ उस के चरणों पर सिर धरना उसके पास ही नित ठहरना अपने मन से चाहता हूँ ।। २ सत्य प्रकाश सत्य प्रकाश जो अन्धकार को करता नाश कब मैं वहां पहुँचूँगा जहां तेरा मुँह मैं देखूँ मेरे मन के अभिलाष ।। ३ कैसा मीठा कैसा मीठा स्तुतिमान है दूतों का यदि पंख हमारे होते उड़ते हुए जल्द यहां से जाते हम सैहून पहाड़ ।। ४ उत्तम देश उत्तम देश तेरे फल हैं क्या विशेष अपने पास हे प्रिय प्रभु हम को स्वर्ग में स्थान तू दे परमधाम ही में प्रवेश ।। 465 (४६५) “O think of the home over there.” P. M. S. S. S. 42. D. W. C. HUNTINGTON. १ कर याद कि एक घर है उस पार सुन्दर जीवन की नदी के पास जहां संत लोग सब पाके उद्धार नित्य करते हैं हर्ष से निवास सुन्दर घर सुन्दर घर कर याद कि एक घर है उस पार ।। २ कर प्यारों को याद जो उस पार हम से पहिले पहुँच गये हैं कि वे गाते हैं ईश्वर का प्यार और आनंद से बिताते समय यर्दन पार यर्दन पार कर याद कि हैं प्यारे उस पार ।। ३ उद्धार कर्त्ता रहता उस पार हैं सब भाई और बन्धु वहाँ छोड़ के रंज और सब दुःखों का भार उनके पास मैं उस पार जाऊँगा मैं उस पार जाऊँगा उन के पास जो हैं गये उस पार ।। ४ अब जाऊँगा जल्दी उस पार जीवन यात्रा का अन्त दिखता है मेरे प्यारे जो गये उस पार मेरे आने की बाट जोहते हैं जोहते हैं जोहते हैं मेरे आने की बाट वां उस पार ।। 466 (४६६) 11. 11. 11. 11. 8, 11. Wo Findet. १ कहाँ पाता है मेरा प्राण सुख विश्राम कौन चैन देगा मुझे और क्लेश से विराम न कहीं मैं पाऊँगा ऐसा आश्रय जहां न पाप न मरण होता है नहीं नहीं इस लोक में ना वह आनंद जो रहे सदा सर्वदा ।। २ हे प्यारो संसार को छोड़ देकर प्रस्थान कर ईश्वर के मार्ग पर तो पाओगे त्राण यरुशलेम स्वर्ग का चमकीला अपार वह है अनन्तकाल लों प्राण निमित्त आधार हाँ हाँ हाँ हाँ केवल वहाँ है दुःख से शुभ शरण ओ आनंद सदा ।। ३ आह कैसा सुखदायक है स्वर्गीय निधान पाप मृत्यु शोक व्यथा वहां हैं अनजान संत लोगों का भजन और सुन्दर जो गान सो करेगा हर्षित सदा मेरा प्राण वाह वाह वाह वाह कब जाऊँगा यहाँ से कि स्वर्ग में मैं रहूँ सदा ।। ४ तो चलो हे भाइयो समीप है विश्राम कुछ देरी के पीछे प्राप्त होगा स्वर्गधाम यहाँ हमको लड़ना और दुःख सहना है पर स्वर्ग में हम पायेंगे आनंद और जय जय जय जय जय निरंतर जय हम जो लेते मसीह पास आश्रय ।। 467 (४६७) “When this passing world is done” R. M. CHEYNE. 1813-43. १ जब आ जावे महा कष्ट जब यह जगत का होगा नष्ट जब मैं स्वर्ग में उतरुं पार पाऊँ सदा का निस्तार तब ही प्रभु समझ लूँ तेरा कितना धारता हूँ ।। २ तेरे पास खड़ा हूँ महिमा जब पहिनूँ देख तेरा तेज अपार निर्मल मन से करूँ प्यार तब ही प्रभु समझ लूँ तेरा कितना धारता हूँ ।। ३ जब मैं सुनूँ स्वर्ग का गान उठता हुआ गर्ज समान पानी का सन्नाटा सा शब्द जो मीठा बीन का सा तब ही प्रभु समझ लूँ तेरा कितना धारता हूँ ।। ४ जग में भी ज्यों ऐने में तेरी महिमा देख पड़े क्षमा ऐसी मीठी हो आत्मिक शक्ति प्रबल हो कि यहाँ कुछ समझ लूँ तेरा कितना धारता हूँ ।। ५ मेरी निज की न भलाई क्रोध से भागने को जगाये ख्रीष्ट के पांजर में गुप्त हो आत्मा से भी शोधित हो नित्य सिखा कि बताऊँ तेरा कितना धारता हूँ ।। 468 (४६८) “Hush ! blessed are the dead” 6s. Dolomite Chant. १ हैं धन्य वे ही मृतक जो मरते प्रभु में कि करते हैं विश्राम अब अपने कार्यों से ।। २ दर्शन बिन परदे का वे सदा पाते हैं सत ईश्वर ज्योतिर्मय वे देखते रहते हैं ।। ३ वे इस दुःख सागर से अब छूट के निकले हैं न दुःख न पीड़ा को फिर कभी जानेंगे ।। ४ अच्छा गड़रिया उन्हें रखता है वह अमृत पानी के तीर पर ले चलता है ।। ५ न उन्हें, पर हम को आँसू बहाना है हां उन के मरने से हम दुःखित हैं निश्चय ।। ६ हम शोक से रोते हैं सुधि क्योंकर मिटेगी न हम पर दोष लगा कि रोया यीशु भी ।। ७ पर अन्तिम दिन को जब लौट आवे मेरा साथ हम सब आनंद से फिर मिल रहेंगे एक साथ ।। 469 (४६९) “There is no night in heaven” १ न रात है स्वरग में उस लोक में तेजस्वी थकावट काम में न होगी कि काम भी प्रेम है ही ।। २ न दुःख है स्वर्ग में सुख सदा रहेगा न आँसू नई सृष्टि में कभी देख पड़ेगा ।। ३ न पाप है स्वर्ग में देख भीड़ सब संतों की पवित्र है नित्य उनका गीत पवित्र वस्त्र भी ।। ४ न मौत है स्वर्ग में वहाँ जो रहेंगे सो अमर होवेंगे जयवंत वे फिर न मरेंगे ।। ५ हे यीशु अगुवा हो कि योंही हम चलें कि दुःख पाप और मृत्यु पार उस लोक में जा रहें ।। 470 (४७०) “8. 7. 8. 7. Evening Prayer or Galilee.” १ मनुष्य धूल है घास का फूल है शीघ्र वह मर जाता है आज वह आता कल वह जाता फूल सा वेग मुरझाता है ।। २ क्या धनवान हो क्या कंगाल हो दोनों मौत उठाती है बलवन्तों और निर्बलों को दोनों को गिराती है ।। ३ स्वर्गीय पिता सब बुराई दूर कर मेरे मन में से बुद्धिमानी और तैयारी न्याय के दिन को मुझे दे ।। 471 (४७१) “When all my labours and trials are o'er.” CHARLES H. GABRIEL, 1850-1932. १ मेरा दुःख धन्धा जब हो चुकेगा कुशल से स्वर्ग जब पहुँच जाऊँगा यीशु के साथ जब रहूँगा सदा मुझे तब होवेगा पूरा आनंद कोरस :- पूरा आनंद पूरा आनंद पूरा आनंद पूरा आनंद जब उसके मुख को मैं देख पाऊँगा मुझे तब होवेगा पूरा आनंद ।। २ मुझको जब स्वर्ग में एक रहने का स्थान दया से यीशु करेगा प्रदान प्रभु की वाणी जब सुनेंगे कान मुझे तब होवेगा पूरा आनंद ।। ३ मेरे सब प्यारे मिलेंगे मुझे जगत के बोझ मुझ से दूर होवेंगे जब तारणहार मुझ पर दृष्टि करे तब उससे पाऊँगा पूरा आनंद ।। 472 (४७२) “Jerusalem my happy home” C. M. ― St. Fulbert. F. B. P. १ यरुशलेम तू है सुखधाम मनोहर मीठा नाम कब तुझ में जग के संकट से मैं पाऊँगा विश्राम ।। २ कब तेरी सुन्दर भीतों को और बाहर रतन द्वार सुनहली सड़क देखूँगा और पाऊँगा उद्धार ।। ३ हाँ कब मैं तुझ में बसूंगा हे ईश्वर के सुख धाम जहां न पाप न मृत्यु है न पीड़ा शोक न घाम ।। ४ जहाँ सनातन आनंद और कुशल क्षेम सदा है आह तुझ में मुझे जाना है पर दिन कब आवेगा ।। ५ संतों की मंडली है वहाँ और संग है यीशु नाथ और मेरे प्यारे भी अनेक वहाँ हैं उनके साथ ।। ६ मैं तेरी लालसा रखता हूँ हे ईश्वर के सुखधाम जब तेरा हर्ष मैं देखूँगा मैं करूँगा विश्राम ।। 473 (४७३) “Here we suffer grief and pain” १ हम यहाँ दुःख सहते हैं कि एक साथ न रहते हैं स्वर्ग लोक है मेल का स्थान । तब हम करें खुशी खुशी खुशी खुशी जब हम जब ही मिलके अलग फिर न होवेंगे ।। २ सब जो चाहते यीशु को उनका जब कि मरना हो स्वर्ग लोक को जावेंगे । ३ खुशी तब मनावेंगे जब हम देखने पावेंगे ख्रीष्ट को सिंहासन पर । ४ तब एक मन और एक ही स्वर गावेंगे हम खुशी कर यीशु मसीह की जय ।। 474 (४७४) “Asleep in Jesus” L. M. - Rest. MRS. MARGARET MACKY, 1832. १ मसीह में सोये श्रेष्ठ आराम उठकर न करेगा विलाप एक शान्त निश्चित निडर विश्राम दूर हुआ पाप का सारा श्राप ।। २ मसीह में सोये महा सुख कि इस आराम के योग्य हो कि साथ निश्चय के गा सकें मसीह ने मारा मृत्यु को ।। ३ मसीह में सोये शान्त आराम उठकर पाओगे परमानन्द उस के पराक्रम के समय होंगे हर व्याधि से निर्बन्ध ।। ४ मसीह में सोऊ मुझे भी यह उत्तम आश्रय मिल सके कि पुनरुत्थान के समय लों यह देह विश्राम से सोयेगा ।। ५ मसीह में सोये तुझ से दूर जो तेरे प्यारे पड़े हों तौभी है तेरा श्रेष्ठ आराम जी उठके देखेगा उनको ।। 475 (४७५) “The sands of time are sinking” 7. 6. 7. 6. D. Rutherford. ANNE ROSE CAUSIN, 1824-1906. १ संसार का दिन ढल जाता और स्वर्ग का बिहान जिस भोर की आश मैं रखता वह भोर अब हैं ज्योतिमान रात थी बहुत अंधेरी अब करता दिन प्रवेश और विभव विभव रहता इम्मानुएल के देश ।। २ मसीह है प्यार का सोता उस जल की क्या मिठास संसार में मैं ने चखा पर स्वर्ग में बुझती प्यास वहाँ एक बड़ा सागर उसका प्रेम अशेष और विभव विभव रहता इम्मानुएल के देश ।। ३ मसीह है मेरा प्यारा वह मुझ से रखता प्रेम जौनार के घर में लाता अशुद्ध और दुराचार मैं उस पर रखता आस्रा पूर्ण होगी आश विशेष जहां वह विभव रहता इम्मानुएल के देश ।। ४ दुलहिन तो अपने भेष पर लगाती नहीं ध्यान वह विभव नहीं ताकती पर वह लोहू लुहान न आँख लगाती ताज पर हाथ छिदे हैं विशेष मेम्ना है सारा विभव इम्मानुएल के देश ।। ५ जीवन के थान में उसने विचार से बुना क्षेम और शोक की ओस पर सदा चमकता उसका प्रेम जिस हाथ ने ठीक चलाया जिस चित से था उपदेश उन को मैं नित्य सराहूँ इम्मानुएल के देश ।। ६ मैं स्वर्ग की ओर हूँ ताकता जब चली बयार प्रचण्ड अब थके पथिक नाईं जो टेकता अपना दण्ड आयु के संध्या समय ज्यों मौत का है संदेश मैं विभव उदय ताकता इम्मानुएल के देश ।। 476 (४७६) 8. 7. 8. 7. 8. 8. 7. Luther's Hymn. JOSHUA STEGMANN. १ हे मौत अब तेरा डंक कहाँ कहाँ परलोक जय तेरी शैतान अब हम से करे क्या चाहे शक्ति हो घनेरी परमेश्वर ही ने किया है हमारे लिये उत्तम जय ख्रीष्ट यीशु ही के द्वारा ।। २ सांप कैसे फनफनाता था जब यीशु उससे लड़ा छल बल से उस पर आता था पर उससे मारा गया हां ख्रीष्ट की एड़ी डसने से वह पा न सका उस पर जय सिर सांप का कुचला गया ।। ३ ख्रीष्ट वैरीयों पर जयवंत हो पाताल से निकल आया और मौत को भी हराया मृत गोर को भी हराया अब कोपित होवें सारे दल शैतान और उसका पूरा बल जयवंत मसीह हो गया ।। ४ ख्रीष्ट यीशु मौत में पड़ा था पर देख फिर जीवित भया अब जीवे उसके अंग सदा जब सिर जिलाया गया जो यीशु पर विश्वास करे न रहेगा वह कबर में वह जीवे जोभी मरा ।। ५ जो दिन दिन उठे ख्रीष्ट के साथ पाप मौत से मन फिरावे न होगा उस पर मौत का हाथ न उस पर आने पावे ख्रीष्ट ने मौत को किया क्षय वही निर्दोषता लाया है अमरता अनंत जीवन ।। ६ ये हैं निस्तार के पर्व के दान ख्रीष्ट यीशु ही के द्वारा कि मुक्ति आनंद और कल्याण अब है सदा हमारा सो बाट हम जोहें धीरज से जब लों न महा दिवस में हमारे देह जी उठें ।। 477 (४७७) Bhajan Tunes No. 121. PRABHU DAS अपना कोई नहीं है जी ।। बिना प्रभु यीशु हर्गिज मुक्ति नहीं है जी । १ धन जोबन का गर्व न कीजै सिर पर मौत न मानी । इक दिन ऐसा होगा बन्दे तू डूबे बिन पानी ।। २ मानुष चोला हुआ पुराना कब लग सीवे दरजी । दुःख का भंजन कोई न मिलिया जो मिलिया सो गरजी ।। ३ जब लग तेल दिया में बाती जग मग जग मग हो रही । जल गय तेल निपट गई बाती ले चल ले चल हो रही ।। ४ माटी ओढ़ना माटी बिछौना माटी का सिरहाना । इक दिन ऐसा होगा बन्दे माटी में मिल जाना ।। ५ सदा न बाग में बुलबुल बोले सदा न बाग बहारा । सदा न रहती हुस्न जवानी सदा न सुहबत यारां ।। ६ माई कहे यह पुत्र हमारा बहिन कहे बिर मेरा । भाई कहे यह भैया हमारा नारि कहे नर मेरा ।। ७ तीन दिना तेरी तिरिया रोवे जीवे जब लग माता । मरघट तक तेरा कुटुम्ब कबीला हंस अकेला जाता ।। ८ घर की तिरिया झुर झुर रोवे बिछुड़ गई मेरी जोड़ी । प्रभुदास उठ के यों बोले जिन जोड़ी तिन तोड़ी ।। ९ दुःख की गठरी सिर पर भारी जाकर कहाँ उतारी । यीशु जी ने हांक पुकारी दुःख की गठरी टारी ।। 478 (४७८) H. T. B. 22 अस घर जग में कोई नहीं । जिस घर मैं न जाती हूँ ।। १ ताक लगाये हाजिर रहती । जिधर इशारा पाती हूँ ।। २ जिसे बुलाता साईं मेरा । मैं ही लेने जाती हूँ ।। ३ हुक्मी चेरी मैं हूँ उस की । तुरतहि हुक्म बजाती हूँ ।। ४ लोहा लकड़ी कछु नहि लाती । चुपके तीर चलाती हूँ ।। ५ डरती कभु न फिराऊन से । खुले खजाने आती हूँ ।। ६ भाई भतीजे रोवत पीटत । मात पिता से छुड़ाती हूँ ।। ७ जो कोई है शैतान का बन्दा । नरक उसे ले जाती हूँ ।। ८ यीशु मसीह के बलिबलि जाओ । निर्बल तुम्हें बताती हूँ ।। 479 (४७९) Bhajan Tunes No. 23 or 24. HINGAN. जगत में ना निश्चय पलकी । १ सुमरण करिये प्रभुहि सुमरिये, को जाने कलकी ।। २ हंस रहे जौलोग घट भीतर, हरख रहे दिल की ।। ३ हंस निकल जब जावे घट से, माटी भूतल की ।। ४ कौड़ी कौड़ी वित्त बटोरे, बात किये छल की ।। ५ भारी गेठ धरे सिर ऊपर, क्योंकर हो हल्की ।। ६ सांझ पहर दिनकर जस छीजे, जोत झला झलक ।। ७ आयुर बल झट बीतत तैसे, बिजली जस दमकी ।। ८ काम क्रोध मद माया तजि के, कुटिल बात खलकी ।। ९ सेवक यीशु चरण पर निहुरत, सुनिये निरबल की ।। 480 (४८०) Bhajan Tunes No. 82. NAINSUKH. जो तुम जीवो तो करलो विचारा, यीशु है मेरो सृजनहारा ।। १ जीवन मरन यही संसारा, यीशु नाम से होत उधारा ।। २ मातु पिता दुःख देखनहारे, कोई नहीं दुःख बांटनहारा ।। ३ बेटी बहिन अरु घर की नारी, रोवत विलपत सब परिवारा ।। ४ लोग बाग सब सोचन लागे, हंस कहां गया बोलनहारा ।। ५ अबही चेतो हे अभिमानी, काल सिरहाने आय पुकारा ।। ६ उठ रे पापी तोहि बुलाई, अगिन जहां नहीं बूझनहारा ।। ७ यीशु के लोग जहां जात होई, सुनत नहीं यह बोल करारा ।। ८ धर्मरूप तब कहत सुनाई, चलिये प्रभु दर्शन को प्यारा ।। 481 (४८१) Bhajan Tunes No 46. JOHN CHRISTIAN. मन मरन समय जब आवेगा, मन मरन समय । १ धन संपत्ति अरु महल सराये, छुटि सबै तब जावेगा ।। २ ज्ञान मान विद्या गुण माया, केते चित्त उरझावेगा ।। ३ मृगतृष्णा जस तिरखित आगे, तैसे सब भरमावेगा ।। ४ मातु पिता सुत नारी सहोदर, झूठे माथ ठठावेगा ।। ५ पिंजर घेरे चहुँदिश विपिन, सुगवा प्रिय उड़ जावेगा ।। ६ ऐसो काल शमशान समाना, कर गहि कौन बचावेगा ।। ७ जान अधम जन जौं विश्वासी, यीशु पार लगावेगा ।। 482 (४८२) H. T. B. 70. PREM DAS. रहेगा हंसा चार दिना जग माहीं । १ मुक्ति गहन जनि बारि लगाओ । घटत दिवस अब जाहीं ।। २ पथिक नींद अस यह संसारा ।। छन सोवत पथ माहीं ।। ३ दारा पति सुत बन्धु सजाती । साथी ये सब नाहीं ।। ४ जो तुम पाप कियो तन मन से । बांट न लेहीं ताहीं ।। ५ धन्य दयालु पिता परमेश्वर । प्रेम असीम दिखाहीं ।। ६ पापिन भार उतारन कारण । निज सुत जगत पठाहीं ।। ७ दास आस निज तापर राखो । पाप श्राप नट जाहीं ।। 483 (४८३) H. T. B. 105 J. UMRAIL. १ जरा टुक सोच ऐ गाफिल कि क्या दम का ठिकाना है । निकल जब ये गया तन से तो सब अपना बिगाना है ।। २ मुसाफिर तू है और दुनिया सरां है भूल मत गाफिल । सफर मुल्क-इ-अदम आखिर तुझे दरपेश आना है ।। ३ लगाता है अबस दौलत पै क्यों तू दिल को अब नाहक । न जावे संग कुछ हरगिज यहीं सब छोड़ जाना है ।। ४ न भाई बन्ध है कोई न कोई आशना अपना । बखूबी गौर कर देखा तो मतलब का जमाना है । ५ लगा रह याद में हक की अगर अपनी शफा चाहे । अबस दुनिया के धन्धों में हुआ गुल क्यों दिवाना है ।। 484 (४८४) H. T. B. 103. SHUJAAT ALI. १ सुनो ऐ जान इ मन तुम को यहां से कूच करना है । रहो तुम याद-इ-हक्क में जब तलक यहां आबदाना है ।। २ अरे गाफिल तू क्यों भूला है इस दुनिया के लालच में । रखो कुछ खौफ भी हक का अगर जन्नत को जाना है ।। ३ करो टुक गौर दिल में कहा क्या क्या तुम्हें उसने । किया था हुक्म जो हक ने उसे तुम ने न माना है ।। ४ पड़े सोते हो गफलत में जरा टुक आँख को खोलो । हुई है शाम उठ बैठो मुसाफिर घर को जाना है ।। ५ न दौलत काम आयेगी न इस दुनिया से कुछ हासिल । अगर तुम सोचकर देखो यह सब कुछ छोड़ जाना है ।। ६ जो मलक-उल-मौत आवेगी तुम्हें इस जां से लेने को । बहाना क्या करोगे तुम वह तुम से भी सियाना है ।। ७ खुदा जब तुम से पूछेगा तू क्या लाया उस आलम से । दिया था उमर और दौलत तो क्या तुहफा कमाया है ।। ८ अगर गाफिल रहे हक से तुम्हें दोजख में डालेगा । रहे हो याद में हक की तो जन्नत घर तुम्हारा है ।। ९ हयात अब दी अगर चाहो तो कह यीशु मसीह से तू । वही शाफी है उम्मत का कि जिसका नाम यीशु है ।। १० सलीब ऊपर उसे रखकर किया है कत्ल जालिम ने । उसे मत भूल ऐ आसी वही तेरा ठिकाना है ।।

  • Courage and Victory 403-415 | Masihi Geet Sangrah

    403 (४०३) Psalm 121 10. 4. 10. 4. 10. 10. Sandon. १ उठा के आँखें ओर पहाड़ों की आशा रखूँ मेरी सहाय कहाँ से आवेगी किससे मांगू यहोवा ही से है सहाय मेरी पृथ्वी और स्वर्ग का कर्त्ता वही ।। २ वह तेरे पांव को फिसलने कभी न देवेगा जो किया करता तेरी रखवाली न ऊँघेगा देख इस्राएल की करता जो रक्षा न ऊँघता है न कभी सोवेगा ।। ३ निरंतर करता तेरी रखवाली परमेश्वर ही खड़ा है तेरे दाहिने हाथ पर भी आशा वही न दिन को धूप कर देगा तुझे घात हानि तेरी चांद करेगा रात ।। ४ हर एक विपत्ति से परमेश्वर ही बचावेगा पूरे कल्याण से तेरे प्राण को भी वह रखेगा हां तेरे आने जाने में रक्षा यहोवा अब से सदा करेगा ।। 404 (४०४) “Whom have I Lord in heaven” P. M. -- S. S. 845. R. GEORGE HILLS. १ कौन मेरे लिये स्वर्ग में है तू मसीह मेरा ही यह मेरा गीत तो रहता है प्रभु जी मेरा ही मेरा उद्धार तो हो चुका प्रभु ने प्राण को दे दिया मेल भी कराया सदा का प्रभु जी मेरा ही ।। २ मैं नहीं चाहता सुखविलास प्रभु जी मेरा ही न सारे जगत का हुलास प्रभु जी मेरा ही इस जग का सुख न ठहरेगा फूल के समान वह सूखेगा पर मेरा सुख न मिटेगा प्रभु जी मेरा ही ।। 405 (४०५) “I need Thee precious Jesus.” 7. 6. 7. 6. D. Ewing or Aurelia. १ ख्रीष्ट है आवश्यक मुझे मैं बड़ा पापी जन मन मेरा हैं अंधेरा और पाप से भरा तन यीशु के रक्त से केवल तन मन की शुद्धि है इस कारण ही से ख्रीष्ट की हर पल दुहाई है ।। २ ख्रीष्ट है आवश्यक मुझे मैं बहुत आज्ञाहीन यात्री और परदेशी अनाथ हूँ और दीन हीन हे ख्रीष्ट यह तेरी दया नित रहे मेरे साथ दे शक्ति मेरे पांव को और थाम ले मेरा हाथ ।। ३ ख्रीष्ट है आवश्यक मुझे वह प्रीतम है मन का सहायक रक्षक मेरा और आज्ञा सदा का सम्भालता है वह मुझे जब दुख का समय है और ख्रीष्ट के मन में मेरी नित चिन्ता रहती है ।। ४ ख्रीष्ट है आवश्यक मुझे वह यीशु प्यारा तात जल्द देखूँगा मैं उसका स्वर्ग लोक में मुख साक्षात प्राचीन और दूत और संतगण जो करते स्तुति गान मैं उन में जल्दी मिलके नित्य करूँगा सन्मान ।। 406 (४०६) “When upon life's billows.” IIs. -- S. S. S. 745. G. S. MANDRELLE. 1901-1953. Chord - D | S- Ballad | T-078 १ जीवन में जब आँधी तुम पर चलती है और जब तुम निराश हो कि सब होता क्षय गिनो सारी आशिष गिनो नाम ब नाम और तुम विस्मित होगे देखकर ख्रीष्ट के काम ।। कोरसः- आशिष गिनो गिनो नाम ब नाम आशिष गिनो देखो ख्रीष्ट के काम आशिष गिनो गिनो नाम ब नाम और तुम विस्मित होगे देखकर ख्रीष्ट के काम ।। २ चिंता का जब तुम पर अधिक बोझ पड़े और जब क्रूस का भार असह्य जान पड़े तब तुम गिनो आशिषें वे कितनी हैं और तुम गीत गा गा कर रहोगे निर्भय ।। ३ औरों के जब खेत और धन को देखते हो तुम को होगा धन मसीह का सदा को गिनो सारी आशिष जो हैं बिना दाम स्वर्ग में आनंद होगा और विभूषित धाम ।। ४ सो इस युद्ध में स्मरण रखो हर समय ढाढ़स तुम न हारना ईश्वर सब पर है सब आशिषें गिनो दूतगण नित्य हैं पास यात्रा भर वे देते हैं सहाय और आस ।। 407 (४०७) “Look away to Jesus.” 6. 5. -- S. S. S. 409. H. BURTON. १ ताक मसीह की ओर तू दुःखी से जो उदास दुःखी वह भी हुआ आ तू उसके पास तेरा दुःख उठाया उस ने अपने पर ताक मसीह की ओर आसरा उस पर धर ।। २ ताक मसीह की ओर तू युद्ध में लड़नेहार कठिन हो लड़ाई झेलम हो तैयार बैरी बहुत होवें कुछ भी होवे भय ताक मसीह की ओर तू देवेगा वह जय ।। ३ ताक मसीह की ओर तू कुशल के समय जागता रह कि सुख में जोखिम बड़ा है कुशल इस संसार का बीतने वाला है ताक मसीह की ओर तू वही अटल हैं ।। 408 (४०८) “Oft in danger, oft In Woe.” 7s. Innocents or weber. HENRY WHITE, 1785-1996. १ दुःख में सुख में चलना हो आगे बढ़के भाइयो लड़ते रहो ढाढ़स से शक्ति लेके प्रभु के ।। २ बढ़ो आगे भाइयो युद्ध में खड़े नित्य रहो भय के साथ क्यों भागोगे प्रभु को न जानोगे ।। ३ मन तुम्हारा निर्बल हो स्वर्गीय झिलम पहिन लो अब तो तुमको लड़ना है पीछे पाओगे विजय ।। ४ दुःख से आँख न धुंधली हो पोंछो हर एक आंसू को बड़ी हो आवश्यकता बल अवश्य मिलेगा ।। ५ आगे बढ़ते चलियो जयवंत होगे भाइयो बैरी होवें बहुत से चलो साथ ही प्रभु के ।। 409 (४०९) “O, for a faith that will not shrink.” C. M. Evan or St. Peter. MRS. H. BATHURST. 1831. १ दे मुझ को प्रभु दृढ़ विश्वास जो रहेगा निर्भय बैरी जब आते मेरे पास और कष्ट भी होता है ।। २ जो नहीं कुड़कुड़ावेगा जब ताड़ना होती है पर ईश्वर ही पर टिकेगा सब क्लेशों के समय ।। ३ ऐसा विश्वास जो बढ़ेगा जब आँधी भी चले जोखिम में नहीं डरेगा न करेगा सन्देह ।। ४ जो सकरे मार्ग को धरेगा जब तक कि प्राण रहे और मरणकाल में चमकेगा उस स्वर्गीय ज्योति से ।। ५ ऐसा विश्वास हे प्रभु फिर हो जो होवेगा मैं भागी होऊँगा आनंद में जो स्वर्ग में मिलेगा ।। 410 (४१०) “True-hearted, whole-hearted.” 11.10s. -- 5. S. S. 602. FRANCIS R. HAVERGAL, 1836-1879. १ दृढ़ और विश्वासी हे राजा हमारे तेरी सहाय से हम होंगे सदा तेरे सहारे हम लड़े बराबर झंडे को तेरे हम आगे बढ़ाए ।। कोरस :- चुपके न रहो जोर से ललकारो गावें आनंद से उसकी महिमा दृढ़ और विश्वासी हे राजा हमारे तेरी सहाय से हम होंगे सदा ।। २ दृढ़ और विश्वासी हे राजा हमारे सदा लों मानेंगे आज्ञा तेरी हो आज्ञाकारी परिश्रमी हम करें आनंद और हर्ष भरे मनों से भी।। ३ दृढ़ हम रहें प्रभु दशा हमारी जानता तू कैसे हम मन के निर्बल पापी और कच्चे पर तू है शुद्धकारी पाप से और छल से कर हम को निर्मल ।। ४ रहें विश्वासी हम हे प्रभु यीशु अपने निज सामर्थं से हम को संभाल मन अपने सौंपते हैं तेरे ही हाथ में तेरे हम हैं प्रभु प्यारे रखवाल ।। 411 (४११) “O Thou from Whom all goodness flows.” C. M. -- St. Peter or Even. T. HAWEIS. १ हे प्रभु इस संसार का सुख जो मुझे तू न दे तौभी जब मुझ पर आवे दुःख तब मेरी सुन तू ले ।। २ संतुष्ट तू मेरे मन को कर हर खेद से तू छुड़ा अनुग्रह अपना मुझ में भर सब पापों से बचा ।। ३ भरोसा मेरा तुझी पर हो प्रभु हर समय तू दूर कर सारी चिंता डर और मुझे रख निर्भय ।। 412 (४१२) Bhajan Tunes No. 75. 76. कौन करे मोहि पार तुम बिन । १ टूटी नाव तूफान है भारी । कैसे मैं उतरुं पार ।। २ थरथरात तन निर्बल मानस । कैसे मैं उतरुं पार ।। ३ तैरि न जानूं जन्महि से मैं । पड़ा सिन्धु मझधार ।। ४ नौका पार पहुँचि है तब ही । प्रभु पकड़ पतवार ।। ५ तुम बिन औरन मोहि भरोसा । तुमहि करैया पार ।। ६ ईश्वर एक जो एकहि भेज्यो । मुक्ति दान अधिकार ।। ७ भूमि स्वर्ग बीच केवल यीशुहि । नाम है तारणहार ।। 413 (४१३) DIN DAYAL. कोः- मसीही क्रूस का झंडा हमारे साथ में होगा । सरल साधन दिखाने को हमारे पास में होगा ।। १ मुसीबत क्लेश दुःख पीड़ा रखेंगे घेर जब सारे । छुड़ा उन से बचाने को हमारे पास में होगा ।। २ प्रबल जब शत्रु होवेंगे, सताये जायेंगे हम सब । विजय उन पर दिलाने को हमारे पास में होगा ।। ३ हमारी आयु में “दीनन” हमारे साथ में हर दम । हमें सुख से चलाने को हमारे पास में होगा ।। 414 (४१४) DIN DAYAL. कोः- मुझ को प्रभु कभी न तुम पास से हां दूर करो । बल्कि सदा साथ में रख शक्ति से भरपूर करो ।। १ जब कि प्रभु क्लेश में मैं, दुःख से कल्पता होऊँ । पास में आ हाथ से तुम, दुःख मेरे तुम दूर करो ।। २ जब विषय अब के मुझे, घेर लें और जोर करें । तब हे प्रभु मुझ को बचाने को, उन्हें दूर करो ।। ३ भूल से हाय कभी तुझ को बिसर जाता हूँ । “दीन” विनय तौभी प्रभु, माफ तुम कसूर करो ।। 415 (४१५) Bhajan Tunes. No. 59. JOHN PARSONS. यीशु दयानिधि सुमरौ प्यारो, संकट शोक हरैया ।। १ बिपत समय तुम वाहि पुकारो, वह दुःख भंजन भैया ।। २ बहु दुःख माहि काम वहि आये, पुनि वहि काम अवैय्या ।। ३ वा पर सकल भरोसा राखो, सब को ज्ञान दिवैया ।। ४ सगरो अघ दुःख हारक यीशु, अस को मुक्ति करैया ।। ५ तन मन सान्त्वन बातें मिलही, निज बल कछु न मिलैय्या ।। ६ आश्रित तोहि कहत है प्रभु जी, तू मम आस पुरैया ।।

  • Advent 81-88 | Masihi Geet Sangrah

    आगमन (Advent) 81 (८१) "Wake awake for night is passing." 8. 9. 8. 8. 9. 8. 6. 6. 4. 4. 8. Wachet auf. PHILLIP NICOLAI, 1556-1608. १ जाग उठो पुकारा हुआ जगा के बोलता है पहरूआ यिरूशलीम निश्चिन्त मत हो आधी रात अब हुई आओ चौकस हो कुवांरियो उठो दुल्हे से मिलने को सिद्ध हो वह आता धूम के साथ दीपक अब लेओ हाथ हल्लेलूयाह विवाह को अब तुम सिद्ध होओ और निकालो उससे मिलने को ।। २ सैहून बात जो सुनने आती तो अपने मन में आनन्द पाती वेग उठके होती है हर्षित उसका दुल्हा बड़े प्रेम से बिभव के साथ आता है स्वर्ग से वह बोलती है कि सब कुछ सिद्ध हे प्रभु यीशु आ प्राणनाथ तू दुल्हिन का हल्लेलूयाह बुलाहट पर हम आनन्द कर सब जाते हैं विवाह के घर ।। ३ बीन और बर्बत हम बजावें स्वर्ग और पृथ्वी के लोग सब गावें ईश्वर की स्तुति और प्रशंसा स्वर्ग दूतों का जो समूह है । और सन्तों की जो बड़ी भीड़ है सब गाते हैं गीत सु-स्वर का न आँख ने देखा है न कान ने सुना है ऐसा आनन्द गीत गाने को सब आइयो और दण्डवत करो प्रभु को ।। 82 (८२) "Behold the Bridegroom cometh." 7. 6. 7. 6. D. Morning Light or St. Theodulph Tune Standup-Standup GEORGE F. ROOT, 1830-1895. १ जाग उठो हे विश्वसियों और हाथ में लो मशाल अंधेरा होने चाहता अब जाँचो अपना हाल । तुम कान और मन लगाकर पहरू की सुनो बात दुल्हा है आनेवाला जल्द होगी आधी रात ।। २ मशालें तुम सुधारो और डालो उन पर तेल ख्रीष्ट यीशु चला आता जल्द होगा उससे मेल । दुल्हे का स्वागत करने तुम निकली आनन्द से ठीक स्वर से मन लगाकर गीत गाओ स्तुति के ।। ३ अब उसको देर न होगी तुम रहो सब तैयार हर स्थान में मची रहती फिर आने की पुकार सुबुद्ध कुंवारियों सा सिद्ध रखो अपना दीप हाँ इस को सच तुम जानो कि दुल्हा है समीप ।। 83 (८३) "O, how shall I receive Thee." 7. 6. 7. 6. D. St. Theodulph or Morning Light PEULUS GERHAEDT, 1607-76. १ मैं कैसे तुझे भेटूं ग्राह्य होऊँ किस प्रकार हे जग के आस्रा हेतु हे मेरे प्राण सिंगार हे यीशु आप ही दे दे अब मुझे बुद्धि-ज्ञान तब जो कुछ तुझे भाता मैं बूझ कर जानूंगा ।। २ खजूर की हरी डारें सैहून बिथराती है मैं मीठे मधुर गान में मिलाऊं मन मोदमय नित मेरा मन प्रफुल्लित हो तेरी स्तुति में और रहें नित प्रमुदित तेरी ही सेवा में ।। ३ धन तेरा प्रेम अनन्ता जब पड़े थे देह प्राण दुःख में अथाह अत्यन्ता तब किया तूने त्राण जब चैन और कुशल हीना मैं भटके फिरता था तब तू ने मुझे चीन्ही हो धन्यवाद सदा ।। ४ मैं भारी बन्ध में रहा तू आया भन्जनबन्ध दुःख निदा मैंने सहा तू आया दयावन्त मुझ दीन को तू बढ़ाता और देता धन अक्षय जो न संसार के जैसा कभी घट जाता है ।। ५ स्वर्ग धाम से तुझे लाया पास मेरे कौन सा नेम वह केवल तेरी दया तेरा मनोहर प्रेम हम में हे जगतारक तू समस्त जग का पाप बिलाप सन्ताप भयानक उठा ले जाता आप ।। ६ तो आप सहायक प्रिय दे हमें शांति चैन आ त्राणी तेरे लिये हम रास्ता देखते हैं । आ जयवन्त कुशलपति विरूद्धता सब मिटा और अपनी तारित जाति स्वर्ग-राज्य में ले उठा ।। 84 (८४) "On Jordan's bank the Baptist's cry." L. M. -- Winchester Old Melcombe. J. CHANDLER. १ यर्दन के तीर सुन पड़ता है यह शब्द कि प्रभु आता है । जाग उठो सुनो सारे देश राजाधिराज का सुसंदेश ।। २ शुद्ध करो अपने मनों को ईश्वर का मार्ग तुम सिद्ध करो । हे प्राणी हृदय को सवार कि टिकने पावे आनेहार ।। ३ तू ही हमारा शरण स्थान तू ही है प्रतिफल और त्राण । ज्यों फूल बिना जल कुम्हलाते हैं हम तुझ बिन क्षीण हो जाते । ४ सब रोगयों पर हाथ फैला हर पतित जन को वेग उठा । इस पापमय जग पर हो प्रकाश सूझ पड़े नई भू आकाश ।। ५ अब होवे स्तुति पुत्र की कि जिसने आके मुक्ति दी । पिता का भी हो स्तुतिगान पवित्र आत्मा का हो मान ।। 85 (८५) "Hark the glad Sound." С. М. Bristol or Nativity. PHILLP DODDRIDGE. 1702-51 १ सुन मुक्तिदाता आता है जो आनेवाला था । हर मन सिंहासन उस का हो हर शब्द हो स्तुति का ।। २ वह आता हर एक पापी को छुड़ाने पापों से । टूट जाते उसके आने पर सब बन्धन लोहे के ।। ३ वह आता सब के मन पर से पर्दा हटाने को । और ज्योत अनन्त भी आँखों में अंधों की डालने को ।। ४ वह आता टूटे मनों को बाँध देने कृपा से । और धनी करने दीनों को धन से अनुग्रह के ।। ५ नित तुझे कुशल के प्रधान हम धन्य कहेंगे । और तेरे जय जयकार का गान सब स्वर्ग में करेंगे ।। 86 (८६) 8. 7. 8. 7. 4. 7. Dismissal or Eton College. १ हे परमेश्वर तेरे मुख को महिमा में जो है अनुप देखने की न शक्त मनुष को आत्मा है तू बिन स्वरूप स्वर्ग के राजा जग का तू है महाभूप । २ उतरा था तू जगदीसा अपना प्रेम दिखाने को प्रगट हुआ प्रभु यीशु भ्रष्टों के बचाने को हे परमेश्वर मेरा मुक्तिदायक हो । ३ तेरे गुण स्वभाव फैलाने यीशु आया इस संसार जग का पाप सन्ताप मिटाने जग के करने को उद्धार कृपा सागर कर तू मेरा भी निस्तार । ४ काटने को हमारे दुःख को पाया उसने दुःख और कष्ट देने हमें धर्म और सुख को जो शैतान से हुए भ्रष्ट यीशु आया पाप संताप को करने नष्ट । ५ मुझे ग्रहण कर हे प्रभु मन कठोर हमारे तोड़ तू हम आस्त्रितों का कभू दुःख के सागर में न छोड़ । मरन काल तक हम से अपना मुंह न मोड़ ।। 87 (८७) Bhajan Tunes No. 1. JOHN PARSONS. दीनदयाल सकल बर दाता, दे यश गावन को उपदेशा ।। १ निथरे नीर अगम नद नाईं, तोर दया जल बहत हमेशा । बाते तनम न कुशल मिलत है, धन्य जगत पालक परमेशा ।। २ शठ अपराधी नर तारन को, लियो प्रभु सेवक को भाषा । दीनन संग संकट पथ धारा, क्रूस सहित सहिलाज कलेशा ।। ३ निज जन अन्तर विकल करने को, है प्रभु तोह शक्ति विशेषा । तेरी आत्मा गुण तिन चित में, दिवस जोति सब करत प्रवेशा ।। ४ तब यश मरत भुवन में होवे, सरग भुवन जिमि होत अशेषा । आश्रित मुख निज भजन कराओ, ठरि कुटिल मन दुरमति लेशा ।।

  • The Lord’s Day 189-194 | Masihi Geet Sangrah

    ### प्रभु का दिन (The Lord's Day) #### 189 (१८९) *L. M. -- Old Hundred or Erfurt.* १ अब आया है विश्राम का दिन परमेश्वर के आराम का चिन्ह अब छोड़ें सब सांसारिक काम पवित्र करें हम विश्राम ।। २ जो क्रूस के ऊपर मरा था इतवार को जीवित हुआ था आज उसने मौत पर प्रबल हो तोड़ दिया कबर बंधन को ।। ३ सांसारिक काम अब बन्द रहे और आत्मा हम में वास करें सिर्फ मुंह से तुझको न भजें पर आत्मा और सच्चाई से ।। ४ महा विश्राम एक आवेगा जगत आराम तब पावेगा उपद्रव तब होवेंगे बन्द और मिलेगा अत्यन्त आनंद ।। #### 190 (१९०) *“Safely through another week.”* *7s. Sabbath.* *JOHN NEWTON, 1725-1807.* १ ईश्वर ने अठवारे भर रक्षण किया सभों को सो हम जावें उसके घर उससे माँगें वर सदा सब में श्रेष्ठ और उत्तम दिन स्वर्गीय सुख विश्राम का चिन्ह ।। २ तुझसे क्षमा मांगते हैं ख्रीष्ट के प्यारे नाम को ले आज तू हम पर प्रगट हो पाप और लाज को दूर कर दे छोड़कर सब सांसारिक काम तुझमें करें आज विश्राम ।। ३ तेरे सम्मुख आते हैं तेरी स्तुति करने को अपना गौरव दिखा अब बीच में तू उपस्थित हो आज तू स्वर्गीय भोजन का स्वाद हम सभों को चखा ।। ४ संत को शान्ति वचन दे तेरी मानें पापी लोग यीशु के अनुग्रह से होवे दूर सब शोक और रोग ऐसे हों सब विश्रामवार जब तक रहें यह संसार ।। #### 191 (१९१) *“This is the day of light.”* *S. M. Frankonia or Dennis.* *J. ELLERTON.* १ ज्योत का दिन यह है ज्योति हो सभों पर हे प्रभु आज ही हो उदय अंधेरा दूर तू कर ।। २ यह दिन विश्राम का है बल नया हमें दे मन चिंतित व्याकुल थका है शान्त होवे तुझ ही से ।। ३ यह मेल का दिन भी है मेल अपना हम में भर सब फूट और झगड़ें होवे क्षय समाप्त तू उन्हें कर ।। ४ यह दिन है प्रार्थना का मन आदकारी दे तू उसे अपनी ओर उठा और भेंट कर हमों से ।। ५ यह सब से उत्तम दिन यह तेरा विश्रामवार विश्राम न होगा तेरे बिन हे मेरे प्राणाधार ।। #### 192 (१९२) *“Happy Day.”* *S. S. S. 866.* *PHILLIP DODDRIDGE, 1702-1751.* *Chord - F | S- Waltz | T-124* १ परमेश्वर ही की दया से हम सभों को है कुशल क्षेम । हे ईश्वर तू यह सामर्थ दे कि करें तेरा नेम और प्रेम ।। कोरसः- स्तुति से स्तुति से इस दिन को मानें प्रभु के । यीशु मसीह के कारण से सब पाप को क्षमा कर तू दे स्तुति से स्तुति से इस दिन को मानें प्रभु के ।। २ आनन्द से जावें तेरे घर आराधना करें तेरी ही । हे यीशु हम पर दयाकर निर्बल को बल दे सामर्थी ।। ३ हम सभों का तू शिक्षक हो और अपना धर्म प्रकाशित कर जो निश्चिंत हो जगा उनको तू प्रगट हो सब लोगों पर ।। ४ जो हम पर आवे मरणकाल हम हो आनन्दित और निडर । और जावें तुझ पास दीनदयाल तू यह अनुग्रह हम पर कर ।। #### 193 (१९३) *7s Ohne Rast harts.* १ पूरा है छः दिन का काम आया है अब दिन विश्राम पावन शब्बात रविवार तेरी शोभा है अपार ।। २ मन से दूर हो हे संसार तुझको मैं न करता प्यार ख्रीष्ट यह मन तेरा है घर सदा उस में रहा कर ।। ३ बिनती करना तू सिखा स्वर्ग का मार्ग हमें दिखा वचन पर स्थित रहने को आशिष दे हम सभों को ।। ४ हे परमेश्वर सत्य अकथ जो हे मेरे प्राण का पथ मेरे मन में हो प्रकाश पूरी कर दे मेरी आस ।। #### 194 (१९४) *L. M. Duke Street or Bresau.* १ हम आये है आराधना को मसीह हमारे बीच में हो आराधना कर तू आशिष दे हो आत्मा और सच्चाई से ।। २ प्यार हमारे दिल में भर और अपनी ओर से शिक्षा दे सांसारिक चिंता से बचा और अपनी बातों पर लगा ।। ३ धर्म पुस्तक पढ़ी जावे जब प्रभावक कर तू उसको तब कि अपने कान से सुने जो हम दिल से मानें उसी को ।। ४ जब जब हम गावें गीतों को हमारा गान ग्राह्य हो जब सुनें सत्य की बातों को हमारे दिल पर अंकित हो ।। ५ जब वक्त हो प्रार्थना करने का तब सुन हमारी हे पिता धन्यवाद और स्तुति ग्रहण कर पाप भूल हमारी क्षमा कर ।। ६ तू ही हमारे बीच में हो तू दे विश्वास हम सभों को डाल अपना आत्मा मंडली पर और सबके दिल पवित्र कर ।।

  • The Lord Jesus Christ 51-80 | Masihi Geet Sangrah

    भु यीशु मसीह (The Lord Jesus Christ) 51 (५१) C. M. St. Peter or Irish १ आनन्दित हो हे मेरे प्राण एक नाम को नित उच्चार एक नाम को केवल उत्तम जान वह श्रेष्ट है प्रेम का सार ।। २ वह नाम है यीशु तेरा नाम सो करना धन्यवाद सनातन लो हो मेरा काम और मेरा पूर्ण आह्वाद ।। ३ मैं पाप के कारण शोक विलाप और रोदन करता था पर तेरे नाम से मेरा पाप कुहास सा मिट गया ।। ४ और अब तक मुझे तेरा नाम आनन्दित करता है हाँ मुझे दुख में भी विश्राम इस नाम से मिलता है ।। ५ तू मुझ से दूर हो हे संसार सब तेरा धन है धूल यीशु जो मेरा तारनहार है मेरे हर्ष का मूल ।। ६ अन्धकार में मेरा दिया है मृतकाल में मेरी ढाल हर समय अति प्रिय है और सब कुछ सदाकाल ।। ७ हे मेरे प्राण तू हर्षित हो और बड़ी बाणी से यीशु के नाम की स्तुति हो और जय जयकार उसके ।। 52 (५२) 8. 5s. Hold the fort PHILLIP BLISS, 1838-76. Chord - A# | S-6/8 | T-094-098 १ आओ यीशु गुण हम गावें उस के नाम की जय उसका प्रेम और गुण बखानें उस के नाम की जय गीत गा गाके बीन बजावें उस के नाम की जय बोलो हे सब प्यारे भाइयो उस के नाम की जय ।। २ ईश्वर ने यों प्रेम दिखाया उस के नाम की जय यीशु त्राता जग में आया उस के नाम की जय क्रूस पर अपना रक्त बहाया उस के नाम की जय जय जय करो प्यारे भाईयो उस के नाम की जय ।। ३ स्वर्ग में जो अत्यंत महान है उस के नाम की जय अपनो का कृपा निधान है उस के नाम की जय पापियों पर दयावान है उस के नाम की जय उसकी स्तुति करो भाईयो उस के नाम की जय ।। ४ जग में बड़ा था अंध्यारा उस के नाम की जय इस पर यीशु प्रात का तारा उस के नाम की जय उदय हुआ सत अवतारा उस के नाम की जय धन्य कहो हर्ष से भाईयो उस के नाम की जय ।। ५ सुन्दर तारक को पियारो उस के नाम की जय जग के पालक को निहारो उस के नाम की जय उसके प्रेम को मत बिसारो उस के नाम की जय जय जय गाओ जी से भाईयो उस के नाम की जय ।। 53 (५३) "O, come let us sing," 5. 7s. १ एक-दिल होके गाओ यीशु मसीह की स्तुति उसकी कीर्ति बढ़ाओ जिसने सिद्ध की है मुक्ति क्योंकि सोता बहाया निज हृदय के खून से जहाँ धोके हम छूट जाते मन के दोष और औगुण से । जै जै तारणहारा तेरा प्रेम हम गावेंगे जब तू पाप की माया आत्मा से दूर करेगा २ जब मैला है दिल पाप से क्या ही दुःख आता और दुनिया का छल हमें बार बार फँसाता पर प्रभु का बचन आस और ज़ोर हमें देता क्योंकि वह देता मोचन और सब शतरून जीत लेता ।। ३ शायद मौत का समय जल्द हम पर आवेगा जो विश्वास का विजय और विश्वास हमें देगा मृत्यु सागर के पार जब हम तुझे देखेंगे ।। और अमर की छाया अपने पास सदा देगा ।। 54 (५४) "Wonderful love of Jesus." Chord - F | S- Waltz | T-128-130 कोरस : ओहो कैसे अच्म्भे का प्यार ।। ४ १ वह हमको बचाने सलीब पर मुआ यीशु का कैसे अच्म्भे का प्यार ।। २ अच्म्भे अच्म्भे अच्म्भे का प्यार क्रूस ही से बहती है लोहू की धार ।। ३ अब उस में सब पापी पा सकते उद्धार यीशु का कैसे अच्म्भे का प्यार ।। ४ तो सोच करके ध्यान देके आनन्द से गाओ वैसे ही ईश्वर के रास्ते पर जाओ ।। ५ सो गीत गाके खुश होके करो प्रचार यीशु का कैसे अच्म्भे का प्यार ।। 55 (५५) "How sweet the name of Jesus sounds." C. M. St. Peter or Irish JOHN NEWTON, 1725-1807. १ क्या ही मधुर यीशु का नाम विश्वासियों को है । वह शोक और दुःख में है सुखधाम सब डर भगाता है ।। २ वह चंगा करता मनों को और शांति का है धाम । है मन्ना भूखी आत्मा को और थकों को विश्राम ।। ३ वह प्रिय नाम असीम भंडार अनुग्रह से भरपूर है मेरी ढाल चट्टान आधार सब भय को करता दूर ।। ४ यीशु तू मेरा मीत रखवाल प्रवक्ता याजक है । तू राजा स्वामी दीनदयाल कृपालु हर समय ।। ५ मन मेरा नहीं शक्तिमान प्रेम में है वह निर्बल । जब देखूँ तेरा रूप तेजवान तब हूँगा भक्त अटल ।। ६ जब तक कि मुझ में रहे प्राण प्रेम तेरा गाऊँगा । और मरते समय तेरा गान मैं करता चलूँगा ।। 56 (५६) 6. 5. 8. 7. 6. 10. We in ich Ihn F. VON HARDENBERG, 1772-1801. १ कौन है स्वर्ग पर मेरा यीशु केवल तू । न संसार में कोई मेरा मनहरण है केवल तू । तेरे पास भरपूरी आनन्द आशिष कुशलक्षेम और प्रीति की ।। २ यदि तू हो मेरा छोडूंगा सब कुछ । रहूँगा मैं बन्दा तेरा तुझे छोड़ सब जानूँ तुच्छ । तेरे पीछे होलूँ चौड़े मार्ग पर भीड़ को जाने देऊँ ।। ३ प्रभु जहाँ तू हो रहूँ मैं वहाँ सोता जानता हूँ मैं तुझको सारे उत्तम दानों का भाइयों के संग में गाऊँगा मैं तेरा यश नित स्वर्ग में ।। 57 (५७) 7s. Grosser Gott or Redhead. १ खीष्ट के तुल्य कौन और क्या कहाँ ऐसी महिमा एसा तेजस और विभव कहाँ प्रेम की ऐसी लौ ऐसा बल औ ज्ञान कहाँ ख्रीष्ट को मैं सराहूँगा ।। २ सकल वस्तु का करतार सब जीवधारी का आधार जग की ज्योत और धर्म उदय पाप का नाशक यीशु है मेरा प्रभु सर्वदा ख्रीष्ट को मैं सराहूँगा ।। ३ क्या है जगत तेरा सुख भीड़ और भार और निरा दुःख राख और धूल है तेरे दान तेरी प्रीति केवल हान धोखा तेरी मित्रता ख्रीष्ट को मैं सराहूँगा ।। ४ कौन है यीशु से कृपाल ऐसा दीन और दीनदयाल ऐसा कोमल और सदय दुर्बलों पर धीरजमय ख्रीष्ट के तुल्य कोई न ख्रीष्ट को मैं सराहूँगा ।। 58 (५८) 7. 7. 7. 7. Harts or Innocents. १ जितने होवे जग के बीच छोटे बड़े ऊँच और नीच । बोलो धन मसीह सदय बोलो सब मसीह की जय ।। २ वह उतारने पाप का भार खोलने को वह स्वर्ग का द्वार । देने पापियों को सुख आया था कि सहे दुःख ।। ३ अपना लहू दिया है अपना प्राण चढ़ाया है । यीशु है सब ग्रहण योग जय जय करें सारे लोग ।। ४ भाई बोलो यीशु नाम देखो सिद्ध है त्राण का काम बोलो सारे झूठ की क्षय बोलो सब मसीह की जय ।। 59 (५९) "O for a thousand tongues to sing." C. M. Winchester Old or St. Anne. CHARLES WESLEY, 1707-88. १ जो लाखों जीभें मेरी हों तो बस न होवेंगी । कि उचित रीति से करूँ स्तुति त्राणकर्त्ता की । २ यीशु का नाम दूर करता डर और शोक मिटाता है । हर पापी उस के सुनने से सुख पूरा पाता है ।। ३ वह तोड़ के पाप की शक्तियां छुड़ाता बन्धुवा । रक्त उसका मन शुद्ध करता है और मुझे शुद्ध किया ।। ४ जब यीशु बोलता मृतक लोग तब जीवन पाते हैं । उदास तब ढाढ़स पाते और आशा रखते हैं ।। ५ हे बहिरो सुनो उसकी बात हे गूँगा स्तुत करो । हे अन्धो देखो प्रभु को हे लंगड़ो उछालो ।। ६ हे मेरे प्रभु दीनदयाल यह होवे मेरा काम । कि मैं सम्पूर्ण जगत में प्रचारूँ तेरा नाम । 60 (६०) Chord - D# | S- Ballad | T-084 तू मेरे दिल का है अज़ीज़, या मसीह (३) तुझ बिन नहीं हैं कोई चीज़, या मसीह (३) तू मेरा राजा है यीशु, बचाने वाला सत गुरू तन मन और धान का मालिक तू, या मसीह (३) १ हो दौलत दूसरे लोगों की, या मसीह (३) तू सच्ची दौलत है मेरी, या मसीह (३) क्या फायदा सोना चांदी से, जब मौत आवे मेरे लिये पुकारूँगा तब मैं तुझे, या मसीह (३) २ रात दिन तुझी से बात और चीत, या मसीह (३) हो दुआ हो या गाऊँ गीत, या मसीह (३) तू सब से पहिले और पीछे, तसल्ली देता हैं मुझे तू प्यारा है सब लोगों से, या मसीह (३) 61 (६१) "Crown Him with many crowns." D. S. M. Diademata. MATTHEW BRIDGES, 1800-94. १ मेम्ना जो तख्त पर है कर शोभित ताजों से दबाये जाते सब और राग उस स्वर्गीय गीत ही से । उठ मेरे प्राण और गा गान उसका जो मुआ अपना अनूठा राजा मान तू अब और सर्वदा ।। २ मनुष्य के पुत्र को देह धारी ईश्वर जो पहिना दो बहुत राजकीय ताज कि करे हम पर सदा राज वह कृपा-नाथ जो है और सोता दया का वह सुन्दर कमल नाई है कीच से ही निकलता ।। ३ ताज प्रीतिनाथ को दे देख हाथ पैर पंजर को घाव जिनके स्वर्ग में प्रगट हैं वहां के सभों को । स्वर्ग में न कोई दूत उन पर दर्श कर सके पर अपनी आँख मूँद लेते हैं उनके प्रमाप ही से ।। ४ ताज शान्तिनाथ को दे जिस पास नित राज दण्ड है कि सारे जग में बन्द हो युद्ध बैर क्रोध सब होवे क्षय । राज्य उसका है अनन्त और घायल पांव के पास उन परादीस के फूलों से सुगन्ध का है निकास ।। ५ ताज अमरनाथ को दे सब युग सँभालने हार जो संसार का सृजक है पालक और पोषनहार जय त्राता तेरी जय जो क्रूस पर मरा था मैं तेरी स्तुति करूँगा स्वर्गलोक में सर्वदा ।। 62 (६२) Ils Ihr Kinderlein or Frere. १ प्रशंसा कर यीशु को हे मेरे प्राण कौन कहीं दयालु है उसके समान लौलीन हो सराह उसका बड़ा पियार मत अपने त्राणदाता को कभी बिसार ।। २ मलीन होके पापी और अति दुखमय मैं साँस भर के बैठा रहा बिन आश्रय तब यीशु से मुझे आ मिला निस्तार आह प्राण कभी मत उसकी कृपा बिसार ।। ३ देख तुझे बाने को मानुष का रूप आप धारण कर उतरा परमेश्वर अनुप और दुःख उस पर पड़ा था निन्दा और मार आह प्राण कभी मत ऐसी दया बिसार ।। ४ धर्म जीवन उजाला आह्वाद और कल्याण सब हैं तेरे यीशु की कृपा के दान वह है तेरा दुल्हा और तेरा रखवार आह प्राण कभी मत अपने हित को बिसार ।। ५ संसार के आचार और व्यवहार को तू त्याग मोह मदन बिलास और कुकर्मों से भाग सब वस्तु को तुच्छ और निकम्मी विचार आह प्राण कभी मत यीशु ख्रीष्ट को बिसार ।। ६ हे यीशु तू मेरा है सब कुछ सदा दयाल हो और अपने से मुझे मिला संसार और शैतान और विनाश से उद्धार और कभी मत मुझे हे प्रभु बिसार ।। 63 (६३) "I sing the praise of love unbounded." 9. 8. 9. 8. 9. 9. St. Petersburg. GERHARDT TERSTEEGN, 1697-1769. १ मैं प्रेम के गुण प्रशंसा करता जो यीशु ख्रीष्ट में प्रकट है । और अपने को समर्पण करता उसको जो मेरा प्रेमी है । निज दुर्बलता मैं बिसर जाता प्रेम सागर में मैं डुबकी मारता ।। २ तू मुझ पर क्या ही प्रीति रखता मन तेरा मुझे चाहता है । इस प्रेम के बल से खींचा जाता सब कुछ जो मेरे भीतर है । आह प्रेम असीम जो स्वर्ग से आया मैं तेरा हूँ तू मेरा है ।। ३ मन जीवन मेरा तू ने लिया हे मुक्तिदाता धन अपार । हाँ मेरे लिये आप को दिया और मेरा किया है उद्धार । हे पतित पापियों के त्राता मैं तेरा गाऊँ नित गुणगाथा ।। ४ हे यीशु अपना नाम मनमाहीं नित रहने ओ चमकने दे । और अपना प्रेम अत्यन्त सुखदाई मन बच ओ कर्म में दिखने दे कि आत्मा प्राण ओ देह हमारे मेरा सम्मान करें हे प्यारे ।। ५ यीशु के नाम की गावें स्तुति जिस में पियार का सोता है । जिस से यहाँ प्रेम धारा आई जिससे स्वर्गवासी पीते हैं । वे कैसे झुकते दीनहीन रूप से और हाथों जोड़ कर आनन्द करते ।। 64 (६४) C. M. - Evan or St. Agnes. १ मैं पापी जब मसीह का नाम । सोचूँ तब छूटता भय वह यीशु है और उसका काम । पाप से बचाना है ।। २ ईश्वर का बेटा और मसीह । और जगत का निस्तार मण्डली का सिर और दुल्हा भी । धर्मात्मा देनेहार ।। ३ भला रखवाला भेड़ों का । और जगत का प्रकाश राजा यहूदी लोगों का । अन्य देशियों की आश ।। ४ वह अमृत जल और मन्ना । और जीती दाखलता मध्यस्थ जो बिनती करता है । और मेम्ना ईश्वर का ।। ५ वह मार्ग और सत्य और जीवन है । श्रेष्ठ याजक बलिदान स्वयम्भू प्रथम पिछला है । पहिलौठा पुनरूथान ।। ६ पर नहीं बनता है मुझ से । यीशु के योग बखान प्रभु दयाल तू मुझे दे । कि पाऊँ तुझ से त्राण ।। 65 (६५) "I will sing of my Redeemer." 8. 7. 8. 7. My Redeemer. PHILLIP BLISS, 1838-76. Chord - F | S- "---" | T-"---" १ यीशु नाथ के प्रेम अपार का करूँगा मैं स्तुतिगान । उसने क्रूस पर प्राण दे अपना मुझे मुक्ति की प्रदान कोरस :- गाओ गाओ प्रेम मसीह का जिस रक्त से हुआ त्राण ।। मेरा सारा ऋण भर दिया जिसने क्रूस पर दिया प्राण ।। २ उस के इस अनोखे प्रेम का नित करूँगा मैं बखान । पापियों को तारने निमित प्राण को किया बलिदान ।। ३ उस की स्तुति क्यों न गाऊँ जिसकी सामर्थ है अक्षय । मृत्यु नरक पाप के ऊपर मुझे देता कैसी जय ।। ४ प्रेम का प्रेरित हो मैं गाऊँ यीशु का अनूठा प्यार । उसने मुझे जीवित किया वह है मेरा प्राणधार ।। 66 (६६) "Fairest Lord Jesus" 5. 5. 8. D. Crusader's Hymn. FROM MUNSTER GESAN & BUCH, 1877. १ यीशु पियारे प्रभु हमारे सत मनुष्य और सत ईश्वर तू मेरा प्रीत है यही सुहावना सब से मन भावना तू मेरे मन का है प्रेमनाथ ।। २ खेत लहलहाता बन डहडहाता बड़ी सुन्दरता के साथ यीशु प्रकाशी सब से प्रतापी तू मेरे मन का है प्रभा ।। ३ सूरज चमकता चाँद भी झलकता सब से प्रतीत है और सब मण्डल तारों का बिराजमान है मन मेरे पर ।। 67 (६७) "There is no name so sweet on earth." 8. 7. 8. 7. D. Sweetest name. E. ROBERTS Chord - F | S- Ballad | T-084 १ यीशु सरीखा मीठा नाम न पृथ्वी पर न स्वर्ग में जो जन्म से पहले ईश्वर ने त्राणकर्ता का ठहराया ।। कोरस :- हम यीशु नाम को गाते है हमारा प्यारा यीशु जो शब्द हम कान से सुनते हैं सभों में प्यारा यीशु २ यीशु के क्रूस के ऊपर भी यह नाम था लिखा गया कि सब लोग जाने उसको हम क्यों प्यार न करें सदा ।। ३ अब ईश्वर के सिंहासन पर त्राणकर्ता राजा यीशु पापों की क्षमा करने को वह अधिकार को रखता ।। ४ यीशु अनोखे नाम का यश कभी नहीं घटेगा वह आज है कल था और सदा एक सा रहेगा यीशु ।। 68 (६८) "All praise to him who reigns above." C.M. and Chorus Chord - G | S-6/8 | T-084 १ सिंहासन पर विराजनेहार की होवे महिमा कि पुत्र भेजकर किया है उद्धार मनुष्यों का ।। कोरस :- धन्य यीशु नाम, धन्य यीशु नाम, धन्य प्रभु यीशु का नाम धन्य यीशु नाम, धन्य यीशु नाम, धन्य प्रभु यीशु का नाम २ सब नामों से वह नाम है ऊर्द्ध प्रशंसा योग और श्रेष्ठ ईश्वर के दूत भी भजते हैं कि यीशु है नरेश ।। ३ मनुष्यों का तू मित्र है उद्धारक रक्षक भी और तू ने अपनी मृत्यु से मनुष्य की मुक्ति की ।। ४ और अद्भुत युक्ति करनेहार प्रधान है शान्ति का इस जग के राज्यों पर प्रबल है नाम ख्रीष्ट यीशु का ।। ५ त्राण पाकर सारे जातिगण मसीह के होकर दास करेंगे योग्य स्तुति गान प्रभु के चरणों पास ।। 69 (६९) भजन JOHN CHRISTIAN एक नाम यीशु सांच । सर्व झूठ औरू रे ।। १ तेहि नाम छांड़ि मूढ़ । पड़त भरम भैरू रे ।। अमिय मूरि सुखद कन्द । लखत नाहि बौरू रे ।। २ आन नाम छलहि ठाम । हाथ लाय छौरू रे ।। उदर नाहि भरत खाय । घाट श्वान कौरू रे ।। ३ जैसे ही तृषित हिरिन । गहन चहत दौरू रे ।। आय निकट दूरि जात । जात प्राण ठौरू रे ।। ४ यीशु नाम तरण धाम । नाहि जगत औरू रे ।। जान जेइ सेइ लहत । शीस मुक्ति मौरू रे ।। 70 (७०) Bhajan Tunes No. 71. C. D. JADHAV Chord - C# | S- Ballad | T-084 क्यों नहि गैहों गुण शतवारा । अस मित है नहि या संसारा ।। १ तीन लोक पति नर तन लेके, सह्यो दुःख और शोक अपारा ।। २ प्राण दान जग हेतु कियो है, जगत कहीं नहि ऐसो प्यारा ।। ३ यीशु समीप चलो नर, वह निश्चय जग तारणहारा ।। ४ बैरिनहित बैरिन में आयो, छल कर बैरिन वाहि संहारा ।। ५ मित्र निमित नर मरन न कोई, शत्रुन को प्रभु कीन्ह उधारा ।। ६ आश्रित लाखों धन्य कहतु है, धन्य सदा प्रभु नाम तिहारा ।। 71 (७१) Bhajan Tunes No. 89. कोरस :- जै जै यीशु जै जै यीशु, जय मृत्युं जै जै जैकार सिरजनहार पालनहार तारणहार । १ दीनों का दुःख हरनेवाला, हृदय में शान्ति भरनेवाला जय जनरंजन जय दुःखभंजन, जै जैकार सिरजनहार, पालनहार तारणहार । २ नर तन धार लियो अवतारा, दै निज प्राण कियो छुटकारा जै जगत्राता जै सुखदाता, जै जैकार सिरजनहार, पालनहार तारणहार । ३ मृत्यु के बन्धन भंजनहारा, अक्षय जीवन देवनहारा रोगिन शोकिन एक अधारा, जै जैकार सिरजनहार, पालनहार तारणहार । ४ जै जैकार करो सब प्यारो, नर नारि एक संग पुकारो नारा मारो जै ललकारो, जै जैकार सिरजनहार, पालनहार तारणहार । 72 (७२) Bhajan Tunes No. 13 or 14. JOHN CHRISTIAN जय जनरंजन जय दुःखभंजन, जय जय जय सुखदाई । १ आशरन के शरनागति दायक, प्रभु यीशु जगराई ।। २ पाप निवारन दुष्ट बिदारन, सन्तन के सहजाई ।। ३ अद्भुत महिमा जगत दिखाए, भूमि निवासन आई ।। ४ अलख अगोचर अन्तरयामी, नर तन देह धराई ।। ५ अत गुन तेरो कत मैं गुनिहों, तारन तें अधिकाई ।। ६ उदधि समाना प्रेम तिहारो, जा मध जगत समाई ।। ७ जान अधम जन को प्रभु दीज, बिन्दु समाना ठांई ।। 73 (७३) Bhajan Tunes No. 22 JOHN CHRISTIAN जय प्रभु यीशु जय प्रभु यीशु दानी । १ परम पदारथ के अधिकारी, सद्गुण के तुम खानी ।। २ दुःखितन के दुःखहरता तुम्ही, शील सरल सनमानी ।। ३ जग में जेते जीव चराचर, धारण कर निज पाणी ।। ४ नित दिन ताके पोषण करता, भक्षण आगे आनी ।। ५ जौं कृतघ्न पापिन नर नारी, क्रूर कुटिल अज्ञानी ।। ६ कर सुखदायक तदहु न मूनत, पालत निज जन जानी ।। ७ दय चित तिहि गुण मिल जुल गाओ, चैतन जेते प्राणी ।। ८ जान अधम नर शुभ इत लहि हैं, उत लहि हैं गति त्राणी ।। 74 (७४) Bhajan Tunes No. 50. JOHN CHRISTIAN. जै प्रभु यीशु जै प्रभु यीशु, जै प्रभु यीशु स्वामी ।। १ जै जगत्राता जै सुखदाता, जै जै प्रभु अनुपामी ।। २ जै भयभन्जन जै जनरंजन, जय पूरन समकामी ।। ३ पाप तिमिर धन नाशक तुमही, धर्म दिवाकर नामी ।। ४ कलिमल दूषण हरता तुमही, संकट बट सहगामी ।। ५ नर तन धारि लियो अवतारा, तजि सुन्दर दिवधामी ।। ६ दै निज प्राण उबारि लियो तुम, पापिन बहु दुरकामी ।। ७ अस गुण तेरो कस मैं गाओं, छन्द प्रबन्ध न ठामी ।। ८ अटपटि टेरन जानक सुनिये, पतित उधारण नामी ।। 75 (७५) Bhajan Tunes No. 67. NAINSUKH. मसीह अस टेर सुनाई, सब चित में लेहु समाई । १ द्वादश शिष प्रभु संग लिवाये, नगरन धूम मचाई ।। बात कहत अरधांगि उठायो, मृतक बहुत जिलाई ।। २ कोढ़िन को प्रभु चंगा कीन्हा, बधिरन दीन्ह सुनाई ।। पांच सहस्त्र को पांचहि रोटि, टूकन ढेर उठाई ।। ३ एक समय प्रभु नौका बैठ्यो, चलत बयार सवाई ।। चेले सब घबरावत बोले, प्रभु जी लहु बचाई ।। ४ ठाढ़े हो प्रभु हांक पुकारी, सब दुःख दीन्ह भगाई ।। ऐसे काम प्रभु अगणित कीन्हें, जग में नाम चलाई ।। 76 (७६) Z 516. JOHN CHAMBERLAIN. मैं गुण तुम्हारे गाऊँगो यीशु मैं गुण तुम्हारे गाऊँगो । १ विभव स्वरग भुवन में छोड़के आप या भुवन में आये निस्तार करनो जन । २ भये ईश्वर अवतार कहा करूंगो विस्तार शीशु है अनाथ को धन । ३ आप ने कियो जब आरम्भ बहुत से किये तब अचंभ जिनतें ईश्वर प्रकट भये । ४ अन्धे देखन पावत भये । गूँगे बचन बोलत भये । लंगड़े कूदत फिरत रहे । ५ आप से रोगी अच्छे भये मरे जीके फिर उठ गये । ऐसे तुमने किये बहुत । ६ पकड़े जे थे भूतन ते निकरे गये भूत उनतें सब तुम्हारे बशी-भूत । ७ जैसे आपने यह सब किये जैसे हमतें अब कीजे मिटाईवे को हमारो पाप । ८ वचन चलन लोचन देउ मरे सभनकुँ जिलाउ हमतें टारो सब संताप । ९ हम सब पापी अपराधी गुण तुम्हारे सअगाधी आप ने दियो प्रान को दान । १० कैसो प्रेम तुम्हारो प्रभु ऐसो कौन मिलेगो कभु हे यीशु हो हमारो त्रान । 77 (७७) Bhajan Tunes No. 43 or 44. JOHN CHRISTIAN. यीशु नाम यीशु नाम, यीशु नाम गाउ रे । १ यीशु नाम गुणन धाम, धर्म ग्रन्थ ठाउ रे । ध्यान नाम पुरत काम, सत्य प्रेम भाउ रे ।। २ सूर उदित जलज मुदित, अस्तहि मुरझाउ रे। सन्त कमल नाम किरण, तैसही लगाउ रे ।। ३ नाम अस्त्र शस्त्र नाम, युद्ध बुद्ध दाउ रे । त्रिविध ताप जेहि दाप, सर्व दूरि जाउ रे ।। ४ सबहि हाल सबहि काल, भक्त शक्ति पाउ रे । जान अधम सोई नाम, नरनि मुक्ति ठाउ रे ।। 78 (७८) Bhajan Tunes No. 90 PREM DAS Chord - D | S- Ballad/Dholak | T-086-090 हम से बरनी न जाय मसीह तुम्हारी महिमा । १ तुम स्वर्ग छोड़ कर आये, तुम मुक्ति और जीवन लाये, कि पापी लिये बचाये । २ अन्धों को आँखें दीना, कोढ़िन को चंगा कीना, कि मुर्दे दिये जलाये । ३ पानी पर चल दिखलाया, तू ने हवा को डांट थमाया, कि चेले लिये बचाये । ४ मेरे पाप क्षमा सब कीना, मेरे दिल में दर्शन दीना, कि प्रभु से दिया मिलाये । ५ सूली पर बरछी खाई, तूने अमृत धार बहाई, कि दास सदा गुण गाये । 79 (७९) AJIZ. १ खुदा की मुहब्बत जो हम देखते हैं । तो अदल ओ रहम हम बहम देखते हैं ।। २ मसीह का तसव्वर जो करते हैं दिल में । जनबा इ इलाही को हम देखते हैं ।। ३ मसीह के सिवा कोई शाफी नहीं है । खुदा की खुदाई में हम देखते हैं ।। ४ मुकिर अपनी इसियां के होते हैं जिस दम । मसीह की शफाअत को हम देखते हैं ।। ५ न है खौफ अज़िज़ को कुछ रोज़ इ महशर । सलीब इ मसीह को जो हम देखते हैं ।। 80 (८०) J.UMRAIL. १ तुझ सा जहाँ में देखा नहीं पुर वफा कहीं, हमसर न तेरे कोई अजल से बना कहीं । २ बदले में हम सभों के, लो क्या क्या न दुःख सहा, सदमें कहीं, सलीब कहीं और जफा कहीं । ३ इमदाद हम सभों की हाँ क्या क्या न बन के की, मुंजी कहीं, तबीब कहीं, रहनुमा कहीं । ४ करते हैं खुबियों का तेरी शोर जा बजा, बुलबुल कहीं, चमन कहीं, बादे सबा कहीं । ५ कर दास को भी फजल से मेरे मसीह अता, दिल भी कहीं, दिमाग और ताबे रसां कहीं ।

  • The Holy Trinity 28-36 | Masihi Geet Sangrah

    पवित्र त्रिएकत्व (The Holy Trinity) 28 (२८) "O that I had a thousand voices." 9.8.9.8. 8. 8. O Dass Ich. YOHANN MENTZER, 1658-1734 १ आह लाखों जिह्वा मुझे रहती लाख गुणा होता मेरा मुँह सब तेरा गुण हे ईश्वर गाती सुनाती कैसा भला तू और मिलके गाती सब गुणगाथ कि कृपा मुझ पर की है नाथ ।। २ अकथ्य धन प्रशंसा तुझे हे पिता मेरे प्राण के प्यार प्रदान किये हैं तू ने मुझे दान कैसे भले वारम्बार हाँ इस पृथ्वी पर कितनी बेर सुख आनन्द मिला मुझे ढेर ।। ३ धन तुझे हे विश्वासी त्राणदाता तू यीशु अपना मन सदैव मुझ अधम जन की और झुकाता और रक्त से मुझ को तारता है शैतान की क्रूरता से अपार मैं बना तेरा अधिकार ।। ४ है आत्मा शान्ति देने हारा धन्य कहता तुझे मेरा प्राण कि तेरे वचन ही के द्वारा मैं हुआ जीवन का सन्तान जो मुझ से होवे कोई पुण सो करता तेरा स्वर्गीय गुण ।। ५ मैं तेरी दया ईश्वर गाऊँ और करूँ तेरी स्तुति घन मैं हर्ष की भेंट तुझी पास लाऊँ जब लो न ठंडा मेरा मन जब निर्बल होवे मेरा मुँह कहरते स्तुति करता हूँ ।। 29 (२९) "All glory be to God on high." 8.7.8.7.8.8.7. Attole Paulum. NIKOLAUS DECIUS, 1541, १ ईश्वर को जो स्वर्ग पर है हो धन्यवाद प्रशंसा कि उसकी कृपा हम पर है हम होंगे न विनाशा परमेश्वर हम से प्रसन्न है मिलाप अब स्थिर निरंतर है हम बाप के घर में आएँ ।। २ प्रशंसा स्तुति महिमा हे पिता सृष्टिकर्त्ता हो तुझे हमों से सदा सब राज्य का तू है भर्त्ता अतुल्य तेरी सामर्थ है नित तेरा मत ठहरता है हो धन हे उत्तम प्रभु ।। ३ हे पिता के एकलौते सुत हे यीशु ख्रीष्ट पियारे पाप हरता त्राणी दयायुक्त विरोध मिटानेहारे ईश्वर के मेम्ने कान तू दे परमेश्वर प्रभु दया से सब दुःख में हो सहायक ।। ४ हे शान्तिदाता मददगार हे प्रबल श्रेष्ठ रखवारे शैतान के बल से उनकी आड़ जो ख्रीष्ट से हैं उधारे तू अपने रक्त के द्वारा से सब पाप से हमको छूटने दे हम सब हैं तेरे आश्रित ।। 30 (३०) "We praise Thee O God." 11. 11. 8. 6. 8. 5. S. S. 131. W. P. MACKAY. Chord - E | S- "---" | T- "---" १ धन तेरा पिता तू ने पुत्र को भेज मनुष्यों पर प्रगट किया अपना तेज ।। कोरस :- हाल्लेलूयाह धन्य तेरा हाल्लेलूयाह आमीन हाल्लेलूयाह स्तुति गावें फिर हम को जिला ।। २ धन तेरा मसीह तू ने लिया अवतार और क्रूस पर प्राण दे मेरा किया उद्धार ।। ३ धन आत्मा पवित्र उजियाला चमका अन्धकार को मिटाके त्राणकर्त्ता दिखला ।। ४ प्रशंसा और जय परमेश्वर की हो जो खोजकर मोल लेकर सम्भालता हमको ।। ५ फिर हम को जिला अपना प्रेम सब में भर और हर एक के मन को उत्साही तू कर ।। 31 (३१) "Father of Heaven, Whose love profound." L. M. Rivaulx or Erfurt. १ स्वर्ग-पिता तू ने कर के प्यार हम सब का किया है उद्धार । हम गिरते तेरे पाँवों पर हे प्रेमनिधान पाप क्षमा कर ।। २ सामर्थी पुत्र सत अवतार प्रवक्ता याजक तारणहार । हम गिरते तेरे पाँवों पर दीनबन्धु दया दृष्टि कर ।। ३ सनातन आत्मा जिसका स्वास जिलाता है जो हुए नाश हम गिरते तेरे पाँवों पर हे जीवनदाता जीवित कर ।। ४ परमेश्वर तू है एक में तीन यहोवाह हमें हों तुझ में लीन हम गिरते तेरे पाँवों पर तू हमें अपने योग्य कर ।। 32 (३२) 8.8.7.8.8.7.4.8.4.8. Frabk Fort. MARTIN RINKART, 1586-1649. १ हाल्लेलूयाह गुणानुवाद परमेश्वर स्वर्गीय पिता का जो शान्ति से राज करता तू है हमारा जीवन नाथ हम तेरा यश आह्वाद के साथ नित गावें हे सुखदाता जागो गाओ सुर मिलाओ गुणगान करो परमेश्वर का अधिपति सेनाओं का ।। २ हाल्लेलूयाह धन स्तुति हो मेम्ने को जिसने अपने को क्रूस पर बलि चढ़ाया और हमको अपने लोहू से छुड़ाया सकल दोष दण्ड से और ईश्वर से मिलाया उत्तमोत्तोम चैन ओ कुशल पाप से निर्मल जिससे सज्जन आनन्द करें नित्य नूतन ।। ३ हाल्लेलूयाह धन स्तुति हो धन आत्मा को जो हमों को दया कर फिर जन्माता वह धर्म के सुन्दर वस्त्रों से वह सभों को सुशोभित कर स्वर्ग दुल्हे से मिलाता धन्य भाग धन्य भाग अब सुदशा सच हुलासा हम को हुआ परम आनन्द हाल्लेलूयाह ।। 33 (३३) "Holy, Holy, Holy." 11. 12. 12. 10. Nicaea BISHOP R HEBER, 1783-1826. Chord - D | S- Ballad | T-074-076 १ हे महापवित्र सर्वशक्त परमेश्वर प्रातःकाल आनन्द से तेरी स्तुति गावेंगे तू महापवित्र ईश्वर कृपा सागर सर्वाधिकारी योग प्रशंसा के ।। २ हे महापवित्र संत सब भजन करते तेरे सन्मुख अपनी कीर्ति तुच्छ समझते हैं करूबीम सराफीम तेरे सामने गिरते जो था और है और रहेगा सदैव ।। ३ हे महापवित्र अन्धकार के कारण तेरा दर्शन पापी जन को मिलता है नहीं केवल तू पवित्र हे अद्वैत परमेश्वर सामर्थी प्रेमी और दयानिधि ।। ४ हे महापवित्र सर्वशक्त परमेश्वर सारी सृष्टि तेरे नाम का धन्यवाद करे तू महापवित्र ईश्वर कृपासागर सर्वाधिकारी योग प्रशंसा के ।। 34 (३४) "We pray Thee heavenly Father." 7. 6. 7. 6-D. Angel's Story or Aurelia. V. S. S. COLES. १ हे पिता अपने प्रेम से तू अब हमारी सुन उण्डेल हमारे बीच में सब अपने आत्मिक गुण । कि हर एक पाप से छूट के हम शुद्ध पवित्र रहें और तेरी सेवा करके नित धन्यवाद करें ।। २ हे यीशु हो हमारा सहायक अगुवा पास तेरे पहुँचेंगे जो तू आप होवे राह । ज्यों तू ने दी प्रतिज्ञा त्यों हमें देता जय तू यात्रियों का भोजन और जीवनदाता है ।। ३ हे आत्मा सृजनेहारे हमों पर दृष्टि कर हमें नवीन बना के उजाला हम में भर । कि तेरे आशिर्वाद से ढाढ़स बंधे रहें और प्रभु के शरीर को विश्वास से खा सकें ।। ४ हे तीन में ईश्वर एक ही सनातन एक में तीन हम को तू दे सहारा सब पाप से तू बचा अयोग हम हैं और निर्बल अचेत हैं और अज्ञान पर यह हम निश्चय जानते कि तू है क्षमावान ।। 35 (३५) "Come Thou almighty king." 6. 6. 4. 6. 6. 6. 4. Moscow. CHARLES WESLEY, 1707-88. १ हे सर्वशक्तिमान हम सब तेरा सन्मान नित करेंगे । पिता सर्वतेजोमय सभों पर करके जय कर हम पर राज सदैव हे परमेश्वर ।। २ बचन देहधारी आ अपनी सामर्थ दिखा सुन प्रार्थना को । हमें आशिष दिला बचन प्रबल करा तेरी पवित्रता अब हम पर हो ।। ३ हे शान्तिदाता आ ख्रीष्ट मुक्तिदाता का तू साक्षी हो । कर शुद्ध सब मन मलीन हर हृदय कर अधीन कभी तेरे विहीन हम नहीं हों ।। ४ त्रिएक परमेश्वर की प्रशंसा स्तुति भी होवे सदा । उस के पराक्रम को हम देखके मगन हों भजन निरन्तर हो और प्रेम उसका ।। 36 (३६) Bhajan Tunes No. 08. C. D. JADHAV. Chord - Dm (-1) | S- Ballad | T-086 परम पवित्र त्रेक परमेश्वर आ, आ प्रभु आईये । १ प्रभु सरग अनाथ के नाथा - तब रूप दरशा दे, दे प्रभु देइये ।। जगत - तम नाशक विद्युत । २ खोला मैने मन का द्वार - पाप से भरा बेशुमार । अपने लहू से धो धो दे मसीहा तू धो, धो प्रभु धोइये ।। ३ सत्य मन न भावत दुष्ट वासना धावत । नूतन जन्म दाता - अपना मन मुझे दे, दे प्रभु देइये ।। ४ पवित्र आत्मा तू उतर कर शुद्ध यह मन्दिर । ज्योति चमका दे - मेरी प्रार्थना तू सुन, सुन प्रभु सुनिये ।।

  • Lent 115–121 | Masihi Geet Sangrah

    संयमकाल (Lent) #### 115 (११५) *“Come every soul by sin oppressed."* *C. M.-- Only trust him* *J. H. STOCKION.* १ आओ जो थकित कलेशत हो विश्राम है यीशु पास उस ही के हाथ को पकड़ लो करो उस पर विश्वास ।। कोरस :- वह त्राता मुक्तिदाता वह बुलाता है पाप को तजो उसको भजो वह बचाता है ।। २ वही है सत और मुक्ति द्वार स्वर्गधाम पहुँचाने को हुआ अकेला धर्म अवतार सब पाप मिटाने को ।। ३ हे पापी जा उस धारा पास और मन के पाप धो डाल उस ही पर रख तू अपनी आस हो शाँति से निहाल । ४ मसीह के चेलों में मिल जा और थाम ले उसका हाथ मन उसकी प्रीति से मत हटा जो रहता तेरे साथ ।। #### 116 (११६) *“God loved the World of sinners lost."* *C. M.-- Punjabi Tune.* *MRS. STOCKION.* *Chord - D | S-6/8 | T-080* १ ईश्वर ने अद्भुत रीति से इस जग को किया प्यार और दिया अपने पुत्र को कि सब का हो उद्धार कोरस :- जयजयजय मसीह की जय जो क्रूस पर मुआ है है उसका प्रेम असीम अपार जय जय मसीह की जय ।। २ ईश्वर का पुत्र मृत्युंजय विश्वास से मेरा है वह अपने रक्त से करता शुद्ध और मुक्ति देता है ।। ३ विश्वासियों आनन्दित हो तुम को वह देता है कि यहीं चखो वहीं सुख जो सदा स्वर्ग में हैं ।। ४ शैतान का बल अब हुआ नाश यह गीत हम सबका हो और मरनकाल यीशु की जय करें आनन्दित हो ।। #### 117 (११७) *"Jesus and shall it ever be."* *L. M. Mainzer or Breslau.* *JOSEPH GRIGG, 1728-68.* १ यीशु क्या कभी होवेगा कि तुझ से मैं लजाऊँगा । जिसकी स्तुति दूतगण करते तू जो है प्रतापमय सदा ।। २ क्या उस मौत से मैं लजाऊँ जो वह है मेरा त्राणाधार । यदि मैं उससे लजाऊँ है कारण मेरा दुर्बल प्यार ।। ३ उससे लजाऊँ ? हाँ जब पाप मुझे नहीं धो डालना हो । जब मुझे हो न डर न दुख न आत्मा को बचाना हो ।। ४ तब तक मैं करूँगा घमण्ड उस पर जो मेरा त्राता है । और सदा मेरा भाग यह हो वह मुझ से न लजाता है ।। #### 118 (११८) *7s. Wollt Ihr Wissen* १ कौन है मेरा उत्तम ज्ञान मेरे मुंह का सुबखान कौन है मेरा पूर्ण आह्लाद मेरा धन और धन्यवाद ख्रीष्ट जो क्रूस पर मरा था ।। २ कौन है मेरे मन की प्रीति मेरा आस्रा पूर्ण प्रतीत कौन है मेरे मन का बल मेरी शरण आड़ और ढाल ख्रीष्ट जो क्रूस पर मरा था ।। ३ कौन हर संकट में सहाय कौन अकाल में भोजन हैं कौन जब लगती प्राण को प्यास शांति जब मैं हूँ उदास ख्रीष्ट जो क्रूस पर मरा था ।। ४ कौन है मेरा मृत्युंजय मरण काल में जो सहाय वह जो मुझे सर्वदा अपने पास बढ़ावेगा ख्रीष्ट जो क्रूस पर मरा था ।। ५ धन्य मान हे मेरे प्राण यीशु ख्रीष्ट का कर बखान हाँ प्रशंसा ख्रीष्ट की हो अभी से सनातन लों । कि वह क्रूस पर मरा था ।। #### 119 (११९) *"I am coming to the cross."* *7s. S. S. S. 477.* *Chord - F | S- E.Movie/"---" | T- "..."* १ क्रूस पास अब मैं आता हूँ उस में आश्रा पाता हूँ हुआ जां सत बलिदान जिससे होता मेरा त्राण ।। कोरसः- ख्रीष्ट मैं रखता तुझपर आस आता हूँ मैं कलवरी पास क्रूस की आशिष मुझे दे मुझे अब बचा तू ले ।। २ मैं तो पापी क्लेशित था अपने कर्म से दुःखी था मुक्ति का ढूंढ़ता था उपाय जानता था न सत सहाय ।। ३ यीशु तू है मेरा नाथ पकड़े रह तू मेरा हाथ केवल तू है सत अवतार केवल तुझ से है उद्धार ।। #### 120 (१२०) *Look to the Saviour on Calvary's tree."* *9. 9. 9. 5. and Ch. S. S. S. 427.* *Chord - G/F# | S-6/8 | T-084* १ क्रूस ही के पास जहाँ रक्त बहा पापों से दबे तहाँ गया । रक्त से यह मन मेरा शुद्ध हुआ उसकी होवे जय ।। कोरस :- उसकी होवे जय (२) रक्त से यह मन मेरा शुद्ध हुआ उसकी होवे जय २ निश्चय सब दूर हुए मेरे पाप राज करता है मन में यीशु आप । क्रूस ही का है मुझ पर प्रताप उसकी होवे जय ।। ३ ख्रीष्ट यीशु ने मुझे शुद्ध किया सुन्दर वह सोता है क्रूस ही का । उस पास मैं जाकर संतुष्ट हुआ उसकी होवे जय ।। ४ निर्मल वह सोता और आशिषमय उससे सब पाप तेरे होते क्षय । जल्द आकर अभी होजा निर्भय उसकी होवे जय ।। #### 121 (१२१) *“O render thanks to God above."* *L. M. Hursley or Abends.* १ धन मान के कहो उसकी जय जो अनन्त प्रेम का सोता है । आरम्भ से उसकी करूणा रही और रहेगी सदा ।। २ कौन उसके अद्भुत कामों का योग्य वर्णन कर सकेगा । गुणों का गाना भी उसके न बनता मानवी होठों से ।। ३ वे धन हैं और उनका है क्षेम जो पालन करते उसके नेम । जो उसकी इच्छा जानते हैं और उसकी आज्ञा मानते हैं ।। ४ दे मुझे वह अनुग्रह जो तू देता चुने हुओ को । छुड़ाने जब तू आवेगा हे प्रभु मुझे भी छुड़ा ।।

  • Consecration and Discipleship 362-382 | Masihi Geet Sangrah

    समर्पण और शिष्यता (Consecration and Discipleship) 362 (३६२) “No not desparingly.” 6. 4. 6. 4. 6. 6. 4. Horbury or Bethany. HORATIUS BONAR, 1808-89. १ आता मैं तेरे पास ईश्वर दयाल तुझ से है मेरी आश पिता कृपाल आप से मैं हूँ बलहीन कर मुझे मन में दीन मुझे सम्भाल ।। २ पाप से मैं भरा हूँ धार्मिक पिता और किस के पास जाऊँ कर तू दया हो करके बलिदान यीशु ने दिया प्राण मुझे बचा ।। ३ मेरे सब पाप मिटा मुझे शुद्ध कर मेरा विश्वास बढ़ा मन प्रेम से भर सुध मेरी सदा ले मरने पर आने दे अपने ही घर ।। 363 (३६३) “Nearer, my God to Thee.” 6. 4. 6. 4. 6. 6. 4. Bethany. SARAH F. ADAMS, 1805-1848. Chord - E | S- Ballad | T-082 १ ईश्वर तेरे समीप मैं पहुँचूँ हो क्रूस वह द्वारा भी जिससे उठूँ यह गीत मैं गाऊँगा तेरे समीप सदा तेरे समीप सदा और भी समीप ।। २ यात्री समान होऊँ डूब जावे भानु अंधेरा छावे भी बिस्तर चट्टानु नींद में मैं पाऊँगा दर्शन भी ईश्वर का तेरे समीप सदा और भी समीप ।। ३ उठकर स्तुति तेरी मैं करूँगा पत्थर से दुःखों पर जय पाऊँगा मुझे ईश्वर से क्या जो अलग करेगा तेरे समीप सदा और भी समीप ।। ४ तू मुझे मार्ग दिखा स्वर्ग जाने का और लेकर मेरा हाथ मुझे चला दूत कर सहायता दे निकट पहुँचा तेरे समीप सदा और भी समीप ।। 364 (३६४) “Jesus keep me near the Cross.” 7. 6. Near the Cross. FANNY CROSBY, 1820-1915. Chord - E | S- Waltz | T-126 १ क्रूस के पास तू मुझे रख यीशु प्यारे त्राता पापी वहाँ सोते से सेंत में मुक्ति पाता ।। कोरसः- क्रूस की मैं क्रूस की मैं नित्य बड़ाई करूँगा जब तक मैं आनंदित हो पार न पहुँचूँगा ।। २ क्रूस के पास जब मैं आया प्रेम और कृपा पाई वहां किरण सूर्य की मेरे दिल में आई ।। ३ तेरी दया क्रूस के पास मुझे पहुँचावे मेरे ऊपर सदा लो क्रूस की छाया आवे ।। ४ क्रूस के पास मैं ठहरूँगा नित्य भरोसा रख के जब तक मैं न देखूँगा हर्ष को तेरे घर के ।। 365 (३६५) “Just as I am.” CHARLOTT ELLIOT, 1789-1871. Chord - C# | S- Waltz | T-120 १ जैसा मैं हूँ बिन योग्यता पर करके आसरा लोहू का और सुनकर तेरा नेवता मसीह मैं आता हूँ ।। २ जैसा मैं हूँ निज पापों का एक दाग न दूर कर सकूँगा पाप तेरे रक्त से मिटेगा मसीह मैं आता हूँ ।। ३ जैसा मैं हूँ मन शंकामय और बाहर भीतर हर समय है दुबिधा झगड़ा जलन भय मसीह मैं आता हूँ ।। ४ जैसा मैं हूँ अभागी जन कैसे यह चंगा होवे मन और कैसे पाऊँ दृष्टि धन मसीह मैं आता हूँ ।। ५ जैसा मैं हूँ तू देवेगा छुटकारा क्षमा शुद्धता और मुझे ग्रहण करेगा मसीह मैं आता हूँ ।। ६ जैसा मैं हूँ रुकावटें हटा के मुझे शरण दे अब तेरा होने के लिये मसीह मैं आता हूँ ।। 366 (३६६) “Take my life and let it be.” 7. s. Mozart or Weder. FARNCES. R. HAVERCAL. 1836-79. Chord - F | S- Waltz | T-122 १ प्रभु मेरा जीवन ले तेरा होवे अभी से ले समय कि वह भी हो तेरी स्तुति करने को ।। २ ग्रहण कर इन हाथों को इन से तेरी सेवा हो मेरे पांव भी योग्य कर कि काम करें जीवन भर ।। ३ वाणी ले कि तेरी ही गाऊँ स्तुति प्रभु जी ले होंठों को भर संदेश कि सुनाऊँ देश विदेश ।। ४ मेरा सोना चांदी ले कुछ न रखता हूँ तुझ से बुद्धि ज्ञान जो हों मेरे अब तू अपने काम में ले ।। ५ इच्छा ले और वश में कर तेरी होवे जीवन भर ले तू मेरा मन मलीन कि वह रहे नित्य लौलीन ।। ६ मेरे सारे हृदय के प्रेम हे प्रभु तू ही ले मुझे ले मैं रहूँगा तेरा सदा सर्वदा ।। 367 (३६७) “I am Thine O Lord.” 10. 7. 10. 7. S. S. S. 607. FANNY CROSBY, 1820-1915. Chord - E | S- 6/8 | T-086 १ प्रभु तेरा हूँ तेरे वचन से तेरा प्रेम पहिचानता हूँ मेरी लालसा है कि विश्वास से मैं जाके तेरे पास रहूँ ।। कोरसः- रख तू मुझको मुझको मुझको ऐ मसीह जां है सोता क्रूस से खास रख तू मुझको मुझको मुझको ऐ मसीह अपने घायल पांजर पास ।। २ आत्मिक शान्ति से काम के योग्य कर मुझको सेवा में लगा मेरा मन कर स्थिर मेरी इच्छा को अपनी इच्छा से मिला ।। ३ अपनी प्रार्थना में जैसे मित्र से तैसे तुझ से बात करूँ जो एक घड़ी भी तेरे संग रहूँ तो महा आनंदित हूँ ।। ४ सब से गहरा प्रेम मैं न जानूँगा जब तक स्वर्ग न जाऊँगा सब से श्रेष्ठ आनंद तब मिलेगा जब तुझको आँख से देखूँगा ।। 368 (३६८) “Have mercy on us, O Lord.” १ प्रभु यीशु दयावन्त मेरे त्राण का तू आद्यन्त पापी को तू तारता है उसके पाप को हरता है हे तू जग के दीनदयाल प्रभु मुझ पर हो कृपाल ।। २ तेरा नाम मैं लेता हूँ तन मन तुझे देता हूँ मेरा त्राण हे कृपानाथ मिलता केवल तेरे हाथ हे तू जग के दीनदयाल प्रभु मुझ पर हो कृपाल ।। ३ मेरे सारे पाप का भार कृपा करके तू उतार कर तू मुझे अपना दास रख तू मुझे अपने पास हे तू जग के दीनदयाल प्रभु मुझ पर हो कृपाल ।। ४ अपनी बड़ी दया से अपना आत्मा मुझे दे वह बतावे धर्म की नीति वह बढ़ावे प्रीत प्रतीत हे तू जग के दीनदयाल प्रभु मुझ पर हो कृपाल ।। 369 (३६९) “I will praise Thee.” L. M. ROUSE. Chord - F# | S- E.Movies/"---" | T-"---" १ प्यारे प्रभु मैं हूँ तेरा केवल तेरा सदा लों धोया हुआ तेरे रक्त से धन्य हो धन्य हो मेम्ने को ।। कोरसः- धन्य हो धन्य हो हाल्लेलूयाह धन्य हो धन्य हो मेम्ने को धुला हूँ मैं तेरे रक्त से धन्य हो धन्य हो मेम्ने को ।। २ देर से बड़ा यत्न करके शान्ति को मैं खोजता था पर जब मैं ने छोड़ के की प्रतीत तब चैन मिला ।। ३ अब मैं करता हूँ भरोसा रक्त के गुण मैं जानता हूँ और यीशु के पास मैं रहके उसे अपना मानता हूँ ।। ४ मैं ठहराया हुआ सेवक सदा तेरा रहूँगा तेरे पूरे त्राण की साक्षी सभों को मैं देऊँगा ।। ५ उसका योद्धा मैं रहूँगा जिसने किया मेरा त्राण जिसने पाप का मैल निकाल के निर्मल किया मेरा प्राण ।। ६ धन्य कि मैं प्रभु का दास हूँ धन्य कि उस में है कृपा धन्य कि मुझे वह बचाता धन्य हो सदा सर्वदा ।। 370 (३७०) “It is the blessed hour of prayer.” P. M. -- S. S. S. 303. FANNY CROSBY, 1820-1915. Chord - F | S- 6/8 | T-086 १ यह है प्रार्थना का समय जब हम छोड़के संसार अपने मित्र त्राणकर्ता के पास जाते हैं तो हम प्रेम विश्वास के साथ उसकी संगत करें जी में जी उससे आता बहुमूल्य समय ।। कोरसः- समय प्रार्थना का शान्तिदायक है जी में जी उससे आता बहुमूल्य समय ।। २ यह है प्रार्थना का समय जब वह दया के साथ अपने प्यारों की बिन्ती पर ध्यान देता है वही चिंता रंज और बोझ मुझसे दूर करता है जी में जी उससे आता बहुमूल्य समय ।। ३ यह है प्रार्थना का समय पाप के मारे जो हैं अपने दोष को मान के क्षमा दान मांगते हैं जब वह उनको ग्रहण कर उन्हें शुद्ध करता है जी में जी उससे आता बहुमूल्य समय ।। ४ यह है प्रार्थना का समय जो विश्वास हम करें कि जो मांगें सो निश्चय मिलता है हमें तो हम सोच विचार को छोड़ पूर्ण आनंद करेंगे जी में जी उससे आता बहुमूल्य समय ।। 371 (३७१) “Saviour, blessed Saviour.” 11. S. Princethorpe or Goshen. GODFREY THRING, 1823-1903. १ यीशु धन्य यीशु सुन हमारा गान मन और शब्द से करते तेरा आदरमान जो कुछ है हमारा जो कुछ होवेगा देह और प्राण और आत्मा सौंपते सर्वथा ।। २ निकट अधिक निकट तुझ पास आते हैं तेरा आदर करके घुटने टेकते हैं जगत में तू आया करने को उद्धार ऊपर फिर चढ़ गया हमें ले उस पार ।। ३ बड़े अधिक बड़े या हैं तेरे दान सच्चा और सनातन विभव है उस स्थान वहाँ शोक और चिंता क्लेश और दुःख हैं नष्ट वां सिंहासन आगे सब हैं बिना कष्ट ।। ४ बढ़ो आगे बढ़ो चलो सुख निवास जिस मार्ग संत लोग आगे बढ़े ईश्वर पास पीछे सब कुछ छोड़ के बढ़ो इसी रीत मुंह न पीछे फेरो दौड़ के पकड़ो जीत ।। ५ ऊपर प्रभु ऊपर आत्मा को पहुँचा लाज और दुःख भुलाके स्वर्ग में ले उठा हैं अपार आनंद में वहां दूत और संत जय यीशु की गाते मगन हो अनंत ।। 372 (३७२) “I need Thee every hour.” 6. 4. 6. 7. 7. 7. 4. S. S. S. 577. ANNNIE HAWKES, 1835-1918. Chord - F# | S- E.Movies/"---" | T-"---" १ रह मेरे पास सदा प्रभु दयाल तू अपने वचन से मुझे सम्हाल ।। कोरसः- हे यीशु प्यारे रक्षक है तू अति आवश्यक अब तेरे पास मैं आता तू आशिष दे ।। २ रह मेरे पास सदा तू शक्ति दे परीक्षा के समय कर स्थिर मुझे ।। ३ आनंद वा पीड़ा हो रह मेरे पास जीवन सिद्ध करने को मुझ में कर वास ।। ४ तू अपनी इच्छा को मुझ में करा और वचन का प्रताप मुझ से दिखला ।। ५ महा पवित्र तू रह मेरे पास ईश्वर का बेटा तू मैं तेरा दास ।। 373 (३७३) “My faith looks up to Thee.” 6. 6. 4. 6. 6. 6. S. S. S. 235. RAY PALMER, 1808-78. १ हे मेम्ने कलवरी के मैं तुझ पर हृदय से रखता विश्वास अब मेरी प्रार्थना सुन दूर कर सब पाप अवगुण आज से मैं नित्य रहूँ तेरा ही दास ।। २ अपने अनुग्रह से सामर्थ दिला मुझे उत्साह भी दे देख तेरी मृत्यु को प्रेम मेरा तुझ पर हो शुद्ध कोमल अटल हो और अग्नि सा ।। ३ जब जीवन यात्रा में घबराहट हो मुझे तू मार्ग दिखा अंधकार में ज्योति हो पोंछ डाल हर आंसू को और मेरा साथी हो तू सर्वदा ।। ४ जब जीवन पूरा हो मृत्यु की नदी को जब देखूँगा त्राणकर्ता प्रेम दिखा डर और सन्देह मिटा और मुझे मुक्त बना उस पार ले जा ।। 374 (३७४) Bhajan Tunes No. 78. SHUJAAT ALI. अरे हां रे मन यीशु को भजना । १ यीशु सिवा कोई पार न करिहै, वा पर चित्त धरना ।। २ माया मोह बीच फल नाहीं, यीशु को भजना ।। ३ जब लग प्राण रहता है घट मों, तभी तलक अपना ।। ४ ज्ञान ध्यान से देखो मनमों, दुनिया है सपना ।। ५ कहता है आसी सुन भाई साधु, आखिर है मरना ।। 375 (३७५) आओ प्रभु घट आज हमारे - (दो बार) १ या घट में नित्य बास करो तुम, हो मन्दिर यह योग्य तुम्हारे । २ पाप घिनित सब दमन करन को, हे प्रभु हमहु देहु सहारे । ३ हम सब जग में हिय उरझाने, धर्म स्वारथ काज बिसारे। ४ ताहु पतित हम आस करत है, तरिबो हम तव रक्त के द्वारे । 376 (३७६) तेरे साथ मैं चलूँ प्रभु, जब तू थामता मेरा हाथ ।। १ मेरा मुक्तिदाता कहता, क्रूस उठा के पीछे आ ।। २ जब गेतशेमनी को जाऊँ, क्या तू चलता मेरे साथ ।। ३ कांटों का है मेरा मुकुट, क्या तू उसको लेता है ।। ४ क्या तू देगा अपना जीवन, मैं ने दिया अपना प्राण ।। ५ दुःख के मार्ग का अन्त है आनंद, सदा आनंद मेरे साथ ।। 377 (३७७) परमेश्वर के घर बास करे, नर कौन जु स्वर्ग प्रवेश लहै ।। १ नर केवल जो मन सीधे चले, अरु धर्म करे दिनबास लहै ।। २ नर बोलत सत्य न गाली दिये, नहीं निंदत सो प्रभु पास रहे ।। ३ अपवाद पड़ोसिन का न करें, नहि हानि करे सुख नित्य गहै ।। ४ सत संगति जो चाहें दुष्ट रिपु, नर सो दिनबास सदा करिहै ।। ५ निज हानि शपथ जु खाय नहीं, पलटे नर सो अति मोद लहै ।। ६ नहि जो नर ब्याज का लोभ करे, न निर्दोषन से जु अकोर चहै ।। ७ परमेश्वर प्रीति जु धर्म करे, वह स्वर्ग माहि सुख बास लहै ।। 378 (३७८) Bhajan Tunes No. 32. HINGAN प्रभु यीशु दर्शन दीजे जी । मोहे शरण अपनी लीजे जी ।। १ तुम तो जग के तारणहारे, हम तो पापी दीन बेचारे । कृपा अपनी कीजे जी ।। २ तुम तो हो स्वर्गन के राजा, आय जगत में दीनन काजा । मोहे अपनो कीजे जी ।। ३ यह शैतान बड़ो दुःखदाई, याने जगतहि सकल भुलाई । याको बन्धन कीजे जी ।। ४ हम तो इन विषय में भूले, घर की चिन्ता में रहे फूले । धर्मात्मा दीजे जी ।। 379 (३७९) Bhajan Tunes No. 31. प्रेमानिधान सुकृपा कीजे । दर्शन हे प्रभु हम को दीजे ।। १ हम अति पापी तन ओ मन से । हे प्रभु पाप क्षमा अब कीजे । २ सेवक हम हर भांति निकम्मे । बल बुध देकर सेवा लीजे ।। ३ या भवसागर में नित शंका । प्रतिदिन सेवक रक्षा कीजे ।। 380 (३८०) Bhajan Tunes No. 56. JOHN CHRISTIAN. मन मन्दिर आये प्रभु यीशु, कीजे अपनो बासा जी ।। १ यही अपावन मन्दिर माझे, शत्रु डारयो पासा जी ।। २ प्रभु तुम ताको काटि दुरावो, दिखाय दण्डक त्रासा जी ।। ३ चौदिश घेरे विषय विरोधी, मन बच काया ग्रासा जी ।। ४ काह करा कछु सूझत नाहीं, तेरो नामक आशा जी ।। ५ जोग न जाँ पैहों प्रभु तेरो, करहु दया प्रकाशा जी ।। ६ विपत्ति सहो तुम दुखिन, कारण, मेरो यही दिलासा जी ।। ७ और करो मति मोर परीक्षण, छनिक भरे यह श्वासा जी ।। ८ केते पतिन तुम तारयो प्रभु, जानुहु तेरो दासा जी ।। 381 (३८१) Bhajan Tunes No. 80. SHUJAAT ALI. मैं तो यीशु को मन में मना रखिहूँ । कोई मानो न मानो तो मैं क्या करिहूँ ।। १ यीशु मसीह है तारणहार । कोई जानो न जानो मैं जना रखिहूँ ।। २ यीशु मसीह प्रभु तुम्हारे दरश को । मैं तो मन चित्त उधरी लगा रखिहूँ ।। ३ आसी की बिनती सुनो प्यारे बन्धु । तुम चेतो न चेतो मैं चिता रखिहूँ ।। 382 (३८२) Bhajan Tunes No. 109. SHUJAAT ALI. १ करता हूँ तुझ से इल्तिजा, यीशु मसीह फरयाद सुन । कुरबान तेरे नाम का, यीशु मसीह फरयाद सुन ।। २ तेरे सिवा और कौन है, बख्शेगा जो मेरे गुनाह । मुआफ कर मेरी खता, यीशु मसीह फरयाद सुन ।। ३ हम सभों के वास्ते, खुद आप अपनी जान दी । मुझ को भरोसा है तेरा, यीशु मसीह फरयाद सुन ।। ४ चार दिन का मुर्द लाजर, बात से तेरी उठा । दे हयात अब्दी मुझे, यीशु मसीह फरयाद सुन ।। ५ दर्द मेरे दूर कर हरगिज न हो मुझ से खफा । मुश्किल मेरी आसान कर, यीशु मसीह फरयाद सुन ।। ६ जो दस हुक्म हक ने दिये, मैं ने नहीं उनको किया । लायक जहन्नम के हुआ, यीशु मसीह फरयाद सुन ।। ७ जब याद करता हूँ तुझे दिल जान से गर एक बार । आकर भुलाता है लईं, यीशु मसीह फरयाद सुन ।। ८ मैं बहुत कमजोर हूँ, ईमान कमजोर मुझको अता । दे मुझे रूह उल कुदुस, यीशु मसीह फरयाद सुन ।। ९ थरथराता हूँ गुनाहों बीच में अपने सदा । तू कर फजल आसी ऊपर, यीशु मसीह फरयाद सुन ।।

  • God The Father 37-50 | Masihi Geet Sangrah

    परमेश्वर पिता (God the Father) 37 (३७) "Now thank we all our God." 6s. Nun Danket. MARTIN RINKART, 1586-1619. १ अब मन और मुंह और हाथ ईश्वर की ओर उठाओ और उसका बड़ा प्रेम और उत्तम काज सराहो वह हम पर कृपावान दयाल करूणामय हमारे बालपन से आज तक ठहरता है ।। २ जीवन भर कुशल क्षेम परमेश्वर हम को देवे कि हममें धर्म और प्रेम और शान्ति बढ़ती जावे हे प्रभु कृपा कर हमें सदा सम्भाल संसार पर जय दिला सब संकट से निकाल ।। ३ ईश्वर को धन्यवाद पिता सराहो जावे पुत्र को महातम हो धर्मात्मा स्तुति पावे जो है और रहेगा जैसा आरम्भ में था त्रिएक परमेश्वर को प्रशंसा हो सदा ।। 38 (३८) "O God our help in ages past." C. M. St. Anne. ISSAK WATTS 1674-1748. १ अनादिकाल से शरणस्थान हमारा तू रहा । और अनन्तकाल लों है पिता तू वैसा रहेगा ।। २ तेरी छाया में तेरे भक्त सदा निडर रहे । सो हम भी तेरी शरण में बखटके रहेंगे ।। ३ पहाड़ जब तक न बने थे न पृथ्वी सृजी थी । तब ही से तू परमेश्वर है और नित रहेगा भी ।। ४ ज्यों रात का पिछला पहर अब वेग बीतता जाता है । त्यों तेरे लेखे चतुर्युग क्षण में निकलता है ।। ५ ज्यों धारा बहा करती है काल कटते जाते हैं । त्यों पीढ़ी पीढ़ी के सब लोग सपने से होते हैं ।। ६ हे ईश्वर इस दुःख सागर में हमारा पालक हो । हमारा अब सहायक रह और आसरा सदा लों ।। 39 (३९) "All people that on earth do dwell." L. M. Old Hundred or Bresian. WILLIAM KETHE, 1561-94. १ इस जग के रहने वाले सब प्रभु की स्तुति करो अब । उसका सुनाओ समाचार और उसका करो जय जयकार ।। २ यहोवाह ईश्वर है सचमुच उसी ने सृजा है सब कुछ । वह हम भेड़ों का है रखवाल वह सदा रहता प्रतिपाल ।। ३ पास आओ उसके आंगनों में गीत गाते बड़े आनन्द से नित उसके नाम की करो जय कि सही करना उचित है ।। ४ हमारा ईश्वर खरा है दृढ़ उसका दया रहती है ।। उसकी सच्चाई रहत नित और सदा रहेगी निश्चित ।। ५ पिता और पुत्र और आत्मा की हो स्तुति स्वर्ग और जग में भी जय उसकी करें मनुष्य जात और दुतगण सारे दिन ओ रात। 40 (४०) "Praise Thou the Lord O my Soul." 10. 8. 10. 8. 8.8.4.4. Halle. J. HERENSCHMIDT, 1675-1723. १ ईश्वर की स्तुति कर प्रिय प्राण तू अपने जीवन भर जब तक मैं रहूँ मैं नित गाऊँगा उसका नाम उसको प्रशंसा दे हर जाम वह जीवननाथ है सभों का रक्षक और पालक प्रिय पिता हाल्लेलूयाह हाल्लेलूयाह ।। २ जितने महान है सम्पूर्ण पृथ्वी पर जितने मनुष्य हैं ऊँचे और पस्त उन पर हे मन तू भरोसा मत कर जो निर्बल हैं और मृत्यु ग्रस्त वे सब के सब हैं निरूपकार ईश्वर को सामर्थ्य है अपार हाल्लेलूयाह हाल्लेलूयाह ।। ३ उसको हर दशा में धन्य जानो जिसका परमेश्वर है रखवार जिसका धाम अटल सनातन मानो जिसका ख्रीष्ट यीशु ही है सार जो ईश्वर है सृष्टि करता उसकी सच्चाई दृढ़ सदा हाल्लेलूयाह हाल्लेलूयाह ।। 41 (४१) C. M. Bedford or Richmond. १ परमेश्वर कौन और कैसा है कौन उसका जाननेहार । वह न मनुष्य के ऐसा है पर आत्मा निराकार ।। २ न अंग न रंग न रूप न रेख है श्री परमेश्वर की । पर उसके सत अवतार को देख जो है ख्रीष्ट यीशु ही ।। ३ परमेश्वर का तुम देखो प्रेम जो प्रगट हुआ है । कि जग को देने कुशलक्षेम पुत्र निज दिया है ।। ४ यों ईश्वर प्रेम की ज्योत अपार जग पर चमकाता है । मिटाता है वह सब अंधकार वह मिटाता है ।। ५ हे ईश्वर पुत्र दीन दयाल की धारण तू ने देह । ख्रीष्ट तू जो सचमुच है कृपाल उपजाता कैसा स्नेह ।। 42 (४२) "A mighty fortress is our God." 8. 7. 8. 7. 6. 6. 6. 7. Ein Feste Burg. MARTIN LUTHER, 1483-1546. १ परमेश्वर में एक दृढ़ पहाड़ एक पक्का गढ़ और शरण दुरदिनों में हमारी आड़ हर दुःख में दुःखहरण वह महादुष्ट जो है अब क्रोध से ज्वलित है देखो उसको सिंह समान लड़ाका ढीठ बलवान तथापि हम न डरें ।। २ सच हमसे कुछ न बनेगा हम में न बल न मति पर उसको वेग ही पटकेगा एक जयवन्त सेनापति वह कौन तू पुछता है वही ख्रीष्ट यीशु है जो सर्वसामर्थी है न दूसरा ईश्वर भी है जीत अंत को उसकी होगी । ३ और जो हमारी हर एक ओर शैतान की सेना आती हां हम पर चढ़ता एक करोड़ जीत तो हमारी रहती संसार प्रधान शैतान भयंकर हो कोपवान हमको न उस से भय है निश्चित उसका क्षय एक बात उसको गिराती ।। ४ जो बचन है हमारे साथ कौन उस को हम से लेगा हम को यीशु मसीह प्राणनाथ आत्मा के दान भी देगा तो ले जो चाहता है जो कुछ हमारा है हो धन वा मान व जान सब कुछ जो है नाशमान स्वर्ग राज हमारा होगा ।। 43 (४३) "Commit Thou every burden." 7. 6. 7. 6. D. St. Theodulph or Morning Light. PAULUS GERHARDT, 1607-76. १ सौंप दे तू अपनी राहें और मन का भार और भय उस ही के सच्चे पाल में जो स्वर्ग चलाता है जो मार्ग और दौड़ दिखाता अनगिनित तारों को पथ निश्चय बता सकता तेरे भी चलने को ।। २ प्रभु पर आसरा छोड़ दे कि तेरा भला हो उस ही के कार्य देख ले कि तेरा सफल हो विकल हो चिन्ता द्वारा कुछ बन न पड़ेगा ईश्वर है देनेहारा उससे जो माँगेगा ।। ३ हे दीनदयालु पिता तू देख कर जानता है क्या अच्छा है क्या बुरा शरीर को जो नाशमय और जो कुछ तुझे भाता तू करता हे शूरमा और स्थिति गत में लाता जो हुई तेरी चाह ।। ४ मार्ग तेरे हर प्रकार के उपाय तू करता आज दया आशिष से भरके तू करता अपना काज कौन है जो तुझे थांमे हां कौन रोक सकता हैं जब तू निज प्यारे बाल को क्षेम देना चाहता है ।। ५ मिटा हे कृपासिन्धु मिटा हमारा दुःख सम्भाल हमें हे प्रभु निदान दे परम सुख ले तू हमारी सुधि सब दिन में मृत्यु लों तब करेंगे नित स्तुति स्वर्ग में सनातन लों ।। 44 (४४) "Praise thou the Lord the almighty.” 14. 14. 4. 7. 8. Lobe Den Herren. JOACHIM NEANDER, 1650-80. Chord - E | S- Waltz | T-120 १ धन्य है परमेश्वर । तुम उसी का धन्यवाद गाओ । स्वर्ग के सब दूतों के राग में राग अपना मिलाओ । सब उस के संग छेड़ो बीण गाओ तुम गीत । प्रभु का भजन सुनाओ ।। २ धन्य है परमेश्वर । वह करता सब भला और अच्छा । अपने पंख नीचे वह करता है तुम्हारी रक्षा । प्रभु दयाल रहता है नित प्रतिपाल । जानता तुम्हारी सब इच्छा ।। ३ धन्य है परमेश्वर । अद्भुत उसने तुम्हें बनाया । तुम्हें सुख चैन देके कृपा के मार्ग पर चलाया । किया उपकार । प्रभु ने तुम्हें बार बार । अपनी ही आड़ में छिपाया ।। ४ धन्य है परमेश्वर । तुम्हारे वह घर का बरदाई । स्वर्ग पर से वर्षा सी कृपा पर कृपा बरसाई । भूलियो मत प्रभु बलवन्त है और सत । कितनी प्रीत तुम पर दिखाई ।। ५ धन्य है परमेश्वर । सब मिलके गुण प्रभु का गाओ । सब जिन को स्वास है हमारे संग भजन सुनाओ । वह है जगमूल मनुआ उसे मत भूल । स्तुति करके कहो आमीन ।। 45 (४५) "O worship the King." 10. 10. 11. 11. Hanover or Lyons. ROBERT GRANT 1785-1838. १ हम ईश्वर महान का गावें धन्यवाद वह है परमात्मा अनन्त और अनाद । स्वयंभू परमेश्वर अदृश्य निराकार वह जग अधिपति और सब का आधार ।। २ सृष्टिकर्त्ता रक्षक और सर्वशक्तिमान सर्वज्ञानी पवित्र और न्यायी महान । वह असम और अगम गुणसागर अपार वह सब का है दाता और त्राण करनेहार ।। ३ कौन प्रभु के भेद का कब हुआ सज्ञान हां ख्रीष्ट में प्रगट परमेश्वर महान । दयाल होके आया बचाने संसार वह देहदारी हुआ यह प्रेम है अपार ।। ४ पापमोचन और मुक्ति अब यीशु के हाथ त्राण खोजी को देता है त्राण कृपानाथ । सो रक्खे हम यीशु पर मन से विश्वास कि पावें हम उससे अब मुक्ति की आस ।। 46 (४६) 8. 7. 8. 7. Batty or Mariners. १ हे परमेश्वर रक्षक मेरे तेरा प्रेम मैं जानता हूँ पाया करता हूँ दान तेरे तेरा धन्य मैं मानता हूँ ।। २ भोजन वस्त्र तू ने दिया दिया सब कुछ दीनदयाल रक्षण मेरा तू ने किया सदा रक्षण कर रखवाल ।। ३ सब कुछ मैंने तुझ से पाया तौभी तेरा किया पाप अब मैं पापों से लजाता उनसे मुझे है सन्ताप ।। ४ प्रभु यीशु रूधिर तेरा मुझे शुद्ध कर सकता है मन पवित्र कर तू मेरा करूंगा मैं तेरी जय ।। 47 (४७) "Our Father." 8.7.8.7.4.7. Dismissal. १ हे हमारे स्वर्गीय पिता तेरा नाम पवित्र हो तेरा राज्य सर्वत्र आवे तेरी इच्छा पूरी हो जैसे स्वर्ग पर वैसे पृथ्वी पर भी हो ।। २ हमें प्रतिदिन की रोटी दया करके आज तू दे और अपराध जो हम से हुए क्षमा कर तू कृपा से जैसे हम भी क्षमा करते औरों के ।। ३ तू परीक्षा में न डालकर हमें दुष्टों से बचा क्योंकि तेरा है पराक्रम राज्य और महिमा सदा हम सब कहें आमीन एसा होवेगा ।। 48 (४८) Bhajan Tunes No. 60. जय परमेश्वर जय अति पावन, जय जय स्वर्ग निवासी । जय त्रिभुवन के सिर्जनहारे, जय धर्मी पितु शासी । मन में भटक गये हम तोसे, तदपि तात तू भासी । आत्मा तनु को तुही बनाओ, जय पितु नाम विकासी । सिर्जन करि पुनि राशि बिठायो, तुही पिता सुखराशी । जन्म पुनर्जन लाभ तुही से, होत सदा अघनाशी । प्रभु सुत छाप हृदय करू मेरे, दोनों जन्म विकासी । जै जै सात स्वर्ग के राजा, जै जै दुःख बिनाशी । पतित सुपावन जय जग भावन, जै यीशु अविनाशी । 49 (४९) Bhajan Tunes No. 1 दीनदयाल हमारे प्रभु जी, तोर चरण पर नेह करों रे । १ देह हमारी आप बनाई, धूलक अद्भुत रूप अनुपा । लखत जगत शुभकाज तिहारो, सकल सृष्टि के तुमही भूपा ।। २ समुझि सके को यह जग रचना, अचरज है सब तेरो कर्मा । देखि निहारा खात अचम्भा, बूझि पड़त नहिं एको मर्मा ।। ३ परमेश्वर तुम आदर लायक नाम तिहारो भजवे योगू । अगन समाना तेज सरूपी, तव महिमा जाने तुअ लोगू ।। ४ जिहि गुण गावत दिवगण चूके, महिमा जाको अपरम्पारा । छीन अधीन कहां लग बरणे, प्रभुजी मनसा पूरणि हारा ।। 50 (५०) Gazal Tunes Nos. 105 & 106. SHUJAAT ALI १ या रब्ब तेरी जनाब में हर्गिज कमी नहीं । तुझ सा जहाँ के बीच तो कोई गनी नहीं ।। २ जो कुछ कि खुबियाँ हैं सो तेरी ही जीत में । तेरे सिवाय और तो कोई धनी नहीं ।। ३ आसी की अर्ज तुझ से है तू सुन ले ऐ गनी । अपने फजल के गंज से तू कर मुझे धनी ।।

  • The Gospel Invitation 239–268 | Masihi Geet Sangrah

    सुसमाचार का बुलावा (The Gospel Invitation) 239 (२३९) “Come to the Saviour make no delay.” 9. 9. 9. 6. D. -- S. S. S. 1165. GEORGE F. ROOT, 1820-95. Chord - G# | S- 6/8 | T-094 १ आ देर न करके यीशु के पास अब उसकी बात पर कर तू विश्वास यहाँ वह करता बीच में निवास प्रीति से कहता आ ।। कोरसः- खुशी खुशी तब हम करेंगे पाप से जब छुटकारा पावेंगे और तेरे साथ हम नित्य रहेंगे स्वर्गीय स्थानों में ।। २ लड़के भी आवें सुन उसकी बात जय उसकी होवे हर दिन ओ रात यीशु को माने सब देश और जात अब देर न करके आ ।। ३ यीशु को बीच में अब पहचान सुन उसकी बात और मन ही से मान प्रेम से वह बोलता दे अपना कान आ मेरे लड़के आ ।। 240 (२४०) “Come ye sinners poor and needy.” S. 7. 8. 7. 4. 7. Dismissal or Eton College. JOSEPH HART, 1712-1768. १ आओ तुम जो हीन पापी दुखित क्लेशित बिन विश्राम पाप के कारण जो विलापी जी से कहो यीशु नाम प्रभु यीशु सिद्ध कर चुका अपना काम ।। २ हम सब अधम दीन हीन पापी सब हैं दोषी नरक योग्य दण्ड इस जग के पापियों का यीशु तूने किया भोग प्रभु यीशु तुझको ताकते पापी लोग ।। ३ तूने बहुत दुःख उठाके जगत पर दिखाया प्रेम क्रूस पर अपना रक्त बहाके किया सबके त्राण का नेम प्रभु यीशु तू ही देता कुशल क्षेम ।। ४ सारे जग का है राजा राज्य करने जल्दी आ देश विदेश ही तेरी प्रजा मूर्तिपूजा तू मिटा प्रभु यीशु अपना राज तू जल्दी ला ।। 241 (२४१) “Let him that heareth say come.” 6. 6. 4. 6. 6. 6. 4. Olivet. १ आओ सब पापी लोग हुये जो नरक योग्य जी से उदास आओ जो धर्म विहीन आओ जो मन मलीन यीशु के हो, आधीन यीशु के दास ।। २ जग में प्रभु कृपाल यीशु ने हो दयाल लिया अवतार प्रभु का नेम और प्रीत प्रभु का प्रेम प्रतीत देखों सब धर्म की रीत अपरम्पार ।। ३ अपने पर लेने दुःख औरों को देने सुख आया वह आप सहा है कष्ट महान दिया है अपना प्राण किया दे जग का त्राण किया मिलाप ।। ४ आओ यीशु के पास करो उस पर विश्वास सब हैं तैयार लेओ तुम मुक्ति ज्ञान लेओ तुम मुक्ति दान यीशु का ही प्रदान सच्चा उद्धार ।। 242 (२४२) “Hark my Soul it is the Lord.” 7. 7. 7. 7. St. Bees or Harts. WILLIAM COWPER, 1731-1800. १ उसकी सुन हे मेरे प्राण जिससे हुआ तेरा त्राण यीशु तुझसे पूछने हार क्या तू मुझसे करता प्यार ।। २ बंधन मैंने खोल दिया दुःखित मन को शान्त किया फेरा तुझे भ्रमने से पथ पर लाया जीवन के ।। ३ अपने बच्चे को क्या मां भूल जा सकेगी कदा जो वह भूले तौभी क्या तुझे मैं भूल जाऊँगा ।। ४ मेरा प्रेम है निर्विकार ऊँचा गहरा और अपार सदा रहता है अटल मृत्यु से भी है प्रबल ।। ५ तू तो आगे देखेगा स्वर्ग में मेरी महिमा सुख भी पावेगा अपार क्या तू मुझसे करता प्यार ।। ६ यीशु हो तू दयावन्त मेरा प्रेम निर्बल अत्यन्त यह अनुग्रह दे मुझे कि और करूँ प्यार तुझे ।। 243 (२४३) “There is a gate that stands ajar.” 8. 7. S. S. S. 372. MRS. L. BAXTER, 1807-94. Chord - A# | S- Waltz | T-124 १ एक द्वार नित खुला रहता है जिससे कि सदा आती एक ज्योत जो क्रूस से फैलती है यीशु का प्रेम बताती ।। कोरसः- क्या यह हो सकता, प्रेम अपार कि खुला रहता मुक्तिद्वार कि मैं हाँ मैं उसमें प्रवेश करूँ ।। २ सभी के लिये है वह द्वार जो उससे मुक्ति चाहते सब जाति सब लोग धनवान लाचार सेंत उसमें पहुँच पाते ।। ३ अब आगे जा निडर होके कि द्वार है खुला रहता उठाके क्रूस वह मुकुट ले जो प्रभु यीशु देता ।। ४ वह क्रूस जो मिला है यहाँ हम यर्दन पार छोड़ देंगे यीशु से मुकुट पा वहाँ नित्य उससे प्रेम करेंगे ।। 244 (२४४) “A ruler once came.” 11s and Ref. S. S. S. 466. W. T. SLEEPEE. १ एक शास्त्री जब आया था यीशु के पास, और जीवन अनंत की वह रखता था आस । तब यीशु ने कृपा कर कहा उससे, तू नया जन्म ले ।। कोरसः- तू नया जन्म ले, तू नया जन्म ले ।। २ हे पापी यह वचन मसीह का तू मान, जो सेंत में तैयार है अब देने को त्राण । सुन मंगल संदेश और मन यीशु को दे, तू नया जन्म ले ।। ३ जो स्वर्ग के निश्चय की हो इच्छा तुझे, कि दूतगण और संतों के बीच में रहे । यह जीवन अनंत प्रभु देगा तुझे, तू नया जन्म ले ।। 245 (२४५) 8. 7. 8. 7. 8. 7. Rousseau. Chord - G# | S- Ballad | T-082 १ एक है वाणी बहुत मीठी मेरे मन को भाती है मेरे छोटे मन से बोलती यों हे प्रिय कहती है क्यों तू रोता आसूं भरता क्यों तू होता दुःखाधीन मैं अब तेरी दशा देखता मेरे पास आ सुखविहीन ।। २ एक है वाणी बहुत मीठी मुझे फिर पुकारती है मेरे छोटे मन में खुशी यों अत्यन्त वह भरती है हे पियारे हे दुलारे क्यों तू ढूँढ़ता है आराम दोनों हाथ हैं लम्बे मेरे मुझ पास आ और ले विश्राम ।। ३ एक है वाणी बहुत मीठी धीमे तौर पर आती है मेरे छोटे मन को फेरती यह संदेश सुनाती है आ तू ऊपर इस सैहून में देख तू स्वर्ग की ज्योति को नित्य रह तू मेरे धाम में ज्योति में अब प्रवेश तू हो ।। ४ वाणी यह जो मीठी आती है पियारे यीशु की मुझे वह हरदम पुकारती क्या मैं यों न कहूँ भी हे मसीह हे प्रभु मेरे तेरे पास मैं आता हूँ हाथ बढ़ा हे यीशु प्यारे देख मैं पांव उठाता हूँ ।। 246 (२४६) “Have you been to Jesus.” 11. 9. 11. 9. S. S. S. 379. B. A. HOFFMAN. १ क्या तुम गये यीशु पास कि मन शुद्ध हो क्या उस लोहू में शुद्ध हुए हो क्या संपूर्ण भरोसा उस पर रखते हो क्या उस लोहू में शुद्ध हुए हो ।। कोरसः-क्या तुम शुद्ध हुए हो आत्मा शुद्ध करनेहार लोहू में क्या तुम्हारा मन निष्कलंक हुआ है क्या उस लोहू में शुद्ध हुए हो ।। २ क्या तुम चलते प्रतिदिन त्राता के साथ क्या उस लोहू में शुद्ध हुए हो क्या निरंतर चैन है तुझे यीशु से क्या उस लोहू में शुद्ध हुए हो ।। ३ क्या साफ़ कपड़ा होगा दुल्हा आवे जब क्या उस लोहू में शुद्ध हुए हो क्या तैयार है प्राण स्वर्गधाम में जाने को क्या उस लोहू में शुद्ध हुए हो ।। ४ पाप का मैला वस्त्र अब उतार के छोड़ उस के लोहू में शुद्ध होके आ ।। मन अशुद्ध के लिये सोता बहता है उसके लोहू में शुद्ध होके आ ।। 247 (२४७) “Jesus calls us;o'er the tumult.” 8. 7. 8. 7. Galilee or Evening Prayer. १ ख्रीष्ट बुलाता जग की धूम में मधुर वाणी पड़ती कान “सेवक मेरे पीछे हो ले” यीशु का यह वचन मान ।। २ प्राचीनकाल में अन्द्रियाह ने यह शब्द सुन मान लिया था ख्रीष्ट के नाम से घर संपत्ति सब ही को छोड़ दिया था ।। ३ ख्रीष्ट बुलाता ऐसा कहके सुन तू ले हे मेरे प्राण “जो कुछ प्रिय तुझे उससे अधिक प्रिय मुझे जान” ।। ४ दुःख और सुख में काम विश्राम में रात दिन वह बुलाता है “जीते मरते मुझसे तेरी लगे लौ” समझाता है ।। ५ ख्रीष्ट बुलाता ! त्राता हम पर हो दयाल तब मानेंगे मन को वश में कर तो तुझे सब से प्रिय जानेंगे ।। 248 (२४८) “The whole world was lost in the darkness of sin.” P. M. S. S. S. 417. PHILLIP BLISS, 1838-76. Chord - E | S- Waltz | T-124 १ जब जगत अंधेरे में डूब गया था इस जग का प्रकाश है यीशु ।। परमेश्वर की ज्योति का उदय तब हुआ इस जग का प्रकाश है यीशु ।। कोरसः- हे पापी जन इस ज्योति में आ वह तेरा पाप सब दूर करेगा अब देखता हूँ कि अंधा मैं था इस जग का प्रकाश है यीशु ।। २ विश्वासी अंधेरे में हो न उदास इस जग का प्रकाश है यीशु ।। वे ज्योति में चलते है यीशु के पास इस जग का प्रकाश है यीशु ।। ३ हे तुम जो अब पाप और अंधेरे में हो इस जग का प्रकाश है यीशु ।। अब उठके आशिष तुम परमेश्वर से लो इस जग का प्रकाश है यीशु ।। ४ स्वर्गधाम में उजाला आवश्यक नहीं उस लोक का प्रकाश है यीशु ।। प्रकाश है उस नगर का ख्रीष्ट यीशु ही उस लोक का प्रकाश है यीशु ।। 249 (२४९) “There is life for look.” P. M. S. S. S. 123. MISS A. M. HULL. Chord - D#/D | S- Ballad | T-082 १ तू तो जीयेगा देखने से यीशु की ओर अब भी पायेगा जीवन का दान तो देख और वह तुझे बचावेगा अब जिसके क्रूस ही के द्वारा है त्राण ।। कोरसः- देख देख देख के जी तू तो जीयेगा देखने से यीशु की ओर अब भी पायेगा जीवन का दान ।। २ देख उठाया है उसने सब पापों का बोझ तो तू अपना भी बोझ उसे दे उसके पंजर से लोहू सब बहता रहा कि सब ऋण तेरे भरे जाये ।। ३ न तो प्रार्थना न शोक से छूट सकता है पाप वरन रुधिर से होता बचाव तो उसी पर लाद के सब पापों का भार केवल उसके तू देख बहते घाव ।। ४ सुन मसीह ने बुलाया तू शंका न कर कुछ भी करना अब तेरा न काम क्योंकी प्रगट वह हुआ बचाने को है हां और तुझे वह देता विश्राम ।। ५ अब ले उसके हाथ से तू जीवन का दान जिसे देना वह चाहता भी है और कभी तू मरने से डरता न रह क्योंकी प्रभु नित्य पास रहता है ।। 250 (२५०) “There were ninety and nine.” P. M.-- S. S. S. 97. ELIZABETH CHEPHANE, 1830-69. १ निन्यानवे भेड़ें कुशल ही से भेड़शाला में आ रही थी पर एक तो पहाड़ों में गल्ले को छोड़ भटकती ही खो गई थी वह जंगल में फिरती बेचैनी से पूर चरवाहे दयालु से गई थी दूर ।। २ “निन्यानवे तो रही हैं हे चौपान कुछ चिंता उस एक की न कर” चरवाहे ने कहा “क्यों छोडूँ वह एक मैं उसे भी लाऊँगा घर हां कठिन है मार्ग और कंटीले हैं पेड़ पर तौभी मैं जाता हूँ ढूँढ़ने को भेड़”।। ३ कौन वर्णन कर सकता वह संकट और दुःख चरवाहे को मिले जो थे कि अपनी भेड़ी जो खो गई थी वह जंगल में ढूँढ़ के पावे कि सुना, वह जंगल में रो रही है थकी और रोगी वह मर रही है ।। ४ पर मार्ग में यह लोहू के टपके जो हैं सो कहो, हैं किस के निशान उस भेड़ी को पाने जो भाग रही थी देख घायल भी हुआ चौपान कि कांटे चुभ गये लोहू लुहान हुए हाथ जब ढूँढ़ लाया भेड़ों की दया के साथ ।। ५ पर सुनो एक महाशब्द बोल रहा है “आनंदित अब हो मेरे संग” पृथ्वी पर से आता वह खुशी का शब्द और स्वर्ग में भी उठती तरंग कि दूत गण पुकारते भी हैं बीच आसमान “जो भेड़ी खो गई, फेर लाया चौपान” ।। 251 (२५१) “Jesus is tenderly calling.” P. M. -- S. S. S. 395. FANNY CROSBY, 1820-1915. Chord - A | S- Waltz | T-124 १ प्रेम से आज यीशु बुलाता मुझे, पापी तू आ पिता के पास पिता के प्रेम से क्यों रहता तू दूर, भूखा प्यासा निरास ।। कोरसः- आ मेरे पास आ मेरे पास यीशु बुलाता है पापी अब आ मेरे पास ।। २ हे थकित लोगों वह बोलता तुम से, लेओ विश्राम लेओ विश्राम आज मेरा जुआ तुम कान्धे पर लो, उस से पाओगे आराम ।। ३ वह तेरे आने की जोहता है बाट, देरी न कर देरी न कर सदा यह अवसर न मिल सकेगा, यीशु को आज ग्रहण कर ।। ४ बिन्ती भी करता तू शब्द उसका सुन, मेरे पास आ मेरे पास आ कर तू विश्वास तो पावेगा आनंद, सुसमाचार मान के आ ।। 252 (२५२) 8. 7. 8. 7. 8. 7.Unser Herrscher or Dismissal. १ पापी दोषी दीन हीन सकल आओ गहो यीशु नाम तारण कर्त्ता वह है केवल उस के ऐसा किस का काम प्रभु यीशु प्रगट होवे तेरा नाम ।। २ हम सब अधम और अपराधी सब हैं दोषी नरक योग्य तू ने कृपा से अनादि प्रेम से किया पाप भोग प्रभु यीशु अब निस्तार तू पापी लोग ।। ३ देह को धारण कर तू आया धरती पर दिखाया प्रेम पापी लोग का दण्ड उठाया जिस पर धरा त्राण का नेम प्रभु यीशु कर हम सब का कुशल क्षेम ।। ४ तू ने अपना लहू दिया दिया निज अमूल्य प्राण ऐसा प्रेम कब किसने किया तू ही सभों का है त्राण प्रभु यीशु तुझ बिन और न कोई त्राण ।। ५ जगत अन्त लों तू ही राजा वेग से अपना राज्य दिखा सकल लोग हों तेरी प्रजा लज्जा देवों पर बहा प्रभु यीशु आवे तेरी प्रभुता ।। 253 (२५३) “I have a Saviour.” P. M. -- S. S. S. 350. S. O. MALEY CLUFF. १ मेरा त्राणकर्ता है स्वर्ग में वह रहता त्राणकर्त्ता पवित्र और प्यारा अमर सदा कृपा दृष्टि कर मेरी सुधि लेता हे भाई यह त्राणकर्त्ता तू भी ग्रहण कर ।। कोरसः- मैं तेरे ही लिये, मैं तेरे ही लिये मैं तेरे ही लिये, अब प्रार्थना करता हूँ ।। २ मेरा है पिता मुझ की उस ने दी है जी उठके स्वर्ग जाने की आशा सही वह मुझे बुलाके संग अपने रखेगा तू मेरे संग जाने तैयार रहे भी ।। ३ मेरा है वस्त्र पवित्र चमकीला वह मुझको मिलेगा जब स्वर्ग जाऊँगा उस को पहिनूंगा यह मेरी है आशा कि तू भी यह वस्त्र अभी पावेगा ।। ४ मेरी है शान्ति अद्भुत और अनोखी इस जगत के लोग उसको जानते नहीं हे प्रभु यीशु उस का कर्त्ता और दाता भाई प्रार्थना कर कि तू चैन पावे भी ।। ५ जब यीशु त्राणकर्त्ता को ग्रहण करेगा तब औरों के पास जाके कथा सुना दिन रात उनके लिये कर ईश्वर से प्रार्थना कि मेरे संग पिता तू उन को बचा ।। 254 (२५४) “Who'll be the next.” ANNIE. S. HAWKES 1835-1918. Chord - A | S- 6/8 | T-086 १ यीशु के पीछे कौन हो लेता अपना ही क्रूस कौन उठावेगा कौन अब तैयार है अभी पुकार है कौन ताज आसमानी पावेगा ।। कोरसः- कौन है तैयार अभी तैयार यीशु के पीछे कौन हो लेता यीशु के पीछे कौन हो लेता अब अभी कौन तैयार ।। २ यीशु के पीछे कौन हो लेता कौन उसके साथ अब हो जावेगा पूरा ही त्राण हो, उसकी जय जय हो कौन उसकी सेना गावेगा ।। ३ यीशु के पीछे कौन हो लेता संकट और दुःख में जब रास्ता हो पापों को छोड़ के बन्द उनके तोड़ के कौन आप को देता यीशु को ।। ४ यीशु के पीछे कौन हो लेगा जब तक पहुँचे न यर्दन किनार सिद्ध हो विजय में पूरे निश्चय में पहुँचेंगे तब यर्दन पार ।। मैं हूँ तैयार अभी तैयार यीशु के पीछे मैं हो लूंगा यीशु के पीछे मैं हो लूंगा अब अभी हूँ तैयार ।। 255 (२५५) “Come to Jesus, just now.” R- S- MANDRELLE 1905-1972. १ यीशु पास आ -- अभी ।। २ वह बुलाता -- अभी ।। ३ बचा सकता -- अभी ।। ४ वह तैयार है -- अभी ।। ५ वह बचाता -- अभी ।। ६ क्षमा करता -- अभी ।। ७ मैल से धोता -- अभी ।। ८ सामर्थ देता -- अभी ।। ९ आत्मा देता -- अभी ।। १० उससे मांगो -- अभी ।। ११ वह सुन लेता --अभी ।। १२ तू विश्वास कर-- अभी ।। 256 (२५६) “O sinner come.” C. M. -- S. S. S. 493. CHARLES WESLEY. 1707-88. १ हे पापी जन हे पापी जन, क्यों निश्चित सोता है तू जाग जा तेरा तारणहार, यीशु बुलाता है ।। कोरस :- मैं मानता हूँ, मैं जानता हूँ कि यीशु त्राता है और उसके साथ और उसके हाथ स्वर्गधाम की कुंजी है ।। २ हे पापी जन निर्बल अधम, दिन बीतता जाता है अब हो तू त्राण का खोजनेहार, यीशु बुलाता है ।। ३ हे पापी जन अब कर विचार, क्यों दुःख में रहता है यद्यपि तू है चूकनेहार, यीशु बुलाता है ।। ४ हे पापी जन हे व्याकुल मन, क्यों मरना चाहता है सचमुच यद्यपि तू बदकार, यीशु बुलाता है ।। ५ हे पापी जन क्यों अप्रसन्न, तू क्यों शर्माता है देख कैसा यह अद्भुत पियार, यीशु बुलाता है ।। ६ हे पापी जन क्यों हो निर्धन, क्यों कृपा खोता है अब देख यह फिर एक पिछली बार, यीशु बुलाता है ।। 257 (२५७) “Whosoever heareth..” S. S. S. 389. PHILLIP BLISS, 1838-76. Chord - A# | S- 6/8 | T-086 १ हर एक सुननेवाला करे प्रचार सब कहीं फैलावें यह सुसमाचार पापी लोग यह सुनने पावें बारम्बार हर एक आवे यीशु पास ।। कोरस :- वही सभों को ग्रहण करेगा देश विदेश के लोगों को दे नेवता किसी को वह नहीं करेगा निरास हर एक आवे यीशु पास ।। २ हर एक आनेवाला देर न करे खूले द्वार के बाहर खड़ा न रहे मुक्ति मार्ग में अभी अपना पांव धरे हर एक आवे यीशु पास ।। ३ त्राण का खोजी हो तो यीशु को मान केवल वह बचाता आदमियों का प्राण उस पर दे भरोसा जिससे मिलता त्राण हर एक आवे यीशु पास ।। 258 (२५८) भजन THOMA DAS कोरसः- ऐ गुनहगार मसीह को निहार । उसने तेरे खातिर कैसा किया प्यार ।। १ वह स्वर्ग छोड़ कर आया, दुःख संकट बहुत उठाया । पसली में भाला खाया, हाय बही खून की धार ।। २ क्रूस चढ़ा और कोड़े खाये, जरा करी नहीं आह । मेरे कारण यह किया है, उठा लिया सब भार ।। ३ तीन दिनों में उठा कबर से, तौभी किया पिया V। मौत बली को जीता उसने, बोलो जय जयकार ।। ४ चालीस दिन के अन्त में यीशु, स्वर्ग में बैठे जाय । चेलों को रूह पाक दिया है, करते सब प्रचार ।। ५ सच्चा धर्म बताया हमको, बाईबल के दरम्यान । जो कोई जाने दिल से माने, पावे वह निस्तार ।। ६ सब जन आओ शीश नवाओ, दुआ करो मन लाय । थोमादास की आस मसीह फिर, आकर करे विचार ।। 259 (२५९) Bhajan Tunes No. 111. THOMA DAS. Chord - D/C# | S- Dholak | T-086 यीशु यीशु बोल तेरा क्या लगे है मोल, हर दम यीशु यीशु बोल । १ क्या तू लाया क्या ले जायगा । जरा तो दिल में तोल । धन संपत्ति सब यहाँ रहेगा । मन की घुंडी खोल ।। २ दस आज्ञा दीनी जो प्रभु ने । एक से एक अनमोल । चलने की ताकत वह देगा । मांगो जिभिया खोल ।। ३ पाप की गठरी सिर पर भारी । बोझ बड़ा अनमोल । यीशु मसीह को सब दिखला दो । अपनी गठरी खोल ।। ४ यीशु मसीह दयालु पियारे । पापिन को रह बोल । देर करो मत अभी चलो सब । सच्चा गुरू टटोल ।। ५ जयजय बोलो सभी मसीह की । खूब बजा कर ढोल । थोमादास भजन यीशु का । गाता तन मन खोल ।। 260 (२६०) Bhajan Tunes No. 25. ZUDLN. चलो रे लोगों ईश्वर न्योता मानी । १ देश विदेश निवासिन पाहीं, वचन देहि पहुंचानी ।। २ प्रेम क्षमा सत शान्ति मिलाई, मुक्ति बियारी ठानी ।। ३ निज पुन बसन मलीन उतारो, तिहि अवगुण ठहरानी ।। ४ लेहु यीशु नरतारक पुण्य को, शुभ भूषण अस जानी ।। ५ स्वर्ग भवन की बाट बतावन, यीशु भयो अगुवान ।। ६ तिन अनुगामी भोज सभा में, मिल बैठे हर्षांनी ।। ७ पावन दूत तहां बसहीं सब, कहि ईश्वर यश बानी ।। ८ रोग शोक तृष्णा कछु नाहीं, प्रभु शोभा निरखानी ।। ९ ख्रीष्ट दास जो वा सुख भागी, धन्य धन्य सो प्रानी ।। 261 (२६१) Bhajan Tunes No. 18. चेत करो सब प्यारे लोगों, ईश्वर सुत जग आया है रे । स्वर्ग सिंहासन तजहि आयो, पावन ग्रन्थ सुफल तब कीन्हा ।। पापी जन के भार उठायो, प्राण क्रूस पर बलि कर दीन्हा ।। तीसर दिन आये पुनि उठ्यो, मृत्यु राज्य पर जय जयकारी ।। राख लियो प्रभु वचन अपाना, धर्म राज्य का भौ अधिकारी ।। नाश नगर से बाहिर आओ, इत तुम्हारा नाहिं निवासा ।। धर्म नगर प्रभु यीशु भजन जे, ताहि नगर पर बांधो आशा ।। ख्रीष्ट चरण के अधीन हों मैं, तिहि जानत हों आपन स्वामी ।। दीन दयाल कृपाल सुदाता, संतहि तारत प्रभु अनुकामी ।। 262 (२६२) Bhajan Tunes No. 91. PREM DAS. जरा इधर धरो इधर धरो इधर धरो ध्यान । हम तो सुनाते हैं यीशु जी का ज्ञान ।। १ हाथी घोड़े शान और शौकत खेती और मकान । माल खजाने पड़े रहेंगे निकलेगी जब जान ।। २ काम क्रोध को तज दे प्यारे लोभ मोह अभिमान । तज मगरूरी सीख सबूरी बड़ा यही है ज्ञान ।। ३ बैल पहिचाने मालिक अपना गधा भी अपना थान । हाय हाय उन पर जो फिरते हैं मालिक से अज्ञान ।। ४ चेत जरा गफलत से प्यारे जरा तो कर तू ध्यान । हया शर्म को कुछ तो जगह दे आखिर तू इंसान ।। ५ पाप की गठरी लेकर तुम क्यों फिरते हो हैरान । तुम्हारी खातिर यीशु मसीह ने दी है अपनी जान ।। ६ चाहे करो तुम दान और पुण्य चाहें करो स्नान । रोग पाप का कटे नहीं बिन यीशु के बलिदान ।। ७ दास यीशु का बिन्ती करता सुन लो धर के कान । तन मन धन से यीशु मसीह पर लाओ तुम ईमान ।। 263 (२६३) Bhajan Tunes No. 19. BANDHU MASIH. जिन प्रतीत यीशु पर नाहीं, कस पावें भवपारा हो । १ ज्ञानी पण्डित जित जग भयेउ, डूब गये यदि धारा हो । ईश्वर वचन अनादि अनन्ता, सोई देत सहारा हो । २ सरग छोड़ जग में प्रभु आये, मेघ जहाँ अंधियारा हो । जननी गर्भ मनुज तन धारा, सकल सृष्टि करतारा हो ।। ३ नर सब भूले भेड़ समाना, जिनका नहीं रखवारा हो । तिनको यीशु महा सुख दीन्हा, दुःख सहि कीन्ह उधारा हो ।। ४ दास करे कहां लग प्रशंसा, प्रेम अमित विस्तारा हो । आवो सब मिल प्यारे भाई, सेंत गहों निस्तारा हो ।। 264 (२६४) Bhajan Tunes No. 17. PRABHU DAS. जीवन मुक्ति हेहु नर नारी । १ आपहि यीशु जग में आया, कोमल हाक पुकारी । दीन हीन का स्वर्ग विहीन का, प्रेमी सत्य अधिकारी ।। २ सच्चे धर्म प्रकाशक छोड़ के, मुरख रैन बिहारी । जीवित ईश्वर स्वर्ग विराजे, देखत नैन पसारी ।। ३ करके दया यीशु जग आया, मानुष देह जो धारी । अपने सिर पर संकट सहके, पापिन लीन उबारी ।। ४ अब प्रभुदास कहें कर जोड़े, सुनिये विनय हमारी । यीशु जी से ऐसे मांगो, जैसे निर्बल भिखारी ।। 265 (२६५) भजन 7. 7. 7. JOHN PARSONS. प्रभु जी मोहि प्रेम कर देखो, राखो पाप नियारा हो । १ ईश्वर का अवतार भयो तुम, पापिन हित बलिदाना हो धर्म आत्मा मो पर डालो, ‘हे प्रभु दयानिधाना हो’ ।। २ निश्चय हो तुम सब के ईश्वर, सब जग जन के स्वामी हो मम अवगुण में मोहि बचावो, हे प्रभु अंतरयामी हो ।। ३ शीश नवत हूँ बारंबारा, तुम बिन को सुखदाता हो मेरे मन की आस पुराओ, हे पापिन के त्राता हो ।। ४ नित्य रहो प्रभु मम रखवारे, तुम अस प्रेमी नाहीं हो भूल न जावे निर्बुद्धि हृदय, हां कंटक बन माहीं हो ।। ५ कृपा करि बुद्धि बल दे मोहि, निज महिमा अनुसारी हो यश हो तोहे आश्रित होवे, सरग भुवन अधिकारी हो ।। 266 (२६६) Bhajan Tunes No. 37. NAIN SUKH. मसीह जी को सुमरौ भाई, तुम सरग धाम सुख पाई । १ सुमरण कीजे चित्त में लीजे, सत्य शीलता पाई । आनन्द होके जय जय कीजे, अन्तर ध्यान लगाई ।। २ यह जिन्दगानी फूल समानी, धूप पड़े कुम्हाई । अवसर चूके फिर पछतैहो, आखिर धक्का खाई ।। ३ जो चेते सो होत सबेरे, क्या सोचे मन लाई । कुल परिवार काम नहिं आवे, प्राण छूट छिन जाई ।। ४ सत्य पदार्थ ख्रीष्ट जग आये, सब पापी अपनाई । निश्चय बास करो निशिबासर, अमर नगर को जाई ।। ५ अन्दर मैल भरो बहु भारी, सुधि बुद्धि मैं बिसराई । यीशु नाम की बिन्ती कीजै, अवगुण में गुण पाई ।। 267 (२६७) भजन PREM DAS. यीशु पर ला ईमान कि लोग धर्मी बन जाते हैं (टेक) । १ जो ईमान यीशु पर लाते, पाप दिलों से हैं धुल जाते । वे पाते दिल में चैन, नरक से वे बच जाते हैं ।। २ नया जन्म ईश्वर से पाते, धर्म आत्मा से भर जाते । और पाते जीवन मुक्ति, ईश के पुत्र कहाते हैं ।। ३ दया धर्म और नेक कमाई, करते हैं ईश्वर की चाही । तब धीर खुशी आनंद, प्रेम से दिल भर जाते हैं ।। ४ यीशु की जो आय शरण हैं, दास कहें वे लोग मगन हैं । हर हालत में खुश हाल, सदा गुण उसके गाते हैं ।। 268 (२६८) H. T. B. 105. HASAN ALI. १ शिफादस्त-इ-करम से उसके, पाये जिसका जी चाहे मेरे कहने पै क्या है आजमाये, जिसका जी चाहे । २ मरीजान-इ-गुनाह को दे खबर, फैज-इ-मसीहा की बिला कीमत दवा मिलती है, लाये जिसका जी चाहे । ३ गुनहगारों को मुज्दः दो, कि यीशु जी उठा तब से दर-इ-जन्नत खुला रहता है, आये जिसका जी चाहे । ४ है तसलीस-इ-इलाही अकल-इ-इन्सानी से गो बाहर सदाकत उसकी लेकिन दिल में, पाये जिसका जी चाहे ।। ५ निदा दी अब्र-इ-रहमत ने, खड़े होकर यह हैकल में कि आब-इ-जिन्दगी देता हूँ, आये जिसका जी चाहे ।। ६ खजाना आसमान पर है हमारा, क्या कमी हम को तलाश-इ-जर में उमर अपनी, गंवाये जिसका जी चाहे । ७ सफीर अब है जईफी ताज ले, गालिब हो आखिर तक कदम इस दौर में अपना बढ़ाये, जिसका जी चाहे ।

  • Temptation & Conflict 393-402 | Masihi Geet Sangrah

    परीक्षा और युद्ध (Temptation & Conflict) 393 (३९३) “Stand up ! stand up for Jesus.” 7. 6. 7. 6. D. Morning Light. GEORGE DUFFIELE, 1848-1888. Chord - F# | S- Ballad | T-086 १ उठो मसीह के लिये हे क्रूस के योद्धाओ राज झंडा करो ऊँचा न हानि होने दो वह जय पर जय प्राप्त करके सेना ले चलेगा जब तक कि हर एक शत्रु आधीन न होवेगा ।। २ उठो मसीह के लिये पहरू चिताता है निश्चितता से है हानि उठ आलस छोड़ और भय बुराई को हटा दो निज मन में वा आसपास ईश्वर के नाम से लड़ो कि शत्रु होवे नाश ।। ३ उठो मसीह के लिये तुरही के शब्द को सुन चलो इस महायुद्ध में आज जय के दिन को चुन आज्ञा उसी की मानों विमुख हो बैरी के विपत में साहस बांधों और लड़ो वीरता से ।। ४ उठो मसीह के लिये और उसमें हो सबल मनुष्य की न है शक्ति जान अपने को निर्बल तुम आत्मिक शस्त्र बांधों हर एक को प्रार्थना से और वहीं हो उपस्थित जो काम बिपत पड़े ।। ५ उठो मसीह के लिये युद्ध थोड़ी देर का है संग्राम का शब्द आज सुनते कल जयनाद सुनेंगे जो जयवंत अन्त को होगा वह मुकुट पावेगा संग महाराज प्रतापी सदा राज्य करेगा ।। 394 (३९४) “Are you weary, are you heavy laden.” 10. 10. 10. 7. Tell It To Jesus. J. B. RANKIN. १ क्या तुम थके क्या तुम मनमलीन हो यीशु से कह दो यीशु से कह दो क्या निराश हो मार्ग में क्या अतृप्त हो यीशु से जाके कहो ।। कोरसः- यीशु से कह दो यीशु से कह दो वही है मित्र विश्वस्त और है न तुम को ऐसा मीत वा भाई यीशु से जाके कहो ।। २ क्या तुम रोते दुःख से है लाचारी, यीशु से कह दो (२) क्या है पाप का बोझ हृदय पर भारी, यीशु से जाके कहो ।। ३ क्या तुम डरते क्या है बादल छाते, यीशु से कह दो (२) क्या तुम कल के भेद को जानना चाहते, यीशु से जाके कहो ।। ४ क्या मृत्यु के सोच से मन में डरते, यीशु से कह दो (२) क्या तुम खेत में ठंडी सांसे भरते, यीशु से जाके कहो ।। 395 (३९५) “Art thou weary, art thou languid ?” 8. 5. 8. 3. Stephanos or Bullinger. G. S. MANDRELLE, 1901-63. १ क्या तू थक और हार भी जाके अति दुःखी है एक यों बोलता मुझ पास आके शान्ति ले ।। २ क्या मैं उसके चिन्ह पहिचानूँ जो वह अगुवा हो हाथ पांव पसली में देख उसके घावों को ।। ३ क्या वह राजा होके सिर पर मुकुट पहिनाता हां सचमुच एक ताज है उसका कांटों का ।। ४ जो मैं उसके पीछे चलूँ मुझको होगा क्या महा दुःख महा परिश्रम रोना भी ।। ५ जो मैं नित्य उस पास रहूँ क्या है आखिरकार दुःख परिश्रम से छुटकारा यर्दन पार ।। ६ जो यूँ मांगूँ मुझे ले तो क्या कहेगा ना नहीं चाहे जग और स्वर्ग भी टलेगा ।। ७ क्या मैं उसके पीछे चल के आशिष पाऊँगा आत्मा सब और स्वर्गीय दूतगण कहते हां ।। 396 (३९६) “I've anchored in Jesus” 13. 13. 13. 11. Chord - G | S- Aderia/Ballad | T-080 १ जब जीवन के दुःख सागर में आँधी चलती है तब यीशु पर मैं लंगर सी आशा रखता हूँ परीक्षा और विपत्ति जब लहराती है तब उससे चैन और शान्ति मैं पाता हूँ ।। कोरस :- वह मेरा आधार है मैं साहस करूँगा वह मेरा आधार है कभी न डरूँगा वह मेरा आधार है वह स्थिर और शक्तिमान सनातन की चट्टान है यीशु ।। २ बुराई से बचाके वह निर्मल करता है वह मेरे मन से बोलकर आराम दिलाता है है अगुवा मुक्तिदाता भरोसा उस पर है सदा वह रहता पास कि सहारा दे ।। ३ वह मेरा दोस्त सहायक वह मुझको करता स्थिर वह दुःख की आँधी रोक कर मुझे बचाता है विश्वास से स्वर्गीय घर की मैं करता हूँ आशा जो यीशु मेरे लिये बनाता है ।। 397 (३९७) “Sound the battle cry!” 5. 5. 5. 3. D. -- S. S. S. 703 WILLIAM F. SHERWIN, 1826-98. १ युद्ध की है पुकार शत्रु बे-शुमार झंडा हो तैयार प्रभु का बांधों शस्त्र को सब ही स्थिर रहो दृढ़ विश्वास करो ख्रीष्ट यीशु का ।। कोरसः- हे सिपाहियों झंडे तले आओ बोलो, सब हो दृढ़ तैयार हरआन आगे बढ़ के गाओ तुम होसन्ना यीशु ख्रीष्ट हमारा है कप्तान ।। २ होकर शक्तिमय आगे बढ़ते हैं हम संसार पर जय पावेंगे आत्मा की तलवार हाथ में है तैयार सब अधर्म की हार हम देखेंगे ।। ३ ईश्वर सभों के बिन्ती सुन तू ले अपनी दया से कर सहाय सत की जय करा मुकुट जीवन का हर एक को दिला जो योग्य हैं ।। 398 (३९८) “Yield not to temptation” P. M. -- S. S. S. 698. H. R. PALMER, 1868. १ लड़ो तुम शैतान से हार जाना है पाप जय पाने से तेरा फिर होगा प्रताप दिल से बढ़ते जाओ हे प्रभु के दास नित्य उस को तुम देखो वह रहेगा पास ।। कोरसः- अब मसीह से तुम मांग लो शान्ति रक्षा और बल को उस पर आशा तुम रखो वह रहेगा पास ।। २ दुष्ट लोगों की संगति मत किया करो और ईश्वर के नाम को बे-अर्थ तुम न लो करो बड़े प्रेम से संग सभों के बास नित्य प्रभु को देखो वह रहेगा पास ।। ३ तब मिलेगा मुकुट जो करोगे जय तब शोकित न होंगे सुख पाने का है जो है मुक्तिदाता तब देगा लिबास नित्य प्रभु को देखो वह रहेगा पास ।। 399 (३९९) “Come ye disconsolate” 11. 10. 11. 10. Consolation. THOMAS MORE, 1779-1852. १ हे बोझ से दबे और परिश्रमी लोगों दया के आसन पास प्रार्थना करो तुम लाओ टूटे मन और शोक बताओ यीशु से शान्ति अब ग्रहण करो ।। २ भटके की ज्योति और पालनहार अनाथ का तू पश्चात्तापी की आशा भरपुर सुन शान्तिदाता यह वचन सुनाता यीशु सब दुःखों को करेगा दूर ।। ३ जीवन की रोटी है अमृत जल भी देखो स्वर्गीय सिंहासन से बहता सदा खा पीके हो संतृष्ट यह अब से जानो यीशु सब दुःखों को करेगा दूर ।। 400 (४००) “Ho my comrades see the signal” 8. 5. 8. 5. S. S. S. 669. PHILLIP BLISS, 1838-76. Chord - F#m (+3) | S- Ballad | T-082 १ हे सिपाहियों ढाढ़स बांधो युद्ध में हो बलवान और भी सेना यीशु लाता होवेंगे जयवान ।। कोरसः- गढ़ न छोड़ो मैं भी आता यीशु का आदेश तेरी दया से हे प्रभु होगी जय विशेष ।। २ देख विरोधी सेना भारी अगुवा है शैतान उसके सामने साहस छोड़ के योद्धा हैं भयमान ।। ३ झंडे तेजोमय फहराते सुन तुरही का नाद ख्रीष्ट के नाम से जयवंत होंगे कर तू धन्यवाद ।। ४ जो भयानक हो लड़ाई निकट है सहाय यीशु अगुवा संग ले चलता उस की करो जय ।। 401 (४०१) PREM DAS. बचा लेना प्रभु यीशु हमारे प्राण ।। १ आये बहकावे और फुसलावे छिन छिन में हम को सताये शैतान ।। २ धन दौलत माया दिखलावे और दिखलाये दुनिया की शान ।। ३ राज पाट और रंग रूप को जालिम दिखा के करे हैरान ।। ४ ये तो हैं शैतान के फंदे फंस के नरक जाते इंसान ।। ५ दास मसीह जी बिनती करत हैं बख्शो हमें अपनी पहिचान ।। 402 (४०२) INAYAT MASIH. Chord - A# | S- 6/8 | T-094 १ फंसो मत जाल में दुनिया के आखिर तुम को जाना है । बचो शैतां के फंदे से वही दुश्मन सियाना है ।। २ फिराओ दिल गुनाहो से करो तुम तौबः रो रोके । भरोसा रखो यीशु का अगर जन्नत को जाना है ।। ३ सलीबी मौत में यीशु के मरके जिन्दगी पाओ । बुरी ख्वाहिश को फेंको दूर अगर आराम पाना है ।। ४ रहो उम्मीद में कायम यकीं अपना करो कामिल । मुहब्बत का करो पीछा जो हक्क को मुंह दिखाना है ।। ५ मुहब्बत तमगः है यीशु की शागिर्दी का आलम में । मुहब्बत से सब जानोगे कि तुमने उसको माना है ।। ६ मुसीबत में रहो साबिर खुदा के फजल में शाकिर । खुदा के बेटे को देखो जो तुम को फतह पाना है ।। ७ इनायत को खुदावन्दा मुहब्बत अपनी दे पूरी । मैं हूँ कमजोर तू तो कादिरे मुतलक तवाना है ।।

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  • Passion Week 122–145 | Masihi Geet Sangrah

    Explore Passion songs 122-145. A special collection of Hindi Christian Songs for Good Friday and Lent. Read accurate Masihi Geet lyrics and worship #### 122 (१२२) *8.7.8. 7. Evening Prayer or Mariners.* १ प्रभु यीशु कृपा सागर तू है सचमुच ज्योत अपार । मेरा मन तू कर उजाला अपने भक्त का कर निस्तार ।। २ प्रभु मैं हूँ महा पापी तुझे छोड़ा बारम्बार । मुझे अपनी ओर फिरा के पास से मेरा कर उद्धार ।। ३ अपने आत्मा से परमेश्वर मेरा मन पवित्र कर । तन और मन मैं सौंपता तुझे कृपा करके ग्रहण कर ।। ४ मरन काल जो निकट आवे प्रभु मेरा जी सम्भाल । मरने से मैं क्योकर डरूं जो तू मेरा हो रखवाल ।। #### 123 (१२३) *"Father, I stretch my hands."* *C. M. - S. S. S. 493.* *CHARLES WESLEY, 1707-88.* १ पिता मैं हाथ बढ़ाता हूँ मुझे तू थामे रह सहायक दूसरा है नहीं तू मेरे हाथ को गह ।। कोरसः- मैं मानता हूँ मैं जानता हूँ कि यीशु त्राता है । कि वह है शक्त और उसका रक्त मुझे बचाता है ।। २ जब न मनुष्य न स्वर्गदूत कुछ काम ही आया था तब तूने भेजा प्यारा पूत जो मुक्ति को लाया था ।। ३ हम उस को भजते रहते जो अब स्वर्ग में है नरेश उस ही ने बाप को भेजा हो क्या ही उठाया क्लेश ।। #### 124 (१२४) *8. 7. 8. 7. Batty or Stuttgart.* १ यीशु मरा दूत यह बचन स्वर्गीय राग में गावें नित ईश्वर के यह प्रेम का लक्षन आओ सब देवें चित्त । २ यीशु मरा पापियों को केवल इसी से उद्धार उसकी मृत्यू से अब सब को मिलता जीवन अधिकार । ३ यीशु मरा क्या अच्म्भा क्या ही कृपा क्या ही क्लेश जगत जितना चौड़ा लम्बा उतना फैले यह संदेश । ४ यीशु मरा सोच हे पापी प्रेम यह कैसा है असीम अभी तक तू क्यों संतापी इससे बंधा त्राण का नीम । ५ यीशु मरा यह बात सुन के गल जा मेरे पत्थर मन उसकी आत्मिक सेवा चुन के उसका शिष्य ओर आश्रित बन ।। #### 125 (१२५) *Bhajan Tunes 79.* *HAR PRASAD.* मैं कुछ जानुं न क्रूस सिवाय । १ जापै प्रभु यीशु जगदीसा, प्राण दियो निज आय ।। २ कोई नाना विधि की विद्या, जानत भेद बजाय ।। ३ बहुतक गढ़ तोरन को जानत, बहुतक बाण चलाय ।। ४ बहुतक रूप सरूप दिवान, ईश्वर-प्रेम भुलाय ।। ५ कोई धन सम्पत्ति पै फूलत, निज प्रभु को बिसराय ।। ६ कोई निबल प्रभु यीशु क्रूस पै, रहिये दृष्टि लगाय ।। --- ### दुःख भोग का सप्ताह (Passion Week) #### 126 (१२६) *L. M. St. Cross or Abends.* *Chord - C | S- Ballad | T-084* १ आ मेरे संग विलाप करो त्राता के पास तुम संग आओ । आकर संग संग विलाप करो क्रूस पर ख्रीष्ट यीशु को देखो ।। २ आँसु हम क्यों न बहावें सुनकर शत्रुन की निंदा को । लो सहता कैसे धीरज से क्रूस पर ख्रीष्ट यीशु को देखो ।। ३ सात वाणी बोला प्रियतर चुपचाप रहा तीन घण्टें लों । पाप ही का भार पड़ा उसपर क्रूस पर ख्रीष्ट यीशु को देखो ।। ४ कठोर मनो तुम टूट जाओ ख्रीष्ट के सब क्लेश को यों मानो कि इसका कारण तुम ही हो क्रूस पर ख्रीष्ट यीशु को देखो ।। ५ अब क्रूस के पास आ खड़े हो लोहू की बूँदें पड़ने दो । वहाँ सब घमण्ड दूर करो क्रूस पर ख्रीष्ट यीशु को देखो ।। ६ मन कुचला आँसु का निकास माँगों तैयार वह देने को है कुचला मन प्रेम का निवास क्रूस पर ख्रीष्ट यीशु को देखो ।। ७ हे ईश के प्रेम, मानुष के पाप यां तुम ने संग्राम किया था । और प्रेम की जय से है मिलाप यीशु जब क्रूस पर चढ़ा था ।। #### 127 (१२७) *7. 7. 6. 7. 7. 8. Innsbruck.* *PAUL GERHERDT 1607-1676.* १ अब गलगथा पर आओ और उस पर आँख उठाओ जो बीच के क्रूस पर है । सुख दुःख का भोगी है ।। २ कह किसने तुझे मारा हे यीशु कष्ट का भारा क्यों तुझ पर पड़ा है । हम ही तो है कुकर्मी हे प्रभु तू है धर्मी पर कष्ट तो तुझ पर पड़ा है ।। ३ अपराध जो हुए मुझसे सो इतने बहुतेरे कि रेत से अधिक हैं । इन्होनें तुझे मारा और देके कष्ट संहारा हाँ ये ही तेरे अधिक हैं ।। ४ जो कांटे सिर में गड़े जो थप्पड़ मुँह पर पड़े जो कष्ट उठाया था । तो कोड़ा तू ने खाया जो दुःख तूने उठाया मुझ पापी को उठाना था ।। ५ हे प्रभु तेरा रोना और तेरा दुखित होना क्लेश तेरे घावों का । और क्रूस पर तेरा मरना समाधी में उतरना मैं मन में स्मरण करूँगा ।। ६ हे प्रभु अपना मरण और मेरे प्राण का तरण तू मेरे मन में गाड़ । और अपने दुःख के द्वारा तू मेरा मन कर निस्तार और अंत को अपने पास उठा ।। #### 128 (१२८) *"Behold, the Lamb of God."* *6. 6. 6. 4. 8. 8. 4. St. John.* *M. BRIDGES.* १ ईश्वर का मेम्ना देख । हे पापियों के मीत तेरा पापनाशक मृत न हो निष्फल ।। तू ही बचा मुझ पापी को और तेरी घायल पसली हो एक शरण स्थल ।। २ ईश्वर का मेम्ना देख मैं अपने पाप के साथ हे यीशु तेरे हाथ पड़ जाऊँगा ।। मेरे अपराधों को धो डाल और मेरे मन से पाप निकाल फिर जीऊँगा ।। ३ ईश्वर का मेम्ना देख देहधारी ख्रीष्ट की जय तू सदा प्रभु है हे दीनानाथ ।। तू भर दे हमको प्रीत से सनातन आनंद हमको दे संतों के साथ ।। ४ ईश्वर का मेम्ना देख वह सारे जग का नाथ ईश्वर के दहिने हाथ अब बैठा है ।। आत्मा और पिता के सहित वह एक परमेश्वर, आनंद, हित और ज्योति है ।। #### 129 (१२९) *8. 7. 8. 7. Glory to the Lamb* *Chord - A | S- Waltz | T-120* १ ख्रीष्ट यीशु क्रूस पर मुआ है उसके नाम की होवे जय । वह मेरा साथी हुआ है उसके नाम की होवे जय ।। कोरस :- है प्रभु यीशु दयावान मनोहर उसका मीठा नाम वह मुझे देता जीवन दान उसके नाम की होवे जय ।। २ उठाया मेरा सारा भार उसके नाम की होवे जय । मृत्यु से किया मुझे पार उसके नाम की होवे जय ।। ३ दूर किया मेरा सारा पाप उसके नाम की होवे जय । मिटाया मेरा सब संताप उसके नाम की होवे जय ।। ४ वह सबको साहस देता है उसके नाम की होवे जय । वह शोक और दुःख हर लेता है उसके नाम की होवे जय ।। ५ जब उसके पास मैं जाऊँगा करूँगा मैं धन्यवाद । तब यह सदा मैं गाऊँगा होवे उसका धन्यवाद ।। #### 130 (१३०) *"When I survey the wondrous Cross."* *L. M. Rockingham or Hamburg.* *ISAAC WATTS 1674-1748.* *Chord - A#/B | S- Waltz/"---" | T-090-100/"---"* १ जिस क्रूस पर यीशु मरा था वह क्रूस अद्भूत जब देखता हूँ संसारी लाभ को टोटा सा और यश को निंदा जानता हूँ । २ मत फूल जा मेरे मूरख मन इस लोक के सुख और संपत पर हो ख्रीष्ट के मरण से प्रसन्न और उस पर सारी आशा धर । ३ देख उसके सिर हाथ पावों के घाव यह कैसा दुःख और कैसा प्यार अनूठा है यह प्रेम स्वभाव अनूप यह जग का तारणहार । ४ जो तीनों लोक दे सकता मैं इस प्रेम के योग्य यह होता क्यों हे यीशु प्रेमी आप के तई मैं देह और प्राण चढ़ाता हूँ । #### 131 (१३१) *"Sweet the moments."* *8. 7. 8. 7. Patty or Cassel.* *WALTER SHIRLEY, 1725-86.* *Chord - D# | S- Ballad | T-082* १ जो समय क्रूस पास मैं काटता शांति और प्रसन्नता से । जीवन चैन और कुशल पाता मरते हुए मित्र से ।। २ क्रूस के पास मैं जब जब देखता रक्त की धारा यीशु के । जब वह लोहू मन पर गिरता चैन मैं पाता ईश्वर से ।। ३ क्या मनोहर है यह दशा क्रूस के निकट रहने से । जब मैं ख्रीष्ट की दया देखता प्रकट उसकी आँखों में ।। ४ प्रभु मेरे मन को स्थिर कर कि मैं क्रूस पर ध्यान करूँ । जब तक मैं निस्तार को पाकर तुझे देखने न पाऊँ ।। #### 132 (१३२) *10. 7. 10. 7. 10. 10. 7. 7. Marter Christi.* *CHRISTIAN VOV ZINZEN DORF, 1727-52.* १ तेरा दुःख हे यीशु कौन बिसारे तुझ में क्षेम जो पाता है तेरी स्तुति करना हर एक पल में मेरा मन यह चाहता है मेरे भूखे प्राण निमित्त अहारा मेरे मन के लिए अति प्यारा दिन पर दिन अधिक हो जा हे क्रूस घातित त्राणकर्त्ता ।। २ लाखों स्तुति होवे प्रभु तुझे दण्डवत करें देह और प्राण तू ने अत्यन्त पीड़ा कष्ट ओ दुःख से किया मेरे लिये त्राण दे कि हर एक तुझ पर प्रीति रखे और विश्वास में तेरी ओर निरखे जब लों स्वर्ग में हम सब ना तुझे देखेंगे सदा ।। ३ मेरा रोगी प्राण हे तारणहारे तेरा क्रूस पकड़ता है क्योंकि तेरे महाकष्ट के द्वारा मुझे शांति मिलती है तेरा रोदन करना और कहरना तेरा घायल होना तेरा मरना मुझे जब तक जीऊँगा कुशल देता रहेगा ।। ४ हम जो यहा अब इकट्ठे हुए अपने हाथ मिलाते हैं तुझे जिसने सबके पाप उठाये प्रेम से मानेंगे सदैव अब तो चिन्ह के लिये कि यह गाथा तुझ से ग्रहण हुआ तुझ को भाता आमीन आमीन कहियो कुशल कुशल तुम्हें हो ।। #### 133 (१३३) *"I gave my life for thee."* *6. 6. 6. 6. 6. 6. Васа.* *FRANCES R. HAVERGAL, 1836-79.* *Chord - A# | S- Waltz | T-120* १ दी मैंने अपनी जान और अनमोल रक्त को भी । कि तेरा होवे त्राण छुटकारा मौत से ही । यह जान यूं दी तुझे क्या देता तू मुझे ।। २ मैं छोड़कर स्वर्गीय बास इस जग में आया था । तज गौरव सुख हुलास शोक दुःख उठाया था । यूं मैंने छोड़ा सब क्या छोड़ता है तू अब ।। ३ जो दुःख अत्यन्त अपार सो मैंने सब सहा । कि तेरा हो उद्धार रक्त मेरा बहा था । यूं दुःख में मैं रहा क्या तू ने कुछ सहा ।। ४ मैं लाया क्षमा त्राण और कुशल का संदेश । स्वीकार कर मुक्तिदान और स्वर्ग में कर प्रवेश । यह सब कुछ लाया है अब तू क्या लाया है ।। ५ नित जीवन को व्यतीत कर मेरी सेवा में । तू छोड़ इस जग की प्रीत स्वर्ग लोक के मार्ग को ले । ज्यों छोड़ा मैंने सब त्यों छोड़ तू अपना सब ।। #### 134 (१३४) *"Man of Sorrows."* *7. 7. 7.7. Haleluyah, What a Saviour.* *ISAAC WATTS. 1674-1748.* *Chord - A# | S-6/8 | T-088* १ "दुःखी पुरूष” ! कैसा नाम ! सत अवतार ने दिया दाम, उसने किया मुक्त का काम, जय मसीह की ! कैसा त्राता ! २ मेरे पाप की लाज और भार ! सब उठा के खाई मार, लोहू दिया, क्या उद्धार, जय मसीह की ! कैसा त्राता ! ३ पापी हम और मन मलीन ! बलिदान मसीह पापहीन, निष्खोट मेम्ना प्रेमाधीन, जय मसीह की ! कैसा त्राता ! ४ काठ पर दिया अपना प्राण ! हुआ पूर्ण हमारा त्राण, स्वर्ग पर अब वह विराजमान, जय मसीह की ! कैसा त्राता ! ५ अधिराज वह आवेगा ! अपनों को संग लावेगा, तब हर एक यह गावेगा, जय मसीह की ! कैसा त्राता ! #### 135 (१३५) *7.7.7.7. 7. Wolt Ihr Wissen.* १ नित हो मेरे प्राण का घर गलगथा की चोटी पर जहां यीशु ख्रीष्ट पर श्राप लाज और निन्दा और संताप मेरे बदले पड़ा था ।। २ वहां ख्रीष्ट के कांधे पर गिरा मेरा पाप का भार वहां उसके पांजर के पावन जल और लहू से धोया गया मेरा प्राण ।। ३ जो चलावे अपना बाण मेरे शरण में शैतान ख्रीष्ट है मेरी ढाल और नाथ जिसके बेधे हुए हाथ मेरे ऊपर पसरे हैं ।। ४ चाहे जग में हूं कंगाल मैं संतुष्ट हूँ और निहाल ख्रीष्ट ने क्रूस पर एक अपार और सनातन अधिकार मेरे लिये पाया है ।। ५ जब तक क्रूस पास खड़ा हूँ मैं प्रमोद से भरा हूँ यहाँ मुझे किस का भय मेरा ईश्वर है सहाय मैं सदा ठहरूँगा ।। #### 136 (१३६) *4. 7. 8. 7. 8. 7. St. Leonard Original.* १ सुनो कौनसी भारी वाणी क्रूस पर ख्रीष्ट उच्चारता है होती है सूरज को हानि सकल जगत डरता है पूरा हुआ पूरा हुआ ख्रीष्ट पुकार के मरता है ।। २ जय हां जय सुखदाई मंगल वाणी जय सदा स्वर्ग पर से प्रवाह की नाई आत्मिक दान अब उतरेगा पूरा हुआ पूरा हुआ श्राप का भय न होवेगा ।। ३ कर्म व्यवस्था में जो छाया जो दृष्टांत है और उपमा सो सब पूर्ण और बंद हो गया आगम बाचा के समान पूरा हुआ पूरा हुआ पूरा है हमारा त्राण ।। ४ बीणा लाओ और बजाओ ख्रीष्ट को गाओ भाइयो नित नित उसका क्रूस सराहो उसके नाम को गौरव दो हल्लेलुयाह हल्लेलुयाह मेम्ना को महातम हो ।। #### 137 (१३७) *9. 8. 9. 8. 7. 7. 10 Agnus Dei.* *NICOLAUS, DECIUS 1541.* १ हे ईश्वर के मेम्ना निर्दोषी जो क्रूस पर घात किया गया । निरंतर रहा तू संतोषी तथापि तू निन्दित भया तू ने जग पाप उठाया । और हमें त्राण कमाया हे यीशु कृपा कर ईश्वर के पूत ।। २ हे ईश्वर के मेम्ना निर्दोषी जो क्रूस पर घात किया गया । निरंतर रहा तू संतोषी तथापि तू निन्दित भया तू ने जग पाप उठाया । और हमें त्राण कमाया हे यीशु कृपा कर ईश्वर के पूत ।। ३ हे ईश्वर के मेम्ना निर्दोषी जो क्रूस पर घात किया गया । निरंतर रहा तू संतोषी तथापि तू निन्दित भया तू ने जग पाप उठाया । और हमें त्राण कमाया हे यीशु कुशल दे ईश्वर के पूत ।। #### 138 (१३८) *7. 9. 6. Lamm Gottes.* १ हे ख्रीष्ट ईश्वर के मेम्ने जो ले जाता है जगत का पाप हम पर अनुग्रह कर ।। २ हे ख्रीष्ट ईश्वर के मेम्ने जो ले जाता है जगत का पाप हमारी रक्षा कर ।। ३ हे ख्रीष्ट ईश्वर के मेम्ने जो ले जाता है जगत का पाप अपना कुशल हमको दे आमीन ।। #### 139 (१३९) *11. 11.11. 5. Herzliebster Jesu.* *YOHANN HEFIMANN, 1585-1647.* १ हे प्रीतम यीशु तूने क्या ही किया कि ऐसा कठिन न्याय लोगों ने किया । क्या दोष है तेरा कि तू पापी जैसा इस दण्ड में फँसा ।। २ थूक मार और ठट्ठा तुझे दिया जाता कंटीला मुकुट कोड़े मार तू सहता । तू सिरके से जब क्रूस पर टंगा रहता पिलाया जाता ।। ३ क्या है इस सारे दुःख और कष्ट का कारण आह तुझ पर पड़ा मेरे पाप का ताड़न । हे प्रभु मुझे यह सब सहना पड़ता जो तू न सहता ।। ४ क्या दण्ड अचम्भित यहाँ मैं निहारता अपनी भेड़ी के लिये भेड़पाल मरता । और अपने दोषी सेवकों का लेखा प्रभु भर देता ।। ५ आह अत्यन्त प्रेम असीम अकथ्य दया जिससे तू इसी पीड़ा मार्ग पर आया । मैं जगत भोग में सुख बिलासी रहता और तू दुःख पाता ।। ६ जो तेरी दया की समानता पाता सो मेरी बुझ में कमी नहीं आता । मैं उसके बदले क्या दान तुझे देऊँ कहा लेऊ ।। ७ मैं अपने सारे पाप को तुझ पास लाऊँ कि तेरे लोहू में मैं धोया जाऊँ । और तेरे आत्मा से शुद्ध हृदय पाऊँ नवीन हो जाऊँ ।। ८ तब तेरी कृपा का नित स्मरण करके तुझ निमित्त जगत भोग के लिये मर के । मैं तेरी इच्छा केवल मन में धरूँ और उस पर चलू ।। ९ मैं तेरे कारण से सब कुछ उठाऊँ न क्रूस न कष्ट न निंदा से मैं भागूँ न उपद्रव न मुत की पीड़ाओं से मन मेरा डरे ।। १० जब स्वर्ग विभव में तेरे पास मैं जाऊँ मैं मुकुट सिर पर धर के खड़ा रहूँ । तब पूर्णता से मैं तेरा धन्य मानूं और भजन गाऊँ ।। #### 140 (१४०) *"Go to Dark Gethsemane."* *7.7.7.7.7. 7. Gethsemane or Readhead 76.* *JAMES MONTGOMERY, 1771-1854.* *Chord - G#m (+5) | S- Ballad | T-088* १ हे परीक्षित लोगों सब जाओ अब गतसमने को । युद्ध हमारे त्राता का जाग के देखते तुम रहो । उसकी बिन्ती अब सुनो प्रार्थना करना तुम सीखो ।। २ न्यायालय तक चलो तुम जीवन नाथ पर करो ध्यान । कैसा व्याकुल खेदित हो सहता था निंदा अपमान । उसके क्लेश को अब देखो दुःख उठाना तुम सीखो ।। ३ कलवरी पर्वत पर चलो देखो पाप का बलिदान । पूरा करके अंत लों सब यीशु देता अपना प्राण । "पूरा हुआ” तुम सुनो मरना अब उससे सीखो ।। #### 141 (१४१) *“Sacred head, now wounded."* *7. 6. 7. 6. D. Passion Chorale.* *PAULUS GERHARDT, 1607-71.* *Chord - Am | S- Ballad/ "---" | T-088-094/ "---"* १ हे माथ जो घाव से भरा और निन्दित है अपार लोगों ने निज पर धरा कंटीला निंदक हार हे माथ जो आगे शोभित और आदरवंत रहा पर अभी ऐसा निन्दित प्रशंसित हो सदा ।। २ हे मुख जो था तेजस्वी संसार का डर ओ भय अब हुआ क्या ही दुःखी क्यों थूक अब तुझ पर है रूप तेरा बदल गया और आँखों का प्रकाश निर्दोष जो पाया गया अब कैसे हुआ नाश ।। ३ जो भार तूने उठाया है प्रभु मेरा पाप जो ठट्ठा तेरा हुआ सो मेरे दोष का श्राप दृष्टि कर हे दीन दयालु मुझ अधम पापी पर और मुझ पर हो कृपालु पाप मेरा क्षमा कर ।। ४ धन तेरा हे पियारे हे यीशु तेरा धन कि मुआ पाप के मारे बचाने को लोकगण दे कि वर तुझे धरूं अभी से मरने लों कि तेरे प्रेम में मरूँ और अंत तुझही में हो ।। ५ जब छोडूंगा इस जग को तब मुझे त्याग न दे जब भोगूँगा मैं मृत को तब मेरी सुधि ले जब मुझे डर और त्रासा धर लेंगे मृत समय तब तू हो मेरी आशा जो मेरा त्राता है ।। #### 142 (१४२) *W. R. JAMES.* *Chord - C/C# | S- Ballad | T-084* १ और किसी बात की बड़ाई न करें यीशु मसीह के क्रूस को छोड़ ।। २ यीशु के साथ मैं चढ़ाया गया तौभी अब तक जीता हूँ ।। ३ मैं तो नहीं पर यीशु मसीहा वही अब मुझ में जीता है ।। ४ मृतों में से वह जिलाया गया जिससे मैं धर्मी ठहरा हूँ ।। ५ जब मैं पापी हो ही रहा था मेरे लिये वह मर गया ।। ६ पाप के लिये मैं मृतक होके ईश्वर के लिये जीऊँगा ।। ७ यीशु मसीह ने शरीर में आके पाप पर दण्ड की आज्ञा दी ।। ८ उसके संग जो हम दुःख उठावें तो महिमा भी पावेंगे ।। ९ अपने आप को प्रसन्न न करके बुरों की निंदा उसने सही ।। १० और किसी बात को हम न जानें क्रूस पर चढ़ाये मसीह को छोड़ ।। ११ दाम दे ख्रीष्ट ने हमें मोल लिया तो उसकी महिमा प्रगट हो ।। #### 143 (१४३) *G. 608.* *Bhajan Tunes No. 83.* *BANDHU MASIH.* पातक दण्ड छुड़ावन यीशु क्रूस उठायो अति दुखदाई १ पर्वत नाईं अघ मम भारी, अपनो तन पर लीन्ह उठाई । बोझ लिये प्रभु अंग पसीना, रूधिर समाना टपकत जाई ।। २ हाय हाय हाय अस पाप हमारा, जीवन पति को जगत भुलाई । मेरे पातक कारण सोंपे, जो दुःख लीन्ह कहा नहिं जाई ।। ३ निशिभर बैरिन अति दुःख दीन्हा, प्रात बिचार आसन पहुँचाईं । बहु बिधि झूठे दोष लगाये, तौ प्रभु अद्भुत धीर दिखाई ।। ४ बांधे कर सिा कंटक गूंधे, कांधे पर फिर क्रूस धराई । तब प्रभु को डाकुन के साथे, बिकट काठ पर घात कराई ।। ५ यीशु दयामय जगजन त्राता, क्रूस चढ़ाये संकट पाई । ठोंके कील हाथ पगु सुन्दर, रक्त बहा नर मुक्ति उपाई ।। ६ कहि है दास धरो मम प्यारो, प्रभु पर आशा सब सुखदाई । बाढ़े धर्म करें शुभ कामा, शोक दोष मध साहस पाई ।। #### 144 (१४४) *Н. Т. В. 128.* *SHUJAAT ALI.* १ मुजरा है मेरा उसको जो फर्जन्दे खुदा है । उम्मत की शफाअत के लिये आप मुआ है ।। २ जब चोर की मानिन्द उसे आये पकड़ने । चूमा जिसे आ करके यहूदा ने दिया है ।। ३ और घेर के जब उसके तई ले गये जालिम । फिर झूठी गवाही दे बहुत फतवा दिया है ।। ४ मरने के वक्त उसने यह खुद आप कहा था । ऐ मेरे खुदा तू ने अकेला क्यों रखा हैं ।। ५ दुश्मन के लिये उसने दुआ बाप से मांगी । तू मुआफ कर ऐ बाप जो अस सब ने किया है ।। ६ जब मर गया उसके तईं मदफून किया था । यह मुअजिजा उसका है कि फिर जीके उठा है ।। ७ जो लावे यकीं मौत पर यीशु कीं अजीजो । जन्नत है मकां उसका जहाँ नूर इ खुदा है ।। ८ इस आसी पर तू फजल कर ऐ मेरे मसीहा । हरगिज नहीं बचने का वह जो तुझ से जुदा है ।। #### 145 (१४५) *Η. Τ. Β. 127.* *SHUJAAT ALI.* *Chord - B | S- Waltz | T-124* १ यीशु की मुसीबत जिस दम तुम्हें सुनाऊँ । आँखों सेती मैं आँसू क्योंकर नहीं बहाऊँ ।। २ दुश्मन जब उसको पकड़े बेआबरू कैसे किये । ओ मानिंद चोर की बांध के उसे शामिल अपने लिये ।। ३ हाय हाय वे उसे घूसे और तमाचे मारे खींच के । रखा था उसके सिर पर कांटों के ताज को सज के ।। ४ नरकट के नल को लेके वे सिर पर उसके मारें । हाय हालत उसकी देख जो खुदा के थे दुलारे ।। ५ मुंह पर भी उसके थूके और ठट्ठे में उड़ाये । बुराइयां उसकी करके सलीब को तब धराये ।। ६ और मारने को ले जाके कपड़े भी सब उतारे । हाय हाय अफसोस की जा है लोगों ने ठट्ठे मारे ।। ७ लोहे की मेखें ठोंक के हाथ पांव को उसके फोड़े । सलीब को झटका देके बंद बंद उन्होंने तोड़े ।। ८ छः घण्टे पूरे यीशु रहें इस सख्त अजाब में । तब मर के कामिल किया सब कुछ नजात के बाब में ।। ९ हाय हाय यह क्या अजीब है गुनाह तो था हमारा । पर मारा गया यीशु खुदा का बेटा प्यारा ।। १० ईमान अब उस पर लावें सब लोग जो सुनने वाले । महबूब ओ शाफी जानके भरोसा उस पर डालें ।।

  • Mission 223–238 | Masihi Geet Sangrah

    सुसमाचार का फैलाव (Mission) 223 (२२३) “I've a message from the Lord, Halleluyah.” P. M. S. S. S. 411. W. A. OGDEN. १ आनंद का है यह संदेश हल्लेलूयाह ईश्वर का है यह आदेश हल्लेलूयाह दीन होके सुन तू यीशु की कि यीशु को अब देख और जी ।। कोरसः- देख और जी हाँ देख और जी यीशु ख्रीष्ट को देख और जी ईश्वर का है यह संदेश हल्लेलूयाह कि यीशु को अब देख और जी ।। २ कैसा मधुर यह संदेश हल्लेलूयाह यह सुना दो देश विदेश हल्लेलूयाह कि यीशु मुक्ति देता हैं कि यीशु को अब देख और जी ।। ३ हम यह पाते हैं संदेश हल्लेलूयाह कि मुक्ति सेंत मेंत होती है जो तू चाहता स्वर्गीय देश हल्लेलूयाह केवल यीशु को तू देख और जी ।। 224 (२२४) 7s. Zjrich or Dix. १ आवे प्रभु तेरा राज्य सारे जगत में विराज देश के देश जो धर्मविहीन होवें तेरे सब आधीन आवे प्रभु तेरा राज्य सारे जगत में विराज ।। २ सब हैं भूले भ्रमाधीन सब है पापी मनमलीन त्राण की आस से परे हैं नरक मार्ग को धरे हैं आवे प्रभु तेरा राज्य सारे जगत में विराज ।। ३ तेरे प्रण है अवितीत उन पर मेरी है प्रतीत सब का राजा यीशु हैं प्रभु और जगदीसा है आवे प्रभु तेरा राज्य सारे जगत में विराज ।। ४ चहुँदीश के द्वीप और देश जाने तुझे जग नरेश सब विरोध को कर तू नाश अपने तेज को कर प्रकाश आवे प्रभु तेरा राज्य सारे जगत में विराज ।। 225 (२२५) “From Greenland's Icy Mountains.” 7. 6. 7. 6. D. Missionary or Moening Light. BISHOP R. HEBER, 1783-1826. १ ग्रीनलैण्ड के ठंडे देश से और हिन्द और चीन से भी और हब्स से जहाँ सोते बहते हैं सुखदाई नदी मैदान पहाड़ से हर भाषा से हर जाति लोग बिनती कर यह कहते सुनाओ त्राण की बात ।। २ परमेश्वर के बनाये मनुष्य निर्दोष निष्पाप शैतान के जाल में आये पड़ा उनपर संताप वे वस्त्र भोजन सारे ईश्वर से पाते हैं तौभी उसको न मानते विश्वास न लाते हैं ।। ३ क्या हम जो ज्योति पाते और लाखों आशिषें उनको जो मरते जाते मुक्ति की ज्योत न दें हम आनंद से फैलावें मुक्ति का सुबखान सब जाति देखने पावें यीशु मसीह का त्राण ।। 226 (२२६) “Tell it out among the nations.” P. M. -- Tell It Out. FRANCES R. HAVERGAL, 1836-79. १ दो संदेश कि सब लोग जानें यीशु राजा है दो संदेश दो संदेश दो संदेश कि सब लोग करें प्रभु ख्रीष्ट की जय दो संदेश दो संदेश दो संदेश कि सदा काल बढ़ेगा उसका राज्य कि है महिमा का राजा कुशलाधिराज दो संदेश कि लोग सब मिलके गीत सुनावें आज दो संदेश दो संदेश ।। २ दो संदेश कि यीशु मुक्तिदाता करता राज्य दो संदेश दो संदेश दो संदेश कि पाप के दास सब बंधन तोड़ें आज दो संदेश दो संदेश रोते हुओं से जा कहो यीशु जीता है थकितों से कह दो कैसी शान्ति देता है पापियों से कहो यीशु ही बचाता है दो संदेश दो संदेश ।। ३ दो संदेश कि स्वर्ग में यीशु अब विराजमान है दो संदेश दो संदेश दो संदेश कि उसका राज्य सनातन प्रेम का है दो संदेश दो संदेश दो संदेश हर गाँव में जाके जो है दूर ओ पास कि हमारे प्रभु यीशु में हैं त्राण कि आस कि सब थके बोझ से दबे आवें यीशु पास दो संदेश दो संदेश ।। 227 (२२७) 8. 7. 8. 7. Batty or Galilee. १ प्रभु यीशु अपने राज्य को सकल जगत में बढ़ा अपने किये त्राण के काज को प्रगट करके राज्य फैला ।। २ वेग मिटा सब देव की पूजा देवन नाम सब भूले जांय आप ही जगत जन के राजा सब लोग आपकी शरण पाय ।। ३ मंगल समाचार सुना दे पूरब दिशा से पश्चिम लों उससे सब को त्राण जना दें सब जो तेरे आश्रित हों ।। ४ स्वर्ग जैसा आज्ञाकारी तेरा, तैसी धरती होय तू ही सबका अधिकारी तेरा राज सर्वत्र होय ।। 228 (२२८) 8. 7. 8. 7. 8. 7. Neander or Eton College. १ प्रभु यीशु धर्मराजा अपने राज्य में सब ले आ अब मिटा सब देव की पूजा बेग ही अपना राज्य फैला प्रभु यीशु - अपने राज्य की जय करा ।। २ आप ही सच्चा उजियाला कर दे दूर यह अंधकार सब पर डाल दे धर्मात्मा अब जिला सब मरणहार धर्म सूर्य - उदय हो हे ज्योत अपार ।। ३ जब जब तेरा मंगल वचन लोगों पर खुल जाता हैं तब दिखा सच्चाई के लक्षण झूठ क्यों सब भरमाता हैं तारणकर्त्ता - तुझसे लोग बच जाते हैं ।। ४ कठिन संग्राम होवे अभी हो सर्वत्र तेरी जय जीत शैतान न पावे कभी कर तू दूर भक्तों का भय प्रभु यीशु - तेरे राज्य की होवे जय ।। 229 (२२९) “Sinners Jesus will recieve.” 7s. S. S. S. 390. Chord - C | S- "---"/E.Movie | T- "---" १ यह सुनावें कि यीशु ख्रीष्ट, पापी को बचाता है ग्रहण करता हर एक को, उसके पास जो आता है ।। कोरसः- फिर और फिर भी यह गीत गाओ यीशु ख्रीष्ट ही त्राता हैं, सभों को यह बात बताओ पापी को बचाता हैं ।। २ सब से बड़े पापी को, चैन विश्राम का दाता है उस पर रखो अब विश्वास, सभों को बुलाता हैं ।। ३ पाप का दोष और पाप का दण्ड, सबका वह उठाता है पाप का बल और पाप का बंध, सब से वह छुड़ाता हैं ।। ४ मरके फिर जी उठा वह, मुझको अब जिलाता है मुझे अब वह करके शुद्ध, स्वर्ग को तब ले जाता हैं ।। 230 (२३०) 6. 6. 6. 6. 8. 8. St. John. १- यीशु का समाचार सब देशों में तुम दो कि उसका अब प्रचार हर जगह विदित हो । कोरसः- आज ही तैयार जग का निस्तार सब पावें यीशु में उद्धार ।। २- मसीह के द्वारा से है सबका त्राण तैयार अब सारे जगत में हो उसका समाचार ।। ३- शैतान के फंदे से हम हुए थे लाचार पर किया यीशु ने हमारा फिर उद्धार ।। ४- अब होवे हर कहीं उद्धार का सुसंदेश प्रकाशक यीशु के हों प्रगट हर एक देश ।। 231 (२३१) 8. 7. 8. 7. 8. 7. Neander or Regent Square. १ सारे जग के महाराजा तेरे राज्य की होवे जय । तेरा नाम जो स्थापित होवे दुष्ट के राज्य का होता क्षय प्रभु यीशु राय तू करेगा निश्चय ।। २ धर्म और प्रेम का सुसंदेश जगत में प्रसिद्ध करा जहां वह प्रचारा जावे अपनी सामर्थ को दिखा प्रभु यीशु अपने राज्य का तेज चमका ।। ३ दे सब सुसंदेशियों को हीर और धीर और प्रीत प्रतीत जिससे प्रगट हो हर देश में त्राण का ज्ञान और धर्म की जीत प्रभु यीशु तेरी जय हो जग के मीत ।। 232 (२३२) “We have heard a Joyful sound.” 7. 6s. S. S. S. 1079. PRISCILLA J. OWENS. १ सुना हमने सुख का बोल -- यीशु ख्रीष्ट तारणहार दूर फैलावें बात अनमोल यीशु ख्रीष्ट तारणहार जल्दी जावें हर एक देश पर्वत पर और दरया पार यीशु कहता “दो संदेश”-- यीशु ख्रीष्ट तारणहार ।। २ मरके जीता अब सदा -- यीशु ख्रीष्ट तारणहार गावें हम तो सर्वदा यीशु ख्रीष्ट तारणहार धीमे गावें शोक समय मन जब दया मांगनेहार हर्ष से गोर पर करते जय -- यीशु ख्रीष्ट तारणहार ।। ३ आंधी लहरो तुम कहो -- यीशु ख्रीष्ट तारणहार बोलो दूर के पापी को यीशु ख्रीष्ट तारणहार टापू सागर प्रतिगांव गाके करो तुम प्रचार मुक्ति पूरी सेंत मेंत त्राण -- यीशु ख्रीष्ट तारणहार ।। 233 (२३३) “Jesus Shall Reign.” L. M. -- Duke Street. ISSAC WATTS, 1674-1748. १ सूर्य जहाँ हो अस्त उदय यीशु का राज्य वां फैलेगा जब तक कि चांद उजाला दे तब तक वह बढ़ता जावेगा ।। २ देश देश के लोग हर भाषा में यीशु के प्रेम को गाते हैं और छोटे बच्चे उसका नाम आनंदित हो सराहते हैं ।। ३ जहां कहीं वह राज्य करे सब लोग आशिशित होवेंगे कैदी सब छूट कर बंधन से आनंदित होके उछलेंगे ।। ४ हे सारी सृष्टि उठकर गा आदर विशेष दे राजा को स्वर्ग दूत उतर के गावें गीत और पृथ्वी सुन आह्वादित हो ।। 234 (२३४) S. M. -- Franconia or Boylston. १ हे ईश्वर तेरा नाम सब जगह हो प्रसिद्ध कि जाने सब मसीह का काम और धर्म का ज्ञान और विध ।। २ कि कैसा महाकर्म मसीह ने किया है कमाने जग का मुक्ति धर्म प्राण अपना दिया है ।। ३ अब यीशु का संदेश और उसका धर्म और पुण्य प्रचारा जावे देश विदेश सब जानें उसके गुण ।। ४ और हम जो तेरे लोग इस जग में हैं अतीत हमें संभाल कि तेरे योग्य हम पावें धर्म की जीत ।। 235 (२३५) Bhajan Tunes 92. E. F. JANVIER. Chord - D | S- Ballad | T-088 पानी दो पानी पियासा हूँ, पानी दो पानी ।। १ न तो कुँए का न तो नदी का लावे यदि कोई । पानी दो पानी पियासा हूँ, पानी दो पानी ।। २ सकल जलाशय देख कर आया । थका भ्रमण करके, पियासा हूँ पानी दो पानी ।। ३ अक्षय जीवन कष्ट विमोचन । प्रभु बिन नहीं जग में ।। ४ जा जा तू प्रभु यीशु के चरणन । तृप्ति तुझे मिलती ।। 236 (२३६) Bhajan Tunes 91. Chord - D | S- Reggae/Ballad | T-086 कोरसः- प्यारो हिम्मत बांधों आगे बढ़ो क्रूस का लो निशान । जीतेंगे हम यारो हारेगा शैतान ।। १ लड़ों लड़ो फुर्ती करो यीशु है कप्तान । हिम्मत बांधों आशा रखो भागेगा शैतान ।। २ पाप और दुख में चारो तरफ मरते हैं इंसान । दया करो भारत पर वह हुआ परेशान ।। ३ घर घर जाकर करो प्यारो यीशु का बयान । वह है राजा मुक्तिदाता, सब पर मेहरबान ।। ४ जल्दी करो सुनाओ सबको यीशु का फरमान । पापी बचते जाते लाते जब उस पर ईमान ।। ५ दास कहें बैरी शर्माते, सुन यीशु का ज्ञान । लोग मसीह को मानते जाते, हारता है शैतान ।। 237 (२३७) Bhajan Tunes 68. JOHN PARSONS. Chord - F | S- Ballad | T-082 हम यीशु कथा प्रचार करें, खल मानुष जासु दया सुधरें । १ तन ले प्रभु दीनन नाथ फिरा, निज हाथन रोगिन लोक हरें ।। २ विधवा बिनती जब कान सुने, तब ही मनसा प्रभु तासु भरें ।। ३ प्रभु कोढ़िन अंग अपावन पै, सुख देवन को निज हाथ धरें ।। ४ तम बासिन पै अब कीन्ह मया, सत सूरत हो जग को उतरें ।। ५ दुःख संकट यीशु अपार सहा, जिहि कारण से नर लोग तरें ।। ६ नित्य रैन दिना प्रभु यीशु दया, हम आश्रित हो बहुधा सुमरें ।। 238 (२३८) H. T. B. 120. ISSAC FIELDBRAVE. १ मसीहा तू कुदरत अब अपनी दिखा दे । गुनाह में जो मुर्दे हैं उन को जिला दे ।। २ तू ही नूर इ हक्क है तू ही रहनुमा है । जो भूले हैं उनको हकीकत बता दे ।। ३ जो करते हैं तौबा गुनाहों से अपने । उन्हें बन्द इ जालिम से आकर छुड़ा दे ।। ४ बढ़ा शान ओ हशमत तू अपनी खुदाया । गुनाह और मुजी को जहाँ से मिटा दे ।। ५ तेरे काम अकदस के करने में ऐ रब्ब । जो हैं मुश्किलातें उन्हें अब हटा दें ।। ६ जो तुखम इ कलाम इ मुकद्दम है बोया । उसे सुनने वालों के दिल में जमा दे ।। ७ यही है तमन्ना इ दिल ऐ मसीहा । हमें अपनी रहमत से आब इ बका दे ।।

  • ABOUT | Masihi Geet Sangrah

    About At Masihi Geet Sangrah, we understand the importance of having accurate lyrics for meaningful worship. Our platform serves as a bridge between tradition and modern devotion, offering a wide range of categories that cover every aspect of the Christian life from Baptism and Marriage to Mission and Second Coming. Managed by Yash Soloman and Shaan Jashwant, this project is born out of a passion for the gospel and a desire to serve the church. We constantly update our library to include the latest contemporary hits alongside the classic hymns found in the traditional Masihi Geet Sangrah. Join us as we celebrate our faith and find inspiration in the lyrics of praise. Mr. Sharon Ram The Masihi Geet Sangrah digital project was founded by Mr. Sharon, a man whose life is a testament to serving both God and neighbor. Based in Dalli Rajhara, near Balod, Mr. Sharon is the proprietor of Rajhara Pathology Lab. His background as a Pathologist and emergency Paramedic reflects a life dedicated to healing and care. However, his heart has always beat for the rhythm of worship. As an accomplished percussionist mastering the Drums, Naal, and Octopad and a professional Sound Engineer, he recognized a need for a more accessible way for the congregation to carry their songs of praise. This website is his contribution to the global church: a simplified, digital version of the Masihi Geet Sangrah designed to be a personal songbook for every believer. Reach Out

  • Faith and Repentance 269-312 | Masihi Geet Sangrah

    विश्वास और पश्चाताप (Faith and Repentance) 269 (२६९) L. M. -- Melcombe or Old Hundred. १ अकाम है मेरा सारा कर्म पर ख्रीष्ट का रक्त और उसका धर्म है मेरी शोभा और सिंगार और ढाल और शरण और उपकार ।। २ अब मेरे प्राण को मौत निराश, न करेगी, मैं बिना त्रास ईश्वर के सामने जाऊँगा और बिना लाज ठहरूँगा ।। ३ यीशु ने क्रूस के खंभे पर उठाया मेरे पाप का भार और उसके देह की कील और चोट है दण्ड और स्राप से मेरी ओट ।। ४ ईश्वर से मुझे है मिलाप देख मुझ पर ख्रीष्ट के रक्त की छाप और मेरे लिये सर्वदा यह रक्त बिचवई करेगा ।। ५ हे मेरे प्रीतम तारणहार तू अपना घायल हाथ पसार और मुझे अपने रक्त से धो कि मन बच कर्म पवित्र हो ।। ६ और जब मृतकाल में अपना बाण मुझ पर चलाता है शैतान तब अपने रक्त के द्वारा से हे प्रभु तू बचा मुझे ।। 270 (२७०) C. M. -- Grafenburg or St Agnus. REV. G. S. MANDRELLE 1903-1953. १ अनाथ मैं हूँ हे प्रभु ख्रीष्ट तू है अनाथ का नाथ मैं मन बच काया से निकृष्ट और बिका पाप के हाथ ।। २ हे यीशु तारक मुझे तार कि तू है मेरी आस निस्तारक मेरा कर निस्तार कि स्वर्ग में करूँ बास 271 (२७१) 8. 7. 8. 7. 8. 7. Dismissal or Rousseau. १ कहां मेरा तारणहारा मेरा यीशु है कहां पियारों उसकी शाला वह कौन बतावेगा वेग से कहो वेग से कहो यीशु को दिखाइये ।। २ दबा पाप के बोझ से भारी चूरचार हुआ मेरा प्राण रोता मैं दिन रात्रि सारी ख्रीष्ट को पाऊँगा कहां निपट खेदित व्याकुल छेदित विकल मेरा मन है नित ।। ३ यदि मेरे डैने होते ज्यों पंडुक के होते हैं तो मैं आज ही उड़ के जाता जहां प्रीतम रहता है और निरन्तर उसका चरण धरे रहता आनन्दमय ।। ४ मेरे प्राण तू क्यों निराश है आ तू ख्रीष्ट के क्रूस के पास वहां दण्ड ओ त्रास यीशु ने भोग कर किया पाप का नाश अपना रक्त वहां बहाया जिस से हुई त्राण की आश ।। ५ मृत्युनाशक पाप का हरता मेरा वाणी है यहाँ क्रूस के काठ पर टंगा रहता क्रूस है मेरा शरणस्थान ख्रीष्ट के हाथ में मृत्यु समय सौंपूँगा मैं अपना प्राण ।। 272 (२७२) 8. 7. 8. 7. D. Munich or Aurelia. CHR. G. KERN, 1792-1835. १ क्यों छोड़ूँ मैं उस मीत को जो मुझे छोड़ता ना कब समझूँ मैं उस प्रीत को जो है ख्रीष्ट यीशु का मैं दुःख अपार में पड़ा उपकार वह लाया था और मैं ने कुशल महा यीशु में पाया था ।। २ मैं क्यों न चाहूँ उस को असीम है जिसका प्यार और दुःख क्यों देऊँ उसको जो मेरा तारणहार हां उसी ने उठाया सब दण्ड मुझ पापी का यह कह मुझे बुलाया आ मेरे पीछे आ ।। ३ मैं करूँ प्यार उस हितू को जो करता है उद्धार और तोड़ कर मृत्यु बल को है देता जीवन सार वह मरन काल सब भय से मुझे बचावेगा और स्वर्ग में अपने हाथ से घर के ले जावेगा ।। 273 (२७३) “Seek ye first, not earthly pleasure.” 8. 8. 8. 6. १ खोज तू मत वह सुख शारीरिक वही धन जो है सांसारिक सत्य प्रेम को जो है आत्मिक पहिले खोज पहिले खोज ।। २ खोज तू मत सांसारिक इच्छा जो तृष्णा वृथा है सदा अपनी आत्मिक अभिलाषा पहिले खोज पहिले खोज ।। ३ पहिले खोज ईश्वर की शान्ति इसे पा तो है न घटी आ अपने को मान तू पापी उस को खोज उस को खोज ।। ४ पहिले खोज और क्षमा ले ले स्वर्ग का अधिकारी होके अपना जीवन उस को दे दे उस को खोज उस को खोज ।। ५ पहिले खोज तू पूर्ण शुद्धि प्रभु में जो सदा मिलती उस के लिये काम की बुद्धि सदा खोज सदा खोज।। ६ यतन कर कि राज्य फैल जावे ख्रीष्ट का प्रेम सब देखने पावें कि वे उसको सदा मानें इस को खोज इस को खोज ।। ७ उस प्रतिज्ञा का भरोसा तेरी इच्छा पूर्ण करता आत्मिक दान तो उससे मिलता पहिले खोज पहिले खोज ।। 274 (२७४) 8. 7. 8. 7. Batty or Mariners. १ जन्म से पापी दुराचारी धर्म विमुख और ख्रीष्ट विरुद्ध मैं तो हूँ पर ख्रीष्ट के द्वारा अभी सारे पाप से शुद्ध ।। २ मैं हूँ शुद्ध आह कैसी दया क्योंकि मेरे त्राणी ने क्रूस पर मेरा धर्म कमाया अपना रक्त बहाने से ।। ३ मैंने ख्रीष्ट को नहीं चाहा निश्चित होके भूलता था पर वह मेरा प्रेमी रहा और न मुझे त्यागता था ।। ४ जब से बिन्ती मैं ने की थी क्षमा कर मुझ पापी को उसने झट ली सुधि मेरी उसको धन्य हो सदा लों ।। ५ उसने अपना हाथ पसारा धर के धोया मेरा प्राण उस को धर्म से भी संवारा और यों मुझे मिला त्राण ।। ६ दूसरी आस न मेरी होवे मेरा धर्म और मेरा बल ऐसी निन्दा दूर हो रहे दूर हो मुझ से ऐसा छल ।। ७ मेरी आशा है ख्रीष्ट का मरण ख्रीष्ट का रक्त और उसका धर्म उसकी दया मेरी शरण मेरा त्राण है ख्रीष्ट का कर्म ।। 275 (२७५) 7s Innocents or St. Bees. Chord - D (Ref:- 06 No.) | S- Waltz | T-130 १ जो न चलता पाप के पथ और न मानता दुष्ट का मत निन्दक संग न बैठता है वह मनुष्य ही धन्य है ।। २ वह जो ईश्वर के अधीन वचन में रात दिन लौलीन मन बच कर्म सुधारता है कुशल उसका सदा है ।। ३ वह हर बात में भाग्यवान और उस पेड़ के है समान जो हरीला और फलमय जल के पास पनपता है ।। ४ दुष्ट को ऐसा ही मत जान दुष्ट है भूसी के समान जिस को इधर उधर मार उड़ा डालती है बयार ।। ५ धर्म के मार्ग पर जिनकी चाल तिन पर ईश्वर है दयाल दुष्ट लोगों के मार्ग ही के पास घात में लगा है विनाश ।। 276 (२७६) C. M. -- Vulpius or Bedford. JOSHUA STREGMANN, 1588-1632. १ तू अपनी दया यीशु ख्रीष्ट हमारे पास ठहरा कि अपने छल से फिर शैतान हमको बझावे ना ।। २ तू अपना वचन यीशु ख्रीष्ट हमारे पास ठहरा कि हमको आनंद और कल्याण अब होवे और सदा ।। ३ तू अपनी ज्योति यीशु ख्रीष्ट हमारे पास ठहरा जिस्तें अन्धकार में तेरे लोग सत मार्ग से भटकें ना ।। ४ तू अपनी आशिष यीशु ख्रीष्ट हमारे पास ठहरा रोप हम में हर एक आत्मिक दान और हम में फल उगा ।। ५ तू अपनी सामर्थ यीशु ख्रीष्ट हमारे पास ठहरा हमको परीक्षा में न डाल संसार पर जय दिला ।। ६ तू आपही आप हे यीशु ख्रीष्ट हमारे पास ठहर हो जीवन भर हमारे संग और साथ हो मरने पर ।। 277 (२७७) 8. 7. 8. 7. 8. 7. Komm O Komm or Dismissal. Chord - C | S- Waltz | T-124 १ तेरे चरण मेरी शरण यीशु प्रभु त्राण के नाथ कृपा करके मेरी सुध ले तेरे बिन मैं हूँ अनाथ दया तेरी आशा मेरी रख तू मुझ पर अपना हाथ ।। २ कर तू मुझ पर दया दृष्टि अपने मार्ग ही में चला मेरी प्रीति और प्रतीति तुझ पर धरीं सर्वदा दया तेरी आशा मेरी तेरा दास मैं हूँ सदा ।। ३ हे कृपालु दीन दयालु तुझी को मैं गहता हूँ हे गुणखानि सब बरदानी तुझ में तोष मैं पाता हूँ दया तेरी आशा मेरी तुझ में तृप्त मैं रहता हूँ ।। ४ तेरा हृदय निर्मल सदय सूर्य सा हे प्राण के मीत पापी होकर तुझे भूलकर बार बार करता कर्म अनीति दया तेरी आशा मेरी अपने दास को कर पुनीत ।। ५ इस संसार के कुव्यवहार से असंतृष्ट है मेरा मन मेरी आँख तो ताकती स्वर्ग को जहां सत है हर एक जन दया तेरी आशा मेरी प्रभु मुझे ग्रहण कर ।। 278 (२७८) “Free from the law, oh, happy condition.” 10. 10. 9. 8. S. S. S. 143. PHILLIP BLISS. 1833-76. १ तू ने हे यीशु हम को बचाया और अपना अनमोल लहू बहाया हम सब थे पापी दुष्ट और निराश कृपा से हुई त्राण की आस ।। कोरसः- मुक्ति की आस से सब जो निराश हो मुक्ति की आस विश्वास से अब ले लो उसी की ओर देख मत हो उदास यीशु के क्रूस से त्राण की आस ।। २ पाप से अब हम सब पाते छुटकारा पाप का प्रायश्चित पूरा और सारा प्रेम से वह कहता आ मेरे पास जीवन की आकर ले तू आस ।। ३ ईश्वर के पुत्र कैसे आनंदित अधिकार उन के महिमा से मंडित मौत से वे छूट के पाते विश्राम रहते नित्य हर्षित उस के धाम ।। 279 (२७९) “Pass me not O gentle Saviour.” Z. Z. Y. 488. FANNY CROZBY. 1820-1915. Chord - F | S- 6/8 | T-086 १ छोड़ न मुझे प्यारे यीशु, बिन्ती सुन मेरी औरों पर तू दया करता, कर तू मुझ पर भी ।। कोरसः- यीशु यीशु, बिन्ती सुन मेरी औरों पर तू दया करता, कर तू मुझ पर भी ।। २ तेरे पास हे दयासिन्धु, शान्ति पाऊँगा झुकता हूँ मैं तेरे सामने, अब विश्वास दिला ।। ३ तुझ पर पूरी आस मैं रखता, अपना मुख दिखला चंगा कर इस घायल मन को, दया से बचा ।। ४ तू है शान्ति का पूर सोता, प्रीतम प्राण से भी तुझे छोड़ अब कौन है मेरा, जग और स्वर्ग में भी ।। 280 (२८०) “Saviour like a Shepherd lead us.” 8. 7s. T. T. T. 1164 or Rousseau. DOROTHY THRUPP, 1779-1847. १ प्रभु यीशु मेरे प्रिय लोगों के बचानेहार अपने प्राण को तू ने दिया कि हम सब का हो निस्तार प्रभु यीशु प्रभु यीशु सब लोग बचें तेरे द्वार ।। २ बिना तेरे मैं हूँ निर्बल मेरी तू सहायता कर तेरे साथ मैं होऊँ प्रबल हर कठिनता में निडर प्रभु यीशु प्रभु यीशु मेरे साथ रह जीवन भर ।। ३ जब हो निकट मेरा मरण जब समाप्त हो मेरा प्राण तब तू होवे मेरी शरण मेरी आत्मा को तू मान प्रभु यीशु प्रभु यीशु तू है मृत्यु पर बलवान ।। 281 (२८१) 7. 7. 7. 7. 7. 7. Dix or Morgenglanz. Chord - C | S- Ballad | T-074 १ पापी मैं तो बड़ा हूँ महा कष्ट में पड़ा हूँ मेरे कैसे बड़े दुःख कौन दे सकता मुझे सुख ।। कोरसः- मेरी रक्षा करने को प्रभु तू सहायक हो ।। २ सब है तेरा भूमि आकाश पशु पक्षी फूल और घास तू ने उत्पन्न किया है सब कुछ हम को दिया है ।। ३ दया से तू है भरपुर मेरे पाप को तू कर दूर जग में जितने दिन रहूँ मन में शान्ति मैं पाऊँ ।। ४ तू जो मेरा मित्र हो तो मैं जीतूं शत्रु को दुष्ट को तू हराता है पाप से तू बचाता है ।। 282 (२८२) 7. 6. 7. 6. Day of Rest. J. P. G. MANDRELLE. १ मसीहा मैं जो पापी पास तेरे आता हूँ मैं पापी और संतापी रो रो पछताता हूँ हाँ यीशु तुझ पास आता तू मुक्तिदाता है तुझ पर विश्वास मैं लाता तू बाप का प्यारा है ।। २ मुझ पापी ऊपर भार है हाँ पाप संताप का भार पर तेरे मन में प्यार है आस मेरी तेरा प्यार अब लिये अपने पाप को मैं तुझ पास आता हूँ सब अपने पाप संताप को मैं तुझ पास लाता हूँ ।। ३ यह पाप का बड़ा रोग है हाँ पाप का कठिन रोग कि पापी नरक योग्य है यह पाप का रोग और सोग हे यीशु तुझ पास आता मैं आता तेरे पास तू रोग और सोग मिटाता यह मेरी आस विश्वास ।। ४ तू पापियों का मीत है इस कारण आता हूँ अत्यन्त जो तेरी प्रीत है प्रतीति करता हूँ पक्षवादी मेरा होके कर बिन्ती पिता पास सब पाप संताप को खोके दे मुझे स्वर्ग में बास ।। 283 (२८३) P. M. -- Tune “Men of Harlech.” १ मैं मसीह का सेवक हूँगा अपने आप को उसे दूँगा उसकी आज्ञा सब मान लूँगा मैं मसीह का हूँ ।। कोरसः- मेरे लिये आया मेरे लिये जिया मेरे लिये दुःख उठाया मेरे लिये मुआ मेरे लिये गाड़ा गया मेरे लिये फिर जी उठा मेरे लिये ऊपर चढ़ा मेरा है मसीह ।। २ मैं तो बड़ा पापी हुआ ख्रीष्ट ऐसों के लिये मुआ लिया मैं ने उस का जुआ मैं मसीह का हूँ ।। ३ मैं ने निश्चय बुरा किया दुःख मसीह को बेर बेर दिया मेरा बोझ उसी ने लिया मैं मसीह का हूँ ।। ४ मैं विश्वास मसीह पर लाया अब छुटकारा मैं ने पाया उस के झंडे तले आया मैं मसीह का हूँ ।। 284 (२८४) 7. 7. 7. 7. Heinlein or Weber. १ मैं हूँ बड़ा पापी जन प्रभु यीशु दयावन्त तेरे पास है धर्म का धन तेरी कृपा है अनन्त ।। २ तुझ बिन मेरा होगा क्या मेरा करे कौन निस्तार तू मुझ पापी को बचा तू ही है बचानेहार ।। ३ औगुण से क्या निकले गुण सूखे से कब निकले जल पापी से क्या होवे पुण्य बुरे पेड़ का बुरा फल ।। ४ प्रभु कृपासागर तू मुझ पर नित्य हो दयावान प्रभु जगप्रकाशक तू मुझे अब कर प्रकाशमान ।। ५ जब तक मेरा जीवन हो रहूँगा मैं तेरा दास मरणकाल जब आवे तो जाऊँगा मैं तेरे पास ।। 285 (२८५) 7s. Zurich or Ratisbon. १ यीशु प्रभु कर सहाय कौन बिन तेरे मेरा है सच तो है मैं पापी हूँ भला कुछ भी नहीं हूँ तौभी सुन और कर सहाय कौन बिन तेरे मेरा है ।। २ तू ने कहा पापी आ मैं निकाल न देऊँगा यीशु ख्रीष्ट मुझे न छोड़ मुझ से अपना मुंह न मोड़ मुझे देख और कर सहाय कौन बिन तेरे मेरा है ।। ३ मेरे मन में प्रगट हो अपने रक्त से उसे धो उसमें अपना प्रेम उगा उस को अपने से मिला यीशु प्रभु कर सहाय कौन बिन तेरे मेरा है ।। 286 (२८६) “Jesus, Saviour, hear my call. ” 7. 7. 7. 5. Capetown. १ यीशु त्राता मेरी सुन मन में जो मैं पापी हूँ तू है जीवन मेरी आस रह तू मेरे पास ।। २ मैं परदेश अकेला हूँ तुझ से दूर मैं न रहूँ तुझ में अगुवाई पाऊँ रह तू मेरे पास ।। ३ भ्रष्टों के बचाने को तूने दिया अपने को जीत भी लिया कबर को रह तू मेरे पास ।। ४ अपने प्रेम से मुझे भर मेरा जीवन वश में कर इच्छा मेरी आधीन कर रह तू मेरे पास ।। ५ पड़े छाया मृत्यु की कर पिता सहाय मेरी खड्ड में होके चलूँ भी रह तू मेरे पास ।। 287 (२८७) “Jesus, thy blood and righteousness.” L. M. -- Cantionale or Old Huudred. LUDWIG VON ZINZENDORF, 1909-60. १ मसीह का रक्त और धर्म अपार है मेरा सुन्दर धर्म सिंगार जिसमें जब उस पार को जाना हो मैं प्रसन्न करूँ ईश्वर को ।। २ मसीह पर मेरा है विश्वास विश्वासी क्योंकर होंगे नाश रीझ गया मुझ पर ईश्वर आप और क्षमा किये मेरे पाप ।। ३ जो मैंने किये कर्म अशुद्ध जो किया आज्ञा के विरुद्ध जो क्रूस पर मर के यीशु ने मिटाये अपने लहू से ।। ४ ईश्वर का मेम्ना सर्वप्रधान जो क्रूस पर हुआ बलिदान और पापी को बचाता है सो मेरा मुक्तिदाता है ।। ५ मसीह ने दुःख जो सहा था मसीह का रक्त जो बहा था मेरी छुड़ौती जिसने दी सो आशा है मुझ पापी की ।। ६ हाँ मेरी आशा जीवन भर है सदा प्रभु यीशु पर और स्वर्ग में उसका धर्म अपार है मेरा सुन्दर धर्म सिंगार ।। 288 (२८८) “Jesus, Lord of life and glory.” 8. 7. 8. 7. 4. 7. St. Raphael or Eton College. J. J. CUMMINS. १ यीशु तेजोमय प्राणेश्वर करुणामय हो ध्यान दे तुझ पर आशा रख परमेश्वर आते हैं पास साहस से पापियों के बन्धु हमें तू छुड़ा ।। २ सब को मन के अन्धकार से डाह और क्रोध और बैर अप्रीत हर प्रकार के कुविचार से बचा तू हे स्वर्गीय मीत पापियों के बन्धु हमें तू छुड़ा ।। ३ जब चढ़ाई हम पर करे बाण चलावे जब शैतान संकट हम पर जब आ पड़े तब हे करुणानिधान पापियों के बन्धु हमें तू छुड़ा ।। ४ जब चमकता भाग्य हमारा हरा भरा है जब मन तब भी हो तू तारणहारा दया कर पुष्ट है जब तन पापियों के बन्धु हमें तू छुड़ा ।। ५ रोगग्रस्त हो जब पड़े रहते शोक के होते जब आधीन जब हम पीड़ा अधिक सहते देह हो जाती जब बलहीन पापियों के बन्धु हमें तू छुड़ा ।। ६ अन्त जब मरण समय आवे होवे जब यह विचार तुझ पर जो जो टेक लगावे पावे ढाढ़स प्राण आधार पापियों के बन्धु हमें तू छुड़ा ।। 289 (२८९) 7. 7. 7. 7. Innocents or Pleyel. १ यीशु प्रभु सत अवतार तू है मेरा तारणहार गिरता तेरे चरणों पर अपने दास पर दया कर ।। २ तुझ बिन किस के पास जाऊँ किस से मुक्ति मैं पाऊँ मुक्ति केवल तेरे हाथ प्रभु यीशु कृपानाथ ।। ३ भेज पवित्रआत्मा को जिस से नया जनम हो जब वह दिल में आता है त्राण का भेद खुल जाता है ।। ४ ख्रीष्ट मैं तुझे मानता हूँ तुझको अपना जानता हूँ केवल तू है सत अवतार तू है मेरा तारणहार ।। 290 (२९०) L. M. Gelobet Seist Du. १ सहाय कर यीशु कृपासार आंख अपने दासों पर पसार तू अपना कान हे प्रभु दे और मेरी बिन्ती सुन तू ले यीशु सहाय (२) ।। २ इष्ट उत्तम ज्योति अपना तेज मेरे अंधेरे मन में भेज कृपा से मेरा पाप मिटा और उस के बंधन से छुड़ा यीशु सहाय (२) ।। ३ आज मुझ को घेरे तेरा हाथ जहां मैं हूँ हो मेरे साथ हो मेरा अगुवा और रखवाल पहाड़ और शरण गढ़ और ढाल यीशु सहाय (२) ।। ४ हे प्रभु रह तू मेरे साथ और थाम ले आप ही मेरा हाथ पास हो और न परीक्षा में न पाप में मुझे पड़ने दे यीशु सहाय (२) ।। ५ पर यदि मुझ पर आवे दुख प्रकाश कर मुझ पर अपना मुख और अपने प्रेम की शान्ति से हमारे मन में धीरज दे यीशु सहाय (२) ।। ६ जब मृत्यु आवे मुझे क्या मैं उसे देख के गाऊँगा हे मौत कहां डंक तेरा है कहां हे कबर तेरी जय मैं बिना डर, यीशु सहाय ।। 291 (२९१) “Jesus my Lord to Thee I cry.” P. M. -- S. S. S. 464. ELIZA J. HAMILTON. Chord - D | S- Waltz | T-124 १ हे प्रभु मैं पुकारता हूँ सहाय बिन तेरे मरता हूँ मैं तुझ पर आशा रखता हूँ तू मुझको ग्रहण कर ।। कोरसः- मुझ को ग्रहण कर मुझ को ग्रहण कर मसीह के रक्त के कारण से तू मुझ को ग्रहण कर ।। २ मैं हूँ निर्बल लाचार अयोग्य प्राण दण्ड का तूने किया भोग अब मुझे कर तू अपने योग्य तू मुझको ग्रहण कर ।। ३ तैयारी मेरी कुछ नहीं बात मेरी बेठिकाने की बचानेहार है यीशु ही तू मुझको ग्रहण कर ।। ४ तू मुझे चरणों पास निहार इच्छानुसार कर व्यवहार मुझे ले चल और पार उतार तू मुझको ग्रहण कर ।। 292 (२९२) P. M. -- Die ach Stst Dein. १ हे ईश्वर सुन हम पापी लोग, पुकारते तेरी ओर तू है महान सब अयोग्य, तू पापी को न छोड़ हे पिता दया दृष्टि से, देख हम को पाप की क्षमा दे प्रभु अपना मुंह न मोड़, हम मन फिराते तेरी ओर तू त्याग न दे तू हमको त्याग न दे ।। २ महान तू है हे दीनदयाल, हे ख्रीष्ट हमारी सुन समीप आ हम पर हो कृपाल, दिखला तू अपने गुण तुझ बिन निराश हमारा मन, दे पाप की क्षमा स्वर्गीय धन बचा हमें और निकट आ, हमारे मन में रह सदा समीप सदा समीप हे ख्रीष्ट सदा ।। ३ धन प्रभु धन सदा लों धन्य, कि तू ने उत्तम भाग दे हमको चुना जो निर्धन, यह तेरा अनुराग तू सिर है हम हैं तेरे अंग, नित्य मेल मिलाप हो तेरे संग और अपना आत्मा हम पर डाल, हे पिता हम पर डेरा डाल हे ख्रीष्ट महान दीनों का नाथ महान ।। 293 (२९३) Bhajan Tunes No. 33 and 34. आज मसीहा तू दिल में हमारे, अपने लहू से धो पाप हमारे ।। १ बिगड़ गये हम तन अरु मन से, तुझ बिन दूसरा कौन सुधारे । पाप की अग्नि बहुत दुखदाई, जल बल भस्म मनहि करडारे ।। २ लोभ मोह अहंकार यीशु ने, बस कर लिया सकल संसारे । हम से पापी को कौन बचावे, तुझ बिन नाही कोई हमारे ।। ३ तीसर दिन जब उठे कबर से, शिष्यन से बतराये न्यारे । चेले चकित हो बोले प्रभु जी, दरशन को हम आये तुम्हारे ।। ४ जीवन हांक कहो सब जग में, जीव बचे विश्वासी तुम्हारे । असद है सब दास तुम्हारे मुक्ति, हमारी है चरण तुम्हारे ।। 294 (२९४) Bhajan Tunes No. 77. SUDIN. करो मोरी सहाय मसीहा जी । तुम बिन कुछ न सहाय । १ दर्शन दीजै अपनो कीजै । लीजै मोहि बचाय ।। २ या जग को निस्तारण कारण । जनम लियो तुम आय ।। ३ तीन दिना में उठे कबर से । शिष्यों से बतराय ।। ४ सुन लीजै प्रभु बिनती मेरी । अवगुण पै नहिं जाय ।। 295 (२९५) Bhajan Tunes No. 27. SABIR CHIMMANLAL. Chord - D# | S- Dandia/Dholak | T-100 तुम तो मसीहा मोरी आँखों के तारे, भूलो न मोरी खबरिया ।। १ राह बाट हम भूले फिरत हैं, पाप की भारी गठरिया । हां हां बिन्ती करत मसीहा, अपनी बता दो डगरिया ।। २ पाप की नदिया गहरी बहत है, लाभ की उठत लहरिया । ले चल खेवनहार मसीहा, मोर तो टूटी नवरिया ।। ३ मन की चादर मैली जों हो गई, जैसे कि काली बदरिया । अपने रुधिर में धो दे मसीहा, मन की मैली चदरिया ।। ४ कबहूँ तो सोये महल दो महल, कबहूँ तो ऊंची अटरिया । रहियो सहाई मेरे मसीहा, जब लग सोऊँ कबरिया ।। ५ यह शैतान बड़ों दुखदाई, मिल के मारे कटारिया । साबिर के औगुण ढांपि बचावो, तेरी तो प्यारी नजरिया ।। 296 (२९६) Bhajan Tunes No. 20. NAIN SUKH. तुम बिन मेरो कौन सहायक, प्रभु यीशु स्वर्गबासी । १ अगनित पापिन को तुम तारयो, तुम पै जे विश्वासी । दीन हीन शरणागत जेही, तेहि दिया सुखरासी ।। २ हम पापिन को तारो प्रभु जी, कृपा दृष्टि निहारी । औरन को प्रभु और भरोसा, हम को शरण तुम्हारी ।। 297 (२९७) SUDIN. क्या कहूँगा मैं सन्मुख तेरे लज्जित हूँ निज कर्म निहारो ।। १ पाप हमारो अतिशय हुवा नभ लो ऊँचो मान पसारो । शक्ति हीन तन मन अकुलानो सीस चढ़ाये ऐसो भारो ।। २ तनिकों साहस नाहिन मोको थर थर कंपित गात हमारो । काह कहूँ कछु वाक्य न निकसत न्याय दिवस को करे सहारो ।। ३ यीशु ख्रीष्ट जगपति जग तारक शान्ति शब्द सों कीन्ह उचारो । दृढ़ विश्वास धरे जो मो पर गिरिसम पाप मिटाऊँ सारो ।। ४ दास अधीन तिहारो हों प्रभु जी मुख बाणी पर आस हमारो । न्यायकरन जब जग में आवो मम ओर करिहो सुनिहारो ।। 298 (२९८) Bhajan Tunes No. 45. SHUJAAT ALI. प्रभु यीशु मसीह बिन कौन हमारो, हम तो हैं प्रभुदास तिहारो । १ पाप की अग्नि अति दुःखदाई, उस अग्नी को निवारो ।। २ मेरो मन प्रभु मानत नाहीं, अपन दया तें सुधारो ।। ३ दीन हीन हम हैं बेचारे, कृपा दृष्टि निहारो ।। ४ मैं अति पापी कर्म को नाहीं, आप निबाहनहारों ।। ५ यीशु है दुःख बूझनहारो, तुझ बिन कौन हमारो ।। ६ पापिन कारण प्राण दियो है, पाप का भार उतारो ।। ७ आसी तुम्हारी शरण गहत है, मेरा पाप बिसारो ।। 299 (२९९) JOHN CHRISTIAN. Chord - F#m (+3) | S- Ballad | T-080 प्रभु हे मेरी ओर निहारो । प्रजा पुत्र मैं हूँ प्रभु तेरो, जौपै आज्ञा टारो ।। १ हैं हम जन्महितें अपराधी, मन बच काया सारो । कौनौ कर्म न मोसों छूटो, सब विधि बात बिसारो ।। २ हैं अपराधिन में हम नामी, तुम नामी जग तारो । नाम बड़ाई जगत में मोहि, तारि दे मैं तिहारो ।। ३ सीस चढ़ाय पापक भारी, आये तोर दुवारो । को यह जानक भार उतारे, यीशु ख्रीष्ट बिनारो ।। 300 (३००) N. I. T. B. 40. मसीह बिना कौन हमारा साथी १ अल्प दिवस के कारण हम सब, होय रहे जगवासी ।। २ जात रहत जग स्वप्न समाना, भोरे रहत उदासी ।। ३ अचल जगत में बास करन को, हो प्रभु पर विश्वासी ।। ४ निश्चय पावत हर्ष अपारा, जो नर स्वर्ग निवासी ।। ५ जहां जाय विश्राम करो तुम, तहां विविध सुखरासी ।। 301 (३०१) PREM DAS. मेरा मन धो देना प्रभु, बिन्ती करूँ बारंबार । १ मन मेरा हो गया पापों से मैला, मैं धोते धोते हुआ लाचार । २ मैं ने भूल करी बड़ी भारी, आया नहीं मैं तुम्हारे द्वार । ३ बाईबल भीतर मैं ने पाया, तुम ही हो दिल के धोवनहार ।। ४ दास कहे इस पापी मन को, कृपा कर तुम दीजो निखार ।। 302 (३०२) Bhajan Tunes. No 4. मैं बहुत लाचार तुझ बिन १ पाप का बोझ कठिन दुखदाई, तन रहे बेजार तुझ बिन ।। २ पाप हरैया तू ही है प्रभु जी, कौन करे निस्तार तुझ बिन ।। ३ गहरी नदिया नाव पुरानी, आ पड़ा बीच धार तुझ बिन ।। ५ आप ही आप कोई पार न गये, पापी रहे मझधार तुझ बिन ।। ६ सब पापी मिल बिनती करत हैं, न हो सकें प्रभु पार तुझ बिन ।। 303 (३०३) Bhajan Tunes. No 100. मसीह करेगा दवाई तुम्हारी । अगर होवे दिल से दुहाई तुम्हारी ।। १ न शंका करो तुम न दिल में घबराओ । उसको पुकारो सहाई तुम्हारी ।। २ करो प्यारे तौबा दो दिल भी मसीह को । इसी में प्यारो भलाई तुम्हारी ।। ३ गुनाहों से मैला जो दिल है तुम्हारा । मसीहा से होगी सफाई तुम्हारी ।। ४ कहे ये मसीही दिल दो मसीह को । उसी से सफाई भलाई तुम्हारी ।। 304 (३०४) Bhajan Tunes No. 17. PRABHU DAS. मैं मति मंद महा अभिमानी । १ जो जो आज्ञा प्रभु ने दीनी, उन्हें पूरी न मानी । जिन बातों को मना किया था, सोई गई बिसरानी ।। २ घूमते मेघ बिना ज्यों पानी, तैसे बैस बितानी । भजन बिना मैं निशिदिन खोयो, जैसे ओस सुखानी ।। ३ काम क्रोध में मन उरझानो, मीठी लगत कहानी । जग की धूल में ऐसे भूलो, जैसे भेड़ भुलानी ।। ४ तजि प्रपंच सुनो प्रभुबानी, कह प्रभुदास बखानी । यीशु मसीह जो पार लगावे, नहीं तो नाव डुबानी ।। 305 (३०५) Bhajan Tunes No. 81. यीशु में है आनंद घनेरे । १ काम क्रोध मद माया जग में, बास करत सब के मन में रे ।। २ या जग पर विश्वास न कीजे, जावेगा यह बीत सबेरे ।। ३ रे मन मूढ़ सचेत रहो तुम, जीवन दिन कत होंगे तेरे ।। ४ प्रभु यीशु पर धरू विश्वासा, वा में है आनंद घनेरे ।। ५ आजिज की यही बिन्ती प्रभु जी, पाप क्षमा अब कीजे मेरे ।। 306 (३०६) Bhajan Tunes No. 31. JOHN CHRISTIAN. १ हे मेरे प्रभु मैं पापी, मो पापी उधारियो ।। छोडों न कभु, न मोहे बिसारियो ।। २ हे प्रभु मैं पापी, यह निश्चय आप जानियो । हाय कैसो संतापो, मो दुःखी पहिचानियो ।। ३ हे कृपा निकेतु, मो पापी पै लखियो । और तारण के हेतु, मोहि चरण पै रखियो । ४ मैं अति अशुद्ध, अशुद्ध कौं शुद्ध करियो । मैं अति निर्बुद्ध, निर्बुद्ध कौं बुद्ध भरियो ।। ५ मैं अधम अयोग्य, तो आप यह न मानियो । पै आप पापी लोग, नित अपनी ओर तानियो । ६ जब होयगो मरण, तब प्रभु शान्त करियो । और जब लों है जीवन, मोहि प्रेम करके भरियो ।। 307 (३०७) Bhajan Tunes No. 7 & 8. JOHN CHRISTIAN. हो प्रभु अब करहु क्षेम, हौं गुलाम तेरो । १ बार बार घटी भई, चूक भई धनेरो । आये अब निकट तोर, मोर ओर हेरो ।। २ यीशु विदित तोहि नाम, स्वामी तुम मेरो । कौन पास दास जय, कोह कौन केरो ।। ३ त्रास युक्त जोरि पाणि, अनुतापित टेरो ।। एक बेर मोहि ओर, करन अपन फेरो ।। ४ लीजिये उबारि यीशु, कठिन काल घेरो । जान अधम शीश नाय, पड़त चरण तेरो ।। 308 (३०८) H. T. B. 109. SHUJAAT ALI. १ अरे गाफिल तुझे कब होश होगा । कुछ उकबा का भी तुझ को खोज होगा ।। २ न भूल इस खाक की ढेरी हरगिज । बना है खाक से फिर खाक होगा ।। ३ अभी ढूँढ़ो तो अलबत्ता पावोगे तुम । नहीं तो फिर तुम्हें अफसोस होगा ।। ४ मसीह यीशु मरा है तेरी खातिर । गुनाह तेरा उसी से मुआफ होगा ।। ५ यकीं लावेगा अगर तू उस के उपर । वही शाफी तेरा उकबा में होगा । ६ यकीं लावेगा जो यीशु मसीह पर । नजात उस की मसीह यीशु करेगा ।। ७ न छोड़े गर बदी बदकार अपनी । यह सच जानो जहन्नम में पड़ेगा ।। ८ यह बन्दा तो तेरा है ऐ मसीहा । तेरी उम्मीद में यह सो रहेगा ।। ९ अगर मैं सो रहूँ तो बेखतर हूँ । मेरी उम्मीद है कि फिर उठूंगा ।। १० यह आसी तो खरीदा हुआ तेरा । तेरे हाथों से मुझ को कौन लेगा ।। 309 (३०९) H. T. B. 129. SHUJAAT ALI. १ गुनाहों को अपने जो हम देखते हैं । तो गजब-इ-इलाही बहम देखते हैं ।। २ अगर गौर करते हैं, फिअलों को अपने । तो लायक जहन्नम हैं, हम देखते हैं । ३ अरे दिल तू गफलत में कब तक रहेगा । तेरे वास्ते दर्द ओ गम देखते हैं । ४ गुनाहों में ऐ दिल रहा तू जो माइल । सजा उसकी पायेगा हम देखते हैं ।। ५ तुम्हारे गुनाहों की बख्शिश की खातिर । मरा है मसीह खुद, यह हम देखते हैं ।। ६ जो पकड़े वसील, शिताबो मसीह का । हयात इ बका उसमें हम देखते हैं ।। ७ तेरे दर्द ओ गम की यही बस है दारू । कि यीशु है शाफी, यह हम देखते हैं ।। ८ तू इस बात पर शक्क, नला दिल में आसी । गवाही है इन्जील, हम देखते हैं ।। 310 (३१०) HASAN ALI. Chord - Dm | S- Ballad/Beguine | T-078 १ दर इ पाक से फिर के मैं जाऊँ कहाँ कहीं दर्द इ गुनाह की दवा ही नहीं तपे जुर्म से जार ओ नहीफ हुआ मुझे और दवा से शफा ही नहीं ।। २ तेरा नाम है मरहम इ जखम इ दिली यह खबर मुझे रूह इ कुद्स से मिली तेरी जात है मजहर इ राज इ खुफी कोई तुझ सा जहाँ में हुआ ही नहीं ।। ३ मैं ने उमर भर अपनी गुनाह ही किया मुझे बख्शिये ऐ मेरे बार, ए खुदा तेरे आगे मैं होता हूँ अर्ज इ रसा कि सिवाय तेरे और खुदा ही नहीं ।। ४ तू ने सैकड़ों मुर्दों को जिन्दा किया तू ने सदहा मरीजों को बख्शी शिफा जो कि रुतबः खुदा से है तुझको मिला किसी और नबी को मिला ही नहीं ।। ५ जिन्हें नाम से तेरे है बुग्ज सदा उन्हें जल्द तू अपना करिश्मा दिखा उन्हें रूह इ मुकद्दस कर तू अता जिन्हें खौफ खुदा का जरा ही नहीं ।। ६ दिल ओ जां से भरोसा तुझी पे रखूँ दम इ नजअ जुबां से मसीहा कहूँ तेरे बन्दों के मैं भी शुमार में हूँ मेरी इससे ज्यादा दुआ ही नहीं ।। ७ यह जहान है आलम-इ-रंज ओ इना न सफीर दिल अपना यहाँ पे लगा न रहेगा यहाँ पे न कोई रहा कि है रहने की यह तो सरां ही नहीं ।। 311 (३११) B. MAYAL. १ मेरी इमदाद गर ईसा न करता । बुरा होता वह गर ऐसा न करता ।। २ दिल इ नापाक मेरा पाक होता । तो वह मुझ से कभी परदा न करता ।। ३ जो शैतान से और मुझ से जोर होता । तो फिर जानो कि मरता क्या न करता ।। ४ मेरी यह जीस्त मुझको बार होती । मेरी हाजत वह गर ईफा न करता ।। ५ मैं भर भरकर शराब इ वस्ल पीता । मुझे गर मुहतसिब रोका न करता ६ न तुझ को दर्द इ दिल अपना दिखाता । अगर कांटा मेरे खटका न करता ।। ७ बहार अपने अगर बीमार दिल को । जो लाता वह तो क्या अच्छा न करता ।। 312 (३१२) SABIR CHIMMAN LAL. १ हमारे दिल की हालत को, खुदा जाने या हम जानें । मसीह से है हमें उलफत, खुदा जाने या हम जानें ।। २ मुहब्बत की बिछी चौसर, लगी है जान की बाजी । फिदा है जान यीशु पर, खुदा जाने या हम जानें ।। ३ कलाम-इ-पाक की बरछी, लगी दिल पर मेरे तिरछी । कलेजा हो गया छलनी, खुदा जाने या हम जानें ।। ४ मुहब्बत के समुन्दर में, डली ईमान की किश्ती । चली जाती है बेखतरे, खुदा जाने या हम जानें ।। ५ न दुश्मन की मुझे दहशत, नाहीं तूफान का खटका । मसीह है नाखुदा अपना, खुदा जाने या हम जानें ।। ६ यही है आरजू अपनी, रहें हम साथ यीशु के । नहीं चाहते जुदा होना, खुदा जाने या हम जानें ।। ७ चलो साबिर इबादत को, झुकाओ सिर मसीहा को । न होवे जाहिरी उलफत, खुदा जाने या हम जानें ।।

  • Second Coming 158–167 | Masihi Geet Sangrah

    --- ### दूसरा आगमन (Second Coming) #### 158 (१५८) *“Are you ready for the bridegroom."* १ क्या तैयार जब कि दुल्हा आवेगा आवेगा क्या तैयार हो जब कि दुल्हा आवेगा आवेगा अब देख वह आता अब देख वह आता अब जल्द हो हाजिर दुल्हा आता है अब देख वह दुल्हा आता है अब देख वह दुल्हा आता है अब देख वह आता अब देख वह आता अब जल्द हो हाजिर दुल्हा आता है ।। २ क्या मशालें जलती होंगी जब वह आये जब वह आये क्या मशालें जलती होंगी जब वह आये जब वह आये वह जल्दी आता वह जल्दी आता अब जल्द हो हाजिर दुल्हा आता है अब देख वह दुल्हा आता है अब देख (इत्यादि) ।। ३ मुलाकात हम सब करेंगे जब वह आये जब वह आये मुलाकात हम सब करेंगे जब वह आये जब वह आये वह देखों आता वह देखो आता है । जब जल्द हो हाजिर दुल्हा आता है अब देख (इत्यादि) ।। #### 159 (१५९) *“8. 7. 8. 7. D. Cassel or Dulce Garmen."* १ क्रोध का दिन है आने वाला और विचारक द्वार पर है जाग और उठ जो सोने वाला भाग भाग सदोम जलता है सोने से कुछ लाभ न होगा ठठे का न समय है जो जो सदोम में रहेगा उस के साथ जल जावेगा ।। २ क्या तू नहीं थरथराता क्या तू नहीं कांपता है बोल तू क्या अब किया चाहता जब विचारक निकट है जिसका नाम तू झूठ से लेता जिसका बैरी तू रहा जिसका आसरा तू न रखता जिसको प्यार न करता था ।। ३ कबलों तू निश्चिंत रहेगा कबलों तू परमेश्वर का प्रेम और कृपा तुच्छ जानेगा जाग और उठकर वेग पछता नरक अपना मुँह फैलाता मृत्यु आ पहुँची है कानों में शब्द दूर से आता न्यायी आने वाला है ।। ४ फिर हे प्राण जो भटक गया अभी फिर ईश्वर की ओर तुझे ढूँढ़ने यीशु आया अपना मन मत कर कठोर आ हे पापी आ पछता के वेग आ यीशु ख्रीष्ट के पास और निर्भय हो सब कुछ त्याग के यीशु ख्रीष्ट पर कर विश्वास ।। #### 160 (१६०) *“S. M. -- Frankonia or Holy Rood."* १ देख प्रभु आता है सुन पहरू पुकार । हे मेरे भाई जागता रह और उठ के हो तैयार ।। २ देख प्रभु आता है कौन सेवक सोवेगा । संसार के लोग तो सो रहे हैं तू सोके खोवेगा ।। ३ देखा प्रभु आता है अंधेरा घना है । और आधी रात की निद्रा में सब जगत पड़ा है ।। ४ देख प्रभु आता है वह देर न करेगा । मशाल को भाई हाथ में थाम और भेंट को निकल जा ।। ५ देख प्रभु आता है उठके तैयार हो जा । आत्मा और दुल्हिन कहती आ हाँ प्रभु यीशु आ ।। #### 161 (१६१) *“8.7. 8. 7. Mariners or Galilee."* १ देखो स्वर्ग से दूत अतरते लाखों लाख और तेजोमय । जय जयकार का गीत वे गाते गाते हैं मसीह की जय ।। २ मेघों पर देख प्रभु आके स्थापित करता अपना राज । अपने दुःख का फल वह पाके होगा जग का अधिराज ।। ३ उस के बैरी डर के मारे काँपते थरथराते हैं। उसके संग लोग उसके प्यारे जय जयकार मनाते हैं ।। ४ प्रथम में जो था संतापी पहने था कटीला ताज । होगा वह महाप्रतापी देशों देश का अधिराज ।। ५ प्रभु को हम दण्डवत करते अपना सिर नवातें हैं । प्रभु का हम आस्रा धरते जय मसीह की गाते हैं ।। #### 162 (१६२) *“When he cometh.”* *8. 6. 8. 5. 7. 7. 7. Jewels.* *W. O. CUSHING.* १ प्रभु यीशु जब आवेगा आभूषण पहनेगा सब आभूषण सुंदर रत्न निज प्यारे अनमोल ।। कोरसः- भोर के तारे समान वे उसके मुकुट को सजके उसके सिर पर चमकेंगे सब सुंदर अनमोल ।। २ अपने राज के सब आभूषण इकट्ठे करेगा जो पवित्र जो चमकीले निज प्यारे अनमोल ।। ३ छोटे बालक छोटे बालक जो उसको प्यार करते हैं आभूषण सुंदर रत्न निज प्यारे अनमोल ।। #### 163 (१६३) *“Jesus is Coming.”* *P.M. -- S.S.S. 878.* *E. NATHAN.* १ यीशु आवेगा देओ संदेश करेगा दूर अपने शिष्यों का क्लेश वह अपने राज में करेगा प्रवेश यीशु आवेगा फिर ।। कोरसः- यीशु आवेगा आवेगा फिर यीशु आवेगा फिर सारे संसार में सुना समाचार यीशु आवेगा फिर ।। २ यीशु आवेगा कब्रों से मृतक लोग उठके मिलेंगे उससे हम अपने प्यारों को देखेंगे फिर यीशु आवेगा फिर ।। ३ यीशु आवेगा करो हुलास जो उसके वचन पर करते विश्वास वही है सत्य विश्वास योग्य दास यीशु आवेगा फिर ।। #### 164 (१६४) *“Lo he comes with clouds descnding.”* *8. 7. 8. 7. 8. 7. Regent Square or Neander.* *JOHN CENNICK, 1718-55.* १ लो वह मेघों पर उतरता वह जो पहिले मरा था । लाखों लाख संत संग वह लाता गाते हैं वे महिमा । हाल्लेलूयाह यीशु जग में लौटेगा । २ उसे देखेंगी सब आँखें आते महा प्रतापमान । और जिन्होनें उसे छेदा लज्जित होके और भयमान । मानेंगे सब यीशु राजा है महान । ३ निकट आया अब उद्धार है त्राण की आशा पूरी अब । वायु में संत समूह उठकर उससे भेंट कर लेते सब । हल्लेलूयाह शुभ दिन आ पहुँचा अब ।। ४ हे सनातन स्वर्ग के राजा करें सब प्रणाम तुझे । तू ही योग्य अधिकारी जग का राज अपना कर ले । शीघ्र उतर हमको तू छुटकारा दे ।। #### 165 (१६५) *Bhajan Tunes No. 47.* *JOHN PARSONS.* समीप भई प्रभु महिमा, यीशु जग अधिकारी । १ तिमिर रात जग मा अस छाई, भूले सब संसारी । धर्म राज रवि परबल होवे, लज्जित देव पुजारी ।। २ यीशु शिष्य अनु निन्दित जग में, कौन करत पूछारी । हर्षित हो प्रभु गुण तब गैहैं, शत्रु पर जैकारी ।। ३ ख्रीष्ट गान धुनि घर घर टेरे, प्रेम सहित नर नारी । ख्याति सुनत शरणागति होवै हैं, ठठ के ठठ इक बारी ।। ४ युद्ध उपद्रव लोपित जग सों, सर्व लोग हितकारी । संग तोड़ हल फाल बनै हैं, बन में बहु फुलवारी ।। ५ प्रभु निज दुःख फल लखि हरषैं हैं, धन्य धन्य जग तारी । आश्रित बिन्ती सुनहु दयालू, झट हो प्राण अनुसारी ।। #### 166 (१६६) *“Bhajan Tunes No. 98.”* सुनो दीन भेड़ों मेरी, घड़ी दुखों की आयेगी घनेरी । १ देश देश के लोग हों बागी, हुल्लड़ की आग जलेगी । घड़ी घड़ी अकाल बिमारी, घबरायगी दुनिया सारी ।। २ राजाओं में होगी लड़ाई, छोटी बड़ी प्रजा दुःख पाई । माता पिता बहिन अरु नारी, ओठों पहर बनेंगे बैरी ।। ३ चाहे कैसी बिपत भी आवे, पद पद नित मन को हिलावे । गड़रिये की हिम्मत भारी, करे भेड़ों की वह रखवाली ।। #### 167 (१६७) ग़ज़ल *J. UMRAIL.* १ मरीजों अब संभल बैठो मसीहा की अवाई है । पड़ा है शोर दुनिया में नजात बालम में आई हैं ।। २ हबीबो मत करो मेरा इलाज अब तुम तबीबाना । शिफा के वास्ते मेरा मसीहा ही दवाई है ।। ३ फिरा सकता है मुझको कौन अब उसकी मुहब्बत से । हमारे वास्ते जिस ने कि जान अपनी लड़ाई है ।। ४ छुड़ाया जिसने हम बन्दों को आलम के गुनाहों से । उसी के हाथ से मुमकिन हमारी भी रिहाई है ।। ५ न कर अब दूर मुझको ऐ मसीहा अपने कदमों से । गवारा मुझ को अब मुमकिन नहीं तेरी जुदाई है ।। ६ उठाया दिल को भी लो गुल ने अब इस दार फानी से । सफर मुल्के बका का है खुदा से लौ लगाई है ।।

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