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  • The Gospel Invitation 239–268 | Masihi Geet Sangrah

    सुसमाचार का बुलावा (The Gospel Invitation) 239 (२३९) “Come to the Saviour make no delay.” 9. 9. 9. 6. D. -- S. S. S. 1165. GEORGE F. ROOT, 1820-95. Chord - G# | S- 6/8 | T-094 १ आ देर न करके यीशु के पास अब उसकी बात पर कर तू विश्वास यहाँ वह करता बीच में निवास प्रीति से कहता आ ।। कोरसः- खुशी खुशी तब हम करेंगे पाप से जब छुटकारा पावेंगे और तेरे साथ हम नित्य रहेंगे स्वर्गीय स्थानों में ।। २ लड़के भी आवें सुन उसकी बात जय उसकी होवे हर दिन ओ रात यीशु को माने सब देश और जात अब देर न करके आ ।। ३ यीशु को बीच में अब पहचान सुन उसकी बात और मन ही से मान प्रेम से वह बोलता दे अपना कान आ मेरे लड़के आ ।। 240 (२४०) “Come ye sinners poor and needy.” S. 7. 8. 7. 4. 7. Dismissal or Eton College. JOSEPH HART, 1712-1768. १ आओ तुम जो हीन पापी दुखित क्लेशित बिन विश्राम पाप के कारण जो विलापी जी से कहो यीशु नाम प्रभु यीशु सिद्ध कर चुका अपना काम ।। २ हम सब अधम दीन हीन पापी सब हैं दोषी नरक योग्य दण्ड इस जग के पापियों का यीशु तूने किया भोग प्रभु यीशु तुझको ताकते पापी लोग ।। ३ तूने बहुत दुःख उठाके जगत पर दिखाया प्रेम क्रूस पर अपना रक्त बहाके किया सबके त्राण का नेम प्रभु यीशु तू ही देता कुशल क्षेम ।। ४ सारे जग का है राजा राज्य करने जल्दी आ देश विदेश ही तेरी प्रजा मूर्तिपूजा तू मिटा प्रभु यीशु अपना राज तू जल्दी ला ।। 241 (२४१) “Let him that heareth say come.” 6. 6. 4. 6. 6. 6. 4. Olivet. १ आओ सब पापी लोग हुये जो नरक योग्य जी से उदास आओ जो धर्म विहीन आओ जो मन मलीन यीशु के हो, आधीन यीशु के दास ।। २ जग में प्रभु कृपाल यीशु ने हो दयाल लिया अवतार प्रभु का नेम और प्रीत प्रभु का प्रेम प्रतीत देखों सब धर्म की रीत अपरम्पार ।। ३ अपने पर लेने दुःख औरों को देने सुख आया वह आप सहा है कष्ट महान दिया है अपना प्राण किया दे जग का त्राण किया मिलाप ।। ४ आओ यीशु के पास करो उस पर विश्वास सब हैं तैयार लेओ तुम मुक्ति ज्ञान लेओ तुम मुक्ति दान यीशु का ही प्रदान सच्चा उद्धार ।। 242 (२४२) “Hark my Soul it is the Lord.” 7. 7. 7. 7. St. Bees or Harts. WILLIAM COWPER, 1731-1800. १ उसकी सुन हे मेरे प्राण जिससे हुआ तेरा त्राण यीशु तुझसे पूछने हार क्या तू मुझसे करता प्यार ।। २ बंधन मैंने खोल दिया दुःखित मन को शान्त किया फेरा तुझे भ्रमने से पथ पर लाया जीवन के ।। ३ अपने बच्चे को क्या मां भूल जा सकेगी कदा जो वह भूले तौभी क्या तुझे मैं भूल जाऊँगा ।। ४ मेरा प्रेम है निर्विकार ऊँचा गहरा और अपार सदा रहता है अटल मृत्यु से भी है प्रबल ।। ५ तू तो आगे देखेगा स्वर्ग में मेरी महिमा सुख भी पावेगा अपार क्या तू मुझसे करता प्यार ।। ६ यीशु हो तू दयावन्त मेरा प्रेम निर्बल अत्यन्त यह अनुग्रह दे मुझे कि और करूँ प्यार तुझे ।। 243 (२४३) “There is a gate that stands ajar.” 8. 7. S. S. S. 372. MRS. L. BAXTER, 1807-94. Chord - A# | S- Waltz | T-124 १ एक द्वार नित खुला रहता है जिससे कि सदा आती एक ज्योत जो क्रूस से फैलती है यीशु का प्रेम बताती ।। कोरसः- क्या यह हो सकता, प्रेम अपार कि खुला रहता मुक्तिद्वार कि मैं हाँ मैं उसमें प्रवेश करूँ ।। २ सभी के लिये है वह द्वार जो उससे मुक्ति चाहते सब जाति सब लोग धनवान लाचार सेंत उसमें पहुँच पाते ।। ३ अब आगे जा निडर होके कि द्वार है खुला रहता उठाके क्रूस वह मुकुट ले जो प्रभु यीशु देता ।। ४ वह क्रूस जो मिला है यहाँ हम यर्दन पार छोड़ देंगे यीशु से मुकुट पा वहाँ नित्य उससे प्रेम करेंगे ।। 244 (२४४) “A ruler once came.” 11s and Ref. S. S. S. 466. W. T. SLEEPEE. १ एक शास्त्री जब आया था यीशु के पास, और जीवन अनंत की वह रखता था आस । तब यीशु ने कृपा कर कहा उससे, तू नया जन्म ले ।। कोरसः- तू नया जन्म ले, तू नया जन्म ले ।। २ हे पापी यह वचन मसीह का तू मान, जो सेंत में तैयार है अब देने को त्राण । सुन मंगल संदेश और मन यीशु को दे, तू नया जन्म ले ।। ३ जो स्वर्ग के निश्चय की हो इच्छा तुझे, कि दूतगण और संतों के बीच में रहे । यह जीवन अनंत प्रभु देगा तुझे, तू नया जन्म ले ।। 245 (२४५) 8. 7. 8. 7. 8. 7. Rousseau. Chord - G# | S- Ballad | T-082 १ एक है वाणी बहुत मीठी मेरे मन को भाती है मेरे छोटे मन से बोलती यों हे प्रिय कहती है क्यों तू रोता आसूं भरता क्यों तू होता दुःखाधीन मैं अब तेरी दशा देखता मेरे पास आ सुखविहीन ।। २ एक है वाणी बहुत मीठी मुझे फिर पुकारती है मेरे छोटे मन में खुशी यों अत्यन्त वह भरती है हे पियारे हे दुलारे क्यों तू ढूँढ़ता है आराम दोनों हाथ हैं लम्बे मेरे मुझ पास आ और ले विश्राम ।। ३ एक है वाणी बहुत मीठी धीमे तौर पर आती है मेरे छोटे मन को फेरती यह संदेश सुनाती है आ तू ऊपर इस सैहून में देख तू स्वर्ग की ज्योति को नित्य रह तू मेरे धाम में ज्योति में अब प्रवेश तू हो ।। ४ वाणी यह जो मीठी आती है पियारे यीशु की मुझे वह हरदम पुकारती क्या मैं यों न कहूँ भी हे मसीह हे प्रभु मेरे तेरे पास मैं आता हूँ हाथ बढ़ा हे यीशु प्यारे देख मैं पांव उठाता हूँ ।। 246 (२४६) “Have you been to Jesus.” 11. 9. 11. 9. S. S. S. 379. B. A. HOFFMAN. १ क्या तुम गये यीशु पास कि मन शुद्ध हो क्या उस लोहू में शुद्ध हुए हो क्या संपूर्ण भरोसा उस पर रखते हो क्या उस लोहू में शुद्ध हुए हो ।। कोरसः-क्या तुम शुद्ध हुए हो आत्मा शुद्ध करनेहार लोहू में क्या तुम्हारा मन निष्कलंक हुआ है क्या उस लोहू में शुद्ध हुए हो ।। २ क्या तुम चलते प्रतिदिन त्राता के साथ क्या उस लोहू में शुद्ध हुए हो क्या निरंतर चैन है तुझे यीशु से क्या उस लोहू में शुद्ध हुए हो ।। ३ क्या साफ़ कपड़ा होगा दुल्हा आवे जब क्या उस लोहू में शुद्ध हुए हो क्या तैयार है प्राण स्वर्गधाम में जाने को क्या उस लोहू में शुद्ध हुए हो ।। ४ पाप का मैला वस्त्र अब उतार के छोड़ उस के लोहू में शुद्ध होके आ ।। मन अशुद्ध के लिये सोता बहता है उसके लोहू में शुद्ध होके आ ।। 247 (२४७) “Jesus calls us;o'er the tumult.” 8. 7. 8. 7. Galilee or Evening Prayer. १ ख्रीष्ट बुलाता जग की धूम में मधुर वाणी पड़ती कान “सेवक मेरे पीछे हो ले” यीशु का यह वचन मान ।। २ प्राचीनकाल में अन्द्रियाह ने यह शब्द सुन मान लिया था ख्रीष्ट के नाम से घर संपत्ति सब ही को छोड़ दिया था ।। ३ ख्रीष्ट बुलाता ऐसा कहके सुन तू ले हे मेरे प्राण “जो कुछ प्रिय तुझे उससे अधिक प्रिय मुझे जान” ।। ४ दुःख और सुख में काम विश्राम में रात दिन वह बुलाता है “जीते मरते मुझसे तेरी लगे लौ” समझाता है ।। ५ ख्रीष्ट बुलाता ! त्राता हम पर हो दयाल तब मानेंगे मन को वश में कर तो तुझे सब से प्रिय जानेंगे ।। 248 (२४८) “The whole world was lost in the darkness of sin.” P. M. S. S. S. 417. PHILLIP BLISS, 1838-76. Chord - E | S- Waltz | T-124 १ जब जगत अंधेरे में डूब गया था इस जग का प्रकाश है यीशु ।। परमेश्वर की ज्योति का उदय तब हुआ इस जग का प्रकाश है यीशु ।। कोरसः- हे पापी जन इस ज्योति में आ वह तेरा पाप सब दूर करेगा अब देखता हूँ कि अंधा मैं था इस जग का प्रकाश है यीशु ।। २ विश्वासी अंधेरे में हो न उदास इस जग का प्रकाश है यीशु ।। वे ज्योति में चलते है यीशु के पास इस जग का प्रकाश है यीशु ।। ३ हे तुम जो अब पाप और अंधेरे में हो इस जग का प्रकाश है यीशु ।। अब उठके आशिष तुम परमेश्वर से लो इस जग का प्रकाश है यीशु ।। ४ स्वर्गधाम में उजाला आवश्यक नहीं उस लोक का प्रकाश है यीशु ।। प्रकाश है उस नगर का ख्रीष्ट यीशु ही उस लोक का प्रकाश है यीशु ।। 249 (२४९) “There is life for look.” P. M. S. S. S. 123. MISS A. M. HULL. Chord - D#/D | S- Ballad | T-082 १ तू तो जीयेगा देखने से यीशु की ओर अब भी पायेगा जीवन का दान तो देख और वह तुझे बचावेगा अब जिसके क्रूस ही के द्वारा है त्राण ।। कोरसः- देख देख देख के जी तू तो जीयेगा देखने से यीशु की ओर अब भी पायेगा जीवन का दान ।। २ देख उठाया है उसने सब पापों का बोझ तो तू अपना भी बोझ उसे दे उसके पंजर से लोहू सब बहता रहा कि सब ऋण तेरे भरे जाये ।। ३ न तो प्रार्थना न शोक से छूट सकता है पाप वरन रुधिर से होता बचाव तो उसी पर लाद के सब पापों का भार केवल उसके तू देख बहते घाव ।। ४ सुन मसीह ने बुलाया तू शंका न कर कुछ भी करना अब तेरा न काम क्योंकी प्रगट वह हुआ बचाने को है हां और तुझे वह देता विश्राम ।। ५ अब ले उसके हाथ से तू जीवन का दान जिसे देना वह चाहता भी है और कभी तू मरने से डरता न रह क्योंकी प्रभु नित्य पास रहता है ।। 250 (२५०) “There were ninety and nine.” P. M.-- S. S. S. 97. ELIZABETH CHEPHANE, 1830-69. १ निन्यानवे भेड़ें कुशल ही से भेड़शाला में आ रही थी पर एक तो पहाड़ों में गल्ले को छोड़ भटकती ही खो गई थी वह जंगल में फिरती बेचैनी से पूर चरवाहे दयालु से गई थी दूर ।। २ “निन्यानवे तो रही हैं हे चौपान कुछ चिंता उस एक की न कर” चरवाहे ने कहा “क्यों छोडूँ वह एक मैं उसे भी लाऊँगा घर हां कठिन है मार्ग और कंटीले हैं पेड़ पर तौभी मैं जाता हूँ ढूँढ़ने को भेड़”।। ३ कौन वर्णन कर सकता वह संकट और दुःख चरवाहे को मिले जो थे कि अपनी भेड़ी जो खो गई थी वह जंगल में ढूँढ़ के पावे कि सुना, वह जंगल में रो रही है थकी और रोगी वह मर रही है ।। ४ पर मार्ग में यह लोहू के टपके जो हैं सो कहो, हैं किस के निशान उस भेड़ी को पाने जो भाग रही थी देख घायल भी हुआ चौपान कि कांटे चुभ गये लोहू लुहान हुए हाथ जब ढूँढ़ लाया भेड़ों की दया के साथ ।। ५ पर सुनो एक महाशब्द बोल रहा है “आनंदित अब हो मेरे संग” पृथ्वी पर से आता वह खुशी का शब्द और स्वर्ग में भी उठती तरंग कि दूत गण पुकारते भी हैं बीच आसमान “जो भेड़ी खो गई, फेर लाया चौपान” ।। 251 (२५१) “Jesus is tenderly calling.” P. M. -- S. S. S. 395. FANNY CROSBY, 1820-1915. Chord - A | S- Waltz | T-124 १ प्रेम से आज यीशु बुलाता मुझे, पापी तू आ पिता के पास पिता के प्रेम से क्यों रहता तू दूर, भूखा प्यासा निरास ।। कोरसः- आ मेरे पास आ मेरे पास यीशु बुलाता है पापी अब आ मेरे पास ।। २ हे थकित लोगों वह बोलता तुम से, लेओ विश्राम लेओ विश्राम आज मेरा जुआ तुम कान्धे पर लो, उस से पाओगे आराम ।। ३ वह तेरे आने की जोहता है बाट, देरी न कर देरी न कर सदा यह अवसर न मिल सकेगा, यीशु को आज ग्रहण कर ।। ४ बिन्ती भी करता तू शब्द उसका सुन, मेरे पास आ मेरे पास आ कर तू विश्वास तो पावेगा आनंद, सुसमाचार मान के आ ।। 252 (२५२) 8. 7. 8. 7. 8. 7.Unser Herrscher or Dismissal. १ पापी दोषी दीन हीन सकल आओ गहो यीशु नाम तारण कर्त्ता वह है केवल उस के ऐसा किस का काम प्रभु यीशु प्रगट होवे तेरा नाम ।। २ हम सब अधम और अपराधी सब हैं दोषी नरक योग्य तू ने कृपा से अनादि प्रेम से किया पाप भोग प्रभु यीशु अब निस्तार तू पापी लोग ।। ३ देह को धारण कर तू आया धरती पर दिखाया प्रेम पापी लोग का दण्ड उठाया जिस पर धरा त्राण का नेम प्रभु यीशु कर हम सब का कुशल क्षेम ।। ४ तू ने अपना लहू दिया दिया निज अमूल्य प्राण ऐसा प्रेम कब किसने किया तू ही सभों का है त्राण प्रभु यीशु तुझ बिन और न कोई त्राण ।। ५ जगत अन्त लों तू ही राजा वेग से अपना राज्य दिखा सकल लोग हों तेरी प्रजा लज्जा देवों पर बहा प्रभु यीशु आवे तेरी प्रभुता ।। 253 (२५३) “I have a Saviour.” P. M. -- S. S. S. 350. S. O. MALEY CLUFF. १ मेरा त्राणकर्ता है स्वर्ग में वह रहता त्राणकर्त्ता पवित्र और प्यारा अमर सदा कृपा दृष्टि कर मेरी सुधि लेता हे भाई यह त्राणकर्त्ता तू भी ग्रहण कर ।। कोरसः- मैं तेरे ही लिये, मैं तेरे ही लिये मैं तेरे ही लिये, अब प्रार्थना करता हूँ ।। २ मेरा है पिता मुझ की उस ने दी है जी उठके स्वर्ग जाने की आशा सही वह मुझे बुलाके संग अपने रखेगा तू मेरे संग जाने तैयार रहे भी ।। ३ मेरा है वस्त्र पवित्र चमकीला वह मुझको मिलेगा जब स्वर्ग जाऊँगा उस को पहिनूंगा यह मेरी है आशा कि तू भी यह वस्त्र अभी पावेगा ।। ४ मेरी है शान्ति अद्भुत और अनोखी इस जगत के लोग उसको जानते नहीं हे प्रभु यीशु उस का कर्त्ता और दाता भाई प्रार्थना कर कि तू चैन पावे भी ।। ५ जब यीशु त्राणकर्त्ता को ग्रहण करेगा तब औरों के पास जाके कथा सुना दिन रात उनके लिये कर ईश्वर से प्रार्थना कि मेरे संग पिता तू उन को बचा ।। 254 (२५४) “Who'll be the next.” ANNIE. S. HAWKES 1835-1918. Chord - A | S- 6/8 | T-086 १ यीशु के पीछे कौन हो लेता अपना ही क्रूस कौन उठावेगा कौन अब तैयार है अभी पुकार है कौन ताज आसमानी पावेगा ।। कोरसः- कौन है तैयार अभी तैयार यीशु के पीछे कौन हो लेता यीशु के पीछे कौन हो लेता अब अभी कौन तैयार ।। २ यीशु के पीछे कौन हो लेता कौन उसके साथ अब हो जावेगा पूरा ही त्राण हो, उसकी जय जय हो कौन उसकी सेना गावेगा ।। ३ यीशु के पीछे कौन हो लेता संकट और दुःख में जब रास्ता हो पापों को छोड़ के बन्द उनके तोड़ के कौन आप को देता यीशु को ।। ४ यीशु के पीछे कौन हो लेगा जब तक पहुँचे न यर्दन किनार सिद्ध हो विजय में पूरे निश्चय में पहुँचेंगे तब यर्दन पार ।। मैं हूँ तैयार अभी तैयार यीशु के पीछे मैं हो लूंगा यीशु के पीछे मैं हो लूंगा अब अभी हूँ तैयार ।। 255 (२५५) “Come to Jesus, just now.” R- S- MANDRELLE 1905-1972. १ यीशु पास आ -- अभी ।। २ वह बुलाता -- अभी ।। ३ बचा सकता -- अभी ।। ४ वह तैयार है -- अभी ।। ५ वह बचाता -- अभी ।। ६ क्षमा करता -- अभी ।। ७ मैल से धोता -- अभी ।। ८ सामर्थ देता -- अभी ।। ९ आत्मा देता -- अभी ।। १० उससे मांगो -- अभी ।। ११ वह सुन लेता --अभी ।। १२ तू विश्वास कर-- अभी ।। 256 (२५६) “O sinner come.” C. M. -- S. S. S. 493. CHARLES WESLEY. 1707-88. १ हे पापी जन हे पापी जन, क्यों निश्चित सोता है तू जाग जा तेरा तारणहार, यीशु बुलाता है ।। कोरस :- मैं मानता हूँ, मैं जानता हूँ कि यीशु त्राता है और उसके साथ और उसके हाथ स्वर्गधाम की कुंजी है ।। २ हे पापी जन निर्बल अधम, दिन बीतता जाता है अब हो तू त्राण का खोजनेहार, यीशु बुलाता है ।। ३ हे पापी जन अब कर विचार, क्यों दुःख में रहता है यद्यपि तू है चूकनेहार, यीशु बुलाता है ।। ४ हे पापी जन हे व्याकुल मन, क्यों मरना चाहता है सचमुच यद्यपि तू बदकार, यीशु बुलाता है ।। ५ हे पापी जन क्यों अप्रसन्न, तू क्यों शर्माता है देख कैसा यह अद्भुत पियार, यीशु बुलाता है ।। ६ हे पापी जन क्यों हो निर्धन, क्यों कृपा खोता है अब देख यह फिर एक पिछली बार, यीशु बुलाता है ।। 257 (२५७) “Whosoever heareth..” S. S. S. 389. PHILLIP BLISS, 1838-76. Chord - A# | S- 6/8 | T-086 १ हर एक सुननेवाला करे प्रचार सब कहीं फैलावें यह सुसमाचार पापी लोग यह सुनने पावें बारम्बार हर एक आवे यीशु पास ।। कोरस :- वही सभों को ग्रहण करेगा देश विदेश के लोगों को दे नेवता किसी को वह नहीं करेगा निरास हर एक आवे यीशु पास ।। २ हर एक आनेवाला देर न करे खूले द्वार के बाहर खड़ा न रहे मुक्ति मार्ग में अभी अपना पांव धरे हर एक आवे यीशु पास ।। ३ त्राण का खोजी हो तो यीशु को मान केवल वह बचाता आदमियों का प्राण उस पर दे भरोसा जिससे मिलता त्राण हर एक आवे यीशु पास ।। 258 (२५८) भजन THOMA DAS कोरसः- ऐ गुनहगार मसीह को निहार । उसने तेरे खातिर कैसा किया प्यार ।। १ वह स्वर्ग छोड़ कर आया, दुःख संकट बहुत उठाया । पसली में भाला खाया, हाय बही खून की धार ।। २ क्रूस चढ़ा और कोड़े खाये, जरा करी नहीं आह । मेरे कारण यह किया है, उठा लिया सब भार ।। ३ तीन दिनों में उठा कबर से, तौभी किया पिया V। मौत बली को जीता उसने, बोलो जय जयकार ।। ४ चालीस दिन के अन्त में यीशु, स्वर्ग में बैठे जाय । चेलों को रूह पाक दिया है, करते सब प्रचार ।। ५ सच्चा धर्म बताया हमको, बाईबल के दरम्यान । जो कोई जाने दिल से माने, पावे वह निस्तार ।। ६ सब जन आओ शीश नवाओ, दुआ करो मन लाय । थोमादास की आस मसीह फिर, आकर करे विचार ।। 259 (२५९) Bhajan Tunes No. 111. THOMA DAS. Chord - D/C# | S- Dholak | T-086 यीशु यीशु बोल तेरा क्या लगे है मोल, हर दम यीशु यीशु बोल । १ क्या तू लाया क्या ले जायगा । जरा तो दिल में तोल । धन संपत्ति सब यहाँ रहेगा । मन की घुंडी खोल ।। २ दस आज्ञा दीनी जो प्रभु ने । एक से एक अनमोल । चलने की ताकत वह देगा । मांगो जिभिया खोल ।। ३ पाप की गठरी सिर पर भारी । बोझ बड़ा अनमोल । यीशु मसीह को सब दिखला दो । अपनी गठरी खोल ।। ४ यीशु मसीह दयालु पियारे । पापिन को रह बोल । देर करो मत अभी चलो सब । सच्चा गुरू टटोल ।। ५ जयजय बोलो सभी मसीह की । खूब बजा कर ढोल । थोमादास भजन यीशु का । गाता तन मन खोल ।। 260 (२६०) Bhajan Tunes No. 25. ZUDLN. चलो रे लोगों ईश्वर न्योता मानी । १ देश विदेश निवासिन पाहीं, वचन देहि पहुंचानी ।। २ प्रेम क्षमा सत शान्ति मिलाई, मुक्ति बियारी ठानी ।। ३ निज पुन बसन मलीन उतारो, तिहि अवगुण ठहरानी ।। ४ लेहु यीशु नरतारक पुण्य को, शुभ भूषण अस जानी ।। ५ स्वर्ग भवन की बाट बतावन, यीशु भयो अगुवान ।। ६ तिन अनुगामी भोज सभा में, मिल बैठे हर्षांनी ।। ७ पावन दूत तहां बसहीं सब, कहि ईश्वर यश बानी ।। ८ रोग शोक तृष्णा कछु नाहीं, प्रभु शोभा निरखानी ।। ९ ख्रीष्ट दास जो वा सुख भागी, धन्य धन्य सो प्रानी ।। 261 (२६१) Bhajan Tunes No. 18. चेत करो सब प्यारे लोगों, ईश्वर सुत जग आया है रे । स्वर्ग सिंहासन तजहि आयो, पावन ग्रन्थ सुफल तब कीन्हा ।। पापी जन के भार उठायो, प्राण क्रूस पर बलि कर दीन्हा ।। तीसर दिन आये पुनि उठ्यो, मृत्यु राज्य पर जय जयकारी ।। राख लियो प्रभु वचन अपाना, धर्म राज्य का भौ अधिकारी ।। नाश नगर से बाहिर आओ, इत तुम्हारा नाहिं निवासा ।। धर्म नगर प्रभु यीशु भजन जे, ताहि नगर पर बांधो आशा ।। ख्रीष्ट चरण के अधीन हों मैं, तिहि जानत हों आपन स्वामी ।। दीन दयाल कृपाल सुदाता, संतहि तारत प्रभु अनुकामी ।। 262 (२६२) Bhajan Tunes No. 91. PREM DAS. जरा इधर धरो इधर धरो इधर धरो ध्यान । हम तो सुनाते हैं यीशु जी का ज्ञान ।। १ हाथी घोड़े शान और शौकत खेती और मकान । माल खजाने पड़े रहेंगे निकलेगी जब जान ।। २ काम क्रोध को तज दे प्यारे लोभ मोह अभिमान । तज मगरूरी सीख सबूरी बड़ा यही है ज्ञान ।। ३ बैल पहिचाने मालिक अपना गधा भी अपना थान । हाय हाय उन पर जो फिरते हैं मालिक से अज्ञान ।। ४ चेत जरा गफलत से प्यारे जरा तो कर तू ध्यान । हया शर्म को कुछ तो जगह दे आखिर तू इंसान ।। ५ पाप की गठरी लेकर तुम क्यों फिरते हो हैरान । तुम्हारी खातिर यीशु मसीह ने दी है अपनी जान ।। ६ चाहे करो तुम दान और पुण्य चाहें करो स्नान । रोग पाप का कटे नहीं बिन यीशु के बलिदान ।। ७ दास यीशु का बिन्ती करता सुन लो धर के कान । तन मन धन से यीशु मसीह पर लाओ तुम ईमान ।। 263 (२६३) Bhajan Tunes No. 19. BANDHU MASIH. जिन प्रतीत यीशु पर नाहीं, कस पावें भवपारा हो । १ ज्ञानी पण्डित जित जग भयेउ, डूब गये यदि धारा हो । ईश्वर वचन अनादि अनन्ता, सोई देत सहारा हो । २ सरग छोड़ जग में प्रभु आये, मेघ जहाँ अंधियारा हो । जननी गर्भ मनुज तन धारा, सकल सृष्टि करतारा हो ।। ३ नर सब भूले भेड़ समाना, जिनका नहीं रखवारा हो । तिनको यीशु महा सुख दीन्हा, दुःख सहि कीन्ह उधारा हो ।। ४ दास करे कहां लग प्रशंसा, प्रेम अमित विस्तारा हो । आवो सब मिल प्यारे भाई, सेंत गहों निस्तारा हो ।। 264 (२६४) Bhajan Tunes No. 17. PRABHU DAS. जीवन मुक्ति हेहु नर नारी । १ आपहि यीशु जग में आया, कोमल हाक पुकारी । दीन हीन का स्वर्ग विहीन का, प्रेमी सत्य अधिकारी ।। २ सच्चे धर्म प्रकाशक छोड़ के, मुरख रैन बिहारी । जीवित ईश्वर स्वर्ग विराजे, देखत नैन पसारी ।। ३ करके दया यीशु जग आया, मानुष देह जो धारी । अपने सिर पर संकट सहके, पापिन लीन उबारी ।। ४ अब प्रभुदास कहें कर जोड़े, सुनिये विनय हमारी । यीशु जी से ऐसे मांगो, जैसे निर्बल भिखारी ।। 265 (२६५) भजन 7. 7. 7. JOHN PARSONS. प्रभु जी मोहि प्रेम कर देखो, राखो पाप नियारा हो । १ ईश्वर का अवतार भयो तुम, पापिन हित बलिदाना हो धर्म आत्मा मो पर डालो, ‘हे प्रभु दयानिधाना हो’ ।। २ निश्चय हो तुम सब के ईश्वर, सब जग जन के स्वामी हो मम अवगुण में मोहि बचावो, हे प्रभु अंतरयामी हो ।। ३ शीश नवत हूँ बारंबारा, तुम बिन को सुखदाता हो मेरे मन की आस पुराओ, हे पापिन के त्राता हो ।। ४ नित्य रहो प्रभु मम रखवारे, तुम अस प्रेमी नाहीं हो भूल न जावे निर्बुद्धि हृदय, हां कंटक बन माहीं हो ।। ५ कृपा करि बुद्धि बल दे मोहि, निज महिमा अनुसारी हो यश हो तोहे आश्रित होवे, सरग भुवन अधिकारी हो ।। 266 (२६६) Bhajan Tunes No. 37. NAIN SUKH. मसीह जी को सुमरौ भाई, तुम सरग धाम सुख पाई । १ सुमरण कीजे चित्त में लीजे, सत्य शीलता पाई । आनन्द होके जय जय कीजे, अन्तर ध्यान लगाई ।। २ यह जिन्दगानी फूल समानी, धूप पड़े कुम्हाई । अवसर चूके फिर पछतैहो, आखिर धक्का खाई ।। ३ जो चेते सो होत सबेरे, क्या सोचे मन लाई । कुल परिवार काम नहिं आवे, प्राण छूट छिन जाई ।। ४ सत्य पदार्थ ख्रीष्ट जग आये, सब पापी अपनाई । निश्चय बास करो निशिबासर, अमर नगर को जाई ।। ५ अन्दर मैल भरो बहु भारी, सुधि बुद्धि मैं बिसराई । यीशु नाम की बिन्ती कीजै, अवगुण में गुण पाई ।। 267 (२६७) भजन PREM DAS. यीशु पर ला ईमान कि लोग धर्मी बन जाते हैं (टेक) । १ जो ईमान यीशु पर लाते, पाप दिलों से हैं धुल जाते । वे पाते दिल में चैन, नरक से वे बच जाते हैं ।। २ नया जन्म ईश्वर से पाते, धर्म आत्मा से भर जाते । और पाते जीवन मुक्ति, ईश के पुत्र कहाते हैं ।। ३ दया धर्म और नेक कमाई, करते हैं ईश्वर की चाही । तब धीर खुशी आनंद, प्रेम से दिल भर जाते हैं ।। ४ यीशु की जो आय शरण हैं, दास कहें वे लोग मगन हैं । हर हालत में खुश हाल, सदा गुण उसके गाते हैं ।। 268 (२६८) H. T. B. 105. HASAN ALI. १ शिफादस्त-इ-करम से उसके, पाये जिसका जी चाहे मेरे कहने पै क्या है आजमाये, जिसका जी चाहे । २ मरीजान-इ-गुनाह को दे खबर, फैज-इ-मसीहा की बिला कीमत दवा मिलती है, लाये जिसका जी चाहे । ३ गुनहगारों को मुज्दः दो, कि यीशु जी उठा तब से दर-इ-जन्नत खुला रहता है, आये जिसका जी चाहे । ४ है तसलीस-इ-इलाही अकल-इ-इन्सानी से गो बाहर सदाकत उसकी लेकिन दिल में, पाये जिसका जी चाहे ।। ५ निदा दी अब्र-इ-रहमत ने, खड़े होकर यह हैकल में कि आब-इ-जिन्दगी देता हूँ, आये जिसका जी चाहे ।। ६ खजाना आसमान पर है हमारा, क्या कमी हम को तलाश-इ-जर में उमर अपनी, गंवाये जिसका जी चाहे । ७ सफीर अब है जईफी ताज ले, गालिब हो आखिर तक कदम इस दौर में अपना बढ़ाये, जिसका जी चाहे ।

  • Temptation & Conflict 393-402 | Masihi Geet Sangrah

    परीक्षा और युद्ध (Temptation & Conflict) 393 (३९३) “Stand up ! stand up for Jesus.” 7. 6. 7. 6. D. Morning Light. GEORGE DUFFIELE, 1848-1888. Chord - F# | S- Ballad | T-086 १ उठो मसीह के लिये हे क्रूस के योद्धाओ राज झंडा करो ऊँचा न हानि होने दो वह जय पर जय प्राप्त करके सेना ले चलेगा जब तक कि हर एक शत्रु आधीन न होवेगा ।। २ उठो मसीह के लिये पहरू चिताता है निश्चितता से है हानि उठ आलस छोड़ और भय बुराई को हटा दो निज मन में वा आसपास ईश्वर के नाम से लड़ो कि शत्रु होवे नाश ।। ३ उठो मसीह के लिये तुरही के शब्द को सुन चलो इस महायुद्ध में आज जय के दिन को चुन आज्ञा उसी की मानों विमुख हो बैरी के विपत में साहस बांधों और लड़ो वीरता से ।। ४ उठो मसीह के लिये और उसमें हो सबल मनुष्य की न है शक्ति जान अपने को निर्बल तुम आत्मिक शस्त्र बांधों हर एक को प्रार्थना से और वहीं हो उपस्थित जो काम बिपत पड़े ।। ५ उठो मसीह के लिये युद्ध थोड़ी देर का है संग्राम का शब्द आज सुनते कल जयनाद सुनेंगे जो जयवंत अन्त को होगा वह मुकुट पावेगा संग महाराज प्रतापी सदा राज्य करेगा ।। 394 (३९४) “Are you weary, are you heavy laden.” 10. 10. 10. 7. Tell It To Jesus. J. B. RANKIN. १ क्या तुम थके क्या तुम मनमलीन हो यीशु से कह दो यीशु से कह दो क्या निराश हो मार्ग में क्या अतृप्त हो यीशु से जाके कहो ।। कोरसः- यीशु से कह दो यीशु से कह दो वही है मित्र विश्वस्त और है न तुम को ऐसा मीत वा भाई यीशु से जाके कहो ।। २ क्या तुम रोते दुःख से है लाचारी, यीशु से कह दो (२) क्या है पाप का बोझ हृदय पर भारी, यीशु से जाके कहो ।। ३ क्या तुम डरते क्या है बादल छाते, यीशु से कह दो (२) क्या तुम कल के भेद को जानना चाहते, यीशु से जाके कहो ।। ४ क्या मृत्यु के सोच से मन में डरते, यीशु से कह दो (२) क्या तुम खेत में ठंडी सांसे भरते, यीशु से जाके कहो ।। 395 (३९५) “Art thou weary, art thou languid ?” 8. 5. 8. 3. Stephanos or Bullinger. G. S. MANDRELLE, 1901-63. १ क्या तू थक और हार भी जाके अति दुःखी है एक यों बोलता मुझ पास आके शान्ति ले ।। २ क्या मैं उसके चिन्ह पहिचानूँ जो वह अगुवा हो हाथ पांव पसली में देख उसके घावों को ।। ३ क्या वह राजा होके सिर पर मुकुट पहिनाता हां सचमुच एक ताज है उसका कांटों का ।। ४ जो मैं उसके पीछे चलूँ मुझको होगा क्या महा दुःख महा परिश्रम रोना भी ।। ५ जो मैं नित्य उस पास रहूँ क्या है आखिरकार दुःख परिश्रम से छुटकारा यर्दन पार ।। ६ जो यूँ मांगूँ मुझे ले तो क्या कहेगा ना नहीं चाहे जग और स्वर्ग भी टलेगा ।। ७ क्या मैं उसके पीछे चल के आशिष पाऊँगा आत्मा सब और स्वर्गीय दूतगण कहते हां ।। 396 (३९६) “I've anchored in Jesus” 13. 13. 13. 11. Chord - G | S- Aderia/Ballad | T-080 १ जब जीवन के दुःख सागर में आँधी चलती है तब यीशु पर मैं लंगर सी आशा रखता हूँ परीक्षा और विपत्ति जब लहराती है तब उससे चैन और शान्ति मैं पाता हूँ ।। कोरस :- वह मेरा आधार है मैं साहस करूँगा वह मेरा आधार है कभी न डरूँगा वह मेरा आधार है वह स्थिर और शक्तिमान सनातन की चट्टान है यीशु ।। २ बुराई से बचाके वह निर्मल करता है वह मेरे मन से बोलकर आराम दिलाता है है अगुवा मुक्तिदाता भरोसा उस पर है सदा वह रहता पास कि सहारा दे ।। ३ वह मेरा दोस्त सहायक वह मुझको करता स्थिर वह दुःख की आँधी रोक कर मुझे बचाता है विश्वास से स्वर्गीय घर की मैं करता हूँ आशा जो यीशु मेरे लिये बनाता है ।। 397 (३९७) “Sound the battle cry!” 5. 5. 5. 3. D. -- S. S. S. 703 WILLIAM F. SHERWIN, 1826-98. १ युद्ध की है पुकार शत्रु बे-शुमार झंडा हो तैयार प्रभु का बांधों शस्त्र को सब ही स्थिर रहो दृढ़ विश्वास करो ख्रीष्ट यीशु का ।। कोरसः- हे सिपाहियों झंडे तले आओ बोलो, सब हो दृढ़ तैयार हरआन आगे बढ़ के गाओ तुम होसन्ना यीशु ख्रीष्ट हमारा है कप्तान ।। २ होकर शक्तिमय आगे बढ़ते हैं हम संसार पर जय पावेंगे आत्मा की तलवार हाथ में है तैयार सब अधर्म की हार हम देखेंगे ।। ३ ईश्वर सभों के बिन्ती सुन तू ले अपनी दया से कर सहाय सत की जय करा मुकुट जीवन का हर एक को दिला जो योग्य हैं ।। 398 (३९८) “Yield not to temptation” P. M. -- S. S. S. 698. H. R. PALMER, 1868. १ लड़ो तुम शैतान से हार जाना है पाप जय पाने से तेरा फिर होगा प्रताप दिल से बढ़ते जाओ हे प्रभु के दास नित्य उस को तुम देखो वह रहेगा पास ।। कोरसः- अब मसीह से तुम मांग लो शान्ति रक्षा और बल को उस पर आशा तुम रखो वह रहेगा पास ।। २ दुष्ट लोगों की संगति मत किया करो और ईश्वर के नाम को बे-अर्थ तुम न लो करो बड़े प्रेम से संग सभों के बास नित्य प्रभु को देखो वह रहेगा पास ।। ३ तब मिलेगा मुकुट जो करोगे जय तब शोकित न होंगे सुख पाने का है जो है मुक्तिदाता तब देगा लिबास नित्य प्रभु को देखो वह रहेगा पास ।। 399 (३९९) “Come ye disconsolate” 11. 10. 11. 10. Consolation. THOMAS MORE, 1779-1852. १ हे बोझ से दबे और परिश्रमी लोगों दया के आसन पास प्रार्थना करो तुम लाओ टूटे मन और शोक बताओ यीशु से शान्ति अब ग्रहण करो ।। २ भटके की ज्योति और पालनहार अनाथ का तू पश्चात्तापी की आशा भरपुर सुन शान्तिदाता यह वचन सुनाता यीशु सब दुःखों को करेगा दूर ।। ३ जीवन की रोटी है अमृत जल भी देखो स्वर्गीय सिंहासन से बहता सदा खा पीके हो संतृष्ट यह अब से जानो यीशु सब दुःखों को करेगा दूर ।। 400 (४००) “Ho my comrades see the signal” 8. 5. 8. 5. S. S. S. 669. PHILLIP BLISS, 1838-76. Chord - F#m (+3) | S- Ballad | T-082 १ हे सिपाहियों ढाढ़स बांधो युद्ध में हो बलवान और भी सेना यीशु लाता होवेंगे जयवान ।। कोरसः- गढ़ न छोड़ो मैं भी आता यीशु का आदेश तेरी दया से हे प्रभु होगी जय विशेष ।। २ देख विरोधी सेना भारी अगुवा है शैतान उसके सामने साहस छोड़ के योद्धा हैं भयमान ।। ३ झंडे तेजोमय फहराते सुन तुरही का नाद ख्रीष्ट के नाम से जयवंत होंगे कर तू धन्यवाद ।। ४ जो भयानक हो लड़ाई निकट है सहाय यीशु अगुवा संग ले चलता उस की करो जय ।। 401 (४०१) PREM DAS. बचा लेना प्रभु यीशु हमारे प्राण ।। १ आये बहकावे और फुसलावे छिन छिन में हम को सताये शैतान ।। २ धन दौलत माया दिखलावे और दिखलाये दुनिया की शान ।। ३ राज पाट और रंग रूप को जालिम दिखा के करे हैरान ।। ४ ये तो हैं शैतान के फंदे फंस के नरक जाते इंसान ।। ५ दास मसीह जी बिनती करत हैं बख्शो हमें अपनी पहिचान ।। 402 (४०२) INAYAT MASIH. Chord - A# | S- 6/8 | T-094 १ फंसो मत जाल में दुनिया के आखिर तुम को जाना है । बचो शैतां के फंदे से वही दुश्मन सियाना है ।। २ फिराओ दिल गुनाहो से करो तुम तौबः रो रोके । भरोसा रखो यीशु का अगर जन्नत को जाना है ।। ३ सलीबी मौत में यीशु के मरके जिन्दगी पाओ । बुरी ख्वाहिश को फेंको दूर अगर आराम पाना है ।। ४ रहो उम्मीद में कायम यकीं अपना करो कामिल । मुहब्बत का करो पीछा जो हक्क को मुंह दिखाना है ।। ५ मुहब्बत तमगः है यीशु की शागिर्दी का आलम में । मुहब्बत से सब जानोगे कि तुमने उसको माना है ।। ६ मुसीबत में रहो साबिर खुदा के फजल में शाकिर । खुदा के बेटे को देखो जो तुम को फतह पाना है ।। ७ इनायत को खुदावन्दा मुहब्बत अपनी दे पूरी । मैं हूँ कमजोर तू तो कादिरे मुतलक तवाना है ।।

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  • Passion Week 122–145 | Masihi Geet Sangrah

    Explore Passion songs 122-145. A special collection of Hindi Christian Songs for Good Friday and Lent. Read accurate Masihi Geet lyrics and worship #### 122 (१२२) *8.7.8. 7. Evening Prayer or Mariners.* १ प्रभु यीशु कृपा सागर तू है सचमुच ज्योत अपार । मेरा मन तू कर उजाला अपने भक्त का कर निस्तार ।। २ प्रभु मैं हूँ महा पापी तुझे छोड़ा बारम्बार । मुझे अपनी ओर फिरा के पास से मेरा कर उद्धार ।। ३ अपने आत्मा से परमेश्वर मेरा मन पवित्र कर । तन और मन मैं सौंपता तुझे कृपा करके ग्रहण कर ।। ४ मरन काल जो निकट आवे प्रभु मेरा जी सम्भाल । मरने से मैं क्योकर डरूं जो तू मेरा हो रखवाल ।। #### 123 (१२३) *"Father, I stretch my hands."* *C. M. - S. S. S. 493.* *CHARLES WESLEY, 1707-88.* १ पिता मैं हाथ बढ़ाता हूँ मुझे तू थामे रह सहायक दूसरा है नहीं तू मेरे हाथ को गह ।। कोरसः- मैं मानता हूँ मैं जानता हूँ कि यीशु त्राता है । कि वह है शक्त और उसका रक्त मुझे बचाता है ।। २ जब न मनुष्य न स्वर्गदूत कुछ काम ही आया था तब तूने भेजा प्यारा पूत जो मुक्ति को लाया था ।। ३ हम उस को भजते रहते जो अब स्वर्ग में है नरेश उस ही ने बाप को भेजा हो क्या ही उठाया क्लेश ।। #### 124 (१२४) *8. 7. 8. 7. Batty or Stuttgart.* १ यीशु मरा दूत यह बचन स्वर्गीय राग में गावें नित ईश्वर के यह प्रेम का लक्षन आओ सब देवें चित्त । २ यीशु मरा पापियों को केवल इसी से उद्धार उसकी मृत्यू से अब सब को मिलता जीवन अधिकार । ३ यीशु मरा क्या अच्म्भा क्या ही कृपा क्या ही क्लेश जगत जितना चौड़ा लम्बा उतना फैले यह संदेश । ४ यीशु मरा सोच हे पापी प्रेम यह कैसा है असीम अभी तक तू क्यों संतापी इससे बंधा त्राण का नीम । ५ यीशु मरा यह बात सुन के गल जा मेरे पत्थर मन उसकी आत्मिक सेवा चुन के उसका शिष्य ओर आश्रित बन ।। #### 125 (१२५) *Bhajan Tunes 79.* *HAR PRASAD.* मैं कुछ जानुं न क्रूस सिवाय । १ जापै प्रभु यीशु जगदीसा, प्राण दियो निज आय ।। २ कोई नाना विधि की विद्या, जानत भेद बजाय ।। ३ बहुतक गढ़ तोरन को जानत, बहुतक बाण चलाय ।। ४ बहुतक रूप सरूप दिवान, ईश्वर-प्रेम भुलाय ।। ५ कोई धन सम्पत्ति पै फूलत, निज प्रभु को बिसराय ।। ६ कोई निबल प्रभु यीशु क्रूस पै, रहिये दृष्टि लगाय ।। --- ### दुःख भोग का सप्ताह (Passion Week) #### 126 (१२६) *L. M. St. Cross or Abends.* *Chord - C | S- Ballad | T-084* १ आ मेरे संग विलाप करो त्राता के पास तुम संग आओ । आकर संग संग विलाप करो क्रूस पर ख्रीष्ट यीशु को देखो ।। २ आँसु हम क्यों न बहावें सुनकर शत्रुन की निंदा को । लो सहता कैसे धीरज से क्रूस पर ख्रीष्ट यीशु को देखो ।। ३ सात वाणी बोला प्रियतर चुपचाप रहा तीन घण्टें लों । पाप ही का भार पड़ा उसपर क्रूस पर ख्रीष्ट यीशु को देखो ।। ४ कठोर मनो तुम टूट जाओ ख्रीष्ट के सब क्लेश को यों मानो कि इसका कारण तुम ही हो क्रूस पर ख्रीष्ट यीशु को देखो ।। ५ अब क्रूस के पास आ खड़े हो लोहू की बूँदें पड़ने दो । वहाँ सब घमण्ड दूर करो क्रूस पर ख्रीष्ट यीशु को देखो ।। ६ मन कुचला आँसु का निकास माँगों तैयार वह देने को है कुचला मन प्रेम का निवास क्रूस पर ख्रीष्ट यीशु को देखो ।। ७ हे ईश के प्रेम, मानुष के पाप यां तुम ने संग्राम किया था । और प्रेम की जय से है मिलाप यीशु जब क्रूस पर चढ़ा था ।। #### 127 (१२७) *7. 7. 6. 7. 7. 8. Innsbruck.* *PAUL GERHERDT 1607-1676.* १ अब गलगथा पर आओ और उस पर आँख उठाओ जो बीच के क्रूस पर है । सुख दुःख का भोगी है ।। २ कह किसने तुझे मारा हे यीशु कष्ट का भारा क्यों तुझ पर पड़ा है । हम ही तो है कुकर्मी हे प्रभु तू है धर्मी पर कष्ट तो तुझ पर पड़ा है ।। ३ अपराध जो हुए मुझसे सो इतने बहुतेरे कि रेत से अधिक हैं । इन्होनें तुझे मारा और देके कष्ट संहारा हाँ ये ही तेरे अधिक हैं ।। ४ जो कांटे सिर में गड़े जो थप्पड़ मुँह पर पड़े जो कष्ट उठाया था । तो कोड़ा तू ने खाया जो दुःख तूने उठाया मुझ पापी को उठाना था ।। ५ हे प्रभु तेरा रोना और तेरा दुखित होना क्लेश तेरे घावों का । और क्रूस पर तेरा मरना समाधी में उतरना मैं मन में स्मरण करूँगा ।। ६ हे प्रभु अपना मरण और मेरे प्राण का तरण तू मेरे मन में गाड़ । और अपने दुःख के द्वारा तू मेरा मन कर निस्तार और अंत को अपने पास उठा ।। #### 128 (१२८) *"Behold, the Lamb of God."* *6. 6. 6. 4. 8. 8. 4. St. John.* *M. BRIDGES.* १ ईश्वर का मेम्ना देख । हे पापियों के मीत तेरा पापनाशक मृत न हो निष्फल ।। तू ही बचा मुझ पापी को और तेरी घायल पसली हो एक शरण स्थल ।। २ ईश्वर का मेम्ना देख मैं अपने पाप के साथ हे यीशु तेरे हाथ पड़ जाऊँगा ।। मेरे अपराधों को धो डाल और मेरे मन से पाप निकाल फिर जीऊँगा ।। ३ ईश्वर का मेम्ना देख देहधारी ख्रीष्ट की जय तू सदा प्रभु है हे दीनानाथ ।। तू भर दे हमको प्रीत से सनातन आनंद हमको दे संतों के साथ ।। ४ ईश्वर का मेम्ना देख वह सारे जग का नाथ ईश्वर के दहिने हाथ अब बैठा है ।। आत्मा और पिता के सहित वह एक परमेश्वर, आनंद, हित और ज्योति है ।। #### 129 (१२९) *8. 7. 8. 7. Glory to the Lamb* *Chord - A | S- Waltz | T-120* १ ख्रीष्ट यीशु क्रूस पर मुआ है उसके नाम की होवे जय । वह मेरा साथी हुआ है उसके नाम की होवे जय ।। कोरस :- है प्रभु यीशु दयावान मनोहर उसका मीठा नाम वह मुझे देता जीवन दान उसके नाम की होवे जय ।। २ उठाया मेरा सारा भार उसके नाम की होवे जय । मृत्यु से किया मुझे पार उसके नाम की होवे जय ।। ३ दूर किया मेरा सारा पाप उसके नाम की होवे जय । मिटाया मेरा सब संताप उसके नाम की होवे जय ।। ४ वह सबको साहस देता है उसके नाम की होवे जय । वह शोक और दुःख हर लेता है उसके नाम की होवे जय ।। ५ जब उसके पास मैं जाऊँगा करूँगा मैं धन्यवाद । तब यह सदा मैं गाऊँगा होवे उसका धन्यवाद ।। #### 130 (१३०) *"When I survey the wondrous Cross."* *L. M. Rockingham or Hamburg.* *ISAAC WATTS 1674-1748.* *Chord - A#/B | S- Waltz/"---" | T-090-100/"---"* १ जिस क्रूस पर यीशु मरा था वह क्रूस अद्भूत जब देखता हूँ संसारी लाभ को टोटा सा और यश को निंदा जानता हूँ । २ मत फूल जा मेरे मूरख मन इस लोक के सुख और संपत पर हो ख्रीष्ट के मरण से प्रसन्न और उस पर सारी आशा धर । ३ देख उसके सिर हाथ पावों के घाव यह कैसा दुःख और कैसा प्यार अनूठा है यह प्रेम स्वभाव अनूप यह जग का तारणहार । ४ जो तीनों लोक दे सकता मैं इस प्रेम के योग्य यह होता क्यों हे यीशु प्रेमी आप के तई मैं देह और प्राण चढ़ाता हूँ । #### 131 (१३१) *"Sweet the moments."* *8. 7. 8. 7. Patty or Cassel.* *WALTER SHIRLEY, 1725-86.* *Chord - D# | S- Ballad | T-082* १ जो समय क्रूस पास मैं काटता शांति और प्रसन्नता से । जीवन चैन और कुशल पाता मरते हुए मित्र से ।। २ क्रूस के पास मैं जब जब देखता रक्त की धारा यीशु के । जब वह लोहू मन पर गिरता चैन मैं पाता ईश्वर से ।। ३ क्या मनोहर है यह दशा क्रूस के निकट रहने से । जब मैं ख्रीष्ट की दया देखता प्रकट उसकी आँखों में ।। ४ प्रभु मेरे मन को स्थिर कर कि मैं क्रूस पर ध्यान करूँ । जब तक मैं निस्तार को पाकर तुझे देखने न पाऊँ ।। #### 132 (१३२) *10. 7. 10. 7. 10. 10. 7. 7. Marter Christi.* *CHRISTIAN VOV ZINZEN DORF, 1727-52.* १ तेरा दुःख हे यीशु कौन बिसारे तुझ में क्षेम जो पाता है तेरी स्तुति करना हर एक पल में मेरा मन यह चाहता है मेरे भूखे प्राण निमित्त अहारा मेरे मन के लिए अति प्यारा दिन पर दिन अधिक हो जा हे क्रूस घातित त्राणकर्त्ता ।। २ लाखों स्तुति होवे प्रभु तुझे दण्डवत करें देह और प्राण तू ने अत्यन्त पीड़ा कष्ट ओ दुःख से किया मेरे लिये त्राण दे कि हर एक तुझ पर प्रीति रखे और विश्वास में तेरी ओर निरखे जब लों स्वर्ग में हम सब ना तुझे देखेंगे सदा ।। ३ मेरा रोगी प्राण हे तारणहारे तेरा क्रूस पकड़ता है क्योंकि तेरे महाकष्ट के द्वारा मुझे शांति मिलती है तेरा रोदन करना और कहरना तेरा घायल होना तेरा मरना मुझे जब तक जीऊँगा कुशल देता रहेगा ।। ४ हम जो यहा अब इकट्ठे हुए अपने हाथ मिलाते हैं तुझे जिसने सबके पाप उठाये प्रेम से मानेंगे सदैव अब तो चिन्ह के लिये कि यह गाथा तुझ से ग्रहण हुआ तुझ को भाता आमीन आमीन कहियो कुशल कुशल तुम्हें हो ।। #### 133 (१३३) *"I gave my life for thee."* *6. 6. 6. 6. 6. 6. Васа.* *FRANCES R. HAVERGAL, 1836-79.* *Chord - A# | S- Waltz | T-120* १ दी मैंने अपनी जान और अनमोल रक्त को भी । कि तेरा होवे त्राण छुटकारा मौत से ही । यह जान यूं दी तुझे क्या देता तू मुझे ।। २ मैं छोड़कर स्वर्गीय बास इस जग में आया था । तज गौरव सुख हुलास शोक दुःख उठाया था । यूं मैंने छोड़ा सब क्या छोड़ता है तू अब ।। ३ जो दुःख अत्यन्त अपार सो मैंने सब सहा । कि तेरा हो उद्धार रक्त मेरा बहा था । यूं दुःख में मैं रहा क्या तू ने कुछ सहा ।। ४ मैं लाया क्षमा त्राण और कुशल का संदेश । स्वीकार कर मुक्तिदान और स्वर्ग में कर प्रवेश । यह सब कुछ लाया है अब तू क्या लाया है ।। ५ नित जीवन को व्यतीत कर मेरी सेवा में । तू छोड़ इस जग की प्रीत स्वर्ग लोक के मार्ग को ले । ज्यों छोड़ा मैंने सब त्यों छोड़ तू अपना सब ।। #### 134 (१३४) *"Man of Sorrows."* *7. 7. 7.7. Haleluyah, What a Saviour.* *ISAAC WATTS. 1674-1748.* *Chord - A# | S-6/8 | T-088* १ "दुःखी पुरूष” ! कैसा नाम ! सत अवतार ने दिया दाम, उसने किया मुक्त का काम, जय मसीह की ! कैसा त्राता ! २ मेरे पाप की लाज और भार ! सब उठा के खाई मार, लोहू दिया, क्या उद्धार, जय मसीह की ! कैसा त्राता ! ३ पापी हम और मन मलीन ! बलिदान मसीह पापहीन, निष्खोट मेम्ना प्रेमाधीन, जय मसीह की ! कैसा त्राता ! ४ काठ पर दिया अपना प्राण ! हुआ पूर्ण हमारा त्राण, स्वर्ग पर अब वह विराजमान, जय मसीह की ! कैसा त्राता ! ५ अधिराज वह आवेगा ! अपनों को संग लावेगा, तब हर एक यह गावेगा, जय मसीह की ! कैसा त्राता ! #### 135 (१३५) *7.7.7.7. 7. Wolt Ihr Wissen.* १ नित हो मेरे प्राण का घर गलगथा की चोटी पर जहां यीशु ख्रीष्ट पर श्राप लाज और निन्दा और संताप मेरे बदले पड़ा था ।। २ वहां ख्रीष्ट के कांधे पर गिरा मेरा पाप का भार वहां उसके पांजर के पावन जल और लहू से धोया गया मेरा प्राण ।। ३ जो चलावे अपना बाण मेरे शरण में शैतान ख्रीष्ट है मेरी ढाल और नाथ जिसके बेधे हुए हाथ मेरे ऊपर पसरे हैं ।। ४ चाहे जग में हूं कंगाल मैं संतुष्ट हूँ और निहाल ख्रीष्ट ने क्रूस पर एक अपार और सनातन अधिकार मेरे लिये पाया है ।। ५ जब तक क्रूस पास खड़ा हूँ मैं प्रमोद से भरा हूँ यहाँ मुझे किस का भय मेरा ईश्वर है सहाय मैं सदा ठहरूँगा ।। #### 136 (१३६) *4. 7. 8. 7. 8. 7. St. Leonard Original.* १ सुनो कौनसी भारी वाणी क्रूस पर ख्रीष्ट उच्चारता है होती है सूरज को हानि सकल जगत डरता है पूरा हुआ पूरा हुआ ख्रीष्ट पुकार के मरता है ।। २ जय हां जय सुखदाई मंगल वाणी जय सदा स्वर्ग पर से प्रवाह की नाई आत्मिक दान अब उतरेगा पूरा हुआ पूरा हुआ श्राप का भय न होवेगा ।। ३ कर्म व्यवस्था में जो छाया जो दृष्टांत है और उपमा सो सब पूर्ण और बंद हो गया आगम बाचा के समान पूरा हुआ पूरा हुआ पूरा है हमारा त्राण ।। ४ बीणा लाओ और बजाओ ख्रीष्ट को गाओ भाइयो नित नित उसका क्रूस सराहो उसके नाम को गौरव दो हल्लेलुयाह हल्लेलुयाह मेम्ना को महातम हो ।। #### 137 (१३७) *9. 8. 9. 8. 7. 7. 10 Agnus Dei.* *NICOLAUS, DECIUS 1541.* १ हे ईश्वर के मेम्ना निर्दोषी जो क्रूस पर घात किया गया । निरंतर रहा तू संतोषी तथापि तू निन्दित भया तू ने जग पाप उठाया । और हमें त्राण कमाया हे यीशु कृपा कर ईश्वर के पूत ।। २ हे ईश्वर के मेम्ना निर्दोषी जो क्रूस पर घात किया गया । निरंतर रहा तू संतोषी तथापि तू निन्दित भया तू ने जग पाप उठाया । और हमें त्राण कमाया हे यीशु कृपा कर ईश्वर के पूत ।। ३ हे ईश्वर के मेम्ना निर्दोषी जो क्रूस पर घात किया गया । निरंतर रहा तू संतोषी तथापि तू निन्दित भया तू ने जग पाप उठाया । और हमें त्राण कमाया हे यीशु कुशल दे ईश्वर के पूत ।। #### 138 (१३८) *7. 9. 6. Lamm Gottes.* १ हे ख्रीष्ट ईश्वर के मेम्ने जो ले जाता है जगत का पाप हम पर अनुग्रह कर ।। २ हे ख्रीष्ट ईश्वर के मेम्ने जो ले जाता है जगत का पाप हमारी रक्षा कर ।। ३ हे ख्रीष्ट ईश्वर के मेम्ने जो ले जाता है जगत का पाप अपना कुशल हमको दे आमीन ।। #### 139 (१३९) *11. 11.11. 5. Herzliebster Jesu.* *YOHANN HEFIMANN, 1585-1647.* १ हे प्रीतम यीशु तूने क्या ही किया कि ऐसा कठिन न्याय लोगों ने किया । क्या दोष है तेरा कि तू पापी जैसा इस दण्ड में फँसा ।। २ थूक मार और ठट्ठा तुझे दिया जाता कंटीला मुकुट कोड़े मार तू सहता । तू सिरके से जब क्रूस पर टंगा रहता पिलाया जाता ।। ३ क्या है इस सारे दुःख और कष्ट का कारण आह तुझ पर पड़ा मेरे पाप का ताड़न । हे प्रभु मुझे यह सब सहना पड़ता जो तू न सहता ।। ४ क्या दण्ड अचम्भित यहाँ मैं निहारता अपनी भेड़ी के लिये भेड़पाल मरता । और अपने दोषी सेवकों का लेखा प्रभु भर देता ।। ५ आह अत्यन्त प्रेम असीम अकथ्य दया जिससे तू इसी पीड़ा मार्ग पर आया । मैं जगत भोग में सुख बिलासी रहता और तू दुःख पाता ।। ६ जो तेरी दया की समानता पाता सो मेरी बुझ में कमी नहीं आता । मैं उसके बदले क्या दान तुझे देऊँ कहा लेऊ ।। ७ मैं अपने सारे पाप को तुझ पास लाऊँ कि तेरे लोहू में मैं धोया जाऊँ । और तेरे आत्मा से शुद्ध हृदय पाऊँ नवीन हो जाऊँ ।। ८ तब तेरी कृपा का नित स्मरण करके तुझ निमित्त जगत भोग के लिये मर के । मैं तेरी इच्छा केवल मन में धरूँ और उस पर चलू ।। ९ मैं तेरे कारण से सब कुछ उठाऊँ न क्रूस न कष्ट न निंदा से मैं भागूँ न उपद्रव न मुत की पीड़ाओं से मन मेरा डरे ।। १० जब स्वर्ग विभव में तेरे पास मैं जाऊँ मैं मुकुट सिर पर धर के खड़ा रहूँ । तब पूर्णता से मैं तेरा धन्य मानूं और भजन गाऊँ ।। #### 140 (१४०) *"Go to Dark Gethsemane."* *7.7.7.7.7. 7. Gethsemane or Readhead 76.* *JAMES MONTGOMERY, 1771-1854.* *Chord - G#m (+5) | S- Ballad | T-088* १ हे परीक्षित लोगों सब जाओ अब गतसमने को । युद्ध हमारे त्राता का जाग के देखते तुम रहो । उसकी बिन्ती अब सुनो प्रार्थना करना तुम सीखो ।। २ न्यायालय तक चलो तुम जीवन नाथ पर करो ध्यान । कैसा व्याकुल खेदित हो सहता था निंदा अपमान । उसके क्लेश को अब देखो दुःख उठाना तुम सीखो ।। ३ कलवरी पर्वत पर चलो देखो पाप का बलिदान । पूरा करके अंत लों सब यीशु देता अपना प्राण । "पूरा हुआ” तुम सुनो मरना अब उससे सीखो ।। #### 141 (१४१) *“Sacred head, now wounded."* *7. 6. 7. 6. D. Passion Chorale.* *PAULUS GERHARDT, 1607-71.* *Chord - Am | S- Ballad/ "---" | T-088-094/ "---"* १ हे माथ जो घाव से भरा और निन्दित है अपार लोगों ने निज पर धरा कंटीला निंदक हार हे माथ जो आगे शोभित और आदरवंत रहा पर अभी ऐसा निन्दित प्रशंसित हो सदा ।। २ हे मुख जो था तेजस्वी संसार का डर ओ भय अब हुआ क्या ही दुःखी क्यों थूक अब तुझ पर है रूप तेरा बदल गया और आँखों का प्रकाश निर्दोष जो पाया गया अब कैसे हुआ नाश ।। ३ जो भार तूने उठाया है प्रभु मेरा पाप जो ठट्ठा तेरा हुआ सो मेरे दोष का श्राप दृष्टि कर हे दीन दयालु मुझ अधम पापी पर और मुझ पर हो कृपालु पाप मेरा क्षमा कर ।। ४ धन तेरा हे पियारे हे यीशु तेरा धन कि मुआ पाप के मारे बचाने को लोकगण दे कि वर तुझे धरूं अभी से मरने लों कि तेरे प्रेम में मरूँ और अंत तुझही में हो ।। ५ जब छोडूंगा इस जग को तब मुझे त्याग न दे जब भोगूँगा मैं मृत को तब मेरी सुधि ले जब मुझे डर और त्रासा धर लेंगे मृत समय तब तू हो मेरी आशा जो मेरा त्राता है ।। #### 142 (१४२) *W. R. JAMES.* *Chord - C/C# | S- Ballad | T-084* १ और किसी बात की बड़ाई न करें यीशु मसीह के क्रूस को छोड़ ।। २ यीशु के साथ मैं चढ़ाया गया तौभी अब तक जीता हूँ ।। ३ मैं तो नहीं पर यीशु मसीहा वही अब मुझ में जीता है ।। ४ मृतों में से वह जिलाया गया जिससे मैं धर्मी ठहरा हूँ ।। ५ जब मैं पापी हो ही रहा था मेरे लिये वह मर गया ।। ६ पाप के लिये मैं मृतक होके ईश्वर के लिये जीऊँगा ।। ७ यीशु मसीह ने शरीर में आके पाप पर दण्ड की आज्ञा दी ।। ८ उसके संग जो हम दुःख उठावें तो महिमा भी पावेंगे ।। ९ अपने आप को प्रसन्न न करके बुरों की निंदा उसने सही ।। १० और किसी बात को हम न जानें क्रूस पर चढ़ाये मसीह को छोड़ ।। ११ दाम दे ख्रीष्ट ने हमें मोल लिया तो उसकी महिमा प्रगट हो ।। #### 143 (१४३) *G. 608.* *Bhajan Tunes No. 83.* *BANDHU MASIH.* पातक दण्ड छुड़ावन यीशु क्रूस उठायो अति दुखदाई १ पर्वत नाईं अघ मम भारी, अपनो तन पर लीन्ह उठाई । बोझ लिये प्रभु अंग पसीना, रूधिर समाना टपकत जाई ।। २ हाय हाय हाय अस पाप हमारा, जीवन पति को जगत भुलाई । मेरे पातक कारण सोंपे, जो दुःख लीन्ह कहा नहिं जाई ।। ३ निशिभर बैरिन अति दुःख दीन्हा, प्रात बिचार आसन पहुँचाईं । बहु बिधि झूठे दोष लगाये, तौ प्रभु अद्भुत धीर दिखाई ।। ४ बांधे कर सिा कंटक गूंधे, कांधे पर फिर क्रूस धराई । तब प्रभु को डाकुन के साथे, बिकट काठ पर घात कराई ।। ५ यीशु दयामय जगजन त्राता, क्रूस चढ़ाये संकट पाई । ठोंके कील हाथ पगु सुन्दर, रक्त बहा नर मुक्ति उपाई ।। ६ कहि है दास धरो मम प्यारो, प्रभु पर आशा सब सुखदाई । बाढ़े धर्म करें शुभ कामा, शोक दोष मध साहस पाई ।। #### 144 (१४४) *Н. Т. В. 128.* *SHUJAAT ALI.* १ मुजरा है मेरा उसको जो फर्जन्दे खुदा है । उम्मत की शफाअत के लिये आप मुआ है ।। २ जब चोर की मानिन्द उसे आये पकड़ने । चूमा जिसे आ करके यहूदा ने दिया है ।। ३ और घेर के जब उसके तई ले गये जालिम । फिर झूठी गवाही दे बहुत फतवा दिया है ।। ४ मरने के वक्त उसने यह खुद आप कहा था । ऐ मेरे खुदा तू ने अकेला क्यों रखा हैं ।। ५ दुश्मन के लिये उसने दुआ बाप से मांगी । तू मुआफ कर ऐ बाप जो अस सब ने किया है ।। ६ जब मर गया उसके तईं मदफून किया था । यह मुअजिजा उसका है कि फिर जीके उठा है ।। ७ जो लावे यकीं मौत पर यीशु कीं अजीजो । जन्नत है मकां उसका जहाँ नूर इ खुदा है ।। ८ इस आसी पर तू फजल कर ऐ मेरे मसीहा । हरगिज नहीं बचने का वह जो तुझ से जुदा है ।। #### 145 (१४५) *Η. Τ. Β. 127.* *SHUJAAT ALI.* *Chord - B | S- Waltz | T-124* १ यीशु की मुसीबत जिस दम तुम्हें सुनाऊँ । आँखों सेती मैं आँसू क्योंकर नहीं बहाऊँ ।। २ दुश्मन जब उसको पकड़े बेआबरू कैसे किये । ओ मानिंद चोर की बांध के उसे शामिल अपने लिये ।। ३ हाय हाय वे उसे घूसे और तमाचे मारे खींच के । रखा था उसके सिर पर कांटों के ताज को सज के ।। ४ नरकट के नल को लेके वे सिर पर उसके मारें । हाय हालत उसकी देख जो खुदा के थे दुलारे ।। ५ मुंह पर भी उसके थूके और ठट्ठे में उड़ाये । बुराइयां उसकी करके सलीब को तब धराये ।। ६ और मारने को ले जाके कपड़े भी सब उतारे । हाय हाय अफसोस की जा है लोगों ने ठट्ठे मारे ।। ७ लोहे की मेखें ठोंक के हाथ पांव को उसके फोड़े । सलीब को झटका देके बंद बंद उन्होंने तोड़े ।। ८ छः घण्टे पूरे यीशु रहें इस सख्त अजाब में । तब मर के कामिल किया सब कुछ नजात के बाब में ।। ९ हाय हाय यह क्या अजीब है गुनाह तो था हमारा । पर मारा गया यीशु खुदा का बेटा प्यारा ।। १० ईमान अब उस पर लावें सब लोग जो सुनने वाले । महबूब ओ शाफी जानके भरोसा उस पर डालें ।।

  • Mission 223–238 | Masihi Geet Sangrah

    सुसमाचार का फैलाव (Mission) 223 (२२३) “I've a message from the Lord, Halleluyah.” P. M. S. S. S. 411. W. A. OGDEN. १ आनंद का है यह संदेश हल्लेलूयाह ईश्वर का है यह आदेश हल्लेलूयाह दीन होके सुन तू यीशु की कि यीशु को अब देख और जी ।। कोरसः- देख और जी हाँ देख और जी यीशु ख्रीष्ट को देख और जी ईश्वर का है यह संदेश हल्लेलूयाह कि यीशु को अब देख और जी ।। २ कैसा मधुर यह संदेश हल्लेलूयाह यह सुना दो देश विदेश हल्लेलूयाह कि यीशु मुक्ति देता हैं कि यीशु को अब देख और जी ।। ३ हम यह पाते हैं संदेश हल्लेलूयाह कि मुक्ति सेंत मेंत होती है जो तू चाहता स्वर्गीय देश हल्लेलूयाह केवल यीशु को तू देख और जी ।। 224 (२२४) 7s. Zjrich or Dix. १ आवे प्रभु तेरा राज्य सारे जगत में विराज देश के देश जो धर्मविहीन होवें तेरे सब आधीन आवे प्रभु तेरा राज्य सारे जगत में विराज ।। २ सब हैं भूले भ्रमाधीन सब है पापी मनमलीन त्राण की आस से परे हैं नरक मार्ग को धरे हैं आवे प्रभु तेरा राज्य सारे जगत में विराज ।। ३ तेरे प्रण है अवितीत उन पर मेरी है प्रतीत सब का राजा यीशु हैं प्रभु और जगदीसा है आवे प्रभु तेरा राज्य सारे जगत में विराज ।। ४ चहुँदीश के द्वीप और देश जाने तुझे जग नरेश सब विरोध को कर तू नाश अपने तेज को कर प्रकाश आवे प्रभु तेरा राज्य सारे जगत में विराज ।। 225 (२२५) “From Greenland's Icy Mountains.” 7. 6. 7. 6. D. Missionary or Moening Light. BISHOP R. HEBER, 1783-1826. १ ग्रीनलैण्ड के ठंडे देश से और हिन्द और चीन से भी और हब्स से जहाँ सोते बहते हैं सुखदाई नदी मैदान पहाड़ से हर भाषा से हर जाति लोग बिनती कर यह कहते सुनाओ त्राण की बात ।। २ परमेश्वर के बनाये मनुष्य निर्दोष निष्पाप शैतान के जाल में आये पड़ा उनपर संताप वे वस्त्र भोजन सारे ईश्वर से पाते हैं तौभी उसको न मानते विश्वास न लाते हैं ।। ३ क्या हम जो ज्योति पाते और लाखों आशिषें उनको जो मरते जाते मुक्ति की ज्योत न दें हम आनंद से फैलावें मुक्ति का सुबखान सब जाति देखने पावें यीशु मसीह का त्राण ।। 226 (२२६) “Tell it out among the nations.” P. M. -- Tell It Out. FRANCES R. HAVERGAL, 1836-79. १ दो संदेश कि सब लोग जानें यीशु राजा है दो संदेश दो संदेश दो संदेश कि सब लोग करें प्रभु ख्रीष्ट की जय दो संदेश दो संदेश दो संदेश कि सदा काल बढ़ेगा उसका राज्य कि है महिमा का राजा कुशलाधिराज दो संदेश कि लोग सब मिलके गीत सुनावें आज दो संदेश दो संदेश ।। २ दो संदेश कि यीशु मुक्तिदाता करता राज्य दो संदेश दो संदेश दो संदेश कि पाप के दास सब बंधन तोड़ें आज दो संदेश दो संदेश रोते हुओं से जा कहो यीशु जीता है थकितों से कह दो कैसी शान्ति देता है पापियों से कहो यीशु ही बचाता है दो संदेश दो संदेश ।। ३ दो संदेश कि स्वर्ग में यीशु अब विराजमान है दो संदेश दो संदेश दो संदेश कि उसका राज्य सनातन प्रेम का है दो संदेश दो संदेश दो संदेश हर गाँव में जाके जो है दूर ओ पास कि हमारे प्रभु यीशु में हैं त्राण कि आस कि सब थके बोझ से दबे आवें यीशु पास दो संदेश दो संदेश ।। 227 (२२७) 8. 7. 8. 7. Batty or Galilee. १ प्रभु यीशु अपने राज्य को सकल जगत में बढ़ा अपने किये त्राण के काज को प्रगट करके राज्य फैला ।। २ वेग मिटा सब देव की पूजा देवन नाम सब भूले जांय आप ही जगत जन के राजा सब लोग आपकी शरण पाय ।। ३ मंगल समाचार सुना दे पूरब दिशा से पश्चिम लों उससे सब को त्राण जना दें सब जो तेरे आश्रित हों ।। ४ स्वर्ग जैसा आज्ञाकारी तेरा, तैसी धरती होय तू ही सबका अधिकारी तेरा राज सर्वत्र होय ।। 228 (२२८) 8. 7. 8. 7. 8. 7. Neander or Eton College. १ प्रभु यीशु धर्मराजा अपने राज्य में सब ले आ अब मिटा सब देव की पूजा बेग ही अपना राज्य फैला प्रभु यीशु - अपने राज्य की जय करा ।। २ आप ही सच्चा उजियाला कर दे दूर यह अंधकार सब पर डाल दे धर्मात्मा अब जिला सब मरणहार धर्म सूर्य - उदय हो हे ज्योत अपार ।। ३ जब जब तेरा मंगल वचन लोगों पर खुल जाता हैं तब दिखा सच्चाई के लक्षण झूठ क्यों सब भरमाता हैं तारणकर्त्ता - तुझसे लोग बच जाते हैं ।। ४ कठिन संग्राम होवे अभी हो सर्वत्र तेरी जय जीत शैतान न पावे कभी कर तू दूर भक्तों का भय प्रभु यीशु - तेरे राज्य की होवे जय ।। 229 (२२९) “Sinners Jesus will recieve.” 7s. S. S. S. 390. Chord - C | S- "---"/E.Movie | T- "---" १ यह सुनावें कि यीशु ख्रीष्ट, पापी को बचाता है ग्रहण करता हर एक को, उसके पास जो आता है ।। कोरसः- फिर और फिर भी यह गीत गाओ यीशु ख्रीष्ट ही त्राता हैं, सभों को यह बात बताओ पापी को बचाता हैं ।। २ सब से बड़े पापी को, चैन विश्राम का दाता है उस पर रखो अब विश्वास, सभों को बुलाता हैं ।। ३ पाप का दोष और पाप का दण्ड, सबका वह उठाता है पाप का बल और पाप का बंध, सब से वह छुड़ाता हैं ।। ४ मरके फिर जी उठा वह, मुझको अब जिलाता है मुझे अब वह करके शुद्ध, स्वर्ग को तब ले जाता हैं ।। 230 (२३०) 6. 6. 6. 6. 8. 8. St. John. १- यीशु का समाचार सब देशों में तुम दो कि उसका अब प्रचार हर जगह विदित हो । कोरसः- आज ही तैयार जग का निस्तार सब पावें यीशु में उद्धार ।। २- मसीह के द्वारा से है सबका त्राण तैयार अब सारे जगत में हो उसका समाचार ।। ३- शैतान के फंदे से हम हुए थे लाचार पर किया यीशु ने हमारा फिर उद्धार ।। ४- अब होवे हर कहीं उद्धार का सुसंदेश प्रकाशक यीशु के हों प्रगट हर एक देश ।। 231 (२३१) 8. 7. 8. 7. 8. 7. Neander or Regent Square. १ सारे जग के महाराजा तेरे राज्य की होवे जय । तेरा नाम जो स्थापित होवे दुष्ट के राज्य का होता क्षय प्रभु यीशु राय तू करेगा निश्चय ।। २ धर्म और प्रेम का सुसंदेश जगत में प्रसिद्ध करा जहां वह प्रचारा जावे अपनी सामर्थ को दिखा प्रभु यीशु अपने राज्य का तेज चमका ।। ३ दे सब सुसंदेशियों को हीर और धीर और प्रीत प्रतीत जिससे प्रगट हो हर देश में त्राण का ज्ञान और धर्म की जीत प्रभु यीशु तेरी जय हो जग के मीत ।। 232 (२३२) “We have heard a Joyful sound.” 7. 6s. S. S. S. 1079. PRISCILLA J. OWENS. १ सुना हमने सुख का बोल -- यीशु ख्रीष्ट तारणहार दूर फैलावें बात अनमोल यीशु ख्रीष्ट तारणहार जल्दी जावें हर एक देश पर्वत पर और दरया पार यीशु कहता “दो संदेश”-- यीशु ख्रीष्ट तारणहार ।। २ मरके जीता अब सदा -- यीशु ख्रीष्ट तारणहार गावें हम तो सर्वदा यीशु ख्रीष्ट तारणहार धीमे गावें शोक समय मन जब दया मांगनेहार हर्ष से गोर पर करते जय -- यीशु ख्रीष्ट तारणहार ।। ३ आंधी लहरो तुम कहो -- यीशु ख्रीष्ट तारणहार बोलो दूर के पापी को यीशु ख्रीष्ट तारणहार टापू सागर प्रतिगांव गाके करो तुम प्रचार मुक्ति पूरी सेंत मेंत त्राण -- यीशु ख्रीष्ट तारणहार ।। 233 (२३३) “Jesus Shall Reign.” L. M. -- Duke Street. ISSAC WATTS, 1674-1748. १ सूर्य जहाँ हो अस्त उदय यीशु का राज्य वां फैलेगा जब तक कि चांद उजाला दे तब तक वह बढ़ता जावेगा ।। २ देश देश के लोग हर भाषा में यीशु के प्रेम को गाते हैं और छोटे बच्चे उसका नाम आनंदित हो सराहते हैं ।। ३ जहां कहीं वह राज्य करे सब लोग आशिशित होवेंगे कैदी सब छूट कर बंधन से आनंदित होके उछलेंगे ।। ४ हे सारी सृष्टि उठकर गा आदर विशेष दे राजा को स्वर्ग दूत उतर के गावें गीत और पृथ्वी सुन आह्वादित हो ।। 234 (२३४) S. M. -- Franconia or Boylston. १ हे ईश्वर तेरा नाम सब जगह हो प्रसिद्ध कि जाने सब मसीह का काम और धर्म का ज्ञान और विध ।। २ कि कैसा महाकर्म मसीह ने किया है कमाने जग का मुक्ति धर्म प्राण अपना दिया है ।। ३ अब यीशु का संदेश और उसका धर्म और पुण्य प्रचारा जावे देश विदेश सब जानें उसके गुण ।। ४ और हम जो तेरे लोग इस जग में हैं अतीत हमें संभाल कि तेरे योग्य हम पावें धर्म की जीत ।। 235 (२३५) Bhajan Tunes 92. E. F. JANVIER. Chord - D | S- Ballad | T-088 पानी दो पानी पियासा हूँ, पानी दो पानी ।। १ न तो कुँए का न तो नदी का लावे यदि कोई । पानी दो पानी पियासा हूँ, पानी दो पानी ।। २ सकल जलाशय देख कर आया । थका भ्रमण करके, पियासा हूँ पानी दो पानी ।। ३ अक्षय जीवन कष्ट विमोचन । प्रभु बिन नहीं जग में ।। ४ जा जा तू प्रभु यीशु के चरणन । तृप्ति तुझे मिलती ।। 236 (२३६) Bhajan Tunes 91. Chord - D | S- Reggae/Ballad | T-086 कोरसः- प्यारो हिम्मत बांधों आगे बढ़ो क्रूस का लो निशान । जीतेंगे हम यारो हारेगा शैतान ।। १ लड़ों लड़ो फुर्ती करो यीशु है कप्तान । हिम्मत बांधों आशा रखो भागेगा शैतान ।। २ पाप और दुख में चारो तरफ मरते हैं इंसान । दया करो भारत पर वह हुआ परेशान ।। ३ घर घर जाकर करो प्यारो यीशु का बयान । वह है राजा मुक्तिदाता, सब पर मेहरबान ।। ४ जल्दी करो सुनाओ सबको यीशु का फरमान । पापी बचते जाते लाते जब उस पर ईमान ।। ५ दास कहें बैरी शर्माते, सुन यीशु का ज्ञान । लोग मसीह को मानते जाते, हारता है शैतान ।। 237 (२३७) Bhajan Tunes 68. JOHN PARSONS. Chord - F | S- Ballad | T-082 हम यीशु कथा प्रचार करें, खल मानुष जासु दया सुधरें । १ तन ले प्रभु दीनन नाथ फिरा, निज हाथन रोगिन लोक हरें ।। २ विधवा बिनती जब कान सुने, तब ही मनसा प्रभु तासु भरें ।। ३ प्रभु कोढ़िन अंग अपावन पै, सुख देवन को निज हाथ धरें ।। ४ तम बासिन पै अब कीन्ह मया, सत सूरत हो जग को उतरें ।। ५ दुःख संकट यीशु अपार सहा, जिहि कारण से नर लोग तरें ।। ६ नित्य रैन दिना प्रभु यीशु दया, हम आश्रित हो बहुधा सुमरें ।। 238 (२३८) H. T. B. 120. ISSAC FIELDBRAVE. १ मसीहा तू कुदरत अब अपनी दिखा दे । गुनाह में जो मुर्दे हैं उन को जिला दे ।। २ तू ही नूर इ हक्क है तू ही रहनुमा है । जो भूले हैं उनको हकीकत बता दे ।। ३ जो करते हैं तौबा गुनाहों से अपने । उन्हें बन्द इ जालिम से आकर छुड़ा दे ।। ४ बढ़ा शान ओ हशमत तू अपनी खुदाया । गुनाह और मुजी को जहाँ से मिटा दे ।। ५ तेरे काम अकदस के करने में ऐ रब्ब । जो हैं मुश्किलातें उन्हें अब हटा दें ।। ६ जो तुखम इ कलाम इ मुकद्दम है बोया । उसे सुनने वालों के दिल में जमा दे ।। ७ यही है तमन्ना इ दिल ऐ मसीहा । हमें अपनी रहमत से आब इ बका दे ।।

  • ABOUT | Masihi Geet Sangrah

    About At Masihi Geet Sangrah, we understand the importance of having accurate lyrics for meaningful worship. Our platform serves as a bridge between tradition and modern devotion, offering a wide range of categories that cover every aspect of the Christian life from Baptism and Marriage to Mission and Second Coming. Managed by Yash Soloman and Shaan Jashwant, this project is born out of a passion for the gospel and a desire to serve the church. We constantly update our library to include the latest contemporary hits alongside the classic hymns found in the traditional Masihi Geet Sangrah. Join us as we celebrate our faith and find inspiration in the lyrics of praise. Mr. Sharon Ram The Masihi Geet Sangrah digital project was founded by Mr. Sharon, a man whose life is a testament to serving both God and neighbor. Based in Dalli Rajhara, near Balod, Mr. Sharon is the proprietor of Rajhara Pathology Lab. His background as a Pathologist and emergency Paramedic reflects a life dedicated to healing and care. However, his heart has always beat for the rhythm of worship. As an accomplished percussionist mastering the Drums, Naal, and Octopad and a professional Sound Engineer, he recognized a need for a more accessible way for the congregation to carry their songs of praise. This website is his contribution to the global church: a simplified, digital version of the Masihi Geet Sangrah designed to be a personal songbook for every believer. Reach Out

  • Faith and Repentance 269-312 | Masihi Geet Sangrah

    विश्वास और पश्चाताप (Faith and Repentance) 269 (२६९) L. M. -- Melcombe or Old Hundred. १ अकाम है मेरा सारा कर्म पर ख्रीष्ट का रक्त और उसका धर्म है मेरी शोभा और सिंगार और ढाल और शरण और उपकार ।। २ अब मेरे प्राण को मौत निराश, न करेगी, मैं बिना त्रास ईश्वर के सामने जाऊँगा और बिना लाज ठहरूँगा ।। ३ यीशु ने क्रूस के खंभे पर उठाया मेरे पाप का भार और उसके देह की कील और चोट है दण्ड और स्राप से मेरी ओट ।। ४ ईश्वर से मुझे है मिलाप देख मुझ पर ख्रीष्ट के रक्त की छाप और मेरे लिये सर्वदा यह रक्त बिचवई करेगा ।। ५ हे मेरे प्रीतम तारणहार तू अपना घायल हाथ पसार और मुझे अपने रक्त से धो कि मन बच कर्म पवित्र हो ।। ६ और जब मृतकाल में अपना बाण मुझ पर चलाता है शैतान तब अपने रक्त के द्वारा से हे प्रभु तू बचा मुझे ।। 270 (२७०) C. M. -- Grafenburg or St Agnus. REV. G. S. MANDRELLE 1903-1953. १ अनाथ मैं हूँ हे प्रभु ख्रीष्ट तू है अनाथ का नाथ मैं मन बच काया से निकृष्ट और बिका पाप के हाथ ।। २ हे यीशु तारक मुझे तार कि तू है मेरी आस निस्तारक मेरा कर निस्तार कि स्वर्ग में करूँ बास 271 (२७१) 8. 7. 8. 7. 8. 7. Dismissal or Rousseau. १ कहां मेरा तारणहारा मेरा यीशु है कहां पियारों उसकी शाला वह कौन बतावेगा वेग से कहो वेग से कहो यीशु को दिखाइये ।। २ दबा पाप के बोझ से भारी चूरचार हुआ मेरा प्राण रोता मैं दिन रात्रि सारी ख्रीष्ट को पाऊँगा कहां निपट खेदित व्याकुल छेदित विकल मेरा मन है नित ।। ३ यदि मेरे डैने होते ज्यों पंडुक के होते हैं तो मैं आज ही उड़ के जाता जहां प्रीतम रहता है और निरन्तर उसका चरण धरे रहता आनन्दमय ।। ४ मेरे प्राण तू क्यों निराश है आ तू ख्रीष्ट के क्रूस के पास वहां दण्ड ओ त्रास यीशु ने भोग कर किया पाप का नाश अपना रक्त वहां बहाया जिस से हुई त्राण की आश ।। ५ मृत्युनाशक पाप का हरता मेरा वाणी है यहाँ क्रूस के काठ पर टंगा रहता क्रूस है मेरा शरणस्थान ख्रीष्ट के हाथ में मृत्यु समय सौंपूँगा मैं अपना प्राण ।। 272 (२७२) 8. 7. 8. 7. D. Munich or Aurelia. CHR. G. KERN, 1792-1835. १ क्यों छोड़ूँ मैं उस मीत को जो मुझे छोड़ता ना कब समझूँ मैं उस प्रीत को जो है ख्रीष्ट यीशु का मैं दुःख अपार में पड़ा उपकार वह लाया था और मैं ने कुशल महा यीशु में पाया था ।। २ मैं क्यों न चाहूँ उस को असीम है जिसका प्यार और दुःख क्यों देऊँ उसको जो मेरा तारणहार हां उसी ने उठाया सब दण्ड मुझ पापी का यह कह मुझे बुलाया आ मेरे पीछे आ ।। ३ मैं करूँ प्यार उस हितू को जो करता है उद्धार और तोड़ कर मृत्यु बल को है देता जीवन सार वह मरन काल सब भय से मुझे बचावेगा और स्वर्ग में अपने हाथ से घर के ले जावेगा ।। 273 (२७३) “Seek ye first, not earthly pleasure.” 8. 8. 8. 6. १ खोज तू मत वह सुख शारीरिक वही धन जो है सांसारिक सत्य प्रेम को जो है आत्मिक पहिले खोज पहिले खोज ।। २ खोज तू मत सांसारिक इच्छा जो तृष्णा वृथा है सदा अपनी आत्मिक अभिलाषा पहिले खोज पहिले खोज ।। ३ पहिले खोज ईश्वर की शान्ति इसे पा तो है न घटी आ अपने को मान तू पापी उस को खोज उस को खोज ।। ४ पहिले खोज और क्षमा ले ले स्वर्ग का अधिकारी होके अपना जीवन उस को दे दे उस को खोज उस को खोज ।। ५ पहिले खोज तू पूर्ण शुद्धि प्रभु में जो सदा मिलती उस के लिये काम की बुद्धि सदा खोज सदा खोज।। ६ यतन कर कि राज्य फैल जावे ख्रीष्ट का प्रेम सब देखने पावें कि वे उसको सदा मानें इस को खोज इस को खोज ।। ७ उस प्रतिज्ञा का भरोसा तेरी इच्छा पूर्ण करता आत्मिक दान तो उससे मिलता पहिले खोज पहिले खोज ।। 274 (२७४) 8. 7. 8. 7. Batty or Mariners. १ जन्म से पापी दुराचारी धर्म विमुख और ख्रीष्ट विरुद्ध मैं तो हूँ पर ख्रीष्ट के द्वारा अभी सारे पाप से शुद्ध ।। २ मैं हूँ शुद्ध आह कैसी दया क्योंकि मेरे त्राणी ने क्रूस पर मेरा धर्म कमाया अपना रक्त बहाने से ।। ३ मैंने ख्रीष्ट को नहीं चाहा निश्चित होके भूलता था पर वह मेरा प्रेमी रहा और न मुझे त्यागता था ।। ४ जब से बिन्ती मैं ने की थी क्षमा कर मुझ पापी को उसने झट ली सुधि मेरी उसको धन्य हो सदा लों ।। ५ उसने अपना हाथ पसारा धर के धोया मेरा प्राण उस को धर्म से भी संवारा और यों मुझे मिला त्राण ।। ६ दूसरी आस न मेरी होवे मेरा धर्म और मेरा बल ऐसी निन्दा दूर हो रहे दूर हो मुझ से ऐसा छल ।। ७ मेरी आशा है ख्रीष्ट का मरण ख्रीष्ट का रक्त और उसका धर्म उसकी दया मेरी शरण मेरा त्राण है ख्रीष्ट का कर्म ।। 275 (२७५) 7s Innocents or St. Bees. Chord - D (Ref:- 06 No.) | S- Waltz | T-130 १ जो न चलता पाप के पथ और न मानता दुष्ट का मत निन्दक संग न बैठता है वह मनुष्य ही धन्य है ।। २ वह जो ईश्वर के अधीन वचन में रात दिन लौलीन मन बच कर्म सुधारता है कुशल उसका सदा है ।। ३ वह हर बात में भाग्यवान और उस पेड़ के है समान जो हरीला और फलमय जल के पास पनपता है ।। ४ दुष्ट को ऐसा ही मत जान दुष्ट है भूसी के समान जिस को इधर उधर मार उड़ा डालती है बयार ।। ५ धर्म के मार्ग पर जिनकी चाल तिन पर ईश्वर है दयाल दुष्ट लोगों के मार्ग ही के पास घात में लगा है विनाश ।। 276 (२७६) C. M. -- Vulpius or Bedford. JOSHUA STREGMANN, 1588-1632. १ तू अपनी दया यीशु ख्रीष्ट हमारे पास ठहरा कि अपने छल से फिर शैतान हमको बझावे ना ।। २ तू अपना वचन यीशु ख्रीष्ट हमारे पास ठहरा कि हमको आनंद और कल्याण अब होवे और सदा ।। ३ तू अपनी ज्योति यीशु ख्रीष्ट हमारे पास ठहरा जिस्तें अन्धकार में तेरे लोग सत मार्ग से भटकें ना ।। ४ तू अपनी आशिष यीशु ख्रीष्ट हमारे पास ठहरा रोप हम में हर एक आत्मिक दान और हम में फल उगा ।। ५ तू अपनी सामर्थ यीशु ख्रीष्ट हमारे पास ठहरा हमको परीक्षा में न डाल संसार पर जय दिला ।। ६ तू आपही आप हे यीशु ख्रीष्ट हमारे पास ठहर हो जीवन भर हमारे संग और साथ हो मरने पर ।। 277 (२७७) 8. 7. 8. 7. 8. 7. Komm O Komm or Dismissal. Chord - C | S- Waltz | T-124 १ तेरे चरण मेरी शरण यीशु प्रभु त्राण के नाथ कृपा करके मेरी सुध ले तेरे बिन मैं हूँ अनाथ दया तेरी आशा मेरी रख तू मुझ पर अपना हाथ ।। २ कर तू मुझ पर दया दृष्टि अपने मार्ग ही में चला मेरी प्रीति और प्रतीति तुझ पर धरीं सर्वदा दया तेरी आशा मेरी तेरा दास मैं हूँ सदा ।। ३ हे कृपालु दीन दयालु तुझी को मैं गहता हूँ हे गुणखानि सब बरदानी तुझ में तोष मैं पाता हूँ दया तेरी आशा मेरी तुझ में तृप्त मैं रहता हूँ ।। ४ तेरा हृदय निर्मल सदय सूर्य सा हे प्राण के मीत पापी होकर तुझे भूलकर बार बार करता कर्म अनीति दया तेरी आशा मेरी अपने दास को कर पुनीत ।। ५ इस संसार के कुव्यवहार से असंतृष्ट है मेरा मन मेरी आँख तो ताकती स्वर्ग को जहां सत है हर एक जन दया तेरी आशा मेरी प्रभु मुझे ग्रहण कर ।। 278 (२७८) “Free from the law, oh, happy condition.” 10. 10. 9. 8. S. S. S. 143. PHILLIP BLISS. 1833-76. १ तू ने हे यीशु हम को बचाया और अपना अनमोल लहू बहाया हम सब थे पापी दुष्ट और निराश कृपा से हुई त्राण की आस ।। कोरसः- मुक्ति की आस से सब जो निराश हो मुक्ति की आस विश्वास से अब ले लो उसी की ओर देख मत हो उदास यीशु के क्रूस से त्राण की आस ।। २ पाप से अब हम सब पाते छुटकारा पाप का प्रायश्चित पूरा और सारा प्रेम से वह कहता आ मेरे पास जीवन की आकर ले तू आस ।। ३ ईश्वर के पुत्र कैसे आनंदित अधिकार उन के महिमा से मंडित मौत से वे छूट के पाते विश्राम रहते नित्य हर्षित उस के धाम ।। 279 (२७९) “Pass me not O gentle Saviour.” Z. Z. Y. 488. FANNY CROZBY. 1820-1915. Chord - F | S- 6/8 | T-086 १ छोड़ न मुझे प्यारे यीशु, बिन्ती सुन मेरी औरों पर तू दया करता, कर तू मुझ पर भी ।। कोरसः- यीशु यीशु, बिन्ती सुन मेरी औरों पर तू दया करता, कर तू मुझ पर भी ।। २ तेरे पास हे दयासिन्धु, शान्ति पाऊँगा झुकता हूँ मैं तेरे सामने, अब विश्वास दिला ।। ३ तुझ पर पूरी आस मैं रखता, अपना मुख दिखला चंगा कर इस घायल मन को, दया से बचा ।। ४ तू है शान्ति का पूर सोता, प्रीतम प्राण से भी तुझे छोड़ अब कौन है मेरा, जग और स्वर्ग में भी ।। 280 (२८०) “Saviour like a Shepherd lead us.” 8. 7s. T. T. T. 1164 or Rousseau. DOROTHY THRUPP, 1779-1847. १ प्रभु यीशु मेरे प्रिय लोगों के बचानेहार अपने प्राण को तू ने दिया कि हम सब का हो निस्तार प्रभु यीशु प्रभु यीशु सब लोग बचें तेरे द्वार ।। २ बिना तेरे मैं हूँ निर्बल मेरी तू सहायता कर तेरे साथ मैं होऊँ प्रबल हर कठिनता में निडर प्रभु यीशु प्रभु यीशु मेरे साथ रह जीवन भर ।। ३ जब हो निकट मेरा मरण जब समाप्त हो मेरा प्राण तब तू होवे मेरी शरण मेरी आत्मा को तू मान प्रभु यीशु प्रभु यीशु तू है मृत्यु पर बलवान ।। 281 (२८१) 7. 7. 7. 7. 7. 7. Dix or Morgenglanz. Chord - C | S- Ballad | T-074 १ पापी मैं तो बड़ा हूँ महा कष्ट में पड़ा हूँ मेरे कैसे बड़े दुःख कौन दे सकता मुझे सुख ।। कोरसः- मेरी रक्षा करने को प्रभु तू सहायक हो ।। २ सब है तेरा भूमि आकाश पशु पक्षी फूल और घास तू ने उत्पन्न किया है सब कुछ हम को दिया है ।। ३ दया से तू है भरपुर मेरे पाप को तू कर दूर जग में जितने दिन रहूँ मन में शान्ति मैं पाऊँ ।। ४ तू जो मेरा मित्र हो तो मैं जीतूं शत्रु को दुष्ट को तू हराता है पाप से तू बचाता है ।। 282 (२८२) 7. 6. 7. 6. Day of Rest. J. P. G. MANDRELLE. १ मसीहा मैं जो पापी पास तेरे आता हूँ मैं पापी और संतापी रो रो पछताता हूँ हाँ यीशु तुझ पास आता तू मुक्तिदाता है तुझ पर विश्वास मैं लाता तू बाप का प्यारा है ।। २ मुझ पापी ऊपर भार है हाँ पाप संताप का भार पर तेरे मन में प्यार है आस मेरी तेरा प्यार अब लिये अपने पाप को मैं तुझ पास आता हूँ सब अपने पाप संताप को मैं तुझ पास लाता हूँ ।। ३ यह पाप का बड़ा रोग है हाँ पाप का कठिन रोग कि पापी नरक योग्य है यह पाप का रोग और सोग हे यीशु तुझ पास आता मैं आता तेरे पास तू रोग और सोग मिटाता यह मेरी आस विश्वास ।। ४ तू पापियों का मीत है इस कारण आता हूँ अत्यन्त जो तेरी प्रीत है प्रतीति करता हूँ पक्षवादी मेरा होके कर बिन्ती पिता पास सब पाप संताप को खोके दे मुझे स्वर्ग में बास ।। 283 (२८३) P. M. -- Tune “Men of Harlech.” १ मैं मसीह का सेवक हूँगा अपने आप को उसे दूँगा उसकी आज्ञा सब मान लूँगा मैं मसीह का हूँ ।। कोरसः- मेरे लिये आया मेरे लिये जिया मेरे लिये दुःख उठाया मेरे लिये मुआ मेरे लिये गाड़ा गया मेरे लिये फिर जी उठा मेरे लिये ऊपर चढ़ा मेरा है मसीह ।। २ मैं तो बड़ा पापी हुआ ख्रीष्ट ऐसों के लिये मुआ लिया मैं ने उस का जुआ मैं मसीह का हूँ ।। ३ मैं ने निश्चय बुरा किया दुःख मसीह को बेर बेर दिया मेरा बोझ उसी ने लिया मैं मसीह का हूँ ।। ४ मैं विश्वास मसीह पर लाया अब छुटकारा मैं ने पाया उस के झंडे तले आया मैं मसीह का हूँ ।। 284 (२८४) 7. 7. 7. 7. Heinlein or Weber. १ मैं हूँ बड़ा पापी जन प्रभु यीशु दयावन्त तेरे पास है धर्म का धन तेरी कृपा है अनन्त ।। २ तुझ बिन मेरा होगा क्या मेरा करे कौन निस्तार तू मुझ पापी को बचा तू ही है बचानेहार ।। ३ औगुण से क्या निकले गुण सूखे से कब निकले जल पापी से क्या होवे पुण्य बुरे पेड़ का बुरा फल ।। ४ प्रभु कृपासागर तू मुझ पर नित्य हो दयावान प्रभु जगप्रकाशक तू मुझे अब कर प्रकाशमान ।। ५ जब तक मेरा जीवन हो रहूँगा मैं तेरा दास मरणकाल जब आवे तो जाऊँगा मैं तेरे पास ।। 285 (२८५) 7s. Zurich or Ratisbon. १ यीशु प्रभु कर सहाय कौन बिन तेरे मेरा है सच तो है मैं पापी हूँ भला कुछ भी नहीं हूँ तौभी सुन और कर सहाय कौन बिन तेरे मेरा है ।। २ तू ने कहा पापी आ मैं निकाल न देऊँगा यीशु ख्रीष्ट मुझे न छोड़ मुझ से अपना मुंह न मोड़ मुझे देख और कर सहाय कौन बिन तेरे मेरा है ।। ३ मेरे मन में प्रगट हो अपने रक्त से उसे धो उसमें अपना प्रेम उगा उस को अपने से मिला यीशु प्रभु कर सहाय कौन बिन तेरे मेरा है ।। 286 (२८६) “Jesus, Saviour, hear my call. ” 7. 7. 7. 5. Capetown. १ यीशु त्राता मेरी सुन मन में जो मैं पापी हूँ तू है जीवन मेरी आस रह तू मेरे पास ।। २ मैं परदेश अकेला हूँ तुझ से दूर मैं न रहूँ तुझ में अगुवाई पाऊँ रह तू मेरे पास ।। ३ भ्रष्टों के बचाने को तूने दिया अपने को जीत भी लिया कबर को रह तू मेरे पास ।। ४ अपने प्रेम से मुझे भर मेरा जीवन वश में कर इच्छा मेरी आधीन कर रह तू मेरे पास ।। ५ पड़े छाया मृत्यु की कर पिता सहाय मेरी खड्ड में होके चलूँ भी रह तू मेरे पास ।। 287 (२८७) “Jesus, thy blood and righteousness.” L. M. -- Cantionale or Old Huudred. LUDWIG VON ZINZENDORF, 1909-60. १ मसीह का रक्त और धर्म अपार है मेरा सुन्दर धर्म सिंगार जिसमें जब उस पार को जाना हो मैं प्रसन्न करूँ ईश्वर को ।। २ मसीह पर मेरा है विश्वास विश्वासी क्योंकर होंगे नाश रीझ गया मुझ पर ईश्वर आप और क्षमा किये मेरे पाप ।। ३ जो मैंने किये कर्म अशुद्ध जो किया आज्ञा के विरुद्ध जो क्रूस पर मर के यीशु ने मिटाये अपने लहू से ।। ४ ईश्वर का मेम्ना सर्वप्रधान जो क्रूस पर हुआ बलिदान और पापी को बचाता है सो मेरा मुक्तिदाता है ।। ५ मसीह ने दुःख जो सहा था मसीह का रक्त जो बहा था मेरी छुड़ौती जिसने दी सो आशा है मुझ पापी की ।। ६ हाँ मेरी आशा जीवन भर है सदा प्रभु यीशु पर और स्वर्ग में उसका धर्म अपार है मेरा सुन्दर धर्म सिंगार ।। 288 (२८८) “Jesus, Lord of life and glory.” 8. 7. 8. 7. 4. 7. St. Raphael or Eton College. J. J. CUMMINS. १ यीशु तेजोमय प्राणेश्वर करुणामय हो ध्यान दे तुझ पर आशा रख परमेश्वर आते हैं पास साहस से पापियों के बन्धु हमें तू छुड़ा ।। २ सब को मन के अन्धकार से डाह और क्रोध और बैर अप्रीत हर प्रकार के कुविचार से बचा तू हे स्वर्गीय मीत पापियों के बन्धु हमें तू छुड़ा ।। ३ जब चढ़ाई हम पर करे बाण चलावे जब शैतान संकट हम पर जब आ पड़े तब हे करुणानिधान पापियों के बन्धु हमें तू छुड़ा ।। ४ जब चमकता भाग्य हमारा हरा भरा है जब मन तब भी हो तू तारणहारा दया कर पुष्ट है जब तन पापियों के बन्धु हमें तू छुड़ा ।। ५ रोगग्रस्त हो जब पड़े रहते शोक के होते जब आधीन जब हम पीड़ा अधिक सहते देह हो जाती जब बलहीन पापियों के बन्धु हमें तू छुड़ा ।। ६ अन्त जब मरण समय आवे होवे जब यह विचार तुझ पर जो जो टेक लगावे पावे ढाढ़स प्राण आधार पापियों के बन्धु हमें तू छुड़ा ।। 289 (२८९) 7. 7. 7. 7. Innocents or Pleyel. १ यीशु प्रभु सत अवतार तू है मेरा तारणहार गिरता तेरे चरणों पर अपने दास पर दया कर ।। २ तुझ बिन किस के पास जाऊँ किस से मुक्ति मैं पाऊँ मुक्ति केवल तेरे हाथ प्रभु यीशु कृपानाथ ।। ३ भेज पवित्रआत्मा को जिस से नया जनम हो जब वह दिल में आता है त्राण का भेद खुल जाता है ।। ४ ख्रीष्ट मैं तुझे मानता हूँ तुझको अपना जानता हूँ केवल तू है सत अवतार तू है मेरा तारणहार ।। 290 (२९०) L. M. Gelobet Seist Du. १ सहाय कर यीशु कृपासार आंख अपने दासों पर पसार तू अपना कान हे प्रभु दे और मेरी बिन्ती सुन तू ले यीशु सहाय (२) ।। २ इष्ट उत्तम ज्योति अपना तेज मेरे अंधेरे मन में भेज कृपा से मेरा पाप मिटा और उस के बंधन से छुड़ा यीशु सहाय (२) ।। ३ आज मुझ को घेरे तेरा हाथ जहां मैं हूँ हो मेरे साथ हो मेरा अगुवा और रखवाल पहाड़ और शरण गढ़ और ढाल यीशु सहाय (२) ।। ४ हे प्रभु रह तू मेरे साथ और थाम ले आप ही मेरा हाथ पास हो और न परीक्षा में न पाप में मुझे पड़ने दे यीशु सहाय (२) ।। ५ पर यदि मुझ पर आवे दुख प्रकाश कर मुझ पर अपना मुख और अपने प्रेम की शान्ति से हमारे मन में धीरज दे यीशु सहाय (२) ।। ६ जब मृत्यु आवे मुझे क्या मैं उसे देख के गाऊँगा हे मौत कहां डंक तेरा है कहां हे कबर तेरी जय मैं बिना डर, यीशु सहाय ।। 291 (२९१) “Jesus my Lord to Thee I cry.” P. M. -- S. S. S. 464. ELIZA J. HAMILTON. Chord - D | S- Waltz | T-124 १ हे प्रभु मैं पुकारता हूँ सहाय बिन तेरे मरता हूँ मैं तुझ पर आशा रखता हूँ तू मुझको ग्रहण कर ।। कोरसः- मुझ को ग्रहण कर मुझ को ग्रहण कर मसीह के रक्त के कारण से तू मुझ को ग्रहण कर ।। २ मैं हूँ निर्बल लाचार अयोग्य प्राण दण्ड का तूने किया भोग अब मुझे कर तू अपने योग्य तू मुझको ग्रहण कर ।। ३ तैयारी मेरी कुछ नहीं बात मेरी बेठिकाने की बचानेहार है यीशु ही तू मुझको ग्रहण कर ।। ४ तू मुझे चरणों पास निहार इच्छानुसार कर व्यवहार मुझे ले चल और पार उतार तू मुझको ग्रहण कर ।। 292 (२९२) P. M. -- Die ach Stst Dein. १ हे ईश्वर सुन हम पापी लोग, पुकारते तेरी ओर तू है महान सब अयोग्य, तू पापी को न छोड़ हे पिता दया दृष्टि से, देख हम को पाप की क्षमा दे प्रभु अपना मुंह न मोड़, हम मन फिराते तेरी ओर तू त्याग न दे तू हमको त्याग न दे ।। २ महान तू है हे दीनदयाल, हे ख्रीष्ट हमारी सुन समीप आ हम पर हो कृपाल, दिखला तू अपने गुण तुझ बिन निराश हमारा मन, दे पाप की क्षमा स्वर्गीय धन बचा हमें और निकट आ, हमारे मन में रह सदा समीप सदा समीप हे ख्रीष्ट सदा ।। ३ धन प्रभु धन सदा लों धन्य, कि तू ने उत्तम भाग दे हमको चुना जो निर्धन, यह तेरा अनुराग तू सिर है हम हैं तेरे अंग, नित्य मेल मिलाप हो तेरे संग और अपना आत्मा हम पर डाल, हे पिता हम पर डेरा डाल हे ख्रीष्ट महान दीनों का नाथ महान ।। 293 (२९३) Bhajan Tunes No. 33 and 34. आज मसीहा तू दिल में हमारे, अपने लहू से धो पाप हमारे ।। १ बिगड़ गये हम तन अरु मन से, तुझ बिन दूसरा कौन सुधारे । पाप की अग्नि बहुत दुखदाई, जल बल भस्म मनहि करडारे ।। २ लोभ मोह अहंकार यीशु ने, बस कर लिया सकल संसारे । हम से पापी को कौन बचावे, तुझ बिन नाही कोई हमारे ।। ३ तीसर दिन जब उठे कबर से, शिष्यन से बतराये न्यारे । चेले चकित हो बोले प्रभु जी, दरशन को हम आये तुम्हारे ।। ४ जीवन हांक कहो सब जग में, जीव बचे विश्वासी तुम्हारे । असद है सब दास तुम्हारे मुक्ति, हमारी है चरण तुम्हारे ।। 294 (२९४) Bhajan Tunes No. 77. SUDIN. करो मोरी सहाय मसीहा जी । तुम बिन कुछ न सहाय । १ दर्शन दीजै अपनो कीजै । लीजै मोहि बचाय ।। २ या जग को निस्तारण कारण । जनम लियो तुम आय ।। ३ तीन दिना में उठे कबर से । शिष्यों से बतराय ।। ४ सुन लीजै प्रभु बिनती मेरी । अवगुण पै नहिं जाय ।। 295 (२९५) Bhajan Tunes No. 27. SABIR CHIMMANLAL. Chord - D# | S- Dandia/Dholak | T-100 तुम तो मसीहा मोरी आँखों के तारे, भूलो न मोरी खबरिया ।। १ राह बाट हम भूले फिरत हैं, पाप की भारी गठरिया । हां हां बिन्ती करत मसीहा, अपनी बता दो डगरिया ।। २ पाप की नदिया गहरी बहत है, लाभ की उठत लहरिया । ले चल खेवनहार मसीहा, मोर तो टूटी नवरिया ।। ३ मन की चादर मैली जों हो गई, जैसे कि काली बदरिया । अपने रुधिर में धो दे मसीहा, मन की मैली चदरिया ।। ४ कबहूँ तो सोये महल दो महल, कबहूँ तो ऊंची अटरिया । रहियो सहाई मेरे मसीहा, जब लग सोऊँ कबरिया ।। ५ यह शैतान बड़ों दुखदाई, मिल के मारे कटारिया । साबिर के औगुण ढांपि बचावो, तेरी तो प्यारी नजरिया ।। 296 (२९६) Bhajan Tunes No. 20. NAIN SUKH. तुम बिन मेरो कौन सहायक, प्रभु यीशु स्वर्गबासी । १ अगनित पापिन को तुम तारयो, तुम पै जे विश्वासी । दीन हीन शरणागत जेही, तेहि दिया सुखरासी ।। २ हम पापिन को तारो प्रभु जी, कृपा दृष्टि निहारी । औरन को प्रभु और भरोसा, हम को शरण तुम्हारी ।। 297 (२९७) SUDIN. क्या कहूँगा मैं सन्मुख तेरे लज्जित हूँ निज कर्म निहारो ।। १ पाप हमारो अतिशय हुवा नभ लो ऊँचो मान पसारो । शक्ति हीन तन मन अकुलानो सीस चढ़ाये ऐसो भारो ।। २ तनिकों साहस नाहिन मोको थर थर कंपित गात हमारो । काह कहूँ कछु वाक्य न निकसत न्याय दिवस को करे सहारो ।। ३ यीशु ख्रीष्ट जगपति जग तारक शान्ति शब्द सों कीन्ह उचारो । दृढ़ विश्वास धरे जो मो पर गिरिसम पाप मिटाऊँ सारो ।। ४ दास अधीन तिहारो हों प्रभु जी मुख बाणी पर आस हमारो । न्यायकरन जब जग में आवो मम ओर करिहो सुनिहारो ।। 298 (२९८) Bhajan Tunes No. 45. SHUJAAT ALI. प्रभु यीशु मसीह बिन कौन हमारो, हम तो हैं प्रभुदास तिहारो । १ पाप की अग्नि अति दुःखदाई, उस अग्नी को निवारो ।। २ मेरो मन प्रभु मानत नाहीं, अपन दया तें सुधारो ।। ३ दीन हीन हम हैं बेचारे, कृपा दृष्टि निहारो ।। ४ मैं अति पापी कर्म को नाहीं, आप निबाहनहारों ।। ५ यीशु है दुःख बूझनहारो, तुझ बिन कौन हमारो ।। ६ पापिन कारण प्राण दियो है, पाप का भार उतारो ।। ७ आसी तुम्हारी शरण गहत है, मेरा पाप बिसारो ।। 299 (२९९) JOHN CHRISTIAN. Chord - F#m (+3) | S- Ballad | T-080 प्रभु हे मेरी ओर निहारो । प्रजा पुत्र मैं हूँ प्रभु तेरो, जौपै आज्ञा टारो ।। १ हैं हम जन्महितें अपराधी, मन बच काया सारो । कौनौ कर्म न मोसों छूटो, सब विधि बात बिसारो ।। २ हैं अपराधिन में हम नामी, तुम नामी जग तारो । नाम बड़ाई जगत में मोहि, तारि दे मैं तिहारो ।। ३ सीस चढ़ाय पापक भारी, आये तोर दुवारो । को यह जानक भार उतारे, यीशु ख्रीष्ट बिनारो ।। 300 (३००) N. I. T. B. 40. मसीह बिना कौन हमारा साथी १ अल्प दिवस के कारण हम सब, होय रहे जगवासी ।। २ जात रहत जग स्वप्न समाना, भोरे रहत उदासी ।। ३ अचल जगत में बास करन को, हो प्रभु पर विश्वासी ।। ४ निश्चय पावत हर्ष अपारा, जो नर स्वर्ग निवासी ।। ५ जहां जाय विश्राम करो तुम, तहां विविध सुखरासी ।। 301 (३०१) PREM DAS. मेरा मन धो देना प्रभु, बिन्ती करूँ बारंबार । १ मन मेरा हो गया पापों से मैला, मैं धोते धोते हुआ लाचार । २ मैं ने भूल करी बड़ी भारी, आया नहीं मैं तुम्हारे द्वार । ३ बाईबल भीतर मैं ने पाया, तुम ही हो दिल के धोवनहार ।। ४ दास कहे इस पापी मन को, कृपा कर तुम दीजो निखार ।। 302 (३०२) Bhajan Tunes. No 4. मैं बहुत लाचार तुझ बिन १ पाप का बोझ कठिन दुखदाई, तन रहे बेजार तुझ बिन ।। २ पाप हरैया तू ही है प्रभु जी, कौन करे निस्तार तुझ बिन ।। ३ गहरी नदिया नाव पुरानी, आ पड़ा बीच धार तुझ बिन ।। ५ आप ही आप कोई पार न गये, पापी रहे मझधार तुझ बिन ।। ६ सब पापी मिल बिनती करत हैं, न हो सकें प्रभु पार तुझ बिन ।। 303 (३०३) Bhajan Tunes. No 100. मसीह करेगा दवाई तुम्हारी । अगर होवे दिल से दुहाई तुम्हारी ।। १ न शंका करो तुम न दिल में घबराओ । उसको पुकारो सहाई तुम्हारी ।। २ करो प्यारे तौबा दो दिल भी मसीह को । इसी में प्यारो भलाई तुम्हारी ।। ३ गुनाहों से मैला जो दिल है तुम्हारा । मसीहा से होगी सफाई तुम्हारी ।। ४ कहे ये मसीही दिल दो मसीह को । उसी से सफाई भलाई तुम्हारी ।। 304 (३०४) Bhajan Tunes No. 17. PRABHU DAS. मैं मति मंद महा अभिमानी । १ जो जो आज्ञा प्रभु ने दीनी, उन्हें पूरी न मानी । जिन बातों को मना किया था, सोई गई बिसरानी ।। २ घूमते मेघ बिना ज्यों पानी, तैसे बैस बितानी । भजन बिना मैं निशिदिन खोयो, जैसे ओस सुखानी ।। ३ काम क्रोध में मन उरझानो, मीठी लगत कहानी । जग की धूल में ऐसे भूलो, जैसे भेड़ भुलानी ।। ४ तजि प्रपंच सुनो प्रभुबानी, कह प्रभुदास बखानी । यीशु मसीह जो पार लगावे, नहीं तो नाव डुबानी ।। 305 (३०५) Bhajan Tunes No. 81. यीशु में है आनंद घनेरे । १ काम क्रोध मद माया जग में, बास करत सब के मन में रे ।। २ या जग पर विश्वास न कीजे, जावेगा यह बीत सबेरे ।। ३ रे मन मूढ़ सचेत रहो तुम, जीवन दिन कत होंगे तेरे ।। ४ प्रभु यीशु पर धरू विश्वासा, वा में है आनंद घनेरे ।। ५ आजिज की यही बिन्ती प्रभु जी, पाप क्षमा अब कीजे मेरे ।। 306 (३०६) Bhajan Tunes No. 31. JOHN CHRISTIAN. १ हे मेरे प्रभु मैं पापी, मो पापी उधारियो ।। छोडों न कभु, न मोहे बिसारियो ।। २ हे प्रभु मैं पापी, यह निश्चय आप जानियो । हाय कैसो संतापो, मो दुःखी पहिचानियो ।। ३ हे कृपा निकेतु, मो पापी पै लखियो । और तारण के हेतु, मोहि चरण पै रखियो । ४ मैं अति अशुद्ध, अशुद्ध कौं शुद्ध करियो । मैं अति निर्बुद्ध, निर्बुद्ध कौं बुद्ध भरियो ।। ५ मैं अधम अयोग्य, तो आप यह न मानियो । पै आप पापी लोग, नित अपनी ओर तानियो । ६ जब होयगो मरण, तब प्रभु शान्त करियो । और जब लों है जीवन, मोहि प्रेम करके भरियो ।। 307 (३०७) Bhajan Tunes No. 7 & 8. JOHN CHRISTIAN. हो प्रभु अब करहु क्षेम, हौं गुलाम तेरो । १ बार बार घटी भई, चूक भई धनेरो । आये अब निकट तोर, मोर ओर हेरो ।। २ यीशु विदित तोहि नाम, स्वामी तुम मेरो । कौन पास दास जय, कोह कौन केरो ।। ३ त्रास युक्त जोरि पाणि, अनुतापित टेरो ।। एक बेर मोहि ओर, करन अपन फेरो ।। ४ लीजिये उबारि यीशु, कठिन काल घेरो । जान अधम शीश नाय, पड़त चरण तेरो ।। 308 (३०८) H. T. B. 109. SHUJAAT ALI. १ अरे गाफिल तुझे कब होश होगा । कुछ उकबा का भी तुझ को खोज होगा ।। २ न भूल इस खाक की ढेरी हरगिज । बना है खाक से फिर खाक होगा ।। ३ अभी ढूँढ़ो तो अलबत्ता पावोगे तुम । नहीं तो फिर तुम्हें अफसोस होगा ।। ४ मसीह यीशु मरा है तेरी खातिर । गुनाह तेरा उसी से मुआफ होगा ।। ५ यकीं लावेगा अगर तू उस के उपर । वही शाफी तेरा उकबा में होगा । ६ यकीं लावेगा जो यीशु मसीह पर । नजात उस की मसीह यीशु करेगा ।। ७ न छोड़े गर बदी बदकार अपनी । यह सच जानो जहन्नम में पड़ेगा ।। ८ यह बन्दा तो तेरा है ऐ मसीहा । तेरी उम्मीद में यह सो रहेगा ।। ९ अगर मैं सो रहूँ तो बेखतर हूँ । मेरी उम्मीद है कि फिर उठूंगा ।। १० यह आसी तो खरीदा हुआ तेरा । तेरे हाथों से मुझ को कौन लेगा ।। 309 (३०९) H. T. B. 129. SHUJAAT ALI. १ गुनाहों को अपने जो हम देखते हैं । तो गजब-इ-इलाही बहम देखते हैं ।। २ अगर गौर करते हैं, फिअलों को अपने । तो लायक जहन्नम हैं, हम देखते हैं । ३ अरे दिल तू गफलत में कब तक रहेगा । तेरे वास्ते दर्द ओ गम देखते हैं । ४ गुनाहों में ऐ दिल रहा तू जो माइल । सजा उसकी पायेगा हम देखते हैं ।। ५ तुम्हारे गुनाहों की बख्शिश की खातिर । मरा है मसीह खुद, यह हम देखते हैं ।। ६ जो पकड़े वसील, शिताबो मसीह का । हयात इ बका उसमें हम देखते हैं ।। ७ तेरे दर्द ओ गम की यही बस है दारू । कि यीशु है शाफी, यह हम देखते हैं ।। ८ तू इस बात पर शक्क, नला दिल में आसी । गवाही है इन्जील, हम देखते हैं ।। 310 (३१०) HASAN ALI. Chord - Dm | S- Ballad/Beguine | T-078 १ दर इ पाक से फिर के मैं जाऊँ कहाँ कहीं दर्द इ गुनाह की दवा ही नहीं तपे जुर्म से जार ओ नहीफ हुआ मुझे और दवा से शफा ही नहीं ।। २ तेरा नाम है मरहम इ जखम इ दिली यह खबर मुझे रूह इ कुद्स से मिली तेरी जात है मजहर इ राज इ खुफी कोई तुझ सा जहाँ में हुआ ही नहीं ।। ३ मैं ने उमर भर अपनी गुनाह ही किया मुझे बख्शिये ऐ मेरे बार, ए खुदा तेरे आगे मैं होता हूँ अर्ज इ रसा कि सिवाय तेरे और खुदा ही नहीं ।। ४ तू ने सैकड़ों मुर्दों को जिन्दा किया तू ने सदहा मरीजों को बख्शी शिफा जो कि रुतबः खुदा से है तुझको मिला किसी और नबी को मिला ही नहीं ।। ५ जिन्हें नाम से तेरे है बुग्ज सदा उन्हें जल्द तू अपना करिश्मा दिखा उन्हें रूह इ मुकद्दस कर तू अता जिन्हें खौफ खुदा का जरा ही नहीं ।। ६ दिल ओ जां से भरोसा तुझी पे रखूँ दम इ नजअ जुबां से मसीहा कहूँ तेरे बन्दों के मैं भी शुमार में हूँ मेरी इससे ज्यादा दुआ ही नहीं ।। ७ यह जहान है आलम-इ-रंज ओ इना न सफीर दिल अपना यहाँ पे लगा न रहेगा यहाँ पे न कोई रहा कि है रहने की यह तो सरां ही नहीं ।। 311 (३११) B. MAYAL. १ मेरी इमदाद गर ईसा न करता । बुरा होता वह गर ऐसा न करता ।। २ दिल इ नापाक मेरा पाक होता । तो वह मुझ से कभी परदा न करता ।। ३ जो शैतान से और मुझ से जोर होता । तो फिर जानो कि मरता क्या न करता ।। ४ मेरी यह जीस्त मुझको बार होती । मेरी हाजत वह गर ईफा न करता ।। ५ मैं भर भरकर शराब इ वस्ल पीता । मुझे गर मुहतसिब रोका न करता ६ न तुझ को दर्द इ दिल अपना दिखाता । अगर कांटा मेरे खटका न करता ।। ७ बहार अपने अगर बीमार दिल को । जो लाता वह तो क्या अच्छा न करता ।। 312 (३१२) SABIR CHIMMAN LAL. १ हमारे दिल की हालत को, खुदा जाने या हम जानें । मसीह से है हमें उलफत, खुदा जाने या हम जानें ।। २ मुहब्बत की बिछी चौसर, लगी है जान की बाजी । फिदा है जान यीशु पर, खुदा जाने या हम जानें ।। ३ कलाम-इ-पाक की बरछी, लगी दिल पर मेरे तिरछी । कलेजा हो गया छलनी, खुदा जाने या हम जानें ।। ४ मुहब्बत के समुन्दर में, डली ईमान की किश्ती । चली जाती है बेखतरे, खुदा जाने या हम जानें ।। ५ न दुश्मन की मुझे दहशत, नाहीं तूफान का खटका । मसीह है नाखुदा अपना, खुदा जाने या हम जानें ।। ६ यही है आरजू अपनी, रहें हम साथ यीशु के । नहीं चाहते जुदा होना, खुदा जाने या हम जानें ।। ७ चलो साबिर इबादत को, झुकाओ सिर मसीहा को । न होवे जाहिरी उलफत, खुदा जाने या हम जानें ।।

  • Second Coming 158–167 | Masihi Geet Sangrah

    --- ### दूसरा आगमन (Second Coming) #### 158 (१५८) *“Are you ready for the bridegroom."* १ क्या तैयार जब कि दुल्हा आवेगा आवेगा क्या तैयार हो जब कि दुल्हा आवेगा आवेगा अब देख वह आता अब देख वह आता अब जल्द हो हाजिर दुल्हा आता है अब देख वह दुल्हा आता है अब देख वह दुल्हा आता है अब देख वह आता अब देख वह आता अब जल्द हो हाजिर दुल्हा आता है ।। २ क्या मशालें जलती होंगी जब वह आये जब वह आये क्या मशालें जलती होंगी जब वह आये जब वह आये वह जल्दी आता वह जल्दी आता अब जल्द हो हाजिर दुल्हा आता है अब देख वह दुल्हा आता है अब देख (इत्यादि) ।। ३ मुलाकात हम सब करेंगे जब वह आये जब वह आये मुलाकात हम सब करेंगे जब वह आये जब वह आये वह देखों आता वह देखो आता है । जब जल्द हो हाजिर दुल्हा आता है अब देख (इत्यादि) ।। #### 159 (१५९) *“8. 7. 8. 7. D. Cassel or Dulce Garmen."* १ क्रोध का दिन है आने वाला और विचारक द्वार पर है जाग और उठ जो सोने वाला भाग भाग सदोम जलता है सोने से कुछ लाभ न होगा ठठे का न समय है जो जो सदोम में रहेगा उस के साथ जल जावेगा ।। २ क्या तू नहीं थरथराता क्या तू नहीं कांपता है बोल तू क्या अब किया चाहता जब विचारक निकट है जिसका नाम तू झूठ से लेता जिसका बैरी तू रहा जिसका आसरा तू न रखता जिसको प्यार न करता था ।। ३ कबलों तू निश्चिंत रहेगा कबलों तू परमेश्वर का प्रेम और कृपा तुच्छ जानेगा जाग और उठकर वेग पछता नरक अपना मुँह फैलाता मृत्यु आ पहुँची है कानों में शब्द दूर से आता न्यायी आने वाला है ।। ४ फिर हे प्राण जो भटक गया अभी फिर ईश्वर की ओर तुझे ढूँढ़ने यीशु आया अपना मन मत कर कठोर आ हे पापी आ पछता के वेग आ यीशु ख्रीष्ट के पास और निर्भय हो सब कुछ त्याग के यीशु ख्रीष्ट पर कर विश्वास ।। #### 160 (१६०) *“S. M. -- Frankonia or Holy Rood."* १ देख प्रभु आता है सुन पहरू पुकार । हे मेरे भाई जागता रह और उठ के हो तैयार ।। २ देख प्रभु आता है कौन सेवक सोवेगा । संसार के लोग तो सो रहे हैं तू सोके खोवेगा ।। ३ देखा प्रभु आता है अंधेरा घना है । और आधी रात की निद्रा में सब जगत पड़ा है ।। ४ देख प्रभु आता है वह देर न करेगा । मशाल को भाई हाथ में थाम और भेंट को निकल जा ।। ५ देख प्रभु आता है उठके तैयार हो जा । आत्मा और दुल्हिन कहती आ हाँ प्रभु यीशु आ ।। #### 161 (१६१) *“8.7. 8. 7. Mariners or Galilee."* १ देखो स्वर्ग से दूत अतरते लाखों लाख और तेजोमय । जय जयकार का गीत वे गाते गाते हैं मसीह की जय ।। २ मेघों पर देख प्रभु आके स्थापित करता अपना राज । अपने दुःख का फल वह पाके होगा जग का अधिराज ।। ३ उस के बैरी डर के मारे काँपते थरथराते हैं। उसके संग लोग उसके प्यारे जय जयकार मनाते हैं ।। ४ प्रथम में जो था संतापी पहने था कटीला ताज । होगा वह महाप्रतापी देशों देश का अधिराज ।। ५ प्रभु को हम दण्डवत करते अपना सिर नवातें हैं । प्रभु का हम आस्रा धरते जय मसीह की गाते हैं ।। #### 162 (१६२) *“When he cometh.”* *8. 6. 8. 5. 7. 7. 7. Jewels.* *W. O. CUSHING.* १ प्रभु यीशु जब आवेगा आभूषण पहनेगा सब आभूषण सुंदर रत्न निज प्यारे अनमोल ।। कोरसः- भोर के तारे समान वे उसके मुकुट को सजके उसके सिर पर चमकेंगे सब सुंदर अनमोल ।। २ अपने राज के सब आभूषण इकट्ठे करेगा जो पवित्र जो चमकीले निज प्यारे अनमोल ।। ३ छोटे बालक छोटे बालक जो उसको प्यार करते हैं आभूषण सुंदर रत्न निज प्यारे अनमोल ।। #### 163 (१६३) *“Jesus is Coming.”* *P.M. -- S.S.S. 878.* *E. NATHAN.* १ यीशु आवेगा देओ संदेश करेगा दूर अपने शिष्यों का क्लेश वह अपने राज में करेगा प्रवेश यीशु आवेगा फिर ।। कोरसः- यीशु आवेगा आवेगा फिर यीशु आवेगा फिर सारे संसार में सुना समाचार यीशु आवेगा फिर ।। २ यीशु आवेगा कब्रों से मृतक लोग उठके मिलेंगे उससे हम अपने प्यारों को देखेंगे फिर यीशु आवेगा फिर ।। ३ यीशु आवेगा करो हुलास जो उसके वचन पर करते विश्वास वही है सत्य विश्वास योग्य दास यीशु आवेगा फिर ।। #### 164 (१६४) *“Lo he comes with clouds descnding.”* *8. 7. 8. 7. 8. 7. Regent Square or Neander.* *JOHN CENNICK, 1718-55.* १ लो वह मेघों पर उतरता वह जो पहिले मरा था । लाखों लाख संत संग वह लाता गाते हैं वे महिमा । हाल्लेलूयाह यीशु जग में लौटेगा । २ उसे देखेंगी सब आँखें आते महा प्रतापमान । और जिन्होनें उसे छेदा लज्जित होके और भयमान । मानेंगे सब यीशु राजा है महान । ३ निकट आया अब उद्धार है त्राण की आशा पूरी अब । वायु में संत समूह उठकर उससे भेंट कर लेते सब । हल्लेलूयाह शुभ दिन आ पहुँचा अब ।। ४ हे सनातन स्वर्ग के राजा करें सब प्रणाम तुझे । तू ही योग्य अधिकारी जग का राज अपना कर ले । शीघ्र उतर हमको तू छुटकारा दे ।। #### 165 (१६५) *Bhajan Tunes No. 47.* *JOHN PARSONS.* समीप भई प्रभु महिमा, यीशु जग अधिकारी । १ तिमिर रात जग मा अस छाई, भूले सब संसारी । धर्म राज रवि परबल होवे, लज्जित देव पुजारी ।। २ यीशु शिष्य अनु निन्दित जग में, कौन करत पूछारी । हर्षित हो प्रभु गुण तब गैहैं, शत्रु पर जैकारी ।। ३ ख्रीष्ट गान धुनि घर घर टेरे, प्रेम सहित नर नारी । ख्याति सुनत शरणागति होवै हैं, ठठ के ठठ इक बारी ।। ४ युद्ध उपद्रव लोपित जग सों, सर्व लोग हितकारी । संग तोड़ हल फाल बनै हैं, बन में बहु फुलवारी ।। ५ प्रभु निज दुःख फल लखि हरषैं हैं, धन्य धन्य जग तारी । आश्रित बिन्ती सुनहु दयालू, झट हो प्राण अनुसारी ।। #### 166 (१६६) *“Bhajan Tunes No. 98.”* सुनो दीन भेड़ों मेरी, घड़ी दुखों की आयेगी घनेरी । १ देश देश के लोग हों बागी, हुल्लड़ की आग जलेगी । घड़ी घड़ी अकाल बिमारी, घबरायगी दुनिया सारी ।। २ राजाओं में होगी लड़ाई, छोटी बड़ी प्रजा दुःख पाई । माता पिता बहिन अरु नारी, ओठों पहर बनेंगे बैरी ।। ३ चाहे कैसी बिपत भी आवे, पद पद नित मन को हिलावे । गड़रिये की हिम्मत भारी, करे भेड़ों की वह रखवाली ।। #### 167 (१६७) ग़ज़ल *J. UMRAIL.* १ मरीजों अब संभल बैठो मसीहा की अवाई है । पड़ा है शोर दुनिया में नजात बालम में आई हैं ।। २ हबीबो मत करो मेरा इलाज अब तुम तबीबाना । शिफा के वास्ते मेरा मसीहा ही दवाई है ।। ३ फिरा सकता है मुझको कौन अब उसकी मुहब्बत से । हमारे वास्ते जिस ने कि जान अपनी लड़ाई है ।। ४ छुड़ाया जिसने हम बन्दों को आलम के गुनाहों से । उसी के हाथ से मुमकिन हमारी भी रिहाई है ।। ५ न कर अब दूर मुझको ऐ मसीहा अपने कदमों से । गवारा मुझ को अब मुमकिन नहीं तेरी जुदाई है ।। ६ उठाया दिल को भी लो गुल ने अब इस दार फानी से । सफर मुल्के बका का है खुदा से लौ लगाई है ।।

  • Pilgrimage and Guidance 438-462 | Masihi Geet Sangrah

    यात्रा और अगुवाई (Pilgrimage and Guidance) 438 (४३८) “A few more years shall roll.” HORATIUS BONAR 1803-1889. १ अब और हैं थोड़े वर्ष और थोड़े ही से मास कि गोर में करते जो विश्राम हम सोयेंगे उनके पास ।। कोरस :- उस दिन के लिये अब मन मेरा कर तैयार हे प्रभु अपने रक्त में धो और मेरे पाप उतार ।। २ अस्त होगा थोड़ी बेर यह सूरज तेज स्वरूप उस सुन्दर देश में होंगे हम जहां न दौड़ न धूप ।। ३ इस तोर पर थोड़ी बेर होंगे प्रचण्ड बयार हिलकोरे न उठेंगे तब न आँधी भी उस पार ।। ४ परीक्षा थोड़ी और और थोड़ा ही वियोग अब थोड़े आंसू थोड़ा क्लेश पर फिर न होगा सोग ।। ५ थोड़े विश्राम के दिन हम काटते हैं इस पार पर पावेंगे अनन्त विश्राम पहुँचे जब उस पार ।। ६ अब रही थोड़ी बेर तब प्रभु आवेगा जो मरा था अब जीता है राज्य हमें देवेगा ।। 439 (४३९) “He leadeth me.” L. M. -- S. S. S. 542. JOSEPH GILMORE, 1834-1919. Chord - C# | S- "---"/Ballad | T-"---"/082 १ उत्तम और शान्तिदायक बात कि ईश्वर लिये मेरा हाथ हर काम हर जगह हर समय मुझ यात्री को ले चलता है ।। को० -- ले चलता है ले चलता है वह मुझ को साथ ले चलता है विश्वास से मैं चलूँगा साथ कि ईश्वर थामता मेरा हाथ ।। २ कभी वह बीच अंधेरे के कभी वह सुन्दर बारी में सुखदाई जल पास आँधी में हाथ से ले चलता है मुझे ।। ३ तू पकड़े रह नित्य मेरा हाथ न डर न रंज है तेरे साथ जो दशा हो संतुष्ट मैं हूँ कि तेरे संग मैं चल रहूँ ।। ४ और मेरा काम जब पूरा हो जब छोडूंगा इस जगत को जब तू ले चलता है मुझे मैं डरूंगा न मृत्यु से ।। 440 (४४०) लड़के - १ किधर जाते यात्री लोगों, किधर जाते किये भेष लड़कियां - जाते हम एक दूर की यात्रा, पाया राजा का आदेश सब - जंगल पर्वत दुःख उठाते, उसके भवन को हम जाते, जाते हैं एक उत्तम देश ।। लड़के - २ छोटे झुण्ड क्या तुम न डरते, कठिन मार्ग है सूने देश लड़कियां - नहीं दोस्त अनदेखे पास हैं, स्वर्गीय दूत टाल देते क्लेश सब - यीशु स्वामी साथ ही चलता, रक्षक अगुवा आप ही रहता, जाने में उस उत्तम देश ।। लड़के - ३ क्या पाओगे यात्री लोगों, जाके दूर के उत्तम देश लड़कियां - उजले वस्त्र तेजवंत मुकुट, प्रभु देगा प्रेम विशेष सब - निर्मल अमृत जल पीवेंगे, ईश्वर पास हम नित्य रहेंगे, जब पहुँचेंगे उस उत्तम देश ।। लड़के - ४ यात्री लोगों हम भी साथ हो, चलें उज्जवल उत्तम देश लड़कियां - आओ सही भले आये, बीच हमारे हो प्रवेश सब - आओ संग न छोड़ो कभी, यीशु नाथ तैयार है अभी, लेने की उस उत्तम देश 441 (४४१) “My days are gliding swiftly by.” 8. 7. 8. 7. Shining Shore. DAVID NELSON. १ जल्द मेरे दिन बीत रहे हैं मैं यात्रा करता जाता परदेश में होके दिन ब दिन मैं मार्ग का दुःख उठाता ।। कोरस :- हम खड़े हैं यर्दन किनार और एक एक निकल जाता विभव उस पार का बारम्बार इस पार तक दृष्ट हो आता ।। २ ख्रीष्ट राजा की दृढ़ आज्ञा है मशालें तुम सुधारो उस पार के देश में अपना घर हम देखते हैं पियारो ।। ३ यात्रा के सारे दुःखों से हम भाई हार न जावें पर स्वर्ग के सच्चे आश्रित हो आशा का फल भी पावें ।। ४ यहाँ जो दुःख परीक्षा हो हम उसको क्यों न सहें तब अपने पिता पास उस पार हम शीघ्र जाके रहें ।। 442 (४४२) “Thou art the way, Thee alone.” C. M. ― St. James. G. W. DOANE, 1799-1859. १ तू मार्ग है केवल तेरे पास काल पाप से भाग सकें जो चाहे पिता ढूँढ़ने को तुझ ही में पावेंगे २ तू सत्य है वचन तेरा ही सत बुद्धि देवेगा तू केवल मन को ज्ञान दिला और शुद्ध कर सकेगा ।। ३ तू जीवन है बन्ध तोड़ने से तू हुआ मृत्युंजय और जिनको तेरा आसरा है मृत्यु न करती क्षय ।। ४ तू मार्ग तू सत और जीवन है उस मार्ग पर हम चलें उस सत को पा लें जीवन भी अनंत को हम पावें ।। 443 (४४३) “Guide me O Thou great Jehovah.” 8. 7. 8. 7. 4. 7. Zion or Dismissal. WILLIAM WILLIAMS 1717-91. १ पन्थ बता महान परमेश्वर बाट के भूले पंथी को मैं बलहीन हूँ तू है बली मार्ग में मेरा साथी हो स्वर्गीय भोजन दे मुझ त्राण के भूखे को ।। २ खोल दे अब वह कुण्ड बिल्लौरी निकली जिससे जीवन धार साथ और मेघ का खम्भ साथ देके मुझे यात्रा भर सम्भाल प्रबल यीशु हो तू मेरी ढाल तलवार ।। ३ मृत्यु नदी तीर जब जाऊँ चिंता भय को सब मिटा हे मुदांयक नरक नाशक चैन से बेड़ा पार लगा तेरी स्तुति करुगा मैं सर्वदा ।। 444 (४४४) “I'm a pilgrim and I'm a stranger.” P. M.-- S. S. S. 827. MARY DONA SHINDLER. १ मैं मुसाफिर और मैं परदेशी केवल रात भर केवल रात भर टिकूंगा मैं जल्दी जाऊँ क्यों करूँ देरी कि स्वर्ग पर जगह तैयार है मेरी मैं मुसाफिर (इत्यादि) ।। २ उत्तम देश का जिस ओर मैं बढ़ता मेरा प्रभु मेरा प्रभु है प्रकाश वहाँ न शोक है न आहें भरना न पाप का रोना न कभी मरना मैं मुसाफिर (इत्यादि) ।। ३ वह प्रदेश है सदा उजेला उसको देखना उसको देखना चाहता हूँ इस लोक में रहता है नित्य अंधेरा जिस में दौड़ धूप तो नित होती मेरी मैं मुसाफिर (इत्यादि) ।। ४ उस प्रदेश में देख मेरे प्यारे तुम भी आओ तुम भी आओ कहते हैं अब जाने देओ यह शोक का स्थान है सांझ होती जाती संसार सुनसान है मैं मुसाफिर (इत्यादि) ।। ५ उस पार पहुँच कर फिर न परदेशी न मुसाफिर न मुसाफिर रहूँगा उस पार जा बसूँ वहाँ विश्राम है वहां आनंद और पूरा आराम है मैं मुसाफिर (इत्यादि) ।। 445 (४४५) “I'm but a stranger here.” 6. 4. 6. 4. 6. 6. 6. 4. St. Barnabas. THOMAS TAYLOR, 1807-35. १ यहाँ परदेशी हूँ स्वर्ग मेरा घर सराय में टिका हूँ स्वर्ग मेरा घर यहाँ है दुःख और क्लेश चारों ओर मेरे द्वेष स्वर्ग मेरा पैत्रिक देश स्वर्ग मेरा घर ।। २ जो आँधी चले भी स्वर्ग मेरा घर यात्रा तो थोड़ी ही स्वर्ग मेरा घर दुःख सुख न रहेगा सुख शीघ्र मिलेगा स्वर्ग में जा रहूँगा स्वर्ग मेरा घर ।। ३ वहाँ यीशु के पास स्वर्ग मेरा घर होवेगी पूरी आश स्वर्ग मेरा घर संत लोग वां कुशल से प्यारे भी निज मेरे विश्राम नित्य पावेंगे स्वर्ग मेरा घर ।। ४ हर्षित मैं रहूँगा स्वर्ग मेरा घर कुछ भी मैं सहूँगा स्वर्ग मेरा घर क्योंकी मैं जाऊँगा प्रभु पास रहूँगा स्वर्ग में बास करूँगा स्वर्ग मेरा घर ।। 446 (४४६) “Jesus lover of my soul.” 7. 7. 7. 7. D. Hollingside or Martyme. CHARLES WESLEY, 1707-88. १ यीशु मेरे प्राण के मीत जब लों जग में रहता हूँ दुःख की धारा बहती है तेरी शरण लेता हूँ जब लो आँधी चलती हो अपने में मुझे छिपा अन्त में मेरे आत्मा को अनंत बंदरस्थान में ला ।। २ दूसरी शरण हैं नहीं तुझ ही से मन लिपटा है मुझे तनिक भी न छोड़ नित्य सम्भाल हे दयामय तुझ ही पर भरोसा है तुझ ही से सहायता नीचे अपने पंखों के मुझ अनाथ को रख सदा ।। ३ यीशु तू है मेरी आश दया कर मुझ निर्धन पर पतित मूर्छित को उठा अन्धा रोगी चंगा कर तेरा नाम पवित्र है मैं अधर्म से हूँ भरपुर पापों से मैं घिरा हूँ तू अनुग्रह से है पूर ।। ४ मेरे पाप मिटाने को तुझ में पूरी दया है निर्मल धारा बहने दे मन को शुद्ध कर रख सदा तू है सोता जीवन का मेरे हृदय में तू बह मेरी प्यास बुझाने को सदा काल लो बहता रह ।। 447 (४४७) “All the way my Saviour leads me.” FANNY CROSBY, 1820-1915. Chord - E | S- "---" | T-"---" १ यीशु राह में साथ ले चलता इससे बढ़ कर क्या चाहूँ प्रभु अगुवे की शंका किस प्रकार मैं कर सकूँ कुशल क्षेम से बना रहता अब विश्वास से उसी में कि मैं जानता जो कुछ आवे शान्त रहूँगा यीशु में ।। २ यीशु राह में साथ ले चलता ढाढ़स देता मुझी को दुःख में देता सहन शक्ति भूख में देता खाने को मेरा पांव जो ठोकर खावे मेरा मन भी प्यासा हो मैं तब देखता अपने साम्हने हर्ष से बहते सोते को ।। ३ यीशु राह में साथ ले चलता प्रेम की सब भरपूरी से पूरी शान्ति मुझे देगा घर में मेरे पिता के मेरा आत्मा जब उड़ जावे राज्य अनंत में ऊपर ही मैं यह गाऊँगा कि उसने मेरी अगुवाई की ।। 448 (४४८) “Lead kindly light” P. M. -- Lux Benigna. JOHN H. NEWMAN. 1801-90. १ रात अंधियारी प्रभु दूर है घर हो अगुवा कुछ सूझता नहीं मार्ग उजेला कर हो अगुवा न कहता मैं कि दूर तक राह दिखा कहां अब धरूँ पांव यह ही बता ।। २ मेरी सदा यह बिनती नहीं थी हो अगुवा मन माने चला, तेरी सुध न की अब तू ले जा तब मोह के वश में हो घमण्ड से भर हठी मैं था यह सब न स्मरण कर ।। ३ तू इतने दिन से रहा अगुवा अब किस से डर दुःख क्या और बिपत मौत की छांह भी क्या मन धीरज धर जाता अंधेरा होता है बिहान स्वर्ग में मिलेगा सदा का कल्याण ।। 449 (४४९) “Children of the Heavenly King.” JOHN CENNICK, 1718-55. १ स्वर्गीय राजा के संतान चलते करो स्तुतिगान धन्य कहो यीशु को उस का यश प्रचार करो ।। २ चलते हो उस मारग से जिस से संत लोग चलते थे वे आनंदित होते अब उनके साथ तुम होओ सब ।। ३ अब पुकारो धन्य लोग ठहरोगे तुम राज्य के योग्य जगह है वहां तैयार राज्य और प्रतिफल उस पार ।। ४ आंख उठा के भाइयो देखो नई सृष्टि को वहाँ नित्य तुम रहोगे प्रभु को तुम देखोगे ।। ५ डरो मत हे भाइयो आनंद कर के खड़े हो प्रभु यीशु कहता है आगे बढ़ो हो निर्भय ।। ६ हम हे प्रभु चलेंगे सारे जग को छोड़ेंगे तू ही अगुवाई कर और हम होंगे अनुचर ।। 450 (४५०) “Forever with the Lord.” JAMES MONTGOMERY, 1771-1854. १ सदा मसीह के साथ आमीन यह ऐसा हो इस वचन में जी उठना है अमरता सदा लो इस बदन में सम्बद्ध दौड़ धूप उठाता हूँ और अपने स्वर्गीय घर की ओर दिन-दिन बढ़ जाता हूँ ।। २ पिता का स्वर्ग में धाम घर मेरे आत्मा का विश्वास से कभी देखता हूँ सुनहरा द्वार उसका उस में पहुँचने से तब होगा मेरा क्षेम संतों का उजला है निवास स्वर्गीय यरुशलेम ।। ३ सदा प्रभु के साथ पिता जो इच्छा हो तो अब भी मुझ पर पूरी कर उस दृढ़ प्रतिज्ञा को हो मेरे दाहिने हाथ तब मैं न चुकूंगा सम्भाल मुझे कि स्थिर रहूँ लड़ कर मैं जीतूँगा ।। ४ जब मेरा पिछला स्वास उस ओट को फाड़ेगा मृत्यु से हूँगा मृत्युंजय अनंत मिलेगा और मुझे अपने पास उठावे तेरा हाथ तब गाऊँगा मैं बारम्बार सदा प्रभु के साथ ।। 451 (४५१) “There's a land that is fairer than day.” S. F. BENNETT, 1867. Chord - E | S- 6/8 | T-084 १ हम विश्वास से एक देश देखते हैं जो इस पृथ्वी से है शोभायमान वहां यीशु कर रहा तैयार मेरे लिये एक रहने का स्थान ।। कोरस- थोड़ी देर में वहाँ प्यारो जाके हम सब मिलेंगे ।। २ अपने काम से विश्राम करेंगे शोक और क्लेश और सब दुःख होंगे दूर भजन सुन्दर मनोहर वहाँ तब हम गावेंगे हर्ष से भरपुर ।। ३ प्रेम और आशिष अनुग्रह संपूर्ण आनंद पूर्वक मन खोल के सदा यह है पिता का अद्भुत वरदान हम तब करेंगे स्तुति का गान ।। 452 (४५२) Bhajan Tunes No. 64 or 65. SHUJAAT ALI. अरे मन भूल रहा जगमों, अरे मन भूल । १ यह जग को मन छोड़ चलोगे, यीशु को मत भूल । इस तन की मन आशा न कीजै, होगा धूल में धूल ।। २ जब लग जीवन है मन जगमों, तभी तलक मन फूल । सुन रे आसी मन चित देके, यीशु है जग मूल ।। 453 (४५३) Bhajan Tunes No. 70. SHUJAAT ALI. १ क्यों मन भूला है यह संसारा, मन मत दे टुक कर ले गुजारा । इस जग में सुख नित नहि भाई, यह तो है जस पानी की धारा ।। २ मात पिता अरु खेश कुटुम्ब सब, संग नहिं कोई जावनहारा । अन्त समय सब देखन आइहैं, छन भर में सब होइहैं नियारा ।। ३ जो कुछ अंग में होगा तुम्हारे, वह भी सब मिल लै हैं उतारा । नरक अगिन में जब तुम पड़िहो, तब नहिं कोई बचावनहारा ।। ४ भाई मुक्त की खोज करो तुम, यीशु मसीह प्रभु तारणहारा । आसी तो प्रभु दास तुम्हारा, तुम बिन नाही कोई हमारा ।। 454 (४५४) Bhajan Tunes No. 73. J. UMRAIL. छाया समान ढलि जाय रे उमरिया । १ यश कर ले हितसों मन मुरख । एक दिन आखिर जाय रे कबरिया ।। २ सौदा जग का जग में कर ले । अन्त मिले नहि फेर बजरिया ।। ३ इस जग में मत भूल मुसाफिर । हो तैयार ले बांध कमरिया ।। ४ मुक्ति की राह प्रभु यीशु से पूछो । वा बिन पैहो न कोई डगरिया ।। ५ सोई जग तारक मुक्ति सुदाता । वा बिना नहीं कोई और दुसरिया ।। ६ निशि दिन वाहि को भज ले रे गाफिल । वाहि ने ली नित्य तेरी खबरिया ।। ७ अब विश्वास प्रभु यीशु पर लाओ । एक दिन चलना है वाकी नगरिया ।। 455 (४५५) Bhajan Tunes No. 86. SHUJAAT ALI. १ छोड़ो जग की माया मनुवा, या जग में सुख नाहीं मनुवा । इस जग की प्रतीत न कीजे, झूठा है यह जग रे मनुवा ।। २ यीशु मसीह की शरण गहो तुम, सरगबास तब पैहो मनुवा । यह तन में मन भूल रहे हो, इस में तो है दुःख रे मनुवा ।। ३ वाहि समे में क्या करिहो तुम, जब विकसैगी काया मनुवा । इतनी बिन्ती आसी की सुनियो, यीशु है बचवैया मनुवा ।। 456 (४५६) Bhajan Tunes No. 41 or 42. JOHN CHRISTIAN. दुनिया में दिल नहीं लगाना, इस जिन्दगी का कौन ठिकाना । १ ख्वाबों में जस माल खजाना, पाय करे मन मौज अपाना । चौंक पड़े सब धूरि मिलाना, तैसहि दुनिया मानु नदाना ।। २ पर नारी धन देखि दिवाना, फजिहत खाये प्राण गमाना । जौपै मिले नहि काम भराना, बुदबुद छूवत बात उड़ाना ।। ३ होश करो नर बयस सिराना, यीशु मसीह पर लाओ इमाना । जान अधम यहि सांच सिखाना, जौं सुख चाहो अमर निधाना ।। 457 (४५७) Bhajan Tunes No. 58. भाई नहीं जैहो, धन बांध गठरिया । १ जब तोहि काल आनि कै घेरे, छोड़ चले घरबार अटरिया ।। २ जो कुछ अंग में होगा तुम्हारे, उसकी सब मिल बांधे मुटरिया ।। ३ अब ही चेत करो नर मुरख, प्रलयकाल की कर ले खबरिया ।। ४ एक दिना प्रभु लेखा मंगिहैं, तब तेरो है कहु कौन बचैया ।। ५ जो प्रभु यीशु मर्म न जान्यो, फुंकि जैहो जैसे बन की लकड़िया ।। ६ प्रभुदास बिन्ती कर ठाढ़ो, यीशु चरण पै ध्यान धरो भैया ।। 458 (४५८) Bhajan Tunes No. 59. सब दिन नाहि बरोबर बीते, कबहु तपन कभु छांही । १ कभु मन शोगी कभु सुख भोगी, जिमि दिन रात बिलाही । एक दिवस मिलि है सुख राशी, अगले दिवस नसाही ।। २ बादल रंग रंग जस होते, तस जग बदलत जाही । राजा परजा धनी भिखारी, सब को है गति याही ।। ३ जग में कभु आंसू कभु हांसी, सागर जस लहराही । या भवसिन्धु बीच बहुतेरे, मुक्ति रतन बिसराही ।। ४ सोचहु मन या चंचल जग में, कौन दयाल बचाही । दीन दयाल कृपानिधि यीशु, जोखिम पार लगाही ।। ५ सत विश्वासह लंगर जानो, ख्रीष्ट तीर ठहराही । दास सदा लौलीन रहो तुम, तौ कुछ शंका नाही ।। 459 (४५९) H. T. B. 126. CHIMMAN LAL. १ उठ मुसाफिर कर तैयारी अब तो कुछ दिन भी नहीं है । दिल कहीं दीदा कहीं और अश्क आँखों में नहीं है ।। २ लग रहा है चल यहां रात ओ दिन एकसां बराबर । मौत का डंका बजे तुझे कुछ गम नहीं है ।। ३ मौत क्या जाने लड़कपन क्या बुढ़ापा क्या जवानी । क्या अमीरी क्या फकीरी मौत को परवाह नहीं है ।। ४ क्या तेरी आँखों में अब तक नींद गफलत की भरी है । भाई ओ मादर पिदर यां कोई भी अपना नहीं है ।। ५ माल ओ दौलत शान ओ शौकत इन में धोखा है सरासर । सारी दुनिया कोई कमावे तौभी कुछ हासिल नहीं है ।। ६ है खुशी यीशु मसीह में राह इ हक्क साबिर वही है । क्यों फिरे भटका मुसाफिर और तो कोई राह नहीं है ।। 460 (४६०) H. T. B. 120. SHUJAAT ALI. १ कोई दम में दम जब यह जाता रहेगा । तो ऐ दिल बात किस से नाता रहेगा ।। २ जरा नींद इ-गफलत से बेदार हो अब । तो फिर कौन तुझ को जगाता रहेगा ।। ३ तू अब नाज ओ नखवत में फूला फिरे है । यही तुझ को आखिर रुलाता रहेगा ।। ४ मुसाफिर है तू और यह दुनिया सरां है । तू कब तक यहां दिल लगाता रहेगा ।। ५ इताअत मसीह की जो करता रहे तू । तो बेशक वह तुझ को बचाता रहेगा ।। ६ जो होवे भलाई तो कर ले रे गाफिल । यहां कौन फिर फिर के आता रहेगा ।। ७ ऐ आसी कहा दिल का हरगिज न कीजो । बले तुझ को वह यां फंसाता रहेगा ।। 461 (४६१) H. T. B. 122. SHANKAR DAYAL. १ मिले खाक में नौजवां कैसे कैसे । गये कब्र में नुक्तेदां कैसे कैसे ।। २ सहे हैं मसीहा ने दुनिया की खातिर । जजर कैसे कैसे जिया कैसे कैसे ।। ३ दिये पांव लुंजों को अन्धों को आँखें । तवाना किये नातवां कैसे कैसे ।। ४ लाजर को हासिल हुई जान-इ-ताज । जुबां पा गये बे-जुबां कैसे कैसे ।। ५ जवानी को मरकद की चक्की ने पीसा । हुए चूर चूर उस्तुखां कैसे कैसे ।। ६ न सोहराब बाकी रहा है न रुस्तम । जमीं खा गई पहलवां कैसे कैसे ।। ७ कोई मंजिल-इ-गोर से फिर न पलटा । रवाना हुए कारवां कैसे कैसे ।। ८ करें याद किस किस को किस किस को रोयें । इन आँखों ने देखे समां कैसे कैसे ।। 462 (४६२) AJIZ. १ रही यह है बाकी उमर खोते खोते । रवां यह हुआ दिन अबस सोते सोते ।। २ गुलिस्तां-इ-दिल में जरा जाके देखो । कि तुख्म-इ-गुनाह है बढ़ा बोते बोते ।। ३ गुनाहों के दागों को धो, ऐ मसीहा । मैं आजिज हूँ अजखुद उन्हें धोते धोते ।। ४ करम की नजर कर इस अजिज पर यीशु । है तालिब तेरा नातवां रोते रोते ।। ५ बशीर और है थोड़ी यह मंजिल तुम्हारी । चलो अब वतन को सुबह होते होते ।।

  • Easter 146–153 | Masihi Geet Sangrah

    ### ख्रीष्ट का जी उठना (Easter) #### 146 (१४६) *8.8.8.8. 4. Erschienen 1st.* *NIKOLAUS HBRMANN, 1510-1561* १ ईश्वर का पुत्र मृत्युंजय आज मृत्यु से जी उठा है बड़े विभव और सामर्थ से धन सदा लों कहो उसे : हल्लेलूयाह ।। २ शैतान को उसने जीत लिया और उसका काम बिनाश किया जैसे शूर बीर अजीत बलवान निज बैरियों पर है जयमान : हल्लेलूयाह ।। ३ हे प्रीतम प्रभु यीशु ख्रीष्ट जो पापियों का त्राता इष्ट अपने स्वर्ग राज्य के आनंद में दया कर हम को बैठने दे : हल्लेलूयाह ।। ४ पराजित बैरी से क्या डर मत कांपो उसकी धमकी पर लाज ठट्ठे में वह पड़ा है हमें छुटकारा मिला है : हल्लेलूयाह ।। ५ इसलिए अब हम आनंदमय स्वर्गराज की लालसा रखते हैं जहाँ हम अपने प्रभु पास सदा रहोंगे बिना त्रास : हल्लेलूयाह ।। ६ परमेश्वर पिता दयावान और यीशु ख्रीष्ट उसके समान और आत्मा का भी वैसा हो धन अभी से सनातन लों : हाल्लेलूयाह ।। #### 147 (१४७) *7. 6. 7. 6. 7. 7. 6. 6. Auf Auf Mein Herz.* *FR. A. LAMPE, 1683-1759.* १ ख्रीष्ट यीशु ने हराया शैतान का सारा दल दोष दायक बांधा गया नष्ट हुआ पाप का बल व्यवस्था पूरी करके क्रोध अपने ऊपर लिया त्राणदाता यीशु ख्रीष्ट ।॥ २ हे मेरे मन इस कारण तू ख्रीष्ट की स्तुति कर सब भांति कर निवारण विश्वास से शक्ति भर शोक चिन्तायें सब भारी संदेह निराशता सारी डाल ख्रीष्ट की कबर में ।। ३ ख्रीष्ट यीशु है जी उठा विभव महिमा में तो मृत के बंधे से छूटा तू उसके उठने से श्राप उसी ने उठाया सब तेरा ऋण मिट गया तू शांति हो आनंद कर ।। ४ सो आता मैं पास तेरे हे जीवन के प्रधान देख कृपा कर घाव मेरे मैं हूँ असामर्थवान परिश्रम जो मैं करता निष्फल ओ व्यर्थ ठहरता तू मुझे चंगा कर ।। ५ दे सत प्रतीति मुझे हे प्रभु कर सहाय कि पहचानूँ तुझे मार्ग जीवन औ सच्चाई दूर कर संदेह अंधकारा कि मैं विश्वास के द्वारा नित तुझे थांमें रहूँ ।। #### 148 (१४८) *7.8.7.8. 7. 7. Ratisbon.* *LOUISE V. RRANDENBURG, 1627* १ जय हाँ जय सनातन जय मेरा तारणहार जी उठा गोर की ख्रीष्ट ने तोड़ा है और मैं गोर के डर से छूटा पास मेरे मौत अब आवे मुझे भय न लगेगा ।। २ मैं भी अब से जीऊँगा ख्रीष्ट का भाग मेरा भी पड़ा मैं भी स्वर्ग पर चढूँगा जिधर मेरा प्रभु चढ़ा और नित हूँगा उसके संग सिर क्या तजेगा एक अंग ।। ३ धूल मैं हूँ और मिट्टी में बीज के तुल्य यह देह मिल जावे पर फिर अपने सामर्थ से उसको यीशु जी उठावे मेरा होवेगा प्रकाश बीज को मिलेगा विकाश ।। ४ मेरी देह नवीन जब हो तब मसीह को देखूँ साक्षात यही मुंह तब उसका यश करेगा का आह्वाद के साथ ये ही हाथ तब छूवेंगे उसके हाथ को थामेंगे ।। ५ अब मैं भ्रष्ट हूँ और नाशमान दुर्बल दुःखित और विलापी हूँगा तब अमर जयवान आत्मिक ख्रीष्ट-स्वरूप प्रतापी और सदा यीशु के पास मुझे मिलेगा बिलास ।। ६ मेरे अंग अब हो निर्भय ख्रीष्ट को मृत्युंजय ही कहो मौत अब ख्रीष्ट के बश में है ख्रीष्ट के नाम से सोते रहो जब नरसिंगा फूकंगा नींद का बंध तब खुलेगा ।। #### 149 (१४९) *L. M. Hursley or Cantionale.* *YOHANN HERMANN, 1585-1647.* १ धर्म-सूरज यीशु ज्योतिमय अब जी के हुआ है उदय अब मिटी पाप की काली रात अब हुआ नया जीवन प्राप्त ।। २ वह मौत के बश न पड़ा है सब शत्रुन से वह बड़ा है जब निकला था वह कब्र से तब ठहरा ईश्वर निश्चय से ।। ३ जय जय हे यीशु वीर बलवान सब शत्रुन पर तू है जयमान अब बैरी ठहरा बल रहित और ठहरा यीशु बल सहित ।। ४ उदास मैं रहूँ किस प्रकार जीत गया मेरा तारणहार जब टल भी जावे सब संसार तब वह है मेरा प्राणाधार ।। ५ हर्ष से गावें हम यह गान कि प्रभु हुआ है जयमान वह सचमुच हुआ मृत्युंजय जय प्रभु जय जय यीशु जय ।। #### 150 (१५०) *“Resting from his work to-day."* *7. 7. 7. 7. 7. 7. Redhead 76.* *T. WHITEHEAD.* १ पूरा करके अपना काम प्रभु करता था विश्राम लिपटा हुआ कपड़े में लेट रहा वह कब्र में । द्वार पर रहा पत्थर भी जिस पर छाप लगाई थी ।। २ रात को बेर तक जाग रही मगदलीनी वहाँ थी । उस गंभीर अटवारे के पहिले दिन ही पह फटते वहाँ गई शोक के साथ जहाँ गाड़ा गया नाथ ।। ३ तेरे साथ हे प्रभु यूं पहरू होना चाहता हूँ । मेरा हृदय शिलामय मंदिर तेरा हो अक्षय उसका मैल तू सब निकाल उसमें रह तू सदा काल ।। ४ मैं सुगंध ले आऊँगा प्रेम की भेंट चढ़ाऊँगा । बंद भी करके मन का द्वार बाहर छोड़ के सब संसार रहूँगा मैं जागता यों प्रभु के फिर आने लों ।। #### 151 (१५१) *“Jesus Christ is risen to day."* *7. 7. 7. 7. Easter Hymn.* *LYRA DAVIDIDA. 1708.* *Chord - B | S- Ballad | T-088* १ यीशु ख्रीष्ट जी उठा है । हाल्लेलूयाह आज हम कहें उसकी जय । हाल्लेलूयाह जिसने क्रूस पर दिया प्राण । हाल्लेलूयाह कि हमारा करें त्राण । हाल्लेलूयाह ।। २ गावें धन्यवाद के साथ । हाल्लेलूयाह धन्य हो यीशु स्वर्गीय नाथ । हाल्लेलूयाह जिसने सहा क्रूस का दुःख । हाल्लेलूयाह हम को देने परम सुख । हाल्लेलूयाह ।। ३ जिसने भोगा दुःख और क्लेश । हाल्लेलूयाह वह है बैठा जगनरेश । हाल्लेलूयाह यश हम करें धन्य मान । हाल्लेलूयाह दूत भी करते यही गान । हाल्लेलूयाह ।। ४ पिता को धन कहो संत । हाल्लेलूयाह धन्य पुत्र भी जयवंत । हाल्लेलूयाह आत्मा को भी धन कहो । हाल्लेलूयाह त्रय में एक ही ईश्वर को । हाल्लेलूयाह ।। #### 152 (१५२) *"The strive is o'er."* *8. 8. 8. 4. Victory.* *F. POTT.* *Chord - C | S- Waltz | T-124* १ सब गाओ ख्रीष्ट की होवे जय । हाल्लेलूयाह (३) नरक और पाप का हुआ क्षय दूर हुए सब हमारे भय । हाल्लेलूयाह ।। २ शैतान अब तेरा बल कहाँ । हाल्लेलूयाह (३) मृत्यु अब तेरा डंक कहाँ समाधि तेरी जय कहाँ । हाल्लेलूयाह ।। ३ प्रभु हमारा जी उठा । हाल्लेलूयाह (३) दुष्टों के छल और बल दबा हमें अब किसका डर रहा । हाल्लेलूयाह ।। ४ ख्रीष्ट यीशु तूने खोला द्वार । हाल्लेलूयाह (३) शैतान संसार शरीर को मार तू ही हमारा तारणहार । हाल्लेलूयाह ।। ५ ख्रीष्ट यीशु अपने घावों से । हाल्लेलूयाह (३) मृत्यु पर जय तू हमें दे कि सदा तेरा जय गावें । हाल्लेलूयाह ।। #### 153 (१५३) *Η. Τ. Β. 88.* *JOHN PARSONS.* *Chord - F# | S- Ballad | T-084* जय प्रभु यीशु जय अधिराजा । जय प्रभु जय जयकारी । १ पाप निमित्त दुःख लाज उठाई । प्राण दियो बलिहारी ।। २ तीन दिना तब यीशु गोर में । तीजे दिवस निहारी ।। ३ प्रातः समय रविवार दिना में । श्राप निवासा छारी ।। ४ भोर सबेरे घोर मरण का । तोड़ा बंधन भाड़ी ।। ५ हार गयो शैतान निबल हो । पायो लाज अपारी ।। ६ संत पवित्र तुरंत सरगमों । मंगल सुर उचचारी ।। ७ भास्कर जग प्रकाशक यीशु । आश्रित करू निस्तारी ।।

  • Epihany 106-114 | Masihi Geet Sangrah

    #### 106 (१०६) *Н. Т. В. 120.* *SHANKAR DAYAL* १ न पूछो अजीजो कि ईसा है कब से । जमीं आस्माँ कुछ न था है वह तब से ।। २ हुआ आज वह बत्न इ मरियम से पैदा । जो अफजल है आला है बाला है सब से ।। ३ मुबारक मुबारक मुबारक मुबारक । निकलती सदा है सही सब के लब से ।। ४ बियाबान में रात को एक फिरिश्तः । गड़रियों पे जाहिर हुआ हुक्म इ रब्ब से ।। ५ कहा आज पैदा हुआ है मसीहा । जहाँ को है फख ऐसे आली नसब से ।। ६ मजूसियों ने उस का देखा सितारा । चले सिजदः करने को जोश इ तरबे से ।। ७ नजर आया जब चिहरः इ पाक ईसा । समाये न तन में खुशी के सबब से ।। ८ दिया निज लोबान मुर्ख और सोना । किया सिजदः गिरकर जमीं पर अदब से ।। ९ बिला-शिक्क बरी उस की है जात इ बाला । गुनाह से खता से जफा से गजब से ।। १० शफी इ जहाँ सुलह का शाहजादः । पुकारो उसे इस मुबारक लबक से ।। ११ तह इ दिल से ईसा पे ईमान लाओ । यह फरहत कहो हर शफाअत-तलब से ।। #### 107 (१०७) *Η. Τ. Β. 122.* *Chord - C# | S- Dholak | T-102* १ मसीहे जमां आज पैदा हुआ है । शाह इ मुरसला आज पैदा हुआ है ।। २ मुबारक मुबारक मुबारक मुबारक । कि नूर इ जहाँ आज पैदा हुआ है ।। ३ फलक पर फरिशतों ने यह गीत गाया । शफी इ जहाँ आज पैदा हुआ है ।। ४ खबर जिसकी नबियों ने दी थी जहाँ को । वह शाह इ शहाँ आज पैदा हुआ है ।। ५ मेरे दर्द और उलफत मिटाने की खातिर । बड़ा मेहरबाँ आज पैदा हुआ है ।। ६ दिखा अब तू खुश हो कि मुंजी जहाँ में । पाये-आसीआँ आज पैदा हुआ है ।। #### 108 (१०८) *Η. Τ. Β. 137.* *JOHN PARSONS.* १ हुई थी मुल्क इ इस्त्रायेल, सना फरिश्तों की । सुनी हैरान चरवाहों ने, सदा फरिश्तों की ।। २ खुदा-तआला की हम्द हो, दुनिया में सुलह हो । खैरख्वाही हो इनसान की, यह गीत फरिशतों की ।। ३ फकत इनसाँ करते हैं, तारीफ इ बादशाहान । तो किसके वास्ते हो रही, गजल फरिश्तों की ।। ४ खालिक था मखलूकात का, मुजस्सम अब हुआ । इसी बेपायाँ बात से, खुशी फरिश्तों की ।। ५ ले सूरत आदमजाद की, नजात बख्शी है । तो क्या दुरुस्त ओलाजिम है, तारीफ फरिश्तों की ।। ६ की है तुम्हारी मखलसी, मिलो ऐ सादिको । शुकराना गीतें कीजियो, मानिन्द फरिश्तों की ।। ७ ऐ सब बदकारो गौर करो, देखो मुहब्बत को । तुम्हारे दिल में हो मकबूल, सलाह फरिश्तों की ।। ८ कहता है मुझ से ऐ खुदा, अब तेरा उम्मेदवार । मुझ को हमेशा करने दे, सुहबत फरिश्तों की ।।

  • Children's Songs 499-557 | Masihi Geet Sangrah

    बालकों के गीत (Children's Songs) 499 (४९९) “Now the day is over.” SABINE BARING GOULD, 1834-1934. १ अब है दिन बीत गया रात फिर आती है सन्ध्याकाल की छाया जग पर छाती है । २ अब अंधेरा फैलता तारे निकले हैं पशु फूल और पक्षी जल्द सो जाते हैं । ३ थकों को हे यीशु चैन आराम अब दे अपनी आशिष देकर हमें नींद भी दे । ४ छोटे बालकों को दर्शन हो तेरा सागर पर जो फिरते जोखिम से बचा । ५ दुःख में जो तड़पते उन्हें शान्ति दे जो बुराई को चाहते उन्हें रोक तू ले । ६ रात भर मेरा रक्षण करें दूत तेरे उन के परों तले रहूँ कुशल से । ७ और जब हो सबेरा तब फिर उठूँ मैं शुद्ध हो और पवित्र तेरे देखने में । ८ महिमा हो पिता की महिमा पिता की और तेरी धन्य आत्मा अब और नित्य भी । 500 (५००) To tune of “Old Black Joe.” १ आज है महा आनंद का सुसमय यीशु मसीह का जन्म दिन यह है अब हर्ष से हम सब गावें उसके गीत और उसकी स्तुति कर दिखावें अपनी प्रीत ।। कोरस :- हे प्रभु हे प्रभु तू आज उपस्थित हो कि तेरा यह आनंद का दिन आशिशित हो ।। २ बच्चों का मन आनंद से है भरपुर रोना और रंज सब उनसे हुआ दूर बालकों का मित्र प्रभु यीशु है वह उनको अपने पास बुलाके रखता है ।। ३ ईश्वर का स्वर्ग में हो गुणानुवाद शान्त होकर पृथ्वी देवे धन्यवाद आह्लादित हो और त्राण की आशा कर परमेश्वर की प्रसन्नता है मनुष्यों पर ।। 501 (५०१) “God who dwells in heaven so high.” १ ईश्वर जो स्वर्ग में रहता है क्या मेरी सुनेगा हां निश्चय वह तो सुनता है और उत्तर देवेगा ।। २ क्या ईश्वर मुझे देखता है जब करता हूँ कुकर्म हां रात और दिन वह ताकता है कि खोजे पाप और धर्म ।। ३ क्या ईश्वर जान भी सकता है जो बोलूँ झूठी बात हां निश्चय वह तो सुनता है है सब कुछ उसे ज्ञात ।। ४ क्या ईश्वर चिन्ता करता है मुझ छोटे लड़के की हां मुझे वह खिलाता है और सब कुछ देता भी ।। ५ क्या ईश्वर मुझे मरते दिन बुलावे अपने पास हां यदि करूँ पाप से घिन और बनूँ उसका दास ।। 502 (५०२) 8. 7. 8. 7. 7. 7. I by. S S H. 186. १ यीशु पाप से मुक्ति देता छोटे लड़के लड़कियों को और वह कहता बेटी बेटे अपना दिल अब मुझे दो मैं ने दिया अपना प्राण तेरे पाप का बलिदान ।। २ हम सब हुए दास और दासी पाप के बन्ध और बेड़ियों में अनंत जीवन और खलासी हमें मिलती तुझ ही से तू ने दिया अपना प्राण मेरे पाप का बलिदान ।। ३ हे पियारों हम विचारें ऐसा प्रेम है बे-बयान ईश्वर के एकलौते पुत्र ने प्रेम अपार से छोड़ा आसमान दुष्ट संसार में अपना प्राण दिया पाप का बलिदान ।। ४ आओ लड़कों दिल शुद्ध करें प्रेम से उसकी स्तुति गावें जब इस दुःखित देह को छोड़के अपने प्रभु से मिल जावें सीखेंगे तब नये गीत जब होवेगी मौत पर जीत ।। 503 (५०३) “Praise Him, praise Him, all ye little children.”P. M.-- He is Love. १ उस को भजो हे सब छोटे बालकों वह है प्रेम वह है प्रेम उस को भजो हे सब छोटे बालकों वह है प्रेम वह है प्रेम ।। २ धन्य हो उसको हे सब छोटे बालकों वह है प्रेम वह है प्रेम धन्य हो उसको हे सब छोटे बालकों वह है प्रेम वह है प्रेम ।। ३ सेवा करो हे सब छोटे बालकों वह है प्रेम वह है प्रेम सेवा करो हे सब छोटे बालकों वह है प्रेम वह है प्रेम ।। ४ प्रेम भी करो हे सब छोटे बालकों वह है प्रेम वह है प्रेम प्रेम भी करो हे सब छोटे बालकों वह है प्रेम वह है प्रेम ।। ५ उस की जय हो हे सब छोटे बालकों वह है प्रेम वह है प्रेम उस की जय हो हे सब छोटे बालकों वह है प्रेम वह है प्रेम ।। 504 (५०४) “A little helpless child I am.”C. M. - Berne. १ एक छोटा बच्चा बेसमझ निर्बल लाचार मैं हूँ मैं मुक्ति पाना चाहता हूँ न जानता क्या करूँ ।। २ तू मेरे लिये हैं मसीह एक लड़का हुआ था मुझ छोटे के बचाने को तू क्रूस पर मरा था ।। ३ इस प्यार के बदले हे मसीह मैं तुझे देऊँ क्या और तुझे प्रसन्न करने को क्या करूँ सो बता ।। ४ पर हे मसीह कौन बड़ा काम हो सकता है मुझ से निर्बल मैं हूँ तू है बलवान सहाय तू मुझे दे ।। ५ तू अपने दिल को मुझे दे यह आज्ञा तेरी है यीशु तू सचमुच मुझे ले तू प्रभु मेरा है ।। 505 (५०५) 8. 7s Weisst du wie viel.CECIL F. ALEXANDER. १ क्या तू जानता कितने तारे रात्रि में चमकते कितने बादल भी आकाश में क्या इधर उधर उड़ते हैं ईश्वर ही ने उनको गिना और एक भी न बिसार दीन्हा उनकी सारी गिनती में उनकी सारी गिनती में ।। २ क्या तू जानता कितने पक्षी जग में उड़ते फिरते हैं कितनी मछलियां जल में रहकर खेलती रहती दिन और रैन प्रभु ने उनको बुलाया कि एक एक ने जीवन पाया जो अब ऐसा आनंदमय जो अब ऐसा आनंदमय ।। ३ क्या तू जानता कितने लड़के हर बिहान जाग उठते हैं कि वे कैसे बिना श्रम के दिन भर भोगते सुख और चैन स्वर्गीय पिता उन्हें चाहता इससे प्रत्येक सुख से रहता तुझ को भी वह चाहता है तुझ को भी वह चाहता है ।। 506 (५०६) “There is a green hill far away.”CECIL F. ALEXANDER, 1823-95. १ कानान देश के एक नगर पास एक पर्वत खड़ा था बचाने सभों को वहां ख्रीष्ट यीशु मरा था ।। २ बता न सकते हैं वह दुःख जो उसने सहा था पर जानते हैं कि हमारे हेतु वह क्रूस पर टंगा था ।। ३ वह मरा कि हम क्षमा पायें और भले बन जावें कि उस के रक्त से पा उद्धार हम अन्त को स्वर्ग जावें ।। ४ श्रेष्ठ ऐसा कोई नहीं था कि पाप का ऋण भरे स्वर्ग द्वार वह केवल खोल सका कि हम प्रवेश करें ।। ५ हां उसने किया अत्यन्त प्रेम प्रेम उससे हम रखें रक्त पर उसके धरें विश्वास और इच्छा पर चलें ।। 507 (५०७) “Holy Spirit hear us.”WILLIAM H. PARKER, 1895-1929.Chord - F | S- Ballad/Aderia | T-084-088 १ कर पवित्र आत्मा गाने में सहाय संग तू हो हमारे स्तुति के समय ।। २ कर पवित्र आत्मा प्रार्थना में अगुवाई निकट आ सिखा दे जो कुछ बोलना है ।। ३ दे पवित्र आत्मा ज्योति बैबल पर वह पवित्र वचन अब तू उजेला कर ।। ४ कर पवित्र आत्मा मन में दीन हर आन शुद्ध बना और कोमल यीशु के समान ।। ५ कर पवित्र आत्मा हलका हर एक क्लेश और हमारे खेल में पाप न हो प्रवेश ।। ६ रख पवित्र आत्मा दूर उन पापों से जो हमारे मन में गुप्त हों आँखों से ।। ७ दे पवित्र आत्मा प्रतिदिन सहाय कि बुराई हम जीत लें और चुन लें भलाई ।। 508 (५०८) “God sees the little sparrow fall.” १ गौरैयों पर जब गिरती दृष्टि पड़ती ईश्वर की जो चिड़ियों को वह करता प्यार प्यार मुझे करता भी ।। कोरस :- वह मुझे भी वह मुझे भी प्यार मुझे करता भी जो छोटी चीजें करता प्यार प्यार मुझे करता भी ।। २ वह खेत के फूल को रंगता है सुगंध वह देता भी जो फूलों को वह करता प्यार प्यार मुझे करता भी ।। ३ फूल पक्षी सृजे ईश्वर ने सब बड़े छोटे भी वह अपनों को न भूलेगा प्यार सब को करता भी ।। 509 (५०९) “We have a loving Shepherd.” १ चौपाल एक है हमारा प्रेम उसका है अपार वह हमें ढूँढ़ने आया जब फिरते थे लाचार पथ दर्शन उसका पाके हम झुण्ड में आते हैं नहीं तो अब तक भूलते भटकते जाते हैं ।। २ हमें बचा वह लेगा जो लड़कों का है नाथ और स्वर्ग में क्या कुछ देगा वह अपने प्यार के साथ प्रशंसित तेरी दया हे प्यारे निगहबान हो नित्य हमारा अगुवा और हम को दे आसमान ।। 510 (५१०) “Little drops of water.”JULIA A. CARNEY, 1845. १ छोटी बूंदें पानी छोटी छोटी रेत सागर को बनाती जंगल बारी खेत ।। २ छोटे भले कार्य छोटी प्रेम की बात जग को सुन्दर करती स्वर्ग यहाँ साक्षात ।। ३ योंही छोटी भूलें मन बहकाती हैं सत्य के मार्ग फेरके पाप कराती हैं ।। ४ छोटे बीज दया के बोये तुम ही ने वे बहुत लोगों को देते आशिषें ।। ५ छोटे बालक स्वर्ग में गाते हैं दूतगान सब के सब सराहते बीच पवित्र स्थान ।। 511 (५११) “He rolled away the sea.”EMMA PITT.Chord - C# | S- Ballad | T-084 १ जब इस्राएल निकला मिस्र से समुन्दर सामने था तब ईश्वर ने बढ़ाके हाथ उसको हटाया था ।। कोः- तो उसकी आज्ञा से आगे चल जो दुःख सागर साम्हने हो आगे चल तो ईश्वर हटावेगा उस घोर समुन्द्र को ।। २ समुन्द्र पाप के साम्हने आ व्याकुल मैं हुआ था पर दया करके यीशु ने उसको हटाया था ।। ३ जब दुःख और शोक की आँधी से मैं डूबनेवाला था प्रभु ने महा शक्ति से उसको हटाया था ।। ४ जो मृत्यु सागर साम्हने हो मैं प्रार्थना करूँगा तब यीशु अपनी सामर्थ से उस को हटावेगा ।। 512 (५१२) “When little Samuel woke.” १ बाल सामूएल ने जब बात सुनी कर्त्ता की हर बात के सुनने से कैसा हुआ सुखी वह बालक धन्य आनंदमय जो जाने ईश्वर कृपाल है ।। २ जो ईश्वर कहे मुझे बोले तू मेरा मित्र तो जल्द पास दोडूँ मैं हो जाने को पवित्र और पाप से डरूँ हर समय कि निकट ईश्वर शक्तिमय ।। ३ क्या बात सुन सकता मैं आजकल भी ईश्वर की जो होऊं खोजी मैं वह मिले मुझे भी आज ईश्वर की है यह पुकार पीछे हो ले हे सब संसार ।। ४ और उसकी रक्षा में आराम मैं कर सकूँ सुरक्षित कुशल से रात भर मैं सो रहूँ और पाप से डरूँ हर समय कि निकट ईश्वर शक्तिमय ।। ५ उस बालक सा कहूँ जब धरम ग्रन्थ पढूँ कि हे नाथ बोल मैं मानने लगूँ जो सुनूँ और तेरे घर में जब जाऊं तो बोल वहाँ कि मैं सुनूँ ।। 513 (५१३) “I think when I read.”JEMIMA LUKE, 1813-1906.Chord - A | S- 6/8 | T-082 १ जब बैबल में पढ़ता मैं यीशु की चाल कि बन्धु सब बालकों का था तब दिल से मैं चाहता कि मेरा भी हाल अब होता उन बालकों का सा ।। २ कि मुझ पर भी रखे वह आशिष का हाथ और गोद में भी लेवे मुझ को और सुनूँ जो बोला वह प्रीति के साथ बालकों को मुझ पास आने दो । ३ पर अब भी मैं प्रार्थना में लाके ईमान जा सकता हूँ उसके हुजूर और जो उसके पीछे मैं चलूँ यहाँ तो स्वर्ग पर देखूँगा जरुर । ४ एक जगह मनोहर है उस की तैयार सब के लिये जो हुए हैं साफ और उन में बालक हजारों हजार जिन के सारे गुनाह हुए मुआफ । ५ पर लड़के हैं कितने अब तक एक देश न जानते मसीह का पियार उन्हें देना चाहिये उसका संदेश सब आओ है जगह तैयार । ६ हे प्रभु वह आशिष का समय जल्द ला वह आनंद और कुशल का काल कि बालकों का समूह हां सब देशों का मसीह के पास होवे खुश हाल । 514 (५१४) “When mothers of Salem.” १ जब बालकों की माएं ख्रीष्ट यीशु के पास लाईं शिष्य लोगों ने तब क्रोधित होके रोका उनको पर यीशु ने तब गोद में ले यह कहा बड़ी प्रीति से ऐसे छोटे बालकों को पास आने दो ।। २ मैं हाथ रखकर सिर पर अब उनको आशिष दूँगा मैं हूँ चौपान इन बच्चों का वे क्यों जावें दूर मैं उन के दिल को लेऊँगा और आशिष उन को देऊँगा ऐसे छोटे बालकों को पास आने दो ।। ३ पियार से ख्रीष्ट यीशु सब लड़कों को बुलाता सब बच्चों पर वह प्रेम दिखाने को है तैयार जो यीशु का न जानते प्यार उन को सुनाना समाचार ऐसे छोटे बालकों को पास आने दो ।। 515 (५१५) 7. 6s. Ich war so gern ein Engel.Chord - Em | S- Waltz | T-132 १ स्वर्ग दूत मैं होना चाहता जो वीणा लिये हाथ और सिर पर मुकुट रखता मैं मिलता उनके साथ जो यीशु के सम्मुख हो नित स्तुति करते हैं हर्ष से वीणा बजा के सराहते हर समय ।। २ वहां न कोई थकता न कोई रोता है न कोई दुःख भी सहता सब मृत्यु पर विजय निष्पाप सब वहां रहते प्रभु की संगति में वे यीशु को निरखते भरपुर हो आनंद से ।। ३ सच है मैं हूँ अपराधी पर ख्रीष्ट है तारणहार मैं उतरूँगा कबर में पर ख्रीष्ट है जीवन सार हे प्रभु मन के प्यारे तू मुझे मरने पर स्वर्ग दूतों के सहारे बुलवा ले अपने घर ।। ४ स्वर्गदूतों संग सब मिल के मैं रहूँगा दूत सा विजय का मुकुट रख के वीणा बजाऊँगा मैं हूँगा निस्संतापी और ख्रीष्ट का धन्यवाद नित करूँगा निष्पापी होकर आह्वाद के साथ ।। 516 (५१६) P. M. - Gao, dil se gao.SAMUEL S. DAYAL.Chord - E | S- Dandia | T-100 १ दिल की खुशी अब मनाओ गाओ गाओ बालको तुम सब खुश हो जाओ गाओ दिल से गाओ यीशु कहता सभों को लड़कों मेरे पुत्र हो मेरी आशिष दिल में लो गाओ दिल से गाओ ।। कोरस :- गाओ अभी दिल से गाओ स्तुति के गीत मसीह पास लाओ दिल की खुशी अब मनाओ गाओ दिल से गाओ ।। २ तुम को वह पुकारता है गाओ गाओ दिल से पाप उखाड़ता है गाओ दिल से गाओ शंका दुबिधा करो दूर हो आनंद से आज भरपुर अब से हो तुम बेकसूर गाओ दिल से गाओ ।। ३ तुम जो दबे हुए हो गाओ गाओ उस पर अपने बोझ डालो गाओ दिल से गाओ वह हर बोझ उठावेगा पूर्ण विश्राम दिलावेगा बाप के घर में लावेगा गाओ दिल से गाओ ।। 517 (५१७) 6. 5. 6. 5. Alle Jahre wieder.Chord - C | S- -- | T--- १ दूर दूर स्वर्गीय स्थान में जहां दूतगण हैं ईश्वर कृपा करके सुनता बाल विनय ।। २ मुझ पर दृष्टि करता दिन ओ रात समय मुझे नित्य चलाता रक्षा करता है ।। ३ पैत्रिक हाथ से देता मुझ को नित्य आहार मेरी सुधि लेता करता है उपकार ।। ४ ईश्वर मुझे चाहता ख्रीष्ट में वह सदा मुझ से प्रसन्न रहता कभी छोड़ता ना ।। 518 (५१८) “There is happyland.”ANDREW YOUNG, 1807-1889. १ देश है एक आनंद का स्वर्गीय स्थान तेजोमय संत वहाँ दिन के समान मधुर वे गाते हैं यीशु नाम सुनाते हैं और नित्य सराहते हैं कर स्तुति गान ।। २ उस आनंदमय देश को अभी चलो सन्देह क्यों करते हो देर मत करो होगा हमें आनंद पाप और दुःख जब होंगे बन्द होंगे ख्रीष्ट साथ स्वच्छन्द धन्य सदा हो ।। ३ उस आनंदमय देश में आंख झलकदार पिता की रक्षा में प्रेम है अपार ख्रीष्ट पर लगाओ मन पावोगे तब स्वर्गीय धन और साथ हो सब दूतगण करेंगे जय ।। 519 (५१९) 5. 4. 5. 4. Gott ist die Liebe. १ परमेश्वर प्रेम है उद्धारा मुझे परमेश्वर प्रेम है मुझ निमित्त भी ।। कोरसः- इसलिये गाता हूँ परमेश्वर प्रेम है परमेश्वर प्रेम है मुझ निमित्त भी ।। २ मैं दबा हुआ निज पाप के भार से मैं दबा हुआ उद्धार न था ।। ३ त्राणदाता यीशु प्रायश्चित किया त्राणदाता यीशु उठाया दण्ड ।। ४ हे प्रेम मन भावन उद्धार का सोता हे प्रेम मन भावन चैन प्राणों के ।। ५ सराहूँ तुझे सनातन प्रेम तू सराहूँ तुझे जब तक जिऊँ ।। 520 (५२०) 6. 5. 6. 5. Endoxia or Newland. १ प्रभु यीशु प्यारे मेरा गुरु हो धर्म का ज्ञान और शिक्षा दे मुझ बालक को ।। २ प्रभु यीशु प्यारे मेरा त्राता हो क्षमा क्षेम और मुक्ति दे मुझ बालक को ।। ३ प्रभु यीशु प्यारे तेरी सेवा को करने का बल आत्मिक दे मुझ बालक को ।। 521 (५२१) “Tenderly He leads us.” १ प्रेम से वह ले चलता सारे दिनों में हमें वह दिखाता जिधर चलना हो ।। कोरस :- प्रेम से वह ले चलता जिधर चलना हो उस पर रख भरोसा सारे दिनों में ।। २ देख पवित्र आत्मा मार्ग दिखावेगा मार्ग उस सत्य घर का जो है सदा का ।। ३ वे जो सारे मन से उसे चाहते हैं क्षमा शान्ति जीवन सदा पाते हैं ।। 522 (५२२) “Hear the pennies dropping.” १ पैसे डाले जाते सुनो गिरते अब हर एक है यीशु का वह पावेगा सब ।। कोः- गिरते गिरते गिरते गिरते सुनो गिरते अब हर एक है यीशु का वह पावेगा सब ।। २ गिरते सदा गिरते छोटे हाथों से दान यह है यीशु को हम ही बालकों से ।। ३ जब तक हम हैं छोटे पैसे सिर्फ पूंजी पर जब होंगे बड़े और हम देंगे भी ।। ४ पैसे पास न होवें करें उससे प्यार ग्रहण वह करेगा हो प्रसन्न हर बार ।। 523 (५२३) “Away in a manger.”MARTIN LUTHER, 1483-1546. १ बिन खाट और बिना झूला खुदा ही का बेटा छोटा यीशु दुलारा है चरनी में लेटा अचंभा ही होता सितारों को सब कि घास पर है सोता इस दुनियाँ का रब्ब ।। २ गाय बैल तो डकारते जहां यीशु है सोता छोटा बालक जाग पड़ता पर वह नहीं रोता हे यीशु प्यारे झुक सुन मेरी आस जब तक हो अंधेरा रह तू मेरे पास ।। ३ सुन मेरे प्रभु यीशु मेरी ओर कान तू धर संग मेरे सदा रह और मुझे प्रेम कर सब छोटे बालकों को अपनी रक्षा में ले स्वर्ग के लिये तैयार कर कि साथ तेरे रहें ।। 524 (५२४) “Do no sinful action.”MRS. ALEXANDER. १ बुरा काम न करो बोलो मत क्रोध से तुम हो प्रिय लड़के बालक यीशु के । २ ख्रीष्ट कृपाल और कोमल शुद्ध और सच्चा है उसके सब बालकों को वैसा बनना है ।। ३ चाहता है दुष्ट आत्मा तुम्हें घेरने को तुम को यत्न करता पाप में डालने को ।। ४ पर उसकी न सुनो जो कि कठिन हो पाप के बदले करो भले कामों को ।। ५ ख्रीष्ट तुम्हारा स्वामी उत्तम सच्चा है उस के सब बालकों को वैसा बनना है ।। 525 (५२५) “Praise Him, Praise Him.”FANNY CROSBY, 1820-1915. १ भजो भजो यीशु नाथ मुक्ति सुदाता गाओ लोगों उस के सब गुण प्रचार धन्य हो धन्य हो स्वर्ग में पुकारते हैं दूतगण उस के नाम की तू भी स्तुति कर हर बार भेड़पाल होकर भेड़ी को त्राण वह देता गोद में लेता बच्चों को साथ दुलार गाओ गाओ यीशु को श्रेष्ठ और प्रतापी गाओ उस का असीम अथाह पिया ।। २ भजो भजो यीशु को तारणहार पाप के हेतु जो हुआ था बलिदान गाओ गाओ उस को जो देता है जीवन तारक रक्षक अधिपति उस को जान शरण स्थान है वही हमारा आह्लाद पाप के निमित्त दिया था अपना प्राण गाओ गाओ यीशु हे श्रेष्ठ और प्रतापी जग और स्वर्ग का नाथ सर्व शक्तिमान ।। ३ भजो भजो यीशु जो स्वर्गों का स्वामी तीनों लोकों का वही है महाराज गाओ गाओ उस को जो नबी और याजक लाओ मुकुट कि वह है अधिराज पाप के भार को दया कर उसने लिया किया क्रूस पर तारण का महा काज गाओ गाओ यीशु को श्रेष्ठ और प्रतापी गाओ उस का तेजोमय सुख का राज ।। 526 (५२६) “Thou that once on mother's knee.” १ मां की गोद में तू रहा मुझ सा छोटा बच्चा था तू सम्भाल जब जागता हूँ हो रखवाल जब सोता रख तू मुझे अपने साथ प्रभु यीशु प्यारे नाथ ।। २ दिन को तू चला मुझे रात को मेरा पहरा दे सच्चा कोमल दीन रहूँ मां की आज्ञा पर चलूँ शान्ति दे जब रोता हूँ क्षमा कर जब भूलता हूँ ।। ३ तू था बालक झूले में पड़ा भी था चरनी में गाय और बैल वहां रहे भेड़ी बकरे पड़े थे अब तू स्वर्ग से सुनता है जब एक बालक रोता है । ४ करते हैं हम प्रार्थना जब आता है तू निकट अब प्यारे यीशु कान तू दे मेरा छोटा गीत सुन ले मां की गोद में तू रहा मुझ सा छोटा बच्चा था ।। 527 (५२७) “I am so glad that our Father is in heaven.”PHILLIP BLISS, 1838-76.Chord - F# | S- Waltz | T-124 १ मुझे है आनंद कि ईश्वर पिता मुझको दिखाता है प्यार यीशु का बैबल की मीठी कथाओं का सार यह है कि मुझ से मसीह करता प्यार ।। कोरसः - धन्य हो कि मुझ से करता पियार करता पियार करता पियार धन्य हो कि मुझ से करता पियार करता पियार मुझ से ।। २ जो उसे छोड़कर मैं हो जाऊँ दूर मुझको दिखाता प्रेम ईश्वर का पूर बैबल की कथा जो मीठी सब से यह है कि यीशु प्रेम रखता मुझ से ।। ३ स्वर्ग में जब राजा को देख पाऊँगा तब उसकी स्तुति का गीत गाऊँगा केवल इस विषय का होगा यही गीत यीशु मसीह मुझसे रखता है प्रीत ।। ४ मैं उस से वह मुझ से करता पियार प्रेम के वश होके वह हुआ अवतार क्रूस पर किया मेरे त्राण का उपाय निश्चय वह अद्भुत पियार करता है ।। ५ यीशु का प्रेम कैसे जान सकूँगा यदि तुम पूछो मैं बताऊँगा आत्मा पवित्र वास करे तुझ में यीशु का प्रेम सिखावेगा तुझे ।। 528 (५२८) “Tell me the old old story.”ARABELIA HANKEY, 1834-1911.Chord - A# | S- 6/8 | T-086 १ मुझे सुनाओ भाई यीशु का समाचार मसीह का सब महातम और उस का अद्भुत प्यार बच्चे को जैसे बोलते बात सरल साथ विस्तार सुनाओ वैसे मुझे मैं हूँ अज्ञान लाचार ।। कोः - प्रेम का बयान सुनाओ प्रेम का बयान सुनाओ प्रेम का बयान सुनाओ जो यीशु ख्रीष्ट में है ।। २ मुझे सुनाओ धीरे कि समझूँ वह उपाय जो पाप मिटाने निमित्त यीशु ने किया है मुझे सुनाओ बार बार कि भूलता जाता मैं और पहिले प्रेम का उत्साह जब ठण्डा होता है ।। ३ शक्ति भर बात सुनाओ गंभीर और खरा जो कि प्रभु यीशु आया मुझे बचाने को और दुःख के समय यदि तू शान्ति देवेगा तो इस सुसमाचार को निरंतर कह सुना ।। ४ मुझे सुना जब तुझको कुछ शक न इस कारण हो कि इस संसार की शोभा ललचाती है मुझको फिर जब विभव का राजा मैं स्वर्ग में देखूँगा तब यही मीठी कथा मैं सुनना चाहूँगा ।। 529 (५२९) “Im' a Little Pilgrim.” १ मैं एक छोटा यात्री रहता हूँ विदेश यदि जग में सुख हो पाप का है आवेश ।। २ अच्छा देश है मेरा पाप है उससे दूर वासी सब हैं सुखी आनंद से भरपुर ।। ३ अब जो छोटा यात्री शुद्ध और निर्मल हो पावेगा वह स्वर्ग में उजले वस्त्र को ।। ४ यीशु निर्मल कर दे अपना धर्म सिखा हे पवित्र आत्मा मुझे मार्ग बता ।। ५ मैं एक छोटा यात्री रहता हूँ विदेश अन्त को स्वर्गीय घर में करूँगा प्रवेश ।। 530 (५३०) “Poor and needy though I be.” १ मैं हूँ निर्बल और कंगाल ईश्वर करता प्रतिपाल देता खाना कपड़ा स्थान देता है सब अच्छे दान ।। २ जानता है वह मेरी आस रात और दिन है मेरे पास सोते जागते सदाकाल कृपा करता है दयाल ।। ३ सब कुछ है जिसके आधीन वह तो हुआ मुझ सा दीन न विश्राम का ढूँढ़ता स्थान मेरे लिये किया प्राण ।। ४ होवे श्रम और निर्बलता पिता अपना मुख चमका मेरा भाग्य हो और चटान पूरा होगा तब कल्याण ।। ५ गाऊँ तेरा नया गीत रखूँ मन से प्रीत प्रतीत आनंद होगा सदा काल क्योंकी ईश्वर है कृपाल ।। 531 (५३१) “If I come to Jesus.”Chord - F# | S- Ballad | T-086 १ यीशु के पास आऊँ वह रखेगा पास मुझे शान्ति देगा जब मैं हूँ उदास कोः - यीशु पास मैं आके हूँगा खुश हर आन छोटों को बुलाता यीशु दयावान ।। २ यीशु पास गर आऊँ वह करेगा प्यार बिन्ती सुन सहेगा मेरे पाप का भार ।। ३ यीशु पास गर आऊँ लेगा मेरा हाथ स्वर्ग देश के मार्ग पर वह रहेगा साथ ।। ४ सुन्दर कपड़ा पहिने स्वर्ग में खड़ा हो देखूँगा आनंद से प्रभु यीशु को ।। 532 (५३२) “Jesus bids us shine.”SUSAN WARNER, 1819-85. १ यीशु कहता तू साफ उजाला दे जैसे छोटा दिया जलता रात्रि में जग में है अंधेरा झूठ बुराई का सो वहां तुम चमको और मैं यहां ।। कोः- चमको चमको चारों ओर तुम चमको सो वहां तुम चमको और मैं यहां २ यीशु का उजाला दिखावें हम झट वह जानता है जब ज्योति होवे कम उसको है आनंद उजाला देखने का सो वहां तुम चमको और मैं यहां ।। ३ इस संसार के बीच हो तू चमकदार जगत में अंधेरा है बहुत प्रकार पाप बीमारी शोक और दुःख मनुष्यों का सो वहां तुम चमको और मैं यहां ।। 533 (५३३) “Jesus, tender Shepherd hear me.”MARY LUNDY, 1814-39. १ यीशु कृपामय गड़रिये आशिष दे मुझ मेम्ने को अंधियारी रात भर मेरा तू बिहान तक रक्षक हो । २ आज तो मैं ने तेरे हाथ से कपड़ा भोजन पाया है धन्यवाद अब तुझ को देता नींद जब मुझे आती है । ३ मेरी भूल चूक सब कर क्षमा मेरे प्रियों को कर प्रेम जब मैं मरूं स्वर्ग पहुँचा दे जां है अनंत कुशल क्षेम ।। 534 (५३४) “7. 7. 8. 8. 7. 7. Weil ich Jesu.”LUISE VON HAYN, 1724-82. १ यीशु की मैं भेड़ी हूँ सो मैं आनंद कर रहूँ अच्छा मेरा है चरवाहा उसने मुझे मन से चाहा मुझे वह चराता है नाम ले ले बुलाता है ।। २ सुथरी मेरी है चराई मुझ पर दृष्टि है उसकी क्या ही उत्तम भोजन मेरा उससे संतुष्ट आत्मा होता शान्ति के सोतों के पास वह बुझाता मेरी प्यास ।। ३ मैं आशिशित भेड़ी हूँ क्या मैं आनंद न करूँ मृत्यु समय स्तुति गाके जाऊँगा यीशु की गोद में पूर्णानंदित हो वहाँ हर्ष का भागी होऊँगा ।। 535 (५३५) “Jesus, high in glory.” १ यीशु तू स्वर्गवासी कर इस ओर तू ध्यान हम आराधना करते सुन हमारा गान २ तू ही है पवित्र सब से शक्तिमान तौभी स्तुति सुनने हम पर करता ध्यान ।। ३ हम हैं छोटे बालक भ्रमते धोखा खा यीशु स्वर्ग के मार्ग पर हमें नित्य चला ।। ४ हम पर कृपा करके सारा पाप मिटा प्रेम और सेवा करना प्रभु अब सिखा ।। ५ और जब तू बुलावे ऊपर के निवास तब हम उत्तर देंगे आते हैं तुझ पास ।। 536 (५३६) “Jesus wants me for a sunbeam.”NELLIE TALBOT. १ यीशु तो मुझ से यह चाहता हर दिन उसके लिये ज्योति सदा मैं तो रहता वा काम में वा खेल में ।। कोः - हो ज्योति हो ज्योति यीशु के लिये हो ज्योति हो ज्योति हो ज्योति मैं उसके लिये हूँगा ।। २ यीशु तो मुझ से यह चाहता उपकारी नित्य बनूँ सदा औरों को दिखाता कि उसका बालक हूँ ।। ३ यीशु से मैं प्रार्थना करता कि पाप से तू बचा तेरी भलाई दिखाऊँ और ज्योत सदा बनूँ ।। ४ यीशु के लिये मैं ज्योति हो सकूँ जो मन से पल पल उसकी सेवा करूँ उसकी सहाय से ।। ५ और जो मैं ज्योति हो करके उसका सेवक हूँगा तब उसके पास मैं जा करके साथ उसके रहूँगा ।। 537 (५३७) 10. 8. Bread of Life. १ यीशु ने कहा जीवन की रोटी, जीवन की रोटी मैं ही हूँ । २ यीशु ने कहा सच्चा गड़रिया, सच्चा गड़रिया मैं ही हूँ । ३ यीशु ने कहा मार्ग और फाटक, मार्ग और फाटक मैं ही हूँ। ४ यीशु ने कहा जगत का उजियाला, जगत का उजियाला मैं ही हूँ । 538 (५३८) 12. 12. 13. 13. Tamil Air.Chord - D# | S- Ballad / H. Reggae | T-082 १ यीशु पास मैं जाऊँगा ज्योति में ज्योति में उस के साथ मैं चलूँगा उसकी ज्योति में, कोः- चलेंगे हम ज्योति में ज्योति में ज्योति में ।। चलेंगे हम ज्योति में साथ उसकी ज्योति में ।। २ क्षमा प्राप्त मैं करूँगा ज्योति में ज्योति में ।। सारे पाप को छोडूँगा उसकी ज्योति में ।। ३ सेवा ख्रीष्ट की करूँगा ज्योति मे ज्योति में ।। सामर्थ उस से पाऊँगा उसकी ज्योति में ।। ४ क्या कर सकेगा शैतान ज्योति में ज्योति में ।। निश्चय होऊँगा जयवान उसकी ज्योति में ।। ५ जब हो मरने का समय ज्योति में ज्योति में मुझे होगा कुछ न भय उसकी ज्योति में ।। ६ स्वर्ग पर जब मैं जाऊँगा ज्योति में ज्योति में ।। नित्य आनंदित रहूँगा सदा ज्योति में ।। 539 (५३९) “Jesus Loves me.”ANNA WARNER, 1820-1915.Chord - D | S- Ballad/Aderia | T-084 १ यीशु मुझ से करता प्यार बाइबल में है समाचार मैं हूँ निर्बल तू बलवान बालकों पर है दयावान । कोरसः- प्यार करता मुझ से (३) है सत्य यह समाचार ।। २ यीशु मुझ से करता प्यार मर के खोला स्वर्ग का द्वार मेरे पाप को सब मिटा मुझे ग्रहण करेगा । ३ यीशु मुझ से करता प्यार यदि हूं कमजोर लाचार स्वर्ग से देखा करता है मेरी सुधि लेता है ।। ४ यीशु मुझ से करता प्यार संग रहेगा इस संसार जो मैं उसकी रखूँ आश स्वर्ग में लेगा अपने पास ।। 540 (५४०) “Little children praise the Saviour.”8. 7. 8. 7. D. Sweet Hosannas.Chord - C# | S- Waltz | T-124 १ लड़को गीत मसीह का गाओ उस की तुम पर है निगाह उस के प्यार का गीत सुनाओ प्यारे जो उस का है अथाह । कोः- खुश होशान्ना खुश होशान्ना गाओ स्तुति यीशु की ।। २ जब वह पहिले आदमी बना लड़के लोग तब खुशी से उसकी स्तुति और प्रशंसा एक ही स्वर में गाते थे ।। ३ माताओं ने जब बच्चे ले यीशु को घेर लिया था उसने उन्हें आशिष देके गोद में ले खुश किया था ।। 541 (५४१) 7. 5. 7. 6. Tamil Air. १ स्वर्ग की ओर हम चलते हैं, जै हल्लेलूयाह स्वर्ग की ओर हम चलते हैं, जै जै हल्लेलूयाह ।। २ नया गीत हम गावेंगे । ३ सेवा उसकी करेंगे । ४ उसको खुश हो देखेंगे । ५ उसके सदृश होवेंगे । ६ संग हम नित्य रहेंगे । 542 (५४२) “The great physician now is near.”8. 7. S. S. 89.WILLIAM HUNTER. १ संसार का सब से बड़ा वैद्य वह है हमारा यीशु उनको जो पाप में हुए कैद प्यार से बोलता यीशु ।। कोः- सब संसार में मीठा नाम पृथ्वी स्वर्ग में मीठा नाम सब से प्रिय मीठा नाम यीशु यीशु यीशु ।। २ तुम्हारा सब से बड़ा पाप है क्षमा बोलता यीशु तुम स्वर्ग को आओ साथ मिलाप कि मुकुट देता यीशु ।। ३ यीशु का नाम बचाता है हर पाप और दुःख से यीशु वह प्यार से अब बुलाता है कौन और है जैसा यीशु ।। ४ हे भाइयो उसकी स्तुति गाओ कि इसके योग्य यीशु हे बहिनो तुम भी गीत उठाओ है सदा धन्य यीशु ।। ५ हे लड़को तुम भी राग मिलाओ तुम्हारा भी है यीशु खजूर की डाल आनंद से लाओ तुम को बचाता यीशु ।। ६ स्वर्ग देश को जब हम चढ़ेंगे देखेंगे अपना यीशु वहां फिर नहीं मरेंगे अनंत आनंद साथ यीशु ।। 543 (५४३) “Ther's a friend for little children.”ALBERT MIDLANE, 1825-1909. १ सब बालकों का स्वर्ग में है परम प्रिय मीत वह किसी को न भूलता प्रेम उसका रहता नित और दूसरे जन भूल जाते प्यार उनका घटता है पर यीशु सदा काल लों प्रेम करता रहता है ।। २ सब बालकों के लिये है स्वर्ग में उत्तम देश जो ख्रीष्ट और बाप को मानते सो करेंगे प्रवेश वहां न है थकावट न लगती प्यास न भूख वहां हर छोटा यात्री चैन पा भूलेगा दुःख ।। ३ सब बालकों के लिये है स्वर्ग में सुन्दर घर वहां ख्रीष्ट आप ही रहता वहाँ न रोग न डर न घर है उसकी नाईं न हो भी सकता है वहाँ हर जन आनंदित और सुखी रहता है ।। ४ सब बालकों के लिये है धरा स्वर्ग में ताज जो ख्रीष्ट की बाट नित जोहते वे संग करेंगे राज वह सुन्दर ताज विभव का यीशु से पावेगा हर एक उसके नाम से प्रेम करता रहेगा ।। ५ सब बालकों को स्वर्ग में एक गीत भी सीखना है कितनी ही बार तुम सुनो न फीका लगता है यह गीत न दूतगण गाते न गा भी सकते हैं वे ख्रीष्ट को राजा मान के त्राता न जानते हैं ।। ६ सब बालकों के लिये राज वस्त्र स्वर्ग में है और वीणा को बजा के वे गाते ख्रीष्ट की जय तैयार है सब कुछ स्वर्ग में और ख्रीष्ट में मिलता है सो आओ प्यारे बालकों यह सब तुम्हारा है ।। 544 (५४४) “Beautiful the little hands.”T. CORBAN. १ सुन्दर हैं जो छोटे हाथ करते काम प्यार के साथ सुन्दर हैं वे आँखें भी जिन में चमकता मसीह ।। २ छोटे हाथ सब बन गये काम के लिये ईश्वर के आज्ञा मानके ईश्वर की जल्दी पांव चलेंगे भी ।। ३ छोटे मुंह गीत गाते हैं प्रार्थना करते हर समय छोटे मन की इच्छा भी सदा है ईश्वर की सी ।। ४ बालक जो कुछ कर सकें उसे हृदय से करें जो कुछ यीशु चाहता हो उस को आनंद से करो ।। 545 (५४५) “We are but little children weak.”MRS. ALEXANDER. १ हम छोटे लड़के हैं अबल हमारा है न शक्त न ज्ञान यीशु के लिये क्या करें जो है सर्वोत्तम और महान ।। २ हर लड़के को है दिन ब दिन कुछ भीतर बाहर करने को यीशु के लिये है मरन और पाप से नित्य लड़ने को ।। ३ जब क्रोध और घमण्ड में विचार हम अपने मन में रखते हैं जब जीभ पर कड़ी बातें हैं और कोप से आंसू भरते हैं ।। ४ तब क्रोध का हाथ हम करें बन्द और रोक लें अपनी बात विरुद्ध हम नम्रता से उत्तर दें और ख्रीष्ट के लिये करें युद्ध ।। ५ हम कैसे छोटे क्यों न हों पर क्रूस सभों को धरना है और सब का है वह प्रेम का काम जो ख्रीष्ट के लिये करना है ।। 546 (५४६) “We three kings of Orient are.”JOHN H. HOPKINS, 1862.Chord - Dm / D#m | S- Waltz | T-124 १ हम तीन राजा पूरब की शान, भेंट चढ़ाने लाते हैं दान ।। तारा देखते पार हम जाते, पर्वत और रेगिस्तान ।। कोः - हां अद्भुत तारा चलने हारा, सुन्दर तारा चमकदार ।। आगे बढ़ता ऊपर चढ़ता, जब तक होवे नूर का द्वार ।। २ यीशु जन्मा दाऊद के ग्राम, सोना लाता राजा के नाम ।। अधिकारी सदा रहेगा, होवे उसको प्रणाम ।। ३ हो आराधना पुत्र महान, पास मैं लाता मूल्य लोबान ।। प्रार्थना, स्तुति महिमा उसकी, जगत में होवे मान ।। ४ गन्धरस वास्ते त्राता संताप, मृत्यु दण्ड तक भोगने विलाप ।। शोकित, दुःखित, हुआ मृतक, कबर पर लगी है छाप ।। ५ यीशु आप है पुनरुत्थान, करो अब महिमा स्तुति और गान ।। सृष्टि गाओ और ललकारो, मृत्यु पर है जयवान ।। 547 (५४७) “Around the throne of God in heaven.”J. M. NEALE.Chord - D# | S- Reggae/Ballad | T-082 १ हजारों लड़के खड़े हैं ईश्वर के तख्त के पास प्यार से वे सब भरे हैं और पाते सुख निवास ।। कोः- गाते जै जै जै जै होवे प्रभु ख्रीष्ट की जय ।। २ वे होके शुद्ध सब पापों से आनंद मनाते हैं प्यारे हैं वे प्रभु के वरदान भी पाते हैं ।। ३ किन भांति पाया बच्चों ने वह अच्छा सुन्दर धाम कि बचके सारे दुःखों से अब करते हैं विश्राम ।। ४ यह कारण है कि यीशु ने बहाया अपना रक्त और धोके उसकी धारा में वे बने उसके भक्त ।। ५ ये प्रभु से इस जगत में प्रेम मन से करते थे सो अब वे नित्य उस के घर आनंदित रहेंगे ।। 548 (५४८) “Come hither ye children.”JOHN. C. VON SCHMIDT. 1808-1854. १ हे लड़को अब चलो सब करते हुलास बैतलहम गौशाला की चरनी के पास और देखो दयालु परमेश्वर इस रात क्या दिया बचाने को आदम की जात ।। २ पुआल पर है पड़ा एक बालक अनूप जिसका सुन्दर सुशील अनोखा स्वरूप मरियम और यूसफ चरवाहे दूतगण अचम्भित सब देखते और बोलते ‘धन-धन’ ।। ३ तुम भी घुटने टेको और जय जय करो और बालक की दशा पर ध्यान तुम धरो अब धरती में भोगता कंगालपन का क्लेश पश्चात वह उठावेगा पीड़ा विशेष ।। ४ हम दुष्टों का दुःख तू ने दिया सब मेट इस कारण हम लाते निज मनों की भेंट हमारा निवेदन अब सुन कृपा कर हमारे तन मन तू बना अपना घर ।। 549 (५४९) Bhajan Tunes No. 28, 29.JOHN PARSONS. अहो प्रभु जी, मम ओरहि कान लगाना ।। १ बालक हूँ प्रभु तोरे घराने, मोहि करहु सियाना ।। २ सींचहु यह अति कोमल पौधा, होवे नित फलमाना ।। ३ यह घर अपने योग्य संवारो, जेहि कियो निरमाना ।। ४ दुष्ट जगत पर हो जयकारी, ख्रीष्ट विजय के ध्याना ।। ५ प्रेम धीर बुध देहु दयानिधि, दिन दिन काज समाना ।। ६ परमधाम पथ आश्रित बाढ़े, सहते श्रम दुःख नाना ।। 550 (५५०) SAMUEL S. DAYAL. कोरसः - यीशु हमारा आया - चरनी में आया रे ।। १ जंगल वीराना - मंगल जो गाना, दूतों ने गाया आया - चरणी में आया रे ।। २ एक सुन्दर तारा, तारों में न्यारा, ये था बताता आया, चरणी में आया रे ।। 551 (५५१) Bhajan Tunes No. 35. कोरसः - कुएँ पर ठाढ़े यीशु नसरिया । यीशु नसरिया जी यीशु नसरिया ।। १ मैं जो गई थी जल भरने को । पीने को मांगे वह जीवन दिवैया ।। २ मुझ सामरी से पीने मांगत हो । कैसे के होते हो तुम यहुदिया ।। ३ जो मांगती तो देता तुझको । मैं तो वही हूँ जीवन दिवैया ।। ४ छोटे बड़े सब संग चलो मेरे । देखन को तो यीशु नसरिया ।। ५ यह शीतल तोहे वही मिला है। यीशु नासरिया वह अमर करैया ।। 552 (५५२) R. M. WAIZ. १ प्यारे लड़को मसीह मिहरबां है । छोटे बच्चों का वह पासबां है ।। २ अपने दुःखों को उसको दिखा दो । सारे दुखियों का वह निगहबां है ।। ३ छोटे लड़कों को वह ही बुलाता । मीठी मीठी तो उसकी जबां है ।। ४ कैसी शीरीं हैं उसकी सदाएं । कैसी उलफत जबां से अयां है ।। ५ जैसे भेड़ों का हाफिज गड़रिया । वैसे बच्चों का वह भी शबां है ।। ६ उसकी बातें शहद से हैं मीठी । वैसी शीरीं जबां तो कहां है ।। ७ कहता वाइज़ है तुम को अजीजो । ईसा सचमुच तो शीरीं दहां है ।। 553 (५५३) H. T. B. 85. १ बैतलहम की पैदा इश यरुशलेम है बास नजात के बाइस थी पैदाइस भी खास ।। अपने प्यारे प्रभु को मैं कहां पाऊँगा गले डाले क्रूस को उठाये रहूँगा अपने प्यारे प्रभु वगैरह ।। २ समुन्दर की लहरों को थांभा किया टूटे हुए दिलों को जुड़ाता फिरा ।। ३ उस देश के सब शहरों में घुमा फिरा और बहुत से बीमारों को चंगा किया ।। ४ उस देश के सब शहरों में घूमा फिरा कई मुदों को भी वह जिलाता फिरा ।। ५ इस दुनियां के लिये सब दुःखों को सहा हमदर्द ऐसे खोजूँ तो कहां पाऊँगा ।। ६ लाचारों का साथी बीमारों का यार देख खून का पसीना था कैसा पियार ।। ७ गुनहगारों की खातिर वह हुआ था कुरबान ।। मुआफी पावेगा जो लावे ईमान ।। 554 (५५४) Bhajan Tunes. No. 11PREM DAS.Chord - F | S- Disco/Dholak | T-092 - 096 यीशु मसीह रोगियों को चंगा करें । १ एक को बुलावे रोगी दस बीस आवें । उन के तो रोग कोई रहने न पावें ।। २ भूत को निकाले यीशु मुदों को जिलावे । बहुत लोगों को रोटी पांच से खिलावे ।। ३ जल्दी आओ दुःखित क्लेशित यीशु जी पुकारे । मैं ही सुख चैन देऊँ चेत जा दुखियारे ।। ४ सच्चा विश्वास लावे पाप से पछतावे । उनको तो यीशु जलती आग से बचावे ।। ५ पापियों का पाप काटे जो कोई पुकारे । टूटे मनों को यीशु फिर से सुधारे ।। ६ ऐसा दयालु यीशु जग ही में आया । पापियों का पाप उठाके क्रूस पै लटकाया ।। ७ स्वर्गीय निवास देवे स्वर्ग में ले जावे । वहां की खुशी का तो कोई पार न पावे ।। ८ दुनियां में ऐसे रोगी रात दिन सो जाते । भाई तू क्यों सो रहा है जाग जा प्रभाते ।। 555 (५५५) १ राजा यीशु आया राजा यीशु आया राजा यीशु आया राजा यीशु आया शैतान को जीतने के लिये राजा यीशु आया शैतान को जीतने के लिये राजा यीशु आया ।। २ दुनियां में तो पाप और दुःख होते हैं बहुतेरे पूरी शान्ति देने के लिये राजा यीशु आया ।। ३ क्रूस पर देके अपनी जान आप को किया बलिदान सारे जग का त्राता होके राजा यीशु आया ।। ४ कब्र का वह तोड़ कर बन्ध मौत पर हुआ है जयवंत क्षमा मुक्ति जीवन देने राजा यीशु आया ।। ५ हुआ मैं आनंदित पाकर पाप की मुआफी दिल को साफ करने के लिये राजा यीशु आया ।। ६ उस पर करता मैं विश्वास पूरी करता मेरी आस हाल्लेलूयाह मेरे दिल में राजा यीशु आया ।। 556 (५५६) H. T. B. 131.Q. S. MANDRELLE 1901-1953. शहर-इ-सामरी में एक बार जब यीशु गया कुएं पर जाके जब बैठा रहा ।। १ उस के शागिर्द शहर में गये । लेने कुछ खाना उसके लिये ।। २ याकूब का कुआं भी तो वहीं था । सफर से मांदा यीशु हुआ ।। ३ आई एक औरत वां पानी भरने । यीशु ने कहा पीने को दे ।। ४ बोली वह औरत मैं सामरी हूँ । कैसे यहूदी को पानी मैं दूँ ।। ५ जवाब में यीशु उससे बोला । मांगती तो तुझे जीता पानी देता ।। ६ अगर यह पानी जो कोई पिये । अब्द तक पियासा न कभी होवे ।। ७ औरत ने सुन कर कहा यह उससे । मुझे खुदावन्द यह पानी तू दे ।। ८ खड़ा तब छोड़ के शहर को गई । लोगों से बोली आओ देखो मसीह ।। ९ लोगों ने मानी औरत की बात । यीशु पास आके मांगी नजात ।। १० ऐ गुनहगारो तुम भी आओ । ऐसा ईमान जल्दी यीशु पर लाओ ।। 557 (५५७) Bhajan Tunes No. 54.JOHN CHRISTIAN. सांझ पड़त मरियम अकुलानी । १ डगर डगर ढूँढ़त है धाये, नाहिन देखे लाल अपानी ।। २ सुधि नन्दन के तुम कुछ जानो, सबही से पूछे बिलपानी ।। ३ आतुर हूँ तब मन्दिर बहुरी, अन्तर चौदिस हेरि समानी ।। ४ बड़े बड़े ज्ञानिन के संगे, बात करत सुत पाई अपानी ।। ५ मातु पिता पर कौनो कारण, शोक विपत्ति तुम ऐसो आनी ।। ६ प्रभु तब सादर उत्तर दीन्हा, माता के सुनि बैन रुखानी ।। ७ काजकरण पितु के मोहि चाहिये, अब लों तुम यह मर्म न जानी ।। ८ चेतहि जो सुनि यह उपदेशा, जान अधम सोई सदज्ञानी ।।

  • Index | Masihi Geet Sangrah

    Index Morning -1-24 Evening -15-27 The Holy Trinity – 28–36 God the Father – 37–50 The Lord Jesus Christ – 51–60 Advent – 61–68 The Incarnation – 69–105 Epiphany – 106–114 Lent - 115-121 Passion Week - 122-145 Easter - 122-145 Ascension - 154-157 Second Coming -158-167 The Holy Spirit -168 -181 The Communion of Saints 182-185 The House of God 186-188 The Lord's Day 189-194 The Holy Scripture 195-199 The Ministry 200-201 Baptism 202-205 Confirmation 206-208 The Lord's Supper 209-218 Marriage 219-222 Mission 223-238 The Gospel Invitation 239-268 Faith and Repentance 269-312 Peace and Joy 313-327 Love and Praise 328 - 346 Holiness and Prayer 347-361 Consecration and Discipleship Fellowship & Service 383-392 Temptation & Conflict 393-402 Courage and Victory 403--415 Trust and Submission 416-437 Pilgrimage and Guidance 438-462 463-484 New Year 485-487 Harvest 488-491 Farewell 492-494 National Life 495-498 Children's Songs 499-557 Psalms 558-571 Choruses, etc. 572-615

  • Confirmation 206–208 | Masihi Geet Sangrah

    दृढ़ीकरण (Confirmation) 206 (२०६) 7. 7. 8. 8. 7. 7. Lowliness or Weil Ich Jesu. १ मरने तक तू विश्वस्त हो (२) कोई दुख मसीह के क्रूस से तेरा मन न अलग कर चुन तू ले सकेत मार्ग को मरने तक तू विश्वस्त हो ।। २ मरने तक तू विश्वस्त हो (२) जीवन का वह मुकुट पावे जो कि अंत तक जयवंत होवे सो तू मार निज इच्छा को मरने तक तू विश्वस्त हो ।। ३ मरने तक तू विश्वस्त हो (२) अपने मन से घमण्ड दूर कर कामना से छुटकारा पाकर तू संसार से सावधान हो मरने तक तू विश्वस्त हो ।। ४ मरने तक तू विश्वस्त हो (२) अपना लंगर डाल मसीह पर उसका बल है सबसे बढ़ कर ताकता रह तू उसी को मरने तक तू विश्वस्त हो ।। ५ मरने तक तू विश्वस्त हो (२) दृष्टि रख उस तेजवान ताज पर उसी घर को तू पयान कर मेम्ने पास तैयार है जो मरने तक तू विश्वस्त हो ।। ६ दे कि मैं विश्वस्त होऊं (२) ताकूँगा हे यीशु तुझे सद्गुण दे तू सदा मुझे अनुगामी मैं होऊँ मरने तक विश्वस्त रहूँ ।। 207 (२०७) “I could not do without Thee.” 7. 6. 7. 6. D. Munich or Passion Chorale. FRANCES, R. HAVERGAL, 1836-79. १ लाचार मैं हूँ बिन तेरे हे जग के तारणहार तू अपना रक्त बहाके ले गया पाप का भार मुझे है एक ही आसरा एक बात से शान्ति है अधर्म और पाप की क्षमा उस रक्त से होती है ।। २ लाचार मैं हूँ बिन तेरे न मेरी शक्ति है कि ठहरूँ बिना टेक के न धर्म न बुद्धि है पर तू हे प्यारे त्राता तू सब कुछ मेरा है दुर्बल सामर्थी होगा जो तू रहे सहाय ।। ३ लाचार मैं हूँ बिन तेरे और मार्ग हैं संकटमय मैं अति थकित होके कहरता खाके भय क्या कर सकूं बिन तेरे मार्ग नहीं जानता हूँ तू जानता और ले चलता कि मैं न भूल जाऊँ ।। ४ लाचार मैं हूँ बिन तेरे हे यीशु दयामय जौ भी तू है अनदेखा पर निकट है निश्चय यीशु जो तू न रहता हमारी संगत में न चैन न शान्ति होती इस चंचल जीवन में ।। ५ लाचार मैं हूँ बिन तेरे अकेले तुझी को है प्रगट मेरी इच्छा जिस बात की घटी हो हे धन्य प्रभु तू ही अकेला मन में आ संतोष चैन कुशल शान्ति तू देता सर्वथा ।। ६ लाचार मैं हूँ बिन तेरे काल बीतता जाता है और मुझे थोड़े दिन में मृत्यु पार जाना है तू मुझे न छोड़ेगा और जब मैं डर जाऊँ तू निकट आ बोलेगा “मत डर मैं तुझ पास हूँ ।।” 208 (२०८) “O Jesus I have promised.” 7. 6. 7. 6. D. Day of Rest or Angels Story. JOHN BODE, 1816-1874. १ हे यीशु तेरा सेवक मैं रहूँगा सदा तू स्वामी है और मित्र तू मुझे न बिसरा मैं डरूँगा न कभी जब बैरी करें डाह और मैं नहीं भटकूंगा जो तू दिखावे राह ।। २ मैं तुझे निकट जानूँ पर पाप है सदा पास बार बार मुझे फुसलाते भरम और सुख बिलास नित बैरी मुझे घेरते और मन में रहते भी पर उनसे निकट तू है और आड़ है जोखिम की ।। ३ शब्द तेरा सुनने पाऊँ जब पाप की आँधी हो तू आज्ञा देके थांभकर बन्द कर उस झक्कड़ को बोल मुझ से शान्ति वचन और वाणी से संभाल जब बोले तू मैं सुनूं हे हृदय के रखवाल ।। ४ मैं तेरे पीछे पीछे हो लेऊँ हे मसीह और तुझसे पाऊँ शक्ति ठीक मार्ग पर चलने की खींच मुझे अपने प्रेम से नित मेरी कर सहाय और ग्रहण कर उस लोक में कि पाऊँ सुख अक्षय ।।

  • The Incarnation 89-105 | Masihi Geet Sangrah

    ख्रीष्ट का जन्म (The Incarnation) 88 (८८) Bhajan Tunes No. 40. SUDIN. पापिन का हितकारी मसीहाजी ।। १ बूड़त जग को देखि दयाला, सरग सिंहासन त्यागो ।। २ पापिन कारण प्राण दियो निज, अस पूरित अनुरागे ।। ३ जय जय करत गोर से उठ्यो, दोषिन न्योति पसारी ।। ४ सकल लोक चौदिश से धावो, ख्रीष्ट रूधिर गुणकारी ।। ५ हार्षित हो आओ सब प्यारो, ख्रीष्ट नाम गहि लीजे ।। ६ सब तन मन के क्लेश बिसारे, अमृत रस तब पीजे ।। ७ ख्रीष्ट नाम बहु बिधि सुखदाई, गहो जिन सो पायो ।। ८ घातक एक क्रूस पर टेरो, स्वर्गधाम सो धायो ।। ९ मोर निवेदन सुनिये प्रभु जी, तिहि तुल मोको कीजे ।। १० मैं गुणहीन अधीन मसीह जी, तारि मोहि तौं लीजे ।। 89 (८९) "Joy to the World." C. M. -- Antioch. ISSAC WATTS, 1674-1784. Chord - C# | S- Ballad/2-4 | T-088 १ खुश हो कि यीशु आया है हे सारी सृष्टि, हे हर एक प्राण उसको कबूल कर ले मसीह को जगह दे । २ खुश हो मसीह अब राजा है सब जाति हर जुबान समुन्दर भी, मैदान पहाड़ गीत गावें खुश हर आन । ३ दुःख और तकलीफ वह करता दूर और पाप मिटाता है अंधेरे में वह होता नूर आशिष दिलाता है। ४ वह धर्म और सच्चाई से अब राज फैलाता है और अपनी सारी करनी में पियार दिखाता है । 90 (९०) Ullmann No. 88. १ खुश हो ! खुश हो ! मसीह का जनम हुआ ! खुश हो ! खुश हो ! हे सब विश्वासियों ! अब मुक्तिदाता आया है और पाप का बन्धन तोड़ा है । खुश हो ! खुश हो ! मसीह का जनम हुआ ! खुश हो ! खुश हो ! हे सब विश्वासियों ! स्वर्ग लोक पर खीष्ट की महिमा हो इस जग में उसकी शान्ति हो मनुष्यों पर प्रसन्नता हो अब आके सब प्रणाम करो । खुश हो ! खुश हो ! मसीह का जनम हुआ ! खुश हो ! खुश हो ! हे अब विश्वासियों ! २ खुश हो ! खुश हो ! इम्मानुएल अब आया ! खुश हो ! खुश हो ! हे भाइयो गाओ गीत ! इश्वर देहधारी हुआ है और उजियाला फैला है । खुश हो ! खुश हो ! इम्मानुएल अब आया ! खुश हो ! खुश हो ! हे भाइयो गाओ गीत ! राजाधिराज अब आया है लो चरनी में वह पड़ा है अब चहूँ दिश हो स्तुतिगान कि उसने किया सब का त्राण ! खुश हो ! खुश हो ! इम्मानुएल अब आया ! खुश हो ! खुश हो ! हे भाइयो गाओ गीत ! 91 (९१) "While shepherd watched." C. M. Winchester Old or St. Anne. NAHUM TATE, 1652-1715. Chord - D# | S- Ballad | T-084 १ गड़रिये अपनी भेड़ें जब रात को चरा रहे दूत स्वर्ग से उतरा उनके पास साथ बड़ी महिमा के २ घबराओ मत उसने कहा आनन्द का समाचार सब लोगों को मैं आया हूँ अब करने को प्रचार ३ तुम्हारे लिये आज के दिन दाऊद के वंश ही से एक मुक्तिदाता जन्मा है और पता यही है ४ एक बालक तुम को मिलेगा दाऊद के नगर में कपड़े में लिपटा हुआ है और पड़ा चरनी में ५ जब योंही बोला उसके संग अचानक आये थे दूत बहुतेरे जो यह गीत आनन्द से गाते थे ६ गुणानुवाद हो ईश्वर का और जग में शान्ति हो प्रसन्नता हो मनुष्यों पर अभी और सदा लों ।। 92 (९२) 7. 6. 7. 6. 7. 7. 6. Es jst. ein Rose. १ जिसका तो वर्णन हुआ पित्रों के दिनों में सो बालक उत्पन्न हुआ कुंवारी मरियम से ग्राम उसका बैतलहम और जैसा दूत ने कहा ख्रीष्ट यीशु उसका नाम ।। २ वह है ईश्वर का प्यारा सत पुत्र उसी का और बोलता है युहन्ना वह मेम्ना ईश्वर का जो स्वर्ग से आया है और जग से पाप का बोझा उठा ले जाता है ।। ३ रात में वह उतर आया रात को मिटाने को जग में वह हीन हो गया हमें बढ़ाने को वही अज्ञान को ज्ञान थके को शक्ति देगा और बन्धुओं को त्राण ।। ४ आह वेग से यीशु प्रिय हमें जग दुःख से तार तब अपने नाम के लिये खोल अपने घर का द्वार वहाँ सनातन लों जय जय और स्तुति होगी हाँ प्रभु एंसा हो ।। 93 (९३) P. M. Mariners. J. FALK, 1768-1826. Chord - C | S- Disco/Dholak | T-092 १ धन धन आशिषमय धन धन आनन्दमय कृपा भरा ख्रीष्ट जनम दिन जगत नाथ हुआ ख्रीष्ट जनम ले आया आनंद आनंद कर मसीही वर्ग ।। २ धन धन आशिषमय धन धन आनन्दमय कृपा भरा खीष्ट जनम दिन ख्रीष्ट जनम ले आया मेल कुशल लाया आनंद आनंद कर मसीही वर्ग ।। ३ धन धन आशिषमय धन धन आनन्दमय कृपा भरा ख्रीष्ट जनम दिन स्वर्ग सकल जाता जय जय कर गाता आनन्द आनन्द कर मसीही वर्ग ।। 94 (९४) C. M. D. -- Bethlehem. Chord - G# | S- Waltz | T-124 १ मसीहियो हम मिलके आज बैतलहम को चलें और देखें अपने त्राता को लेटा है चरनी में ।। कोरसः- “इश्वर का स्वर्ग पर धन्यवाद, पृथ्वी पर शान्ति हो मनुष्यों पर प्रसन्नता" हमारा गान यह हो ।। २ लो मुक्तिदाता जन्मा है अनाथों का जो नाथ इम्मानुएल है उसका नाम "ईश्वर हमारे साथ” ।। ३ है आनन्द का यह समाचार कि प्रभु आया है मनुष्य की देह को धारण कर उद्धार वह लाया है ।। ४ हे भाइयों खोलो हृदय को कि करे नाथ प्रवेश उठाके राग स्वर मिलाओ कि है यह सुसन्देश ।। 95 (९५) "Holy Night." 6. 6. 9. 9. 6. 6. Stille Nacht. JOSEPH HОНЕ, 1792-1848. Chord - A# | S- C.Waltz | T-090 १ पावन रैन पावन रैन सकल लोग करते चैन जागती बैठी है कन्या पुनीत गोद में लिये एक बालक संप्रीत धन धन बालक अनुप (२) ।। २ पावन रात पावन रात लो क्या ही मंगल बात दूतगण बोलते आनंद भरपूर सुनो भाइयों निकट ओ दूर यीशु त्राणी आया (२) ।। ३ पावन रैन पावन रैन ईश्वर पूत प्रेम का साई अपनी दया कर हम पर प्रकाश तू है प्राणों का नाथ और आश जय जय तेरी सदा (२) ।। 96 (९६) "O come all ye faithful." P. M. Adeste Fideles. F. OAKELEY. Chord - G | S- Ballad | T-086 १ अब आओ विश्वासियों जय जय करते आओ अब आओ हम चलें बैतलहम को चरनी में देखो महिमा का राजा अब आओ हम सराहें अब आओ हम सराहें अब आओ हम सराहें ख्रीष्ट प्रभु को । २ वह ईश्वर से ईश्वर ज्योत का ज्योत सनातन घिण उसने न किया गर्भ कुंवारी से सच्चा परमेश्वर न सृजा पर जन्मा अब आओ हम सराहें... ३ हे सारे दूतगणों जय जयकर तुम गाओ हाँ स्वर्गों के स्वर्ग में तुम गाते रहो महिमा और स्तुति ईश्वर सर्वप्रधान को अब आओ हम सराहें... ४ आमीन प्रभु धन हो त्राण के लिये जन्मा हे यीशु हो तेरी अनन्त महिमा पिता का वचन अब देहधारी हुआ अब आओ हम सराहें... 97 (९७) "From Heaven above to earth I come." L. M. -- Erfurt cr Old, Hundred MARTIN LUTHER, 1483-1546. १ लो स्वर्ग पर से मैं आता एक नई बात सुनाता हूँ सुहानी और मनोहर जो चित्त दे सुनो हे मनुष्यो ।। २ मरियम कन्या से जय जय एक बालक उत्पन्न हुआ है अद्भुत निर्मल ओ तेजोमान तुम्हारा कुशल आनन्दखान ।। ३ सोही ख्रीष्ट यीशु प्रभु है हमारा ईश्वर कृपामय वह त्राण अब तुमको देवेगा सब पापों से बचावेगा ।। ४ सुभग जो अति तेजोमय अत्यन्त कृपाल ओ दयामय ईश्वर ने जो ठहराया है सो तुम को वही देता है ।। ५ अब उसका पता जान रखो एक बालक चरनी में लखो जो कपड़े में लपेटा है सो तीनों लोक का प्रभु है ।। ६ अब हम सब जायें आनन्द कर गड़रियों के संग उसी घर कि देखें क्यारी ईश्वर से दान दिया हमको कृपा से ।। ७ हे मन सावधान हो देख विशेष चरनी में है बालक जगेश । सुन्दर अनूप वह आता दृष्ट यही है यीशु तेरा इष्ट ।। ८ हे अनमोल मणि प्रीतम मीत मुझ अधमजन को हे पुनीत तू ने न त्यागा कृपा से धन्यवाद मैं करूँ आनन्द में ।। ९ हे प्रभु सकल जगकर्ता तू हुआ क्याही छोटासा । कि पाल में पुआल पर पड़ा बिछौना तेरा क्या कड़ा ।। १० जो जगत होता कोट अपार रतन जड़ित होता कोट अपार तौ भी योग तेरे होता ना तू प्रभु है महातम का ।। ११ हे यीशु मेरा प्रीतम तू मैं तेरी ओर पुकारता हूँ अब मेरे मन में कृपा से अपना बिछौना बिछा दे ।। १२ ईश्वर की स्तुति धन ओ जय जिसने निज पुत्र दिया है । वह है हमारे मन का फूल कुशलनिधान और आनन्दमूल ।। 98 (९८) 8.8.8.8. 4. Gelobet Seist MARTIN LUTHER, 1483-1546. १ जो ऊपर है सब स्वर्गों के है मरियम की गोदी में । जगत का प्रभु और आधार बालक का है बना आकार हाल्लेलूयाह ।। २ इस निर्मल ज्योति का उदय देख देख भूगोल हो आनन्दमय । नवीन ज्योतमान हो जायेगा अन्धेर का राज्य अब हटेगा हाल्लेलूयाह ।। ३ वह जग में उतरा जो सदा स्वरूप और पुत्र परमेश्वर का कि हमको होवे पाप से त्राण और रहें उसके पास निधान हाल्लेलूयाह ।। 99 (९९) "Hark the Herald Angels Sing." 7s. Mendelsohn. CHARLES WESLEY, 1707-88. Chord - E | S- Disco | T-094 १ सुनो दूत गण गाते हैं बालक राजा ख्रीष्ट की जय जग में कुशल और मिलाप ईश्वर क्षमा करता पाप हे सब लोगों खुशी से गाओ साथ इन दूतों के बैतलहम में अब सही उत्पन्न हुआ है मसीह ।। कोरसः- सुनो दूत गण गाते हैं बालक राजा ख्रीष्ट की जय ।। २ दूतों से जो पूजित है ख्रीष्ट सनातन प्रभु है वह जो अद्भुत रीति से जन्मा है कुंवारी से ईश्वर अब देहधारी है करो सब मसीह की जय मनुष्यों से करके मेल यीशु है इम्मानुएल ।। ३ जय जय कुशलाधिराज जय जय धर्म के सूर्य आज लाता है वह सबके पास जीवन ज्योत और सुख की आस सबका कर्त्ता हुआ दीन हम न रहें मृत आधीन मनुष्य के उठाने को नया जन्म देने को ।। 100 (१००) Bhajan Tunes No. 96. PREM DAS. Chord - F# | S- Dholak | T-094 आया है यीशु आया है, मुकति ले साथ आया है । १ जंगल में मंगल दूत मिले गाते, जय जय हो प्रभु जय जय हो, शांति मेल लाया है ।। २ देखन गड़रिये चले रात में, दूतों से सुन के दूतो से, मसीह मरियम का जाया है ।। ३ पूरब देश से चले मजूसी, तारे से देखो तारे से, पता यीशु का पाया है ।। ४ यरूशलेम जा पूछन लागे, किस घर जी राजा किस घर जी, मुकत का राजा आया है ।। ५ दास सुना जब प्रेम मसीह का, तन मन से लोगों तन मन से, शरण यीशु की आया है ।। ### एपिफनिया (Epiphany) #### 101 (१०१) *Bhajan Tunes No. 6.* *PREM CHAND.* तारक यीशु अपार दयानिधि, बालक धर्म जतायो । १ दाऊदपुर में जन्म लियो प्रभु, मरियम सुत कहलायो ।। २ जगकर्त्ता नर काया धारिके, यूसफ टहल बजायो ।। ३ ले बालक तन सरल सुभाये, नित सत भक्ति पुरायो ।। ४ द्वादश बरस तरूण मन्दिर मों, ज्ञानिन गर्व नवायो ।। ५ मातु पिता के तब बशिभूता, ग्राम नासरत धायो ।। ६ जासु बाल सम दीन सुभावा, ताको शिख ठहरायो ।। ७ या बलहीनहिं बालक जानो, चरण गहन जो आयो ।। #### 102 (१०२) भजन *J. DUTT.* *Chord - E | S- Dholak | T-100* को० - ले लीन्हा ख्रीष्ट अवतारा मनाओ खुशी ।। २ बार १. यहूदा देश के बैतलहम में, चमका चमाचम तारा । मनाओ खुशी २. जन्म लिया है गौशाले में, मरियम की आंखों का तारा । मनाओ खुशी ३. चले गड़रिये बैतलहम को, देखन वह तारनहारा । मनाओ खुशी ४. खुशी मनाओ गाओ बजाओ, तबला मृदंग चिकारा । मनाओ खुशी ५. आओ हमारे मन में हे स्वामी, पापों का धोवनहारा । मनाओ खुशी #### 103 (१०३) *Bhajan Tunes No. 10.* *W. F. JOHNSON.* लीन अवतार बैतलहम सोई जगरैया । १ देश यहूदा में कितने गड़रिये, खेतों में सब वास करैया ।। २ रात समय सब झुण्ड रखावें, अचरज भी एक रात समैया ।। ३ ईश्वर को एक दूत जो आयो, ठाढ़ भयो सब के नियरैया ।। ४ ताहि समय प्रभु तेज प्रकाश्यो, चारों दिशा अति भै उंजरैया ।। ५ सारे गड़रिये देखि डराने, दूत कह्यो कुछ न डरू भैया ।। ६ आनन्द का हम हाल सुनावें, लोगन का सुख मोद लहैया ।। ७ ईश्वर है अविनाशी जोई, सोई प्रभु सब त्राण करैया ।। ८ दाऊद के नगरी बिच सोई, जन्म लियो प्रभु यीशु सहैया ।। ९ वाको पता मैं तुम से बताऊं, जा लिखो तुम जा जगरैया ।। १० बालक एक चीर सों लपटा, चरणी में देखहुगे भैया ।। ११ तब ही अचानक स्वर्गी सेना, दूत संग प्रकटी हुलसैया ।। १२ ईश्वर की स्तुति करि बोले, जै प्रभु जै प्रभु मुक्ति दिवैया ।। १३ स्वर्गन पै प्रभु धन्य सु होवे, शान्तिधरा महँ हो सुखदैया ।। १४ मानुष पै सुख मोद सु छाजै, होवे सदा सुख जगरैया ।। #### 104 (१०४) *Н. Т. В. 116* *B. MAYAL.* १ आज ईसा इस जहाँ में आशकारा हो गया । वह गुनाहों के लिए कामिल कफारा हो गया ।। २ किस लिए मरियम तू है ईसा की खातिर अश्कबार । इस जहाँ से वह तेरी आँखों का तारा हो गया ।। ३ इस चमन में देखकर सूरत हबीब इ अर्श की । गुंचः इ उम्मेद खिलके मेरा हजारा हो गया ।। ४ आँख अपनी अब किसी बुत पर तो लगती नहीं । रूये ईसा का हमें जब से नजारा हो गया ।। ५ रहमत इ हक्क से अरे बन्दो तुम्हारे वास्ते । वह मसीहा डूबते को एक सहारा हो गया ।। ६ दौलत इ फानी मैं लेकर क्या करूं ऐ हम-वतन । जब जलाल इ जाविदानी का इशारा हो गया ।। ७ उम्मेद इ जन्नत हैं हमें उसके करम से ऐ बहार । दाखिल इ दफतर नाम देखो तो हमारा हो गया ।। #### 105 (१०५) *Н. Т. В. 105.* १ खुशी नौ रोज की हर सू मुबारक हो मुबारक हो । मसर्रत तुझ को ऐ महरू मुबारक हो मुबारक हो ।। २ क्रिसमस डे का वह रुतबा है इस दुनिया में ऐ यारो । कि आती है सदा हर सू मुबारक हो मुबारक हो ।। ३ भला किस के वलादत की है धूम ऐ यारो शहरों में । है गोया हर जबान इ मू मुबारक हो मुबारक हो ।। ४ महकता है गुलिस्तान इ जहाँ यीशु के जलवे से । गुलओ बुलबुल हो यह खुशबू मुबारक हो मुबारक हो ।। ५ मसीह की वलादत से मजूसी जब हुए हैरां । कहा मरियम से यह गुलरू मुबारक हो मुबारक हो ।। ६ हुबाब इ आब भी खुश होके पानी पर उछलते हैं । यह कहते हैं मियान इ जू मुबारक हो मुबारक हो ।। ७ अजीज अब तू भी गा जोश इ मसर्रत से यही मिसरा । यह मह तिलअत हिलाल अबरू मुबारक हो मुबारक हो ।।

  • The Communion of Saints 182-185 | Masihi Geet Sangrah

    Holy Communion of Saints 182-185: Beautiful Hindi Christian Songs for the Lord's Supper. Get accurate Masihi Geet lyrics for your congregation. ### मण्डली (The Communion of Saints) #### 182 (१८२) *“Tis a pleasant thing to see.”* *7. 7. 7. 7. Dijon or Weber.* १ क्या मनोहर भली बात- जहां भाई हाथ में हाथ । ले चलते और सब एक चित- ख्रीष्ट की आज्ञा के निमित ।। २ तब तो हर एक उत्तम दिन- शान्ति आनंद और कल्याण । ओस के तुल्य उतरेगा- वहां आशिष बसेगी ।। ३ प्रभु यीशु प्रेम से पूर- प्रेम से हमको कर भरपुर । जिससे जग में हो प्रकाश- कि हम सचमुच तेरे दास ।। ४ पिता और पवित्रआत्मा- तेरे संग एक है सदा । वैसा प्रेम के बंधन में- हमको भी तू एक कर दे ।। ५ हर एक मन में प्रेम सुलगा- प्रेम में मन से मन गठा । प्रेम हम सब में मरने लों- सफल सिद्ध निष्कपट हो ।। ६ एक हो दूसरे के आधीन- होवे दीनता कपटहीन । मंदा मृदु और सदय- क्षमावान और धीरसमय ।। ७ हे पियारे तारणहार- हम में जैसे परिवार । रह जब तक न तेरे पास- स्वर्ग में पावेंगे निवास ।। #### 183 (१८३) *“Let saints on earth in concert sing.”* *C. M. -- French Dundee or St. Anne.* १ गीत गावें संत इस जगत के और स्वर्ग के संत के साथ कि दास हमारे राजा के सब होते एक ही जात ।। २ हम उसमें एक घराना हैं इस लोक और उसके भी पर अभी अलग होते हैं मृत्यु के कारण ही ।। ३ एक सेना जीवित ईश्वर की हम उसके वश में हैं कुछ लोग हैं उतरे पार नदी कुछ अब उतरते हैं ।। ४ इस पल भी बहुत उसके दास उस लोक में जाते हैं और बहुत आके नदी पास विश्राम को ताकते हैं ।। ५ नित अगुवा हे प्रभु हो और दिन में मृत्यु के विभाग कर यर्दन नदी को और हमें स्वर्ग में ले ।। #### 184 (१८४) *“The church's one Foundation.”* *7. 6. 7. 6. 7. 6. Aurelia.* *SAMUEL J. STONE, 1839-1900.* *Chord - D | S- "---"/M.Ballad | T- "---"/ 084-090* १ नेव सारी मंडली ही की है यीशु प्रभु नाथ वह नई सृष्टि उसकी वचन और जल के साथ । वह उसे ढूँढ़ने आया कि उसकी दुलहिन हो अपना ही रक्त बहाया उसे मोल लेने को ।। २ हर देश से चुनी हुई यह मंडली एक ही है एक उसके त्राण की झंडी एक प्रभु एक आश्रय । एक नाम की स्तुति करती एक भोज को खाती भी एक आस की बाट वह जोहती सब शोभा है उसकी ।। ३ जो लोग चिढ़ाते देखते वह कैसी निन्दित है उसमें है फूट बखेड़े वह अति क्लेशित है पर तौ भी संत लोग जाग के “कब लों” पुकारते हैं अब दुःख के दिन जल्द बीतते दिन सुख के आते हैं ।। ४ अब दुःख और पीड़ा होते और झंझट लड़ने की पर तौभी हम बाट जोहते सदा के कुशल की । जब तक हमारी आँखें न देखे स्वर्ग को और मंडली जयवंत होके विश्राम न पाती हो ।। ५ पर संगति है उसकी त्रिएक परमेश्वर से और उनके संग भी रहती जो चैन को पा चुके । है धन्य वे उसही लोक के उनके सदृश्य हम हों और ख्रीष्ट के साथ दीन होके हम रहें सदा लों ।। #### 185 (१८५) *“For all the saints.”* *10. 10. 10. 4.* *WILLIAM WALSHAM HOW, 1823-93.* १ हे यीशु हम सराहते तेरा नाम कारण उन्हों के जो विश्वास को थाम सो गये और अब करते है विश्राम । हाल्लेलूयाह ।। २ तू ठहरा उनका बल चट्टान और कोट प्रधान और प्रभु बैरियों से ओट तू दुख की रात में रहा उनकी ज्योत । हाल्लेलूयाह ।। ३ सब योद्धा तेरे दृढ़ विश्वस्त रहें संतों के ऐसे साहस से लड़ें और उनके साथ जय मुकुट भी पावें । हाल्लेलूयाह ।। ४ हम लोग भी उनकी संगति में हम अब तक लड़ते वे विश्राम में हैं हम सब एक हैं कि हम सब तेरे हैं । हाल्लेलूयाह ।। ५ और यदि थकित हो लड़ते रहें स्वर्ग से हम उनका जय जयकार सुनें कि मन में साहस हो बल भुजा में । हाल्लेलूयाह ।। ६ अस्त होता सूरज निकट आई शाम और थोड़ी देर तक योद्धा मन को थाम तू परादीस में पावेगा विश्राम । हाल्लेलूयाह ।। ७ लो महा तेज से पौ फिर फटेगी सब संत लोग उठ पावेंगे महिमा और महिमा का राजा आवेगा । हाल्लेलूयाह ।। ८ धरती के अंत और सागर पार से आ मुक्त लोग पैठेंगे स्वर्ग में और सदा गावेंगे धन्य त्रय की महिमा । हाल्लेलूयाह ।।

  • Marriage 219–222 | Masihi Geet Sangrah

    विवाह (Marriage) 219 (२१९) “The voice that breathed oe'r Eden.” 7. 9. 7. 6. St. Alphege or Kocher. JOHN KEBLE, 1792-1866. Chord - F#/G | S- Country Pop | T-086 १ जब पहिली शादी हुई अदन में ईश्वर ने आशिष की बातें कहीं आदम और हव्वा से ।। २ यों अब हमारे बीच के विवाह में ईश्वर है तीन आशिष देना चाहते तेजवान पवित्र त्रय ।। ३ हो बालक दान के लिये प्रेम और विश्वस्तता हे प्रभु एकता दे दे जो रहे संग सदा ।। ४ यह दुलहिन तू हे पिता दूल्हे के हाथ में दे जैसे कि पत्नी दी थी आदम को तू ही ने ।। ५ हे यीशु इनके हाथ और हृदय भी अब तू जोड़ और दुख सुख कुशल रोग में कभी उनको न छोड़ ।। ६ और हे पवित्र आत्मा तू उन पर उतर आ कि प्रेम और मेल के साथ ये मिल के रहें सदा ।। ७ बुराई से बचा के इनका सहायक हो और अपने स्वर्गीय राज्य में दे जगह दोनों को ।। 220 (२००) C. M. St. Pete of French Dundee. १ जो पावे यीशु से आनंद सचमुच आनंदित है जो करे प्रभु में विवाह सो निश्चय धन्य है ।। २ जैसे गलील के काना में तू ब्याह में गया था वैसे यहाँ इस सभा को तू शोभायमान करा ।। ३ अभी इन दोनों का विवाह यां होता है हे नाथ हम तुझसे बिन्ती करते हैं नित रह तू इनके साथ ।। ४ वो पति पत्नि होने को प्रतिज्ञा करते हैं आशिष को तुझसे पाने की वे आशा रखते हैं ।। ५ हे प्रभु आज उपस्थित हो इन दोनों को तू जोड़ तू दृढ़ कर इनकी वाचा को उनको न कभी छोड़ ।। 221 (२२१) 7. 6. 7. 6. Kocher or St. Alphege. Chord - E | S- Aderia/Ballad | T-084 १ हे ईश्वर दयासागर दयाल हो हमों पर और आज हमारी बिनती तू सुन ले कृपा कर ।। २ हे पिता स्वर्गवासी तू आप उपस्थित हो और इस पुरुष के हाथ में सौंप दे तू दुलहिन को ।। ३ हे यीशु हे जगबन्धु तू ही सहायक हो जब दोनों हाथ मिलावें तू जोड़ दे मनों को ।। ४ और हे पवित्र आत्मा इन्हीं पर उतर आ प्रेम कुशल शान्ति आनंद तू दिया कर सदा ।। ५ तू इनकी रक्षा करके सब हानि से बचा और अपने उत्तम मार्ग में इन दोनों को चला ।। ६ इस लोक में इनके घर को भरपुर कर आशिष से फिर अंत को अपने राज्य में तू अनंत जीवन दे ।। 222 (२२२) H. T. B. 105. THOMA DASS. कोरसः- यह शादी ऐ दुल्हा दुलहिन, मुबारक हो मुबारक हो ।। १ मुबारक है मसीह में, जो होकर ब्याह करते हैं । मसीह भी हाजिर हो, दुलहिन मुबारक मुबारक हो ।। २ ईश जिस को खुशी देवे, हमेशा रहता है खुश-हाल । यह दिन क्या शादी, ऐ दुलहिन मुबारक हो मुबारक हो ।। ३ किया इकरार इन दोनों ने, उमर भर संग रहने का । प्रभु यह दान दे, दुलहिन मुबारक हो मुबारक हो ।। ४ मुहब्बत होवे न थोड़ी सलामत रहे यह जोड़ी । बड़ी बरकत मिले, दुलहिन मुबारक हो मुबारक हो ।। ५ प्रेम ही में बंधे रहना, पड़े जो दुःख सभी सहना । कि इज्जत पाओगी, दुलहिन मुबारक हो मुबारक हो ।। ६ मगन माँ बाप भाई बहिन, और सारा कुटुम्ब होवे । दुआ हर रोज कर, दुलहिन मुबारक हो मुबारक हो ।। ७ यह थोमादास की बिनती, मसीही भाई बहिनों से ।। नेक तू चाल चल, दुलहिन मुबारक हो मुबारक हो ।।

  • Peace and Joy 313-327 | Masihi Geet Sangrah

    शान्ति और आनन्द (Peace and Joy) 313 (३१३) 9. 8. 9. 8. 8. 8. Mir ist Bibarmung. PHILLIP HILLER 1699-1769. १ ईश्वर ने दया मुझ पर कीन्ही कि जिस के योग्य मैं न रहा आश्चर्य की बात मैंने यह गिनी मैं दया नहीं खोजता था अब मुझे हुआ यह निश्चय कि ईश्वर अत्यन्त कृपामय ।। २ ईश्वर के दण्ड के योग्य मैं रहता पर वह अनुग्रह करता है परमेश्वर आप प्रायश्चित करता और ख्रीष्ट के रक्त से तारता है यह हुआ क्यों और किस प्रकार यह दया है अपरम्पार ।। ३ हे ईश्वर यह स्वीकार मैं करता और सब को साक्षी देता हूँ जो मैं यह नीरी दया कहता तो मन का भेद खोल देता हूँ और दण्डवत करता और आह्वाद और दया का गुणानुवाद ।। ४ अब कभी हूँगा न निराशा और दया होगी मेरा गान यह प्रार्थना में है मेरी आशा सदा लों मेरा रक्षास्थान वह दुःख में मेरा है सहाय मृत काल में मेरा जीवन है ।। ५ असीम है ईश्वर तेरी दया वह मुझ से अलग होवे न जब मुझ पर आवे मौत की छाया कि तुझ पास रहूँ मैं सदा वहाँ मैं करूँगा आह्वाद और नित्य दया का गुणगाथ ।। 314 (३१४) “Like a river glorious.” 6. 5. 6. 6. D. S. S. S. 622. FRANCES R. HAVERGAL. 1836 1879. Chord - E | S- Country 8beat/Ballad | T-098 १ ईश्वर ही की शान्ति, नदी ही सी है बढ़ती आगे बढ़ती, जयवंत होती है । पूरी है पर तौभी, बढ़ती जाती है लम्बी चौड़ी गहरी, होती जाती है ।। कोरसः- ईश्वर की समीपी देती है आराम । भक्तिमान के दिल को पूरा है विश्राम ।। २ उसका हाथ सामर्थी, है अद्भुत अवस्थान शत्रुओं के बैर से, उत्तम रक्षास्थान । चिंता और आशंका, दिल से जाती है कभी न घबड़ाहट, वहां आती है ।। ३ हर एक दुख वा खुशी, ऊपर ही से है प्रेम परमेश्वर ही का, उसका सोता है । अपने को हम सौंप दें, वह सहायक है वही कठिनाई में, सच्चा मित्र है । 315 (३१५) “Peace, perfect peace.” 10. 10. Pecnm. EDWARD BICKERSTETH. 1825-1906. १ कुशल अनंत इस जगत में पापमय । यीशु तो मन में कुशल देता है ।। २ कुशल अनंत जब होता अधिक काम । यीशु को प्रसन्न करना है विश्राम ।। ३ कुशल अनंत जब दुःख में पड़ते हैं । यीशु की गोद में शान्ति पाते हैं ।। ४ कुशल अनंत जब छोड़ते जान पहचान । यीशु के हाथ में कुछ न होती हान ।। ५ कुशल अनंत जो होना हो सो हो । हम देखते सब के राजा यीशु को । ६ कुशल अनंत मृत्यु के भी समय । यीशु ने मृत्यु पर तो पाई जय ।। ७ और क्या चाहें जल्द जीवन छूटेगा । यीशु तो स्वर्ग का कुशल देवेगा ।। 316 (३१६) “The King of love, my shepherd is.” 8. 7. 8. 7. Dominus Regit. HENRY BAKER 1821-77. १ प्रेमनाथ चरवाहा मेरा है मैं उसकी दया गहता मैं उसकी भेड़ तो हूँ निर्भय वह मेरा बना रहता ।। २ मुझे तो अमृत जल के पास वह कुशल से चलाता और जहां होती हरित घास वह स्वर्गीय भोज खिलाता ।। ३ हठीली भेड़ मैं फिरता था वह प्रेम से खोजने आया और पाके कांधे पर धरा आनन्द से घर में लाया ।। ४ मृत्यु की छाया में हो साथ तो मैं न थरथराता और ढाढ़स देके तेरा हाथ नित स्वर्गीय मार्ग दिखाता ।। ५ भोजन मंच अपना सजाके तू स्वर्गीय भोज खिलाता पियाले से कृपा के तू मेरी प्यास बुझाता ।। ६ सो प्रभु अपने जीवन भर मैं तेरी दया गहता यीशु चरवाहे तुझी पर मन मेरा लगा रहता ।। 317 (३१७) “Sweet hour of prayer.” L. M. D. -- Sweet Hour. WILLIAM W. WALFORD. 1849. Chord - C | S- Waltz | T-120 १ पवित्र समय प्रार्थना का सांसारिक चिंता छोडूंगा और अपने पिता के सन्मुख बताऊँगा सब अपना दुःख जब बिपत आवे मेरे पास वह उससे करता तब निकास शैतान के जाल से बचता हूँ जब प्रार्थना करके जागता हूँ ।। २ पवित्र समय प्रार्थना का जब जान के उसकी सत्यता पिता की बिनती करता हूँ और बाट आशिष की जोहता हूँ और जब कि वह बुलाता है कि उसे मानूं हर समय मैं अपनी चिंता प्रार्थना पर नित्य डालूंगा सब उसी पर ।। ३ पवित्र समय प्रार्थना का भरोसा उससे सदा का हो मेरा जब तक कर विश्वास न जाने पाऊँ तेरे पास तब चोला छोड़ के पाऊँगा जयफल उस लोक में सदा का और सामने देखके पिता को बिदा करूँगा प्रार्थना को ।। 318 (३१८) “I heard the voice of Jesus say.” C. M. D. -- Vox Dilecti. HORATIUS BONAR, 1808-89. १ मसीहा मुझ से बोलता था हे थके मांदे आ और आके मेरे सीने पर तू तकिया कर सुस्ता मैं जल्दी गया जैसा था सुस्त मांदा और उदास और मैं ने खुशी और आराम तब पाया उसके पास ।। २ मसीहा मुझसे बोलता था देख मैं तुझ प्यासे को जीवन का पानी देता हूँ यह पीके जीवन लो तब जाके मैं ने पीया था और अब तक पीता हूँ प्यास मेरी उस से हुई तृप्त मैं उससे जीता हूँ ।। ३ मसीहा मुझसे बोलता था मैं जग की ज्योति हूँ देख मेरी ओर कि मैं तुझे प्रकाशक कर पाऊँ मैं देखने लगा तब मसीह मेरा प्रकाश हुआ और जीवन भर उस ज्योति में आनन्द से चलूँगा ।। 319 (३१९) “Jesus is our shepherd.” 11s. S. S. S. 1153 Goshen. HUOH STOWELL, 1799-1865. १ यीशु है चरवाहा भय सब होवे दूर उसके प्यार की गोद में खुशी है भरपुर उस के साथ ही चलें जिधर दे निशान सूखे जंगल ही में वा हरे मैदान ।। २ यीशु है चरवाहा उसका प्रेम अनंत उस की मीठी बातें दिल को करती शान्त ताड़ना भी वह देवे तौभी कोमल है अगुवा और कौन मेरा वह चरवाहा है ।। ३ यीशु है चरवाहा दिया उसने प्राण जिससे उसकी भेड़ें उसमें पावें त्राण और हर एक पर रहता उस का गुप्त निशान वह है उस की भेड़ी जिस में उसका मन ।। ४ यीशु है चरवाहा जो वह गहे बांह भेड़िया भी आवे हमें क्या नुकसान मृत्यु छाया पड़े सब कुछ हो उदास हम को भय न होगा हो चरवाहा पास 320 (३२०) “Blessed assurance Jesus is mine.” P. M. -- S. S. S. 73. FANNY CROSBY, 1820-1915-. Chord - C | S- Waltz | T-126 १ यीशु है मेरा कैसा दिलास मन में वह देता आनंद और आस मुक्ति का भागी स्वर्ग मेरा घर उस में मैं रहता सदा निडर ।। कोरसः- यह मेरा हाल है यह मेरा गान उसी का यश मैं करता बखान ।। २ पूरा भरोसा आनंद और सुख अब मुझे है न चिंता न दुःख ख्रीष्ट से ही हुआ दया का ज्ञान दूत गण अब करते प्रेम का बखान ।। ३ ख्रीष्ट पर मैं रखता पूरा विश्वास रहता सुरक्षित उसी के पास उसी के प्रेम से पाता विश्राम जाऊँगा अंत में स्वर्गीय धाम ।। 321 (३२१) “In the secret of His persence.” 8. 7s. S. S. S. 1186. ELLEN LAKSHMI GOREH, 1853-1937. १ यीशु की समीपी की है मेरे आत्मा को पियास कैसी अनमोल है वह शिक्षा जो मैं सीखता यीशु पास चिंताएं न कभी मुझे दूर कर सकती हैं उससे क्योंकी जब शैतान लुभाता जाता मैं समीप उस के ।। २ मेरा मन जब हांफने लगता और जब थक मैं जाता हूँ तेरे पहलू पास मसीहा पूरी शान्ति पाता हूँ यीशु रहता है साथ मेरे मुझ से करता है बातचीत मैं बयान नहीं कर सकता कैसा खुश है मेरा चित्त ।। ३ अपने सारे दुःख और शोक को लाता मैं उसी के पास कैसे धीरज से वह सुनता करता हर एक से निकास मुझ को ताड़ना भी वह देगा मुझ में पाप जब देखेगा यदि ताड़ना वह न करे तो वह मीत न रहेगा ।। ४ क्या तुम चाहते हो कि तुम भी रहो नित मसीह के पास उसकी छाया में जा छिपो उस पर रखो अपनी आस फिर तुम जहाँ कहीं जाओ रहो तुम उसके स्वरूप रखो नित्य तुम अपने मुख पर प्रभु ही का प्रतिरूप ।। 322 (३२२) “Safe in the Arms of Jesus.” 7. 6s. S. S. S. 57. FANNY CROSBY, 1890-1915. १ रक्षित मसीह की गोद में रक्षित मसीह के पास मैं खुश हूँ उस के प्यार में है उस पर मेरी आस सुनो कि दूतगण गाते मीठा एक राग सुस्वर सुन्दर प्रदेश में स्वर्ग के बिल्लोरी सोतों पर ।। २ रक्षित मसीह की गोद में रक्षित सब दुखों से रक्षित संसार के जाल से फंदों से शत्रु के दूर है सब शोक और चिंता डर और संदेह नष्ट केवल अब थोड़ा दुःख है केवल अब थोड़ा कष्ट ।। ३ यीशु पियारा रक्षक यीशु ने दिया प्राण उस पर है दृढ़ भरोसा वह मेरी है चट्टान अब तो मैं धीरज धरुं जब तक है रात यहां जब तक कि मैं न देखूँ स्वर्ग में अनंत बिहान ।। 323 (३२३) “There shall be showers of blessing.” P. M. S. S. S. 306. GEORGE MATHESON, 1842-1906. Chord - G# | S- Waltz | T-126 १ होगी आशिषों की बारिश प्रेम की प्रतिज्ञा को मान होगा समय जीवनदायक ख्रीष्ट मुक्तिदाता का दान कोरसः- बारिश आशिष की बारिश आशिषों की भेज दया की बूंदें टपकती बारिश आशिषों की भेज ।। २ होगी आशिषों की बारिश तब नया जीवन प्रबल सभों में उत्पन्न करेगा पवित्र आत्मा का फल ।। ३ होगी आशिषों की बारिश हम पर हे प्रभु तू भेज आ करके हम को जिला दे दे अपने वचन का तेज ।। ४ होगी आशिषों की बारिश आज से आरम्भ उन का हो आज अपने पापों को मानों यीशु की बिनती करो ।। 324 (३२४) “O love that will not let me go.” 9. 9. 9. 8. 6. S. S. S. 633. GEORGE MATHESON, 1842-1906. १ है प्रेम जो नहीं छोड़ता मुझे मैं थका आता हूँ पास तेरे जो जीवन मिला है अब तुझ से उस को देता मैं फिर तुझे कि और भी धनी हो ।। २ हे ज्योत जो मुझे मार्ग दिखाती मैं लाता मशाल झिलमिलाती मन किरण तुझे फेरता अपनी कि तेरी सूरज सी ज्योति और ही प्रकाशमान हो । ३ हे सुख जो मुझे दुःख में खोजता मैं तुझ से मन न बन्द कर सकता मेघ ही में धनुष को मैं देखता प्रतिज्ञा पर विश्वास रखता कि भोर मेघ रहित हो ।। ४ हे क्रूस जो मेरा सिर उठाता मैं तुझ से दूर न भागने चाहता मैं अपना मान अब धूल में डालता और भूमि से फूल सा उगता जीवन जो अमर हो ।। 325 (३२५) “Come Thou Fount.” 8. 7. 8. 7. Nettleton or Mariners. ROBERT ROBINSON, 1735-90. १ हे प्रभु आशिष के सोते मुझ से अपनी स्तुति करा तेरी दया है अनुपम दायी अथाई सर्वदा तेरा प्रेम जो है निरंतर रहता पूर्ण असीम सदा उसकी मुझ से हे परमेश्वर प्रशंसा का गीत गवा ।। २ अदन नजर तू मसीहा हुआ मेरा तारणहार इससे मैं भी पार उतरूंगा शोक समुन्दर के उस पार था मैं भुली भेड़ बराबर झुण्ड को छोड़ लाचार अशक्त यीशु खोजने और बचाने आया दिया अपना रक्त ।। ३ जनम भर मैं करता रहूँ तेरी दया को प्रकाश अपनी कृपा से हे प्रभु रख तू मुझे अपने पास तुझे भूलने को तो सदा फंदे बहुतेरे हैं छाप तू दे अब मेरे दिल पर सदा काल तू मेरा है ।। 326 (३२६) Chord - D | S- Ballad | T-086 मेरा यीशु मसीह है गड़रिया । कुछ कमती न मुझको होगी । १ मुझे हरी हरी घास चराता - अरु निर्मल पानी पिलाता, मुझे भूख प्यास न होगी । २ तू मेरी जान बचाता - अरु सच्ची राह दिखाता, उस राह में थकन न होगी । ३ मृत्यु का भय जब छावे - अरु मेरी जान दुःखावे, तेरी छड़ी से हिम्मत होगी । ४ मेरे दुश्मन को तू हरावे - मेरे लिये मेज लगावे नष्ट उनकी ताकत होगी । ५ मेरे सिर पर तेल झलकता - अरु प्याला मेरे छलकता, तेरे घर में खुशी तब होगी । 327 (३२७) सुनिये यीशु दयाल हमारी, दीनानाथ दुख हरता प्यारे । १ प्राण अबोधहि बोध दयो तुम, कारज अचरज जग परचारे । निर्बल अनाथहु गोद लयो तुम, धन्य-धन्य प्रभु नाम तुम्हारे ।। २ अमृत जल के सोते बहावो, अधम पियासा तृषा निवारे । नेह लगाये तब गुण गावे, जन सोई प्रभु तोर पियारे ।। ३ है अति हर्षित अभ्यन्तर में, निरखे महिमा रूप तिहारे । निशिदिन अन्तर ध्यान लगावे, करहु अचल ताको जग तारे ।। ४ दूरि राखि सब भव भय शंका, मगन रखो इत उत संभाले । मैं तो दास अधीन तिहारो, गैहों तुव नित्य जय जयकारे ।।

  • Trust and Submission 416-437 | Masihi Geet Sangrah

    भरोसा और सहना (Trust and Submission) 416 (४१६) “When our heads are bowed with woe.” 7. 7. 7. 7. Redhead 47 or Heinlein. H. H. MILMAN. 1791-1868. १ जब हम दुःख में पड़े हैं जब हम शोक से भरे हैं जब हम होते हैं उदास यीशु रह हमारे पास ।। २ जब विश्वास हम खोते हैं जब निराश हम होते हैं जब बलहीन हैं मन और हाथ यीशु रह हमारे साथ ।। ३ तू देहधारी हुआ था शोक और दुःख में मुआ था पापियों का है उद्धार यीशु मेरी सुन पुकार ।। ४ मुझे दे सम्पूर्ण विश्वास तब न हूँगा मैं उदास कर प्रकाशमान मुझ ही को अंत लों मेरा रक्षक हो ।। 417 (४१७) “Trust and obey.” P. M. -- S. S. 642. J. H. SAMMIS. Chord - E | S- E.Movies/"---" | T-"---" १ जब हम ले कर के हाथ चलते यीशु के साथ जीवन मार्ग तब ही होता सुखदाई यीशु रहता है पास जब हम रखके विश्वास उस की इच्छानुसार करते हैं । कोरसः- ख्रीष्ट में आनंद जो तू चाहे तो जान यह उपाय कि विश्वास से उस की आज्ञा को मान ।। २ दुःख विपत्ति हमें जो सताने लगे यीशु सबही को दूर करता है डर न दुबिधा उनको घबरावेगा जो आज्ञा मान के विश्वास करते हैं ।। ३ जितना काम हम करें दुःख परिश्रम सहें प्रतिफल यीशु देता भरपुर जो विश्वास हम करें उसके आदेश मानें दुःख से भी हम आराम पावेंगे ।। ४ जब हम अर्पण करें मन और धन तब उसके महाप्रेम का मिठास चखेंगे क्योंकी केवल उनको वह संतोष देता जो आज्ञा मान के विश्वासी रहे ।। ५ उसके पास हम रहें मीठी संगति में उसकी आज्ञा हम हर्ष से सुनें अपनी इच्छा को मार उस की आज्ञानुसार उसकी सेवा हम करते रहें ।। 418 (४१८) 7. 4. 7. 4. D. -- So nimm den. JULIA VON HANSMARN, 1825-1901. Chord - C# | S- Ballad | T-082 १ तू धर ले हाथ को मेरे पथदर्शक हो मैं रहूँगा संग तेरे सदा ही लों तुझ बिन मैं चल नहीं सकता एक पग भर भी जहां तू यीशु रहता मैं रहूँ भी ।। २ मुझ दुर्बल को तू घेर ले अनुग्रह से अधीनता और विश्वास दे हर दुःख सुख में मैं तेरा चरण गहूँ हे दीनानाथ बिन देखे दया धरूँ विश्वास के साथ ।। ३ जो भी न हो प्रकाशा मुझ पर सहाय तौभी यह मेरी आशा कि पाऊँ जय तू धर ले हाथ को मेरे पथ दर्शक हो मैं रहूँ यीशु तेरा सदा ही लों ।। 419 (४१९) “Thou, my everlasting portion.” 8. 7s. S. S. S. 574. FANNY CROSBY, 1820-1915. १ तू हे प्रभु मेरा भाग है तुझ से प्रीत मैं रखूँगा सारी यात्रा में इस लोक के तेरे साथ मैं चलूँगा तेरे साथ तेरे साथ तेरे साथ तेरे साथ सारी यात्रा में इस लोक के तेरे साथ मैं चलूँगा ।। २ जग का सुख विलास और कीर्ति मुझे नहीं चाहिये मुझे पै आवे दुःख और पीड़ा केवल साथ ही चलने दे तेरे साथ तेरे साथ तेरे साथ तेरे साथ सारी यात्रा में इस लोक के अपने साथ ही चलने दे ।। ३ छाया की तराई में से नदी पार जब उतरूंगा तब उस लोक के द्वार से होके तेरे साथ मैं पैठूंगा तेरे साथ तेरे साथ तेरे साथ तेरे साथ तब उस लोक के द्वार से होके तेरे साथ मैं पैठूंगा ।। 420 (४२०) “Precious promise God hath given.” 8. 7. with chorus S. S. S. 543. N. NILES. १ थकित यात्री प्रभु देता तुझे वचन का प्रमाण जब तक यात्रा में तू रहे मुझे अपना दर्शक जान ।। कोरसः- अपना दर्शक अपना दर्शक मुझे अपना दर्शक जान जब तक यात्रा में तू रहे मुझे अपना दर्शक जान ।। २ जब परीक्षा तुझ पर आवे और हो जावे तू भयमान यह प्रतिज्ञा मन में रखके मुझे अपना दर्शक जान ।। ३ आशा पर जब बादल आवें व्याकुल करे तेरा प्राण आशा मुझ पर ही तू रखके मुझे अपना दर्शक जान ।। ४ जब हो मृत्यु तेरे निकट तनिक भी तू भय न मान जीते मरते दुःख वा सुख में मुझे अपना दर्शक जान ।। 421 (४२१) “Saviour more than life to me.” 7. 9. 7. 9. S. S. S. 570. FANNY CROSBY, 1820-1915. १ प्राण से प्यारे तारणहार यीशु तू है मेरा प्राण आधार मुझे अपनी शरण में रख के शुद्ध कर अपने लोहू से ।। कोरस :- हर एक दिन हर एक पल तेरी सामर्थ हो प्रबल अपने कोमल प्रेम ही से मुझे अपने वश में कर तू ले ।। २ जग की चंचलता में से मेरे हाथ को ले चला मुझे तब मैं शान्ति पाऊँगा तब मैं मार्ग को भूल न जाऊँगा ।। ३ जब तक मैं संसार में हूँ जब तक स्वर्ग में जाके न रहूँ जब तक यीशु तारणहार तुझ पर बढ़ता रहे मेरा प्यार ।। 422 (४२२) “My hope is built on nothing less.” L. M. -- S. S. S. 902. EDWARD MOTE. 1797-1874. १ भरोसा एक ही मेरा है वह यीशु का छुटकारा हूँ न जाता मैं और किसी पास यीशु पर ही है मेरी आश ।। कोरसः- तेरी वह केवल है चट्टान और द्वारा सब हैं मायावान । २ अंधेरा जब आ जाता है और उसका मुख छिपाता है तब उसकी कृपा आती है अंधेरे को हटाती है । ३ जब बल से आती है बयार तब उसका वचन है पहाड़ जब सब कुछ मेरा होता नाश तब वह है मेरी पूरी आश ।। 423 (४२३) “Jesus I will trust Thee.” Is. Edina or Princethorpe. MARY J. WALKER. १ यीशु अपने हाथ में मेरा आत्मा ले मैं तो मन मलीन हूँ मुझे मुक्ति दे कहीं तेरे तुल्य कोई नहीं है मैं हूँ मुक्ति खोजी तू कृपालु है ।। २ मेरा है भरोसा तेरे नाम ही पर मैं तो उसे मानता नित अचंभा कर क्रूस पर यीशु नाम है हे सब पापी लोग उसे देखके भजो वह है ग्रहण योग ।। ३ मेरा है भरोसा तेरे कार्यों पर तू रहा दयालु अपने जीवन भर पापी लोग और कोढ़ी पास तो आते थे तू ने कभी किई घिन न किसी से ।। ४ मेरा है भरोसा धर्म पुस्तक पर प्रभु उसमें बोलता और हटाता डर जब पवित्र आत्मा मुझे शिक्षा दे तब मैं लेने पाऊँ ज्ञान उस पुस्तक ।। ५ मेरा है भरोसा प्रभु तुझ पर नित मुझ पर तेरी दया रहती है अमित तेरा अनमोल लोहू तेरा प्रेम अपार इन से त्राण को आशा मेरे तारणहार ।। 424 (४२४) “All to Jesus I surrender all.” 8. 7s. S. S. S. 601. J. W. VANDE VENTER. Chord - D | S- Ballad | T-082 १ यीशु को मैं सब कुछ देता सब कुछ अर्पण करता हूँ प्रतिदिन संगति उसकी प्रेम विश्वास से करता हूँ ।। कोरसः- सब मैं देता हूँ सब मैं देता हूँ तेरे लिये प्यारे यीशु सब मैं देता हूँ ।। २ यीशु को मैं सब कुछ देता झुकता तेरे चरणों पर छोड़ता हूँ सांसारिक इच्छा मुझे ले और अपना कर ।। ३ यीशु को मैं सब कुछ देता मुझे अपना कर प्रभु हो पवित्र आत्मा साक्षी तेरा हूँ और मेरा तू ।। ४ यीशु को मैं सब कुछ देता तुझ से मैं न रहूँ दूर मुझ में भर पिया Vर शक्ति कर आशिषों से भरपुर ।। ५ यीशु को मैं सब कुछ देता आत्मिक आग अब दिल में है पूरी मुक्ति का है आनंद उसके नाम की होवे जय ।। 425 (४२५) “All for Jesus all for Jesus.” 8. 7s. S. S. S. 1179. MARY D JAMES. १ यीशु को मैं सब कुछ देता अपनी सारी देह और प्राण सारे सोच और शब्द और कार्य उस को जिसने किया त्राण यीशु को मैं सब कुछ देता अपनी सारी देह और प्राण यीशु को मैं सब कुछ देता उसको जिसने किया त्राण ।। २ उसके मार्ग में पांव बढ़ाऊँ हाथ से उसकी सेवा हो आंख से केवल यीशु देखूँ जीभ से उसकी स्तुति हो यीशु को मैं सब कुछ देता हाथ से उसकी सेवा हो यीशु को मैं सब कुछ देता जीभ से उसकी स्तुति हो ।। ३ उस पर दृष्टि पड़ी जब से मोहित तब से हुआ हूँ धन विभव को इस संसार के सब अप्रिय जानता हूँ यीशु को मैं सब कुछ देता उस से मोहित हुआ हूँ यीशु को मैं सब कुछ देता उस को प्रिय जानता हूँ ।। 426 (४२६) 5. 5. 8. 8. 5. 5. Seelenbrautigam LUDIWG VON ZINZENDORF, 1700-60 १ यीशु दर्शक हो मार्ग बताने को तेरे मार्ग पर पांव हम धरें तेरा अनुगमन करें जब तक मृत्यु पार स्वर्ग में धाम न हो ।। २ जब हम हैं कंगाल हमें तब सम्भाल दुख पर दुख जो हम उठावे तौभी हम न कुड़कुड़ावें यहां दुख का भार वहां सुख अपार ।। ३ अपना शोक जो हो औरों का भी जो दोनों दुख हो छोटे बड़े जब कि भारी हम पर पड़े तब अनुग्रह से हमें धीरज दे ।। ४ प्रभु जीवन भर दृष्टि रख हम पर मन का कष्ट अति महान हो तब तू साहस दे हम सब को दौड़ समाप्त जब हो दे विश्राम हम को ।। 427 (४२७) “It is so sweet to trust in Jesus.” 8. 7. 8. 7. Chord - F | S- Aderia/Ballad | T-082 १ यीशु पर भरोसा रखना क्या ही प्रिय लगता है उसका वचन और प्रतिज्ञा शान्ति देते हर समय ।। कोरस :- यीशु यीशु प्यारे यीशु मैं ने तुझ को जांचा है यीशु यीशु प्यारे यीशु तू ही मेरी आशा है ।। २ उसके लोहू से शुद्ध होना अद्भुत ही जान पड़ता है पापी उस में डुबकी मारे निर्मल हो निकलता है ।। ३ पाप और स्वार्थ से छुटकारा शान्ति आनंद और विश्राम यीशु से विश्वास के द्वारा मुझे मिलते बिना दाम ।। ४ मुझे आनंद है कि मैं ने तुझ पर किया है विश्वास प्यारे यीशु मुक्तिदाता अन्त लो रह तू मेरे पास ।। 428 (४२८) “All my doubts I give to Jesus.” J. C. MORGAN. १ सब सन्देह मसीह पर छोड़ता उसकी बात मैं जानता हूँ कभी व्याकुल मैं न हूँगा प्रभु को जब मानता हूँ ।। कोरस :- मैं भरोसा उसकी बात पर सारे मन से रखता हूँ ।। २ पाप भी सब मैं उस पर छोड़ता त्राण है उसके लोहू से सदा होगी मेरी रक्षा वचन दिया उसी ने ।। ३ डर भी सब मैं उस पर छोड़ता उस में शान्ति सदा की जो अंधेरा चहुँ ओर हो उसकी ज्योति न मिटेगी ।। ४ सुख भी सब मैं उस पर छोड़ता सार आनंद का वही है वह है सारे जग का स्वामी कहां घटी मेरी है ।। ५ अपने तईं मैं उस पर छोड़ता प्राण और देह भी उसी पर जितना मेरा है और होगा सब मैं छोड़ता यीशु पर ।। 429 (४२९) “Hold Thou my hand.” GRACE J. FRANCES १ हाथ मेरा थाम मैं हूँ निर्बल निआश्रय तुझ बिन मैं आगे बढ़ न जाऊँगा हाथ मेरा थाम तब हे पियारे यीशु मैं किसी हानि से न डरूँगा ।। २ हाथ मेरा थाम और निकट खींच तू मुझे तू जिसमें है आनंद और आस भरपुर हाथ मेरा थाम न हो कि फिर मैं भटकूँ और मेरे पांव फिसलें जो तू हो दूर ।। ३ हाथ मेरा थाम मार्ग आगे है अंधेरा जो साथ न हो मुख तेरे की प्रभा पर जब विश्वास से गौरव उस का देखता क्या ही प्रसन्नता क्या आनंद मेरा ।। ४ हाथ मेरा थाम कि जब उस नद पर पहुँचे जिसके तू हुआ मेरे लिये पार स्वर्गीय उज्याला उस के ऊपर चमके हर लहर पर हो तेरा तेज अपार ।। 430 (४३०) Bhajan Tunes No. 21. बिना यीशु हो नहीं निस्तारा । १ पूरब ढूंढ़ा पश्चिम ढूंढ़ा, ढूंढ फिरा जग सारा ।। २ बैबल पढ़कर राह जो पाई, खोज लियो जग सारा ।। ३ खेश कुटुम्ब कोई काम न आवे, मतलब का संसारा ।। ४ भूले जन तुम काहे फिरत हो, आय पड़ी सत द्वारा ।। ५ वही यीशु के मैं बलि जाऊँ, जातन होवे उधारा ।। ६ पापन तें भरी नाव हमारी, डूबत हूँ मझधारा ।। ७ वा बिन अब कछु बन न पड़त है, लाख जतन कर हारा ।। ८ रे मन मत अब वाहि तू भूले, वा बिन नहीं गुजारा ।। 431 (४३१) Bhajan Tunes No. 38. मन काहे को होहु निराशा, प्रभु यीशु पै राखहु आशा ।। १ जिन मर्त्य भुवन में आये, तिन मुक्त पदारथ लाये ।। २ तुम जब बातें करो प्रति आशा, तब तुम पैहो सरग निवासा ।। ३ यीशु मृत्यु भुवन जैकारी, तिन स्वर्ग लोक पै अधिकारी ।। ४ आसी बातें करो तुम आशा, तब ही पैहो मन में दिलासा ।। 432 (४३२) यीशु तू ने किया निहाल जब मैं शरण में तेरी आया । १ यीशु आकर तेरे द्वारा बरकत पाई बेशुमार, कृपा तेरी हुई अपार मेरे दिल का मैल मिटाया ।। २ तू ने बचाये मेरे प्राण, दीनी क्रूस पे आकर जाना, तुझ से हार गया शैतान मेरे मन में तू ही समाया ।। ३ तेरी सिफतें अजब निराली, देखी सूरत खूब जलाली, मेरे दिल में है खुशहाली, मैंने जीवन का सुख पाया ।। ४ जो तेरी शरण में आवे, वह पापों से बच जावे, मन में धरम आत्मा पावे, इस को मैं ने है आजमाया ।। ५ है दास तेरा विश्वासी, काटी तू ने काल की फांसी, धन धन अमरलोक के बासी- दर्शन तेरा मैं ने पाया ।। 433 (४३३) Bhajan Tunes No. 86. THAKUR DAS. यीशु पैंया लागौं नाम लखाई दीजो हो । प्रभु ।। १ जग अंधेरे पथ नहिं सूझे दिल को तिमिर नसाई दीजो हो ।। २ जनम जून को सोवत मनुवा ज्ञानक नींद जगाई दीजो हो ।। ३ हम पापिन की अरज मसीह जी पापद बन्ध छुड़ाई दीजो हो ।। 434 (४३४) Bhajan Tunes No. 87. JOHN PARSONS. राखो प्रभु की आशा मनुवा, तारणहार वही है मनुवा ।। १ सत है निश्चय प्रभु की वाचा, पर्वत से अति दृढ़ है मनुवा ।। २ मरने तें प्रभु प्रेम दिखावो, अगम सिन्धु की नाई मनुवा ।। ३ यीशु विभव गुण घोर जगत में, किरण रूप झलकत है मनुवा ।। ४ ख्रीष्ट सनातन राज रहत है, प्रलय काल नहि घटि है मनुवा ।। ५ आश्रित उस पर आश लगाओ, न्याय दिवस नहि शंका मनुवा ।। 435 (४३५) Bhajan Tunes No. 53. BANDHU MASIH लखु रे नर आपन निर्बल शरीर ।। १ प्राण पुरुष जब निकसन लागे, रोके को बलबीर ।। २ धन संपत्ति अरु कुल परिवारा, पड़ा रहा यहि तीर ।। ३ यीशु मसीह की शरण गहो तुम, वही देत मन धीर ।। ४ पापिन कारण रक्त अपना, दीन्ह जगत को नीर ।। ५ जो यह नीर पियत मन लाई, पावत तन मन धीर ।। ६ ताको यीशु अन्त दिना में, देगा अमर शरीर ।। 436 (४३६) H. T. B. 131. SHUJAT ALI. १ आया हूँ मसीह पास तेरे, दूर न कीजियो । बा-इस गुनाहों के मुझे फेंक न दीजियो ।। २ लीजियो खबर शिताब मेरी, मेरे मसीहा । अपने फजल से मेरे गुनाह बख्श दीजियो ।। ३ दिल में गुनाह से मैल बहुत है भरा हुआ । रूह उल कुदूस शिताब में तू मुझ को दीजियो ।। ४ आता है दिन हिसाब का उस दिन का है खतर । उस दिन तू मुझको मेरे मसीह थांभ लीजियो ।। ५ दाहिने वा बाएं जब कि तू हर एक को करे । उस दिन जगह तू दाहिने तरफ मुझको दीजियो ।। ६ जब तक रहूँ जहान में तेरा ही हो रहूँ । इतनी मदद तू मेरे मसीह मेरी कीजियो ।। ७ बन्दे को है उम्मीद फकत जात से तेरी । रोज-इ जजा में साथ मुझ को अपने लीजियो ।। 437 (४३७) H. T. B. 104. १ इब्न इ खुदा मसीह से इश्क अब तो किया जो हो सो हो । उस रहनुमा को बेशुभा दिल दे दिया जो हो सो हो ।। २ राह इ खुदा से ऐ दिला ता जिन्दगी न हो जुदा । रंज ओ सितम जजा सजा रब्ब की रजा जो हो सो हो ।। ३ पेश, ए उदू इ कीनवर सूए वतन अब है सफर । जौर ओ जफा निजअ कजा बहर इ खुदा जो हो सो हो ।। ४ याद इ खुदा में बेखता सदमे सहे हजारहा । है तार इ दिल जुदा जुदा आगे नफअ जो हो सो हो ।। ५ ऐ दिल अब है क्या दर्द ओ गम जब सब शिकायत है खत्म । तू ने किया अता बका पाई शिफा जो हो सो हो ।।

  • National Life 495-498 | Masihi Geet Sangrah

    देशी जीवन (National Life) 495 (४९५) “National Anthem.” जन गण मन अधिनायक जय हें भारत भाग्य विधाता ! पंजाब सिन्ध गुजरात मराठा द्राविड़ उत्कल बंग ! विन्ध्य हिमाचल यमुना गंगा उच्छल जलधि तरंग ! तव शुभ नामे जागे तव शुभ आशिष मांगे गाहे तव जय गाथा जन गण मंगल दायक जय हे भारत भाग्य विधाता जय हे, जय हे, जय हे, जय, जय, जय, जय हे 496 (४९६) JDUTT. कोः - वरो प्रभु ! हम को यह वरदान, करें हम मातृ-भूमि सम्मान । १ कपट कलह को हम सब छोड़ें, द्वेषराग से नाता तोड़ें, प्रेम नेम से मुख नहीं मोड़ें, करें आत्म उत्थान ।। २ दुर्गुण को हम दूर भगावें, सतगुण को हम कंठ लगावें, धर्म भाव और बुद्धि बढ़ावें, भरें हृदय में ज्ञान ।। ३ दीन दुःखी के बनें सहारा, बीमारों की जीवनधारा, परस्वारथ हो धर्म हमारा, रखें यही हम बान ।। ४ सदा देश का कलह निवारें, देश-दशा को शीघ्र सुधारें, देशोन्नति में सब कुछ वारें बनें देशहित प्राण ।। 497 (४९७) Bhajan Tunes No. 119. Chord - D | S- Ballad | T-086 प्यारा हिन्दुस्तान हमारा प्यारा हिन्दुस्तान । १ यही सुखों की कल्याणों की सब ही गुणों की खान, निश्चय सब ही गुणों की खान, सब ही गुणों की खान हमारा प्यारा हिन्दुस्तान।। २ चिन्ता इसकी करें हमेशा इसका धर अभिमान, सभी मिल इसका धर अभिमान, इसका धर अभिमान हमारा प्यारा हिन्दुस्तान ।। ३ देवें धन को देवें मन को अर्पण कर दें प्राण, सभी मिल अर्पण कर दें प्राण, अर्पण कर दें प्राण हमारा प्यारा हिन्दुस्तान ।। ४ स्वदेश सेवा करे न जन जो जीवित नहीं मृत जान, न जन जो जीवित नहीं मृत जान, जीवित नहीं मृत जान हमारा प्यारा हिन्दुस्तान ।। ५ भारत देश को ऐ परमेश्वर करो सदा लो त्राण, प्रभु जी करो सदा लों त्राण, करो सदा लो त्राण हमारा प्यारा हिन्दुस्तान ।। 498 (४९८) Bhajan Tunes No. 120. THOMA DAS. मेरा सोने का हिन्दुस्तान मेरा सोने का हिन्दुस्तान ।। तू है मेरे दिल का रोशन तू है मेरी जान ।। कोरसः- मेरा सोने का हिन्दुस्तान । १ नदी नाले तुझ में घनेरे, बढ़ाते तेरी शान । कैसे सुहावन हैं तेरे जंगल, पहाड़ी और मैदान ।। २ भांति भांति के फूल खिले हैं, पक्षी करते गान । कन्दमूल हैं तुझ में घनेरे, मेवा और मिष्ठान ।। ३ तांबा पीतल तुझ में मिलते, जिससे तू धनवान । हीरा मोती तुझ में मिलते, सोने रुपे की खान ।। ४ भक्त करते भक्ति तुझ में, ध्यानी करते ध्यान । कोई तो धोता पाप की गठरी, कर गंगा में स्नान ।। ५ पाप की नींद से जाग हे भारत, मत हो तू अज्ञान । तेरे खातिर यीशु मसीह ने दी है अपनी जान ।। ६ तेरे खातिर यीशु मसीह ने दी है अपनी जान । उसको अपना मित्र समझ कर, कर उस का सनमान ।। ७ दास विनय यह करता तुझ से, हे प्रिय हिन्दुस्तान । कर विश्वास प्रभु यीशु मसीह पर, तब तेरा कल्याण ।।

  • Ascension 154–157 | Masihi Geet Sangrah

    ### स्वर्गारोहण (Ascension) #### 154 (१५४) *“All hail the power of Jesus' name."* *С. М. -- Coronation or Miles Lane.* *EDWARD PERRONET, 1726-92.* १ यीशु के नाम की होवे जय दूत गाओ हर समय । दे उसको मुकुट तेजोमय हो प्रभु ख्रीष्ट की जय ।। २ हे तारों उसका मान करो कर्त्ता जो ज्योतिमय । सृजक और रक्षक तुम मानो हो प्रभु ख्रीष्ट की जय ।। ३ हे साक्षी जिन्होनें जग में लड़ा संग्राम निर्भय । सराहो तारक को बल से हो प्रभु ख्रीष्ट की जय ।। ४ हे इस्त्रायल के सब संतान करो उसकी विनय । वह त्राता है कृपा निधान हो प्रभु ख्रीष्ट की जय ।। ५ हे दाऊदवंश के सब मनुष मानो नाथ शक्तिमय । देहधारी ईशर सत पुरूष हो प्रभु ख्रीष्ट की जय ।। ६ हे लोगो स्मरण नित करो पापों का भयानक पित्त प्रेम भरे मनसे सब कहो हो प्रभु ख्रीष्ट की जय ।। #### 155 (१५५) *“Come, let us join our cheerful song."* *C. M. -- Nativity or Winchester Old.* *ISAAC WATTS 1674-1748.* १ सिंहासन पास के दूतों संग हम मिलकर गावें गीत करोड़ों उनकी बोलियाँ पर एक है उन की प्रीत ।। २ वे बोलते हैं प्रशंसा योग वह निर्दोष मेम्ना है कि उसके दुःख और मृत्यु से है मुक्ति का उपाय ।। ३ यीशु पराक्रम महिमा और राज्य के योग्य है और आदर धन्यवाद और स्तुत सब उसकी हो सदैव ।। ४ स्वर्गवासी सब और पृथ्वी के जीवधानी यीशु के महात्म्य को और यश अनंत निरंतर गावेंगे ।। ५ सिंहासन पर विराजमान जो पवित्र उसका नाम और मेम्ने की सराहना भी हो सृष्टिभर का काम ।। #### 156 (१५६) *"Alleluia! Sing to Jesus."* *8.7.8. 7. D. Alleluia or Austria.* *W. C. DIX.* १ हाल्लेलूयाह गाओ स्तुति यीशु की जो राजा है । हाल्लेलूयाह जय जयकार हो उसने पाई है विजय । शांतिमय सिय्योन का गीत है बाढ़ को गरज के समान हर एक कुल में से यीशु ने किया है हमारा त्राण ।। २ हाल्लेलूयाह नहीं रहे अब हम बपुरे अनाथ हाल्लेलूयाह निश्चय हुआ कि वह सदा लों है साथ हाँ वह स्वर्ग पर चढ़ तो गया चालीस दीन जब थे समाप्त क्या वह प्रण जो उसने किया हमको नहीं हुआ प्राप्त ।। ३ हाल्लेलूयाह स्वर्ग के भोजन तुझसे तृप्त हम होते हैं । हाल्लेलूयाह हम सब पाप तेरी शरण लेते हैं जहाँ सारे निष्पाप संतगण गाते कांच के सागर पर वहाँ हे यीशु दयालु मेरे लिये बिन्ती कर ।। ४ हाल्लेलूयाह भूप अनादि जगत के राजाधिराज । हाल्लेलूयाह नररूपधारी सब के ऊपर तू विराज हे हमारे महायाजक स्वर्गीय मंदिर में तू है । प्रभु भोज में हो उपस्थित करता हमें तू निर्भय ।। ५ हाल्लेलूयाह गाओ स्तुति यीशु की जो राजा है । हाल्लेलूयाह जय जयकार हो उसने पाई है विजय शांतिमय सियोन का गीत है बाढ़ की गरज के समान हर एक कुल में से यीशु ने किया है हमारा त्राण ।। #### 157 (१५७) *"Arise my soul arise."* *6. 6. 6. 6. 8. 8. S. John Parish.* *CHARLES WESLEY, 1707-88.* १ हे प्राण उठ साहस कर तू दूर कर सारा डर कि तेरे पापों का प्रायश्चित हुआ था जो तेरा प्रतिनिधि है सिंहासन पास अब खड़ा है ।। २ वह स्वर्ग में रहता है कि मेरा पक्ष करे और दण्ड की आज्ञा से छुड़ावेगा मुढे वह अपने रक्त के गुणों से दूर करता पाप इस जगत के ।। ३ मेल हुआ ईश्वर से मैं क्षमा पाता हूँ अब रहा नहीं डर मैं उसका पुत्र हूँ विश्वास से अब मैं आता हूँ और अब्बा पिता बोलता हूँ ।।

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