
Masihi Geet Sangrah

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- Trust and Submission 416-437 | Masihi Geet Sangrah
भरोसा और सहना (Trust and Submission) 416 (४१६) “When our heads are bowed with woe.” 7. 7. 7. 7. Redhead 47 or Heinlein. H. H. MILMAN. 1791-1868. १ जब हम दुःख में पड़े हैं जब हम शोक से भरे हैं जब हम होते हैं उदास यीशु रह हमारे पास ।। २ जब विश्वास हम खोते हैं जब निराश हम होते हैं जब बलहीन हैं मन और हाथ यीशु रह हमारे साथ ।। ३ तू देहधारी हुआ था शोक और दुःख में मुआ था पापियों का है उद्धार यीशु मेरी सुन पुकार ।। ४ मुझे दे सम्पूर्ण विश्वास तब न हूँगा मैं उदास कर प्रकाशमान मुझ ही को अंत लों मेरा रक्षक हो ।। 417 (४१७) “Trust and obey.” P. M. -- S. S. 642. J. H. SAMMIS. Chord - E | S- E.Movies/"---" | T-"---" १ जब हम ले कर के हाथ चलते यीशु के साथ जीवन मार्ग तब ही होता सुखदाई यीशु रहता है पास जब हम रखके विश्वास उस की इच्छानुसार करते हैं । कोरसः- ख्रीष्ट में आनंद जो तू चाहे तो जान यह उपाय कि विश्वास से उस की आज्ञा को मान ।। २ दुःख विपत्ति हमें जो सताने लगे यीशु सबही को दूर करता है डर न दुबिधा उनको घबरावेगा जो आज्ञा मान के विश्वास करते हैं ।। ३ जितना काम हम करें दुःख परिश्रम सहें प्रतिफल यीशु देता भरपुर जो विश्वास हम करें उसके आदेश मानें दुःख से भी हम आराम पावेंगे ।। ४ जब हम अर्पण करें मन और धन तब उसके महाप्रेम का मिठास चखेंगे क्योंकी केवल उनको वह संतोष देता जो आज्ञा मान के विश्वासी रहे ।। ५ उसके पास हम रहें मीठी संगति में उसकी आज्ञा हम हर्ष से सुनें अपनी इच्छा को मार उस की आज्ञानुसार उसकी सेवा हम करते रहें ।। 418 (४१८) 7. 4. 7. 4. D. -- So nimm den. JULIA VON HANSMARN, 1825-1901. Chord - C# | S- Ballad | T-082 १ तू धर ले हाथ को मेरे पथदर्शक हो मैं रहूँगा संग तेरे सदा ही लों तुझ बिन मैं चल नहीं सकता एक पग भर भी जहां तू यीशु रहता मैं रहूँ भी ।। २ मुझ दुर्बल को तू घेर ले अनुग्रह से अधीनता और विश्वास दे हर दुःख सुख में मैं तेरा चरण गहूँ हे दीनानाथ बिन देखे दया धरूँ विश्वास के साथ ।। ३ जो भी न हो प्रकाशा मुझ पर सहाय तौभी यह मेरी आशा कि पाऊँ जय तू धर ले हाथ को मेरे पथ दर्शक हो मैं रहूँ यीशु तेरा सदा ही लों ।। 419 (४१९) “Thou, my everlasting portion.” 8. 7s. S. S. S. 574. FANNY CROSBY, 1820-1915. १ तू हे प्रभु मेरा भाग है तुझ से प्रीत मैं रखूँगा सारी यात्रा में इस लोक के तेरे साथ मैं चलूँगा तेरे साथ तेरे साथ तेरे साथ तेरे साथ सारी यात्रा में इस लोक के तेरे साथ मैं चलूँगा ।। २ जग का सुख विलास और कीर्ति मुझे नहीं चाहिये मुझे पै आवे दुःख और पीड़ा केवल साथ ही चलने दे तेरे साथ तेरे साथ तेरे साथ तेरे साथ सारी यात्रा में इस लोक के अपने साथ ही चलने दे ।। ३ छाया की तराई में से नदी पार जब उतरूंगा तब उस लोक के द्वार से होके तेरे साथ मैं पैठूंगा तेरे साथ तेरे साथ तेरे साथ तेरे साथ तब उस लोक के द्वार से होके तेरे साथ मैं पैठूंगा ।। 420 (४२०) “Precious promise God hath given.” 8. 7. with chorus S. S. S. 543. N. NILES. १ थकित यात्री प्रभु देता तुझे वचन का प्रमाण जब तक यात्रा में तू रहे मुझे अपना दर्शक जान ।। कोरसः- अपना दर्शक अपना दर्शक मुझे अपना दर्शक जान जब तक यात्रा में तू रहे मुझे अपना दर्शक जान ।। २ जब परीक्षा तुझ पर आवे और हो जावे तू भयमान यह प्रतिज्ञा मन में रखके मुझे अपना दर्शक जान ।। ३ आशा पर जब बादल आवें व्याकुल करे तेरा प्राण आशा मुझ पर ही तू रखके मुझे अपना दर्शक जान ।। ४ जब हो मृत्यु तेरे निकट तनिक भी तू भय न मान जीते मरते दुःख वा सुख में मुझे अपना दर्शक जान ।। 421 (४२१) “Saviour more than life to me.” 7. 9. 7. 9. S. S. S. 570. FANNY CROSBY, 1820-1915. १ प्राण से प्यारे तारणहार यीशु तू है मेरा प्राण आधार मुझे अपनी शरण में रख के शुद्ध कर अपने लोहू से ।। कोरस :- हर एक दिन हर एक पल तेरी सामर्थ हो प्रबल अपने कोमल प्रेम ही से मुझे अपने वश में कर तू ले ।। २ जग की चंचलता में से मेरे हाथ को ले चला मुझे तब मैं शान्ति पाऊँगा तब मैं मार्ग को भूल न जाऊँगा ।। ३ जब तक मैं संसार में हूँ जब तक स्वर्ग में जाके न रहूँ जब तक यीशु तारणहार तुझ पर बढ़ता रहे मेरा प्यार ।। 422 (४२२) “My hope is built on nothing less.” L. M. -- S. S. S. 902. EDWARD MOTE. 1797-1874. १ भरोसा एक ही मेरा है वह यीशु का छुटकारा हूँ न जाता मैं और किसी पास यीशु पर ही है मेरी आश ।। कोरसः- तेरी वह केवल है चट्टान और द्वारा सब हैं मायावान । २ अंधेरा जब आ जाता है और उसका मुख छिपाता है तब उसकी कृपा आती है अंधेरे को हटाती है । ३ जब बल से आती है बयार तब उसका वचन है पहाड़ जब सब कुछ मेरा होता नाश तब वह है मेरी पूरी आश ।। 423 (४२३) “Jesus I will trust Thee.” Is. Edina or Princethorpe. MARY J. WALKER. १ यीशु अपने हाथ में मेरा आत्मा ले मैं तो मन मलीन हूँ मुझे मुक्ति दे कहीं तेरे तुल्य कोई नहीं है मैं हूँ मुक्ति खोजी तू कृपालु है ।। २ मेरा है भरोसा तेरे नाम ही पर मैं तो उसे मानता नित अचंभा कर क्रूस पर यीशु नाम है हे सब पापी लोग उसे देखके भजो वह है ग्रहण योग ।। ३ मेरा है भरोसा तेरे कार्यों पर तू रहा दयालु अपने जीवन भर पापी लोग और कोढ़ी पास तो आते थे तू ने कभी किई घिन न किसी से ।। ४ मेरा है भरोसा धर्म पुस्तक पर प्रभु उसमें बोलता और हटाता डर जब पवित्र आत्मा मुझे शिक्षा दे तब मैं लेने पाऊँ ज्ञान उस पुस्तक ।। ५ मेरा है भरोसा प्रभु तुझ पर नित मुझ पर तेरी दया रहती है अमित तेरा अनमोल लोहू तेरा प्रेम अपार इन से त्राण को आशा मेरे तारणहार ।। 424 (४२४) “All to Jesus I surrender all.” 8. 7s. S. S. S. 601. J. W. VANDE VENTER. Chord - D | S- Ballad | T-082 १ यीशु को मैं सब कुछ देता सब कुछ अर्पण करता हूँ प्रतिदिन संगति उसकी प्रेम विश्वास से करता हूँ ।। कोरसः- सब मैं देता हूँ सब मैं देता हूँ तेरे लिये प्यारे यीशु सब मैं देता हूँ ।। २ यीशु को मैं सब कुछ देता झुकता तेरे चरणों पर छोड़ता हूँ सांसारिक इच्छा मुझे ले और अपना कर ।। ३ यीशु को मैं सब कुछ देता मुझे अपना कर प्रभु हो पवित्र आत्मा साक्षी तेरा हूँ और मेरा तू ।। ४ यीशु को मैं सब कुछ देता तुझ से मैं न रहूँ दूर मुझ में भर पिया Vर शक्ति कर आशिषों से भरपुर ।। ५ यीशु को मैं सब कुछ देता आत्मिक आग अब दिल में है पूरी मुक्ति का है आनंद उसके नाम की होवे जय ।। 425 (४२५) “All for Jesus all for Jesus.” 8. 7s. S. S. S. 1179. MARY D JAMES. १ यीशु को मैं सब कुछ देता अपनी सारी देह और प्राण सारे सोच और शब्द और कार्य उस को जिसने किया त्राण यीशु को मैं सब कुछ देता अपनी सारी देह और प्राण यीशु को मैं सब कुछ देता उसको जिसने किया त्राण ।। २ उसके मार्ग में पांव बढ़ाऊँ हाथ से उसकी सेवा हो आंख से केवल यीशु देखूँ जीभ से उसकी स्तुति हो यीशु को मैं सब कुछ देता हाथ से उसकी सेवा हो यीशु को मैं सब कुछ देता जीभ से उसकी स्तुति हो ।। ३ उस पर दृष्टि पड़ी जब से मोहित तब से हुआ हूँ धन विभव को इस संसार के सब अप्रिय जानता हूँ यीशु को मैं सब कुछ देता उस से मोहित हुआ हूँ यीशु को मैं सब कुछ देता उस को प्रिय जानता हूँ ।। 426 (४२६) 5. 5. 8. 8. 5. 5. Seelenbrautigam LUDIWG VON ZINZENDORF, 1700-60 १ यीशु दर्शक हो मार्ग बताने को तेरे मार्ग पर पांव हम धरें तेरा अनुगमन करें जब तक मृत्यु पार स्वर्ग में धाम न हो ।। २ जब हम हैं कंगाल हमें तब सम्भाल दुख पर दुख जो हम उठावे तौभी हम न कुड़कुड़ावें यहां दुख का भार वहां सुख अपार ।। ३ अपना शोक जो हो औरों का भी जो दोनों दुख हो छोटे बड़े जब कि भारी हम पर पड़े तब अनुग्रह से हमें धीरज दे ।। ४ प्रभु जीवन भर दृष्टि रख हम पर मन का कष्ट अति महान हो तब तू साहस दे हम सब को दौड़ समाप्त जब हो दे विश्राम हम को ।। 427 (४२७) “It is so sweet to trust in Jesus.” 8. 7. 8. 7. Chord - F | S- Aderia/Ballad | T-082 १ यीशु पर भरोसा रखना क्या ही प्रिय लगता है उसका वचन और प्रतिज्ञा शान्ति देते हर समय ।। कोरस :- यीशु यीशु प्यारे यीशु मैं ने तुझ को जांचा है यीशु यीशु प्यारे यीशु तू ही मेरी आशा है ।। २ उसके लोहू से शुद्ध होना अद्भुत ही जान पड़ता है पापी उस में डुबकी मारे निर्मल हो निकलता है ।। ३ पाप और स्वार्थ से छुटकारा शान्ति आनंद और विश्राम यीशु से विश्वास के द्वारा मुझे मिलते बिना दाम ।। ४ मुझे आनंद है कि मैं ने तुझ पर किया है विश्वास प्यारे यीशु मुक्तिदाता अन्त लो रह तू मेरे पास ।। 428 (४२८) “All my doubts I give to Jesus.” J. C. MORGAN. १ सब सन्देह मसीह पर छोड़ता उसकी बात मैं जानता हूँ कभी व्याकुल मैं न हूँगा प्रभु को जब मानता हूँ ।। कोरस :- मैं भरोसा उसकी बात पर सारे मन से रखता हूँ ।। २ पाप भी सब मैं उस पर छोड़ता त्राण है उसके लोहू से सदा होगी मेरी रक्षा वचन दिया उसी ने ।। ३ डर भी सब मैं उस पर छोड़ता उस में शान्ति सदा की जो अंधेरा चहुँ ओर हो उसकी ज्योति न मिटेगी ।। ४ सुख भी सब मैं उस पर छोड़ता सार आनंद का वही है वह है सारे जग का स्वामी कहां घटी मेरी है ।। ५ अपने तईं मैं उस पर छोड़ता प्राण और देह भी उसी पर जितना मेरा है और होगा सब मैं छोड़ता यीशु पर ।। 429 (४२९) “Hold Thou my hand.” GRACE J. FRANCES १ हाथ मेरा थाम मैं हूँ निर्बल निआश्रय तुझ बिन मैं आगे बढ़ न जाऊँगा हाथ मेरा थाम तब हे पियारे यीशु मैं किसी हानि से न डरूँगा ।। २ हाथ मेरा थाम और निकट खींच तू मुझे तू जिसमें है आनंद और आस भरपुर हाथ मेरा थाम न हो कि फिर मैं भटकूँ और मेरे पांव फिसलें जो तू हो दूर ।। ३ हाथ मेरा थाम मार्ग आगे है अंधेरा जो साथ न हो मुख तेरे की प्रभा पर जब विश्वास से गौरव उस का देखता क्या ही प्रसन्नता क्या आनंद मेरा ।। ४ हाथ मेरा थाम कि जब उस नद पर पहुँचे जिसके तू हुआ मेरे लिये पार स्वर्गीय उज्याला उस के ऊपर चमके हर लहर पर हो तेरा तेज अपार ।। 430 (४३०) Bhajan Tunes No. 21. बिना यीशु हो नहीं निस्तारा । १ पूरब ढूंढ़ा पश्चिम ढूंढ़ा, ढूंढ फिरा जग सारा ।। २ बैबल पढ़कर राह जो पाई, खोज लियो जग सारा ।। ३ खेश कुटुम्ब कोई काम न आवे, मतलब का संसारा ।। ४ भूले जन तुम काहे फिरत हो, आय पड़ी सत द्वारा ।। ५ वही यीशु के मैं बलि जाऊँ, जातन होवे उधारा ।। ६ पापन तें भरी नाव हमारी, डूबत हूँ मझधारा ।। ७ वा बिन अब कछु बन न पड़त है, लाख जतन कर हारा ।। ८ रे मन मत अब वाहि तू भूले, वा बिन नहीं गुजारा ।। 431 (४३१) Bhajan Tunes No. 38. मन काहे को होहु निराशा, प्रभु यीशु पै राखहु आशा ।। १ जिन मर्त्य भुवन में आये, तिन मुक्त पदारथ लाये ।। २ तुम जब बातें करो प्रति आशा, तब तुम पैहो सरग निवासा ।। ३ यीशु मृत्यु भुवन जैकारी, तिन स्वर्ग लोक पै अधिकारी ।। ४ आसी बातें करो तुम आशा, तब ही पैहो मन में दिलासा ।। 432 (४३२) यीशु तू ने किया निहाल जब मैं शरण में तेरी आया । १ यीशु आकर तेरे द्वारा बरकत पाई बेशुमार, कृपा तेरी हुई अपार मेरे दिल का मैल मिटाया ।। २ तू ने बचाये मेरे प्राण, दीनी क्रूस पे आकर जाना, तुझ से हार गया शैतान मेरे मन में तू ही समाया ।। ३ तेरी सिफतें अजब निराली, देखी सूरत खूब जलाली, मेरे दिल में है खुशहाली, मैंने जीवन का सुख पाया ।। ४ जो तेरी शरण में आवे, वह पापों से बच जावे, मन में धरम आत्मा पावे, इस को मैं ने है आजमाया ।। ५ है दास तेरा विश्वासी, काटी तू ने काल की फांसी, धन धन अमरलोक के बासी- दर्शन तेरा मैं ने पाया ।। 433 (४३३) Bhajan Tunes No. 86. THAKUR DAS. यीशु पैंया लागौं नाम लखाई दीजो हो । प्रभु ।। १ जग अंधेरे पथ नहिं सूझे दिल को तिमिर नसाई दीजो हो ।। २ जनम जून को सोवत मनुवा ज्ञानक नींद जगाई दीजो हो ।। ३ हम पापिन की अरज मसीह जी पापद बन्ध छुड़ाई दीजो हो ।। 434 (४३४) Bhajan Tunes No. 87. JOHN PARSONS. राखो प्रभु की आशा मनुवा, तारणहार वही है मनुवा ।। १ सत है निश्चय प्रभु की वाचा, पर्वत से अति दृढ़ है मनुवा ।। २ मरने तें प्रभु प्रेम दिखावो, अगम सिन्धु की नाई मनुवा ।। ३ यीशु विभव गुण घोर जगत में, किरण रूप झलकत है मनुवा ।। ४ ख्रीष्ट सनातन राज रहत है, प्रलय काल नहि घटि है मनुवा ।। ५ आश्रित उस पर आश लगाओ, न्याय दिवस नहि शंका मनुवा ।। 435 (४३५) Bhajan Tunes No. 53. BANDHU MASIH लखु रे नर आपन निर्बल शरीर ।। १ प्राण पुरुष जब निकसन लागे, रोके को बलबीर ।। २ धन संपत्ति अरु कुल परिवारा, पड़ा रहा यहि तीर ।। ३ यीशु मसीह की शरण गहो तुम, वही देत मन धीर ।। ४ पापिन कारण रक्त अपना, दीन्ह जगत को नीर ।। ५ जो यह नीर पियत मन लाई, पावत तन मन धीर ।। ६ ताको यीशु अन्त दिना में, देगा अमर शरीर ।। 436 (४३६) H. T. B. 131. SHUJAT ALI. १ आया हूँ मसीह पास तेरे, दूर न कीजियो । बा-इस गुनाहों के मुझे फेंक न दीजियो ।। २ लीजियो खबर शिताब मेरी, मेरे मसीहा । अपने फजल से मेरे गुनाह बख्श दीजियो ।। ३ दिल में गुनाह से मैल बहुत है भरा हुआ । रूह उल कुदूस शिताब में तू मुझ को दीजियो ।। ४ आता है दिन हिसाब का उस दिन का है खतर । उस दिन तू मुझको मेरे मसीह थांभ लीजियो ।। ५ दाहिने वा बाएं जब कि तू हर एक को करे । उस दिन जगह तू दाहिने तरफ मुझको दीजियो ।। ६ जब तक रहूँ जहान में तेरा ही हो रहूँ । इतनी मदद तू मेरे मसीह मेरी कीजियो ।। ७ बन्दे को है उम्मीद फकत जात से तेरी । रोज-इ जजा में साथ मुझ को अपने लीजियो ।। 437 (४३७) H. T. B. 104. १ इब्न इ खुदा मसीह से इश्क अब तो किया जो हो सो हो । उस रहनुमा को बेशुभा दिल दे दिया जो हो सो हो ।। २ राह इ खुदा से ऐ दिला ता जिन्दगी न हो जुदा । रंज ओ सितम जजा सजा रब्ब की रजा जो हो सो हो ।। ३ पेश, ए उदू इ कीनवर सूए वतन अब है सफर । जौर ओ जफा निजअ कजा बहर इ खुदा जो हो सो हो ।। ४ याद इ खुदा में बेखता सदमे सहे हजारहा । है तार इ दिल जुदा जुदा आगे नफअ जो हो सो हो ।। ५ ऐ दिल अब है क्या दर्द ओ गम जब सब शिकायत है खत्म । तू ने किया अता बका पाई शिफा जो हो सो हो ।।
- 463-484 | Masihi Geet Sangrah
463 (४६३) 8. 8. 8. 8. 7. Lasst Mich Gehen. १ क्या सदा क्या सदा धूल में रहूँगा सदा नहीं जो शरीर यह गड़े ओ समाधि भीतर सड़े तौभी वह जी उठेगा ।। २ गोर का द्वार गोर का द्वार तोड़कर यीशु ने उद्धार अनंत जीवन मुझे दिया उसने मृत्यु को हराया मृत्यु तेरी जय कहाँ ।। ३ धन्य समय धन्य समय देह जब फिर जी उठता है तब हम दुःख और सकल व्याधि और वह गोर के भीतर सड़े छोड़कर करेंगे जय जय ।। ४ तब निहाल तब निहाल रहेंगे हम अनंत काल सब वियोग से शोकित होना सकल हाय हाय मारना रोना उस समय होगा बन्द ।। ५ आश्चर्यमान आश्चर्यमान तेज स्वरूप ओ ज्योतिमान तब तो होगी देह हमारी आगे वह न मरनेहारी बरन ख्रीष्ट की देह समान ।। ६ अपने साथ अपने साथ हम को चैन हमारा नाथ स्वर्ग में देगा कि हम गावें उसकी स्तुति और बढ़ावें उसकी नाम संतों के साथ ।। ७ कर विश्वास कर विश्वास प्रिय प्राण जो है उदास ढाढ़स बांधो पिता माता रोदन थामो बहिन भ्राता होगा पुनर भेंट प्रकाश ।। 464 (४६४) 8. 8. 8. 8. 7. Lasst Mich Gehen. GUSTAV KNACK 1806-1878. १ कब मैं जाऊँ कब मैं जाऊँ यीशु को कब देखने पाऊँ उस के चरणों पर सिर धरना उसके पास ही नित ठहरना अपने मन से चाहता हूँ ।। २ सत्य प्रकाश सत्य प्रकाश जो अन्धकार को करता नाश कब मैं वहां पहुँचूँगा जहां तेरा मुँह मैं देखूँ मेरे मन के अभिलाष ।। ३ कैसा मीठा कैसा मीठा स्तुतिमान है दूतों का यदि पंख हमारे होते उड़ते हुए जल्द यहां से जाते हम सैहून पहाड़ ।। ४ उत्तम देश उत्तम देश तेरे फल हैं क्या विशेष अपने पास हे प्रिय प्रभु हम को स्वर्ग में स्थान तू दे परमधाम ही में प्रवेश ।। 465 (४६५) “O think of the home over there.” P. M. S. S. S. 42. D. W. C. HUNTINGTON. १ कर याद कि एक घर है उस पार सुन्दर जीवन की नदी के पास जहां संत लोग सब पाके उद्धार नित्य करते हैं हर्ष से निवास सुन्दर घर सुन्दर घर कर याद कि एक घर है उस पार ।। २ कर प्यारों को याद जो उस पार हम से पहिले पहुँच गये हैं कि वे गाते हैं ईश्वर का प्यार और आनंद से बिताते समय यर्दन पार यर्दन पार कर याद कि हैं प्यारे उस पार ।। ३ उद्धार कर्त्ता रहता उस पार हैं सब भाई और बन्धु वहाँ छोड़ के रंज और सब दुःखों का भार उनके पास मैं उस पार जाऊँगा मैं उस पार जाऊँगा उन के पास जो हैं गये उस पार ।। ४ अब जाऊँगा जल्दी उस पार जीवन यात्रा का अन्त दिखता है मेरे प्यारे जो गये उस पार मेरे आने की बाट जोहते हैं जोहते हैं जोहते हैं मेरे आने की बाट वां उस पार ।। 466 (४६६) 11. 11. 11. 11. 8, 11. Wo Findet. १ कहाँ पाता है मेरा प्राण सुख विश्राम कौन चैन देगा मुझे और क्लेश से विराम न कहीं मैं पाऊँगा ऐसा आश्रय जहां न पाप न मरण होता है नहीं नहीं इस लोक में ना वह आनंद जो रहे सदा सर्वदा ।। २ हे प्यारो संसार को छोड़ देकर प्रस्थान कर ईश्वर के मार्ग पर तो पाओगे त्राण यरुशलेम स्वर्ग का चमकीला अपार वह है अनन्तकाल लों प्राण निमित्त आधार हाँ हाँ हाँ हाँ केवल वहाँ है दुःख से शुभ शरण ओ आनंद सदा ।। ३ आह कैसा सुखदायक है स्वर्गीय निधान पाप मृत्यु शोक व्यथा वहां हैं अनजान संत लोगों का भजन और सुन्दर जो गान सो करेगा हर्षित सदा मेरा प्राण वाह वाह वाह वाह कब जाऊँगा यहाँ से कि स्वर्ग में मैं रहूँ सदा ।। ४ तो चलो हे भाइयो समीप है विश्राम कुछ देरी के पीछे प्राप्त होगा स्वर्गधाम यहाँ हमको लड़ना और दुःख सहना है पर स्वर्ग में हम पायेंगे आनंद और जय जय जय जय जय निरंतर जय हम जो लेते मसीह पास आश्रय ।। 467 (४६७) “When this passing world is done” R. M. CHEYNE. 1813-43. १ जब आ जावे महा कष्ट जब यह जगत का होगा नष्ट जब मैं स्वर्ग में उतरुं पार पाऊँ सदा का निस्तार तब ही प्रभु समझ लूँ तेरा कितना धारता हूँ ।। २ तेरे पास खड़ा हूँ महिमा जब पहिनूँ देख तेरा तेज अपार निर्मल मन से करूँ प्यार तब ही प्रभु समझ लूँ तेरा कितना धारता हूँ ।। ३ जब मैं सुनूँ स्वर्ग का गान उठता हुआ गर्ज समान पानी का सन्नाटा सा शब्द जो मीठा बीन का सा तब ही प्रभु समझ लूँ तेरा कितना धारता हूँ ।। ४ जग में भी ज्यों ऐने में तेरी महिमा देख पड़े क्षमा ऐसी मीठी हो आत्मिक शक्ति प्रबल हो कि यहाँ कुछ समझ लूँ तेरा कितना धारता हूँ ।। ५ मेरी निज की न भलाई क्रोध से भागने को जगाये ख्रीष्ट के पांजर में गुप्त हो आत्मा से भी शोधित हो नित्य सिखा कि बताऊँ तेरा कितना धारता हूँ ।। 468 (४६८) “Hush ! blessed are the dead” 6s. Dolomite Chant. १ हैं धन्य वे ही मृतक जो मरते प्रभु में कि करते हैं विश्राम अब अपने कार्यों से ।। २ दर्शन बिन परदे का वे सदा पाते हैं सत ईश्वर ज्योतिर्मय वे देखते रहते हैं ।। ३ वे इस दुःख सागर से अब छूट के निकले हैं न दुःख न पीड़ा को फिर कभी जानेंगे ।। ४ अच्छा गड़रिया उन्हें रखता है वह अमृत पानी के तीर पर ले चलता है ।। ५ न उन्हें, पर हम को आँसू बहाना है हां उन के मरने से हम दुःखित हैं निश्चय ।। ६ हम शोक से रोते हैं सुधि क्योंकर मिटेगी न हम पर दोष लगा कि रोया यीशु भी ।। ७ पर अन्तिम दिन को जब लौट आवे मेरा साथ हम सब आनंद से फिर मिल रहेंगे एक साथ ।। 469 (४६९) “There is no night in heaven” १ न रात है स्वरग में उस लोक में तेजस्वी थकावट काम में न होगी कि काम भी प्रेम है ही ।। २ न दुःख है स्वर्ग में सुख सदा रहेगा न आँसू नई सृष्टि में कभी देख पड़ेगा ।। ३ न पाप है स्वर्ग में देख भीड़ सब संतों की पवित्र है नित्य उनका गीत पवित्र वस्त्र भी ।। ४ न मौत है स्वर्ग में वहाँ जो रहेंगे सो अमर होवेंगे जयवंत वे फिर न मरेंगे ।। ५ हे यीशु अगुवा हो कि योंही हम चलें कि दुःख पाप और मृत्यु पार उस लोक में जा रहें ।। 470 (४७०) “8. 7. 8. 7. Evening Prayer or Galilee.” १ मनुष्य धूल है घास का फूल है शीघ्र वह मर जाता है आज वह आता कल वह जाता फूल सा वेग मुरझाता है ।। २ क्या धनवान हो क्या कंगाल हो दोनों मौत उठाती है बलवन्तों और निर्बलों को दोनों को गिराती है ।। ३ स्वर्गीय पिता सब बुराई दूर कर मेरे मन में से बुद्धिमानी और तैयारी न्याय के दिन को मुझे दे ।। 471 (४७१) “When all my labours and trials are o'er.” CHARLES H. GABRIEL, 1850-1932. १ मेरा दुःख धन्धा जब हो चुकेगा कुशल से स्वर्ग जब पहुँच जाऊँगा यीशु के साथ जब रहूँगा सदा मुझे तब होवेगा पूरा आनंद कोरस :- पूरा आनंद पूरा आनंद पूरा आनंद पूरा आनंद जब उसके मुख को मैं देख पाऊँगा मुझे तब होवेगा पूरा आनंद ।। २ मुझको जब स्वर्ग में एक रहने का स्थान दया से यीशु करेगा प्रदान प्रभु की वाणी जब सुनेंगे कान मुझे तब होवेगा पूरा आनंद ।। ३ मेरे सब प्यारे मिलेंगे मुझे जगत के बोझ मुझ से दूर होवेंगे जब तारणहार मुझ पर दृष्टि करे तब उससे पाऊँगा पूरा आनंद ।। 472 (४७२) “Jerusalem my happy home” C. M. ― St. Fulbert. F. B. P. १ यरुशलेम तू है सुखधाम मनोहर मीठा नाम कब तुझ में जग के संकट से मैं पाऊँगा विश्राम ।। २ कब तेरी सुन्दर भीतों को और बाहर रतन द्वार सुनहली सड़क देखूँगा और पाऊँगा उद्धार ।। ३ हाँ कब मैं तुझ में बसूंगा हे ईश्वर के सुख धाम जहां न पाप न मृत्यु है न पीड़ा शोक न घाम ।। ४ जहाँ सनातन आनंद और कुशल क्षेम सदा है आह तुझ में मुझे जाना है पर दिन कब आवेगा ।। ५ संतों की मंडली है वहाँ और संग है यीशु नाथ और मेरे प्यारे भी अनेक वहाँ हैं उनके साथ ।। ६ मैं तेरी लालसा रखता हूँ हे ईश्वर के सुखधाम जब तेरा हर्ष मैं देखूँगा मैं करूँगा विश्राम ।। 473 (४७३) “Here we suffer grief and pain” १ हम यहाँ दुःख सहते हैं कि एक साथ न रहते हैं स्वर्ग लोक है मेल का स्थान । तब हम करें खुशी खुशी खुशी खुशी जब हम जब ही मिलके अलग फिर न होवेंगे ।। २ सब जो चाहते यीशु को उनका जब कि मरना हो स्वर्ग लोक को जावेंगे । ३ खुशी तब मनावेंगे जब हम देखने पावेंगे ख्रीष्ट को सिंहासन पर । ४ तब एक मन और एक ही स्वर गावेंगे हम खुशी कर यीशु मसीह की जय ।। 474 (४७४) “Asleep in Jesus” L. M. - Rest. MRS. MARGARET MACKY, 1832. १ मसीह में सोये श्रेष्ठ आराम उठकर न करेगा विलाप एक शान्त निश्चित निडर विश्राम दूर हुआ पाप का सारा श्राप ।। २ मसीह में सोये महा सुख कि इस आराम के योग्य हो कि साथ निश्चय के गा सकें मसीह ने मारा मृत्यु को ।। ३ मसीह में सोये शान्त आराम उठकर पाओगे परमानन्द उस के पराक्रम के समय होंगे हर व्याधि से निर्बन्ध ।। ४ मसीह में सोऊ मुझे भी यह उत्तम आश्रय मिल सके कि पुनरुत्थान के समय लों यह देह विश्राम से सोयेगा ।। ५ मसीह में सोये तुझ से दूर जो तेरे प्यारे पड़े हों तौभी है तेरा श्रेष्ठ आराम जी उठके देखेगा उनको ।। 475 (४७५) “The sands of time are sinking” 7. 6. 7. 6. D. Rutherford. ANNE ROSE CAUSIN, 1824-1906. १ संसार का दिन ढल जाता और स्वर्ग का बिहान जिस भोर की आश मैं रखता वह भोर अब हैं ज्योतिमान रात थी बहुत अंधेरी अब करता दिन प्रवेश और विभव विभव रहता इम्मानुएल के देश ।। २ मसीह है प्यार का सोता उस जल की क्या मिठास संसार में मैं ने चखा पर स्वर्ग में बुझती प्यास वहाँ एक बड़ा सागर उसका प्रेम अशेष और विभव विभव रहता इम्मानुएल के देश ।। ३ मसीह है मेरा प्यारा वह मुझ से रखता प्रेम जौनार के घर में लाता अशुद्ध और दुराचार मैं उस पर रखता आस्रा पूर्ण होगी आश विशेष जहां वह विभव रहता इम्मानुएल के देश ।। ४ दुलहिन तो अपने भेष पर लगाती नहीं ध्यान वह विभव नहीं ताकती पर वह लोहू लुहान न आँख लगाती ताज पर हाथ छिदे हैं विशेष मेम्ना है सारा विभव इम्मानुएल के देश ।। ५ जीवन के थान में उसने विचार से बुना क्षेम और शोक की ओस पर सदा चमकता उसका प्रेम जिस हाथ ने ठीक चलाया जिस चित से था उपदेश उन को मैं नित्य सराहूँ इम्मानुएल के देश ।। ६ मैं स्वर्ग की ओर हूँ ताकता जब चली बयार प्रचण्ड अब थके पथिक नाईं जो टेकता अपना दण्ड आयु के संध्या समय ज्यों मौत का है संदेश मैं विभव उदय ताकता इम्मानुएल के देश ।। 476 (४७६) 8. 7. 8. 7. 8. 8. 7. Luther's Hymn. JOSHUA STEGMANN. १ हे मौत अब तेरा डंक कहाँ कहाँ परलोक जय तेरी शैतान अब हम से करे क्या चाहे शक्ति हो घनेरी परमेश्वर ही ने किया है हमारे लिये उत्तम जय ख्रीष्ट यीशु ही के द्वारा ।। २ सांप कैसे फनफनाता था जब यीशु उससे लड़ा छल बल से उस पर आता था पर उससे मारा गया हां ख्रीष्ट की एड़ी डसने से वह पा न सका उस पर जय सिर सांप का कुचला गया ।। ३ ख्रीष्ट वैरीयों पर जयवंत हो पाताल से निकल आया और मौत को भी हराया मृत गोर को भी हराया अब कोपित होवें सारे दल शैतान और उसका पूरा बल जयवंत मसीह हो गया ।। ४ ख्रीष्ट यीशु मौत में पड़ा था पर देख फिर जीवित भया अब जीवे उसके अंग सदा जब सिर जिलाया गया जो यीशु पर विश्वास करे न रहेगा वह कबर में वह जीवे जोभी मरा ।। ५ जो दिन दिन उठे ख्रीष्ट के साथ पाप मौत से मन फिरावे न होगा उस पर मौत का हाथ न उस पर आने पावे ख्रीष्ट ने मौत को किया क्षय वही निर्दोषता लाया है अमरता अनंत जीवन ।। ६ ये हैं निस्तार के पर्व के दान ख्रीष्ट यीशु ही के द्वारा कि मुक्ति आनंद और कल्याण अब है सदा हमारा सो बाट हम जोहें धीरज से जब लों न महा दिवस में हमारे देह जी उठें ।। 477 (४७७) Bhajan Tunes No. 121. PRABHU DAS अपना कोई नहीं है जी ।। बिना प्रभु यीशु हर्गिज मुक्ति नहीं है जी । १ धन जोबन का गर्व न कीजै सिर पर मौत न मानी । इक दिन ऐसा होगा बन्दे तू डूबे बिन पानी ।। २ मानुष चोला हुआ पुराना कब लग सीवे दरजी । दुःख का भंजन कोई न मिलिया जो मिलिया सो गरजी ।। ३ जब लग तेल दिया में बाती जग मग जग मग हो रही । जल गय तेल निपट गई बाती ले चल ले चल हो रही ।। ४ माटी ओढ़ना माटी बिछौना माटी का सिरहाना । इक दिन ऐसा होगा बन्दे माटी में मिल जाना ।। ५ सदा न बाग में बुलबुल बोले सदा न बाग बहारा । सदा न रहती हुस्न जवानी सदा न सुहबत यारां ।। ६ माई कहे यह पुत्र हमारा बहिन कहे बिर मेरा । भाई कहे यह भैया हमारा नारि कहे नर मेरा ।। ७ तीन दिना तेरी तिरिया रोवे जीवे जब लग माता । मरघट तक तेरा कुटुम्ब कबीला हंस अकेला जाता ।। ८ घर की तिरिया झुर झुर रोवे बिछुड़ गई मेरी जोड़ी । प्रभुदास उठ के यों बोले जिन जोड़ी तिन तोड़ी ।। ९ दुःख की गठरी सिर पर भारी जाकर कहाँ उतारी । यीशु जी ने हांक पुकारी दुःख की गठरी टारी ।। 478 (४७८) H. T. B. 22 अस घर जग में कोई नहीं । जिस घर मैं न जाती हूँ ।। १ ताक लगाये हाजिर रहती । जिधर इशारा पाती हूँ ।। २ जिसे बुलाता साईं मेरा । मैं ही लेने जाती हूँ ।। ३ हुक्मी चेरी मैं हूँ उस की । तुरतहि हुक्म बजाती हूँ ।। ४ लोहा लकड़ी कछु नहि लाती । चुपके तीर चलाती हूँ ।। ५ डरती कभु न फिराऊन से । खुले खजाने आती हूँ ।। ६ भाई भतीजे रोवत पीटत । मात पिता से छुड़ाती हूँ ।। ७ जो कोई है शैतान का बन्दा । नरक उसे ले जाती हूँ ।। ८ यीशु मसीह के बलिबलि जाओ । निर्बल तुम्हें बताती हूँ ।। 479 (४७९) Bhajan Tunes No. 23 or 24. HINGAN. जगत में ना निश्चय पलकी । १ सुमरण करिये प्रभुहि सुमरिये, को जाने कलकी ।। २ हंस रहे जौलोग घट भीतर, हरख रहे दिल की ।। ३ हंस निकल जब जावे घट से, माटी भूतल की ।। ४ कौड़ी कौड़ी वित्त बटोरे, बात किये छल की ।। ५ भारी गेठ धरे सिर ऊपर, क्योंकर हो हल्की ।। ६ सांझ पहर दिनकर जस छीजे, जोत झला झलक ।। ७ आयुर बल झट बीतत तैसे, बिजली जस दमकी ।। ८ काम क्रोध मद माया तजि के, कुटिल बात खलकी ।। ९ सेवक यीशु चरण पर निहुरत, सुनिये निरबल की ।। 480 (४८०) Bhajan Tunes No. 82. NAINSUKH. जो तुम जीवो तो करलो विचारा, यीशु है मेरो सृजनहारा ।। १ जीवन मरन यही संसारा, यीशु नाम से होत उधारा ।। २ मातु पिता दुःख देखनहारे, कोई नहीं दुःख बांटनहारा ।। ३ बेटी बहिन अरु घर की नारी, रोवत विलपत सब परिवारा ।। ४ लोग बाग सब सोचन लागे, हंस कहां गया बोलनहारा ।। ५ अबही चेतो हे अभिमानी, काल सिरहाने आय पुकारा ।। ६ उठ रे पापी तोहि बुलाई, अगिन जहां नहीं बूझनहारा ।। ७ यीशु के लोग जहां जात होई, सुनत नहीं यह बोल करारा ।। ८ धर्मरूप तब कहत सुनाई, चलिये प्रभु दर्शन को प्यारा ।। 481 (४८१) Bhajan Tunes No 46. JOHN CHRISTIAN. मन मरन समय जब आवेगा, मन मरन समय । १ धन संपत्ति अरु महल सराये, छुटि सबै तब जावेगा ।। २ ज्ञान मान विद्या गुण माया, केते चित्त उरझावेगा ।। ३ मृगतृष्णा जस तिरखित आगे, तैसे सब भरमावेगा ।। ४ मातु पिता सुत नारी सहोदर, झूठे माथ ठठावेगा ।। ५ पिंजर घेरे चहुँदिश विपिन, सुगवा प्रिय उड़ जावेगा ।। ६ ऐसो काल शमशान समाना, कर गहि कौन बचावेगा ।। ७ जान अधम जन जौं विश्वासी, यीशु पार लगावेगा ।। 482 (४८२) H. T. B. 70. PREM DAS. रहेगा हंसा चार दिना जग माहीं । १ मुक्ति गहन जनि बारि लगाओ । घटत दिवस अब जाहीं ।। २ पथिक नींद अस यह संसारा ।। छन सोवत पथ माहीं ।। ३ दारा पति सुत बन्धु सजाती । साथी ये सब नाहीं ।। ४ जो तुम पाप कियो तन मन से । बांट न लेहीं ताहीं ।। ५ धन्य दयालु पिता परमेश्वर । प्रेम असीम दिखाहीं ।। ६ पापिन भार उतारन कारण । निज सुत जगत पठाहीं ।। ७ दास आस निज तापर राखो । पाप श्राप नट जाहीं ।। 483 (४८३) H. T. B. 105 J. UMRAIL. १ जरा टुक सोच ऐ गाफिल कि क्या दम का ठिकाना है । निकल जब ये गया तन से तो सब अपना बिगाना है ।। २ मुसाफिर तू है और दुनिया सरां है भूल मत गाफिल । सफर मुल्क-इ-अदम आखिर तुझे दरपेश आना है ।। ३ लगाता है अबस दौलत पै क्यों तू दिल को अब नाहक । न जावे संग कुछ हरगिज यहीं सब छोड़ जाना है ।। ४ न भाई बन्ध है कोई न कोई आशना अपना । बखूबी गौर कर देखा तो मतलब का जमाना है । ५ लगा रह याद में हक की अगर अपनी शफा चाहे । अबस दुनिया के धन्धों में हुआ गुल क्यों दिवाना है ।। 484 (४८४) H. T. B. 103. SHUJAAT ALI. १ सुनो ऐ जान इ मन तुम को यहां से कूच करना है । रहो तुम याद-इ-हक्क में जब तलक यहां आबदाना है ।। २ अरे गाफिल तू क्यों भूला है इस दुनिया के लालच में । रखो कुछ खौफ भी हक का अगर जन्नत को जाना है ।। ३ करो टुक गौर दिल में कहा क्या क्या तुम्हें उसने । किया था हुक्म जो हक ने उसे तुम ने न माना है ।। ४ पड़े सोते हो गफलत में जरा टुक आँख को खोलो । हुई है शाम उठ बैठो मुसाफिर घर को जाना है ।। ५ न दौलत काम आयेगी न इस दुनिया से कुछ हासिल । अगर तुम सोचकर देखो यह सब कुछ छोड़ जाना है ।। ६ जो मलक-उल-मौत आवेगी तुम्हें इस जां से लेने को । बहाना क्या करोगे तुम वह तुम से भी सियाना है ।। ७ खुदा जब तुम से पूछेगा तू क्या लाया उस आलम से । दिया था उमर और दौलत तो क्या तुहफा कमाया है ।। ८ अगर गाफिल रहे हक से तुम्हें दोजख में डालेगा । रहे हो याद में हक की तो जन्नत घर तुम्हारा है ।। ९ हयात अब दी अगर चाहो तो कह यीशु मसीह से तू । वही शाफी है उम्मत का कि जिसका नाम यीशु है ।। १० सलीब ऊपर उसे रखकर किया है कत्ल जालिम ने । उसे मत भूल ऐ आसी वही तेरा ठिकाना है ।।
- Evening 15-27 | Masihi Geet Sangrah
संध्याकाल (Evening) 15 (१५) "The day is past and over." 7. 6. 7. 6. 8. 8. St. Anatolius. J. M. NEAL. 1862. १ अब प्रभु, दिन बीत गया मैं धन्य मानता हूँ । यह वर तू दे कि रात को निष्पाप सो रहूँ । हे यीशु दृष्टि कर मुझ पर तू आज की रात में रक्षा कर ।। २ अब दिन का श्रम हो चुका मैं भजन करता हूँ । यह वर तू दे कि क्षेम से रात भर मैं सो रहूँ । हे यीशु दृष्टि कर मुझ पर तू आज की रात में रक्षा कर ।। ३ अब दिन का सुख हो चुका टेक तुझ पर रखता हूँ । यह वर तू दे कि रात को निर्दोष बना रहूँ ।। हे यीशु दृष्टि कर मुझ पर तू आज की रात में रक्षा कर ।। ४ प्राणेश हो तू प्राण पालक तू ही अब जानता है । कि मार्ग में कौन सी जोखिम आ पड़नेवाली है । हे प्रेमी यीशु कान तू धर सब दुख और क्लेश से रक्षा कर ।। 16 (१६) "Sweet Saviour, bless us ere we go" 8s. St. Matthias. F. W. FABER. 1814-1863. १ आशिष से यीशु बिदा कर और बचन सभों में जमा । तू हम में प्रेम और चेष्टा भर कि मन हो तृप्त, न गुनगुना ।। कोरस :- जीवन के दिन और संध्याकाल हमारी ज्योत हो ख्रीष्ट दयाल ।। २ यह दिन अब हुआ है समाप्त और देखे तू ने सारे कर्म । जो हमसे जय आज हुई प्राप्त वा हुई भूल चूक और अधर्म ।। ३ हे प्रभु क्षमा कर सब पाप कुपन्थ से हमें नित बचा । और अगले दिनों में प्रताप पवित्रता और सुख बढ़ा ।। ४ तू श्रमी था अब श्रम है सुख उतारा तू ने क्लेश का भार । न होवे बैर, और पाप से दुःख न मन में छल वा अहंकार ५ हर मित्र, दुःखी और कंगाल और पापी निमित्त सुन पुकार दे हम को आनन्द हे कृपाल हे यीशु प्रिय तारणहार ।। 17 (१७) "Saviour breathe an evening blessing." 8. 7. 8. 7. 8. 7. 8. 7. Evening Prayer. JAMES EDMESTON, 1791-1867 १ इसके पहिले कि हम सोवें त्राता अपनी आशिष दे । पाप और घटी जो हम मानते दूर तू कर हम लोगों से ।। २ जो रात होवे घोर अंधेरी तेरे संग न होगा डर । तू ही अपने निज संतान की देकर शान्ति रक्षा कर ।। ३ जो विनाश हम को घेर लेवे चारों ओर हो तीर उड़ते । भेज दूतों को पास हमारे कि हमारी सुधि ले ।। ४ जो इस रात में मृत्यु आवे उठें न बिछौने से । कृपा कर तू पास बुला के स्वर्ग में हमें जगह दे ।। ५ प्रिय पिता तेरे हाथ में अपने तईं हम सौंपते हैं । तू है इस्त्राएल का रक्षक हमको भी तू रख निर्भय ।। ६ मन हमारे का अंधेरा हे श्रेष्ठ आत्मा दूर कर दे जब तक स्वर्ग की ज्योत का उदय हम पर पूरा न होवे ।। 18 (१८) "Lord keep us safe this night." S. M. Vesper. इस रात में रक्षा कर हे प्रभु जोखिम से और सोते समय सारा डर तू भोर तक दूर कर दे ।। 19 (१९) "Now the light has one away." 7. 7. 7. 7. Dijon or Innocents. LOUISE HENSEL. 1798-1876 १ काम से हाथ उठाता हूँ सोने को मैं जाता हूँ । स्वर्गीय पिता दीनदयाल रात भर मेरा हो रखवाल ।। २ भूल और चुक सब हे पिता आज के दिन की कर क्षमा । यीशु ही के लोहू से मुझे धोके शुद्ध कर दे ।। ३ घर के छोटे बड़े सब सौंपते तेरे हाथ में अब । कृपा करके हे कृपाल सभों का तू हो रखवाल ।। ४ चंगा कर बीमारों को दुखियों को शान्ति हो । मरते समय कृपा कर ले हम सब को अपने घर ।। 20 (२०) "Softly on the breath of evening." 8.7.8.5. 8. 8. 6. १ धीमी आती ठंडी पवन जान भी पड़ता सांझ पहर तू जो शोक से थका हुआ जाग के प्रार्थना कर ।। कोरस :- हे परदेशी शोक न करना हे परदेशी शोक न करना नदी पार है विश्राम २ प्रार्थना समय जब आ जाता छूटते सारे भ्रम और डर वही घड़ी शान्तिदायक जाग के प्रार्थना कर ।। ३ आसपास होवें जाल शैतान के यीशु पर तू आशा धर तेरी बिनती वही सुनता जाग के प्रार्थना कर ।। आमीन ।। 21 (२१) "As fades the daylight splendor." 7. 7. 6. 7. 7. 8. Innsbruck PAULUS GERHARDT 1607-76. १ फिर रात्रिकाल अन्धेरा भूगोल पर आके घेरा सूर्य्य अस्त हो गया है पर मन में करके डेरा अब यीशु त्राणी मेरा उजाला करता रहता है ।। २ आकाश का अन्धियारा चाँद तारों ने निवारा है कैसे चमकवान आह कि संसार मैं छोड़ता और स्वर्ग पर कभी चढ़ता यीशु के तेज में मेरा प्राण ।। ३ जो क्लेश और भार दिन लाया से उसके साथ फिर गया समाप्त है मेरा काम तू मेरा तारणहारा अपने निज रक्त के द्वारा कर मुझे शुद्ध और दे विश्राम।। ४ जो निंद्रा तुझ पर पड़े कौन मेरी रक्षा करे हे इस्त्राएल की ढाल जो कभी नहीं ऊँघता और कभी नहीं थकता हो अपने आश्रित का रखवाल।। ५ तुम्हें भी प्यारो मेरे ख्रीष्ट अपने प्रेम से घेरे तुम पर पसारे हाथ कि दुःख न निकट आवे वह तुम्हें आप लिटावे कि कुशल हो तुम्हारे साथ ।। 22 (२२) "Abide with me." 10s. Eventide. HENRY LYTE. 1793-1847. Chord - D | S-"--"/ Ballad | T-066 १ रह मेरे पास दिन ढला जाता है अंधेरा प्रभु बढ़ता आता है जब हूँ अकेला मित्रहीन निरास दीनों के आश्रय रह तू मेरे पास।। २ बेग बीतते हैं इस लोक के थोड़े दिन आनन्द भी स्थिर न रहता तेरे बिन । सब ठौर बिकार देख पड़ता और विनास हे अटल प्रभु रह तू मेरे पास ।। ३ हर घड़ी तू ही मुझे दिखा कर शैतान का छल तू कृपा करके हर । तू अगुवाई कर और मन में बस सब दुःख और सुख में रह तू मेरे पास ।। ४ निडर मैं होऊं जो तू शरण दे दुख भी मैं सहूँ जो तू धीरज दे मृत्यु के दिन में तू हो मेरी आस जय निश्चय होगी जो तू मेरे पास ।। ५ जब मरना हो तू अपना क्रूस दिखा अंधेरे में तू अपनी ज्योत चमका । भोर वहाँ होगी रात से कर निकास जीवन और मरन में रह मेरे पास ।। 23 (२३) L. M. Breslau or Old Hundred. CIR. 1674. १ सांझ है हे प्रीतम यीशु ख्रीष्ट तू किधर जाता मेरे इष्ट हे कृपासिन्धु दया कर यह मन बना ले अपना घर २ दिन बीता अन्धकार चहुँ ओर रात आती है जो अति घोर मुझे न त्याग हे सत प्रकाश मैं तेरा शरणागत दास ।। ३ धर्म सूरज पाप की रात मिटा हो उदय मेरे मन में यूं ।। तब बिना ठोकर चलूंगा कि स्वर्ग के पथ से न भटकूं ।। ४ निदान मृतकाल के संकट से मुझे निकाल सुमृत्यु दे हे यीशु ख्रीष्ट रह मेरे संग कि मैं हूँ तेरे देह का अंग ।। 24 (२४) "Glory to Thee my God this night." L. M. Abends or Tallis' Canon. THOMAS KEN. 1637-1711. १ हे ईश्वर धन्य तेरा हो कि अब मैं देखता संध्या को । अब राजाओं के राजा दे कि रहूँ रातभर कुशल से ।। २ यीशु के द्वारा पाप मिटा जो मैंने आज के दिन किया । कि मेल मिलाप हो सभों से और सोने पाऊँ कुशल से ।। ३ सुधार तू ऐसे मेरी जान कि मृत्यु नींद के हो समान । और अंतिम दिन सहायता कर कि मैं जी उठूं बिना डर ।। ४ मुझे संभाले तेरा हाथ और मीठी नींद हो तेरे साथ । कि जागते ही मन मेरा हो योग्य तेरी सेवा करने को ।। ५ इस रात को नींद न आवे तो भर दिल में धार्मिक बातों को । मुझ को सब बुरे स्वप्नों से और भय से भी बचा तू ले ।। ६ सब आशिषों के ईश्वर को सब मनुष्यों से स्तुति हो । स्वर्ग दूतों से प्रशंसा हो । पिता और पुत्र और आत्मा को। 25 (२५) “Saviour, again to Thy dear Name we raise." 10s. Ellers. JOHN E, ELLERTON, 1826-93. १ हे त्राता स्तुति फिर हम करते है गान तेरे नाम का ख्रीष्ट सब गाते हैं । हम खड़े हो सराहते हैं फिर झुक के तुझ से शान्ति चाहते हैं ।। २ घर लौटते समय हमें शान्ति दे कि दिन समाप्त हम करें साथ तेरे । सभों के मन बच कर्म पवित्र कर कि तुझी में सो रहें हो निडर ।। ३ तेरी निज शान्ति हम पर अब रहे घोर अंधकार को ज्योति तू कर दे । पास रह के हानि और जोखिम से बचा रात भर विश्राम हो तेरी शरण का ।। ४ तू जीवन भर दे शान्ति हमों को कि दुःख में धीरज युद्ध में जय नित हो । तेरी बुलाहट को जब सुनेंगे तब तुझ से चैन सनातन पावेंगे ।। 26 (२६) "The day Thou gavest, Lord, is ended." 9. 8. 9. 8. Radford. JOHN E, ELLERTON, 1826-93. १ हे प्रभु तू ने दिन और रात को ठहराया है हमारे हित । की हमने तेरी स्तुति प्रात को अब गाके सो रहें सुचित ।। २ तू धन्य है कि जग में ज्योति जहाँ कहीं आ जाती है । वहाँ आराधना तेरी होती नित मण्डली जागती गाती है ।। ३ ज्यों उजियाला द्वीप प्रदेश में तब आगे बढ़ता जाता है । किसी न किसी प्रांत विशेष में बिनती का शब्द सुन पड़ता है।। ४ हमारी सोने की अब बेरा पश्चिम के लोग जाग गाते हैं । सो दिन पर दिन हे ख्रीष्ट यश तेरा हम पारी पारी करते हैं ।। ५ ऐसा हो त्राता कि राज्य तेरा नित ठहरे कभी टल न जाय । वह रहे स्थित और बढ़े सदा जबलों सब सृष्टि वश न आय।। 27 (२७) "Sun of my soul." L. M. Hursley or Abends. JOHN KEBLE, 1792-1866. १ हे प्राण के सूर्य्य दीना नाथ रात है नहीं जब तू है साथ संसार के किसी बादल से अपनी ज्योत न छिपने दे ।। २ जब दिन के काम से थकित हो मैं आँखें मूंदूँ सोने को । तब मन में रहे यही आस कि चैन नित करूँ ख्रीष्ट के पास। ३ दीन भर रह मेरे साथ सदा तुझ बिन मैं जी न सकूँगा ।। रहे मेरे साथ जब रात रहे तुझ बिन मैं डरता मरने से ।। ४ जो किसी ने आज निश्चिन्त हो त्याग दिया तेरे बचन को तू प्रभु उसे समझा दे कि पाप में पड़ा न रहे ।। ५ तू रोगियों की सुधि ले कंगालों को सन्तुष्ट कर दे । जो दुःख में है रह उनके साथ कि चैन से सोवें सारी रात ।। ६ फिर जागते समय कृपा से पास आके हमको आशिष दे । जब तक न स्वर्ग के भवन में हम जाके हर्ष से नित रहें ।।
- Easter 146–153 | Masihi Geet Sangrah
### ख्रीष्ट का जी उठना (Easter) #### 146 (१४६) *8.8.8.8. 4. Erschienen 1st.* *NIKOLAUS HBRMANN, 1510-1561* १ ईश्वर का पुत्र मृत्युंजय आज मृत्यु से जी उठा है बड़े विभव और सामर्थ से धन सदा लों कहो उसे : हल्लेलूयाह ।। २ शैतान को उसने जीत लिया और उसका काम बिनाश किया जैसे शूर बीर अजीत बलवान निज बैरियों पर है जयमान : हल्लेलूयाह ।। ३ हे प्रीतम प्रभु यीशु ख्रीष्ट जो पापियों का त्राता इष्ट अपने स्वर्ग राज्य के आनंद में दया कर हम को बैठने दे : हल्लेलूयाह ।। ४ पराजित बैरी से क्या डर मत कांपो उसकी धमकी पर लाज ठट्ठे में वह पड़ा है हमें छुटकारा मिला है : हल्लेलूयाह ।। ५ इसलिए अब हम आनंदमय स्वर्गराज की लालसा रखते हैं जहाँ हम अपने प्रभु पास सदा रहोंगे बिना त्रास : हल्लेलूयाह ।। ६ परमेश्वर पिता दयावान और यीशु ख्रीष्ट उसके समान और आत्मा का भी वैसा हो धन अभी से सनातन लों : हाल्लेलूयाह ।। #### 147 (१४७) *7. 6. 7. 6. 7. 7. 6. 6. Auf Auf Mein Herz.* *FR. A. LAMPE, 1683-1759.* १ ख्रीष्ट यीशु ने हराया शैतान का सारा दल दोष दायक बांधा गया नष्ट हुआ पाप का बल व्यवस्था पूरी करके क्रोध अपने ऊपर लिया त्राणदाता यीशु ख्रीष्ट ।॥ २ हे मेरे मन इस कारण तू ख्रीष्ट की स्तुति कर सब भांति कर निवारण विश्वास से शक्ति भर शोक चिन्तायें सब भारी संदेह निराशता सारी डाल ख्रीष्ट की कबर में ।। ३ ख्रीष्ट यीशु है जी उठा विभव महिमा में तो मृत के बंधे से छूटा तू उसके उठने से श्राप उसी ने उठाया सब तेरा ऋण मिट गया तू शांति हो आनंद कर ।। ४ सो आता मैं पास तेरे हे जीवन के प्रधान देख कृपा कर घाव मेरे मैं हूँ असामर्थवान परिश्रम जो मैं करता निष्फल ओ व्यर्थ ठहरता तू मुझे चंगा कर ।। ५ दे सत प्रतीति मुझे हे प्रभु कर सहाय कि पहचानूँ तुझे मार्ग जीवन औ सच्चाई दूर कर संदेह अंधकारा कि मैं विश्वास के द्वारा नित तुझे थांमें रहूँ ।। #### 148 (१४८) *7.8.7.8. 7. 7. Ratisbon.* *LOUISE V. RRANDENBURG, 1627* १ जय हाँ जय सनातन जय मेरा तारणहार जी उठा गोर की ख्रीष्ट ने तोड़ा है और मैं गोर के डर से छूटा पास मेरे मौत अब आवे मुझे भय न लगेगा ।। २ मैं भी अब से जीऊँगा ख्रीष्ट का भाग मेरा भी पड़ा मैं भी स्वर्ग पर चढूँगा जिधर मेरा प्रभु चढ़ा और नित हूँगा उसके संग सिर क्या तजेगा एक अंग ।। ३ धूल मैं हूँ और मिट्टी में बीज के तुल्य यह देह मिल जावे पर फिर अपने सामर्थ से उसको यीशु जी उठावे मेरा होवेगा प्रकाश बीज को मिलेगा विकाश ।। ४ मेरी देह नवीन जब हो तब मसीह को देखूँ साक्षात यही मुंह तब उसका यश करेगा का आह्वाद के साथ ये ही हाथ तब छूवेंगे उसके हाथ को थामेंगे ।। ५ अब मैं भ्रष्ट हूँ और नाशमान दुर्बल दुःखित और विलापी हूँगा तब अमर जयवान आत्मिक ख्रीष्ट-स्वरूप प्रतापी और सदा यीशु के पास मुझे मिलेगा बिलास ।। ६ मेरे अंग अब हो निर्भय ख्रीष्ट को मृत्युंजय ही कहो मौत अब ख्रीष्ट के बश में है ख्रीष्ट के नाम से सोते रहो जब नरसिंगा फूकंगा नींद का बंध तब खुलेगा ।। #### 149 (१४९) *L. M. Hursley or Cantionale.* *YOHANN HERMANN, 1585-1647.* १ धर्म-सूरज यीशु ज्योतिमय अब जी के हुआ है उदय अब मिटी पाप की काली रात अब हुआ नया जीवन प्राप्त ।। २ वह मौत के बश न पड़ा है सब शत्रुन से वह बड़ा है जब निकला था वह कब्र से तब ठहरा ईश्वर निश्चय से ।। ३ जय जय हे यीशु वीर बलवान सब शत्रुन पर तू है जयमान अब बैरी ठहरा बल रहित और ठहरा यीशु बल सहित ।। ४ उदास मैं रहूँ किस प्रकार जीत गया मेरा तारणहार जब टल भी जावे सब संसार तब वह है मेरा प्राणाधार ।। ५ हर्ष से गावें हम यह गान कि प्रभु हुआ है जयमान वह सचमुच हुआ मृत्युंजय जय प्रभु जय जय यीशु जय ।। #### 150 (१५०) *“Resting from his work to-day."* *7. 7. 7. 7. 7. 7. Redhead 76.* *T. WHITEHEAD.* १ पूरा करके अपना काम प्रभु करता था विश्राम लिपटा हुआ कपड़े में लेट रहा वह कब्र में । द्वार पर रहा पत्थर भी जिस पर छाप लगाई थी ।। २ रात को बेर तक जाग रही मगदलीनी वहाँ थी । उस गंभीर अटवारे के पहिले दिन ही पह फटते वहाँ गई शोक के साथ जहाँ गाड़ा गया नाथ ।। ३ तेरे साथ हे प्रभु यूं पहरू होना चाहता हूँ । मेरा हृदय शिलामय मंदिर तेरा हो अक्षय उसका मैल तू सब निकाल उसमें रह तू सदा काल ।। ४ मैं सुगंध ले आऊँगा प्रेम की भेंट चढ़ाऊँगा । बंद भी करके मन का द्वार बाहर छोड़ के सब संसार रहूँगा मैं जागता यों प्रभु के फिर आने लों ।। #### 151 (१५१) *“Jesus Christ is risen to day."* *7. 7. 7. 7. Easter Hymn.* *LYRA DAVIDIDA. 1708.* *Chord - B | S- Ballad | T-088* १ यीशु ख्रीष्ट जी उठा है । हाल्लेलूयाह आज हम कहें उसकी जय । हाल्लेलूयाह जिसने क्रूस पर दिया प्राण । हाल्लेलूयाह कि हमारा करें त्राण । हाल्लेलूयाह ।। २ गावें धन्यवाद के साथ । हाल्लेलूयाह धन्य हो यीशु स्वर्गीय नाथ । हाल्लेलूयाह जिसने सहा क्रूस का दुःख । हाल्लेलूयाह हम को देने परम सुख । हाल्लेलूयाह ।। ३ जिसने भोगा दुःख और क्लेश । हाल्लेलूयाह वह है बैठा जगनरेश । हाल्लेलूयाह यश हम करें धन्य मान । हाल्लेलूयाह दूत भी करते यही गान । हाल्लेलूयाह ।। ४ पिता को धन कहो संत । हाल्लेलूयाह धन्य पुत्र भी जयवंत । हाल्लेलूयाह आत्मा को भी धन कहो । हाल्लेलूयाह त्रय में एक ही ईश्वर को । हाल्लेलूयाह ।। #### 152 (१५२) *"The strive is o'er."* *8. 8. 8. 4. Victory.* *F. POTT.* *Chord - C | S- Waltz | T-124* १ सब गाओ ख्रीष्ट की होवे जय । हाल्लेलूयाह (३) नरक और पाप का हुआ क्षय दूर हुए सब हमारे भय । हाल्लेलूयाह ।। २ शैतान अब तेरा बल कहाँ । हाल्लेलूयाह (३) मृत्यु अब तेरा डंक कहाँ समाधि तेरी जय कहाँ । हाल्लेलूयाह ।। ३ प्रभु हमारा जी उठा । हाल्लेलूयाह (३) दुष्टों के छल और बल दबा हमें अब किसका डर रहा । हाल्लेलूयाह ।। ४ ख्रीष्ट यीशु तूने खोला द्वार । हाल्लेलूयाह (३) शैतान संसार शरीर को मार तू ही हमारा तारणहार । हाल्लेलूयाह ।। ५ ख्रीष्ट यीशु अपने घावों से । हाल्लेलूयाह (३) मृत्यु पर जय तू हमें दे कि सदा तेरा जय गावें । हाल्लेलूयाह ।। #### 153 (१५३) *Η. Τ. Β. 88.* *JOHN PARSONS.* *Chord - F# | S- Ballad | T-084* जय प्रभु यीशु जय अधिराजा । जय प्रभु जय जयकारी । १ पाप निमित्त दुःख लाज उठाई । प्राण दियो बलिहारी ।। २ तीन दिना तब यीशु गोर में । तीजे दिवस निहारी ।। ३ प्रातः समय रविवार दिना में । श्राप निवासा छारी ।। ४ भोर सबेरे घोर मरण का । तोड़ा बंधन भाड़ी ।। ५ हार गयो शैतान निबल हो । पायो लाज अपारी ।। ६ संत पवित्र तुरंत सरगमों । मंगल सुर उचचारी ।। ७ भास्कर जग प्रकाशक यीशु । आश्रित करू निस्तारी ।।
- The Incarnation 89-105 | Masihi Geet Sangrah
ख्रीष्ट का जन्म (The Incarnation) 88 (८८) Bhajan Tunes No. 40. SUDIN. पापिन का हितकारी मसीहाजी ।। १ बूड़त जग को देखि दयाला, सरग सिंहासन त्यागो ।। २ पापिन कारण प्राण दियो निज, अस पूरित अनुरागे ।। ३ जय जय करत गोर से उठ्यो, दोषिन न्योति पसारी ।। ४ सकल लोक चौदिश से धावो, ख्रीष्ट रूधिर गुणकारी ।। ५ हार्षित हो आओ सब प्यारो, ख्रीष्ट नाम गहि लीजे ।। ६ सब तन मन के क्लेश बिसारे, अमृत रस तब पीजे ।। ७ ख्रीष्ट नाम बहु बिधि सुखदाई, गहो जिन सो पायो ।। ८ घातक एक क्रूस पर टेरो, स्वर्गधाम सो धायो ।। ९ मोर निवेदन सुनिये प्रभु जी, तिहि तुल मोको कीजे ।। १० मैं गुणहीन अधीन मसीह जी, तारि मोहि तौं लीजे ।। 89 (८९) "Joy to the World." C. M. -- Antioch. ISSAC WATTS, 1674-1784. Chord - C# | S- Ballad/2-4 | T-088 १ खुश हो कि यीशु आया है हे सारी सृष्टि, हे हर एक प्राण उसको कबूल कर ले मसीह को जगह दे । २ खुश हो मसीह अब राजा है सब जाति हर जुबान समुन्दर भी, मैदान पहाड़ गीत गावें खुश हर आन । ३ दुःख और तकलीफ वह करता दूर और पाप मिटाता है अंधेरे में वह होता नूर आशिष दिलाता है। ४ वह धर्म और सच्चाई से अब राज फैलाता है और अपनी सारी करनी में पियार दिखाता है । 90 (९०) Ullmann No. 88. १ खुश हो ! खुश हो ! मसीह का जनम हुआ ! खुश हो ! खुश हो ! हे सब विश्वासियों ! अब मुक्तिदाता आया है और पाप का बन्धन तोड़ा है । खुश हो ! खुश हो ! मसीह का जनम हुआ ! खुश हो ! खुश हो ! हे सब विश्वासियों ! स्वर्ग लोक पर खीष्ट की महिमा हो इस जग में उसकी शान्ति हो मनुष्यों पर प्रसन्नता हो अब आके सब प्रणाम करो । खुश हो ! खुश हो ! मसीह का जनम हुआ ! खुश हो ! खुश हो ! हे अब विश्वासियों ! २ खुश हो ! खुश हो ! इम्मानुएल अब आया ! खुश हो ! खुश हो ! हे भाइयो गाओ गीत ! इश्वर देहधारी हुआ है और उजियाला फैला है । खुश हो ! खुश हो ! इम्मानुएल अब आया ! खुश हो ! खुश हो ! हे भाइयो गाओ गीत ! राजाधिराज अब आया है लो चरनी में वह पड़ा है अब चहूँ दिश हो स्तुतिगान कि उसने किया सब का त्राण ! खुश हो ! खुश हो ! इम्मानुएल अब आया ! खुश हो ! खुश हो ! हे भाइयो गाओ गीत ! 91 (९१) "While shepherd watched." C. M. Winchester Old or St. Anne. NAHUM TATE, 1652-1715. Chord - D# | S- Ballad | T-084 १ गड़रिये अपनी भेड़ें जब रात को चरा रहे दूत स्वर्ग से उतरा उनके पास साथ बड़ी महिमा के २ घबराओ मत उसने कहा आनन्द का समाचार सब लोगों को मैं आया हूँ अब करने को प्रचार ३ तुम्हारे लिये आज के दिन दाऊद के वंश ही से एक मुक्तिदाता जन्मा है और पता यही है ४ एक बालक तुम को मिलेगा दाऊद के नगर में कपड़े में लिपटा हुआ है और पड़ा चरनी में ५ जब योंही बोला उसके संग अचानक आये थे दूत बहुतेरे जो यह गीत आनन्द से गाते थे ६ गुणानुवाद हो ईश्वर का और जग में शान्ति हो प्रसन्नता हो मनुष्यों पर अभी और सदा लों ।। 92 (९२) 7. 6. 7. 6. 7. 7. 6. Es jst. ein Rose. १ जिसका तो वर्णन हुआ पित्रों के दिनों में सो बालक उत्पन्न हुआ कुंवारी मरियम से ग्राम उसका बैतलहम और जैसा दूत ने कहा ख्रीष्ट यीशु उसका नाम ।। २ वह है ईश्वर का प्यारा सत पुत्र उसी का और बोलता है युहन्ना वह मेम्ना ईश्वर का जो स्वर्ग से आया है और जग से पाप का बोझा उठा ले जाता है ।। ३ रात में वह उतर आया रात को मिटाने को जग में वह हीन हो गया हमें बढ़ाने को वही अज्ञान को ज्ञान थके को शक्ति देगा और बन्धुओं को त्राण ।। ४ आह वेग से यीशु प्रिय हमें जग दुःख से तार तब अपने नाम के लिये खोल अपने घर का द्वार वहाँ सनातन लों जय जय और स्तुति होगी हाँ प्रभु एंसा हो ।। 93 (९३) P. M. Mariners. J. FALK, 1768-1826. Chord - C | S- Disco/Dholak | T-092 १ धन धन आशिषमय धन धन आनन्दमय कृपा भरा ख्रीष्ट जनम दिन जगत नाथ हुआ ख्रीष्ट जनम ले आया आनंद आनंद कर मसीही वर्ग ।। २ धन धन आशिषमय धन धन आनन्दमय कृपा भरा खीष्ट जनम दिन ख्रीष्ट जनम ले आया मेल कुशल लाया आनंद आनंद कर मसीही वर्ग ।। ३ धन धन आशिषमय धन धन आनन्दमय कृपा भरा ख्रीष्ट जनम दिन स्वर्ग सकल जाता जय जय कर गाता आनन्द आनन्द कर मसीही वर्ग ।। 94 (९४) C. M. D. -- Bethlehem. Chord - G# | S- Waltz | T-124 १ मसीहियो हम मिलके आज बैतलहम को चलें और देखें अपने त्राता को लेटा है चरनी में ।। कोरसः- “इश्वर का स्वर्ग पर धन्यवाद, पृथ्वी पर शान्ति हो मनुष्यों पर प्रसन्नता" हमारा गान यह हो ।। २ लो मुक्तिदाता जन्मा है अनाथों का जो नाथ इम्मानुएल है उसका नाम "ईश्वर हमारे साथ” ।। ३ है आनन्द का यह समाचार कि प्रभु आया है मनुष्य की देह को धारण कर उद्धार वह लाया है ।। ४ हे भाइयों खोलो हृदय को कि करे नाथ प्रवेश उठाके राग स्वर मिलाओ कि है यह सुसन्देश ।। 95 (९५) "Holy Night." 6. 6. 9. 9. 6. 6. Stille Nacht. JOSEPH HОНЕ, 1792-1848. Chord - A# | S- C.Waltz | T-090 १ पावन रैन पावन रैन सकल लोग करते चैन जागती बैठी है कन्या पुनीत गोद में लिये एक बालक संप्रीत धन धन बालक अनुप (२) ।। २ पावन रात पावन रात लो क्या ही मंगल बात दूतगण बोलते आनंद भरपूर सुनो भाइयों निकट ओ दूर यीशु त्राणी आया (२) ।। ३ पावन रैन पावन रैन ईश्वर पूत प्रेम का साई अपनी दया कर हम पर प्रकाश तू है प्राणों का नाथ और आश जय जय तेरी सदा (२) ।। 96 (९६) "O come all ye faithful." P. M. Adeste Fideles. F. OAKELEY. Chord - G | S- Ballad | T-086 १ अब आओ विश्वासियों जय जय करते आओ अब आओ हम चलें बैतलहम को चरनी में देखो महिमा का राजा अब आओ हम सराहें अब आओ हम सराहें अब आओ हम सराहें ख्रीष्ट प्रभु को । २ वह ईश्वर से ईश्वर ज्योत का ज्योत सनातन घिण उसने न किया गर्भ कुंवारी से सच्चा परमेश्वर न सृजा पर जन्मा अब आओ हम सराहें... ३ हे सारे दूतगणों जय जयकर तुम गाओ हाँ स्वर्गों के स्वर्ग में तुम गाते रहो महिमा और स्तुति ईश्वर सर्वप्रधान को अब आओ हम सराहें... ४ आमीन प्रभु धन हो त्राण के लिये जन्मा हे यीशु हो तेरी अनन्त महिमा पिता का वचन अब देहधारी हुआ अब आओ हम सराहें... 97 (९७) "From Heaven above to earth I come." L. M. -- Erfurt cr Old, Hundred MARTIN LUTHER, 1483-1546. १ लो स्वर्ग पर से मैं आता एक नई बात सुनाता हूँ सुहानी और मनोहर जो चित्त दे सुनो हे मनुष्यो ।। २ मरियम कन्या से जय जय एक बालक उत्पन्न हुआ है अद्भुत निर्मल ओ तेजोमान तुम्हारा कुशल आनन्दखान ।। ३ सोही ख्रीष्ट यीशु प्रभु है हमारा ईश्वर कृपामय वह त्राण अब तुमको देवेगा सब पापों से बचावेगा ।। ४ सुभग जो अति तेजोमय अत्यन्त कृपाल ओ दयामय ईश्वर ने जो ठहराया है सो तुम को वही देता है ।। ५ अब उसका पता जान रखो एक बालक चरनी में लखो जो कपड़े में लपेटा है सो तीनों लोक का प्रभु है ।। ६ अब हम सब जायें आनन्द कर गड़रियों के संग उसी घर कि देखें क्यारी ईश्वर से दान दिया हमको कृपा से ।। ७ हे मन सावधान हो देख विशेष चरनी में है बालक जगेश । सुन्दर अनूप वह आता दृष्ट यही है यीशु तेरा इष्ट ।। ८ हे अनमोल मणि प्रीतम मीत मुझ अधमजन को हे पुनीत तू ने न त्यागा कृपा से धन्यवाद मैं करूँ आनन्द में ।। ९ हे प्रभु सकल जगकर्ता तू हुआ क्याही छोटासा । कि पाल में पुआल पर पड़ा बिछौना तेरा क्या कड़ा ।। १० जो जगत होता कोट अपार रतन जड़ित होता कोट अपार तौ भी योग तेरे होता ना तू प्रभु है महातम का ।। ११ हे यीशु मेरा प्रीतम तू मैं तेरी ओर पुकारता हूँ अब मेरे मन में कृपा से अपना बिछौना बिछा दे ।। १२ ईश्वर की स्तुति धन ओ जय जिसने निज पुत्र दिया है । वह है हमारे मन का फूल कुशलनिधान और आनन्दमूल ।। 98 (९८) 8.8.8.8. 4. Gelobet Seist MARTIN LUTHER, 1483-1546. १ जो ऊपर है सब स्वर्गों के है मरियम की गोदी में । जगत का प्रभु और आधार बालक का है बना आकार हाल्लेलूयाह ।। २ इस निर्मल ज्योति का उदय देख देख भूगोल हो आनन्दमय । नवीन ज्योतमान हो जायेगा अन्धेर का राज्य अब हटेगा हाल्लेलूयाह ।। ३ वह जग में उतरा जो सदा स्वरूप और पुत्र परमेश्वर का कि हमको होवे पाप से त्राण और रहें उसके पास निधान हाल्लेलूयाह ।। 99 (९९) "Hark the Herald Angels Sing." 7s. Mendelsohn. CHARLES WESLEY, 1707-88. Chord - E | S- Disco | T-094 १ सुनो दूत गण गाते हैं बालक राजा ख्रीष्ट की जय जग में कुशल और मिलाप ईश्वर क्षमा करता पाप हे सब लोगों खुशी से गाओ साथ इन दूतों के बैतलहम में अब सही उत्पन्न हुआ है मसीह ।। कोरसः- सुनो दूत गण गाते हैं बालक राजा ख्रीष्ट की जय ।। २ दूतों से जो पूजित है ख्रीष्ट सनातन प्रभु है वह जो अद्भुत रीति से जन्मा है कुंवारी से ईश्वर अब देहधारी है करो सब मसीह की जय मनुष्यों से करके मेल यीशु है इम्मानुएल ।। ३ जय जय कुशलाधिराज जय जय धर्म के सूर्य आज लाता है वह सबके पास जीवन ज्योत और सुख की आस सबका कर्त्ता हुआ दीन हम न रहें मृत आधीन मनुष्य के उठाने को नया जन्म देने को ।। 100 (१००) Bhajan Tunes No. 96. PREM DAS. Chord - F# | S- Dholak | T-094 आया है यीशु आया है, मुकति ले साथ आया है । १ जंगल में मंगल दूत मिले गाते, जय जय हो प्रभु जय जय हो, शांति मेल लाया है ।। २ देखन गड़रिये चले रात में, दूतों से सुन के दूतो से, मसीह मरियम का जाया है ।। ३ पूरब देश से चले मजूसी, तारे से देखो तारे से, पता यीशु का पाया है ।। ४ यरूशलेम जा पूछन लागे, किस घर जी राजा किस घर जी, मुकत का राजा आया है ।। ५ दास सुना जब प्रेम मसीह का, तन मन से लोगों तन मन से, शरण यीशु की आया है ।। ### एपिफनिया (Epiphany) #### 101 (१०१) *Bhajan Tunes No. 6.* *PREM CHAND.* तारक यीशु अपार दयानिधि, बालक धर्म जतायो । १ दाऊदपुर में जन्म लियो प्रभु, मरियम सुत कहलायो ।। २ जगकर्त्ता नर काया धारिके, यूसफ टहल बजायो ।। ३ ले बालक तन सरल सुभाये, नित सत भक्ति पुरायो ।। ४ द्वादश बरस तरूण मन्दिर मों, ज्ञानिन गर्व नवायो ।। ५ मातु पिता के तब बशिभूता, ग्राम नासरत धायो ।। ६ जासु बाल सम दीन सुभावा, ताको शिख ठहरायो ।। ७ या बलहीनहिं बालक जानो, चरण गहन जो आयो ।। #### 102 (१०२) भजन *J. DUTT.* *Chord - E | S- Dholak | T-100* को० - ले लीन्हा ख्रीष्ट अवतारा मनाओ खुशी ।। २ बार १. यहूदा देश के बैतलहम में, चमका चमाचम तारा । मनाओ खुशी २. जन्म लिया है गौशाले में, मरियम की आंखों का तारा । मनाओ खुशी ३. चले गड़रिये बैतलहम को, देखन वह तारनहारा । मनाओ खुशी ४. खुशी मनाओ गाओ बजाओ, तबला मृदंग चिकारा । मनाओ खुशी ५. आओ हमारे मन में हे स्वामी, पापों का धोवनहारा । मनाओ खुशी #### 103 (१०३) *Bhajan Tunes No. 10.* *W. F. JOHNSON.* लीन अवतार बैतलहम सोई जगरैया । १ देश यहूदा में कितने गड़रिये, खेतों में सब वास करैया ।। २ रात समय सब झुण्ड रखावें, अचरज भी एक रात समैया ।। ३ ईश्वर को एक दूत जो आयो, ठाढ़ भयो सब के नियरैया ।। ४ ताहि समय प्रभु तेज प्रकाश्यो, चारों दिशा अति भै उंजरैया ।। ५ सारे गड़रिये देखि डराने, दूत कह्यो कुछ न डरू भैया ।। ६ आनन्द का हम हाल सुनावें, लोगन का सुख मोद लहैया ।। ७ ईश्वर है अविनाशी जोई, सोई प्रभु सब त्राण करैया ।। ८ दाऊद के नगरी बिच सोई, जन्म लियो प्रभु यीशु सहैया ।। ९ वाको पता मैं तुम से बताऊं, जा लिखो तुम जा जगरैया ।। १० बालक एक चीर सों लपटा, चरणी में देखहुगे भैया ।। ११ तब ही अचानक स्वर्गी सेना, दूत संग प्रकटी हुलसैया ।। १२ ईश्वर की स्तुति करि बोले, जै प्रभु जै प्रभु मुक्ति दिवैया ।। १३ स्वर्गन पै प्रभु धन्य सु होवे, शान्तिधरा महँ हो सुखदैया ।। १४ मानुष पै सुख मोद सु छाजै, होवे सदा सुख जगरैया ।। #### 104 (१०४) *Н. Т. В. 116* *B. MAYAL.* १ आज ईसा इस जहाँ में आशकारा हो गया । वह गुनाहों के लिए कामिल कफारा हो गया ।। २ किस लिए मरियम तू है ईसा की खातिर अश्कबार । इस जहाँ से वह तेरी आँखों का तारा हो गया ।। ३ इस चमन में देखकर सूरत हबीब इ अर्श की । गुंचः इ उम्मेद खिलके मेरा हजारा हो गया ।। ४ आँख अपनी अब किसी बुत पर तो लगती नहीं । रूये ईसा का हमें जब से नजारा हो गया ।। ५ रहमत इ हक्क से अरे बन्दो तुम्हारे वास्ते । वह मसीहा डूबते को एक सहारा हो गया ।। ६ दौलत इ फानी मैं लेकर क्या करूं ऐ हम-वतन । जब जलाल इ जाविदानी का इशारा हो गया ।। ७ उम्मेद इ जन्नत हैं हमें उसके करम से ऐ बहार । दाखिल इ दफतर नाम देखो तो हमारा हो गया ।। #### 105 (१०५) *Н. Т. В. 105.* १ खुशी नौ रोज की हर सू मुबारक हो मुबारक हो । मसर्रत तुझ को ऐ महरू मुबारक हो मुबारक हो ।। २ क्रिसमस डे का वह रुतबा है इस दुनिया में ऐ यारो । कि आती है सदा हर सू मुबारक हो मुबारक हो ।। ३ भला किस के वलादत की है धूम ऐ यारो शहरों में । है गोया हर जबान इ मू मुबारक हो मुबारक हो ।। ४ महकता है गुलिस्तान इ जहाँ यीशु के जलवे से । गुलओ बुलबुल हो यह खुशबू मुबारक हो मुबारक हो ।। ५ मसीह की वलादत से मजूसी जब हुए हैरां । कहा मरियम से यह गुलरू मुबारक हो मुबारक हो ।। ६ हुबाब इ आब भी खुश होके पानी पर उछलते हैं । यह कहते हैं मियान इ जू मुबारक हो मुबारक हो ।। ७ अजीज अब तू भी गा जोश इ मसर्रत से यही मिसरा । यह मह तिलअत हिलाल अबरू मुबारक हो मुबारक हो ।।
- Courage and Victory 403-415 | Masihi Geet Sangrah
403 (४०३) Psalm 121 10. 4. 10. 4. 10. 10. Sandon. १ उठा के आँखें ओर पहाड़ों की आशा रखूँ मेरी सहाय कहाँ से आवेगी किससे मांगू यहोवा ही से है सहाय मेरी पृथ्वी और स्वर्ग का कर्त्ता वही ।। २ वह तेरे पांव को फिसलने कभी न देवेगा जो किया करता तेरी रखवाली न ऊँघेगा देख इस्राएल की करता जो रक्षा न ऊँघता है न कभी सोवेगा ।। ३ निरंतर करता तेरी रखवाली परमेश्वर ही खड़ा है तेरे दाहिने हाथ पर भी आशा वही न दिन को धूप कर देगा तुझे घात हानि तेरी चांद करेगा रात ।। ४ हर एक विपत्ति से परमेश्वर ही बचावेगा पूरे कल्याण से तेरे प्राण को भी वह रखेगा हां तेरे आने जाने में रक्षा यहोवा अब से सदा करेगा ।। 404 (४०४) “Whom have I Lord in heaven” P. M. -- S. S. 845. R. GEORGE HILLS. १ कौन मेरे लिये स्वर्ग में है तू मसीह मेरा ही यह मेरा गीत तो रहता है प्रभु जी मेरा ही मेरा उद्धार तो हो चुका प्रभु ने प्राण को दे दिया मेल भी कराया सदा का प्रभु जी मेरा ही ।। २ मैं नहीं चाहता सुखविलास प्रभु जी मेरा ही न सारे जगत का हुलास प्रभु जी मेरा ही इस जग का सुख न ठहरेगा फूल के समान वह सूखेगा पर मेरा सुख न मिटेगा प्रभु जी मेरा ही ।। 405 (४०५) “I need Thee precious Jesus.” 7. 6. 7. 6. D. Ewing or Aurelia. १ ख्रीष्ट है आवश्यक मुझे मैं बड़ा पापी जन मन मेरा हैं अंधेरा और पाप से भरा तन यीशु के रक्त से केवल तन मन की शुद्धि है इस कारण ही से ख्रीष्ट की हर पल दुहाई है ।। २ ख्रीष्ट है आवश्यक मुझे मैं बहुत आज्ञाहीन यात्री और परदेशी अनाथ हूँ और दीन हीन हे ख्रीष्ट यह तेरी दया नित रहे मेरे साथ दे शक्ति मेरे पांव को और थाम ले मेरा हाथ ।। ३ ख्रीष्ट है आवश्यक मुझे वह प्रीतम है मन का सहायक रक्षक मेरा और आज्ञा सदा का सम्भालता है वह मुझे जब दुख का समय है और ख्रीष्ट के मन में मेरी नित चिन्ता रहती है ।। ४ ख्रीष्ट है आवश्यक मुझे वह यीशु प्यारा तात जल्द देखूँगा मैं उसका स्वर्ग लोक में मुख साक्षात प्राचीन और दूत और संतगण जो करते स्तुति गान मैं उन में जल्दी मिलके नित्य करूँगा सन्मान ।। 406 (४०६) “When upon life's billows.” IIs. -- S. S. S. 745. G. S. MANDRELLE. 1901-1953. Chord - D | S- Ballad | T-078 १ जीवन में जब आँधी तुम पर चलती है और जब तुम निराश हो कि सब होता क्षय गिनो सारी आशिष गिनो नाम ब नाम और तुम विस्मित होगे देखकर ख्रीष्ट के काम ।। कोरसः- आशिष गिनो गिनो नाम ब नाम आशिष गिनो देखो ख्रीष्ट के काम आशिष गिनो गिनो नाम ब नाम और तुम विस्मित होगे देखकर ख्रीष्ट के काम ।। २ चिंता का जब तुम पर अधिक बोझ पड़े और जब क्रूस का भार असह्य जान पड़े तब तुम गिनो आशिषें वे कितनी हैं और तुम गीत गा गा कर रहोगे निर्भय ।। ३ औरों के जब खेत और धन को देखते हो तुम को होगा धन मसीह का सदा को गिनो सारी आशिष जो हैं बिना दाम स्वर्ग में आनंद होगा और विभूषित धाम ।। ४ सो इस युद्ध में स्मरण रखो हर समय ढाढ़स तुम न हारना ईश्वर सब पर है सब आशिषें गिनो दूतगण नित्य हैं पास यात्रा भर वे देते हैं सहाय और आस ।। 407 (४०७) “Look away to Jesus.” 6. 5. -- S. S. S. 409. H. BURTON. १ ताक मसीह की ओर तू दुःखी से जो उदास दुःखी वह भी हुआ आ तू उसके पास तेरा दुःख उठाया उस ने अपने पर ताक मसीह की ओर आसरा उस पर धर ।। २ ताक मसीह की ओर तू युद्ध में लड़नेहार कठिन हो लड़ाई झेलम हो तैयार बैरी बहुत होवें कुछ भी होवे भय ताक मसीह की ओर तू देवेगा वह जय ।। ३ ताक मसीह की ओर तू कुशल के समय जागता रह कि सुख में जोखिम बड़ा है कुशल इस संसार का बीतने वाला है ताक मसीह की ओर तू वही अटल हैं ।। 408 (४०८) “Oft in danger, oft In Woe.” 7s. Innocents or weber. HENRY WHITE, 1785-1996. १ दुःख में सुख में चलना हो आगे बढ़के भाइयो लड़ते रहो ढाढ़स से शक्ति लेके प्रभु के ।। २ बढ़ो आगे भाइयो युद्ध में खड़े नित्य रहो भय के साथ क्यों भागोगे प्रभु को न जानोगे ।। ३ मन तुम्हारा निर्बल हो स्वर्गीय झिलम पहिन लो अब तो तुमको लड़ना है पीछे पाओगे विजय ।। ४ दुःख से आँख न धुंधली हो पोंछो हर एक आंसू को बड़ी हो आवश्यकता बल अवश्य मिलेगा ।। ५ आगे बढ़ते चलियो जयवंत होगे भाइयो बैरी होवें बहुत से चलो साथ ही प्रभु के ।। 409 (४०९) “O, for a faith that will not shrink.” C. M. Evan or St. Peter. MRS. H. BATHURST. 1831. १ दे मुझ को प्रभु दृढ़ विश्वास जो रहेगा निर्भय बैरी जब आते मेरे पास और कष्ट भी होता है ।। २ जो नहीं कुड़कुड़ावेगा जब ताड़ना होती है पर ईश्वर ही पर टिकेगा सब क्लेशों के समय ।। ३ ऐसा विश्वास जो बढ़ेगा जब आँधी भी चले जोखिम में नहीं डरेगा न करेगा सन्देह ।। ४ जो सकरे मार्ग को धरेगा जब तक कि प्राण रहे और मरणकाल में चमकेगा उस स्वर्गीय ज्योति से ।। ५ ऐसा विश्वास हे प्रभु फिर हो जो होवेगा मैं भागी होऊँगा आनंद में जो स्वर्ग में मिलेगा ।। 410 (४१०) “True-hearted, whole-hearted.” 11.10s. -- 5. S. S. 602. FRANCIS R. HAVERGAL, 1836-1879. १ दृढ़ और विश्वासी हे राजा हमारे तेरी सहाय से हम होंगे सदा तेरे सहारे हम लड़े बराबर झंडे को तेरे हम आगे बढ़ाए ।। कोरस :- चुपके न रहो जोर से ललकारो गावें आनंद से उसकी महिमा दृढ़ और विश्वासी हे राजा हमारे तेरी सहाय से हम होंगे सदा ।। २ दृढ़ और विश्वासी हे राजा हमारे सदा लों मानेंगे आज्ञा तेरी हो आज्ञाकारी परिश्रमी हम करें आनंद और हर्ष भरे मनों से भी।। ३ दृढ़ हम रहें प्रभु दशा हमारी जानता तू कैसे हम मन के निर्बल पापी और कच्चे पर तू है शुद्धकारी पाप से और छल से कर हम को निर्मल ।। ४ रहें विश्वासी हम हे प्रभु यीशु अपने निज सामर्थं से हम को संभाल मन अपने सौंपते हैं तेरे ही हाथ में तेरे हम हैं प्रभु प्यारे रखवाल ।। 411 (४११) “O Thou from Whom all goodness flows.” C. M. -- St. Peter or Even. T. HAWEIS. १ हे प्रभु इस संसार का सुख जो मुझे तू न दे तौभी जब मुझ पर आवे दुःख तब मेरी सुन तू ले ।। २ संतुष्ट तू मेरे मन को कर हर खेद से तू छुड़ा अनुग्रह अपना मुझ में भर सब पापों से बचा ।। ३ भरोसा मेरा तुझी पर हो प्रभु हर समय तू दूर कर सारी चिंता डर और मुझे रख निर्भय ।। 412 (४१२) Bhajan Tunes No. 75. 76. कौन करे मोहि पार तुम बिन । १ टूटी नाव तूफान है भारी । कैसे मैं उतरुं पार ।। २ थरथरात तन निर्बल मानस । कैसे मैं उतरुं पार ।। ३ तैरि न जानूं जन्महि से मैं । पड़ा सिन्धु मझधार ।। ४ नौका पार पहुँचि है तब ही । प्रभु पकड़ पतवार ।। ५ तुम बिन औरन मोहि भरोसा । तुमहि करैया पार ।। ६ ईश्वर एक जो एकहि भेज्यो । मुक्ति दान अधिकार ।। ७ भूमि स्वर्ग बीच केवल यीशुहि । नाम है तारणहार ।। 413 (४१३) DIN DAYAL. कोः- मसीही क्रूस का झंडा हमारे साथ में होगा । सरल साधन दिखाने को हमारे पास में होगा ।। १ मुसीबत क्लेश दुःख पीड़ा रखेंगे घेर जब सारे । छुड़ा उन से बचाने को हमारे पास में होगा ।। २ प्रबल जब शत्रु होवेंगे, सताये जायेंगे हम सब । विजय उन पर दिलाने को हमारे पास में होगा ।। ३ हमारी आयु में “दीनन” हमारे साथ में हर दम । हमें सुख से चलाने को हमारे पास में होगा ।। 414 (४१४) DIN DAYAL. कोः- मुझ को प्रभु कभी न तुम पास से हां दूर करो । बल्कि सदा साथ में रख शक्ति से भरपूर करो ।। १ जब कि प्रभु क्लेश में मैं, दुःख से कल्पता होऊँ । पास में आ हाथ से तुम, दुःख मेरे तुम दूर करो ।। २ जब विषय अब के मुझे, घेर लें और जोर करें । तब हे प्रभु मुझ को बचाने को, उन्हें दूर करो ।। ३ भूल से हाय कभी तुझ को बिसर जाता हूँ । “दीन” विनय तौभी प्रभु, माफ तुम कसूर करो ।। 415 (४१५) Bhajan Tunes. No. 59. JOHN PARSONS. यीशु दयानिधि सुमरौ प्यारो, संकट शोक हरैया ।। १ बिपत समय तुम वाहि पुकारो, वह दुःख भंजन भैया ।। २ बहु दुःख माहि काम वहि आये, पुनि वहि काम अवैय्या ।। ३ वा पर सकल भरोसा राखो, सब को ज्ञान दिवैया ।। ४ सगरो अघ दुःख हारक यीशु, अस को मुक्ति करैया ।। ५ तन मन सान्त्वन बातें मिलही, निज बल कछु न मिलैय्या ।। ६ आश्रित तोहि कहत है प्रभु जी, तू मम आस पुरैया ।।
- Passion Week 122–145 | Masihi Geet Sangrah
Explore Passion songs 122-145. A special collection of Hindi Christian Songs for Good Friday and Lent. Read accurate Masihi Geet lyrics and worship #### 122 (१२२) *8.7.8. 7. Evening Prayer or Mariners.* १ प्रभु यीशु कृपा सागर तू है सचमुच ज्योत अपार । मेरा मन तू कर उजाला अपने भक्त का कर निस्तार ।। २ प्रभु मैं हूँ महा पापी तुझे छोड़ा बारम्बार । मुझे अपनी ओर फिरा के पास से मेरा कर उद्धार ।। ३ अपने आत्मा से परमेश्वर मेरा मन पवित्र कर । तन और मन मैं सौंपता तुझे कृपा करके ग्रहण कर ।। ४ मरन काल जो निकट आवे प्रभु मेरा जी सम्भाल । मरने से मैं क्योकर डरूं जो तू मेरा हो रखवाल ।। #### 123 (१२३) *"Father, I stretch my hands."* *C. M. - S. S. S. 493.* *CHARLES WESLEY, 1707-88.* १ पिता मैं हाथ बढ़ाता हूँ मुझे तू थामे रह सहायक दूसरा है नहीं तू मेरे हाथ को गह ।। कोरसः- मैं मानता हूँ मैं जानता हूँ कि यीशु त्राता है । कि वह है शक्त और उसका रक्त मुझे बचाता है ।। २ जब न मनुष्य न स्वर्गदूत कुछ काम ही आया था तब तूने भेजा प्यारा पूत जो मुक्ति को लाया था ।। ३ हम उस को भजते रहते जो अब स्वर्ग में है नरेश उस ही ने बाप को भेजा हो क्या ही उठाया क्लेश ।। #### 124 (१२४) *8. 7. 8. 7. Batty or Stuttgart.* १ यीशु मरा दूत यह बचन स्वर्गीय राग में गावें नित ईश्वर के यह प्रेम का लक्षन आओ सब देवें चित्त । २ यीशु मरा पापियों को केवल इसी से उद्धार उसकी मृत्यू से अब सब को मिलता जीवन अधिकार । ३ यीशु मरा क्या अच्म्भा क्या ही कृपा क्या ही क्लेश जगत जितना चौड़ा लम्बा उतना फैले यह संदेश । ४ यीशु मरा सोच हे पापी प्रेम यह कैसा है असीम अभी तक तू क्यों संतापी इससे बंधा त्राण का नीम । ५ यीशु मरा यह बात सुन के गल जा मेरे पत्थर मन उसकी आत्मिक सेवा चुन के उसका शिष्य ओर आश्रित बन ।। #### 125 (१२५) *Bhajan Tunes 79.* *HAR PRASAD.* मैं कुछ जानुं न क्रूस सिवाय । १ जापै प्रभु यीशु जगदीसा, प्राण दियो निज आय ।। २ कोई नाना विधि की विद्या, जानत भेद बजाय ।। ३ बहुतक गढ़ तोरन को जानत, बहुतक बाण चलाय ।। ४ बहुतक रूप सरूप दिवान, ईश्वर-प्रेम भुलाय ।। ५ कोई धन सम्पत्ति पै फूलत, निज प्रभु को बिसराय ।। ६ कोई निबल प्रभु यीशु क्रूस पै, रहिये दृष्टि लगाय ।। --- ### दुःख भोग का सप्ताह (Passion Week) #### 126 (१२६) *L. M. St. Cross or Abends.* *Chord - C | S- Ballad | T-084* १ आ मेरे संग विलाप करो त्राता के पास तुम संग आओ । आकर संग संग विलाप करो क्रूस पर ख्रीष्ट यीशु को देखो ।। २ आँसु हम क्यों न बहावें सुनकर शत्रुन की निंदा को । लो सहता कैसे धीरज से क्रूस पर ख्रीष्ट यीशु को देखो ।। ३ सात वाणी बोला प्रियतर चुपचाप रहा तीन घण्टें लों । पाप ही का भार पड़ा उसपर क्रूस पर ख्रीष्ट यीशु को देखो ।। ४ कठोर मनो तुम टूट जाओ ख्रीष्ट के सब क्लेश को यों मानो कि इसका कारण तुम ही हो क्रूस पर ख्रीष्ट यीशु को देखो ।। ५ अब क्रूस के पास आ खड़े हो लोहू की बूँदें पड़ने दो । वहाँ सब घमण्ड दूर करो क्रूस पर ख्रीष्ट यीशु को देखो ।। ६ मन कुचला आँसु का निकास माँगों तैयार वह देने को है कुचला मन प्रेम का निवास क्रूस पर ख्रीष्ट यीशु को देखो ।। ७ हे ईश के प्रेम, मानुष के पाप यां तुम ने संग्राम किया था । और प्रेम की जय से है मिलाप यीशु जब क्रूस पर चढ़ा था ।। #### 127 (१२७) *7. 7. 6. 7. 7. 8. Innsbruck.* *PAUL GERHERDT 1607-1676.* १ अब गलगथा पर आओ और उस पर आँख उठाओ जो बीच के क्रूस पर है । सुख दुःख का भोगी है ।। २ कह किसने तुझे मारा हे यीशु कष्ट का भारा क्यों तुझ पर पड़ा है । हम ही तो है कुकर्मी हे प्रभु तू है धर्मी पर कष्ट तो तुझ पर पड़ा है ।। ३ अपराध जो हुए मुझसे सो इतने बहुतेरे कि रेत से अधिक हैं । इन्होनें तुझे मारा और देके कष्ट संहारा हाँ ये ही तेरे अधिक हैं ।। ४ जो कांटे सिर में गड़े जो थप्पड़ मुँह पर पड़े जो कष्ट उठाया था । तो कोड़ा तू ने खाया जो दुःख तूने उठाया मुझ पापी को उठाना था ।। ५ हे प्रभु तेरा रोना और तेरा दुखित होना क्लेश तेरे घावों का । और क्रूस पर तेरा मरना समाधी में उतरना मैं मन में स्मरण करूँगा ।। ६ हे प्रभु अपना मरण और मेरे प्राण का तरण तू मेरे मन में गाड़ । और अपने दुःख के द्वारा तू मेरा मन कर निस्तार और अंत को अपने पास उठा ।। #### 128 (१२८) *"Behold, the Lamb of God."* *6. 6. 6. 4. 8. 8. 4. St. John.* *M. BRIDGES.* १ ईश्वर का मेम्ना देख । हे पापियों के मीत तेरा पापनाशक मृत न हो निष्फल ।। तू ही बचा मुझ पापी को और तेरी घायल पसली हो एक शरण स्थल ।। २ ईश्वर का मेम्ना देख मैं अपने पाप के साथ हे यीशु तेरे हाथ पड़ जाऊँगा ।। मेरे अपराधों को धो डाल और मेरे मन से पाप निकाल फिर जीऊँगा ।। ३ ईश्वर का मेम्ना देख देहधारी ख्रीष्ट की जय तू सदा प्रभु है हे दीनानाथ ।। तू भर दे हमको प्रीत से सनातन आनंद हमको दे संतों के साथ ।। ४ ईश्वर का मेम्ना देख वह सारे जग का नाथ ईश्वर के दहिने हाथ अब बैठा है ।। आत्मा और पिता के सहित वह एक परमेश्वर, आनंद, हित और ज्योति है ।। #### 129 (१२९) *8. 7. 8. 7. Glory to the Lamb* *Chord - A | S- Waltz | T-120* १ ख्रीष्ट यीशु क्रूस पर मुआ है उसके नाम की होवे जय । वह मेरा साथी हुआ है उसके नाम की होवे जय ।। कोरस :- है प्रभु यीशु दयावान मनोहर उसका मीठा नाम वह मुझे देता जीवन दान उसके नाम की होवे जय ।। २ उठाया मेरा सारा भार उसके नाम की होवे जय । मृत्यु से किया मुझे पार उसके नाम की होवे जय ।। ३ दूर किया मेरा सारा पाप उसके नाम की होवे जय । मिटाया मेरा सब संताप उसके नाम की होवे जय ।। ४ वह सबको साहस देता है उसके नाम की होवे जय । वह शोक और दुःख हर लेता है उसके नाम की होवे जय ।। ५ जब उसके पास मैं जाऊँगा करूँगा मैं धन्यवाद । तब यह सदा मैं गाऊँगा होवे उसका धन्यवाद ।। #### 130 (१३०) *"When I survey the wondrous Cross."* *L. M. Rockingham or Hamburg.* *ISAAC WATTS 1674-1748.* *Chord - A#/B | S- Waltz/"---" | T-090-100/"---"* १ जिस क्रूस पर यीशु मरा था वह क्रूस अद्भूत जब देखता हूँ संसारी लाभ को टोटा सा और यश को निंदा जानता हूँ । २ मत फूल जा मेरे मूरख मन इस लोक के सुख और संपत पर हो ख्रीष्ट के मरण से प्रसन्न और उस पर सारी आशा धर । ३ देख उसके सिर हाथ पावों के घाव यह कैसा दुःख और कैसा प्यार अनूठा है यह प्रेम स्वभाव अनूप यह जग का तारणहार । ४ जो तीनों लोक दे सकता मैं इस प्रेम के योग्य यह होता क्यों हे यीशु प्रेमी आप के तई मैं देह और प्राण चढ़ाता हूँ । #### 131 (१३१) *"Sweet the moments."* *8. 7. 8. 7. Patty or Cassel.* *WALTER SHIRLEY, 1725-86.* *Chord - D# | S- Ballad | T-082* १ जो समय क्रूस पास मैं काटता शांति और प्रसन्नता से । जीवन चैन और कुशल पाता मरते हुए मित्र से ।। २ क्रूस के पास मैं जब जब देखता रक्त की धारा यीशु के । जब वह लोहू मन पर गिरता चैन मैं पाता ईश्वर से ।। ३ क्या मनोहर है यह दशा क्रूस के निकट रहने से । जब मैं ख्रीष्ट की दया देखता प्रकट उसकी आँखों में ।। ४ प्रभु मेरे मन को स्थिर कर कि मैं क्रूस पर ध्यान करूँ । जब तक मैं निस्तार को पाकर तुझे देखने न पाऊँ ।। #### 132 (१३२) *10. 7. 10. 7. 10. 10. 7. 7. Marter Christi.* *CHRISTIAN VOV ZINZEN DORF, 1727-52.* १ तेरा दुःख हे यीशु कौन बिसारे तुझ में क्षेम जो पाता है तेरी स्तुति करना हर एक पल में मेरा मन यह चाहता है मेरे भूखे प्राण निमित्त अहारा मेरे मन के लिए अति प्यारा दिन पर दिन अधिक हो जा हे क्रूस घातित त्राणकर्त्ता ।। २ लाखों स्तुति होवे प्रभु तुझे दण्डवत करें देह और प्राण तू ने अत्यन्त पीड़ा कष्ट ओ दुःख से किया मेरे लिये त्राण दे कि हर एक तुझ पर प्रीति रखे और विश्वास में तेरी ओर निरखे जब लों स्वर्ग में हम सब ना तुझे देखेंगे सदा ।। ३ मेरा रोगी प्राण हे तारणहारे तेरा क्रूस पकड़ता है क्योंकि तेरे महाकष्ट के द्वारा मुझे शांति मिलती है तेरा रोदन करना और कहरना तेरा घायल होना तेरा मरना मुझे जब तक जीऊँगा कुशल देता रहेगा ।। ४ हम जो यहा अब इकट्ठे हुए अपने हाथ मिलाते हैं तुझे जिसने सबके पाप उठाये प्रेम से मानेंगे सदैव अब तो चिन्ह के लिये कि यह गाथा तुझ से ग्रहण हुआ तुझ को भाता आमीन आमीन कहियो कुशल कुशल तुम्हें हो ।। #### 133 (१३३) *"I gave my life for thee."* *6. 6. 6. 6. 6. 6. Васа.* *FRANCES R. HAVERGAL, 1836-79.* *Chord - A# | S- Waltz | T-120* १ दी मैंने अपनी जान और अनमोल रक्त को भी । कि तेरा होवे त्राण छुटकारा मौत से ही । यह जान यूं दी तुझे क्या देता तू मुझे ।। २ मैं छोड़कर स्वर्गीय बास इस जग में आया था । तज गौरव सुख हुलास शोक दुःख उठाया था । यूं मैंने छोड़ा सब क्या छोड़ता है तू अब ।। ३ जो दुःख अत्यन्त अपार सो मैंने सब सहा । कि तेरा हो उद्धार रक्त मेरा बहा था । यूं दुःख में मैं रहा क्या तू ने कुछ सहा ।। ४ मैं लाया क्षमा त्राण और कुशल का संदेश । स्वीकार कर मुक्तिदान और स्वर्ग में कर प्रवेश । यह सब कुछ लाया है अब तू क्या लाया है ।। ५ नित जीवन को व्यतीत कर मेरी सेवा में । तू छोड़ इस जग की प्रीत स्वर्ग लोक के मार्ग को ले । ज्यों छोड़ा मैंने सब त्यों छोड़ तू अपना सब ।। #### 134 (१३४) *"Man of Sorrows."* *7. 7. 7.7. Haleluyah, What a Saviour.* *ISAAC WATTS. 1674-1748.* *Chord - A# | S-6/8 | T-088* १ "दुःखी पुरूष” ! कैसा नाम ! सत अवतार ने दिया दाम, उसने किया मुक्त का काम, जय मसीह की ! कैसा त्राता ! २ मेरे पाप की लाज और भार ! सब उठा के खाई मार, लोहू दिया, क्या उद्धार, जय मसीह की ! कैसा त्राता ! ३ पापी हम और मन मलीन ! बलिदान मसीह पापहीन, निष्खोट मेम्ना प्रेमाधीन, जय मसीह की ! कैसा त्राता ! ४ काठ पर दिया अपना प्राण ! हुआ पूर्ण हमारा त्राण, स्वर्ग पर अब वह विराजमान, जय मसीह की ! कैसा त्राता ! ५ अधिराज वह आवेगा ! अपनों को संग लावेगा, तब हर एक यह गावेगा, जय मसीह की ! कैसा त्राता ! #### 135 (१३५) *7.7.7.7. 7. Wolt Ihr Wissen.* १ नित हो मेरे प्राण का घर गलगथा की चोटी पर जहां यीशु ख्रीष्ट पर श्राप लाज और निन्दा और संताप मेरे बदले पड़ा था ।। २ वहां ख्रीष्ट के कांधे पर गिरा मेरा पाप का भार वहां उसके पांजर के पावन जल और लहू से धोया गया मेरा प्राण ।। ३ जो चलावे अपना बाण मेरे शरण में शैतान ख्रीष्ट है मेरी ढाल और नाथ जिसके बेधे हुए हाथ मेरे ऊपर पसरे हैं ।। ४ चाहे जग में हूं कंगाल मैं संतुष्ट हूँ और निहाल ख्रीष्ट ने क्रूस पर एक अपार और सनातन अधिकार मेरे लिये पाया है ।। ५ जब तक क्रूस पास खड़ा हूँ मैं प्रमोद से भरा हूँ यहाँ मुझे किस का भय मेरा ईश्वर है सहाय मैं सदा ठहरूँगा ।। #### 136 (१३६) *4. 7. 8. 7. 8. 7. St. Leonard Original.* १ सुनो कौनसी भारी वाणी क्रूस पर ख्रीष्ट उच्चारता है होती है सूरज को हानि सकल जगत डरता है पूरा हुआ पूरा हुआ ख्रीष्ट पुकार के मरता है ।। २ जय हां जय सुखदाई मंगल वाणी जय सदा स्वर्ग पर से प्रवाह की नाई आत्मिक दान अब उतरेगा पूरा हुआ पूरा हुआ श्राप का भय न होवेगा ।। ३ कर्म व्यवस्था में जो छाया जो दृष्टांत है और उपमा सो सब पूर्ण और बंद हो गया आगम बाचा के समान पूरा हुआ पूरा हुआ पूरा है हमारा त्राण ।। ४ बीणा लाओ और बजाओ ख्रीष्ट को गाओ भाइयो नित नित उसका क्रूस सराहो उसके नाम को गौरव दो हल्लेलुयाह हल्लेलुयाह मेम्ना को महातम हो ।। #### 137 (१३७) *9. 8. 9. 8. 7. 7. 10 Agnus Dei.* *NICOLAUS, DECIUS 1541.* १ हे ईश्वर के मेम्ना निर्दोषी जो क्रूस पर घात किया गया । निरंतर रहा तू संतोषी तथापि तू निन्दित भया तू ने जग पाप उठाया । और हमें त्राण कमाया हे यीशु कृपा कर ईश्वर के पूत ।। २ हे ईश्वर के मेम्ना निर्दोषी जो क्रूस पर घात किया गया । निरंतर रहा तू संतोषी तथापि तू निन्दित भया तू ने जग पाप उठाया । और हमें त्राण कमाया हे यीशु कृपा कर ईश्वर के पूत ।। ३ हे ईश्वर के मेम्ना निर्दोषी जो क्रूस पर घात किया गया । निरंतर रहा तू संतोषी तथापि तू निन्दित भया तू ने जग पाप उठाया । और हमें त्राण कमाया हे यीशु कुशल दे ईश्वर के पूत ।। #### 138 (१३८) *7. 9. 6. Lamm Gottes.* १ हे ख्रीष्ट ईश्वर के मेम्ने जो ले जाता है जगत का पाप हम पर अनुग्रह कर ।। २ हे ख्रीष्ट ईश्वर के मेम्ने जो ले जाता है जगत का पाप हमारी रक्षा कर ।। ३ हे ख्रीष्ट ईश्वर के मेम्ने जो ले जाता है जगत का पाप अपना कुशल हमको दे आमीन ।। #### 139 (१३९) *11. 11.11. 5. Herzliebster Jesu.* *YOHANN HEFIMANN, 1585-1647.* १ हे प्रीतम यीशु तूने क्या ही किया कि ऐसा कठिन न्याय लोगों ने किया । क्या दोष है तेरा कि तू पापी जैसा इस दण्ड में फँसा ।। २ थूक मार और ठट्ठा तुझे दिया जाता कंटीला मुकुट कोड़े मार तू सहता । तू सिरके से जब क्रूस पर टंगा रहता पिलाया जाता ।। ३ क्या है इस सारे दुःख और कष्ट का कारण आह तुझ पर पड़ा मेरे पाप का ताड़न । हे प्रभु मुझे यह सब सहना पड़ता जो तू न सहता ।। ४ क्या दण्ड अचम्भित यहाँ मैं निहारता अपनी भेड़ी के लिये भेड़पाल मरता । और अपने दोषी सेवकों का लेखा प्रभु भर देता ।। ५ आह अत्यन्त प्रेम असीम अकथ्य दया जिससे तू इसी पीड़ा मार्ग पर आया । मैं जगत भोग में सुख बिलासी रहता और तू दुःख पाता ।। ६ जो तेरी दया की समानता पाता सो मेरी बुझ में कमी नहीं आता । मैं उसके बदले क्या दान तुझे देऊँ कहा लेऊ ।। ७ मैं अपने सारे पाप को तुझ पास लाऊँ कि तेरे लोहू में मैं धोया जाऊँ । और तेरे आत्मा से शुद्ध हृदय पाऊँ नवीन हो जाऊँ ।। ८ तब तेरी कृपा का नित स्मरण करके तुझ निमित्त जगत भोग के लिये मर के । मैं तेरी इच्छा केवल मन में धरूँ और उस पर चलू ।। ९ मैं तेरे कारण से सब कुछ उठाऊँ न क्रूस न कष्ट न निंदा से मैं भागूँ न उपद्रव न मुत की पीड़ाओं से मन मेरा डरे ।। १० जब स्वर्ग विभव में तेरे पास मैं जाऊँ मैं मुकुट सिर पर धर के खड़ा रहूँ । तब पूर्णता से मैं तेरा धन्य मानूं और भजन गाऊँ ।। #### 140 (१४०) *"Go to Dark Gethsemane."* *7.7.7.7.7. 7. Gethsemane or Readhead 76.* *JAMES MONTGOMERY, 1771-1854.* *Chord - G#m (+5) | S- Ballad | T-088* १ हे परीक्षित लोगों सब जाओ अब गतसमने को । युद्ध हमारे त्राता का जाग के देखते तुम रहो । उसकी बिन्ती अब सुनो प्रार्थना करना तुम सीखो ।। २ न्यायालय तक चलो तुम जीवन नाथ पर करो ध्यान । कैसा व्याकुल खेदित हो सहता था निंदा अपमान । उसके क्लेश को अब देखो दुःख उठाना तुम सीखो ।। ३ कलवरी पर्वत पर चलो देखो पाप का बलिदान । पूरा करके अंत लों सब यीशु देता अपना प्राण । "पूरा हुआ” तुम सुनो मरना अब उससे सीखो ।। #### 141 (१४१) *“Sacred head, now wounded."* *7. 6. 7. 6. D. Passion Chorale.* *PAULUS GERHARDT, 1607-71.* *Chord - Am | S- Ballad/ "---" | T-088-094/ "---"* १ हे माथ जो घाव से भरा और निन्दित है अपार लोगों ने निज पर धरा कंटीला निंदक हार हे माथ जो आगे शोभित और आदरवंत रहा पर अभी ऐसा निन्दित प्रशंसित हो सदा ।। २ हे मुख जो था तेजस्वी संसार का डर ओ भय अब हुआ क्या ही दुःखी क्यों थूक अब तुझ पर है रूप तेरा बदल गया और आँखों का प्रकाश निर्दोष जो पाया गया अब कैसे हुआ नाश ।। ३ जो भार तूने उठाया है प्रभु मेरा पाप जो ठट्ठा तेरा हुआ सो मेरे दोष का श्राप दृष्टि कर हे दीन दयालु मुझ अधम पापी पर और मुझ पर हो कृपालु पाप मेरा क्षमा कर ।। ४ धन तेरा हे पियारे हे यीशु तेरा धन कि मुआ पाप के मारे बचाने को लोकगण दे कि वर तुझे धरूं अभी से मरने लों कि तेरे प्रेम में मरूँ और अंत तुझही में हो ।। ५ जब छोडूंगा इस जग को तब मुझे त्याग न दे जब भोगूँगा मैं मृत को तब मेरी सुधि ले जब मुझे डर और त्रासा धर लेंगे मृत समय तब तू हो मेरी आशा जो मेरा त्राता है ।। #### 142 (१४२) *W. R. JAMES.* *Chord - C/C# | S- Ballad | T-084* १ और किसी बात की बड़ाई न करें यीशु मसीह के क्रूस को छोड़ ।। २ यीशु के साथ मैं चढ़ाया गया तौभी अब तक जीता हूँ ।। ३ मैं तो नहीं पर यीशु मसीहा वही अब मुझ में जीता है ।। ४ मृतों में से वह जिलाया गया जिससे मैं धर्मी ठहरा हूँ ।। ५ जब मैं पापी हो ही रहा था मेरे लिये वह मर गया ।। ६ पाप के लिये मैं मृतक होके ईश्वर के लिये जीऊँगा ।। ७ यीशु मसीह ने शरीर में आके पाप पर दण्ड की आज्ञा दी ।। ८ उसके संग जो हम दुःख उठावें तो महिमा भी पावेंगे ।। ९ अपने आप को प्रसन्न न करके बुरों की निंदा उसने सही ।। १० और किसी बात को हम न जानें क्रूस पर चढ़ाये मसीह को छोड़ ।। ११ दाम दे ख्रीष्ट ने हमें मोल लिया तो उसकी महिमा प्रगट हो ।। #### 143 (१४३) *G. 608.* *Bhajan Tunes No. 83.* *BANDHU MASIH.* पातक दण्ड छुड़ावन यीशु क्रूस उठायो अति दुखदाई १ पर्वत नाईं अघ मम भारी, अपनो तन पर लीन्ह उठाई । बोझ लिये प्रभु अंग पसीना, रूधिर समाना टपकत जाई ।। २ हाय हाय हाय अस पाप हमारा, जीवन पति को जगत भुलाई । मेरे पातक कारण सोंपे, जो दुःख लीन्ह कहा नहिं जाई ।। ३ निशिभर बैरिन अति दुःख दीन्हा, प्रात बिचार आसन पहुँचाईं । बहु बिधि झूठे दोष लगाये, तौ प्रभु अद्भुत धीर दिखाई ।। ४ बांधे कर सिा कंटक गूंधे, कांधे पर फिर क्रूस धराई । तब प्रभु को डाकुन के साथे, बिकट काठ पर घात कराई ।। ५ यीशु दयामय जगजन त्राता, क्रूस चढ़ाये संकट पाई । ठोंके कील हाथ पगु सुन्दर, रक्त बहा नर मुक्ति उपाई ।। ६ कहि है दास धरो मम प्यारो, प्रभु पर आशा सब सुखदाई । बाढ़े धर्म करें शुभ कामा, शोक दोष मध साहस पाई ।। #### 144 (१४४) *Н. Т. В. 128.* *SHUJAAT ALI.* १ मुजरा है मेरा उसको जो फर्जन्दे खुदा है । उम्मत की शफाअत के लिये आप मुआ है ।। २ जब चोर की मानिन्द उसे आये पकड़ने । चूमा जिसे आ करके यहूदा ने दिया है ।। ३ और घेर के जब उसके तई ले गये जालिम । फिर झूठी गवाही दे बहुत फतवा दिया है ।। ४ मरने के वक्त उसने यह खुद आप कहा था । ऐ मेरे खुदा तू ने अकेला क्यों रखा हैं ।। ५ दुश्मन के लिये उसने दुआ बाप से मांगी । तू मुआफ कर ऐ बाप जो अस सब ने किया है ।। ६ जब मर गया उसके तईं मदफून किया था । यह मुअजिजा उसका है कि फिर जीके उठा है ।। ७ जो लावे यकीं मौत पर यीशु कीं अजीजो । जन्नत है मकां उसका जहाँ नूर इ खुदा है ।। ८ इस आसी पर तू फजल कर ऐ मेरे मसीहा । हरगिज नहीं बचने का वह जो तुझ से जुदा है ।। #### 145 (१४५) *Η. Τ. Β. 127.* *SHUJAAT ALI.* *Chord - B | S- Waltz | T-124* १ यीशु की मुसीबत जिस दम तुम्हें सुनाऊँ । आँखों सेती मैं आँसू क्योंकर नहीं बहाऊँ ।। २ दुश्मन जब उसको पकड़े बेआबरू कैसे किये । ओ मानिंद चोर की बांध के उसे शामिल अपने लिये ।। ३ हाय हाय वे उसे घूसे और तमाचे मारे खींच के । रखा था उसके सिर पर कांटों के ताज को सज के ।। ४ नरकट के नल को लेके वे सिर पर उसके मारें । हाय हालत उसकी देख जो खुदा के थे दुलारे ।। ५ मुंह पर भी उसके थूके और ठट्ठे में उड़ाये । बुराइयां उसकी करके सलीब को तब धराये ।। ६ और मारने को ले जाके कपड़े भी सब उतारे । हाय हाय अफसोस की जा है लोगों ने ठट्ठे मारे ।। ७ लोहे की मेखें ठोंक के हाथ पांव को उसके फोड़े । सलीब को झटका देके बंद बंद उन्होंने तोड़े ।। ८ छः घण्टे पूरे यीशु रहें इस सख्त अजाब में । तब मर के कामिल किया सब कुछ नजात के बाब में ।। ९ हाय हाय यह क्या अजीब है गुनाह तो था हमारा । पर मारा गया यीशु खुदा का बेटा प्यारा ।। १० ईमान अब उस पर लावें सब लोग जो सुनने वाले । महबूब ओ शाफी जानके भरोसा उस पर डालें ।।
- The House of God 186-188 | Masihi Geet Sangrah
### गिर्जा घर (The House of God) #### 186 (१८६) *S. M. -- Bolyston or Franconia.* *Chord - C | S- Ballad | T-078* १ अब आये गिर्जे में जो घर आराधना का आराधना में लगे रहें और करें हम प्रार्थना ।। २ शिक्षक को शक्ति दे और सुनने वालों को कि सत्यता और आत्मा से आराधना सुन्दर हो ।। ३ प्रार्थना को ग्रहण कर और गीत भी ग्राह्य हो शिक्षा जो अब अवश्य हो तू दे हम सभों को ।। #### 187 (१८७) *“O Lord of hosts whore glory fills.”* *L. M. -- Melcombe or Old Hundred* *J. M. NEALS.* १ हे स्वामी सारी सृष्टि के यह घर हो तेरा अभी से और तेरी आँखें दिन और रात इस ओर हो आशीवाद के साथ ।। २ जब तुझे ढूँढ़े तेरे लोग हो उनकी प्रार्थना ग्रहण योग्य कर दया दृष्टि उन्हीं पर और स्वर्ग के सुन के क्षमा कर ।। ३ जब यहाँ तेरा समाचार उपदेशक करेंगे प्रचार तब आदर पावे तेरा नाम और प्रगट हों आश्चर्य काम ।। ४ जब गीत गा गाके धन्य मान लोग यहाँ करें स्तुति गान तब सुनके उन्हें ग्रहण कर और कुशल हर एक मन में भर ।। ५ वास कर न केवल घर ही में पर हम भी तेरे मंदिर हो नवीन कर हर एक हृदय को कि तेरे योग्य सिंहासन हो ।। #### 188 (१८८) *L. M. Hursley.* १ जब गिर्जे में हम जाते हैं ईश्वर के संमुख आते हैं प्रशंसा उसकी गाने को और आशिष उससे पाने को ।। २ क्या ही पवित्र उसका नाम यह है यहोवा ही का धाम जब उसके निकट जाना है आदर से जानला उचित हैं ।। ३ वह बूझता है हमारे ख्याल वह देखता है हमारी चाल हम डर के साथ झुकावें सिर और गिरे उसके पावों पर ।। ४ हे प्रभु अब उपस्थित हो दे आशिष अपने दासों को जो आपको जानता निरुपाय तू उसकी करेगा सहाय ।।
- Marriage 219–222 | Masihi Geet Sangrah
विवाह (Marriage) 219 (२१९) “The voice that breathed oe'r Eden.” 7. 9. 7. 6. St. Alphege or Kocher. JOHN KEBLE, 1792-1866. Chord - F#/G | S- Country Pop | T-086 १ जब पहिली शादी हुई अदन में ईश्वर ने आशिष की बातें कहीं आदम और हव्वा से ।। २ यों अब हमारे बीच के विवाह में ईश्वर है तीन आशिष देना चाहते तेजवान पवित्र त्रय ।। ३ हो बालक दान के लिये प्रेम और विश्वस्तता हे प्रभु एकता दे दे जो रहे संग सदा ।। ४ यह दुलहिन तू हे पिता दूल्हे के हाथ में दे जैसे कि पत्नी दी थी आदम को तू ही ने ।। ५ हे यीशु इनके हाथ और हृदय भी अब तू जोड़ और दुख सुख कुशल रोग में कभी उनको न छोड़ ।। ६ और हे पवित्र आत्मा तू उन पर उतर आ कि प्रेम और मेल के साथ ये मिल के रहें सदा ।। ७ बुराई से बचा के इनका सहायक हो और अपने स्वर्गीय राज्य में दे जगह दोनों को ।। 220 (२००) C. M. St. Pete of French Dundee. १ जो पावे यीशु से आनंद सचमुच आनंदित है जो करे प्रभु में विवाह सो निश्चय धन्य है ।। २ जैसे गलील के काना में तू ब्याह में गया था वैसे यहाँ इस सभा को तू शोभायमान करा ।। ३ अभी इन दोनों का विवाह यां होता है हे नाथ हम तुझसे बिन्ती करते हैं नित रह तू इनके साथ ।। ४ वो पति पत्नि होने को प्रतिज्ञा करते हैं आशिष को तुझसे पाने की वे आशा रखते हैं ।। ५ हे प्रभु आज उपस्थित हो इन दोनों को तू जोड़ तू दृढ़ कर इनकी वाचा को उनको न कभी छोड़ ।। 221 (२२१) 7. 6. 7. 6. Kocher or St. Alphege. Chord - E | S- Aderia/Ballad | T-084 १ हे ईश्वर दयासागर दयाल हो हमों पर और आज हमारी बिनती तू सुन ले कृपा कर ।। २ हे पिता स्वर्गवासी तू आप उपस्थित हो और इस पुरुष के हाथ में सौंप दे तू दुलहिन को ।। ३ हे यीशु हे जगबन्धु तू ही सहायक हो जब दोनों हाथ मिलावें तू जोड़ दे मनों को ।। ४ और हे पवित्र आत्मा इन्हीं पर उतर आ प्रेम कुशल शान्ति आनंद तू दिया कर सदा ।। ५ तू इनकी रक्षा करके सब हानि से बचा और अपने उत्तम मार्ग में इन दोनों को चला ।। ६ इस लोक में इनके घर को भरपुर कर आशिष से फिर अंत को अपने राज्य में तू अनंत जीवन दे ।। 222 (२२२) H. T. B. 105. THOMA DASS. कोरसः- यह शादी ऐ दुल्हा दुलहिन, मुबारक हो मुबारक हो ।। १ मुबारक है मसीह में, जो होकर ब्याह करते हैं । मसीह भी हाजिर हो, दुलहिन मुबारक मुबारक हो ।। २ ईश जिस को खुशी देवे, हमेशा रहता है खुश-हाल । यह दिन क्या शादी, ऐ दुलहिन मुबारक हो मुबारक हो ।। ३ किया इकरार इन दोनों ने, उमर भर संग रहने का । प्रभु यह दान दे, दुलहिन मुबारक हो मुबारक हो ।। ४ मुहब्बत होवे न थोड़ी सलामत रहे यह जोड़ी । बड़ी बरकत मिले, दुलहिन मुबारक हो मुबारक हो ।। ५ प्रेम ही में बंधे रहना, पड़े जो दुःख सभी सहना । कि इज्जत पाओगी, दुलहिन मुबारक हो मुबारक हो ।। ६ मगन माँ बाप भाई बहिन, और सारा कुटुम्ब होवे । दुआ हर रोज कर, दुलहिन मुबारक हो मुबारक हो ।। ७ यह थोमादास की बिनती, मसीही भाई बहिनों से ।। नेक तू चाल चल, दुलहिन मुबारक हो मुबारक हो ।।
- Peace and Joy 313-327 | Masihi Geet Sangrah
शान्ति और आनन्द (Peace and Joy) 313 (३१३) 9. 8. 9. 8. 8. 8. Mir ist Bibarmung. PHILLIP HILLER 1699-1769. १ ईश्वर ने दया मुझ पर कीन्ही कि जिस के योग्य मैं न रहा आश्चर्य की बात मैंने यह गिनी मैं दया नहीं खोजता था अब मुझे हुआ यह निश्चय कि ईश्वर अत्यन्त कृपामय ।। २ ईश्वर के दण्ड के योग्य मैं रहता पर वह अनुग्रह करता है परमेश्वर आप प्रायश्चित करता और ख्रीष्ट के रक्त से तारता है यह हुआ क्यों और किस प्रकार यह दया है अपरम्पार ।। ३ हे ईश्वर यह स्वीकार मैं करता और सब को साक्षी देता हूँ जो मैं यह नीरी दया कहता तो मन का भेद खोल देता हूँ और दण्डवत करता और आह्वाद और दया का गुणानुवाद ।। ४ अब कभी हूँगा न निराशा और दया होगी मेरा गान यह प्रार्थना में है मेरी आशा सदा लों मेरा रक्षास्थान वह दुःख में मेरा है सहाय मृत काल में मेरा जीवन है ।। ५ असीम है ईश्वर तेरी दया वह मुझ से अलग होवे न जब मुझ पर आवे मौत की छाया कि तुझ पास रहूँ मैं सदा वहाँ मैं करूँगा आह्वाद और नित्य दया का गुणगाथ ।। 314 (३१४) “Like a river glorious.” 6. 5. 6. 6. D. S. S. S. 622. FRANCES R. HAVERGAL. 1836 1879. Chord - E | S- Country 8beat/Ballad | T-098 १ ईश्वर ही की शान्ति, नदी ही सी है बढ़ती आगे बढ़ती, जयवंत होती है । पूरी है पर तौभी, बढ़ती जाती है लम्बी चौड़ी गहरी, होती जाती है ।। कोरसः- ईश्वर की समीपी देती है आराम । भक्तिमान के दिल को पूरा है विश्राम ।। २ उसका हाथ सामर्थी, है अद्भुत अवस्थान शत्रुओं के बैर से, उत्तम रक्षास्थान । चिंता और आशंका, दिल से जाती है कभी न घबड़ाहट, वहां आती है ।। ३ हर एक दुख वा खुशी, ऊपर ही से है प्रेम परमेश्वर ही का, उसका सोता है । अपने को हम सौंप दें, वह सहायक है वही कठिनाई में, सच्चा मित्र है । 315 (३१५) “Peace, perfect peace.” 10. 10. Pecnm. EDWARD BICKERSTETH. 1825-1906. १ कुशल अनंत इस जगत में पापमय । यीशु तो मन में कुशल देता है ।। २ कुशल अनंत जब होता अधिक काम । यीशु को प्रसन्न करना है विश्राम ।। ३ कुशल अनंत जब दुःख में पड़ते हैं । यीशु की गोद में शान्ति पाते हैं ।। ४ कुशल अनंत जब छोड़ते जान पहचान । यीशु के हाथ में कुछ न होती हान ।। ५ कुशल अनंत जो होना हो सो हो । हम देखते सब के राजा यीशु को । ६ कुशल अनंत मृत्यु के भी समय । यीशु ने मृत्यु पर तो पाई जय ।। ७ और क्या चाहें जल्द जीवन छूटेगा । यीशु तो स्वर्ग का कुशल देवेगा ।। 316 (३१६) “The King of love, my shepherd is.” 8. 7. 8. 7. Dominus Regit. HENRY BAKER 1821-77. १ प्रेमनाथ चरवाहा मेरा है मैं उसकी दया गहता मैं उसकी भेड़ तो हूँ निर्भय वह मेरा बना रहता ।। २ मुझे तो अमृत जल के पास वह कुशल से चलाता और जहां होती हरित घास वह स्वर्गीय भोज खिलाता ।। ३ हठीली भेड़ मैं फिरता था वह प्रेम से खोजने आया और पाके कांधे पर धरा आनन्द से घर में लाया ।। ४ मृत्यु की छाया में हो साथ तो मैं न थरथराता और ढाढ़स देके तेरा हाथ नित स्वर्गीय मार्ग दिखाता ।। ५ भोजन मंच अपना सजाके तू स्वर्गीय भोज खिलाता पियाले से कृपा के तू मेरी प्यास बुझाता ।। ६ सो प्रभु अपने जीवन भर मैं तेरी दया गहता यीशु चरवाहे तुझी पर मन मेरा लगा रहता ।। 317 (३१७) “Sweet hour of prayer.” L. M. D. -- Sweet Hour. WILLIAM W. WALFORD. 1849. Chord - C | S- Waltz | T-120 १ पवित्र समय प्रार्थना का सांसारिक चिंता छोडूंगा और अपने पिता के सन्मुख बताऊँगा सब अपना दुःख जब बिपत आवे मेरे पास वह उससे करता तब निकास शैतान के जाल से बचता हूँ जब प्रार्थना करके जागता हूँ ।। २ पवित्र समय प्रार्थना का जब जान के उसकी सत्यता पिता की बिनती करता हूँ और बाट आशिष की जोहता हूँ और जब कि वह बुलाता है कि उसे मानूं हर समय मैं अपनी चिंता प्रार्थना पर नित्य डालूंगा सब उसी पर ।। ३ पवित्र समय प्रार्थना का भरोसा उससे सदा का हो मेरा जब तक कर विश्वास न जाने पाऊँ तेरे पास तब चोला छोड़ के पाऊँगा जयफल उस लोक में सदा का और सामने देखके पिता को बिदा करूँगा प्रार्थना को ।। 318 (३१८) “I heard the voice of Jesus say.” C. M. D. -- Vox Dilecti. HORATIUS BONAR, 1808-89. १ मसीहा मुझ से बोलता था हे थके मांदे आ और आके मेरे सीने पर तू तकिया कर सुस्ता मैं जल्दी गया जैसा था सुस्त मांदा और उदास और मैं ने खुशी और आराम तब पाया उसके पास ।। २ मसीहा मुझसे बोलता था देख मैं तुझ प्यासे को जीवन का पानी देता हूँ यह पीके जीवन लो तब जाके मैं ने पीया था और अब तक पीता हूँ प्यास मेरी उस से हुई तृप्त मैं उससे जीता हूँ ।। ३ मसीहा मुझसे बोलता था मैं जग की ज्योति हूँ देख मेरी ओर कि मैं तुझे प्रकाशक कर पाऊँ मैं देखने लगा तब मसीह मेरा प्रकाश हुआ और जीवन भर उस ज्योति में आनन्द से चलूँगा ।। 319 (३१९) “Jesus is our shepherd.” 11s. S. S. S. 1153 Goshen. HUOH STOWELL, 1799-1865. १ यीशु है चरवाहा भय सब होवे दूर उसके प्यार की गोद में खुशी है भरपुर उस के साथ ही चलें जिधर दे निशान सूखे जंगल ही में वा हरे मैदान ।। २ यीशु है चरवाहा उसका प्रेम अनंत उस की मीठी बातें दिल को करती शान्त ताड़ना भी वह देवे तौभी कोमल है अगुवा और कौन मेरा वह चरवाहा है ।। ३ यीशु है चरवाहा दिया उसने प्राण जिससे उसकी भेड़ें उसमें पावें त्राण और हर एक पर रहता उस का गुप्त निशान वह है उस की भेड़ी जिस में उसका मन ।। ४ यीशु है चरवाहा जो वह गहे बांह भेड़िया भी आवे हमें क्या नुकसान मृत्यु छाया पड़े सब कुछ हो उदास हम को भय न होगा हो चरवाहा पास 320 (३२०) “Blessed assurance Jesus is mine.” P. M. -- S. S. S. 73. FANNY CROSBY, 1820-1915-. Chord - C | S- Waltz | T-126 १ यीशु है मेरा कैसा दिलास मन में वह देता आनंद और आस मुक्ति का भागी स्वर्ग मेरा घर उस में मैं रहता सदा निडर ।। कोरसः- यह मेरा हाल है यह मेरा गान उसी का यश मैं करता बखान ।। २ पूरा भरोसा आनंद और सुख अब मुझे है न चिंता न दुःख ख्रीष्ट से ही हुआ दया का ज्ञान दूत गण अब करते प्रेम का बखान ।। ३ ख्रीष्ट पर मैं रखता पूरा विश्वास रहता सुरक्षित उसी के पास उसी के प्रेम से पाता विश्राम जाऊँगा अंत में स्वर्गीय धाम ।। 321 (३२१) “In the secret of His persence.” 8. 7s. S. S. S. 1186. ELLEN LAKSHMI GOREH, 1853-1937. १ यीशु की समीपी की है मेरे आत्मा को पियास कैसी अनमोल है वह शिक्षा जो मैं सीखता यीशु पास चिंताएं न कभी मुझे दूर कर सकती हैं उससे क्योंकी जब शैतान लुभाता जाता मैं समीप उस के ।। २ मेरा मन जब हांफने लगता और जब थक मैं जाता हूँ तेरे पहलू पास मसीहा पूरी शान्ति पाता हूँ यीशु रहता है साथ मेरे मुझ से करता है बातचीत मैं बयान नहीं कर सकता कैसा खुश है मेरा चित्त ।। ३ अपने सारे दुःख और शोक को लाता मैं उसी के पास कैसे धीरज से वह सुनता करता हर एक से निकास मुझ को ताड़ना भी वह देगा मुझ में पाप जब देखेगा यदि ताड़ना वह न करे तो वह मीत न रहेगा ।। ४ क्या तुम चाहते हो कि तुम भी रहो नित मसीह के पास उसकी छाया में जा छिपो उस पर रखो अपनी आस फिर तुम जहाँ कहीं जाओ रहो तुम उसके स्वरूप रखो नित्य तुम अपने मुख पर प्रभु ही का प्रतिरूप ।। 322 (३२२) “Safe in the Arms of Jesus.” 7. 6s. S. S. S. 57. FANNY CROSBY, 1890-1915. १ रक्षित मसीह की गोद में रक्षित मसीह के पास मैं खुश हूँ उस के प्यार में है उस पर मेरी आस सुनो कि दूतगण गाते मीठा एक राग सुस्वर सुन्दर प्रदेश में स्वर्ग के बिल्लोरी सोतों पर ।। २ रक्षित मसीह की गोद में रक्षित सब दुखों से रक्षित संसार के जाल से फंदों से शत्रु के दूर है सब शोक और चिंता डर और संदेह नष्ट केवल अब थोड़ा दुःख है केवल अब थोड़ा कष्ट ।। ३ यीशु पियारा रक्षक यीशु ने दिया प्राण उस पर है दृढ़ भरोसा वह मेरी है चट्टान अब तो मैं धीरज धरुं जब तक है रात यहां जब तक कि मैं न देखूँ स्वर्ग में अनंत बिहान ।। 323 (३२३) “There shall be showers of blessing.” P. M. S. S. S. 306. GEORGE MATHESON, 1842-1906. Chord - G# | S- Waltz | T-126 १ होगी आशिषों की बारिश प्रेम की प्रतिज्ञा को मान होगा समय जीवनदायक ख्रीष्ट मुक्तिदाता का दान कोरसः- बारिश आशिष की बारिश आशिषों की भेज दया की बूंदें टपकती बारिश आशिषों की भेज ।। २ होगी आशिषों की बारिश तब नया जीवन प्रबल सभों में उत्पन्न करेगा पवित्र आत्मा का फल ।। ३ होगी आशिषों की बारिश हम पर हे प्रभु तू भेज आ करके हम को जिला दे दे अपने वचन का तेज ।। ४ होगी आशिषों की बारिश आज से आरम्भ उन का हो आज अपने पापों को मानों यीशु की बिनती करो ।। 324 (३२४) “O love that will not let me go.” 9. 9. 9. 8. 6. S. S. S. 633. GEORGE MATHESON, 1842-1906. १ है प्रेम जो नहीं छोड़ता मुझे मैं थका आता हूँ पास तेरे जो जीवन मिला है अब तुझ से उस को देता मैं फिर तुझे कि और भी धनी हो ।। २ हे ज्योत जो मुझे मार्ग दिखाती मैं लाता मशाल झिलमिलाती मन किरण तुझे फेरता अपनी कि तेरी सूरज सी ज्योति और ही प्रकाशमान हो । ३ हे सुख जो मुझे दुःख में खोजता मैं तुझ से मन न बन्द कर सकता मेघ ही में धनुष को मैं देखता प्रतिज्ञा पर विश्वास रखता कि भोर मेघ रहित हो ।। ४ हे क्रूस जो मेरा सिर उठाता मैं तुझ से दूर न भागने चाहता मैं अपना मान अब धूल में डालता और भूमि से फूल सा उगता जीवन जो अमर हो ।। 325 (३२५) “Come Thou Fount.” 8. 7. 8. 7. Nettleton or Mariners. ROBERT ROBINSON, 1735-90. १ हे प्रभु आशिष के सोते मुझ से अपनी स्तुति करा तेरी दया है अनुपम दायी अथाई सर्वदा तेरा प्रेम जो है निरंतर रहता पूर्ण असीम सदा उसकी मुझ से हे परमेश्वर प्रशंसा का गीत गवा ।। २ अदन नजर तू मसीहा हुआ मेरा तारणहार इससे मैं भी पार उतरूंगा शोक समुन्दर के उस पार था मैं भुली भेड़ बराबर झुण्ड को छोड़ लाचार अशक्त यीशु खोजने और बचाने आया दिया अपना रक्त ।। ३ जनम भर मैं करता रहूँ तेरी दया को प्रकाश अपनी कृपा से हे प्रभु रख तू मुझे अपने पास तुझे भूलने को तो सदा फंदे बहुतेरे हैं छाप तू दे अब मेरे दिल पर सदा काल तू मेरा है ।। 326 (३२६) Chord - D | S- Ballad | T-086 मेरा यीशु मसीह है गड़रिया । कुछ कमती न मुझको होगी । १ मुझे हरी हरी घास चराता - अरु निर्मल पानी पिलाता, मुझे भूख प्यास न होगी । २ तू मेरी जान बचाता - अरु सच्ची राह दिखाता, उस राह में थकन न होगी । ३ मृत्यु का भय जब छावे - अरु मेरी जान दुःखावे, तेरी छड़ी से हिम्मत होगी । ४ मेरे दुश्मन को तू हरावे - मेरे लिये मेज लगावे नष्ट उनकी ताकत होगी । ५ मेरे सिर पर तेल झलकता - अरु प्याला मेरे छलकता, तेरे घर में खुशी तब होगी । 327 (३२७) सुनिये यीशु दयाल हमारी, दीनानाथ दुख हरता प्यारे । १ प्राण अबोधहि बोध दयो तुम, कारज अचरज जग परचारे । निर्बल अनाथहु गोद लयो तुम, धन्य-धन्य प्रभु नाम तुम्हारे ।। २ अमृत जल के सोते बहावो, अधम पियासा तृषा निवारे । नेह लगाये तब गुण गावे, जन सोई प्रभु तोर पियारे ।। ३ है अति हर्षित अभ्यन्तर में, निरखे महिमा रूप तिहारे । निशिदिन अन्तर ध्यान लगावे, करहु अचल ताको जग तारे ।। ४ दूरि राखि सब भव भय शंका, मगन रखो इत उत संभाले । मैं तो दास अधीन तिहारो, गैहों तुव नित्य जय जयकारे ।।
- Confirmation 206–208 | Masihi Geet Sangrah
दृढ़ीकरण (Confirmation) 206 (२०६) 7. 7. 8. 8. 7. 7. Lowliness or Weil Ich Jesu. १ मरने तक तू विश्वस्त हो (२) कोई दुख मसीह के क्रूस से तेरा मन न अलग कर चुन तू ले सकेत मार्ग को मरने तक तू विश्वस्त हो ।। २ मरने तक तू विश्वस्त हो (२) जीवन का वह मुकुट पावे जो कि अंत तक जयवंत होवे सो तू मार निज इच्छा को मरने तक तू विश्वस्त हो ।। ३ मरने तक तू विश्वस्त हो (२) अपने मन से घमण्ड दूर कर कामना से छुटकारा पाकर तू संसार से सावधान हो मरने तक तू विश्वस्त हो ।। ४ मरने तक तू विश्वस्त हो (२) अपना लंगर डाल मसीह पर उसका बल है सबसे बढ़ कर ताकता रह तू उसी को मरने तक तू विश्वस्त हो ।। ५ मरने तक तू विश्वस्त हो (२) दृष्टि रख उस तेजवान ताज पर उसी घर को तू पयान कर मेम्ने पास तैयार है जो मरने तक तू विश्वस्त हो ।। ६ दे कि मैं विश्वस्त होऊं (२) ताकूँगा हे यीशु तुझे सद्गुण दे तू सदा मुझे अनुगामी मैं होऊँ मरने तक विश्वस्त रहूँ ।। 207 (२०७) “I could not do without Thee.” 7. 6. 7. 6. D. Munich or Passion Chorale. FRANCES, R. HAVERGAL, 1836-79. १ लाचार मैं हूँ बिन तेरे हे जग के तारणहार तू अपना रक्त बहाके ले गया पाप का भार मुझे है एक ही आसरा एक बात से शान्ति है अधर्म और पाप की क्षमा उस रक्त से होती है ।। २ लाचार मैं हूँ बिन तेरे न मेरी शक्ति है कि ठहरूँ बिना टेक के न धर्म न बुद्धि है पर तू हे प्यारे त्राता तू सब कुछ मेरा है दुर्बल सामर्थी होगा जो तू रहे सहाय ।। ३ लाचार मैं हूँ बिन तेरे और मार्ग हैं संकटमय मैं अति थकित होके कहरता खाके भय क्या कर सकूं बिन तेरे मार्ग नहीं जानता हूँ तू जानता और ले चलता कि मैं न भूल जाऊँ ।। ४ लाचार मैं हूँ बिन तेरे हे यीशु दयामय जौ भी तू है अनदेखा पर निकट है निश्चय यीशु जो तू न रहता हमारी संगत में न चैन न शान्ति होती इस चंचल जीवन में ।। ५ लाचार मैं हूँ बिन तेरे अकेले तुझी को है प्रगट मेरी इच्छा जिस बात की घटी हो हे धन्य प्रभु तू ही अकेला मन में आ संतोष चैन कुशल शान्ति तू देता सर्वथा ।। ६ लाचार मैं हूँ बिन तेरे काल बीतता जाता है और मुझे थोड़े दिन में मृत्यु पार जाना है तू मुझे न छोड़ेगा और जब मैं डर जाऊँ तू निकट आ बोलेगा “मत डर मैं तुझ पास हूँ ।।” 208 (२०८) “O Jesus I have promised.” 7. 6. 7. 6. D. Day of Rest or Angels Story. JOHN BODE, 1816-1874. १ हे यीशु तेरा सेवक मैं रहूँगा सदा तू स्वामी है और मित्र तू मुझे न बिसरा मैं डरूँगा न कभी जब बैरी करें डाह और मैं नहीं भटकूंगा जो तू दिखावे राह ।। २ मैं तुझे निकट जानूँ पर पाप है सदा पास बार बार मुझे फुसलाते भरम और सुख बिलास नित बैरी मुझे घेरते और मन में रहते भी पर उनसे निकट तू है और आड़ है जोखिम की ।। ३ शब्द तेरा सुनने पाऊँ जब पाप की आँधी हो तू आज्ञा देके थांभकर बन्द कर उस झक्कड़ को बोल मुझ से शान्ति वचन और वाणी से संभाल जब बोले तू मैं सुनूं हे हृदय के रखवाल ।। ४ मैं तेरे पीछे पीछे हो लेऊँ हे मसीह और तुझसे पाऊँ शक्ति ठीक मार्ग पर चलने की खींच मुझे अपने प्रेम से नित मेरी कर सहाय और ग्रहण कर उस लोक में कि पाऊँ सुख अक्षय ।।
- Faith and Repentance 269-312 | Masihi Geet Sangrah
विश्वास और पश्चाताप (Faith and Repentance) 269 (२६९) L. M. -- Melcombe or Old Hundred. १ अकाम है मेरा सारा कर्म पर ख्रीष्ट का रक्त और उसका धर्म है मेरी शोभा और सिंगार और ढाल और शरण और उपकार ।। २ अब मेरे प्राण को मौत निराश, न करेगी, मैं बिना त्रास ईश्वर के सामने जाऊँगा और बिना लाज ठहरूँगा ।। ३ यीशु ने क्रूस के खंभे पर उठाया मेरे पाप का भार और उसके देह की कील और चोट है दण्ड और स्राप से मेरी ओट ।। ४ ईश्वर से मुझे है मिलाप देख मुझ पर ख्रीष्ट के रक्त की छाप और मेरे लिये सर्वदा यह रक्त बिचवई करेगा ।। ५ हे मेरे प्रीतम तारणहार तू अपना घायल हाथ पसार और मुझे अपने रक्त से धो कि मन बच कर्म पवित्र हो ।। ६ और जब मृतकाल में अपना बाण मुझ पर चलाता है शैतान तब अपने रक्त के द्वारा से हे प्रभु तू बचा मुझे ।। 270 (२७०) C. M. -- Grafenburg or St Agnus. REV. G. S. MANDRELLE 1903-1953. १ अनाथ मैं हूँ हे प्रभु ख्रीष्ट तू है अनाथ का नाथ मैं मन बच काया से निकृष्ट और बिका पाप के हाथ ।। २ हे यीशु तारक मुझे तार कि तू है मेरी आस निस्तारक मेरा कर निस्तार कि स्वर्ग में करूँ बास 271 (२७१) 8. 7. 8. 7. 8. 7. Dismissal or Rousseau. १ कहां मेरा तारणहारा मेरा यीशु है कहां पियारों उसकी शाला वह कौन बतावेगा वेग से कहो वेग से कहो यीशु को दिखाइये ।। २ दबा पाप के बोझ से भारी चूरचार हुआ मेरा प्राण रोता मैं दिन रात्रि सारी ख्रीष्ट को पाऊँगा कहां निपट खेदित व्याकुल छेदित विकल मेरा मन है नित ।। ३ यदि मेरे डैने होते ज्यों पंडुक के होते हैं तो मैं आज ही उड़ के जाता जहां प्रीतम रहता है और निरन्तर उसका चरण धरे रहता आनन्दमय ।। ४ मेरे प्राण तू क्यों निराश है आ तू ख्रीष्ट के क्रूस के पास वहां दण्ड ओ त्रास यीशु ने भोग कर किया पाप का नाश अपना रक्त वहां बहाया जिस से हुई त्राण की आश ।। ५ मृत्युनाशक पाप का हरता मेरा वाणी है यहाँ क्रूस के काठ पर टंगा रहता क्रूस है मेरा शरणस्थान ख्रीष्ट के हाथ में मृत्यु समय सौंपूँगा मैं अपना प्राण ।। 272 (२७२) 8. 7. 8. 7. D. Munich or Aurelia. CHR. G. KERN, 1792-1835. १ क्यों छोड़ूँ मैं उस मीत को जो मुझे छोड़ता ना कब समझूँ मैं उस प्रीत को जो है ख्रीष्ट यीशु का मैं दुःख अपार में पड़ा उपकार वह लाया था और मैं ने कुशल महा यीशु में पाया था ।। २ मैं क्यों न चाहूँ उस को असीम है जिसका प्यार और दुःख क्यों देऊँ उसको जो मेरा तारणहार हां उसी ने उठाया सब दण्ड मुझ पापी का यह कह मुझे बुलाया आ मेरे पीछे आ ।। ३ मैं करूँ प्यार उस हितू को जो करता है उद्धार और तोड़ कर मृत्यु बल को है देता जीवन सार वह मरन काल सब भय से मुझे बचावेगा और स्वर्ग में अपने हाथ से घर के ले जावेगा ।। 273 (२७३) “Seek ye first, not earthly pleasure.” 8. 8. 8. 6. १ खोज तू मत वह सुख शारीरिक वही धन जो है सांसारिक सत्य प्रेम को जो है आत्मिक पहिले खोज पहिले खोज ।। २ खोज तू मत सांसारिक इच्छा जो तृष्णा वृथा है सदा अपनी आत्मिक अभिलाषा पहिले खोज पहिले खोज ।। ३ पहिले खोज ईश्वर की शान्ति इसे पा तो है न घटी आ अपने को मान तू पापी उस को खोज उस को खोज ।। ४ पहिले खोज और क्षमा ले ले स्वर्ग का अधिकारी होके अपना जीवन उस को दे दे उस को खोज उस को खोज ।। ५ पहिले खोज तू पूर्ण शुद्धि प्रभु में जो सदा मिलती उस के लिये काम की बुद्धि सदा खोज सदा खोज।। ६ यतन कर कि राज्य फैल जावे ख्रीष्ट का प्रेम सब देखने पावें कि वे उसको सदा मानें इस को खोज इस को खोज ।। ७ उस प्रतिज्ञा का भरोसा तेरी इच्छा पूर्ण करता आत्मिक दान तो उससे मिलता पहिले खोज पहिले खोज ।। 274 (२७४) 8. 7. 8. 7. Batty or Mariners. १ जन्म से पापी दुराचारी धर्म विमुख और ख्रीष्ट विरुद्ध मैं तो हूँ पर ख्रीष्ट के द्वारा अभी सारे पाप से शुद्ध ।। २ मैं हूँ शुद्ध आह कैसी दया क्योंकि मेरे त्राणी ने क्रूस पर मेरा धर्म कमाया अपना रक्त बहाने से ।। ३ मैंने ख्रीष्ट को नहीं चाहा निश्चित होके भूलता था पर वह मेरा प्रेमी रहा और न मुझे त्यागता था ।। ४ जब से बिन्ती मैं ने की थी क्षमा कर मुझ पापी को उसने झट ली सुधि मेरी उसको धन्य हो सदा लों ।। ५ उसने अपना हाथ पसारा धर के धोया मेरा प्राण उस को धर्म से भी संवारा और यों मुझे मिला त्राण ।। ६ दूसरी आस न मेरी होवे मेरा धर्म और मेरा बल ऐसी निन्दा दूर हो रहे दूर हो मुझ से ऐसा छल ।। ७ मेरी आशा है ख्रीष्ट का मरण ख्रीष्ट का रक्त और उसका धर्म उसकी दया मेरी शरण मेरा त्राण है ख्रीष्ट का कर्म ।। 275 (२७५) 7s Innocents or St. Bees. Chord - D (Ref:- 06 No.) | S- Waltz | T-130 १ जो न चलता पाप के पथ और न मानता दुष्ट का मत निन्दक संग न बैठता है वह मनुष्य ही धन्य है ।। २ वह जो ईश्वर के अधीन वचन में रात दिन लौलीन मन बच कर्म सुधारता है कुशल उसका सदा है ।। ३ वह हर बात में भाग्यवान और उस पेड़ के है समान जो हरीला और फलमय जल के पास पनपता है ।। ४ दुष्ट को ऐसा ही मत जान दुष्ट है भूसी के समान जिस को इधर उधर मार उड़ा डालती है बयार ।। ५ धर्म के मार्ग पर जिनकी चाल तिन पर ईश्वर है दयाल दुष्ट लोगों के मार्ग ही के पास घात में लगा है विनाश ।। 276 (२७६) C. M. -- Vulpius or Bedford. JOSHUA STREGMANN, 1588-1632. १ तू अपनी दया यीशु ख्रीष्ट हमारे पास ठहरा कि अपने छल से फिर शैतान हमको बझावे ना ।। २ तू अपना वचन यीशु ख्रीष्ट हमारे पास ठहरा कि हमको आनंद और कल्याण अब होवे और सदा ।। ३ तू अपनी ज्योति यीशु ख्रीष्ट हमारे पास ठहरा जिस्तें अन्धकार में तेरे लोग सत मार्ग से भटकें ना ।। ४ तू अपनी आशिष यीशु ख्रीष्ट हमारे पास ठहरा रोप हम में हर एक आत्मिक दान और हम में फल उगा ।। ५ तू अपनी सामर्थ यीशु ख्रीष्ट हमारे पास ठहरा हमको परीक्षा में न डाल संसार पर जय दिला ।। ६ तू आपही आप हे यीशु ख्रीष्ट हमारे पास ठहर हो जीवन भर हमारे संग और साथ हो मरने पर ।। 277 (२७७) 8. 7. 8. 7. 8. 7. Komm O Komm or Dismissal. Chord - C | S- Waltz | T-124 १ तेरे चरण मेरी शरण यीशु प्रभु त्राण के नाथ कृपा करके मेरी सुध ले तेरे बिन मैं हूँ अनाथ दया तेरी आशा मेरी रख तू मुझ पर अपना हाथ ।। २ कर तू मुझ पर दया दृष्टि अपने मार्ग ही में चला मेरी प्रीति और प्रतीति तुझ पर धरीं सर्वदा दया तेरी आशा मेरी तेरा दास मैं हूँ सदा ।। ३ हे कृपालु दीन दयालु तुझी को मैं गहता हूँ हे गुणखानि सब बरदानी तुझ में तोष मैं पाता हूँ दया तेरी आशा मेरी तुझ में तृप्त मैं रहता हूँ ।। ४ तेरा हृदय निर्मल सदय सूर्य सा हे प्राण के मीत पापी होकर तुझे भूलकर बार बार करता कर्म अनीति दया तेरी आशा मेरी अपने दास को कर पुनीत ।। ५ इस संसार के कुव्यवहार से असंतृष्ट है मेरा मन मेरी आँख तो ताकती स्वर्ग को जहां सत है हर एक जन दया तेरी आशा मेरी प्रभु मुझे ग्रहण कर ।। 278 (२७८) “Free from the law, oh, happy condition.” 10. 10. 9. 8. S. S. S. 143. PHILLIP BLISS. 1833-76. १ तू ने हे यीशु हम को बचाया और अपना अनमोल लहू बहाया हम सब थे पापी दुष्ट और निराश कृपा से हुई त्राण की आस ।। कोरसः- मुक्ति की आस से सब जो निराश हो मुक्ति की आस विश्वास से अब ले लो उसी की ओर देख मत हो उदास यीशु के क्रूस से त्राण की आस ।। २ पाप से अब हम सब पाते छुटकारा पाप का प्रायश्चित पूरा और सारा प्रेम से वह कहता आ मेरे पास जीवन की आकर ले तू आस ।। ३ ईश्वर के पुत्र कैसे आनंदित अधिकार उन के महिमा से मंडित मौत से वे छूट के पाते विश्राम रहते नित्य हर्षित उस के धाम ।। 279 (२७९) “Pass me not O gentle Saviour.” Z. Z. Y. 488. FANNY CROZBY. 1820-1915. Chord - F | S- 6/8 | T-086 १ छोड़ न मुझे प्यारे यीशु, बिन्ती सुन मेरी औरों पर तू दया करता, कर तू मुझ पर भी ।। कोरसः- यीशु यीशु, बिन्ती सुन मेरी औरों पर तू दया करता, कर तू मुझ पर भी ।। २ तेरे पास हे दयासिन्धु, शान्ति पाऊँगा झुकता हूँ मैं तेरे सामने, अब विश्वास दिला ।। ३ तुझ पर पूरी आस मैं रखता, अपना मुख दिखला चंगा कर इस घायल मन को, दया से बचा ।। ४ तू है शान्ति का पूर सोता, प्रीतम प्राण से भी तुझे छोड़ अब कौन है मेरा, जग और स्वर्ग में भी ।। 280 (२८०) “Saviour like a Shepherd lead us.” 8. 7s. T. T. T. 1164 or Rousseau. DOROTHY THRUPP, 1779-1847. १ प्रभु यीशु मेरे प्रिय लोगों के बचानेहार अपने प्राण को तू ने दिया कि हम सब का हो निस्तार प्रभु यीशु प्रभु यीशु सब लोग बचें तेरे द्वार ।। २ बिना तेरे मैं हूँ निर्बल मेरी तू सहायता कर तेरे साथ मैं होऊँ प्रबल हर कठिनता में निडर प्रभु यीशु प्रभु यीशु मेरे साथ रह जीवन भर ।। ३ जब हो निकट मेरा मरण जब समाप्त हो मेरा प्राण तब तू होवे मेरी शरण मेरी आत्मा को तू मान प्रभु यीशु प्रभु यीशु तू है मृत्यु पर बलवान ।। 281 (२८१) 7. 7. 7. 7. 7. 7. Dix or Morgenglanz. Chord - C | S- Ballad | T-074 १ पापी मैं तो बड़ा हूँ महा कष्ट में पड़ा हूँ मेरे कैसे बड़े दुःख कौन दे सकता मुझे सुख ।। कोरसः- मेरी रक्षा करने को प्रभु तू सहायक हो ।। २ सब है तेरा भूमि आकाश पशु पक्षी फूल और घास तू ने उत्पन्न किया है सब कुछ हम को दिया है ।। ३ दया से तू है भरपुर मेरे पाप को तू कर दूर जग में जितने दिन रहूँ मन में शान्ति मैं पाऊँ ।। ४ तू जो मेरा मित्र हो तो मैं जीतूं शत्रु को दुष्ट को तू हराता है पाप से तू बचाता है ।। 282 (२८२) 7. 6. 7. 6. Day of Rest. J. P. G. MANDRELLE. १ मसीहा मैं जो पापी पास तेरे आता हूँ मैं पापी और संतापी रो रो पछताता हूँ हाँ यीशु तुझ पास आता तू मुक्तिदाता है तुझ पर विश्वास मैं लाता तू बाप का प्यारा है ।। २ मुझ पापी ऊपर भार है हाँ पाप संताप का भार पर तेरे मन में प्यार है आस मेरी तेरा प्यार अब लिये अपने पाप को मैं तुझ पास आता हूँ सब अपने पाप संताप को मैं तुझ पास लाता हूँ ।। ३ यह पाप का बड़ा रोग है हाँ पाप का कठिन रोग कि पापी नरक योग्य है यह पाप का रोग और सोग हे यीशु तुझ पास आता मैं आता तेरे पास तू रोग और सोग मिटाता यह मेरी आस विश्वास ।। ४ तू पापियों का मीत है इस कारण आता हूँ अत्यन्त जो तेरी प्रीत है प्रतीति करता हूँ पक्षवादी मेरा होके कर बिन्ती पिता पास सब पाप संताप को खोके दे मुझे स्वर्ग में बास ।। 283 (२८३) P. M. -- Tune “Men of Harlech.” १ मैं मसीह का सेवक हूँगा अपने आप को उसे दूँगा उसकी आज्ञा सब मान लूँगा मैं मसीह का हूँ ।। कोरसः- मेरे लिये आया मेरे लिये जिया मेरे लिये दुःख उठाया मेरे लिये मुआ मेरे लिये गाड़ा गया मेरे लिये फिर जी उठा मेरे लिये ऊपर चढ़ा मेरा है मसीह ।। २ मैं तो बड़ा पापी हुआ ख्रीष्ट ऐसों के लिये मुआ लिया मैं ने उस का जुआ मैं मसीह का हूँ ।। ३ मैं ने निश्चय बुरा किया दुःख मसीह को बेर बेर दिया मेरा बोझ उसी ने लिया मैं मसीह का हूँ ।। ४ मैं विश्वास मसीह पर लाया अब छुटकारा मैं ने पाया उस के झंडे तले आया मैं मसीह का हूँ ।। 284 (२८४) 7. 7. 7. 7. Heinlein or Weber. १ मैं हूँ बड़ा पापी जन प्रभु यीशु दयावन्त तेरे पास है धर्म का धन तेरी कृपा है अनन्त ।। २ तुझ बिन मेरा होगा क्या मेरा करे कौन निस्तार तू मुझ पापी को बचा तू ही है बचानेहार ।। ३ औगुण से क्या निकले गुण सूखे से कब निकले जल पापी से क्या होवे पुण्य बुरे पेड़ का बुरा फल ।। ४ प्रभु कृपासागर तू मुझ पर नित्य हो दयावान प्रभु जगप्रकाशक तू मुझे अब कर प्रकाशमान ।। ५ जब तक मेरा जीवन हो रहूँगा मैं तेरा दास मरणकाल जब आवे तो जाऊँगा मैं तेरे पास ।। 285 (२८५) 7s. Zurich or Ratisbon. १ यीशु प्रभु कर सहाय कौन बिन तेरे मेरा है सच तो है मैं पापी हूँ भला कुछ भी नहीं हूँ तौभी सुन और कर सहाय कौन बिन तेरे मेरा है ।। २ तू ने कहा पापी आ मैं निकाल न देऊँगा यीशु ख्रीष्ट मुझे न छोड़ मुझ से अपना मुंह न मोड़ मुझे देख और कर सहाय कौन बिन तेरे मेरा है ।। ३ मेरे मन में प्रगट हो अपने रक्त से उसे धो उसमें अपना प्रेम उगा उस को अपने से मिला यीशु प्रभु कर सहाय कौन बिन तेरे मेरा है ।। 286 (२८६) “Jesus, Saviour, hear my call. ” 7. 7. 7. 5. Capetown. १ यीशु त्राता मेरी सुन मन में जो मैं पापी हूँ तू है जीवन मेरी आस रह तू मेरे पास ।। २ मैं परदेश अकेला हूँ तुझ से दूर मैं न रहूँ तुझ में अगुवाई पाऊँ रह तू मेरे पास ।। ३ भ्रष्टों के बचाने को तूने दिया अपने को जीत भी लिया कबर को रह तू मेरे पास ।। ४ अपने प्रेम से मुझे भर मेरा जीवन वश में कर इच्छा मेरी आधीन कर रह तू मेरे पास ।। ५ पड़े छाया मृत्यु की कर पिता सहाय मेरी खड्ड में होके चलूँ भी रह तू मेरे पास ।। 287 (२८७) “Jesus, thy blood and righteousness.” L. M. -- Cantionale or Old Huudred. LUDWIG VON ZINZENDORF, 1909-60. १ मसीह का रक्त और धर्म अपार है मेरा सुन्दर धर्म सिंगार जिसमें जब उस पार को जाना हो मैं प्रसन्न करूँ ईश्वर को ।। २ मसीह पर मेरा है विश्वास विश्वासी क्योंकर होंगे नाश रीझ गया मुझ पर ईश्वर आप और क्षमा किये मेरे पाप ।। ३ जो मैंने किये कर्म अशुद्ध जो किया आज्ञा के विरुद्ध जो क्रूस पर मर के यीशु ने मिटाये अपने लहू से ।। ४ ईश्वर का मेम्ना सर्वप्रधान जो क्रूस पर हुआ बलिदान और पापी को बचाता है सो मेरा मुक्तिदाता है ।। ५ मसीह ने दुःख जो सहा था मसीह का रक्त जो बहा था मेरी छुड़ौती जिसने दी सो आशा है मुझ पापी की ।। ६ हाँ मेरी आशा जीवन भर है सदा प्रभु यीशु पर और स्वर्ग में उसका धर्म अपार है मेरा सुन्दर धर्म सिंगार ।। 288 (२८८) “Jesus, Lord of life and glory.” 8. 7. 8. 7. 4. 7. St. Raphael or Eton College. J. J. CUMMINS. १ यीशु तेजोमय प्राणेश्वर करुणामय हो ध्यान दे तुझ पर आशा रख परमेश्वर आते हैं पास साहस से पापियों के बन्धु हमें तू छुड़ा ।। २ सब को मन के अन्धकार से डाह और क्रोध और बैर अप्रीत हर प्रकार के कुविचार से बचा तू हे स्वर्गीय मीत पापियों के बन्धु हमें तू छुड़ा ।। ३ जब चढ़ाई हम पर करे बाण चलावे जब शैतान संकट हम पर जब आ पड़े तब हे करुणानिधान पापियों के बन्धु हमें तू छुड़ा ।। ४ जब चमकता भाग्य हमारा हरा भरा है जब मन तब भी हो तू तारणहारा दया कर पुष्ट है जब तन पापियों के बन्धु हमें तू छुड़ा ।। ५ रोगग्रस्त हो जब पड़े रहते शोक के होते जब आधीन जब हम पीड़ा अधिक सहते देह हो जाती जब बलहीन पापियों के बन्धु हमें तू छुड़ा ।। ६ अन्त जब मरण समय आवे होवे जब यह विचार तुझ पर जो जो टेक लगावे पावे ढाढ़स प्राण आधार पापियों के बन्धु हमें तू छुड़ा ।। 289 (२८९) 7. 7. 7. 7. Innocents or Pleyel. १ यीशु प्रभु सत अवतार तू है मेरा तारणहार गिरता तेरे चरणों पर अपने दास पर दया कर ।। २ तुझ बिन किस के पास जाऊँ किस से मुक्ति मैं पाऊँ मुक्ति केवल तेरे हाथ प्रभु यीशु कृपानाथ ।। ३ भेज पवित्रआत्मा को जिस से नया जनम हो जब वह दिल में आता है त्राण का भेद खुल जाता है ।। ४ ख्रीष्ट मैं तुझे मानता हूँ तुझको अपना जानता हूँ केवल तू है सत अवतार तू है मेरा तारणहार ।। 290 (२९०) L. M. Gelobet Seist Du. १ सहाय कर यीशु कृपासार आंख अपने दासों पर पसार तू अपना कान हे प्रभु दे और मेरी बिन्ती सुन तू ले यीशु सहाय (२) ।। २ इष्ट उत्तम ज्योति अपना तेज मेरे अंधेरे मन में भेज कृपा से मेरा पाप मिटा और उस के बंधन से छुड़ा यीशु सहाय (२) ।। ३ आज मुझ को घेरे तेरा हाथ जहां मैं हूँ हो मेरे साथ हो मेरा अगुवा और रखवाल पहाड़ और शरण गढ़ और ढाल यीशु सहाय (२) ।। ४ हे प्रभु रह तू मेरे साथ और थाम ले आप ही मेरा हाथ पास हो और न परीक्षा में न पाप में मुझे पड़ने दे यीशु सहाय (२) ।। ५ पर यदि मुझ पर आवे दुख प्रकाश कर मुझ पर अपना मुख और अपने प्रेम की शान्ति से हमारे मन में धीरज दे यीशु सहाय (२) ।। ६ जब मृत्यु आवे मुझे क्या मैं उसे देख के गाऊँगा हे मौत कहां डंक तेरा है कहां हे कबर तेरी जय मैं बिना डर, यीशु सहाय ।। 291 (२९१) “Jesus my Lord to Thee I cry.” P. M. -- S. S. S. 464. ELIZA J. HAMILTON. Chord - D | S- Waltz | T-124 १ हे प्रभु मैं पुकारता हूँ सहाय बिन तेरे मरता हूँ मैं तुझ पर आशा रखता हूँ तू मुझको ग्रहण कर ।। कोरसः- मुझ को ग्रहण कर मुझ को ग्रहण कर मसीह के रक्त के कारण से तू मुझ को ग्रहण कर ।। २ मैं हूँ निर्बल लाचार अयोग्य प्राण दण्ड का तूने किया भोग अब मुझे कर तू अपने योग्य तू मुझको ग्रहण कर ।। ३ तैयारी मेरी कुछ नहीं बात मेरी बेठिकाने की बचानेहार है यीशु ही तू मुझको ग्रहण कर ।। ४ तू मुझे चरणों पास निहार इच्छानुसार कर व्यवहार मुझे ले चल और पार उतार तू मुझको ग्रहण कर ।। 292 (२९२) P. M. -- Die ach Stst Dein. १ हे ईश्वर सुन हम पापी लोग, पुकारते तेरी ओर तू है महान सब अयोग्य, तू पापी को न छोड़ हे पिता दया दृष्टि से, देख हम को पाप की क्षमा दे प्रभु अपना मुंह न मोड़, हम मन फिराते तेरी ओर तू त्याग न दे तू हमको त्याग न दे ।। २ महान तू है हे दीनदयाल, हे ख्रीष्ट हमारी सुन समीप आ हम पर हो कृपाल, दिखला तू अपने गुण तुझ बिन निराश हमारा मन, दे पाप की क्षमा स्वर्गीय धन बचा हमें और निकट आ, हमारे मन में रह सदा समीप सदा समीप हे ख्रीष्ट सदा ।। ३ धन प्रभु धन सदा लों धन्य, कि तू ने उत्तम भाग दे हमको चुना जो निर्धन, यह तेरा अनुराग तू सिर है हम हैं तेरे अंग, नित्य मेल मिलाप हो तेरे संग और अपना आत्मा हम पर डाल, हे पिता हम पर डेरा डाल हे ख्रीष्ट महान दीनों का नाथ महान ।। 293 (२९३) Bhajan Tunes No. 33 and 34. आज मसीहा तू दिल में हमारे, अपने लहू से धो पाप हमारे ।। १ बिगड़ गये हम तन अरु मन से, तुझ बिन दूसरा कौन सुधारे । पाप की अग्नि बहुत दुखदाई, जल बल भस्म मनहि करडारे ।। २ लोभ मोह अहंकार यीशु ने, बस कर लिया सकल संसारे । हम से पापी को कौन बचावे, तुझ बिन नाही कोई हमारे ।। ३ तीसर दिन जब उठे कबर से, शिष्यन से बतराये न्यारे । चेले चकित हो बोले प्रभु जी, दरशन को हम आये तुम्हारे ।। ४ जीवन हांक कहो सब जग में, जीव बचे विश्वासी तुम्हारे । असद है सब दास तुम्हारे मुक्ति, हमारी है चरण तुम्हारे ।। 294 (२९४) Bhajan Tunes No. 77. SUDIN. करो मोरी सहाय मसीहा जी । तुम बिन कुछ न सहाय । १ दर्शन दीजै अपनो कीजै । लीजै मोहि बचाय ।। २ या जग को निस्तारण कारण । जनम लियो तुम आय ।। ३ तीन दिना में उठे कबर से । शिष्यों से बतराय ।। ४ सुन लीजै प्रभु बिनती मेरी । अवगुण पै नहिं जाय ।। 295 (२९५) Bhajan Tunes No. 27. SABIR CHIMMANLAL. Chord - D# | S- Dandia/Dholak | T-100 तुम तो मसीहा मोरी आँखों के तारे, भूलो न मोरी खबरिया ।। १ राह बाट हम भूले फिरत हैं, पाप की भारी गठरिया । हां हां बिन्ती करत मसीहा, अपनी बता दो डगरिया ।। २ पाप की नदिया गहरी बहत है, लाभ की उठत लहरिया । ले चल खेवनहार मसीहा, मोर तो टूटी नवरिया ।। ३ मन की चादर मैली जों हो गई, जैसे कि काली बदरिया । अपने रुधिर में धो दे मसीहा, मन की मैली चदरिया ।। ४ कबहूँ तो सोये महल दो महल, कबहूँ तो ऊंची अटरिया । रहियो सहाई मेरे मसीहा, जब लग सोऊँ कबरिया ।। ५ यह शैतान बड़ों दुखदाई, मिल के मारे कटारिया । साबिर के औगुण ढांपि बचावो, तेरी तो प्यारी नजरिया ।। 296 (२९६) Bhajan Tunes No. 20. NAIN SUKH. तुम बिन मेरो कौन सहायक, प्रभु यीशु स्वर्गबासी । १ अगनित पापिन को तुम तारयो, तुम पै जे विश्वासी । दीन हीन शरणागत जेही, तेहि दिया सुखरासी ।। २ हम पापिन को तारो प्रभु जी, कृपा दृष्टि निहारी । औरन को प्रभु और भरोसा, हम को शरण तुम्हारी ।। 297 (२९७) SUDIN. क्या कहूँगा मैं सन्मुख तेरे लज्जित हूँ निज कर्म निहारो ।। १ पाप हमारो अतिशय हुवा नभ लो ऊँचो मान पसारो । शक्ति हीन तन मन अकुलानो सीस चढ़ाये ऐसो भारो ।। २ तनिकों साहस नाहिन मोको थर थर कंपित गात हमारो । काह कहूँ कछु वाक्य न निकसत न्याय दिवस को करे सहारो ।। ३ यीशु ख्रीष्ट जगपति जग तारक शान्ति शब्द सों कीन्ह उचारो । दृढ़ विश्वास धरे जो मो पर गिरिसम पाप मिटाऊँ सारो ।। ४ दास अधीन तिहारो हों प्रभु जी मुख बाणी पर आस हमारो । न्यायकरन जब जग में आवो मम ओर करिहो सुनिहारो ।। 298 (२९८) Bhajan Tunes No. 45. SHUJAAT ALI. प्रभु यीशु मसीह बिन कौन हमारो, हम तो हैं प्रभुदास तिहारो । १ पाप की अग्नि अति दुःखदाई, उस अग्नी को निवारो ।। २ मेरो मन प्रभु मानत नाहीं, अपन दया तें सुधारो ।। ३ दीन हीन हम हैं बेचारे, कृपा दृष्टि निहारो ।। ४ मैं अति पापी कर्म को नाहीं, आप निबाहनहारों ।। ५ यीशु है दुःख बूझनहारो, तुझ बिन कौन हमारो ।। ६ पापिन कारण प्राण दियो है, पाप का भार उतारो ।। ७ आसी तुम्हारी शरण गहत है, मेरा पाप बिसारो ।। 299 (२९९) JOHN CHRISTIAN. Chord - F#m (+3) | S- Ballad | T-080 प्रभु हे मेरी ओर निहारो । प्रजा पुत्र मैं हूँ प्रभु तेरो, जौपै आज्ञा टारो ।। १ हैं हम जन्महितें अपराधी, मन बच काया सारो । कौनौ कर्म न मोसों छूटो, सब विधि बात बिसारो ।। २ हैं अपराधिन में हम नामी, तुम नामी जग तारो । नाम बड़ाई जगत में मोहि, तारि दे मैं तिहारो ।। ३ सीस चढ़ाय पापक भारी, आये तोर दुवारो । को यह जानक भार उतारे, यीशु ख्रीष्ट बिनारो ।। 300 (३००) N. I. T. B. 40. मसीह बिना कौन हमारा साथी १ अल्प दिवस के कारण हम सब, होय रहे जगवासी ।। २ जात रहत जग स्वप्न समाना, भोरे रहत उदासी ।। ३ अचल जगत में बास करन को, हो प्रभु पर विश्वासी ।। ४ निश्चय पावत हर्ष अपारा, जो नर स्वर्ग निवासी ।। ५ जहां जाय विश्राम करो तुम, तहां विविध सुखरासी ।। 301 (३०१) PREM DAS. मेरा मन धो देना प्रभु, बिन्ती करूँ बारंबार । १ मन मेरा हो गया पापों से मैला, मैं धोते धोते हुआ लाचार । २ मैं ने भूल करी बड़ी भारी, आया नहीं मैं तुम्हारे द्वार । ३ बाईबल भीतर मैं ने पाया, तुम ही हो दिल के धोवनहार ।। ४ दास कहे इस पापी मन को, कृपा कर तुम दीजो निखार ।। 302 (३०२) Bhajan Tunes. No 4. मैं बहुत लाचार तुझ बिन १ पाप का बोझ कठिन दुखदाई, तन रहे बेजार तुझ बिन ।। २ पाप हरैया तू ही है प्रभु जी, कौन करे निस्तार तुझ बिन ।। ३ गहरी नदिया नाव पुरानी, आ पड़ा बीच धार तुझ बिन ।। ५ आप ही आप कोई पार न गये, पापी रहे मझधार तुझ बिन ।। ६ सब पापी मिल बिनती करत हैं, न हो सकें प्रभु पार तुझ बिन ।। 303 (३०३) Bhajan Tunes. No 100. मसीह करेगा दवाई तुम्हारी । अगर होवे दिल से दुहाई तुम्हारी ।। १ न शंका करो तुम न दिल में घबराओ । उसको पुकारो सहाई तुम्हारी ।। २ करो प्यारे तौबा दो दिल भी मसीह को । इसी में प्यारो भलाई तुम्हारी ।। ३ गुनाहों से मैला जो दिल है तुम्हारा । मसीहा से होगी सफाई तुम्हारी ।। ४ कहे ये मसीही दिल दो मसीह को । उसी से सफाई भलाई तुम्हारी ।। 304 (३०४) Bhajan Tunes No. 17. PRABHU DAS. मैं मति मंद महा अभिमानी । १ जो जो आज्ञा प्रभु ने दीनी, उन्हें पूरी न मानी । जिन बातों को मना किया था, सोई गई बिसरानी ।। २ घूमते मेघ बिना ज्यों पानी, तैसे बैस बितानी । भजन बिना मैं निशिदिन खोयो, जैसे ओस सुखानी ।। ३ काम क्रोध में मन उरझानो, मीठी लगत कहानी । जग की धूल में ऐसे भूलो, जैसे भेड़ भुलानी ।। ४ तजि प्रपंच सुनो प्रभुबानी, कह प्रभुदास बखानी । यीशु मसीह जो पार लगावे, नहीं तो नाव डुबानी ।। 305 (३०५) Bhajan Tunes No. 81. यीशु में है आनंद घनेरे । १ काम क्रोध मद माया जग में, बास करत सब के मन में रे ।। २ या जग पर विश्वास न कीजे, जावेगा यह बीत सबेरे ।। ३ रे मन मूढ़ सचेत रहो तुम, जीवन दिन कत होंगे तेरे ।। ४ प्रभु यीशु पर धरू विश्वासा, वा में है आनंद घनेरे ।। ५ आजिज की यही बिन्ती प्रभु जी, पाप क्षमा अब कीजे मेरे ।। 306 (३०६) Bhajan Tunes No. 31. JOHN CHRISTIAN. १ हे मेरे प्रभु मैं पापी, मो पापी उधारियो ।। छोडों न कभु, न मोहे बिसारियो ।। २ हे प्रभु मैं पापी, यह निश्चय आप जानियो । हाय कैसो संतापो, मो दुःखी पहिचानियो ।। ३ हे कृपा निकेतु, मो पापी पै लखियो । और तारण के हेतु, मोहि चरण पै रखियो । ४ मैं अति अशुद्ध, अशुद्ध कौं शुद्ध करियो । मैं अति निर्बुद्ध, निर्बुद्ध कौं बुद्ध भरियो ।। ५ मैं अधम अयोग्य, तो आप यह न मानियो । पै आप पापी लोग, नित अपनी ओर तानियो । ६ जब होयगो मरण, तब प्रभु शान्त करियो । और जब लों है जीवन, मोहि प्रेम करके भरियो ।। 307 (३०७) Bhajan Tunes No. 7 & 8. JOHN CHRISTIAN. हो प्रभु अब करहु क्षेम, हौं गुलाम तेरो । १ बार बार घटी भई, चूक भई धनेरो । आये अब निकट तोर, मोर ओर हेरो ।। २ यीशु विदित तोहि नाम, स्वामी तुम मेरो । कौन पास दास जय, कोह कौन केरो ।। ३ त्रास युक्त जोरि पाणि, अनुतापित टेरो ।। एक बेर मोहि ओर, करन अपन फेरो ।। ४ लीजिये उबारि यीशु, कठिन काल घेरो । जान अधम शीश नाय, पड़त चरण तेरो ।। 308 (३०८) H. T. B. 109. SHUJAAT ALI. १ अरे गाफिल तुझे कब होश होगा । कुछ उकबा का भी तुझ को खोज होगा ।। २ न भूल इस खाक की ढेरी हरगिज । बना है खाक से फिर खाक होगा ।। ३ अभी ढूँढ़ो तो अलबत्ता पावोगे तुम । नहीं तो फिर तुम्हें अफसोस होगा ।। ४ मसीह यीशु मरा है तेरी खातिर । गुनाह तेरा उसी से मुआफ होगा ।। ५ यकीं लावेगा अगर तू उस के उपर । वही शाफी तेरा उकबा में होगा । ६ यकीं लावेगा जो यीशु मसीह पर । नजात उस की मसीह यीशु करेगा ।। ७ न छोड़े गर बदी बदकार अपनी । यह सच जानो जहन्नम में पड़ेगा ।। ८ यह बन्दा तो तेरा है ऐ मसीहा । तेरी उम्मीद में यह सो रहेगा ।। ९ अगर मैं सो रहूँ तो बेखतर हूँ । मेरी उम्मीद है कि फिर उठूंगा ।। १० यह आसी तो खरीदा हुआ तेरा । तेरे हाथों से मुझ को कौन लेगा ।। 309 (३०९) H. T. B. 129. SHUJAAT ALI. १ गुनाहों को अपने जो हम देखते हैं । तो गजब-इ-इलाही बहम देखते हैं ।। २ अगर गौर करते हैं, फिअलों को अपने । तो लायक जहन्नम हैं, हम देखते हैं । ३ अरे दिल तू गफलत में कब तक रहेगा । तेरे वास्ते दर्द ओ गम देखते हैं । ४ गुनाहों में ऐ दिल रहा तू जो माइल । सजा उसकी पायेगा हम देखते हैं ।। ५ तुम्हारे गुनाहों की बख्शिश की खातिर । मरा है मसीह खुद, यह हम देखते हैं ।। ६ जो पकड़े वसील, शिताबो मसीह का । हयात इ बका उसमें हम देखते हैं ।। ७ तेरे दर्द ओ गम की यही बस है दारू । कि यीशु है शाफी, यह हम देखते हैं ।। ८ तू इस बात पर शक्क, नला दिल में आसी । गवाही है इन्जील, हम देखते हैं ।। 310 (३१०) HASAN ALI. Chord - Dm | S- Ballad/Beguine | T-078 १ दर इ पाक से फिर के मैं जाऊँ कहाँ कहीं दर्द इ गुनाह की दवा ही नहीं तपे जुर्म से जार ओ नहीफ हुआ मुझे और दवा से शफा ही नहीं ।। २ तेरा नाम है मरहम इ जखम इ दिली यह खबर मुझे रूह इ कुद्स से मिली तेरी जात है मजहर इ राज इ खुफी कोई तुझ सा जहाँ में हुआ ही नहीं ।। ३ मैं ने उमर भर अपनी गुनाह ही किया मुझे बख्शिये ऐ मेरे बार, ए खुदा तेरे आगे मैं होता हूँ अर्ज इ रसा कि सिवाय तेरे और खुदा ही नहीं ।। ४ तू ने सैकड़ों मुर्दों को जिन्दा किया तू ने सदहा मरीजों को बख्शी शिफा जो कि रुतबः खुदा से है तुझको मिला किसी और नबी को मिला ही नहीं ।। ५ जिन्हें नाम से तेरे है बुग्ज सदा उन्हें जल्द तू अपना करिश्मा दिखा उन्हें रूह इ मुकद्दस कर तू अता जिन्हें खौफ खुदा का जरा ही नहीं ।। ६ दिल ओ जां से भरोसा तुझी पे रखूँ दम इ नजअ जुबां से मसीहा कहूँ तेरे बन्दों के मैं भी शुमार में हूँ मेरी इससे ज्यादा दुआ ही नहीं ।। ७ यह जहान है आलम-इ-रंज ओ इना न सफीर दिल अपना यहाँ पे लगा न रहेगा यहाँ पे न कोई रहा कि है रहने की यह तो सरां ही नहीं ।। 311 (३११) B. MAYAL. १ मेरी इमदाद गर ईसा न करता । बुरा होता वह गर ऐसा न करता ।। २ दिल इ नापाक मेरा पाक होता । तो वह मुझ से कभी परदा न करता ।। ३ जो शैतान से और मुझ से जोर होता । तो फिर जानो कि मरता क्या न करता ।। ४ मेरी यह जीस्त मुझको बार होती । मेरी हाजत वह गर ईफा न करता ।। ५ मैं भर भरकर शराब इ वस्ल पीता । मुझे गर मुहतसिब रोका न करता ६ न तुझ को दर्द इ दिल अपना दिखाता । अगर कांटा मेरे खटका न करता ।। ७ बहार अपने अगर बीमार दिल को । जो लाता वह तो क्या अच्छा न करता ।। 312 (३१२) SABIR CHIMMAN LAL. १ हमारे दिल की हालत को, खुदा जाने या हम जानें । मसीह से है हमें उलफत, खुदा जाने या हम जानें ।। २ मुहब्बत की बिछी चौसर, लगी है जान की बाजी । फिदा है जान यीशु पर, खुदा जाने या हम जानें ।। ३ कलाम-इ-पाक की बरछी, लगी दिल पर मेरे तिरछी । कलेजा हो गया छलनी, खुदा जाने या हम जानें ।। ४ मुहब्बत के समुन्दर में, डली ईमान की किश्ती । चली जाती है बेखतरे, खुदा जाने या हम जानें ।। ५ न दुश्मन की मुझे दहशत, नाहीं तूफान का खटका । मसीह है नाखुदा अपना, खुदा जाने या हम जानें ।। ६ यही है आरजू अपनी, रहें हम साथ यीशु के । नहीं चाहते जुदा होना, खुदा जाने या हम जानें ।। ७ चलो साबिर इबादत को, झुकाओ सिर मसीहा को । न होवे जाहिरी उलफत, खुदा जाने या हम जानें ।।
- ABOUT | Masihi Geet Sangrah
About At Masihi Geet Sangrah, we understand the importance of having accurate lyrics for meaningful worship. Our platform serves as a bridge between tradition and modern devotion, offering a wide range of categories that cover every aspect of the Christian life from Baptism and Marriage to Mission and Second Coming. Managed by Yash Soloman and Shaan Jashwant, this project is born out of a passion for the gospel and a desire to serve the church. We constantly update our library to include the latest contemporary hits alongside the classic hymns found in the traditional Masihi Geet Sangrah. Join us as we celebrate our faith and find inspiration in the lyrics of praise. Mr. Sharon Ram The Masihi Geet Sangrah digital project was founded by Mr. Sharon, a man whose life is a testament to serving both God and neighbor. Based in Dalli Rajhara, near Balod, Mr. Sharon is the proprietor of Rajhara Pathology Lab. His background as a Pathologist and emergency Paramedic reflects a life dedicated to healing and care. However, his heart has always beat for the rhythm of worship. As an accomplished percussionist mastering the Drums, Naal, and Octopad and a professional Sound Engineer, he recognized a need for a more accessible way for the congregation to carry their songs of praise. This website is his contribution to the global church: a simplified, digital version of the Masihi Geet Sangrah designed to be a personal songbook for every believer. Reach Out
- The Gospel Invitation 239–268 | Masihi Geet Sangrah
सुसमाचार का बुलावा (The Gospel Invitation) 239 (२३९) “Come to the Saviour make no delay.” 9. 9. 9. 6. D. -- S. S. S. 1165. GEORGE F. ROOT, 1820-95. Chord - G# | S- 6/8 | T-094 १ आ देर न करके यीशु के पास अब उसकी बात पर कर तू विश्वास यहाँ वह करता बीच में निवास प्रीति से कहता आ ।। कोरसः- खुशी खुशी तब हम करेंगे पाप से जब छुटकारा पावेंगे और तेरे साथ हम नित्य रहेंगे स्वर्गीय स्थानों में ।। २ लड़के भी आवें सुन उसकी बात जय उसकी होवे हर दिन ओ रात यीशु को माने सब देश और जात अब देर न करके आ ।। ३ यीशु को बीच में अब पहचान सुन उसकी बात और मन ही से मान प्रेम से वह बोलता दे अपना कान आ मेरे लड़के आ ।। 240 (२४०) “Come ye sinners poor and needy.” S. 7. 8. 7. 4. 7. Dismissal or Eton College. JOSEPH HART, 1712-1768. १ आओ तुम जो हीन पापी दुखित क्लेशित बिन विश्राम पाप के कारण जो विलापी जी से कहो यीशु नाम प्रभु यीशु सिद्ध कर चुका अपना काम ।। २ हम सब अधम दीन हीन पापी सब हैं दोषी नरक योग्य दण्ड इस जग के पापियों का यीशु तूने किया भोग प्रभु यीशु तुझको ताकते पापी लोग ।। ३ तूने बहुत दुःख उठाके जगत पर दिखाया प्रेम क्रूस पर अपना रक्त बहाके किया सबके त्राण का नेम प्रभु यीशु तू ही देता कुशल क्षेम ।। ४ सारे जग का है राजा राज्य करने जल्दी आ देश विदेश ही तेरी प्रजा मूर्तिपूजा तू मिटा प्रभु यीशु अपना राज तू जल्दी ला ।। 241 (२४१) “Let him that heareth say come.” 6. 6. 4. 6. 6. 6. 4. Olivet. १ आओ सब पापी लोग हुये जो नरक योग्य जी से उदास आओ जो धर्म विहीन आओ जो मन मलीन यीशु के हो, आधीन यीशु के दास ।। २ जग में प्रभु कृपाल यीशु ने हो दयाल लिया अवतार प्रभु का नेम और प्रीत प्रभु का प्रेम प्रतीत देखों सब धर्म की रीत अपरम्पार ।। ३ अपने पर लेने दुःख औरों को देने सुख आया वह आप सहा है कष्ट महान दिया है अपना प्राण किया दे जग का त्राण किया मिलाप ।। ४ आओ यीशु के पास करो उस पर विश्वास सब हैं तैयार लेओ तुम मुक्ति ज्ञान लेओ तुम मुक्ति दान यीशु का ही प्रदान सच्चा उद्धार ।। 242 (२४२) “Hark my Soul it is the Lord.” 7. 7. 7. 7. St. Bees or Harts. WILLIAM COWPER, 1731-1800. १ उसकी सुन हे मेरे प्राण जिससे हुआ तेरा त्राण यीशु तुझसे पूछने हार क्या तू मुझसे करता प्यार ।। २ बंधन मैंने खोल दिया दुःखित मन को शान्त किया फेरा तुझे भ्रमने से पथ पर लाया जीवन के ।। ३ अपने बच्चे को क्या मां भूल जा सकेगी कदा जो वह भूले तौभी क्या तुझे मैं भूल जाऊँगा ।। ४ मेरा प्रेम है निर्विकार ऊँचा गहरा और अपार सदा रहता है अटल मृत्यु से भी है प्रबल ।। ५ तू तो आगे देखेगा स्वर्ग में मेरी महिमा सुख भी पावेगा अपार क्या तू मुझसे करता प्यार ।। ६ यीशु हो तू दयावन्त मेरा प्रेम निर्बल अत्यन्त यह अनुग्रह दे मुझे कि और करूँ प्यार तुझे ।। 243 (२४३) “There is a gate that stands ajar.” 8. 7. S. S. S. 372. MRS. L. BAXTER, 1807-94. Chord - A# | S- Waltz | T-124 १ एक द्वार नित खुला रहता है जिससे कि सदा आती एक ज्योत जो क्रूस से फैलती है यीशु का प्रेम बताती ।। कोरसः- क्या यह हो सकता, प्रेम अपार कि खुला रहता मुक्तिद्वार कि मैं हाँ मैं उसमें प्रवेश करूँ ।। २ सभी के लिये है वह द्वार जो उससे मुक्ति चाहते सब जाति सब लोग धनवान लाचार सेंत उसमें पहुँच पाते ।। ३ अब आगे जा निडर होके कि द्वार है खुला रहता उठाके क्रूस वह मुकुट ले जो प्रभु यीशु देता ।। ४ वह क्रूस जो मिला है यहाँ हम यर्दन पार छोड़ देंगे यीशु से मुकुट पा वहाँ नित्य उससे प्रेम करेंगे ।। 244 (२४४) “A ruler once came.” 11s and Ref. S. S. S. 466. W. T. SLEEPEE. १ एक शास्त्री जब आया था यीशु के पास, और जीवन अनंत की वह रखता था आस । तब यीशु ने कृपा कर कहा उससे, तू नया जन्म ले ।। कोरसः- तू नया जन्म ले, तू नया जन्म ले ।। २ हे पापी यह वचन मसीह का तू मान, जो सेंत में तैयार है अब देने को त्राण । सुन मंगल संदेश और मन यीशु को दे, तू नया जन्म ले ।। ३ जो स्वर्ग के निश्चय की हो इच्छा तुझे, कि दूतगण और संतों के बीच में रहे । यह जीवन अनंत प्रभु देगा तुझे, तू नया जन्म ले ।। 245 (२४५) 8. 7. 8. 7. 8. 7. Rousseau. Chord - G# | S- Ballad | T-082 १ एक है वाणी बहुत मीठी मेरे मन को भाती है मेरे छोटे मन से बोलती यों हे प्रिय कहती है क्यों तू रोता आसूं भरता क्यों तू होता दुःखाधीन मैं अब तेरी दशा देखता मेरे पास आ सुखविहीन ।। २ एक है वाणी बहुत मीठी मुझे फिर पुकारती है मेरे छोटे मन में खुशी यों अत्यन्त वह भरती है हे पियारे हे दुलारे क्यों तू ढूँढ़ता है आराम दोनों हाथ हैं लम्बे मेरे मुझ पास आ और ले विश्राम ।। ३ एक है वाणी बहुत मीठी धीमे तौर पर आती है मेरे छोटे मन को फेरती यह संदेश सुनाती है आ तू ऊपर इस सैहून में देख तू स्वर्ग की ज्योति को नित्य रह तू मेरे धाम में ज्योति में अब प्रवेश तू हो ।। ४ वाणी यह जो मीठी आती है पियारे यीशु की मुझे वह हरदम पुकारती क्या मैं यों न कहूँ भी हे मसीह हे प्रभु मेरे तेरे पास मैं आता हूँ हाथ बढ़ा हे यीशु प्यारे देख मैं पांव उठाता हूँ ।। 246 (२४६) “Have you been to Jesus.” 11. 9. 11. 9. S. S. S. 379. B. A. HOFFMAN. १ क्या तुम गये यीशु पास कि मन शुद्ध हो क्या उस लोहू में शुद्ध हुए हो क्या संपूर्ण भरोसा उस पर रखते हो क्या उस लोहू में शुद्ध हुए हो ।। कोरसः-क्या तुम शुद्ध हुए हो आत्मा शुद्ध करनेहार लोहू में क्या तुम्हारा मन निष्कलंक हुआ है क्या उस लोहू में शुद्ध हुए हो ।। २ क्या तुम चलते प्रतिदिन त्राता के साथ क्या उस लोहू में शुद्ध हुए हो क्या निरंतर चैन है तुझे यीशु से क्या उस लोहू में शुद्ध हुए हो ।। ३ क्या साफ़ कपड़ा होगा दुल्हा आवे जब क्या उस लोहू में शुद्ध हुए हो क्या तैयार है प्राण स्वर्गधाम में जाने को क्या उस लोहू में शुद्ध हुए हो ।। ४ पाप का मैला वस्त्र अब उतार के छोड़ उस के लोहू में शुद्ध होके आ ।। मन अशुद्ध के लिये सोता बहता है उसके लोहू में शुद्ध होके आ ।। 247 (२४७) “Jesus calls us;o'er the tumult.” 8. 7. 8. 7. Galilee or Evening Prayer. १ ख्रीष्ट बुलाता जग की धूम में मधुर वाणी पड़ती कान “सेवक मेरे पीछे हो ले” यीशु का यह वचन मान ।। २ प्राचीनकाल में अन्द्रियाह ने यह शब्द सुन मान लिया था ख्रीष्ट के नाम से घर संपत्ति सब ही को छोड़ दिया था ।। ३ ख्रीष्ट बुलाता ऐसा कहके सुन तू ले हे मेरे प्राण “जो कुछ प्रिय तुझे उससे अधिक प्रिय मुझे जान” ।। ४ दुःख और सुख में काम विश्राम में रात दिन वह बुलाता है “जीते मरते मुझसे तेरी लगे लौ” समझाता है ।। ५ ख्रीष्ट बुलाता ! त्राता हम पर हो दयाल तब मानेंगे मन को वश में कर तो तुझे सब से प्रिय जानेंगे ।। 248 (२४८) “The whole world was lost in the darkness of sin.” P. M. S. S. S. 417. PHILLIP BLISS, 1838-76. Chord - E | S- Waltz | T-124 १ जब जगत अंधेरे में डूब गया था इस जग का प्रकाश है यीशु ।। परमेश्वर की ज्योति का उदय तब हुआ इस जग का प्रकाश है यीशु ।। कोरसः- हे पापी जन इस ज्योति में आ वह तेरा पाप सब दूर करेगा अब देखता हूँ कि अंधा मैं था इस जग का प्रकाश है यीशु ।। २ विश्वासी अंधेरे में हो न उदास इस जग का प्रकाश है यीशु ।। वे ज्योति में चलते है यीशु के पास इस जग का प्रकाश है यीशु ।। ३ हे तुम जो अब पाप और अंधेरे में हो इस जग का प्रकाश है यीशु ।। अब उठके आशिष तुम परमेश्वर से लो इस जग का प्रकाश है यीशु ।। ४ स्वर्गधाम में उजाला आवश्यक नहीं उस लोक का प्रकाश है यीशु ।। प्रकाश है उस नगर का ख्रीष्ट यीशु ही उस लोक का प्रकाश है यीशु ।। 249 (२४९) “There is life for look.” P. M. S. S. S. 123. MISS A. M. HULL. Chord - D#/D | S- Ballad | T-082 १ तू तो जीयेगा देखने से यीशु की ओर अब भी पायेगा जीवन का दान तो देख और वह तुझे बचावेगा अब जिसके क्रूस ही के द्वारा है त्राण ।। कोरसः- देख देख देख के जी तू तो जीयेगा देखने से यीशु की ओर अब भी पायेगा जीवन का दान ।। २ देख उठाया है उसने सब पापों का बोझ तो तू अपना भी बोझ उसे दे उसके पंजर से लोहू सब बहता रहा कि सब ऋण तेरे भरे जाये ।। ३ न तो प्रार्थना न शोक से छूट सकता है पाप वरन रुधिर से होता बचाव तो उसी पर लाद के सब पापों का भार केवल उसके तू देख बहते घाव ।। ४ सुन मसीह ने बुलाया तू शंका न कर कुछ भी करना अब तेरा न काम क्योंकी प्रगट वह हुआ बचाने को है हां और तुझे वह देता विश्राम ।। ५ अब ले उसके हाथ से तू जीवन का दान जिसे देना वह चाहता भी है और कभी तू मरने से डरता न रह क्योंकी प्रभु नित्य पास रहता है ।। 250 (२५०) “There were ninety and nine.” P. M.-- S. S. S. 97. ELIZABETH CHEPHANE, 1830-69. १ निन्यानवे भेड़ें कुशल ही से भेड़शाला में आ रही थी पर एक तो पहाड़ों में गल्ले को छोड़ भटकती ही खो गई थी वह जंगल में फिरती बेचैनी से पूर चरवाहे दयालु से गई थी दूर ।। २ “निन्यानवे तो रही हैं हे चौपान कुछ चिंता उस एक की न कर” चरवाहे ने कहा “क्यों छोडूँ वह एक मैं उसे भी लाऊँगा घर हां कठिन है मार्ग और कंटीले हैं पेड़ पर तौभी मैं जाता हूँ ढूँढ़ने को भेड़”।। ३ कौन वर्णन कर सकता वह संकट और दुःख चरवाहे को मिले जो थे कि अपनी भेड़ी जो खो गई थी वह जंगल में ढूँढ़ के पावे कि सुना, वह जंगल में रो रही है थकी और रोगी वह मर रही है ।। ४ पर मार्ग में यह लोहू के टपके जो हैं सो कहो, हैं किस के निशान उस भेड़ी को पाने जो भाग रही थी देख घायल भी हुआ चौपान कि कांटे चुभ गये लोहू लुहान हुए हाथ जब ढूँढ़ लाया भेड़ों की दया के साथ ।। ५ पर सुनो एक महाशब्द बोल रहा है “आनंदित अब हो मेरे संग” पृथ्वी पर से आता वह खुशी का शब्द और स्वर्ग में भी उठती तरंग कि दूत गण पुकारते भी हैं बीच आसमान “जो भेड़ी खो गई, फेर लाया चौपान” ।। 251 (२५१) “Jesus is tenderly calling.” P. M. -- S. S. S. 395. FANNY CROSBY, 1820-1915. Chord - A | S- Waltz | T-124 १ प्रेम से आज यीशु बुलाता मुझे, पापी तू आ पिता के पास पिता के प्रेम से क्यों रहता तू दूर, भूखा प्यासा निरास ।। कोरसः- आ मेरे पास आ मेरे पास यीशु बुलाता है पापी अब आ मेरे पास ।। २ हे थकित लोगों वह बोलता तुम से, लेओ विश्राम लेओ विश्राम आज मेरा जुआ तुम कान्धे पर लो, उस से पाओगे आराम ।। ३ वह तेरे आने की जोहता है बाट, देरी न कर देरी न कर सदा यह अवसर न मिल सकेगा, यीशु को आज ग्रहण कर ।। ४ बिन्ती भी करता तू शब्द उसका सुन, मेरे पास आ मेरे पास आ कर तू विश्वास तो पावेगा आनंद, सुसमाचार मान के आ ।। 252 (२५२) 8. 7. 8. 7. 8. 7.Unser Herrscher or Dismissal. १ पापी दोषी दीन हीन सकल आओ गहो यीशु नाम तारण कर्त्ता वह है केवल उस के ऐसा किस का काम प्रभु यीशु प्रगट होवे तेरा नाम ।। २ हम सब अधम और अपराधी सब हैं दोषी नरक योग्य तू ने कृपा से अनादि प्रेम से किया पाप भोग प्रभु यीशु अब निस्तार तू पापी लोग ।। ३ देह को धारण कर तू आया धरती पर दिखाया प्रेम पापी लोग का दण्ड उठाया जिस पर धरा त्राण का नेम प्रभु यीशु कर हम सब का कुशल क्षेम ।। ४ तू ने अपना लहू दिया दिया निज अमूल्य प्राण ऐसा प्रेम कब किसने किया तू ही सभों का है त्राण प्रभु यीशु तुझ बिन और न कोई त्राण ।। ५ जगत अन्त लों तू ही राजा वेग से अपना राज्य दिखा सकल लोग हों तेरी प्रजा लज्जा देवों पर बहा प्रभु यीशु आवे तेरी प्रभुता ।। 253 (२५३) “I have a Saviour.” P. M. -- S. S. S. 350. S. O. MALEY CLUFF. १ मेरा त्राणकर्ता है स्वर्ग में वह रहता त्राणकर्त्ता पवित्र और प्यारा अमर सदा कृपा दृष्टि कर मेरी सुधि लेता हे भाई यह त्राणकर्त्ता तू भी ग्रहण कर ।। कोरसः- मैं तेरे ही लिये, मैं तेरे ही लिये मैं तेरे ही लिये, अब प्रार्थना करता हूँ ।। २ मेरा है पिता मुझ की उस ने दी है जी उठके स्वर्ग जाने की आशा सही वह मुझे बुलाके संग अपने रखेगा तू मेरे संग जाने तैयार रहे भी ।। ३ मेरा है वस्त्र पवित्र चमकीला वह मुझको मिलेगा जब स्वर्ग जाऊँगा उस को पहिनूंगा यह मेरी है आशा कि तू भी यह वस्त्र अभी पावेगा ।। ४ मेरी है शान्ति अद्भुत और अनोखी इस जगत के लोग उसको जानते नहीं हे प्रभु यीशु उस का कर्त्ता और दाता भाई प्रार्थना कर कि तू चैन पावे भी ।। ५ जब यीशु त्राणकर्त्ता को ग्रहण करेगा तब औरों के पास जाके कथा सुना दिन रात उनके लिये कर ईश्वर से प्रार्थना कि मेरे संग पिता तू उन को बचा ।। 254 (२५४) “Who'll be the next.” ANNIE. S. HAWKES 1835-1918. Chord - A | S- 6/8 | T-086 १ यीशु के पीछे कौन हो लेता अपना ही क्रूस कौन उठावेगा कौन अब तैयार है अभी पुकार है कौन ताज आसमानी पावेगा ।। कोरसः- कौन है तैयार अभी तैयार यीशु के पीछे कौन हो लेता यीशु के पीछे कौन हो लेता अब अभी कौन तैयार ।। २ यीशु के पीछे कौन हो लेता कौन उसके साथ अब हो जावेगा पूरा ही त्राण हो, उसकी जय जय हो कौन उसकी सेना गावेगा ।। ३ यीशु के पीछे कौन हो लेता संकट और दुःख में जब रास्ता हो पापों को छोड़ के बन्द उनके तोड़ के कौन आप को देता यीशु को ।। ४ यीशु के पीछे कौन हो लेगा जब तक पहुँचे न यर्दन किनार सिद्ध हो विजय में पूरे निश्चय में पहुँचेंगे तब यर्दन पार ।। मैं हूँ तैयार अभी तैयार यीशु के पीछे मैं हो लूंगा यीशु के पीछे मैं हो लूंगा अब अभी हूँ तैयार ।। 255 (२५५) “Come to Jesus, just now.” R- S- MANDRELLE 1905-1972. १ यीशु पास आ -- अभी ।। २ वह बुलाता -- अभी ।। ३ बचा सकता -- अभी ।। ४ वह तैयार है -- अभी ।। ५ वह बचाता -- अभी ।। ६ क्षमा करता -- अभी ।। ७ मैल से धोता -- अभी ।। ८ सामर्थ देता -- अभी ।। ९ आत्मा देता -- अभी ।। १० उससे मांगो -- अभी ।। ११ वह सुन लेता --अभी ।। १२ तू विश्वास कर-- अभी ।। 256 (२५६) “O sinner come.” C. M. -- S. S. S. 493. CHARLES WESLEY. 1707-88. १ हे पापी जन हे पापी जन, क्यों निश्चित सोता है तू जाग जा तेरा तारणहार, यीशु बुलाता है ।। कोरस :- मैं मानता हूँ, मैं जानता हूँ कि यीशु त्राता है और उसके साथ और उसके हाथ स्वर्गधाम की कुंजी है ।। २ हे पापी जन निर्बल अधम, दिन बीतता जाता है अब हो तू त्राण का खोजनेहार, यीशु बुलाता है ।। ३ हे पापी जन अब कर विचार, क्यों दुःख में रहता है यद्यपि तू है चूकनेहार, यीशु बुलाता है ।। ४ हे पापी जन हे व्याकुल मन, क्यों मरना चाहता है सचमुच यद्यपि तू बदकार, यीशु बुलाता है ।। ५ हे पापी जन क्यों अप्रसन्न, तू क्यों शर्माता है देख कैसा यह अद्भुत पियार, यीशु बुलाता है ।। ६ हे पापी जन क्यों हो निर्धन, क्यों कृपा खोता है अब देख यह फिर एक पिछली बार, यीशु बुलाता है ।। 257 (२५७) “Whosoever heareth..” S. S. S. 389. PHILLIP BLISS, 1838-76. Chord - A# | S- 6/8 | T-086 १ हर एक सुननेवाला करे प्रचार सब कहीं फैलावें यह सुसमाचार पापी लोग यह सुनने पावें बारम्बार हर एक आवे यीशु पास ।। कोरस :- वही सभों को ग्रहण करेगा देश विदेश के लोगों को दे नेवता किसी को वह नहीं करेगा निरास हर एक आवे यीशु पास ।। २ हर एक आनेवाला देर न करे खूले द्वार के बाहर खड़ा न रहे मुक्ति मार्ग में अभी अपना पांव धरे हर एक आवे यीशु पास ।। ३ त्राण का खोजी हो तो यीशु को मान केवल वह बचाता आदमियों का प्राण उस पर दे भरोसा जिससे मिलता त्राण हर एक आवे यीशु पास ।। 258 (२५८) भजन THOMA DAS कोरसः- ऐ गुनहगार मसीह को निहार । उसने तेरे खातिर कैसा किया प्यार ।। १ वह स्वर्ग छोड़ कर आया, दुःख संकट बहुत उठाया । पसली में भाला खाया, हाय बही खून की धार ।। २ क्रूस चढ़ा और कोड़े खाये, जरा करी नहीं आह । मेरे कारण यह किया है, उठा लिया सब भार ।। ३ तीन दिनों में उठा कबर से, तौभी किया पिया V। मौत बली को जीता उसने, बोलो जय जयकार ।। ४ चालीस दिन के अन्त में यीशु, स्वर्ग में बैठे जाय । चेलों को रूह पाक दिया है, करते सब प्रचार ।। ५ सच्चा धर्म बताया हमको, बाईबल के दरम्यान । जो कोई जाने दिल से माने, पावे वह निस्तार ।। ६ सब जन आओ शीश नवाओ, दुआ करो मन लाय । थोमादास की आस मसीह फिर, आकर करे विचार ।। 259 (२५९) Bhajan Tunes No. 111. THOMA DAS. Chord - D/C# | S- Dholak | T-086 यीशु यीशु बोल तेरा क्या लगे है मोल, हर दम यीशु यीशु बोल । १ क्या तू लाया क्या ले जायगा । जरा तो दिल में तोल । धन संपत्ति सब यहाँ रहेगा । मन की घुंडी खोल ।। २ दस आज्ञा दीनी जो प्रभु ने । एक से एक अनमोल । चलने की ताकत वह देगा । मांगो जिभिया खोल ।। ३ पाप की गठरी सिर पर भारी । बोझ बड़ा अनमोल । यीशु मसीह को सब दिखला दो । अपनी गठरी खोल ।। ४ यीशु मसीह दयालु पियारे । पापिन को रह बोल । देर करो मत अभी चलो सब । सच्चा गुरू टटोल ।। ५ जयजय बोलो सभी मसीह की । खूब बजा कर ढोल । थोमादास भजन यीशु का । गाता तन मन खोल ।। 260 (२६०) Bhajan Tunes No. 25. ZUDLN. चलो रे लोगों ईश्वर न्योता मानी । १ देश विदेश निवासिन पाहीं, वचन देहि पहुंचानी ।। २ प्रेम क्षमा सत शान्ति मिलाई, मुक्ति बियारी ठानी ।। ३ निज पुन बसन मलीन उतारो, तिहि अवगुण ठहरानी ।। ४ लेहु यीशु नरतारक पुण्य को, शुभ भूषण अस जानी ।। ५ स्वर्ग भवन की बाट बतावन, यीशु भयो अगुवान ।। ६ तिन अनुगामी भोज सभा में, मिल बैठे हर्षांनी ।। ७ पावन दूत तहां बसहीं सब, कहि ईश्वर यश बानी ।। ८ रोग शोक तृष्णा कछु नाहीं, प्रभु शोभा निरखानी ।। ९ ख्रीष्ट दास जो वा सुख भागी, धन्य धन्य सो प्रानी ।। 261 (२६१) Bhajan Tunes No. 18. चेत करो सब प्यारे लोगों, ईश्वर सुत जग आया है रे । स्वर्ग सिंहासन तजहि आयो, पावन ग्रन्थ सुफल तब कीन्हा ।। पापी जन के भार उठायो, प्राण क्रूस पर बलि कर दीन्हा ।। तीसर दिन आये पुनि उठ्यो, मृत्यु राज्य पर जय जयकारी ।। राख लियो प्रभु वचन अपाना, धर्म राज्य का भौ अधिकारी ।। नाश नगर से बाहिर आओ, इत तुम्हारा नाहिं निवासा ।। धर्म नगर प्रभु यीशु भजन जे, ताहि नगर पर बांधो आशा ।। ख्रीष्ट चरण के अधीन हों मैं, तिहि जानत हों आपन स्वामी ।। दीन दयाल कृपाल सुदाता, संतहि तारत प्रभु अनुकामी ।। 262 (२६२) Bhajan Tunes No. 91. PREM DAS. जरा इधर धरो इधर धरो इधर धरो ध्यान । हम तो सुनाते हैं यीशु जी का ज्ञान ।। १ हाथी घोड़े शान और शौकत खेती और मकान । माल खजाने पड़े रहेंगे निकलेगी जब जान ।। २ काम क्रोध को तज दे प्यारे लोभ मोह अभिमान । तज मगरूरी सीख सबूरी बड़ा यही है ज्ञान ।। ३ बैल पहिचाने मालिक अपना गधा भी अपना थान । हाय हाय उन पर जो फिरते हैं मालिक से अज्ञान ।। ४ चेत जरा गफलत से प्यारे जरा तो कर तू ध्यान । हया शर्म को कुछ तो जगह दे आखिर तू इंसान ।। ५ पाप की गठरी लेकर तुम क्यों फिरते हो हैरान । तुम्हारी खातिर यीशु मसीह ने दी है अपनी जान ।। ६ चाहे करो तुम दान और पुण्य चाहें करो स्नान । रोग पाप का कटे नहीं बिन यीशु के बलिदान ।। ७ दास यीशु का बिन्ती करता सुन लो धर के कान । तन मन धन से यीशु मसीह पर लाओ तुम ईमान ।। 263 (२६३) Bhajan Tunes No. 19. BANDHU MASIH. जिन प्रतीत यीशु पर नाहीं, कस पावें भवपारा हो । १ ज्ञानी पण्डित जित जग भयेउ, डूब गये यदि धारा हो । ईश्वर वचन अनादि अनन्ता, सोई देत सहारा हो । २ सरग छोड़ जग में प्रभु आये, मेघ जहाँ अंधियारा हो । जननी गर्भ मनुज तन धारा, सकल सृष्टि करतारा हो ।। ३ नर सब भूले भेड़ समाना, जिनका नहीं रखवारा हो । तिनको यीशु महा सुख दीन्हा, दुःख सहि कीन्ह उधारा हो ।। ४ दास करे कहां लग प्रशंसा, प्रेम अमित विस्तारा हो । आवो सब मिल प्यारे भाई, सेंत गहों निस्तारा हो ।। 264 (२६४) Bhajan Tunes No. 17. PRABHU DAS. जीवन मुक्ति हेहु नर नारी । १ आपहि यीशु जग में आया, कोमल हाक पुकारी । दीन हीन का स्वर्ग विहीन का, प्रेमी सत्य अधिकारी ।। २ सच्चे धर्म प्रकाशक छोड़ के, मुरख रैन बिहारी । जीवित ईश्वर स्वर्ग विराजे, देखत नैन पसारी ।। ३ करके दया यीशु जग आया, मानुष देह जो धारी । अपने सिर पर संकट सहके, पापिन लीन उबारी ।। ४ अब प्रभुदास कहें कर जोड़े, सुनिये विनय हमारी । यीशु जी से ऐसे मांगो, जैसे निर्बल भिखारी ।। 265 (२६५) भजन 7. 7. 7. JOHN PARSONS. प्रभु जी मोहि प्रेम कर देखो, राखो पाप नियारा हो । १ ईश्वर का अवतार भयो तुम, पापिन हित बलिदाना हो धर्म आत्मा मो पर डालो, ‘हे प्रभु दयानिधाना हो’ ।। २ निश्चय हो तुम सब के ईश्वर, सब जग जन के स्वामी हो मम अवगुण में मोहि बचावो, हे प्रभु अंतरयामी हो ।। ३ शीश नवत हूँ बारंबारा, तुम बिन को सुखदाता हो मेरे मन की आस पुराओ, हे पापिन के त्राता हो ।। ४ नित्य रहो प्रभु मम रखवारे, तुम अस प्रेमी नाहीं हो भूल न जावे निर्बुद्धि हृदय, हां कंटक बन माहीं हो ।। ५ कृपा करि बुद्धि बल दे मोहि, निज महिमा अनुसारी हो यश हो तोहे आश्रित होवे, सरग भुवन अधिकारी हो ।। 266 (२६६) Bhajan Tunes No. 37. NAIN SUKH. मसीह जी को सुमरौ भाई, तुम सरग धाम सुख पाई । १ सुमरण कीजे चित्त में लीजे, सत्य शीलता पाई । आनन्द होके जय जय कीजे, अन्तर ध्यान लगाई ।। २ यह जिन्दगानी फूल समानी, धूप पड़े कुम्हाई । अवसर चूके फिर पछतैहो, आखिर धक्का खाई ।। ३ जो चेते सो होत सबेरे, क्या सोचे मन लाई । कुल परिवार काम नहिं आवे, प्राण छूट छिन जाई ।। ४ सत्य पदार्थ ख्रीष्ट जग आये, सब पापी अपनाई । निश्चय बास करो निशिबासर, अमर नगर को जाई ।। ५ अन्दर मैल भरो बहु भारी, सुधि बुद्धि मैं बिसराई । यीशु नाम की बिन्ती कीजै, अवगुण में गुण पाई ।। 267 (२६७) भजन PREM DAS. यीशु पर ला ईमान कि लोग धर्मी बन जाते हैं (टेक) । १ जो ईमान यीशु पर लाते, पाप दिलों से हैं धुल जाते । वे पाते दिल में चैन, नरक से वे बच जाते हैं ।। २ नया जन्म ईश्वर से पाते, धर्म आत्मा से भर जाते । और पाते जीवन मुक्ति, ईश के पुत्र कहाते हैं ।। ३ दया धर्म और नेक कमाई, करते हैं ईश्वर की चाही । तब धीर खुशी आनंद, प्रेम से दिल भर जाते हैं ।। ४ यीशु की जो आय शरण हैं, दास कहें वे लोग मगन हैं । हर हालत में खुश हाल, सदा गुण उसके गाते हैं ।। 268 (२६८) H. T. B. 105. HASAN ALI. १ शिफादस्त-इ-करम से उसके, पाये जिसका जी चाहे मेरे कहने पै क्या है आजमाये, जिसका जी चाहे । २ मरीजान-इ-गुनाह को दे खबर, फैज-इ-मसीहा की बिला कीमत दवा मिलती है, लाये जिसका जी चाहे । ३ गुनहगारों को मुज्दः दो, कि यीशु जी उठा तब से दर-इ-जन्नत खुला रहता है, आये जिसका जी चाहे । ४ है तसलीस-इ-इलाही अकल-इ-इन्सानी से गो बाहर सदाकत उसकी लेकिन दिल में, पाये जिसका जी चाहे ।। ५ निदा दी अब्र-इ-रहमत ने, खड़े होकर यह हैकल में कि आब-इ-जिन्दगी देता हूँ, आये जिसका जी चाहे ।। ६ खजाना आसमान पर है हमारा, क्या कमी हम को तलाश-इ-जर में उमर अपनी, गंवाये जिसका जी चाहे । ७ सफीर अब है जईफी ताज ले, गालिब हो आखिर तक कदम इस दौर में अपना बढ़ाये, जिसका जी चाहे ।
- The Lord Jesus Christ 51-80 | Masihi Geet Sangrah
भु यीशु मसीह (The Lord Jesus Christ) 51 (५१) C. M. St. Peter or Irish १ आनन्दित हो हे मेरे प्राण एक नाम को नित उच्चार एक नाम को केवल उत्तम जान वह श्रेष्ट है प्रेम का सार ।। २ वह नाम है यीशु तेरा नाम सो करना धन्यवाद सनातन लो हो मेरा काम और मेरा पूर्ण आह्वाद ।। ३ मैं पाप के कारण शोक विलाप और रोदन करता था पर तेरे नाम से मेरा पाप कुहास सा मिट गया ।। ४ और अब तक मुझे तेरा नाम आनन्दित करता है हाँ मुझे दुख में भी विश्राम इस नाम से मिलता है ।। ५ तू मुझ से दूर हो हे संसार सब तेरा धन है धूल यीशु जो मेरा तारनहार है मेरे हर्ष का मूल ।। ६ अन्धकार में मेरा दिया है मृतकाल में मेरी ढाल हर समय अति प्रिय है और सब कुछ सदाकाल ।। ७ हे मेरे प्राण तू हर्षित हो और बड़ी बाणी से यीशु के नाम की स्तुति हो और जय जयकार उसके ।। 52 (५२) 8. 5s. Hold the fort PHILLIP BLISS, 1838-76. Chord - A# | S-6/8 | T-094-098 १ आओ यीशु गुण हम गावें उस के नाम की जय उसका प्रेम और गुण बखानें उस के नाम की जय गीत गा गाके बीन बजावें उस के नाम की जय बोलो हे सब प्यारे भाइयो उस के नाम की जय ।। २ ईश्वर ने यों प्रेम दिखाया उस के नाम की जय यीशु त्राता जग में आया उस के नाम की जय क्रूस पर अपना रक्त बहाया उस के नाम की जय जय जय करो प्यारे भाईयो उस के नाम की जय ।। ३ स्वर्ग में जो अत्यंत महान है उस के नाम की जय अपनो का कृपा निधान है उस के नाम की जय पापियों पर दयावान है उस के नाम की जय उसकी स्तुति करो भाईयो उस के नाम की जय ।। ४ जग में बड़ा था अंध्यारा उस के नाम की जय इस पर यीशु प्रात का तारा उस के नाम की जय उदय हुआ सत अवतारा उस के नाम की जय धन्य कहो हर्ष से भाईयो उस के नाम की जय ।। ५ सुन्दर तारक को पियारो उस के नाम की जय जग के पालक को निहारो उस के नाम की जय उसके प्रेम को मत बिसारो उस के नाम की जय जय जय गाओ जी से भाईयो उस के नाम की जय ।। 53 (५३) "O, come let us sing," 5. 7s. १ एक-दिल होके गाओ यीशु मसीह की स्तुति उसकी कीर्ति बढ़ाओ जिसने सिद्ध की है मुक्ति क्योंकि सोता बहाया निज हृदय के खून से जहाँ धोके हम छूट जाते मन के दोष और औगुण से । जै जै तारणहारा तेरा प्रेम हम गावेंगे जब तू पाप की माया आत्मा से दूर करेगा २ जब मैला है दिल पाप से क्या ही दुःख आता और दुनिया का छल हमें बार बार फँसाता पर प्रभु का बचन आस और ज़ोर हमें देता क्योंकि वह देता मोचन और सब शतरून जीत लेता ।। ३ शायद मौत का समय जल्द हम पर आवेगा जो विश्वास का विजय और विश्वास हमें देगा मृत्यु सागर के पार जब हम तुझे देखेंगे ।। और अमर की छाया अपने पास सदा देगा ।। 54 (५४) "Wonderful love of Jesus." Chord - F | S- Waltz | T-128-130 कोरस : ओहो कैसे अच्म्भे का प्यार ।। ४ १ वह हमको बचाने सलीब पर मुआ यीशु का कैसे अच्म्भे का प्यार ।। २ अच्म्भे अच्म्भे अच्म्भे का प्यार क्रूस ही से बहती है लोहू की धार ।। ३ अब उस में सब पापी पा सकते उद्धार यीशु का कैसे अच्म्भे का प्यार ।। ४ तो सोच करके ध्यान देके आनन्द से गाओ वैसे ही ईश्वर के रास्ते पर जाओ ।। ५ सो गीत गाके खुश होके करो प्रचार यीशु का कैसे अच्म्भे का प्यार ।। 55 (५५) "How sweet the name of Jesus sounds." C. M. St. Peter or Irish JOHN NEWTON, 1725-1807. १ क्या ही मधुर यीशु का नाम विश्वासियों को है । वह शोक और दुःख में है सुखधाम सब डर भगाता है ।। २ वह चंगा करता मनों को और शांति का है धाम । है मन्ना भूखी आत्मा को और थकों को विश्राम ।। ३ वह प्रिय नाम असीम भंडार अनुग्रह से भरपूर है मेरी ढाल चट्टान आधार सब भय को करता दूर ।। ४ यीशु तू मेरा मीत रखवाल प्रवक्ता याजक है । तू राजा स्वामी दीनदयाल कृपालु हर समय ।। ५ मन मेरा नहीं शक्तिमान प्रेम में है वह निर्बल । जब देखूँ तेरा रूप तेजवान तब हूँगा भक्त अटल ।। ६ जब तक कि मुझ में रहे प्राण प्रेम तेरा गाऊँगा । और मरते समय तेरा गान मैं करता चलूँगा ।। 56 (५६) 6. 5. 8. 7. 6. 10. We in ich Ihn F. VON HARDENBERG, 1772-1801. १ कौन है स्वर्ग पर मेरा यीशु केवल तू । न संसार में कोई मेरा मनहरण है केवल तू । तेरे पास भरपूरी आनन्द आशिष कुशलक्षेम और प्रीति की ।। २ यदि तू हो मेरा छोडूंगा सब कुछ । रहूँगा मैं बन्दा तेरा तुझे छोड़ सब जानूँ तुच्छ । तेरे पीछे होलूँ चौड़े मार्ग पर भीड़ को जाने देऊँ ।। ३ प्रभु जहाँ तू हो रहूँ मैं वहाँ सोता जानता हूँ मैं तुझको सारे उत्तम दानों का भाइयों के संग में गाऊँगा मैं तेरा यश नित स्वर्ग में ।। 57 (५७) 7s. Grosser Gott or Redhead. १ खीष्ट के तुल्य कौन और क्या कहाँ ऐसी महिमा एसा तेजस और विभव कहाँ प्रेम की ऐसी लौ ऐसा बल औ ज्ञान कहाँ ख्रीष्ट को मैं सराहूँगा ।। २ सकल वस्तु का करतार सब जीवधारी का आधार जग की ज्योत और धर्म उदय पाप का नाशक यीशु है मेरा प्रभु सर्वदा ख्रीष्ट को मैं सराहूँगा ।। ३ क्या है जगत तेरा सुख भीड़ और भार और निरा दुःख राख और धूल है तेरे दान तेरी प्रीति केवल हान धोखा तेरी मित्रता ख्रीष्ट को मैं सराहूँगा ।। ४ कौन है यीशु से कृपाल ऐसा दीन और दीनदयाल ऐसा कोमल और सदय दुर्बलों पर धीरजमय ख्रीष्ट के तुल्य कोई न ख्रीष्ट को मैं सराहूँगा ।। 58 (५८) 7. 7. 7. 7. Harts or Innocents. १ जितने होवे जग के बीच छोटे बड़े ऊँच और नीच । बोलो धन मसीह सदय बोलो सब मसीह की जय ।। २ वह उतारने पाप का भार खोलने को वह स्वर्ग का द्वार । देने पापियों को सुख आया था कि सहे दुःख ।। ३ अपना लहू दिया है अपना प्राण चढ़ाया है । यीशु है सब ग्रहण योग जय जय करें सारे लोग ।। ४ भाई बोलो यीशु नाम देखो सिद्ध है त्राण का काम बोलो सारे झूठ की क्षय बोलो सब मसीह की जय ।। 59 (५९) "O for a thousand tongues to sing." C. M. Winchester Old or St. Anne. CHARLES WESLEY, 1707-88. १ जो लाखों जीभें मेरी हों तो बस न होवेंगी । कि उचित रीति से करूँ स्तुति त्राणकर्त्ता की । २ यीशु का नाम दूर करता डर और शोक मिटाता है । हर पापी उस के सुनने से सुख पूरा पाता है ।। ३ वह तोड़ के पाप की शक्तियां छुड़ाता बन्धुवा । रक्त उसका मन शुद्ध करता है और मुझे शुद्ध किया ।। ४ जब यीशु बोलता मृतक लोग तब जीवन पाते हैं । उदास तब ढाढ़स पाते और आशा रखते हैं ।। ५ हे बहिरो सुनो उसकी बात हे गूँगा स्तुत करो । हे अन्धो देखो प्रभु को हे लंगड़ो उछालो ।। ६ हे मेरे प्रभु दीनदयाल यह होवे मेरा काम । कि मैं सम्पूर्ण जगत में प्रचारूँ तेरा नाम । 60 (६०) Chord - D# | S- Ballad | T-084 तू मेरे दिल का है अज़ीज़, या मसीह (३) तुझ बिन नहीं हैं कोई चीज़, या मसीह (३) तू मेरा राजा है यीशु, बचाने वाला सत गुरू तन मन और धान का मालिक तू, या मसीह (३) १ हो दौलत दूसरे लोगों की, या मसीह (३) तू सच्ची दौलत है मेरी, या मसीह (३) क्या फायदा सोना चांदी से, जब मौत आवे मेरे लिये पुकारूँगा तब मैं तुझे, या मसीह (३) २ रात दिन तुझी से बात और चीत, या मसीह (३) हो दुआ हो या गाऊँ गीत, या मसीह (३) तू सब से पहिले और पीछे, तसल्ली देता हैं मुझे तू प्यारा है सब लोगों से, या मसीह (३) 61 (६१) "Crown Him with many crowns." D. S. M. Diademata. MATTHEW BRIDGES, 1800-94. १ मेम्ना जो तख्त पर है कर शोभित ताजों से दबाये जाते सब और राग उस स्वर्गीय गीत ही से । उठ मेरे प्राण और गा गान उसका जो मुआ अपना अनूठा राजा मान तू अब और सर्वदा ।। २ मनुष्य के पुत्र को देह धारी ईश्वर जो पहिना दो बहुत राजकीय ताज कि करे हम पर सदा राज वह कृपा-नाथ जो है और सोता दया का वह सुन्दर कमल नाई है कीच से ही निकलता ।। ३ ताज प्रीतिनाथ को दे देख हाथ पैर पंजर को घाव जिनके स्वर्ग में प्रगट हैं वहां के सभों को । स्वर्ग में न कोई दूत उन पर दर्श कर सके पर अपनी आँख मूँद लेते हैं उनके प्रमाप ही से ।। ४ ताज शान्तिनाथ को दे जिस पास नित राज दण्ड है कि सारे जग में बन्द हो युद्ध बैर क्रोध सब होवे क्षय । राज्य उसका है अनन्त और घायल पांव के पास उन परादीस के फूलों से सुगन्ध का है निकास ।। ५ ताज अमरनाथ को दे सब युग सँभालने हार जो संसार का सृजक है पालक और पोषनहार जय त्राता तेरी जय जो क्रूस पर मरा था मैं तेरी स्तुति करूँगा स्वर्गलोक में सर्वदा ।। 62 (६२) Ils Ihr Kinderlein or Frere. १ प्रशंसा कर यीशु को हे मेरे प्राण कौन कहीं दयालु है उसके समान लौलीन हो सराह उसका बड़ा पियार मत अपने त्राणदाता को कभी बिसार ।। २ मलीन होके पापी और अति दुखमय मैं साँस भर के बैठा रहा बिन आश्रय तब यीशु से मुझे आ मिला निस्तार आह प्राण कभी मत उसकी कृपा बिसार ।। ३ देख तुझे बाने को मानुष का रूप आप धारण कर उतरा परमेश्वर अनुप और दुःख उस पर पड़ा था निन्दा और मार आह प्राण कभी मत ऐसी दया बिसार ।। ४ धर्म जीवन उजाला आह्वाद और कल्याण सब हैं तेरे यीशु की कृपा के दान वह है तेरा दुल्हा और तेरा रखवार आह प्राण कभी मत अपने हित को बिसार ।। ५ संसार के आचार और व्यवहार को तू त्याग मोह मदन बिलास और कुकर्मों से भाग सब वस्तु को तुच्छ और निकम्मी विचार आह प्राण कभी मत यीशु ख्रीष्ट को बिसार ।। ६ हे यीशु तू मेरा है सब कुछ सदा दयाल हो और अपने से मुझे मिला संसार और शैतान और विनाश से उद्धार और कभी मत मुझे हे प्रभु बिसार ।। 63 (६३) "I sing the praise of love unbounded." 9. 8. 9. 8. 9. 9. St. Petersburg. GERHARDT TERSTEEGN, 1697-1769. १ मैं प्रेम के गुण प्रशंसा करता जो यीशु ख्रीष्ट में प्रकट है । और अपने को समर्पण करता उसको जो मेरा प्रेमी है । निज दुर्बलता मैं बिसर जाता प्रेम सागर में मैं डुबकी मारता ।। २ तू मुझ पर क्या ही प्रीति रखता मन तेरा मुझे चाहता है । इस प्रेम के बल से खींचा जाता सब कुछ जो मेरे भीतर है । आह प्रेम असीम जो स्वर्ग से आया मैं तेरा हूँ तू मेरा है ।। ३ मन जीवन मेरा तू ने लिया हे मुक्तिदाता धन अपार । हाँ मेरे लिये आप को दिया और मेरा किया है उद्धार । हे पतित पापियों के त्राता मैं तेरा गाऊँ नित गुणगाथा ।। ४ हे यीशु अपना नाम मनमाहीं नित रहने ओ चमकने दे । और अपना प्रेम अत्यन्त सुखदाई मन बच ओ कर्म में दिखने दे कि आत्मा प्राण ओ देह हमारे मेरा सम्मान करें हे प्यारे ।। ५ यीशु के नाम की गावें स्तुति जिस में पियार का सोता है । जिस से यहाँ प्रेम धारा आई जिससे स्वर्गवासी पीते हैं । वे कैसे झुकते दीनहीन रूप से और हाथों जोड़ कर आनन्द करते ।। 64 (६४) C. M. - Evan or St. Agnes. १ मैं पापी जब मसीह का नाम । सोचूँ तब छूटता भय वह यीशु है और उसका काम । पाप से बचाना है ।। २ ईश्वर का बेटा और मसीह । और जगत का निस्तार मण्डली का सिर और दुल्हा भी । धर्मात्मा देनेहार ।। ३ भला रखवाला भेड़ों का । और जगत का प्रकाश राजा यहूदी लोगों का । अन्य देशियों की आश ।। ४ वह अमृत जल और मन्ना । और जीती दाखलता मध्यस्थ जो बिनती करता है । और मेम्ना ईश्वर का ।। ५ वह मार्ग और सत्य और जीवन है । श्रेष्ठ याजक बलिदान स्वयम्भू प्रथम पिछला है । पहिलौठा पुनरूथान ।। ६ पर नहीं बनता है मुझ से । यीशु के योग बखान प्रभु दयाल तू मुझे दे । कि पाऊँ तुझ से त्राण ।। 65 (६५) "I will sing of my Redeemer." 8. 7. 8. 7. My Redeemer. PHILLIP BLISS, 1838-76. Chord - F | S- "---" | T-"---" १ यीशु नाथ के प्रेम अपार का करूँगा मैं स्तुतिगान । उसने क्रूस पर प्राण दे अपना मुझे मुक्ति की प्रदान कोरस :- गाओ गाओ प्रेम मसीह का जिस रक्त से हुआ त्राण ।। मेरा सारा ऋण भर दिया जिसने क्रूस पर दिया प्राण ।। २ उस के इस अनोखे प्रेम का नित करूँगा मैं बखान । पापियों को तारने निमित प्राण को किया बलिदान ।। ३ उस की स्तुति क्यों न गाऊँ जिसकी सामर्थ है अक्षय । मृत्यु नरक पाप के ऊपर मुझे देता कैसी जय ।। ४ प्रेम का प्रेरित हो मैं गाऊँ यीशु का अनूठा प्यार । उसने मुझे जीवित किया वह है मेरा प्राणधार ।। 66 (६६) "Fairest Lord Jesus" 5. 5. 8. D. Crusader's Hymn. FROM MUNSTER GESAN & BUCH, 1877. १ यीशु पियारे प्रभु हमारे सत मनुष्य और सत ईश्वर तू मेरा प्रीत है यही सुहावना सब से मन भावना तू मेरे मन का है प्रेमनाथ ।। २ खेत लहलहाता बन डहडहाता बड़ी सुन्दरता के साथ यीशु प्रकाशी सब से प्रतापी तू मेरे मन का है प्रभा ।। ३ सूरज चमकता चाँद भी झलकता सब से प्रतीत है और सब मण्डल तारों का बिराजमान है मन मेरे पर ।। 67 (६७) "There is no name so sweet on earth." 8. 7. 8. 7. D. Sweetest name. E. ROBERTS Chord - F | S- Ballad | T-084 १ यीशु सरीखा मीठा नाम न पृथ्वी पर न स्वर्ग में जो जन्म से पहले ईश्वर ने त्राणकर्ता का ठहराया ।। कोरस :- हम यीशु नाम को गाते है हमारा प्यारा यीशु जो शब्द हम कान से सुनते हैं सभों में प्यारा यीशु २ यीशु के क्रूस के ऊपर भी यह नाम था लिखा गया कि सब लोग जाने उसको हम क्यों प्यार न करें सदा ।। ३ अब ईश्वर के सिंहासन पर त्राणकर्ता राजा यीशु पापों की क्षमा करने को वह अधिकार को रखता ।। ४ यीशु अनोखे नाम का यश कभी नहीं घटेगा वह आज है कल था और सदा एक सा रहेगा यीशु ।। 68 (६८) "All praise to him who reigns above." C.M. and Chorus Chord - G | S-6/8 | T-084 १ सिंहासन पर विराजनेहार की होवे महिमा कि पुत्र भेजकर किया है उद्धार मनुष्यों का ।। कोरस :- धन्य यीशु नाम, धन्य यीशु नाम, धन्य प्रभु यीशु का नाम धन्य यीशु नाम, धन्य यीशु नाम, धन्य प्रभु यीशु का नाम २ सब नामों से वह नाम है ऊर्द्ध प्रशंसा योग और श्रेष्ठ ईश्वर के दूत भी भजते हैं कि यीशु है नरेश ।। ३ मनुष्यों का तू मित्र है उद्धारक रक्षक भी और तू ने अपनी मृत्यु से मनुष्य की मुक्ति की ।। ४ और अद्भुत युक्ति करनेहार प्रधान है शान्ति का इस जग के राज्यों पर प्रबल है नाम ख्रीष्ट यीशु का ।। ५ त्राण पाकर सारे जातिगण मसीह के होकर दास करेंगे योग्य स्तुति गान प्रभु के चरणों पास ।। 69 (६९) भजन JOHN CHRISTIAN एक नाम यीशु सांच । सर्व झूठ औरू रे ।। १ तेहि नाम छांड़ि मूढ़ । पड़त भरम भैरू रे ।। अमिय मूरि सुखद कन्द । लखत नाहि बौरू रे ।। २ आन नाम छलहि ठाम । हाथ लाय छौरू रे ।। उदर नाहि भरत खाय । घाट श्वान कौरू रे ।। ३ जैसे ही तृषित हिरिन । गहन चहत दौरू रे ।। आय निकट दूरि जात । जात प्राण ठौरू रे ।। ४ यीशु नाम तरण धाम । नाहि जगत औरू रे ।। जान जेइ सेइ लहत । शीस मुक्ति मौरू रे ।। 70 (७०) Bhajan Tunes No. 71. C. D. JADHAV Chord - C# | S- Ballad | T-084 क्यों नहि गैहों गुण शतवारा । अस मित है नहि या संसारा ।। १ तीन लोक पति नर तन लेके, सह्यो दुःख और शोक अपारा ।। २ प्राण दान जग हेतु कियो है, जगत कहीं नहि ऐसो प्यारा ।। ३ यीशु समीप चलो नर, वह निश्चय जग तारणहारा ।। ४ बैरिनहित बैरिन में आयो, छल कर बैरिन वाहि संहारा ।। ५ मित्र निमित नर मरन न कोई, शत्रुन को प्रभु कीन्ह उधारा ।। ६ आश्रित लाखों धन्य कहतु है, धन्य सदा प्रभु नाम तिहारा ।। 71 (७१) Bhajan Tunes No. 89. कोरस :- जै जै यीशु जै जै यीशु, जय मृत्युं जै जै जैकार सिरजनहार पालनहार तारणहार । १ दीनों का दुःख हरनेवाला, हृदय में शान्ति भरनेवाला जय जनरंजन जय दुःखभंजन, जै जैकार सिरजनहार, पालनहार तारणहार । २ नर तन धार लियो अवतारा, दै निज प्राण कियो छुटकारा जै जगत्राता जै सुखदाता, जै जैकार सिरजनहार, पालनहार तारणहार । ३ मृत्यु के बन्धन भंजनहारा, अक्षय जीवन देवनहारा रोगिन शोकिन एक अधारा, जै जैकार सिरजनहार, पालनहार तारणहार । ४ जै जैकार करो सब प्यारो, नर नारि एक संग पुकारो नारा मारो जै ललकारो, जै जैकार सिरजनहार, पालनहार तारणहार । 72 (७२) Bhajan Tunes No. 13 or 14. JOHN CHRISTIAN जय जनरंजन जय दुःखभंजन, जय जय जय सुखदाई । १ आशरन के शरनागति दायक, प्रभु यीशु जगराई ।। २ पाप निवारन दुष्ट बिदारन, सन्तन के सहजाई ।। ३ अद्भुत महिमा जगत दिखाए, भूमि निवासन आई ।। ४ अलख अगोचर अन्तरयामी, नर तन देह धराई ।। ५ अत गुन तेरो कत मैं गुनिहों, तारन तें अधिकाई ।। ६ उदधि समाना प्रेम तिहारो, जा मध जगत समाई ।। ७ जान अधम जन को प्रभु दीज, बिन्दु समाना ठांई ।। 73 (७३) Bhajan Tunes No. 22 JOHN CHRISTIAN जय प्रभु यीशु जय प्रभु यीशु दानी । १ परम पदारथ के अधिकारी, सद्गुण के तुम खानी ।। २ दुःखितन के दुःखहरता तुम्ही, शील सरल सनमानी ।। ३ जग में जेते जीव चराचर, धारण कर निज पाणी ।। ४ नित दिन ताके पोषण करता, भक्षण आगे आनी ।। ५ जौं कृतघ्न पापिन नर नारी, क्रूर कुटिल अज्ञानी ।। ६ कर सुखदायक तदहु न मूनत, पालत निज जन जानी ।। ७ दय चित तिहि गुण मिल जुल गाओ, चैतन जेते प्राणी ।। ८ जान अधम नर शुभ इत लहि हैं, उत लहि हैं गति त्राणी ।। 74 (७४) Bhajan Tunes No. 50. JOHN CHRISTIAN. जै प्रभु यीशु जै प्रभु यीशु, जै प्रभु यीशु स्वामी ।। १ जै जगत्राता जै सुखदाता, जै जै प्रभु अनुपामी ।। २ जै भयभन्जन जै जनरंजन, जय पूरन समकामी ।। ३ पाप तिमिर धन नाशक तुमही, धर्म दिवाकर नामी ।। ४ कलिमल दूषण हरता तुमही, संकट बट सहगामी ।। ५ नर तन धारि लियो अवतारा, तजि सुन्दर दिवधामी ।। ६ दै निज प्राण उबारि लियो तुम, पापिन बहु दुरकामी ।। ७ अस गुण तेरो कस मैं गाओं, छन्द प्रबन्ध न ठामी ।। ८ अटपटि टेरन जानक सुनिये, पतित उधारण नामी ।। 75 (७५) Bhajan Tunes No. 67. NAINSUKH. मसीह अस टेर सुनाई, सब चित में लेहु समाई । १ द्वादश शिष प्रभु संग लिवाये, नगरन धूम मचाई ।। बात कहत अरधांगि उठायो, मृतक बहुत जिलाई ।। २ कोढ़िन को प्रभु चंगा कीन्हा, बधिरन दीन्ह सुनाई ।। पांच सहस्त्र को पांचहि रोटि, टूकन ढेर उठाई ।। ३ एक समय प्रभु नौका बैठ्यो, चलत बयार सवाई ।। चेले सब घबरावत बोले, प्रभु जी लहु बचाई ।। ४ ठाढ़े हो प्रभु हांक पुकारी, सब दुःख दीन्ह भगाई ।। ऐसे काम प्रभु अगणित कीन्हें, जग में नाम चलाई ।। 76 (७६) Z 516. JOHN CHAMBERLAIN. मैं गुण तुम्हारे गाऊँगो यीशु मैं गुण तुम्हारे गाऊँगो । १ विभव स्वरग भुवन में छोड़के आप या भुवन में आये निस्तार करनो जन । २ भये ईश्वर अवतार कहा करूंगो विस्तार शीशु है अनाथ को धन । ३ आप ने कियो जब आरम्भ बहुत से किये तब अचंभ जिनतें ईश्वर प्रकट भये । ४ अन्धे देखन पावत भये । गूँगे बचन बोलत भये । लंगड़े कूदत फिरत रहे । ५ आप से रोगी अच्छे भये मरे जीके फिर उठ गये । ऐसे तुमने किये बहुत । ६ पकड़े जे थे भूतन ते निकरे गये भूत उनतें सब तुम्हारे बशी-भूत । ७ जैसे आपने यह सब किये जैसे हमतें अब कीजे मिटाईवे को हमारो पाप । ८ वचन चलन लोचन देउ मरे सभनकुँ जिलाउ हमतें टारो सब संताप । ९ हम सब पापी अपराधी गुण तुम्हारे सअगाधी आप ने दियो प्रान को दान । १० कैसो प्रेम तुम्हारो प्रभु ऐसो कौन मिलेगो कभु हे यीशु हो हमारो त्रान । 77 (७७) Bhajan Tunes No. 43 or 44. JOHN CHRISTIAN. यीशु नाम यीशु नाम, यीशु नाम गाउ रे । १ यीशु नाम गुणन धाम, धर्म ग्रन्थ ठाउ रे । ध्यान नाम पुरत काम, सत्य प्रेम भाउ रे ।। २ सूर उदित जलज मुदित, अस्तहि मुरझाउ रे। सन्त कमल नाम किरण, तैसही लगाउ रे ।। ३ नाम अस्त्र शस्त्र नाम, युद्ध बुद्ध दाउ रे । त्रिविध ताप जेहि दाप, सर्व दूरि जाउ रे ।। ४ सबहि हाल सबहि काल, भक्त शक्ति पाउ रे । जान अधम सोई नाम, नरनि मुक्ति ठाउ रे ।। 78 (७८) Bhajan Tunes No. 90 PREM DAS Chord - D | S- Ballad/Dholak | T-086-090 हम से बरनी न जाय मसीह तुम्हारी महिमा । १ तुम स्वर्ग छोड़ कर आये, तुम मुक्ति और जीवन लाये, कि पापी लिये बचाये । २ अन्धों को आँखें दीना, कोढ़िन को चंगा कीना, कि मुर्दे दिये जलाये । ३ पानी पर चल दिखलाया, तू ने हवा को डांट थमाया, कि चेले लिये बचाये । ४ मेरे पाप क्षमा सब कीना, मेरे दिल में दर्शन दीना, कि प्रभु से दिया मिलाये । ५ सूली पर बरछी खाई, तूने अमृत धार बहाई, कि दास सदा गुण गाये । 79 (७९) AJIZ. १ खुदा की मुहब्बत जो हम देखते हैं । तो अदल ओ रहम हम बहम देखते हैं ।। २ मसीह का तसव्वर जो करते हैं दिल में । जनबा इ इलाही को हम देखते हैं ।। ३ मसीह के सिवा कोई शाफी नहीं है । खुदा की खुदाई में हम देखते हैं ।। ४ मुकिर अपनी इसियां के होते हैं जिस दम । मसीह की शफाअत को हम देखते हैं ।। ५ न है खौफ अज़िज़ को कुछ रोज़ इ महशर । सलीब इ मसीह को जो हम देखते हैं ।। 80 (८०) J.UMRAIL. १ तुझ सा जहाँ में देखा नहीं पुर वफा कहीं, हमसर न तेरे कोई अजल से बना कहीं । २ बदले में हम सभों के, लो क्या क्या न दुःख सहा, सदमें कहीं, सलीब कहीं और जफा कहीं । ३ इमदाद हम सभों की हाँ क्या क्या न बन के की, मुंजी कहीं, तबीब कहीं, रहनुमा कहीं । ४ करते हैं खुबियों का तेरी शोर जा बजा, बुलबुल कहीं, चमन कहीं, बादे सबा कहीं । ५ कर दास को भी फजल से मेरे मसीह अता, दिल भी कहीं, दिमाग और ताबे रसां कहीं ।
- Advent 81-88 | Masihi Geet Sangrah
आगमन (Advent) 81 (८१) "Wake awake for night is passing." 8. 9. 8. 8. 9. 8. 6. 6. 4. 4. 8. Wachet auf. PHILLIP NICOLAI, 1556-1608. १ जाग उठो पुकारा हुआ जगा के बोलता है पहरूआ यिरूशलीम निश्चिन्त मत हो आधी रात अब हुई आओ चौकस हो कुवांरियो उठो दुल्हे से मिलने को सिद्ध हो वह आता धूम के साथ दीपक अब लेओ हाथ हल्लेलूयाह विवाह को अब तुम सिद्ध होओ और निकालो उससे मिलने को ।। २ सैहून बात जो सुनने आती तो अपने मन में आनन्द पाती वेग उठके होती है हर्षित उसका दुल्हा बड़े प्रेम से बिभव के साथ आता है स्वर्ग से वह बोलती है कि सब कुछ सिद्ध हे प्रभु यीशु आ प्राणनाथ तू दुल्हिन का हल्लेलूयाह बुलाहट पर हम आनन्द कर सब जाते हैं विवाह के घर ।। ३ बीन और बर्बत हम बजावें स्वर्ग और पृथ्वी के लोग सब गावें ईश्वर की स्तुति और प्रशंसा स्वर्ग दूतों का जो समूह है । और सन्तों की जो बड़ी भीड़ है सब गाते हैं गीत सु-स्वर का न आँख ने देखा है न कान ने सुना है ऐसा आनन्द गीत गाने को सब आइयो और दण्डवत करो प्रभु को ।। 82 (८२) "Behold the Bridegroom cometh." 7. 6. 7. 6. D. Morning Light or St. Theodulph Tune Standup-Standup GEORGE F. ROOT, 1830-1895. १ जाग उठो हे विश्वसियों और हाथ में लो मशाल अंधेरा होने चाहता अब जाँचो अपना हाल । तुम कान और मन लगाकर पहरू की सुनो बात दुल्हा है आनेवाला जल्द होगी आधी रात ।। २ मशालें तुम सुधारो और डालो उन पर तेल ख्रीष्ट यीशु चला आता जल्द होगा उससे मेल । दुल्हे का स्वागत करने तुम निकली आनन्द से ठीक स्वर से मन लगाकर गीत गाओ स्तुति के ।। ३ अब उसको देर न होगी तुम रहो सब तैयार हर स्थान में मची रहती फिर आने की पुकार सुबुद्ध कुंवारियों सा सिद्ध रखो अपना दीप हाँ इस को सच तुम जानो कि दुल्हा है समीप ।। 83 (८३) "O, how shall I receive Thee." 7. 6. 7. 6. D. St. Theodulph or Morning Light PEULUS GERHAEDT, 1607-76. १ मैं कैसे तुझे भेटूं ग्राह्य होऊँ किस प्रकार हे जग के आस्रा हेतु हे मेरे प्राण सिंगार हे यीशु आप ही दे दे अब मुझे बुद्धि-ज्ञान तब जो कुछ तुझे भाता मैं बूझ कर जानूंगा ।। २ खजूर की हरी डारें सैहून बिथराती है मैं मीठे मधुर गान में मिलाऊं मन मोदमय नित मेरा मन प्रफुल्लित हो तेरी स्तुति में और रहें नित प्रमुदित तेरी ही सेवा में ।। ३ धन तेरा प्रेम अनन्ता जब पड़े थे देह प्राण दुःख में अथाह अत्यन्ता तब किया तूने त्राण जब चैन और कुशल हीना मैं भटके फिरता था तब तू ने मुझे चीन्ही हो धन्यवाद सदा ।। ४ मैं भारी बन्ध में रहा तू आया भन्जनबन्ध दुःख निदा मैंने सहा तू आया दयावन्त मुझ दीन को तू बढ़ाता और देता धन अक्षय जो न संसार के जैसा कभी घट जाता है ।। ५ स्वर्ग धाम से तुझे लाया पास मेरे कौन सा नेम वह केवल तेरी दया तेरा मनोहर प्रेम हम में हे जगतारक तू समस्त जग का पाप बिलाप सन्ताप भयानक उठा ले जाता आप ।। ६ तो आप सहायक प्रिय दे हमें शांति चैन आ त्राणी तेरे लिये हम रास्ता देखते हैं । आ जयवन्त कुशलपति विरूद्धता सब मिटा और अपनी तारित जाति स्वर्ग-राज्य में ले उठा ।। 84 (८४) "On Jordan's bank the Baptist's cry." L. M. -- Winchester Old Melcombe. J. CHANDLER. १ यर्दन के तीर सुन पड़ता है यह शब्द कि प्रभु आता है । जाग उठो सुनो सारे देश राजाधिराज का सुसंदेश ।। २ शुद्ध करो अपने मनों को ईश्वर का मार्ग तुम सिद्ध करो । हे प्राणी हृदय को सवार कि टिकने पावे आनेहार ।। ३ तू ही हमारा शरण स्थान तू ही है प्रतिफल और त्राण । ज्यों फूल बिना जल कुम्हलाते हैं हम तुझ बिन क्षीण हो जाते । ४ सब रोगयों पर हाथ फैला हर पतित जन को वेग उठा । इस पापमय जग पर हो प्रकाश सूझ पड़े नई भू आकाश ।। ५ अब होवे स्तुति पुत्र की कि जिसने आके मुक्ति दी । पिता का भी हो स्तुतिगान पवित्र आत्मा का हो मान ।। 85 (८५) "Hark the glad Sound." С. М. Bristol or Nativity. PHILLP DODDRIDGE. 1702-51 १ सुन मुक्तिदाता आता है जो आनेवाला था । हर मन सिंहासन उस का हो हर शब्द हो स्तुति का ।। २ वह आता हर एक पापी को छुड़ाने पापों से । टूट जाते उसके आने पर सब बन्धन लोहे के ।। ३ वह आता सब के मन पर से पर्दा हटाने को । और ज्योत अनन्त भी आँखों में अंधों की डालने को ।। ४ वह आता टूटे मनों को बाँध देने कृपा से । और धनी करने दीनों को धन से अनुग्रह के ।। ५ नित तुझे कुशल के प्रधान हम धन्य कहेंगे । और तेरे जय जयकार का गान सब स्वर्ग में करेंगे ।। 86 (८६) 8. 7. 8. 7. 4. 7. Dismissal or Eton College. १ हे परमेश्वर तेरे मुख को महिमा में जो है अनुप देखने की न शक्त मनुष को आत्मा है तू बिन स्वरूप स्वर्ग के राजा जग का तू है महाभूप । २ उतरा था तू जगदीसा अपना प्रेम दिखाने को प्रगट हुआ प्रभु यीशु भ्रष्टों के बचाने को हे परमेश्वर मेरा मुक्तिदायक हो । ३ तेरे गुण स्वभाव फैलाने यीशु आया इस संसार जग का पाप सन्ताप मिटाने जग के करने को उद्धार कृपा सागर कर तू मेरा भी निस्तार । ४ काटने को हमारे दुःख को पाया उसने दुःख और कष्ट देने हमें धर्म और सुख को जो शैतान से हुए भ्रष्ट यीशु आया पाप संताप को करने नष्ट । ५ मुझे ग्रहण कर हे प्रभु मन कठोर हमारे तोड़ तू हम आस्त्रितों का कभू दुःख के सागर में न छोड़ । मरन काल तक हम से अपना मुंह न मोड़ ।। 87 (८७) Bhajan Tunes No. 1. JOHN PARSONS. दीनदयाल सकल बर दाता, दे यश गावन को उपदेशा ।। १ निथरे नीर अगम नद नाईं, तोर दया जल बहत हमेशा । बाते तनम न कुशल मिलत है, धन्य जगत पालक परमेशा ।। २ शठ अपराधी नर तारन को, लियो प्रभु सेवक को भाषा । दीनन संग संकट पथ धारा, क्रूस सहित सहिलाज कलेशा ।। ३ निज जन अन्तर विकल करने को, है प्रभु तोह शक्ति विशेषा । तेरी आत्मा गुण तिन चित में, दिवस जोति सब करत प्रवेशा ।। ४ तब यश मरत भुवन में होवे, सरग भुवन जिमि होत अशेषा । आश्रित मुख निज भजन कराओ, ठरि कुटिल मन दुरमति लेशा ।।
- Mission 223–238 | Masihi Geet Sangrah
सुसमाचार का फैलाव (Mission) 223 (२२३) “I've a message from the Lord, Halleluyah.” P. M. S. S. S. 411. W. A. OGDEN. १ आनंद का है यह संदेश हल्लेलूयाह ईश्वर का है यह आदेश हल्लेलूयाह दीन होके सुन तू यीशु की कि यीशु को अब देख और जी ।। कोरसः- देख और जी हाँ देख और जी यीशु ख्रीष्ट को देख और जी ईश्वर का है यह संदेश हल्लेलूयाह कि यीशु को अब देख और जी ।। २ कैसा मधुर यह संदेश हल्लेलूयाह यह सुना दो देश विदेश हल्लेलूयाह कि यीशु मुक्ति देता हैं कि यीशु को अब देख और जी ।। ३ हम यह पाते हैं संदेश हल्लेलूयाह कि मुक्ति सेंत मेंत होती है जो तू चाहता स्वर्गीय देश हल्लेलूयाह केवल यीशु को तू देख और जी ।। 224 (२२४) 7s. Zjrich or Dix. १ आवे प्रभु तेरा राज्य सारे जगत में विराज देश के देश जो धर्मविहीन होवें तेरे सब आधीन आवे प्रभु तेरा राज्य सारे जगत में विराज ।। २ सब हैं भूले भ्रमाधीन सब है पापी मनमलीन त्राण की आस से परे हैं नरक मार्ग को धरे हैं आवे प्रभु तेरा राज्य सारे जगत में विराज ।। ३ तेरे प्रण है अवितीत उन पर मेरी है प्रतीत सब का राजा यीशु हैं प्रभु और जगदीसा है आवे प्रभु तेरा राज्य सारे जगत में विराज ।। ४ चहुँदीश के द्वीप और देश जाने तुझे जग नरेश सब विरोध को कर तू नाश अपने तेज को कर प्रकाश आवे प्रभु तेरा राज्य सारे जगत में विराज ।। 225 (२२५) “From Greenland's Icy Mountains.” 7. 6. 7. 6. D. Missionary or Moening Light. BISHOP R. HEBER, 1783-1826. १ ग्रीनलैण्ड के ठंडे देश से और हिन्द और चीन से भी और हब्स से जहाँ सोते बहते हैं सुखदाई नदी मैदान पहाड़ से हर भाषा से हर जाति लोग बिनती कर यह कहते सुनाओ त्राण की बात ।। २ परमेश्वर के बनाये मनुष्य निर्दोष निष्पाप शैतान के जाल में आये पड़ा उनपर संताप वे वस्त्र भोजन सारे ईश्वर से पाते हैं तौभी उसको न मानते विश्वास न लाते हैं ।। ३ क्या हम जो ज्योति पाते और लाखों आशिषें उनको जो मरते जाते मुक्ति की ज्योत न दें हम आनंद से फैलावें मुक्ति का सुबखान सब जाति देखने पावें यीशु मसीह का त्राण ।। 226 (२२६) “Tell it out among the nations.” P. M. -- Tell It Out. FRANCES R. HAVERGAL, 1836-79. १ दो संदेश कि सब लोग जानें यीशु राजा है दो संदेश दो संदेश दो संदेश कि सब लोग करें प्रभु ख्रीष्ट की जय दो संदेश दो संदेश दो संदेश कि सदा काल बढ़ेगा उसका राज्य कि है महिमा का राजा कुशलाधिराज दो संदेश कि लोग सब मिलके गीत सुनावें आज दो संदेश दो संदेश ।। २ दो संदेश कि यीशु मुक्तिदाता करता राज्य दो संदेश दो संदेश दो संदेश कि पाप के दास सब बंधन तोड़ें आज दो संदेश दो संदेश रोते हुओं से जा कहो यीशु जीता है थकितों से कह दो कैसी शान्ति देता है पापियों से कहो यीशु ही बचाता है दो संदेश दो संदेश ।। ३ दो संदेश कि स्वर्ग में यीशु अब विराजमान है दो संदेश दो संदेश दो संदेश कि उसका राज्य सनातन प्रेम का है दो संदेश दो संदेश दो संदेश हर गाँव में जाके जो है दूर ओ पास कि हमारे प्रभु यीशु में हैं त्राण कि आस कि सब थके बोझ से दबे आवें यीशु पास दो संदेश दो संदेश ।। 227 (२२७) 8. 7. 8. 7. Batty or Galilee. १ प्रभु यीशु अपने राज्य को सकल जगत में बढ़ा अपने किये त्राण के काज को प्रगट करके राज्य फैला ।। २ वेग मिटा सब देव की पूजा देवन नाम सब भूले जांय आप ही जगत जन के राजा सब लोग आपकी शरण पाय ।। ३ मंगल समाचार सुना दे पूरब दिशा से पश्चिम लों उससे सब को त्राण जना दें सब जो तेरे आश्रित हों ।। ४ स्वर्ग जैसा आज्ञाकारी तेरा, तैसी धरती होय तू ही सबका अधिकारी तेरा राज सर्वत्र होय ।। 228 (२२८) 8. 7. 8. 7. 8. 7. Neander or Eton College. १ प्रभु यीशु धर्मराजा अपने राज्य में सब ले आ अब मिटा सब देव की पूजा बेग ही अपना राज्य फैला प्रभु यीशु - अपने राज्य की जय करा ।। २ आप ही सच्चा उजियाला कर दे दूर यह अंधकार सब पर डाल दे धर्मात्मा अब जिला सब मरणहार धर्म सूर्य - उदय हो हे ज्योत अपार ।। ३ जब जब तेरा मंगल वचन लोगों पर खुल जाता हैं तब दिखा सच्चाई के लक्षण झूठ क्यों सब भरमाता हैं तारणकर्त्ता - तुझसे लोग बच जाते हैं ।। ४ कठिन संग्राम होवे अभी हो सर्वत्र तेरी जय जीत शैतान न पावे कभी कर तू दूर भक्तों का भय प्रभु यीशु - तेरे राज्य की होवे जय ।। 229 (२२९) “Sinners Jesus will recieve.” 7s. S. S. S. 390. Chord - C | S- "---"/E.Movie | T- "---" १ यह सुनावें कि यीशु ख्रीष्ट, पापी को बचाता है ग्रहण करता हर एक को, उसके पास जो आता है ।। कोरसः- फिर और फिर भी यह गीत गाओ यीशु ख्रीष्ट ही त्राता हैं, सभों को यह बात बताओ पापी को बचाता हैं ।। २ सब से बड़े पापी को, चैन विश्राम का दाता है उस पर रखो अब विश्वास, सभों को बुलाता हैं ।। ३ पाप का दोष और पाप का दण्ड, सबका वह उठाता है पाप का बल और पाप का बंध, सब से वह छुड़ाता हैं ।। ४ मरके फिर जी उठा वह, मुझको अब जिलाता है मुझे अब वह करके शुद्ध, स्वर्ग को तब ले जाता हैं ।। 230 (२३०) 6. 6. 6. 6. 8. 8. St. John. १- यीशु का समाचार सब देशों में तुम दो कि उसका अब प्रचार हर जगह विदित हो । कोरसः- आज ही तैयार जग का निस्तार सब पावें यीशु में उद्धार ।। २- मसीह के द्वारा से है सबका त्राण तैयार अब सारे जगत में हो उसका समाचार ।। ३- शैतान के फंदे से हम हुए थे लाचार पर किया यीशु ने हमारा फिर उद्धार ।। ४- अब होवे हर कहीं उद्धार का सुसंदेश प्रकाशक यीशु के हों प्रगट हर एक देश ।। 231 (२३१) 8. 7. 8. 7. 8. 7. Neander or Regent Square. १ सारे जग के महाराजा तेरे राज्य की होवे जय । तेरा नाम जो स्थापित होवे दुष्ट के राज्य का होता क्षय प्रभु यीशु राय तू करेगा निश्चय ।। २ धर्म और प्रेम का सुसंदेश जगत में प्रसिद्ध करा जहां वह प्रचारा जावे अपनी सामर्थ को दिखा प्रभु यीशु अपने राज्य का तेज चमका ।। ३ दे सब सुसंदेशियों को हीर और धीर और प्रीत प्रतीत जिससे प्रगट हो हर देश में त्राण का ज्ञान और धर्म की जीत प्रभु यीशु तेरी जय हो जग के मीत ।। 232 (२३२) “We have heard a Joyful sound.” 7. 6s. S. S. S. 1079. PRISCILLA J. OWENS. १ सुना हमने सुख का बोल -- यीशु ख्रीष्ट तारणहार दूर फैलावें बात अनमोल यीशु ख्रीष्ट तारणहार जल्दी जावें हर एक देश पर्वत पर और दरया पार यीशु कहता “दो संदेश”-- यीशु ख्रीष्ट तारणहार ।। २ मरके जीता अब सदा -- यीशु ख्रीष्ट तारणहार गावें हम तो सर्वदा यीशु ख्रीष्ट तारणहार धीमे गावें शोक समय मन जब दया मांगनेहार हर्ष से गोर पर करते जय -- यीशु ख्रीष्ट तारणहार ।। ३ आंधी लहरो तुम कहो -- यीशु ख्रीष्ट तारणहार बोलो दूर के पापी को यीशु ख्रीष्ट तारणहार टापू सागर प्रतिगांव गाके करो तुम प्रचार मुक्ति पूरी सेंत मेंत त्राण -- यीशु ख्रीष्ट तारणहार ।। 233 (२३३) “Jesus Shall Reign.” L. M. -- Duke Street. ISSAC WATTS, 1674-1748. १ सूर्य जहाँ हो अस्त उदय यीशु का राज्य वां फैलेगा जब तक कि चांद उजाला दे तब तक वह बढ़ता जावेगा ।। २ देश देश के लोग हर भाषा में यीशु के प्रेम को गाते हैं और छोटे बच्चे उसका नाम आनंदित हो सराहते हैं ।। ३ जहां कहीं वह राज्य करे सब लोग आशिशित होवेंगे कैदी सब छूट कर बंधन से आनंदित होके उछलेंगे ।। ४ हे सारी सृष्टि उठकर गा आदर विशेष दे राजा को स्वर्ग दूत उतर के गावें गीत और पृथ्वी सुन आह्वादित हो ।। 234 (२३४) S. M. -- Franconia or Boylston. १ हे ईश्वर तेरा नाम सब जगह हो प्रसिद्ध कि जाने सब मसीह का काम और धर्म का ज्ञान और विध ।। २ कि कैसा महाकर्म मसीह ने किया है कमाने जग का मुक्ति धर्म प्राण अपना दिया है ।। ३ अब यीशु का संदेश और उसका धर्म और पुण्य प्रचारा जावे देश विदेश सब जानें उसके गुण ।। ४ और हम जो तेरे लोग इस जग में हैं अतीत हमें संभाल कि तेरे योग्य हम पावें धर्म की जीत ।। 235 (२३५) Bhajan Tunes 92. E. F. JANVIER. Chord - D | S- Ballad | T-088 पानी दो पानी पियासा हूँ, पानी दो पानी ।। १ न तो कुँए का न तो नदी का लावे यदि कोई । पानी दो पानी पियासा हूँ, पानी दो पानी ।। २ सकल जलाशय देख कर आया । थका भ्रमण करके, पियासा हूँ पानी दो पानी ।। ३ अक्षय जीवन कष्ट विमोचन । प्रभु बिन नहीं जग में ।। ४ जा जा तू प्रभु यीशु के चरणन । तृप्ति तुझे मिलती ।। 236 (२३६) Bhajan Tunes 91. Chord - D | S- Reggae/Ballad | T-086 कोरसः- प्यारो हिम्मत बांधों आगे बढ़ो क्रूस का लो निशान । जीतेंगे हम यारो हारेगा शैतान ।। १ लड़ों लड़ो फुर्ती करो यीशु है कप्तान । हिम्मत बांधों आशा रखो भागेगा शैतान ।। २ पाप और दुख में चारो तरफ मरते हैं इंसान । दया करो भारत पर वह हुआ परेशान ।। ३ घर घर जाकर करो प्यारो यीशु का बयान । वह है राजा मुक्तिदाता, सब पर मेहरबान ।। ४ जल्दी करो सुनाओ सबको यीशु का फरमान । पापी बचते जाते लाते जब उस पर ईमान ।। ५ दास कहें बैरी शर्माते, सुन यीशु का ज्ञान । लोग मसीह को मानते जाते, हारता है शैतान ।। 237 (२३७) Bhajan Tunes 68. JOHN PARSONS. Chord - F | S- Ballad | T-082 हम यीशु कथा प्रचार करें, खल मानुष जासु दया सुधरें । १ तन ले प्रभु दीनन नाथ फिरा, निज हाथन रोगिन लोक हरें ।। २ विधवा बिनती जब कान सुने, तब ही मनसा प्रभु तासु भरें ।। ३ प्रभु कोढ़िन अंग अपावन पै, सुख देवन को निज हाथ धरें ।। ४ तम बासिन पै अब कीन्ह मया, सत सूरत हो जग को उतरें ।। ५ दुःख संकट यीशु अपार सहा, जिहि कारण से नर लोग तरें ।। ६ नित्य रैन दिना प्रभु यीशु दया, हम आश्रित हो बहुधा सुमरें ।। 238 (२३८) H. T. B. 120. ISSAC FIELDBRAVE. १ मसीहा तू कुदरत अब अपनी दिखा दे । गुनाह में जो मुर्दे हैं उन को जिला दे ।। २ तू ही नूर इ हक्क है तू ही रहनुमा है । जो भूले हैं उनको हकीकत बता दे ।। ३ जो करते हैं तौबा गुनाहों से अपने । उन्हें बन्द इ जालिम से आकर छुड़ा दे ।। ४ बढ़ा शान ओ हशमत तू अपनी खुदाया । गुनाह और मुजी को जहाँ से मिटा दे ।। ५ तेरे काम अकदस के करने में ऐ रब्ब । जो हैं मुश्किलातें उन्हें अब हटा दें ।। ६ जो तुखम इ कलाम इ मुकद्दम है बोया । उसे सुनने वालों के दिल में जमा दे ।। ७ यही है तमन्ना इ दिल ऐ मसीहा । हमें अपनी रहमत से आब इ बका दे ।।
- Lent 115–121 | Masihi Geet Sangrah
संयमकाल (Lent) #### 115 (११५) *“Come every soul by sin oppressed."* *C. M.-- Only trust him* *J. H. STOCKION.* १ आओ जो थकित कलेशत हो विश्राम है यीशु पास उस ही के हाथ को पकड़ लो करो उस पर विश्वास ।। कोरस :- वह त्राता मुक्तिदाता वह बुलाता है पाप को तजो उसको भजो वह बचाता है ।। २ वही है सत और मुक्ति द्वार स्वर्गधाम पहुँचाने को हुआ अकेला धर्म अवतार सब पाप मिटाने को ।। ३ हे पापी जा उस धारा पास और मन के पाप धो डाल उस ही पर रख तू अपनी आस हो शाँति से निहाल । ४ मसीह के चेलों में मिल जा और थाम ले उसका हाथ मन उसकी प्रीति से मत हटा जो रहता तेरे साथ ।। #### 116 (११६) *“God loved the World of sinners lost."* *C. M.-- Punjabi Tune.* *MRS. STOCKION.* *Chord - D | S-6/8 | T-080* १ ईश्वर ने अद्भुत रीति से इस जग को किया प्यार और दिया अपने पुत्र को कि सब का हो उद्धार कोरस :- जयजयजय मसीह की जय जो क्रूस पर मुआ है है उसका प्रेम असीम अपार जय जय मसीह की जय ।। २ ईश्वर का पुत्र मृत्युंजय विश्वास से मेरा है वह अपने रक्त से करता शुद्ध और मुक्ति देता है ।। ३ विश्वासियों आनन्दित हो तुम को वह देता है कि यहीं चखो वहीं सुख जो सदा स्वर्ग में हैं ।। ४ शैतान का बल अब हुआ नाश यह गीत हम सबका हो और मरनकाल यीशु की जय करें आनन्दित हो ।। #### 117 (११७) *"Jesus and shall it ever be."* *L. M. Mainzer or Breslau.* *JOSEPH GRIGG, 1728-68.* १ यीशु क्या कभी होवेगा कि तुझ से मैं लजाऊँगा । जिसकी स्तुति दूतगण करते तू जो है प्रतापमय सदा ।। २ क्या उस मौत से मैं लजाऊँ जो वह है मेरा त्राणाधार । यदि मैं उससे लजाऊँ है कारण मेरा दुर्बल प्यार ।। ३ उससे लजाऊँ ? हाँ जब पाप मुझे नहीं धो डालना हो । जब मुझे हो न डर न दुख न आत्मा को बचाना हो ।। ४ तब तक मैं करूँगा घमण्ड उस पर जो मेरा त्राता है । और सदा मेरा भाग यह हो वह मुझ से न लजाता है ।। #### 118 (११८) *7s. Wollt Ihr Wissen* १ कौन है मेरा उत्तम ज्ञान मेरे मुंह का सुबखान कौन है मेरा पूर्ण आह्लाद मेरा धन और धन्यवाद ख्रीष्ट जो क्रूस पर मरा था ।। २ कौन है मेरे मन की प्रीति मेरा आस्रा पूर्ण प्रतीत कौन है मेरे मन का बल मेरी शरण आड़ और ढाल ख्रीष्ट जो क्रूस पर मरा था ।। ३ कौन हर संकट में सहाय कौन अकाल में भोजन हैं कौन जब लगती प्राण को प्यास शांति जब मैं हूँ उदास ख्रीष्ट जो क्रूस पर मरा था ।। ४ कौन है मेरा मृत्युंजय मरण काल में जो सहाय वह जो मुझे सर्वदा अपने पास बढ़ावेगा ख्रीष्ट जो क्रूस पर मरा था ।। ५ धन्य मान हे मेरे प्राण यीशु ख्रीष्ट का कर बखान हाँ प्रशंसा ख्रीष्ट की हो अभी से सनातन लों । कि वह क्रूस पर मरा था ।। #### 119 (११९) *"I am coming to the cross."* *7s. S. S. S. 477.* *Chord - F | S- E.Movie/"---" | T- "..."* १ क्रूस पास अब मैं आता हूँ उस में आश्रा पाता हूँ हुआ जां सत बलिदान जिससे होता मेरा त्राण ।। कोरसः- ख्रीष्ट मैं रखता तुझपर आस आता हूँ मैं कलवरी पास क्रूस की आशिष मुझे दे मुझे अब बचा तू ले ।। २ मैं तो पापी क्लेशित था अपने कर्म से दुःखी था मुक्ति का ढूंढ़ता था उपाय जानता था न सत सहाय ।। ३ यीशु तू है मेरा नाथ पकड़े रह तू मेरा हाथ केवल तू है सत अवतार केवल तुझ से है उद्धार ।। #### 120 (१२०) *Look to the Saviour on Calvary's tree."* *9. 9. 9. 5. and Ch. S. S. S. 427.* *Chord - G/F# | S-6/8 | T-084* १ क्रूस ही के पास जहाँ रक्त बहा पापों से दबे तहाँ गया । रक्त से यह मन मेरा शुद्ध हुआ उसकी होवे जय ।। कोरस :- उसकी होवे जय (२) रक्त से यह मन मेरा शुद्ध हुआ उसकी होवे जय २ निश्चय सब दूर हुए मेरे पाप राज करता है मन में यीशु आप । क्रूस ही का है मुझ पर प्रताप उसकी होवे जय ।। ३ ख्रीष्ट यीशु ने मुझे शुद्ध किया सुन्दर वह सोता है क्रूस ही का । उस पास मैं जाकर संतुष्ट हुआ उसकी होवे जय ।। ४ निर्मल वह सोता और आशिषमय उससे सब पाप तेरे होते क्षय । जल्द आकर अभी होजा निर्भय उसकी होवे जय ।। #### 121 (१२१) *“O render thanks to God above."* *L. M. Hursley or Abends.* १ धन मान के कहो उसकी जय जो अनन्त प्रेम का सोता है । आरम्भ से उसकी करूणा रही और रहेगी सदा ।। २ कौन उसके अद्भुत कामों का योग्य वर्णन कर सकेगा । गुणों का गाना भी उसके न बनता मानवी होठों से ।। ३ वे धन हैं और उनका है क्षेम जो पालन करते उसके नेम । जो उसकी इच्छा जानते हैं और उसकी आज्ञा मानते हैं ।। ४ दे मुझे वह अनुग्रह जो तू देता चुने हुओ को । छुड़ाने जब तू आवेगा हे प्रभु मुझे भी छुड़ा ।।
- Pilgrimage and Guidance 438-462 | Masihi Geet Sangrah
यात्रा और अगुवाई (Pilgrimage and Guidance) 438 (४३८) “A few more years shall roll.” HORATIUS BONAR 1803-1889. १ अब और हैं थोड़े वर्ष और थोड़े ही से मास कि गोर में करते जो विश्राम हम सोयेंगे उनके पास ।। कोरस :- उस दिन के लिये अब मन मेरा कर तैयार हे प्रभु अपने रक्त में धो और मेरे पाप उतार ।। २ अस्त होगा थोड़ी बेर यह सूरज तेज स्वरूप उस सुन्दर देश में होंगे हम जहां न दौड़ न धूप ।। ३ इस तोर पर थोड़ी बेर होंगे प्रचण्ड बयार हिलकोरे न उठेंगे तब न आँधी भी उस पार ।। ४ परीक्षा थोड़ी और और थोड़ा ही वियोग अब थोड़े आंसू थोड़ा क्लेश पर फिर न होगा सोग ।। ५ थोड़े विश्राम के दिन हम काटते हैं इस पार पर पावेंगे अनन्त विश्राम पहुँचे जब उस पार ।। ६ अब रही थोड़ी बेर तब प्रभु आवेगा जो मरा था अब जीता है राज्य हमें देवेगा ।। 439 (४३९) “He leadeth me.” L. M. -- S. S. S. 542. JOSEPH GILMORE, 1834-1919. Chord - C# | S- "---"/Ballad | T-"---"/082 १ उत्तम और शान्तिदायक बात कि ईश्वर लिये मेरा हाथ हर काम हर जगह हर समय मुझ यात्री को ले चलता है ।। को० -- ले चलता है ले चलता है वह मुझ को साथ ले चलता है विश्वास से मैं चलूँगा साथ कि ईश्वर थामता मेरा हाथ ।। २ कभी वह बीच अंधेरे के कभी वह सुन्दर बारी में सुखदाई जल पास आँधी में हाथ से ले चलता है मुझे ।। ३ तू पकड़े रह नित्य मेरा हाथ न डर न रंज है तेरे साथ जो दशा हो संतुष्ट मैं हूँ कि तेरे संग मैं चल रहूँ ।। ४ और मेरा काम जब पूरा हो जब छोडूंगा इस जगत को जब तू ले चलता है मुझे मैं डरूंगा न मृत्यु से ।। 440 (४४०) लड़के - १ किधर जाते यात्री लोगों, किधर जाते किये भेष लड़कियां - जाते हम एक दूर की यात्रा, पाया राजा का आदेश सब - जंगल पर्वत दुःख उठाते, उसके भवन को हम जाते, जाते हैं एक उत्तम देश ।। लड़के - २ छोटे झुण्ड क्या तुम न डरते, कठिन मार्ग है सूने देश लड़कियां - नहीं दोस्त अनदेखे पास हैं, स्वर्गीय दूत टाल देते क्लेश सब - यीशु स्वामी साथ ही चलता, रक्षक अगुवा आप ही रहता, जाने में उस उत्तम देश ।। लड़के - ३ क्या पाओगे यात्री लोगों, जाके दूर के उत्तम देश लड़कियां - उजले वस्त्र तेजवंत मुकुट, प्रभु देगा प्रेम विशेष सब - निर्मल अमृत जल पीवेंगे, ईश्वर पास हम नित्य रहेंगे, जब पहुँचेंगे उस उत्तम देश ।। लड़के - ४ यात्री लोगों हम भी साथ हो, चलें उज्जवल उत्तम देश लड़कियां - आओ सही भले आये, बीच हमारे हो प्रवेश सब - आओ संग न छोड़ो कभी, यीशु नाथ तैयार है अभी, लेने की उस उत्तम देश 441 (४४१) “My days are gliding swiftly by.” 8. 7. 8. 7. Shining Shore. DAVID NELSON. १ जल्द मेरे दिन बीत रहे हैं मैं यात्रा करता जाता परदेश में होके दिन ब दिन मैं मार्ग का दुःख उठाता ।। कोरस :- हम खड़े हैं यर्दन किनार और एक एक निकल जाता विभव उस पार का बारम्बार इस पार तक दृष्ट हो आता ।। २ ख्रीष्ट राजा की दृढ़ आज्ञा है मशालें तुम सुधारो उस पार के देश में अपना घर हम देखते हैं पियारो ।। ३ यात्रा के सारे दुःखों से हम भाई हार न जावें पर स्वर्ग के सच्चे आश्रित हो आशा का फल भी पावें ।। ४ यहाँ जो दुःख परीक्षा हो हम उसको क्यों न सहें तब अपने पिता पास उस पार हम शीघ्र जाके रहें ।। 442 (४४२) “Thou art the way, Thee alone.” C. M. ― St. James. G. W. DOANE, 1799-1859. १ तू मार्ग है केवल तेरे पास काल पाप से भाग सकें जो चाहे पिता ढूँढ़ने को तुझ ही में पावेंगे २ तू सत्य है वचन तेरा ही सत बुद्धि देवेगा तू केवल मन को ज्ञान दिला और शुद्ध कर सकेगा ।। ३ तू जीवन है बन्ध तोड़ने से तू हुआ मृत्युंजय और जिनको तेरा आसरा है मृत्यु न करती क्षय ।। ४ तू मार्ग तू सत और जीवन है उस मार्ग पर हम चलें उस सत को पा लें जीवन भी अनंत को हम पावें ।। 443 (४४३) “Guide me O Thou great Jehovah.” 8. 7. 8. 7. 4. 7. Zion or Dismissal. WILLIAM WILLIAMS 1717-91. १ पन्थ बता महान परमेश्वर बाट के भूले पंथी को मैं बलहीन हूँ तू है बली मार्ग में मेरा साथी हो स्वर्गीय भोजन दे मुझ त्राण के भूखे को ।। २ खोल दे अब वह कुण्ड बिल्लौरी निकली जिससे जीवन धार साथ और मेघ का खम्भ साथ देके मुझे यात्रा भर सम्भाल प्रबल यीशु हो तू मेरी ढाल तलवार ।। ३ मृत्यु नदी तीर जब जाऊँ चिंता भय को सब मिटा हे मुदांयक नरक नाशक चैन से बेड़ा पार लगा तेरी स्तुति करुगा मैं सर्वदा ।। 444 (४४४) “I'm a pilgrim and I'm a stranger.” P. M.-- S. S. S. 827. MARY DONA SHINDLER. १ मैं मुसाफिर और मैं परदेशी केवल रात भर केवल रात भर टिकूंगा मैं जल्दी जाऊँ क्यों करूँ देरी कि स्वर्ग पर जगह तैयार है मेरी मैं मुसाफिर (इत्यादि) ।। २ उत्तम देश का जिस ओर मैं बढ़ता मेरा प्रभु मेरा प्रभु है प्रकाश वहाँ न शोक है न आहें भरना न पाप का रोना न कभी मरना मैं मुसाफिर (इत्यादि) ।। ३ वह प्रदेश है सदा उजेला उसको देखना उसको देखना चाहता हूँ इस लोक में रहता है नित्य अंधेरा जिस में दौड़ धूप तो नित होती मेरी मैं मुसाफिर (इत्यादि) ।। ४ उस प्रदेश में देख मेरे प्यारे तुम भी आओ तुम भी आओ कहते हैं अब जाने देओ यह शोक का स्थान है सांझ होती जाती संसार सुनसान है मैं मुसाफिर (इत्यादि) ।। ५ उस पार पहुँच कर फिर न परदेशी न मुसाफिर न मुसाफिर रहूँगा उस पार जा बसूँ वहाँ विश्राम है वहां आनंद और पूरा आराम है मैं मुसाफिर (इत्यादि) ।। 445 (४४५) “I'm but a stranger here.” 6. 4. 6. 4. 6. 6. 6. 4. St. Barnabas. THOMAS TAYLOR, 1807-35. १ यहाँ परदेशी हूँ स्वर्ग मेरा घर सराय में टिका हूँ स्वर्ग मेरा घर यहाँ है दुःख और क्लेश चारों ओर मेरे द्वेष स्वर्ग मेरा पैत्रिक देश स्वर्ग मेरा घर ।। २ जो आँधी चले भी स्वर्ग मेरा घर यात्रा तो थोड़ी ही स्वर्ग मेरा घर दुःख सुख न रहेगा सुख शीघ्र मिलेगा स्वर्ग में जा रहूँगा स्वर्ग मेरा घर ।। ३ वहाँ यीशु के पास स्वर्ग मेरा घर होवेगी पूरी आश स्वर्ग मेरा घर संत लोग वां कुशल से प्यारे भी निज मेरे विश्राम नित्य पावेंगे स्वर्ग मेरा घर ।। ४ हर्षित मैं रहूँगा स्वर्ग मेरा घर कुछ भी मैं सहूँगा स्वर्ग मेरा घर क्योंकी मैं जाऊँगा प्रभु पास रहूँगा स्वर्ग में बास करूँगा स्वर्ग मेरा घर ।। 446 (४४६) “Jesus lover of my soul.” 7. 7. 7. 7. D. Hollingside or Martyme. CHARLES WESLEY, 1707-88. १ यीशु मेरे प्राण के मीत जब लों जग में रहता हूँ दुःख की धारा बहती है तेरी शरण लेता हूँ जब लो आँधी चलती हो अपने में मुझे छिपा अन्त में मेरे आत्मा को अनंत बंदरस्थान में ला ।। २ दूसरी शरण हैं नहीं तुझ ही से मन लिपटा है मुझे तनिक भी न छोड़ नित्य सम्भाल हे दयामय तुझ ही पर भरोसा है तुझ ही से सहायता नीचे अपने पंखों के मुझ अनाथ को रख सदा ।। ३ यीशु तू है मेरी आश दया कर मुझ निर्धन पर पतित मूर्छित को उठा अन्धा रोगी चंगा कर तेरा नाम पवित्र है मैं अधर्म से हूँ भरपुर पापों से मैं घिरा हूँ तू अनुग्रह से है पूर ।। ४ मेरे पाप मिटाने को तुझ में पूरी दया है निर्मल धारा बहने दे मन को शुद्ध कर रख सदा तू है सोता जीवन का मेरे हृदय में तू बह मेरी प्यास बुझाने को सदा काल लो बहता रह ।। 447 (४४७) “All the way my Saviour leads me.” FANNY CROSBY, 1820-1915. Chord - E | S- "---" | T-"---" १ यीशु राह में साथ ले चलता इससे बढ़ कर क्या चाहूँ प्रभु अगुवे की शंका किस प्रकार मैं कर सकूँ कुशल क्षेम से बना रहता अब विश्वास से उसी में कि मैं जानता जो कुछ आवे शान्त रहूँगा यीशु में ।। २ यीशु राह में साथ ले चलता ढाढ़स देता मुझी को दुःख में देता सहन शक्ति भूख में देता खाने को मेरा पांव जो ठोकर खावे मेरा मन भी प्यासा हो मैं तब देखता अपने साम्हने हर्ष से बहते सोते को ।। ३ यीशु राह में साथ ले चलता प्रेम की सब भरपूरी से पूरी शान्ति मुझे देगा घर में मेरे पिता के मेरा आत्मा जब उड़ जावे राज्य अनंत में ऊपर ही मैं यह गाऊँगा कि उसने मेरी अगुवाई की ।। 448 (४४८) “Lead kindly light” P. M. -- Lux Benigna. JOHN H. NEWMAN. 1801-90. १ रात अंधियारी प्रभु दूर है घर हो अगुवा कुछ सूझता नहीं मार्ग उजेला कर हो अगुवा न कहता मैं कि दूर तक राह दिखा कहां अब धरूँ पांव यह ही बता ।। २ मेरी सदा यह बिनती नहीं थी हो अगुवा मन माने चला, तेरी सुध न की अब तू ले जा तब मोह के वश में हो घमण्ड से भर हठी मैं था यह सब न स्मरण कर ।। ३ तू इतने दिन से रहा अगुवा अब किस से डर दुःख क्या और बिपत मौत की छांह भी क्या मन धीरज धर जाता अंधेरा होता है बिहान स्वर्ग में मिलेगा सदा का कल्याण ।। 449 (४४९) “Children of the Heavenly King.” JOHN CENNICK, 1718-55. १ स्वर्गीय राजा के संतान चलते करो स्तुतिगान धन्य कहो यीशु को उस का यश प्रचार करो ।। २ चलते हो उस मारग से जिस से संत लोग चलते थे वे आनंदित होते अब उनके साथ तुम होओ सब ।। ३ अब पुकारो धन्य लोग ठहरोगे तुम राज्य के योग्य जगह है वहां तैयार राज्य और प्रतिफल उस पार ।। ४ आंख उठा के भाइयो देखो नई सृष्टि को वहाँ नित्य तुम रहोगे प्रभु को तुम देखोगे ।। ५ डरो मत हे भाइयो आनंद कर के खड़े हो प्रभु यीशु कहता है आगे बढ़ो हो निर्भय ।। ६ हम हे प्रभु चलेंगे सारे जग को छोड़ेंगे तू ही अगुवाई कर और हम होंगे अनुचर ।। 450 (४५०) “Forever with the Lord.” JAMES MONTGOMERY, 1771-1854. १ सदा मसीह के साथ आमीन यह ऐसा हो इस वचन में जी उठना है अमरता सदा लो इस बदन में सम्बद्ध दौड़ धूप उठाता हूँ और अपने स्वर्गीय घर की ओर दिन-दिन बढ़ जाता हूँ ।। २ पिता का स्वर्ग में धाम घर मेरे आत्मा का विश्वास से कभी देखता हूँ सुनहरा द्वार उसका उस में पहुँचने से तब होगा मेरा क्षेम संतों का उजला है निवास स्वर्गीय यरुशलेम ।। ३ सदा प्रभु के साथ पिता जो इच्छा हो तो अब भी मुझ पर पूरी कर उस दृढ़ प्रतिज्ञा को हो मेरे दाहिने हाथ तब मैं न चुकूंगा सम्भाल मुझे कि स्थिर रहूँ लड़ कर मैं जीतूँगा ।। ४ जब मेरा पिछला स्वास उस ओट को फाड़ेगा मृत्यु से हूँगा मृत्युंजय अनंत मिलेगा और मुझे अपने पास उठावे तेरा हाथ तब गाऊँगा मैं बारम्बार सदा प्रभु के साथ ।। 451 (४५१) “There's a land that is fairer than day.” S. F. BENNETT, 1867. Chord - E | S- 6/8 | T-084 १ हम विश्वास से एक देश देखते हैं जो इस पृथ्वी से है शोभायमान वहां यीशु कर रहा तैयार मेरे लिये एक रहने का स्थान ।। कोरस- थोड़ी देर में वहाँ प्यारो जाके हम सब मिलेंगे ।। २ अपने काम से विश्राम करेंगे शोक और क्लेश और सब दुःख होंगे दूर भजन सुन्दर मनोहर वहाँ तब हम गावेंगे हर्ष से भरपुर ।। ३ प्रेम और आशिष अनुग्रह संपूर्ण आनंद पूर्वक मन खोल के सदा यह है पिता का अद्भुत वरदान हम तब करेंगे स्तुति का गान ।। 452 (४५२) Bhajan Tunes No. 64 or 65. SHUJAAT ALI. अरे मन भूल रहा जगमों, अरे मन भूल । १ यह जग को मन छोड़ चलोगे, यीशु को मत भूल । इस तन की मन आशा न कीजै, होगा धूल में धूल ।। २ जब लग जीवन है मन जगमों, तभी तलक मन फूल । सुन रे आसी मन चित देके, यीशु है जग मूल ।। 453 (४५३) Bhajan Tunes No. 70. SHUJAAT ALI. १ क्यों मन भूला है यह संसारा, मन मत दे टुक कर ले गुजारा । इस जग में सुख नित नहि भाई, यह तो है जस पानी की धारा ।। २ मात पिता अरु खेश कुटुम्ब सब, संग नहिं कोई जावनहारा । अन्त समय सब देखन आइहैं, छन भर में सब होइहैं नियारा ।। ३ जो कुछ अंग में होगा तुम्हारे, वह भी सब मिल लै हैं उतारा । नरक अगिन में जब तुम पड़िहो, तब नहिं कोई बचावनहारा ।। ४ भाई मुक्त की खोज करो तुम, यीशु मसीह प्रभु तारणहारा । आसी तो प्रभु दास तुम्हारा, तुम बिन नाही कोई हमारा ।। 454 (४५४) Bhajan Tunes No. 73. J. UMRAIL. छाया समान ढलि जाय रे उमरिया । १ यश कर ले हितसों मन मुरख । एक दिन आखिर जाय रे कबरिया ।। २ सौदा जग का जग में कर ले । अन्त मिले नहि फेर बजरिया ।। ३ इस जग में मत भूल मुसाफिर । हो तैयार ले बांध कमरिया ।। ४ मुक्ति की राह प्रभु यीशु से पूछो । वा बिन पैहो न कोई डगरिया ।। ५ सोई जग तारक मुक्ति सुदाता । वा बिना नहीं कोई और दुसरिया ।। ६ निशि दिन वाहि को भज ले रे गाफिल । वाहि ने ली नित्य तेरी खबरिया ।। ७ अब विश्वास प्रभु यीशु पर लाओ । एक दिन चलना है वाकी नगरिया ।। 455 (४५५) Bhajan Tunes No. 86. SHUJAAT ALI. १ छोड़ो जग की माया मनुवा, या जग में सुख नाहीं मनुवा । इस जग की प्रतीत न कीजे, झूठा है यह जग रे मनुवा ।। २ यीशु मसीह की शरण गहो तुम, सरगबास तब पैहो मनुवा । यह तन में मन भूल रहे हो, इस में तो है दुःख रे मनुवा ।। ३ वाहि समे में क्या करिहो तुम, जब विकसैगी काया मनुवा । इतनी बिन्ती आसी की सुनियो, यीशु है बचवैया मनुवा ।। 456 (४५६) Bhajan Tunes No. 41 or 42. JOHN CHRISTIAN. दुनिया में दिल नहीं लगाना, इस जिन्दगी का कौन ठिकाना । १ ख्वाबों में जस माल खजाना, पाय करे मन मौज अपाना । चौंक पड़े सब धूरि मिलाना, तैसहि दुनिया मानु नदाना ।। २ पर नारी धन देखि दिवाना, फजिहत खाये प्राण गमाना । जौपै मिले नहि काम भराना, बुदबुद छूवत बात उड़ाना ।। ३ होश करो नर बयस सिराना, यीशु मसीह पर लाओ इमाना । जान अधम यहि सांच सिखाना, जौं सुख चाहो अमर निधाना ।। 457 (४५७) Bhajan Tunes No. 58. भाई नहीं जैहो, धन बांध गठरिया । १ जब तोहि काल आनि कै घेरे, छोड़ चले घरबार अटरिया ।। २ जो कुछ अंग में होगा तुम्हारे, उसकी सब मिल बांधे मुटरिया ।। ३ अब ही चेत करो नर मुरख, प्रलयकाल की कर ले खबरिया ।। ४ एक दिना प्रभु लेखा मंगिहैं, तब तेरो है कहु कौन बचैया ।। ५ जो प्रभु यीशु मर्म न जान्यो, फुंकि जैहो जैसे बन की लकड़िया ।। ६ प्रभुदास बिन्ती कर ठाढ़ो, यीशु चरण पै ध्यान धरो भैया ।। 458 (४५८) Bhajan Tunes No. 59. सब दिन नाहि बरोबर बीते, कबहु तपन कभु छांही । १ कभु मन शोगी कभु सुख भोगी, जिमि दिन रात बिलाही । एक दिवस मिलि है सुख राशी, अगले दिवस नसाही ।। २ बादल रंग रंग जस होते, तस जग बदलत जाही । राजा परजा धनी भिखारी, सब को है गति याही ।। ३ जग में कभु आंसू कभु हांसी, सागर जस लहराही । या भवसिन्धु बीच बहुतेरे, मुक्ति रतन बिसराही ।। ४ सोचहु मन या चंचल जग में, कौन दयाल बचाही । दीन दयाल कृपानिधि यीशु, जोखिम पार लगाही ।। ५ सत विश्वासह लंगर जानो, ख्रीष्ट तीर ठहराही । दास सदा लौलीन रहो तुम, तौ कुछ शंका नाही ।। 459 (४५९) H. T. B. 126. CHIMMAN LAL. १ उठ मुसाफिर कर तैयारी अब तो कुछ दिन भी नहीं है । दिल कहीं दीदा कहीं और अश्क आँखों में नहीं है ।। २ लग रहा है चल यहां रात ओ दिन एकसां बराबर । मौत का डंका बजे तुझे कुछ गम नहीं है ।। ३ मौत क्या जाने लड़कपन क्या बुढ़ापा क्या जवानी । क्या अमीरी क्या फकीरी मौत को परवाह नहीं है ।। ४ क्या तेरी आँखों में अब तक नींद गफलत की भरी है । भाई ओ मादर पिदर यां कोई भी अपना नहीं है ।। ५ माल ओ दौलत शान ओ शौकत इन में धोखा है सरासर । सारी दुनिया कोई कमावे तौभी कुछ हासिल नहीं है ।। ६ है खुशी यीशु मसीह में राह इ हक्क साबिर वही है । क्यों फिरे भटका मुसाफिर और तो कोई राह नहीं है ।। 460 (४६०) H. T. B. 120. SHUJAAT ALI. १ कोई दम में दम जब यह जाता रहेगा । तो ऐ दिल बात किस से नाता रहेगा ।। २ जरा नींद इ-गफलत से बेदार हो अब । तो फिर कौन तुझ को जगाता रहेगा ।। ३ तू अब नाज ओ नखवत में फूला फिरे है । यही तुझ को आखिर रुलाता रहेगा ।। ४ मुसाफिर है तू और यह दुनिया सरां है । तू कब तक यहां दिल लगाता रहेगा ।। ५ इताअत मसीह की जो करता रहे तू । तो बेशक वह तुझ को बचाता रहेगा ।। ६ जो होवे भलाई तो कर ले रे गाफिल । यहां कौन फिर फिर के आता रहेगा ।। ७ ऐ आसी कहा दिल का हरगिज न कीजो । बले तुझ को वह यां फंसाता रहेगा ।। 461 (४६१) H. T. B. 122. SHANKAR DAYAL. १ मिले खाक में नौजवां कैसे कैसे । गये कब्र में नुक्तेदां कैसे कैसे ।। २ सहे हैं मसीहा ने दुनिया की खातिर । जजर कैसे कैसे जिया कैसे कैसे ।। ३ दिये पांव लुंजों को अन्धों को आँखें । तवाना किये नातवां कैसे कैसे ।। ४ लाजर को हासिल हुई जान-इ-ताज । जुबां पा गये बे-जुबां कैसे कैसे ।। ५ जवानी को मरकद की चक्की ने पीसा । हुए चूर चूर उस्तुखां कैसे कैसे ।। ६ न सोहराब बाकी रहा है न रुस्तम । जमीं खा गई पहलवां कैसे कैसे ।। ७ कोई मंजिल-इ-गोर से फिर न पलटा । रवाना हुए कारवां कैसे कैसे ।। ८ करें याद किस किस को किस किस को रोयें । इन आँखों ने देखे समां कैसे कैसे ।। 462 (४६२) AJIZ. १ रही यह है बाकी उमर खोते खोते । रवां यह हुआ दिन अबस सोते सोते ।। २ गुलिस्तां-इ-दिल में जरा जाके देखो । कि तुख्म-इ-गुनाह है बढ़ा बोते बोते ।। ३ गुनाहों के दागों को धो, ऐ मसीहा । मैं आजिज हूँ अजखुद उन्हें धोते धोते ।। ४ करम की नजर कर इस अजिज पर यीशु । है तालिब तेरा नातवां रोते रोते ।। ५ बशीर और है थोड़ी यह मंजिल तुम्हारी । चलो अब वतन को सुबह होते होते ।।
- New Year 485 -487 | Masihi Geet Sangrah
नया वर्ष (New Year) 485 (४८५) J. DUTT. प्रभुवर हम को यह वर दीजै । १ नये वर्ष में तन मन जीवन, सब को नूतन कीजे ।। २ ज्ञान कर्म इन्द्रियगण सारे, अपने वश कर लीजे ।। ३ पाप कुष्ट इव ताहि निवारण, दया दृष्टि कर छीजे ।। ४ फटे चीर सम हृदय को, प्रेम ताग सो सीजे ।। ५ खोलत हम मन द्वार पधारिये बसिये असिये पीजे ।। ६ जस तुम पितु से अरु पितु तुम में, तस प्रभु हम में जीजे ।। ७ शुद्ध भक्ति अरु सिद्ध परमगति, दास अधम को दीजे ।। 486 (४८६) “Father let me dedicate” 7. 5. 7. 5. D. Dedicate. L. TUTTIETT. Chord - D# | S- Ballad | T-082 १ पिता अपने को अर्पण करूँ मैं इस साल तेरी सेवा में हर क्षण बीते मेरा काल नहीं करता हूँ विनय सारे दुःख मिटा मेरी यही बिन्ती है “तेरी हो महिमा” ।। २ बालक क्या चुन लेता है अपने बास का स्थान बाप क्या नहीं देता है सब से अच्छा दान तुझ से उत्तम वर मुझे मिलते हैं सदा सब कुछ पाऊँगा जिस से “तेरी हो महिमा” ।। ३ अभी जो कुछ मेरा है यदि साथ रहे बढ़ता जाय भी सुख संचय तेरी दया से हर्षित हो मैं तन मन धन अर्पण करूँगा गाऊँगा मैं हो प्रसन्न “तेरी हो महिमा” ।। ४ यदि पड़े क्रूस का कष्ट दब के गिरूँ तब यदि हो सब आनंद नष्ट घर में शोक हो जब प्रभु जी के दुःख का भार स्मरण रखूँगा मांगूँ यही वर बार बार “तेरी हो महिमा” ।। 487 (४८७) 8. 7. 8. 7. Batty or Marines. १ हाल्लेलूयाह प्रभु मेरे तेरा धन्य मैं मानता हूँ और एक साल मैं द्वारा तेरे कुशल क्षेम से रहा हूँ ।। २ जो कुछ तेरी ओर से आया मेरे लिये भला था दुःख और सुख जो मैं ने पाया दान है तेरी कृपा का ।। ३ क्षमा कर हे कृपा सागर जितने मेरे दोष अपराध तू ही सकल गुणसागर तेरी दया है अगाध ।। ४ नये साल में मेरी सुध ले दिन दिन प्रीतम प्राण के साथ रक्षा कर और कुशल चैन दे सदा रह तू मेरे साथ ।। ५ दिन और साल तो बीतते जाते तू हे ईश्वर है अचल आदम जात सब मरते जाते तू ही रहता है अटल ।। ६ अपनी शरण नये साल में तुझी को ठहराया है जीते मरते दुःख और सुख में यीशु मेरा आसरा है ।।
- Epihany 106-114 | Masihi Geet Sangrah
#### 106 (१०६) *Н. Т. В. 120.* *SHANKAR DAYAL* १ न पूछो अजीजो कि ईसा है कब से । जमीं आस्माँ कुछ न था है वह तब से ।। २ हुआ आज वह बत्न इ मरियम से पैदा । जो अफजल है आला है बाला है सब से ।। ३ मुबारक मुबारक मुबारक मुबारक । निकलती सदा है सही सब के लब से ।। ४ बियाबान में रात को एक फिरिश्तः । गड़रियों पे जाहिर हुआ हुक्म इ रब्ब से ।। ५ कहा आज पैदा हुआ है मसीहा । जहाँ को है फख ऐसे आली नसब से ।। ६ मजूसियों ने उस का देखा सितारा । चले सिजदः करने को जोश इ तरबे से ।। ७ नजर आया जब चिहरः इ पाक ईसा । समाये न तन में खुशी के सबब से ।। ८ दिया निज लोबान मुर्ख और सोना । किया सिजदः गिरकर जमीं पर अदब से ।। ९ बिला-शिक्क बरी उस की है जात इ बाला । गुनाह से खता से जफा से गजब से ।। १० शफी इ जहाँ सुलह का शाहजादः । पुकारो उसे इस मुबारक लबक से ।। ११ तह इ दिल से ईसा पे ईमान लाओ । यह फरहत कहो हर शफाअत-तलब से ।। #### 107 (१०७) *Η. Τ. Β. 122.* *Chord - C# | S- Dholak | T-102* १ मसीहे जमां आज पैदा हुआ है । शाह इ मुरसला आज पैदा हुआ है ।। २ मुबारक मुबारक मुबारक मुबारक । कि नूर इ जहाँ आज पैदा हुआ है ।। ३ फलक पर फरिशतों ने यह गीत गाया । शफी इ जहाँ आज पैदा हुआ है ।। ४ खबर जिसकी नबियों ने दी थी जहाँ को । वह शाह इ शहाँ आज पैदा हुआ है ।। ५ मेरे दर्द और उलफत मिटाने की खातिर । बड़ा मेहरबाँ आज पैदा हुआ है ।। ६ दिखा अब तू खुश हो कि मुंजी जहाँ में । पाये-आसीआँ आज पैदा हुआ है ।। #### 108 (१०८) *Η. Τ. Β. 137.* *JOHN PARSONS.* १ हुई थी मुल्क इ इस्त्रायेल, सना फरिश्तों की । सुनी हैरान चरवाहों ने, सदा फरिश्तों की ।। २ खुदा-तआला की हम्द हो, दुनिया में सुलह हो । खैरख्वाही हो इनसान की, यह गीत फरिशतों की ।। ३ फकत इनसाँ करते हैं, तारीफ इ बादशाहान । तो किसके वास्ते हो रही, गजल फरिश्तों की ।। ४ खालिक था मखलूकात का, मुजस्सम अब हुआ । इसी बेपायाँ बात से, खुशी फरिश्तों की ।। ५ ले सूरत आदमजाद की, नजात बख्शी है । तो क्या दुरुस्त ओलाजिम है, तारीफ फरिश्तों की ।। ६ की है तुम्हारी मखलसी, मिलो ऐ सादिको । शुकराना गीतें कीजियो, मानिन्द फरिश्तों की ।। ७ ऐ सब बदकारो गौर करो, देखो मुहब्बत को । तुम्हारे दिल में हो मकबूल, सलाह फरिश्तों की ।। ८ कहता है मुझ से ऐ खुदा, अब तेरा उम्मेदवार । मुझ को हमेशा करने दे, सुहबत फरिश्तों की ।।