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  • The Incarnation 89-105 | Masihi Geet Sangrah

    ख्रीष्ट का जन्म (The Incarnation) 88 (८८) Bhajan Tunes No. 40. SUDIN. पापिन का हितकारी मसीहाजी ।। १ बूड़त जग को देखि दयाला, सरग सिंहासन त्यागो ।। २ पापिन कारण प्राण दियो निज, अस पूरित अनुरागे ।। ३ जय जय करत गोर से उठ्यो, दोषिन न्योति पसारी ।। ४ सकल लोक चौदिश से धावो, ख्रीष्ट रूधिर गुणकारी ।। ५ हार्षित हो आओ सब प्यारो, ख्रीष्ट नाम गहि लीजे ।। ६ सब तन मन के क्लेश बिसारे, अमृत रस तब पीजे ।। ७ ख्रीष्ट नाम बहु बिधि सुखदाई, गहो जिन सो पायो ।। ८ घातक एक क्रूस पर टेरो, स्वर्गधाम सो धायो ।। ९ मोर निवेदन सुनिये प्रभु जी, तिहि तुल मोको कीजे ।। १० मैं गुणहीन अधीन मसीह जी, तारि मोहि तौं लीजे ।। 89 (८९) "Joy to the World." C. M. -- Antioch. ISSAC WATTS, 1674-1784. Chord - C# | S- Ballad/2-4 | T-088 १ खुश हो कि यीशु आया है हे सारी सृष्टि, हे हर एक प्राण उसको कबूल कर ले मसीह को जगह दे । २ खुश हो मसीह अब राजा है सब जाति हर जुबान समुन्दर भी, मैदान पहाड़ गीत गावें खुश हर आन । ३ दुःख और तकलीफ वह करता दूर और पाप मिटाता है अंधेरे में वह होता नूर आशिष दिलाता है। ४ वह धर्म और सच्चाई से अब राज फैलाता है और अपनी सारी करनी में पियार दिखाता है । 90 (९०) Ullmann No. 88. १ खुश हो ! खुश हो ! मसीह का जनम हुआ ! खुश हो ! खुश हो ! हे सब विश्वासियों ! अब मुक्तिदाता आया है और पाप का बन्धन तोड़ा है । खुश हो ! खुश हो ! मसीह का जनम हुआ ! खुश हो ! खुश हो ! हे सब विश्वासियों ! स्वर्ग लोक पर खीष्ट की महिमा हो इस जग में उसकी शान्ति हो मनुष्यों पर प्रसन्नता हो अब आके सब प्रणाम करो । खुश हो ! खुश हो ! मसीह का जनम हुआ ! खुश हो ! खुश हो ! हे अब विश्वासियों ! २ खुश हो ! खुश हो ! इम्मानुएल अब आया ! खुश हो ! खुश हो ! हे भाइयो गाओ गीत ! इश्वर देहधारी हुआ है और उजियाला फैला है । खुश हो ! खुश हो ! इम्मानुएल अब आया ! खुश हो ! खुश हो ! हे भाइयो गाओ गीत ! राजाधिराज अब आया है लो चरनी में वह पड़ा है अब चहूँ दिश हो स्तुतिगान कि उसने किया सब का त्राण ! खुश हो ! खुश हो ! इम्मानुएल अब आया ! खुश हो ! खुश हो ! हे भाइयो गाओ गीत ! 91 (९१) "While shepherd watched." C. M. Winchester Old or St. Anne. NAHUM TATE, 1652-1715. Chord - D# | S- Ballad | T-084 १ गड़रिये अपनी भेड़ें जब रात को चरा रहे दूत स्वर्ग से उतरा उनके पास साथ बड़ी महिमा के २ घबराओ मत उसने कहा आनन्द का समाचार सब लोगों को मैं आया हूँ अब करने को प्रचार ३ तुम्हारे लिये आज के दिन दाऊद के वंश ही से एक मुक्तिदाता जन्मा है और पता यही है ४ एक बालक तुम को मिलेगा दाऊद के नगर में कपड़े में लिपटा हुआ है और पड़ा चरनी में ५ जब योंही बोला उसके संग अचानक आये थे दूत बहुतेरे जो यह गीत आनन्द से गाते थे ६ गुणानुवाद हो ईश्वर का और जग में शान्ति हो प्रसन्नता हो मनुष्यों पर अभी और सदा लों ।। 92 (९२) 7. 6. 7. 6. 7. 7. 6. Es jst. ein Rose. १ जिसका तो वर्णन हुआ पित्रों के दिनों में सो बालक उत्पन्न हुआ कुंवारी मरियम से ग्राम उसका बैतलहम और जैसा दूत ने कहा ख्रीष्ट यीशु उसका नाम ।। २ वह है ईश्वर का प्यारा सत पुत्र उसी का और बोलता है युहन्ना वह मेम्ना ईश्वर का जो स्वर्ग से आया है और जग से पाप का बोझा उठा ले जाता है ।। ३ रात में वह उतर आया रात को मिटाने को जग में वह हीन हो गया हमें बढ़ाने को वही अज्ञान को ज्ञान थके को शक्ति देगा और बन्धुओं को त्राण ।। ४ आह वेग से यीशु प्रिय हमें जग दुःख से तार तब अपने नाम के लिये खोल अपने घर का द्वार वहाँ सनातन लों जय जय और स्तुति होगी हाँ प्रभु एंसा हो ।। 93 (९३) P. M. Mariners. J. FALK, 1768-1826. Chord - C | S- Disco/Dholak | T-092 १ धन धन आशिषमय धन धन आनन्दमय कृपा भरा ख्रीष्ट जनम दिन जगत नाथ हुआ ख्रीष्ट जनम ले आया आनंद आनंद कर मसीही वर्ग ।। २ धन धन आशिषमय धन धन आनन्दमय कृपा भरा खीष्ट जनम दिन ख्रीष्ट जनम ले आया मेल कुशल लाया आनंद आनंद कर मसीही वर्ग ।। ३ धन धन आशिषमय धन धन आनन्दमय कृपा भरा ख्रीष्ट जनम दिन स्वर्ग सकल जाता जय जय कर गाता आनन्द आनन्द कर मसीही वर्ग ।। 94 (९४) C. M. D. -- Bethlehem. Chord - G# | S- Waltz | T-124 १ मसीहियो हम मिलके आज बैतलहम को चलें और देखें अपने त्राता को लेटा है चरनी में ।। कोरसः- “इश्वर का स्वर्ग पर धन्यवाद, पृथ्वी पर शान्ति हो मनुष्यों पर प्रसन्नता" हमारा गान यह हो ।। २ लो मुक्तिदाता जन्मा है अनाथों का जो नाथ इम्मानुएल है उसका नाम "ईश्वर हमारे साथ” ।। ३ है आनन्द का यह समाचार कि प्रभु आया है मनुष्य की देह को धारण कर उद्धार वह लाया है ।। ४ हे भाइयों खोलो हृदय को कि करे नाथ प्रवेश उठाके राग स्वर मिलाओ कि है यह सुसन्देश ।। 95 (९५) "Holy Night." 6. 6. 9. 9. 6. 6. Stille Nacht. JOSEPH HОНЕ, 1792-1848. Chord - A# | S- C.Waltz | T-090 १ पावन रैन पावन रैन सकल लोग करते चैन जागती बैठी है कन्या पुनीत गोद में लिये एक बालक संप्रीत धन धन बालक अनुप (२) ।। २ पावन रात पावन रात लो क्या ही मंगल बात दूतगण बोलते आनंद भरपूर सुनो भाइयों निकट ओ दूर यीशु त्राणी आया (२) ।। ३ पावन रैन पावन रैन ईश्वर पूत प्रेम का साई अपनी दया कर हम पर प्रकाश तू है प्राणों का नाथ और आश जय जय तेरी सदा (२) ।। 96 (९६) "O come all ye faithful." P. M. Adeste Fideles. F. OAKELEY. Chord - G | S- Ballad | T-086 १ अब आओ विश्वासियों जय जय करते आओ अब आओ हम चलें बैतलहम को चरनी में देखो महिमा का राजा अब आओ हम सराहें अब आओ हम सराहें अब आओ हम सराहें ख्रीष्ट प्रभु को । २ वह ईश्वर से ईश्वर ज्योत का ज्योत सनातन घिण उसने न किया गर्भ कुंवारी से सच्चा परमेश्वर न सृजा पर जन्मा अब आओ हम सराहें... ३ हे सारे दूतगणों जय जयकर तुम गाओ हाँ स्वर्गों के स्वर्ग में तुम गाते रहो महिमा और स्तुति ईश्वर सर्वप्रधान को अब आओ हम सराहें... ४ आमीन प्रभु धन हो त्राण के लिये जन्मा हे यीशु हो तेरी अनन्त महिमा पिता का वचन अब देहधारी हुआ अब आओ हम सराहें... 97 (९७) "From Heaven above to earth I come." L. M. -- Erfurt cr Old, Hundred MARTIN LUTHER, 1483-1546. १ लो स्वर्ग पर से मैं आता एक नई बात सुनाता हूँ सुहानी और मनोहर जो चित्त दे सुनो हे मनुष्यो ।। २ मरियम कन्या से जय जय एक बालक उत्पन्न हुआ है अद्भुत निर्मल ओ तेजोमान तुम्हारा कुशल आनन्दखान ।। ३ सोही ख्रीष्ट यीशु प्रभु है हमारा ईश्वर कृपामय वह त्राण अब तुमको देवेगा सब पापों से बचावेगा ।। ४ सुभग जो अति तेजोमय अत्यन्त कृपाल ओ दयामय ईश्वर ने जो ठहराया है सो तुम को वही देता है ।। ५ अब उसका पता जान रखो एक बालक चरनी में लखो जो कपड़े में लपेटा है सो तीनों लोक का प्रभु है ।। ६ अब हम सब जायें आनन्द कर गड़रियों के संग उसी घर कि देखें क्यारी ईश्वर से दान दिया हमको कृपा से ।। ७ हे मन सावधान हो देख विशेष चरनी में है बालक जगेश । सुन्दर अनूप वह आता दृष्ट यही है यीशु तेरा इष्ट ।। ८ हे अनमोल मणि प्रीतम मीत मुझ अधमजन को हे पुनीत तू ने न त्यागा कृपा से धन्यवाद मैं करूँ आनन्द में ।। ९ हे प्रभु सकल जगकर्ता तू हुआ क्याही छोटासा । कि पाल में पुआल पर पड़ा बिछौना तेरा क्या कड़ा ।। १० जो जगत होता कोट अपार रतन जड़ित होता कोट अपार तौ भी योग तेरे होता ना तू प्रभु है महातम का ।। ११ हे यीशु मेरा प्रीतम तू मैं तेरी ओर पुकारता हूँ अब मेरे मन में कृपा से अपना बिछौना बिछा दे ।। १२ ईश्वर की स्तुति धन ओ जय जिसने निज पुत्र दिया है । वह है हमारे मन का फूल कुशलनिधान और आनन्दमूल ।। 98 (९८) 8.8.8.8. 4. Gelobet Seist MARTIN LUTHER, 1483-1546. १ जो ऊपर है सब स्वर्गों के है मरियम की गोदी में । जगत का प्रभु और आधार बालक का है बना आकार हाल्लेलूयाह ।। २ इस निर्मल ज्योति का उदय देख देख भूगोल हो आनन्दमय । नवीन ज्योतमान हो जायेगा अन्धेर का राज्य अब हटेगा हाल्लेलूयाह ।। ३ वह जग में उतरा जो सदा स्वरूप और पुत्र परमेश्वर का कि हमको होवे पाप से त्राण और रहें उसके पास निधान हाल्लेलूयाह ।। 99 (९९) "Hark the Herald Angels Sing." 7s. Mendelsohn. CHARLES WESLEY, 1707-88. Chord - E | S- Disco | T-094 १ सुनो दूत गण गाते हैं बालक राजा ख्रीष्ट की जय जग में कुशल और मिलाप ईश्वर क्षमा करता पाप हे सब लोगों खुशी से गाओ साथ इन दूतों के बैतलहम में अब सही उत्पन्न हुआ है मसीह ।। कोरसः- सुनो दूत गण गाते हैं बालक राजा ख्रीष्ट की जय ।। २ दूतों से जो पूजित है ख्रीष्ट सनातन प्रभु है वह जो अद्भुत रीति से जन्मा है कुंवारी से ईश्वर अब देहधारी है करो सब मसीह की जय मनुष्यों से करके मेल यीशु है इम्मानुएल ।। ३ जय जय कुशलाधिराज जय जय धर्म के सूर्य आज लाता है वह सबके पास जीवन ज्योत और सुख की आस सबका कर्त्ता हुआ दीन हम न रहें मृत आधीन मनुष्य के उठाने को नया जन्म देने को ।। 100 (१००) Bhajan Tunes No. 96. PREM DAS. Chord - F# | S- Dholak | T-094 आया है यीशु आया है, मुकति ले साथ आया है । १ जंगल में मंगल दूत मिले गाते, जय जय हो प्रभु जय जय हो, शांति मेल लाया है ।। २ देखन गड़रिये चले रात में, दूतों से सुन के दूतो से, मसीह मरियम का जाया है ।। ३ पूरब देश से चले मजूसी, तारे से देखो तारे से, पता यीशु का पाया है ।। ४ यरूशलेम जा पूछन लागे, किस घर जी राजा किस घर जी, मुकत का राजा आया है ।। ५ दास सुना जब प्रेम मसीह का, तन मन से लोगों तन मन से, शरण यीशु की आया है ।। ### एपिफनिया (Epiphany) #### 101 (१०१) *Bhajan Tunes No. 6.* *PREM CHAND.* तारक यीशु अपार दयानिधि, बालक धर्म जतायो । १ दाऊदपुर में जन्म लियो प्रभु, मरियम सुत कहलायो ।। २ जगकर्त्ता नर काया धारिके, यूसफ टहल बजायो ।। ३ ले बालक तन सरल सुभाये, नित सत भक्ति पुरायो ।। ४ द्वादश बरस तरूण मन्दिर मों, ज्ञानिन गर्व नवायो ।। ५ मातु पिता के तब बशिभूता, ग्राम नासरत धायो ।। ६ जासु बाल सम दीन सुभावा, ताको शिख ठहरायो ।। ७ या बलहीनहिं बालक जानो, चरण गहन जो आयो ।। #### 102 (१०२) भजन *J. DUTT.* *Chord - E | S- Dholak | T-100* को० - ले लीन्हा ख्रीष्ट अवतारा मनाओ खुशी ।। २ बार १. यहूदा देश के बैतलहम में, चमका चमाचम तारा । मनाओ खुशी २. जन्म लिया है गौशाले में, मरियम की आंखों का तारा । मनाओ खुशी ३. चले गड़रिये बैतलहम को, देखन वह तारनहारा । मनाओ खुशी ४. खुशी मनाओ गाओ बजाओ, तबला मृदंग चिकारा । मनाओ खुशी ५. आओ हमारे मन में हे स्वामी, पापों का धोवनहारा । मनाओ खुशी #### 103 (१०३) *Bhajan Tunes No. 10.* *W. F. JOHNSON.* लीन अवतार बैतलहम सोई जगरैया । १ देश यहूदा में कितने गड़रिये, खेतों में सब वास करैया ।। २ रात समय सब झुण्ड रखावें, अचरज भी एक रात समैया ।। ३ ईश्वर को एक दूत जो आयो, ठाढ़ भयो सब के नियरैया ।। ४ ताहि समय प्रभु तेज प्रकाश्यो, चारों दिशा अति भै उंजरैया ।। ५ सारे गड़रिये देखि डराने, दूत कह्यो कुछ न डरू भैया ।। ६ आनन्द का हम हाल सुनावें, लोगन का सुख मोद लहैया ।। ७ ईश्वर है अविनाशी जोई, सोई प्रभु सब त्राण करैया ।। ८ दाऊद के नगरी बिच सोई, जन्म लियो प्रभु यीशु सहैया ।। ९ वाको पता मैं तुम से बताऊं, जा लिखो तुम जा जगरैया ।। १० बालक एक चीर सों लपटा, चरणी में देखहुगे भैया ।। ११ तब ही अचानक स्वर्गी सेना, दूत संग प्रकटी हुलसैया ।। १२ ईश्वर की स्तुति करि बोले, जै प्रभु जै प्रभु मुक्ति दिवैया ।। १३ स्वर्गन पै प्रभु धन्य सु होवे, शान्तिधरा महँ हो सुखदैया ।। १४ मानुष पै सुख मोद सु छाजै, होवे सदा सुख जगरैया ।। #### 104 (१०४) *Н. Т. В. 116* *B. MAYAL.* १ आज ईसा इस जहाँ में आशकारा हो गया । वह गुनाहों के लिए कामिल कफारा हो गया ।। २ किस लिए मरियम तू है ईसा की खातिर अश्कबार । इस जहाँ से वह तेरी आँखों का तारा हो गया ।। ३ इस चमन में देखकर सूरत हबीब इ अर्श की । गुंचः इ उम्मेद खिलके मेरा हजारा हो गया ।। ४ आँख अपनी अब किसी बुत पर तो लगती नहीं । रूये ईसा का हमें जब से नजारा हो गया ।। ५ रहमत इ हक्क से अरे बन्दो तुम्हारे वास्ते । वह मसीहा डूबते को एक सहारा हो गया ।। ६ दौलत इ फानी मैं लेकर क्या करूं ऐ हम-वतन । जब जलाल इ जाविदानी का इशारा हो गया ।। ७ उम्मेद इ जन्नत हैं हमें उसके करम से ऐ बहार । दाखिल इ दफतर नाम देखो तो हमारा हो गया ।। #### 105 (१०५) *Н. Т. В. 105.* १ खुशी नौ रोज की हर सू मुबारक हो मुबारक हो । मसर्रत तुझ को ऐ महरू मुबारक हो मुबारक हो ।। २ क्रिसमस डे का वह रुतबा है इस दुनिया में ऐ यारो । कि आती है सदा हर सू मुबारक हो मुबारक हो ।। ३ भला किस के वलादत की है धूम ऐ यारो शहरों में । है गोया हर जबान इ मू मुबारक हो मुबारक हो ।। ४ महकता है गुलिस्तान इ जहाँ यीशु के जलवे से । गुलओ बुलबुल हो यह खुशबू मुबारक हो मुबारक हो ।। ५ मसीह की वलादत से मजूसी जब हुए हैरां । कहा मरियम से यह गुलरू मुबारक हो मुबारक हो ।। ६ हुबाब इ आब भी खुश होके पानी पर उछलते हैं । यह कहते हैं मियान इ जू मुबारक हो मुबारक हो ।। ७ अजीज अब तू भी गा जोश इ मसर्रत से यही मिसरा । यह मह तिलअत हिलाल अबरू मुबारक हो मुबारक हो ।।

  • Passion Week 122–145 | Masihi Geet Sangrah

    Explore Passion songs 122-145. A special collection of Hindi Christian Songs for Good Friday and Lent. Read accurate Masihi Geet lyrics and worship #### 122 (१२२) *8.7.8. 7. Evening Prayer or Mariners.* १ प्रभु यीशु कृपा सागर तू है सचमुच ज्योत अपार । मेरा मन तू कर उजाला अपने भक्त का कर निस्तार ।। २ प्रभु मैं हूँ महा पापी तुझे छोड़ा बारम्बार । मुझे अपनी ओर फिरा के पास से मेरा कर उद्धार ।। ३ अपने आत्मा से परमेश्वर मेरा मन पवित्र कर । तन और मन मैं सौंपता तुझे कृपा करके ग्रहण कर ।। ४ मरन काल जो निकट आवे प्रभु मेरा जी सम्भाल । मरने से मैं क्योकर डरूं जो तू मेरा हो रखवाल ।। #### 123 (१२३) *"Father, I stretch my hands."* *C. M. - S. S. S. 493.* *CHARLES WESLEY, 1707-88.* १ पिता मैं हाथ बढ़ाता हूँ मुझे तू थामे रह सहायक दूसरा है नहीं तू मेरे हाथ को गह ।। कोरसः- मैं मानता हूँ मैं जानता हूँ कि यीशु त्राता है । कि वह है शक्त और उसका रक्त मुझे बचाता है ।। २ जब न मनुष्य न स्वर्गदूत कुछ काम ही आया था तब तूने भेजा प्यारा पूत जो मुक्ति को लाया था ।। ३ हम उस को भजते रहते जो अब स्वर्ग में है नरेश उस ही ने बाप को भेजा हो क्या ही उठाया क्लेश ।। #### 124 (१२४) *8. 7. 8. 7. Batty or Stuttgart.* १ यीशु मरा दूत यह बचन स्वर्गीय राग में गावें नित ईश्वर के यह प्रेम का लक्षन आओ सब देवें चित्त । २ यीशु मरा पापियों को केवल इसी से उद्धार उसकी मृत्यू से अब सब को मिलता जीवन अधिकार । ३ यीशु मरा क्या अच्म्भा क्या ही कृपा क्या ही क्लेश जगत जितना चौड़ा लम्बा उतना फैले यह संदेश । ४ यीशु मरा सोच हे पापी प्रेम यह कैसा है असीम अभी तक तू क्यों संतापी इससे बंधा त्राण का नीम । ५ यीशु मरा यह बात सुन के गल जा मेरे पत्थर मन उसकी आत्मिक सेवा चुन के उसका शिष्य ओर आश्रित बन ।। #### 125 (१२५) *Bhajan Tunes 79.* *HAR PRASAD.* मैं कुछ जानुं न क्रूस सिवाय । १ जापै प्रभु यीशु जगदीसा, प्राण दियो निज आय ।। २ कोई नाना विधि की विद्या, जानत भेद बजाय ।। ३ बहुतक गढ़ तोरन को जानत, बहुतक बाण चलाय ।। ४ बहुतक रूप सरूप दिवान, ईश्वर-प्रेम भुलाय ।। ५ कोई धन सम्पत्ति पै फूलत, निज प्रभु को बिसराय ।। ६ कोई निबल प्रभु यीशु क्रूस पै, रहिये दृष्टि लगाय ।। --- ### दुःख भोग का सप्ताह (Passion Week) #### 126 (१२६) *L. M. St. Cross or Abends.* *Chord - C | S- Ballad | T-084* १ आ मेरे संग विलाप करो त्राता के पास तुम संग आओ । आकर संग संग विलाप करो क्रूस पर ख्रीष्ट यीशु को देखो ।। २ आँसु हम क्यों न बहावें सुनकर शत्रुन की निंदा को । लो सहता कैसे धीरज से क्रूस पर ख्रीष्ट यीशु को देखो ।। ३ सात वाणी बोला प्रियतर चुपचाप रहा तीन घण्टें लों । पाप ही का भार पड़ा उसपर क्रूस पर ख्रीष्ट यीशु को देखो ।। ४ कठोर मनो तुम टूट जाओ ख्रीष्ट के सब क्लेश को यों मानो कि इसका कारण तुम ही हो क्रूस पर ख्रीष्ट यीशु को देखो ।। ५ अब क्रूस के पास आ खड़े हो लोहू की बूँदें पड़ने दो । वहाँ सब घमण्ड दूर करो क्रूस पर ख्रीष्ट यीशु को देखो ।। ६ मन कुचला आँसु का निकास माँगों तैयार वह देने को है कुचला मन प्रेम का निवास क्रूस पर ख्रीष्ट यीशु को देखो ।। ७ हे ईश के प्रेम, मानुष के पाप यां तुम ने संग्राम किया था । और प्रेम की जय से है मिलाप यीशु जब क्रूस पर चढ़ा था ।। #### 127 (१२७) *7. 7. 6. 7. 7. 8. Innsbruck.* *PAUL GERHERDT 1607-1676.* १ अब गलगथा पर आओ और उस पर आँख उठाओ जो बीच के क्रूस पर है । सुख दुःख का भोगी है ।। २ कह किसने तुझे मारा हे यीशु कष्ट का भारा क्यों तुझ पर पड़ा है । हम ही तो है कुकर्मी हे प्रभु तू है धर्मी पर कष्ट तो तुझ पर पड़ा है ।। ३ अपराध जो हुए मुझसे सो इतने बहुतेरे कि रेत से अधिक हैं । इन्होनें तुझे मारा और देके कष्ट संहारा हाँ ये ही तेरे अधिक हैं ।। ४ जो कांटे सिर में गड़े जो थप्पड़ मुँह पर पड़े जो कष्ट उठाया था । तो कोड़ा तू ने खाया जो दुःख तूने उठाया मुझ पापी को उठाना था ।। ५ हे प्रभु तेरा रोना और तेरा दुखित होना क्लेश तेरे घावों का । और क्रूस पर तेरा मरना समाधी में उतरना मैं मन में स्मरण करूँगा ।। ६ हे प्रभु अपना मरण और मेरे प्राण का तरण तू मेरे मन में गाड़ । और अपने दुःख के द्वारा तू मेरा मन कर निस्तार और अंत को अपने पास उठा ।। #### 128 (१२८) *"Behold, the Lamb of God."* *6. 6. 6. 4. 8. 8. 4. St. John.* *M. BRIDGES.* १ ईश्वर का मेम्ना देख । हे पापियों के मीत तेरा पापनाशक मृत न हो निष्फल ।। तू ही बचा मुझ पापी को और तेरी घायल पसली हो एक शरण स्थल ।। २ ईश्वर का मेम्ना देख मैं अपने पाप के साथ हे यीशु तेरे हाथ पड़ जाऊँगा ।। मेरे अपराधों को धो डाल और मेरे मन से पाप निकाल फिर जीऊँगा ।। ३ ईश्वर का मेम्ना देख देहधारी ख्रीष्ट की जय तू सदा प्रभु है हे दीनानाथ ।। तू भर दे हमको प्रीत से सनातन आनंद हमको दे संतों के साथ ।। ४ ईश्वर का मेम्ना देख वह सारे जग का नाथ ईश्वर के दहिने हाथ अब बैठा है ।। आत्मा और पिता के सहित वह एक परमेश्वर, आनंद, हित और ज्योति है ।। #### 129 (१२९) *8. 7. 8. 7. Glory to the Lamb* *Chord - A | S- Waltz | T-120* १ ख्रीष्ट यीशु क्रूस पर मुआ है उसके नाम की होवे जय । वह मेरा साथी हुआ है उसके नाम की होवे जय ।। कोरस :- है प्रभु यीशु दयावान मनोहर उसका मीठा नाम वह मुझे देता जीवन दान उसके नाम की होवे जय ।। २ उठाया मेरा सारा भार उसके नाम की होवे जय । मृत्यु से किया मुझे पार उसके नाम की होवे जय ।। ३ दूर किया मेरा सारा पाप उसके नाम की होवे जय । मिटाया मेरा सब संताप उसके नाम की होवे जय ।। ४ वह सबको साहस देता है उसके नाम की होवे जय । वह शोक और दुःख हर लेता है उसके नाम की होवे जय ।। ५ जब उसके पास मैं जाऊँगा करूँगा मैं धन्यवाद । तब यह सदा मैं गाऊँगा होवे उसका धन्यवाद ।। #### 130 (१३०) *"When I survey the wondrous Cross."* *L. M. Rockingham or Hamburg.* *ISAAC WATTS 1674-1748.* *Chord - A#/B | S- Waltz/"---" | T-090-100/"---"* १ जिस क्रूस पर यीशु मरा था वह क्रूस अद्भूत जब देखता हूँ संसारी लाभ को टोटा सा और यश को निंदा जानता हूँ । २ मत फूल जा मेरे मूरख मन इस लोक के सुख और संपत पर हो ख्रीष्ट के मरण से प्रसन्न और उस पर सारी आशा धर । ३ देख उसके सिर हाथ पावों के घाव यह कैसा दुःख और कैसा प्यार अनूठा है यह प्रेम स्वभाव अनूप यह जग का तारणहार । ४ जो तीनों लोक दे सकता मैं इस प्रेम के योग्य यह होता क्यों हे यीशु प्रेमी आप के तई मैं देह और प्राण चढ़ाता हूँ । #### 131 (१३१) *"Sweet the moments."* *8. 7. 8. 7. Patty or Cassel.* *WALTER SHIRLEY, 1725-86.* *Chord - D# | S- Ballad | T-082* १ जो समय क्रूस पास मैं काटता शांति और प्रसन्नता से । जीवन चैन और कुशल पाता मरते हुए मित्र से ।। २ क्रूस के पास मैं जब जब देखता रक्त की धारा यीशु के । जब वह लोहू मन पर गिरता चैन मैं पाता ईश्वर से ।। ३ क्या मनोहर है यह दशा क्रूस के निकट रहने से । जब मैं ख्रीष्ट की दया देखता प्रकट उसकी आँखों में ।। ४ प्रभु मेरे मन को स्थिर कर कि मैं क्रूस पर ध्यान करूँ । जब तक मैं निस्तार को पाकर तुझे देखने न पाऊँ ।। #### 132 (१३२) *10. 7. 10. 7. 10. 10. 7. 7. Marter Christi.* *CHRISTIAN VOV ZINZEN DORF, 1727-52.* १ तेरा दुःख हे यीशु कौन बिसारे तुझ में क्षेम जो पाता है तेरी स्तुति करना हर एक पल में मेरा मन यह चाहता है मेरे भूखे प्राण निमित्त अहारा मेरे मन के लिए अति प्यारा दिन पर दिन अधिक हो जा हे क्रूस घातित त्राणकर्त्ता ।। २ लाखों स्तुति होवे प्रभु तुझे दण्डवत करें देह और प्राण तू ने अत्यन्त पीड़ा कष्ट ओ दुःख से किया मेरे लिये त्राण दे कि हर एक तुझ पर प्रीति रखे और विश्वास में तेरी ओर निरखे जब लों स्वर्ग में हम सब ना तुझे देखेंगे सदा ।। ३ मेरा रोगी प्राण हे तारणहारे तेरा क्रूस पकड़ता है क्योंकि तेरे महाकष्ट के द्वारा मुझे शांति मिलती है तेरा रोदन करना और कहरना तेरा घायल होना तेरा मरना मुझे जब तक जीऊँगा कुशल देता रहेगा ।। ४ हम जो यहा अब इकट्ठे हुए अपने हाथ मिलाते हैं तुझे जिसने सबके पाप उठाये प्रेम से मानेंगे सदैव अब तो चिन्ह के लिये कि यह गाथा तुझ से ग्रहण हुआ तुझ को भाता आमीन आमीन कहियो कुशल कुशल तुम्हें हो ।। #### 133 (१३३) *"I gave my life for thee."* *6. 6. 6. 6. 6. 6. Васа.* *FRANCES R. HAVERGAL, 1836-79.* *Chord - A# | S- Waltz | T-120* १ दी मैंने अपनी जान और अनमोल रक्त को भी । कि तेरा होवे त्राण छुटकारा मौत से ही । यह जान यूं दी तुझे क्या देता तू मुझे ।। २ मैं छोड़कर स्वर्गीय बास इस जग में आया था । तज गौरव सुख हुलास शोक दुःख उठाया था । यूं मैंने छोड़ा सब क्या छोड़ता है तू अब ।। ३ जो दुःख अत्यन्त अपार सो मैंने सब सहा । कि तेरा हो उद्धार रक्त मेरा बहा था । यूं दुःख में मैं रहा क्या तू ने कुछ सहा ।। ४ मैं लाया क्षमा त्राण और कुशल का संदेश । स्वीकार कर मुक्तिदान और स्वर्ग में कर प्रवेश । यह सब कुछ लाया है अब तू क्या लाया है ।। ५ नित जीवन को व्यतीत कर मेरी सेवा में । तू छोड़ इस जग की प्रीत स्वर्ग लोक के मार्ग को ले । ज्यों छोड़ा मैंने सब त्यों छोड़ तू अपना सब ।। #### 134 (१३४) *"Man of Sorrows."* *7. 7. 7.7. Haleluyah, What a Saviour.* *ISAAC WATTS. 1674-1748.* *Chord - A# | S-6/8 | T-088* १ "दुःखी पुरूष” ! कैसा नाम ! सत अवतार ने दिया दाम, उसने किया मुक्त का काम, जय मसीह की ! कैसा त्राता ! २ मेरे पाप की लाज और भार ! सब उठा के खाई मार, लोहू दिया, क्या उद्धार, जय मसीह की ! कैसा त्राता ! ३ पापी हम और मन मलीन ! बलिदान मसीह पापहीन, निष्खोट मेम्ना प्रेमाधीन, जय मसीह की ! कैसा त्राता ! ४ काठ पर दिया अपना प्राण ! हुआ पूर्ण हमारा त्राण, स्वर्ग पर अब वह विराजमान, जय मसीह की ! कैसा त्राता ! ५ अधिराज वह आवेगा ! अपनों को संग लावेगा, तब हर एक यह गावेगा, जय मसीह की ! कैसा त्राता ! #### 135 (१३५) *7.7.7.7. 7. Wolt Ihr Wissen.* १ नित हो मेरे प्राण का घर गलगथा की चोटी पर जहां यीशु ख्रीष्ट पर श्राप लाज और निन्दा और संताप मेरे बदले पड़ा था ।। २ वहां ख्रीष्ट के कांधे पर गिरा मेरा पाप का भार वहां उसके पांजर के पावन जल और लहू से धोया गया मेरा प्राण ।। ३ जो चलावे अपना बाण मेरे शरण में शैतान ख्रीष्ट है मेरी ढाल और नाथ जिसके बेधे हुए हाथ मेरे ऊपर पसरे हैं ।। ४ चाहे जग में हूं कंगाल मैं संतुष्ट हूँ और निहाल ख्रीष्ट ने क्रूस पर एक अपार और सनातन अधिकार मेरे लिये पाया है ।। ५ जब तक क्रूस पास खड़ा हूँ मैं प्रमोद से भरा हूँ यहाँ मुझे किस का भय मेरा ईश्वर है सहाय मैं सदा ठहरूँगा ।। #### 136 (१३६) *4. 7. 8. 7. 8. 7. St. Leonard Original.* १ सुनो कौनसी भारी वाणी क्रूस पर ख्रीष्ट उच्चारता है होती है सूरज को हानि सकल जगत डरता है पूरा हुआ पूरा हुआ ख्रीष्ट पुकार के मरता है ।। २ जय हां जय सुखदाई मंगल वाणी जय सदा स्वर्ग पर से प्रवाह की नाई आत्मिक दान अब उतरेगा पूरा हुआ पूरा हुआ श्राप का भय न होवेगा ।। ३ कर्म व्यवस्था में जो छाया जो दृष्टांत है और उपमा सो सब पूर्ण और बंद हो गया आगम बाचा के समान पूरा हुआ पूरा हुआ पूरा है हमारा त्राण ।। ४ बीणा लाओ और बजाओ ख्रीष्ट को गाओ भाइयो नित नित उसका क्रूस सराहो उसके नाम को गौरव दो हल्लेलुयाह हल्लेलुयाह मेम्ना को महातम हो ।। #### 137 (१३७) *9. 8. 9. 8. 7. 7. 10 Agnus Dei.* *NICOLAUS, DECIUS 1541.* १ हे ईश्वर के मेम्ना निर्दोषी जो क्रूस पर घात किया गया । निरंतर रहा तू संतोषी तथापि तू निन्दित भया तू ने जग पाप उठाया । और हमें त्राण कमाया हे यीशु कृपा कर ईश्वर के पूत ।। २ हे ईश्वर के मेम्ना निर्दोषी जो क्रूस पर घात किया गया । निरंतर रहा तू संतोषी तथापि तू निन्दित भया तू ने जग पाप उठाया । और हमें त्राण कमाया हे यीशु कृपा कर ईश्वर के पूत ।। ३ हे ईश्वर के मेम्ना निर्दोषी जो क्रूस पर घात किया गया । निरंतर रहा तू संतोषी तथापि तू निन्दित भया तू ने जग पाप उठाया । और हमें त्राण कमाया हे यीशु कुशल दे ईश्वर के पूत ।। #### 138 (१३८) *7. 9. 6. Lamm Gottes.* १ हे ख्रीष्ट ईश्वर के मेम्ने जो ले जाता है जगत का पाप हम पर अनुग्रह कर ।। २ हे ख्रीष्ट ईश्वर के मेम्ने जो ले जाता है जगत का पाप हमारी रक्षा कर ।। ३ हे ख्रीष्ट ईश्वर के मेम्ने जो ले जाता है जगत का पाप अपना कुशल हमको दे आमीन ।। #### 139 (१३९) *11. 11.11. 5. Herzliebster Jesu.* *YOHANN HEFIMANN, 1585-1647.* १ हे प्रीतम यीशु तूने क्या ही किया कि ऐसा कठिन न्याय लोगों ने किया । क्या दोष है तेरा कि तू पापी जैसा इस दण्ड में फँसा ।। २ थूक मार और ठट्ठा तुझे दिया जाता कंटीला मुकुट कोड़े मार तू सहता । तू सिरके से जब क्रूस पर टंगा रहता पिलाया जाता ।। ३ क्या है इस सारे दुःख और कष्ट का कारण आह तुझ पर पड़ा मेरे पाप का ताड़न । हे प्रभु मुझे यह सब सहना पड़ता जो तू न सहता ।। ४ क्या दण्ड अचम्भित यहाँ मैं निहारता अपनी भेड़ी के लिये भेड़पाल मरता । और अपने दोषी सेवकों का लेखा प्रभु भर देता ।। ५ आह अत्यन्त प्रेम असीम अकथ्य दया जिससे तू इसी पीड़ा मार्ग पर आया । मैं जगत भोग में सुख बिलासी रहता और तू दुःख पाता ।। ६ जो तेरी दया की समानता पाता सो मेरी बुझ में कमी नहीं आता । मैं उसके बदले क्या दान तुझे देऊँ कहा लेऊ ।। ७ मैं अपने सारे पाप को तुझ पास लाऊँ कि तेरे लोहू में मैं धोया जाऊँ । और तेरे आत्मा से शुद्ध हृदय पाऊँ नवीन हो जाऊँ ।। ८ तब तेरी कृपा का नित स्मरण करके तुझ निमित्त जगत भोग के लिये मर के । मैं तेरी इच्छा केवल मन में धरूँ और उस पर चलू ।। ९ मैं तेरे कारण से सब कुछ उठाऊँ न क्रूस न कष्ट न निंदा से मैं भागूँ न उपद्रव न मुत की पीड़ाओं से मन मेरा डरे ।। १० जब स्वर्ग विभव में तेरे पास मैं जाऊँ मैं मुकुट सिर पर धर के खड़ा रहूँ । तब पूर्णता से मैं तेरा धन्य मानूं और भजन गाऊँ ।। #### 140 (१४०) *"Go to Dark Gethsemane."* *7.7.7.7.7. 7. Gethsemane or Readhead 76.* *JAMES MONTGOMERY, 1771-1854.* *Chord - G#m (+5) | S- Ballad | T-088* १ हे परीक्षित लोगों सब जाओ अब गतसमने को । युद्ध हमारे त्राता का जाग के देखते तुम रहो । उसकी बिन्ती अब सुनो प्रार्थना करना तुम सीखो ।। २ न्यायालय तक चलो तुम जीवन नाथ पर करो ध्यान । कैसा व्याकुल खेदित हो सहता था निंदा अपमान । उसके क्लेश को अब देखो दुःख उठाना तुम सीखो ।। ३ कलवरी पर्वत पर चलो देखो पाप का बलिदान । पूरा करके अंत लों सब यीशु देता अपना प्राण । "पूरा हुआ” तुम सुनो मरना अब उससे सीखो ।। #### 141 (१४१) *“Sacred head, now wounded."* *7. 6. 7. 6. D. Passion Chorale.* *PAULUS GERHARDT, 1607-71.* *Chord - Am | S- Ballad/ "---" | T-088-094/ "---"* १ हे माथ जो घाव से भरा और निन्दित है अपार लोगों ने निज पर धरा कंटीला निंदक हार हे माथ जो आगे शोभित और आदरवंत रहा पर अभी ऐसा निन्दित प्रशंसित हो सदा ।। २ हे मुख जो था तेजस्वी संसार का डर ओ भय अब हुआ क्या ही दुःखी क्यों थूक अब तुझ पर है रूप तेरा बदल गया और आँखों का प्रकाश निर्दोष जो पाया गया अब कैसे हुआ नाश ।। ३ जो भार तूने उठाया है प्रभु मेरा पाप जो ठट्ठा तेरा हुआ सो मेरे दोष का श्राप दृष्टि कर हे दीन दयालु मुझ अधम पापी पर और मुझ पर हो कृपालु पाप मेरा क्षमा कर ।। ४ धन तेरा हे पियारे हे यीशु तेरा धन कि मुआ पाप के मारे बचाने को लोकगण दे कि वर तुझे धरूं अभी से मरने लों कि तेरे प्रेम में मरूँ और अंत तुझही में हो ।। ५ जब छोडूंगा इस जग को तब मुझे त्याग न दे जब भोगूँगा मैं मृत को तब मेरी सुधि ले जब मुझे डर और त्रासा धर लेंगे मृत समय तब तू हो मेरी आशा जो मेरा त्राता है ।। #### 142 (१४२) *W. R. JAMES.* *Chord - C/C# | S- Ballad | T-084* १ और किसी बात की बड़ाई न करें यीशु मसीह के क्रूस को छोड़ ।। २ यीशु के साथ मैं चढ़ाया गया तौभी अब तक जीता हूँ ।। ३ मैं तो नहीं पर यीशु मसीहा वही अब मुझ में जीता है ।। ४ मृतों में से वह जिलाया गया जिससे मैं धर्मी ठहरा हूँ ।। ५ जब मैं पापी हो ही रहा था मेरे लिये वह मर गया ।। ६ पाप के लिये मैं मृतक होके ईश्वर के लिये जीऊँगा ।। ७ यीशु मसीह ने शरीर में आके पाप पर दण्ड की आज्ञा दी ।। ८ उसके संग जो हम दुःख उठावें तो महिमा भी पावेंगे ।। ९ अपने आप को प्रसन्न न करके बुरों की निंदा उसने सही ।। १० और किसी बात को हम न जानें क्रूस पर चढ़ाये मसीह को छोड़ ।। ११ दाम दे ख्रीष्ट ने हमें मोल लिया तो उसकी महिमा प्रगट हो ।। #### 143 (१४३) *G. 608.* *Bhajan Tunes No. 83.* *BANDHU MASIH.* पातक दण्ड छुड़ावन यीशु क्रूस उठायो अति दुखदाई १ पर्वत नाईं अघ मम भारी, अपनो तन पर लीन्ह उठाई । बोझ लिये प्रभु अंग पसीना, रूधिर समाना टपकत जाई ।। २ हाय हाय हाय अस पाप हमारा, जीवन पति को जगत भुलाई । मेरे पातक कारण सोंपे, जो दुःख लीन्ह कहा नहिं जाई ।। ३ निशिभर बैरिन अति दुःख दीन्हा, प्रात बिचार आसन पहुँचाईं । बहु बिधि झूठे दोष लगाये, तौ प्रभु अद्भुत धीर दिखाई ।। ४ बांधे कर सिा कंटक गूंधे, कांधे पर फिर क्रूस धराई । तब प्रभु को डाकुन के साथे, बिकट काठ पर घात कराई ।। ५ यीशु दयामय जगजन त्राता, क्रूस चढ़ाये संकट पाई । ठोंके कील हाथ पगु सुन्दर, रक्त बहा नर मुक्ति उपाई ।। ६ कहि है दास धरो मम प्यारो, प्रभु पर आशा सब सुखदाई । बाढ़े धर्म करें शुभ कामा, शोक दोष मध साहस पाई ।। #### 144 (१४४) *Н. Т. В. 128.* *SHUJAAT ALI.* १ मुजरा है मेरा उसको जो फर्जन्दे खुदा है । उम्मत की शफाअत के लिये आप मुआ है ।। २ जब चोर की मानिन्द उसे आये पकड़ने । चूमा जिसे आ करके यहूदा ने दिया है ।। ३ और घेर के जब उसके तई ले गये जालिम । फिर झूठी गवाही दे बहुत फतवा दिया है ।। ४ मरने के वक्त उसने यह खुद आप कहा था । ऐ मेरे खुदा तू ने अकेला क्यों रखा हैं ।। ५ दुश्मन के लिये उसने दुआ बाप से मांगी । तू मुआफ कर ऐ बाप जो अस सब ने किया है ।। ६ जब मर गया उसके तईं मदफून किया था । यह मुअजिजा उसका है कि फिर जीके उठा है ।। ७ जो लावे यकीं मौत पर यीशु कीं अजीजो । जन्नत है मकां उसका जहाँ नूर इ खुदा है ।। ८ इस आसी पर तू फजल कर ऐ मेरे मसीहा । हरगिज नहीं बचने का वह जो तुझ से जुदा है ।। #### 145 (१४५) *Η. Τ. Β. 127.* *SHUJAAT ALI.* *Chord - B | S- Waltz | T-124* १ यीशु की मुसीबत जिस दम तुम्हें सुनाऊँ । आँखों सेती मैं आँसू क्योंकर नहीं बहाऊँ ।। २ दुश्मन जब उसको पकड़े बेआबरू कैसे किये । ओ मानिंद चोर की बांध के उसे शामिल अपने लिये ।। ३ हाय हाय वे उसे घूसे और तमाचे मारे खींच के । रखा था उसके सिर पर कांटों के ताज को सज के ।। ४ नरकट के नल को लेके वे सिर पर उसके मारें । हाय हालत उसकी देख जो खुदा के थे दुलारे ।। ५ मुंह पर भी उसके थूके और ठट्ठे में उड़ाये । बुराइयां उसकी करके सलीब को तब धराये ।। ६ और मारने को ले जाके कपड़े भी सब उतारे । हाय हाय अफसोस की जा है लोगों ने ठट्ठे मारे ।। ७ लोहे की मेखें ठोंक के हाथ पांव को उसके फोड़े । सलीब को झटका देके बंद बंद उन्होंने तोड़े ।। ८ छः घण्टे पूरे यीशु रहें इस सख्त अजाब में । तब मर के कामिल किया सब कुछ नजात के बाब में ।। ९ हाय हाय यह क्या अजीब है गुनाह तो था हमारा । पर मारा गया यीशु खुदा का बेटा प्यारा ।। १० ईमान अब उस पर लावें सब लोग जो सुनने वाले । महबूब ओ शाफी जानके भरोसा उस पर डालें ।।

  • The Holy Scripture 195-199 | Masihi Geet Sangrah

    ## धर्म पुस्तक (The Holy Scripture) #### 195 (१९५) *“Sing them over again to me.”* *S. S. S. 357.* *PHILLIP BLISS. 1838-76.* *Chord - E | S- Waltz | T-126* १ गाके मुझको सुनाओ फिर मंगल सुसमाचार समझूँ मैं उसका अर्थ और सार मंगल सुसमाचार सुन्दर जीवनदायक धर्म विश्वास का शिक्षक ।। कोरसः- वचन अनूप वचन अद्भुत मंगल सुसमाचार ।। २ यीशु देता है सभों को मंगल सुसमाचार लो अब तुम जो कि भूले हो मंगल सुसमाचार सेंत मेंत हमको देता स्वर्ग की ओर खींच लेता ।। ३ जाके सभों को दो संदेश मंगल सुसमाचार देता दिलों को चैन विशेष मंगल सुसमाचार यीशु मुक्तिदाता सभों को सुनाता ।। #### 196 (१९६) *“Break thou the bread of life.”* *6. 4. 6. 4. D. Bread of Life.* *MARY, A LATHBURY, 1841-1913.* *Chord - D | S- Ballad | T-078* १ जीवन की रोटी अब प्रभु खिला जैसे समुद्र पास खिलाता था बैबल में खोजूंगा दर्शन तेरे मैं तेरा भूखा हूँ तू तृप्त कर दे ।। २ जीवन की रोटी तू है सर्वदा वचन के द्वारा तू मुझे बचा तब हर एक बंधन से छूट जाऊँगा मैं पूरी शान्ति तुझ से पाऊँगा ।। ३ सामर्थी आत्मा दे प्रभु मुझे तू मेरी आँखें छूके दृष्टि दे जो बातें छिपी हैं उनको दिखा तब जीवनदाता तुझे देखूंगा ।। ४ सत्य रोटी हे प्रभु मुझे खिला जैसे गलील में भी तू देता था बंधन को मेरे खोल छुटकारा दे विश्राम तब पाऊँगा पूर्ण आनंद से।। #### 197 (१९७) *“Holy Bible, book divine.”* *7. 7. 7. 7. Harts or Geman Hymn.* *JOHN BURTON, 1803.* १ बैबल बैबल सत्य ग्रंथ मेरा तू भंडार अनंत तू बताती मैं क्या हूँ और कहाँ से आया हूँ ।। २ जब मैं भटकूँ डांटती है ख्रीष्ट का प्रेम बताती है स्वर्गीय मार्ग में तू रखवाल करती ताड़ता प्रतिपाल ।। ३ दुःख में शान्ति देने हार आत्मिक आशिषें का द्वार वह दिलाती यह विश्वास कि विश्वस्त न होंगे नाश ।। ४ यीशु से है जीवन त्राण अनंत सुख, यह देती ज्ञान बैबल बैबल सत्य ग्रंथ मेरा तू भंडार अनंत ।। #### 198 (१९८) *“Cling to the Bible.”* *S. S. S. 263.* *M. J. SMITH.* *Chord - F/F# | S- 6/8 | T-084* १ सब कुछ तुम त्यागो पर बैबल न छोड़ो उसकी सब शिक्षा पर दे अपना ध्यान निश्चिंत को वह उसकी नींद से जगाता उसमें है जीवन अनंत का बयान ।। कोरसः- बैबल न छोड़ो, बैबल न छोड़ो बैबल उज्याला और शिक्षक भी है।। २ बैबल न छोड़ो वह धन का निधान है जिसमें है वर्णित सब पाप से उद्धार हे मेरे मन उसको अपना तू कर ले उसके सब गुण है अथाह और अपार ।। ३ भक्तों के लिये है बैबल एक दीपक उससे जवान पाप से रुक जाते हैं जीवन जब भ्रष्ट हुआ तब देती आशा बूढ़ों के लिये आधार और सहाय ।। #### 199 (१९९) *“Go labour on, spend and be spent.”* *L. M. -- Pentecost or Rothwell.* *HORATIUS BONAR, 1808-1889.* १ चल काम कर प्राण भी चाहे जाय तू अपनी शक्ति खर्च कर जिस मार्ग पर प्रभु चलता था क्या दास न होगा अनुचर ।। २ चल काम कर व्यर्थ न होगा काम सांसारिक हानि लाभ अनंत जो लोग तुच्छ जानें तेरा नाम प्रभु सराहता अपना संत ।। ३ चल काम कर हाथ जो हों निर्बल पांव थकित हो और मन निरास पर हट न जा की प्रतिफल उस स्वर्गीय मुकुट की रख आस।। ४ चल काम कर जब लों दिन रहें इस जग की रात जल्द आती पास कर जल्दी बिना आलस के कि चहुँओर लोग होते नाश ।। ५ वे मरते जाते आसरा हीन न उनको कहीं शरणस्थान उनको सिखा कि होवें दीन मसीह पास आके पावें त्राण ।। ६ काम करके जाग और प्रार्थना कर मुँह भटके हुओं से न मोड़ उन्हें बता पिता का घर और लाये बिन उन्हें न छोड़ ।। ७ काम करते ही तू हर्षित हो कह मन में घर को जाता हूँ दूल्हे का शब्द सुन पड़ता जो पुकारता देख मैं आता हूँ ।।

  • The Lord’s Day 189-194 | Masihi Geet Sangrah

    ### प्रभु का दिन (The Lord's Day) #### 189 (१८९) *L. M. -- Old Hundred or Erfurt.* १ अब आया है विश्राम का दिन परमेश्वर के आराम का चिन्ह अब छोड़ें सब सांसारिक काम पवित्र करें हम विश्राम ।। २ जो क्रूस के ऊपर मरा था इतवार को जीवित हुआ था आज उसने मौत पर प्रबल हो तोड़ दिया कबर बंधन को ।। ३ सांसारिक काम अब बन्द रहे और आत्मा हम में वास करें सिर्फ मुंह से तुझको न भजें पर आत्मा और सच्चाई से ।। ४ महा विश्राम एक आवेगा जगत आराम तब पावेगा उपद्रव तब होवेंगे बन्द और मिलेगा अत्यन्त आनंद ।। #### 190 (१९०) *“Safely through another week.”* *7s. Sabbath.* *JOHN NEWTON, 1725-1807.* १ ईश्वर ने अठवारे भर रक्षण किया सभों को सो हम जावें उसके घर उससे माँगें वर सदा सब में श्रेष्ठ और उत्तम दिन स्वर्गीय सुख विश्राम का चिन्ह ।। २ तुझसे क्षमा मांगते हैं ख्रीष्ट के प्यारे नाम को ले आज तू हम पर प्रगट हो पाप और लाज को दूर कर दे छोड़कर सब सांसारिक काम तुझमें करें आज विश्राम ।। ३ तेरे सम्मुख आते हैं तेरी स्तुति करने को अपना गौरव दिखा अब बीच में तू उपस्थित हो आज तू स्वर्गीय भोजन का स्वाद हम सभों को चखा ।। ४ संत को शान्ति वचन दे तेरी मानें पापी लोग यीशु के अनुग्रह से होवे दूर सब शोक और रोग ऐसे हों सब विश्रामवार जब तक रहें यह संसार ।। #### 191 (१९१) *“This is the day of light.”* *S. M. Frankonia or Dennis.* *J. ELLERTON.* १ ज्योत का दिन यह है ज्योति हो सभों पर हे प्रभु आज ही हो उदय अंधेरा दूर तू कर ।। २ यह दिन विश्राम का है बल नया हमें दे मन चिंतित व्याकुल थका है शान्त होवे तुझ ही से ।। ३ यह मेल का दिन भी है मेल अपना हम में भर सब फूट और झगड़ें होवे क्षय समाप्त तू उन्हें कर ।। ४ यह दिन है प्रार्थना का मन आदकारी दे तू उसे अपनी ओर उठा और भेंट कर हमों से ।। ५ यह सब से उत्तम दिन यह तेरा विश्रामवार विश्राम न होगा तेरे बिन हे मेरे प्राणाधार ।। #### 192 (१९२) *“Happy Day.”* *S. S. S. 866.* *PHILLIP DODDRIDGE, 1702-1751.* *Chord - F | S- Waltz | T-124* १ परमेश्वर ही की दया से हम सभों को है कुशल क्षेम । हे ईश्वर तू यह सामर्थ दे कि करें तेरा नेम और प्रेम ।। कोरसः- स्तुति से स्तुति से इस दिन को मानें प्रभु के । यीशु मसीह के कारण से सब पाप को क्षमा कर तू दे स्तुति से स्तुति से इस दिन को मानें प्रभु के ।। २ आनन्द से जावें तेरे घर आराधना करें तेरी ही । हे यीशु हम पर दयाकर निर्बल को बल दे सामर्थी ।। ३ हम सभों का तू शिक्षक हो और अपना धर्म प्रकाशित कर जो निश्चिंत हो जगा उनको तू प्रगट हो सब लोगों पर ।। ४ जो हम पर आवे मरणकाल हम हो आनन्दित और निडर । और जावें तुझ पास दीनदयाल तू यह अनुग्रह हम पर कर ।। #### 193 (१९३) *7s Ohne Rast harts.* १ पूरा है छः दिन का काम आया है अब दिन विश्राम पावन शब्बात रविवार तेरी शोभा है अपार ।। २ मन से दूर हो हे संसार तुझको मैं न करता प्यार ख्रीष्ट यह मन तेरा है घर सदा उस में रहा कर ।। ३ बिनती करना तू सिखा स्वर्ग का मार्ग हमें दिखा वचन पर स्थित रहने को आशिष दे हम सभों को ।। ४ हे परमेश्वर सत्य अकथ जो हे मेरे प्राण का पथ मेरे मन में हो प्रकाश पूरी कर दे मेरी आस ।। #### 194 (१९४) *L. M. Duke Street or Bresau.* १ हम आये है आराधना को मसीह हमारे बीच में हो आराधना कर तू आशिष दे हो आत्मा और सच्चाई से ।। २ प्यार हमारे दिल में भर और अपनी ओर से शिक्षा दे सांसारिक चिंता से बचा और अपनी बातों पर लगा ।। ३ धर्म पुस्तक पढ़ी जावे जब प्रभावक कर तू उसको तब कि अपने कान से सुने जो हम दिल से मानें उसी को ।। ४ जब जब हम गावें गीतों को हमारा गान ग्राह्य हो जब सुनें सत्य की बातों को हमारे दिल पर अंकित हो ।। ५ जब वक्त हो प्रार्थना करने का तब सुन हमारी हे पिता धन्यवाद और स्तुति ग्रहण कर पाप भूल हमारी क्षमा कर ।। ६ तू ही हमारे बीच में हो तू दे विश्वास हम सभों को डाल अपना आत्मा मंडली पर और सबके दिल पवित्र कर ।।

  • Baptism 202–205 | Masihi Geet Sangrah

    बपतिस्मा (Baptism) 202 (२०२) L. M. -- Hursley or Cantionale. १ परमेश्वर अपनी दया से इन लोगों को तू आशिष दे विश्वास वे तुझपर करते हैं और अब बपतिस्मा लेते हैं ।। २ पवित्र आत्मा उतर आ इन मनों में अब ज्योत चमका और अपने शुभ आगमन से इन लोगों को बपतिस्मा दे ।। ३ अनुग्रह दान आवश्यक है पवित्र आत्मा कर सहाय तू इनके मन को नया कर कि चलें सच्चे रास्ते पर ।। ४ वर दे कि तेरी सेवा में अर्पण अपना सब वे करें तू अपनी बड़ी दया से इन सभों को ग्रहण कर ले ।। 203 (२०३) C. M. Evan or French Dundee. १ हे ईश्वर देख इन बालकों को हम लाते हैं तुझ पास पिता और पालक इनका हो और स्वर्ग में दे सुबास ।। २ पिता का जैसा प्रेम तू नित्य इन बच्चों पर दिखा और जीवन भर निज आत्मा से इनको सुपथ चला ।। ३ ऐसों पर तूने दया की जब गोद में लिया था हे प्रभु देख ये बालक भी अब तेरे हों सदा ।। ४ विश्वास की पूरी आशिष को दे इन्हें जीवन भर और जो शैतान के फंदे हों सो दूर तू इन से कर ।। 204 (२०४) L. M. Rockingham or Abends. १ हे पिता जिसका प्रेम अपार इन लोगों पर तू कृपा कर इन सबका पाप और दोष मिटा पवित्र आत्मा भी दिखा ।। २ हे यीशु अपने लोहू से उन्हें विनाश से बचने दे जो तेरे अधिकार और अंग उन्हें बढ़ा ले अपने संग ।। ३ हे आत्मा उन्हें पावन कर और उनको तू प्रकाश से भर उन्हों में पैठ और अपना धाम निर्माण कर उनको गांठ और थाम ।। ४ हे पिता पुत्र जो धर्मात्मा त्रिएक परमेश्वर निकट आ हे कृपा सिंधु इन्हीं पर दयाल हो उनको ग्रहण कर ।। 205 (२०५) भजन प्रभु हे आये शरण तिहारी अधम अयोग्य अनाथ अबाल आये शरण तिहारो ।। १ पाप ताप प्रतिदिन जारे नित व्यथित मन हमारो देहु मोह दीन-दयाल! सुअवलम्ब तिहारो । २ पालतु हों अब जल सुविधि तो आज्ञा अनुसारो दास भयो अब प्रभु ! तेरो हारो कठिन अघ भारो । ३ जित दिन बचे रहो जग मों करहु मोर सहारो प्रेम जिन प्रभु अनुगामी तिन पाये निस्तारो ।

  • Confirmation 206–208 | Masihi Geet Sangrah

    दृढ़ीकरण (Confirmation) 206 (२०६) 7. 7. 8. 8. 7. 7. Lowliness or Weil Ich Jesu. १ मरने तक तू विश्वस्त हो (२) कोई दुख मसीह के क्रूस से तेरा मन न अलग कर चुन तू ले सकेत मार्ग को मरने तक तू विश्वस्त हो ।। २ मरने तक तू विश्वस्त हो (२) जीवन का वह मुकुट पावे जो कि अंत तक जयवंत होवे सो तू मार निज इच्छा को मरने तक तू विश्वस्त हो ।। ३ मरने तक तू विश्वस्त हो (२) अपने मन से घमण्ड दूर कर कामना से छुटकारा पाकर तू संसार से सावधान हो मरने तक तू विश्वस्त हो ।। ४ मरने तक तू विश्वस्त हो (२) अपना लंगर डाल मसीह पर उसका बल है सबसे बढ़ कर ताकता रह तू उसी को मरने तक तू विश्वस्त हो ।। ५ मरने तक तू विश्वस्त हो (२) दृष्टि रख उस तेजवान ताज पर उसी घर को तू पयान कर मेम्ने पास तैयार है जो मरने तक तू विश्वस्त हो ।। ६ दे कि मैं विश्वस्त होऊं (२) ताकूँगा हे यीशु तुझे सद्गुण दे तू सदा मुझे अनुगामी मैं होऊँ मरने तक विश्वस्त रहूँ ।। 207 (२०७) “I could not do without Thee.” 7. 6. 7. 6. D. Munich or Passion Chorale. FRANCES, R. HAVERGAL, 1836-79. १ लाचार मैं हूँ बिन तेरे हे जग के तारणहार तू अपना रक्त बहाके ले गया पाप का भार मुझे है एक ही आसरा एक बात से शान्ति है अधर्म और पाप की क्षमा उस रक्त से होती है ।। २ लाचार मैं हूँ बिन तेरे न मेरी शक्ति है कि ठहरूँ बिना टेक के न धर्म न बुद्धि है पर तू हे प्यारे त्राता तू सब कुछ मेरा है दुर्बल सामर्थी होगा जो तू रहे सहाय ।। ३ लाचार मैं हूँ बिन तेरे और मार्ग हैं संकटमय मैं अति थकित होके कहरता खाके भय क्या कर सकूं बिन तेरे मार्ग नहीं जानता हूँ तू जानता और ले चलता कि मैं न भूल जाऊँ ।। ४ लाचार मैं हूँ बिन तेरे हे यीशु दयामय जौ भी तू है अनदेखा पर निकट है निश्चय यीशु जो तू न रहता हमारी संगत में न चैन न शान्ति होती इस चंचल जीवन में ।। ५ लाचार मैं हूँ बिन तेरे अकेले तुझी को है प्रगट मेरी इच्छा जिस बात की घटी हो हे धन्य प्रभु तू ही अकेला मन में आ संतोष चैन कुशल शान्ति तू देता सर्वथा ।। ६ लाचार मैं हूँ बिन तेरे काल बीतता जाता है और मुझे थोड़े दिन में मृत्यु पार जाना है तू मुझे न छोड़ेगा और जब मैं डर जाऊँ तू निकट आ बोलेगा “मत डर मैं तुझ पास हूँ ।।” 208 (२०८) “O Jesus I have promised.” 7. 6. 7. 6. D. Day of Rest or Angels Story. JOHN BODE, 1816-1874. १ हे यीशु तेरा सेवक मैं रहूँगा सदा तू स्वामी है और मित्र तू मुझे न बिसरा मैं डरूँगा न कभी जब बैरी करें डाह और मैं नहीं भटकूंगा जो तू दिखावे राह ।। २ मैं तुझे निकट जानूँ पर पाप है सदा पास बार बार मुझे फुसलाते भरम और सुख बिलास नित बैरी मुझे घेरते और मन में रहते भी पर उनसे निकट तू है और आड़ है जोखिम की ।। ३ शब्द तेरा सुनने पाऊँ जब पाप की आँधी हो तू आज्ञा देके थांभकर बन्द कर उस झक्कड़ को बोल मुझ से शान्ति वचन और वाणी से संभाल जब बोले तू मैं सुनूं हे हृदय के रखवाल ।। ४ मैं तेरे पीछे पीछे हो लेऊँ हे मसीह और तुझसे पाऊँ शक्ति ठीक मार्ग पर चलने की खींच मुझे अपने प्रेम से नित मेरी कर सहाय और ग्रहण कर उस लोक में कि पाऊँ सुख अक्षय ।।

  • The Communion of Saints 182-185 | Masihi Geet Sangrah

    Holy Communion of Saints 182-185: Beautiful Hindi Christian Songs for the Lord's Supper. Get accurate Masihi Geet lyrics for your congregation. ### मण्डली (The Communion of Saints) #### 182 (१८२) *“Tis a pleasant thing to see.”* *7. 7. 7. 7. Dijon or Weber.* १ क्या मनोहर भली बात- जहां भाई हाथ में हाथ । ले चलते और सब एक चित- ख्रीष्ट की आज्ञा के निमित ।। २ तब तो हर एक उत्तम दिन- शान्ति आनंद और कल्याण । ओस के तुल्य उतरेगा- वहां आशिष बसेगी ।। ३ प्रभु यीशु प्रेम से पूर- प्रेम से हमको कर भरपुर । जिससे जग में हो प्रकाश- कि हम सचमुच तेरे दास ।। ४ पिता और पवित्रआत्मा- तेरे संग एक है सदा । वैसा प्रेम के बंधन में- हमको भी तू एक कर दे ।। ५ हर एक मन में प्रेम सुलगा- प्रेम में मन से मन गठा । प्रेम हम सब में मरने लों- सफल सिद्ध निष्कपट हो ।। ६ एक हो दूसरे के आधीन- होवे दीनता कपटहीन । मंदा मृदु और सदय- क्षमावान और धीरसमय ।। ७ हे पियारे तारणहार- हम में जैसे परिवार । रह जब तक न तेरे पास- स्वर्ग में पावेंगे निवास ।। #### 183 (१८३) *“Let saints on earth in concert sing.”* *C. M. -- French Dundee or St. Anne.* १ गीत गावें संत इस जगत के और स्वर्ग के संत के साथ कि दास हमारे राजा के सब होते एक ही जात ।। २ हम उसमें एक घराना हैं इस लोक और उसके भी पर अभी अलग होते हैं मृत्यु के कारण ही ।। ३ एक सेना जीवित ईश्वर की हम उसके वश में हैं कुछ लोग हैं उतरे पार नदी कुछ अब उतरते हैं ।। ४ इस पल भी बहुत उसके दास उस लोक में जाते हैं और बहुत आके नदी पास विश्राम को ताकते हैं ।। ५ नित अगुवा हे प्रभु हो और दिन में मृत्यु के विभाग कर यर्दन नदी को और हमें स्वर्ग में ले ।। #### 184 (१८४) *“The church's one Foundation.”* *7. 6. 7. 6. 7. 6. Aurelia.* *SAMUEL J. STONE, 1839-1900.* *Chord - D | S- "---"/M.Ballad | T- "---"/ 084-090* १ नेव सारी मंडली ही की है यीशु प्रभु नाथ वह नई सृष्टि उसकी वचन और जल के साथ । वह उसे ढूँढ़ने आया कि उसकी दुलहिन हो अपना ही रक्त बहाया उसे मोल लेने को ।। २ हर देश से चुनी हुई यह मंडली एक ही है एक उसके त्राण की झंडी एक प्रभु एक आश्रय । एक नाम की स्तुति करती एक भोज को खाती भी एक आस की बाट वह जोहती सब शोभा है उसकी ।। ३ जो लोग चिढ़ाते देखते वह कैसी निन्दित है उसमें है फूट बखेड़े वह अति क्लेशित है पर तौ भी संत लोग जाग के “कब लों” पुकारते हैं अब दुःख के दिन जल्द बीतते दिन सुख के आते हैं ।। ४ अब दुःख और पीड़ा होते और झंझट लड़ने की पर तौभी हम बाट जोहते सदा के कुशल की । जब तक हमारी आँखें न देखे स्वर्ग को और मंडली जयवंत होके विश्राम न पाती हो ।। ५ पर संगति है उसकी त्रिएक परमेश्वर से और उनके संग भी रहती जो चैन को पा चुके । है धन्य वे उसही लोक के उनके सदृश्य हम हों और ख्रीष्ट के साथ दीन होके हम रहें सदा लों ।। #### 185 (१८५) *“For all the saints.”* *10. 10. 10. 4.* *WILLIAM WALSHAM HOW, 1823-93.* १ हे यीशु हम सराहते तेरा नाम कारण उन्हों के जो विश्वास को थाम सो गये और अब करते है विश्राम । हाल्लेलूयाह ।। २ तू ठहरा उनका बल चट्टान और कोट प्रधान और प्रभु बैरियों से ओट तू दुख की रात में रहा उनकी ज्योत । हाल्लेलूयाह ।। ३ सब योद्धा तेरे दृढ़ विश्वस्त रहें संतों के ऐसे साहस से लड़ें और उनके साथ जय मुकुट भी पावें । हाल्लेलूयाह ।। ४ हम लोग भी उनकी संगति में हम अब तक लड़ते वे विश्राम में हैं हम सब एक हैं कि हम सब तेरे हैं । हाल्लेलूयाह ।। ५ और यदि थकित हो लड़ते रहें स्वर्ग से हम उनका जय जयकार सुनें कि मन में साहस हो बल भुजा में । हाल्लेलूयाह ।। ६ अस्त होता सूरज निकट आई शाम और थोड़ी देर तक योद्धा मन को थाम तू परादीस में पावेगा विश्राम । हाल्लेलूयाह ।। ७ लो महा तेज से पौ फिर फटेगी सब संत लोग उठ पावेंगे महिमा और महिमा का राजा आवेगा । हाल्लेलूयाह ।। ८ धरती के अंत और सागर पार से आ मुक्त लोग पैठेंगे स्वर्ग में और सदा गावेंगे धन्य त्रय की महिमा । हाल्लेलूयाह ।।

  • Ascension 154–157 | Masihi Geet Sangrah

    ### स्वर्गारोहण (Ascension) #### 154 (१५४) *“All hail the power of Jesus' name."* *С. М. -- Coronation or Miles Lane.* *EDWARD PERRONET, 1726-92.* १ यीशु के नाम की होवे जय दूत गाओ हर समय । दे उसको मुकुट तेजोमय हो प्रभु ख्रीष्ट की जय ।। २ हे तारों उसका मान करो कर्त्ता जो ज्योतिमय । सृजक और रक्षक तुम मानो हो प्रभु ख्रीष्ट की जय ।। ३ हे साक्षी जिन्होनें जग में लड़ा संग्राम निर्भय । सराहो तारक को बल से हो प्रभु ख्रीष्ट की जय ।। ४ हे इस्त्रायल के सब संतान करो उसकी विनय । वह त्राता है कृपा निधान हो प्रभु ख्रीष्ट की जय ।। ५ हे दाऊदवंश के सब मनुष मानो नाथ शक्तिमय । देहधारी ईशर सत पुरूष हो प्रभु ख्रीष्ट की जय ।। ६ हे लोगो स्मरण नित करो पापों का भयानक पित्त प्रेम भरे मनसे सब कहो हो प्रभु ख्रीष्ट की जय ।। #### 155 (१५५) *“Come, let us join our cheerful song."* *C. M. -- Nativity or Winchester Old.* *ISAAC WATTS 1674-1748.* १ सिंहासन पास के दूतों संग हम मिलकर गावें गीत करोड़ों उनकी बोलियाँ पर एक है उन की प्रीत ।। २ वे बोलते हैं प्रशंसा योग वह निर्दोष मेम्ना है कि उसके दुःख और मृत्यु से है मुक्ति का उपाय ।। ३ यीशु पराक्रम महिमा और राज्य के योग्य है और आदर धन्यवाद और स्तुत सब उसकी हो सदैव ।। ४ स्वर्गवासी सब और पृथ्वी के जीवधानी यीशु के महात्म्य को और यश अनंत निरंतर गावेंगे ।। ५ सिंहासन पर विराजमान जो पवित्र उसका नाम और मेम्ने की सराहना भी हो सृष्टिभर का काम ।। #### 156 (१५६) *"Alleluia! Sing to Jesus."* *8.7.8. 7. D. Alleluia or Austria.* *W. C. DIX.* १ हाल्लेलूयाह गाओ स्तुति यीशु की जो राजा है । हाल्लेलूयाह जय जयकार हो उसने पाई है विजय । शांतिमय सिय्योन का गीत है बाढ़ को गरज के समान हर एक कुल में से यीशु ने किया है हमारा त्राण ।। २ हाल्लेलूयाह नहीं रहे अब हम बपुरे अनाथ हाल्लेलूयाह निश्चय हुआ कि वह सदा लों है साथ हाँ वह स्वर्ग पर चढ़ तो गया चालीस दीन जब थे समाप्त क्या वह प्रण जो उसने किया हमको नहीं हुआ प्राप्त ।। ३ हाल्लेलूयाह स्वर्ग के भोजन तुझसे तृप्त हम होते हैं । हाल्लेलूयाह हम सब पाप तेरी शरण लेते हैं जहाँ सारे निष्पाप संतगण गाते कांच के सागर पर वहाँ हे यीशु दयालु मेरे लिये बिन्ती कर ।। ४ हाल्लेलूयाह भूप अनादि जगत के राजाधिराज । हाल्लेलूयाह नररूपधारी सब के ऊपर तू विराज हे हमारे महायाजक स्वर्गीय मंदिर में तू है । प्रभु भोज में हो उपस्थित करता हमें तू निर्भय ।। ५ हाल्लेलूयाह गाओ स्तुति यीशु की जो राजा है । हाल्लेलूयाह जय जयकार हो उसने पाई है विजय शांतिमय सियोन का गीत है बाढ़ की गरज के समान हर एक कुल में से यीशु ने किया है हमारा त्राण ।। #### 157 (१५७) *"Arise my soul arise."* *6. 6. 6. 6. 8. 8. S. John Parish.* *CHARLES WESLEY, 1707-88.* १ हे प्राण उठ साहस कर तू दूर कर सारा डर कि तेरे पापों का प्रायश्चित हुआ था जो तेरा प्रतिनिधि है सिंहासन पास अब खड़ा है ।। २ वह स्वर्ग में रहता है कि मेरा पक्ष करे और दण्ड की आज्ञा से छुड़ावेगा मुढे वह अपने रक्त के गुणों से दूर करता पाप इस जगत के ।। ३ मेल हुआ ईश्वर से मैं क्षमा पाता हूँ अब रहा नहीं डर मैं उसका पुत्र हूँ विश्वास से अब मैं आता हूँ और अब्बा पिता बोलता हूँ ।।

  • The Ministry 200–201 | Masihi Geet Sangrah

    ### चरवाहा और शिक्षक (The Ministry) #### 200 (२००) *“Far and near the fields are teeming.”* *8. 7. s. Far and near.* *J. O. THOMPSON.* १ दूर और पास अब खेत तैयार है खूब लहराता है अनाज खेत के स्वामी से है बिनती भेज तू बनिहार को आज ।। कोः- स्वामी तेरी बिन्ती करते भेज तू बनिहार को अब जिससे अन्न बटोरा जावे तेरे घर में पहुँचे सब ।। २ भेज जब सूर्य निकल आवे भेज जब पहर चढ़ी हो आज्ञा दे जब सांझ आ जावे खलिहान में जमा हो ।। ३ जल्दी कर कि बाल हैं झुके बांध सुनहरे पूलों को कि जब सांझ को घर लौट आवे आनंद पूरा तुझको हो ।। ….. 201 (२०१) “Lord speak to me that I may speak.” L. M. -- Canonbury or Maryton. FRANCES R. HAVERGAL, 1836-79. १ बोल मुझसे कि मैं बोल सकूँ हे प्रभु तेरी वाणी से तू खोज रहा मैं खोज करूँ उनको जो तुझसे दूर हुये ।। २ मुझे चला प्रभु कि मैं चलाऊँ भटके हुओं को मुझे खिला प्रभु कि मैं खिलाऊँ तेरे भूखों को ।। ३ दे बल कि खड़ा होते ही तुझ दृढ़ चटान पर और बलवान मैं उन्हें थामूँ जिनका जी घबराता है बिन पाये त्राण ।। ४ मुझे सिखा कि औरों को सिखलाऊँ तेरी बात और न्याय और मेरा बोलना यों ही हो कि सब के हृदय में गड़ जाये ।। ५ अपना ही कुशल मुझे दे कि शान्तिदायक बातों को मैं बोलूँ पाके तुझी से दुख से दबाये हुओं को ।। ६ अपनी भरपूरी से भर दे कि प्रेम से ही मन उछले नित्य और तेरी स्तुति करने से दिखाऊँ तेरा प्रेम अमित ।। ७ मुझे ही को प्रभु काम में ला जब कभी तेरी इच्छा हो जब तक कि तेरे सामने आ न देखने पाऊँ तुझी को ।।

  • Mission 223–238 | Masihi Geet Sangrah

    सुसमाचार का फैलाव (Mission) 223 (२२३) “I've a message from the Lord, Halleluyah.” P. M. S. S. S. 411. W. A. OGDEN. १ आनंद का है यह संदेश हल्लेलूयाह ईश्वर का है यह आदेश हल्लेलूयाह दीन होके सुन तू यीशु की कि यीशु को अब देख और जी ।। कोरसः- देख और जी हाँ देख और जी यीशु ख्रीष्ट को देख और जी ईश्वर का है यह संदेश हल्लेलूयाह कि यीशु को अब देख और जी ।। २ कैसा मधुर यह संदेश हल्लेलूयाह यह सुना दो देश विदेश हल्लेलूयाह कि यीशु मुक्ति देता हैं कि यीशु को अब देख और जी ।। ३ हम यह पाते हैं संदेश हल्लेलूयाह कि मुक्ति सेंत मेंत होती है जो तू चाहता स्वर्गीय देश हल्लेलूयाह केवल यीशु को तू देख और जी ।। 224 (२२४) 7s. Zjrich or Dix. १ आवे प्रभु तेरा राज्य सारे जगत में विराज देश के देश जो धर्मविहीन होवें तेरे सब आधीन आवे प्रभु तेरा राज्य सारे जगत में विराज ।। २ सब हैं भूले भ्रमाधीन सब है पापी मनमलीन त्राण की आस से परे हैं नरक मार्ग को धरे हैं आवे प्रभु तेरा राज्य सारे जगत में विराज ।। ३ तेरे प्रण है अवितीत उन पर मेरी है प्रतीत सब का राजा यीशु हैं प्रभु और जगदीसा है आवे प्रभु तेरा राज्य सारे जगत में विराज ।। ४ चहुँदीश के द्वीप और देश जाने तुझे जग नरेश सब विरोध को कर तू नाश अपने तेज को कर प्रकाश आवे प्रभु तेरा राज्य सारे जगत में विराज ।। 225 (२२५) “From Greenland's Icy Mountains.” 7. 6. 7. 6. D. Missionary or Moening Light. BISHOP R. HEBER, 1783-1826. १ ग्रीनलैण्ड के ठंडे देश से और हिन्द और चीन से भी और हब्स से जहाँ सोते बहते हैं सुखदाई नदी मैदान पहाड़ से हर भाषा से हर जाति लोग बिनती कर यह कहते सुनाओ त्राण की बात ।। २ परमेश्वर के बनाये मनुष्य निर्दोष निष्पाप शैतान के जाल में आये पड़ा उनपर संताप वे वस्त्र भोजन सारे ईश्वर से पाते हैं तौभी उसको न मानते विश्वास न लाते हैं ।। ३ क्या हम जो ज्योति पाते और लाखों आशिषें उनको जो मरते जाते मुक्ति की ज्योत न दें हम आनंद से फैलावें मुक्ति का सुबखान सब जाति देखने पावें यीशु मसीह का त्राण ।। 226 (२२६) “Tell it out among the nations.” P. M. -- Tell It Out. FRANCES R. HAVERGAL, 1836-79. १ दो संदेश कि सब लोग जानें यीशु राजा है दो संदेश दो संदेश दो संदेश कि सब लोग करें प्रभु ख्रीष्ट की जय दो संदेश दो संदेश दो संदेश कि सदा काल बढ़ेगा उसका राज्य कि है महिमा का राजा कुशलाधिराज दो संदेश कि लोग सब मिलके गीत सुनावें आज दो संदेश दो संदेश ।। २ दो संदेश कि यीशु मुक्तिदाता करता राज्य दो संदेश दो संदेश दो संदेश कि पाप के दास सब बंधन तोड़ें आज दो संदेश दो संदेश रोते हुओं से जा कहो यीशु जीता है थकितों से कह दो कैसी शान्ति देता है पापियों से कहो यीशु ही बचाता है दो संदेश दो संदेश ।। ३ दो संदेश कि स्वर्ग में यीशु अब विराजमान है दो संदेश दो संदेश दो संदेश कि उसका राज्य सनातन प्रेम का है दो संदेश दो संदेश दो संदेश हर गाँव में जाके जो है दूर ओ पास कि हमारे प्रभु यीशु में हैं त्राण कि आस कि सब थके बोझ से दबे आवें यीशु पास दो संदेश दो संदेश ।। 227 (२२७) 8. 7. 8. 7. Batty or Galilee. १ प्रभु यीशु अपने राज्य को सकल जगत में बढ़ा अपने किये त्राण के काज को प्रगट करके राज्य फैला ।। २ वेग मिटा सब देव की पूजा देवन नाम सब भूले जांय आप ही जगत जन के राजा सब लोग आपकी शरण पाय ।। ३ मंगल समाचार सुना दे पूरब दिशा से पश्चिम लों उससे सब को त्राण जना दें सब जो तेरे आश्रित हों ।। ४ स्वर्ग जैसा आज्ञाकारी तेरा, तैसी धरती होय तू ही सबका अधिकारी तेरा राज सर्वत्र होय ।। 228 (२२८) 8. 7. 8. 7. 8. 7. Neander or Eton College. १ प्रभु यीशु धर्मराजा अपने राज्य में सब ले आ अब मिटा सब देव की पूजा बेग ही अपना राज्य फैला प्रभु यीशु - अपने राज्य की जय करा ।। २ आप ही सच्चा उजियाला कर दे दूर यह अंधकार सब पर डाल दे धर्मात्मा अब जिला सब मरणहार धर्म सूर्य - उदय हो हे ज्योत अपार ।। ३ जब जब तेरा मंगल वचन लोगों पर खुल जाता हैं तब दिखा सच्चाई के लक्षण झूठ क्यों सब भरमाता हैं तारणकर्त्ता - तुझसे लोग बच जाते हैं ।। ४ कठिन संग्राम होवे अभी हो सर्वत्र तेरी जय जीत शैतान न पावे कभी कर तू दूर भक्तों का भय प्रभु यीशु - तेरे राज्य की होवे जय ।। 229 (२२९) “Sinners Jesus will recieve.” 7s. S. S. S. 390. Chord - C | S- "---"/E.Movie | T- "---" १ यह सुनावें कि यीशु ख्रीष्ट, पापी को बचाता है ग्रहण करता हर एक को, उसके पास जो आता है ।। कोरसः- फिर और फिर भी यह गीत गाओ यीशु ख्रीष्ट ही त्राता हैं, सभों को यह बात बताओ पापी को बचाता हैं ।। २ सब से बड़े पापी को, चैन विश्राम का दाता है उस पर रखो अब विश्वास, सभों को बुलाता हैं ।। ३ पाप का दोष और पाप का दण्ड, सबका वह उठाता है पाप का बल और पाप का बंध, सब से वह छुड़ाता हैं ।। ४ मरके फिर जी उठा वह, मुझको अब जिलाता है मुझे अब वह करके शुद्ध, स्वर्ग को तब ले जाता हैं ।। 230 (२३०) 6. 6. 6. 6. 8. 8. St. John. १- यीशु का समाचार सब देशों में तुम दो कि उसका अब प्रचार हर जगह विदित हो । कोरसः- आज ही तैयार जग का निस्तार सब पावें यीशु में उद्धार ।। २- मसीह के द्वारा से है सबका त्राण तैयार अब सारे जगत में हो उसका समाचार ।। ३- शैतान के फंदे से हम हुए थे लाचार पर किया यीशु ने हमारा फिर उद्धार ।। ४- अब होवे हर कहीं उद्धार का सुसंदेश प्रकाशक यीशु के हों प्रगट हर एक देश ।। 231 (२३१) 8. 7. 8. 7. 8. 7. Neander or Regent Square. १ सारे जग के महाराजा तेरे राज्य की होवे जय । तेरा नाम जो स्थापित होवे दुष्ट के राज्य का होता क्षय प्रभु यीशु राय तू करेगा निश्चय ।। २ धर्म और प्रेम का सुसंदेश जगत में प्रसिद्ध करा जहां वह प्रचारा जावे अपनी सामर्थ को दिखा प्रभु यीशु अपने राज्य का तेज चमका ।। ३ दे सब सुसंदेशियों को हीर और धीर और प्रीत प्रतीत जिससे प्रगट हो हर देश में त्राण का ज्ञान और धर्म की जीत प्रभु यीशु तेरी जय हो जग के मीत ।। 232 (२३२) “We have heard a Joyful sound.” 7. 6s. S. S. S. 1079. PRISCILLA J. OWENS. १ सुना हमने सुख का बोल -- यीशु ख्रीष्ट तारणहार दूर फैलावें बात अनमोल यीशु ख्रीष्ट तारणहार जल्दी जावें हर एक देश पर्वत पर और दरया पार यीशु कहता “दो संदेश”-- यीशु ख्रीष्ट तारणहार ।। २ मरके जीता अब सदा -- यीशु ख्रीष्ट तारणहार गावें हम तो सर्वदा यीशु ख्रीष्ट तारणहार धीमे गावें शोक समय मन जब दया मांगनेहार हर्ष से गोर पर करते जय -- यीशु ख्रीष्ट तारणहार ।। ३ आंधी लहरो तुम कहो -- यीशु ख्रीष्ट तारणहार बोलो दूर के पापी को यीशु ख्रीष्ट तारणहार टापू सागर प्रतिगांव गाके करो तुम प्रचार मुक्ति पूरी सेंत मेंत त्राण -- यीशु ख्रीष्ट तारणहार ।। 233 (२३३) “Jesus Shall Reign.” L. M. -- Duke Street. ISSAC WATTS, 1674-1748. १ सूर्य जहाँ हो अस्त उदय यीशु का राज्य वां फैलेगा जब तक कि चांद उजाला दे तब तक वह बढ़ता जावेगा ।। २ देश देश के लोग हर भाषा में यीशु के प्रेम को गाते हैं और छोटे बच्चे उसका नाम आनंदित हो सराहते हैं ।। ३ जहां कहीं वह राज्य करे सब लोग आशिशित होवेंगे कैदी सब छूट कर बंधन से आनंदित होके उछलेंगे ।। ४ हे सारी सृष्टि उठकर गा आदर विशेष दे राजा को स्वर्ग दूत उतर के गावें गीत और पृथ्वी सुन आह्वादित हो ।। 234 (२३४) S. M. -- Franconia or Boylston. १ हे ईश्वर तेरा नाम सब जगह हो प्रसिद्ध कि जाने सब मसीह का काम और धर्म का ज्ञान और विध ।। २ कि कैसा महाकर्म मसीह ने किया है कमाने जग का मुक्ति धर्म प्राण अपना दिया है ।। ३ अब यीशु का संदेश और उसका धर्म और पुण्य प्रचारा जावे देश विदेश सब जानें उसके गुण ।। ४ और हम जो तेरे लोग इस जग में हैं अतीत हमें संभाल कि तेरे योग्य हम पावें धर्म की जीत ।। 235 (२३५) Bhajan Tunes 92. E. F. JANVIER. Chord - D | S- Ballad | T-088 पानी दो पानी पियासा हूँ, पानी दो पानी ।। १ न तो कुँए का न तो नदी का लावे यदि कोई । पानी दो पानी पियासा हूँ, पानी दो पानी ।। २ सकल जलाशय देख कर आया । थका भ्रमण करके, पियासा हूँ पानी दो पानी ।। ३ अक्षय जीवन कष्ट विमोचन । प्रभु बिन नहीं जग में ।। ४ जा जा तू प्रभु यीशु के चरणन । तृप्ति तुझे मिलती ।। 236 (२३६) Bhajan Tunes 91. Chord - D | S- Reggae/Ballad | T-086 कोरसः- प्यारो हिम्मत बांधों आगे बढ़ो क्रूस का लो निशान । जीतेंगे हम यारो हारेगा शैतान ।। १ लड़ों लड़ो फुर्ती करो यीशु है कप्तान । हिम्मत बांधों आशा रखो भागेगा शैतान ।। २ पाप और दुख में चारो तरफ मरते हैं इंसान । दया करो भारत पर वह हुआ परेशान ।। ३ घर घर जाकर करो प्यारो यीशु का बयान । वह है राजा मुक्तिदाता, सब पर मेहरबान ।। ४ जल्दी करो सुनाओ सबको यीशु का फरमान । पापी बचते जाते लाते जब उस पर ईमान ।। ५ दास कहें बैरी शर्माते, सुन यीशु का ज्ञान । लोग मसीह को मानते जाते, हारता है शैतान ।। 237 (२३७) Bhajan Tunes 68. JOHN PARSONS. Chord - F | S- Ballad | T-082 हम यीशु कथा प्रचार करें, खल मानुष जासु दया सुधरें । १ तन ले प्रभु दीनन नाथ फिरा, निज हाथन रोगिन लोक हरें ।। २ विधवा बिनती जब कान सुने, तब ही मनसा प्रभु तासु भरें ।। ३ प्रभु कोढ़िन अंग अपावन पै, सुख देवन को निज हाथ धरें ।। ४ तम बासिन पै अब कीन्ह मया, सत सूरत हो जग को उतरें ।। ५ दुःख संकट यीशु अपार सहा, जिहि कारण से नर लोग तरें ।। ६ नित्य रैन दिना प्रभु यीशु दया, हम आश्रित हो बहुधा सुमरें ।। 238 (२३८) H. T. B. 120. ISSAC FIELDBRAVE. १ मसीहा तू कुदरत अब अपनी दिखा दे । गुनाह में जो मुर्दे हैं उन को जिला दे ।। २ तू ही नूर इ हक्क है तू ही रहनुमा है । जो भूले हैं उनको हकीकत बता दे ।। ३ जो करते हैं तौबा गुनाहों से अपने । उन्हें बन्द इ जालिम से आकर छुड़ा दे ।। ४ बढ़ा शान ओ हशमत तू अपनी खुदाया । गुनाह और मुजी को जहाँ से मिटा दे ।। ५ तेरे काम अकदस के करने में ऐ रब्ब । जो हैं मुश्किलातें उन्हें अब हटा दें ।। ६ जो तुखम इ कलाम इ मुकद्दम है बोया । उसे सुनने वालों के दिल में जमा दे ।। ७ यही है तमन्ना इ दिल ऐ मसीहा । हमें अपनी रहमत से आब इ बका दे ।।

  • Easter 146–153 | Masihi Geet Sangrah

    ### ख्रीष्ट का जी उठना (Easter) #### 146 (१४६) *8.8.8.8. 4. Erschienen 1st.* *NIKOLAUS HBRMANN, 1510-1561* १ ईश्वर का पुत्र मृत्युंजय आज मृत्यु से जी उठा है बड़े विभव और सामर्थ से धन सदा लों कहो उसे : हल्लेलूयाह ।। २ शैतान को उसने जीत लिया और उसका काम बिनाश किया जैसे शूर बीर अजीत बलवान निज बैरियों पर है जयमान : हल्लेलूयाह ।। ३ हे प्रीतम प्रभु यीशु ख्रीष्ट जो पापियों का त्राता इष्ट अपने स्वर्ग राज्य के आनंद में दया कर हम को बैठने दे : हल्लेलूयाह ।। ४ पराजित बैरी से क्या डर मत कांपो उसकी धमकी पर लाज ठट्ठे में वह पड़ा है हमें छुटकारा मिला है : हल्लेलूयाह ।। ५ इसलिए अब हम आनंदमय स्वर्गराज की लालसा रखते हैं जहाँ हम अपने प्रभु पास सदा रहोंगे बिना त्रास : हल्लेलूयाह ।। ६ परमेश्वर पिता दयावान और यीशु ख्रीष्ट उसके समान और आत्मा का भी वैसा हो धन अभी से सनातन लों : हाल्लेलूयाह ।। #### 147 (१४७) *7. 6. 7. 6. 7. 7. 6. 6. Auf Auf Mein Herz.* *FR. A. LAMPE, 1683-1759.* १ ख्रीष्ट यीशु ने हराया शैतान का सारा दल दोष दायक बांधा गया नष्ट हुआ पाप का बल व्यवस्था पूरी करके क्रोध अपने ऊपर लिया त्राणदाता यीशु ख्रीष्ट ।॥ २ हे मेरे मन इस कारण तू ख्रीष्ट की स्तुति कर सब भांति कर निवारण विश्वास से शक्ति भर शोक चिन्तायें सब भारी संदेह निराशता सारी डाल ख्रीष्ट की कबर में ।। ३ ख्रीष्ट यीशु है जी उठा विभव महिमा में तो मृत के बंधे से छूटा तू उसके उठने से श्राप उसी ने उठाया सब तेरा ऋण मिट गया तू शांति हो आनंद कर ।। ४ सो आता मैं पास तेरे हे जीवन के प्रधान देख कृपा कर घाव मेरे मैं हूँ असामर्थवान परिश्रम जो मैं करता निष्फल ओ व्यर्थ ठहरता तू मुझे चंगा कर ।। ५ दे सत प्रतीति मुझे हे प्रभु कर सहाय कि पहचानूँ तुझे मार्ग जीवन औ सच्चाई दूर कर संदेह अंधकारा कि मैं विश्वास के द्वारा नित तुझे थांमें रहूँ ।। #### 148 (१४८) *7.8.7.8. 7. 7. Ratisbon.* *LOUISE V. RRANDENBURG, 1627* १ जय हाँ जय सनातन जय मेरा तारणहार जी उठा गोर की ख्रीष्ट ने तोड़ा है और मैं गोर के डर से छूटा पास मेरे मौत अब आवे मुझे भय न लगेगा ।। २ मैं भी अब से जीऊँगा ख्रीष्ट का भाग मेरा भी पड़ा मैं भी स्वर्ग पर चढूँगा जिधर मेरा प्रभु चढ़ा और नित हूँगा उसके संग सिर क्या तजेगा एक अंग ।। ३ धूल मैं हूँ और मिट्टी में बीज के तुल्य यह देह मिल जावे पर फिर अपने सामर्थ से उसको यीशु जी उठावे मेरा होवेगा प्रकाश बीज को मिलेगा विकाश ।। ४ मेरी देह नवीन जब हो तब मसीह को देखूँ साक्षात यही मुंह तब उसका यश करेगा का आह्वाद के साथ ये ही हाथ तब छूवेंगे उसके हाथ को थामेंगे ।। ५ अब मैं भ्रष्ट हूँ और नाशमान दुर्बल दुःखित और विलापी हूँगा तब अमर जयवान आत्मिक ख्रीष्ट-स्वरूप प्रतापी और सदा यीशु के पास मुझे मिलेगा बिलास ।। ६ मेरे अंग अब हो निर्भय ख्रीष्ट को मृत्युंजय ही कहो मौत अब ख्रीष्ट के बश में है ख्रीष्ट के नाम से सोते रहो जब नरसिंगा फूकंगा नींद का बंध तब खुलेगा ।। #### 149 (१४९) *L. M. Hursley or Cantionale.* *YOHANN HERMANN, 1585-1647.* १ धर्म-सूरज यीशु ज्योतिमय अब जी के हुआ है उदय अब मिटी पाप की काली रात अब हुआ नया जीवन प्राप्त ।। २ वह मौत के बश न पड़ा है सब शत्रुन से वह बड़ा है जब निकला था वह कब्र से तब ठहरा ईश्वर निश्चय से ।। ३ जय जय हे यीशु वीर बलवान सब शत्रुन पर तू है जयमान अब बैरी ठहरा बल रहित और ठहरा यीशु बल सहित ।। ४ उदास मैं रहूँ किस प्रकार जीत गया मेरा तारणहार जब टल भी जावे सब संसार तब वह है मेरा प्राणाधार ।। ५ हर्ष से गावें हम यह गान कि प्रभु हुआ है जयमान वह सचमुच हुआ मृत्युंजय जय प्रभु जय जय यीशु जय ।। #### 150 (१५०) *“Resting from his work to-day."* *7. 7. 7. 7. 7. 7. Redhead 76.* *T. WHITEHEAD.* १ पूरा करके अपना काम प्रभु करता था विश्राम लिपटा हुआ कपड़े में लेट रहा वह कब्र में । द्वार पर रहा पत्थर भी जिस पर छाप लगाई थी ।। २ रात को बेर तक जाग रही मगदलीनी वहाँ थी । उस गंभीर अटवारे के पहिले दिन ही पह फटते वहाँ गई शोक के साथ जहाँ गाड़ा गया नाथ ।। ३ तेरे साथ हे प्रभु यूं पहरू होना चाहता हूँ । मेरा हृदय शिलामय मंदिर तेरा हो अक्षय उसका मैल तू सब निकाल उसमें रह तू सदा काल ।। ४ मैं सुगंध ले आऊँगा प्रेम की भेंट चढ़ाऊँगा । बंद भी करके मन का द्वार बाहर छोड़ के सब संसार रहूँगा मैं जागता यों प्रभु के फिर आने लों ।। #### 151 (१५१) *“Jesus Christ is risen to day."* *7. 7. 7. 7. Easter Hymn.* *LYRA DAVIDIDA. 1708.* *Chord - B | S- Ballad | T-088* १ यीशु ख्रीष्ट जी उठा है । हाल्लेलूयाह आज हम कहें उसकी जय । हाल्लेलूयाह जिसने क्रूस पर दिया प्राण । हाल्लेलूयाह कि हमारा करें त्राण । हाल्लेलूयाह ।। २ गावें धन्यवाद के साथ । हाल्लेलूयाह धन्य हो यीशु स्वर्गीय नाथ । हाल्लेलूयाह जिसने सहा क्रूस का दुःख । हाल्लेलूयाह हम को देने परम सुख । हाल्लेलूयाह ।। ३ जिसने भोगा दुःख और क्लेश । हाल्लेलूयाह वह है बैठा जगनरेश । हाल्लेलूयाह यश हम करें धन्य मान । हाल्लेलूयाह दूत भी करते यही गान । हाल्लेलूयाह ।। ४ पिता को धन कहो संत । हाल्लेलूयाह धन्य पुत्र भी जयवंत । हाल्लेलूयाह आत्मा को भी धन कहो । हाल्लेलूयाह त्रय में एक ही ईश्वर को । हाल्लेलूयाह ।। #### 152 (१५२) *"The strive is o'er."* *8. 8. 8. 4. Victory.* *F. POTT.* *Chord - C | S- Waltz | T-124* १ सब गाओ ख्रीष्ट की होवे जय । हाल्लेलूयाह (३) नरक और पाप का हुआ क्षय दूर हुए सब हमारे भय । हाल्लेलूयाह ।। २ शैतान अब तेरा बल कहाँ । हाल्लेलूयाह (३) मृत्यु अब तेरा डंक कहाँ समाधि तेरी जय कहाँ । हाल्लेलूयाह ।। ३ प्रभु हमारा जी उठा । हाल्लेलूयाह (३) दुष्टों के छल और बल दबा हमें अब किसका डर रहा । हाल्लेलूयाह ।। ४ ख्रीष्ट यीशु तूने खोला द्वार । हाल्लेलूयाह (३) शैतान संसार शरीर को मार तू ही हमारा तारणहार । हाल्लेलूयाह ।। ५ ख्रीष्ट यीशु अपने घावों से । हाल्लेलूयाह (३) मृत्यु पर जय तू हमें दे कि सदा तेरा जय गावें । हाल्लेलूयाह ।। #### 153 (१५३) *Η. Τ. Β. 88.* *JOHN PARSONS.* *Chord - F# | S- Ballad | T-084* जय प्रभु यीशु जय अधिराजा । जय प्रभु जय जयकारी । १ पाप निमित्त दुःख लाज उठाई । प्राण दियो बलिहारी ।। २ तीन दिना तब यीशु गोर में । तीजे दिवस निहारी ।। ३ प्रातः समय रविवार दिना में । श्राप निवासा छारी ।। ४ भोर सबेरे घोर मरण का । तोड़ा बंधन भाड़ी ।। ५ हार गयो शैतान निबल हो । पायो लाज अपारी ।। ६ संत पवित्र तुरंत सरगमों । मंगल सुर उचचारी ।। ७ भास्कर जग प्रकाशक यीशु । आश्रित करू निस्तारी ।।

  • Index | Masihi Geet Sangrah

    Index Morning -1-24 Evening -15-27 The Holy Trinity – 28–36 God the Father – 37–50 The Lord Jesus Christ – 51–60 Advent – 61–68 The Incarnation – 69–105 Epiphany – 106–114 Lent - 115-121 Passion Week - 122-145 Easter - 122-145 Ascension - 154-157 Second Coming -158-167 The Holy Spirit -168 -181 The Communion of Saints 182-185 The House of God 186-188 The Lord's Day 189-194 The Holy Scripture 195-199 The Ministry 200-201 Baptism 202-205 Confirmation 206-208 The Lord's Supper 209-218 Marriage 219-222 Mission 223-238 The Gospel Invitation 239-268 Faith and Repentance 269-312 Peace and Joy 313-327 Love and Praise 328 - 346 Holiness and Prayer 347-361 Consecration and Discipleship Fellowship & Service 383-392 Temptation & Conflict 393-402 Courage and Victory 403--415 Trust and Submission 416-437 Pilgrimage and Guidance 438-462 463-484 New Year 485-487 Harvest 488-491 Farewell 492-494 National Life 495-498 Children's Songs 499-557 Psalms 558-571 Choruses, etc. 572-615

  • Marriage 219–222 | Masihi Geet Sangrah

    विवाह (Marriage) 219 (२१९) “The voice that breathed oe'r Eden.” 7. 9. 7. 6. St. Alphege or Kocher. JOHN KEBLE, 1792-1866. Chord - F#/G | S- Country Pop | T-086 १ जब पहिली शादी हुई अदन में ईश्वर ने आशिष की बातें कहीं आदम और हव्वा से ।। २ यों अब हमारे बीच के विवाह में ईश्वर है तीन आशिष देना चाहते तेजवान पवित्र त्रय ।। ३ हो बालक दान के लिये प्रेम और विश्वस्तता हे प्रभु एकता दे दे जो रहे संग सदा ।। ४ यह दुलहिन तू हे पिता दूल्हे के हाथ में दे जैसे कि पत्नी दी थी आदम को तू ही ने ।। ५ हे यीशु इनके हाथ और हृदय भी अब तू जोड़ और दुख सुख कुशल रोग में कभी उनको न छोड़ ।। ६ और हे पवित्र आत्मा तू उन पर उतर आ कि प्रेम और मेल के साथ ये मिल के रहें सदा ।। ७ बुराई से बचा के इनका सहायक हो और अपने स्वर्गीय राज्य में दे जगह दोनों को ।। 220 (२००) C. M. St. Pete of French Dundee. १ जो पावे यीशु से आनंद सचमुच आनंदित है जो करे प्रभु में विवाह सो निश्चय धन्य है ।। २ जैसे गलील के काना में तू ब्याह में गया था वैसे यहाँ इस सभा को तू शोभायमान करा ।। ३ अभी इन दोनों का विवाह यां होता है हे नाथ हम तुझसे बिन्ती करते हैं नित रह तू इनके साथ ।। ४ वो पति पत्नि होने को प्रतिज्ञा करते हैं आशिष को तुझसे पाने की वे आशा रखते हैं ।। ५ हे प्रभु आज उपस्थित हो इन दोनों को तू जोड़ तू दृढ़ कर इनकी वाचा को उनको न कभी छोड़ ।। 221 (२२१) 7. 6. 7. 6. Kocher or St. Alphege. Chord - E | S- Aderia/Ballad | T-084 १ हे ईश्वर दयासागर दयाल हो हमों पर और आज हमारी बिनती तू सुन ले कृपा कर ।। २ हे पिता स्वर्गवासी तू आप उपस्थित हो और इस पुरुष के हाथ में सौंप दे तू दुलहिन को ।। ३ हे यीशु हे जगबन्धु तू ही सहायक हो जब दोनों हाथ मिलावें तू जोड़ दे मनों को ।। ४ और हे पवित्र आत्मा इन्हीं पर उतर आ प्रेम कुशल शान्ति आनंद तू दिया कर सदा ।। ५ तू इनकी रक्षा करके सब हानि से बचा और अपने उत्तम मार्ग में इन दोनों को चला ।। ६ इस लोक में इनके घर को भरपुर कर आशिष से फिर अंत को अपने राज्य में तू अनंत जीवन दे ।। 222 (२२२) H. T. B. 105. THOMA DASS. कोरसः- यह शादी ऐ दुल्हा दुलहिन, मुबारक हो मुबारक हो ।। १ मुबारक है मसीह में, जो होकर ब्याह करते हैं । मसीह भी हाजिर हो, दुलहिन मुबारक मुबारक हो ।। २ ईश जिस को खुशी देवे, हमेशा रहता है खुश-हाल । यह दिन क्या शादी, ऐ दुलहिन मुबारक हो मुबारक हो ।। ३ किया इकरार इन दोनों ने, उमर भर संग रहने का । प्रभु यह दान दे, दुलहिन मुबारक हो मुबारक हो ।। ४ मुहब्बत होवे न थोड़ी सलामत रहे यह जोड़ी । बड़ी बरकत मिले, दुलहिन मुबारक हो मुबारक हो ।। ५ प्रेम ही में बंधे रहना, पड़े जो दुःख सभी सहना । कि इज्जत पाओगी, दुलहिन मुबारक हो मुबारक हो ।। ६ मगन माँ बाप भाई बहिन, और सारा कुटुम्ब होवे । दुआ हर रोज कर, दुलहिन मुबारक हो मुबारक हो ।। ७ यह थोमादास की बिनती, मसीही भाई बहिनों से ।। नेक तू चाल चल, दुलहिन मुबारक हो मुबारक हो ।।

  • Epihany 106-114 | Masihi Geet Sangrah

    #### 106 (१०६) *Н. Т. В. 120.* *SHANKAR DAYAL* १ न पूछो अजीजो कि ईसा है कब से । जमीं आस्माँ कुछ न था है वह तब से ।। २ हुआ आज वह बत्न इ मरियम से पैदा । जो अफजल है आला है बाला है सब से ।। ३ मुबारक मुबारक मुबारक मुबारक । निकलती सदा है सही सब के लब से ।। ४ बियाबान में रात को एक फिरिश्तः । गड़रियों पे जाहिर हुआ हुक्म इ रब्ब से ।। ५ कहा आज पैदा हुआ है मसीहा । जहाँ को है फख ऐसे आली नसब से ।। ६ मजूसियों ने उस का देखा सितारा । चले सिजदः करने को जोश इ तरबे से ।। ७ नजर आया जब चिहरः इ पाक ईसा । समाये न तन में खुशी के सबब से ।। ८ दिया निज लोबान मुर्ख और सोना । किया सिजदः गिरकर जमीं पर अदब से ।। ९ बिला-शिक्क बरी उस की है जात इ बाला । गुनाह से खता से जफा से गजब से ।। १० शफी इ जहाँ सुलह का शाहजादः । पुकारो उसे इस मुबारक लबक से ।। ११ तह इ दिल से ईसा पे ईमान लाओ । यह फरहत कहो हर शफाअत-तलब से ।। #### 107 (१०७) *Η. Τ. Β. 122.* *Chord - C# | S- Dholak | T-102* १ मसीहे जमां आज पैदा हुआ है । शाह इ मुरसला आज पैदा हुआ है ।। २ मुबारक मुबारक मुबारक मुबारक । कि नूर इ जहाँ आज पैदा हुआ है ।। ३ फलक पर फरिशतों ने यह गीत गाया । शफी इ जहाँ आज पैदा हुआ है ।। ४ खबर जिसकी नबियों ने दी थी जहाँ को । वह शाह इ शहाँ आज पैदा हुआ है ।। ५ मेरे दर्द और उलफत मिटाने की खातिर । बड़ा मेहरबाँ आज पैदा हुआ है ।। ६ दिखा अब तू खुश हो कि मुंजी जहाँ में । पाये-आसीआँ आज पैदा हुआ है ।। #### 108 (१०८) *Η. Τ. Β. 137.* *JOHN PARSONS.* १ हुई थी मुल्क इ इस्त्रायेल, सना फरिश्तों की । सुनी हैरान चरवाहों ने, सदा फरिश्तों की ।। २ खुदा-तआला की हम्द हो, दुनिया में सुलह हो । खैरख्वाही हो इनसान की, यह गीत फरिशतों की ।। ३ फकत इनसाँ करते हैं, तारीफ इ बादशाहान । तो किसके वास्ते हो रही, गजल फरिश्तों की ।। ४ खालिक था मखलूकात का, मुजस्सम अब हुआ । इसी बेपायाँ बात से, खुशी फरिश्तों की ।। ५ ले सूरत आदमजाद की, नजात बख्शी है । तो क्या दुरुस्त ओलाजिम है, तारीफ फरिश्तों की ।। ६ की है तुम्हारी मखलसी, मिलो ऐ सादिको । शुकराना गीतें कीजियो, मानिन्द फरिश्तों की ।। ७ ऐ सब बदकारो गौर करो, देखो मुहब्बत को । तुम्हारे दिल में हो मकबूल, सलाह फरिश्तों की ।। ८ कहता है मुझ से ऐ खुदा, अब तेरा उम्मेदवार । मुझ को हमेशा करने दे, सुहबत फरिश्तों की ।।

  • Second Coming 158–167 | Masihi Geet Sangrah

    --- ### दूसरा आगमन (Second Coming) #### 158 (१५८) *“Are you ready for the bridegroom."* १ क्या तैयार जब कि दुल्हा आवेगा आवेगा क्या तैयार हो जब कि दुल्हा आवेगा आवेगा अब देख वह आता अब देख वह आता अब जल्द हो हाजिर दुल्हा आता है अब देख वह दुल्हा आता है अब देख वह दुल्हा आता है अब देख वह आता अब देख वह आता अब जल्द हो हाजिर दुल्हा आता है ।। २ क्या मशालें जलती होंगी जब वह आये जब वह आये क्या मशालें जलती होंगी जब वह आये जब वह आये वह जल्दी आता वह जल्दी आता अब जल्द हो हाजिर दुल्हा आता है अब देख वह दुल्हा आता है अब देख (इत्यादि) ।। ३ मुलाकात हम सब करेंगे जब वह आये जब वह आये मुलाकात हम सब करेंगे जब वह आये जब वह आये वह देखों आता वह देखो आता है । जब जल्द हो हाजिर दुल्हा आता है अब देख (इत्यादि) ।। #### 159 (१५९) *“8. 7. 8. 7. D. Cassel or Dulce Garmen."* १ क्रोध का दिन है आने वाला और विचारक द्वार पर है जाग और उठ जो सोने वाला भाग भाग सदोम जलता है सोने से कुछ लाभ न होगा ठठे का न समय है जो जो सदोम में रहेगा उस के साथ जल जावेगा ।। २ क्या तू नहीं थरथराता क्या तू नहीं कांपता है बोल तू क्या अब किया चाहता जब विचारक निकट है जिसका नाम तू झूठ से लेता जिसका बैरी तू रहा जिसका आसरा तू न रखता जिसको प्यार न करता था ।। ३ कबलों तू निश्चिंत रहेगा कबलों तू परमेश्वर का प्रेम और कृपा तुच्छ जानेगा जाग और उठकर वेग पछता नरक अपना मुँह फैलाता मृत्यु आ पहुँची है कानों में शब्द दूर से आता न्यायी आने वाला है ।। ४ फिर हे प्राण जो भटक गया अभी फिर ईश्वर की ओर तुझे ढूँढ़ने यीशु आया अपना मन मत कर कठोर आ हे पापी आ पछता के वेग आ यीशु ख्रीष्ट के पास और निर्भय हो सब कुछ त्याग के यीशु ख्रीष्ट पर कर विश्वास ।। #### 160 (१६०) *“S. M. -- Frankonia or Holy Rood."* १ देख प्रभु आता है सुन पहरू पुकार । हे मेरे भाई जागता रह और उठ के हो तैयार ।। २ देख प्रभु आता है कौन सेवक सोवेगा । संसार के लोग तो सो रहे हैं तू सोके खोवेगा ।। ३ देखा प्रभु आता है अंधेरा घना है । और आधी रात की निद्रा में सब जगत पड़ा है ।। ४ देख प्रभु आता है वह देर न करेगा । मशाल को भाई हाथ में थाम और भेंट को निकल जा ।। ५ देख प्रभु आता है उठके तैयार हो जा । आत्मा और दुल्हिन कहती आ हाँ प्रभु यीशु आ ।। #### 161 (१६१) *“8.7. 8. 7. Mariners or Galilee."* १ देखो स्वर्ग से दूत अतरते लाखों लाख और तेजोमय । जय जयकार का गीत वे गाते गाते हैं मसीह की जय ।। २ मेघों पर देख प्रभु आके स्थापित करता अपना राज । अपने दुःख का फल वह पाके होगा जग का अधिराज ।। ३ उस के बैरी डर के मारे काँपते थरथराते हैं। उसके संग लोग उसके प्यारे जय जयकार मनाते हैं ।। ४ प्रथम में जो था संतापी पहने था कटीला ताज । होगा वह महाप्रतापी देशों देश का अधिराज ।। ५ प्रभु को हम दण्डवत करते अपना सिर नवातें हैं । प्रभु का हम आस्रा धरते जय मसीह की गाते हैं ।। #### 162 (१६२) *“When he cometh.”* *8. 6. 8. 5. 7. 7. 7. Jewels.* *W. O. CUSHING.* १ प्रभु यीशु जब आवेगा आभूषण पहनेगा सब आभूषण सुंदर रत्न निज प्यारे अनमोल ।। कोरसः- भोर के तारे समान वे उसके मुकुट को सजके उसके सिर पर चमकेंगे सब सुंदर अनमोल ।। २ अपने राज के सब आभूषण इकट्ठे करेगा जो पवित्र जो चमकीले निज प्यारे अनमोल ।। ३ छोटे बालक छोटे बालक जो उसको प्यार करते हैं आभूषण सुंदर रत्न निज प्यारे अनमोल ।। #### 163 (१६३) *“Jesus is Coming.”* *P.M. -- S.S.S. 878.* *E. NATHAN.* १ यीशु आवेगा देओ संदेश करेगा दूर अपने शिष्यों का क्लेश वह अपने राज में करेगा प्रवेश यीशु आवेगा फिर ।। कोरसः- यीशु आवेगा आवेगा फिर यीशु आवेगा फिर सारे संसार में सुना समाचार यीशु आवेगा फिर ।। २ यीशु आवेगा कब्रों से मृतक लोग उठके मिलेंगे उससे हम अपने प्यारों को देखेंगे फिर यीशु आवेगा फिर ।। ३ यीशु आवेगा करो हुलास जो उसके वचन पर करते विश्वास वही है सत्य विश्वास योग्य दास यीशु आवेगा फिर ।। #### 164 (१६४) *“Lo he comes with clouds descnding.”* *8. 7. 8. 7. 8. 7. Regent Square or Neander.* *JOHN CENNICK, 1718-55.* १ लो वह मेघों पर उतरता वह जो पहिले मरा था । लाखों लाख संत संग वह लाता गाते हैं वे महिमा । हाल्लेलूयाह यीशु जग में लौटेगा । २ उसे देखेंगी सब आँखें आते महा प्रतापमान । और जिन्होनें उसे छेदा लज्जित होके और भयमान । मानेंगे सब यीशु राजा है महान । ३ निकट आया अब उद्धार है त्राण की आशा पूरी अब । वायु में संत समूह उठकर उससे भेंट कर लेते सब । हल्लेलूयाह शुभ दिन आ पहुँचा अब ।। ४ हे सनातन स्वर्ग के राजा करें सब प्रणाम तुझे । तू ही योग्य अधिकारी जग का राज अपना कर ले । शीघ्र उतर हमको तू छुटकारा दे ।। #### 165 (१६५) *Bhajan Tunes No. 47.* *JOHN PARSONS.* समीप भई प्रभु महिमा, यीशु जग अधिकारी । १ तिमिर रात जग मा अस छाई, भूले सब संसारी । धर्म राज रवि परबल होवे, लज्जित देव पुजारी ।। २ यीशु शिष्य अनु निन्दित जग में, कौन करत पूछारी । हर्षित हो प्रभु गुण तब गैहैं, शत्रु पर जैकारी ।। ३ ख्रीष्ट गान धुनि घर घर टेरे, प्रेम सहित नर नारी । ख्याति सुनत शरणागति होवै हैं, ठठ के ठठ इक बारी ।। ४ युद्ध उपद्रव लोपित जग सों, सर्व लोग हितकारी । संग तोड़ हल फाल बनै हैं, बन में बहु फुलवारी ।। ५ प्रभु निज दुःख फल लखि हरषैं हैं, धन्य धन्य जग तारी । आश्रित बिन्ती सुनहु दयालू, झट हो प्राण अनुसारी ।। #### 166 (१६६) *“Bhajan Tunes No. 98.”* सुनो दीन भेड़ों मेरी, घड़ी दुखों की आयेगी घनेरी । १ देश देश के लोग हों बागी, हुल्लड़ की आग जलेगी । घड़ी घड़ी अकाल बिमारी, घबरायगी दुनिया सारी ।। २ राजाओं में होगी लड़ाई, छोटी बड़ी प्रजा दुःख पाई । माता पिता बहिन अरु नारी, ओठों पहर बनेंगे बैरी ।। ३ चाहे कैसी बिपत भी आवे, पद पद नित मन को हिलावे । गड़रिये की हिम्मत भारी, करे भेड़ों की वह रखवाली ।। #### 167 (१६७) ग़ज़ल *J. UMRAIL.* १ मरीजों अब संभल बैठो मसीहा की अवाई है । पड़ा है शोर दुनिया में नजात बालम में आई हैं ।। २ हबीबो मत करो मेरा इलाज अब तुम तबीबाना । शिफा के वास्ते मेरा मसीहा ही दवाई है ।। ३ फिरा सकता है मुझको कौन अब उसकी मुहब्बत से । हमारे वास्ते जिस ने कि जान अपनी लड़ाई है ।। ४ छुड़ाया जिसने हम बन्दों को आलम के गुनाहों से । उसी के हाथ से मुमकिन हमारी भी रिहाई है ।। ५ न कर अब दूर मुझको ऐ मसीहा अपने कदमों से । गवारा मुझ को अब मुमकिन नहीं तेरी जुदाई है ।। ६ उठाया दिल को भी लो गुल ने अब इस दार फानी से । सफर मुल्के बका का है खुदा से लौ लगाई है ।।

  • The Gospel Invitation 239–268 | Masihi Geet Sangrah

    सुसमाचार का बुलावा (The Gospel Invitation) 239 (२३९) “Come to the Saviour make no delay.” 9. 9. 9. 6. D. -- S. S. S. 1165. GEORGE F. ROOT, 1820-95. Chord - G# | S- 6/8 | T-094 १ आ देर न करके यीशु के पास अब उसकी बात पर कर तू विश्वास यहाँ वह करता बीच में निवास प्रीति से कहता आ ।। कोरसः- खुशी खुशी तब हम करेंगे पाप से जब छुटकारा पावेंगे और तेरे साथ हम नित्य रहेंगे स्वर्गीय स्थानों में ।। २ लड़के भी आवें सुन उसकी बात जय उसकी होवे हर दिन ओ रात यीशु को माने सब देश और जात अब देर न करके आ ।। ३ यीशु को बीच में अब पहचान सुन उसकी बात और मन ही से मान प्रेम से वह बोलता दे अपना कान आ मेरे लड़के आ ।। 240 (२४०) “Come ye sinners poor and needy.” S. 7. 8. 7. 4. 7. Dismissal or Eton College. JOSEPH HART, 1712-1768. १ आओ तुम जो हीन पापी दुखित क्लेशित बिन विश्राम पाप के कारण जो विलापी जी से कहो यीशु नाम प्रभु यीशु सिद्ध कर चुका अपना काम ।। २ हम सब अधम दीन हीन पापी सब हैं दोषी नरक योग्य दण्ड इस जग के पापियों का यीशु तूने किया भोग प्रभु यीशु तुझको ताकते पापी लोग ।। ३ तूने बहुत दुःख उठाके जगत पर दिखाया प्रेम क्रूस पर अपना रक्त बहाके किया सबके त्राण का नेम प्रभु यीशु तू ही देता कुशल क्षेम ।। ४ सारे जग का है राजा राज्य करने जल्दी आ देश विदेश ही तेरी प्रजा मूर्तिपूजा तू मिटा प्रभु यीशु अपना राज तू जल्दी ला ।। 241 (२४१) “Let him that heareth say come.” 6. 6. 4. 6. 6. 6. 4. Olivet. १ आओ सब पापी लोग हुये जो नरक योग्य जी से उदास आओ जो धर्म विहीन आओ जो मन मलीन यीशु के हो, आधीन यीशु के दास ।। २ जग में प्रभु कृपाल यीशु ने हो दयाल लिया अवतार प्रभु का नेम और प्रीत प्रभु का प्रेम प्रतीत देखों सब धर्म की रीत अपरम्पार ।। ३ अपने पर लेने दुःख औरों को देने सुख आया वह आप सहा है कष्ट महान दिया है अपना प्राण किया दे जग का त्राण किया मिलाप ।। ४ आओ यीशु के पास करो उस पर विश्वास सब हैं तैयार लेओ तुम मुक्ति ज्ञान लेओ तुम मुक्ति दान यीशु का ही प्रदान सच्चा उद्धार ।। 242 (२४२) “Hark my Soul it is the Lord.” 7. 7. 7. 7. St. Bees or Harts. WILLIAM COWPER, 1731-1800. १ उसकी सुन हे मेरे प्राण जिससे हुआ तेरा त्राण यीशु तुझसे पूछने हार क्या तू मुझसे करता प्यार ।। २ बंधन मैंने खोल दिया दुःखित मन को शान्त किया फेरा तुझे भ्रमने से पथ पर लाया जीवन के ।। ३ अपने बच्चे को क्या मां भूल जा सकेगी कदा जो वह भूले तौभी क्या तुझे मैं भूल जाऊँगा ।। ४ मेरा प्रेम है निर्विकार ऊँचा गहरा और अपार सदा रहता है अटल मृत्यु से भी है प्रबल ।। ५ तू तो आगे देखेगा स्वर्ग में मेरी महिमा सुख भी पावेगा अपार क्या तू मुझसे करता प्यार ।। ६ यीशु हो तू दयावन्त मेरा प्रेम निर्बल अत्यन्त यह अनुग्रह दे मुझे कि और करूँ प्यार तुझे ।। 243 (२४३) “There is a gate that stands ajar.” 8. 7. S. S. S. 372. MRS. L. BAXTER, 1807-94. Chord - A# | S- Waltz | T-124 १ एक द्वार नित खुला रहता है जिससे कि सदा आती एक ज्योत जो क्रूस से फैलती है यीशु का प्रेम बताती ।। कोरसः- क्या यह हो सकता, प्रेम अपार कि खुला रहता मुक्तिद्वार कि मैं हाँ मैं उसमें प्रवेश करूँ ।। २ सभी के लिये है वह द्वार जो उससे मुक्ति चाहते सब जाति सब लोग धनवान लाचार सेंत उसमें पहुँच पाते ।। ३ अब आगे जा निडर होके कि द्वार है खुला रहता उठाके क्रूस वह मुकुट ले जो प्रभु यीशु देता ।। ४ वह क्रूस जो मिला है यहाँ हम यर्दन पार छोड़ देंगे यीशु से मुकुट पा वहाँ नित्य उससे प्रेम करेंगे ।। 244 (२४४) “A ruler once came.” 11s and Ref. S. S. S. 466. W. T. SLEEPEE. १ एक शास्त्री जब आया था यीशु के पास, और जीवन अनंत की वह रखता था आस । तब यीशु ने कृपा कर कहा उससे, तू नया जन्म ले ।। कोरसः- तू नया जन्म ले, तू नया जन्म ले ।। २ हे पापी यह वचन मसीह का तू मान, जो सेंत में तैयार है अब देने को त्राण । सुन मंगल संदेश और मन यीशु को दे, तू नया जन्म ले ।। ३ जो स्वर्ग के निश्चय की हो इच्छा तुझे, कि दूतगण और संतों के बीच में रहे । यह जीवन अनंत प्रभु देगा तुझे, तू नया जन्म ले ।। 245 (२४५) 8. 7. 8. 7. 8. 7. Rousseau. Chord - G# | S- Ballad | T-082 १ एक है वाणी बहुत मीठी मेरे मन को भाती है मेरे छोटे मन से बोलती यों हे प्रिय कहती है क्यों तू रोता आसूं भरता क्यों तू होता दुःखाधीन मैं अब तेरी दशा देखता मेरे पास आ सुखविहीन ।। २ एक है वाणी बहुत मीठी मुझे फिर पुकारती है मेरे छोटे मन में खुशी यों अत्यन्त वह भरती है हे पियारे हे दुलारे क्यों तू ढूँढ़ता है आराम दोनों हाथ हैं लम्बे मेरे मुझ पास आ और ले विश्राम ।। ३ एक है वाणी बहुत मीठी धीमे तौर पर आती है मेरे छोटे मन को फेरती यह संदेश सुनाती है आ तू ऊपर इस सैहून में देख तू स्वर्ग की ज्योति को नित्य रह तू मेरे धाम में ज्योति में अब प्रवेश तू हो ।। ४ वाणी यह जो मीठी आती है पियारे यीशु की मुझे वह हरदम पुकारती क्या मैं यों न कहूँ भी हे मसीह हे प्रभु मेरे तेरे पास मैं आता हूँ हाथ बढ़ा हे यीशु प्यारे देख मैं पांव उठाता हूँ ।। 246 (२४६) “Have you been to Jesus.” 11. 9. 11. 9. S. S. S. 379. B. A. HOFFMAN. १ क्या तुम गये यीशु पास कि मन शुद्ध हो क्या उस लोहू में शुद्ध हुए हो क्या संपूर्ण भरोसा उस पर रखते हो क्या उस लोहू में शुद्ध हुए हो ।। कोरसः-क्या तुम शुद्ध हुए हो आत्मा शुद्ध करनेहार लोहू में क्या तुम्हारा मन निष्कलंक हुआ है क्या उस लोहू में शुद्ध हुए हो ।। २ क्या तुम चलते प्रतिदिन त्राता के साथ क्या उस लोहू में शुद्ध हुए हो क्या निरंतर चैन है तुझे यीशु से क्या उस लोहू में शुद्ध हुए हो ।। ३ क्या साफ़ कपड़ा होगा दुल्हा आवे जब क्या उस लोहू में शुद्ध हुए हो क्या तैयार है प्राण स्वर्गधाम में जाने को क्या उस लोहू में शुद्ध हुए हो ।। ४ पाप का मैला वस्त्र अब उतार के छोड़ उस के लोहू में शुद्ध होके आ ।। मन अशुद्ध के लिये सोता बहता है उसके लोहू में शुद्ध होके आ ।। 247 (२४७) “Jesus calls us;o'er the tumult.” 8. 7. 8. 7. Galilee or Evening Prayer. १ ख्रीष्ट बुलाता जग की धूम में मधुर वाणी पड़ती कान “सेवक मेरे पीछे हो ले” यीशु का यह वचन मान ।। २ प्राचीनकाल में अन्द्रियाह ने यह शब्द सुन मान लिया था ख्रीष्ट के नाम से घर संपत्ति सब ही को छोड़ दिया था ।। ३ ख्रीष्ट बुलाता ऐसा कहके सुन तू ले हे मेरे प्राण “जो कुछ प्रिय तुझे उससे अधिक प्रिय मुझे जान” ।। ४ दुःख और सुख में काम विश्राम में रात दिन वह बुलाता है “जीते मरते मुझसे तेरी लगे लौ” समझाता है ।। ५ ख्रीष्ट बुलाता ! त्राता हम पर हो दयाल तब मानेंगे मन को वश में कर तो तुझे सब से प्रिय जानेंगे ।। 248 (२४८) “The whole world was lost in the darkness of sin.” P. M. S. S. S. 417. PHILLIP BLISS, 1838-76. Chord - E | S- Waltz | T-124 १ जब जगत अंधेरे में डूब गया था इस जग का प्रकाश है यीशु ।। परमेश्वर की ज्योति का उदय तब हुआ इस जग का प्रकाश है यीशु ।। कोरसः- हे पापी जन इस ज्योति में आ वह तेरा पाप सब दूर करेगा अब देखता हूँ कि अंधा मैं था इस जग का प्रकाश है यीशु ।। २ विश्वासी अंधेरे में हो न उदास इस जग का प्रकाश है यीशु ।। वे ज्योति में चलते है यीशु के पास इस जग का प्रकाश है यीशु ।। ३ हे तुम जो अब पाप और अंधेरे में हो इस जग का प्रकाश है यीशु ।। अब उठके आशिष तुम परमेश्वर से लो इस जग का प्रकाश है यीशु ।। ४ स्वर्गधाम में उजाला आवश्यक नहीं उस लोक का प्रकाश है यीशु ।। प्रकाश है उस नगर का ख्रीष्ट यीशु ही उस लोक का प्रकाश है यीशु ।। 249 (२४९) “There is life for look.” P. M. S. S. S. 123. MISS A. M. HULL. Chord - D#/D | S- Ballad | T-082 १ तू तो जीयेगा देखने से यीशु की ओर अब भी पायेगा जीवन का दान तो देख और वह तुझे बचावेगा अब जिसके क्रूस ही के द्वारा है त्राण ।। कोरसः- देख देख देख के जी तू तो जीयेगा देखने से यीशु की ओर अब भी पायेगा जीवन का दान ।। २ देख उठाया है उसने सब पापों का बोझ तो तू अपना भी बोझ उसे दे उसके पंजर से लोहू सब बहता रहा कि सब ऋण तेरे भरे जाये ।। ३ न तो प्रार्थना न शोक से छूट सकता है पाप वरन रुधिर से होता बचाव तो उसी पर लाद के सब पापों का भार केवल उसके तू देख बहते घाव ।। ४ सुन मसीह ने बुलाया तू शंका न कर कुछ भी करना अब तेरा न काम क्योंकी प्रगट वह हुआ बचाने को है हां और तुझे वह देता विश्राम ।। ५ अब ले उसके हाथ से तू जीवन का दान जिसे देना वह चाहता भी है और कभी तू मरने से डरता न रह क्योंकी प्रभु नित्य पास रहता है ।। 250 (२५०) “There were ninety and nine.” P. M.-- S. S. S. 97. ELIZABETH CHEPHANE, 1830-69. १ निन्यानवे भेड़ें कुशल ही से भेड़शाला में आ रही थी पर एक तो पहाड़ों में गल्ले को छोड़ भटकती ही खो गई थी वह जंगल में फिरती बेचैनी से पूर चरवाहे दयालु से गई थी दूर ।। २ “निन्यानवे तो रही हैं हे चौपान कुछ चिंता उस एक की न कर” चरवाहे ने कहा “क्यों छोडूँ वह एक मैं उसे भी लाऊँगा घर हां कठिन है मार्ग और कंटीले हैं पेड़ पर तौभी मैं जाता हूँ ढूँढ़ने को भेड़”।। ३ कौन वर्णन कर सकता वह संकट और दुःख चरवाहे को मिले जो थे कि अपनी भेड़ी जो खो गई थी वह जंगल में ढूँढ़ के पावे कि सुना, वह जंगल में रो रही है थकी और रोगी वह मर रही है ।। ४ पर मार्ग में यह लोहू के टपके जो हैं सो कहो, हैं किस के निशान उस भेड़ी को पाने जो भाग रही थी देख घायल भी हुआ चौपान कि कांटे चुभ गये लोहू लुहान हुए हाथ जब ढूँढ़ लाया भेड़ों की दया के साथ ।। ५ पर सुनो एक महाशब्द बोल रहा है “आनंदित अब हो मेरे संग” पृथ्वी पर से आता वह खुशी का शब्द और स्वर्ग में भी उठती तरंग कि दूत गण पुकारते भी हैं बीच आसमान “जो भेड़ी खो गई, फेर लाया चौपान” ।। 251 (२५१) “Jesus is tenderly calling.” P. M. -- S. S. S. 395. FANNY CROSBY, 1820-1915. Chord - A | S- Waltz | T-124 १ प्रेम से आज यीशु बुलाता मुझे, पापी तू आ पिता के पास पिता के प्रेम से क्यों रहता तू दूर, भूखा प्यासा निरास ।। कोरसः- आ मेरे पास आ मेरे पास यीशु बुलाता है पापी अब आ मेरे पास ।। २ हे थकित लोगों वह बोलता तुम से, लेओ विश्राम लेओ विश्राम आज मेरा जुआ तुम कान्धे पर लो, उस से पाओगे आराम ।। ३ वह तेरे आने की जोहता है बाट, देरी न कर देरी न कर सदा यह अवसर न मिल सकेगा, यीशु को आज ग्रहण कर ।। ४ बिन्ती भी करता तू शब्द उसका सुन, मेरे पास आ मेरे पास आ कर तू विश्वास तो पावेगा आनंद, सुसमाचार मान के आ ।। 252 (२५२) 8. 7. 8. 7. 8. 7.Unser Herrscher or Dismissal. १ पापी दोषी दीन हीन सकल आओ गहो यीशु नाम तारण कर्त्ता वह है केवल उस के ऐसा किस का काम प्रभु यीशु प्रगट होवे तेरा नाम ।। २ हम सब अधम और अपराधी सब हैं दोषी नरक योग्य तू ने कृपा से अनादि प्रेम से किया पाप भोग प्रभु यीशु अब निस्तार तू पापी लोग ।। ३ देह को धारण कर तू आया धरती पर दिखाया प्रेम पापी लोग का दण्ड उठाया जिस पर धरा त्राण का नेम प्रभु यीशु कर हम सब का कुशल क्षेम ।। ४ तू ने अपना लहू दिया दिया निज अमूल्य प्राण ऐसा प्रेम कब किसने किया तू ही सभों का है त्राण प्रभु यीशु तुझ बिन और न कोई त्राण ।। ५ जगत अन्त लों तू ही राजा वेग से अपना राज्य दिखा सकल लोग हों तेरी प्रजा लज्जा देवों पर बहा प्रभु यीशु आवे तेरी प्रभुता ।। 253 (२५३) “I have a Saviour.” P. M. -- S. S. S. 350. S. O. MALEY CLUFF. १ मेरा त्राणकर्ता है स्वर्ग में वह रहता त्राणकर्त्ता पवित्र और प्यारा अमर सदा कृपा दृष्टि कर मेरी सुधि लेता हे भाई यह त्राणकर्त्ता तू भी ग्रहण कर ।। कोरसः- मैं तेरे ही लिये, मैं तेरे ही लिये मैं तेरे ही लिये, अब प्रार्थना करता हूँ ।। २ मेरा है पिता मुझ की उस ने दी है जी उठके स्वर्ग जाने की आशा सही वह मुझे बुलाके संग अपने रखेगा तू मेरे संग जाने तैयार रहे भी ।। ३ मेरा है वस्त्र पवित्र चमकीला वह मुझको मिलेगा जब स्वर्ग जाऊँगा उस को पहिनूंगा यह मेरी है आशा कि तू भी यह वस्त्र अभी पावेगा ।। ४ मेरी है शान्ति अद्भुत और अनोखी इस जगत के लोग उसको जानते नहीं हे प्रभु यीशु उस का कर्त्ता और दाता भाई प्रार्थना कर कि तू चैन पावे भी ।। ५ जब यीशु त्राणकर्त्ता को ग्रहण करेगा तब औरों के पास जाके कथा सुना दिन रात उनके लिये कर ईश्वर से प्रार्थना कि मेरे संग पिता तू उन को बचा ।। 254 (२५४) “Who'll be the next.” ANNIE. S. HAWKES 1835-1918. Chord - A | S- 6/8 | T-086 १ यीशु के पीछे कौन हो लेता अपना ही क्रूस कौन उठावेगा कौन अब तैयार है अभी पुकार है कौन ताज आसमानी पावेगा ।। कोरसः- कौन है तैयार अभी तैयार यीशु के पीछे कौन हो लेता यीशु के पीछे कौन हो लेता अब अभी कौन तैयार ।। २ यीशु के पीछे कौन हो लेता कौन उसके साथ अब हो जावेगा पूरा ही त्राण हो, उसकी जय जय हो कौन उसकी सेना गावेगा ।। ३ यीशु के पीछे कौन हो लेता संकट और दुःख में जब रास्ता हो पापों को छोड़ के बन्द उनके तोड़ के कौन आप को देता यीशु को ।। ४ यीशु के पीछे कौन हो लेगा जब तक पहुँचे न यर्दन किनार सिद्ध हो विजय में पूरे निश्चय में पहुँचेंगे तब यर्दन पार ।। मैं हूँ तैयार अभी तैयार यीशु के पीछे मैं हो लूंगा यीशु के पीछे मैं हो लूंगा अब अभी हूँ तैयार ।। 255 (२५५) “Come to Jesus, just now.” R- S- MANDRELLE 1905-1972. १ यीशु पास आ -- अभी ।। २ वह बुलाता -- अभी ।। ३ बचा सकता -- अभी ।। ४ वह तैयार है -- अभी ।। ५ वह बचाता -- अभी ।। ६ क्षमा करता -- अभी ।। ७ मैल से धोता -- अभी ।। ८ सामर्थ देता -- अभी ।। ९ आत्मा देता -- अभी ।। १० उससे मांगो -- अभी ।। ११ वह सुन लेता --अभी ।। १२ तू विश्वास कर-- अभी ।। 256 (२५६) “O sinner come.” C. M. -- S. S. S. 493. CHARLES WESLEY. 1707-88. १ हे पापी जन हे पापी जन, क्यों निश्चित सोता है तू जाग जा तेरा तारणहार, यीशु बुलाता है ।। कोरस :- मैं मानता हूँ, मैं जानता हूँ कि यीशु त्राता है और उसके साथ और उसके हाथ स्वर्गधाम की कुंजी है ।। २ हे पापी जन निर्बल अधम, दिन बीतता जाता है अब हो तू त्राण का खोजनेहार, यीशु बुलाता है ।। ३ हे पापी जन अब कर विचार, क्यों दुःख में रहता है यद्यपि तू है चूकनेहार, यीशु बुलाता है ।। ४ हे पापी जन हे व्याकुल मन, क्यों मरना चाहता है सचमुच यद्यपि तू बदकार, यीशु बुलाता है ।। ५ हे पापी जन क्यों अप्रसन्न, तू क्यों शर्माता है देख कैसा यह अद्भुत पियार, यीशु बुलाता है ।। ६ हे पापी जन क्यों हो निर्धन, क्यों कृपा खोता है अब देख यह फिर एक पिछली बार, यीशु बुलाता है ।। 257 (२५७) “Whosoever heareth..” S. S. S. 389. PHILLIP BLISS, 1838-76. Chord - A# | S- 6/8 | T-086 १ हर एक सुननेवाला करे प्रचार सब कहीं फैलावें यह सुसमाचार पापी लोग यह सुनने पावें बारम्बार हर एक आवे यीशु पास ।। कोरस :- वही सभों को ग्रहण करेगा देश विदेश के लोगों को दे नेवता किसी को वह नहीं करेगा निरास हर एक आवे यीशु पास ।। २ हर एक आनेवाला देर न करे खूले द्वार के बाहर खड़ा न रहे मुक्ति मार्ग में अभी अपना पांव धरे हर एक आवे यीशु पास ।। ३ त्राण का खोजी हो तो यीशु को मान केवल वह बचाता आदमियों का प्राण उस पर दे भरोसा जिससे मिलता त्राण हर एक आवे यीशु पास ।। 258 (२५८) भजन THOMA DAS कोरसः- ऐ गुनहगार मसीह को निहार । उसने तेरे खातिर कैसा किया प्यार ।। १ वह स्वर्ग छोड़ कर आया, दुःख संकट बहुत उठाया । पसली में भाला खाया, हाय बही खून की धार ।। २ क्रूस चढ़ा और कोड़े खाये, जरा करी नहीं आह । मेरे कारण यह किया है, उठा लिया सब भार ।। ३ तीन दिनों में उठा कबर से, तौभी किया पिया V। मौत बली को जीता उसने, बोलो जय जयकार ।। ४ चालीस दिन के अन्त में यीशु, स्वर्ग में बैठे जाय । चेलों को रूह पाक दिया है, करते सब प्रचार ।। ५ सच्चा धर्म बताया हमको, बाईबल के दरम्यान । जो कोई जाने दिल से माने, पावे वह निस्तार ।। ६ सब जन आओ शीश नवाओ, दुआ करो मन लाय । थोमादास की आस मसीह फिर, आकर करे विचार ।। 259 (२५९) Bhajan Tunes No. 111. THOMA DAS. Chord - D/C# | S- Dholak | T-086 यीशु यीशु बोल तेरा क्या लगे है मोल, हर दम यीशु यीशु बोल । १ क्या तू लाया क्या ले जायगा । जरा तो दिल में तोल । धन संपत्ति सब यहाँ रहेगा । मन की घुंडी खोल ।। २ दस आज्ञा दीनी जो प्रभु ने । एक से एक अनमोल । चलने की ताकत वह देगा । मांगो जिभिया खोल ।। ३ पाप की गठरी सिर पर भारी । बोझ बड़ा अनमोल । यीशु मसीह को सब दिखला दो । अपनी गठरी खोल ।। ४ यीशु मसीह दयालु पियारे । पापिन को रह बोल । देर करो मत अभी चलो सब । सच्चा गुरू टटोल ।। ५ जयजय बोलो सभी मसीह की । खूब बजा कर ढोल । थोमादास भजन यीशु का । गाता तन मन खोल ।। 260 (२६०) Bhajan Tunes No. 25. ZUDLN. चलो रे लोगों ईश्वर न्योता मानी । १ देश विदेश निवासिन पाहीं, वचन देहि पहुंचानी ।। २ प्रेम क्षमा सत शान्ति मिलाई, मुक्ति बियारी ठानी ।। ३ निज पुन बसन मलीन उतारो, तिहि अवगुण ठहरानी ।। ४ लेहु यीशु नरतारक पुण्य को, शुभ भूषण अस जानी ।। ५ स्वर्ग भवन की बाट बतावन, यीशु भयो अगुवान ।। ६ तिन अनुगामी भोज सभा में, मिल बैठे हर्षांनी ।। ७ पावन दूत तहां बसहीं सब, कहि ईश्वर यश बानी ।। ८ रोग शोक तृष्णा कछु नाहीं, प्रभु शोभा निरखानी ।। ९ ख्रीष्ट दास जो वा सुख भागी, धन्य धन्य सो प्रानी ।। 261 (२६१) Bhajan Tunes No. 18. चेत करो सब प्यारे लोगों, ईश्वर सुत जग आया है रे । स्वर्ग सिंहासन तजहि आयो, पावन ग्रन्थ सुफल तब कीन्हा ।। पापी जन के भार उठायो, प्राण क्रूस पर बलि कर दीन्हा ।। तीसर दिन आये पुनि उठ्यो, मृत्यु राज्य पर जय जयकारी ।। राख लियो प्रभु वचन अपाना, धर्म राज्य का भौ अधिकारी ।। नाश नगर से बाहिर आओ, इत तुम्हारा नाहिं निवासा ।। धर्म नगर प्रभु यीशु भजन जे, ताहि नगर पर बांधो आशा ।। ख्रीष्ट चरण के अधीन हों मैं, तिहि जानत हों आपन स्वामी ।। दीन दयाल कृपाल सुदाता, संतहि तारत प्रभु अनुकामी ।। 262 (२६२) Bhajan Tunes No. 91. PREM DAS. जरा इधर धरो इधर धरो इधर धरो ध्यान । हम तो सुनाते हैं यीशु जी का ज्ञान ।। १ हाथी घोड़े शान और शौकत खेती और मकान । माल खजाने पड़े रहेंगे निकलेगी जब जान ।। २ काम क्रोध को तज दे प्यारे लोभ मोह अभिमान । तज मगरूरी सीख सबूरी बड़ा यही है ज्ञान ।। ३ बैल पहिचाने मालिक अपना गधा भी अपना थान । हाय हाय उन पर जो फिरते हैं मालिक से अज्ञान ।। ४ चेत जरा गफलत से प्यारे जरा तो कर तू ध्यान । हया शर्म को कुछ तो जगह दे आखिर तू इंसान ।। ५ पाप की गठरी लेकर तुम क्यों फिरते हो हैरान । तुम्हारी खातिर यीशु मसीह ने दी है अपनी जान ।। ६ चाहे करो तुम दान और पुण्य चाहें करो स्नान । रोग पाप का कटे नहीं बिन यीशु के बलिदान ।। ७ दास यीशु का बिन्ती करता सुन लो धर के कान । तन मन धन से यीशु मसीह पर लाओ तुम ईमान ।। 263 (२६३) Bhajan Tunes No. 19. BANDHU MASIH. जिन प्रतीत यीशु पर नाहीं, कस पावें भवपारा हो । १ ज्ञानी पण्डित जित जग भयेउ, डूब गये यदि धारा हो । ईश्वर वचन अनादि अनन्ता, सोई देत सहारा हो । २ सरग छोड़ जग में प्रभु आये, मेघ जहाँ अंधियारा हो । जननी गर्भ मनुज तन धारा, सकल सृष्टि करतारा हो ।। ३ नर सब भूले भेड़ समाना, जिनका नहीं रखवारा हो । तिनको यीशु महा सुख दीन्हा, दुःख सहि कीन्ह उधारा हो ।। ४ दास करे कहां लग प्रशंसा, प्रेम अमित विस्तारा हो । आवो सब मिल प्यारे भाई, सेंत गहों निस्तारा हो ।। 264 (२६४) Bhajan Tunes No. 17. PRABHU DAS. जीवन मुक्ति हेहु नर नारी । १ आपहि यीशु जग में आया, कोमल हाक पुकारी । दीन हीन का स्वर्ग विहीन का, प्रेमी सत्य अधिकारी ।। २ सच्चे धर्म प्रकाशक छोड़ के, मुरख रैन बिहारी । जीवित ईश्वर स्वर्ग विराजे, देखत नैन पसारी ।। ३ करके दया यीशु जग आया, मानुष देह जो धारी । अपने सिर पर संकट सहके, पापिन लीन उबारी ।। ४ अब प्रभुदास कहें कर जोड़े, सुनिये विनय हमारी । यीशु जी से ऐसे मांगो, जैसे निर्बल भिखारी ।। 265 (२६५) भजन 7. 7. 7. JOHN PARSONS. प्रभु जी मोहि प्रेम कर देखो, राखो पाप नियारा हो । १ ईश्वर का अवतार भयो तुम, पापिन हित बलिदाना हो धर्म आत्मा मो पर डालो, ‘हे प्रभु दयानिधाना हो’ ।। २ निश्चय हो तुम सब के ईश्वर, सब जग जन के स्वामी हो मम अवगुण में मोहि बचावो, हे प्रभु अंतरयामी हो ।। ३ शीश नवत हूँ बारंबारा, तुम बिन को सुखदाता हो मेरे मन की आस पुराओ, हे पापिन के त्राता हो ।। ४ नित्य रहो प्रभु मम रखवारे, तुम अस प्रेमी नाहीं हो भूल न जावे निर्बुद्धि हृदय, हां कंटक बन माहीं हो ।। ५ कृपा करि बुद्धि बल दे मोहि, निज महिमा अनुसारी हो यश हो तोहे आश्रित होवे, सरग भुवन अधिकारी हो ।। 266 (२६६) Bhajan Tunes No. 37. NAIN SUKH. मसीह जी को सुमरौ भाई, तुम सरग धाम सुख पाई । १ सुमरण कीजे चित्त में लीजे, सत्य शीलता पाई । आनन्द होके जय जय कीजे, अन्तर ध्यान लगाई ।। २ यह जिन्दगानी फूल समानी, धूप पड़े कुम्हाई । अवसर चूके फिर पछतैहो, आखिर धक्का खाई ।। ३ जो चेते सो होत सबेरे, क्या सोचे मन लाई । कुल परिवार काम नहिं आवे, प्राण छूट छिन जाई ।। ४ सत्य पदार्थ ख्रीष्ट जग आये, सब पापी अपनाई । निश्चय बास करो निशिबासर, अमर नगर को जाई ।। ५ अन्दर मैल भरो बहु भारी, सुधि बुद्धि मैं बिसराई । यीशु नाम की बिन्ती कीजै, अवगुण में गुण पाई ।। 267 (२६७) भजन PREM DAS. यीशु पर ला ईमान कि लोग धर्मी बन जाते हैं (टेक) । १ जो ईमान यीशु पर लाते, पाप दिलों से हैं धुल जाते । वे पाते दिल में चैन, नरक से वे बच जाते हैं ।। २ नया जन्म ईश्वर से पाते, धर्म आत्मा से भर जाते । और पाते जीवन मुक्ति, ईश के पुत्र कहाते हैं ।। ३ दया धर्म और नेक कमाई, करते हैं ईश्वर की चाही । तब धीर खुशी आनंद, प्रेम से दिल भर जाते हैं ।। ४ यीशु की जो आय शरण हैं, दास कहें वे लोग मगन हैं । हर हालत में खुश हाल, सदा गुण उसके गाते हैं ।। 268 (२६८) H. T. B. 105. HASAN ALI. १ शिफादस्त-इ-करम से उसके, पाये जिसका जी चाहे मेरे कहने पै क्या है आजमाये, जिसका जी चाहे । २ मरीजान-इ-गुनाह को दे खबर, फैज-इ-मसीहा की बिला कीमत दवा मिलती है, लाये जिसका जी चाहे । ३ गुनहगारों को मुज्दः दो, कि यीशु जी उठा तब से दर-इ-जन्नत खुला रहता है, आये जिसका जी चाहे । ४ है तसलीस-इ-इलाही अकल-इ-इन्सानी से गो बाहर सदाकत उसकी लेकिन दिल में, पाये जिसका जी चाहे ।। ५ निदा दी अब्र-इ-रहमत ने, खड़े होकर यह हैकल में कि आब-इ-जिन्दगी देता हूँ, आये जिसका जी चाहे ।। ६ खजाना आसमान पर है हमारा, क्या कमी हम को तलाश-इ-जर में उमर अपनी, गंवाये जिसका जी चाहे । ७ सफीर अब है जईफी ताज ले, गालिब हो आखिर तक कदम इस दौर में अपना बढ़ाये, जिसका जी चाहे ।

  • Advent 81-88 | Masihi Geet Sangrah

    आगमन (Advent) 81 (८१) "Wake awake for night is passing." 8. 9. 8. 8. 9. 8. 6. 6. 4. 4. 8. Wachet auf. PHILLIP NICOLAI, 1556-1608. १ जाग उठो पुकारा हुआ जगा के बोलता है पहरूआ यिरूशलीम निश्चिन्त मत हो आधी रात अब हुई आओ चौकस हो कुवांरियो उठो दुल्हे से मिलने को सिद्ध हो वह आता धूम के साथ दीपक अब लेओ हाथ हल्लेलूयाह विवाह को अब तुम सिद्ध होओ और निकालो उससे मिलने को ।। २ सैहून बात जो सुनने आती तो अपने मन में आनन्द पाती वेग उठके होती है हर्षित उसका दुल्हा बड़े प्रेम से बिभव के साथ आता है स्वर्ग से वह बोलती है कि सब कुछ सिद्ध हे प्रभु यीशु आ प्राणनाथ तू दुल्हिन का हल्लेलूयाह बुलाहट पर हम आनन्द कर सब जाते हैं विवाह के घर ।। ३ बीन और बर्बत हम बजावें स्वर्ग और पृथ्वी के लोग सब गावें ईश्वर की स्तुति और प्रशंसा स्वर्ग दूतों का जो समूह है । और सन्तों की जो बड़ी भीड़ है सब गाते हैं गीत सु-स्वर का न आँख ने देखा है न कान ने सुना है ऐसा आनन्द गीत गाने को सब आइयो और दण्डवत करो प्रभु को ।। 82 (८२) "Behold the Bridegroom cometh." 7. 6. 7. 6. D. Morning Light or St. Theodulph Tune Standup-Standup GEORGE F. ROOT, 1830-1895. १ जाग उठो हे विश्वसियों और हाथ में लो मशाल अंधेरा होने चाहता अब जाँचो अपना हाल । तुम कान और मन लगाकर पहरू की सुनो बात दुल्हा है आनेवाला जल्द होगी आधी रात ।। २ मशालें तुम सुधारो और डालो उन पर तेल ख्रीष्ट यीशु चला आता जल्द होगा उससे मेल । दुल्हे का स्वागत करने तुम निकली आनन्द से ठीक स्वर से मन लगाकर गीत गाओ स्तुति के ।। ३ अब उसको देर न होगी तुम रहो सब तैयार हर स्थान में मची रहती फिर आने की पुकार सुबुद्ध कुंवारियों सा सिद्ध रखो अपना दीप हाँ इस को सच तुम जानो कि दुल्हा है समीप ।। 83 (८३) "O, how shall I receive Thee." 7. 6. 7. 6. D. St. Theodulph or Morning Light PEULUS GERHAEDT, 1607-76. १ मैं कैसे तुझे भेटूं ग्राह्य होऊँ किस प्रकार हे जग के आस्रा हेतु हे मेरे प्राण सिंगार हे यीशु आप ही दे दे अब मुझे बुद्धि-ज्ञान तब जो कुछ तुझे भाता मैं बूझ कर जानूंगा ।। २ खजूर की हरी डारें सैहून बिथराती है मैं मीठे मधुर गान में मिलाऊं मन मोदमय नित मेरा मन प्रफुल्लित हो तेरी स्तुति में और रहें नित प्रमुदित तेरी ही सेवा में ।। ३ धन तेरा प्रेम अनन्ता जब पड़े थे देह प्राण दुःख में अथाह अत्यन्ता तब किया तूने त्राण जब चैन और कुशल हीना मैं भटके फिरता था तब तू ने मुझे चीन्ही हो धन्यवाद सदा ।। ४ मैं भारी बन्ध में रहा तू आया भन्जनबन्ध दुःख निदा मैंने सहा तू आया दयावन्त मुझ दीन को तू बढ़ाता और देता धन अक्षय जो न संसार के जैसा कभी घट जाता है ।। ५ स्वर्ग धाम से तुझे लाया पास मेरे कौन सा नेम वह केवल तेरी दया तेरा मनोहर प्रेम हम में हे जगतारक तू समस्त जग का पाप बिलाप सन्ताप भयानक उठा ले जाता आप ।। ६ तो आप सहायक प्रिय दे हमें शांति चैन आ त्राणी तेरे लिये हम रास्ता देखते हैं । आ जयवन्त कुशलपति विरूद्धता सब मिटा और अपनी तारित जाति स्वर्ग-राज्य में ले उठा ।। 84 (८४) "On Jordan's bank the Baptist's cry." L. M. -- Winchester Old Melcombe. J. CHANDLER. १ यर्दन के तीर सुन पड़ता है यह शब्द कि प्रभु आता है । जाग उठो सुनो सारे देश राजाधिराज का सुसंदेश ।। २ शुद्ध करो अपने मनों को ईश्वर का मार्ग तुम सिद्ध करो । हे प्राणी हृदय को सवार कि टिकने पावे आनेहार ।। ३ तू ही हमारा शरण स्थान तू ही है प्रतिफल और त्राण । ज्यों फूल बिना जल कुम्हलाते हैं हम तुझ बिन क्षीण हो जाते । ४ सब रोगयों पर हाथ फैला हर पतित जन को वेग उठा । इस पापमय जग पर हो प्रकाश सूझ पड़े नई भू आकाश ।। ५ अब होवे स्तुति पुत्र की कि जिसने आके मुक्ति दी । पिता का भी हो स्तुतिगान पवित्र आत्मा का हो मान ।। 85 (८५) "Hark the glad Sound." С. М. Bristol or Nativity. PHILLP DODDRIDGE. 1702-51 १ सुन मुक्तिदाता आता है जो आनेवाला था । हर मन सिंहासन उस का हो हर शब्द हो स्तुति का ।। २ वह आता हर एक पापी को छुड़ाने पापों से । टूट जाते उसके आने पर सब बन्धन लोहे के ।। ३ वह आता सब के मन पर से पर्दा हटाने को । और ज्योत अनन्त भी आँखों में अंधों की डालने को ।। ४ वह आता टूटे मनों को बाँध देने कृपा से । और धनी करने दीनों को धन से अनुग्रह के ।। ५ नित तुझे कुशल के प्रधान हम धन्य कहेंगे । और तेरे जय जयकार का गान सब स्वर्ग में करेंगे ।। 86 (८६) 8. 7. 8. 7. 4. 7. Dismissal or Eton College. १ हे परमेश्वर तेरे मुख को महिमा में जो है अनुप देखने की न शक्त मनुष को आत्मा है तू बिन स्वरूप स्वर्ग के राजा जग का तू है महाभूप । २ उतरा था तू जगदीसा अपना प्रेम दिखाने को प्रगट हुआ प्रभु यीशु भ्रष्टों के बचाने को हे परमेश्वर मेरा मुक्तिदायक हो । ३ तेरे गुण स्वभाव फैलाने यीशु आया इस संसार जग का पाप सन्ताप मिटाने जग के करने को उद्धार कृपा सागर कर तू मेरा भी निस्तार । ४ काटने को हमारे दुःख को पाया उसने दुःख और कष्ट देने हमें धर्म और सुख को जो शैतान से हुए भ्रष्ट यीशु आया पाप संताप को करने नष्ट । ५ मुझे ग्रहण कर हे प्रभु मन कठोर हमारे तोड़ तू हम आस्त्रितों का कभू दुःख के सागर में न छोड़ । मरन काल तक हम से अपना मुंह न मोड़ ।। 87 (८७) Bhajan Tunes No. 1. JOHN PARSONS. दीनदयाल सकल बर दाता, दे यश गावन को उपदेशा ।। १ निथरे नीर अगम नद नाईं, तोर दया जल बहत हमेशा । बाते तनम न कुशल मिलत है, धन्य जगत पालक परमेशा ।। २ शठ अपराधी नर तारन को, लियो प्रभु सेवक को भाषा । दीनन संग संकट पथ धारा, क्रूस सहित सहिलाज कलेशा ।। ३ निज जन अन्तर विकल करने को, है प्रभु तोह शक्ति विशेषा । तेरी आत्मा गुण तिन चित में, दिवस जोति सब करत प्रवेशा ।। ४ तब यश मरत भुवन में होवे, सरग भुवन जिमि होत अशेषा । आश्रित मुख निज भजन कराओ, ठरि कुटिल मन दुरमति लेशा ।।

  • Lent 115–121 | Masihi Geet Sangrah

    संयमकाल (Lent) #### 115 (११५) *“Come every soul by sin oppressed."* *C. M.-- Only trust him* *J. H. STOCKION.* १ आओ जो थकित कलेशत हो विश्राम है यीशु पास उस ही के हाथ को पकड़ लो करो उस पर विश्वास ।। कोरस :- वह त्राता मुक्तिदाता वह बुलाता है पाप को तजो उसको भजो वह बचाता है ।। २ वही है सत और मुक्ति द्वार स्वर्गधाम पहुँचाने को हुआ अकेला धर्म अवतार सब पाप मिटाने को ।। ३ हे पापी जा उस धारा पास और मन के पाप धो डाल उस ही पर रख तू अपनी आस हो शाँति से निहाल । ४ मसीह के चेलों में मिल जा और थाम ले उसका हाथ मन उसकी प्रीति से मत हटा जो रहता तेरे साथ ।। #### 116 (११६) *“God loved the World of sinners lost."* *C. M.-- Punjabi Tune.* *MRS. STOCKION.* *Chord - D | S-6/8 | T-080* १ ईश्वर ने अद्भुत रीति से इस जग को किया प्यार और दिया अपने पुत्र को कि सब का हो उद्धार कोरस :- जयजयजय मसीह की जय जो क्रूस पर मुआ है है उसका प्रेम असीम अपार जय जय मसीह की जय ।। २ ईश्वर का पुत्र मृत्युंजय विश्वास से मेरा है वह अपने रक्त से करता शुद्ध और मुक्ति देता है ।। ३ विश्वासियों आनन्दित हो तुम को वह देता है कि यहीं चखो वहीं सुख जो सदा स्वर्ग में हैं ।। ४ शैतान का बल अब हुआ नाश यह गीत हम सबका हो और मरनकाल यीशु की जय करें आनन्दित हो ।। #### 117 (११७) *"Jesus and shall it ever be."* *L. M. Mainzer or Breslau.* *JOSEPH GRIGG, 1728-68.* १ यीशु क्या कभी होवेगा कि तुझ से मैं लजाऊँगा । जिसकी स्तुति दूतगण करते तू जो है प्रतापमय सदा ।। २ क्या उस मौत से मैं लजाऊँ जो वह है मेरा त्राणाधार । यदि मैं उससे लजाऊँ है कारण मेरा दुर्बल प्यार ।। ३ उससे लजाऊँ ? हाँ जब पाप मुझे नहीं धो डालना हो । जब मुझे हो न डर न दुख न आत्मा को बचाना हो ।। ४ तब तक मैं करूँगा घमण्ड उस पर जो मेरा त्राता है । और सदा मेरा भाग यह हो वह मुझ से न लजाता है ।। #### 118 (११८) *7s. Wollt Ihr Wissen* १ कौन है मेरा उत्तम ज्ञान मेरे मुंह का सुबखान कौन है मेरा पूर्ण आह्लाद मेरा धन और धन्यवाद ख्रीष्ट जो क्रूस पर मरा था ।। २ कौन है मेरे मन की प्रीति मेरा आस्रा पूर्ण प्रतीत कौन है मेरे मन का बल मेरी शरण आड़ और ढाल ख्रीष्ट जो क्रूस पर मरा था ।। ३ कौन हर संकट में सहाय कौन अकाल में भोजन हैं कौन जब लगती प्राण को प्यास शांति जब मैं हूँ उदास ख्रीष्ट जो क्रूस पर मरा था ।। ४ कौन है मेरा मृत्युंजय मरण काल में जो सहाय वह जो मुझे सर्वदा अपने पास बढ़ावेगा ख्रीष्ट जो क्रूस पर मरा था ।। ५ धन्य मान हे मेरे प्राण यीशु ख्रीष्ट का कर बखान हाँ प्रशंसा ख्रीष्ट की हो अभी से सनातन लों । कि वह क्रूस पर मरा था ।। #### 119 (११९) *"I am coming to the cross."* *7s. S. S. S. 477.* *Chord - F | S- E.Movie/"---" | T- "..."* १ क्रूस पास अब मैं आता हूँ उस में आश्रा पाता हूँ हुआ जां सत बलिदान जिससे होता मेरा त्राण ।। कोरसः- ख्रीष्ट मैं रखता तुझपर आस आता हूँ मैं कलवरी पास क्रूस की आशिष मुझे दे मुझे अब बचा तू ले ।। २ मैं तो पापी क्लेशित था अपने कर्म से दुःखी था मुक्ति का ढूंढ़ता था उपाय जानता था न सत सहाय ।। ३ यीशु तू है मेरा नाथ पकड़े रह तू मेरा हाथ केवल तू है सत अवतार केवल तुझ से है उद्धार ।। #### 120 (१२०) *Look to the Saviour on Calvary's tree."* *9. 9. 9. 5. and Ch. S. S. S. 427.* *Chord - G/F# | S-6/8 | T-084* १ क्रूस ही के पास जहाँ रक्त बहा पापों से दबे तहाँ गया । रक्त से यह मन मेरा शुद्ध हुआ उसकी होवे जय ।। कोरस :- उसकी होवे जय (२) रक्त से यह मन मेरा शुद्ध हुआ उसकी होवे जय २ निश्चय सब दूर हुए मेरे पाप राज करता है मन में यीशु आप । क्रूस ही का है मुझ पर प्रताप उसकी होवे जय ।। ३ ख्रीष्ट यीशु ने मुझे शुद्ध किया सुन्दर वह सोता है क्रूस ही का । उस पास मैं जाकर संतुष्ट हुआ उसकी होवे जय ।। ४ निर्मल वह सोता और आशिषमय उससे सब पाप तेरे होते क्षय । जल्द आकर अभी होजा निर्भय उसकी होवे जय ।। #### 121 (१२१) *“O render thanks to God above."* *L. M. Hursley or Abends.* १ धन मान के कहो उसकी जय जो अनन्त प्रेम का सोता है । आरम्भ से उसकी करूणा रही और रहेगी सदा ।। २ कौन उसके अद्भुत कामों का योग्य वर्णन कर सकेगा । गुणों का गाना भी उसके न बनता मानवी होठों से ।। ३ वे धन हैं और उनका है क्षेम जो पालन करते उसके नेम । जो उसकी इच्छा जानते हैं और उसकी आज्ञा मानते हैं ।। ४ दे मुझे वह अनुग्रह जो तू देता चुने हुओ को । छुड़ाने जब तू आवेगा हे प्रभु मुझे भी छुड़ा ।।

  • God The Father 37-50 | Masihi Geet Sangrah

    परमेश्वर पिता (God the Father) 37 (३७) "Now thank we all our God." 6s. Nun Danket. MARTIN RINKART, 1586-1619. १ अब मन और मुंह और हाथ ईश्वर की ओर उठाओ और उसका बड़ा प्रेम और उत्तम काज सराहो वह हम पर कृपावान दयाल करूणामय हमारे बालपन से आज तक ठहरता है ।। २ जीवन भर कुशल क्षेम परमेश्वर हम को देवे कि हममें धर्म और प्रेम और शान्ति बढ़ती जावे हे प्रभु कृपा कर हमें सदा सम्भाल संसार पर जय दिला सब संकट से निकाल ।। ३ ईश्वर को धन्यवाद पिता सराहो जावे पुत्र को महातम हो धर्मात्मा स्तुति पावे जो है और रहेगा जैसा आरम्भ में था त्रिएक परमेश्वर को प्रशंसा हो सदा ।। 38 (३८) "O God our help in ages past." C. M. St. Anne. ISSAK WATTS 1674-1748. १ अनादिकाल से शरणस्थान हमारा तू रहा । और अनन्तकाल लों है पिता तू वैसा रहेगा ।। २ तेरी छाया में तेरे भक्त सदा निडर रहे । सो हम भी तेरी शरण में बखटके रहेंगे ।। ३ पहाड़ जब तक न बने थे न पृथ्वी सृजी थी । तब ही से तू परमेश्वर है और नित रहेगा भी ।। ४ ज्यों रात का पिछला पहर अब वेग बीतता जाता है । त्यों तेरे लेखे चतुर्युग क्षण में निकलता है ।। ५ ज्यों धारा बहा करती है काल कटते जाते हैं । त्यों पीढ़ी पीढ़ी के सब लोग सपने से होते हैं ।। ६ हे ईश्वर इस दुःख सागर में हमारा पालक हो । हमारा अब सहायक रह और आसरा सदा लों ।। 39 (३९) "All people that on earth do dwell." L. M. Old Hundred or Bresian. WILLIAM KETHE, 1561-94. १ इस जग के रहने वाले सब प्रभु की स्तुति करो अब । उसका सुनाओ समाचार और उसका करो जय जयकार ।। २ यहोवाह ईश्वर है सचमुच उसी ने सृजा है सब कुछ । वह हम भेड़ों का है रखवाल वह सदा रहता प्रतिपाल ।। ३ पास आओ उसके आंगनों में गीत गाते बड़े आनन्द से नित उसके नाम की करो जय कि सही करना उचित है ।। ४ हमारा ईश्वर खरा है दृढ़ उसका दया रहती है ।। उसकी सच्चाई रहत नित और सदा रहेगी निश्चित ।। ५ पिता और पुत्र और आत्मा की हो स्तुति स्वर्ग और जग में भी जय उसकी करें मनुष्य जात और दुतगण सारे दिन ओ रात। 40 (४०) "Praise Thou the Lord O my Soul." 10. 8. 10. 8. 8.8.4.4. Halle. J. HERENSCHMIDT, 1675-1723. १ ईश्वर की स्तुति कर प्रिय प्राण तू अपने जीवन भर जब तक मैं रहूँ मैं नित गाऊँगा उसका नाम उसको प्रशंसा दे हर जाम वह जीवननाथ है सभों का रक्षक और पालक प्रिय पिता हाल्लेलूयाह हाल्लेलूयाह ।। २ जितने महान है सम्पूर्ण पृथ्वी पर जितने मनुष्य हैं ऊँचे और पस्त उन पर हे मन तू भरोसा मत कर जो निर्बल हैं और मृत्यु ग्रस्त वे सब के सब हैं निरूपकार ईश्वर को सामर्थ्य है अपार हाल्लेलूयाह हाल्लेलूयाह ।। ३ उसको हर दशा में धन्य जानो जिसका परमेश्वर है रखवार जिसका धाम अटल सनातन मानो जिसका ख्रीष्ट यीशु ही है सार जो ईश्वर है सृष्टि करता उसकी सच्चाई दृढ़ सदा हाल्लेलूयाह हाल्लेलूयाह ।। 41 (४१) C. M. Bedford or Richmond. १ परमेश्वर कौन और कैसा है कौन उसका जाननेहार । वह न मनुष्य के ऐसा है पर आत्मा निराकार ।। २ न अंग न रंग न रूप न रेख है श्री परमेश्वर की । पर उसके सत अवतार को देख जो है ख्रीष्ट यीशु ही ।। ३ परमेश्वर का तुम देखो प्रेम जो प्रगट हुआ है । कि जग को देने कुशलक्षेम पुत्र निज दिया है ।। ४ यों ईश्वर प्रेम की ज्योत अपार जग पर चमकाता है । मिटाता है वह सब अंधकार वह मिटाता है ।। ५ हे ईश्वर पुत्र दीन दयाल की धारण तू ने देह । ख्रीष्ट तू जो सचमुच है कृपाल उपजाता कैसा स्नेह ।। 42 (४२) "A mighty fortress is our God." 8. 7. 8. 7. 6. 6. 6. 7. Ein Feste Burg. MARTIN LUTHER, 1483-1546. १ परमेश्वर में एक दृढ़ पहाड़ एक पक्का गढ़ और शरण दुरदिनों में हमारी आड़ हर दुःख में दुःखहरण वह महादुष्ट जो है अब क्रोध से ज्वलित है देखो उसको सिंह समान लड़ाका ढीठ बलवान तथापि हम न डरें ।। २ सच हमसे कुछ न बनेगा हम में न बल न मति पर उसको वेग ही पटकेगा एक जयवन्त सेनापति वह कौन तू पुछता है वही ख्रीष्ट यीशु है जो सर्वसामर्थी है न दूसरा ईश्वर भी है जीत अंत को उसकी होगी । ३ और जो हमारी हर एक ओर शैतान की सेना आती हां हम पर चढ़ता एक करोड़ जीत तो हमारी रहती संसार प्रधान शैतान भयंकर हो कोपवान हमको न उस से भय है निश्चित उसका क्षय एक बात उसको गिराती ।। ४ जो बचन है हमारे साथ कौन उस को हम से लेगा हम को यीशु मसीह प्राणनाथ आत्मा के दान भी देगा तो ले जो चाहता है जो कुछ हमारा है हो धन वा मान व जान सब कुछ जो है नाशमान स्वर्ग राज हमारा होगा ।। 43 (४३) "Commit Thou every burden." 7. 6. 7. 6. D. St. Theodulph or Morning Light. PAULUS GERHARDT, 1607-76. १ सौंप दे तू अपनी राहें और मन का भार और भय उस ही के सच्चे पाल में जो स्वर्ग चलाता है जो मार्ग और दौड़ दिखाता अनगिनित तारों को पथ निश्चय बता सकता तेरे भी चलने को ।। २ प्रभु पर आसरा छोड़ दे कि तेरा भला हो उस ही के कार्य देख ले कि तेरा सफल हो विकल हो चिन्ता द्वारा कुछ बन न पड़ेगा ईश्वर है देनेहारा उससे जो माँगेगा ।। ३ हे दीनदयालु पिता तू देख कर जानता है क्या अच्छा है क्या बुरा शरीर को जो नाशमय और जो कुछ तुझे भाता तू करता हे शूरमा और स्थिति गत में लाता जो हुई तेरी चाह ।। ४ मार्ग तेरे हर प्रकार के उपाय तू करता आज दया आशिष से भरके तू करता अपना काज कौन है जो तुझे थांमे हां कौन रोक सकता हैं जब तू निज प्यारे बाल को क्षेम देना चाहता है ।। ५ मिटा हे कृपासिन्धु मिटा हमारा दुःख सम्भाल हमें हे प्रभु निदान दे परम सुख ले तू हमारी सुधि सब दिन में मृत्यु लों तब करेंगे नित स्तुति स्वर्ग में सनातन लों ।। 44 (४४) "Praise thou the Lord the almighty.” 14. 14. 4. 7. 8. Lobe Den Herren. JOACHIM NEANDER, 1650-80. Chord - E | S- Waltz | T-120 १ धन्य है परमेश्वर । तुम उसी का धन्यवाद गाओ । स्वर्ग के सब दूतों के राग में राग अपना मिलाओ । सब उस के संग छेड़ो बीण गाओ तुम गीत । प्रभु का भजन सुनाओ ।। २ धन्य है परमेश्वर । वह करता सब भला और अच्छा । अपने पंख नीचे वह करता है तुम्हारी रक्षा । प्रभु दयाल रहता है नित प्रतिपाल । जानता तुम्हारी सब इच्छा ।। ३ धन्य है परमेश्वर । अद्भुत उसने तुम्हें बनाया । तुम्हें सुख चैन देके कृपा के मार्ग पर चलाया । किया उपकार । प्रभु ने तुम्हें बार बार । अपनी ही आड़ में छिपाया ।। ४ धन्य है परमेश्वर । तुम्हारे वह घर का बरदाई । स्वर्ग पर से वर्षा सी कृपा पर कृपा बरसाई । भूलियो मत प्रभु बलवन्त है और सत । कितनी प्रीत तुम पर दिखाई ।। ५ धन्य है परमेश्वर । सब मिलके गुण प्रभु का गाओ । सब जिन को स्वास है हमारे संग भजन सुनाओ । वह है जगमूल मनुआ उसे मत भूल । स्तुति करके कहो आमीन ।। 45 (४५) "O worship the King." 10. 10. 11. 11. Hanover or Lyons. ROBERT GRANT 1785-1838. १ हम ईश्वर महान का गावें धन्यवाद वह है परमात्मा अनन्त और अनाद । स्वयंभू परमेश्वर अदृश्य निराकार वह जग अधिपति और सब का आधार ।। २ सृष्टिकर्त्ता रक्षक और सर्वशक्तिमान सर्वज्ञानी पवित्र और न्यायी महान । वह असम और अगम गुणसागर अपार वह सब का है दाता और त्राण करनेहार ।। ३ कौन प्रभु के भेद का कब हुआ सज्ञान हां ख्रीष्ट में प्रगट परमेश्वर महान । दयाल होके आया बचाने संसार वह देहदारी हुआ यह प्रेम है अपार ।। ४ पापमोचन और मुक्ति अब यीशु के हाथ त्राण खोजी को देता है त्राण कृपानाथ । सो रक्खे हम यीशु पर मन से विश्वास कि पावें हम उससे अब मुक्ति की आस ।। 46 (४६) 8. 7. 8. 7. Batty or Mariners. १ हे परमेश्वर रक्षक मेरे तेरा प्रेम मैं जानता हूँ पाया करता हूँ दान तेरे तेरा धन्य मैं मानता हूँ ।। २ भोजन वस्त्र तू ने दिया दिया सब कुछ दीनदयाल रक्षण मेरा तू ने किया सदा रक्षण कर रखवाल ।। ३ सब कुछ मैंने तुझ से पाया तौभी तेरा किया पाप अब मैं पापों से लजाता उनसे मुझे है सन्ताप ।। ४ प्रभु यीशु रूधिर तेरा मुझे शुद्ध कर सकता है मन पवित्र कर तू मेरा करूंगा मैं तेरी जय ।। 47 (४७) "Our Father." 8.7.8.7.4.7. Dismissal. १ हे हमारे स्वर्गीय पिता तेरा नाम पवित्र हो तेरा राज्य सर्वत्र आवे तेरी इच्छा पूरी हो जैसे स्वर्ग पर वैसे पृथ्वी पर भी हो ।। २ हमें प्रतिदिन की रोटी दया करके आज तू दे और अपराध जो हम से हुए क्षमा कर तू कृपा से जैसे हम भी क्षमा करते औरों के ।। ३ तू परीक्षा में न डालकर हमें दुष्टों से बचा क्योंकि तेरा है पराक्रम राज्य और महिमा सदा हम सब कहें आमीन एसा होवेगा ।। 48 (४८) Bhajan Tunes No. 60. जय परमेश्वर जय अति पावन, जय जय स्वर्ग निवासी । जय त्रिभुवन के सिर्जनहारे, जय धर्मी पितु शासी । मन में भटक गये हम तोसे, तदपि तात तू भासी । आत्मा तनु को तुही बनाओ, जय पितु नाम विकासी । सिर्जन करि पुनि राशि बिठायो, तुही पिता सुखराशी । जन्म पुनर्जन लाभ तुही से, होत सदा अघनाशी । प्रभु सुत छाप हृदय करू मेरे, दोनों जन्म विकासी । जै जै सात स्वर्ग के राजा, जै जै दुःख बिनाशी । पतित सुपावन जय जग भावन, जै यीशु अविनाशी । 49 (४९) Bhajan Tunes No. 1 दीनदयाल हमारे प्रभु जी, तोर चरण पर नेह करों रे । १ देह हमारी आप बनाई, धूलक अद्भुत रूप अनुपा । लखत जगत शुभकाज तिहारो, सकल सृष्टि के तुमही भूपा ।। २ समुझि सके को यह जग रचना, अचरज है सब तेरो कर्मा । देखि निहारा खात अचम्भा, बूझि पड़त नहिं एको मर्मा ।। ३ परमेश्वर तुम आदर लायक नाम तिहारो भजवे योगू । अगन समाना तेज सरूपी, तव महिमा जाने तुअ लोगू ।। ४ जिहि गुण गावत दिवगण चूके, महिमा जाको अपरम्पारा । छीन अधीन कहां लग बरणे, प्रभुजी मनसा पूरणि हारा ।। 50 (५०) Gazal Tunes Nos. 105 & 106. SHUJAAT ALI १ या रब्ब तेरी जनाब में हर्गिज कमी नहीं । तुझ सा जहाँ के बीच तो कोई गनी नहीं ।। २ जो कुछ कि खुबियाँ हैं सो तेरी ही जीत में । तेरे सिवाय और तो कोई धनी नहीं ।। ३ आसी की अर्ज तुझ से है तू सुन ले ऐ गनी । अपने फजल के गंज से तू कर मुझे धनी ।।

  • The Holy Trinity 28-36 | Masihi Geet Sangrah

    पवित्र त्रिएकत्व (The Holy Trinity) 28 (२८) "O that I had a thousand voices." 9.8.9.8. 8. 8. O Dass Ich. YOHANN MENTZER, 1658-1734 १ आह लाखों जिह्वा मुझे रहती लाख गुणा होता मेरा मुँह सब तेरा गुण हे ईश्वर गाती सुनाती कैसा भला तू और मिलके गाती सब गुणगाथ कि कृपा मुझ पर की है नाथ ।। २ अकथ्य धन प्रशंसा तुझे हे पिता मेरे प्राण के प्यार प्रदान किये हैं तू ने मुझे दान कैसे भले वारम्बार हाँ इस पृथ्वी पर कितनी बेर सुख आनन्द मिला मुझे ढेर ।। ३ धन तुझे हे विश्वासी त्राणदाता तू यीशु अपना मन सदैव मुझ अधम जन की और झुकाता और रक्त से मुझ को तारता है शैतान की क्रूरता से अपार मैं बना तेरा अधिकार ।। ४ है आत्मा शान्ति देने हारा धन्य कहता तुझे मेरा प्राण कि तेरे वचन ही के द्वारा मैं हुआ जीवन का सन्तान जो मुझ से होवे कोई पुण सो करता तेरा स्वर्गीय गुण ।। ५ मैं तेरी दया ईश्वर गाऊँ और करूँ तेरी स्तुति घन मैं हर्ष की भेंट तुझी पास लाऊँ जब लो न ठंडा मेरा मन जब निर्बल होवे मेरा मुँह कहरते स्तुति करता हूँ ।। 29 (२९) "All glory be to God on high." 8.7.8.7.8.8.7. Attole Paulum. NIKOLAUS DECIUS, 1541, १ ईश्वर को जो स्वर्ग पर है हो धन्यवाद प्रशंसा कि उसकी कृपा हम पर है हम होंगे न विनाशा परमेश्वर हम से प्रसन्न है मिलाप अब स्थिर निरंतर है हम बाप के घर में आएँ ।। २ प्रशंसा स्तुति महिमा हे पिता सृष्टिकर्त्ता हो तुझे हमों से सदा सब राज्य का तू है भर्त्ता अतुल्य तेरी सामर्थ है नित तेरा मत ठहरता है हो धन हे उत्तम प्रभु ।। ३ हे पिता के एकलौते सुत हे यीशु ख्रीष्ट पियारे पाप हरता त्राणी दयायुक्त विरोध मिटानेहारे ईश्वर के मेम्ने कान तू दे परमेश्वर प्रभु दया से सब दुःख में हो सहायक ।। ४ हे शान्तिदाता मददगार हे प्रबल श्रेष्ठ रखवारे शैतान के बल से उनकी आड़ जो ख्रीष्ट से हैं उधारे तू अपने रक्त के द्वारा से सब पाप से हमको छूटने दे हम सब हैं तेरे आश्रित ।। 30 (३०) "We praise Thee O God." 11. 11. 8. 6. 8. 5. S. S. 131. W. P. MACKAY. Chord - E | S- "---" | T- "---" १ धन तेरा पिता तू ने पुत्र को भेज मनुष्यों पर प्रगट किया अपना तेज ।। कोरस :- हाल्लेलूयाह धन्य तेरा हाल्लेलूयाह आमीन हाल्लेलूयाह स्तुति गावें फिर हम को जिला ।। २ धन तेरा मसीह तू ने लिया अवतार और क्रूस पर प्राण दे मेरा किया उद्धार ।। ३ धन आत्मा पवित्र उजियाला चमका अन्धकार को मिटाके त्राणकर्त्ता दिखला ।। ४ प्रशंसा और जय परमेश्वर की हो जो खोजकर मोल लेकर सम्भालता हमको ।। ५ फिर हम को जिला अपना प्रेम सब में भर और हर एक के मन को उत्साही तू कर ।। 31 (३१) "Father of Heaven, Whose love profound." L. M. Rivaulx or Erfurt. १ स्वर्ग-पिता तू ने कर के प्यार हम सब का किया है उद्धार । हम गिरते तेरे पाँवों पर हे प्रेमनिधान पाप क्षमा कर ।। २ सामर्थी पुत्र सत अवतार प्रवक्ता याजक तारणहार । हम गिरते तेरे पाँवों पर दीनबन्धु दया दृष्टि कर ।। ३ सनातन आत्मा जिसका स्वास जिलाता है जो हुए नाश हम गिरते तेरे पाँवों पर हे जीवनदाता जीवित कर ।। ४ परमेश्वर तू है एक में तीन यहोवाह हमें हों तुझ में लीन हम गिरते तेरे पाँवों पर तू हमें अपने योग्य कर ।। 32 (३२) 8.8.7.8.8.7.4.8.4.8. Frabk Fort. MARTIN RINKART, 1586-1649. १ हाल्लेलूयाह गुणानुवाद परमेश्वर स्वर्गीय पिता का जो शान्ति से राज करता तू है हमारा जीवन नाथ हम तेरा यश आह्वाद के साथ नित गावें हे सुखदाता जागो गाओ सुर मिलाओ गुणगान करो परमेश्वर का अधिपति सेनाओं का ।। २ हाल्लेलूयाह धन स्तुति हो मेम्ने को जिसने अपने को क्रूस पर बलि चढ़ाया और हमको अपने लोहू से छुड़ाया सकल दोष दण्ड से और ईश्वर से मिलाया उत्तमोत्तोम चैन ओ कुशल पाप से निर्मल जिससे सज्जन आनन्द करें नित्य नूतन ।। ३ हाल्लेलूयाह धन स्तुति हो धन आत्मा को जो हमों को दया कर फिर जन्माता वह धर्म के सुन्दर वस्त्रों से वह सभों को सुशोभित कर स्वर्ग दुल्हे से मिलाता धन्य भाग धन्य भाग अब सुदशा सच हुलासा हम को हुआ परम आनन्द हाल्लेलूयाह ।। 33 (३३) "Holy, Holy, Holy." 11. 12. 12. 10. Nicaea BISHOP R HEBER, 1783-1826. Chord - D | S- Ballad | T-074-076 १ हे महापवित्र सर्वशक्त परमेश्वर प्रातःकाल आनन्द से तेरी स्तुति गावेंगे तू महापवित्र ईश्वर कृपा सागर सर्वाधिकारी योग प्रशंसा के ।। २ हे महापवित्र संत सब भजन करते तेरे सन्मुख अपनी कीर्ति तुच्छ समझते हैं करूबीम सराफीम तेरे सामने गिरते जो था और है और रहेगा सदैव ।। ३ हे महापवित्र अन्धकार के कारण तेरा दर्शन पापी जन को मिलता है नहीं केवल तू पवित्र हे अद्वैत परमेश्वर सामर्थी प्रेमी और दयानिधि ।। ४ हे महापवित्र सर्वशक्त परमेश्वर सारी सृष्टि तेरे नाम का धन्यवाद करे तू महापवित्र ईश्वर कृपासागर सर्वाधिकारी योग प्रशंसा के ।। 34 (३४) "We pray Thee heavenly Father." 7. 6. 7. 6-D. Angel's Story or Aurelia. V. S. S. COLES. १ हे पिता अपने प्रेम से तू अब हमारी सुन उण्डेल हमारे बीच में सब अपने आत्मिक गुण । कि हर एक पाप से छूट के हम शुद्ध पवित्र रहें और तेरी सेवा करके नित धन्यवाद करें ।। २ हे यीशु हो हमारा सहायक अगुवा पास तेरे पहुँचेंगे जो तू आप होवे राह । ज्यों तू ने दी प्रतिज्ञा त्यों हमें देता जय तू यात्रियों का भोजन और जीवनदाता है ।। ३ हे आत्मा सृजनेहारे हमों पर दृष्टि कर हमें नवीन बना के उजाला हम में भर । कि तेरे आशिर्वाद से ढाढ़स बंधे रहें और प्रभु के शरीर को विश्वास से खा सकें ।। ४ हे तीन में ईश्वर एक ही सनातन एक में तीन हम को तू दे सहारा सब पाप से तू बचा अयोग हम हैं और निर्बल अचेत हैं और अज्ञान पर यह हम निश्चय जानते कि तू है क्षमावान ।। 35 (३५) "Come Thou almighty king." 6. 6. 4. 6. 6. 6. 4. Moscow. CHARLES WESLEY, 1707-88. १ हे सर्वशक्तिमान हम सब तेरा सन्मान नित करेंगे । पिता सर्वतेजोमय सभों पर करके जय कर हम पर राज सदैव हे परमेश्वर ।। २ बचन देहधारी आ अपनी सामर्थ दिखा सुन प्रार्थना को । हमें आशिष दिला बचन प्रबल करा तेरी पवित्रता अब हम पर हो ।। ३ हे शान्तिदाता आ ख्रीष्ट मुक्तिदाता का तू साक्षी हो । कर शुद्ध सब मन मलीन हर हृदय कर अधीन कभी तेरे विहीन हम नहीं हों ।। ४ त्रिएक परमेश्वर की प्रशंसा स्तुति भी होवे सदा । उस के पराक्रम को हम देखके मगन हों भजन निरन्तर हो और प्रेम उसका ।। 36 (३६) Bhajan Tunes No. 08. C. D. JADHAV. Chord - Dm (-1) | S- Ballad | T-086 परम पवित्र त्रेक परमेश्वर आ, आ प्रभु आईये । १ प्रभु सरग अनाथ के नाथा - तब रूप दरशा दे, दे प्रभु देइये ।। जगत - तम नाशक विद्युत । २ खोला मैने मन का द्वार - पाप से भरा बेशुमार । अपने लहू से धो धो दे मसीहा तू धो, धो प्रभु धोइये ।। ३ सत्य मन न भावत दुष्ट वासना धावत । नूतन जन्म दाता - अपना मन मुझे दे, दे प्रभु देइये ।। ४ पवित्र आत्मा तू उतर कर शुद्ध यह मन्दिर । ज्योति चमका दे - मेरी प्रार्थना तू सुन, सुन प्रभु सुनिये ।।

  • Morning 1-14 | Masihi Geet Sangrah

    1 (१) 7. 7. 7. 7. Innocents. १ अब अंधेरा गया है फिर उजाला आया है मेरा मन उजाला कर प्रभु मन को प्रेम से भर ।। २ पाप की इच्छा आज जो हो । बल दे उसे मारने को । यीशु तू सहारा दे कि मैं बचूं पापों से ।। ३ मन के बुरे सोच मिटा मुझे जोखिम से बचा । कभी मुझे तू न छोड़ अपना मुंह न मुझसे मोड़ ।। ४ आवेगा जब मरण काल मुझ बलहीन को तब संभाल । प्रभु तू हो कृपामय मृत्यु पर दे मुझे जय ।। 2 (२) "Come to me Lord when first I wake." L. M. Morning Hymn or Melcombe. १ आ मेरे पास हर प्रातःकाल जब जागूं मेरे मन में डाल पवित्र सोच, हे मेरे नाथ कि दिन बिताऊं तेरे साथ । २ आ मेरे पास मध्यान्हकाल हो दिन भर मेरा प्रतिपाल कि काम में बहुत लगने से न तुझे बिसारूं मन से ।। ३ आ मेरे पास हर संध्याकाल बुराइयों को तू मुझ से टाल जब कभी भटके मन मेरा तब उसे अपने पास फेर ला ।। 3 (३) S. M. - Franconia or holyrood. १ ईश्वर का धन्य हो जो रात भर रक्षक है तू दिन भर भी सहायक हो यह दास की बिनती है ।। २ मैं रात को सो रहा विश्राम और चैन के साथ । और तू ने रक्षा करने को बढ़ाया अपना हाथ ।। ३ तेरी ही स्तुति हो इस जग के हे रखवाल । सुरक्षित मुझे दिन भर रख और सदा तू संभाल ।। ४ तू अपनी आड़ में ले अगुवाई मेरी कर । सब हानि और बुराई से कर रक्षा जीवन भर ।। ५ बचा बुराई से भलाई में बढ़ा कि अन्तिम दिन लों जीवन के मैं रहूँ भक्त सदा ।। 4 (४) "Christ, Whose glory fills the skies." 7s. Ratisbon. E. COOPER. 1805. CHARLES WESLEY, 1707-88 १ ख्रीष्ट तू है सत ज्योतिमय स्वर्ग पर तेरी महिमा । धर्म के सूरज हो उदय पाप का अंधकार मिटा । मेरे हित प्रकाशित हो प्रगट कर तू अपने को ।। २ जो तू मेरे साथ न हो दिन भर रहूँगा उदास तू न प्रीत दर्शावे तो रहूँगा मैं नित निरास । प्रगट कर तू प्रेम मुझ पर मेरा मन प्रफुल्लित कर ।। ३ दर्शन दे हे सत प्रकाश पाप की रात को नाश कर दे । मोह दुर्बुद्धि अविश्वास बिला जाएं हृदय से । अधिकाई से सदा मुझे अपनी ज्योत दिखा ।। 5 (५) "Jesus stand among us." 6. 5. 6. 5. Caswall. १ यीशु जीवनदाता बीच हमारे आ । जब प्रणाम हम करते अपने को दिखा ।। २ प्रभु अपना आत्मा हर एक मन में धर । डर और पाप और शंका दूर तू हम से कर ।। ३ सो हम साहस पाके लेवें अपना मार्ग । और सनातन दिन की जोहते रहें बाट ।। ४ धन्य होवे पिता धन्य पुत्र हो । और सनातन आत्मा सदा धन्य हो ।। 6 (६) L. M. Cantionale or Mainzer. १ सिद्ध हो सबेरे मेरे प्राण ईश्वर को गा और धन्य मान रात बीती है हुआ बिहान प्रभु की दया है एकसान ।। २ प्रभु तुझे सराहता हूँ और तेरी स्तुति करता हूँ कि रात और दिन सांझ और बिहान तू बिना बदल कृपावान ।। ३ अंधकार के भय और वश में से मुझे फेर लाया तेरा स्नेह हे प्रभु आज तू हर समय कर मेरी रक्षा और सहाय ४ स्वर्ग मार्ग पर मुझे तू बढ़ा और फिसल जाने से बचा परीक्षा में हो मेरी ढाल और पाप को मुझमें कुचल डाल ।। ५ हे पिता अपनी कृपा से दिन भर तू सुधि मेरी ले रह प्रीतम यीशु मेरे पास धर्मात्मा मुझ में कर निवास ।। 7 (७) "Awake my soul, and with the sun." L. M. - Talls' Canon or Morning Hymn. THOMAS KEN, 1637-1711. Chord - D# | S- Waltz | T-130 १ हे प्राण जाग उठके पूरी कर इस दिन की दौड़ को शक्ति भर ।। कर आलस छोड़ के स्तुतिगान और चढ़ा भोर का बलिदान ।। २ काट अपना समय बुद्धि से इस दिन को पिछला समझ ले । ईश्वर के दान का कर विचार और न्याय के लिये हो तैयार ।। ३ जाग उठ हे प्राण और गाता रह ईश्वर महान को धन्य कह । दूतों की नाई जो सदा यश गाते हैं यहोवा का ।। ४ मेरे मनोरथ होवें शुद्ध न तेरी इच्छा के विरूद्ध कर मुझ पर सारी प्रभुता अपने से भर तू मन मेरा ।। 8 (८) "Awake my soul in joyful lays." 8. 8. 8. 8. 9. 8. Loving Kindness SAMUEL MEDLEY, 1738-1799. १ हे मन तू जाग और करले गान और अपने चैन का कर बखान सब सुख है यीशु का प्रेम दान वह मंगलदाता है महान वह मंगलदाता मंगलदाता वह मंगलदाता है महान ।। २ वह देखता था तेरा बिगाड़ तौभी न छोड़ा तेरा प्यार तेरी दुर्गति करके दूर है मुक्तिदाता प्रेम से पूर है मुक्तिदाता मुक्तिदाता है मुक्तिदाता प्रेम से पूर ।। ३ जब तेरे बैरी थे अनेक न प्रगट हुआ मन का टेक तब आया ख्रीष्ट ज्योतिस्वरूप वह दयासिन्धु था अनूप वह दयासिन्धु दयासिन्धु वह दयासिन्धु था अनूप ।। ४ जब लज्जित हो तू रोता था जब पाप से क्लेशित होता था सदा मसीह था तेरे साथ था धीरजदाता तेरा नाथ था धीरजदाता धीरजदाता था धीरजदाता तेरा नाथ ।। 9 (९) "Day-spring of eternity." 7s Morgenglanz or Ratisbon CHRISTIAN KNORR, 1636-1689. Chord - D# | S-6/8 | T-086 १ हे सनातन सत प्रभा हमको अपना तेज दिखा तड़के हम पर हो प्रकाश कर हमारी रात विनाश और हमारे प्राणों में दिन की ज्योत चमकने दे ।। २ भोर की ओस के अनुसार अपनी दया को उतार हर एक थका प्राण सम्भाल शोकितों को कर निहाल सब को जिन के मन हैं चूर कर तू शांति से भरपूर ।। ३ हम में तेरे प्रेम की आग भसम करे हर एक दाग और कि ज्योति के समान निर्मल होवे देह और प्राण अपनी ओर हे इष्ट प्रभा सारे मन को ले उठा ।। ४ हे प्रकाश जो ऊपर से उदय हुआ यह भी दे कि जब अन्त के दिन की पौ फटती है और तब तू न्याय करने को फिर आता है तो हम ठहरें निर्भय ।। ५ इष्ट उजाला आगे जा अपने लोग वेग पहुँचा जहाँ पाप से पूर्ण उद्धार अनन्त सुख आनन्द अपार जहाँ तेरी ज्योति में हम निरन्तर चलेंगे ।। 10 (१०) Bhajan Tunes No. 22 जै जै ईश्वर जै प्रभु यीशु, जै सब विधि सुखदाई । १ रैन समय प्रभु चैन दियो तुम, प्रातहि दियो जगाई ।। २ सकल दिवस के कारण हे प्रभु, किजे मोर सहाई ।। ३ मन मतंग पै ज्ञान तिहारो, अंकुश राखु लगाई ।। ४ सुत पर पिता दयालू जैसे, करहू जानि भलाई ।। ५ सेवक पर नित तैसो कीजे, रखिये पाप बचाई ।। 11 (११) Bhajan Tunes No. 74 JOHN CHRISTIAN. प्रभु हे प्रातहि तव गुण गावों । १ दुहु कर जोरे हिय मख खोरे, मन अनुराग सुनावों ।। २ दो नयनन पट तुमही खोलो, देखि प्रभा सुख पावों ।। ३ असन बसन बिनु कारण दायक, किन यह हाथ उठावों ।। ४ नभ धरणी के तुम्ही धारी, चरणन सीस नवावों ।। ५ और न दाता तुम सम दूजा, जिनके दास कहावों ।। ६ पुत्र दियो मम तारण कारण, यीशु प्रेम सुभावों ।। ७ जान अधम तव गुण नित गइहै, जिनु तिहि दूर दुरावों ।। 12 (१२) Bhajan Tunes No. 39. JOHN CHRISTIAN. १ भजन करो नित भोरे भाई, भजन करो नित भोरे । यीशु चरण पै सीस नवाये, रहो सदा कर जोरे ।। २ भजनहि गाये कलिमय जाये, पापी मन सुन मोरे ।। गान करहु प्रेम उपजाये, तब मिलि है सुख तोरे ।। ३ भक्ति बिना झूठे नर गावत, दै पीड़ा तन कोरे । प्रेम बिहिन भजन मन मानो, श्वान करत जिमि शोरे ।। ४ सूर उदित खगचर सब जागे, गान करहि हिय खोरे । नर पापी सोवत अलसाने, लज्जित मनहु न होरे ।। ५ जागि उठो चित चेत करो तुम, खेदन तें अघ धोरे । जान अधम नर निज मन गुनो, जीवन जग दिन थोरे ।। 13 (१३) Н. Т. В. 28. Bhajan Tunes No. 30 JOHN CHRISTIAN. १ भोर भयो तू अब लों सोवत, उठ यीशु गुण गावो रे ।। प्रात समय नव गीतहि गाए, चरणन सीस नवावे रे ।। २ भोरहि भैरो राग अलापो, प्रेम सुतान मिलाओ रे ।। बीन मजीरा भेरि पखावज, ऊंचहि नाद सुनावे रे ।। ३ हिरदै जंत्र सुतंत्रहि साधो, सतकृत ताल लगावो रे ।। तान पुरा सुरनाई नादो, भक्ति सुधारस पावो रे ।। ४ गावन को गुण जोइ सिखावत, देत मधुर सुर भावो रे ।। जान अधम तुम सदगुण ताके, प्रातहि गाय रिझावो रे ।। 14 (१४) Bhajan Tunes No. 84. ILAHI BAKSH. भजन सुरज निकला हुआ सवेरा, अब तक तू क्यों सोता है ।। १ काल खड़ा है सिर पर तेरे, नाहक जीवन खोता है ।। २ ज्ञानी पण्डित ज्ञान बिचारे, वेद पढ़े जस तोता है ।। ३ कुकरम करके माया जोड़ी, पाप नहीं निज धोता है ।। ४ तसबी पढ़ पढ़ उमर गुजारी, कलमे से क्या होता है ।। ५ दिल में चोर घुसा है भाई, हर दम सोचे रोता है ।। ६ चेला बन के गुरू बना फिर, कडुवे बीज बोता है ।। ७ चेलो पियासो पास यीशु के, सोई जल का सोता है ।। ८ निर्बल को वह बली बनावे, जो कह दे सो होता है ।।

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