
Masihi Geet Sangrah

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- Temptation & Conflict 393-402 | Masihi Geet Sangrah
परीक्षा और युद्ध (Temptation & Conflict) 393 (३९३) “Stand up ! stand up for Jesus.” 7. 6. 7. 6. D. Morning Light. GEORGE DUFFIELE, 1848-1888. Chord - F# | S- Ballad | T-086 १ उठो मसीह के लिये हे क्रूस के योद्धाओ राज झंडा करो ऊँचा न हानि होने दो वह जय पर जय प्राप्त करके सेना ले चलेगा जब तक कि हर एक शत्रु आधीन न होवेगा ।। २ उठो मसीह के लिये पहरू चिताता है निश्चितता से है हानि उठ आलस छोड़ और भय बुराई को हटा दो निज मन में वा आसपास ईश्वर के नाम से लड़ो कि शत्रु होवे नाश ।। ३ उठो मसीह के लिये तुरही के शब्द को सुन चलो इस महायुद्ध में आज जय के दिन को चुन आज्ञा उसी की मानों विमुख हो बैरी के विपत में साहस बांधों और लड़ो वीरता से ।। ४ उठो मसीह के लिये और उसमें हो सबल मनुष्य की न है शक्ति जान अपने को निर्बल तुम आत्मिक शस्त्र बांधों हर एक को प्रार्थना से और वहीं हो उपस्थित जो काम बिपत पड़े ।। ५ उठो मसीह के लिये युद्ध थोड़ी देर का है संग्राम का शब्द आज सुनते कल जयनाद सुनेंगे जो जयवंत अन्त को होगा वह मुकुट पावेगा संग महाराज प्रतापी सदा राज्य करेगा ।। 394 (३९४) “Are you weary, are you heavy laden.” 10. 10. 10. 7. Tell It To Jesus. J. B. RANKIN. १ क्या तुम थके क्या तुम मनमलीन हो यीशु से कह दो यीशु से कह दो क्या निराश हो मार्ग में क्या अतृप्त हो यीशु से जाके कहो ।। कोरसः- यीशु से कह दो यीशु से कह दो वही है मित्र विश्वस्त और है न तुम को ऐसा मीत वा भाई यीशु से जाके कहो ।। २ क्या तुम रोते दुःख से है लाचारी, यीशु से कह दो (२) क्या है पाप का बोझ हृदय पर भारी, यीशु से जाके कहो ।। ३ क्या तुम डरते क्या है बादल छाते, यीशु से कह दो (२) क्या तुम कल के भेद को जानना चाहते, यीशु से जाके कहो ।। ४ क्या मृत्यु के सोच से मन में डरते, यीशु से कह दो (२) क्या तुम खेत में ठंडी सांसे भरते, यीशु से जाके कहो ।। 395 (३९५) “Art thou weary, art thou languid ?” 8. 5. 8. 3. Stephanos or Bullinger. G. S. MANDRELLE, 1901-63. १ क्या तू थक और हार भी जाके अति दुःखी है एक यों बोलता मुझ पास आके शान्ति ले ।। २ क्या मैं उसके चिन्ह पहिचानूँ जो वह अगुवा हो हाथ पांव पसली में देख उसके घावों को ।। ३ क्या वह राजा होके सिर पर मुकुट पहिनाता हां सचमुच एक ताज है उसका कांटों का ।। ४ जो मैं उसके पीछे चलूँ मुझको होगा क्या महा दुःख महा परिश्रम रोना भी ।। ५ जो मैं नित्य उस पास रहूँ क्या है आखिरकार दुःख परिश्रम से छुटकारा यर्दन पार ।। ६ जो यूँ मांगूँ मुझे ले तो क्या कहेगा ना नहीं चाहे जग और स्वर्ग भी टलेगा ।। ७ क्या मैं उसके पीछे चल के आशिष पाऊँगा आत्मा सब और स्वर्गीय दूतगण कहते हां ।। 396 (३९६) “I've anchored in Jesus” 13. 13. 13. 11. Chord - G | S- Aderia/Ballad | T-080 १ जब जीवन के दुःख सागर में आँधी चलती है तब यीशु पर मैं लंगर सी आशा रखता हूँ परीक्षा और विपत्ति जब लहराती है तब उससे चैन और शान्ति मैं पाता हूँ ।। कोरस :- वह मेरा आधार है मैं साहस करूँगा वह मेरा आधार है कभी न डरूँगा वह मेरा आधार है वह स्थिर और शक्तिमान सनातन की चट्टान है यीशु ।। २ बुराई से बचाके वह निर्मल करता है वह मेरे मन से बोलकर आराम दिलाता है है अगुवा मुक्तिदाता भरोसा उस पर है सदा वह रहता पास कि सहारा दे ।। ३ वह मेरा दोस्त सहायक वह मुझको करता स्थिर वह दुःख की आँधी रोक कर मुझे बचाता है विश्वास से स्वर्गीय घर की मैं करता हूँ आशा जो यीशु मेरे लिये बनाता है ।। 397 (३९७) “Sound the battle cry!” 5. 5. 5. 3. D. -- S. S. S. 703 WILLIAM F. SHERWIN, 1826-98. १ युद्ध की है पुकार शत्रु बे-शुमार झंडा हो तैयार प्रभु का बांधों शस्त्र को सब ही स्थिर रहो दृढ़ विश्वास करो ख्रीष्ट यीशु का ।। कोरसः- हे सिपाहियों झंडे तले आओ बोलो, सब हो दृढ़ तैयार हरआन आगे बढ़ के गाओ तुम होसन्ना यीशु ख्रीष्ट हमारा है कप्तान ।। २ होकर शक्तिमय आगे बढ़ते हैं हम संसार पर जय पावेंगे आत्मा की तलवार हाथ में है तैयार सब अधर्म की हार हम देखेंगे ।। ३ ईश्वर सभों के बिन्ती सुन तू ले अपनी दया से कर सहाय सत की जय करा मुकुट जीवन का हर एक को दिला जो योग्य हैं ।। 398 (३९८) “Yield not to temptation” P. M. -- S. S. S. 698. H. R. PALMER, 1868. १ लड़ो तुम शैतान से हार जाना है पाप जय पाने से तेरा फिर होगा प्रताप दिल से बढ़ते जाओ हे प्रभु के दास नित्य उस को तुम देखो वह रहेगा पास ।। कोरसः- अब मसीह से तुम मांग लो शान्ति रक्षा और बल को उस पर आशा तुम रखो वह रहेगा पास ।। २ दुष्ट लोगों की संगति मत किया करो और ईश्वर के नाम को बे-अर्थ तुम न लो करो बड़े प्रेम से संग सभों के बास नित्य प्रभु को देखो वह रहेगा पास ।। ३ तब मिलेगा मुकुट जो करोगे जय तब शोकित न होंगे सुख पाने का है जो है मुक्तिदाता तब देगा लिबास नित्य प्रभु को देखो वह रहेगा पास ।। 399 (३९९) “Come ye disconsolate” 11. 10. 11. 10. Consolation. THOMAS MORE, 1779-1852. १ हे बोझ से दबे और परिश्रमी लोगों दया के आसन पास प्रार्थना करो तुम लाओ टूटे मन और शोक बताओ यीशु से शान्ति अब ग्रहण करो ।। २ भटके की ज्योति और पालनहार अनाथ का तू पश्चात्तापी की आशा भरपुर सुन शान्तिदाता यह वचन सुनाता यीशु सब दुःखों को करेगा दूर ।। ३ जीवन की रोटी है अमृत जल भी देखो स्वर्गीय सिंहासन से बहता सदा खा पीके हो संतृष्ट यह अब से जानो यीशु सब दुःखों को करेगा दूर ।। 400 (४००) “Ho my comrades see the signal” 8. 5. 8. 5. S. S. S. 669. PHILLIP BLISS, 1838-76. Chord - F#m (+3) | S- Ballad | T-082 १ हे सिपाहियों ढाढ़स बांधो युद्ध में हो बलवान और भी सेना यीशु लाता होवेंगे जयवान ।। कोरसः- गढ़ न छोड़ो मैं भी आता यीशु का आदेश तेरी दया से हे प्रभु होगी जय विशेष ।। २ देख विरोधी सेना भारी अगुवा है शैतान उसके सामने साहस छोड़ के योद्धा हैं भयमान ।। ३ झंडे तेजोमय फहराते सुन तुरही का नाद ख्रीष्ट के नाम से जयवंत होंगे कर तू धन्यवाद ।। ४ जो भयानक हो लड़ाई निकट है सहाय यीशु अगुवा संग ले चलता उस की करो जय ।। 401 (४०१) PREM DAS. बचा लेना प्रभु यीशु हमारे प्राण ।। १ आये बहकावे और फुसलावे छिन छिन में हम को सताये शैतान ।। २ धन दौलत माया दिखलावे और दिखलाये दुनिया की शान ।। ३ राज पाट और रंग रूप को जालिम दिखा के करे हैरान ।। ४ ये तो हैं शैतान के फंदे फंस के नरक जाते इंसान ।। ५ दास मसीह जी बिनती करत हैं बख्शो हमें अपनी पहिचान ।। 402 (४०२) INAYAT MASIH. Chord - A# | S- 6/8 | T-094 १ फंसो मत जाल में दुनिया के आखिर तुम को जाना है । बचो शैतां के फंदे से वही दुश्मन सियाना है ।। २ फिराओ दिल गुनाहो से करो तुम तौबः रो रोके । भरोसा रखो यीशु का अगर जन्नत को जाना है ।। ३ सलीबी मौत में यीशु के मरके जिन्दगी पाओ । बुरी ख्वाहिश को फेंको दूर अगर आराम पाना है ।। ४ रहो उम्मीद में कायम यकीं अपना करो कामिल । मुहब्बत का करो पीछा जो हक्क को मुंह दिखाना है ।। ५ मुहब्बत तमगः है यीशु की शागिर्दी का आलम में । मुहब्बत से सब जानोगे कि तुमने उसको माना है ।। ६ मुसीबत में रहो साबिर खुदा के फजल में शाकिर । खुदा के बेटे को देखो जो तुम को फतह पाना है ।। ७ इनायत को खुदावन्दा मुहब्बत अपनी दे पूरी । मैं हूँ कमजोर तू तो कादिरे मुतलक तवाना है ।।
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- Morning 1-14 | Masihi Geet Sangrah
1 (१) 7. 7. 7. 7. Innocents. १ अब अंधेरा गया है फिर उजाला आया है मेरा मन उजाला कर प्रभु मन को प्रेम से भर ।। २ पाप की इच्छा आज जो हो । बल दे उसे मारने को । यीशु तू सहारा दे कि मैं बचूं पापों से ।। ३ मन के बुरे सोच मिटा मुझे जोखिम से बचा । कभी मुझे तू न छोड़ अपना मुंह न मुझसे मोड़ ।। ४ आवेगा जब मरण काल मुझ बलहीन को तब संभाल । प्रभु तू हो कृपामय मृत्यु पर दे मुझे जय ।। 2 (२) "Come to me Lord when first I wake." L. M. Morning Hymn or Melcombe. १ आ मेरे पास हर प्रातःकाल जब जागूं मेरे मन में डाल पवित्र सोच, हे मेरे नाथ कि दिन बिताऊं तेरे साथ । २ आ मेरे पास मध्यान्हकाल हो दिन भर मेरा प्रतिपाल कि काम में बहुत लगने से न तुझे बिसारूं मन से ।। ३ आ मेरे पास हर संध्याकाल बुराइयों को तू मुझ से टाल जब कभी भटके मन मेरा तब उसे अपने पास फेर ला ।। 3 (३) S. M. - Franconia or holyrood. १ ईश्वर का धन्य हो जो रात भर रक्षक है तू दिन भर भी सहायक हो यह दास की बिनती है ।। २ मैं रात को सो रहा विश्राम और चैन के साथ । और तू ने रक्षा करने को बढ़ाया अपना हाथ ।। ३ तेरी ही स्तुति हो इस जग के हे रखवाल । सुरक्षित मुझे दिन भर रख और सदा तू संभाल ।। ४ तू अपनी आड़ में ले अगुवाई मेरी कर । सब हानि और बुराई से कर रक्षा जीवन भर ।। ५ बचा बुराई से भलाई में बढ़ा कि अन्तिम दिन लों जीवन के मैं रहूँ भक्त सदा ।। 4 (४) "Christ, Whose glory fills the skies." 7s. Ratisbon. E. COOPER. 1805. CHARLES WESLEY, 1707-88 १ ख्रीष्ट तू है सत ज्योतिमय स्वर्ग पर तेरी महिमा । धर्म के सूरज हो उदय पाप का अंधकार मिटा । मेरे हित प्रकाशित हो प्रगट कर तू अपने को ।। २ जो तू मेरे साथ न हो दिन भर रहूँगा उदास तू न प्रीत दर्शावे तो रहूँगा मैं नित निरास । प्रगट कर तू प्रेम मुझ पर मेरा मन प्रफुल्लित कर ।। ३ दर्शन दे हे सत प्रकाश पाप की रात को नाश कर दे । मोह दुर्बुद्धि अविश्वास बिला जाएं हृदय से । अधिकाई से सदा मुझे अपनी ज्योत दिखा ।। 5 (५) "Jesus stand among us." 6. 5. 6. 5. Caswall. १ यीशु जीवनदाता बीच हमारे आ । जब प्रणाम हम करते अपने को दिखा ।। २ प्रभु अपना आत्मा हर एक मन में धर । डर और पाप और शंका दूर तू हम से कर ।। ३ सो हम साहस पाके लेवें अपना मार्ग । और सनातन दिन की जोहते रहें बाट ।। ४ धन्य होवे पिता धन्य पुत्र हो । और सनातन आत्मा सदा धन्य हो ।। 6 (६) L. M. Cantionale or Mainzer. १ सिद्ध हो सबेरे मेरे प्राण ईश्वर को गा और धन्य मान रात बीती है हुआ बिहान प्रभु की दया है एकसान ।। २ प्रभु तुझे सराहता हूँ और तेरी स्तुति करता हूँ कि रात और दिन सांझ और बिहान तू बिना बदल कृपावान ।। ३ अंधकार के भय और वश में से मुझे फेर लाया तेरा स्नेह हे प्रभु आज तू हर समय कर मेरी रक्षा और सहाय ४ स्वर्ग मार्ग पर मुझे तू बढ़ा और फिसल जाने से बचा परीक्षा में हो मेरी ढाल और पाप को मुझमें कुचल डाल ।। ५ हे पिता अपनी कृपा से दिन भर तू सुधि मेरी ले रह प्रीतम यीशु मेरे पास धर्मात्मा मुझ में कर निवास ।। 7 (७) "Awake my soul, and with the sun." L. M. - Talls' Canon or Morning Hymn. THOMAS KEN, 1637-1711. Chord - D# | S- Waltz | T-130 १ हे प्राण जाग उठके पूरी कर इस दिन की दौड़ को शक्ति भर ।। कर आलस छोड़ के स्तुतिगान और चढ़ा भोर का बलिदान ।। २ काट अपना समय बुद्धि से इस दिन को पिछला समझ ले । ईश्वर के दान का कर विचार और न्याय के लिये हो तैयार ।। ३ जाग उठ हे प्राण और गाता रह ईश्वर महान को धन्य कह । दूतों की नाई जो सदा यश गाते हैं यहोवा का ।। ४ मेरे मनोरथ होवें शुद्ध न तेरी इच्छा के विरूद्ध कर मुझ पर सारी प्रभुता अपने से भर तू मन मेरा ।। 8 (८) "Awake my soul in joyful lays." 8. 8. 8. 8. 9. 8. Loving Kindness SAMUEL MEDLEY, 1738-1799. १ हे मन तू जाग और करले गान और अपने चैन का कर बखान सब सुख है यीशु का प्रेम दान वह मंगलदाता है महान वह मंगलदाता मंगलदाता वह मंगलदाता है महान ।। २ वह देखता था तेरा बिगाड़ तौभी न छोड़ा तेरा प्यार तेरी दुर्गति करके दूर है मुक्तिदाता प्रेम से पूर है मुक्तिदाता मुक्तिदाता है मुक्तिदाता प्रेम से पूर ।। ३ जब तेरे बैरी थे अनेक न प्रगट हुआ मन का टेक तब आया ख्रीष्ट ज्योतिस्वरूप वह दयासिन्धु था अनूप वह दयासिन्धु दयासिन्धु वह दयासिन्धु था अनूप ।। ४ जब लज्जित हो तू रोता था जब पाप से क्लेशित होता था सदा मसीह था तेरे साथ था धीरजदाता तेरा नाथ था धीरजदाता धीरजदाता था धीरजदाता तेरा नाथ ।। 9 (९) "Day-spring of eternity." 7s Morgenglanz or Ratisbon CHRISTIAN KNORR, 1636-1689. Chord - D# | S-6/8 | T-086 १ हे सनातन सत प्रभा हमको अपना तेज दिखा तड़के हम पर हो प्रकाश कर हमारी रात विनाश और हमारे प्राणों में दिन की ज्योत चमकने दे ।। २ भोर की ओस के अनुसार अपनी दया को उतार हर एक थका प्राण सम्भाल शोकितों को कर निहाल सब को जिन के मन हैं चूर कर तू शांति से भरपूर ।। ३ हम में तेरे प्रेम की आग भसम करे हर एक दाग और कि ज्योति के समान निर्मल होवे देह और प्राण अपनी ओर हे इष्ट प्रभा सारे मन को ले उठा ।। ४ हे प्रकाश जो ऊपर से उदय हुआ यह भी दे कि जब अन्त के दिन की पौ फटती है और तब तू न्याय करने को फिर आता है तो हम ठहरें निर्भय ।। ५ इष्ट उजाला आगे जा अपने लोग वेग पहुँचा जहाँ पाप से पूर्ण उद्धार अनन्त सुख आनन्द अपार जहाँ तेरी ज्योति में हम निरन्तर चलेंगे ।। 10 (१०) Bhajan Tunes No. 22 जै जै ईश्वर जै प्रभु यीशु, जै सब विधि सुखदाई । १ रैन समय प्रभु चैन दियो तुम, प्रातहि दियो जगाई ।। २ सकल दिवस के कारण हे प्रभु, किजे मोर सहाई ।। ३ मन मतंग पै ज्ञान तिहारो, अंकुश राखु लगाई ।। ४ सुत पर पिता दयालू जैसे, करहू जानि भलाई ।। ५ सेवक पर नित तैसो कीजे, रखिये पाप बचाई ।। 11 (११) Bhajan Tunes No. 74 JOHN CHRISTIAN. प्रभु हे प्रातहि तव गुण गावों । १ दुहु कर जोरे हिय मख खोरे, मन अनुराग सुनावों ।। २ दो नयनन पट तुमही खोलो, देखि प्रभा सुख पावों ।। ३ असन बसन बिनु कारण दायक, किन यह हाथ उठावों ।। ४ नभ धरणी के तुम्ही धारी, चरणन सीस नवावों ।। ५ और न दाता तुम सम दूजा, जिनके दास कहावों ।। ६ पुत्र दियो मम तारण कारण, यीशु प्रेम सुभावों ।। ७ जान अधम तव गुण नित गइहै, जिनु तिहि दूर दुरावों ।। 12 (१२) Bhajan Tunes No. 39. JOHN CHRISTIAN. १ भजन करो नित भोरे भाई, भजन करो नित भोरे । यीशु चरण पै सीस नवाये, रहो सदा कर जोरे ।। २ भजनहि गाये कलिमय जाये, पापी मन सुन मोरे ।। गान करहु प्रेम उपजाये, तब मिलि है सुख तोरे ।। ३ भक्ति बिना झूठे नर गावत, दै पीड़ा तन कोरे । प्रेम बिहिन भजन मन मानो, श्वान करत जिमि शोरे ।। ४ सूर उदित खगचर सब जागे, गान करहि हिय खोरे । नर पापी सोवत अलसाने, लज्जित मनहु न होरे ।। ५ जागि उठो चित चेत करो तुम, खेदन तें अघ धोरे । जान अधम नर निज मन गुनो, जीवन जग दिन थोरे ।। 13 (१३) Н. Т. В. 28. Bhajan Tunes No. 30 JOHN CHRISTIAN. १ भोर भयो तू अब लों सोवत, उठ यीशु गुण गावो रे ।। प्रात समय नव गीतहि गाए, चरणन सीस नवावे रे ।। २ भोरहि भैरो राग अलापो, प्रेम सुतान मिलाओ रे ।। बीन मजीरा भेरि पखावज, ऊंचहि नाद सुनावे रे ।। ३ हिरदै जंत्र सुतंत्रहि साधो, सतकृत ताल लगावो रे ।। तान पुरा सुरनाई नादो, भक्ति सुधारस पावो रे ।। ४ गावन को गुण जोइ सिखावत, देत मधुर सुर भावो रे ।। जान अधम तुम सदगुण ताके, प्रातहि गाय रिझावो रे ।। 14 (१४) Bhajan Tunes No. 84. ILAHI BAKSH. भजन सुरज निकला हुआ सवेरा, अब तक तू क्यों सोता है ।। १ काल खड़ा है सिर पर तेरे, नाहक जीवन खोता है ।। २ ज्ञानी पण्डित ज्ञान बिचारे, वेद पढ़े जस तोता है ।। ३ कुकरम करके माया जोड़ी, पाप नहीं निज धोता है ।। ४ तसबी पढ़ पढ़ उमर गुजारी, कलमे से क्या होता है ।। ५ दिल में चोर घुसा है भाई, हर दम सोचे रोता है ।। ६ चेला बन के गुरू बना फिर, कडुवे बीज बोता है ।। ७ चेलो पियासो पास यीशु के, सोई जल का सोता है ।। ८ निर्बल को वह बली बनावे, जो कह दे सो होता है ।।
- Index | Masihi Geet Sangrah
Index Morning -1-24 Evening -15-27 The Holy Trinity – 28–36 God the Father – 37–50 The Lord Jesus Christ – 51–60 Advent – 61–68 The Incarnation – 69–105 Epiphany – 106–114 Lent - 115-121 Passion Week - 122-145 Easter - 122-145 Ascension - 154-157 Second Coming -158-167 The Holy Spirit -168 -181 The Communion of Saints 182-185 The House of God 186-188 The Lord's Day 189-194 The Holy Scripture 195-199 The Ministry 200-201 Baptism 202-205 Confirmation 206-208 The Lord's Supper 209-218 Marriage 219-222 Mission 223-238 The Gospel Invitation 239-268 Faith and Repentance 269-312 Peace and Joy 313-327 Love and Praise 328 - 346 Holiness and Prayer 347-361 Consecration and Discipleship Fellowship & Service 383-392 Temptation & Conflict 393-402 Courage and Victory 403--415 Trust and Submission 416-437 Pilgrimage and Guidance 438-462 463-484 New Year 485-487 Harvest 488-491 Farewell 492-494 National Life 495-498 Children's Songs 499-557 Psalms 558-571 Choruses, etc. 572-615